2 एकड़ में खड़ी गेहूं की फसल जली:उमरिया में टूटी 11 केवी लाइन से भड़की आग, ग्रामीणों और फायर ब्रिगेड ने पाया काबू

उमरिया जिले की चंदिया तहसील के मझगंवा गांव में गेहूं के खेत में भीषण आग लगने से हड़कंप मच गया। देखते ही देखते लपटों ने विकराल रूप ले लिया और कई किसानों की तैयार खड़ी 2 एकड़ की फसल को अपनी चपेट में ले लिया। आग इतनी तेजी से फैली कि जब तक ग्रामीण कुछ समझ पाते, काफी नुकसान हो चुका था। इस हादसे में किसान सोनेलाल, दादुराम, कल्ली बाई, भीम्मा और धोरी लाल की गेहूं की फसल पूरी तरह जलकर राख हो गई। ग्रामीणों ने अपने स्तर पर आग बुझाने की बहुत कोशिश की, लेकिन कामयाबी नहीं मिली। बिजली विभाग की लापरवाही पर गुस्सा गांव के रहने वाले विजय ने बताया कि खेत के पास से गुजर रही 11 केवी बिजली लाइन का तार टूटकर जमीन पर पड़ा था। माना जा रहा है कि इसी तार से निकली चिंगारी की वजह से फसल में आग लगी। ग्रामीणों ने इस हादसे के लिए सीधे तौर पर बिजली विभाग की लापरवाही को जिम्मेदार ठहराया है। फायर ब्रिगेड ने पाया काबू सूचना मिलने के बाद फायर ब्रिगेड की टीम मौके पर पहुंची और ग्रामीणों की मदद से काफी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया गया। हालांकि, जब तक आग बुझती, तब तक बड़े इलाके की फसल जल चुकी थी। मुआवजे की मांग अपनी मेहनत की कमाई आंखों के सामने जलता देख किसानों में गहरा दुख और गुस्सा है। पीड़ित किसानों ने प्रशासन से गुहार लगाई है कि बिजली कंपनी की लापरवाही की जांच की जाए और उन्हें हुए भारी नुकसान का उचित मुआवजा दिया जाए।
उमा भारती के लिए चेन पुलिंग कर पंजाब मेल रोकी: झांसी में 5 मिनट खड़ी रही; रेलवे बोला- ट्रेन समय पर थी, पूर्व CM ने कहा- पहले छूटी – Jhansi News

पूर्व मुख्यमंत्री उमा भारती के लिए रविवार को झांसी में चेन पुलिंग कर पंजाब मेल रोकनी पड़ी। उमा भारती प्लेटफॉर्म पर पहुंचीं तो नई दिल्ली जाने वाली पंजाब मेल रवाना हो चुकी थी। . ट्रेन आधा प्लेटफॉर्म छोड़ चुकी थी। उमा के समर्थकों ने तत्काल ट्रेन को रुकवाया। उन्हें ट्रेन के फर्स्ट एसी कोच A-1 में सवार होना था। लेकिन जब तक ट्रेन रुकी, कोच A-1 यार्ड में पहुंच चुका था। इस कारण वह B-1 कोच में सवार हुईं। उन्होंने ट्रेन के गेट पर ही खड़ी होकर मीडिया से बात भी की। चेन पुलिंग के चलते ट्रेन के ब्रेक की एयर रिलीज हो चुकी थी। ट्रेन 5 मिनट तक आधी प्लेटफॉर्म और आधी यार्ड में खड़ी रही। उमा भारती के ट्रेन में सवार होने के बाद गाड़ी को आगे रवाना किया गया। उमा भारती ने कहा- ट्रेन समय से पहले रवाना हो गई थी। यह पूरी घटना रेलवे की अव्यवस्था का नतीजा है। आज जो मेरे साथ हुआ है, वो आए दिन यात्रियों के साथ हो रहा है। मथुरा, झांसी और ललितपुर जैसे स्टेशनों पर अक्सर ऐसी दिक्कतें आती हैं। महिलाएं सामान और बच्चों के साथ प्लेटफार्म पर दौड़ती भागती हैं। बुजुर्गों और दिव्यांगों को सबसे ज्यादा परेशानी होती है। उमा भारती को थर्ड एसी में चढ़ना पड़ा। अब जानिए पूरा मामला… उमा भारती का दावा- 2 बजकर 18 मिनट पर स्टेशन पर पहुंच गई थी पूर्व सीएम उमा भारती ने दावा किया कि वे रविवार दोपहर 2:18 बजे झांसी रेलवे स्टेशन आ गई थीं। ट्रेन 2:23 बजे की थी। उमा भारती ने कहा- मैं एस्केलेटर से जा रही थी, लेकिन अफसरों ने ई-कार्ट से जाने के लिए कह दिया। कुछ दूरी चलने पर ई-कार्ट के सामने से एक ट्रेन निकली, इसलिए