Thursday, 22 Oct 2026 | 07:46 AM

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‘ठीक से काम नहीं कर रही ईवीएम’, बंगाल में वोट के बीच बीजेपी का आरोप

'ठीक से काम नहीं कर रही ईवीएम', बंगाल में वोट के बीच बीजेपी का आरोप

पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 के दूसरे चरण के लिए 29 अप्रैल यानि आज मतदान है। वोटिंग को लेकर अजीबो-गरीब उत्साह देखने को मिल रहा है। सुबह-सवेरे ही कई वोटिंग टिकट पर लंबी कतारें लग गईं। पानीहाटी से बीजेपी उम्मीदवार रत्ना देबनाथ (आरजी कर रेप-हत्या की मां) ने अपना वोट डाला। रत्ना देबनाथ ने कहा, ‘हम जीतेंगे, हमें न्याय मिलेगा। लोग हमें वोट देंगे।’ ईवीएम को लेकर शिकायत उन्होंने ईवीएम के बारे में जवाब देते हुए एक याचिका दायर की है। उन्होंने कहा कि वोटिंग मशीन के बटन में कोई दिक्कत है, वह धीरे-धीरे चल रही है। न्यूज एजेंसी एएनआई के मुताबिक, देबनाथ ने कहा कि ‘उन्हें लगता है कि नोटबुक के बटन में कुछ दिक्कत है। इसमें समय लग रहा है, मैं अधिकारी को सूचित कर रहा हूं।’ पानीहाटी से बीजेपी ने बनाया गद्दा कोलकाता के आरजी कर हॉस्पिटल में रेप के बाद जिस महिला डॉक्टर की हत्या कर दी गई थी, उनकी मां ने बीजेपी ने पानीहाटी सीट से सीट बनाई है। नामांकन के समय उनके साथ भाजपा नेता स्मृति ईरानी और पार्टी के अन्य बड़े नेता भी मौजूद थे। नामांकन के बाद उन्होंने कहा कि उनका एकमात्र लक्ष्य बंगाल में तीन कांग्रेस के शासन को उखाड़ फेंकना है, जिससे राज्य में महिलाओं की सुरक्षा सुनिश्चित हो और आरजी कर केस की कहानियों को फिर से स्थापित किया जा सके। पश्चिम बंगाल चुनाव 2026 | पानीहाटी: आरजी कर मेडिकल कॉलेज के कलाकार और कलाकार की मां और पानीहाटी सीट से बीजेपी उम्मीदवार रत्ना देबनाथ ने कहा, “हम जीतेंगे, हमें न्याय मिलेगा। लोग हमें वोट देंगे।” https://t.co/ADeUwuvnwS pic.twitter.com/lJ5jp76nEW – ANI_हिन्दीन्यूज़ (@Aहिन्दीन्यूज़) 29 अप्रैल 2026 वोटिंग को लेकर वोटर्स में उत्साह पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 के दूसरे चरण के मतदान में रविवार को टोकियो में जबरदस्त उत्साह देखने को मिल रहा है। सुबह-सवेरे ही कई वोटिंग टिकट पर लंबी कतारें लग गईं। महिलाएं भी मतदान में बढ़-चढ़कर भाग ले रही हैं। उत्तर 24 परगना जिले के एक मतदान केंद्र पर बड़ी संख्या में महिलाएं मतदान के लिए लाइन में खड़ी नजर आईं। चुनाव शुरू होने से पहले 142 विधानसभा के विभिन्न मतदान प्रस्ताव मॉक पोल पर भी चले गए, जिससे मतदान प्रक्रिया ठीक से चल सके। यह भी पढ़ें- पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव: पिछली बार सीएम ममता बनर्जी ने नंदीग्राम में किसको हराया था, अब भवानीपुर में दे रहे हैं उन्हें टक्कर, जानें क्यों हैं ये सीट 4 मई को नतीजे आएंगे इससे पहले 23 अप्रैल को पहले चरण में 152 क्वार्टर का पूरा भुगतान किया गया था। पहले चरण में बंगाल में 93.2 प्रतिशत की भारी वोटिंग हुई है, जो एक नया रिकॉर्ड है। इस भारी मतदान के बाद टीएमसी और बीजेपी दोनों ही अपनी-अपनी जीत के बड़े दावे कर रही हैं। दूसरे चरण की वोटिंग बुधवार को जारी है। दूसरे चरण की और प्रमुख हस्तियों के होने के बाद 4 मई को वोटों की गिनती की जाएगी, चुनाव के नतीजे घोषित कर दिए जाएंगे। 1448 फ़्रॉब्स्ट की किस्मत का निर्णय दूसरे चरण में 3.21 करोड़ से अधिक कलाकार 1448 की किस्मत का फैसला होगा। निर्वाचन आयोग के अनुसार, 142 पदों पर कुल 3,21,73,837 पंजीकृत पदधारी हैं। इनमें 1,64,35,627 पुरुष, 1,57,37,418 महिलाएं और 792 श्रद्धेय जेंडर शामिल हैं। यह भी पढ़ें – पहले चरण में रिकॉर्ड वोटों के बाद 1448 रिकॉर्ड्स पर किस्मत, 142 पर 142 वोटों का फैसला शामिल होगा (टैग्सटूट्रांसलेट)बीजेपी(टी)बंगाल चुनाव 2026(टी)चुनाव 2026(टी)टीएमसी(टी)पश्चिम बंगाल चुनाव 2026(टी)पश्चिम बंगाल चुनाव 2026 चरण 2(टी)पश्चिम बंगाल चुनाव 2026 अपडेट(टी)पश्चिम बंगाल चुनाव तिथि 2026(टी)पश्चिम बंगाल 2026 चुनाव(टी)पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026(टी)बंगाल चुनाव 2026(टी)बंगाल दूसरे चरण की वोटिंग(टी)पानीहाटी बीजेपी हंगामा

