समर्थन मूल्य पर चना खरीदी में अड़चनें:पंजीयन के बाद भी स्लॉट नहीं मिलने से किसान नाराज, भावांतर की भी मांग

प्रदेश में समर्थन मूल्य पर चना खरीदी को लेकर किसानों का कहना है कि खरीदी प्रक्रिया में लागू स्लॉट बुकिंग व्यवस्था उनके लिए सबसे बड़ी बाधा बन गई है। मंदसौर जिले के मल्हारगढ़ तहसील के किसानों का चना पिपलियामंडी स्थित विपणन सहकारी समिति के माध्यम से खरीदा जा रहा है। किसानों का कहना है कि पंजीयन होने के बावजूद उन्हें स्लॉट बुकिंग नहीं मिल पा रही है, जिससे वे अपनी उपज बेचने के लिए भटकने को मजबूर हैं। कई बार प्रयास के बाद भी स्लॉट नहीं मिलने से बार-बार नई तारीख दी जा रही है, जिससे असमंजस की स्थिति बनी हुई है। पंजीयन के बाद भी क्यों नई प्रक्रिया? राजेश शर्मा दोबड़ा, रुपसिंह शक्तावत, कृपाल सिंह रिंच्छा, अनिल प्रजापत (खेड़ाखादान) सहित अन्य किसानों ने बताया कि कई कोशिशों के बाद भी स्लॉट बुकिंग नहीं हो पा रही है। अधिकारियों द्वारा 6 मई से स्लॉट बुकिंग शुरू होने की बात कही जा रही है, जिससे किसानों की चिंता और बढ़ गई है। किसानों का सवाल है कि जब पंजीयन पहले ही हो चुका है, तो स्लॉट बुकिंग जैसी अतिरिक्त प्रक्रिया क्यों लागू की गई है। जांच और सख्ती से बढ़ी देरी किसानों ने खरीदी केंद्रों पर अत्यधिक सख्ती और बार-बार जांच किए जाने पर भी नाराजगी जताई। उनका कहना है कि इससे खरीदी प्रक्रिया में देरी हो रही है और उन्हें कई दिनों तक इंतजार करना पड़ रहा है, जिससे अतिरिक्त खर्च भी बढ़ रहा है। आर्थिक दबाव में बढ़ रही परेशानी किसानों का कहना है कि शादी-ब्याह, बच्चों की फीस और घरेलू खर्च जैसी जिम्मेदारियों के चलते उन्हें तत्काल पैसों की जरूरत होती है। ऐसे में स्लॉट बुकिंग जैसी जटिल प्रक्रिया उन्हें और अधिक परेशानी में डाल रही है, जिसका सीधा फायदा व्यापारी उठा रहे हैं। ओलावृष्टि से नुकसान का नहीं मिला मुआवजा किसानों ने हाल ही में हुई ओलावृष्टि और बारिश से फसलों को हुए नुकसान का मुद्दा भी उठाया। उनका कहना है कि प्रभावित किसानों को अब तक न तो उचित मुआवजा मिला है और न ही बीमा राशि का भुगतान किया गया है। यह हैं किसानों की मांग चने की खरीदी समर्थन मूल्य के बजाय भावांतर योजना के तहत की जाए। स्लॉट बुकिंग प्रक्रिया को सरल बनाया जाए या समाप्त किया जाए। पंजीयन के बाद सीधे खरीदी की व्यवस्था लागू हो। ओलावृष्टि प्रभावित किसानों को शीघ्र मुआवजा और बीमा राशि दी जाए।
saanp| saanp dasne ke lakshan| snake bite symptoms| सांप ने डसा है ये कैसे पता चलेगा, कोबरा, करैत, वाइपर के जहर के लक्षण क्या होते हैं? ऐसे पहचानें

Last Updated:April 29, 2026, 15:06 IST Cobra-krait-viper snake bite symptoms: कई बार सांप काट लेता है लेकिन पीड़ित को पता नहीं चलता कि जहरीले सांप ने काटा है, किसी अन्य कीड़े ने काटा है या गैर-जहरीले सांप ने काटा है. ऐसे में सांप के काटने के बाद शरीर में दिखाई देने वाले लक्षण बहुत महत्वपूर्ण होते हैं, ताकि यह पता चल सके कि कोबरा, करैत या अन्य किस सांप ने डसा है. आइए जानते हैं यहां सांप के काटने पर शरीर दिखने