Friday, 01 May 2026 | 05:25 AM

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असम में पवन खेड़ा द्वारा हिमंत के खिलाफ आरोप लगाने के बाद चुनाव एक कड़वे मुकाबले में बदल गया है

असम में पवन खेड़ा द्वारा हिमंत के खिलाफ आरोप लगाने के बाद चुनाव एक कड़वे मुकाबले में बदल गया है

असम में, पवन खेड़ा द्वारा असम के सीएम हिमंत बिस्वा शर्मा और उनकी पत्नी पर आरोप लगाने के बाद चुनाव एक कड़वे मुकाबले में बदल गया है n18oc_politicsNews18 मोबाइल ऐप – https://onelink.to/desc-youtube

विजयवर्गीय बोले-एसपी को बचाने अनुनय की थी दिग्विजय ने:विधानसभा समितियों के पावर विधानसभा जैसे, सदस्य चाहें तो अधिकारी की खाट खड़ी कर सकते हैं

विजयवर्गीय बोले-एसपी को बचाने अनुनय की थी दिग्विजय ने:विधानसभा समितियों के पावर विधानसभा जैसे, सदस्य चाहें तो अधिकारी की खाट खड़ी कर सकते हैं

संसदीय कार्य मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने विधानसभा की समितियों को विधानसभा के बराबर बताते हुए कहा है कि इन समितियों के सदस्य और सभापति के अधिकार ऐसे हैं कि अधिकारी झुकने को मजबूर हो जाते हैं। विधायक यह न समझें कि समितियां कम पावर की होती हैं। मैं समिति का सदस्य रहने के दौरान स्टडी करके जब सवाल करता था तो अधिकारियों की खाट खड़ी हो जाती थी। समिति के तथ्यों को गंभीरता से रखा जाए तो ब्यूरोक्रेसी को सुनना पड़ता है। मंत्री विजयवर्गीय ने ये बातें मंगलवार को विधानसभा में विधानसभा की समितियों के सभापतियों और सदस्यों की संयुक्त बैठक को संबोधित करते हुए कहीं। विजयवर्गीय ने कहा कि विधानसभा की यह समिति जो होती हैं, इसके महत्व को आप विधायक लोग बढ़ा सकते हैं। समितियों की रिपोर्ट को सरकार भी गंभीरता से लेती है ब्यूरोक्रेसी को सुनना पड़ता है। एसपी-कलेक्टर ने बदसलूकी की तो तबके सीएम दिग्विजय सिंह ने जोड़े थे हाथ संसदीय कार्य मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने कहा जब वे पहली बार के विधायक थे तो विशेषाधिकार समिति में थे। उस समय सागर के कलेक्टर-एसपी ने विधायकों के साथ बदसलूकी की थी। तब एसपी को प्रताड़ित किया तो तत्कालीन मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह ने पर्सनली बात की थी और कहा था कि अधिकारी के जीवन में दाग लग जाएगा। उन्होंने बहुत अनुनय विनय की थी। दिग्विजय सिंह अनुनय विनय में माहिर थे। उन्होंने कहा था कि जो नाराजगी है, विधायक उनसे कह सकते हैं। तब जाकर सब माने थे। इसके बाद ब्यूरोक्रेसी में एक अच्छा मैसेज गया। विधानसभा की रिपोर्ट मानी जाती है समितियों की रिपोर्ट मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने कहा कि जो महत्व विधानसभा का है वही महत्व विधानसभा की समिति का है। विधानसभा की समिति जो रिपोर्ट प्रस्तुत करती है वह विधानसभा की रिपोर्ट मानी जाती है। उन्होंने कहा कि पिछली बार विधानसभा अध्यक्ष से और पूर्व प्रमुख सचिव एपी सिंह से उन्होंने समितियों के कामकाज को लेकर पूछा था कि समितियों की क्या हाल हैं तो उन्होंने बताया था कि बहुत स्लो गति है। फिर हम लोगों ने तय किया कि एक बार बैठकर सभी कमेटी के लोगों से चर्चा करना चाहिए। विजयवर्गीय ने कहा कि इस समिति को आप बहुत छोटा नहीं समझें, हर समिति बड़ी महत्वपूर्ण होती है। आश्वासन समिति की रिपोर्ट को गंभीरता से लेती है सरकार मंत्री विजयवर्गीय ने कहा कि अभी मैंने पिछले दिनों अपने विभाग के आश्वासन समिति की रिपोर्ट का अध्ययन किया और एसीएस को कहा कि आश्वासन समिति की रिपोर्ट देखिए। इसके बाद बताया गया कि 95 प्रतिशत आश्वासन पूरे हो चुके हैं। उन्होंने कहा कि अधिकारियों को समितियों की रिपोर्ट पर सुनना पड़ता है। जरूरी है कि आपकी समिति एक निर्णय ऐसा दे दे जो सिस्टम की गंभीरता से जुड़ा हो। विधायकों के विशेष अधिकार की सुरक्षा का ध्यान रखती है विशेषाधिकार समिति विजयवर्गीय ने कहा कि विशेष अधिकार समिति आपके अधिकारों की सुरक्षा का ध्यान रखती है। इसलिए विशेषाधिकार समिति के अध्यक्ष का दायित्व है कि वह हर 15 दिन में 10 दिन में बैठक करे। विधायक प्रॉपर तरीके से शिकायत करेंगे तो अधिकारियों पर कार्रवाई समिति कर सकती है। उन्होंने कहा कि मीटिंग में जाने से पहले एजेंडे को पढ़ना, समझना जरूरी है। सदस्य समिति की महत्व को समझेंगे और गंभीरता से लेकर अपनी उपस्थिति दर्ज कराएंगे तो समितियों के परिणाम बहुत अच्छे आएंगे। समितियों की बैठक नियमित होने का लक्ष्य रखा जाना चाहिए-तोमर इस दौरान विधानसभा अध्यक्ष नरेंद्र सिंह तोमर ने कहा कि अगर सबसे बड़ी पंचायत लोकसभा है तो पंचायत व नगरीय निकाय छोटी इकाई हैं। विधानसभा पूरे राज्य का प्रतिनिधित्व करती है। विधानसभा की भूमिका मां की तरह होती है। जिस तरह मां अपने बच्चे को जन्म देती है, उसका लालन−पालन कर उसे देश के हित में तैयार करने की कल्पना करती है, ठीस उसी तरह हम भी विधानसभा को मां की भूमिका में देखेंगे तो हम भी अपने दायित्व को उसके संपूर्ण रूप में देख पाएंगे। तोमर ने कहा कि मध्य प्रदेश के विधायी इतिहास में विधानसभा की समितियों ने उल्लेखनीय कार्य किया है। मगर बीते कुछ वर्षों में कुछ सदस्य लगातार इन समितियों की बैठकों में अनुपस्थित रहे। इस पर चिंतन की आवश्यकता बताते हुए विधानसभा अध्यक्ष नरेंद्र सिंह तोमर ने कहा कि समितियों की बैठक नियमित होने का लक्ष्य रखा जाना चाहिए। एक वर्ष में कम से कम 12 बैठकें होने की अपेक्षा है। समिति की बैठक होने से विधानसभा के कार्य व्यवहार में सुधार की संभावना होगी। समितियों की बैठक का यदि परिणाम नहीं भी निकलता है तो भी अध्ययन प्रक्रिया से हमारा ज्ञान समृद्ध होगा। सदस्यों के आचरण पर चिंतन की जरूरत- सीएम मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने विधानसभा में कुछ सदस्यों के आचरण पर चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि कई बार कुछ सदस्य दायरे के बाहर जाकर कार्य कर जाते हैं। सकारात्मक आलोचना का स्वागत है, लेकिन इस तरह का आचरण अपेक्षित नहीं होता। ऐसे में संसदीय समितियों का बड़ा महत्व है। उन्होंने उम्मीद जताई कि विधानसभा अध्यक्ष नरेंद्र सिंह तोमर के संसदीय ज्ञान व नवाचारों के माध्यम से मध्य प्रदेश विधानसभा की कार्यवाहियां संसदीय इतिहास की परंपरा को समृद्ध करेगी। समितियों की संयुक्त बैठक को नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने भी संबोधित किया। आभार प्रदर्शन प्राक्कलन समिति के सभापति अजय विश्नोई ने किया। इस बैठक में मध्यप्रदेश विधानसभा की कुल 21 समितियों के सभापति एवं सदस्यगण तथा मध्यप्रदेश विधानसभा के प्रमुख सचिव अरविंद शर्मा एवं सचिवालय के अधिकारीगण उपस्थित थे।