छिंदवाड़ा सांसद का जन्मदिन:आंगनवाड़ी को 100 पंखे, विकासखंडों के लिए 50 पानी टैंकर; रक्तदान शिविर भी लगेगा

छिंदवाड़ा सांसद का जन्मदिन:आंगनवाड़ी को 100 पंखे, विकासखंडों के लिए 50 पानी टैंकर; रक्तदान शिविर भी लगेगा

छिंदवाड़ा सांसद विवेक बंटी साहू के जन्मदिन पर बुधवार दोपहर 12 बजे सांसद कार्यालय के सामने विशेष कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा। भीषण गर्मी और जल संकट से राहत के लिए आंगनवाड़ी केंद्रों को 100 पंखे और विभिन्न विकासखंडों को 50 पानी के टैंकर बांटे जाएंगे। साथ ही युवा मोर्चा द्वारा रक्तदान शिविर लगाया जाएगा। देर रात कार्यकर्ताओं ने निवास पर की आतिशबाजी इससे पहले मंगलवार देर रात सांसद विवेक बंटी साहू के निवास के बाहर सैकड़ों कार्यकर्ताओं की भीड़ उमड़ पड़ी। कार्यकर्ताओं ने आतिशबाजी कर उन्हें जन्मदिन की बधाई दी। इस दौरान भाजपा के कई वरिष्ठ नेता और पदाधिकारी मौजूद रहे। इनमें मंडल अध्यक्ष समेत परासिया के नेता रिक्की खंडूजा, अरविंद राजपूत, सौरभ ठाकुर और नरेंद्र जैन शामिल रहे। 12 बजे से शुरू होगा पंखे और टैंकरों का वितरण गर्मी के बढ़ते असर को देखते हुए सांसद कार्यालय के सामने दोपहर 12 बजे से मुख्य कार्यक्रम शुरू होगा। इसके लिए मंगलवार देर रात तक तैयारियां चलती रहीं। कार्यक्रम में आंगनवाड़ी केंद्रों के लिए 100 पंखों का वितरण किया जाएगा। इसके साथ ही जल संकट से निपटने के लिए जिले के विभिन्न विकासखंडों को 50 पानी के टैंकर भी उपलब्ध कराए जाएंगे। इस आयोजन में आसपास के जिलों के जनप्रतिनिधि भी शामिल होंगे। युवा मोर्चा लगाएगा रक्तदान शिविर मुख्य कार्यक्रम के दौरान युवा मोर्चा की ओर से रक्तदान शिविर का भी आयोजन किया जाएगा। शिविर में 100 यूनिट रक्त एकत्र करने का लक्ष्य रखा गया है। इस आयोजन में शहर के विभिन्न सामाजिक संगठनों और बड़ी संख्या में स्थानीय लोगों के शामिल होने की संभावना है।

पाकिस्तान में गुब्बारों में गैस भरकर खाना बना रहे लोग:LPG-तेल की किल्लत की वजह से लोग मजबूर, एक्सपर्ट बोले- ये चलता-फिरता बम जैसा

पाकिस्तान में गुब्बारों में गैस भरकर खाना बना रहे लोग:LPG-तेल की किल्लत की वजह से लोग मजबूर, एक्सपर्ट बोले- ये चलता-फिरता बम जैसा

