राइटर मधु किश्वर दो नोटिस के बाद नहीं हुई पेश:हैदराबाद से एक गिरफ्तार, फर्जी वीडियो किया वायरल, चंडीगढ़ पुलिस-साइबर सेल ने झाड़ा पल्ला

फेमस राइटर मधु किश्वर को चंडीगढ़ पुलिस द्वारा इन्वेस्टिगेशन ज्वाइन करने के लिए दूसरा नोटिस दिया जा चुका है, लेकिन वह अब तक पेश नहीं हुईं। वहीं इस मामले में कार्रवाई करते हुए चंडीगढ़ में सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए फर्जी वीडियो प्रसारित करने के मामले में पुलिस ने एक आरोपी को गिरफ्तार किया है। आरोपी की पहचान हसन मोहिउद्दीन सिद्दीकी के रूप में हुई है, जो हैदराबाद (तेलंगाना) का रहने वाला है। पुलिस ने आरोपी को हैदराबाद से गिरफ्तार किया। आरोपी सोशल मीडिया के माध्यम से फर्जी वीडियो प्रसारित कर लोगों को गुमराह कर रहा था। मामले की गंभीरता को देखते हुए चंडीगढ़ पुलिस ने तकनीकी जांच के आधार पर उसे ट्रेस कर गिरफ्तार किया। गिरफ्तार आरोपी को आज अदालत में पेश किया गया, जहां से पुलिस ने एक दिन का रिमांड हासिल किया है। पुलिस रिमांड के दौरान आरोपी से पूछताछ कर इस पूरे नेटवर्क और अन्य संभावित आरोपियों के बारे में जानकारी जुटाई जाएगी। आरोपी के खिलाफ आईटी एक्ट की धाराएं 66(C), 66(D), 67 तथा भारतीय न्याय संहिता 2023 की धाराएं 196, 318, 336(1), 336(3), 336(4), 340, 353 और 356 के तहत मामला दर्ज है। समाज में भ्रम फैलाया गया दरअसल, मधु किश्वर समेत अन्य लोगों पर चंडीगढ़ के सेक्टर-26 थाने में 20 अप्रैल को ही एक शिकायत पर FIR दर्ज की गई। शिकायत में कहा गया कि कुछ सोशल मीडिया यूजर्स ने एक वीडियो को गलत पहचान के साथ वायरल किया और उसमें अश्लील व भ्रामक शब्द जोड़कर पेश किया। इससे संवैधानिक पद पर बैठे व्यक्ति की छवि खराब करने की कोशिश की गई और समाज में भ्रम फैलाया गया। एक-दूसरे पर झाड़ रही पुलिस पल्ला राइटर मधु किश्वर व अन्य के खिलाफ पुलिस स्टेशन-26 में 19 अप्रैल 2026 को आईटी एक्ट की धाराएं 66(C), 66(D), 67 तथा भारतीय न्याय संहिता 2023 की धाराएं 196, 318, 336(1), 336(3), 336(4), 340, 353 और 356 के तहत एफआईआर दर्ज की गई थी, जिसकी जानकारी चंडीगढ़ पुलिस ने खुद मीडिया को प्रेस रिलीज भेजकर दी थी। उसके बाद जब मीडिया द्वारा थाना-26 पुलिस से मामले संबंधी पूछा गया तो उनका जवाब था कि इस मामले में उनके पुलिस स्टेशन में सिर्फ DDR दर्ज हुई है और जांच साइबर सेल कर रहा है। जब साइबर सेल इंचार्ज से बात की गई तो उन्होंने भी कहा कि उनके पास तो केस ही दर्ज नहीं हुआ, तो जांच कैसे कर सकते हैं। उनके पास इस केस की जांच नहीं है। चंडीगढ़ पुलिस रात में दिल्ली पहुंची दिल्ली में मधु किश्वर के दफ्तर में उनके और पुलिस अधिकारियों के बीच बात हुई। इस दौरान मधु किश्वर ने कहा कि न उनकी तरफ से कोई दुर्भावना थी और न दूसरी तरफ से। उन्होंने चंडीगढ़ पुलिस से पूछा कि क्या वह स्थानीय पुलिस के साथ नहीं आए हैं? इस पर चंडीगढ़ से आई महिला पुलिस अधिकारी ने बताया कि उनकी टीम साथ आई है। मधु किश्वर ने इस टीम को कानून का हवाला देते हुए कहा कि महिलाओं के घर पर सूर्यास्त के बाद और सूर्योदय से पहले पुलिस न तो आ सकती है और न ही उन्हें अरेस्ट कर सकती है। उन्होंने इस मुद्दे पर पुलिस टीम के सीनियर अधिकारी से भी बात की तो उसने बताया कि ये टीम चंडीगढ़ में उनके खिलाफ दर्ज एफआईआर के संबंध में सिर्फ नोटिस देने आई है। इस पर उन्होंने कहा कि कानून का पालन करते हुए दिन में आना चाहिए। मधु किश्वर के मुताबिक, दोनों पक्षों ने शालीनता और शिष्टाचार बनाए रखा। जैसे ही उन्हें एफआईआर की कॉपी मिलेगी, वह चंडीगढ़ में दर्ज इस केस में शामिल होंगी। 3 पॉइंट में जानिए पूरा मामला भ्रामक पोस्ट-क्लिप शेयर की जा रही: दरअसल, 19 अप्रैल को प्रधानमंत्री मोदी का एक फर्जी और भ्रामक वीडियो सोशल मीडिया पर शेयर किया गया। इसे लेकर चंडीगढ़ पुलिस ने लेखिका मधु किश्वर के खिलाफ केस दर्ज किया। पुलिस की एक टीम देर रात उनको नोटिस देने पहुंची थी। यह मामला सेक्टर-26 पुलिस स्टेशन चंडीगढ़ में भारतीय न्याय संहिता और आईटी एक्ट के तहत दर्ज हुआ है। SHO बोले- राइटर पर शेयर करने का आरोपः सेक्टर 19 चंडीगढ़ की SHO सरिता रॉय ने कहा कि 19 अप्रैल को सेक्टर 26 पुलिस स्टेशन में एक FIR दर्ज की गई है। यह एक वीडियो से जुड़ी है, जिसे एक्स पर पोस्ट किया गया था। मधु किश्वर पर इसे रीपोस्ट करने का आरोप है। हम उन्हें 35.3 BNSS का नोटिस देने आए थे। उन्हें पुलिस स्टेशन में पेश होने का नोटिस दिया गया है। अश्लील शब्द यूज किए, नुकसान पहुंचाने का मकसद: शिकायतकर्ता के अनुसार, यह सब जानबूझकर किया गया, जिसमें अश्लील शब्दों का उपयोग करते हुए झूठे इलेक्ट्रॉनिक रिकॉर्ड तैयार किए गए हैं। आरोप है कि संबंधित लोगों को यह जानकारी थी या उन्हें विश्वास करने का पर्याप्त कारण था। उनका उद्देश्य किसी की छवि को नुकसान पहुंचाना है।
सीहोर में बड़े भाई ने की छोटे की हत्या:नशे में कर रहा था माता-पिता से मारपीट, सबूत मिटाने की कोशिश नाकाम; आरोपी गिरफ्तार

सीहोर एक गांव में हुए अंधे कत्ल की गुत्थी पुलिस ने सुलझा ली है। रविवार रात घरेलू विवाद के दौरान बडे भाई ने अपने छोटे भाई की धारदार हथियार से हत्या कर दी। घटना के बाद आरोपी ने सबूत मिटाने की पूरी कोशिश की, लेकिन पुलिस जांच में मामला खुल गया और कुछ ही घंटों में आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया। पुलिस के अनुसार मृतक अंकुश परमार शराब का आदी था और नशे की हालत में परिवार से विवाद करता था। घटना वाली रात भी वह माता-पिता से झगड़ा कर रहा था। इसी विवाद के दौरान छोटे भाई देवेंद्र उर्फ गोलू ने अंकुश पर धारदार