पांच मिनट तक वहीं खड़े रहना पड़ा। फिर हाथ ठेला निकला। इसके चलते ट्रेन छूट गई। रेल मंत्री को X पर लेटर लिखा- स्टेशन पर संवेदनशीलता का अभाव उमा भारती ने घटना के बाद रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव को सोशल मीडिया X पर एक लेटर लिखा है। उमा भारती ने कहा, मैंने पूर्व में मथुरा रेलवे स्टेशन की यात्रियों के प्रति संवेदनहीनता की बात लिखी है। मेरे साथ आज फिर झांसी रेलवे स्टेशन पर चढ़ते हुए एक घटना हो गई जिसमें कोई अपराधी नहीं है, बल्कि स्टेशनों पर आधुनिक सुविधाओं के निर्माण में व्यावहारिक संवेदनशीलता का अभाव कारण बना है। अफसरों ने ई-कार्ट से जाने के लिए कह दिया। इसके बाद उमा भारती प्लेटफॉर्म तक ई-कार्ट से गईं। सीसीटीवी निकलवाए जाएं उमा भारती ने लिखा- झांसी रेलवे स्टेशन के सीसीटीवी निकलवाए जाएं। मैं झांसी रेलवे स्टेशन पर ट्रेन आने के पहले आ गई थी और यह ट्रेन निर्धारित समय से पूर्व टाइम पर आ गई और निर्धारित समय से पूर्व प्रस्थान हो गई। मुझे बैटरी गाड़ी में बैठाकर प्लेटफॉर्म नंबर 1 से 4 नंबर की तरफ ले जाया जा रहा था। इतने में उसी ट्रैक से एक गाड़ी लंबे समय तक गुजरी और हम खड़े रहे। फिर जब थोड़ा आगे बढ़े तो एक हाथ ठेला ट्रैक में फंसा हुआ था। उसको निकालने में मेरे सुरक्षाकर्मियों ने सहयोग किया फिर जब मैं 4 नंबर प्लेटफार्म पर पहुंची तथा जिस ट्रेन पंजाब मेल में मुझे बैठना था, वह चलती जा रही थी। किसने चेन खींची, जिसका मुझे अंदाज नहीं है और मुझे ट्रेन में बैठा दिया गया। मिलकर मथुरा और झांसी की घटनाएं बताऊंगी उमा ने आगे लिखा- सब कुछ समय के अनुसार था, किसी से कोई भूल नहीं थी। ट्रेन के तीन-चार मिनट मेरे लिए खराब हुए। इसमें पहला कारण था ट्रेन का समय से पहले पहुंचना तथा समय से 2 मिनट पहले निकल जाना। रेल के अंदर संचालित करने वाले अधिकारियों की गलती उमा भारती ने कहा, मेरा तो छोड़ दीजिए लेकिन आमजन, दिव्यांगजन, वृद्ध, स्त्री पुरुष बहुत सारा सामान एवं गोद में बच्चे लिए महिलाएं अव्यवस्था का शिकार होते हैं। मैं झांसी रेलवे के अधिकारियों की बिल्कुल गलती नहीं मानती और अपनी भी नहीं मानती यह पूरी की पूरी व्यवस्था रेल के अंदर रेल को संचालित करने वाले अधिकारियों के द्वारा हुई। मैं आपसे फिर कहूंगी कि आप इन अव्यवस्थाओं पर ध्यान दीजिए। रेलवे का दावा- अपने समय पर छूटी थी ट्रेन नेशनल ट्रेन इन्क्वारी सिस्टम के मुताबिक, ट्रेन अपने निर्धारित समय दोपहर 2.15 की जगह 6 मिनट पहले 2.09 बजे प्लेटफॉर्म 4 पर आ गई थी। इसके बाद उसे 8 मिनट के स्टॉप के बाद 2.23 पर रवाना होना था और ट्रेन अपने निर्धारित टाइम पर ही छूटी थी। बाद में उसे चेन पुलिंग कर रोका गया तो फिर 2.28 बजे रवाना हुई। मंडल रेल प्रबंधक अनिरुद्ध कुमार ने बताया- मुंबई-फिरोजपुर पंजाब मेल की चेन पुलिंग उमा भारती ने नहीं कराई थी। कुछ यात्री, जो खाना और पानी लेने के लिए झांसी स्टेशन के प्लेटफॉर्म पर उतरे थे, उन्होंने जब देखा कि ट्रेन चलने लगी है तो उन्हीं यात्रियों के साथियों ने चेन पुलिंग कर दी थी। रेलवे के सिस्टम में ऐसा नहीं होता कि ट्रेन निर्धारित समय से पहले प्लेटफॉर्म छोड़ दे। हां, ये बात जरूर है कि ट्रेन निर्धारित समय से पहले स्टेशन पर पहुंच जाती है। फिर भी हम मामले की जांच करा रहे हैं कि समय से पहले ट्रेन चलाई गई थी या नहीं। ———————- ये खबर भी पढ़िए- मिर्जापुर में वकील की हत्या करने वाले का एनकाउंटर:दोनों पैर में गोली लगी, पुलिसवाले टांगकर ले गए; मॉर्निंग वॉक पर मारी थी गोली मिर्जापुर में सीनियर वकील राजीव सिंह की हत्या करने वाले 50 हजार के इनामी राजेंद्र सोनकर को पुलिस ने शनिवार रात एनकाउंटर में गिरफ्तार कर लिया। उसके दोनों पैरों में गोली लगी। पुलिसकर्मी उसे कंधे पर टांगकर गाड़ी तक ले गए, फिर मंडलीय अस्पताल में भर्ती कराया गया। पढ़ें पूरी खबर…