असम पुलिस की कांग्रेस नेता पवन खेड़ा के घर छापेमारी:हिमंता बोले- पाताल से निकालेंगे; खेड़ा ने कहा था- CM की पत्नी के पास 3 पासपोर्ट

असम पुलिस की कांग्रेस नेता पवन खेड़ा के घर छापेमारी:हिमंता बोले- पाताल से निकालेंगे; खेड़ा ने कहा था- CM की पत्नी के पास 3 पासपोर्ट

सीएम हिमंता बिस्वा सरमा की पत्नी पर फर्जी पासपोर्ट का आरोप लगाने के दो दिन बाद मंगलवार को असम पुलिस ने दिल्ली में पवन खेड़ा के घर छापा मारा। हिमंता की पत्नी की FIR के बाद यह कार्रवाई की गई है। हालांकि छापेमारी के वक्त पवन घर पर मौजूद नहीं थे। पुलिस ने घर से कुछ डॉक्यूमेंट्स और इलेक्ट्रिक डिवाइस सीज कीं। पवन के घर पर मौजूद नहीं होने पर हिमंता ने कहा कि गिरफ्तारी की चुनौती देने वाले खेड़ा अब हैदराबाद भाग गए हैं। कानून अपना काम करेगा। हम खेड़ा को पाताल से ढूंढकर ले आएंगे और पता करेंगे कि उन्हें फर्जी दस्तावेज किसने दिए। मुझे लगता है कि ये डॉक्यूमेंट्स शायद राहुल गांधी ने पवन खेड़ा को दिए होंगे। 5 अप्रैल को पवन ने असम सीएम हिमंता बिस्वा सरमा की पत्नी रिनिकी भुइयां सरमा पर आरोप लगाया था कि उनके पास मिस्र, एंटीगा-बरबूडा और UAE के पासपोर्ट हैं। हिमंता और उनकी पत्नी ने आरोपों से इनकार किया। 5 अप्रैल- खेड़ा के 2 आरोप, पूछा- ₹52 हजार करोड़, तीन पासपोर्ट कहां से आए 6 अप्रैल: हिमंता बोले- हमने प्रापर्टी के असली मालिक का पता लगाया हिमंता ने सोमवार को दुबई में फ्लैट होने के आरोपों का जवाब दिया। उन्होंने एक वीडियो पोस्ट किया और लिखा कि हमने उन दो दुबई अपार्टमेंट के असली मालिकों का पता लगा लिया है, जिनका जिक्र कांग्रेस ने किया है। ये फ्लैट मोहम्मद अहमद और फातिमा सुलेमान के हैं। कांग्रेस ने ये दस्तावेज एक वेबसाइट Scribd से चुराए थे। हमने इस तरह इनका पता लगाया है। आप भी फोन पर देख सकते हैं। इससे पहले पांच अप्रैल को हिमंता ने पवन खेड़ा की कॉन्फ्रेंस के कुछ देर बाद ही X पर पर पोस्ट किया था कि उनके दिखाए गए दस्तावेजों में नाम की स्पेलिंग, फोटो और पासपोर्ट विवरण जैसी कई गंभीर गलतियां हैं, जो साफ तौर पर इनके फर्जी और डिजिटल छेड़छाड़ होने का सबूत हैं। इन मनगढ़ंत दस्तावेजों के आधार पर झूठ फैलाने के लिए पवन खेड़ा को जेल जाना होगा और सच्चाई की जीत होगी। ————————————– ये खबर भी पढ़ें… राजनाथ बोले- पाकिस्तान कितने टुकड़ों में बंटेगा, भगवान ही जाने:बंगाल में नजर डाली तो बुरा नतीजा होगा रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने मंगलवार को पाकिस्तान के रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ के कोलकाता पर हमला करने की धमकी पर जवाब दिया। राजनाथ ने कहा कि आसिफ को इस तरह का भड़काऊ बयान नहीं देना चाहिए था। पूरी खबर पढ़ें…

