Thursday, 22 Oct 2026 | 04:49 PM

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मारुति का चौथी तिमाही में मुनाफा 6% घटा:रेवेन्यू 28% बढ़कर ₹52,462 करोड़, 3-महीने में 6.76 लाख कारें बेचीं; ₹140 डिविडेंड देगी

मारुति का चौथी तिमाही में मुनाफा 6% घटा:रेवेन्यू 28% बढ़कर ₹52,462 करोड़, 3-महीने में 6.76 लाख कारें बेचीं; ₹140 डिविडेंड देगी

ऑटोमोबाइल कंपनी मारुति सुजुकी इंडिया ने वित्त वर्ष 2025-26 की चौथी तिमाही में 52,946 करोड़ रुपए की कुल कमाई की। यह पिछले साल के मुकाबले 25% बढ़ी है। पिछले साल की समान तिमाही में कंपनी ने 42,431 करोड़ रुपए की कमाई की थी। इसी तिमाही में कंपनी ने 6.76 लाख कारें बेचीं। कुल कमाई में से सैलरी, टैक्स, कच्चे माल की कीमत जैसे खर्चे निकाल दें तो कंपनी के पास 3,659 करोड़ रुपए शुद्ध मुनाफे (नेट प्रॉफिट) के रूप में बचे। यह 2025 की जनवरी-मार्च तिमाही से 6.44% कम रहा है। पिछले साल कंपनी को 3,911 करोड़ रुपए का मुनाफा हुआ था। निवेशकों को ₹140 डिविडेंड देगी कंपनी इसके अलावा कंपनी ने अपने निवेशकों को 140 रुपए का डिविडेंड देना का भी ऐलान किया है। कंपनियां अपने मुनाफे का कुछ हिस्सा अपने शेयरधारकों के देती हैं, इसे डिविडेंड या लाभांश कहा जाता है। रेवेन्यू 28.20% बढ़कर ₹52,462 करोड़ रहा चौथी तिमाही में कंपनी को प्रोडक्ट और सर्विस बेचकर 52,462 करोड़ रुपए का राजस्व यानी रेवेन्यू हासिल हुआ। सालाना आधार पर यह 28.20% बढ़ा है। जनवरी-मार्च 2025 में कंपनी ने 40,920 करोड़ रुपए का रेवेन्यू जनरेट किया था। चौथी तिमाही में गाड़ियों की बिक्री 11.8% बढ़ी चौथी तिमाही में मारुति सुजुकी ने कुल 6,76,209 गाड़ियां बेचीं। घरेलू मार्केट में कंपनी की सेल इस दौरान सालाना आधार पर 3.7% बढ़ी, जबकि एक्सपोर्ट 61.3% ज्यादा रहा। इसके चलते कंपनी की सालाना आधार पर ओवरऑल सेल्स ग्रोथ 11.8% रही। डोमेस्टिक मार्केट में कंपनी ने 5,38,994 गाड़ियां बेचीं, जबकि 1,37,215 गाड़ियों को एक्सपोर्ट किया। यह कंपनी का ऑल-टाइम-हाई एक्सपोर्ट है। मारुति ने घरेलू मार्केट में 5.38 लाख गाड़ियां बेचीं सोर्स – BSE फाइलिंग मारुति ने Q4 में सबसे ज्यादा 2.47 लाख मिनी+कॉम्पैक्ट गाड़ियां बेचीं सोर्स – BSE फाइलिंग मारुति का शेयर एक साल में 9% चढ़ा चौथी तिमाही के नतीजों के बाद मारुति सुजुकी का शेयर आज 2.51% गिरकर 12,890 रुपए पर कारोबार कर रहा है। बीते 6 महीने में कंपनी का शेयर 21% गिरा है। वहीं, इस साल यानी 1 जनवरी से अब तक कंपनी का शेयर 23% गिरा है। वहीं बीते एक साल में कंपनी का शेयर 9% चढ़ा है। मारुति सुजुकी का मार्केट कैप 4.05 लाख करोड़ रुपए है। 1982 में बनी थी मारुति सुजुकी इंडिया मारुति सुजुकी की स्थापना 24 फरवरी 1981 को भारत सरकार के स्वामित्व में मारुति इंडस्ट्रीज लिमिटेड रूप में हुई थी। 1982 में कंपनी ने जापान की सुजुकी कॉर्पोरेशन के साथ मिलकर जॉइंट वेंचर ‘मारुति सुजुकी इंडिया लिमिटेड’ बनाई। भारतीयों के लिए पहली बजट कार 1983 में मारुति 800 लॉन्च हुई। 47,500 रुपए की एक्स शोरूम कीमत पर कंपनी ने देश के एक बड़े तबके को कार खरीदने के लिए सक्षम बनाया था। मारुति सुजुकी पिछले 40 साल में देश में 3 करोड़ से ज्यादा गाड़ियां बेच चुकी है।

