अमेरिका में खुफिया विभाग चीफ तुलसी गबार्ड ने इस्तीफा दिया:पति हड्डी के कैंसर से जूझ रहे, कहा- मुश्किल वक्त में साथ रहना चाहती हूं

अमेरिकी राष्ट्रीय खुफिया निदेशक तुलसी गबार्ड अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। फॉक्स न्यूज के मुताबिक, उन्होंने यह फैसला अपने पति की गंभीर बीमारी के कारण लिया है। बताया गया है कि उनके पति एक बेहद दुर्लभ हड्डी के कैंसर से जूझ रहे हैं और गैबार्ड इस मुश्किल समय में उनके साथ रहना चाहती हैं। रिपोर्ट के अनुसार, गबार्ड ने शुक्रवार को ओवल ऑफिस में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प से मुलाकात के दौरान उन्हें अपने इस्तीफे की जानकारी दी। ऑफिस ऑफ डायरेक्टर ऑफ नेशनल इंटेलिजेंस (ODNI) में उनका आखिरी दिन 30 जून होने की उम्मीद है। गबार्ड ने अपने चिट्ठी में राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प का धन्यवाद भी किया और कहा कि राष्ट्रीय खुफिया कार्यालय का नेतृत्व करना उनके लिए सम्मान की बात रही। गबार्ड बोलीं- पति सबसे मजबूत सहारा गबार्ड ने अपने 11 साल के वैवाहिक जीवन का जिक्र करते हुए कहा कि अब्राहम (पति) हमेशा उनके सबसे मजबूत सहारे रहे हैं। उन्होंने लिखा, “पूर्वी अफ्रीका में मेरी तैनाती हो, कोई राजनीतिक अभियान हो या फिर इस पद पर मेरी सेवा। हर मुश्किल समय में वे मजबूती से मेरे साथ खड़े रहे।” उन्होंने आगे कहा, “उनकी ताकत और प्यार ने मुझे हर चुनौती से लड़ने की शक्ति दी है। ऐसे में मैं उनसे यह उम्मीद नहीं कर सकती कि वह इस कठिन लड़ाई का अकेले सामना करें जबकि मैं इतने व्यस्त और जिम्मेदारी वाले पद पर बनी रहूं।” गबार्ड ने यह भी कहा कि उन्होंने ऑफिस ऑफ डायरेक्टर ऑफ नेशनल इंटेलिजेंस (ODNI) में काम करते हुए खुफिया तंत्र में पारदर्शिता बढ़ाने और उसकी विश्वसनीयता बहाल करने की दिशा में अहम प्रगति की है। हालांकि उन्होंने माना कि अभी भी कई महत्वपूर्ण काम बाकी हैं। तुलसी गबार्ड के 5 बड़े काम
क्रिकेटर विजय शंकर ने IPL और डोमेस्टिक से संन्यास लिया:बोले- क्रिकेट ही मेरी जिंदगी: 2019 वर्ल्ड कप में पहली गेंद पर विकेट लिया था

भारतीय क्रिकेटर विजय शंकर ने घरेलू क्रिकेट और IPL से संन्यास लेने का ऐलान किया है। शुक्रवार को उन्होंने X पर एक भावुक पोस्ट डाला। 25 साल लंबे करियर के बाद उन्होंने बीसीसीआई, परिवार और साथ देने वाले सभी लोगों का धन्यवाद किया। पेसर ऑलराउंडर विजय ने साफ किया है कि वे पूरी तरह क्रिकेट नहीं छोड़ रहे हैं और नए विकल्प के साथ क्रिकेट खेलना जारी रखेंगे। विजय बोले- ‘क्रिकेट ही मेरी जिंदगी है’ विजय ने लिखा कि क्रिकेट उनके लिए सिर्फ खेल नहीं, बल्कि जिंदगी रही है। उन्होंने नागपुर में भारत के 500वें वनडे मैच में आखिरी ओवर फेंकने और 2019 वर्ल्ड कप में पहली गेंद पर विकेट लेने को सबसे यादगार पल बताया। उन्होंने BCCI, IPL टीमों और अपनी घरेलू टीम तमिलनाडू क्रिकेट को धन्यवाद कहा। उन्होंने भारतीय टीम के लिए खेलने को सबसे गर्व भरा पल बताया है। फर्स्ट क्लास में 9 हजार रन, 150+ विकेट लिए तमिलनाडू के विजय ने 10 साल की उम्र में क्रिकेट खेलना शुरु किया था। उन्होंने अंडर-13 से लेकर सीनियर टीम तक अपना ज्यादातर क्रिकेट तमिलनाडु के लिए खेला। उन्होंने 77 फर्स्ट क्लास मैच में 4253 रन बनाए और 43 विकेट लिए। लिस्ट ए में 112 मैचों में 2790 रन और 73 विकेट, जबकि 159 टी20 मैचों में 2583 रन और 38 विकेट उनके नाम रहे। भारत के लिए दूसरे ही टी20 में ‘मैन ऑफ द मैच’ बने विजय को 2018 में निदहास टी20 ट्रॉफी के लिए भारतीय टीम में चुना गया। उन्होंने श्रीलंका के खिलाफ अपना इंटरनेशनल डेब्यू किया, जबकि दूसरे ही टी20 में बांग्लादेश के खिलाफ 2 विकेट लेने के लिए मैन ऑफ द मैच चुने गए। विजय ने जनवरी 2019 में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ वनडे डेब्यू किया। उन्होंने 12 वनडे और 9 टी20 अंतरराष्ट्रीय मैच खेले। उन्होंने करियर के दौरान मिली नफरत और आलोचना पर कहा कि उन्होंने हमेशा इसे नजरअंदाज कर आगे बढ़ना चुना। भारत के लिए 2019 वर्ल्ड कप खेले विजय को 2019 वर्ल्ड कप में नंबर-4 बल्लेबाज और उपयोगी मीडियम पेसर के तौर पर चुना गया। उन्होंने पाकिस्तान के खिलाफ टूर्नामेंट की पहली ही गेंद पर इमाम उल हक का विकेट लिया। आईपीएल में उनका सफर 2013 में चेन्नई सुपर किंग्स से शुरू हुआ। उन्होंने गुजरात टाइटंस, सनराइजर्स हैदराबाद, दिल्ली कैपिटल्स के लिए खेला। 2022 में गुजरात टाइटंस की ट्रॉफी जीत वाली टीम का हिस्सा रहे। उन्होंने 2023 में 301 रन बनाए, जो उनका बेस्ट सीजन रहा। ——————————— स्पोर्ट्स की ये खबर भी पढ़ें… ऑस्ट्रेलिया वनडे सीरीज के लिए पाकिस्तान टीम घोषित:बाबर-शादाब और नसीम की वापसी; रिजवान सहित 6 खिलाड़ियों को बाहर किया गया पाकिस्तान ने ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ घरेलू वनडे सीरीज के लिए 16 सदस्यीय टीम घोषित कर दी है। टीम में सीनियर बल्लेबाज बाबर आजम, ऑलराउंडर शादाब खान और तेज गेंदबाज नसीम शाह की वापसी हुई है। यह तीनों खिलाड़ी बांग्लादेश दौरे वाली व्हाइट बॉल टीम में शामिल नहीं थे। सीरीज 30 मई से रावलपिंडी में शुरू होगी। पुरी खबर पढ़ें..
