Friday, 01 May 2026 | 09:32 PM

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बंगाल चुनाव 2026: अकबरपुर बना ‘रणभूमि’, बीजेपी प्रत्याशी पर FIR, टीएमसी-बीजेपी के बीच पुलिस की लाठीचार्ज, 9 गिरफ्तार

बंगाल चुनाव 2026: अकबरपुर बना 'रणभूमि', बीजेपी प्रत्याशी पर FIR, टीएमसी-बीजेपी के बीच पुलिस की लाठीचार्ज, 9 गिरफ्तार

बंगाल विधानसभा चुनाव 2026: पश्चिम बंगाल चुनाव 2026 के बीच कोलकाता के एकबालपुर में तूफानी और बीजेपी के बीच दमदार नजारा देखने को मिला, जिसने पूरे इलाके को स्टार बना दिया। इस घटना में पुलिस ने 9 लोगों को गिरफ्तार किया है, जिसमें 5 बीजेपी और 4 मजदूर कार्यकर्ता शामिल हैं. बीजेपी प्रत्याशी राकेश सिंह के खिलाफ FIR दर्ज भाजपा प्रत्याशी राकेश सिंह के खिलाफ दो एफआईआर दर्ज की गई है। सरकारी कर्मचारी के काम में बाधा, सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचाना शामिल हैं। एकबालपुर में पौराणिक कांग्रेस और बीजेपी के बीच में राक्षसों के बीच युद्ध जैसे हो गए। इस घटना में गिरफ्तार लोगों में 5 बीजेपी कार्यकर्ता और 4 कार्यकर्ता शामिल हैं. एकबालपुर मामले में कुल 3 आरोपियों के नाम दर्ज हैं, जिनमें 2 बीजेपी उम्मीदवार राकेश सिंह के नाम भी शामिल हैं। आरोप है कि एक मैकेनिक का बॉडी कैम छीन लिया गया। साथ ही सरकारी कर्मचारी के काम में बाधा डालने, उसके साथ सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचाने जैसे गंभीर आरोप भी लगाए गए हैं। चुनाव का नतीजा अनिश्चित क्यों घटना के दौरान हुसैन शाह रोड पर पिशाचों पर हमला किया गया और पुलिस पर लाठीचार्ज किया गया। बीजेपी का आरोप है कि रैली के दौरान वैश्यालय ने इस पर हमला किया, जबकि बीजेपी ने इस पर मुहर लगा दी. कुल मिलाकर, एकबालपुर की यह हिंसा तानाशाह तानाशाही और कानून-व्यवस्था पर बड़ा सवाल कर रही है। कोलकाता पोर्ट सीट इस बार दिलचस्प और बहुकोणीय हो गई है। बीजेपी के राकेश सिंह और उद्योगपति के सिटिंग लीडर और मंत्री फिरहाद हकीम के बीच मुख्य टक्कर मनी जा रही है। वहीं, फैयाज अहमद खान (सीपीएम) और आकिब गुलजार (कांग्रेस) भी इस कारखाने को दिलचस्प बना रहे हैं। चार प्रमुख आश्रमों के प्रतियोगी मैदान में से पार्टियाँ का बंटवारा तय किया जा रहा है, जिससे चुनाव का परिणाम और भी अनिश्चित हो गया है। यह भी पढ़ें- बंगाल चुनाव 2026: हिमंता बिस्वा सरमा का बंगाल में हुंकार, कहा- ‘100 फीसदी बीजेपी की सरकार बन रही है क्योंकि…’

जबलपुर में एनएसयूआई छात्रों का प्रदर्शन:राष्ट्रीय अध्यक्ष की गिरफ्तारी, राहुल गांधी पर टिप्पणी के विरोध में पीएम का पुतला फूंका

जबलपुर में एनएसयूआई छात्रों का प्रदर्शन:राष्ट्रीय अध्यक्ष की गिरफ्तारी, राहुल गांधी पर टिप्पणी के विरोध में पीएम का पुतला फूंका