वाले अलग-अलग लक्षणों के बारे में.. सांप के काटने की घटना इतनी जल्दी में होती है कि कई बार पीड़ित को पता ही नहीं चल पाता है कि उसे सांप ने काटा है. हालांकि अगर जहरीले सांप ने काटा है तो कुछ ही मिनटों के बाद उसका असर दिखाई देने लगता है और उसके लक्षण दिखाई देने लगते हैं. आज हम आपको बताते हैं कि जहरीले सांप कोबरा, करैत, वाइपर आदि के काटने पर कौन से लक्षण दिखाई देते हैं और कैसे पहचानें… सांप के काटने पर सबसे पहले घाव को ध्यान से देखें. जहरीले सांप के काटने में अक्सर दो गहरे फंग मार्क्स (दांत के निशान) दिखते हैं. जबकि गैर-जहरीले सांप के काटने में छोटे-छोटे कई दांतों के निशान U आकार में होते हैं. लिहाजा दो गहरे गोल बिंदी जैसे निशानों पर गौर करें. साथ ही अगर घाव में तेज दर्द, सूजन या खून निकल रहा है तो समझ लें कि जहरीले सांप ने काटा है. जहरीले और गैर-जहरीले सांप को काटने के बाद दिखाई देने वाले लक्षणों से पहचाना जा सकता है. गैर-जहरीले सर्प के काटने में हल्का दर्द और बहुत कम सूजन होती है और मरीज को कोई खास फर्क नहीं पड़ता जबकि जहरीले सांप के काटने में उस विशेष जगह या पूरे शरीर पर गंभीर लक्षण जल्दी दिखने लगते हैं. Add News18 as Preferred Source on Google कोबरा सांप का काटना न्यूरोटॉक्सिक होता है. इसकी वजह से कुछ ही देर में काटने की जगह पर तेज दर्द, सूजन और फफोले (blisters) बन सकते हैं. कुछ घंटों में मकी रीज आंखों की पलकें झुकने लगती हैं. दोहरी दृष्टि हो जाती है और एक के दो लोग दिखाई देते हैं. बोलने में दिक्कत शुरू हो जाती है. सांस लेने में तकलीफ बढ़ने पर सांस की मांसपेशियां प्रभावित होती हैं. वहीं अगर करैत (Common Krait) सांप काटता है तो अक्सर बिना दर्द और सूजन के होता है. इस सांप के काटने पर निशान भी हल्का होता है या कई बार दिखाई नहीं देता, लेकिन यह भी जहरीला सांप है. अक्सर इसके रात में सोते समय काटने की संभावना ज्यादा होती है. इसके काटने के 6 से 24 घंटे बाद नींद जैसी सुस्ती आती है, पलकें झुकने लगती हैं, मुंह से लार टपकती है और शरीर में कमजोरी आती है. वाइपर (Russell’s Viper या Saw-scaled Viper) का काटना मुख्य रूप से वैस्कुलोटॉक्सिक या हीमोटॉक्सिक होता है. ये सांप जहां काटता है वहां पर तेज दर्द, सूजन, खून बहना और नीले निशान (ecchymosis) बनते जाते हैं. शरीर से खून निकलना, अगर जहर शरीर में पहुंच रहा है तो मसूड़ों से खून आने लगता है. इसका जहर सबसे खराब होता है और जानलेवा होता है. इसके काटने के 20 मिनट तक ब्लड क्लॉटिंग टेस्ट फेल होना आम लक्षण हैं. वाइपर के काटने में सूजन बहुत तेजी से बढ़ती है और घाव में ब्लिस्टरिंग या टिश्यू की मृत्यु (necrosis) हो सकती है. इस सांप के काटने के बाद कुछ मामलों में किडनी फेलियर और शॉक भी आ सकता है. करैत और कोबरा की तरह इसमें नींद या पलक झुकने जैसे न्यूरोलॉजिकल लक्षण कम होते हैं, लेकिन खून संबंधी समस्या ज्यादा और गंभीर होती है. सभी जहरीले सांपों के काटने में सामान्य लक्षणों में पलकें झुकना (ptosis), बोलने-निगलने में दिक्कत, सांस फूलना और शरीर की कमजोरी शामिल हैं लेकिन वाइपर में सूजन और खून बहना प्रमुख है, जबकि कोबरा-करैत में न्यूरोपैरालिसिस (लकवा) ज्यादा दिखता है. आमतौर पर जहरीले सांपों के काटने के बाद 30 मिनट से 6 घंटे में लक्षण शुरू हो सकते हैं. First Published : April 29, 2026, 15:06 IST
