Saturday, 02 May 2026 | 05:57 AM

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कांग्रेस नेता की हत्या, बदमाशों ने कुल्हाड़ी से सिर फोड़ा:लुधियाना में बेटे को लहूलुहान पड़े मिले, जमीन पर मांस-खून फैला

कांग्रेस नेता की हत्या, बदमाशों ने कुल्हाड़ी से सिर फोड़ा:लुधियाना में बेटे को लहूलुहान पड़े मिले, जमीन पर मांस-खून फैला

लुधियाना के माछीवाड़ा कस्बे के गांव तखरां में कांग्रेस ब्लॉक प्रधान परमिंदर तिवारी की हत्या कर दी गई। वे शाम साढ़े 6 बजे स्टैंड पर अपने क्वार्टरों पर कुर्सी पर बैठे हुए थे। इसी दौरान दो बदमाश आए। उन्होंने पीछे सिर पर कुल्हाड़ी से तीन वार किए। जिससे उनका सिर फट गया और वह जमीन पर गिर पड़े। मौके पर सिर का मांस और खून फैल गया। इसके बाद आरोपी मौके पर ही कुल्हाड़ी छोड़कर भाग गए। इसी दौरान उनका बेटा वहां पहुंचा, वह जमीन पर लहूलुहान हातल में पड़े मिले। इसके बाद आसपास उन्हें तुरंत माछीवाड़ा के सिविल अस्पताल पहुंचाया। हालत नाजुक होने पर डॉक्टरों ने उन्हें हायर सेंटर रेफर कर दिया। इसके बाद परिजन उन्हें फोर्टिस अस्पताल ले गए, जहां इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई। घटना की सूचना मिलते ही थाना कूमकलां की पुलिस मौके पर पहुंची और जांच शुरू कर दी है। पुलिस के अनुसार हमले में दो अज्ञात लोग शामिल थे। मर्डर के बाद की PHOTOS… बेटे-चश्मदीद ने ये बड़ी बातें बताईं…. पूर्व विधायक बोले- वह कांग्रेस के अच्छे नेता थे पूर्व विधायक लखवीर सिंह लक्खा ने कहा की वहां शाम को अपने रेंट पर दिए हुए क्वार्टरों के बाहर बैठे थे, वहां दो बदमाश पहुंचे और उन्होंने कुल्हाड़ी से उनके ऊपर हमला कर दिया। वह कांग्रेस के अच्छे नेता थे और मेरे छोटे भाई थे। वाडिंग बोले- हमारे पैरों तले ज़मीन खिसक गई पंजाब कांग्रेस प्रधान राजा वाडिंग ने कहा कि मुझे राजा गरेवाल लक्खा पायल जी ने बताया कि परमिंदर जो हमारा मछीवाड़ा से ब्लॉक प्रधान है, उसका कोई कत्ल कर गया। परमिंदर एक बहुत प्यारा साथी था। हमारे पैरों तले ज़मीन खिसक गई की दिन दिहाड़े 6:45 बजे जब उनका फोन आया और कहा कि उन्हें फोर्टिस अस्पताल की तरफ ले जाया गया है। जब दोबारा बात हुई तो उन्होंने बताया कि उन्हें परमिंदर हमारे बीच में नहीं रहे। मैं समझता हूं कि यह कांग्रेस के लिए बहुत दुखदाई खबर है। उन्होंने कहा कि कल परिवार से मुलाकात करेंगे। फिर आगे की रणनीति बनाई जाएगी।

7 से 12 अप्रैल तक गांव-बस्तियों में पहुंचेंगे मंत्री-विधायक, सांसद:हर विधानसभा के 50 बडे़ गांवों में होंगे बीजेपी के सम्मेलन, पुराने वर्कर्स के घर जाएंगे नेता

7 से 12 अप्रैल तक गांव-बस्तियों में पहुंचेंगे मंत्री-विधायक, सांसद:हर विधानसभा के 50 बडे़ गांवों में होंगे बीजेपी के सम्मेलन, पुराने वर्कर्स के घर जाएंगे नेता