जबलपुर में सोमवार को एनएसयूआई के छात्रों ने अपने राष्ट्रीय अध्यक्ष की गिरफ्तारी और दूरदर्शन के पत्रकार अशोक श्रीवास्तव द्वारा कांग्रेस नेता राहुल गांधी पर की गई टिप्पणी के विरोध में प्रदर्शन किया। इस दौरान छात्रों ने दूरदर्शन कार्यालय के सामने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का पुतला दहन किया। प्रदर्शन के दौरान छात्रों और पुलिस के बीच झड़प भी देखने को मिली। पुलिस द्वारा रोकने की कोशिश के बावजूद छात्र पुतला दहन करने में सफल रहे। मौके पर कुछ देर के लिए तनावपूर्ण स्थिति बनी रही, जिसे बाद में पुलिस ने नियंत्रित कर लिया। एनएसयूआई कार्यकर्ताओं ने मांग की कि उनके राष्ट्रीय अध्यक्ष को जल्द रिहा किया जाए। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगें पूरी नहीं हुईं, तो पूरे देश में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह के खिलाफ विरोध प्रदर्शन और पुतला दहन किया जाएगा। छात्रों ने यह भी कहा कि दूरदर्शन के अधिकारी अशोक श्रीवास्तव को राहुल गांधी पर की गई टिप्पणी के लिए सार्वजनिक रूप से माफी मांगनी चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि देश में गंभीर अपराधों पर पर्याप्त कार्रवाई नहीं हो रही है, जबकि अपनी मांगों को लेकर आवाज उठाने वाले छात्रों पर सख्ती की जा रही है। प्रदर्शनकारियों ने आगे उग्र आंदोलन की चेतावनी देते हुए कहा कि छात्र संगठन अपने अधिकारों के लिए लगातार संघर्ष करता रहेगा।

नीमच में 15 लाख की MD ड्रग्स पकड़ाई:तीन तस्कर गिरफ्तार, वाहन चेकिंग में इनके पास डोडाचूरा भी मिला

नीमच में 15 लाख की MD ड्रग्स पकड़ाई:तीन तस्कर गिरफ्तार, वाहन चेकिंग में इनके पास डोडाचूरा भी मिला

नीमच सिटी पुलिस ने तीन ड्रग तस्करों को पकड़ा है, जिनके पास से 15 लाख रुपए की एमडी ड्रग्स और 6 किलो डोडाचूरा मिला है। यह पकड़-धकड़ नीमच-मनासा रोड पर गाड़ियों की चेकिंग के दौरान हुई। थाना प्रभारी पुष्पा सिंह चौहान की टीम करंट वाले बालाजी मंदिर के पास खड़ी थी। तभी मालखेड़ा की तरफ से एक पल्सर बाइक पर तीन युवक आते दिखे। पुलिस को देखते ही इन लड़कों ने भागने के लिए बाइक मोड़ ली, लेकिन घेराबंदी कर खड़ी पुलिस ने उन्हें वहीं दबोच लिया। 15 लाख की ड्रग्स और डोडाचूरा मिला तलाशी लेने पर आरोपियों के पास से 150 ग्राम एमडी ड्रग्स मिली, जिसकी कीमत करीब 15 लाख रुपए बताई जा रही है। साथ ही 20 हजार रुपए का पिसा हुआ डोडाचूरा भी बरामद हुआ। पुलिस ने नशीले सामान के साथ उनकी पल्सर बाइक भी जब्त कर ली है। नीमच के ही रहने वाले हैं तीनों आरोपी पकड़े गए युवकों के नाम मोहम्मद अशरफ उर्फ बब्बू (20 साल), अजरखान उर्फ समीर (24 साल) और फरदीन (24 साल) हैं। ये तीनों नीमच शहर के ही रहने वाले हैं। पुलिस ने इनके खिलाफ एनडीपीएस एक्ट में केस दर्ज कर लिया है। कहां से लाए थे माल, जांच जारी सब-इंस्पेक्टर असलम पठान ने बताया कि अब इन लड़कों से पूछताछ की जा रही है कि वे यह ड्रग्स कहां से लाए थे और शहर में किसे देने जा रहे थे। पुलिस को उम्मीद है कि इनसे पूछताछ में नशे के कारोबार से जुड़े और भी लोगों के नाम सामने आएंगे। इस काम में साइबर सेल की टीम ने भी मदद की।

झाबुआ में NSUI ने पीएम-गृहमंत्री का पुतला जलाया:दिल्ली दूरदर्शन कार्यालय पर कार्यकर्ताओं की गिरफ्तारी के विरोध में प्रदर्शन किया