हरदा पॉलिटेक्निक में राल्सन टायर्स का कैंपस ड्राइव:डिप्लोमा, आईटीआई पास युवाओं को मिलेगा रोजगार का अवसर

हरदा में युवाओं को रोजगार के अवसर उपलब्ध कराने के लिए शासकीय पॉलिटेक्निक कॉलेज में राल्सन टायर्स लिमिटेड कंपनी द्वारा कैंपस ड्राइव का आयोजन किया जा रहा है। यह ड्राइव 30 अप्रैल को सुबह 10 बजे से शुरू होगी। कॉलेज के प्राचार्य ने बताया कि यह कैंपस ड्राइव ‘डिप्लोमा अप्रेंटिस ट्रेनी’ और ‘स्टूडेंट ट्रेनी’ पदों के लिए आयोजित की जा रही है। इसमें डिप्लोमा और आईटीआई पास युवा भाग ले सकते हैं। डिप्लोमा अप्रेंटिस के लिए पात्रता ‘डिप्लोमा अप्रेंटिस ट्रेनी’ पद के लिए मैकेनिकल, इलेक्ट्रिकल, टूल एंड डाई, ऑटोमोबाइल जैसी शाखाओं से वर्ष 2023, 2024 और 2025 में पासआउट हुए विद्यार्थी पात्र होंगे। इसके अलावा वर्ष 2026 के अंतिम वर्ष के छात्र भी इसमें शामिल हो सकते हैं। ‘स्टूडेंट ट्रेनी’ पद के लिए मैकेनिकल, इलेक्ट्रिकल, टूल एंड डाई, ऑटोमोबाइल, फिटर, वेल्डर और डीजल शाखाओं से वर्ष 2024, 2025 और 2026 में पासआउट हुए विद्यार्थी आवेदन कर सकते हैं। ये जरूरी दस्तावेज साथ लाएं इच्छुक विद्यार्थियों को अपने साथ अपडेटेड बायोडाटा, पासपोर्ट साइज फोटो, सभी शैक्षणिक मार्कशीट और सर्टिफिकेट (मूल एवं फोटोकॉपी) तथा आधार कार्ड लेकर उपस्थित होना होगा।
तरबूज खाने के टिप्स: तरबूज खाने का समय भूलकर भी न करें ये 5 गलतियां, स्वास्थ्य से धो बैठेंगे हाथ; तीस वर्ष बीमार

29 अप्रैल 2026 को 14:50 IST पर अद्यतन किया गया तरबूज खाने के टिप्स: गर्मियों के मौसम में बाजार में तरबूज़ की भरमार लग जाती है और लोग इसे बड़े चाव से खाते हैं। यह शरीर को ठंडक देने के साथ-साथ डायहाइड्रेशन से राहत दिलाने में मदद करता है और इसमें प्रचुर मात्रा में पानी, विटामिन और आवश्यक पोषक तत्व मिलते हैं। लेकिन क्या आप जानते हैं कि इसे गलत तरीके से खाने से आपकी सेहत को भी नुकसान हो सकता है। आइए जानते हैं कि तरबूज़ खरीदने के समय किन बातों का ध्यान रखना ज़रूरी है। अनुसरण करना : तरबूज को दूध के साथ नहीं खाना चाहिए। इसमें पानी की मात्रा अधिक होती है, जबकि दूध की मात्रा भारी होती है। भोजन के साथ पाचन तंत्र पर असर पड़ता है और गैस, पेट दर्द या उल्टी की समस्या हो सकती है। छवि: फ्रीपिक दही तरबूज के साथ खाना ठीक नहीं होता है। दोनों को खाने से पेट में भारीपन, अपच और ठंडा-गर्म का असर हो सकता है। विशेष रूप से जिन लोगों का पाचन ख़राब होता है, उन्हें यह संयोजन बिल्कुल नहीं लेना चाहिए। छवि: फ्रीपिक समोसा, पकौड़े या पराठे जैसे तली-भुनी नीबू के साथ तरबूज खाना भी नुकसानदायक हो सकता है। तली-भुनी की चीजें धीरे-धीरे पचती हैं, जबकि तरबूज जल्दी पचती हैं। इसके कारण पेट में गड़बड़ी और गैस की समस्या हो सकती है। छवि: फ्रीपिक तरबूज़ ठंडक देने वाला फल है। इसे