राजा रघुवंशी मर्डर: मां बोली सोनम को जमानत कैसे मिली?:भाई विपिन बोला- हाईकोर्ट में अपील करेंगे, शिलांग गया तो सोनम मुझ पर भी करा सकती है हमला

राजा रघुवंशी हत्याकांड में मुख्य आरोपी सोनम रघुवंशी को जमानत मिलने की खबर ने परिवार को झकझोर दिया। परिजनों को इस फैसले की जानकारी उनके वकील से नहीं, बल्कि शिलांग पुलिस के एक फोन से मिली। अचानक आई इस खबर के बाद घर का माहौल बदल गया। दैनिक भास्कर से बातचीत में राजा की मां उमा रघुवंशी ने नाराजगी जताते हुए कहा कि उन्हें इस फैसले पर यकीन ही नहीं हुआ। उन्होंने आरोप लगाया कि सोनम इस पूरे मामले की मास्टरमाइंड है। उमा ने कहा, अभी तक तो सुना था कि कानून अंधा होता है आज देखने को भी मिल गया। उन्होंने मामले में सीबीआई जांच की मांग करते हुए मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव से हस्तक्षेप की अपील की है। उमा रघुवंशी ने कहा कि एक मां को अपने बेटे के लिए न्याय की उम्मीद थी, लेकिन इस फैसले ने उन्हें बड़ा झटका दिया है। उन्होंने आशंका जताई कि अगर मुख्य आरोपी को जमानत मिल सकती है, तो अन्य आरोपियों को भी राहत मिल सकती है। वह जब भी इंदौर आएगी तो मैं उससे पूछूंगी कि मेरे बेटे का क्या कसूर था? क्यों मारा उसे? सोनम या उसका भाई मुझ पर करा सकता है हमला वहीं, राजा के भाई विपिन रघुवंशी ने भी कई गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने बताया कि सोनम को सोमवार को ही जमानत मिल गई थी, लेकिन उन्हें इसकी जानकारी मंगलवार को शिलांग पुलिस से मिली। चार दिन पहले तक उनके वकील ने भी जमानत मिलने की संभावना से इनकार किया था। विपिन ने आरोप लगाया कि सोनम के परिवार, खासकर उसके भाई गोविंद का उसे पूरा समर्थन मिला है। उन्होंने कहा कि पैसों की ताकत के आगे हम अपने भाई को न्याय नहीं दिला पा रहे हैं। वे सोनम की जमानत रद्द कराने के लिए हाईकोर्ट का रुख करेंगे और जरूरत पड़ी तो शिलांग भी जाएंगे। ऐसे में यदि सोनम वापस जेल जाती है तो भाई गोविंद इसका बदला ले सकता है। विपिन ने आशंका भी जताई कि अगर अपील करने के लिए अगर वह शिलांग जाते है तो सोनम उन पर हमला करा सकती है। यदि मेरे साथ कोई अप्रिय घटना होती है तो उसके लिए गोविंद जिम्मेदार होगा। जमानत के आधार पर भी सवाल उठाते हुए विपिन ने कहा कि उन्हें जानकारी मिली है कि कोर्ट ने यह मानते हुए जमानत दी कि गिरफ्तारी के वक्त सोनम को कारण नहीं बताया गया था। हमें अब तक चार्जशीट की कॉपी नहीं दी गई, जबकि दूसरी ओर आरोपी पक्ष को यह उपलब्ध करा दी गई है। सूत्रों के अनुसार, इस मामले में एक अन्य आरोपी राज कुशवाह की जमानत पर भी जल्द सुनवाई हो सकती है।
‘तुरंत हटा दिए जाएंगे…’ यूपी के ‘सिंघम’ आईपीएस अजय पाल शर्मा की मुश्किलें, सुप्रीम कोर्ट पहुंचा मामला

पश्चिम बंगाल चुनाव के दौरान यूपी के आईपीएस अजय पाल शर्मा सबाब में गिरफ़्तार हो गए हैं। उनके खिलाफ सर्वोच्च न्यायालय में एक आरोप लगाया गया है, जिसमें मांग की गई है कि उन्हें चुनाव की जिम्मेदारी से तुरंत हटाया जाए। कंपनी ने आरोप लगाया है कि असेंबली पुलिस ऑब्जर्वर अपनी भूमिका में नहीं रही है और उन्होंने कंपनी पर दबाव बनाने का काम किया है, जिससे एसोसिएटेड पुलिस कमिश्नर प्रभावित हुआ है। बेरोजगारी ने लगाया ये आरोप याचिका में कहा गया है कि यह स्वतंत्र और राष्ट्रपति चुनाव के अधिकार का उल्लंघन है। मामला सर्वोच्च न्यायालय द्वारा गठित किया गया है और अदालत से आवश्यक निर्देश दिए जाने की मांग की गई है। हालाँकि, इस सुप्रीम कोर्ट ने अभी तक कोई स्मारक नहीं लिया है, अभी सिर्फ ई-फ़ालिंग की गई है। चुनाव प्रभावित करने का आरोप याचिका में कहा गया है कि अजय पाल शर्मा ने अपने समर्थन रिकॉर्ड के कारण ‘यूपी का सिंघम’ कहा है, उन्होंने चुनाव आयोग के पर्यवेक्षक के तौर पर अपनी सदस्यता खो दी है। उन पर आरोप है कि जब से उन्होंने दक्षिण 24 परगना जिले का गिरोह पकड़ा है, वे राजनीतिक आतंकवादियों को डरा-धमका रहे हैं और उन पर गलत तरीके से दबाव बना रहे हैं। प्रोड्यूसर का दावा है कि शर्मा अपनी ताकत का इस्तेमाल चुनाव को प्रभावित करने के लिए कर रहे हैं, जो एक स्वतंत्र चुनाव की प्रक्रिया है। याचिका में कहा गया है कि अजय पाल के समर्थकों का चुनाव खराब हो गया है, जिससे 2026 के विधानसभा चुनाव में जनता का विश्वास डगमगा रहा है। आरोप है कि उनके डराने-धमकाने और पूर्वव्यापी व्यवहार के कारण सभी आशिकों को ‘बराबरी का मौका’ नहीं मिल रहा है। पहले चरण में रिकॉर्ड 1448 रेज़्यूमे की रेटिंग पर भाग्य, 142 रेज़्यूमे पर फैसला शामिल होगा” href=’https://www.abplive.com/elections/west-bengal-election-2026-phase-2-mamata-banerjee-suvendu-aअधिकारी-1448-candidates-for-142-seats-3121682′ target=”_self”>पहले चरण में रिकॉर्ड 1448 रेज़्यूमे की रेटिंग पर भाग्य, 142 रेज़्यूमे पर फैसला शामिल होगा दूसरे चरण के लिए वोट आज पहले चरण में बंगाल में 93.2 प्रतिशत की भारी वोटिंग हुई है, जो एक नया रिकॉर्ड है। इस भारी मतदान के बाद टीएमसी और बीजेपी दोनों ही अपनी-अपनी जीत के बड़े दावे कर रही हैं। वहीं 29 अप्रैल यानी आज दूसरे चरण के लिए वोटिंग होगी। कोलकाता सहित छह मूर्तिकला के 142 विधानसभा क्षेत्र में 29 अप्रैल को मतदान होगा। इस चरण में 3.21 करोड़ से अधिक 1,448 बच्चे की किस्मत का फैसला। निर्वाचन आयोग के अनुसार, 142 पदों पर कुल 3,21,73,837 पंजीकृत पदधारी हैं। इनमें 1,64,35,627 पुरुष, 1,57,37,418 महिलाएं और 792 श्रद्धेय जेंडर शामिल हैं। बंगाल में वोटिंग से पहले चुनाव आयोग का बड़ा एक्शन, यूपी के ‘सिंघम’ के इस अधिकारी को हटाया गया” href=’https://www.abplive.com/elections/ec-action-bdo-of-falta-sourav-hazra-transfer-बंगाल-सेकंड-फेज-वोटिंग-ips-officer-ajay-pal-sharma-jahanगीर-case-3121721′ target=”_self”>बंगाल में वोटिंग से पहले चुनाव आयोग का बड़ा एक्शन, यूपी के ‘सिंघम’ के इस अधिकारी को हटाया गया