झाबुआ में NSUI ने पीएम-गृहमंत्री का पुतला जलाया:दिल्ली दूरदर्शन कार्यालय पर कार्यकर्ताओं की गिरफ्तारी के विरोध में प्रदर्शन किया

झाबुआ में NSUI ने दिल्ली में कार्यकर्ताओं की गिरफ्तारी के विरोध में सोमवार को प्रदर्शन किया। संगठन के सदस्यों ने शहीद चंद्रशेखर आजाद पीजी कॉलेज के मुख्य द्वार पर पीएम नरेंद्र मोदी और गृहमंत्री अमित शाह का पुतला जलाया। छात्र नेता दिल्ली पुलिस की कार्रवाई और दूरदर्शन के एंकर की टिप्पणी का विरोध कर रहे थे। दिल्ली पुलिस की कार्रवाई को बताया लोकतंत्र की हत्या NSUI जिलाध्यक्ष नरवेश अमलियार ने आरोप लगाया कि दिल्ली पुलिस द्वारा कार्यकर्ताओं को ढूंढ-ढूंढकर गिरफ्तार करना लोकतांत्रिक अधिकारों का हनन है। उन्होंने दूरदर्शन के एंकर अशोक श्रीवास्तव द्वारा नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के खिलाफ की गई टिप्पणी को अपमानजनक बताया। अमलियार ने कहा कि सार्वजनिक प्रसारक होने के बावजूद दूरदर्शन विशेष विचारधारा के प्रचार का माध्यम बन गया है। रिहाई न होने पर बड़े आंदोलन की चेतावनी संगठन ने स्पष्ट किया कि यदि दिल्ली में गिरफ्तार किए गए पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं को तत्काल रिहा नहीं किया गया, तो पूरे प्रदेश में उग्र आंदोलन किया जाएगा। प्रदर्शनकारियों ने मांग की है कि छात्र संगठन के लोकतांत्रिक विरोध को दबाने की कोशिश बंद की जाए। कार्यकर्ताओं ने कॉलेज परिसर के बाहर जमकर नारेबाजी कर अपना आक्रोश व्यक्त किया। बड़ी संख्या में छात्र नेता रहे मौजूद इस विरोध प्रदर्शन में एनएसयूआई नेता निलेश गणावा, जिला महामंत्री विनोद गणावा और मॉडल कॉलेज अध्यक्ष कांतिलाल भूरिया सहित दर्जनों पदाधिकारी शामिल हुए। संगठन मंत्री अनिल भाबोर और सतीश मेड़ा सहित अन्य कार्यकर्ताओं ने पुतला दहन कर दिल्ली पुलिस और केंद्र सरकार के खिलाफ प्रदर्शन में हिस्सा लिया। पुलिस ने एहतियात के तौर पर मौके पर सुरक्षा बल तैनात किया था।

गांधी नगर में गाय गायब, फार्म हाउस में खून मिला:बजरंग दल ने थाने में दिया धरना, आरोपियों की गिरफ्तारी और SIT जांच की मांग

गांधी नगर में गाय गायब, फार्म हाउस में खून मिला:बजरंग दल ने थाने में दिया धरना, आरोपियों की गिरफ्तारी और SIT जांच की मांग

भोपाल के गांधी नगर इलाके में चोरी हुई दो गायों के मामले में शनिवार को फार्म हाउस में उनकी घंटियां और पास ही बड़ी मात्रा में खून मिलने के बाद विवाद बढ़ गया है। आरोप है कि गायों को काटकर तस्करी के लिए ले जाया गया, लेकिन अब तक पुलिस आरोपियों की पहचान नहीं कर सकी है। ऐसे में आरोपियों की गिरफ्तारी, धाराएं बढ़ाने और एसआईटी जांच की मांग को लेकर सोमवार को बजरंग दल और विहिप कार्यकर्ताओं ने गांधी नगर थाने में धरना दिया। कार्यकर्ताओं ने एडिशनल डीसीपी मलकीत सिंह को ज्ञापन सौंपा। खेत से बंधी गायें हुई थीं गायब पुलिस के मुताबिक फरियादी बद्रीप्रसाद भिलाला ने बताया कि वे अचारपुरा रोड गोदरमऊ के निवासी हैं और खेती करते हैं। शुक्रवार रात उन्होंने गायों को खेत के पास मैदान में बांधा था, जो सुबह गायब मिलीं। गायों की तलाश के दौरान जैन फार्म हाउस में उनके गले की घंटियां मिलीं। पास ही बड़ी मात्रा में खून और अवशेष भी पाए गए, जिससे गाय काटे जाने की आशंका जताई गई। पुलिस ने दर्ज किया केस, जांच जारी टीआई ब्रजेंद्र मर्सकोले ने बताया कि मामले में एफआईआर दर्ज कर ली गई है और जांच जारी है।

