अनूपपुर में खड़ी इलेक्ट्रिक स्कूटी की बैटरी फटी:घर में रखा फ्रिज-वाशिंग मशीन समेत लाखों का सामान जला; परिजनों ने बाहर निकलकर जान बचाई

अनूपपुर जिले के ग्राम धनगवां में बुधवार दोपहर एक खड़ी इलेक्ट्रिक स्कूटी की बैटरी में अचानक धमाका हो गया। धमाके के बाद घर में भीषण आग लग गई, जिससे फ्रिज, कूलर और वाशिंग मशीन सहित लाखों का सामान जलकर नष्ट हो गया। घटना के समय घर में मौजूद सदस्यों ने समय रहते बाहर निकलकर अपनी जान बचाई। बिना चार्जिंग के खड़ी स्कूटी की बैटरी में हुआ ब्लास्ट जैतहरी थाना प्रभारी अमर वर्मा ने बताया कि यह घटना राजेंद्र विश्वकर्मा के घर पर हुई। बुधवार दोपहर को स्कूटी चार्जिंग पर नहीं लगी थी, इसके बावजूद उसकी बैटरी अचानक तेज धमाके के साथ फट गई। धमाके के तुरंत बाद आग की लपटों ने पूरे घर को अपनी चपेट में ले लिया। ग्रामीणों की मदद से आग पर पाया काबू आग लगने के बाद आसपास के ग्रामीणों ने एकजुट होकर आग बुझाने का प्रयास किया, लेकिन तब तक अधिकांश कीमती सामान जल चुका था। सूचना मिलने पर पुलिस टीम ने मौके पर पहुंचकर स्थिति का मुआयना किया। पीड़ित परिवार को इस अग्निकांड में भारी आर्थिक क्षति हुई है। पुलिस ने दर्ज की शिकायत, जांच शुरू पीड़ित राजेंद्र विश्वकर्मा ने जैतहरी थाने में मामले की लिखित शिकायत दर्ज कराई है। पुलिस ने शिकायत के आधार पर जांच शुरू कर दी है। चार्जिंग पर न होने के बावजूद बैटरी फटने की इस घटना से क्षेत्र के इलेक्ट्रिक वाहन चालकों में चिंता और दहशत का माहौल है।
‘वे मोदी से कैसे जुड़ सकते हैं, वह एक आतंकवादी हैं’: खड़गे ने खड़ा किया नया विवाद, बीजेपी ने मांगी माफी | चुनाव समाचार

आखरी अपडेट:21 अप्रैल, 2026, 15:59 IST कांग्रेस प्रमुख मल्लिकार्जुन खड़गे ने भाजपा के साथ हाथ मिलाने के लिए अन्नाद्रमुक पर सवाल उठाया, उन्होंने आरोप लगाया कि वह समानता और न्याय में विश्वास नहीं करती है। तमिलनाडु विधानसभा चुनाव में मतदान से पहले कांग्रेस प्रमुख मल्लिकार्जुन खड़गे (आर) ने पीएम नरेंद्र मोदी (बाएं) पर चौंकाने वाला आरोप लगाया। (छवि: पीटीआई/फ़ाइल) कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने मंगलवार को प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ एक चौंकाने वाला आरोप लगाया, उन्हें “आतंकवादी” कहा, क्योंकि उन्होंने आगामी तमिलनाडु विधानसभा चुनावों के लिए भाजपा के नेतृत्व वाले राजग के साथ हाथ मिलाने के लिए अन्नाद्रमुक पर कड़ा प्रहार किया। भाजपा ने तुरंत प्रतिक्रिया देते हुए खड़गे के साथ-साथ मुख्यमंत्री एमके स्टालिन से प्रधानमंत्री मोदी को “आतंकवादी” कहकर 140 करोड़ भारतीयों का “अपमान” करने के लिए देश से माफी मांगने की मांग की। मल्लिकार्जुन खड़गे ने क्या कहा? खड़गे, जो चेन्नई में द्रमुक के नेतृत्व वाले गठबंधन, जिसका कांग्रेस हिस्सा है, के लिए प्रचार कर रहे थे, उन्होंने सवाल किया कि कैसे अन्नाद्रमुक मोदी से जुड़ गई और उन पर “आतंकवादी” होने का आरोप लगाया, जिनकी पार्टी समानता और न्याय में विश्वास नहीं करती है। यहां देखें वीडियो: चेन्नई, तमिलनाडु: कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे कहते हैं, “वे (एआईएडीएमके) मोदी के साथ कैसे जुड़ सकते हैं? वह एक आतंकवादी हैं। और जो समानता में विश्वास नहीं करेंगे। उनकी पार्टी समानता और न्याय