पाकिस्तान के कराची शहर में गैस की भारी कमी के कारण लोग अब प्लास्टिक के गुब्बारों में गैस भरकर खाना बनाने को मजबूर हो गए हैं। ARY न्यूज की रिपोर्ट के मुताबिक, लंबे समय से गैस लोड शेडिंग और कम प्रेशर की वजह से लोगों की रोजमर्रा की जिंदगी प्रभावित हो रही है। यह खतरनाक तरीका खास तौर पर कराची के ओरंगी टाउन इलाके में देखा गया है, जिसमें मोमिनाबाद भी शामिल है। वहां के लोगों का कहना है कि अनियमित गैस सप्लाई के कारण उनके पास कोई दूसरा विकल्प नहीं बचा है। रिपोर्ट के मुताबिक, लोग खास तरह के प्लास्टिक के गुब्बारों में गैस भरते हैं। जब थोड़ी देर के लिए गैस सप्लाई आती है, तब इन गुब्बारों को भर लिया जाता है और बाद में दिन भर इन्हीं का इस्तेमाल करके खाना बनाया जाता है। ये गुब्बारे स्थानीय बाजार में भी करीब 1000 से 1500 रुपये में मिल रहे हैं। ईरान जंग की वजह से संकट बढ़ा एक्सपर्ट्स ने इस तरीके को बेहद खतरनाक बताया है। सेफ्टी एनालिस्ट्स का कहना है कि प्लास्टिक के गुब्बारों में गैस भरना ‘मोबाइल बम’ जैसा है, क्योंकि हल्की सी घर्षण, गर्मी या चिंगारी भी बड़ा विस्फोट करा सकती है। घरों के अंदर ऐसे गैस से भरे गुब्बारे रखना आग लगने के खतरे को बढ़ाता है, खासकर घनी आबादी वाले इलाकों में इसके गंभीर परिणाम हो सकते हैं। यह स्थिति ऐसे समय में सामने आई है जब वैश्विक स्तर पर ऊर्जा सप्लाई पर दबाव बढ़ा हुआ है। अमेरिका और ईरान के बीच चल रहे तनाव के कारण ऊर्जा सप्लाई चेन प्रभावित हुई है, जिसमें होर्मुज स्ट्रेट जैसे अहम रास्तों पर भी असर पड़ा है। कराची में कई सालों से गैस की कमी, कम दबाव और लंबी कटौती की समस्या चलती रही है। सर्दियों में तो हालत और खराब हो जाती है, क्योंकि उस समय मांग बढ़ जाती है और सप्लाई उतनी नहीं होती। इसी वजह से पहले भी लोग अलग-अलग जुगाड़ करते रहे हैं। गैस रखने के लिए नहीं बने प्लास्टिक के गुब्बारे घरेलू गैस (मीथेन/एलपीजी) बेहद ज्वलनशील होती है। अगर थोड़ी भी गैस लीक हो जाए और पास में चिंगारी, माचिस या बिजली का स्पार्क आ जाए, तो तुरंत आग या विस्फोट हो सकता है। इसी वजह से एक्सपर्ट्स इसे ‘चलता-फिरता बम’ कहते हैं। असल में प्लास्टिक के गुब्बारे गैस रखने के लिए बने ही नहीं होते, ये बहुत कमजोर होते हैं इसलिए उनमें भरी गैस बहुत जल्दी लीक हो सकती है। अगर हल्का सा दबाव पड़े, कहीं रगड़ लगे या ज्यादा गर्मी हो जाए, तो गुब्बारा फट सकता है। फटते ही गैस तेजी से बाहर निकलेगी और तुरंत आग पकड़ सकती है।

छतरपुर में मृत शिक्षक के नाम जनगणना ड्यूटी:दो साल पहले निधन, रिकॉर्ड अपडेट नहीं; अधिकारी चुप

छतरपुर में मृत शिक्षक के नाम जनगणना ड्यूटी:दो साल पहले निधन, रिकॉर्ड अपडेट नहीं; अधिकारी चुप

छतरपुर जिले के बड़ामलहरा अनुभाग के घुवारा क्षेत्र से प्रशासनिक लापरवाही का एक मामला सामने आया है। यहां जनगणना कार्य के लिए जारी की गई सूची में एक ऐसे शिक्षक का नाम शामिल कर ड्यूटी लगा दी गई, जिनका निधन लगभग दो साल पहले हो चुका है। इस घटना ने विभागीय कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। माध्यमिक शिक्षक हरिश्चंद्र जैन का निधन 15 अप्रैल 2023 को हो गया था। इसके बावजूद, हाल ही में मकान सूचीकरण और जनगणना प्रशिक्षण के लिए जारी की गई सूची में उनका नाम शामिल कर उन्हें जिम्मेदारी सौंप दी गई। संबंधित विभाग को इस बात की जानकारी नहीं थी कि शिक्षक अब जीवित नहीं हैं। यह मामला स्पष्ट रूप से दर्शाता है कि विभागीय रिकॉर्ड समय पर अपडेट नहीं किए जा रहे हैं। किसी मृत कर्मचारी के नाम पर ड्यूटी लगना न केवल गंभीर लापरवाही है, बल्कि प्रशासनिक व्यवस्था की बड़ी खामी को भी उजागर करता है। स्थानीय स्तर पर इस चूक को लेकर लोगों में नाराजगी है। इस मामले में जब जिम्मेदार अधिकारियों से प्रतिक्रिया लेने का प्रयास किया गया, तो बड़ामलहरा के एसडीएम अखिल राठौर और तहसीलदार आदित्य सोनकिया ने कोई स्पष्ट जवाब नहीं दिया। आरोप है कि दोनों अधिकारियों ने मामले से पल्ला झाड़ लिया। घटना सामने आने के बाद शिक्षक संगठनों और स्थानीय निवासियों ने नाराजगी व्यक्त की है। उनका कहना है कि यह केवल एक गलती नहीं, बल्कि पूरी प्रणाली की लापरवाही का उदाहरण है। उन्होंने मांग की है कि इस मामले की जांच कर दोषी कर्मचारियों पर सख्त कार्रवाई की जाए और भविष्य में ऐसी चूक न हो, इसके लिए रिकॉर्ड अपडेट की प्रक्रिया को दुरुस्त किया जाए।