मणिपुर में प्रदर्शनकारियों-सुरक्षा बलों में झड़प, आंसू गैस छोड़ी:मशाल रैली रोकने पर टकराव हुआ; सगोलबंद हिंसा में 21 गिरफ्तार

मणिपुर में प्रदर्शनकारियों-सुरक्षा बलों में झड़प, आंसू गैस छोड़ी:मशाल रैली रोकने पर टकराव हुआ; सगोलबंद हिंसा में 21 गिरफ्तार

मणिपुर में शटडाउन के बीच रविवार रात कई इलाकों में प्रदर्शन हुए। इंफाल ईस्ट के कोईरेंगेई, इंफाल वेस्ट के उरिपोक और कक्चिंग जिले में मशाल रैलियां निकाली गईं। कक्चिंग में प्रदर्शनकारियों और सुरक्षा बलों के बीच झड़प हुई। भीड़ को हटाने के लिए सुरक्षा बलों ने आंसू गैस, स्मोक बम और स्टन ग्रेनेड का इस्तेमाल किया। प्रदर्शनकारियों ने पथराव किया। झड़प में कई लोग घायल हुए, जिन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया है। दरअसल, 6 अप्रैल को ट्रोंग्लाओबी आवांग लेइकाई एक घर पर बम धमाके में दो बच्चों की मौत हुई थी। इन्हीं के न्याय के लिए प्रदर्शन हो रहे है। हालात को काबू में करने के लिए रैपिड एक्शन फोर्स (RAF) तैनात की गई। प्रदर्शन और झड़प की 5 तस्वीरें… पुलिस बोली- रैलियों की आड़ में हमले इंफाल वेस्ट के एसपी शिवकांत सिंह ने कहा कि हाल के प्रदर्शनों में कुछ असामाजिक तत्व रैलियों का फायदा उठाकर सुरक्षाबलों पर हमला कर रहे हैं। उन्होंने बताया कि हमलों में लोहे के प्रोजेक्टाइल, गुलेल, पत्थर और पेट्रोल बम का इस्तेमाल किया गया। कई लोग नशे की हालत में भी पाए गए। ऐसे लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। सगोलबंद हिंसा में 21 गिरफ्तार पुलिस ने 18 अप्रैल को पातसोई से सगोलबंद के बीच इम्फाल-जिरीबाम रोड पर निकाली गई मशाल रैली के दौरान हुई हिंसा के मामले में 21 लोगों को गिरफ्तार किया है। रैली के दौरान भीड़ ने पथराव, पेट्रोल बम और गुलेल का इस्तेमाल किया, जिससे कई सुरक्षाकर्मी घायल हुए। सीआरपीएफ की 232वीं बटालियन के तीन जवान गंभीर रूप से घायल हुए, जबकि सरकारी वाहनों को भी नुकसान पहुंचाया गया। गिरफ्तार किए गए लोगों में सगोलबंद, तेरा, उरिपोक, ब्रह्मापुर, लांगथाबल, नगामापाल, नाओरेमथोंग और थांगमेइबंद समेत इंफाल के कई इलाकों के निवासी शामिल हैं। 5 दिनों तक शटडाउन मेइरा पाइबी संगठन ने हमले के आरोपियों की 25 अप्रैल तक गिरफ्तारी की मांग की है। घाटी के जिलों में पहले से ही 5 दिन का टोटल शटडाउन जारी है। वहीं, नागा बहुल इलाकों में अलग से 3 दिन का बंद बुलाया गया है। बाजार बंद होने से सामान्य जनजीवन प्रभावित हुआ है। अब समझें 6-7 अप्रैल को क्या हुआ… बम हमले में 2 बच्चों की मौत, फिर प्रदर्शनकारियों का CRPF कैंप पर हमला 6 अप्रैल को मणिपुर के बिष्णुपुर जिले में मोइरांग ट्रोंगलाओबी इलाके में देर रात उग्रवादियों ने एक घर में बम फेंक दिया था। इसमें 5 साल के एक लड़के और छह महीने की बच्ची की मौत हो गई। पुलिस ऑफिसर ने बताया कि जब घर में बम फटा, तब बच्चे अपनी मां के साथ बेडरूम में सो रहे थे। इसके बाद भीड़ ने घटनास्थल से 100 मीटर दूर CRPF कैंप पर भी हमला कर दिया। जवाबी फायरिंग में 2 की मौत हो गई, पांच घायल हो गए। मणिपुर सरकार ने मौजूदा कानून-व्यवस्था की स्थिति को देखते हुए, इंफाल वेस्ट, इंफाल ईस्ट, थौबल, काकचिंग और बिष्णुपुर जिलों में इंटरनेट और मोबाइल डेटा सर्विस को 3 दिनों के लिए बंद कर दिया था। ————- ये खबर भी पढ़ें… मणिपुर हिंसा-घायल मां से 3 दिन बच्चों की मौत छिपाई:अस्पताल में अखबार से सच पता चला; बम हमले में 2 बच्चों की मौत हुई थी मणिपुर के बिष्णुपुर जिले के मोइरांग ट्रोंगलाओबी में 6 अप्रैल की आधी रात एक घर पर बम से हमला हुआ। इसमें 5 साल के बेटे और 6 महीने की बच्ची की मौत हो गई, जबकि उनकी मां बिनाता ओइनाम गंभीर रूप से घायल हो गईं। पूरी खबर पढ़ें…