पेंच टाइगर रिजर्व में जुगनी बाघिन का कूल अंदाज:4 शावकों के साथ पानी में मस्ती करती दिखी; पर्यटकों ने बनाया VIDEO

पेंच टाइगर रिजर्व में जुगनी बाघिन का कूल अंदाज:4 शावकों के साथ पानी में मस्ती करती दिखी; पर्यटकों ने बनाया VIDEO

सिवनी के पेंच टाइगर रिजर्व से खूबसूरत नजारा सामने आया है। यहां के खबासा बफर इलाके में मशहूर बाघिन ‘जुगनी’ अपने चार नन्हे शावकों के साथ पानी में अठखेलियां करती नजर आई। कड़ाके की गर्मी के बीच बाघिन और उसके बच्चों की यह मस्ती सैलानियों के लिए यादगार बन गई। वीडियो एक दिन पुराना है, जो मंगलवार को सामने आया है। जंगल सफारी पर निकले पर्यटकों ने इस खास पल को अपने कैमरों में कैद कर लिया। वीडियो में दिख रहा है कि जुगनी बाघिन अपने चारों बच्चों के साथ एक जल स्रोत में आराम कर रही है। नन्हे शावक कभी पानी में उछल-कूद कर रहे हैं, तो कभी अपनी मां के पास जाकर लाड जता रहे हैं। चिलचिलाती धूप से बचने के लिए बाघ परिवार का यह अंदाज लोगों को खूब लुभा रहा है। सोशल मीडिया पर वीडियो पोस्ट वीडियो अब सोशल मीडिया पर काफी पसंद किया जा रहा है। जानकारों का कहना है कि भीषण गर्मी के मौसम में एक बाघिन का अपने चार शावकों के साथ इस तरह खुलेआम पानी में दिखना बहुत कम होता है, इसलिए यह नजारा और भी खास हो जाता है। वन्यजीवों का घर है पेंच मध्य प्रदेश और महाराष्ट्र की सीमा पर फैला पेंच टाइगर रिजर्व अपनी खूबसूरती और बाघों के लिए पूरी दुनिया में जाना जाता है। यहां सिर्फ बाघ ही नहीं, बल्कि तेंदुआ, भालू, जंगली कुत्ते और कई तरह के हिरण भी देखने को मिलते हैं। जुगनी और उसके बच्चों के इस वीडियो ने एक बार फिर साबित कर दिया है कि पेंच का जंगल वन्यजीव प्रेमियों के लिए किसी जन्नत से कम नहीं है।

इंस्टेंट होम सर्विस’ ने पकड़ी रफ्तार:बर्तन मांजने, पोंछा लगाने, खाना पकाने की सर्विस अब नई रेस; 20 लाख बुकिंग, यूजर 1 करोड़ पार

इंस्टेंट होम सर्विस’ ने पकड़ी रफ्तार:बर्तन मांजने, पोंछा लगाने, खाना पकाने की सर्विस अब नई रेस; 20 लाख बुकिंग, यूजर 1 करोड़ पार