हथियार से हमला कर उसकी हत्या कर दी। मृतक की उम्र करीब 28 वर्ष बताई गई है। सबूत मिटाने के लिए की गई कोशिश हत्या के बाद आरोपी ने खून के निशान मिटाने के लिए कमरे की दीवारों पर चूना-पुताई की, हथियार को घर के पीछे दबा दिया और कपड़े जलाकर सबूत नष्ट करने की कोशिश की। आरोपी ने रात के अंधेरे में ट्रैक्टर-ट्रॉली से शव को करीब 2 किलोमीटर दूर सड़क किनारे फेंक दिया, ताकि मामला दुर्घटना या अज्ञात हमले जैसा लगे। रविवार सुबह करीब 9:30 बजे शव मिलने की सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंची। जांच में संदिग्ध स्थिति मिलने पर सख्ती से पूछताछ की गई, जिसमें आरोपी ने अपना जुर्म कबूल कर लिया।
गुना में साइड नहीं मिली तो बारात पर चढ़ाया ट्रैक्टर:दूल्हे ने कूदकर बचाई जान, म्याना में मची भगदड़; आरोपी गिरफ्तार

गुना के म्याना कस्बे में शनिवार रात साइड नहीं मिलने से नाराज एक ट्रैक्टर चालक ने गुस्से में आकर नाचते-गाते बारातियों की भीड़ पर ट्रैक्टर चढ़ाने की कोशिश कर दी। इस दौरान दूल्हे ने बग्गी से कूदकर अपनी जान बचाई, जबकि मौके पर भगदड़ मच गई। जानकारी के अनुसार ग्राम चतराई से धाकड़ समाज की बारात शनिवार रात करीब 11 बजे म्याना पहुंची थी। बारात गाजे-बाजे के साथ सदर बाजार से म्याना चौराहे की ओर बढ़ रही थी, तभी म्याना निवासी अंकित भदौरिया ट्रैक्टर लेकर वहां पहुंच गया। बारात की भीड़ के कारण ट्रैक्टर को रास्ता नहीं मिल पा रहा था। कुछ देर इंतजार के बाद आरोपी चालक अंकित भदौरिया ने आपा खो दिया और बारातियों से अभद्रता करने लगा। देखते ही देखते विवाद बढ़ गया। भीड़ पर चढ़ाया ट्रैक्टर, मची भगदड़ गुस्से में चालक ने ट्रैक्टर को सीधे बारात की भीड़ की ओर दौड़ा दिया। बग्गी के पास ट्रैक्टर आता देख दूल्हे भूपेंद्र धाकड़ ने तुरंत कूदकर जान बचाई। अन्य बारातियों ने भी भागकर खुद को सुरक्षित किया। आरोप है कि जब बारातियों ने उसे रोकने की कोशिश की, तो आरोपी ने गाली-गलौज करते हुए जान से मारने की धमकी दी। घटना के बाद बाराती म्याना थाने पहुंचे। फरियादी बलवीर सिंह धाकड़ की रिपोर्ट पर पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है। आरोपी का ट्रैक्टर जब्त कर लिया गया है और उसे गिरफ्तार कर लिया गया है। वायरल वीडियो भी पुलिस के पास है। टीआई बोले-शिकायत के बाद FIR म्याना थाना प्रभारी TI ब्रजमोहन भदौरिया ने बताया कि मामले की गंभीरता को देखते हुए शिकायत मिलते ही एफआईआर दर्ज कर ली गई है। आरोपी पर धारा 281, 296 (ए), 351 (3) के तहत मामला दर्ज किया गया है। घटना से संबंधित वायरल वीडियो भी पुलिस के पास उपलब्ध है। आरोपी अंकित भदौरिया को पकड़ लिया गया है और उसका ट्रैक्टर जब्त कर अग्रिम वैधानिक कार्यवाही की जा रही है।