जबलपुर में 13 साल की बच्ची से दुष्कर्म:एक साल से शोषण का आरोप, सगे चाचा पर FIR, कुछ घंटों में गिरफ्तार

जबलपुर में 13 साल की बच्ची से दुष्कर्म:एक साल से शोषण का आरोप, सगे चाचा पर FIR, कुछ घंटों में गिरफ्तार

जबलपुर के हनुमानताल थाना क्षेत्र में 13 वर्षीय नाबालिग बच्ची ने अपने सगे चाचा के खिलाफ दुष्कर्म का मामला दर्ज कराया है। पुलिस ने शिकायत मिलते ही त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी को चंद घंटों में गिरफ्तार कर लिया। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि बच्ची के साथ करीब एक साल से शोषण किया जा रहा था। पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार, बच्ची के पिता का दो वर्ष पहले निधन हो चुका है। मां अपनी दो बड़ी बेटियों के साथ अलग रह रही है, जबकि पीड़िता अपनी 55 वर्षीय दादी के साथ रहती थी। दादी के काम पर जाने के दौरान घर में बच्ची अकेली रहती थी। इसी दौरान पास में रहने वाले 26 वर्षीय चाचा ने उसका भरोसा जीतकर गलत हरकतें शुरू कीं। पहली घटना के बाद डर के कारण चुप रही बच्ची बच्ची ने पुलिस को बताया कि पिछले कुछ समय से आरोपी चाचा विशाल लगातार घर आकर जबरन दुष्कर्म कर रहा था और विरोध करने पर धमकी देता था। अंततः उसने हिम्मत दिखाई और थाने पहुंचकर पूरी घटना की जानकारी दी। जांच में सामने आया कि मार्च 2025 में आरोपी ने पहली बार जबरदस्ती करने की कोशिश की थी। विरोध करने पर वह वहां से चला गया, लेकिन बाद में उसने धमकाकर बच्ची को चुप रखा। इसके बाद आरोपी ने लगातार मौके का फायदा उठाकर उसका शोषण जारी रखा। पुलिस की त्वरित कार्रवाई, सुरक्षा के इंतजाम हनुमानताल थाना प्रभारी सुभाषचंद्र बघेल ने बताया कि सूचना मिलते ही पुलिस सक्रिय हुई और आरोपी को तुरंत गिरफ्तार कर लिया गया। मामले में सख्त धाराओं में केस दर्ज किया गया है। आरोपी बच्ची का सगा चाचा है। टीआई ने बताया यह जघन्य अपराधी की श्रेणी में आता है, आरोपी को कड़ी से कड़ी सजा दिलवाई जाएगी। साथ ही बच्ची की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए भी आवश्यक कदम उठाए गए हैं। बच्ची ने पुलिस को ऐसे बताई चाचा की करतूत… बच्ची ने पुलिस को बताया कि…अंकल मुझे, तो कुछ समझ में नहीं आ रहा था, कि चाचाजी मेरे साथ क्या कर रहे है। मैं स्कूल से आती, दादी के साथ खाना खाती। कभी-कभी चाचा भी साथ में रहते थे। कई बार मुझे साथ में बाजार भी घूमने ले गए। पर एक साल से उनकी हरकतें बहुत खराब हो गई थी। जैसे ही अकेले देखते तो कमरे में बुलाकर अजीब सी हरकत करते। मैं विरोध करती तो डांट लगाते थे। इसके चलते आज को शिकायत की। पुलिस ने पकड़ा तो चाचा मुझे धमकी दे रहे थे कि जेल से छूटने के बाद मैं तुम्हें छोड़ूगा नहीं।

