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भागलपुर में चैंबर में घुसकर ऑफिसर को गोलियों से भूना:नगर परिषद में फायरिंग करते घुसे अपराधी, चेयरमैन बीजेपी नेता के सिर में भी गोली मारी

भागलपुर में चैंबर में घुसकर ऑफिसर को गोलियों से भूना:नगर परिषद में फायरिंग करते घुसे अपराधी, चेयरमैन बीजेपी नेता के सिर में भी गोली मारी

भागलपुर के सुल्तानगंज नगर परिषद ऑफिस में मंगलवार को अपराधियों ने घुसकर एग्जीक्यूटिव ऑफिसर कृष्णा भूषण की हत्या कर दी। वहीं, नगर परिषद के चेयरमैन राज कुमार गुड्डू को भी सिर में गोली लगी है। उनकी हालत गंभीर बनी हुई है। चेयरमैन बीजेपी के नेता बताए जा रहे हैं। बताया जा रहा है कि अपराधी चेयरमैन की हत्या करने पहुंचे थे, लेकिन एग्जीक्यूटिव ऑफिसर ने विरोध किया तो ताबड़तोड़ फायरिंग शुरू कर दी। दोनों को सिर में गोली मारकर अपराधी भाग निकले। एग्जीक्यूटिव ऑफिसर कृष्णा भूषण की पत्नी यूपी में ADM हैं। पुलिस सूत्रों की माने तो टेंडर प्रक्रिया के साथ-साथ आपसी वर्चस्व को लेकर चेयरमैन-उपचेयरमैन के बीच विवाद है। इस विवाद की भी जांच की जा रही है। पुलिस का कहना है कि दो अपराधियों की पहचान कर ली गई है। एक शूटर की पहचान की जा रही है। भागलपुर, मुंगेर, खगड़िया बॉर्डर पर सुरक्षा बढ़ा दी गई है। चैंबर के CCTV की 2 तस्वीरें देखिए… अब वारदात के बाद 2 तस्वीर देखिए… चश्मदीद बोला- ऑफिस में घुसते ही फायरिंग की प्रत्यक्षदर्शी कृष्ण भूषण उर्फ रंजीत कुमार ने बताया, मंगलवार को करीब 3 बजे के आसपास नगर परिषद कार्यालय में चेयरमैन साहब और कार्यपालक पदाधिकारी (EO) बैठे हुए थे। कार्यालय में बाकी लोग भी मौजूद थे। स्टैंडिंग कमेटी के सदस्य भी अंदर बैठे थे। इसी दौरान अचानक 3 से 5 की संख्या में अपराधी बुलेट से सवार होकर पहुंचे और सीधे कार्यालय के अंदर घुस आए। अपराधियों ने बिना किसी चेतावनी के ताबड़तोड़ फायरिंग शुरू कर दी। पहले 2 गोलियां चलाई गईं, जिसके बाद लगातार 2 से 4 राउंड और फायरिंग की गई। गोली चलने की आवाज सुनते ही कार्यालय में अफरा-तफरी मच गई। हम सभी लोग तुरंत घटनास्थल की ओर दौड़े। वहां देखा कि चेयरमैन साहब और EO साहब गंभीर रूप से घायल होकर गिर पड़े थे। इसके बाद हम लोगों ने दोनों घायलों को तत्काल उठाकर इलाज के लिए अस्पताल पहुंचाया। इस हमले में दोनों को गोली लगी है। वारदात को अंजाम देने के बाद अपराधी भाग निकले। BPSC 59वें बैच के अधिकारी थे कृष्णा भूषण कुमार कृष्णा भूषण कुमार BPSC 59वें बैच के अधिकारी थे। वे मूल रूप से मधुबनी शहर के रहने वाले थे। तीन साल पहले उनकी शादी मोतिहारी में हुई थी। उनके ससुराल पक्ष के अधिकांश सदस्य मुजफ्फरपुर के दामोदरपुर में रहते हैं। बताया जा रहा है कि उन्होंने 30 जुलाई 2025 को सुल्तानगंज नगर परिषद में पदभार संभाला था। इसी साल फरवरी में सुल्तानगंज नगर परिषद ने बेस्ट अकाउंट्स प्रैक्टिस अवॉर्ड में देशभर में पहला स्थान हासिल किया था, जिसके लिए कृष्णा भूषण कुमार को दिल्ली में सम्मानित किया गया था। लोकल पॉलिटिक्स की वजह से हुई घटना जिला परिषद अध्यक्ष बिपिन मंडल ने बताया कि, वारदात के पीछे लोकल पॉलिटिक्स हो सकती है। चेयरमैन को 2 गोली लगी है। एक गोली सिर में लगी है, दूसरी फेफड़े में फंसी हुई है। एग्जीक्यूटिव ऑफिसर की मौत हो गई है। ये बहुत ही दुखद घटना है। चेयरमैन की स्थिति ठीक नहीं है। मैंने उन्हें अस्पताल में जाकर देखा है। उन्हें पटना रेफर किया जा रहा है। तेजस्वी यादव ने X पर लिखा, ‘प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बिहार चुनाव में “मारब सिक्सर की 𝟔 गोली छाती में”….गाकर भाजपाई गुंडों को खूब प्रोत्साहित किया था। अब तो उन अपराधियों का ही CM है। बीजेपी सरकार में हत्या होना अब मंगलराज की श्रेणी में आता है।’ —————————- ये खबर भी पढ़ें… खबर से जुड़े अपडेट्स के लिए नीचे ब्लॉग से गुजर जाइए…