मरने से पहले वीडियो बनाकर पत्नी-ससुराल पर आरोप:भोपाल से पार्टनर समेत तीन गिरफ्तार; एक साल पहले हुई थी शादी

शिवपुरी में आत्महत्या करने वाले 28 वर्षीय युवक ने मरने से पहले एक वीडियो बनाकर अपनी आपबीती रिकॉर्ड की थी। वीडियो में उसने पत्नी और ससुराल पक्ष पर गंभीर प्रताड़ना के आरोप लगाए हैं। इस मामले में पुलिस ने तीन आरोपियों को भोपाल से गिरफ्तार कर लिया है। जानकारी के मुताबिक फिजिकल थाना क्षेत्र के साईं बाबा मंदिर इलाके में रहने वाले 28 वर्षीय उत्कर्ष शिवहरे ने 19 अप्रैल की शाम सल्फास खाकर आत्महत्या कर ली थी। इस मामले में अब नया खुलासा सामने आया है कि उत्कर्ष ने मौत से पहले अपने मोबाइल में एक वीडियो रिकॉर्ड किया था। इस वीडियो में उत्कर्ष ने अपनी पत्नी रिया शिवहरे, ससुर जितेंद्र शिवहरे, साले ध्रुव और साली रियम शिवहरे पर मानसिक और आर्थिक रूप से प्रताड़ित करने के आरोप लगाए थे। परिजनों के मुताबिक, उत्कर्ष को लगातार पैसों के लिए दबाव बनाया जा रहा था और उससे लाखों रुपए लिए जा चुके थे। एक साल पहले हुआ था विवाह बताया गया है कि उत्कर्ष की शादी 2 फरवरी 2025 को भोपाल निवासी रिया से हुई थी। शादी के कुछ समय बाद ही विवाद शुरू हो गया था। होली के बाद रिया अपने मायके भोपाल चली गई थी और वहीं रहने लगी थी। इसी दौरान उत्कर्ष को कथित रूप से प्रताड़ित किया जा रहा था। घटना के दिन उत्कर्ष ने घर में सल्फास खा लिया। हालत बिगड़ने पर उसे मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया गया, जहां से इंदौर रेफर किया गया, लेकिन बदरवास के पास रास्ते में ही उसकी मौत हो गई। मामले में फिजिकल थाना पुलिस ने मृतक की पत्नी, ससुर, साले और साली के खिलाफ केस दर्ज किया है। पुलिस ने शनिवार को पत्नी रिया शिवहरे, ससुर जितेंद्र शिवहरे और साले ध्रुव को भोपाल से गिरफ्तार कर शिवपुरी ले आई है। वहीं एक अन्य आरोपी साली, जो पुणे में रहती है, अभी फरार है और पुलिस उसकी तलाश कर रही है।
एग्जाम से 15 मिनट पहले पेपर बेचता पकड़ा गया एजेंट:ग्वालियर में फार्मेसी परीक्षा का वीडियो वायरल होने के बाद तीन गिरफ्तार

ग्वालियर में डिप्लोमा फार्मेसी परीक्षा के दौरान पेपर लीक का मामला सामने आने के बाद पुलिस ने कार्रवाई तेज कर दी है। ग्वालियर के झांसी रोड इलाके में वायरल वीडियो के आधार पर मुख्य आरोपी अंकेश धाकड़ समेत तीन लोगों को गिरफ्तार किया गया है, जबकि अन्य फरार आरोपियों की तलाश जारी है। मामला 6 अप्रैल का है, जब राजीव गांधी प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय द्वारा आयोजित डिप्लोमा इन फार्मेसी परीक्षा का सेंटर झांसी रोड स्थित आरएनएस इंस्टीट्यूट ऑफ फार्मेसी में था। सुबह 11 से 2 बजे के बीच “हॉस्पिटल एंड क्लिनिकल फार्मेसी” (कोड-8110) का पेपर होना था, लेकिन परीक्षा शुरू होने से करीब 15 मिनट पहले, यानी 10:45 बजे एक युवक सेंटर