स्मार्टफोन पर एक टैप और 10 मिनट में घर पर हेल्पर- यह बस एक आइडिया नहीं रह गया, बल्कि लाखों भारतीयों की जीवनशैली का हिस्सा बनता जा रहा है। इंस्टेंट होम सर्विस एप्स मार्च में 1 करोड़ मासिक एक्टिव यूजर पार कर चुके हैं। इस रेस में पैसा भी उतनी ही तेजी से दौड़ रहा है। ग्लोबल फाइनेंशियल सर्विसेज कंपनी मॉर्गन स्टेनली की एक रिसर्च नोट के मुताबिक, अर्बन कंपनी, प्रोंटो और स्नैबिट के कुल मासिक एक्टिव यूजर (एमएयू) मार्च में 1.04 करोड़ हो गए। अर्बन कंपनी इनमें सबसे आगे है, लेकिन प्रतिस्पर्धा बढ़ रही है। नए खिलाड़ी इसकी बाजार हिस्सेदारी छीन रहे हैं। इन्हें ऊंचे वैल्युएशन पर तगड़ी फंडिंग भी मिल रही है। अर्बन कंपनी का इंस्टाहेल्प वर्टिकल हर महीने 10 लाख बुकिंग पार कर चुका है। प्रोंटो रोजाना करीब 18,000 ऑर्डर संभाल रहा है। नए प्लेटफॉर्म फ्रेश डिमांड का बड़ा हिस्सा खींच रहे अर्बन कंपनी का यूजर बेस में सबसे बड़ा है। लेकिन प्रोंटो मार्च में 43% एप डाउनलोड के साथ श्रेणी में नंबर एक रहा। अर्बन कंपनी का शेयर 31% और स्नैबिट का 26% रहा। यानी नए प्लेटफॉर्म फ्रेश डिमांड का बड़ा हिस्सा खींच रहे हैं। रोजाना और मासिक एक्टिव यूजेज में भी प्रोंटो और स्नैबिट का शेयर लगातार बढ़ रहा है। यह बताता है कि यूजर लॉयल्टी भी इनकी तरफ शिफ्ट हो रही है। वैल्युएशन दोगुनी, फंडिंग की होड़ प्रोंटो- यह प्लेटफॉर्म 141-188 करोड़ रुपए का एक्सटेंशन राउंड जुटाने की तैयारी में है। इसके लिए वैल्युएशन 1,883 करोड़ रुपए आंका गया है, जो पिछले राउंड का दोगुना है। स्नैबिट- मिराए एसेट और एसआईजी से 565-659 करोड़ रुपए जुटाने की बातचीत चल रही है। इसके लिए संभावित वैल्युएशन 3,295-3,766 करोड़ रुपए हो सकता है। इस साल मार्च तक घरेलू इंस्टेंट होम सर्विस इंडस्ट्री की स्थिति मंथली एक्टिव यूजर – 1.04 करोड़ मासिक बुकिंग – 20 लाख+ प्रोंटो डाउनलोड शेयर – 43% मार्च 2026 में स्नैबिट की फंड रेजिंग – ₹590 करोड़ (659 करोड़ पर बात) प्रोंटो की फंडिंग -₹235 करोड़, मार्च में बड़ा सवाल… ग्रोथ तो है, मुनाफा कब तक? इंस्टेंट होम सर्विस, क्विक कॉमर्स जैसी नहीं है। यहां प्रशिक्षित कामगारों की रियल-टाइम उपलब्धता जरूरी है। वर्कर ऑनबोर्डिंग, रिटेंशन, इंसेंटिव और कस्टमर एक्विजिशन पर कंपनियां काफी खर्च कर रही हैं। पड़ोस-स्तर पर घना नेटवर्क बनाने में वक्त और पैसे, दोनों लगते हैं। निवेशक अभी ग्रोथ के लिए खर्च उठा रहे हैं, लेकिन बाजार के मैच्योर होने पर यूनिट इकोनॉमिक्स की असली परीक्षा होगी।

टीटी नगर में शेड पर कब्जे को लेकर विवाद:शिकायत के बावजूद कार्रवाई नहीं होने का आरोप; पुलिस आयुक्त से लगाई गुहार

टीटी नगर में शेड पर कब्जे को लेकर विवाद:शिकायत के बावजूद कार्रवाई नहीं होने का आरोप; पुलिस आयुक्त से लगाई गुहार