विजय शंकर ने IPL और डोमेस्टिक से संन्यास लिया:बोले- क्रिकेट ही मेरी जिंदगी: 2019 वर्ल्ड कप में पहली गेंद पर विकेट लिया था

भारतीय क्रिकेटर विजय शंकर ने घरेलू क्रिकेट और IPL से संन्यास लेने का ऐलान किया है। शुक्रवार को उन्होंने X पर एक भावुक पोस्ट डाला। 25 साल लंबे करियर के बाद उन्होंने बीसीसीआई, परिवार और साथ देने वाले सभी लोगों का धन्यवाद किया। पेसर ऑलराउंडर विजय ने साफ किया है कि वे पूरी तरह क्रिकेट नहीं छोड़ रहे हैं और नए विकल्प के साथ क्रिकेट खेलना जारी रखेंगे। विजय बोले- ‘क्रिकेट ही मेरी जिंदगी है’ विजय ने लिखा कि क्रिकेट उनके लिए सिर्फ खेल नहीं, बल्कि जिंदगी रही है। उन्होंने नागपुर में भारत के 500वें वनडे मैच में आखिरी ओवर फेंकने और 2019 वर्ल्ड कप में पहली गेंद पर विकेट लेने को सबसे यादगार पल बताया। विजय ने बताया कि करियर के दौरान उन्हें भारी नफरत और आलोचना का सामना करना पड़ा। उन्होंने कहा कि मैंने हमेशा इसे नजरअंदाज कर आगे बढ़ना चुना। उन्होंने BCCI, IPL टीमों और अपनी घरेलू टीम तमिलनाडू क्रिकेट को धन्यवाद कहा। उन्होंने भारतीय टीम के लिए खेलने को सबसे गर्व भरा पल बताया है। फर्स्ट क्लास में 9 हजार रन, 150+ विकेट लिए तमिलनाडू के विजय ने 10 साल की उम्र में क्रिकेट खेलना शुरु किया था। उन्होंने अंडर-13 से लेकर सीनियर टीम तक अपना ज्यादातर क्रिकेट तमिलनाडु के लिए खेला। उन्होंने 77 फर्स्ट क्लास मैच में 4253 रन बनाए और 43 विकेट लिए। लिस्ट ए में 112 मैचों में 2790 रन और 73 विकेट, जबकि 159 टी20 मैचों में 2583 रन और 38 विकेट उनके नाम रहे। भारत के लिए दूसरे ही टी20 में ‘मैन ऑफ द मैच’ बने विजय को 2018 में निदहास टी20 ट्रॉफी के लिए भारतीय टीम में चुना गया। उन्होंने श्रीलंका के खिलाफ अपना इंटरनेशनल डेब्यू किया, जबकि दूसरे ही टी20 में बांग्लादेश के खिलाफ 2 विकेट लेने के लिए मैन ऑफ द मैच चुने गए। विजय ने जनवरी 2019 में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ वनडे डेब्यू किया। उन्होंने 12 वनडे और 9 टी20 अंतरराष्ट्रीय मैच खेले। भारत के लिए 2019 वर्ल्ड कप खेले विजय को 2019 वर्ल्ड कप में नंबर-4 बल्लेबाज और उपयोगी मीडियम पेसर के तौर पर चुना गया। उन्होंने पाकिस्तान के खिलाफ टूर्नामेंट की पहली ही गेंद पर इमाम उल हक का विकेट लिया। आईपीएल में उनका सफर 2013 में चेन्नई सुपर किंग्स से शुरू हुआ। उन्होंने गुजरात टाइटंस, सनराइजर्स हैदराबाद, दिल्ली कैपिटल्स के लिए खेला। 2022 में गुजरात टाइटंस की ट्रॉफी जीत वाली टीम का हिस्सा रहे। उन्होंने 2023 में 301 रन बनाए, जो उनका बेस्ट सीजन रहा। ——————————— स्पोर्ट्स की ये खबर भी पढ़ें… ऑस्ट्रेलिया वनडे सीरीज के लिए पाकिस्तान टीम घोषित:बाबर-शादाब और नसीम की वापसी; रिजवान सहित 6 खिलाड़ियों को बाहर किया गया पाकिस्तान ने ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ घरेलू वनडे सीरीज के लिए 16 सदस्यीय टीम घोषित कर दी है। टीम में सीनियर बल्लेबाज बाबर आजम, ऑलराउंडर शादाब खान और तेज गेंदबाज नसीम शाह की वापसी हुई है। यह तीनों खिलाड़ी बांग्लादेश दौरे वाली व्हाइट बॉल टीम में शामिल नहीं थे। सीरीज 30 मई से रावलपिंडी में शुरू होगी। पुरी खबर पढ़ें..