के बाहर मोबाइल में पेपर होने का दावा कर छात्रों से सौदा करता नजर आया। वीडियो में आरोपी नीली शर्ट पहनकर छात्रों को पेपर दिखाने और लीक करने की बात करता दिखाई दिया। झांसी रोड थाना प्रभारी शक्ति सिंह यादव के मुताबिक, केंद्र अध्यक्ष की शिकायत और वीडियो साक्ष्य के आधार पर मामला दर्ज कर लिया गया है। आरोपियों से पूछताछ जारी है और फरार लोगों की तलाश की जा रही है। वीडियो से खुलासा, 4 छात्रों की पहचान घटना का खुलासा तब हुआ जब जितेंद्र मिश्रा नाम के व्यक्ति ने परीक्षा नियंत्रक को व्हाट्सएप पर वीडियो भेजा। जांच में चार छात्रों सोहेल मलिक, वीरेंद्र सिंह धाकड़, किशन धाकड़ और दीपक धाकड़ की पहचान हुई। ये चारों मौके पर मौजूद थे। वीडियो के आधार पर पेपर लीक करने वाले की पहचान अंकेश धाकड़ के रूप में हुई, जिसके बाद पुलिस ने उसे और उसके दो साथियों को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू की। 10:54 बजे खोले गए थे सीलबंद पेपर केंद्र अध्यक्ष भूपेंद्र कुशवाह ने बताया कि परीक्षा केंद्र पर प्रश्नपत्र पूरी तरह सुरक्षित थे। सुबह 10:54 बजे फ्लाइंग स्क्वॉड और पर्यवेक्षकों की मौजूदगी में सीलबंद पैकेट खोले गए थे और पूरी प्रक्रिया की वीडियोग्राफी भी हुई थी। ऐसे में आरोपी ने छात्रों को भ्रमित कर अवैध लाभ कमाने की कोशिश की।
मैहर में करंट से नाबालिग की मौत:मछली पकड़ने के लिए नाले में फैलाया था तार; आरोपी को गिरफ्तार कर भेजा जेल

मैहर जिले के ताला थाना क्षेत्र में करंट लगने से एक नाबालिग की मौत हो गई थी। मामले में पुलिस ने गुरुवार को आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी ने मछली पकड़ने के उद्देश्य से नाले में बिजली का तार फैलाया था। घटना 21 अप्रैल को हुई थी। ग्राम कस्तरा निवासी विशेषर कोल ने चौकी मुकुंदपुर में सूचना दी थी कि उनके 11 वर्षीय पुत्र विकास कोल की मौत अष्टभुजी माता मंदिर मुकुंदपुर के पास स्थित मुरजुआ नाला में करंट लगने से हो गई है। मछली पकड़ने नाले में लगाया था करंट प्रारंभिक जांच में इसे एक हादसा माना जा रहा था, लेकिन पुलिस जांच में सामने आया कि ग्राम कस्तरा निवासी कमलेश कोल (55) ने अवैध रूप से विद्युत ट्रांसफार्मर से तार जोड़कर नाले के पानी में करंट प्रवाहित किया था। शाम करीब पांच बजे विकास कोल अनजाने में इस करंट की चपेट में आ गया, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई। आरोपी को गिरफ्तार कर भेजा जेल ताला थाना प्रभारी निरीक्षक महेंद्र मिश्रा के नेतृत्व में गठित पुलिस टीम ने त्वरित कार्रवाई करते हुए मर्ग जांच, गवाहों के बयान और साक्ष्यों के आधार पर आरोपी कमलेश कोल के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की धारा 105 और मध्यप्रदेश विद्युत अधिनियम की धारा 135 के तहत मामला दर्ज किया। आरोपी को गुरुवार देर शाम गिरफ्तार कर लिया गया। पुलिस ने आरोपी के कब्जे से लगभग 11-11 मीटर लंबे दो विद्युत तार और एक बांस का खंभा भी जब्त किया है। आरोपी को न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उसे जेल भेज दिया गया।