7 से 12 अप्रैल तक पूरे प्रदेश में ‘गांव-बस्ती चलो अभियान’ चलाया जाएगा। इस अभियान की कमान सीधे तौर पर क्षेत्र के दिग्गजों के हाथों में होगी, जिसमें सांसद, विधायक, महापौर और नगर पालिका अध्यक्षों से लेकर पार्टी के सभी वरिष्ठ पदाधिकारियों को अनिवार्य रूप से मैदान में उतरने के निर्देश दिए गए हैं। इस रणनीति के जरिए भाजपा ग्रामीण क्षेत्रों में अपनी पैठ को और अधिक गहरा करने की तैयारी में है। 6 अप्रैल को बीजेपी के स्थापना दिवस को लेकर शनिवार को बीजेपी की वर्चुअल मीटिंग हुई। इस बैठक में सीएम डॉ. मोहन यादव, बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल, प्रदेश प्रभारी डॉ. महेन्द्र सिंह, क्षेत्रीय संगठन मंत्री अजय जामवाल ने कार्यक्रमों की तैयारियों को लेकर प्रदेश भर के बीजेपी पदाधिकारियों को दिशा निर्देश दिए। विधानसभावार 50 गांवों का चयन: पुराने कार्यकर्ताओं के घर पहुंचेंगे नेता इस अभियान के तहत प्रत्येक विधानसभा क्षेत्र में 50 बड़े गांवों को चिन्हित कर वहां विशेष कार्यक्रमों की सूची तैयार की गई है। इन गांवों में जाने वाले नेता केवल जनसभाएं ही नहीं करेंगे, बल्कि पार्टी की नींव रखने वाले पुराने और वरिष्ठ कार्यकर्ताओं के घर जाकर उनका आदर-पूर्वक सम्मान भी करेंगे । इसके साथ ही समाज के विभिन्न वर्गों के बुद्धिजीवियों और गणमान्य व्यक्तियों से सीधा संपर्क साधकर उन्हें पार्टी की विचारधारा से जोड़ा जाएगा। भाजपा का मानना है कि पुराने कार्यकर्ताओं का अनुभव और नए लोगों का उत्साह मिलकर संगठन को और अधिक अपराजेय बनाएंगे । केवल भाषण न दें, बल्कि सरकारी योजनाओं के लाभार्थियों से मिलें अभियान के दौरान गांवों के सार्वजनिक स्थानों पर स्वच्छता कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे, जिसमें पार्टी के बड़े नेता स्वयं झाड़ू थामकर श्रमदान करेंगे। इसके बाद चौपालों पर केंद्र की मोदी सरकार और एनडीए शासित प्रदेश सरकार की जनहितकारी योजनाओं एवं ऐतिहासिक उपलब्धियों पर व्यापक चर्चा की जाएगी। पार्टी ने स्पष्ट किया है कि कार्यकर्ता केवल भाषण न दें, बल्कि उन लाभार्थियों से भी मिलें जिन्हें सरकारी योजनाओं का लाभ मिला है। इन लाभार्थियों के साथ जनसंपर्क कर उनके अनुभव के वीडियो बनाए जाएंगे और उन्हें सोशल मीडिया पर साझा किया जाएगा ताकि सरकार के काम का वास्तविक असर जनता के सामने आ सके। प्रभावी क्रियान्वयन के लिए ‘प्रदेश टोली’ तैनात इतने व्यापक स्तर के अभियान को सफल बनाने के लिए प्रदेश स्तर पर एक विशेष टोली का गठन किया गया है। राज्यमंत्री प्रतिमा बागरी को इस ‘गांव/बस्ती चलो अभियान’ का विशेष प्रभार देते हुए सह-संयोजक नियुक्त किया गया है। जिला स्तर पर भी कार्यक्रमों की योजना और क्रियान्वयन के लिए 4 सदस्यीय समितियां बनाई जा रही हैं, जिनमें 1 संयोजक और 3 सह-संयोजक होंगे। पार्टी ने इन समितियों में एक महिला सदस्य की भागीदारी को अनिवार्य किया है, ताकि महिला मतदाताओं और कार्यकर्ताओं के बीच अभियान का प्रभावी संदेश पहुंच सके। भाजपा स्थापना दिवस एवं आगामी कार्यक्रमों का शेड्यूल

शिमला में बांग्लादेशी किन्नर स्टूडेंट पर उगाही के आरोप:मंदिरों में जाने पर विवाद, पुलिस के पास पहुंची शिकायत, नेता प्रतिपक्ष ने इंटेलिजेंस फेलियर बताया

शिमला में बांग्लादेशी किन्नर स्टूडेंट पर उगाही के आरोप:मंदिरों में जाने पर विवाद, पुलिस के पास पहुंची शिकायत, नेता प्रतिपक्ष ने इंटेलिजेंस फेलियर बताया