असम पुलिस की कांग्रेस नेता पवन खेड़ा के घर छापेमारी:हिमंता बोले- पाताल से निकालेंगे; खेड़ा ने कहा था- CM की पत्नी के पास 3 पासपोर्ट

असम पुलिस की कांग्रेस नेता पवन खेड़ा के घर छापेमारी:हिमंता बोले- पाताल से निकालेंगे; खेड़ा ने कहा था- CM की पत्नी के पास 3 पासपोर्ट

सीएम हिमंता बिस्वा सरमा की पत्नी पर फर्जी पासपोर्ट का आरोप लगाने के दो दिन बाद मंगलवार को असम पुलिस ने दिल्ली में कांग्रेस नेता पवन खेड़ा के घर छापा मारा। हिमंता की पत्नी की FIR के बाद यह कार्रवाई की गई है। हालांकि छापेमारी के वक्त पवन घर पर मौजूद नहीं थे। पुलिस ने घर से कुछ डॉक्यूमेंट्स और इलेक्ट्रिक डिवाइस सीज कीं। पवन के घर पर मौजूद नहीं होने पर हिमंता ने कहा कि गिरफ्तारी की चुनौती देने वाले खेड़ा अब हैदराबाद भाग गए हैं। कानून अपना काम करेगा। हम खेड़ा को पाताल से ढूंढकर ले आएंगे और पता करेंगे कि उन्हें फर्जी दस्तावेज किसने दिए। मुझे लगता है कि ये डॉक्यूमेंट्स शायद राहुल गांधी ने पवन खेड़ा को दिए होंगे। 5 अप्रैल को पवन ने असम सीएम हिमंता बिस्वा सरमा की पत्नी रिनिकी भुइयां सरमा पर आरोप लगाया था कि उनके पास मिस्र, एंटीगा-बरबूडा और UAE के पासपोर्ट हैं। हिमंता और उनकी पत्नी ने आरोपों से इनकार किया। कांग्रेस बोली- इस रेड का मतलब क्या है पवन खेड़ा के घर पर छापेमारी पर कांग्रेस नेता संदीप दीक्षित ने कहा कि ये किस चीज की रेड है? यही तो हम जानना चाहते हैं। अगर उन्होंने कुछ गंभीर बातें कही हैं, तो पुलिस को जांच करनी चाहिए। उन्होनें आगे कहा कि आपको याद होगा, कुछ समय पहले गौरव गोगोई पर उन्होंने बहुत आरोप लगाए थे। उनकी पत्नी पर कि वह पाकिस्तानी हैं, एजेंट हैं और जासूसी करती हैं। ये बहुत गंभीर आरोप थे। तो उस पर क्या हुआ? क्या हिमंता जी के घर पर रेड पड़ी थी? वहीं, कांग्रेस नेता रागिनी नायक ने कहा कि- पवन जी के घर को पुलिस छावनी बना दिया गया, क्योंकि उन्होंने हिमंता ‘बेशर्मा’ की काली करतूतों का पर्दाफाश किया। कांग्रेस हिमंता ‘बेशर्मा’ जैसे लोगों की गीदड़ भभकियों से डरने वाली नहीं है। 5 अप्रैल- खेड़ा के 2 आरोप, पूछा- ₹52 हजार करोड़, तीन पासपोर्ट कहां से आए 6 अप्रैल: हिमंता बोले- हमने प्रापर्टी के असली मालिक का पता लगाया हिमंता ने सोमवार को दुबई में फ्लैट होने के आरोपों का जवाब दिया। उन्होंने एक वीडियो पोस्ट किया और लिखा कि हमने उन दो दुबई अपार्टमेंट के असली मालिकों का पता लगा लिया है, जिनका जिक्र कांग्रेस ने किया है। ये फ्लैट मोहम्मद अहमद और फातिमा सुलेमान के हैं। कांग्रेस ने ये दस्तावेज एक वेबसाइट Scribd से चुराए थे। हमने इस तरह इनका पता लगाया है। आप भी फोन पर देख सकते हैं। इससे पहले पांच अप्रैल को हिमंता ने पवन खेड़ा की कॉन्फ्रेंस के कुछ देर बाद ही X पर पर पोस्ट किया था कि उनके दिखाए गए दस्तावेजों में नाम की स्पेलिंग, फोटो और पासपोर्ट विवरण जैसी कई गंभीर गलतियां हैं, जो साफ तौर पर इनके फर्जी और डिजिटल छेड़छाड़ होने का सबूत हैं। इन मनगढ़ंत दस्तावेजों के आधार पर झूठ फैलाने के लिए पवन खेड़ा को जेल जाना होगा और सच्चाई की जीत होगी। ————————————– ये खबर भी पढ़ें… राजनाथ बोले- पाकिस्तान कितने टुकड़ों में बंटेगा, भगवान ही जाने:बंगाल में नजर डाली तो बुरा नतीजा होगा रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने मंगलवार को पाकिस्तान के रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ के कोलकाता पर हमला करने की धमकी पर जवाब दिया। राजनाथ ने कहा कि आसिफ को इस तरह का भड़काऊ बयान नहीं देना चाहिए था। पूरी खबर पढ़ें…