बंगाल में वोटिंग से पहले चुनाव आयोग का बड़ा एक्शन, यूपी के ‘सिंघम’ के इस अधिकारी को हटाया गया

पश्चिम बंगाल में 29 अप्रैल यानि आज दूसरे चरण की वोटिंग होगी। इससे ठीक एक दिन पहले चुनाव आयोग ने एक मुख्य स्थानीय अधिकारी सौरव हाजरा की नियुक्ति कर दी थी। दक्षिण 24 परगना जिले में फाल्टा विवाद के बीच विरोध प्रदर्शन, राजनीतिक बाजीगरी और याचिका के बाद उठाव हुआ। उन पर आईपीएस अजय पाल शर्मा के सहयोग से एक्शन लिया गया। राम्या भट्टाचार्य को मिली जिम्मेदारी फाल्टा के जाइंट बोल्टन बोरा हाजरा का रेलवे स्टेशन पुरुलिया मुख्यालय में स्थानांतरित कर दिया गया है। मंगलवार (28 अप्रैल) को डाइरेक्टर लेकर एक अधिसूचना जारी की गई, जिसमें उनकी जगह स्पेशल ड्यूटी पर तैनात अधिकारी राम्या भट्टाचार्य को नियुक्त किया गया है। हाजरा फाल्टा विधानसभा सीट के सहायक रिटर्निंग ऑफिसर के रूप में भी काम कर रहे थे। आयोग ने अपने आदेश को मंजूरी दे दी और स्वचालित रूप से लागू करने का निर्देश दिया। यह कार्रवाई ऐसे समय में हुई है, जब चुनाव आयोग के एक पर्यवेक्षक के दौरे पर, कांग्रेस में शामिल प्रतिभागियों ने विरोध प्रदर्शन किया और मतदान से पहले केंद्रीय समर्थन के समर्थन वाली याचिका के बाद फाल्टा सीट एक प्रेरक केंद्र बन गई। कैसे हुई विवाद की शुरुआत? विवाद की शुरुआत तब हुई, जब पश्चिम बंगाल में चुनाव आयोग के पर्यवेक्षकों के विशेष रूप से उत्तर प्रदेश कैडर के सदस्य अजय पाल शर्मा का एक वीडियो वायरल हुआ, जिसमें सोमवार देर रात वह कांग्रेस के प्रतियोगी थे, जहां जागीर खान के आवास पर दिखाई दिए। वीडियो में शर्मा ने चेतावनी दी है कि लाइब्रेरी को डराने-धमकाने की कोशिश करने पर सख्त कार्रवाई की जाएगी। यह भी पढ़ें- बंगाल एग्जिट पोल लाइव स्ट्रीमिंग: बीजेपी की सरकार बनेगी या ममता के फिर सिर सजेगा ताज? कब-कहाँ देखें बंगाल चुनाव सर्वेक्षण देहरादून ने किया विरोध इस रिवाल्वर के बाद, नोएडा बिल्डर्स फाल्टा में जमा हो गए और शर्मा के दौरे के नारे के खिलाफ विरोध प्रदर्शन किया। फ़ोकस ने वोटिंग से पहले पार्टी सोसाइटी पर “डराने-धमकाने” का आरोप लगाया था, क्योंकि उनका काफिला सेंट्रल कॉन्सटी के साथ उस इलाक़े से गुजरा था। दूसरे चरण के लिए वोट आज पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के अंतिम चरण के लिए सभी मतदान पूर्ण हो चुके हैं। कोलकाता सहित छह मूर्तिकला के 142 विधानसभा क्षेत्र में 29 अप्रैल को मतदान होगा। इस चरण में 3.21 करोड़ से अधिक 1,448 बच्चे की किस्मत का फैसला। निर्वाचन आयोग के अनुसार, 142 पदों पर कुल 3,21,73,837 पंजीकृत पदधारी हैं। इनमें 1,64,35,627 पुरुष, 1,57,37,418 महिलाएं और 792 श्रद्धेय जेंडर शामिल हैं। यह भी पढ़ें – ‘संदेश’ में नागरिकता, बंगाल चुनाव 2026 में मिठाइयों पर टीएमसी-बीजेपी के सिंबल, 142 की जंग में ‘डेमोक्रेसी का स्वाद’ (टैग्सटूट्रांसलेट)पश्चिम बंगाल(टी)पश्चिम बंगाल चुनाव 2026(टी)चुनाव 2026(टी)ईसी ने बीडीओ(टी)जहांगीर खान पुष्पा टिप्पणी(टी)टीएमसी विरोध फाल्टा(टी)(टी)चुनाव 2026(टी)बंगाल विधानसभा चुनाव(टी)चुनाव आयोग का एक्शन(टी)जहांगीर खान(टी)एमसीएमसी(टी)आईपीएस अजय पाल शर्मा(टी)सौरव टी हाजरा को निलंबित कर दिया