भोपाल के टीटी नगर इलाके में एक शेड को लेकर विवाद सामने आया है। सुदामा नगर निवासी ओम प्रकाश कटियार ने आरोप लगाया है कि 18 मार्च 2026 को शेड का ताला तोड़कर उसमें रखा कीमती सामान और दस्तावेज निकाल लिए गए। उन्होंने कृष्णकांत राय और सपना राय पर यह आरोप लगाते हुए पुलिस में शिकायत की है। आवेदक ओम प्रकाश कटियार के मुताबिक, संबंधित शेड उनके द्वारा सालों पहले संघ कार्यालय के इस्तेमाल के लिए बनाया गया था, जहां घरेलू और कार्यालय से जुड़ा सामान रखा जाता था। उनका कहना है कि शेड की देखरेख उनके छोटे भाई करते थे। कटियार ने आरोप लगाया कि हाल ही में आवंटित आवास के पास स्थित इस शेड पर सपना राय और उनके बेटे कृष्णकांत राय ने दावा जताया और शेड खाली करने का दबाव बनाया। इसके बाद 18 मार्च 2026 को कथित रूप से शेड का ताला तोड़कर अंदर रखा सामान और दस्तावेज निकाल लिए गए। थाने में शिकायत के बाद भी कोई कार्रवाई नहीं पुलिस को दिए आवेदन में यह भी कहा गया है कि आरोपियों ने शेड को अपने मकान में मिलाते हुए दीवार और गेट में बदलाव कर लिया। ओम प्रकाश का दावा है कि इस संबंध में उन्होंने पहले भी थाने में शिकायत दी थी, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। पुलिस आयुक्त को आवेदन देकर जांच की मांग की कटियार ने पुलिस आयुक्त को दिए आवेदन में आरोप लगाया है कि शिकायत के बावजूद पुलिस ने उचित कार्रवाई नहीं की। उन्होंने मामले में जांच कर कार्रवाई की मांग की है।

सिंगरौली में दो सांपों का 'कॉम्बैट डांस':VIDEO सामने आया, विशेषज्ञ बोले- प्रजनन या शक्ति प्रदर्शन के दौरान ऐसा होता

सिंगरौली में दो सांपों का 'कॉम्बैट डांस':VIDEO सामने आया, विशेषज्ञ बोले- प्रजनन या शक्ति प्रदर्शन के दौरान ऐसा होता

सिंगरौली जिले के कसर गांव में मंगलवार को एक खेत में दो सांपों को आपस में लिपटकर अजीब हरकतें करते देखा गया। स्कूल के पास हुई इस घटना का वीडियो अब सोशल मीडिया पर खूब पोस्ट हो रहा है, जिसे देखकर गांव वाले हैरान भी हैं और डरे हुए भी। मंगलवार दोपहर गांव वालों ने बताया कि दोनों सांप काफी देर तक एक-दूसरे से लिपटे रहे। वे बार-बार जमीन पर गिरते और फिर फन उठाकर खड़े हो जाते। पास मौजूद वीरेंद्र पटेल ने बताया कि उन्होंने जिंदगी में पहली बार ऐसा नजारा देखा। शुरुआत में तो लगा कि वे लड़ रहे हैं, लेकिन उनकी हरकतें कुछ अलग ही थीं। गांव की महिलाओं और बच्चों में इस घटना को लेकर काफी डर है। विशेषज्ञ बोले- यह सांपों का डांस है वन्यजीव विशेषज्ञ डॉ. दीपेंद्र ने बताया कि यह कोई डरने वाली बात नहीं है, बल्कि एक प्राकृतिक प्रक्रिया है। गर्मियों के मौसम में सांप अक्सर प्रजनन के लिए या दो नर सांप अपनी ताकत दिखाने के लिए इस तरह लिपटे रहते हैं। इसे ‘कॉम्बैट डांस’ कहा जाता है। दूरी बनाए रखने की सलाह डॉक्टर ने लोगों को सलाह दी है कि ऐसा नजारा दिखने पर सांपों के करीब बिल्कुल न जाएं और न ही उन्हें परेशान करें। अगर उन्हें छेड़ा गया तो वे हमला कर सकते हैं। फिलहाल पूरे गांव में इन सांपों के डांस की ही चर्चा हो रही है।

दुनिया के आधे निवेशक एआई से ले रहे वित्तीय सलाह:सर्वे-14 से 45 साल के युवाओं को एआई टूल्स पर भरोसा

दुनिया के आधे निवेशक एआई से ले रहे वित्तीय सलाह:सर्वे-14 से 45 साल के युवाओं को एआई टूल्स पर भरोसा