असम पुलिस की कांग्रेस नेता पवन खेड़ा के घर छापेमारी:खेड़ा ने आरोप लगाया था- CM हिमंता की पत्नी के पास 3 पासपोर्ट

असम पुलिस की कांग्रेस नेता पवन खेड़ा के घर छापेमारी:खेड़ा ने आरोप लगाया था- CM हिमंता की पत्नी के पास 3 पासपोर्ट

असम पुलिस की टीम कांग्रेस नेता पवन खेड़ा के दिल्ली आवास पर पहुंची है। सीएम हिमंता बिस्वा सरमा की पत्नी की FIR के बाद यह कार्रवाई की गई है। पवन घर पर नहीं है। असम पुलिस उनसे पूछताछ के लिए इंतजार कर रही है। दिल्ली पुलिस भी साथ में मौजूद है। दरअसल दो दिन पहले पवन ने असम सीएम हिमंता बिस्वा सरमा की पत्नी रिंकी भुइयां सरमा पर मिस्र, एंटीगा-बरबूडा और UAE के पासपोर्ट हैं। हिमंता और उनकी पत्नी ने आरोपों को गलत बताया था। दिल्ली में छापेमारी पर सीएम सरमा ने आज कहा कि वह कल गुवाहाटी से भाग गए। मुझे मीडिया के जरिए पता चला है कि पुलिस दिल्ली में उनके घर गई थी, लेकिन वह हैदराबाद भाग गए हैं। कानून अपना काम करेगा। हिमंता की पत्नी ने सोमवार को FIR भी कराई थी। असम में 9 अप्रैल को वोटिंग होगी। आज शाम 5 बजे प्रचार थम जाएगा। 5 राज्यों में हो रही चुनावी हलचल से जुड़े अपडेट्स के लिए ब्लॉग से गुजर जाइए…

दो भाई और एआई ने बनाई 15,000 करोड़ की कंपनी:ऑल्टमैन की भविष्यवाणी सच, कहा था- एआई की बदौलत अकेला इंसान 1 अरब डॉलर की कंपनी खड़ी करेगा

दो भाई और एआई ने बनाई 15,000 करोड़ की कंपनी:ऑल्टमैन की भविष्यवाणी सच, कहा था- एआई की बदौलत अकेला इंसान 1 अरब डॉलर की कंपनी खड़ी करेगा