आज सीएम करेंगे 60 मेगावॉट सोलर प्लांट का लोकार्पण:जलूद में तैयार 271.16 करोड़ की लागत से प्लांट, हर महीने 4 से 4.50 करोड़ बिजली की बचत

जलूद क्षेत्र में स्थापित 271.16 करोड़ रुपए की लागत से 60 मेगावॉट क्षमता वाले सोलर पावर प्लांट का लोकार्पण 29 अप्रैल को सीएम डॉ.मोहन यादव जलूद में करेंगे। शाम 4.30 लोकार्पण किया जाएगा। इस मौके पर मंत्री, सांसद, विधायक, एमआईसी मेंबर, पार्षद सहित कई लोग शामिल होंगे। महापौर पुष्यमित्र भार्गव एवं आयुक्त क्षितिज सिंघल ने बताया कि सोलर प्लांट ट्रायल के दौरान इसके सकारात्मक परिणाम सामने आने लगे हैं और मार्च महीने में ही पंपिंग स्टेशन के बिजली खर्च में लगभग 3.64 करोड़ रुपए की बचत दर्ज की गई है। अनुमान है कि आने वाले समय में यह बचत और बढ़ेगी। वर्तमान में नगर निगम हर महीने केवल जलूद से पानी की सप्लाई और पंपिंग सिस्टम के लिए बिजली पर करीब 22 से 25 करोड़ रुपए खर्च करता है। सोलर ऊर्जा के उपयोग से बिजली खर्च में हर महीने 4 से 4 .50 करोड़ से अधिक की बचत होगी बचत जिससे खर्च में बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है। इंदौर देश का पहला नगरीय निकाय बन गया है, जिसने ग्रीन बॉन्ड के माध्यम से 244 करोड़ रुपए जुटाकर इस सोलर प्लांट की स्थापना की है। महापौर ने बताया कि सौर ऊर्जा के बढ़ते उपयोग से नगर निगम का बिजली बिल लगातार कम होगा और जल आपूर्ति जैसी आवश्यक सेवाएं अधिक भरोसेमंद बनेंगी। यह 60 मेगावॉट क्षमता का सोलर प्लांट भारत सरकार की CPSU योजना (फेज-2, ट्रेंच-2) के अंतर्गत तैयार किया गया है, जो शहर को स्वच्छ और सस्टेनेबल ऊर्जा की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
आज सीएम करेंगे 60 मेगावॉट सोलर प्लांट का लोकार्पण:जलूद में तैयार 271.16 करोड़ की लागत से प्लांट, हर महीने 4 से 4.50 करोड़ बिजली की बचत

जलूद क्षेत्र में स्थापित 271.16 करोड़ रुपए की लागत से 60 मेगावॉट क्षमता वाले सोलर पावर प्लांट का लोकार्पण 29 अप्रैल को सीएम डॉ.मोहन यादव जलूद में करेंगे। शाम 4.30 लोकार्पण किया जाएगा। इस मौके पर मंत्री, सांसद, विधायक, एमआईसी मेंबर, पार्षद सहित कई लोग शामिल होंगे। महापौर पुष्यमित्र भार्गव एवं आयुक्त क्षितिज सिंघल ने बताया कि सोलर प्लांट ट्रायल के दौरान इसके सकारात्मक परिणाम सामने आने लगे हैं और मार्च महीने में ही पंपिंग स्टेशन के बिजली खर्च में लगभग 3.64 करोड़ रुपए की बचत दर्ज की गई है। अनुमान है कि आने वाले समय में यह बचत और बढ़ेगी। वर्तमान में नगर निगम हर महीने केवल जलूद से पानी की सप्लाई और पंपिंग सिस्टम के लिए बिजली पर