हिमाचल प्रदेश की राजधानी शिमला में एक बांग्लादेशी किन्नर स्टूडेंट चर्चाओं का कारण बना हुआ है। कुछ लोग किन्नर से आशीर्वाद लेते हुए देखे जा सकते हैं। हिंदू रक्षा मंच ने शिमला पुलिस में इस संबंध में लिखित शिकायत दर्ज कराई है। किन्नर पर मंदिरों में जाकर पैसों की उगाही के आरोप लगे हैं। शिमला पुलिस ने हिंदू रक्षा मंच की शिकायत के बाद जांच की तो मालूम पड़ा कि इस्लाम मोहम्मद शाहिदुल्ल (30) पुत्र मुहम्मद शरीफ अली, मूल निवासी राजशाही (बांग्लादेश) का रहने वाला है। वह स्टडी वीजा पर पढ़ाई के लिए शिमला आया है और शिमला की एक प्राइवेट यूनिवर्सिटी से BJMC की पढ़ाई कर रहा है। शिमला की प्राइवेट यूनिवर्सिटी से पढ़ाई कर रहा एसएसपी शिमला गौरव सिंह के अनुसार- पुलिस जांच में मालूम पड़ा कि उसका 2024 से 2028 तक का स्टडी वीजा है और वह अभी चौथे सेमेस्टर का स्टूडेंट है। उसके स्टडी वीजा, स्टे-वीजा, नेशनल आईडी कार्ड, यूनिवर्सिटी की फीस स्लिप, 10वीं व 12वीं कक्षा की मार्कशीट जैसे सभी दस्तावेज जांच में सही पाए गए। पुलिस जांच में सभी दस्तावेज सही पाए गए इस्लाम मोहम्मद शाहिदुल्ल ने पुलिस को बताया कि वह किन्नर समुदाय से संबंध रखता है और काली माता की पूजा करता है। इसी कारण वह कालीबाड़ी मंदिर, जाखू मंदिर गया। उसने पुलिस को बताया कि उसने किसी से भी पैसे नहीं ऐंठे। यदि कोई व्यक्ति स्वेच्छा से कुछ दे देता है तो वह मना नहीं करता। विपक्ष ने इंटेलिजेंस में चूक बताया वहीं नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने इंटेलिजेंस में बड़ी चूक बताकर मामले की जांच करने की मांग की। उन्होंने कहा कि एक बांग्लादेशी ऐसे धार्मिक स्थल पर कैसे पहुंच रहा है? यह गंभीर मामला है। उन्होंने कहा कि धार्मिक स्थान की सुरक्षा की दृष्टि से भी इसे एग्जामिन किया जाना चाहिए। इसकी आड़ में नेता प्रतिपक्ष ने सरकार पर तंज कसते हुए कहा कि पुलिस को अलग काम में लगा रखा है, जो काम सही मायने में करना चाहिए, वह नहीं करने दिया जा रहा। जयराम ठाकुर ने कहा कि यदि शिकायत सही निकली तो वह इस मुद्दे को सदन में भी उठाएंगे। इस मामले में सख्त कार्रवाई होगी: जनारथा वहीं, शिमला के कांग्रेस विधायक हरीश जनारथा ने इस मामले में सख्त कार्रवाई का आश्वासन दिया है। उन्होंने कहा कि यदि कोई छात्र स्टडी वीजा पर भारत आया है, तो उसे अपने दायरे में रहना चाहिए। जनारथा ने बताया कि यह मामला मीडिया के माध्यम से उनके संज्ञान में आया है। जनारथा ने कहा कि वह इस संबंध में पुलिस के आला अधिकारियों से बात करेंगे और उन्हें सख्त कार्रवाई करने के लिए कहेंगे। उन्होंने बांग्लादेशी दूतावास के माध्यम से भी कार्रवाई की बात कही है। इस मामले में शिमला पुलिस अभी कुछ भी कहने से बच रही है।

भाजपा नेता ने ‘गुंडों’ पर कार्रवाई की कसम खाई, बंगाल में पार्टी के सत्ता में आने पर यूपी-शैली के मुठभेड़ों का वादा किया | राजनीति समाचार

Brent crude jumped 8% to $116 per barrel and is up nearly 60% since the war began in late February. (Image: Reuters)