पाकिस्तान में गुब्बारों में गैस भरकर खाना बना रहे लोग:LPG-तेल की किल्लत की वजह से लोग मजबूर, एक्सपर्ट बोले- ये चलता-फिरता बम जैसा

पाकिस्तान में गुब्बारों में गैस भरकर खाना बना रहे लोग:LPG-तेल की किल्लत की वजह से लोग मजबूर, एक्सपर्ट बोले- ये चलता-फिरता बम जैसा

पाकिस्तान के कराची शहर में गैस की भारी कमी के कारण लोग अब प्लास्टिक के गुब्बारों में गैस भरकर खाना बनाने को मजबूर हो गए हैं। ARY न्यूज की रिपोर्ट के मुताबिक, लंबे समय से गैस लोड शेडिंग और कम प्रेशर की वजह से लोगों की रोजमर्रा की जिंदगी प्रभावित हो रही है। यह खतरनाक तरीका खास तौर पर कराची के ओरंगी टाउन इलाके में देखा गया है, जिसमें मोमिनाबाद भी शामिल है। वहां के लोगों का कहना है कि अनियमित गैस सप्लाई के कारण उनके पास कोई दूसरा विकल्प नहीं बचा है। रिपोर्ट के मुताबिक, लोग खास तरह के प्लास्टिक के गुब्बारों में गैस भरते हैं। जब थोड़ी देर के लिए गैस सप्लाई आती है, तब इन गुब्बारों को भर लिया जाता है और बाद में दिन भर इन्हीं का इस्तेमाल करके खाना बनाया जाता है। ये गुब्बारे स्थानीय बाजार में भी करीब 1000 से 1500 रुपये में मिल रहे हैं। ईरान जंग की वजह से संकट बढ़ा एक्सपर्ट्स ने इस तरीके को बेहद खतरनाक बताया है। सेफ्टी एनालिस्ट्स का कहना है कि प्लास्टिक के गुब्बारों में गैस भरना ‘मोबाइल बम’ जैसा है, क्योंकि हल्की सी घर्षण, गर्मी या चिंगारी भी बड़ा विस्फोट करा सकती है। घरों के अंदर ऐसे गैस से भरे गुब्बारे रखना आग लगने के खतरे को बढ़ाता है, खासकर घनी आबादी वाले इलाकों में इसके गंभीर परिणाम हो सकते हैं। यह स्थिति ऐसे समय में सामने आई है जब वैश्विक स्तर पर ऊर्जा सप्लाई पर दबाव बढ़ा हुआ है। अमेरिका और ईरान के बीच चल रहे तनाव के कारण ऊर्जा सप्लाई चेन प्रभावित हुई है, जिसमें होर्मुज स्ट्रेट जैसे अहम रास्तों पर भी असर पड़ा है। कराची में कई सालों से गैस की कमी, कम दबाव और लंबी कटौती की समस्या चलती रही है। सर्दियों में तो हालत और खराब हो जाती है, क्योंकि उस समय मांग बढ़ जाती है और सप्लाई उतनी नहीं होती। इसी वजह से पहले भी लोग अलग-अलग जुगाड़ करते रहे हैं। गैस रखने के लिए नहीं बने प्लास्टिक के गुब्बारे घरेलू गैस (मीथेन/एलपीजी) बेहद ज्वलनशील होती है। अगर थोड़ी भी गैस लीक हो जाए और पास में चिंगारी, माचिस या बिजली का स्पार्क आ जाए, तो तुरंत आग या विस्फोट हो सकता है। इसी वजह से एक्सपर्ट्स इसे ‘चलता-फिरता बम’ कहते हैं। असल में प्लास्टिक के गुब्बारे गैस रखने के लिए बने ही नहीं होते, ये बहुत कमजोर होते हैं इसलिए उनमें भरी गैस बहुत जल्दी लीक हो सकती है। अगर हल्का सा दबाव पड़े, कहीं रगड़ लगे या ज्यादा गर्मी हो जाए, तो गुब्बारा फट सकता है। फटते ही गैस तेजी से बाहर निकलेगी और तुरंत आग पकड़ सकती है।

राजस्थान के कप्तान रियान पराग ई-सिगरेट पीते दिखे:मैच के दौरान ड्रेसिंग रूम का वीडियो वायरल; ई-सिगरेट बैन, BCCI कार्रवाई कर सकता है

राजस्थान के कप्तान रियान पराग ई-सिगरेट पीते दिखे:मैच के दौरान ड्रेसिंग रूम का वीडियो वायरल; ई-सिगरेट बैन, BCCI कार्रवाई कर सकता है