घरेलू विवाद में पत्नी का पत्थर से सिर कुचला:बेटे के साथ मिलकर जमीन पर पटका, गला दबाया; सबूत मिटाने बदले कपड़े, दोनों गिरफ्तार

घरेलू विवाद में पत्नी का पत्थर से सिर कुचला:बेटे के साथ मिलकर जमीन पर पटका, गला दबाया; सबूत मिटाने बदले कपड़े, दोनों गिरफ्तार

मंडला जिले के ग्राम घुरनेर में हुई 45 वर्षीय महिला तुलसा बाई की अंधी हत्या की गुत्थी पुलिस ने 24 घंटे में सुलझा ली है। महिला की हत्या उसके पति चंद्रिका प्रसाद और बेटे मनोहर प्रसाद ने मिलकर की थी। पुलिस ने शनिवार को दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर कोर्ट में पेश कर दिया। 15 साल से चल रहे घरेलू विवाद में मारा पुलिस जांच में सामने आया कि तुलसा बाई का अपने पति से पिछले 15-20 वर्षों से विवाद चल रहा था और वे अलग रह रहे थे। 15 अप्रैल की शाम पुराने विवाद को लेकर फिर झगड़ा हुआ। इस दौरान बेटे ने मां को जमीन पर पटक दिया और पति ने गला दबाने के बाद पत्थर से सिर कुचलकर हत्या कर दी। एफएसएल और डॉग स्क्वॉड की मदद से मिले सुराग 17 अप्रैल को महिला का शव घर में मिलने के बाद मुकेश पटेल की सूचना पर पुलिस ने मर्ग कायम किया था। एसपी रजत सकलेचा के निर्देश पर गठित टीम ने घटनास्थल पर एफएसएल और डॉग स्क्वॉड की मदद से साक्ष्य जुटाए। संदेह के आधार पर जब पति और बेटे से पूछताछ की गई, तो उन्होंने जुर्म स्वीकार कर लिया। साक्ष्य छिपाने के लिए बदले कपड़े और धोए हाथ वारदात के बाद आरोपियों ने सबूत मिटाने के उद्देश्य से अपने खून से सने कपड़े बदल लिए थे और हाथ धो लिए थे। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से हत्या में प्रयुक्त पत्थर और छिपाए गए खून से सने कपड़े बरामद कर लिए हैं। निवास पुलिस ने 24 घंटे में पकड़ा थाना प्रभारी गोपाल घासले के नेतृत्व वाली टीम ने एक दिन में हत्या की गुत्थी सुलझाई। TI ने बताया कि घरेलू हिंसा और आपसी रंजिश इस जघन्य हत्याकांड की मुख्य वजह रही। अधिकारियों ने साक्ष्य जुटाकर आरोपियों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की है।

महिदपुर रोड पर पुलिस पर किया था पथराव:3 आरोपी गिरफ्तार, सड़क दुर्घटना के बाद भड़का था विवाद

महिदपुर रोड पर पुलिस पर किया था पथराव:3 आरोपी गिरफ्तार, सड़क दुर्घटना के बाद भड़का था विवाद

