Thursday, 22 Oct 2026 | 01:10 AM

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बैंक मीटिंग में सीईओ नहीं, बोल रहा था AI क्लोन:अमेरिकी बैंक के तिमाही नतीजों की बैठक में आधे घंटे बाद हुआ खुलासा, दुनिया हैरान

बैंक मीटिंग में सीईओ नहीं, बोल रहा था AI क्लोन:अमेरिकी बैंक के तिमाही नतीजों की बैठक में आधे घंटे बाद हुआ खुलासा, दुनिया हैरान

कल्पना करें कि आप किसी से आधे घंटे बात कर लें और फिर पता चले कि सामने इंसान था ही नहीं। अमेरिका के कस्टमर्स बैंक के साथ यही हुआ। सीईओ सैम सिद्धू की तिमाही नतीजों की कॉन्फ्रेंस कॉल में विश्लेषक पूरे आत्मविश्वास के साथ “उनसे’ बात करते रहे। 30 मिनट तक कॉल चलती रही। बाद में सिद्धू ने खुद खुलासा किया कि वे बोल ही नहीं रहे थे। उनकी जगह था उनका एआई क्लोन बोल रहा था। सीएनबीसी की रिपोर्ट के मुताबिक सिद्धू ने कहा, “आज आप लोगों ने मेरी ओर से जो बातें सुनीं, वो मैंने नहीं, मेरे एआई क्लोन ने कही थीं।’ कस्टमर्स बैंक का मुख्यालय पेन्सिलवेनिया के फोनिक्सविले में है। इस बैंक ने ओपनएआई के साथ बैंकिंग ऑपरेशन को ऑटोमेटेड करने के लिए कई वर्षों का करार किया है। सिद्धू के मुताबिक यह किसी लिस्टेड कंपनी की अर्निंग्स कॉल में पहली बार हुआ। यह घटना दरअसल एक बड़े बदलाव की एक झलक है। मेटा के सीईओ मार्क जुकरबर्ग का एआई अवतार बनाया जा रहा है। उनकी बोलने की शैली, हाव-भाव और सार्वजनिक बयानों को सीख रहा है, ताकि कर्मचारी फाउंडर से जुड़ाव महसूस करते रहें। जुकरबर्ग एक अलग एआई एजेंट भी बना रहे हैं, जो उनके काम में मदद करेगा। ऐसे प्रयोग बढ़ रहे हैं। सीईओ से लेकर आम इंसान तक, एआई क्लोन की दुनिया तेजी से फैल रही है। मसलन, चीन में जहां लोग दिवंगत परिजन के एआई रेप्लिका खरीद रहे हैं वहीं दूसरी तरफ ठग इसी तकनीक से आवाज की नकल करके लोगों को लूट रहे हैं। दरअसल एआई क्लोन अब महज तकनीकी प्रयोग नहीं रहे। ये कॉरपोरेट रणनीति, व्यक्तिगत भावनाएं और आपराधिक हथकंडे, तीनों का हिस्सा बन चुके हैं। सवाल यह है कि इस “डिजिटल हमशक्ल’ की दुनिया में असली और नकली की पहचान कैसे होगी? ये तो समय ही बताएगा। भारत में भी एआई क्लोनिंग प्रोजेक्ट पर हो रहे काम, आवाज की नकल से ठगी शुरू भारत में भी एआई क्लोनिंग शुरू हो चुकी है। बेंगलुरु की स्टार्टअप जीनैनी डॉट एआई 12 भारतीय भाषाओं में आवाज का क्लोन तैयार करने की तकनीक विकसित कर रहा है। लेकिन हर सिक्के के दो पहलू होते हैं। एआई क्लोन जितने उपयोगी हैं, उतने ही खतरनाक भी। ठग अब एआई से नकली आवाज बनाकर रिश्तेदारों की नकल उतार रहे हैं और लोगों से पैसे ऐंठ रहे हैं। मध्य प्रदेश में एक शिक्षिका को 1 लाख रुपए का चूना लगा। जालसाज ने एआई से उनके कजिन की आवाज, लहजा और भावनात्मक अंदाज की इतनी सफाई से नकल की कि वो ठगी का शिकार हो गईं। चीन में तो “घोस्ट बॉट्स’ का ट्रेंड शुरू हो गया है, जहां लोग दिवंगत प्रियजन के एआई रेप्लिका खरीद रहे हैं।

जेरोन खालसा अध्यक्ष के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव को लगा झटका:अविश्वास प्रस्ताव के बीच 12 में से 3 पार्षद साथ आए, कहा- नहीं किए हस्ताक्षर

जेरोन खालसा अध्यक्ष के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव को लगा झटका:अविश्वास प्रस्ताव के बीच 12 में से 3 पार्षद साथ आए, कहा- नहीं किए हस्ताक्षर