बचत हो या निवेश- अब फैसला करने से पहले लोग बैंक या सलाहकार के बजाय एआई से मशविरा लेने लगे हैं। ग्लोबल प्रोफेशनल सर्विसेज कंपनी ईवाई के ताजा सर्वे में एक चौंकाने वाला ट्रेंड सामने आया है। दुनियाभर के करीब आधे लोग निवेश के फैसले एआई की मदद से कर रहे हैं। 23 देशों के 18,000 लोगों पर किए गए सर्वे की रिपोर्ट के मुताबिक, बीते छह महीनों में 49% उपभोक्ताओं ने बचत और निवेश से संबंधित निर्णय एआई की मदद से लिए। 37% ने कहा कि वे एआई को व्यक्तिगत वित्तीय सलाह या ऑटोमेटेड फैसलों के लिए काफी उपयोगी मानते हैं। ब्रिटेन में 35% लोगों ने बचत और निवेश संबंधी फैसले एआई की मदद से किए, खतरा भांप वित्तीय नियामक ने इस ट्रेंड की समीक्षा शुरू की 68% जेन जी, 65% मिलेनियल्स AI के भरोसे सबसे ज्यादा उत्साह जेन जी (14-29 साल) और मिलेनियल्स (30-45 साल) के बीच देखा गया। 68% जेन जी और 65% मिलेनियल्स निवेश के फैसले एआई की मदद से करते हैं। ब्रिटेन में 35% लोगों ने बचत और निवेश संबंधी फैसले एआई की मदद से किए। वहां चैटजीपीट सबसे लोकप्रिय टूल बना। गूगल जेमिनाई इस मामले में दूसरे नंबर पर रहा। एआई इन मामलों में आगे नियम, गणनाएं समझाने में, डेटा का सारांश देने में, निवेश के मामले में खाधड़ी पकड़ने में पर इन मामलों में कमजोर व्यक्तिगत हालात के हिसाब से सटीक सलाह देने में, अधूरे सवालों के जवाब भी अक्सर अधूरे, तथ्यों पर भरोसा नहीं कर सकते, स्वतंत्र पुष्टि जरूरी ब्रिटेन – एआई की सलाह से निवेश किया तो कानूनी मदद की गुंजाइश कम ब्रिटेन की वित्तीय नियामक एफसीए ने साफ कहा है कि चैटजीपीटी, क्लॉड जैसे सामान्य आई टूल फाइनेंशियल सर्विसेज के लिए अधिकृत नहीं हैं। इनकी सलाह वित्तीय लोकपाल सेवा या ‘फाइनेंशियल सर्विसेज कम्पनसेशन स्कीम’ के दायरे में नहीं आती। इसका मतलब है कि एआई की मदद से निवेश करने पर यदि कोई नुकसान या फ्रॉड होता है तो कानूनी मदद की गुंजाइश कम होगी। एफसीए ने जनवरी में इस ट्रेंड की समीक्षा भी शुरू की है। निवेशक सिर्फ एआई के भरोसे नहीं रह सकते – एक्सपर्ट एआई शक्तिशाली सहायक टूल है, लेकिन यह तब सबसे अच्छा काम करता है जब इसे अन्य भरोसेमंद स्रोतों के साथ इस्तेमाल किया जाए।- एंड्रयू ऑक्सलेड, फिडेलिटी इंटरनेशनल एआई का विस्तार अंत -भरोसे पर निर्भर करेगा। वित्तीय संस्थाओं को पारदर्शिता और जवाबदेही के साथ एआई अपनाना चाहिए।- प्रीतम पेडानगरी, एआई एक्सपर्ट, ईवाई एआई नियम और गणनाएं बताने में तो स्मार्ट है, लेकिन ये मशीनी टूल यह नहीं बता सकते कि आपको वास्तव में करना क्या चाहिए।- होली मैके, फाउंडर, बोरिंग मनी

नरसिंहपुर में किराना दुकान में मिल रही अवैध शराब, VIDEO:आरोपी के खिलाफ मामला दर्ज, टीआई बोले-दुकानदार पर होगी कार्रवाई

नरसिंहपुर में किराना दुकान में मिल रही अवैध शराब, VIDEO:आरोपी के खिलाफ मामला दर्ज, टीआई बोले-दुकानदार पर होगी कार्रवाई

नरसिंहपुर जिले में अवैध शराब बिक्री का मामला सामने आया है। चीचली थाना क्षेत्र के बारहा बड़ा गांव में एक किराना दुकान से खुलेआम शराब बेचे जाने का वीडियो सामने आया है। सामने आए वीडियो में दुकान पर देशी और अंग्रेजी दोनों तरह की शराब बिक्री होते दिखाई दे रही है। यह मामला सामने आने के बाद इलाके में चर्चा का विषय बन गया है। स्थानीय लोगों ने जताई नाराजगी स्थानीय लोगों का कहना है कि क्षेत्र में अवैध शराब कारोबार तेजी से बढ़ रहा है और शराब माफियाओं के हौसले भी बुलंद हैं। लोगों ने प्रशासन की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठाए हैं। यह मामला प्रदेश के कैबिनेट मंत्री उदय प्रताप सिंह की विधानसभा क्षेत्र से जुड़ा बताया जा रहा है, जिससे यह और भी संवेदनशील हो गया है। टीआई बोले-वीडियो की जांच के बाद केस दर्ज चीचली थाना प्रभारी अमित गोटिया ने बताया कि वायरल वीडियो की जांच के बाद आरोपी के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया गया है और आगे की कार्रवाई की जा रही है।