‘कोई वकील मेरी तरफ से पेश नहीं होगा’: मनीष सिसौदिया ने दिल्ली HC को लिखा पत्र, कहा ‘केवल सत्याग्रह बचा है’ | राजनीति समाचार

Punjab Kings Vs Rajasthan Royals Live Score: Follow latest updates from IPL 2026. (BCCI/AP)

आखरी अपडेट:28 अप्रैल, 2026, 17:18 IST सिसौदिया ने कहा कि वह उत्पाद शुल्क नीति मामले में दिल्ली उच्च न्यायालय के न्यायाधीश स्वर्ण कांता शर्मा के समक्ष आगे की कार्यवाही में उपस्थित नहीं होंगे। आप नेता मनीष सिसौदिया आप नेता और दिल्ली के पूर्व उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने मंगलवार को कहा कि वह उत्पाद शुल्क नीति मामले में दिल्ली उच्च न्यायालय के न्यायाधीश स्वर्ण कांता शर्मा के समक्ष आगे की कार्यवाही में उपस्थित नहीं होंगे। सिसौदिया ने जस्टिस शर्मा को पत्र लिखकर कहा, “मेरी ओर से भी कोई वकील पेश नहीं होगा. आपके बच्चों का भविष्य तुषार मेहता के हाथ में है.” आप नेता ने कहा, “मुझे न्याय की उम्मीद नहीं है, सत्याग्रह के अलावा कोई रास्ता नहीं बचा है।” यह घटनाक्रम पार्टी प्रमुख अरविंद केजरीवाल द्वारा न्यायमूर्ति शर्मा की अदालत में अपने मामले के लिए न तो व्यक्तिगत रूप से पेश होने और न ही किसी वकील को नियुक्त करने के फैसले के एक दिन बाद आया है। केजरीवाल के पत्र का जिक्र करते हुए सिसौदिया ने कहा, ”मैं खुद को उनके द्वारा उठाए गए रुख से सम्मानजनक सहमति पाता हूं, जो कि महात्मा गांधी की सत्याग्रह की शिक्षाओं पर आधारित है।” न्यायमूर्ति शर्मा को पद से हटाने की मांग वाली उनकी याचिका 20 अप्रैल को खारिज होने के बाद केजरीवाल ने सोमवार को उच्च न्यायालय के न्यायाधीश को पत्र लिखा। सिसौदिया ने कहा कि वह केजरीवाल द्वारा पहले ही कही गई हर बात को विस्तार से दोहराने का प्रस्ताव नहीं रखते हैं, लेकिन वह यह दर्ज करना चाहते हैं कि जिन ”परेशान करने वाली चिंताओं” को चिह्नित किया गया है, उनमें ऐसी चिंताएं भी हैं जो उनके दिमाग पर भी हावी हैं। पत्र में कहा गया है, “पहला मुद्दा आपकी लेडीशिप द्वारा अखिल भारतीय अधिवक्ता परिषद में बार-बार सार्वजनिक उपस्थिति से उत्पन्न हुआ है, जो एक वकील संगठन है जिसे सार्वजनिक रूप से आरएसएस से संबंधित माना जाता है।” उन्होंने आगे कहा, “दूसरा मुद्दा आपकी लेडीशिप के बच्चों की कई केंद्र सरकार के पैनलों में पेशेवर भागीदारी से उत्पन्न होने वाला मुद्दा है और इसके परिणामस्वरूप उन्हीं कानून अधिकारियों के साथ निकटता दिखाई देती है जो अब दूसरी तरफ मेरे खिलाफ दिखाई देते हैं।” “इस मामले के संदर्भ में, ऐसे उदाहरण एक और अधिक परेशान करने वाले प्रश्न को जन्म देते हैं: वर्तमान मामले में स्पष्टवादिता और आत्म-नियमन के न्यूनतम कर्तव्य क्या थे? क्या, कम से कम, मूल-न्यायाधीश की ओर से यह कर्तव्य नहीं था कि वह इन परिस्थितियों को पक्षों के सामने प्रकट करे?” “यही वह कठिनाई है जिसका मैं आज सामना कर रहा हूं। मेरी चिंता भी, केजरीवाल की तरह, न्यायालय के प्रति शत्रुता से पैदा नहीं हुई है। यह एक गहरी बेचैनी से पैदा हुई है कि, अगर मैं इन परिस्थितियों के बावजूद भाग लेना जारी रखता हूं, तो मैं अपने साथी देशवासियों के सामने यह दिखावा करते हुए अपने विवेक के खिलाफ काम करूंगा कि सभी संदेह हल हो गए हैं। सिसौदिया ने आगे कहा, “इसलिए मेरे सामने सवाल सीधा-सा है-क्या मैं निष्पक्ष न्याय के प्रति गंभीर आशंका रखते हुए ईमानदारी के साथ इन कार्यवाहियों में हिस्सा लेना जारी रख सकता हूं? बहुत सोचने के बाद, मेरा जवाब केजरीवाल के समान है। मैं नहीं कर सकता।” (एजेंसी इनपुट के साथ) चुनी हुई कहानियाँ, आपके इनबॉक्स में हमारी सर्वोत्तम पत्रकारिता वाला एक न्यूज़लेटर जमा करना पहले प्रकाशित: 28 अप्रैल, 2026, 17:18 IST समाचार राजनीति ‘कोई वकील मेरी तरफ से पेश नहीं होगा’: मनीष सिसौदिया ने दिल्ली HC को लिखा पत्र, कहा ‘केवल सत्याग्रह बचा है’ अस्वीकरण: टिप्पणियाँ उपयोगकर्ताओं के विचार दर्शाती हैं, News18 के नहीं। कृपया चर्चाएँ सम्मानजनक और रचनात्मक रखें। अपमानजनक, मानहानिकारक, या अवैध टिप्पणियाँ हटा दी जाएंगी। News18 अपने विवेक से किसी भी टिप्पणी को अक्षम कर सकता है. पोस्ट करके, आप हमारी उपयोग की शर्तों और गोपनीयता नीति से सहमत होते हैं। और पढ़ें