आखरी अपडेट:26 मार्च, 2026, 19:47 IST दिलीप घोष ने पश्चिम बंगाल में उत्तर प्रदेश शैली में मुठभेड़ों की कसम खाई, पुलिस और माफियाओं को लेकर तृणमूल कांग्रेस पर हमला किया, क्योंकि भाजपा ने उन्हें फिर से खड़गपुर सदर से मैदान में उतारा। दिलीप घोष, बंगाल, भाजपा चुनावी राज्य पश्चिम बंगाल में प्रचार जोरों पर है और तैयारियों के बीच, भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के वरिष्ठ नेता दिलीप घोष ने गुरुवार को राज्य में भगवा रेजिमेंट के सत्ता में आने पर पूर्ण परिवर्तन और अपराधियों के खिलाफ “उत्तर प्रदेश-शैली मुठभेड़” का वादा किया। अपने पुराने क्षेत्र खड़गपुर में एक चुनाव अभियान के दौरान तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) पर तीखा हमला करते हुए घोष ने आरोप लगाया कि पश्चिम बंगाल में पुलिस वर्तमान में सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस के इशारे पर काम करती है और अपराधियों और “माफियाओं” के खिलाफ कार्रवाई करने में विफल रहती है। उन्होंने कहा, “4 मई के बाद सब कुछ बदल जाएगा। जिस पुलिस को आप आज माफियाओं के साथ बैठकर चाय पीते और भ्रष्ट नेताओं के चमचों के रूप में काम करते देखते हैं, उनका चरित्र बदल जाएगा। वही पुलिस उत्तर प्रदेश की शैली में मुठभेड़ करेगी और अपराधियों को सलाखों के पीछे डालेगी।” घोष की टिप्पणी से राजनीतिक तूफान खड़ा हो गया है उनकी टिप्पणी से जल्द ही एक राजनीतिक विवाद खड़ा हो गया और सत्तारूढ़ टीएमसी ने भाजपा पर खुले तौर पर न्यायेतर हिंसा का समर्थन करने का आरोप लगाया। हालाँकि, घोष ने आलोचना का जवाब देते हुए कहा कि उन्होंने खड़गपुर में लंबे समय तक “गुंडों और माफियाओं” से लड़ाई लड़ी है और ऐसा करना जारी रखेंगे। उन्होंने कहा, “मैंने खड़गपुर में गुंडों और माफियाओं के खिलाफ कई लड़ाईयां लड़ी हैं और मैं फिर लड़ूंगा। लेकिन शायद इस बार इसकी जरूरत नहीं पड़ेगी। एक बार बीजेपी सत्ता में आएगी तो अपराध में शामिल सभी लोगों को पकड़कर जेल भेजा जाएगा।” घोष, जिन्होंने 2016 से 2019 तक विधानसभा में खड़गपुर सदर का प्रतिनिधित्व किया था, को एक बार फिर भाजपा ने निर्वाचन क्षेत्र से मैदान में उतारा है। यह सीट पार्टी के लिए महत्व रखती है, क्योंकि पारंपरिक गढ़ों से परे इसके विस्तार के दौरान यह पश्चिम बंगाल में इसके शुरुआती राजनीतिक ठिकानों में से एक थी। खुद को जमीनी स्तर के समर्थन वाले एक मजबूत नेता के रूप में पेश करते हुए घोष ने कहा कि औद्योगिक शहर में राजनीति के प्रति उनका दृष्टिकोण हमेशा प्रत्यक्ष और टकरावपूर्ण रहा है। “हथियारों से लोगों को धमकाने का आरोप लगाते हुए हमारे खिलाफ मामले दर्ज किए गए। लेकिन अगर कोई डरता है, तो जाहिर तौर पर घोष उसे डराएंगे। आपको क्यों डरना चाहिए? अगर आपमें साहस है, तो आमने-सामने आएं। अगर वे पुलिस की मदद से लूट, चोरी और मतदाताओं को डरा सकते हैं, तो हम उन्हें चुनौती क्यों नहीं दे सकते?” उसने कहा। उन्होंने कहा, “मैंने हमेशा अपने विरोधियों को आश्चर्यचकित करके राजनीति की है। खड़गपुर के लोगों ने इसी वजह से मुझे वोट दिया और वे फिर से मुझे वोट देंगे।” पहले प्रकाशित: 26 मार्च, 2026, 19:47 IST समाचार राजनीति भाजपा नेता ने ‘गुंडों’ पर कार्रवाई की कसम खाई, बंगाल में सत्ता में आने पर यूपी-शैली के मुठभेड़ों का वादा किया अस्वीकरण: टिप्पणियाँ उपयोगकर्ताओं के विचार दर्शाती हैं, News18 के नहीं। कृपया चर्चाएँ सम्मानजनक और रचनात्मक रखें। अपमानजनक, मानहानिकारक, या अवैध टिप्पणियाँ हटा दी जाएंगी। News18 अपने विवेक से किसी भी टिप्पणी को अक्षम कर सकता है. पोस्ट करके, आप हमारी उपयोग की शर्तों और गोपनीयता नीति से सहमत होते हैं। और पढ़ें (टैग्सटूट्रांसलेट)पश्चिम बंगाल चुनाव(टी)दिलीप घोष मुठभेड़ टिप्पणी(टी)उत्तर प्रदेश शैली मुठभेड़(टी)भाजपा अभियान पश्चिम बंगाल(टी)तृणमूल कांग्रेस बनाम भाजपा(टी)पश्चिम बंगाल में राजनीतिक हिंसा(टी)खड़गपुर विधानसभा क्षेत्र(टी)पश्चिम बंगाल में कानून व्यवस्था