खाड़ी संकट: रईस ग्राहक टाल रहे महंगी कारों की खरीदारी:देश में बिकीं रिकॉर्ड 47 लाख कारें, पर लग्जरी सेगमेंट की हिस्सेदारी महज 1%

देश में वित्त वर्ष 2025-26 में कारों की बिक्री 13% बढ़कर रिकॉर्ड 47 लाख रही, लेकिन लग्जरी कारों की हिस्सेदारी 1% ही है। बीएमडब्ल्यू इंडिया के प्रेसिडेंट हरदीप सिंह बरार के मुताबिक पश्चिम एशिया तनाव ने खरीदारों के सेंटिमेंट को प्रभावित किया है, जिससे वे बड़ी खरीदारी टाल रहे हैं। मर्सिडीज-बेंज इंडिया के एमडी व सीईओ संतोष अय्यर ने भी माना कि वैश्विक हालात के कारण इस साल लग्जरी मार्केट फ्लैट रह सकता है। हालांकि मर्सिडीज-बेंज इंडिया ने वित्त वर्ष 2025-26 के दौरान 19,363 यूनिट्स की बिक्री की, जो किसी एक वित्त वर्ष का सबसे शानदार प्रदर्शन है। इससे पिछले साल 18,928 यूनिट्स बेची थी। मर्सिडीज की इस कामयाबी के पीछे सबसे बड़ा हाथ ‘टॉप-एंड लग्जरी’ सेगमेंट का रहा। अमीर ग्राहकों की बढ़ती पसंद के चलते इस सेगमेंट में वित्त वर्ष 2025-26 में 16% की वृद्धि देखी गई, जबकि साल मार्च तिमाही में यह उछाल 25% तक जा पहुंचा। लग्जरी कारों में ईवी की मांग 83% बढ़ी ईंधन की कीमतें बढ़ने के डर से ग्राहक तेजी से इलेक्ट्रिक व्हीकल्स (ईवी) की ओर बढ़ रहे हैं। जनवरी-मार्च में बीएमडब्ल्यू की इलेक्ट्रिक कारों की बिक्री 83% उछाल के साथ 1,185 तक पहुंच गई। अब कंपनी की कुल बिक्री में ईवी की हिस्सेदारी 26% है। मर्सिडीज की 1.4 करोड़ रुपए से महंगी इलेक्ट्रिक कारों की मांग भी 85% बढ़ी है। मर्सिडीज की इस कामयाबी के पीछे सबसे बड़ा हाथ ‘टॉप-एंड लग्जरी’ सेगमेंट का रहा। अमीर ग्राहकों की बढ़ती पसंद के चलते इस सेगमेंट में वित्त वर्ष 2025-26 में 16% की वृद्धि देखी गई, जबकि साल मार्च तिमाही में यह उछाल 25% तक जा पहुंचा।
अनूपपुर में हाथियों ने खड़ी फसलें रौंदी:सिंचाई के पाइप और दीवारें भी तोड़ी, 103 दिनों से मचा रहे तबाही

छत्तीसगढ़ से आए चार हाथियों ने अनूपपुर जिले में पिछले 103 दिनों से डेरा डाल रखा है। हाथियों के लगातार उत्पात और वन विभाग की सुस्ती की वजह से ग्रामीणों में भारी गुस्सा और डर का माहौल है। ये हाथी फिलहाल दो हिस्सों में बंटकर आतंक मचा रहे हैं। तीन हाथियों का दल करनपठार के जंगलों में छिपा है, जबकि एक अकेला हाथी (लोन टस्कर) जिला मुख्यालय से सिर्फ 8 किलोमीटर दूर पोंड़ी और खांड़ा के इलाकों में फसलों और मकानों को नुकसान पहुंचा रहा है। इस अकेले हाथी ने बरबसपुर के सरपंच समेत कई किसानों के खेत रौंद दिए और सिंचाई के पाइप और दीवारें भी तोड़ डालीं। वन विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल ग्रामीणों का आरोप है कि वन विभाग उन्हें समय पर हाथियों के आने की सूचना (मुनादी) नहीं दे रहा है। लोगों का कहना है कि अधिकारी सिर्फ दूर खड़े होकर तमाशा देखते हैं। न तो विभाग पटाखे दे रहा है और न ही सुरक्षा के कोई इंतजाम कर रहा है। मजबूर होकर ग्रामीण