ग्वालियर में अवैध कॉलोनियों पर एक्शन, आठ कॉलोनाइजर पर FIR:शासन के नियमों की अनदेखी कर काटी कॉलोनी, कोई एनओसी नहीं ली

ग्वालियर में अवैध कॉलोनियों पर एक्शन, आठ कॉलोनाइजर पर FIR:शासन के नियमों की अनदेखी कर काटी कॉलोनी, कोई एनओसी नहीं ली

ग्वालियर में अवैध कॉलोनियों के खिलाफ प्रशासन की कार्रवाई लगातार जारी है। दो दिन पहले बिजौली और महाराजपुरा में एक दिन में 17 एफआईआर दर्ज की गई थीं। इसके बाद सोमवार-मंगलवार दरमियानी रात आठ और नए प्रकरण दर्ज किए गए हैं। इनमें दो मामले तिघरा थाना और छह मामले बिजौली थाना में दर्ज हुए हैं। सभी केस में कॉलोनाइजरों ने शासन के नियमों की अनदेखी करते हुए और आम लोगों को गुमराह करते हुए कॉलोनियां काट दी, जबकि उनके पास संबंधित किसी भी विभाग की एनओसी नहीं है। प्रशासनिक अधिकारियों के मुताबिक, शहर में अवैध रूप से प्लॉटिंग और कॉलोनियों के निर्माण को किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। संबंधित कॉलोनाइजरों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई के साथ-साथ अन्य आवश्यक कदम भी उठाए जा रहे हैं। अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि अवैध कॉलोनियों पर कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी और नियमों का उल्लंघन करने वालों को बख्शा नहीं जाएगा। इन कॉलोनियों को बिना वैध अनुमति और नियमों के विपरीत विकसित किया जा रहा था, जिस पर प्रशासन ने सख्त रुख अपनाते हुए कार्रवाई की है। पुलिस, प्रशासन और राजस्व विभाग की संयुक्त जांच में पाया गया कि बिना वैध अनुमति और नियमों के विपरीत कॉलोनियों का विकास किया जा रहा था। इन कॉलोनियों में न तो बुनियादी सुविधाओं की व्यवस्था थी और न ही संबंधित विभागों से मंजूरी ली गई थी, जिससे भविष्य में खरीदारों को नुकसान की आशंका बनी रहती है। बिजौली थाने में इन पर FIR

Biryani Watermelon News: क्या बिरयानी और तरबूज का मेल ले सकता है जान? एम्स के पूर्व डायरेक्टर ने बताया डरावना सच

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मुंबई: पायधोनी इलाके में यहां बिरयानी और तरबूज खाने के बाद एक ही परिवार के चार सदस्यों की मौत हो गई. मरने वालों में पति-पत्नी और उनकी दो मासूम बेटियां शामिल हैं. इस खबर को देखने के बाद एम्स के पूर्व डायरेक्टर डॉ. एम सी मिश्रा काफी बेचैन हैं. उन्होंने साफ कहा है कि यह मामला सिर्फ फूड पॉइजनिंग का नहीं लगता है. डॉ. मिश्रा के अनुसार, हम सभी अक्सर खाना खाने के बाद फल या तरबूज खाते हैं. ऐसे में सिर्फ इन दो चीजों के कॉम्बिनेशन से मौत होना समझ से परे है. उन्होंने इस पूरी घटना की गहराई से जांच करने की मांग की है. डॉ. मिश्रा ने कई ऐसे सवाल उठाए हैं जो इस हादसे को एक संदिग्ध साजिश की तरफ मोड़ रहे हैं. क्या बिरयानी और तरबूज का मेल सच में जानलेवा हो सकता है? डॉ. एम सी मिश्रा ने इस घटना पर अपनी राय रखते हुए कहा कि यह सीधा-सीधा जांच का विषय है. उनका मानना है कि सामान्य हालात में बिरयानी और तरबूज खाने से किसी की जान नहीं जा सकती. क्या वह तरबूज पहले से कटा हुआ था? उसे किस जगह और किस हालत में रखा गया था? डॉ. मिश्रा को शक है कि कहीं तरबूज में पहले से ही कोई खराबी तो नहीं थी. उन्होंने यह भी कहा कि क्या इसके पीछे कोई साजिश हो सकती है? क्योंकि एक साथ चार लोगों का मर जाना किसी बड़ी गड़बड़ी की ओर इशारा करता है. पुलिस को हर एंगल से इस केस की पड़ताल करनी चाहिए. क्या तरबूज के अंदर जहर या केमिकल का इंजेक्शन दिया गया था? बाजार में मिलने वाले फलों की शुद्धता पर अक्सर सवाल उठते रहे हैं. डॉ. मिश्रा ने जिक्र किया कि कई बार तरबूज को गहरा लाल दिखाने के लिए उसमें इंजेक्शन लगाया जाता है. हालांकि, उन्होंने साफ किया कि बिना ठोस सबूत के ऐसा कहना अभी जल्दबाजी होगी. लेकिन यह एक संभावना जरूर है कि फल में मौजूद किसी जहरीले तत्व ने असर दिखाया हो. अगर तरबूज में किसी तरह का केमिकल या जहर मिला था, तो यह फूड पॉइजनिंग का सबसे खतरनाक रूप हो सकता है. डॉक्टर भी इस बात को लेकर हैरान हैं कि आखिर कुछ ही घंटों में पूरा परिवार कैसे खत्म हो गया. पोस्टमार्टम और हिस्टोपैथोलॉजिकल रिपोर्ट से कैसे खुलेगा मौत का राज? अब इस पूरे रहस्य से पर्दा सिर्फ पोस्टमार्टम रिपोर्ट ही उठा सकती है. डॉ. मिश्रा के मुताबिक, सारी उम्मीदें अब विसरा रिपोर्ट और हिस्टोपैथोलॉजिकल जांच पर टिकी हैं. पेट के अंदर मौजूद खाने के अवशेषों की जांच से पता चलेगा कि असल में क्या खाया गया था. क्या उस खाने में पहले से कोई जहर मिला हुआ था? जेजे अस्पताल के डॉक्टर्स और पुलिस अब इसी रिपोर्ट का इंतजार कर रहे हैं. डॉ. मिश्रा ने जोर देकर कहा कि जब तक साइंटिफिक रिपोर्ट नहीं आती, तब तक किसी नतीजे पर पहुंचना मुश्किल है. लेकिन इस हादसे ने हर किसी के मन में खाने-पीने की चीजों को लेकर डर पैदा कर दिया है. क्या लापरवाही या दूषित भोजन ने ली मासूमों की जान? मुंबई की इस घटना के साथ ही झारखंड के गिरिडीह से भी एक डरावनी खबर आई है. वहां भी गोलगप्पे और चाट खाने से एक बच्चे की मौत हो गई और कई लोग अस्पताल में भर्ती हैं. स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि गर्मी के मौसम में खाना बहुत जल्दी खराब होता है. दूषित भोजन या पानी के सेवन से बैक्टीरिया शरीर में फैल जाते हैं. इससे उल्टी, दस्त और पेट दर्द जैसी गंभीर समस्याएं शुरू हो जाती हैं. डॉ. मिश्रा का कहना है कि लोगों को बाहर के खाने और कटे हुए फलों से परहेज करना चाहिए. एक हंसता-खेलता परिवार खत्म होना समाज के लिए एक बड़ी चेतावनी है.