निवाड़ी जिले की जेरोन खालसा नगर परिषद में अध्यक्ष कुसुम पस्तोर के खिलाफ लाए जा रहे अविश्वास प्रस्ताव के बीच राजनीतिक घटनाक्रम में नया मोड़ आ गया है। पहले अध्यक्ष के खिलाफ एकजुट बताए जा रहे 12 पार्षदों में से अब 3 पार्षद उनके समर्थन में आ गए हैं। कुछ दिन पहले, 12 पार्षदों ने अध्यक्ष के कामकाज पर नाराजगी जताते हुए निवाड़ी कलेक्टर से मुलाकात की थी। उन्होंने कलेक्टर से कुसुम पस्तोर के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव लाने की मांग की थी, जिससे परिषद में राजनीतिक सरगर्मी बढ़ गई थी। इस घटनाक्रम के बाद अविश्वास प्रस्ताव की स्थिति पर सवाल खड़े हो गए हैं। तीन पार्षदों ने अब खुलकर अध्यक्ष कुसुम पस्तोर का समर्थन करने की घोषणा की है, जिससे उनके खिलाफ लाए जा रहे प्रस्ताव को झटका लगा है। अविश्वास प्रस्ताव पर हस्ताक्षर नहीं किए महिला पार्षद ने बताया कि उन्होंने कलेक्टर के समक्ष केवल विकास कार्यों से संबंधित मुद्दे उठाए थे। उन्होंने स्पष्ट किया कि उन्होंने किसी अविश्वास प्रस्ताव पर हस्ताक्षर नहीं किए हैं और इस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की है। वार्ड 3 की पार्षद सगुंती कुशवाहा ने अध्यक्ष कुसुम पस्तोर का समर्थन करते हुए कहा कि विकास कार्यों के नाम पर उनसे झूठे हस्ताक्षर करवाए गए थे। इसी तरह, पार्षद कल्पना बिदुआ ने भी कुसुम पस्तोर के साथ खड़े होने की बात कही और उन्हें अध्यक्ष पद पर बने रहने की इच्छा व्यक्त की। पार्षदों को गुमराह करने की कोशिश नगर परिषद अध्यक्ष कुसुम पस्तोर ने आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि पार्षदों को गुमराह कर उनसे झूठे हस्ताक्षर करवाए गए थे। उन्होंने भ्रष्टाचार के आरोपों से इनकार करते हुए दावा किया कि उन्होंने सभी पार्षदों को साथ लेकर काम किया है। पस्तोर ने यह भी कहा कि उन्हें परिषद में पूर्ण बहुमत का समर्थन प्राप्त है और उनके खिलाफ की जा रही गतिविधियों को उन्होंने राजनीतिक षड्यंत्र बताया। अध्यक्ष का कहना है कि कुछ लोग निजी स्वार्थ के चलते नगर परिषद का माहौल खराब करने की कोशिश कर रहे हैं। अब सभी की नजरें इस बात पर टिकी हैं कि जेरोन खालसा नगर परिषद की यह सियासी लड़ाई आगे क्या मोड़ लेती है।

धुरंधर 2 के क्लाइमैक्स में 500 लीटर पेट्रोल का इस्तेमाल:आग और धमाकों में शूट करते रहे रणवीर; हर टैंकर में लगाया गया 25 किलो बारूद

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फिल्म ‘धुरंधर: द रिवेंज’ के क्लाइमैक्स सीन में 500 लीटर पेट्रोल का और हर टैंक में हर टैंक में 25 किलो बारूद का इस्तेमाल किया गया था। यह खुलासा फिल्म के SFX सुपरवाइजर विशाल त्यागी किया है। उन्होंने बताया कि फिल्म का सबसे चर्चित टैंकर ब्लास्ट सीन पूरी तरह से ‘प्रैक्टिकल इफेक्ट्स’ की मदद से शूट किया गया था और इसमें जीरो CGI (कंप्यूटर ग्राफिक्स) का इस्तेमाल हुआ। इस खतरनाक सीन के दौरान रणवीर सिंह धधकती आग और धमाकों के बीच बिल्कुल शांत रहकर अपना शॉट दे रहे थे। असली पेट्रोल और बारूद का हुआ इस्तेमाल विशाल त्यागी ने ‘हिंदी रश’ को दिए इंटरव्यू में बताया कि डायरेक्टर आदित्य धर इस सीन को बहुत रियल दिखाना चाहते थे। विशाल ने कहा, “आमतौर पर लोग छोटा धमाका करके उसे कंप्यूटर की मदद से बड़ा दिखा देते हैं, लेकिन आदित्य धर का निर्देश साफ था कि हमें धमाकों के लिए CGI का इस्तेमाल नहीं करना है। क्लाइमैक्स में टैंकर ब्लास्ट को क्रिएट करना सबसे मुश्किल काम था। हमने इसमें असली 500 लीटर पेट्रोल जलाया। सुरक्षा हमारी सबसे बड़ी चिंता थी क्योंकि आग की लपटों के बीच रणवीर सिंह को पैदल चलना था।” धमाके के बीच बेखौफ दिखे रणवीर सिंह शूटिंग के दौरान सबसे ज्यादा खतरा रणवीर सिंह के लिए था क्योंकि उन्हें आग के बेहद करीब से गुजरना था। विशाल ने बताया कि रणवीर बिल्कुल भी डरे हुए नहीं थे। विशाल के मुताबिक, रणवीर को हमारी टीम पर भरोसा था। मैंने उन्हें सटीक जानकारी दी थी कि उन्हें कहां से चलना शुरू करना है। शॉट पूरा होने के बाद उन्होंने खुश होकर मुझसे कहा- ‘फाड़ दिया तूने!’ इस सीन में अर्जुन रामपाल भी मौजूद थे, लेकिन धमाके वाले शॉट से पहले उन्हें वहां से हटा दिया गया था, जबकि रणवीर ने ज्यादा रिस्क लिया। प्रोडक्शन की सलाह को किया दरकिनार इस सीन को अंजाम देने के लिए विशाल त्यागी पर काफी दबाव था। प्रोडक्शन टीम चाहती थी कि खर्च कम करने के लिए केवल 250 लीटर ईंधन का इस्तेमाल हो, लेकिन विशाल 500 लीटर की जिद पर अड़े रहे। उन्होंने बताया, “सही विजुअल इफेक्ट लाने के लिए मुझे हर टैंक में 25 किलो बारूद डालना था। मैंने सबकी सुनी, लेकिन अंत में किया वही जो फिल्म के लिए जरूरी था। इसके लिए असली ट्रेन बेस और कंटेनर्स का इस्तेमाल किया गया था ताकि सीन स्क्रीन पर दमदार दिखे।” तीसरी सबसे ज्यादा कमाई वाली भारतीय फिल्म धुरंधर 2 दुनियाभर में तीसरी सबसे ज्यादा कमाई करने वाली भारतीय फिल्म भी बन चुकी है। धुरंधर 2 ने 1,742.10 करोड़ रुपए कमाने वाली अल्लू अर्जुन की फिल्म पुष्पा 2 को पीछे छोड़ दिया। अब यह सिर्फ दंगल (₹2070 करोड़) और बाहुबली-2 (₹1,788.06 करोड़) से पीछे है। धुरंधर और धुरंधर 2 ने मिलकर दुनियाभर में 3,000 करोड़ रुपए से ज्यादा की कमाई कर ली। इसके बाद यह 3,000 करोड़ रुपए से ज्यादा कमाने वाली पहली भारतीय फिल्म फ्रेंचाइजी बन गई है। जब किसी एक फिल्म की सफलता के बाद उसके एक से ज्यादा पार्ट बनाए जाते हैं तो वह एक फ्रेंचाइजी का रूप ले लेती है।