43॰ पार तापमान से अशोकनगर में जनजीवन प्रभावित:लू के कारण सड़कों पर सन्नाटा, इस सीजन में 44॰ तक पहुंच चुका पारा

43॰ पार तापमान से अशोकनगर में जनजीवन प्रभावित:लू के कारण सड़कों पर सन्नाटा, इस सीजन में 44॰ तक पहुंच चुका पारा

अशोकनगर जिले में इन दिनों भीषण गर्मी का प्रकोप जारी है। मंगलवार को दोपहर के समय दिन का तापमान 43 डिग्री सेल्सियस से ऊपर दर्ज किया गया, जिसके कारण सड़कों पर लोगों की आवाजाही काफी कम रही। इस सीजन में अधिकतम तापमान पहले ही 44 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच चुका है। गर्म हवाओं के कारण लू के थपेड़े महसूस किए जा रहे हैं। लोग केवल आवश्यक काम होने पर ही अपने घरों से बाहर निकल रहे हैं। वाहन चालक और पैदल चलने वाले लोग भी गर्मी से बचाव के लिए अपने चेहरे को कपड़े से ढककर चल रहे हैं। जिले में सोमवार और मंगलवार को सर्वाधिक गर्मी दर्ज की गई। इससे पहले से भी गर्मी पड़ रही है पारा 42.5 डिग्री सेल्सियस के आसपास बना था। जिन सड़कों पर सामान्य दिनों में भीड़भाड़ रहती थी, वहां वाहनों की संख्या आधे से भी कम रही। मौसम विभाग ने अनुमान जताया है कि जिले में अगले कुछ दिनों तक तापमान इसी तरह बना रहेगा। दोपहर के समय चलने वाली गर्म हवाओं का असर शाम 7 बजे तक महसूस किया जा रहा है।