भारत का तीसरा सबसे बड़ा तेल सप्लायर बना वेनेजुएला:सऊदी-US पीछे छूटे; होर्मुज बंद होने के बाद भारतीय कंपनियों ने खरीद बढ़ाई

होर्मुज स्ट्रेट बंद होने के बाद वैश्विक तेल बाजार में भारी उथल-पुथल मच गई है। ऐसे वक्त में जब मिडिल ईस्ट के देशों के तेल सप्लाई पर असर पड़ा वेनेजुएला अचानक भारत का तीसरा सबसे बड़ा कच्चा तेल सप्लायर बनकर उभरा है। एनर्जी ट्रैकिंग डेटा केप्लर के मुताबिक वेनेजुएला ने मई 2026 में सऊदी अरब और अमेरिका दोनों को पीछे छोड़ दिया है। अभी केवल रूस और UAE ही उससे आगे हैं। रिपोर्ट के मुताबिक इस महीने भारत को वेनेजुएला से होने वाली तेल सप्लाई अप्रैल के मुकाबले करीब 50 फीसदी बढ़ गई है। अमेरिका ने जनवरी में वेनेजुएला के राष्ट्रपति निकोलस मादुरो को पकड़ने के बाद वहां के तेल निर्यात पर कुछ ढील दी थी। उसी के बाद अप्रैल से भारत में फिर से वेनेजुएला का तेल आना शुरू हुआ। 9 महीने बाद भारत ने तेल खरीदना शुरू किया केप्लर डेटा के मुताबिक, मई में अब तक भारत ने वेनेजुएला से करीब 4.17 लाख बैरल प्रतिदिन कच्चा तेल खरीदा है। अप्रैल में यह आंकड़ा 2.83 लाख बैरल प्रतिदिन था, जबकि उससे पहले लगातार 9 महीने तक भारत ने वेनेजुएला से कोई तेल नहीं खरीदा था। इस बढ़ोतरी की सबसे बड़ी वजह दो हैं। पहली, मिडिल ईस्ट में युद्ध और होर्मुज स्ट्रेट संकट की वजह से सप्लाई प्रभावित हुई है। दूसरी, वेनेजुएला का भारी और हाई-सल्फर वाला कच्चा तेल सस्ता पड़ रहा है। रिलायंस जैसी भारतीय रिफाइनरियां इसे प्रोसेस करने में सक्षम हैं, इसलिए उन्होंने खरीद बढ़ा दी। केपलर के एनालिस्ट निखिल दुबे के मुताबिक भारतीय रिफाइनर लंबे समय से वेनेजुएला के तेल में दिलचस्पी दिखाते रहे हैं क्योंकि यह सस्ता है और भारत की जटिल रिफाइनिंग प्रणाली के अनुकूल है। खास तौर पर गुजरात में रिलायंस की रिफाइनरी इस तेल के लिए काफी उपयुक्त मानी जाती है। सऊदी अरब ने तेल की कीमत बढ़ाई भारत का कुल कच्चा तेल आयात मई में बढ़कर 49 लाख बैरल प्रतिदिन हो गया है, जो अप्रैल से 8% ज्यादा है। लेकिन यह अभी भी फरवरी के 52 लाख बैरल प्रतिदिन के स्तर से नीचे है। फरवरी के बाद ईरान युद्ध और होर्मुज संकट ने पश्चिम एशिया से तेल सप्लाई को प्रभावित किया। ईरान से भारत को अप्रैल में 7 साल बाद फिर तेल मिला था क्योंकि अमेरिकी प्रतिबंधों में ढील दी गई थी। लेकिन मई में अब तक ईरानी तेल नहीं पहुंचा है। रिपोर्ट्स के मुताबिक अमेरिकी नौसैनिक नाकेबंदी की वजह से ईरान के बंदरगाहों से सप्लाई रुक गई। वहीं इराक से कुछ सप्लाई दोबारा शुरू हुई है, लेकिन वह भी फरवरी के मुकाबले बहुत कम है। सऊदी अरब की सप्लाई में भी भारी गिरावट आई है। अप्रैल में भारत को सऊदी अरब से 6.7 लाख बैरल प्रतिदिन तेल मिला था, जो मई में घटकर करीब 3.4 लाख बैरल प्रतिदिन रह गया। केप्लर के मुताबिक इसकी वजह सऊदी तेल की बढ़ी कीमतें हैं, यानी भारतीय कंपनियों को वेनेजुएला का तेल ज्यादा सस्ता पड़ रहा है। वेनेजुएला की राष्ट्रपति जल्द भारत आएंगी अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने कहा है कि वेनेजुएला की कार्यवाहक राष्ट्रपति डेल्सी रोड्रिगेज अगले हफ्ते भारत आ सकती हैं। माना जा रहा है कि इस दौरान तेल आपूर्ति को लेकर बातचीत होगी। करीब 303 अरब बैरल तेल भंडार के साथ वेनेजुएला दुनिया का सबसे बड़ा तेल भंडार वाला देश माना जाता है। यह भंडार सऊदी अरब और अमेरिका से भी ज्यादा है। हालांकि वर्षों तक अमेरिकी प्रतिबंधों और सरकारी कुप्रबंधन की वजह से वहां तेल उत्पादन बुरी तरह प्रभावित रहा। अब अमेरिका और वेनेजुएला दोनों कोशिश करेंगे कि भारत के साथ ऐसा समझौता हो जाए जिससे वेनेजुएला से तेल निर्यात में आई यह तेजी आगे भी जारी रह सके। वेनेजुएलाई तेल को बाजार में एंट्री दिलाने की कोशिश में अमेरिका अब जब पश्चिम एशिया युद्ध की चपेट में है और तेल बाजार में आपूर्ति संकट पैदा हो गया है, तो अमेरिका, वेनेजुएला के तेल को फिर से वैश्विक बाजार में लाने की कोशिश करता दिख रहा है। भारत पहले से ही रूस से ज्यादा तेल खरीद रहा था। अमेरिका इससे नाराज रहा है। ट्रम्प सरकार का कहना है कि इससे रूस को यूक्रेन युद्ध के लिए पैसा मिल रहा है। ईरान युद्ध शुरू होने से पहले प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने फरवरी में रूसी तेल खरीद कम करने और अमेरिका व वेनेजुएला से ज्यादा तेल लेने का वादा किया था। अब मार्को रुबियो जो खुद भी 23 से 26 मई तक भारत दौरे पर आने वाले हैं, कह रहे हैं कि अमेरिका