करीब 22 से 25 करोड़ रुपए खर्च करता है। सोलर ऊर्जा के उपयोग से बिजली खर्च में हर महीने 4 से 4 .50 करोड़ से अधिक की बचत होगी बचत जिससे खर्च में बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है। इंदौर देश का पहला नगरीय निकाय बन गया है, जिसने ग्रीन बॉन्ड के माध्यम से 244 करोड़ रुपए जुटाकर इस सोलर प्लांट की स्थापना की है। महापौर ने बताया कि सौर ऊर्जा के बढ़ते उपयोग से नगर निगम का बिजली बिल लगातार कम होगा और जल आपूर्ति जैसी आवश्यक सेवाएं अधिक भरोसेमंद बनेंगी। यह 60 मेगावॉट क्षमता का सोलर प्लांट भारत सरकार की CPSU योजना (फेज-2, ट्रेंच-2) के अंतर्गत तैयार किया गया है, जो शहर को स्वच्छ और सस्टेनेबल ऊर्जा की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
पश्चिम बंगाल चुनाव 2026 वोटिंग लाइव: बंगाल की 142 वोटों की वोटिंग जारी, वोट के बाद जापानी मोइत्रा बोलीं-‘ऐसा लग रहा है पुराना शासन हो’

पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के अंतिम चरण के लिए सभी मतदान पूर्ण हो चुके हैं। राजधानी कोलकाता सहित छह 142 विधानसभा सीटों पर 29 अप्रैल को मतदान हो रहा है। इस चरण में 3.21 करोड़ से अधिक 1,448 बच्चे की किस्मत का फैसला। चुनाव आयोग के अनुसार, इन 142 में कुल 3,21,73,837 रजिस्टर्ड मतदाता हैं। इनमें 1,64,35,627 पुरुष, 1,57,37,418 महिलाएं और 792 श्रद्धेय जेंडर शामिल हैं। सभी दस्तावेजों को फोटो पहचान पत्र (एपिक) उपलब्ध कराए गए हैं। 100 साल या उससे ज्यादा उम्र के वोटरों की संख्या 3,243 है, जबकि 85 साल से ज्यादा उम्र के वोटरों की संख्या 1,96,801 है। इसके अलावा 146 एन मतदाता और 39,961 सर्विस वोटर भी इस चरण में मतदान करेंगे। इस चरण में कुल 1,448 अभ्यर्थी मैदान में हैं, जिनमें 1,228 पुरुष और 220 महिला अभ्यर्थी शामिल हैं। किसी भी सीट पर अभ्यर्थी जेंडर उम्मीदवार नहीं है। 142 में से 107 सामान्य श्रेणी के हैं, जबकि 34 सीढ़ीदार जनजाति (एसटी) के लिए एक सीट और एक सीढ़ीदार जनजाति (एसटी) है। दक्षिण 24 परगना जिले की भांगर सीट पर सबसे अधिक 15 उम्मीदवार चुनावी मैदान में हैं, जबकि हुगली जिले की एक सीट पर सबसे कम पांच उम्मीदवार हैं। कोलकाता के अलावा जिन अप्राकृतिक में वोटिंग होगी उनमें नादिया, पूर्व बर्धमान, हुगली, दक्षिण 24 परगना, उत्तर 24 परगना और भालू शामिल हैं। कुल 41,001 मतदान केंद्र बनाए गए हैं, जिनमें 39,301 मुख्य और 1,700 सहायक मतदान केंद्र हैं। वेबकास्टिंग की व्यवस्था पर सभी वोटिंग की जानकारी दी गई है। दूसरे चरण में कैथोलिक कांग्रेस के गढ़ कोलकाता, हावड़ा, उत्तर और दक्षिण 24 परगना, दिया ना, हुगली और पूर्वी बर्धमान के मुकाबलों पर नज़र रहेगी। इन इलाक़ों में चुनाव की दिशा तय करने में अहम भूमिका निभाई जा सकती है। दूसरे चरण में जिन 142 सीटों पर मतदान हो रहा है, उनमें से ‘ओपेरा कांग्रेस’ ने 2021 में 123 सीटें हासिल कीं, बीजेपी ने सिर्फ 18 सीटें