धुरंधर 2 के क्लाइमैक्स में 500 लीटर पेट्रोल का इस्तेमाल:आग और धमाकों में शूट करते रहे रणवीर; हर टैंकर में लगाया गया 25 किलो बारूद

धुरंधर 2 के क्लाइमैक्स में 500 लीटर पेट्रोल का इस्तेमाल:आग और धमाकों में शूट करते रहे रणवीर; हर टैंकर में लगाया गया 25 किलो बारूद

फिल्म ‘धुरंधर: द रिवेंज’ के क्लाइमैक्स सीन में 500 लीटर पेट्रोल का और हर टैंक में हर टैंक में 25 किलो बारूद का इस्तेमाल किया गया था। यह खुलासा फिल्म के SFX सुपरवाइजर विशाल त्यागी किया है। उन्होंने बताया कि फिल्म का सबसे चर्चित टैंकर ब्लास्ट सीन पूरी तरह से ‘प्रैक्टिकल इफेक्ट्स’ की मदद से शूट किया गया था और इसमें जीरो CGI (कंप्यूटर ग्राफिक्स) का इस्तेमाल हुआ। इस खतरनाक सीन के दौरान रणवीर सिंह धधकती आग और धमाकों के बीच बिल्कुल शांत रहकर अपना शॉट दे रहे थे। असली पेट्रोल और बारूद का हुआ इस्तेमाल विशाल त्यागी ने ‘हिंदी रश’ को दिए इंटरव्यू में बताया कि डायरेक्टर आदित्य धर इस सीन को बहुत रियल दिखाना चाहते थे। विशाल ने कहा, “आमतौर पर लोग छोटा धमाका करके उसे कंप्यूटर की मदद से बड़ा दिखा देते हैं, लेकिन आदित्य धर का निर्देश साफ था कि हमें धमाकों के लिए CGI का इस्तेमाल नहीं करना है। क्लाइमैक्स में टैंकर ब्लास्ट को क्रिएट करना सबसे मुश्किल काम था। हमने इसमें असली 500 लीटर पेट्रोल जलाया। सुरक्षा हमारी सबसे बड़ी चिंता थी क्योंकि आग की लपटों के बीच रणवीर सिंह को पैदल चलना था।” धमाके के बीच बेखौफ दिखे रणवीर सिंह शूटिंग के दौरान सबसे ज्यादा खतरा रणवीर सिंह के लिए था क्योंकि उन्हें आग के बेहद करीब से गुजरना था। विशाल ने बताया कि रणवीर बिल्कुल भी डरे हुए नहीं थे। विशाल के मुताबिक, रणवीर को हमारी टीम पर भरोसा था। मैंने उन्हें सटीक जानकारी दी थी कि उन्हें कहां से चलना शुरू करना है। शॉट पूरा होने के बाद उन्होंने खुश होकर मुझसे कहा- ‘फाड़ दिया तूने!’ इस सीन में अर्जुन रामपाल भी मौजूद थे, लेकिन धमाके वाले शॉट से पहले उन्हें वहां से हटा दिया गया था, जबकि रणवीर ने ज्यादा रिस्क लिया। प्रोडक्शन की सलाह को किया दरकिनार इस सीन को अंजाम देने के लिए विशाल त्यागी पर काफी दबाव था। प्रोडक्शन टीम चाहती थी कि खर्च कम करने के लिए केवल 250 लीटर ईंधन का इस्तेमाल हो, लेकिन विशाल 500 लीटर की जिद पर अड़े रहे। उन्होंने बताया, “सही विजुअल इफेक्ट लाने के लिए मुझे हर टैंक में 25 किलो बारूद डालना था। मैंने सबकी सुनी, लेकिन अंत में किया वही जो फिल्म के लिए जरूरी था। इसके लिए असली ट्रेन बेस और कंटेनर्स का इस्तेमाल किया गया था ताकि सीन स्क्रीन पर दमदार दिखे।” तीसरी सबसे ज्यादा कमाई वाली भारतीय फिल्म धुरंधर 2 दुनियाभर में तीसरी सबसे ज्यादा कमाई करने वाली भारतीय फिल्म भी बन चुकी है। धुरंधर 2 ने 1,742.10 करोड़ रुपए कमाने वाली अल्लू अर्जुन की फिल्म पुष्पा 2 को पीछे छोड़ दिया। अब यह सिर्फ दंगल (₹2070 करोड़) और बाहुबली-2 (₹1,788.06 करोड़) से पीछे है। धुरंधर और धुरंधर 2 ने मिलकर दुनियाभर में 3,000 करोड़ रुपए से ज्यादा की कमाई कर ली। इसके बाद यह 3,000 करोड़ रुपए से ज्यादा कमाने वाली पहली भारतीय फिल्म फ्रेंचाइजी बन गई है। जब किसी एक फिल्म की सफलता के बाद उसके एक से ज्यादा पार्ट बनाए जाते हैं तो वह एक फ्रेंचाइजी का रूप ले लेती है।

