Wednesday, 14 Oct 2026 | 08:40 AM

Trending :

मछुआ नीति में बदलाव को रोकने छतरपुर में ज्ञापन सौंपा:मछुआरों की आजीविका पर असर, सरकार को चेतावनी- नीलामी की तैयारी से विरोध करेंगे

मछुआ नीति में बदलाव को रोकने छतरपुर में ज्ञापन सौंपा:मछुआरों की आजीविका पर असर, सरकार को चेतावनी- नीलामी की तैयारी से विरोध करेंगे

प्रदेश में मछुआ नीति 2008 में बदलाव की संभावनाओं के बीच मांझी (निषाद) समाज में आक्रोश बढ़ रहा है। इसी क्रम में मंगलवार को छतरपुर जिले में समाज के लोगों ने मुख्यमंत्री के नाम एक ज्ञापन सौंपा। इसमें नीति में किसी भी प्रकार का परिवर्तन न करने की मांग की गई है। समाज के प्रतिनिधियों ने जानकारी दी कि वर्ष 2008 में तत्कालीन मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने वंशानुगत मछुआरों के हितों की रक्षा के लिए यह मछुआ नीति लागू की थी। इस नीति के तहत, तालाबों का संचालन पंजीकृत मछुआ सहकारी समितियों द्वारा किया जाता है, जिससे पारंपरिक रूप से मछली पकड़ने वाले परिवारों को आजीविका मिलती है। हालांकि, अब सरकार इस व्यवस्था में बदलाव करने और तालाबों की खुली नीलामी कराने की तैयारी कर रही है। वंशानुगत अधिकार छिनने का डर
समाज का आरोप है कि इस बदलाव से वंशानुगत मछुआरों का अधिकार छिन जाएगा और बाहरी ठेकेदारों का प्रभाव बढ़ेगा। इससे उनकी आजीविका पर सीधा नकारात्मक प्रभाव पड़ेगा। इसी बीच, पूरे प्रदेश में निषाद समाज गुहराज निषाद की जयंती मना रहा है। इस अवसर पर समाज के लोगों ने अपनी परंपरा और भगवान श्रीराम से जुड़े इतिहास का हवाला देते हुए सरकार से अपनी आजीविका के अधिकारों को सुरक्षित रखने की मांग दोहराई है। छतरपुर में सौंपे गए ज्ञापन में स्पष्ट रूप से कहा गया है कि मछुआ नीति 2008 में कोई बदलाव न किया जाए। ऐसा न होने पर प्रदेशभर में आंदोलन तेज करने की चेतावनी दी गई है।

WhatsApp
Facebook
Twitter
LinkedIn

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

लेटेस्ट टॉप अपडेट

सच्चाई की दहाड़

ब्रेकिंग खबरें सीधे अपने ईमेल पर पाने के लिए रजिस्टर करें।

You have been successfully Subscribed! Ops! Something went wrong, please try again.

ग्लोबल करेंसी अपडेट

Provided by IFC Markets
मैंगो हेल्थ टिप्स: आम खाने के बाद पानी की कमी होनी चाहिए या नहीं... क्या होता है नुकसान?

March 25, 2026/
8:38 pm

आम के स्वास्थ्य संबंधी सुझाव: गर्मी का मौसम आते ही सबसे ज्यादा आम की चर्चा होती है। अपनी मिठास और...

नवीन पटनायक बोले- निशिकांत को मेंटल डॉक्टर की जरूरत:बीजू पटनायक को नेहरु और CIA के बीच कड़ी बताया था; बीजद सांसद का संसदीय समिति से इस्तीफा

March 30, 2026/
2:30 pm

ओडिशा के पूर्व CM और बीजू जनता दल (BJD) चीफ नवीन पटनायक ने उनके पिता बीजू पटनायक पर टिप्पणी को...

इंदौर में कलेक्टोरेट पर किसानों का कल जमावड़ा:भूमि अधिग्रहण में बाजार मूल्य का चार गुना मुआवजा देने की मांग, 4 मांगों को लेकर प्रदर्शन

April 5, 2026/
2:25 pm

इंदौर में 6 अप्रैल को किसान अपनी चार सूत्रीय मांगों को लेकर कलेक्टर कार्यालय पहुंचकर शक्ति प्रदर्शन करेंगे। किसान संगठनों...