हासिल कीं और ‘इंडियन सेक सैमसंग फ्रंट’ (आईएसएसएफ) ने एक सीट हासिल की थी। पांच साल पहले बीजेपी के डॉक्युमेंट्स के मुताबिक, ममता बनर्जी की पार्टी ने दक्षिण बंगाल में शानदार जीत हासिल की और आसानी से सत्ता पर कब्जा कर लिया। भवानीपुर विधानसभा सीट पर भी इसी चरण में मतदान हो रहा है, जो मुख्यमंत्री ममता बनर्जी का राजनीतिक गढ़ है और बीजेपी ने यहां नेता प्रतिपक्ष शुभेंदु अधिकारी को मैदान में उतार दिया है।
गर्मी का असर:पारा लगातार 40 डिग्री रहने से लू-डिहाइड्रेशन के केस 20-25%बढ़े, बच्चे-बुजुर्गों पर ज्यादा असर

तापमान लगातार 40 डिग्री से अधिक रहने से लू-डिहाइड्रेशन के केस बढ़ गए हैं। एमवायएच की ओपीडी में 20 से 25 फीसदी ज्यादा मरीज पहुंचने लगे हैं। सबसे ज्यादा असर बच्चों और बुजुर्गों पर पड़ रहा है। डॉक्टरों का कहना है कि इस बार गर्मी अचानक बढ़ गई है, जिससे शर . सुबह 11 बजे से शाम 5 बजे तक गर्मी का असर सबसे ज्यादा है। इस दौरान शरीर का तापमान तेजी से बढ़ता है और कई मरीज उल्टी, चक्कर, तेज बुखार की समस्या लेकर पहुंच रहे हैं। कई मामलों में ड्रिप और ऑक्सीजन सपोर्ट देना पड़ रहा है। पहले से अस्थमा, हार्ट और शुगर के मरीज ज्यादा संवेदनशील 5 साल से कम उम्र के बच्चों में पानी की कमी जल्दी हो रही है, वहीं 60 साल से अधिक उम्र के लोगों में हीट सहन करने की क्षमता कम होने से हालत तेजी से बिगड़ रही है। पहले से अस्थमा, हार्ट और शुगर के मरीज ज्यादा संवेदनशील हैं। लगातार पसीना निकलने के बावजूद पर्याप्त पानी और इलेक्ट्रोलाइट नहीं लेने से शरीर का बैलेंस बिगड़ रहा है। यही कारण है कि सामान्य कमजोरी से सीधे हीट स्ट्रोक तक के केस सामने आ रहे हैं। यह करें : छोटी सावधानी से बड़ा बचाव डॉक्टरों की सलाह है कि दिन में 3 से 4 लीटर पानी जरूर पिएं, खाली पेट धूप में न निकलें, हल्के और ढीले कपड़े पहनें, सिर ढंककर ही बाहर जाएं। बच्चों और बुजुर्गों को दोपहर में बहुत जरूरी हो, तभी घर से निकलने दें। भास्कर एक्सपर्ट – डॉ. धर्मेंद्र झंवर, विभागाध्यक्ष, एमजीएम मेडिकल कॉलेज शुरुआती लक्षण को नजरअंदाज कर रहे ओपीडी में रोज हीट स्ट्रोक और डिहाइड्रेशन के केस धीरे-धीरे बढ़ रहे हैं। लोग शुरुआती लक्षण को नजरअंदाज कर रहे हैं, जिससे स्थिति गंभीर हो रही है। गर्म हवा और धूल के कारण सांस के मरीजों में दिक्कत बढ़ रही है। अलर्ट : बच्चे क्या करें, क्या न करें धूप से बचाव: 11 बजे से 4 बजे तक बच्चों को बाहर न ले जाएं। जरूरत हो तो कैप, हल्के कपड़े और छांव का उपयोग करें, सीधे धूप से बचाएं। क्या खिलाएं: तरबूज, खरबूजा, संतरा, दही-छाछ, नारियल पानी, हल्का खाना- दाल-चावल, खिचड़ी। क्या खाने से बचें : तला-भुना, मसालेदार और जंक फूड से बचाएं, ज्यादा ठंडी चीजें न दें। देखभाल: रोज नहलाएं, त्वचा सूखी रखें। संकेत: मुंह सूखना, यूरिन कम होना या सुस्ती दिखे तो तुरंत डॉक्टर को दिखाएं।