PL 2026 में राजस्थान रॉयल्स (RR) के कप्तान रियान पराग विवाद में फंस गए हैं। पंजाब किंग्स के खिलाफ मंगलवार के मैच में वह ड्रेसिंग रूम में ‘ई सिगरेट पीते कैमरे में कैद हुए। लाइव ब्रॉडकास्ट की यह क्लिप सोशल मीडिया पर वायरल हो रही है। वीडियो राजस्थान की बल्लेबाजी के 16वें ओवर का है। इसमें पराग ध्रुव जुरेल और यशस्वी जायसवाल की मौजूदगी में कथित तौर पर ई-सिगरेट पीते दिख रहे हैं। What is this Riyan Parag !!!!Vaping on screen. Young fans watch everything our players do. Talent is unquestionable, but responsibility off the field matters just as much.#Cricket #RoleModel#RajasthanRoyals#HallaBol#RoyalsFamily#RR#IPL#PinkArmy#Royals pic.twitter.com/wWrMR4qJv3— Dinesh Marothi (@dkmarothi) April 28, 2026 भारत में 2019 से ई-सिगरेट पूरी तरह बैन है, उल्लंघन पर जेल और जुर्माने का प्रावधान है रियान पराग का यह कृत्य गंभीर माना जा रहा है। भारत सरकार ने ‘ई-सिगरेट निषेध अधिनियम (PECA) 2019’ के तहत वेप्स और ई-सिगरेट के उत्पादन, बिक्री, आयात और विज्ञापन पर प्रतिबंध लगा रखा है। उल्लंघन पर जुर्माने के साथ जेल की सजा का प्रावधान है। ऐसे में एलीट एथलीट और टीम कप्तान द्वारा सार्वजनिक मंच पर इसका इस्तेमाल कानून और खेल की मर्यादा का उल्लंघन माना जा रहा है। BCCI सचिव से जवाब मांगा गया, सख्त कार्रवाई की उम्मीद इस मामले पर BCCI के सचिव देवजीत सैकिया से प्रतिक्रिया मांगी गई है। माना जा रहा है कि बोर्ड इसे गंभीरता से लेगा। एथलीट के लिए वेपिंग स्वास्थ्य के लिहाज से खतरनाक है। यह सुरक्षा मानकों का उल्लंघन भी है, क्योंकि इसके तत्वों की स्पष्ट जानकारी नहीं होती। देश में यह प्रतिबंधित है और एलीट एथलीटों के लिए इसके सुरक्षा मानक तय नहीं हैं। BCCI इस मामले में कप्तान और फ्रेंचाइजी से जवाब तलब कर सकता है। राजस्थान रॉयल्स के साथ इस सीजन का दूसरा विवाद राजस्थान रॉयल्स इस आईपीएल सीजन में दूसरी बार प्रोटोकॉल उल्लंघन को लेकर चर्चा में है। इससे पहले टीम के मैनेजर रोमी भिंडर डगआउट में मोबाइल इस्तेमाल करते पकड़े गए थे, जो पीएमओए (PMOA) प्रोटोकॉल का उल्लंघन था। उस मामले में बीसीसीआई ने जांच के बाद मैनेजर पर जुर्माना लगाया था और चेतावनी दी थी। अब कप्तान का वीडियो सामने आने के बाद टीम की मुश्किलें बढ़ सकती हैं। खिलाड़ियों की फिटनेस और युवाओं पर असर की चिंता रियान पराग युवा पीढ़ी के रोल मॉडल माने जाते हैं। विशेषज्ञों के मुताबिक, वेपिंग स्वास्थ्य के लिए हानिकारक है। इससे खिलाड़ियों की फेफड़ों की क्षमता (Lung Capacity) पर बुरा असर पड़ता है। भारत में वेपिंग गैर-कानूनी है, इसलिए बीसीसीआई और आईपीएल गवर्निंग काउंसिल इस पर ‘जीरो टॉलरेंस’ नीति अपना सकती है। जांच में दोष सिद्ध होने पर पराग पर मैच बैन या जुर्माना लगाया जा सकता है।

राजस्थान के कप्तान रियान पराग ई-सिगरेट पीते दिखे:ड्रेसिंग रूम का वीडियो वायरल; देश् में -सिगरेट बैन, BCCI कार्रवाई कर सकता है

राजस्थान के कप्तान रियान पराग ई-सिगरेट पीते दिखे:मैच के दौरान ड्रेसिंग रूम का वीडियो वायरल; ई-सिगरेट बैन, BCCI कार्रवाई कर सकता है