राजकोट के 2026 चुनाव में हारने वाले बड़े नाम

राजकोट के 2026 चुनाव में हारने वाले बड़े नाम

2026 राजकोट नगर निगम चुनाव के लिए मतगणना शांतिपूर्ण ढंग से मतदान होने के दो दिन बाद 28 अप्रैल को कड़ी सुरक्षा के बीच शुरू हुई। 26 अप्रैल को 18 वार्डों की 72 सीटों के लिए मतदान हुआ, जिसमें औसत मतदान प्रतिशत 51.1% था, और नतीजों ने गहन राजनीतिक रुचि पैदा कर दी है, खासकर कई हाई-प्रोफाइल उम्मीदवारों की हार के बाद। ध्यान आकर्षित करने वाले प्रमुख नामों में रवींद्र जड़ेजा की बहन नयनाबा जाडेजा, रेडियो पर्सनैलिटी आरजे आभा देसाई और प्रसिद्ध गुजराती लोक कलाकार माया भाई अहीर की बेटी सोनल डेर शामिल थीं। आम आदमी पार्टी के पूर्व विधायक भूपत भयानी, जो अब भारतीय जनता पार्टी में हैं, के लिए भी एक झटका था। सबसे अधिक देखे जाने वाले मुकाबलों में से एक राजकोट के वार्ड नंबर 2 में था, जहां भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस ने नयनाबा जड़ेजा को मैदान में उतारा था। क्रिकेटर रवींद्र जड़ेजा से उनके संबंध को देखते हुए उनकी उम्मीदवारी ने ध्यान खींचा था। हालाँकि, वार्ड में भारतीय जनता पार्टी पैनल ने क्लीन स्वीप किया, जिसके परिणामस्वरूप उनकी हार हुई। परिणाम के बाद, नयनाबा जडेजा ने निराशा व्यक्त की और पार्टी की स्थानीय संरचना और समर्थन प्रणाली की आलोचना करते दिखाई दिए। उन्होंने कहा कि संगठन को अभी भी मजबूत करने की जरूरत है और व्यक्तियों का नाम लिए बिना उन्होंने सुझाव दिया कि कुछ नेता जिन्हें अभियान का समर्थन करना चाहिए था वे दूर रहें। उन्होंने हार के लिए कांग्रेस संगठन और स्थानीय नेतृत्व की कमियों को जिम्मेदार ठहराया। एक और उल्लेखनीय हार वार्ड नंबर 10 में हुई, जहां प्रसिद्ध रेडियो हस्ती आभा देसाई ने कांग्रेस उम्मीदवार के रूप में चुनाव लड़ा। भाजपा पैनल ने वार्ड जीत लिया, जिससे चुनाव में अधिक पहचाने जाने वाले नए चेहरों में से एक को झटका लगा। आरजे आभा अपना नामांकन दाखिल करने के बाद से ही सुर्खियों में थीं, राजनीति से परे उनकी लोकप्रियता के कारण उनकी दिलचस्पी बढ़ गई थी। इंस्टाग्राम पर 300,000 से अधिक फॉलोअर्स और रेडियो में 15 वर्षों में बनाई गई एक सार्वजनिक प्रोफ़ाइल के साथ, उन्होंने खुद को लोगों की रोजमर्रा की चिंताओं से निकटता से जुड़े उम्मीदवार के रूप में स्थापित किया। अभियान के दौरान, उन्होंने कहा था कि राजकोट के कई बुनियादी नागरिक मुद्दे अनसुलझे हैं, विशेष रूप से खराब सड़क की स्थिति, गड्ढे और उबड़-खाबड़ हिस्से, जिसके बारे में उनका तर्क था कि इससे निवासियों के स्वास्थ्य पर असर पड़ रहा है, जिसमें पीठ और रीढ़ की समस्याएं भी शामिल हैं। उन्होंने शहर के कुछ हिस्सों में लगातार पानी की कमी पर भी चिंता जताई थी, उन्होंने कहा कि इन मुद्दों ने जनता में असंतोष को बढ़ावा दिया है। उनके संचार अनुभव और लोकप्रियता के बावजूद, उनका चुनावी पदार्पण हार के साथ समाप्त हुआ। राजकोट के बाहर, एक और हाई-प्रोफाइल परिणाम अमरेली जिले से आया, जहां माया भाई अहीर की बेटी सोनल डेर स्थानीय निकाय चुनाव में हार गईं। सोनल ने लाठी तालुका पंचायत की चावंड सीट से भारतीय जनता पार्टी के टिकट पर राजनीति में प्रवेश किया था और अभियान के दौरान काफी ध्यान आकर्षित किया था। उनका परिवार लंबे समय से भाजपा से जुड़ा रहा है – उनके भाई जयराज अहीर पार्टी में सक्रिय रहे हैं, और उनकी खुद की राजनीतिक शुरुआत को महत्वपूर्ण माना गया था। हालाँकि, सोमवार को हुई मतगणना में वह भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस की शांतिबेन डेर से हार गईं, जिससे निर्वाचन क्षेत्र में एक बड़ा उलटफेर हुआ। जूनागढ़ जिले में एक और आश्चर्य हुआ, जहां आम आदमी पार्टी छोड़कर भारतीय जनता पार्टी में शामिल हुए भूपत भयानी भेसन जिला पंचायत सीट हार गए। उन्हें लगभग 1,700 वोटों से हार का सामना करना पड़ा और आप के दिनेश रूपारेलिया विजयी रहे। इस नतीजे को इस सीट पर बीजेपी के लिए झटके के तौर पर देखा गया. भयानी ने 2022 के गुजरात विधानसभा चुनाव में जूनागढ़ जिले की विसावदर सीट से AAP उम्मीदवार के रूप में जीत हासिल की थी। दिसंबर 2023 में, उन्होंने भाजपा में शामिल होने से पहले पार्टी और विधायक पद दोनों से इस्तीफा दे दिया। अप्रैल 2026 के स्थानीय स्वशासन चुनावों में, भाजपा ने उन्हें भेसन से मैदान में उतारा, लेकिन यह कदम जीत में तब्दील नहीं हुआ। (टैग्सटूट्रांसलेट)चुनाव परिणाम लाइव(टी)चुनाव परिणाम(टी)गुजरात(टी)गुजरात चुनाव(टी)गुजरात समाचार(टी)नगर निगम चुनाव(टी)राजकोट(टी)राजकोट समाचार