IPL 2026: आज मुंबई इंडियंस बनाम सनराइजर्स हैदराबाद:ईशान किशन पर टिकेंगी सबकी नजरें, अबतक के 7 मैचों में बनाए हैं 238 रन

IPL 2026: आज मुंबई इंडियंस बनाम सनराइजर्स हैदराबाद:ईशान किशन पर टिकेंगी सबकी नजरें, अबतक के 7 मैचों में बनाए हैं 238 रन

आईपीएल 2026 में आज मुंबई इंडियंस और सनराइजर्स हैदराबाद के बीच मैच खेला जाएगा। आज फिर सबकी नजरें हैदराबाद से खेल रहे बिहार के खिलाड़ी ईशान किशन पर रहेंगी। आज के मुकाबले में ईशान की बल्लेबाजी SRH के लिए गेम-चेंजर साबित हो सकती है। ईशान किशन ने IPL 2026 के जारी सीजन में सनराइजर्स हैदराबाद (SRH) की कप्तानी (स्टैंड-इन कप्तान) करते हुए अब तक शानदार प्रदर्शन किया है। उन्होंने इस सीजन में अपनी बल्लेबाजी से कई महत्वपूर्ण पारियां खेली हैं। IPL 2026 में ईशान किशन का प्रदर्शन रन: 7 मैच में 238 रन औसत और स्ट्राइक रेट: बल्लेबाजी औसत 34.00 और स्ट्राइक रेट 188.88 अर्धशतक: 2 सर्वश्रेष्ठ स्कोर: 91 रन हालिया मैच: राजस्थान रॉयल्स के खिलाफ 31 गेंदों में 11 चौकों और 3 छक्कों से 74 रन वानखेड़े में रन बरसने की पूरी उम्मीद मैच मुंबई के वानखेड़े स्टेडियम में शाम 7:30 बजे से खेला जाएगा। यह मैदान हाई-स्कोरिंग मुकाबलों के लिए जाना जाता है और यहां की छोटी बाउंड्री बल्लेबाजों को खुलकर खेलने का मौका देती है। अब तक यहां खेले गए कई मुकाबलों में 200+ स्कोर देखने को मिले हैं, जिससे साफ है कि आज भी रन बरसने की पूरी उम्मीद है। मौसम रहेगा साफ, बारिश की कोई आशंका नहीं मैच के दौरान बारिश की कोई संभावना नहीं है। तापमान 28 से 31 डिग्री के बीच रहने का अनुमान है, यानी खिलाड़ियों और दर्शकों दोनों के लिए परिस्थितियां अनुकूल रहेंगी। अगर टीमों के मौजूदा फॉर्म पर नजर डालें तो मुंबई इंडियंस इस सीजन में संघर्ष करती दिखी है। टीम को 7 में से 5 मैचों में हार का सामना करना पड़ा है और वह पॉइंट्स टेबल में निचले पायदान पर है। हालांकि, रोहित शर्मा की संभावित वापसी टीम के लिए बड़ी राहत हो सकती है। दूसरी ओर सनराइजर्स हैदराबाद शानदार फॉर्म में है और लगातार 4 मैच जीतकर टॉप-3 में अपनी जगह मजबूत कर चुकी है। हेड टू हेड में मुंबई का पलड़ा भारी हेड-टू-हेड आंकड़ों में भी मुंबई इंडियंस का पलड़ा भारी रहा है। दोनों टीमों के बीच अब तक 25 मुकाबले खेले गए हैं, जिनमें मुंबई ने 14 और हैदराबाद ने 10 मैच जीते हैं, जबकि एक मैच टाई रहा। वानखेड़े में भी मुंबई का रिकॉर्ड बेहतर है, जहां 9 मुकाबलों में से 7 में उसे जीत मिली है। इस सीजन के प्रदर्शन की बात करें तो हैदराबाद के लिए अभिषेक शर्मा टॉप स्कोरर हैं, जिन्होंने 8 मैचों में 380 रन बनाए हैं। वहीं गेंदबाजी में ईशान malinha ने 14 विकेट लेकर टीम को मजबूती दी है। दूसरी तरफ मुंबई के लिए तिलक वर्मा ने मिडिल ऑर्डर में अहम योगदान दिया है, जबकि अश्वनी कुमार ने कम मैचों में ही गेंदबाजी से असर छोड़ा है।

धनिया मिर्ची की चटनी रेसिपी: गरमा गरम पेट की चटनी में धनिया-मिर्ची की चटनी, खाने का स्वाद भी होगा दोगुना; विधि नोट करें

तस्वीर का विवरण

आवश्यक सामग्री: हरा धनिया, 2-3 हरी मिर्च, 3-4 लहसुन की कलियाँ, 1 छोटा मसाला अदरक, 1-2 मसाले का रस, स्वादानुसार नमक, 1-2 मसाला पानी छवि: फ्रीपिक बनाने की विधि: सबसे पहले हरे धनिये को अच्छी तरह धो लें ताकि कोई मिट्टी न रह जाए। अब मिक्सर जार में धनिया, हरी मिर्च, लहसुन और अदरक डालें। छवि: फ्रीपिक इसमें नमक और थोड़ा सा पानी इलेक्ट्रोलाइट पीस लें। अब तैयार है मेन्यूलैब का रसोइये महानतम से मिला लें। आपका स्वादिष्ट धनिया-मिर्ची की रेसिपी तैयार है। छवि: फ्रीपिक यह मैकेनिज्म पेट को ठंडक देता है, क्योंकि धनिया शरीर की गर्मी को कम करने में मदद करता है। खाने के साथ लेना भूख फ्रैंक तलाशना है। शरीर से टॉक्सिन बाहर निकालने में सहायक होता है। छवि: एआई यह पाचन क्रिया को मजबूत बनाता है। इस रेसिपी को आप परांठे, दाल-चावल, रोटी-सब्जी या फिर समोसा, पकौड़े के साथ खा सकते हैं. छवि: फ्रीपिक अगर आप स्वाद में थोड़े बदलाव चाहते हैं, तो इसमें पुदीना के पत्ते भी मिला सकते हैं। इससे नौकर और भी लालची और अल्पविकसित कर्मचारी। छवि: मेटा एआई