वॉट्सएप ने 9,400 से ज्यादा अकाउंट्स बैन किए:कंबोडिया से चल रहा था भारत में डिजिटल अरेस्ट का जाल; ठगी रोकने के लिए आए 4 नए फीचर

वॉट्सएप ने 9,400 से ज्यादा अकाउंट्स बैन किए:कंबोडिया से चल रहा था भारत में डिजिटल अरेस्ट का जाल; ठगी रोकने के लिए आए 4 नए फीचर

‘डिजिटल अरेस्ट’ स्कैम को रोकने के लिए वॉट्सएप ने 9,400 से ज्यादा संदिग्ध अकाउंट्स को बैन किया है। यह कार्रवाई जनवरी 2026 से शुरू हुए 12 हफ्तों के दौरान सरकारी एजेंसियों से मिले इनपुट और कंपनी के इंटरनल इन्वेस्टिगेशन के आधार पर की गई है। यह जानकारी अटॉर्नी जनरल आर वेंकटरमणी के जरिए सुप्रीम कोर्ट में दी गई है। कोर्ट इस समय देश में बढ़ते डिजिटल स्कैम के मामलों पर खुद संज्ञान (suo motu) लेकर सुनवाई कर रहा है, जिसमें जालसाज पुलिस या सरकारी अधिकारी बनकर लोगों से पैसे ठगते हैं। कंबोडिया जैसे देशों से ऑपरेट हो रहे थे स्कैम सेंटर वॉट्सएप की जांच में सामने आया है कि भारतीय यूजर्स को निशाना बनाने वाले ज्यादातर अकाउंट्स दक्षिण-पूर्व एशिया, खासकर कंबोडिया के स्कैम सेंटर्स से चलाए जा रहे थे। जालसाज लोगों को डराने के लिए अपनी प्रोफाइल पिक्चर और नाम में ‘दिल्ली पुलिस’, ‘मुंबई हेडक्वार्टर’, ‘CBI’ और ‘ATS डिपार्टमेंट’ जैसे आधिकारिक शब्दों और लोगो का इस्तेमाल कर रहे थे। सिर्फ शिकायत का इंतजार नहीं, नेटवर्क को तोड़ने पर फोकस वॉट्सएप ने कहा कि वे हर इनपुट का इस्तेमाल पूरे क्रिमिनल नेटवर्क को मैप करने और उसे खत्म करने के लिए कर रही है। जहां सरकार ने 3,800 अकाउंट्स की जानकारी दी थी, वहीं वॉट्सएप ने अपनी जांच बढ़ाकर हजारों अन्य लिंक किए गए अकाउंट्स पर भी एक्शन लिया। ठगी रोकने के लिए 4 नए सेफ्टी फीचर्स वॉट्सएप अब प्लेटफॉर्म पर ही धोखाधड़ी रोकने के लिए नए टूल्स ला रहा है: बुजुर्ग दंपत्ति से 1.5 करोड़ की ठगी के बाद शुरू हुई कार्रवाई यह पूरा मामला अक्टूबर 2025 में तब शुरू हुआ जब एक बुजुर्ग दंपत्ति ने सुप्रीम कोर्ट को पत्र लिखा। उनके साथ सीबीआई और आईबी अधिकारी बनकर 1.5 करोड़ रुपए की ठगी की गई थी। ठगों ने वीडियो कॉन्फ्रेंस के जरिए फर्जी अदालती आदेश दिखाकर उन्हें डराया था। कोर्ट ने इसके बाद पूरे देश में बढ़ रहे ऐसे मामलों पर केंद्र और एजेंसियों से जवाब मांगा था। नॉलेज पार्ट: क्या होता है डिजिटल अरेस्ट? यह एक साइबर क्राइम है जिसमें जालसाज पुलिस या सरकारी अधिकारी बनकर वीडियो कॉल करते हैं। वे शिकार को बताते हैं कि उनके नाम से कोई गैरकानूनी पार्सल आया है या वे किसी केस में फंस गए हैं। इसके बाद उन्हें ‘डिजिटल अरेस्ट’ के नाम पर घंटों कैमरे के सामने रहने को मजबूर किया जाता है और गिरफ्तारी का डर दिखाकर बैंक खातों से रुपए ट्रांसफर करा लिए जाते हैं।