मैथ्यू गैलेगर (41) लॉस एंजिलिस के एक घर से जो कर दिखाया, वो दुनिया के बड़े-बड़े उद्यमियों को हैरत में डाल रहा है। न कोई बड़ी टीम और न चमचमाता दफ्तर- बस एक लैपटॉप, कुछ एआई टूल्स और गजब का जुनून। नतीजा- महज दो महीने और 20,000 डॉलर (अभी के हिसाब से 18.5 लाख रुपए) के निवेश से एक ऐसी कंपनी खड़ी हो गई, जो इस साल 16,700 करोड़ रुपए का कारोबार करने की राह पर है। गैलेगर की कंपनी मेडवी टेलीहेल्थ प्लेटफॉर्म चलाती है, जो वजन घटाने वाली जीएलपी-1 दवाएं ऑनलाइन बेचता है। सितंबर 2024 में जब मेडवी शुरू हुई, तो पहले ही महीने 300 ग्राहक जुड़ गए। दूसरे महीने यह संख्या 1,000 और बढ़ गई। 2025 में कंपनी के पहले पूरे कारोबारी साल में मेडवी ने 40.1 करोड़ डॉलर (3,700 करोड़ रुपए) की बिक्री की। इस पर 16.2% यानी करीब 600 करोड़ रुपए का मुनाफा हुआ, जो इस सेक्टर की दिग्गज कंपनी हिम्स के 5.5% मुनाफे से कई गुना ज्यादा है। तेज निर्णय मेडवी की सबसे बड़ी ताकत है – गैलेगर ओपन एआई के सीईओ सैम ऑल्टमैन ने 2024 में कहा था कि एआई की बदौलत जल्द एक अकेला इंसान 1 अरब डॉलर की कंपनी खड़ी कर सकेगा। मेडवी की कहानी सुनकर ऑल्टमैन ने कहा कि उन्होंने तकनीकी दोस्तों से एक दांव लगाया था और शायद वो जीत गए। गैलेगर ने कहा, ‘मैं तेजी से फैसले करता हूं। यही मेडवी की सबसे बड़ी ताकत है।’ 12 से ज्यादा एआई टूल्स संभाल रहे मेडवी का पूरा बिजनेस गैलेगर ने कंपनी बनाने में दर्जनभर एआई टूल्स की मदद ली। चैटजीपीटी, क्लॉड, ग्रोक से कोडिंग करवाई। ‘मिडजर्नी’ और ‘रनवे’ से विज्ञापन के लिए तस्वीरें और वीडियो बनाए। इलेवनलैब्स से ग्राहक सेवा के लिए एआई वॉइस सिस्टम तैयार किया। अपनी आवाज का एआई क्लोन भी बनाया, ताकि व्यक्तिगत अपॉइंटमेंट लेने जैसे काम एआई संभाल सकें। दवा डिलीवरी, डॉक्टरों का नेटवर्क और कंप्लायंस जैसे काम केयरवैलिडेट, ओपनलूप हेल्थ जैसे प्लेटफॉर्म्स कर रहे हैं। एकमात्र कर्मचारी, वो भी संस्थापक का अपना ही भाई काम बढ़ा तो गैलेगर ने छोटे भाई एलियट को रखा। ये कंपनी के इकलौते कर्मचारी हैं। एलियट का काम है भाई तक आने वाले फालतू संदेश, कॉल्स फिल्टर करना, ताकि वो असली काम पर ध्यान दे सकें। इससे पहले गैलेगर ने 60 कर्मियों वाली ‘वॉच गैंग’ कंपनी चलाई थी। वो मुनाफे में नहीं आ पाई। इससे उन्होंने सीखा- ज्यादा लोग मतलब ज्यादा खर्च और धीमे फैसले। रोजाना 28 करोड़ रुपए कमाई, इससे बेघर युवाओं की मदद गैलेगर अब हर रोज 30 लाख डॉलर (28 करोड़ रुपए) से ज्यादा की कमाई कर रहे हैं। लेकिन पूरी कमाई वो खुद नहीं रखते। मुनाफे के एक बड़े हिस्से से बेघर युवाओं और पशु कल्याण के क्षेत्र में काम करने वाली संस्थाओं/लोगों की मदद करते हैं। गैलेगर का बिजनेस मॉडल अब प्रेरणा का रोचक स्रोत है। बेघर बचपन से शुरू हुई यह यात्रा आज एक मिसाल बन गई है- इस बात की कि एआई के मौजूदा दौर में कल्पना और हुनर हो, तो कुछ भी असंभव नहीं है।

पीएम मोदी ने कहा कि कांग्रेस की टिप्पणी खाड़ी संबंधों को खतरे में डालती है, केरल प्रवासियों के विश्वास को धोखा देती है | चुनाव समाचार

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आखरी अपडेट:04 अप्रैल, 2026, 17:41 IST पीएम मोदी ने कांग्रेस पर अनावश्यक दहशत पैदा करने और भारत के विदेशी संबंधों को नुकसान पहुंचाने का आरोप लगाया. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी केरल में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार को पश्चिम एशिया में चल रहे संघर्ष पर अपने बयानों को लेकर कांग्रेस पर तीखा हमला बोला और पार्टी पर भारतीयों, विशेषकर क्षेत्र में काम करने वाले केरल के लोगों की जान जोखिम में डालने का आरोप लगाया। केरलम के तिरुवल्ला में एक रैली को संबोधित करते हुए उन्होंने चेतावनी दी कि विपक्षी नेताओं द्वारा की गई टिप्पणियों के संघर्ष प्रभावित क्षेत्रों में रहने वाले भारतीयों पर गंभीर परिणाम हो सकते हैं। उन्होंने यह भी कहा कि कांग्रेस ने खाड़ी देशों में काम करने वाले केरल के लोगों के विश्वास को “धोखा” दिया है, उन्होंने कहा कि इस संकट ने कांग्रेस और उसके सहयोगियों की मानसिकता को उजागर कर दिया है। “केरल के लाखों निवासी इस क्षेत्र में काम करते हैं, फिर भी कांग्रेस नेताओं के गैर-जिम्मेदाराना बयान उनकी सुरक्षा को खतरे में डालते हैं। मैं कांग्रेस नेताओं से आग्रह करता हूं कि वे ऐसी टिप्पणियां करने से बचें जो पश्चिम एशिया में रहने वाले भारतीयों को खतरे में डाल सकती हैं।” यह भी पढ़ें: ‘एलडीएफ सत्ता से बाहर हो जाएगा’: पीएम मोदी ने कहा कि भ्रष्टाचार केरल के विकास में सबसे बड़ी बाधा है प्रधान मंत्री ने इस बात पर जोर दिया कि खाड़ी देशों के साथ भारत के राजनयिक संबंध संकट के दौरान अपने नागरिकों की सुरक्षा में मदद कर रहे हैं। उन्होंने कहा, “खाड़ी देशों के साथ हमारी सरकार के मजबूत संबंध ही हैं जो इस कठिन समय में हमारे लोगों की रक्षा करने में मदद कर रहे हैं।” पीएम मोदी ने कांग्रेस पर बोला हमला उन्होंने कांग्रेस पर अनावश्यक दहशत पैदा करने और भारत के विदेशी संबंधों को नुकसान पहुंचाने का भी आरोप लगाया। “कांग्रेस ऐसे बयान दे रही है जिससे पश्चिम एशियाई देशों के साथ भारत के संबंधों में तनाव आने का खतरा है, अनावश्यक घबराहट पैदा हो रही है। यह केवल मोदी पर राजनीतिक हमलों के लिए किया जा रहा है।” मछुआरे फंसे हुए हैं, सरकार निकासी पर काम कर रही है पीएम मोदी ने कहा कि कई तटीय राज्यों के भारतीय मछुआरे संघर्ष के कारण फंसे हुए हैं। उन्होंने कहा, “गोवा, केरलम, तमिलनाडु और अन्य राज्यों के भारतीय मछुआरे वर्तमान में ईरान और मध्य पूर्व के कुछ हिस्सों में चल रहे संघर्ष के कारण फंसे हुए हैं। हम उन्हें सुरक्षित वापस लाने की कोशिश कर रहे हैं।” केरलम विधानसभा चुनाव केरलम में चुनाव प्रचार तेज हो गया है क्योंकि राज्य विधानसभा चुनाव में एक हफ्ते से भी कम समय रह गया है। मतदान 9 अप्रैल को होंगे और नतीजे 4 मई को घोषित किए जाएंगे। जगह : केरल, भारत, भारत पहले प्रकाशित: 04 अप्रैल, 2026, 17:29 IST समाचार चुनाव पीएम मोदी ने कहा कि कांग्रेस की टिप्पणी खाड़ी संबंधों को खतरे में डालती है, केरल प्रवासियों के विश्वास को धोखा देती है अस्वीकरण: टिप्पणियाँ उपयोगकर्ताओं के विचार दर्शाती हैं, News18 के नहीं। कृपया चर्चाएँ सम्मानजनक और रचनात्मक रखें। अपमानजनक, मानहानिकारक, या अवैध टिप्पणियाँ हटा दी जाएंगी। News18 अपने विवेक से किसी भी टिप्पणी को अक्षम कर सकता है. पोस्ट करके, आप हमारी उपयोग की शर्तों और गोपनीयता नीति से सहमत होते हैं। और पढ़ें (टैग्सटूट्रांसलेट)नरेंद्र मोदी पश्चिम एशिया संघर्ष(टी)मोदी ने कांग्रेस पर हमला किया(टी)भारत पश्चिम एशिया संकट(टी)केरल श्रमिक खाड़ी(टी)भारतीय मछुआरे फंसे(टी)भारत खाड़ी संबंध(टी)कांग्रेस विदेश नीति आलोचना(टी)मोदी केरल रैली