वैज्ञानिकों को मिला डेंजरस लिंक, मोटापा से 13 तरह के कैंसर का खतरा, कम करने के क्या है उपाय

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Last Updated:April 29, 2026, 15:55 IST Obesity link to 13 Type of Cancer: मोटापा ऐसी बीमारी है जो लिवर, हार्ट और किडनी की बीमारियों को बढ़ा देता है. अब तक हमें यही पता था लेकिन अब एक नई स्टडी में यह दावा किया जा रहा है कि मोटापा 13 तरह के कैंसर के जोखिम को बढ़ा देता है. इसलिए शरीर का अधिक वजन बेहद जानलेवा साबित हो सकता है. ऐसे में हर हाल में मोटापा को कम करने की जरूरत है. मोटापे से कैंसर का खतरा. Obesity link to 13 Type of Cancer: मोटापा आपकी सोच से कहीं ज्यादा खतरनाक बीमारी है. मोटापा इतना खतरनाक बनता जा रहा है कि इसकी वजह से 13 तरह के कैंसर का जोखिम बढ़ जाता है. ऐसे में इसे महज खबर न समझें बल्कि यह समय रहते सचेत होने का अलर्ट है. ब्रिटेन में जितने लोगों को कैंसर होते है उनमे से आधे लोगों को किसी न किसी तरह से मोटापा ही वजह है. ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी के वैज्ञानिकों ने पाया है कि कैंसर होने के बाद महज कभी-कभार वजन करना जीवन को जोखिम में डालने जैसा है क्योंकि मोटापा कैंसर मरीजों के जीवन को बहुत प्रभावित करता है. यह तो कैंसर होने के बाद की स्थिति है लेकिन खतरनाक स्थिति यह है कि अधिकांश कैंसर का संबंध मोटापा से जुड़ा हुआ है. सिर्फ एक बार वजन करना काफी नहीं अध्ययन के मुताबिक मोटापा कम से कम 13 प्रकार के कैंसर से जुड़ा हुआ पाया गया है. इसलिए एक्सपर्ट ने चेतावनी देते हुए कहा है कि वजन को कम करना बेहद आवश्यक है. वर्ल्ड कैंसर रिसर्च फंड के डॉ. हेलेन क्रोकर ने बताया कि इस शोध के बाद एक बात तो तय है कि जब डॉक्टर किसी व्यक्ति का किसी भी बीमारी का इलाज कर रहा है कि तो उसके वजन से संबंधित इतिहास को जरूर ध्यान में रखना चाहिए. इसी आधार पर आगे का इलाज करना चाहिए. उन्होंने कहा कि हालांकि मोटापा और कैंसर के जोखिम के बीच संबंध अच्छी तरह स्थापित है, लेकिन कैंसर के परिणामों पर इसका प्रभाव अभी भी पूरी तरह स्पष्ट नहीं है. ऐसे में केवल इलाज शुरू होने के समय के बीएमआई पर निर्भर रहना उचित नहीं है. इससे कैंसर का पूर्वानुमान लगाने में भूल हो सकती है. शोधकर्ताओं ने एक दशक तक इस अध्ययन में शामिल लोगों के हेल्थ डेटा का खंगाला इसके बाद पाया कि सभी 13 प्रकार के कैंसर में इसकी दर 50 प्रतिशत से अधिक थी.यानी जितने लोगों को कैंसर हुआ उनमें 50 प्रतिशत लोगों में किसी न किसी तरह का मोटापा था. इन 13 अंगों पर मंडरा रहा है खतरा शोधकर्ताओं के अनुसार मोटापे के कारण जिन अंगों में कैंसर का जोखिम सबसे ज्यादा होता है, वे हैं ब्रेस्ट कैंसर (मेनोपॉज के बाद), कोलोरेक्टल कैंसर, गर्भाशय (एंडोमेट्रियल) कैंसर, इसोफेगस कैंसर, गॉल ब्लैडर कैंसर, किडनी कैंसर, लिवर कैंसर, पैंक्रिएटिक कैंसर, ओवरी कैंसर, थायरॉयड कैंसर, मल्टीपल मायलोमा, पेट का ऊपरी हिस्से में कैंसर, मस्तिष्क और रीढ़ की हड्डी में कैंसर. कैंसर का खतरा कम करने के उपायकैंसर को कम करने का सबसे बेहतर तरीका यही है कि कुदरती तरीके से रहिए. जैसे सौ साल पहले हमारे पूर्वज रहते थे, वैसा ही रहिए. मसलन घर का कुदरती भोजन कीजिए, ताजा भोजन कीजिए, साग-सब्जी का सेवन कीजिए, फल, सीड्स, साबुत अनाज आदि खाइए. बाहर की पैकेटबंद चीजें, आधुनिक खान -पान जैसे कि पिज्जा, बर्गर, दारु, शराब, सिगरेट, गुटखा, खैनी जैसी चीजों को कभी भी हाथ न लगाएं. प्रोसेस्ड शुगर और मैदा कम करें. शरीर में हाई इंसुलिन लेवल कैंसर सेल्स के लिए ईंधन का काम करता है. खराब तरह के कार्बोहाइड्रैट इस इंसुलिन को बढ़ा देता है. इसके बाद पहले के लोगों की तरह एक्टिव लाइफस्टाइल रखिए. हमेशा शरीर को थकाते रहिए. हफ्ते में कम से कम 150 मिनट की एक्सरसाइज कीजिए. इसमें ब्रिस्क वॉकिंग, रनिंग, घर का भारी काम, वजन उठाना, सीढ़िया चढ़ना आदि गतिविधियां करते रहिए. वजन को बढ़ने न दीजिए. डाइट में एंटी-ऑक्सीडेंट चीजों को शामिल कीजिए. अपनी थाली में रंग-बिरंगी सब्जियां और फल बढ़ाएं. ये शरीर के भीतर होने वाले ऑक्सीडेटिव डैमेज को रोकते हैं. अगर आपका BMI 30 से ऊपर है, तो डॉक्टर की सलाह पर नियमित रूप से कैंसर स्क्रीनिंग टेस्ट कराते रहें. About the Author Lakshmi Narayan 18 साल से ज्यादा के लंबे करियर में लक्ष्मी नारायण ने डीडी न्यूज, आउटलुक, नई दुनिया, दैनिक जागरण, हिन्दुस्तान जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों में अपनी सेवाएं दी हैं। समसामयिक विषयों के विभिन्न मुद्दों, राजनीति, समाज, …और पढ़ें News18 न्यूजलेटर अब ईमेल पर इनसाइड स्‍टोर‍ीज खबरों के पीछे की खबर अब आपके इनबॉक्‍स में सबमिट करें First Published : April 29, 2026, 15:55 IST