अपनी जान जोखिम में डालकर मशालों के सहारे हाथियों को खदेड़ रहे हैं। मौत के दो महीने बाद भी नहीं मिला मुआवजा प्रशासन की लापरवाही का एक बड़ा मामला भी सामने आया है। बरबसपुर में 12 फरवरी को हाथी के हमले (दीवार गिरने) से घायल 70 साल के रामविशाल भैना की मौत हो गई थी। इस घटना को दो महीने बीत चुके हैं, लेकिन मृतक के परिवार को अब तक सरकारी सहायता राशि नहीं मिली है। ग्रामीणों का कहना है कि विभाग न तो जान की परवाह कर रहा है और न ही नुकसान की भरपाई।
असम में पवन खेड़ा द्वारा हिमंत के खिलाफ आरोप लगाने के बाद चुनाव एक कड़वे मुकाबले में बदल गया है

असम में, पवन खेड़ा द्वारा असम के सीएम हिमंत बिस्वा शर्मा और उनकी पत्नी पर आरोप लगाने के बाद चुनाव एक कड़वे मुकाबले में बदल गया है n18oc_politicsNews18 मोबाइल ऐप – https://onelink.to/desc-youtube
विजयवर्गीय बोले-एसपी को बचाने अनुनय की थी दिग्विजय ने:विधानसभा समितियों के पावर विधानसभा जैसे, सदस्य चाहें तो अधिकारी की खाट खड़ी कर सकते हैं

संसदीय कार्य मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने विधानसभा की समितियों को विधानसभा के बराबर बताते हुए कहा है कि इन समितियों के सदस्य और सभापति के अधिकार ऐसे हैं कि अधिकारी झुकने को मजबूर हो जाते हैं। विधायक यह न समझें कि समितियां कम पावर की होती हैं। मैं समिति का सदस्य रहने के दौरान स्टडी करके जब सवाल करता था तो अधिकारियों की खाट खड़ी हो जाती थी। समिति के तथ्यों को गंभीरता से रखा जाए तो ब्यूरोक्रेसी को सुनना पड़ता है। मंत्री विजयवर्गीय ने ये बातें मंगलवार को विधानसभा में विधानसभा की समितियों के सभापतियों और सदस्यों की संयुक्त बैठक को संबोधित करते हुए कहीं। विजयवर्गीय ने कहा कि विधानसभा की यह समिति जो होती हैं, इसके महत्व को आप विधायक लोग बढ़ा सकते हैं। समितियों की रिपोर्ट को सरकार भी गंभीरता से लेती है ब्यूरोक्रेसी को सुनना पड़ता है। एसपी-कलेक्टर ने बदसलूकी की तो तबके सीएम दिग्विजय सिंह ने जोड़े थे हाथ संसदीय कार्य मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने कहा जब वे पहली बार के विधायक थे तो विशेषाधिकार समिति में थे। उस समय सागर के कलेक्टर-एसपी ने विधायकों के साथ बदसलूकी की थी। तब एसपी को प्रताड़ित किया तो तत्कालीन मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह ने पर्सनली बात की थी और कहा था कि अधिकारी के जीवन में दाग लग जाएगा। उन्होंने बहुत अनुनय विनय की थी। दिग्विजय सिंह अनुनय विनय में माहिर थे। उन्होंने कहा था कि जो नाराजगी है, विधायक उनसे कह सकते हैं। तब जाकर सब माने थे। इसके बाद ब्यूरोक्रेसी में एक अच्छा मैसेज गया। विधानसभा की रिपोर्ट मानी जाती है समितियों की रिपोर्ट मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने कहा कि जो महत्व विधानसभा का है वही महत्व विधानसभा की समिति का है। विधानसभा की समिति जो रिपोर्ट प्रस्तुत करती है वह विधानसभा की रिपोर्ट मानी जाती है। उन्होंने कहा कि पिछली बार विधानसभा अध्यक्ष से और पूर्व प्रमुख सचिव एपी सिंह से उन्होंने समितियों के कामकाज को लेकर पूछा था कि समितियों की क्या हाल हैं तो उन्होंने बताया था कि बहुत स्लो गति है। फिर हम लोगों ने तय किया कि एक बार बैठकर सभी कमेटी के लोगों से चर्चा करना चाहिए। विजयवर्गीय ने कहा कि इस समिति को आप बहुत छोटा नहीं समझें, हर