में विश्वास नहीं करेगी। और ये लोग उनके साथ जुड़ रहे हैं, इसका मतलब है कि वे… pic.twitter.com/qymq7H54Z7– आईएएनएस (@ians_india) 21 अप्रैल 2026 खड़गे ने कहा, “वे (एआईएडीएमके) मोदी के साथ कैसे जुड़ सकते हैं? वह आतंकवादी हैं। और जो समानता में विश्वास नहीं करेंगे। उनकी पार्टी समानता और न्याय में विश्वास नहीं करेगी। और ये लोग उनके साथ जुड़ रहे हैं, इसका मतलब है कि वे लोकतंत्र को कमजोर कर रहे हैं…” अन्नाद्रमुक-भाजपा गठबंधन पर उनका तीखा हमला तमिलनाडु चुनाव के लिए प्रचार के आखिरी दिन आया है, जिसके लिए मतदान 23 अप्रैल को होगा। उन्होंने कहा कि भाजपा जैसी पार्टी के साथ हाथ मिलाकर अन्नाद्रमुक “लोकतंत्र और अन्नादुरई, कामराज, पेरियार … और बाबासाहेब अंबेडकर के दर्शन को कमजोर कर रही है”। हालाँकि, खड़गे ने वादा किया कि कांग्रेस-द्रमुक गठबंधन तमिलनाडु में “कल्याण, समावेशी विकास, गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और सुलभ स्वास्थ्य सेवा” प्रदान करना जारी रखेगा। चुनी हुई कहानियाँ, आपके इनबॉक्स में हमारी सर्वोत्तम पत्रकारिता वाला एक न्यूज़लेटर जमा करना पहले प्रकाशित: 21 अप्रैल, 2026, 15:34 IST समाचार चुनाव ‘वे मोदी से कैसे जुड़ सकते हैं, वह एक आतंकवादी हैं’: खड़गे ने खड़ा किया नया विवाद, बीजेपी ने मांगी माफी अस्वीकरण: टिप्पणियाँ उपयोगकर्ताओं के विचार दर्शाती हैं, News18 के नहीं। कृपया चर्चाएँ सम्मानजनक और रचनात्मक रखें। अपमानजनक, मानहानिकारक, या अवैध टिप्पणियाँ हटा दी जाएंगी। News18 अपने विवेक से किसी भी टिप्पणी को अक्षम कर सकता है. पोस्ट करके, आप हमारी उपयोग की शर्तों और गोपनीयता नीति से सहमत होते हैं। और पढ़ें (टैग्सटूट्रांसलेट)मल्लिकार्जुन खड़गे मोदी आतंकवादी टिप्पणी(टी)मल्लिकार्जुन खड़गे(टी)नरेंद्र मोदी(टी)आतंकवादी टिप्पणी विवाद(टी)एआईएडीएमके बीजेपी गठबंधन(टी)तमिलनाडु विधानसभा चुनाव(टी)डीएमके कांग्रेस गठबंधन(टी)भारतीय राजनीति समाचार
UP के मुस्लिम परिवार ने उत्तराखंड में अपनाया हिंदू धर्म:गंगा में डुबकी लगाई-जनेऊ पहना, घाट किनारे खड़े संत के पैर चूमे

उत्तर प्रदेश के एक मुस्लिम परिवार ने आज हरिद्वार में हिंदू धर्म अपना लिया। नमामि गंगे घाट पर कई संतों की मौजूदगी में परिवार के पांचों सदस्यों का शुद्धिकरण किया गया, गंगा में डुबकी लगवाई गई और फिर मंत्रो उच्चारण के बीच हवन में उन्हें जनेऊ पहनाया गया। हिंदू धर्म में शामिल कराने बाद उन सभी के नाम भी बदल दिए गए, परिवार के मुखिया मोहम्मद शहजाद अब ‘शंकर’ बन गए हैं और उनकी पत्नी रजिया से ‘सावित्री’ बन गई है। इसी दौरान का एक वीडियो भी सामने आया है जिसमें शहजाद घाट किनारे खड़े अपने गुरू अरुण किशन महाराज के पैर चूमते हुए दिख रहा है। इस पूरे कार्यक्रम में मौजूद संतों ने इसे घर वापसी बताया है। स्वामी प्रबोधानंद महाराज ने दावा किया है कि भारत का हर मुस्लिम पहले हिंदू ही था और सभी को हिंदू धर्म में आकर घर वापसी करनी चाहिए। वहीं शहजाद से शंकर बने युवक ने कहा कि वह बचपन से ही सनातन धर्म में विश्वास रखता था। हालांकि उसने कहा- मुझे अब उन लोगों से खतरा है जो पहले मेरे अपने थे, हालांकि अब मुझे उन लोगों से कोई मतलब नहीं है। सहारनपुर का परिवार, गुरु के संपर्क में था; बच्चों के नाम भी बदले ये पूरा परिवार उत्तर प्रदेश के