पन्ना में युवक संदिग्ध परिस्थितियों में मिला शव:पिता ने चार लोगों पर चाकू गोदकर हत्या का आरोप लगाया

पन्ना में युवक संदिग्ध परिस्थितियों में मिला शव:पिता ने चार लोगों पर चाकू गोदकर हत्या का आरोप लगाया

अमानगंज थाना क्षेत्र के ग्राम बम्होरी में 30 वर्षीय युवक अनिल दहायत का शव ककरन तलैया के पास संदिग्ध अवस्था में मिला। बुधवार, 29 अप्रैल को मिले इस शव पर धारदार हथियार से वार के निशान पाए गए हैं। मृतक अनिल दहायत मजदूरी कर अपने परिवार का भरण-पोषण करता था। उसके निधन से उसकी दो बेटियों के सिर से पिता का साया उठ गया है। मृतक के पिता बैजू दहायत ने गांव के चार व्यक्तियों पर अनिल की हत्या का आरोप लगाया है। उन्होंने बताया कि अनिल मंगलवार शाम करीब 5 बजे घर से निकला था और वापस नहीं लौटा। बुधवार सुबह गांव वालों ने उन्हें तलैया के पास शव मिलने की सूचना दी। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है और आरोपियों की तलाश जारी है। हत्या के वास्तविक कारणों का खुलासा जांच पूरी होने के बाद ही होगा। एसडीओपी राजीव सिंह भदौरिया ने बताया कि अमानगंज थाना क्षेत्र के बम्होरी गांव में अनिल दहायत नामक युवक की हत्या का मामला सामने आया है। उसका शव गांव के बाहर तालाब के पास संदिग्ध परिस्थितियों में मिला। एसडीओपी के अनुसार, युवक के शरीर पर धारदार हथियारों के कई निशान हैं। प्रारंभिक जांच में यह भी सामने आया है कि मृतक नशे का आदी था और घटना के समय उसके साथ किसी अन्य व्यक्ति के होने के सबूत मिले हैं। पुलिस ने अज्ञात आरोपियों के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज कर शव का पोस्टमार्टम कराया है और गहन जांच जारी है। उन्होंने जल्द ही मामले का खुलासा करने का आश्वासन दिया।

पश्चिम बंगाल फैसला: 7 बनाने या तोड़ने वाले कारक जो परिणाम को आकार दे सकते हैं | भारत समाचार

Women polling officials depart for polling stations on the eve of voting in the second phase of the West Bengal Assembly elections. (IMAGE: PTI)