वॉट्सएप ने 9,400 से ज्यादा अकाउंट्स बैन किए:कंबोडिया से चल रहा था भारत में डिजिटल अरेस्ट का जाल; ठगी रोकने के लिए आए 4 नए फीचर

वॉट्सएप ने 9,400 से ज्यादा अकाउंट्स बैन किए:कंबोडिया से चल रहा था भारत में डिजिटल अरेस्ट का जाल; ठगी रोकने के लिए आए 4 नए फीचर

‘डिजिटल अरेस्ट’ स्कैम को रोकने के लिए वॉट्सएप ने 9,400 से ज्यादा संदिग्ध अकाउंट्स को बैन किया है। यह कार्रवाई जनवरी 2026 से शुरू हुए 12 हफ्तों के दौरान सरकारी एजेंसियों से मिले इनपुट और कंपनी के इंटरनल इन्वेस्टिगेशन के आधार पर की गई है। यह जानकारी अटॉर्नी जनरल आर वेंकटरमणी के जरिए सुप्रीम कोर्ट में दी गई है। कोर्ट इस समय देश में बढ़ते डिजिटल स्कैम के मामलों पर खुद संज्ञान (suo motu) लेकर सुनवाई कर रहा है, जिसमें जालसाज पुलिस या सरकारी अधिकारी बनकर लोगों से पैसे ठगते हैं। कंबोडिया जैसे देशों से ऑपरेट हो रहे थे स्कैम सेंटर वॉट्सएप की जांच में सामने आया है कि भारतीय यूजर्स को निशाना बनाने वाले ज्यादातर अकाउंट्स दक्षिण-पूर्व एशिया, खासकर कंबोडिया के स्कैम सेंटर्स से चलाए जा रहे थे। जालसाज लोगों को डराने के लिए अपनी प्रोफाइल पिक्चर और नाम में दिल्ली पुलिस, मुंबई हेडक्वार्टर, CBI और ATS डिपार्टमेंट जैसे आधिकारिक शब्दों और लोगो का इस्तेमाल कर रहे थे। सिर्फ शिकायत का इंतजार नहीं, नेटवर्क को तोड़ने पर फोकस वॉट्सएप ने कहा कि वे हर इनपुट का इस्तेमाल पूरे क्रिमिनल नेटवर्क को मैप करने और उसे खत्म करने के लिए कर रही है। जहां सरकार ने 3,800 अकाउंट्स की जानकारी दी थी, वहीं वॉट्सएप ने अपनी जांच बढ़ाकर हजारों अन्य लिंक किए गए अकाउंट्स पर भी एक्शन लिया। ठगी रोकने के लिए 4 नए सेफ्टी फीचर्स वॉट्सएप अब प्लेटफॉर्म पर ही धोखाधड़ी रोकने के लिए नए टूल्स ला रहा है: बुजुर्ग दंपत्ति से 1.5 करोड़ की ठगी के बाद शुरू हुई कार्रवाई यह मामला अक्टूबर 2025 में तब शुरू हुआ जब एक बुजुर्ग दंपत्ति ने सुप्रीम कोर्ट को पत्र लिखा। उनके साथ CBI और IB अधिकारी बनकर ₹1.5 करोड़ की ठगी की गई थी। ठगों ने वीडियो कॉन्फ्रेंस के जरिए फर्जी अदालती आदेश दिखाकर उन्हें डराया था। कोर्ट ने इसके बाद पूरे देश में बढ़ रहे ऐसे मामलों पर केंद्र और एजेंसियों से जवाब मांगा था। नॉलेज पार्ट: क्या होता है डिजिटल अरेस्ट? इसमें जालसाज पुलिस या सरकारी अधिकारी बनकर वीडियो कॉल करते हैं। वे शिकार को बताते हैं कि उनके नाम से कोई गैरकानूनी पार्सल आया है या वे किसी केस में फंस गए हैं। इसके बाद उन्हें ‘डिजिटल अरेस्ट’ के नाम पर घंटों कैमरे के सामने रहने को मजबूर किया जाता है और गिरफ्तारी का डर दिखाकर बैंक खातों से रुपए ट्रांसफर करा लिए जाते हैं।

पन्ना में बीएससी छात्रा ने फांसी लगाकर जान दी:परिजन ने युवक पर शादी के लिए परेशान का आरोप लगाया, एसपी से की शिकायत

पन्ना में बीएससी छात्रा ने फांसी लगाकर जान दी:परिजन ने युवक पर शादी के लिए परेशान का आरोप लगाया, एसपी से की शिकायत