चाहता है कि भारत ज्यादा से ज्यादा अमेरिकी और वेनेजुएलाई तेल खरीदे। रुबियो ने कहा, “हम भारत को जितनी ऊर्जा बेच सकते हैं, बेचना चाहते हैं। हमें लगता है कि वेनेजुएलाई तेल में भी बड़ा मौका है।” एक्सपर्ट्स का कहना है कि मार्को रुबियो और डेल्सी रोड्रिगेज की लगभग एक साथ भारत यात्रा यह दिखाती है कि अब तेल और ऊर्जा से जुड़ी राजनीति पर युद्ध और दुनिया की बड़ी ताकतों के टकराव का सीधा असर पड़ रहा है। भारत के 13 जहाज होर्मुज में अभी भी फंसे हैं आम तौर पर भारत का लगभग आधा कच्चा तेल खाड़ी देशों से होर्मुज स्ट्रेट के जरिए आता है। इसी रास्ते से बड़ी मात्रा में LNG और पेट्रोलियम गैस भी आती है। लेकिन ईरान के आसपास बढ़ते युद्ध और समुद्री संघर्ष की वजह से यह अहम समुद्री रास्ता लगभग बंद जैसा हो गया है। भारतीय अधिकारियों ने खाड़ी क्षेत्र में समुद्री सुरक्षा को लेकर भी चिंता जताई है। इस समय 13 भारतीय जहाज वहां फंसे हुए हैं। भारत पहले उन्हें सुरक्षित निकालना चाहता है, उसके बाद ही नए जहाज ईंधन लेने भेजे जाएंगे। हाल के दिनों में भारत से जुड़े कई जहाजों पर होर्मुज स्ट्रेट और ओमान तट के पास हमले हुए हैं। एक भारतीय झंडे वाला मालवाहक जहाज ओमान के समुद्री इलाके में आग लगने के बाद डूब गया। आशंका है कि उस पर ड्रोन या मिसाइल हमला हुआ था। इन हालात ने वैश्विक तेल सप्लाई को बुरी तरह प्रभावित किया है और अब दुनिया वैकल्पिक तेल स्रोत तलाश रही है। इसी वजह से वेनेजुएला जैसे देशों के लिए मौका पैदा हुआ है।
‘अशोभनीय, अक्षम्य’: पीएम मोदी पर अनुचित टिप्पणी को लेकर बीजेपी ने कांग्रेस के अजय राय पर साधा निशाना | भारत समाचार

आखरी अपडेट:22 मई, 2026, 18:22 IST बीजेपी पार्टी के नेताओं ने कांग्रेस नेता पर राजनीतिक शालीनता की सारी सीमाएं लांघने का आरोप लगाते हुए वीडियो ऑनलाइन शेयर किया. प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी; उत्तर प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष अजय राय (एल) (छवि: पीटीआई/फ़ाइल) उत्तर प्रदेश कांग्रेस कमेटी (यूपीसीसी) के प्रमुख अजय राय का शुक्रवार को एक वीडियो सामने आने के बाद राजनीतिक विवाद खड़ा हो गया, जिसमें उन्हें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ अनुचित टिप्पणी करते हुए दिखाया गया है। यह घटना, जब राय एक कार के अंदर थे, रिकॉर्ड की गई, तेजी से सोशल मीडिया पर वायरल हो गई। क्लिप में, राय टिप्पणी करते समय समर्थकों के एक समूह की ओर हाथ हिलाते हुए दिखाई दे रहे हैं, जिसकी सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने तीखी आलोचना की है। पार्टी नेताओं ने कांग्रेस नेता पर राजनीतिक शालीनता की सभी सीमाएं लांघने का आरोप लगाते हुए वीडियो ऑनलाइन साझा किया। कुछ दिन पहले जब यूपीपीसीसी प्रमुख अजय राय रैली थे, तब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी ने सार्वजनिक रूप से उनके शीघ्र स्वस्थ होने की कामना की थी। यही कांग्रेस की राजनीति का स्तर है -… pic.twitter.com/AkbPemddlq – अमित मालवीय (@amitmalviya) 22 मई 2026 यह विवाद तब से बड़े पैमाने पर राजनीतिक टकराव में बदल गया है, जिसमें भाजपा के वरिष्ठ नेताओं ने विपक्षी पार्टी पर कड़े हमले शुरू कर दिए हैं। बीजेपी की कड़ी प्रतिक्रिया उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने टिप्पणियों की निंदा करते हुए उन्हें “अशोभनीय, असंसदीय और अक्षम्य” बताया। उन्होंने कहा कि यह बयान कांग्रेस पार्टी की “राजनीतिक भ्रष्टता” को दर्शाता है, उन्होंने कहा कि बार-बार की हार ने पार्टी को “हताशा और हताशा” में धकेल दिया है। आदित्यनाथ ने एक्स पर लिखा, “कांग्रेस अब हताशा, निराशा, हताशा और मानसिक दिवालियापन के चरम पर पहुंच गई है। अब वे देशवासियों से माफी मांगने लायक भी स्थिति में नहीं हैं।” आदर्श प्रधानमंत्री श्री @नरेंद्र मोदी जी के विषय में उत्तर प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष द्वारा अभद्र, असंसदीय और विकलांग टिप्पणी कांग्रेस के राजनीतिक कुसंस्कारों को प्रकट करती है। पूर्व में कांग्रेस के ‘युवराज’ भी अपने कुसंस्कारों का परिचय दे चुके हैं। कांग्रेस अब कज़रा,… – योगी आदित्यनाथ (@mयोगीआदित्यनाथ) 22 मई 2026 भाजपा आईटी सेल के प्रमुख अमित मालवीय ने भी राय की आलोचना करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री मोदी ने हाल ही में एक बीमारी के दौरान उनके अच्छे होने की कामना की थी। उन्होंने कहा कि यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि इस तरह का शिष्टाचार निभाया गया, जिसे उन्होंने अपमानजनक भाषा बताया। मालवीय ने कहा, “यह कांग्रेस की राजनीति का स्तर है – शिष्टाचार का जवाब अशिष्टता से देना।” इस बीच, उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने भी कड़ी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए आरोप लगाया कि कांग्रेस के भीतर अभद्र भाषा व्यापक हो गई है। उन्होंने कहा कि पार्टी ने “मर्यादा की सभी सीमाओं को पार कर लिया है” और उस पर अभद्र भाषा को राजनीतिक उपकरण के रूप में इस्तेमाल करने का आरोप लगाया। उन्होंने आगे दावा किया कि बार-बार चुनावी असफलताओं ने कांग्रेस को संगठनात्मक और राजनीतिक रूप से कमजोर कर दिया है। मौर्य ने कहा, “सच्चाई यह है कि माननीय प्रधान मंत्री जी के खिलाफ कांग्रेस नेताओं द्वारा बोला गया हर अपमानजनक शब्द उनकी बार-बार की राजनीतिक हार से होने वाले दर्द और सत्ता से दूर होने की हताशा का प्रमाण है। देश की जनता ऐसे अहंकारी और संस्कृतिहीन नेताओं को एक शानदार लोकतांत्रिक जवाब देगी।” चुनी हुई कहानियाँ, आपके इनबॉक्स में हमारी सर्वोत्तम पत्रकारिता वाला एक न्यूज़लेटर जमा करना जगह : उत्तर प्रदेश, भारत, भारत न्यूज़ इंडिया ‘अशोभनीय, अक्षम्य’: बीजेपी ने पीएम मोदी पर अनुचित टिप्पणी को लेकर कांग्रेस के अजय राय को जिम्मेदार ठहराया अस्वीकरण: टिप्पणियाँ उपयोगकर्ताओं के विचार दर्शाती हैं, News18 के नहीं। कृपया चर्चाएँ सम्मानजनक और रचनात्मक रखें। अपमानजनक, मानहानिकारक, या अवैध टिप्पणियाँ हटा दी जाएंगी। News18 अपने विवेक से किसी भी टिप्पणी को अक्षम कर सकता है. पोस्ट करके, आप हमारी उपयोग की शर्तों और गोपनीयता नीति से सहमत होते हैं। और पढ़ें (टैग्सटूट्रांसलेट)अजय राय की नरेंद्र मोदी पर टिप्पणी(टी)अजय राय विवाद(टी)उत्तर प्रदेश कांग्रेस प्रमुख(टी)मोदी की अभद्र टिप्पणी(टी)बीजेपी की प्रतिक्रिया उत्तर प्रदेश(टी)योगी आदित्यनाथ की आलोचना(टी)अमित मालवीय की प्रतिक्रिया(टी)राजनीतिक विवाद कांग्रेस बीजेपी
schizophrenia diagnosis| Twisha sharma death case: सिजोफ्रेनिया कौन-सी बीमारी है? ट्विशा की सास के दावे में कितनी सच्चाई, डॉक्टर ने बताया

सिजोफ्रेनिया शब्द इन दिनों आपने टीवी, इंटरनेट और अखबार में खूब देखा, सूना होगा. ये एक गंभीर मानसिक बीमारी है. इसका जिक्र ट्विशा शर्मा केस में भी किया गया है. मृतक ट्विशा की सास ने मीडिया में बताया कि उन्हें सिजोफ्रेनिया नाम की बीमारी थी. हालांकि ये बीमारी ट्रीटेबल है, लेकिन बहुत ही रेयर और सीरियस होती है. जिन लोगों को सिजोफ्रेनिया का पता चलता है, उन्हें यह समझने में दिक्कत हो सकती है कि क्या असली है और क्या काल्पनिक है. सिर्फ 100 में से एक को ही ये बीमारी होती है. खासबात ये है कि मरीज को खुद अपनी इस बीमारी का पता नहीं लग पाता है. नई दिल्ली स्थित तुलसी हेल्थकेयर के सीनियर साइकेट्रिस्ट और सी ई ओ डॉक्टर गौरव गुप्ता से हमने इस बीमारी के बारे में गहराई से समझने के लिए बात की. डॉक्टर ने बताया कि सिजोफ्रेनिया ट्रीटेबल मेंटल बीमारी है जो किसी व्यक्ति के सोचने के तरीके, भावनाओं, टास्क और रियलिटी की समझ पर असर डालती है. लेकिन इसका निदान तुरंत नहीं होता है. इसके लिए कई हफ्तों और महीनों तक मरीज की काउंसलिंग करनी पड़ती है. लेकिन इससे पहले भी जरूरी है कि इसके लिए लक्षण नजर आए. तो चलिए समझते हैं सिजोफ्रेनिया के लक्षण और इसके निदान के लिए क्या प्रोसेस किया जाता है और कितना समय निकलता है. सिजोफ्रेनिया के लक्षण ऐसी चीजें देखना और सुनना जो असल में वहां नहीं हैं.हेल्लुसिनेशन होना, ऐसी चीजों का अनुभव करना या उन पर यकीन करना जो सच नहीं हैं.उलझे हुए और रैंडम थॉट्स आना.अजीबोगरीब व्यवहार करना.सामाजिक मेलजोल से दूर रहना.बहुत कम या बिल्कुल भी भावनाएं जाहिर न करना.ध्यान न लगा पाना.नींद का पैटर्न बिगड़ जाना.रोजमर्रा के काम न कर पाना.साफ-सफाई का ध्यान न रखना.व्यक्तित्व में बदलाव.दूसरों पर विश्वास न करना या शक करना. बीमारी को समझने में हो सकती है गलत!