मछुआ नीति में बदलाव को रोकने छतरपुर में ज्ञापन सौंपा:मछुआरों की आजीविका पर असर, सरकार को चेतावनी- नीलामी की तैयारी से विरोध करेंगे

मछुआ नीति में बदलाव को रोकने छतरपुर में ज्ञापन सौंपा:मछुआरों की आजीविका पर असर, सरकार को चेतावनी- नीलामी की तैयारी से विरोध करेंगे

प्रदेश में मछुआ नीति 2008 में बदलाव की संभावनाओं के बीच मांझी (निषाद) समाज में आक्रोश बढ़ रहा है। इसी क्रम में मंगलवार को छतरपुर जिले में समाज के लोगों ने मुख्यमंत्री के नाम एक ज्ञापन सौंपा। इसमें नीति में किसी भी प्रकार का परिवर्तन न करने की मांग की गई है। समाज के प्रतिनिधियों ने जानकारी दी कि वर्ष 2008 में तत्कालीन मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने वंशानुगत मछुआरों के हितों की रक्षा के लिए यह मछुआ नीति लागू की थी। इस नीति के तहत, तालाबों का संचालन पंजीकृत मछुआ सहकारी समितियों द्वारा किया जाता है, जिससे पारंपरिक रूप से मछली पकड़ने वाले परिवारों को आजीविका मिलती है। हालांकि, अब सरकार इस व्यवस्था में बदलाव करने और तालाबों की खुली नीलामी कराने की तैयारी कर रही है। वंशानुगत अधिकार छिनने का डर समाज का आरोप है कि इस बदलाव से वंशानुगत मछुआरों का अधिकार छिन जाएगा और बाहरी ठेकेदारों का प्रभाव बढ़ेगा। इससे उनकी आजीविका पर सीधा नकारात्मक प्रभाव पड़ेगा। इसी बीच, पूरे प्रदेश में निषाद समाज गुहराज निषाद की जयंती मना रहा है। इस अवसर पर समाज के लोगों ने अपनी परंपरा और भगवान श्रीराम से जुड़े इतिहास का हवाला देते हुए सरकार से अपनी आजीविका के अधिकारों को सुरक्षित रखने की मांग दोहराई है। छतरपुर में सौंपे गए ज्ञापन में स्पष्ट रूप से कहा गया है कि मछुआ नीति 2008 में कोई बदलाव न किया जाए। ऐसा न होने पर प्रदेशभर में आंदोलन तेज करने की चेतावनी दी गई है।

भांडेर में सीएम दौरे से पहले बैनर विवाद, फायरिंग हुई:भाजपा-कांग्रेस के नेता भिड़े, 2-3 राउंड फायरिंग की चर्चा

भांडेर में सीएम दौरे से पहले बैनर विवाद, फायरिंग हुई:भाजपा-कांग्रेस के नेता भिड़े, 2-3 राउंड फायरिंग की चर्चा

दतिया जिले के भांडेर में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के प्रस्तावित दौरे से एक दिन पहले सोमवार को सियासी माहौल उस समय गरमा गया, जब बैनर-पोस्टर लगाने को लेकर दो पक्ष आमने-सामने आ गए। विवाद इतना बढ़ा कि मौके पर 2 से 3 राउंड फायरिंग होने की सूचना है। हालांकि इस घटना में किसी के हताहत होने की खबर नहीं है। घटना दोपहर करीब 1:25 बजे की बताई जा रही है। विवाद के बाद क्षेत्र में अफरा-तफरी का माहौल बन गया। घटना से जुड़े 2-3 वीडियो भी सामने आए हैं, जो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहे हैं। वीडियो में कुछ लोग हथियारों के साथ छीना-झपटी करते नजर आ रहे हैं। बीजेपी-कांग्रेस के नेता भिड़ गए थे जानकारी के अनुसार, यह विवाद भाजपा के युवा नेता लालू यादव (निवासी भांडेर) और कांग्रेस के युवा नेता अजय यादव (निवासी गोदन) के बीच हुआ। मामले को लेकर क्षेत्र में चर्चाएं भी तेज हैं कि आखिर कांग्रेस नेता द्वारा भाजपा के बैनर-पोस्टर लगाने को लेकर विवाद क्यों हुआ। हालांकि इस संबंध में अभी तक कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। घटना के बाद पुलिस प्रशासन का रुख भी सवालों के घेरे में है। जब वरिष्ठ अधिकारियों से जानकारी लेने की कोशिश की गई तो उन्होंने स्पष्ट जवाब देने से बचते हुए गोलमोल प्रतिक्रिया दी। वहीं पुलिस सूत्रों का कहना है कि दोनों पक्षों के बीच समझौते के प्रयास जारी हैं। सीएम के कार्यक्रम से ठीक पहले हुई इस घटना ने सुरक्षा और कानून-व्यवस्था को लेकर भी सवाल खड़े कर दिए हैं। फिलहाल वीडियो और फायरिंग की सूचना क्षेत्र में चर्चा का विषय बनी हुई है।