सहारनपुर में रहता है। चंडीघाट पर हुए इस पूरे कार्यक्रम में मौजूद अरुण किशन महाराज ने बताया कि शहजाद लंबे समय से उनके संपर्क में था और लगातार सनातन धर्म अपनाने की इच्छा जता रहा था। उनके अनुसार, पूरा परिवार जब सहमत हुआ तो फिर आज सभी को हिंदू धर्म में शामिल कर लिया गया। रजिया और शहजाद की दो बेटियों और एक बेटे का भी नाम बदल दिया गया है। बेटे का नाम रूद्र’ और बेटियों के नाम ‘रुक्मिणी’ व ‘दिशा’ रखे गए हैं। ‘नमाज नहीं पढ़ता था, वो गलत रास्ता लगा’ शहजाद ने कहा कि वह रोज नियमित रूप से नमाज नहीं पढ़ता था और समय के साथ उसे महसूस हुआ कि यह रास्ता उसके लिए सही नहीं है। इसी वजह से उसने इसे छोड़कर सनातन धर्म अपनाने का फैसला लिया। उसने यह भी बताया कि बचपन से ही उसका झुकाव सनातन धर्म की ओर था और वह पहले से पूजा-पाठ करता था, इसलिए उसने परिवार के साथ मिलकर यह कदम उठाया। प्रोबोधानंद बोले- बिना दबाव का फैसला, यह घर वापसी है कार्यक्रम में मौजूद स्वामी प्रबोधानंद महाराज ने कहा कि यह निर्णय किसी दबाव या प्रलोभन में नहीं लिया गया, बल्कि परिवार की व्यक्तिगत आस्था से जुड़ा हुआ है। उन्होंने आगे कहा, हम आह्वान करते हैं कि भारत में रहने वाला हर मुसलमान हिंदू है और उसे पुन: हिंदू धर्म में वापस आना चाहिए। जब वे हज के लिए जाते हैं तो वहां उन्हें हीन दृष्टि से देखा जाता है, उन्हें पूरी तरह मुसलमान तक नहीं माना जाता, इसलिए उन्हें घर वापसी करनी चाहिए। स्वामी प्रबोधानंद ने यह भी स्पष्ट किया कि यह किसी प्रकार का धर्म परिवर्तन नहीं, बल्कि अपने मूल धर्म में लौटने की प्रक्रिया है। उनके अनुसार, “हम किसी ईसाई या मुस्लिम को हिंदू नहीं बना रहे हैं, बल्कि उन लोगों की घर वापसी करवा रहे हैं जो किसी कारणवश पहले अपने मूल धर्म से अलग हो गए थे।” ‘इनकी जान को खतरा, सुरक्षा हमारी जिम्मेदारी’ स्वामी राम विशाल दास भी इस पूरे धर्म परिवर्तन कार्यक्रम में मौजूद थे। उन्होंने कहा- “शहजाद जानता था कि इस्लाम अत्याचार, दुराचार, अनाचार के दम पर फैला हुआ मजहब है और उनके पूर्वजों पर बहुत अत्याचार हुए। उसकी जिज्ञासा थी कि ऐसा क्यों हुआ। बहुत दिन से वह हमारे संपर्क में था। ये पूरा कार्यक्रम हमने पहले गोपनीय रखा था, लेकिन आज पूरे विधि-विधान से हमने उसके परिवार की घर वापसी करवाई है। अच्छी बात ये है कि हमने उन्हें ब्रह्म कुंड में आस्था की डुबकी लगवाई है। पूरे वैदिक विधि-विधान से ये पूरा कार्यक्रम हुआ है। हरिद्वार शुद्धि आंदोलन का बहुत बड़ा केंद्र बनने जा रहा है। कई माताएं, बहनें, बेटियां और परिवार हमारे संपर्क में हैं जो हिंदू धर्म अपनाना चाहते हैं। बहुत जल्द अगला शुद्धि कार्यक्रम होगा।” पहले भी ब्रह्मकुंड पर पहुंची थी ‘एक्स मुस्लिम यात्रा’ इससे पहले हरिद्वार के हर की पौड़ी स्थित ब्रह्मकुंड पर कुछ दिन पहले उत्तर प्रदेश के बिजनौर से पैदल निकली ‘एक्स मुस्लिम पदयात्रा’ भी पहुंची थी, जिसमें संत राम विशाल दास समेत अन्य संत शामिल रहे थे। इस दौरान संत राम विशाल दास ने कहा था कि यात्रा का उद्देश्य उन लोगों के भीतर का डर खत्म करना है, जो इस्लाम छोड़ चुके हैं लेकिन भय और दबाव के कारण खुलकर सामने नहीं आ पा रहे। उन्होंने बताया था कि ऐसे लोगों को यह संदेश देना जरूरी है कि वे अपनी इच्छा के अनुसार जीवन जी सकते हैं और उन्हें सुरक्षा व