एक्सपर्ट बताते हैं कि सिजोफ्रेनिया को अक्सर गलत समझा जाता है, क्योंकि यह माना जाता है कि इस बीमारी वाले व्यक्ति की स्प्लिट पर्सनैलिटी होती है. जबकि सिजोफ्रेनिया और स्प्लिट पर्सनैलिटी एक ही चीज नहीं हैं. लेकिन अगर आपने ट्विशा की सास को मीडिया ट्रायल में ये कहते हुए सुना है कि ट्विशा की दो स्प्लिट पर्सनैलिटी नजर आने लगी थी, तो आपको डॉक्टर की बात पर गौर करने की जरूरत है. क्योंकि सिजोफ्रेनिया में ऐसा नहीं होता है. कैसे शुरु होती है ये बीमारीएक्सपर्ट ने बताया कि इस बीमारी की शुरुआत धीरे-धीरे होती है, लेकिन जिन लोगों को यह बीमारी होती है, उनमें लक्षण अचानक भी उभर सकते हैं. सिजोफ्रेनिया के लक्षण अक्सर दूसरी मानसिक बीमारियों, जिनमें अन्य साइकोटिक या न्यूरोलॉजिकल बीमारियां भी शामिल हैं, के लक्षण एक जैसे ही लगते हैं. इसलिए, सिजोफ्रेनिया का पता लगाने के लिए डॉक्टर को व्यक्ति का ध्यान से असेसमेंट करना पड़ता है निदान में कितना समय लगता हैएक्सपर्ट ने ये बात साफ कहा है कि तुरंत किसी व्यक्ति को देखकर सिजोफ्रेनिया की पुष्टि नहीं की जा सकती है. इसके निदान के लिए एक पूरा प्रोसेस फॉलो किया जाता है, जिसमें कुछ हफ्तों से लेकर कई महीनों तक का समय लग सकता है. अगर लक्षण 6 महीने या उससे ज्यादा समय तक बने रहें, तब डॉक्टर इस बीमारी को कन्फर्म करते है. क्योंकि डायग्नोसिस के लिए डॉक्टर को मरीज के व्यवहार, सोच और मानसिक स्थिति को लगातार जांचना पड़ता है. क्या है डायग्नोसिस का पूरा प्रोसेससिजोफ्रेनिया के डायग्नोसिस प्रोसेस के बारे में डॉक्टर ने बताया कि इसका का पता किसी एक लैब टेस्ट, डायग्नोस्टिक स्कैन या किसी अन्य मेडिकल प्रॉसिजर के जरिए नहीं लगाया जा सकता है. जांच प्रक्रिया के दौरान, आमतौर पर मरीज की पूरी तरह से मानसिक जांच करके आकलन की प्रक्रिया शुरू की जाती है. – असेसमेंट के इंटरव्यू वाले हिस्से के दौरान, साइकेट्रिस्ट व्यक्ति के मानसिक स्थिति, कामकाज और रोजमर्रा के काम-काज के बारे में सावल पूछे जाते हैं ताकि सिजोफ्रेनिया का पता लगाने के लिए एक क्लिनिकल आधार बनाया जा सके. मरीज की पिछली या मौजूदा मेडिकल हिस्ट्री पर भी गौर किया जाता है, जिसमें परिवार में मानसिक समस्याएं, ड्रग्स या शराब का इस्तेमाल, और नींद से जुड़े दूसरे जरूरी दस्तावेज शामिल हैं. हर इंटरव्यू साइकेट्रिस्ट को मरीज की अपनी सोच, भावनाओं और व्यवहार को जाहिर करने की काबिलियत और तरीके को समझने का मौका देता है. – इसके अलावा मेडिकल जांच भी किया जाता है. इसमें ब्लड टेस्ट और ब्रेन इमेजिंग शामिल हैं, साथ ही साइकोलॉजिकल जांच भी, बीमारी का पता लगाने में मददगार साबित होती है. इन टेस्ट का मकसद यह पता लगाना है कि क्या मरीज के लक्षण ड्रग्स के इस्तेमाल, हार्मोन के असामान्य स्तर, इन्फेक्शन, न्यूरोलॉजिकल डिसऑर्डर या किसी दूसरी शारीरिक समस्या से जुड़े हैं. – मरीज की जांच में परिवार के सदस्यों को भी शामिल किया जाता है. क्योंकि वे ऐसी बहुत सी जानकारी देते हैं जो हेल्थकेयर देने वालों को मरीज की पर्सनैलिटी में आए बदलावों, जैसे कि अग्रेशन , सबसे अलग-थलग रहना, भ्रम या कामकाज और सोशल एक्टिविटी में सफलता के लेवल में कमी, को पहचानने में मदद करती है, जिनके बारे में शायद मरीज को खुद पता न हो. क्या है इलाजउपचार में आमतौर पर दवाएं , साइकोथेरेपी , फॅमिली थेरेपी , रिहैबिलिटेशन , जीवनशैली संबंधी सहायता और लगातार मनोचिकित्सकीय जांच-पड़ताल शामिल होती है. जिन लोगों में सिजोफ्रेनिया का डायग्नोसिस हुआ है, वे लगातार देखभाल और एक मजबूत सपोर्ट सिस्टम मिलने पर अपने लक्षणों को कंट्रोल कर सकते हैं और अपने जीवन की क्वालिटी में सुधार ला सकते हैं. क्या ट्विशा की बीमारी को लेकर किया दावा सही?यदि यहां बताए गए जानकारी और ट्विशा की सास के दावों को देखा जाए तो दिमाग में कुछ सवाल खड़े होते हैं. पहला- जब शादी को ही 5 महीने हुए थे तो ट्विशा को ऐसी मेंटल डिजीज कैस हो सकती है जिसके निदान में ही 6 महीने तक समय लग जाता है? दूसरा- ट्विशा की सास ने ये बात भी खुद कही है कि शादी के 1-2 महीने तक सब कुछ ठीक था, उनका व्यवहार भी अच्छा था, तो अचानक उन्हें सिजोफ्रेनिया कैसे हो सकता है, जो कि बहुत ही धीरे- धीरे होता है? हालांकि अभी इस मामले में जजमेंट आना बाकी है, हम सिर्फ इस बीमारी के बारे में आपको जानकारी दे रहे
रुड़की की सोनिया ने सीनियर नेशनल एथलेटिक्स में जीता सिल्वर:रांची के ट्रैक पर 10 हजार मीटर दौड़ीं; पहले ही दिन हासिल किया पदक