उज्जैन के महिदपुर रोड थाना क्षेत्र में सड़क दुर्घटना के बाद पुलिस पर पथराव करने के मामले में तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया है। इस घटना में थाना प्रभारी सहित कई पुलिसकर्मी घायल हो गए थे। पुलिस ने 24 घंटे के भीतर कार्रवाई करते हुए आरोपियों को जेल भेज दिया। यह विवाद 17 अप्रैल को नागदा तिराहे पर हुई एक सड़क दुर्घटना के बाद भड़का था। दुर्घटना के बाद ग्राम शिकारीखेड़ा के कुछ लोग आक्रोशित होकर महिदपुर रोड थाने के बाहर बड़ी संख्या में जमा हो गए थे। स्थिति को संभालने के लिए थाना प्रभारी और पुलिस स्टाफ मौके पर पहुंचा और भीड़ को समझाने का प्रयास किया। इसी दौरान माहौल बिगड़ गया और भीड़ ने पुलिस दल पर हमला करते हुए पथराव शुरू कर दिया। हमले में थाना प्रभारी सहित कई पुलिसकर्मी घायल हो गए, जिन्हें तुरंत अस्पताल में भर्ती कराया गया। घटना की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने आरक्षक मदन पग्गी की रिपोर्ट पर अपराध क्रमांक 59/2026 दर्ज किया। आरोपियों के खिलाफ अलग अलग धाराओं के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू की गई। आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए एक विशेष टीम गठित की गई थी जिसमें। अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (ग्रामीण) अभिषेक रंजन और एसडीओपी महिदपुर जेंडेन लिंगजेरपा के नेतृत्व में पुलिस ने तेजी से कार्रवाई करते हुए 18 अप्रैल को तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तार आरोपियों में नारायण (49), तोफानसिंह (28) और गीताबाई (58) शामिल हैं, जो सभी ग्राम शिकारीखेड़ा के निवासी हैं। तीनों को न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उन्हें जेल भेज दिया गया।

खेत विवाद में पूर्व CRPF जवान की हत्या:बैतूल में दो आरोपी गिरफ्तार; पुलिस ने हथियार बरामद किए

खेत विवाद में पूर्व CRPF जवान की हत्या:बैतूल में दो आरोपी गिरफ्तार; पुलिस ने हथियार बरामद किए

बैतूल जिले के गंज थाना क्षेत्र में पूर्व सीआरपीएफ जवान बाबूराव सातनकर की हत्या के मामले में पुलिस ने शनिवार को दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। यह वारदात 17 अप्रैल को बरसाली क्षेत्र में खेत की मेड को लेकर हुए विवाद के दौरान हुई थी, जिसमें बाबूराव को डंडों और नोजल पाइप से पीटा गया था। गंभीर रूप से घायल बाबूराव की इलाज के दौरान जिला अस्पताल में मौत हो गई थी। पुलिस के अनुसार, फरियादी विशाल सातनकर ने रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि आरोपी ओमप्रकाश यादव, नवीन यादव और पिल्लू उर्फ फूलचंद करोचे ने उनके पिता बाबूराव पर हमला किया था। इस मामले में गंज थाना में हत्या का प्रकरण दर्ज कर जांच शुरू की गई। दो आरोपी सोनाघाटी क्षेत्र से गिरफ्तार पुलिस अधीक्षक वीरेंद्र कुमार जैन के निर्देश पर टीम ने तत्काल कार्रवाई करते हुए आरोपियों की तलाश शुरू की। मुखबिर की सूचना के आधार पर ओमप्रकाश यादव और पिल्लू उर्फ फूलचंद करोचे को सोनाघाटी क्षेत्र से गिरफ्तार कर लिया गया है। एक अन्य आरोपी नवीन यादव की तलाश जारी है। पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि बाबूराव के साथ उनका खेत की मेड को लेकर पुराना विवाद था। इसी रंजिश के चलते शुक्रवार को फिर विवाद हुआ और उन्होंने डंडों व पाइप से हमला कर बाबूराव की हत्या कर दी। पुलिस ने आरोपियों की निशानदेही पर घटना में प्रयुक्त डंडे भी बरामद कर लिए हैं। जमीन को लेकर विवाद चल रहा था गौरतलब है कि दोनों पक्षों के बीच वर्षों से जमीन को लेकर विवाद चल रहा था। वर्ष 2014 में भी इसी विवाद में गोलीकांड हुआ था, जिसमें बाबूराव को सजा हुई थी। बताया जा रहा है कि उसी पुरानी रंजिश के चलते इस बार भी यह घटना हुई।