समिति बड़ी महत्वपूर्ण होती है। आश्वासन समिति की रिपोर्ट को गंभीरता से लेती है सरकार मंत्री विजयवर्गीय ने कहा कि अभी मैंने पिछले दिनों अपने विभाग के आश्वासन समिति की रिपोर्ट का अध्ययन किया और एसीएस को कहा कि आश्वासन समिति की रिपोर्ट देखिए। इसके बाद बताया गया कि 95 प्रतिशत आश्वासन पूरे हो चुके हैं। उन्होंने कहा कि अधिकारियों को समितियों की रिपोर्ट पर सुनना पड़ता है। जरूरी है कि आपकी समिति एक निर्णय ऐसा दे दे जो सिस्टम की गंभीरता से जुड़ा हो। विधायकों के विशेष अधिकार की सुरक्षा का ध्यान रखती है विशेषाधिकार समिति विजयवर्गीय ने कहा कि विशेष अधिकार समिति आपके अधिकारों की सुरक्षा का ध्यान रखती है। इसलिए विशेषाधिकार समिति के अध्यक्ष का दायित्व है कि वह हर 15 दिन में 10 दिन में बैठक करे। विधायक प्रॉपर तरीके से शिकायत करेंगे तो अधिकारियों पर कार्रवाई समिति कर सकती है। उन्होंने कहा कि मीटिंग में जाने से पहले एजेंडे को पढ़ना, समझना जरूरी है। सदस्य समिति की महत्व को समझेंगे और गंभीरता से लेकर अपनी उपस्थिति दर्ज कराएंगे तो समितियों के परिणाम बहुत अच्छे आएंगे। समितियों की बैठक नियमित होने का लक्ष्य रखा जाना चाहिए-तोमर इस दौरान विधानसभा अध्यक्ष नरेंद्र सिंह तोमर ने कहा कि अगर सबसे बड़ी पंचायत लोकसभा है तो पंचायत व नगरीय निकाय छोटी इकाई हैं। विधानसभा पूरे राज्य का प्रतिनिधित्व करती है। विधानसभा की भूमिका मां की तरह होती है। जिस तरह मां अपने बच्चे को जन्म देती है, उसका लालन−पालन कर उसे देश के हित में तैयार करने की कल्पना करती है, ठीस उसी तरह हम भी विधानसभा को मां की भूमिका में देखेंगे तो हम भी अपने दायित्व को उसके संपूर्ण रूप में देख पाएंगे। तोमर ने कहा कि मध्य प्रदेश के विधायी इतिहास में विधानसभा की समितियों ने उल्लेखनीय कार्य किया है। मगर बीते कुछ वर्षों में कुछ सदस्य लगातार इन समितियों की बैठकों में अनुपस्थित रहे। इस पर चिंतन की आवश्यकता बताते हुए विधानसभा अध्यक्ष नरेंद्र सिंह तोमर ने कहा कि समितियों की बैठक नियमित होने का लक्ष्य रखा जाना चाहिए। एक वर्ष में कम से कम 12 बैठकें होने की अपेक्षा है। समिति की बैठक होने से विधानसभा के कार्य व्यवहार में सुधार की संभावना होगी। समितियों की बैठक का यदि परिणाम नहीं भी निकलता है तो भी अध्ययन प्रक्रिया से हमारा ज्ञान समृद्ध होगा। सदस्यों के आचरण पर चिंतन की जरूरत- सीएम मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने विधानसभा में कुछ सदस्यों के आचरण पर चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि कई बार कुछ सदस्य दायरे के बाहर जाकर कार्य कर जाते हैं। सकारात्मक आलोचना का स्वागत है, लेकिन इस तरह का आचरण अपेक्षित नहीं होता। ऐसे में संसदीय समितियों का बड़ा महत्व है। उन्होंने उम्मीद जताई कि विधानसभा अध्यक्ष नरेंद्र सिंह तोमर के संसदीय ज्ञान व नवाचारों के माध्यम से मध्य प्रदेश विधानसभा की कार्यवाहियां संसदीय इतिहास की परंपरा को समृद्ध करेगी। समितियों की संयुक्त बैठक को नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने भी संबोधित किया। आभार प्रदर्शन प्राक्कलन समिति के सभापति अजय विश्नोई ने किया। इस बैठक में मध्यप्रदेश विधानसभा की कुल 21 समितियों के सभापति एवं सदस्यगण तथा मध्यप्रदेश विधानसभा के प्रमुख सचिव अरविंद शर्मा एवं सचिवालय के अधिकारीगण उपस्थित थे।