Randeep Hooda Assam Flood Visit

August 2, 2026/
12:30 pm

27 मिनट पहले कॉपी लिंक बॉलीवुड एक्टर रणदीप हुड्डा ने शनिवार को असम के शिवसागर में ग्लोबल सिख्स द्वारा आयोजित...

पैपराजी पर भड़के सलमान खान:पोज देने की डिमांड पर फटकारा, बिग बॉस 20 की शूटिंग शुरू की, पहले भी लगा चुके हैं ऐसे ही डांट

September 5, 2026/
9:20 am

सलमान खान बिग बॉस 20 के सेट पर उन्हें कवर करने आए पैपराजी पर भड़क गए। सलमान ने सरेआम फोटोग्राफर्स...

Shubman Gill (left) and Abhishek Sharma (AP Photo)

May 12, 2026/
5:39 pm

आखरी अपडेट:12 मई, 2026, 17:39 IST राहुल गांधी ने केरल के कई पार्टी नेताओं से मुलाकात की, जिनमें पूर्व राज्य...

राजगढ़ में गौ माता आगे-आगे, पीछे भजन-कीर्तन की गूंज:बैलगाड़ी में 10 हजार हस्ताक्षरों का ज्ञापन लेकर निकली रैली, गौ-हत्या पर पूर्ण प्रतिबंध लगे

April 27, 2026/
7:38 pm

राजगढ़ जिले के खिलचीपुर में सोमवार को गौ सम्मान आह्वान अभियान के तहत अनोखे अंदाज में रैली निकाली गई। भोजपुर...

जॉब - शिक्षा

राजनीति

मछुआ नीति में बदलाव को रोकने छतरपुर में ज्ञापन सौंपा:मछुआरों की आजीविका पर असर, सरकार को चेतावनी- नीलामी की तैयारी से विरोध करेंगे

मछुआ नीति में बदलाव को रोकने छतरपुर में ज्ञापन सौंपा:मछुआरों की आजीविका पर असर, सरकार को चेतावनी- नीलामी की तैयारी से विरोध करेंगे

प्रदेश में मछुआ नीति 2008 में बदलाव की संभावनाओं के बीच मांझी (निषाद) समाज में आक्रोश बढ़ रहा है। इसी क्रम में मंगलवार को छतरपुर जिले में समाज के लोगों ने मुख्यमंत्री के नाम एक ज्ञापन सौंपा। इसमें नीति में किसी भी प्रकार का परिवर्तन न करने की मांग की गई है। समाज के प्रतिनिधियों ने जानकारी दी कि वर्ष 2008 में तत्कालीन मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने वंशानुगत मछुआरों के हितों की रक्षा के लिए यह मछुआ नीति लागू की थी। इस नीति के तहत, तालाबों का संचालन पंजीकृत मछुआ सहकारी समितियों द्वारा किया जाता है, जिससे पारंपरिक रूप से मछली पकड़ने वाले परिवारों को आजीविका मिलती है। हालांकि, अब सरकार इस व्यवस्था में बदलाव करने और तालाबों की खुली नीलामी कराने की तैयारी कर रही है। वंशानुगत अधिकार छिनने का डर
समाज का आरोप है कि इस बदलाव से वंशानुगत मछुआरों का अधिकार छिन जाएगा और बाहरी ठेकेदारों का प्रभाव बढ़ेगा। इससे उनकी आजीविका पर सीधा नकारात्मक प्रभाव पड़ेगा। इसी बीच, पूरे प्रदेश में निषाद समाज गुहराज निषाद की जयंती मना रहा है। इस अवसर पर समाज के लोगों ने अपनी परंपरा और भगवान श्रीराम से जुड़े इतिहास का हवाला देते हुए सरकार से अपनी आजीविका के अधिकारों को सुरक्षित रखने की मांग दोहराई है। छतरपुर में सौंपे गए ज्ञापन में स्पष्ट रूप से कहा गया है कि मछुआ नीति 2008 में कोई बदलाव न किया जाए। ऐसा न होने पर प्रदेशभर में आंदोलन तेज करने की चेतावनी दी गई है।

WhatsApp
Facebook
Twitter
LinkedIn

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

हेल्थ & फिटनेस

विज्ञापन

राजनीति

लेटेस्ट टॉप अपडेट

ग्लोबल करेंसी अपडेट

Provided by IFC Markets

Live Cricket

सच्चाई की दहाड़

ब्रेकिंग खबरें सीधे अपने ईमेल पर पाने के लिए रजिस्टर करें।

You have been successfully Subscribed! Ops! Something went wrong, please try again.