झारखंड की राजधानी रांची के बिरसा मुंडा स्टेडियम में शुक्रवार से शुरू हुई 29वीं नेशनल सीनियर एथलेटिक्स फेडरेशन चैंपियनशिप में उत्तराखंड की बेटी ने पहले ही दिन पदक हासिल कर लिया। रुड़की के एक छोटे से गांव की रहने वाली एथलीट कुमारी सोनिया ने महिला वर्ग की 10,000 मीटर रेस में सिल्वर मेडल जीतकर राज्य को गौरवान्वित किया। सोनिया ने यह रेस 36 मिनट 16.22 सेकंड में पूरी की। वह स्पोर्ट्स कॉलेज में उत्तराखंड के वरिष्ठ कोच लोकेश कुमार से प्रशिक्षण ले रही हैं। सोनिया की इस सफलता के पीछे उनके संघर्षों की एक लंबी कहानी है। यह वही सोनिया हैं, जिन्होंने संसाधनों की भारी कमी के बावजूद कभी हालातों के आगे घुटने नहीं टेके। फटे जूतों से रांची के पोडियम तक का सफर सोनिया की असली पहचान 2025 में हुए राष्ट्रीय खेलों के दौरान बनी थी, जब उन्होंने 10,000 मीटर की दौड़ में ही ब्रॉन्ज मेडल जीता था। उस जीत की सबसे बड़ी बात यह थी कि सोनिया के पास दौड़ने के लिए सही स्पाइक्स तक नहीं थे। वह फटे जूतों में ट्रैक पर उतरी थीं। इसके बाद उन्होंने जापान के फुकुओका में हुई 18वीं एशियन क्रॉस कंट्री चैंपियनशिप में भी ब्रॉन्ज मेडल जीतकर देश का नाम रोशन किया था। महंगे सप्लीमेंट्स तो दूर, वह ऑनलाइन मिलने वाले सस्ते मल्टी-विटामिन के सहारे ही अपनी तैयारी कर रही थीं। स्नेह राणा ने बढ़ा था हौसला, दिए थे नए स्पाइक्स हाल ही में जब सोनिया के संघर्ष की यह कहानी भारतीय महिला क्रिकेट टीम की स्टार ऑलराउंडर स्नेह राणा तक पहुंची थी, तो उन्होंने देहरादून स्थित अपने स्पोर्ट्स स्ट्राइव टर्फ पर सोनिया को बुलाया था। फटे जूतों में दौड़ने वाली सोनिया को जब स्नेह राणा ने प्रोफेशनल स्पोर्ट्स शूज और बेहतर न्यूट्रिशन सपोर्ट सौंपा, तो वह भावुक हो गई थीं। नए स्पाइक्स और स्नेह राणा से मिले उसी नए आत्मविश्वास को लेकर सोनिया रांची के ट्रैक पर उतरीं और सिल्वर मेडल अपने नाम कर लिया। पिता करते हैं मजदूरी, बहनों ने निभाया मां का फर्ज सोनिया का पूरा बचपन आर्थिक तंगी में बीता। परिवार में चार बहनें और एक भाई हैं। पिता मजदूरी करके घर चलाते हैं और मां का निधन हो चुका है। सोनिया बताती हैं कि कई बार ऐसा वक्त आया जब तंगी के कारण ट्रेनिंग छोड़ने का मन हुआ, लेकिन उनकी बहनों ने उन्हें कभी टूटने नहीं दिया। बहनों ने ही मां की कमी पूरी की और हर मुश्किल में साथ खड़ी रहीं। गांव के तानों को बनाया अपनी ताकत सोनिया के सफर में सिर्फ गरीबी ही नहीं, बल्कि सामाजिक दबाव भी बड़ी चुनौती रहा। गांव के लोग अक्सर ताने मारते थे और परिवार से कहते थे कि लड़की को वापस बुला लो। लेकिन, सोनिया ने इन बातों को अपने ऊपर हावी नहीं होने दिया। उन्होंने लोगों को जवाब देने के बजाय अपनी मेहनत से खुद को साबित करने का रास्ता चुना और आज रांची में जीता गया यह सिल्वर मेडल उन सभी तानों का जवाब है।
एक्स करण कुंद्रा-तेजस्वी की सगाई के बाद किया क्रिप्टिक पोस्ट:अब अनुषा दांडेकर ने दी सफाई, कहा- मुझे कुछ कहना होता है, तो साफ कहती हूं

एक्ट्रेस, वीजे और सिंगर अनुषा दांडेकर ने हाल ही में अपनी उस पोस्ट पर सफाई दी है, जो उन्होंने एक्स बॉयफ्रेंड करण कुंद्रा और तेजस्वी प्रकाश की सगाई की खबरों के बीच की थी। उन्होंने साफ किया है कि उनकी क्रिप्टिक पोस्ट का करण-तेजस्वी की सगाई से कोई लेना-देना नहीं था। अनुषा दांडेकर ने आधिकारिक सोशल मीडिया से इस मामले पर सफाई देते हुए कहा है, “हे भगवान, साफ है कि आपको कुछ पता ही नहीं है, खासकर आर्टिकल्स के बारे में। जब मैं किसी खास चीज के बारे में बात करती हूं, तो मैं साफ कहती हूं। अगर मैं अपनी वजहों से भगवान का शुक्रिया अदा कर रही हूं, तो भी आप उसे उसी बात से जोड़ देते हैं और फिर अपनी ही धारणाओं के आधार पर मुझ पर सवाल उठाते हैं।” आगे अनुशा ने लिखा है, “कमाल है। और जितने भी प्यारे डीएम आए, मैंने सब देखे और मैं सहमत हूं। अब सब लोग मान सकते हैं कि आपने मुझे क्या लिखा था। लव यू ऑल।” अनुषा ने किस पोस्ट पर दी सफाई दरअसल, एक समय में अनुषा दांडेकर और करण कुंद्रा रिलेशनशिप में थे। दोनों ने एमटीवी लव स्कूल भी साथ होस्ट किया था, हालांकि कुछ समय बाद दोनों अलग हो गए। इस दौरान खबरें रहीं कि करण कुंद्रा, अनुषा से कमिटेड नहीं थे। इसके बाद बिग बॉस 15 में करण कुंद्रा और तेजस्वी प्रकाश की नजदीकियां बढ़ीं और दोनों रिलेशनशिप में आ गए। दोनों पिछले 5 सालों से रिलेशनशिप में हैं। हाल ही में करण कुंद्रा और तेजस्वी की कुछ तस्वीरें वायरल हुई हैं, जिसमें करण, तेजस्वी को शादी के लिए प्रपोज करते दिखे हैं। तस्वीरें वायरल होने के बीच ही अनुषा ने ऑफिशियल इंस्टाग्राम अकाउंट से एक पोस्ट शेयर कर लिखा, ‘भगवान का शुक्र है। iykyk (अगर आप जानते हैं, तो जान जाएंगे)।’ अनुषा की इस पोस्ट को करण-तेजस्वी की सगाई से जोड़कर देखा जाने लगा। एक वजह ये भी रही कि करण से ब्रेकअप के बाद अनुषा ने उनके खिलाफ कई बयान दिए थे।