गर्मी का असर:पारा लगातार 40 डिग्री रहने से लू-डिहाइड्रेशन के केस 20-25%बढ़े, बच्चे-बुजुर्गों पर ज्यादा असर

Hindi News Local Mp Indore With Temperatures Consistently Hovering Around 40 Degrees Celsius, Cases Of Heatstroke And Dehydration Have Risen By 20 25%, With Children And The Elderly Particularly Affected. इंदौर18 मिनट पहले कॉपी लिंक तापमान लगातार 40 डिग्री से अधिक रहने से लू-डिहाइड्रेशन के केस बढ़ गए हैं। एमवायएच की ओपीडी में 20 से 25 फीसदी ज्यादा मरीज पहुंचने लगे हैं। सबसे ज्यादा असर बच्चों और बुजुर्गों पर पड़ रहा है। डॉक्टरों का कहना है कि इस बार गर्मी अचानक बढ़ गई है, जिससे शरीर को अनुकूल होने का समय नहीं मिला। हीट स्ट्रोक एक मेडिकल इमरजेंसी है। सुबह 11 बजे से शाम 5 बजे तक गर्मी का असर सबसे ज्यादा है। इस दौरान शरीर का तापमान तेजी से बढ़ता है और कई मरीज उल्टी, चक्कर, तेज बुखार की समस्या लेकर पहुंच रहे हैं। कई मामलों में ड्रिप और ऑक्सीजन सपोर्ट देना पड़ रहा है। पहले से अस्थमा, हार्ट और शुगर के मरीज ज्यादा संवेदनशील 5 साल से कम उम्र के बच्चों में पानी की कमी जल्दी हो रही है, वहीं 60 साल से अधिक उम्र के लोगों में हीट सहन करने की क्षमता कम होने से हालत तेजी से बिगड़ रही है। पहले से अस्थमा, हार्ट और शुगर के मरीज ज्यादा संवेदनशील हैं। लगातार पसीना निकलने के बावजूद पर्याप्त पानी और इलेक्ट्रोलाइट नहीं लेने से शरीर का बैलेंस बिगड़ रहा है। यही कारण है कि सामान्य कमजोरी से सीधे हीट स्ट्रोक तक के केस सामने आ रहे हैं। यह करें : छोटी सावधानी से बड़ा बचाव डॉक्टरों की सलाह है कि दिन में 3 से 4 लीटर पानी जरूर पिएं, खाली पेट धूप में न निकलें, हल्के और ढीले कपड़े पहनें, सिर ढंककर ही बाहर जाएं। बच्चों और बुजुर्गों को दोपहर में बहुत जरूरी हो, तभी घर से निकलने दें। भास्कर एक्सपर्ट – डॉ. धर्मेंद्र झंवर, विभागाध्यक्ष, एमजीएम मेडिकल कॉलेज शुरुआती लक्षण को नजरअंदाज कर रहे ओपीडी में रोज हीट स्ट्रोक और डिहाइड्रेशन के केस धीरे-धीरे बढ़ रहे हैं। लोग शुरुआती लक्षण को नजरअंदाज कर रहे हैं, जिससे स्थिति गंभीर हो रही है। गर्म हवा और धूल के कारण सांस के मरीजों में दिक्कत बढ़ रही है। अलर्ट : बच्चे क्या करें, क्या न करें धूप से बचाव: 11 बजे से 4 बजे तक बच्चों को बाहर न ले जाएं। जरूरत हो तो कैप, हल्के कपड़े और छांव का उपयोग करें, सीधे धूप से बचाएं। क्या खिलाएं: तरबूज, खरबूजा, संतरा, दही-छाछ, नारियल पानी, हल्का खाना- दाल-चावल, खिचड़ी। क्या खाने से बचें : तला-भुना, मसालेदार और जंक फूड से बचाएं, ज्यादा ठंडी चीजें न दें। देखभाल: रोज नहलाएं, त्वचा सूखी रखें। संकेत: मुंह सूखना, यूरिन कम होना या सुस्ती दिखे तो तुरंत डॉक्टर को दिखाएं। दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔
22 किमी का टाइगर कॉरिडोर:758 करोड़ का फोरलेन, मामला कोर्ट में; इसलिए अभी टू-लेन की मरम्मत