धुरंधर 2 में आर माधवन के सीन पर विवाद:शिवसेना नेता ने गुरबाणी के अपमान पर उठाया सवाल, फिल्म मेकर्स से सार्वजनिक माफी की मांग की

धुरंधर 2 में आर माधवन के सीन पर विवाद:शिवसेना नेता ने गुरबाणी के अपमान पर उठाया सवाल, फिल्म मेकर्स से सार्वजनिक माफी की मांग की

फिल्म धुरंधर 2 को लेकर नया विवाद सामने आया है। फिल्म के एक सीन में गुरबाणी के कथित अपमान को लेकर सियासी माहौल गरमा गया है। शिव सेना गुरजोत सिंह कीर ने ने इस पर कड़ी नाराजगी जताते हुए फिल्म मेकर्स से सार्वजनिक माफी की मांग की है। रिपोर्ट के मुताबिक, विवाद उस सीन को लेकर है जिसमें आर माधवन का किरदार गुरबाणी का उच्चारण करता नजर आता है। आरोप है कि इस दौरान उनके हाथ में सिगरेट दिखाई गई है। सिख समुदाय और नेताओं का कहना है कि यह प्रस्तुति धार्मिक मर्यादाओं के खिलाफ है और इससे उनकी भावनाएं आहत हुई हैं। यही इस पूरे विवाद का मुख्य कारण बन गया है। शिवसेना नेता गुरजोत सिंह कीर ने सोशल मीडिया पर वीडियो जारी इस सीन को बेहद आहत करने वाला और अस्वीकार्य बताया। उन्होंने कहा कि गुरबाणी सिख धर्म की पवित्र वाणी है और इसे इस तरह दिखाना किसी भी हालत में सही नहीं ठहराया जा सकता। उन्होंने फिल्म निर्माताओं से तुरंत माफी मांगने और विवादित सीन को हटाने की मांग की है। नेता ने चेतावनी भी दी कि अगर जल्द कार्रवाई नहीं की गई तो इस मुद्दे को लेकर विरोध प्रदर्शन हो सकता है। उनका कहना है कि धार्मिक भावनाओं से जुड़े मामलों में संवेदनशीलता बरतना जरूरी है, खासकर जब बात किसी समुदाय की आस्था की हो। यह मामला अब केवल बयानबाजी तक सीमित नहीं रहा। खबर के अनुसार, इस मुद्दे को लेकर शिकायत भी दर्ज कराई गई है। शिकायत में फिल्म से जुड़े लोगों पर धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने का आरोप लगाया गया है। फिलहाल, फिल्म के मेकर्स या कलाकारों की तरफ से इस विवाद पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। हालांकि बढ़ते विरोध के बीच मामला लगातार तूल पकड़ता जा रहा है। गौरतलब है कि धुरंधर 2 पहले भी अलग-अलग कारणों से चर्चा में रही है, लेकिन गुरबाणी से जुड़े इस विवाद ने इसे फिर सुर्खियों में ला दिया है।

असम चुनाव से पहले बीजेपी को बड़ा झटका! इस दिग्गज नेता ने कमल ने छोड़ा थामा का ‘हाथ’

असम चुनाव से पहले बीजेपी को बड़ा झटका! इस दिग्गज नेता ने कमल ने छोड़ा थामा का 'हाथ'