असम पुलिस की कांग्रेस नेता पवन खेड़ा के घर छापेमारी:हिमंता बोले- पाताल से निकालेंगे; खेड़ा ने कहा था- CM की पत्नी के पास 3 पासपोर्ट

सीएम हिमंता बिस्वा सरमा की पत्नी पर फर्जी पासपोर्ट का आरोप लगाने के दो दिन बाद मंगलवार को असम पुलिस ने दिल्ली में पवन खेड़ा के घर छापा मारा। हिमंता की पत्नी की FIR के बाद यह कार्रवाई की गई है। हालांकि छापेमारी के वक्त पवन घर पर मौजूद नहीं थे। पुलिस ने घर से कुछ डॉक्यूमेंट्स और इलेक्ट्रिक डिवाइस सीज कीं। पवन के घर पर मौजूद नहीं होने पर हिमंता ने कहा कि गिरफ्तारी की चुनौती देने वाले खेड़ा अब हैदराबाद भाग गए हैं। कानून अपना काम करेगा। हम खेड़ा को पाताल से ढूंढकर ले आएंगे और पता करेंगे कि उन्हें फर्जी दस्तावेज किसने दिए। मुझे लगता है कि ये डॉक्यूमेंट्स शायद राहुल गांधी ने पवन खेड़ा को दिए होंगे। 5 अप्रैल को पवन ने असम सीएम हिमंता बिस्वा सरमा की पत्नी रिनिकी भुइयां सरमा पर आरोप लगाया था कि उनके पास मिस्र, एंटीगा-बरबूडा और UAE के पासपोर्ट हैं। हिमंता और उनकी पत्नी ने आरोपों से इनकार किया। 5 अप्रैल- खेड़ा के 2 आरोप, पूछा- ₹52 हजार करोड़, तीन पासपोर्ट कहां से आए 6 अप्रैल: हिमंता बोले- हमने प्रापर्टी के असली मालिक का पता लगाया हिमंता ने सोमवार को दुबई में फ्लैट होने के आरोपों का जवाब दिया। उन्होंने एक वीडियो पोस्ट किया और लिखा कि हमने उन दो दुबई अपार्टमेंट के असली मालिकों का पता लगा लिया है, जिनका जिक्र कांग्रेस ने किया है। ये फ्लैट मोहम्मद अहमद और फातिमा सुलेमान के हैं। कांग्रेस ने ये दस्तावेज एक वेबसाइट Scribd से चुराए थे। हमने इस तरह इनका पता लगाया है। आप भी फोन पर देख सकते हैं। इससे पहले पांच अप्रैल को हिमंता ने पवन खेड़ा की कॉन्फ्रेंस के कुछ देर बाद ही X पर पर पोस्ट किया था कि उनके दिखाए गए दस्तावेजों में नाम की स्पेलिंग, फोटो और पासपोर्ट विवरण जैसी कई गंभीर गलतियां हैं, जो साफ तौर पर इनके फर्जी और डिजिटल छेड़छाड़ होने का सबूत हैं। इन मनगढ़ंत दस्तावेजों के आधार पर झूठ फैलाने के लिए पवन खेड़ा को जेल जाना होगा और सच्चाई की जीत होगी। ————————————– ये खबर भी पढ़ें… राजनाथ बोले- पाकिस्तान कितने टुकड़ों में बंटेगा, भगवान ही जाने:बंगाल में नजर डाली तो बुरा नतीजा होगा रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने मंगलवार को पाकिस्तान के रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ के कोलकाता पर हमला करने की धमकी पर जवाब दिया। राजनाथ ने कहा कि आसिफ को इस तरह का भड़काऊ बयान नहीं देना चाहिए था। पूरी खबर पढ़ें…
असम पुलिस की कांग्रेस नेता पवन खेड़ा के घर छापेमारी:हिमंता बोले- पाताल से निकालेंगे; खेड़ा ने कहा था- CM की पत्नी के पास 3 पासपोर्ट

सीएम हिमंता बिस्वा सरमा की पत्नी पर फर्जी पासपोर्ट का आरोप लगाने के दो दिन बाद मंगलवार को असम पुलिस ने दिल्ली में कांग्रेस नेता पवन खेड़ा के घर छापा मारा। हिमंता की पत्नी की FIR के बाद यह कार्रवाई की गई है। हालांकि छापेमारी के वक्त पवन घर पर मौजूद नहीं थे। पुलिस ने घर से कुछ डॉक्यूमेंट्स और इलेक्ट्रिक डिवाइस सीज कीं। पवन के घर पर मौजूद नहीं होने पर हिमंता ने कहा कि गिरफ्तारी की चुनौती देने वाले खेड़ा अब हैदराबाद भाग गए हैं। कानून अपना काम करेगा। हम खेड़ा को पाताल से ढूंढकर ले आएंगे और पता करेंगे कि उन्हें फर्जी दस्तावेज किसने दिए। मुझे लगता है कि ये डॉक्यूमेंट्स शायद राहुल गांधी ने पवन खेड़ा को दिए होंगे। 