कोल्ड ड्रिंक, कोल्ड ड्रिंक या आइस्ड ड्रिंक के साथ लेने से शरीर पर अधिक ठंडा प्रभाव पड़ सकता है। इससे गला खराब, ठंड लगना और पेट में दर्द जैसी समस्याएं हो सकती हैं। छवि: फ्रीपिक तरबूज़ को सेंट्रा, मुसब्बर, अनानास या नींबू जैसे आर्चुअल फलों के सेवन से बचना चाहिए। इसके संयोजन से पाचन संबंधी समस्याएं पैदा हो सकती हैं और पेट में जलन, गैस या अपच की समस्या हो सकती है। छवि: फ्रीपिक द्वारा प्रकाशित : कीर्ति सोनी प्रकाशित 29 अप्रैल 2026 14:50 IST पर (टैग्सटूट्रांसलेट)तरबूज खाने के टिप्स(टी)गर्मी के फल स्वास्थ्य(टी)तरबूज आहार की गलतियाँ(टी)तरबूज के साथ न खाने वाले खाद्य पदार्थ(टी)गर्मियों में स्वस्थ भोजन(टी)पाचन संबंधी टिप्स(टी)से बचने के लिए फलों का संयोजन(टी)तरबूज के लाभ और दुष्प्रभाव
ईरान को परमाणु अप्रसार संधि का उपाध्यक्ष बनाने पर विवाद:अमेरिकी अधिकारी बोले- यह संगठन का अपमान, ईरान बोला- अमेरिका हमें न सिखाए

ईरान और अमेरिका के बीच परमाणु कार्यक्रम को लेकर युद्ध जैसी स्थिति बनी हुई है। इसी बीच एक दिलचस्प खबर सामने आई है। ईरान को परमाणु अप्रसार संधि (NPT) का उपाध्यक्ष चुना गया है। यह फैसला न्यूयॉर्क में संयुक्त राष्ट्र में चल रहे NPT के 11वें रिव्यू कॉन्फ्रेंस में लिया गया। यह कॉन्फ्रेंस 5 साल में एक बार होती है। सम्मेलन के अध्यक्ष और वियतनाम के राजदूत दो हुंग वियेत ने बताया कि ईरान का नाम ‘गुटनिरपेक्ष देशों के ग्रुप’ की तरफ से आया था। इस ग्रुप में भारत समेत 100 से भी ज्यादा देश हैं। अमेरिका के एक अधिकारी क्रिस्टोफर येओ ने इसे NPT के लिए अपमान बताया। उनका कहना है कि ईरान लंबे समय से परमाणु हथियार बनाने की कोशिश कर रहा है। ऐसे में उसे इस संगठन का अहम पद देना सही नहीं है। वही ईरान ने इन आरोपों को खारिज कर दिया। ईरान ने कहा कि अमेरिका, जो खुद परमाणु हथियार इस्तेमाल कर चुका है और लगातार अपने हथियार बढ़ा रहा है, उसे दूसरों को सीख देने का हक नहीं है। NPT कैसे काम करता है परमाणु अप्रसार संधि 1970 में लागू हुई थी। यह दुनिया में परमाणु हथियारों को फैलने से रोकने की सबसे अहम व्यवस्था मानी जाती है। इस संधि का एक सीधा सौदा है, जिन देशों के पास परमाणु हथियार नहीं हैं, वे इन्हें नहीं बनाएंगे और जिनके पास हैं, वे धीरे-धीरे उन्हें खत्म करेंगे। इसके बदले सभी देशों को शांतिपूर्ण परमाणु तकनीक इस्तेमाल करने का अधिकार मिलता है। यह संधि 1968 में शुरू हुई और 1970 से लागू हुई। आज संयुक्त राष्ट्र के 195 में से 191 देश इस संधि का हिस्सा हैं। भारत, पाकिस्तान, इजराइल और दक्षिण सूडान इसमें शामिल नहीं हैं। 5 देशों को आधिकारिक परमाणु ताकत माना गया है। अमेरिका, रूस, चीन, ब्रिटेन और फ्रांस। बाकी सभी देशों को परमाणु हथियार बनाने की अनुमति नहीं है। यह संधि तीन चीजों पर टिकी है- 1. परमाणु हथियार न फैलें 2. हथियार कम किए जाएं 3. शांतिपूर्ण उपयोग हो इन सब चीजों की निगरानी परमाणु ऊर्जा निगरानी संगठन (IAEA) करता है। NPT का दूसरा मकसद नाकाम हो रहा समस्या यह है कि संधि का शांतिपूर्ण उपयोग वाला हिस्सा तो ठीक चल रहा है लेकिन