PL 2026 में राजस्थान रॉयल्स (RR) के कप्तान रियान पराग विवाद में फंस गए हैं। पंजाब किंग्स के खिलाफ मंगलवार के मैच में वह ड्रेसिंग रूम में ‘ई सिगरेट पीते कैमरे में कैद हुए। लाइव ब्रॉडकास्ट की यह क्लिप सोशल मीडिया पर वायरल हो रही है। वीडियो राजस्थान की बल्लेबाजी के 16वें ओवर का है। इसमें पराग ध्रुव जुरेल और यशस्वी जायसवाल की मौजूदगी में कथित तौर पर ई-सिगरेट पीते दिख रहे हैं। भारत में 2019 से ई-सिगरेट पूरी तरह बैन है, उल्लंघन पर जेल और जुर्माने का प्रावधान है रियान पराग का यह कृत्य गंभीर माना जा रहा है। भारत सरकार ने ‘ई-सिगरेट निषेध अधिनियम (PECA) 2019’ के तहत वेप्स और ई-सिगरेट के उत्पादन, बिक्री, आयात और विज्ञापन पर प्रतिबंध लगा रखा है। उल्लंघन पर जुर्माने के साथ जेल की सजा का प्रावधान है। ऐसे में एलीट एथलीट और टीम कप्तान द्वारा सार्वजनिक मंच पर इसका इस्तेमाल कानून और खेल की मर्यादा का उल्लंघन माना जा रहा है। BCCI सचिव से जवाब मांगा गया, सख्त कार्रवाई की उम्मीद इस मामले पर BCCI के सचिव देवजीत सैकिया से प्रतिक्रिया मांगी गई है। माना जा रहा है कि बोर्ड इसे गंभीरता से लेगा। एथलीट के लिए वेपिंग (ई सिगरेट) स्वास्थ्य के लिहाज से खतरनाक है। यह सुरक्षा मानकों का उल्लंघन भी है, क्योंकि इसके तत्वों की स्पष्ट जानकारी नहीं होती। देश में यह प्रतिबंधित है और एलीट एथलीटों के लिए इसके सुरक्षा मानक तय नहीं हैं। BCCI इस मामले में कप्तान और फ्रेंचाइजी से जवाब तलब कर सकता है। राजस्थान रॉयल्स के साथ इस सीजन का दूसरा विवाद राजस्थान रॉयल्स इस आईपीएल सीजन में दूसरी बार प्रोटोकॉल उल्लंघन को लेकर चर्चा में है। इससे पहले टीम के मैनेजर रोमी भिंडर डगआउट में मोबाइल इस्तेमाल करते पकड़े गए थे, जो पीएमओए (PMOA) प्रोटोकॉल का उल्लंघन था। उस मामले में बीसीसीआई ने जांच के बाद मैनेजर पर जुर्माना लगाया था और चेतावनी दी थी। अब कप्तान का वीडियो सामने आने के बाद टीम की मुश्किलें बढ़ सकती हैं। खिलाड़ियों की फिटनेस और युवाओं पर असर की चिंता रियान पराग युवा पीढ़ी के रोल मॉडल माने जाते हैं। विशेषज्ञों के मुताबिक, वेपिंग स्वास्थ्य के लिए हानिकारक है। इससे खिलाड़ियों की फेफड़ों की क्षमता (Lung Capacity) पर बुरा असर पड़ता है। भारत में वेपिंग गैर-कानूनी है, इसलिए बीसीसीआई और आईपीएल गवर्निंग काउंसिल इस पर ‘जीरो टॉलरेंस’ नीति अपना सकती है। जांच में दोष सिद्ध होने पर पराग पर मैच बैन या जुर्माना लगाया जा सकता है। ———————————- स्पोर्ट्स की यह खबर भी पढ़ें… पंजाब 200+ रन डिफेंड करते हुए सबसे ज्यादा बार हारा:राजस्थान का IPL में तीसरा सबसे बड़ा रनचेज; फरेरा का 105 मीटर लंबा सिक्स राजस्थान रॉयल्स ने IPL 2026 के 40वें मैच में पंजाब किंग्स को 6 विकेट से हरा दिया। इस हार के साथ पंजाब IPL में 200+ रन डिफेंड करते हुए सबसे ज्यादा बार हारने वाली टीम बन गई। राजस्थान ने अपना तीसरा सबसे बड़ा रनचेज किया। डोनोवन फरेरा ने 105 मीटर लंबा सिक्स लगाया। पूरी खबर

कुपोषण से बच्ची की मौत का मामला, आंगनबाड़ी कार्यकर्ता बर्खास्त:निगरानी में चूक पर दो सुपरवाइजर का इंक्रीमेंट दो साल तक रुका

कुपोषण से बच्ची की मौत का मामला, आंगनबाड़ी कार्यकर्ता बर्खास्त:निगरानी में चूक पर दो सुपरवाइजर का इंक्रीमेंट दो साल तक रुका