पन्ना जिले में बीएससी प्रथम वर्ष की एक छात्रा ने फांसी लगाकर अपनी जान दे दी। छात्रा के परिवार वालों ने एक युवक पर उसे परेशान करने और खुदकुशी के लिए मजबूर करने का गंभीर आरोप लगाया है। मंगलवार, 28 अप्रैल को छात्रा के पिता ने पन्ना एसपी को इस मामले में शिकायत की है। 21 साल की पुष्पा अहिरवार अमानगंज के पुरैना गांव की रहने वाली थी। वह पन्ना के साइंस कॉलेज में पढ़ाई करती थी और वहां किराए का कमरा लेकर रह रही थी। परिवार का आरोप है कि विकास अहिरवार नाम का युवक उसे काफी समय से परेशान कर रहा था और उस पर शादी करने के लिए लगातार दबाव डाल रहा था। धमकी से और बढ़ गया तनाव छात्रा के पिता गुटियां अहिरवार ने बताया कि जब उन्होंने इस बात की शिकायत युवक के परिवार से की, तो वे सुधरने के बजाय गाली-गलौज करने लगे और जान से मारने की धमकी दी। इससे छात्रा और ज्यादा तनाव में आ गई। आखिरी फोन पर बयां किया था दर्द पुष्पा की मां सुनीता ने बताया कि 16 अप्रैल को पुष्पा ने अपने पिता को फोन किया था। उसने रोते हुए बताया कि विकास ने उसका जीना मुश्किल कर दिया है और वह अब पढ़ाई पर ध्यान नहीं दे पा रही है। इसी प्रताड़ना से तंग आकर उसने उसी शाम फंदे से लटककर खुदकुशी कर ली। न्याय की गुहार पीड़ित पिता ने पुलिस से मांग की है कि उनकी बेटी को मौत के लिए उकसाने वाले आरोपी विकास पर सख्त कार्रवाई की जाए। उन्होंने मामले की निष्पक्ष जांच और परिवार को न्याय दिलाने की अपील की है।

बंगाल एग्जिट पोल लाइव स्ट्रीमिंग: बीजेपी की बनेगी सरकार या ममता के सिर फिर सजेगा ताज? कब-कहाँ देखें बंगाल चुनाव सर्वेक्षण

बंगाल एग्जिट पोल लाइव स्ट्रीमिंग: बीजेपी की बनेगी सरकार या ममता के सिर फिर सजेगा ताज? कब-कहाँ देखें बंगाल चुनाव सर्वेक्षण

पश्चिम बंगाल एग्जिट पोल 2026 लाइव स्ट्रीमिंग: पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के दूसरे और अंतिम चरण के तहत 29 अप्रैल को होने वाला मतदान तय करेगा कि टीएमसी अब भी अपने गढ़ पर कब्ज़ा बनाए रखेगी या बीजेपी सेंध लगाएगी, अपनी पकड़ मजबूत करेगी। चुनाव के दूसरे चरण के तहत राज्य की 142 सीटों के लिए मतदान होगा। 23 अप्रैल को पश्चिम बंगाल में पहले चरण के मतदान में उत्तर बंगाल और आस-पास के इलाकों में बीजेपी की पारंपरिक पकड़ की परीक्षा हुई और अब दूसरे चरण में डोमिनिक कांग्रेस के गढ़-कोलकाता, हावड़ा, उत्तर और दक्षिण 24 परगना, नादिया, हुगली और पूर्वी बर्धमान के मुकाबलों पर नजर रहेगी। कहाँ देखें पश्चिम बंगाल चुनाव चुनावी पोल? (पश्चिम बंगाल एग्जिट पोल रिजल्ट 2026) दूसरे चरण के मतदान के बाद 29 अप्रैल की शाम 6 बजे बंगाल चुनाव का मतदान एपीपी लाइव (एबीपी लाइव) पर देख सकते हैं. एबीपी न्यूज की वेबसाइट https://www.abplive.com पर आप वेस्ट बंगाल इकोनॉमिक पोल के पल-पल के आंकड़ों की जानकारी ले सकते हैं। इसके अलावा यूट्यूब पर एबीपी लाइव https://www.youtube.com/watch?v=vzn-NYdFDko के इस लिंक के साथ जॉकरिट पोल के आंकड़े देख सकते हैं। दूसरे चरण में टीएमसी और बीजेपी की परीक्षा कोलकाता, हावड़ा, उत्तर एवं दक्षिण 24 परगना, नादिया, हुगली और पूर्वी बर्धमान में चुनाव की दिशा तय करने में अहम भूमिका निभाई जा सकती है। दूसरे चरण में जिन 142 सीटों पर मतदान हो रहा है, उनमें से ‘ओपेरा कांग्रेस’ ने 2021 में 123 सीटें हासिल कीं, बीजेपी ने सिर्फ 18 सीटें हासिल कीं और ‘इंडियन सेक सैमसंग फ्रंट’ (आईएसएसएफ) ने एक सीट हासिल की थी। पांच साल पहले बीजेपी के डॉक्युमेंट्स के मुताबिक, ममता बनर्जी की पार्टी ने दक्षिण बंगाल में शानदार जीत हासिल की और आसानी से सत्ता पर कब्जा कर लिया। ममता के गढ़ में सेंध में कब्जे में भाजपा भवानीपुर विधानसभा सीट पर भी दूसरे चरण का मतदान हो रहा है, जो मुख्यमंत्री ममता बनर्जी का राजनीतिक गढ़ है। बीजेपी ने यहां के नेता प्रतिपक्ष शुभेंदु अधिकारी को मैदान में उतार दिया है. समुद्र तट के लिए इन जंगलों पर कब्ज़ा बनाये रखना अहम है, जिससे उसकी लगातार चौथी बार सत्ता में आने का रास्ता पूरी तरह से खुला रहता है। उत्तर 24 परगना में 33 सीट, दक्षिण 24 परगना में 31 सीट, हावड़ा में 16 सीट, नादिया में 17 सीट, हुगली में 18 सीट, पूर्वी बर्धमान में 16 सीट और कोलकाता में 11 सीट हैं। पहले चरण के दौरान हुई बंपर वोट राज्य में पहले चरण में 93.19 प्रतिशत वोटिंग दर्ज होने के बाद ममता बनर्जी ने दावा किया था कि पहले चरण में 100 सीट का आंकड़ा दर्ज किया गया था। इस राज्य में अब तक का सबसे ज्यादा वोट प्रतिशत है. मखमली के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) ने नाम जारी करने के मुद्दे को दूसरे चरण का सबसे प्रतीकात्मक राजनीतिक महत्व दिया है। उत्तर 24 परगना में लगभग 12.6 लाख से अधिक नाम निकाला गया, दक्षिण 24 परगना में 10.91 लाख से अधिक नाम निकाला गया, कोलकाता में लगभग 6.97 लाख, हावड़ा में लगभग छह लाख, हुगली में 4.68 लाख और नादिया में लगभग 4.85 लाख से अधिक नाम निकाला गया। ये भी पढ़ें: बीजेपी ने अब ममता बनर्जी पर लगाया जान से मारने की धमकी, टीएमसी ने बीजेपी नेताओं का पोस्ट शेयर कर लगाया बड़ा आरोप Input By : pl भाषा