असम विधानसभा चुनाव 2026 से पहले बीजेपी को बड़ा झटका लगा है. हिमंत सरकार में खेल एवं युवा कल्याण मंत्री रहीं नंदिता गरलोसा रविवार (22 मार्च) को मुख्यमंत्री पद से कांग्रेस में शामिल हो गईं। बीजेपी द्वारा टिकटें न जाने के दिए गए निर्देश के अनुसार उन्होंने यह निर्णय लिया है। अब वो कांग्रेस के टिकटों पर अपनी सीलबंद सीट हाफलोंग से विधानसभा का चुनाव लड़ेंगी। कांग्रेस ने असम कंपनी पर लगाया आरोप असम प्रदेश कांग्रेस कमेटी (एपीसीसी) के महासचिव निर्मल लंगथासा की उपस्थिति में नंदिता गरलोसा कांग्रेस में शामिल हुईं। प्रदेश कांग्रेस महासचिव ने कहा कि हमें यह घोषणा करते हुए बेहद खुशी हो रही है कि नंदिता गरलोसा कांग्रेस पार्टी में शामिल हो गई हैं। पिछले 5 वर्षों से वो दिमा हसाओ की आवाज रही हैं और वो हमेशा अपने विश्वासों और सिद्धांतों पर मजबूती से कायम रही हैं। लंगथासा ने आरोप लगाते हुए कहा कि बीजेपी ने उन्हें इसकी कीमत चुकाई है क्योंकि हिमंता बिस्वा सरमा की जमीन की मजबूती के लिए बड़ी कंपनी ने ही उन्हें नाटक में शामिल किया है। बीजेपी ने अनकित गरलोसा के टिकट निकालेनिर्मल लंगथासा ने आगे कहा कि कांग्रेस कल उन्हें हाफलोंग सीट से अपना उम्मीदवार घोषित करेगी। इस संबंध में सभी प्रभावकारी जल्द ही पूरी कर ली मांग हैं। बता दें कि गरलोसा असम सरकार में खेल और युवा कल्याण मंत्री वेला और वोलांग विधानसभा क्षेत्र में हाफलोंग सीट का प्रतिनिधित्व कर रही हैं। इस बार बीजेपी ने अपनी जगह नए चेहरे रूपाली लांगथासा को टिकट दिया, उसके बाद गरलोसा ने बीजेपी छोड़ दी। पिछले रविवार को मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने आधी लंबी प्रिय नंदिता गरलोसा से अपने घर पर मुलाकात की थी लेकिन यह बैठक बेनतीजा रही। सीएम सरमा से मुलाकात के कुछ ही घंटे बाद उन्होंने कांग्रेस का हाथ थाम लिया. बता दें कि असम की 126 रांची विधानसभा के लिए 9 अप्रैल को मतदान होगा, जबकि असम की गिनती 4 मई को होगी. ये भी पढ़ें मौसम पूर्वानुमान: बिहार, राजस्थान समेत 6 राज्यों में भारी बारिश और तूफान की चेतावनी, दिल्ली-यूपी में कैसा रहेगा मौसम, जानें (टैग्सटूट्रांसलेट)ब्रेकिंग न्यूज(टी)एबीपी न्यूज(टी)असम विधानसभा चुनाव(टी)असम विधानसभा चुनाव 2026(टी)बीजेपी(टी)असम चुनाव 2026(टी)नंदिता गरलोसा(टी)असम विधानसभा चुनाव(टी)बीजेपी(टी)नंदिता गरलोसा(टी)कांग्रेस(टी)चुनाव

केरल चुनाव 2026: ‘केरल में त्रिकोणीय हो सकता है मुकाबला’, सीपीआई नेता का विश्वासनामा, बीजेपी को लेकर कर दी ये भविष्यवाणी

केरल चुनाव 2026: 'केरल में त्रिकोणीय हो सकता है मुकाबला', सीपीआई नेता का विश्वासनामा, बीजेपी को लेकर कर दी ये भविष्यवाणी