आखरी अपडेट:29 अप्रैल, 2026, 15:33 IST एसआईआर बंगाल चुनाव का सबसे बड़ा फ्लैशप्वाइंट बनकर उभरा है। 90 लाख से अधिक नाम हटा दिए गए हैं, जिससे कुल मतदाताओं की संख्या 7.66 करोड़ से घटकर 6.75 करोड़ हो गई है। बीजेपी ने 2019 और 2021 के बाद से काफी विस्तार किया है और खुद को टीएमसी के मुख्य विकल्प के रूप में स्थापित किया है। पश्चिम बंगाल चुनाव 2026: पश्चिम बंगाल चुनाव के लिए दूसरे चरण का मतदान समाप्त होने में केवल कुछ ही घंटे बचे हैं, अब ध्यान इस बात पर केंद्रित हो गया है कि क्या तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) सत्ता पर बनी रहेगी या भाजपा आखिरकार सरकार बनाने के लिए ममता बनर्जी के गढ़ में सेंध लगाएगी। भाजपा के अभियान का नेतृत्व प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने किया, साथ ही पार्टी के कई मुख्यमंत्रियों ने भी बड़े पैमाने पर प्रचार किया, क्योंकि पार्टी पश्चिम बंगाल में अपनी पहली सरकार बनाना चाहती है। दूसरी ओर, ममता बनर्जी ने टीएमसी के चुनाव अभियान का नेतृत्व किया, जबकि इसके स्थानीय नेतृत्व और कैडर एक और कार्यकाल सुरक्षित करने के लिए सड़कों पर उतरे। यहां 2026 पश्चिम बंगाल के फैसले को आकार देने वाले बनाने या तोड़ने वाले कारकों का विवरण दिया गया है: 1. सर और घुसपैठ मतदाता सूची का विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) इस चुनाव का सबसे बड़ा मुद्दा बनकर उभरा है। 90 लाख से अधिक नाम हटा दिए गए हैं, जिससे कुल मतदाताओं की संख्या 7.66 करोड़ से घटकर 6.75 करोड़ हो गई है। टीएमसी ने आरोप लगाया है कि यह कवायद उसके समर्थकों को “मताधिकार से वंचित करने की साजिश” है। हालाँकि, भाजपा ने अपनी घुसपैठ की कहानी को दोगुना कर दिया है, यह तर्क देते हुए कि संशोधन अवैध प्रवासियों और “फर्जी मतदाताओं” को हटाने के लिए एक आवश्यक सफाई अभियान है, खासकर सीमावर्ती जिलों में। 2. महिला वोट: ‘शी-शक्ति शक्ति’ महिलाएं लंबे समय से टीएमसी के समर्थन का आधार रही हैं, जिन्हें लक्ष्मीर भंडार जैसी कल्याणकारी योजनाओं से बल मिला है। हालाँकि, भाजपा ने अपने “मातृ शक्ति” अभियान के माध्यम से इस महत्वपूर्ण वर्ग तक अपनी पहुंच बढ़ा दी है, और केंद्रीय कल्याण लाभों तक पहुंच में बढ़ी हुई सुरक्षा और समानता का वादा किया है। महिलाओं का वोट महाराष्ट्र और बिहार सहित कई चुनावों में निर्णायक साबित हुआ है, जहां भाजपा के नेतृत्व वाली सरकारों ने विधानसभा चुनावों से पहले नकद हस्तांतरण योजनाएं शुरू कीं। भाजपा ने संसद में महिला आरक्षण के परिसीमन से जुड़े कार्यान्वयन के खिलाफ विपक्ष के एकजुट रुख की ओर इशारा करते हुए टीएमसी को “महिला विरोधी” के रूप में चित्रित करने की भी कोशिश की है। 3. एकीकरण बनाम अल्पसंख्यक वोटों का विभाजन लगभग 30% मतदाताओं का प्रतिनिधित्व करने वाला, अल्पसंख्यक वोट टीएमसी की सबसे महत्वपूर्ण ढाल है। हालाँकि, आईएसएफ का उद्भव और मुर्शिदाबाद और मालदा जैसे जिलों में अधिक मुखर वामपंथी और कांग्रेस की उपस्थिति एक संभावित फ्रैक्चर का संकेत देती है। यदि इस ब्लॉक का एक छोटा प्रतिशत भी टीएमसी से दूर चला जाता है, तो दक्षिण 24 परगना और उत्तरी बंगाल की कई सीटें भाजपा की ओर जा सकती हैं। हालाँकि, एसआईआर और घुसपैठ पर भाजपा का आक्रामक रुख मुसलमानों को ममता बनर्जी के पीछे खड़े होने के लिए एकजुट कर सकता है। 4. वाम-कांग्रेस का “मौन” लाभ जबकि मुकाबला काफी हद तक टीएमसी और बीजेपी के बीच द्विध्रुवीय है, वाम मोर्चा और कांग्रेस का कोई भी पुनरुत्थान संतुलन को बिगाड़ सकता है। यदि इन पार्टियों का दबदबा बढ़ता है, तो वे दो मुख्य दावेदारों के वोट शेयर में कटौती कर सकते हैं। वामपंथियों या कांग्रेस की ओर हिंदू वोटों का झुकाव प्रमुख सीटों पर भाजपा को नुकसान पहुंचा सकता है, जबकि उनके पीछे मुस्लिम वोटों का एकीकरण टीएमसी के समर्थन आधार को नष्ट कर सकता है। 5 कारण जिनकी वजह से बीजेपी पश्चिम बंगाल में ममता बनर्जी के 15 साल के शासन को खत्म कर सकती है 5. ‘बंगाली अस्मिता’ बनाम हिंदुत्व टीएमसी ने भाजपा के हिंदुत्व आख्यान का मुकाबला करने के लिए “बंगाली अस्मिता” के नारे का उपयोग करते हुए चुनाव को “बाहरी लोगों” से बंगाली संस्कृति की रक्षा करने की लड़ाई के रूप में तैयार किया है। यह सांस्कृतिक रस्साकशी विशेष रूप से चरण 2 की 142 सीटों पर प्रबल है, जहां दक्षिण बंगाल के गढ़ की क्षेत्रीय पहचान अक्सर भाजपा की राष्ट्रवादी पिच से टकराती है। 6. प्रवासी मतदाताओं की “वापसी”। इस डर से कि उनके वोट मतदाता सूची से हटा दिए जाएंगे, देश भर से हजारों प्रवासी कामगार अपना मतदान करने के लिए पश्चिम बंगाल लौट आए। एक महत्वपूर्ण मतदाता आधार का प्रतिनिधित्व करते हुए, उनकी पसंद निर्णायक साबित हो सकती है – यथास्थिति पर निराशा के साथ संभावित रूप से भाजपा के “परिवर्तन” की कहानी को बल मिलेगा, जबकि राज्य कल्याण योजनाओं पर निरंतर निर्भरता उन्हें टीएमसी के साथ जोड़े रख सकती है। भाजपा की बंगाल चुनाव रणनीति को डिकोड करना: नरम स्वर, स्थानीय दबाव और सांस्कृतिक रीसेट 7. 15 साल की सत्ता विरोधी लहर 15 वर्षों तक सत्ता में रहने के बाद, टीएमसी अपरिहार्य शासन थकान से जूझ रही है। सत्ता विरोधी लहर का मुकाबला करने के लिए, पार्टी ने 74 मौजूदा विधायकों को हटा दिया है और नए उम्मीदवारों को मैदान में उतारा है। इस रणनीति की असली परीक्षा भबनीपुर में होगी, जहां मुख्यमंत्री ममता बनर्जी को सुवेंदु अधिकारी से कड़ी चुनौती का सामना करना पड़ेगा – एक प्रतियोगिता जिसे व्यापक रूप से राज्य के लिए मनोवैज्ञानिक बैरोमीटर के रूप में देखा जाता है। जैसे ही 2026 के विधानसभा चुनावों में मतदान समाप्त हो रहा है, ईवीएम को स्ट्रांगरूम में ले जाया जा रहा है। सभी की निगाहें अब 4 मई, 2026 पर हैं, जब गिनती से पता चलेगा कि इनमें से किस कारक ने अंततः फैसले को आकार दिया। चुनी हुई कहानियाँ, आपके इनबॉक्स में हमारी सर्वोत्तम पत्रकारिता वाला एक न्यूज़लेटर जमा करना पहले प्रकाशित: 29 अप्रैल, 2026, 15:27 IST न्यूज़ इंडिया पश्चिम बंगाल फैसला: 7 बनाने या तोड़ने वाले कारक जो परिणाम तय कर सकते हैं अस्वीकरण: टिप्पणियाँ उपयोगकर्ताओं के विचार दर्शाती हैं, News18 के नहीं। कृपया चर्चाएँ सम्मानजनक और रचनात्मक रखें। अपमानजनक, मानहानिकारक, या अवैध टिप्पणियाँ हटा दी जाएंगी। News18 अपने