मारुति का चौथी तिमाही में मुनाफा 6% घटा:रेवेन्यू 28% बढ़कर ₹52,462 करोड़, 3-महीने में 6.76 लाख कारें बेचीं; ₹140 डिविडेंड देगी

मारुति का चौथी तिमाही में मुनाफा 6% घटा:रेवेन्यू 28% बढ़कर ₹52,462 करोड़, 3-महीने में 6.76 लाख कारें बेचीं; ₹140 डिविडेंड देगी

ऑटोमोबाइल कंपनी मारुति सुजुकी इंडिया ने वित्त वर्ष 2025-26 की चौथी तिमाही में 52,946 करोड़ रुपए की कुल कमाई की। यह पिछले साल के मुकाबले 25% बढ़ी है। पिछले साल की समान तिमाही में कंपनी ने 42,431 करोड़ रुपए की कमाई की थी। इसी तिमाही में कंपनी ने 6.76 लाख कारें बेचीं। कुल कमाई में से सैलरी, टैक्स, कच्चे माल की कीमत जैसे खर्चे निकाल दें तो कंपनी के पास 3,659 करोड़ रुपए शुद्ध मुनाफे (नेट प्रॉफिट) के रूप में बचे। यह 2025 की जनवरी-मार्च तिमाही से 6.44% कम रहा है। पिछले साल कंपनी को 3,911 करोड़ रुपए का मुनाफा हुआ था। निवेशकों को ₹140 डिविडेंड देगी कंपनी इसके अलावा कंपनी ने अपने निवेशकों को 140 रुपए का डिविडेंड देना का भी ऐलान किया है। कंपनियां अपने मुनाफे का कुछ हिस्सा अपने शेयरधारकों के देती हैं, इसे डिविडेंड या लाभांश कहा जाता है। रेवेन्यू 28.20% बढ़कर ₹52,462 करोड़ रहा चौथी तिमाही में कंपनी को प्रोडक्ट और सर्विस बेचकर 52,462 करोड़ रुपए का राजस्व यानी रेवेन्यू हासिल हुआ। सालाना आधार पर यह 28.20% बढ़ा है। जनवरी-मार्च 2025 में कंपनी ने 40,920 करोड़ रुपए का रेवेन्यू जनरेट किया था। चौथी तिमाही में गाड़ियों की बिक्री 11.8% बढ़ी चौथी तिमाही में मारुति सुजुकी ने कुल 6,76,209 गाड़ियां बेचीं। घरेलू मार्केट में कंपनी की सेल इस दौरान सालाना आधार पर 3.7% बढ़ी, जबकि एक्सपोर्ट 61.3% ज्यादा रहा। इसके चलते कंपनी की सालाना आधार पर ओवरऑल सेल्स ग्रोथ 11.8% रही। डोमेस्टिक मार्केट में कंपनी ने 5,38,994 गाड़ियां बेचीं, जबकि 1,37,215 गाड़ियों को एक्सपोर्ट किया। यह कंपनी का ऑल-टाइम-हाई एक्सपोर्ट है। मारुति का शेयर एक साल में 9% चढ़ा चौथी तिमाही के नतीजों के बाद मारुति सुजुकी का शेयर आज 2.51% गिरकर 12,890 रुपए पर कारोबार कर रहा है। बीते 6 महीने में कंपनी का शेयर 21% गिरा है। वहीं, इस साल यानी 1 जनवरी से अब तक कंपनी का शेयर 23% गिरा है। वहीं बीते एक साल में कंपनी का शेयर 9% चढ़ा है। मारुति सुजुकी का मार्केट कैप 4.05 लाख करोड़ रुपए है। 1982 में बनी थी मारुति सुजुकी इंडिया मारुति सुजुकी की स्थापना 24 फरवरी 1981 को भारत सरकार के स्वामित्व में मारुति इंडस्ट्रीज लिमिटेड रूप में हुई थी। 1982 में कंपनी ने जापान की सुजुकी कॉर्पोरेशन के साथ मिलकर जॉइंट वेंचर ‘मारुति सुजुकी इंडिया लिमिटेड’ बनाई। भारतीयों के लिए पहली बजट कार 1983 में मारुति 800 लॉन्च हुई। 47,500 रुपए की एक्स शोरूम कीमत पर कंपनी ने देश के एक बड़े तबके को कार खरीदने के लिए सक्षम बनाया था। मारुति सुजुकी पिछले 40 साल में देश में 3 करोड़ से ज्यादा गाड़ियां बेच चुकी है।