हथियार कम करने वाला हिस्सा लगभग फेल माना जा रहा है। विशेषज्ञों के मुताबिक बड़े देश अपने परमाणु हथियार घटाने के बजाय उन्हें और आधुनिक बना रहे हैं, खासकर चीन। साथ ही, कुछ का कहना है कि नियम सभी देशों पर बराबर लागू नहीं होते, जिससे छोटे देशों में नाराजगी बढ़ रही है। वहीं चार देश (भारत, पाकिस्तान, इजराइल और दक्षिण सूडान) शुरू से ही इस संधि का हिस्सा नहीं बने। उत्तर कोरिया पहले इसमें शामिल था, लेकिन 2003 में बाहर निकल गया और बाद में परमाणु परीक्षण भी किए। अब सबसे बड़ा सवाल यह है कि इजराइल NPT में नहीं है, फिर भी उसके पास परमाणु हथियार हैं और वह एक ऐसे देश (ईरान) पर हमला कर रहा है जो NPT का मेंबर है। भारत और पाकिस्तान ने 1998 में परमाणु परीक्षण किया था। इजराइल के पास भी परमाणु हथियार माने जाते हैं, लेकिन वह खुलकर स्वीकार नहीं करता और NPT में भी शामिल नहीं है। ईरान NPT का शुरुआती मेंबर, अब परमाणु हथियार बनाने के आरोप ईरान ने 1968 में ही इस संधि पर हस्ताक्षर कर दिए थे, लेकिन 1979 की इस्लामी क्रांति के बाद उसका परमाणु कार्यक्रम विवादों में आ गया। हालांकि ईरान अभी भी NPT का हिस्सा है, लेकिन उस पर लगातार आरोप लगते रहे हैं कि वह इसके नियमों की भावना का उल्लंघन कर रहा है। ईरान ने यूरेनियम को 60% तक समृद्ध किया है, जबकि सामान्य ऊर्जा के लिए 3 से 5% ही काफी होता है। ईरान हमेशा यह कहता रहा है कि वह परमाणु हथियार नहीं बना रहा, लेकिन पहले की रिपोर्ट्स में अमेरिकी खुफिया एजेंसियों ने संकेत दिए थे कि 2003 तक उसने हथियार कार्यक्रम पर काम किया था। इसी वजह से अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने ईरान के खिलाफ सख्त रुख अपनाया और हालात युद्ध तक पहुंच गए।
गैस से तुरंत राहत देगा नींबू का ये देसी नुस्खा, दवा की नहीं पड़ेगी जरूरत, 2 घंटे में दिखेगा असर

Last Updated:April 29, 2026, 14:42 IST Home Remedies for Gas: झारखंड की राजधानी रांची में खासतौर पर लोकल लोगों को जब गैस हो जाता है तो बाजार जाकर दवाइयां नहीं खरीदते हैं. साथ ही न दौड़ते हुए डॉक्टर के पास जाते हैं. वह अपने घर में ही 1-2 टोटके को अपनाते हैं, जिससे उनको जबरदस्त राहत मिलती है. इनमें से एक विकल्प नींबू वाला पानी है. जिसको आजमाते ही आपको दो से तीन घंटे में काफी राहत मिलना शुरू हो जाएगी. आयुर्वेदिक डॉक्टर भी इसे लोहा मानते हैं. आइये जानते हैं और भी घरेलू इलाज के बारे में. रांची के आयुर्वेदिक डॉक्टर वीके पांडे ( विनोबा भावे यूनिवर्सिटी से बीएएमएस, 20 सालों से अधिक का अनुभव) बताते हैं कि अगर पेट में गैस हो जाए तो सबसे पहले एक नींबू ले लें. उसको बीच से काट लें. वह जो आधा नींबू है, उसको चिमटे की मदद से सीधा गैस की बर्नर में रख दें और गर्म कर लें. मतलब अच्छा खासा गरम हो जाना चाहिए. जब ऐसा हो जाए तो उसको नीचे उतार लें और बस दो चीज और मिला लें. इसी नींबू में आपको ऊपर काला नमक और जीरा पाउडर थोड़ा सा डालकर इन दोनों को मिला लेना है. बस बहुत अधिक नहीं डालना है. एकदम एक-एक चुटकी और उसको मिलाना भी नहीं है और ना कहीं रगड़ना है. Add News18 