मोदी बोले-कांग्रेस चाहती है खाड़ी देश भारत को दुश्मन समझें:उन्हें नाराज करने वाले बयान दे रही, इससे वहां भारतीयों पर मुसीबत आ सकती है

मोदी बोले-कांग्रेस चाहती है खाड़ी देश भारत को दुश्मन समझें:उन्हें नाराज करने वाले बयान दे रही, इससे वहां भारतीयों पर मुसीबत आ सकती है

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार को केरलम के थिरुवल्ला में जनसभा की। उन्होंने कहा- कांग्रेस चाहती है कि वेस्ट एशियाई देश भारत को अपना दुश्मन समझें। हम यहां कोई ऐसी गलती कर दें, कोई ऐसा बयान दे दें जिससे खाड़ी देशों में रहने वाले भारतीयों को वहां से बाहर निकलने में मुसीबत आ जाए, इसलिए कांग्रेस खाड़ी देशों को नाराज करने वाले बयान दे रही है। कांग्रेस चाहती है कि पैनिक फैले और कांग्रेस को मोदी को गालियां देने का मौका मिले। मैं कांग्रेस, UDF, LDF के लोगों से कहना चाहता हूं कि राजनीति अपनी जगह पर है, चुनाव आते जाते रहेंगे लेकिन केरलम के लाखों भाई-बहन वहां हैं उनकी सुरक्षा मेरी प्राथमिकता है। मोदी ने कहा- इस बार के चुनाव में केरलम में लेफ्ट डेमोक्रेटिक फ्रंट (LDF) की सरकार जाएगी और नेशनल डेमोक्रेटिक अलायंस (NDA) की सरकार आएगी। मैं पहले भी केरलम आया हूं, लेकिन इस बार हवा का रुख कुछ अलग है। केरल एक ऐतिहासिक बदलाव के लिए तैयार है। इस बार सत्ता परिवर्तन होगा। चुनाव से जुड़े अपडेट्स पांचों राज्यों में चुनाव के पल-पल के अपडेट्स के लिए नीचे ब्लॉग से गुजर जाएं…

चौधरी असलम की पत्नी ने संजय दत्त की तारीफ की:बोलीं- उनकी एक्टिंग देख कर एक पल को लगा पति ही सामने खड़े हों

चौधरी असलम की पत्नी ने संजय दत्त की तारीफ की:बोलीं- उनकी एक्टिंग देख कर एक पल को लगा पति ही सामने खड़े हों