मारुति का चौथी तिमाही में मुनाफा 6% घटा:रेवेन्यू 28% बढ़कर ₹52,462 करोड़, 3-महीने में 6.76 लाख कारें बेचीं; ₹140 डिविडेंड देगी

मारुति का चौथी तिमाही में मुनाफा 6% घटा:रेवेन्यू 28% बढ़कर ₹52,462 करोड़, 3-महीने में 6.76 लाख कारें बेचीं; ₹140 डिविडेंड देगी

ऑटोमोबाइल कंपनी मारुति सुजुकी इंडिया ने वित्त वर्ष 2025-26 की चौथी तिमाही में 52,946 करोड़ रुपए की कुल कमाई की। यह पिछले साल के मुकाबले 25% बढ़ी है। पिछले साल की समान तिमाही में कंपनी ने 42,431 करोड़ रुपए की कमाई की थी। इसी तिमाही में कंपनी ने 6.76 लाख कारें बेचीं। कुल कमाई में से सैलरी, टैक्स, कच्चे माल की कीमत जैसे खर्चे निकाल दें तो कंपनी के पास 3,659 करोड़ रुपए शुद्ध मुनाफे (नेट प्रॉफिट) के रूप में बचे। यह 2025 की जनवरी-मार्च तिमाही से 6.44% कम रहा है। पिछले साल कंपनी को 3,911 करोड़ रुपए का मुनाफा हुआ था। निवेशकों को ₹140 डिविडेंड देगी कंपनी इसके अलावा कंपनी ने अपने निवेशकों को 140 रुपए का डिविडेंड देना का भी ऐलान किया है। कंपनियां अपने मुनाफे का कुछ हिस्सा अपने शेयरधारकों के देती हैं, इसे डिविडेंड या लाभांश कहा जाता है। रेवेन्यू 28.20% बढ़कर ₹52,462 करोड़ रहा चौथी तिमाही में कंपनी को प्रोडक्ट और सर्विस बेचकर 52,462 करोड़ रुपए का राजस्व यानी रेवेन्यू हासिल हुआ। सालाना आधार पर यह 28.20% बढ़ा है। जनवरी-मार्च 2025 में कंपनी ने 40,920 करोड़ रुपए का रेवेन्यू जनरेट किया था। चौथी तिमाही में गाड़ियों की बिक्री 11.8% बढ़ी चौथी तिमाही में मारुति सुजुकी ने कुल 6,76,209 गाड़ियां बेचीं। घरेलू मार्केट में कंपनी की सेल इस दौरान सालाना आधार पर 3.7% बढ़ी, जबकि एक्सपोर्ट 61.3% ज्यादा रहा। इसके चलते कंपनी की सालाना आधार पर ओवरऑल सेल्स ग्रोथ 11.8% रही। डोमेस्टिक मार्केट में कंपनी ने 5,38,994 गाड़ियां बेचीं, जबकि 1,37,215 गाड़ियों को एक्सपोर्ट किया। यह कंपनी का ऑल-टाइम-हाई एक्सपोर्ट है। मारुति ने घरेलू मार्केट में 5.38 लाख गाड़ियां बेचीं सोर्स – BSE फाइलिंग मारुति ने Q4 में सबसे ज्यादा 2.47 लाख मिनी+कॉम्पैक्ट गाड़ियां बेचीं सोर्स – BSE फाइलिंग मारुति का शेयर एक साल में 9% चढ़ा चौथी तिमाही के नतीजों के बाद मारुति सुजुकी का शेयर आज 2.51% गिरकर 12,890 रुपए पर कारोबार कर रहा है। बीते 6 महीने में कंपनी का शेयर 21% गिरा है। वहीं, इस साल यानी 1 जनवरी से अब तक कंपनी का शेयर 23% गिरा है। वहीं बीते एक साल में कंपनी का शेयर 9% चढ़ा है। मारुति सुजुकी का मार्केट कैप 4.05 लाख करोड़ रुपए है। 1982 में बनी थी मारुति सुजुकी इंडिया मारुति सुजुकी की स्थापना 24 फरवरी 1981 को भारत सरकार के स्वामित्व में मारुति इंडस्ट्रीज लिमिटेड रूप में हुई थी। 1982 में कंपनी ने जापान की सुजुकी कॉर्पोरेशन के साथ मिलकर जॉइंट वेंचर ‘मारुति सुजुकी इंडिया लिमिटेड’ बनाई। भारतीयों के लिए पहली बजट कार 1983 में मारुति 800 लॉन्च हुई। 47,500 रुपए की एक्स शोरूम कीमत पर कंपनी ने देश के एक बड़े तबके को कार खरीदने के लिए सक्षम बनाया था। मारुति सुजुकी पिछले 40 साल में देश में 3 करोड़ से ज्यादा गाड़ियां बेच चुकी है।