स्वतंत्रता मिलनी चाहिए। —————- ये खबर भी पढ़ें… हरिद्वार में ‘एक्स मुस्लिम यात्रा’ पर FIR करेगी गंगा सभा:कहा- मुस्लिम टोपी पहनकर हरकी पैड़ी में आए, ये सनातन का अपमान, बख्शेंगे नहीं उत्तरप्रदेश के बिजनौर से निकल रविवार को हरिद्वार में खत्म हुई ‘एक्स मुस्लिम यात्रा’ पर गंगा सभा FIR करने की तैयारी में है। गंगा सभा के अध्यक्ष नितिन गौतम ने इस पूरी यात्रा में शामिल लोगों पर धार्मिक आस्थाओं के अपमान का आरोप लगाते इसे प्रोपेगेंडा बताया है। (पढ़ें पूरी खबर)
अभिनेता आशीष विद्यार्थी बाबा विश्वनाथ के दरबार में पहुंचे:सड़क पर खड़े होकर टमाटर चाट खाई…वीडियो बनाया, बोले- जीवंत शहर है काशी

बॉलीवुड एक्टर आशीष विद्यार्थी शनिवार सुबह काशी विश्वनाथ धाम पहुंचे और बाबा के दर्शन किए। वह यहां किसी सेलिब्रिटी की तरह नहीं, बल्कि एक सामान्य श्रद्धालु के रूप में पहुंचे। इसके बाद मंदिर परिसर में घूमे। अचानक अपने बीच अभिनेता को देखकर मौजूद भक्तों ने उनके साथ सेल्फी और फोटो खिंचवाई। उन्होंने मंदिर की भव्यता और दिव्यता की खुलकर सराहना की। उन्होंने कहा-काशी विश्वनाथ धाम का पुनर्विकास बेहद आकर्षक है और यहां की व्यवस्थाएं भी अत्यंत सुव्यवस्थित हैं। इसके बाद काशी के गलियों में घूमे। इस दौरान मशहूर दीना चाट भंडार पहुंचे। जहां उन्होंने बनारसी चाट का स्वाद चखा और वीडियो भी बनाई। पहले देखें 2 तस्वीर काशी एक जीवंत शहर है आशीष विद्यार्थी कहा- जब रक्तांचल -2 की शूटिंग चल रही थी तब हम रामनगर में लस्सी पीने के लिए गए थे। इस दौरान हमने वाराणसी की खूबसूरती को देखा था। उन्होंने कहा कि यह शहर काफी जीवंत है। उन्होंने कहा- आने के बाद मन को काफी सुकून मिल रहा है। इस शहर में आध्यात्मिक लोगों की कमी नहीं हर किसी से सीखने को मिलता है। अब जानिए कैसा रहा आशीष विद्यार्थी का सफर आशीष विद्यार्थी हिंदी सिनेमा के जाने-माने अभिनेता हैं, जिन्होंने 11 भाषाओं हिंदी, तमिल, कन्नड़, मलयालम, तेलुगू, बंगाली, अंग्रेजी, ओड़िया और मराठी में 300 से अधिक फिल्मों में काम किया है। उन्होंने अपने करियर की शुरुआत फिल्म सरदार से की, जबकि उनकी पहली रिलीज़ द्रोहकाल रही, जिसके लिए उन्हें 1995 में राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार (सर्वश्रेष्ठ सहायक अभिनेता) से सम्मानित किया गया। इसके अलावा 1942: ए लव स्टोरी और इस रात की सुबह नहीं जैसी फिल्मों में उनके अभिनय को भी काफी सराहा गया। टेलीविजन पर भी उन्होंने ‘हम पंछी एक चाल के’ में काम किया है। दूसरी शादी की और अब एक यूट्यूब चैनल भी चला रहे आशीष विद्यार्थी की पहली शादी पीलू राजोशी से हुई थी, जिससे उनका एक बेटा है। साल 2022 में दोनों का तलाक हो गया। इसके बाद 2023 में उन्होंने रूपाली बरुआ से दूसरी शादी की। अभिनय के अलावा वे ‘AVID Miner Conversations’ के सह-संस्थापक और क्यूरेटर भी हैं, जो संगठनों के लिए इंटरैक्टिव लर्निंग मॉड्यूल तैयार करता है। डिजिटल प्लेटफॉर्म पर भी वे काफी सक्रिय हैं। उनका एक यूट्यूब चैनल है, जहां वे अक्सर भोजन और यात्रा से जुड़े वीडियो साझा करते हैं और अपनी खास अंदाज में खाने को लेकर उत्साह व्यक्त करते हैं। ——————— ये खबर भी पढ़ें…
पवन खेड़ा की ट्रांजिट अग्रिम जमानत बढ़ाने की मांग खारिज:SC ने कहा- असम कोर्ट जाएं; खेड़ा बोले- क्या मैं अपराधी हूं?

सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार को कांग्रेस नेता पवन खेड़ा की ट्रांजिट अग्रिम जमानत बढ़ाने की मांग खारिज कर दी। कोर्ट ने कहा कि वे अपनी याचिका असम की अदालत में दाखिल करें। सुनवाई के दौरान खेड़ा ने कहा- असम की अदालतें बंद हैं, इसलिए उन्हें कुछ दिन का समय दिया जाए। क्या मैं कोई अपराधी हूं, जो मुझे इतनी राहत भी नहीं मिल सकती? जस्टिस जेके माहेश्वरी और जस्टिस अतुल एस चंदुरकर की बेंच ने यह मांग ठुकरा दी। यह मामला असम के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा की पत्नी रिनिकी भुइयां शर्मा को लेकर दिए गए आरोपों से जुड़ा है। खेड़ा ने 5 अप्रैल को आरोप लगाया था कि उनके पास एक से ज्यादा पासपोर्ट और विदेश में संपत्तियां हैं, जिनका जिक्र चुनावी हलफनामे में नहीं किया गया। इसके दो दिन बाद असम पुलिस ने दिल्ली में उनके घर पर तलाशी ली, हालांकि उस समय खेड़ा हैदराबाद में थे। पुलिस कुछ दस्तावेज अपने साथ ले गई खेड़ा पर कोर्ट में गलत डाक्यूमेंट देने का आरोप सुनवाई के दौरान अटॉर्नी जनरल तुषार मेहता ने दस्तावेजों में गड़बड़ी का मुद्दा उठाया। उन्होंने कहा कि आधार कार्ड के आगे और पीछे अलग-अलग जानकारी और नंबर थे। इसे फोरम शॉपिंग बताया। इस पर खेड़ा की ओर से वरिष्ठ वकील अभिषेक मनु सिंघवी ने कहा कि याचिका जल्दबाजी में दाखिल हुई थी, इसलिए गलत दस्तावेज लग गया था। इसे बाद में ठीक कर दिया गया। उन्होंने कहा कि यह जालसाजी नहीं बल्कि गलती थी और मामला मूल रूप से मानहानि का है। हालांकि सुप्रीम कोर्ट ने दस्तावेजों में गड़बड़ी को गंभीर माना और जमानत बढ़ाने से इनकार कर दिया। कोर्ट ने कहा कि खेड़ा असम की अदालत में जाकर अपनी बात रखें। तलंगाना कोर्ट से मिली थी अग्रिम जमानत इससे पहले 10 अप्रैल को तेलंगाना हाईकोर्ट ने खेड़ा को एक हफ्ते की ट्रांजिट अग्रिम जमानत दी थी, ताकि वे असम की अदालत में जा सकें। असम सरकार ने इस फैसले को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी, जिसके बाद 15 अप्रैल को सुप्रीम कोर्ट ने हाईकोर्ट के आदेश पर रोक लगा दी। अब समझें पूरा मामला… 5 अप्रैल- खेड़ा के 2 आरोप, पूछा- ₹52 हजार करोड़, तीन पासपोर्ट कहां से आए 6 अप्रैल: हिमंता बोले- हमने प्रापर्टी के असली मालिक का पता लगाया हिमंता ने दुबई में फ्लैट होने के आरोपों का जवाब दिया। उन्होंने एक वीडियो पोस्ट किया और लिखा कि हमने उन दो दुबई अपार्टमेंट के असली मालिकों का पता लगा लिया है, जिनका जिक्र कांग्रेस ने किया है। ये फ्लैट मोहम्मद अहमद और फातिमा सुलेमान के हैं। कांग्रेस ने ये दस्तावेज एक वेबसाइट Scribd से चुराए थे। हमने इस तरह इनका पता लगाया है। आप भी फोन पर देख सकते हैं। इससे पहले पांच अप्रैल को हिमंता ने पवन खेड़ा की कॉन्फ्रेंस के कुछ देर बाद ही X पर पर पोस्ट किया था कि उनके दिखाए गए दस्तावेजों में नाम की स्पेलिंग, फोटो और पासपोर्ट विवरण जैसी कई गंभीर गलतियां हैं, जो साफ तौर पर इनके फर्जी और डिजिटल छेड़छाड़ होने का सबूत हैं।
गाडरवारा बस स्टैंड पर खड़ी बस में लगी आग, VIDEO:वाहन जलकर खाक, फायर बिग्रेड टीम ने मुश्किल से पाया काबू

नरसिंहपुर जिले के गाडरवारा बस स्टैंड पर शुक्रवार को एक खड़ी बस में अचानक आग लग गई। देखते ही देखते आग ने पूरी बस को अपनी चपेट में ले लिया और मौके पर धुआं फैल गया। सूचना मिलने पर दमकल विभाग की टीम मौके पर पहुंची। स्थानीय लोगों की मदद से आग पर काबू पाया गया। राहत की बात यह रही कि घटना के वक्त बस खाली थी, जिससे कोई जनहानि नहीं हुई। आग लगने से बस को भारी नुकसान पहुंचा है। आग लगने के कारणों का अभी तक पता नहीं चल सका है। पुलिस मामले की जांच कर रही है।