जीरापुर में 35 लाख की स्मैक के नेटवर्क का खुलासा:298 ग्राम स्मैक और टांका केमिकल जब्त, सप्लायर गिरफ्तार

राजगढ़ जिले की जीरापुर पुलिस ने 298 ग्राम स्मैक और 5.496 किलोग्राम केमिकल पाउडर (टांका) जब्त किया है, जिसकी अनुमानित कीमत करीब 35 लाख रुपए है। इस मामले में मुख्य सप्लायर शकील मंसूरी को गिरफ्तार किया गया है। इस कार्रवाई की शुरुआत 8 अप्रैल को हुई थी, जब पुलिस ने 8.77 ग्राम स्मैक के साथ घनश्याम बैरागी और संगीता बैरागी को पकड़ा था। उनसे पूछताछ के बाद मिले सुरागों के आधार पर जांच को आगे बढ़ाया गया। जांच के दौरान पुलिस ने राजस्थान के घाटोली निवासी जगदीश तंवर को भी गिरफ्तार किया। जगदीश से पूछताछ में पता चला कि स्मैक माचलपुर थाना क्षेत्र के पीपल्याकुल्मी गांव से लाई जा रही थी। इन जानकारियों के आधार पर पुलिस ने बुधवार देर रात दबिश दी और शकील मंसूरी के घर की तलाशी ली। तलाशी के दौरान वहां से बड़ी मात्रा में स्मैक और उसे बढ़ाने में इस्तेमाल होने वाला टांका बरामद हुआ। पुलिस के अनुसार, इस केमिकल का उपयोग स्मैक की मात्रा बढ़ाने के लिए किया जाता था, जिससे तस्कर अधिक मुनाफा कमा सकें। पुलिस ने आरोपी के खिलाफ नारकोटिक ड्रग्स एंड साइकोट्रोपिक सब्सटेंस (NDPS) एक्ट के तहत मामला दर्ज कर लिया है और अन्य आरोपियों की तलाश जारी है।
भिंड में प्राइवेट गार्ड से लाइसेंसी बंदूक लूटने की कोशिश:चलते वाहन पर छीना-झपटी, कट्टे से फायर; 1 गिरफ्तार

भिंड जिले के लहार क्षेत्र (भटपुरा रोड) पर मंगलवार शाम बदमाशों ने एक निजी सुरक्षा गार्ड से उसकी लाइसेंसी बंदूक लूटने का प्रयास किया। बदमाशों ने चलते वाहन पर छीना-झपटी की और इस दौरान एक बदमाश ने कट्टे से फायर भी किया, लेकिन गार्ड के अपनी बंदूक लोड कर तानते ही 6 बदमाश भाग निकले। वर्तमान में गार्ड और स्थानीय लोगों ने मौके से गिरे एक बदमाश को पकड़कर पुलिस के हवाले कर दिया है, वहीं पुलिस ने मामला दर्ज कर अन्य फरार आरोपियों की तलाश शुरू कर दी है। ग्वालियर ड्यूटी पर जा रहा था गार्ड जानकारी के अनुसार, लहार निवासी संतोष खौरिया ग्वालियर स्थित करौली माता मंदिर में निजी सुरक्षा गार्ड के रूप में कार्यरत है। वह मंगलवार शाम अपनी मोटरसाइकिल से लाइसेंसी बंदूक लेकर लहार से ग्वालियर जा रहा था। इसी दौरान भटपुरा रोड पर गांव से कुछ दूरी पर दो बाइकों पर सवार बदमाशों ने उसका पीछा किया और चलते वाहन पर ही बंदूक छीनने की कोशिश की। छीना-झपटी में गिरा बदमाश, कट्टे से किया फायर अचानक हुए हमले से संतोष ने खुद को संभालते