महिला कर्मचारी पर धर्म और नाम बदलने का दबाव:दस्तावेज छीने; मलेशिया भेजने की योजना थी; नासिक TCS केस में मुख्य आरोपी अब भी फरार

महिला कर्मचारी पर धर्म और नाम बदलने का दबाव:दस्तावेज छीने; मलेशिया भेजने की योजना थी; नासिक TCS केस में मुख्य आरोपी अब भी फरार

नासिक के TCS उत्पीड़न मामले में मुख्य आरोपी निदा खान ने महिला कर्मचारी पर धर्म परिवर्तन और नाम बदलकर ‘हानिया’ रखने का दबाव बनाया था। इसके लिए पीड़िता को बुर्का और इस्लामिक किताबें दी थीं, जिन्हें पुलिस ने जब्त कर लिया है। पुलिस की जांच में यह दावा किया गया है। पीड़िता के मोबाइल में ऐसे ऐप्स भी इंस्टॉल कराए गए जिससे उसे धर्म परिवर्तन के लिए उकसाया जा सके। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक पीड़िता के शैक्षिक दस्तावेज छीन लिए गए थे और उसे नौकरी के बहाने मलेशिया भेजकर इमरान नामक व्यक्ति के पास काम पर लगाने की भी योजना थी। पुलिस ने कहा है कि निदा खान की तलाश जारी है। निदा ने दो महीने की प्रेग्नेंसी का हवाला देकर अग्रिम जमानत के लिए नासिक सेशन कोर्ट में अर्जी भी दी थी। कोर्ट ने राहत देने से इनकार कर दिया था। मामले में 8 गिरफ्तार TCS ऑफिस के इस मामले में अब तक 8 आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है। कंपनी की ज्यादातर पीड़ित मिडिल क्लास परिवारों से हैं। उनकी उम्र 21 से 30 साल के बीच है। वे एसोसिएट लेवल पर काम करती थीं और 20 हजार रुपए महीना सैलरी पाती थीं। पीड़ित इंजीनियर बोली- गुड़ी पड़वा के दौरान छेड़छाड़ हुई पीड़ित महिला इंजीनियर ने 5 आरोपियों पर जून 2025 से मार्च 2026 के बीच लगातार यौन उत्पीड़न, पीछा करने (स्टॉकिंग) और धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने के आरोप लगाए हैं। उसने कहा कि एक आरोपी ने हिंदू देवी-देवताओं पर अपमानजनक टिप्पणी की। महिला कर्मचारी ने आरोप लगाया कि उसका टीम लीडर ट्रेनिंग के बहाने उसे गलत तरीके से छूता था। एक अन्य आरोपी ने ऑफिस की पेंट्री में गुड़ी पड़वा के दौरान उसके साथ छेड़छाड़ की। पीड़ित ने यह भी कहा कि उसकी शादीशुदा जिंदगी को लेकर भी आपत्तिजनक टिप्पणियां की गईं। TCS ने इस मामले पर कहा है कि कंपनी किसी भी तरह के उत्पीड़न और दबाव के खिलाफ जीरो टॉलरेंस नीति अपनाती है। नासिक ऑफिस में यौन उत्पीड़न के आरोपों में शामिल कर्मचारियों को सस्पेंड कर दिया गया है। कंपनी ने यह भी कहा कि शुरुआती जांच में उसे अपने एथिक्स या POSH (यौन उत्पीड़न रोकथाम) चैनलों पर किसी महिला कर्मचारी की तरफ से कोई शिकायत नहीं मिली थी। साथ ही, कंपनी ने आंतरिक जांच के लिए एक ओवरसाइट पैनल बनाने और बाहरी एजेंसियों को शामिल करने की घोषणा की है। ——————————————————— ये खबर भी पढ़ें… नासिक TCS में यौन शोषण-धर्मांतरण केस के पीछे संगठित नेटवर्क:आर्थिक रूप से कमजोर नई कर्मचारियों को टारगेट करते थे महाराष्ट्र के नासिक स्थित TCS कंपनी ऑफिस में धर्म परिवर्तन, यौन शोषण केस की पुलिस जांच में सामने आया है कि एक संगठित नेटवर्क नए कर्मचारियों को निशाना बनाता था। इस केस में अब तक 7 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। पूरी खबर पढ़ें…