2 एकड़ में खड़ी गेहूं की फसल जली:उमरिया में टूटी 11 केवी लाइन से भड़की आग, ग्रामीणों और फायर ब्रिगेड ने पाया काबू

उमरिया जिले की चंदिया तहसील के मझगंवा गांव में गेहूं के खेत में भीषण आग लगने से हड़कंप मच गया। देखते ही देखते लपटों ने विकराल रूप ले लिया और कई किसानों की तैयार खड़ी 2 एकड़ की फसल को अपनी चपेट में ले लिया। आग इतनी तेजी से फैली कि जब तक ग्रामीण कुछ समझ पाते, काफी नुकसान हो चुका था। इस हादसे में किसान सोनेलाल, दादुराम, कल्ली बाई, भीम्मा और धोरी लाल की गेहूं की फसल पूरी तरह जलकर राख हो गई। ग्रामीणों ने अपने स्तर पर आग बुझाने की बहुत कोशिश की, लेकिन कामयाबी नहीं मिली। बिजली विभाग की लापरवाही पर गुस्सा गांव के रहने वाले विजय ने बताया कि खेत के पास से गुजर रही 11 केवी बिजली लाइन का तार टूटकर जमीन पर पड़ा था। माना जा रहा है कि इसी तार से निकली चिंगारी की वजह से फसल में आग लगी। ग्रामीणों ने इस हादसे के लिए सीधे तौर पर बिजली विभाग की लापरवाही को जिम्मेदार ठहराया है। फायर ब्रिगेड ने पाया काबू सूचना मिलने के बाद फायर ब्रिगेड की टीम मौके पर पहुंची और ग्रामीणों की मदद से काफी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया गया। हालांकि, जब तक आग बुझती, तब तक बड़े इलाके की फसल जल चुकी थी। मुआवजे की मांग अपनी मेहनत की कमाई आंखों के सामने जलता देख किसानों में गहरा दुख और गुस्सा है। पीड़ित किसानों ने प्रशासन से गुहार लगाई है कि बिजली कंपनी की लापरवाही की जांच की जाए और उन्हें हुए भारी नुकसान का उचित मुआवजा दिया जाए।
उमा भारती के लिए चेन पुलिंग कर पंजाब मेल रोकी: झांसी में 5 मिनट खड़ी रही; रेलवे बोला- ट्रेन समय पर थी, पूर्व CM ने कहा- पहले छूटी – Jhansi News

पूर्व मुख्यमंत्री उमा भारती के लिए रविवार को झांसी में चेन पुलिंग कर पंजाब मेल रोकनी पड़ी। उमा भारती प्लेटफॉर्म पर पहुंचीं तो नई दिल्ली जाने वाली पंजाब मेल रवाना हो चुकी थी। . ट्रेन आधा प्लेटफॉर्म छोड़ चुकी थी। उमा के समर्थकों ने तत्काल ट्रेन को रुकवाया। उन्हें ट्रेन के फर्स्ट एसी कोच A-1 में सवार होना था। लेकिन जब तक ट्रेन रुकी, कोच A-1 यार्ड में पहुंच चुका था। इस कारण वह B-1 कोच में सवार हुईं। उन्होंने ट्रेन के गेट पर ही खड़ी होकर मीडिया से बात भी की। चेन पुलिंग के चलते ट्रेन के ब्रेक की एयर रिलीज हो चुकी थी। ट्रेन 5 मिनट तक आधी प्लेटफॉर्म और आधी यार्ड में खड़ी रही। उमा भारती के ट्रेन में सवार होने के बाद गाड़ी को आगे रवाना किया गया। उमा भारती ने कहा- ट्रेन समय से पहले रवाना हो गई थी। यह पूरी घटना रेलवे की अव्यवस्था का नतीजा है। आज जो मेरे साथ हुआ है, वो आए दिन यात्रियों के साथ हो रहा है। मथुरा, झांसी और ललितपुर जैसे स्टेशनों पर अक्सर ऐसी दिक्कतें आती हैं। महिलाएं सामान और बच्चों के साथ प्लेटफार्म पर दौड़ती भागती हैं। बुजुर्गों और दिव्यांगों को सबसे ज्यादा परेशानी होती है। उमा भारती को थर्ड एसी में चढ़ना पड़ा। अब जानिए पूरा मामला… उमा भारती का दावा- 2 बजकर 18 मिनट पर स्टेशन पर पहुंच गई थी पूर्व सीएम उमा भारती ने दावा किया कि वे रविवार दोपहर 2:18 बजे झांसी रेलवे स्टेशन आ गई थीं। ट्रेन 2:23 बजे की थी। उमा भारती ने कहा- मैं एस्केलेटर से जा रही थी, लेकिन अफसरों ने ई-कार्ट से जाने के लिए कह दिया। कुछ दूरी चलने पर ई-कार्ट के सामने से एक ट्रेन निकली, इसलिए पांच मिनट तक वहीं खड़े रहना पड़ा। फिर हाथ ठेला निकला। इसके चलते ट्रेन छूट गई। रेल मंत्री को X पर