पशुपालकों के लिए अलर्ट! अप्रैल-मई की गर्मी में ऐसे रखें पशुओं का ख्याल, नहीं तो होगा नुकसान

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Last Updated:April 29, 2026, 15:28 IST गर्मियों का मौसम सिर्फ इंसानों के लिए ही नहीं, पशुओं के लिए भी बड़ी चुनौती बनकर आता है. अप्रैल और मई की तेज धूप, लू और बढ़ते तापमान का सीधा असर पशुओं की सेहत और दूध उत्पादन पर पड़ता है. कई बार सही देखभाल न होने पर पशु बीमार पड़ जाते हैं और किसानों को भारी नुकसान उठाना पड़ता है. ऐसे में पशुपालन करने वाले किसानों के लिए यह जानना बेहद जरूरी है कि गर्मियों में पशुओं को कैसे सुरक्षित रखा जाए. एक्सपर्ट्स ने कुछ आसान उपाय बताए हैं, जिन्हें अपनाकर पशुओं को स्वस्थ रखा जा सकता है और दूध उत्पादन भी बेहतर बनाए रखा जा सकता है. लखीमपुर खीरी. जिले में किसान अब पशुपालन पर अधिक जोर दे रहे हैं जिस कारण किसानों को अच्छा खासा मुनाफा होता है. वही पशुपालन विभाग की ओर से लगातार किसानों को जागरूक भी किया जा रहा है. परंतु गर्मियों के मौसम में पशुओं की देखभाल करना बेहद जरूरी होता है. थोड़ी सी लापरवाही होने के कारण पशुओं की मौत भी हो जाती है. पशुपालन तो हर किसान करना चाहता है तो वही पशुपालन विभाग की ओर से किसानों को अनुदान भी दिया जा रहा है. परंतु जानकारी के अभाव के कारण सही तरीके से पशुओं की देखभाल नहीं कर पाते हैं ऐसे में अप्रैल और मई के महीने में पशुओं की देखभाल करना बेहद जरूरी हो जाता है. इन दो महीने में सबसे अधिक हीट वेव भीषण गर्मी और लू के कारण पशुओं के दूध में कमी आती है. जिससे किसान बेहद परेशान हो जाते हैं. हीट स्ट्रोक (लू लगना), डिहाइड्रेशन (पानी की कमी) और ब्लोट (पेट फूलना) जैसी समस्याएं आम हो जाती हैं. Add News18 as Preferred Source on Google हीट स्ट्रोक की स्थिति में पशु को तेज बुखार आ सकता है, वह हांफने लगता है, आंखें लाल हो जाती हैं. शरीर बहुत गर्म महसूस होता है. वहीं पानी की कमी होने पर पशु कमजोर पड़ जाता है. लोकल 18 से बातचीत करते हुए डॉक्टर हेमंत सिंह ने बताया कि ग्रामीण क्षेत्रों में किसान अपनी आजीविका को चलाने के लिए पशुपालन पर अधिक जोर दे रहे हैं. लेकिन गर्मियों के मौसम में पशुओं को धूप से बचाना बेहद जरूरी होता है, थोड़ी सी लापरवाही होने के कारण पशुओं की मृत्यु भी हो सकती है. पशुओं को सीधे धूप और लू से बचने के लिए छायादार और हवादार स्थानों पर 11:00 से लेकर 4:00 तक सुरक्षित स्थान पर बांध कर रखें. गर्मियों के मौसम में पशुओं को दिन में तीन बार पर्याप्त मात्रा में ठंडा पानी दें. पशुओं को संतुलित आहार देते समय नमक और मिलर मिक्सर मिले. ताकि शरीर में इलेक्ट्रोलाइट्स की कमी ना हो. गर्मियों के मौसम में पशुओं को दिन में दो से तीन बार स्नान का ध्यान रखें. सुरक्षित छायादार स्थान का चयन कर वहीं पर ही पशुओं को स्नान कराए, धूप में पशुओं को स्नान न कराएं. First Published : April 29, 2026, 15:28 IST