हुए बाइक से नीचे गिरकर स्थिति पर नियंत्रण पाया। छीना-झपटी के दौरान एक बदमाश भी बाइक से नीचे गिर पड़ा। इसी दौरान बाइक पर बैठे एक अन्य बदमाश ने कट्टे से फायर कर दिया। बचाव में गार्ड संतोष ने तुरंत अपनी बंदूक लोड कर ली और बदमाशों पर तान दी। हालात बिगड़ते देख बाकी 6 आरोपी अपने साथी को छोड़कर मौके से फरार हो गए। लूट के कई मामलों में नामजद है पकड़ा गया आरोपी मौके पर मौजूद लोगों की मदद से संतोष ने गिर पड़े बदमाश को पकड़ लिया और सूचना देकर उसे लहार थाना पुलिस के सुपुर्द कर दिया। पकड़े गए आरोपी की पहचान विकास यादव (निवासी गहवत, थाना उमरी) के रूप में हुई है। पुलिस के अनुसार, आरोपी के खिलाफ पूर्व में भी लूट के कई मामले दर्ज हैं। पूछताछ में आरोपी ने बताया कि वारदात में कुल 6 लोग शामिल थे, जो दो बाइकों पर सवार होकर आए थे। पुलिस जल्द ही बाकी आरोपियों को गिरफ्तार करने की बात कह रही है।
पंजाबी महिला अमेरिका की जेल में कैद:35 साल बाद अचानक गिरफ्तार, एयरपोर्ट पर हथकड़ी लगाई; बेटा US आर्मी में अफसर

अमेरिका के टेक्सास में रहने वाली पंजाबी मूल की कोर्ट इंटरप्रेटर मीनू बत्रा को 35 साल बाद अचानक गिरफ्तार कर लिया गया। अमेरिकन इमिग्रेशन एजेंसी ने उन्हें एयरपोर्ट पर हथकड़ी लगाकर हिरासत में लिया और जेल भेज दिया। मीनू पर इमिग्रेशन कानून का उल्लंघन कर अमेरिका में रहने का आरोप है, जिसके चलते अब उनके डिपोर्टेशन की तैयारी की जा रही है। हालांकि उनके वकीलों का दावा है कि मीनू को ‘विदहोल्डिंग ऑफ रिमूवल’ की कानूनी सुरक्षा मिली हुई है और कोर्ट पहले ही उन्हें भारत न भेजने की बात स्पष्ट कर चुका है। हालांकि कोर्ट ने अभी तक उनके डिपोर्टेशन को लेकर कोई अंतिम आदेश जारी नहीं किया है। मीनू टेक्सास कोर्ट में पंजाबी, हिंदी और उर्दू की इंटरप्रेटर हैं और उनका बड़ा बेटा अमेरिकी सेना में अधिकारी है। कब क्या हुआ और क्यों फंसीं मीनू, सिलसिलेवार जानिए… सोशल मीडिया के लिए खिंचवाई फोटो मीनू बत्रा के वकील दीपक आहलूवालिया ने कहा कि अधिकारियों ने उनके साथ बहुत बुरा व्यवहार किया। उन्होंने जबरन मीनू के हाथ पीछे करवाकर फोटो खिंचवाई ताकि वह अपराधी लगें और कहा कि यह सोशल मीडिया के लिए है। जेल के अंदर मीनू अब अन्य महिलाओं की मदद कर रही हैं, जो अंग्रेजी नहीं जानतीं। वे बताती हैं कि वहां लोग डिप्रेशन में हैं और कई ने आत्महत्या की कोशिश भी की है। सरकार का तर्क, मीनू के पास नहीं है नागरिकता कोर्ट में डिपार्टमेंट ऑफ होमलैंड सिक्योरिटी (DHS) का कहना है कि मीनू के पास 2000 का फाइनल रिमूवल ऑर्डर है। उन्होंने स्पष्ट कहा कि वर्क परमिट होने का मतलब यह नहीं है कि कोई अमेरिका में कानूनी रूप से हमेशा रह सकता है। सरकार अब प्रवासियों को सेल्फ डिपोर्ट के लिए कह रही है। कानूनी प्रक्रिया का पालन नहीं किया