फिल्म ‘धुरंधर’ में संजय दत्त ने पाकिस्तानी पुलिस अफसर चौधरी असलम का किरदार निभाया है। उनके इस रोल की अब खुद दिवंगत चौधरी असलम की पत्नी नौरीन असलम ने भी इसकी तारीफ की है। नौरीन ने कहा कि संजय दत्त को फिल्म में देखकर एक पल के लिए उन्हें ऐसा लगा जैसे उनके पति ही पर्दे पर सामने खड़े हों। हालांकि, उन्होंने फिल्म के मेकर्स से थोड़ी नाराजगी भी जताई है। संजय की आंखों में दिखा पति का अक्स आजतक रेडियो के एक पॉडकास्ट में नौरीन असलम ने फिल्म में संजय दत्त की परफॉर्मेंस पर बात की। उन्होंने कहा, संजय दत्त इस रोल के लिए बिल्कुल सही पसंद थे। फिल्म के एक सीन में जब वह गाड़ी के पास खड़े होकर अपनी नजरें उठाते हैं, तो मुझे लगा जैसे खुद असलम खड़े हैं। नौरीन ने यह भी बताया कि उनके पति अक्सर मजाक में कहा करते थे कि उनकी मौत के बाद उनके जीवन पर फिल्म बनेगी। मेकर्स से जताई थोड़ी शिकायत तारीफ के साथ-साथ नौरीन ने फिल्म की गहराई पर सवाल भी उठाए। उनका कहना है कि फिल्म में उनके पति के किरदार के साथ पूरी तरह न्याय नहीं किया गया। नौरीन ने कहा, अगर वे फिल्म बना रहे थे, तो कम से कम मुझसे, पुलिस विभाग या उन पत्रकारों से बात करनी चाहिए थी जिन्होंने असलम को करीब से देखा है। इससे उनके किरदार के सकारात्मक और नकारात्मक, दोनों पहलुओं को बेहतर तरीके से दिखाया जा सकता था। नौरीन ने पूरी फिल्म नहीं देखी नौरीन ने बताया कि उन्होंने पूरी फिल्म नहीं देखी है, लेकिन कुछ क्लिप्स देखी हैं। फिल्म में पुलिस अफसर के किरदार द्वारा इस्तेमाल की गई गालियों पर उन्होंने कहा कि यह फैमिली ऑडियंस के लिए भले ही ठीक न हो, लेकिन पुलिस महकमे में ऐसी भाषा आम बात है। उन्होंने कहा कि यह फिल्म के किरदार और माहौल पर फिट बैठता है।

मुंबई के मेयर ने ‘चमत्कारी’ इलाज के लिए जैन गुरुदेव को श्रेय दिया, संजय राउत की प्रतिक्रिया ने बड़ा तूफान खड़ा कर दिया | मुंबई-न्यूज़ न्यूज़

Ramayana teaser features Ranbir Kapoor, Sai Pallavi, Yash and others.