as Preferred Source on Google अब आपको इसको सीधे अपने जीभ में इसका रस बढ़िया से गार लेना है और ऐसा करने के बाद ऐसा नहीं की तुरंत पी भी लेना है, अब इसे 2-3 मिनट तक जीभ में छोड़ दें. दो से तीन मिनट जब आप छोड़ेंगे तो यह आपके मुंह में अपने आप ही घुल जाएगा, थोड़ा सा अधिक खट्टा लगेगा, पर थोड़ा सब्र रखिये. इसके बाद आप देखेंगे आपके मुंह में पूरी तरह घुल चुका है और फिर थोड़ा गुनगुना पानी भी पी सकते हैं और आप देखेंगे दो-तीन घंटे में ही आपका पेट काफी हल्का लगने लगेगा व गैस प्राकृतिक रूप से खत्म हो जाएगी. आयुर्वैदिक डॉक्टर वीके पांडे बताते हैं कि जीरा पाउडर, नींबू और काला नमक जब भी तीनों मिलता है तो एक तो आपका मेटाबॉलिज्म को बूस्ट करता है और आपके डाइजेस्टिव सिस्टम और गट हेल्थ को एक्टिव करता है व अच्छे बैक्टीरिया को बढ़ाता है. इससे आपका पेट काफी हल्का और काफी रिलैक्स महसूस होगा. First Published : April 29, 2026, 14:42 IST
लापता डीजे संचालक का कुंए में मिला शव:4 दिन से था गायब, बच्चियों ने देखा था शव; सोने की बात कहकर निकला था

अनूपपुर जिले के करनपठार थाना क्षेत्र के पडरीखार गांव में मंगलवार को एक कुएं में मिले शव की पहचान हो गई है। यह शव पडरीखार निवासी हेमंत कुमार सिंह (19) का है, जो 25 अप्रैल से लापता था। पुलिस ने शव का पंचनामा और पोस्टमार्टम कराने के बाद परिजनों को सौंप दिया है। युवक के बड़े भाई लवकेश सिंह ने बताया कि हेमंत 25 अप्रैल को एक शादी समारोह में डीजे बजाने गया था। रात में वह सड़क किनारे बने अपने दूसरे घर में सोने की बात कहकर समारोह से निकला था। इसके बाद 26 अप्रैल की सुबह से वह दिखाई नहीं दिया। बच्चियों ने कुंए में देखा शव शुरुआत में परिजनों ने सोचा कि हेमंत डीजे के काम के सिलसिले में आसपास के गांव गया होगा। हालांकि, 28 अप्रैल को जिस घर में युवक ने डीजे बजाया था, उसी घर की कुछ किशोरियां सड़क से 100 मीटर दूर स्थित कुएं पर नहाने गईं। वहीं उन्होंने युवक का शव कुएं में देखा। थाना प्रभारी वीरेंद्र कुमार बड़करे ने बताया कि शव काफी सूज गया था, जिस कारण शरीर पर चोट के कोई निशान नहीं दिख रहे थे। परिजनों ने युवक के किसी से विवाद होने की जानकारी से अनभिज्ञता जताई है। पुलिस फिलहाल मौत के कारणों की जांच कर रही है। शव को कुएं से बाहर निकाला स्थानीय ग्रामीण बहादुर सिंह ने मंगलवार शाम 6:30 बजे करनपठार थाना पुलिस को कुएं में शव दिखने की सूचना दी थी। सूचना मिलने के बाद पुलिस रात 10 बजे गांव पहुंची और शव को कुएं से बाहर निकालकर बेनीबारी स्वास्थ्य केंद्र ले गई थी। ये खबर भी पढ़े… कुएं में मिला शख्स का शव:बच्चियों ने देखा, पुलिस ने रात में बाहर निकाला; पहचान नहीं हो पाई अनूपपुर जिले के करनपठार थाना क्षेत्र के पडरीखार गांव में मंगलवार दोपहर एक शख्स की लाश कुएं में मिली। गांव के बहादुर सिंह ने इसकी सूचना पुलिस को दी। थाना प्रभारी ने बताया कि गांव में एक शादी का कार्यक्रम था। दोपहर करीब 2-3 बजे कुछ लड़कियां नहाने के लिए गांव के सरकारी कुएं पर गई थीं। पढ़े पूरी खबर…