लेटर लिखा- स्टेशन पर संवेदनशीलता का अभाव उमा भारती ने घटना के बाद रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव को सोशल मीडिया X पर एक लेटर लिखा है। उमा भारती ने कहा, मैंने पूर्व में मथुरा रेलवे स्टेशन की यात्रियों के प्रति संवेदनहीनता की बात लिखी है। मेरे साथ आज फिर झांसी रेलवे स्टेशन पर चढ़ते हुए एक घटना हो गई जिसमें कोई अपराधी नहीं है, बल्कि स्टेशनों पर आधुनिक सुविधाओं के निर्माण में व्यावहारिक संवेदनशीलता का अभाव कारण बना है। अफसरों ने ई-कार्ट से जाने के लिए कह दिया। इसके बाद उमा भारती प्लेटफॉर्म तक ई-कार्ट से गईं। सीसीटीवी निकलवाए जाएं उमा भारती ने लिखा- झांसी रेलवे स्टेशन के सीसीटीवी निकलवाए जाएं। मैं झांसी रेलवे स्टेशन पर ट्रेन आने के पहले आ गई थी और यह ट्रेन निर्धारित समय से पूर्व टाइम पर आ गई और निर्धारित समय से पूर्व प्रस्थान हो गई। मुझे बैटरी गाड़ी में बैठाकर प्लेटफॉर्म नंबर 1 से 4 नंबर की तरफ ले जाया जा रहा था। इतने में उसी ट्रैक से एक गाड़ी लंबे समय तक गुजरी और हम खड़े रहे। फिर जब थोड़ा आगे बढ़े तो एक हाथ ठेला ट्रैक में फंसा हुआ था। उसको निकालने में मेरे सुरक्षाकर्मियों ने सहयोग किया फिर जब मैं 4 नंबर प्लेटफार्म पर पहुंची तथा जिस ट्रेन पंजाब मेल में मुझे बैठना था, वह चलती जा रही थी। किसने चेन खींची, जिसका मुझे अंदाज नहीं है और मुझे ट्रेन में बैठा दिया गया। मिलकर मथुरा और झांसी की घटनाएं बताऊंगी उमा ने आगे लिखा- सब कुछ समय के अनुसार था, किसी से कोई भूल नहीं थी। ट्रेन के तीन-चार मिनट मेरे लिए खराब हुए। इसमें पहला कारण था ट्रेन का समय से पहले पहुंचना तथा समय से 2 मिनट पहले निकल जाना। रेल के अंदर संचालित करने वाले अधिकारियों की गलती उमा भारती ने कहा, मेरा तो छोड़ दीजिए लेकिन आमजन, दिव्यांगजन, वृद्ध, स्त्री पुरुष बहुत सारा सामान एवं गोद में बच्चे लिए महिलाएं अव्यवस्था का शिकार होते हैं। मैं झांसी रेलवे के अधिकारियों की बिल्कुल गलती नहीं मानती और अपनी भी नहीं मानती यह पूरी की पूरी व्यवस्था रेल के अंदर रेल को संचालित करने वाले अधिकारियों के द्वारा हुई। मैं आपसे फिर कहूंगी कि आप इन अव्यवस्थाओं पर ध्यान दीजिए। रेलवे का दावा- अपने समय पर छूटी थी ट्रेन नेशनल ट्रेन इन्क्वारी सिस्टम के मुताबिक, ट्रेन अपने निर्धारित समय दोपहर 2.15 की जगह 6 मिनट पहले 2.09 बजे प्लेटफॉर्म 4 पर आ गई थी। इसके बाद उसे 8 मिनट के स्टॉप के बाद 2.23 पर रवाना होना था और ट्रेन अपने निर्धारित टाइम पर ही छूटी थी। बाद में उसे चेन पुलिंग कर रोका गया तो फिर 2.28 बजे रवाना हुई। मंडल रेल प्रबंधक अनिरुद्ध कुमार ने बताया- मुंबई-फिरोजपुर पंजाब मेल की चेन पुलिंग उमा भारती ने नहीं कराई थी। कुछ यात्री, जो खाना और पानी लेने के लिए झांसी स्टेशन के प्लेटफॉर्म पर उतरे थे, उन्होंने जब देखा कि ट्रेन चलने लगी है तो उन्हीं यात्रियों के साथियों ने चेन पुलिंग कर दी थी। रेलवे के सिस्टम में ऐसा नहीं होता कि ट्रेन निर्धारित समय से पहले प्लेटफॉर्म छोड़ दे। हां, ये बात जरूर है कि ट्रेन निर्धारित समय से पहले स्टेशन पर पहुंच जाती है। फिर भी हम मामले की जांच करा रहे हैं कि समय से पहले ट्रेन चलाई गई थी या नहीं। ———————- ये खबर भी पढ़िए- मिर्जापुर में वकील की हत्या करने वाले का एनकाउंटर:दोनों पैर में गोली लगी, पुलिसवाले टांगकर ले गए; मॉर्निंग वॉक पर मारी थी गोली मिर्जापुर में सीनियर वकील राजीव सिंह की हत्या करने वाले 50 हजार के इनामी राजेंद्र सोनकर को पुलिस ने शनिवार रात एनकाउंटर में गिरफ्तार कर लिया। उसके दोनों पैरों में गोली लगी। पुलिसकर्मी उसे कंधे पर टांगकर गाड़ी तक ले गए, फिर मंडलीय अस्पताल में भर्ती कराया गया। पढ़ें पूरी खबर…