गया दीपक आहलूवालिया का कहना है कि विदहोल्डिंग ऑफ रिमूवल मिलने के बाद इसे दो तरीकों से ही वापस लिया जा सकता है। यदि किसी ने अपराध किया हो तो आईसीई यह मोशन फाइल कर सकती है कि इसे वापस लिया जाए। दूसरा है ‘कंट्री कंडीशन’ फाइल किया जाना, जिसमें कहा जाता है कि हालात अब बदल गए हैं और मीनू को अपने मूल देश में कोई खतरा नहीं है। उनका कहना है कि इमिग्रेशन अधिकारियों द्वारा ऐसा कोई भी मोशन फाइल नहीं किया गया और न ही 26 वर्षों के दौरान आईसीई द्वारा उन्हें कोई नोटिस भेजा गया। मीनू बत्रा के पक्ष में आए ये लोग अमेरिकन ट्रांसलेटर्स एसोसिएशन पर मौजूद मीनू बत्रा की प्रोफाइल के मुताबिक उनके पास टेक्सास स्टेट से मास्टर लेवल कोर्ट इंटरप्रेटर का लाइसेंस मौजूद है। स्थानीय राजनेताओं, सामाजिक कार्यकर्ताओं और अनुवादकों के संगठनों ने भी मीनू को हिरासत में लिए जाने के खिलाफ आवाज उठाई है। मीनू बत्रा टेक्सास एसोसिएशन ऑफ ज्यूडिशियरी इंटरप्रेटर्स एंड ट्रांसलेटर्स’ (TAJIT) की बोर्ड मेंबर भी रह चुकी हैं।
सांसद अमृतपाल की गिरफ्तारी के आसार:NSA खत्म होने से पहले अमृतसर पुलिस डिब्रूगढ़ पहुंची; थाने पर हमले के मामले में मुकदमा होगा शुरू

पंजाब के खडूर साहिब से सांसद अमृतपाल सिंह की गिरफ्तारी को लेकर हलचल तेज हो गई है। पंजाब पुलिस की एक विशेष टीम असम के डिब्रूगढ़ सेंट्रल जेल पहुंच चुकी है, जहां अमृतपाल सिंह फिलहाल National Security Act यानी (एनएसए) के तहत बंद हैं। अमृतपाल सिंह की एनएसए हिरासत 22 अप्रैल को समाप्त हो रही है। सूत्रों के अनुसार जैसे ही उनकी नजरबंदी खत्म होगी अमृतपाल सिंह को अजनाला मामले में गिरफ्तार करके स्थानीय अदालत में पेश किया जाएगा, जहां से रिमांड लिया जाएगा। इसके बाद मुकदमे की कार्रवाई शुरू होने की संभावना है। अप्रैल 2023 में किया था अमृतपाल को गिरफ्तार अमृतपाल सिंह को अप्रैल 2023 में मोगा के रोड़े गांव से गिरफ्तार किया गया था। इससे पहले फरवरी 2023 में अजनाला पुलिस थाना पर हमले का मामला सामने आया था, जहां वे अपने समर्थकों के साथ मिलकर बैरिकेड्स तोड़कर थाने में दाखिल हुए थे और एक साथी को छुड़ाने के लिए पुलिस से झड़प भी हुई थी। हथियारों के साथ थाने पर धावा बोला। गिरफ्तारी के बाद ट्रायल की प्रक्रिया तेज इस मामले में अमृतपाल सिंह समेत कुल 41 लोगों के खिलाफ हत्या के प्रयास, सरकारी कर्मचारियों पर हमला, आपराधिक साजिश और दंगा जैसे गंभीर आरोप दर्ज किए गए हैं। पुलिस के मुताबिक, अमृतपाल इस केस के मुख्य आरोपी हैं और उनकी गिरफ्तारी के बाद ट्रायल की प्रक्रिया तेज की जाएगी। इसके अलावा, अमृतपाल सिंह के खिलाफ विभिन्न जिलों में कई अन्य मामले भी दर्ज हैं। ऐसे में आने वाले दिनों में यह मामला न केवल कानूनी बल्कि राजनीतिक रूप से भी अहम मोड़ ले सकता है।