5 अप्रैल को पवन ने असम सीएम हिमंता बिस्वा सरमा की पत्नी रिनिकी भुइयां सरमा पर आरोप लगाया था कि उनके पास मिस्र, एंटीगा-बरबूडा और UAE के पासपोर्ट हैं। हिमंता और उनकी पत्नी ने आरोपों से इनकार किया। कांग्रेस बोली- इस रेड का मतलब क्या है पवन खेड़ा के घर पर छापेमारी पर कांग्रेस नेता संदीप दीक्षित ने कहा कि ये किस चीज की रेड है? यही तो हम जानना चाहते हैं। अगर उन्होंने कुछ गंभीर बातें कही हैं, तो पुलिस को जांच करनी चाहिए। उन्होनें आगे कहा कि आपको याद होगा, कुछ समय पहले गौरव गोगोई पर उन्होंने बहुत आरोप लगाए थे। उनकी पत्नी पर कि वह पाकिस्तानी हैं, एजेंट हैं और जासूसी करती हैं। ये बहुत गंभीर आरोप थे। तो उस पर क्या हुआ? क्या हिमंता जी के घर पर रेड पड़ी थी? वहीं, कांग्रेस नेता रागिनी नायक ने कहा कि- पवन जी के घर को पुलिस छावनी बना दिया गया, क्योंकि उन्होंने हिमंता ‘बेशर्मा’ की काली करतूतों का पर्दाफाश किया। कांग्रेस हिमंता ‘बेशर्मा’ जैसे लोगों की गीदड़ भभकियों से डरने वाली नहीं है। 5 अप्रैल- खेड़ा के 2 आरोप, पूछा- ₹52 हजार करोड़, तीन पासपोर्ट कहां से आए 6 अप्रैल: हिमंता बोले- हमने प्रापर्टी के असली मालिक का पता लगाया हिमंता ने सोमवार को दुबई में फ्लैट होने के आरोपों का जवाब दिया। उन्होंने एक वीडियो पोस्ट किया और लिखा कि हमने उन दो दुबई अपार्टमेंट के असली मालिकों का पता लगा लिया है, जिनका जिक्र कांग्रेस ने किया है। ये फ्लैट मोहम्मद अहमद और फातिमा सुलेमान के हैं। कांग्रेस ने ये दस्तावेज एक वेबसाइट Scribd से चुराए थे। हमने इस तरह इनका पता लगाया है। आप भी फोन पर देख सकते हैं। इससे पहले पांच अप्रैल को हिमंता ने पवन खेड़ा की कॉन्फ्रेंस के कुछ देर बाद ही X पर पर पोस्ट किया था कि उनके दिखाए गए दस्तावेजों में नाम की स्पेलिंग, फोटो और पासपोर्ट विवरण जैसी कई गंभीर गलतियां हैं, जो साफ तौर पर इनके फर्जी और डिजिटल छेड़छाड़ होने का सबूत हैं। इन मनगढ़ंत दस्तावेजों के आधार पर झूठ फैलाने के लिए पवन खेड़ा को जेल जाना होगा और सच्चाई की जीत होगी। ————————————– ये खबर भी पढ़ें… राजनाथ बोले- पाकिस्तान कितने टुकड़ों में बंटेगा, भगवान ही जाने:बंगाल में नजर डाली तो बुरा नतीजा होगा रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने मंगलवार को पाकिस्तान के रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ के कोलकाता पर हमला करने की धमकी पर जवाब दिया। राजनाथ ने कहा कि आसिफ को इस तरह का भड़काऊ बयान नहीं देना चाहिए था। पूरी खबर पढ़ें…
असम पुलिस की कांग्रेस नेता पवन खेड़ा के घर छापेमारी:खेड़ा ने आरोप लगाया था- CM हिमंता की पत्नी के पास 3 पासपोर्ट

असम पुलिस की टीम कांग्रेस नेता पवन खेड़ा के दिल्ली आवास पर पहुंची है। सीएम हिमंता बिस्वा सरमा की पत्नी की FIR के बाद यह कार्रवाई की गई है। पवन घर पर नहीं है। असम पुलिस उनसे पूछताछ के लिए इंतजार कर रही है। दिल्ली पुलिस भी साथ में मौजूद है। दरअसल दो दिन पहले पवन ने असम सीएम हिमंता बिस्वा सरमा की पत्नी रिंकी भुइयां सरमा पर मिस्र, एंटीगा-बरबूडा और UAE के पासपोर्ट हैं। हिमंता और उनकी पत्नी ने आरोपों को गलत बताया था। दिल्ली में छापेमारी पर सीएम सरमा ने आज कहा कि वह कल गुवाहाटी से भाग गए। मुझे मीडिया के जरिए पता चला है कि पुलिस दिल्ली में उनके घर गई थी, लेकिन वह हैदराबाद भाग गए हैं। कानून अपना काम करेगा। हिमंता की पत्नी ने सोमवार को FIR भी कराई थी। असम में 9 अप्रैल को वोटिंग होगी। आज शाम 5 बजे प्रचार थम जाएगा। 5 राज्यों में हो रही चुनावी हलचल से जुड़े अपडेट्स के लिए ब्लॉग से गुजर जाइए…