सतना जिले के मझगवां ब्लॉक के सुरांगी गांव में 4 माह की बच्ची सूर्यांशी उर्फ प्रियांशी प्रजापति की कुपोषण से मौत के मामले में प्रशासन ने कार्रवाई करते हुए आंगनबाड़ी कार्यकर्ता को बर्खास्त किया और दो सुपरवाइजरों की वेतन वृद्धि रोक दी, जहां जांच में लापरवाही सामने आई। बच्ची की हालत गंभीर, समय पर नहीं मिला इलाज जानकारी के अनुसार, सुरांगी गांव की 4 माह की बच्ची सूर्यांशी उर्फ प्रियांशी प्रजापति लंबे समय से गंभीर कुपोषण से पीड़ित थी। उसकी तबीयत लगातार खराब बनी हुई थी, लेकिन इसके बावजूद उसे समय पर पोषण पुनर्वास केंद्र (एनआरसी) में भर्ती नहीं कराया गया। बुखार आने पर अस्पताल ले जाया गया जब बच्ची को बुखार आया तो परिजन उसे उसके जुड़वा भाई के साथ मझगवां के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र लेकर पहुंचे। यहां प्राथमिक जांच के बाद डॉक्टरों ने हालत गंभीर देखते हुए दोनों बच्चों को जिला अस्पताल रेफर कर दिया। जिला अस्पताल में सूर्यांशी को पीआईसीयू में भर्ती कर इलाज शुरू किया गया, लेकिन उसकी स्थिति में सुधार नहीं हुआ। हालत और बिगड़ने पर डॉक्टरों ने उसे बेहतर इलाज के लिए रीवा मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया। रास्ते में एम्बुलेंस में तोड़ा दम रीवा ले जाते समय बच्ची की हालत और खराब हो गई और उसने रास्ते में ही एम्बुलेंस में दम तोड़ दिया। इस घटना के बाद पूरे मामले में लापरवाही को लेकर सवाल उठने लगे। प्रशासन द्वारा कराई गई जांच में सामने आया कि आंगनबाड़ी कार्यकर्ता स्तर पर गंभीर लापरवाही बरती गई। बच्ची की नियमित निगरानी नहीं की गई और उसकी स्थिति को गंभीरता से नहीं लिया गया। एनआरसी रेफर नहीं करने पर जिम्मेदारी तय जांच रिपोर्ट में यह भी सामने आया कि बच्ची अति गंभीर कुपोषण की श्रेणी में थी, फिर भी उसे समय पर एनआरसी रेफर नहीं किया गया। इसके साथ ही परिजनों को सही सलाह और इलाज के लिए मार्गदर्शन भी नहीं दिया गया। रिपोर्ट में यह भी उल्लेख किया गया कि बच्ची के नियमित टीकाकरण में भी लापरवाही सामने आई है, जिससे उसकी स्थिति और बिगड़ने की आशंका बढ़ गई थी। आंगनबाड़ी कार्यकर्ता को किया गया बर्खास्त इन सभी गंभीर लापरवाहियों को देखते हुए कलेक्टर डॉ. सतीश कुमार एस ने आंगनबाड़ी कार्यकर्ता पूजा पाण्डेय को जिम्मेदार मानते हुए तत्काल प्रभाव से सेवा से बर्खास्त कर दिया। जांच में केवल आंगनबाड़ी स्तर ही नहीं, बल्कि पर्यवेक्षण स्तर पर भी कमी पाई गई। संबंधित सुपरवाइजर दीपक विश्वकर्मा और करुणा पाण्डेय नियमित गृहभेंट और निगरानी करने में विफल रहे। जोखिम वाले बच्चों की पहचान में चूक दोनों सुपरवाइजर समय पर जोखिम वाले बच्चों की पहचान नहीं कर पाए और न ही उनका फॉलोअप किया। इसके साथ ही स्वास्थ्य प्रबंधन और काउंसलिंग में भी लापरवाही सामने आई। कलेक्टर के आदेश के अनुसार, परियोजना चित्रकूट-1 में पदस्थ इन दोनों सुपरवाइजरों की दो वित्तीय वर्षों तक वार्षिक वेतन वृद्धि (इंक्रीमेंट) पर रोक लगा दी गई है। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि इस तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

मोदी ने यूपी के सबसे लंबे एक्सप्रेस-वे का उद्घाटन किया:हरिद्वार से भी जुड़ेगा; PM बोले- बंगाल जैसी बंपर वोटिंग दशकों में नहीं देखी

मोदी ने यूपी के सबसे लंबे एक्सप्रेस-वे का उद्घाटन किया:हरिद्वार से भी जुड़ेगा; PM बोले- बंगाल जैसी बंपर वोटिंग दशकों में नहीं देखी

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बुधवार को हरदोई से यूपी के सबसे लंबे गंगा एक्सप्रेस-वे का उद्घाटन किया। जनसभा को संबोधित करते हुए पीएम ने ऐलान किया कि एक्सप्रेस-वे को हरिद्वार से भी जोड़ेंगे। उन्होंने कहा कि महिला विरोधी सपा कभी सुधरने वाली नहीं है, इसलिए इनसे सावधान रहिए। इससे पहले, पीएम ने एक्सप्रेस-वे के किनारे पेड़ लगाया। सीएम योगी के साथ एक्सप्रेस-वे पर पैदल भी चले। 594 किलोमीटर लंबा यह एक्सप्रेस-वे मेरठ को प्रयागराज से जोड़ेगा। इससे मेरठ से प्रयागराज की दूरी सिर्फ 6 घंटे में पूरी होगी। अब तक 11-12 घंटे लगते थे। 12 जिलों से होकर गुजरने वाला यह एक्सप्रेस-वे कई मायनों में खास है। यहां पब्लिक कन्वीनियंस सेंटर बनाए गए हैं, जिनमें ठहरने की सुविधा, इलाज के लिए ट्रॉमा सेंटर और फूड कोर्ट शामिल हैं। सड़क पर रंबल स्ट्रिप (उभरी हुई पट्टियां) बनाई गई हैं। इन पर वाहन के टायर आते ही ड्राइवर को वाइब्रेशन महसूस होता है, जिससे हादसों की आशंका कम होगी। एक्सप्रेस-वे पर एयरफोर्स के फाइटर जेट्स की लैंडिंग के लिए शाहजहांपुर के जलालाबाद के पास 3.5 किमी लंबी एयरस्ट्रिप बनाई गई है। यह देश की पहली नाइट लैंडिंग एयरस्ट्रिप है। हर 75 किमी पर पेट्रोल पंप बनाए गए हैं, जिन्हें भारत पेट्रोलियम खुद संचालित कर रहा है। गंगा एक्सप्रेस-वे से पहले पूर्वांचल एक्सप्रेस-वे यूपी का सबसे लंबा एक्सप्रेस-वे था, जिसकी लंबाई 340 किमी है। यह प्रदेश का छठा एक्सप्रेस-वे है। एक्सप्रेस-वे 5 साल में बनकर तैयार हुआ है। इसे बनाने में करीब 37,350 करोड़ रुपए की लागत आई है। इस हिसाब से 1 किलोमीटर एक्सप्रेस-वे की लागत करीब 62 करोड़ 87 लाख रुपए पड़ती है। 18 दिसंबर, 2021 को मोदी ने शाहजहांपुर में एक्सप्रेस-वे का शिलान्यास किया था। तस्वीरें देखिए- गंगा एक्सप्रेस-वे के लोकार्पण से जुड़े अपडेट्स के लिए लाइव ब्लॉग से गुजर जाइए…