‘जॉय बांग्ला’ बनाम ‘जय श्री राम’: पोल बूथ के पास टीएमसी समर्थक, सुवेंदु अधिकारी आमने-सामने | देखो | भारत समाचार

आखरी अपडेट:29 अप्रैल, 2026, 14:18 IST विपक्ष के नेता अधिकारी एक मतदान केंद्र का निरीक्षण करने पहुंचे, तभी टीएमसी समर्थकों ने उन्हें घेर लिया और “जॉय बांग्ला” के नारे लगाने लगे। बीजेपी नेता ने टीएमसी समर्थकों को ‘बाहरी’ और ‘बांग्लादेशी मुसलमान’ कहा. (तस्वीरें: एएनआई) पश्चिम बंगाल चुनाव 2026: तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) समर्थक और भाजपा के सुवेंदु अधिकारी भबनीपुर में एक मतदान केंद्र के बाहर आमने-सामने आ गए, जबकि 2026 पश्चिम बंगाल चुनाव के दूसरे चरण के लिए मतदान चल रहा था। विपक्ष के नेता अधिकारी एक मतदान केंद्र का निरीक्षण करने पहुंचे, तभी टीएमसी समर्थकों ने उन्हें घेर लिया और “जॉय बांग्ला” के नारे लगाने लगे। #घड़ी | पश्चिम बंगाल चुनाव 2026 | कोलकाता: राज्य के विपक्ष के नेता और भबनीपुर और नंदीग्राम से भाजपा उम्मीदवार सुवेंदु अधिकारी ने मतदान केंद्र से निकलते समय ‘जय श्री राम’ और ‘हिंदू हिंदू भाई भाई’ के नारे लगाए। बूथ पर, उन्हें टीएमसी समर्थकों ने घेर लिया और चारों ओर नारे लगाए… pic.twitter.com/rQJ0pQC3EW – एएनआई (@ANI) 29 अप्रैल 2026 बीजेपी नेता ने टीएमसी समर्थकों को “बाहरी” और “बांग्लादेशी मुसलमान” कहा। उन्होंने उनकी नारेबाजी के जवाब में “जय श्री राम” और “हिंदू हिंदू भाई भाई” के नारे भी लगाए। उन्होंने कहा, “वे सभी बांग्लादेशी मुसलमान हैं…वे डरे हुए हैं। ममता का सफाया हो जाएगा।” दक्षिण कोलकाता में बूथ से भीड़ को तितर-बितर करने के लिए सीआरपीएफ और पुलिस ने हल्का लाठीचार्ज भी किया। चुनी हुई कहानियाँ, आपके इनबॉक्स में हमारी सर्वोत्तम पत्रकारिता वाला एक न्यूज़लेटर जमा करना जगह : कोलकाता (कलकत्ता), भारत, भारत पहले प्रकाशित: 29 अप्रैल, 2026, 14:16 IST न्यूज़ इंडिया ‘जॉय बांग्ला’ बनाम ‘जय श्री राम’: पोल बूथ के पास टीएमसी समर्थक, सुवेंदु अधिकारी आमने-सामने | घड़ी अस्वीकरण: टिप्पणियाँ उपयोगकर्ताओं के विचार दर्शाती हैं, News18 के नहीं। कृपया चर्चाएँ सम्मानजनक और रचनात्मक रखें। अपमानजनक, मानहानिकारक, या अवैध टिप्पणियाँ हटा दी जाएंगी। News18 अपने विवेक से किसी भी टिप्पणी को अक्षम कर सकता है. पोस्ट करके, आप हमारी उपयोग की शर्तों और गोपनीयता नीति से सहमत होते हैं। और पढ़ें (टैग्सटूट्रांसलेट)पश्चिम बंगाल चुनाव 2026(टी)पश्चिम बंगाल चुनाव(टी)भबानीपुर पोलिंग बूथ(टी)सुवेंदु अधिकारी(टी)तृणमूल कांग्रेस टीएमसी(टी)बीजेपी बनाम टीएमसी(टी)चुनावी हिंसा भारत(टी)सीआरपीएफ लाठीचार्ज
नरसिंहपुर में अधेड़ का फंदे पर मिला शव:लिवर की बीमारी से परेशान थे, बेटा बोले-लगातार खराब रहती थी तबीयत