खाड़ी संकट: रईस ग्राहक टाल रहे महंगी कारों की खरीदारी:देश में बिकीं रिकॉर्ड 47 लाख कारें, पर लग्जरी सेगमेंट की हिस्सेदारी महज 1%

देश में वित्त वर्ष 2025-26 में कारों की बिक्री 13% बढ़कर रिकॉर्ड 47 लाख रही, लेकिन लग्जरी कारों की हिस्सेदारी 1% ही है। बीएमडब्ल्यू इंडिया के प्रेसिडेंट हरदीप सिंह बरार के मुताबिक पश्चिम एशिया तनाव ने खरीदारों के सेंटिमेंट को प्रभावित किया है, जिससे वे बड़ी खरीदारी टाल रहे हैं। मर्सिडीज-बेंज इंडिया के एमडी व सीईओ संतोष अय्यर ने भी माना कि वैश्विक हालात के कारण इस साल लग्जरी मार्केट फ्लैट रह सकता है। हालांकि मर्सिडीज-बेंज इंडिया ने वित्त वर्ष 2025-26 के दौरान 19,363 यूनिट्स की बिक्री की, जो किसी एक वित्त वर्ष का सबसे शानदार प्रदर्शन है। इससे पिछले साल 18,928 यूनिट्स बेची थी। मर्सिडीज की इस कामयाबी के पीछे सबसे बड़ा हाथ ‘टॉप-एंड लग्जरी’ सेगमेंट का रहा। अमीर ग्राहकों की बढ़ती पसंद के चलते इस सेगमेंट में वित्त वर्ष 2025-26 में 16% की वृद्धि देखी गई, जबकि साल मार्च तिमाही में यह उछाल 25% तक जा पहुंचा। लग्जरी कारों में ईवी की मांग 83% बढ़ी ईंधन की कीमतें बढ़ने के डर से ग्राहक तेजी से इलेक्ट्रिक व्हीकल्स (ईवी) की ओर बढ़ रहे हैं। जनवरी-मार्च में बीएमडब्ल्यू की इलेक्ट्रिक कारों की बिक्री 83% उछाल के साथ 1,185 तक पहुंच गई। अब कंपनी की कुल बिक्री में ईवी की हिस्सेदारी 26% है। मर्सिडीज की 1.4 करोड़ रुपए से महंगी इलेक्ट्रिक कारों की मांग भी 85% बढ़ी है। मर्सिडीज की इस कामयाबी के पीछे सबसे बड़ा हाथ ‘टॉप-एंड लग्जरी’ सेगमेंट का रहा। अमीर ग्राहकों की बढ़ती पसंद के चलते इस सेगमेंट में वित्त वर्ष 2025-26 में 16% की वृद्धि देखी गई, जबकि साल मार्च तिमाही में यह उछाल 25% तक जा पहुंचा।
अनूपपुर में हाथियों ने खड़ी फसलें रौंदी:सिंचाई के पाइप और दीवारें भी तोड़ी, 103 दिनों से मचा रहे तबाही

छत्तीसगढ़ से आए चार हाथियों ने अनूपपुर जिले में पिछले 103 दिनों से डेरा डाल रखा है। हाथियों के लगातार उत्पात और वन विभाग की सुस्ती की वजह से ग्रामीणों में भारी गुस्सा और डर का माहौल है। ये हाथी फिलहाल दो हिस्सों में बंटकर आतंक मचा रहे हैं। तीन हाथियों का दल करनपठार के जंगलों में छिपा है, जबकि एक अकेला हाथी (लोन टस्कर) जिला मुख्यालय से सिर्फ 8 किलोमीटर दूर पोंड़ी और खांड़ा के इलाकों में फसलों और मकानों को नुकसान पहुंचा रहा है। इस अकेले हाथी ने बरबसपुर के सरपंच समेत कई किसानों के खेत रौंद दिए और सिंचाई के पाइप और दीवारें भी तोड़ डालीं। वन विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल ग्रामीणों का आरोप है कि वन विभाग उन्हें समय पर हाथियों के आने की सूचना (मुनादी) नहीं दे रहा है। लोगों का कहना है कि अधिकारी सिर्फ दूर खड़े होकर तमाशा देखते हैं। न तो विभाग पटाखे दे रहा है और न ही सुरक्षा के कोई इंतजाम कर रहा है। मजबूर होकर ग्रामीण अपनी जान जोखिम में डालकर मशालों के सहारे हाथियों को खदेड़ रहे हैं। मौत के दो महीने बाद भी नहीं मिला मुआवजा प्रशासन की लापरवाही का एक बड़ा मामला भी सामने आया है। बरबसपुर में 12 फरवरी को हाथी के हमले (दीवार गिरने) से घायल 70 साल के रामविशाल भैना की मौत हो गई थी। इस घटना को दो महीने बीत चुके हैं, लेकिन मृतक के परिवार को अब तक सरकारी सहायता राशि नहीं मिली है। ग्रामीणों का कहना है कि विभाग न तो जान की परवाह कर रहा है और न ही नुकसान की भरपाई।