इस बार केरल में विधानसभा चुनाव के दौरान त्रिकोणीय मुकाबला देखने को मिल सकता है। सी. सर्वेक्षण नेता हन्नान मोल्लाह ने भाजपा के राज्य में जनाधार बढ़ने की बात पर सहमति जताते हुए यह भविष्यवाणी की है। उन्होंने कहा कि राज्य में बीजेपी का जनाधार मजबूत है. हालाँकि हन्नान मोल्लाह ने कहा है कि केरल में बीजेपी के दोबारा शुरू होने की कोई उम्मीद नहीं है। उनकी कुछ शुरूआत ही हुई। वे सिस्टम को त्रिकोणीय बनाने की कोशिश करेंगे. सबसे पहले यहां कांग्रेस और हमारे यानी सी क्वेश्चन के बीच हुआ था। इस बार बीजेपी का वोट समर्थन बढ़ा है. इतना नहीं बढ़ाया गया है कि वे किसी को चुनौती दे चुनौती. सत्य में आने की सम्भावना नहीं है. इज़राइल ने ईरान पर परमाणु हमला किया: सी क्रूज़ नेता वे मध्य पूर्व में चल रही जंग को लेकर मुख्यधारा का सार है। उन्होंने कहा कि अमेरिका, इजराइल ने ईरान पर हमला कर दिया। सी क्रूज़ नेता हन्नान मोल्लाह ने कहा कि ईरान के साथ हमारा संबंध सबसे पुराना है। वो हमें सुविधा देता है। जब ईरान पर हमला हुआ तो भारत को खड़ा होना पड़ा, लेकिन हमारी सरकार को कोई राहत नहीं मिली। इसके अलावा उन्होंने कहा कि युद्ध के 10 दिन बाद भारत में गैस की समस्या हुई तो ईरान से बात हुई। ईरान ने भारत को गैस सरकार की सदस्यता की वजह से नहीं, भारत के लोगों को इसकी वजह से दिया है। उन्होंने कहा कि दोस्ती संभव नहीं है. ईरान हमारे दोस्त हमें भी उनके बुरे वक्त में साथ देना होगा। सी. ईसाई नेताओं ने कहा कि उनका काम ही खतरनाक है। सुबह जागते हैं, तो दिन की शुरुआत खतरनाक खतरे करते हैं। केंद्र सरकार ने सी सुपरमार्केट (एम) के नेता हन्नान मोल्लाह पर 20 फीसदी एक्स्ट्रा फूड की मंजूरी दे दी है, उन्होंने कहा कि यह थोड़ा जरूरी है। हमारे देश के कई शहरों में छोटे-छोटे रेस्तरां बंद हो गए थे। अगर चूल्हा ही नहीं जलेगा, तो रेस्तरां कैसे छोड़ें। ऐसी स्थिति में, स्वाभाविक रूप से, सरकार को इस पर विशेष ध्यान देना चाहिए। यह भी पढ़ें: सबसे लंबे समय तक राज करने वाले नेता बने पीएम मोदी, सीएम योगी आदित्यनाथ ने इस अंदाज में दी बधाई (टैग्सटूट्रांसलेट)केरल विधानसभा चुनाव 2026(टी)सीपीआई(टी)ईरान इजराइल युद्ध(टी)केरल(टी)विधानसभा चुनाव 2026। त्रिकोणीय मुकाबला(टी)सीपीआई नेता भविष्यवाणी(टी)केरल में भाजपा(टी)ईरान इजराइल युद्ध(टी)ताजा समाचार(टी)अद्यतन समाचार(टी)केरल समाचार(टी)हन्नान मोल्ला(टी)केरल चुनाव 2026(टी)सीपीआई(टी)ईरान-इजरायल युद्ध(टी)केरल(टी)विधानसभा चुनाव 2026। त्रिकोणीय मुकाबला(टी)सीपीआई नेताओं की भविष्यवाणी(टी)केरल में बीजेपी(टी)ईरान-इजरायल युद्ध(टी)ताजा खबरें(टी)अपडेटेड खबरें(टी)केरल समाचार(टी)हन्नानल्लाह मो

शिमला पहुंचे राहुल गांधी:बहन प्रियंका के घर छराबड़ा में ठहरे, नेता प्रतिपक्ष का निजी दौरा बताया जा रहा

शिमला पहुंचे राहुल गांधी:बहन प्रियंका के घर छराबड़ा में ठहरे, नेता प्रतिपक्ष का निजी दौरा बताया जा रहा

लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी शुक्रवार को शिमला पहुंच गए हैं। वह शिमला से करीब 12 किलोमीटर दूर छराबड़ा स्थित अपनी बहन प्रियंका गांधी घर पर ठहरे हुए हैं। बताया जा रहा है कि राहुल गांधी करीब 2-3 दिन के निजी दौरे पर शिमला आए हैं। इस दौरान वह छराबड़ा में ही रुकेंगे। बता दें कि प्रियंका गांधी ने छाबड़ा में पहाड़ी शैली में अपना घर बना रखा है, जहां वह समय-समय पर आती रहती हैं। हाल ही में प्रियंका गांधी भी एक सप्ताह पहले यहां आई थीं और चार दिन रुकने के बाद दिल्ली लौट गई थीं। अब राहुल गांधी के आगमन से क्षेत्र में राजनीतिक हलचल भी बढ़ गई है। राहुल गांधी के शिमला पहुंचते ही छराबड़ा और कल्याणी हेलीपैड के आसपास सुरक्षा कड़ी कर दी गई है। पुलिस और प्रशासन ने एहतियात के तौर पर अतिरिक्त बल तैनात किया है।