आखरी अपडेट:02 अप्रैल, 2026, 13:08 IST तावड़े का ‘चमत्कार’ सबसे बुरे समय में आया – महाराष्ट्र पहले से ही अशोक खराट घोटाले से जूझ रहा है, जहां एक बाबा ने कथित तौर पर चमत्कार के नाम पर महिलाओं का शोषण किया था। तावड़े ने राउत पर पलटवार करते हुए कहा कि जो लोग क्षुद्र लाभ के लिए आलोचना करते हैं, उन्हें आत्मनिरीक्षण करना चाहिए – और केंद्रीय एजेंसियों के साथ अपने स्वयं के टकराव को याद करना चाहिए। मुंबई की मेयर रितु तावड़े ने गले की पुरानी बीमारी को ठीक करने का श्रेय एक जैन गुरुदेव के आशीर्वाद को दिया, जिससे दो साल तक डॉक्टर परेशान रहे। एक शब्द – ‘चमत्कार’ (चमत्कार) – विश्वास के एक क्षण को पूर्ण राजनीतिक तूफान में बदलने के लिए संजय राउत को बस इतना ही करना पड़ा। मुंबई के मेयर ने असल में क्या कहा? मंगलवार शाम को बोरीवली में ‘भगवान महावीर जन्म कल्याणक महोत्सव’ में बोलते हुए, मुंबई की मेयर रितु तावड़े – 2026 की शुरुआत में लंबे समय से विलंबित बीएमसी नागरिक चुनावों के बाद चुनी गई पहली मेयर और 44 वर्षों में इस पद को संभालने वाली केवल दूसरी भाजपा पार्षद – ने एक व्यक्तिगत खुलासा किया जिसकी कमरे में किसी को भी उम्मीद नहीं थी। उन्होंने बताया कि वह करीब दो साल से गले की पुरानी बीमारी से जूझ रही थीं। दवाइयाँ काम नहीं कर रही थीं। फिर वह राष्ट्रसंत परम गुरुदेव श्री नम्रमुनि महाराज, एक श्रद्धेय जैन भिक्षु, के पास पहुंचीं। “उसने मेरे लिए प्रार्थना की और मैं सचमुच उससे आश्चर्यचकित हूँ आशीर्वादमैं आप सभी के सामने इस तरह बोलने में सक्षम हूं,” उन्होंने सभा में कहा, अपने ठीक होने को एक ”बड़ा चमत्कार” बताया। विधायक मंगल प्रभात लोढ़ा, जो वहां मौजूद थे, एक कदम आगे बढ़ गए – उन्होंने सुझाव दिया कि तावड़े का संपूर्ण राजनीतिक उत्थान, पार्षद से लेकर महापौर तक, नम्रमुनि के आशीर्वाद और “देवेंद्र जी और अमीत भाई” के समर्थन से जुड़ा हुआ था। के अनुसार द टाइम्स ऑफ़ इण्डिया.मेयर केवल प्रमुख नेताओं की उपस्थिति वाले एक धार्मिक कार्यक्रम में व्यक्तिगत आस्था व्यक्त कर रहे थे। तो यह क्यों फटा? समय इससे अधिक ज्वलनशील नहीं हो सकता था। महाराष्ट्र इस समय अशोक खरात विवाद की चपेट में है – यह एक स्वयंभू बाबा से जुड़ा मामला है जिस पर चमत्कार और तांत्रिक प्रथाओं की आड़ में महिलाओं का यौन शोषण करने का आरोप है। राज्य में “चमत्कार” शब्द पहले से ही राजनीतिक रूप से प्रचलित था। शिवसेना (यूबीटी) नेता संजय राउत ने मौके का फायदा उठाया। सीधे तौर पर खरात का नाम लिए बिना, उन्होंने संकेतात्मक टिप्पणियां कीं, जो तावड़े की “चमत्कारी” रिकवरी और आरोपी धर्मगुरु से जुड़े विवादित दावों के बीच समानता दर्शाती हैं। निहितार्थ स्पष्ट था – और गहरा उत्तेजक। मराठी समाचार आउटलेट TV9 मराठी उल्लेखनीय है कि अशोक खरात मामले ने पहले ही पूरे महाराष्ट्र को झकझोर कर रख दिया था, आरोपी ने कथित तौर पर महिलाओं पर हमला करने से पहले उन्हें चमत्कार और तांत्रिक शक्तियों के वादे के साथ लुभाया था। उस संदर्भ में, राउत की टिप्पणी जलती हुई माचिस की तरह सामने आई। तावड़े ने कैसे किया पलटवार? तीव्र रूप से, और व्यक्तिगत रूप से. अगले दिन अपनी टिप्पणी पर स्पष्टीकरण देते हुए तावड़े ने कहा कि मंगलवार रात उनके घर पहुंचने से पहले ही खबर को तोड़-मरोड़कर पेश किया गया था। “यह गंदा और घृणित है। आप किसको किसके साथ जोड़ रहे हैं?” उन्होंने कवरेज को आपत्तिजनक और एकतरफा बताया। उन्होंने विश्वास और अंधविश्वास के बीच एक स्पष्ट रेखा खींची: “मैंने केवल अपना विश्वास व्यक्त किया – मैंने अंधविश्वास को बढ़ावा नहीं दिया।” फिर उन्होंने सीधे तौर पर राउत पर निशाना साधा: “राउत समेत जो लोग छोटे फायदे के लिए इस तरह की आलोचना कर रहे हैं, उन्हें आत्मनिरीक्षण करना चाहिए। कुछ राजनीतिक आवाजें कोई संयम नहीं दिखाती हैं, लेकिन जब केंद्रीय एजेंसियां ​​उनके खिलाफ कार्रवाई करती हैं, तो वे अचानक गरिमा और सम्मान की बात करते हैं।” TV9 मराठी बताया गया कि इस प्रकरण के बाद से काफी ट्रोल हो रहे तावड़े ने भी स्पष्ट रूप से पूछा, “क्या उनके घर पर मां और बहनें नहीं हैं?” – उन लोगों के लिए एक तीखी फटकार, जिनके बारे में उन्हें लगता था कि उन्होंने बुनियादी शालीनता की सीमा पार कर ली है। क्या अन्य राजनेता ढेर हो गए? हाँ। मुंबई की पूर्व मेयर और शिवसेना (यूबीटी) नेता किशोरी पेडनेकर ने भी चमत्कारिक टिप्पणी पर तावड़े की आलोचना की और इसे व्यापक अशोक खरात विवाद से जोड़ा। पेडनेकर, जो नए मेयर के कार्यभार संभालने के बाद से तावड़े के लगातार आलोचक रहे हैं, पहले भी मेयर के आधिकारिक वाहन और बीएमसी स्थानांतरण विवाद से जुड़े फ्लैशिंग-लाइट विवाद पर तावड़े की आलोचना कर चुके हैं। यह विवाद राजनीति से परे क्यों मायने रखता है? अपने मूल में, यह व्यक्तिगत आस्था और सार्वजनिक जिम्मेदारी के बीच की पतली, विवादित रेखा के बारे में एक कहानी है। एक मेयर द्वारा किसी धार्मिक आयोजन में किसी आध्यात्मिक शख्सियत के प्रति समर्पण व्यक्त करना, अपने आप में असामान्य नहीं है – भारत का राजनीतिक जीवन आस्था के साथ गहराई से जुड़ा हुआ है। लेकिन मौजूदा माहौल में, जब एक धर्मगुरु घोटाला सुर्खियों में छाया हुआ है, एक सार्वजनिक पदधारक के लिए “चमत्कार” शब्द का एक पूरी तरह से अलग महत्व है। यह प्रकरण यह भी दर्शाता है कि महाराष्ट्र में राजनीतिक प्रतिद्वंद्वी कितनी तेजी से किसी भी क्षण को हथियार बनाने के लिए आगे बढ़ते हैं – और वे क्षण कितनी तेजी से किसी के नियंत्रण से बाहर हो जाते हैं। हो सकता है कि तावड़े बस कुछ निजी बात साझा कर रहे हों। लेकिन मुंबई के राजनीतिक क्षेत्र में, व्यक्तिगत बयान शायद ही लंबे समय तक व्यक्तिगत रहते हैं। पहले प्रकाशित: 02 अप्रैल, 2026, 13:08 IST समाचार शहर मुंबई-समाचार मुंबई के मेयर ने ‘चमत्कारी’ इलाज के लिए जैन गुरुदेव को श्रेय दिया, संजय राउत के जवाब ने बड़ा तूफान खड़ा कर दिया अस्वीकरण: टिप्पणियाँ उपयोगकर्ताओं के विचार दर्शाती हैं, News18 के नहीं। कृपया चर्चाएँ सम्मानजनक और रचनात्मक रखें। अपमानजनक, मानहानिकारक, या अवैध टिप्पणियाँ हटा दी जाएंगी। News18 अपने विवेक से किसी भी टिप्पणी को अक्षम कर सकता है. पोस्ट करके, आप हमारी