नरसिंहपुर शहर के कोतवाली थाना क्षेत्र में 52 साल के व्यक्ति का शव फांसी के फंदे पर मिला। घटना बुधवार सुबह की है। मृतक की पहचान केवल सिंह विश्वकर्मा (52) के रुप में हुई है। दो सालों से लिवर की बीमारी से जूझ रहे थे जानकारी के अनुसार, केवल सिंह विश्वकर्मा (52) महारानी लक्ष्मी वार्ड भाटिया टोला के निवासी थे। वह पिछले लगभग दो सालों से लिवर की गंभीर बीमारी से जूझ रहे थे। परिजनों ने बताया कि उनकी तबीयत लगातार खराब रहती थी और हाल ही में उनके पेट में सूजन भी बढ़ गई थी। बेटा बोला-बीमारी के कारण परेशान थे पिता मृतक के बेटे मनीष विश्वकर्मा ने बताया कि परिवार उनका इलाज करा रहा था। गुरुवार को उन्हें बेहतर इलाज के लिए भोपाल ले जाने की तैयारी भी की गई थी। हालांकि, बुधवार को ही उन्होंने अपने घर पर फांसी लगाकर यह कदम उठा लिया। परिजनों ने जब उन्हें देखा तो तत्काल मोहल्ले के लोगों को सूचना दी। इसके बाद कोतवाली पुलिस को जानकारी दी गई। पुलिस मौके पर पहुंची और आवश्यक कार्रवाई शुरू की। परिजनों का कहना है कि केवल सिंह बीमारी के कारण मानसिक और शारीरिक रूप से अत्यधिक परेशान थे, जिसके चलते उन्होंने यह कदम उठाया होगा। पुलिस ने मर्ग कायम कर मामले की जांच शुरू कर दी है।
राजपाल यादव को मिली सलमान खान की फिल्म:शूटिंग भी शुरू; चेक बाउंस केस का मजाक उड़ने पर भाईजान का मिला था सपोर्ट

राजपाल यादव ने सलमान खान और नयनतारा स्टारर फिल्म SVC63 की शूटिंग शुरू कर दी है। फिल्म में राजपाल सलमान के राइट-हैंड मैन की अहम भूमिका निभाएंगे। ऐसा दावा बॉलीवुड हंगामा की एक रिपोर्ट में किया गया। रिपोर्ट के अनुसार, राजपाल यादव का किरदार सिर्फ सपोर्टिंग नहीं, बल्कि कहानी के सबसे जरूरी हिस्सों में से एक है। मेकर्स का मानना है कि राजपाल इस भूमिका के लिए बेस्ट हैं और सलमान खान भी उन्हें इस रोल के लिए सही पसंद मानते हैं। हालांकि, राजपाल की शूटिंग मई से शुरू होने वाली थी, लेकिन उन्होंने तय समय से पहले ही फिल्म की शूटिंग शुरू कर दी। उनके किरदार में कॉमिक एंगल भी होगा, जो फिल्म के सीरियस एक्शन टोन के बीच हल्का मनोरंजन जोड़ेगा। इस फिल्म से सलमान पहली बार एक्ट्रेस नयनतारा, डायरेक्टर वामशी पेडिपल्ली और प्रोड्यूसर दिल राजू के साथ काम कर रहे हैं। इस फिल्म को अस्थायी नाम SVC63 दिया गया है। यह एक एक्शन थ्रिलर फिल्म होगी। फिल्म ईद 2027 पर रिलीज होगी। राजपाल यादव हाल ही में अक्षय कुमार स्टारर और प्रियदर्शन डायरेक्टेड फिल्म भूत बांग्ला में नजर आए, जो 17 अप्रैल, 2026 को थिएटर में रिलीज हुई। गौरतलब है कि हाल ही में एक अवॉर्ड शो में राजपाल यादव का मजाक उड़ाए जाने के बाद सलमान खान उनके सपोर्ट में उतरे थे। दरअसल, अवॉर्ड सेरेमनी में राजपाल यादव ने डॉलर के रेट बढ़ने पर बात की थी, जिस समय अवॉर्ड होस्ट कर रहे जर्नलिस्ट सौरभ द्विवेदी ने राजपाल यादव के चेक बाउंस केस पर तंज कसा और कहा कि डॉलर के रेट बढ़ें या घटें, उन्हें उतनी उधार चुकानी ही पड़ेगी, जितनी ली है। वीडियो सामने आने के बाद सलमान ने ऑफिशियल X अकाउंट पर एक पोस्ट शेयर कर लिखा था, “राजपाल भाई, आप 30 साल से काम कर रहे हो और हम सबने आपको बार-बार रिपीट किया है क्योंकि आप अपना काम जानते हो और एक वैल्यू लाते हो। हकीकत यह है कि काम तो आपको बहुत मिलेगा और इसी डॉलर रेट पर मिलता रहेगा।” वहीं, इससे पहले चेक बाउंस केस में सरेंडर के बाद जब एक्टर राजपाल यादव तिहाड़ जेल में बंद थे, तब भी सलमान खान ने उनकी आर्थिक सहायता की थी।