धीरेंद्र शास्त्री बोले-जिसे खुजली, कल दरबार आ जाए:श्याम मानव ने 10 लोगों के नाम बताने की दी चुनौती; कहा-बदले में 80 लाख का पुरस्कार देंगे

धीरेंद्र शास्त्री बोले-जिसे खुजली, कल दरबार आ जाए:श्याम मानव ने 10 लोगों के नाम बताने की दी चुनौती; कहा-बदले में 80 लाख का पुरस्कार देंगे

बागेश्वर बाबा की श्री राम कथा का आयोजन 26 अप्रैल से 30 अप्रैल तक महाराष्ट्र के नागपुर स्थित रेशम बाग में किया जा रहा है। इस बीच बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री और अंधश्रद्धा निर्मूलन समिति के श्याम मानव के बीच आस्था, अध्यात्म और विज्ञान को लेकर विवाद तेज हो गया है। श्याम मानव ने बाबा बागेश्वर को 80 लाख रुपए की खुली चुनौती दी है, जिसे बाबा ने स्वीकार कर लिया है। बाबा को 10 लोगों के सही नाम बताने की चुनौती दरअसल, श्याम मानव ने बाबा को 10 व्यक्तियों के नाम, उनके पिता का नाम, उम्र और मोबाइल नंबर सटीक बताने की चुनौती दी कहा है। साथ ही, उनकी ‘अतींद्रिय शक्ति’ की परीक्षा के लिए एक बंद कमरे में रखी 10 वस्तुओं की सही पहचान करनी होगी। इन दोनों परीक्षाओ में कम से कम 90 प्रतिशत सटीकता अनिवार्य रखी गई है और यह पूरी प्रक्रिया नागपुर में पत्रकारों की मौजूदगी में कराई जाएगी। समिति का कहना है कि यदि बाबा इस चुनौती को स्वीकार कर उसे सिद्ध करते हैं तो उन्हें 80 लाख रुपए दिए जाएंगे, लेकिन यदि वे ऐसा नहीं कर पाते तो यह माना जाएगा कि वे केवल लोगों की भावनाओं और अंधश्रद्धा का लाभ उठा रहे हैं। यह विवाद नया नहीं है। इससे पहले जनवरी 2023 में भी बाबा बागेश्वर के नागपुर आगमन पर श्याम मानव ने उन्हें 30 लाख रुपए की चुनौती दी थी। उस समय आरोप लगा था कि बाबा चुनौती मिलने के बाद दो दिन पहले ही कथा छोड़कर चले गए थे, हालांकि बाबा ने इस आरोप का खंडन किया था। बाबा बोले-जिसे खुजली है वह अगले दिन दरबार में आए मंगलवार को कथा के दौरान बाबा बागेश्वर ने चुनौती स्वीकार करते हुए कहा, “कोई भी ‘खुजली’ हो, कल दरबार लगना है, आ जाइए। हमारे पास जो विद्या होगी और जो शक्ति होगी, हम उसका प्रस्तुतिकरण करेंगे। हम जादूगर नहीं हैं। हमें जो ईश्वर प्रेरणा देगा, हम उसी के अनुसार लोगों का मार्गदर्शन करेंगे। वहीं, श्याम मानव का कहना है कि यदि बाबा 10 लोगों के नाम, उम्र और मोबाइल नंबर सटीक बता देते हैं, तो वे अपनी हार मान लेंगे। इस विवाद के कारण नागपुर का माहौल गरमाया हुआ है। एक ओर लाखों श्रद्धालु बाबा के समर्थन में उमड़ रहे हैं, वहीं दूसरी ओर कुछ संगठन बाबा के पुराने बयानों को लेकर प्रदर्शन भी कर रहे हैं। ये खबर भी पढ़े… धीरेंद्र शास्त्री बोले- 4 बच्चे पैदा करो, एक RSS को दो बागेश्वर धाम के पं. धीरेंद्र शास्त्री ने कहा- ‘आप चार बच्चे पैदा करो। उनमें से एक राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ को दे दो, ताकि वह दूसरों को बचाने के काम आए।’ उन्होंने ये बात नागपुर में विश्व के पहले ‘भारतदुर्गा मंदिर’ के शिलान्यास समारोह में शुक्रवार को कही। इस मौके पर राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के सरसंघचालक मोहन भागवत भी मौजूद थे। पढ़ें पूरी खबर