दो भाई और एआई ने बनाई 15,000 करोड़ की कंपनी:ऑल्टमैन की भविष्यवाणी सच, कहा था- एआई की बदौलत अकेला इंसान 1 अरब डॉलर की कंपनी खड़ी करेगा

मैथ्यू गैलेगर (41) लॉस एंजिलिस के एक घर से जो कर दिखाया, वो दुनिया के बड़े-बड़े उद्यमियों को हैरत में डाल रहा है। न कोई बड़ी टीम और न चमचमाता दफ्तर- बस एक लैपटॉप, कुछ एआई टूल्स और गजब का जुनून। नतीजा- महज दो महीने और 20,000 डॉलर (अभी के हिसाब से 18.5 लाख रुपए) के निवेश से एक ऐसी कंपनी खड़ी हो गई, जो इस साल 16,700 करोड़ रुपए का कारोबार करने की राह पर है। गैलेगर की कंपनी मेडवी टेलीहेल्थ प्लेटफॉर्म चलाती है, जो वजन घटाने वाली जीएलपी-1 दवाएं ऑनलाइन बेचता है। सितंबर 2024 में जब मेडवी शुरू हुई, तो पहले ही महीने 300 ग्राहक जुड़ गए। दूसरे महीने यह संख्या 1,000 और बढ़ गई। 2025 में कंपनी के पहले पूरे कारोबारी साल में मेडवी ने 40.1 करोड़ डॉलर (3,700 करोड़ रुपए) की बिक्री की। इस पर 16.2% यानी करीब 600 करोड़ रुपए का मुनाफा हुआ, जो इस सेक्टर की दिग्गज कंपनी हिम्स के 5.5% मुनाफे से कई गुना ज्यादा है। तेज निर्णय मेडवी की सबसे बड़ी ताकत है – गैलेगर ओपन एआई के सीईओ सैम ऑल्टमैन ने 2024 में कहा था कि एआई की बदौलत जल्द एक अकेला इंसान 1 अरब डॉलर की कंपनी खड़ी कर सकेगा। मेडवी की कहानी सुनकर ऑल्टमैन ने कहा कि उन्होंने तकनीकी दोस्तों से एक दांव लगाया था और शायद वो जीत गए। गैलेगर ने कहा, ‘मैं तेजी से फैसले करता हूं। यही मेडवी की सबसे बड़ी ताकत है।’ 12 से ज्यादा एआई टूल्स संभाल रहे मेडवी का पूरा बिजनेस गैलेगर ने कंपनी बनाने में दर्जनभर एआई टूल्स की मदद ली। चैटजीपीटी, क्लॉड, ग्रोक से कोडिंग करवाई। ‘मिडजर्नी’ और ‘रनवे’ से विज्ञापन के लिए तस्वीरें और वीडियो बनाए। इलेवनलैब्स से ग्राहक सेवा के लिए एआई वॉइस सिस्टम तैयार किया। अपनी आवाज का एआई क्लोन भी बनाया, ताकि व्यक्तिगत अपॉइंटमेंट लेने जैसे काम एआई संभाल सकें। दवा डिलीवरी, डॉक्टरों का नेटवर्क और कंप्लायंस जैसे काम केयरवैलिडेट, ओपनलूप हेल्थ जैसे प्लेटफॉर्म्स कर रहे हैं। एकमात्र कर्मचारी, वो भी संस्थापक का अपना ही भाई काम बढ़ा तो गैलेगर ने छोटे भाई एलियट को रखा। ये कंपनी के इकलौते कर्मचारी हैं। एलियट का काम है भाई तक आने वाले फालतू संदेश, कॉल्स फिल्टर करना, ताकि वो असली काम पर ध्यान दे सकें। इससे पहले गैलेगर ने 60 कर्मियों वाली ‘वॉच गैंग’ कंपनी चलाई थी। वो मुनाफे में नहीं आ पाई। इससे उन्होंने सीखा- ज्यादा लोग मतलब ज्यादा खर्च और धीमे फैसले। रोजाना 28 करोड़ रुपए कमाई, इससे बेघर युवाओं की मदद गैलेगर अब हर रोज 30 लाख डॉलर (28 करोड़ रुपए) से ज्यादा की कमाई कर रहे हैं। लेकिन पूरी कमाई वो खुद नहीं रखते। मुनाफे के एक बड़े हिस्से से बेघर युवाओं और पशु कल्याण के क्षेत्र में काम करने वाली संस्थाओं/लोगों की मदद करते हैं। गैलेगर का बिजनेस मॉडल अब प्रेरणा का रोचक स्रोत है। बेघर बचपन से शुरू हुई यह यात्रा आज एक मिसाल बन गई है- इस बात की कि एआई के मौजूदा दौर में कल्पना और हुनर हो, तो कुछ भी असंभव नहीं है।