नेशनल हाईवे-46 पर इटारसी-बैतूल सेक्शन में स्थित 22 किमी में टाइगर कॉरिडोर (फोरलेन) बनेगा। इसके लिए केंद्र सरकार ने 758 करोड़ का बजट दिया है। इटारसी बाघदेव से बैतूल के डांडीवाड़ा तक ये हिस्सा सतपुड़ा टाइगर रिजर्व में है। यहां निर्माण पर हाईकोर्ट का स्टे है, इसलिए फोरलेन का काम 15 साल से अधूरा है। जब तक फोरलेन निर्माण की अनुमति नहीं मिलती, तब तक पुरानी टू-लेन सड़क की 5.5 करोड़ से मरम्मत की जा रही है। एमपीआरडीसी के प्रबंधक वेद प्रकाश के अनुसार- निर्माण कंपनी को 4 माह का समय दिया है। 5.5 करोड़ से सड़क का पूरी तरह से डामरीकरण किया जाएगा। उत्तर से दक्षिण की कनेक्टिविटी बढ़ेगी 22 किमी कॉरिडोर बनने से पूरा ग्वालियर-बैतूल कॉरिडोर फोरलेन हो जाएगा, जिससे उत्तर और दक्षिण भारत के बीच सीधा संपर्क मजबूत होगा। महत्व: यह कॉरिडोर नर्मदापुरम और बैतूल जिलों के बीच आर्थिक सेतु का काम करेगा, जिससे कृषि और खनिज संपदा के परिवहन में आसानी होगी और स्थानीय रोजगार के नए अवसर खुलेंगे। कोर्ट का फैसला आने के बाद ही फोरलेन का स्थायी निर्माण कार्य आगे बढ़ सकेगा। कानूनी लड़ाई के बीच सड़क की हालत बेहद खस्ता हो चुकी है। आए दिन दुर्घटनाएं हो रही हैं। फिलहाल टू-लेन मार्ग की मरम्मत कराई जा रही है। मनीष मीणा, प्रोजेक्ट डायरेक्टर एनएचएआई
दिल्ली हाई कोर्ट में सुनवाई-टली… अब 29 जुलाई को होगी:जेल से राहत, सजा पर "स्टे' का इंतजार, सुनवाई पर टिकी भारती की विधायकी

दतिया के पूर्व विधायक राजेंद्र भारती का कानूनी मामला अब दतिया विधानसभा के भविष्य पर भी असर डाल रहा है। मंगलवार को दिल्ली हाई कोर्ट में सुनवाई टल गई और अगली तारीख 29 जुलाई तय हुई। इसके बाद शहर में उपचुनाव की चर्चाएं तेज हो गई हैं। नियमों के हिसाब से अगर जुलाई में फैसला आता है, तो निर्वाचन आयोग के पास चुनाव कराने के लिए करीब 60 दिन ही बचेंगे, क्योंकि 6 महीने की संवैधानिक समय-सीमा लागू होती है। तीन माह बाद सुनवाई, दतिया में तेज हुई सियासी हलचल तीन माह बाद की नई तारीख सामने आते ही दतिया में उपचुनाव की चर्चाएं फिर तेज हो गई हैं। दरअसल, 3 अप्रैल को दतिया विधानसभा सीट रिक्त हो चुकी है और 3 अक्टूबर को 6 माह की समय सीमा पूरी होगी। नियम के अनुसार इस अवधि में चुनाव कराना अनिवार्य है। जानकारों का मानना है कि अभी सुनवाई की तारीख और आगे बढ़ सकती है, क्योंकि अदालत ने सजा पर कोई स्टे नहीं दिया है। कोर्ट ने कहा- मामला लंबित रहने तक जमानत जारी रहेगी एफडी में गड़बड़ी के मामले में 2 अप्रैल को एमपी एमएलए कोर्ट ने भारती को 3 साल की सजा और एक लाख रुपए जुर्माने का आदेश दिया था। इसके खिलाफ उन्होंने दिल्ली हाई कोर्ट में अपील की है। भारती के बेटे अनुज के अनुसार, भारती की ओर से मामले की सुनवाई सीनियर एडवोकेट माधव खुराना ने की। दिल्ली हाई कोर्ट ने कहा कि मामला लंबित रहने तक भारती की जमानत जारी रहेगी। वहीं, सजा पर स्टे की मांग पर अब 29 जुलाई को सुनवाई होगी।