'आईपीएल में बिहार की भी अपनी टीम होनी चाहिए':वेदांता ग्रुप के चेयरमैन अनिल अग्रवाल ने उठाई मांग, CM सम्राट बोले- निश्चित ही सकारात्मक निर्णय लेंगे

आईपीएल 2026 में बिहार के खिलाड़ियों ने शानदार प्रदर्शन किया है। चाहे वह पटना की ईशान किशन हो, समस्तीपुर के वैभव सूर्यवंशी या फिर गोपालगंज के साकिब हुसैन। सभी अपने शानदार परफॉर्मेंस से चर्चा का विषय बने हुए हैं। अब वेदांता ग्रुप के चेयरमैन अनिल अग्रवाल ने बिहार के अपनी खुद की टीम बनाने की मांग की है। बिहार के अनिल अग्रवाल ने कहा कि, ‘अब वक्त आ गया है कि हमारी मिट्टी का टैलेंट मैदान पर दिखे।’ बेमिसाल बिहार की भी एक टीम होनी चाहिए- अनिल अग्रवाल अनिल अग्रवाल ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर लिखा कि, ‘क्या आपको नहीं लगता चेन्नई सुपर किंग्स, मुंबई इंडियंस और कोलकाता नाइट राइडर्स की तरह बेमिसाल बिहार की भी एक टीम होनी चाहिए? बिहार की मिट्टी ने देश को बहुत से बेहतरीन क्रिकेट खिलाड़ी दिए हैं। पटना में जन्मे ईशान किशन ने सबसे कम गेंदों में ODI डबल सेंचुरी लगाई। समस्तीपुर के वैभव सूर्यवंशी सबसे कम उम्र में IPL डेब्यू करने वाले खिलाड़ी बने। गोपालगंज के साधारण परिवार में जन्मे साकिब हुसैन की शानदार गेंदबाजी पर आज पूरी दुनिया की नज़रें हैं।’ बिहार से बनने वाली टीम दुनिया की बेस्ट टीम होगी- अनिल अग्रवाल बिहार की अपनी आईपीएल क्रिकेट टीम नहीं होने को लेकर अफसोस जाहिर करते हुए अनिल अग्रवाल ने लिखा, ‘एक बात मुझे हमेशा खलती है कि हमारे बिहार को क्रिकेट में अब भी वह नाम और पहचान क्यों नहीं मिल पा रही, जिसके हम हकदार हैं।’ उन्होंने आगे लिखा, ‘मेरा हमेशा से यह सपना और प्रयास रहा है कि बिहार के युवाओं को हर क्षेत्र में आगे बढ़ने का पूरा मौका मिले, हमारे खिलाड़ियों को भी वर्ल्ड क्लास इंफ्रास्ट्रक्चर और सपोर्ट बिहार में ही मिलना चाहिए।’ अनिल अग्रवाल ने विश्वास जताते हुए कहा कि, ‘मुझे पूरा भरोसा है कि अगर हमारे बच्चों को सही प्रेरणा और सुविधाएं मिलें, तो हमारे बिहार से बनने वाली टीम दुनिया की बेस्ट टीम होगी।’ हमारी मिट्टी का टैलेंट मैदान पर दिखे – अनिल अग्रवाल अनिल अग्रवाल ने अपने पोस्ट में लिखा, ‘मैं इस काम में बिहार के युवाओं के साथ पूरी मज़बूती से खड़ा हूं। बिहार की क्रिकेट टीम और यहां के खिलाड़ियों को आगे बढ़ाने के लिए मैं अपनी तरफ से कंडीशनल सपोर्ट दूंगा। बिहार मेरे लिए सिर्फ एक राज्य नहीं, एक इमोशन है। और अब वक्त आ गया है कि हमारी मिट्टी का टैलेंट मैदान पर दिखे।’ सीएम सम्राट ने क्रिकेट टीम को लेकर दिया भरोसा वेदांता ग्रुप के चेयरमैन अनिल अग्रवाल के सोशल मीडिया पोस्ट के बाद बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने प्रतिक्रिया दी है। सोशल मीडियो एक्स पर पोस्ट कर सीएम सम्राट ने लिखा, ‘आपकी बात से पूर्णतः सहमत हूं। बिहार के क्रिकेट “इमोशन” के लिए सरकार स्पष्ट “विजन” के साथ “मिशन” मोड में कार्यरत है। आपके सहयोग से निश्चित ही बिहार की क्रिकेट टीम को लेकर सकारात्मक निर्णय लिया जाएगा।’
आज RCB-SRH का मुकाबला:हैदराबाद के पास टॉप-2 में पहुंचने का आखिरी मौका, बड़े अंतर से चाहिए जीत; इस सीजन ईशान ने बनाए 5 अर्धशतक

IPL में आज सनराइजर्स हैदराबाद (SRH) और रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु (RCB) के बीच बेहद अहम मुकाबला होने जा रहा है। यह मैच हैदराबाद के राजीव गांधी इंटरनेशनल स्टेडियम में शाम 7:30 बजे से खेला जाएगा। आज ईशान किशन की टीम SRH की नजरें पॉइंट्स टेबल में टॉप-2 में जगह पक्का करने पर होगी। सनराइजर्स हैदराबाद 13 मैचों में 16 पॉइंट्स के साथ तीसरे स्थान पर है। हैदराबाद को टॉप-2 में पहुंचने के लिए RCB को बड़े अंतर से हराना होगा। पिछले मैच में हैदराबाद की जीत के हीरो रहे ईशान पिछले मैच में हैदराबाद की जीत के हीरो ईशान किशन रहे, जिन्होंने CSK के खिलाफ 47 गेंदों में 70 रन की शानदार पारी खेली थी। उनकी पारी में 7 चौके, 3 छक्के शामिल थे। ईशान ने मुकेश चौधरी के चौथे ओवर में तीन चौके जड़े थे। ईशान किशन ने इस सीजन में अपना 5वां अर्धशतक पूरा किया। इस जीत के बाद ईशान का एक वीडियो काफी वायरल हुआ, जिसमें उन्होंने स्टैंड्स की तरफ देखकर उंगलियों से सीटी बजाने का इशारा किया और फिर हाथ के इशारे से CSK फैन्स को घर जाने का संकेत दिया। मैच के बाद भावुक दिखे ईशान किशन ईशान किशन को प्लेयर ऑफ द मैच का भी अवॉर्ड मिला। मैच विनिंग पारी खेलने के बाद ईशान भावुक दिखे। उन्होंने इस पारी को अपने परिवार को समर्पित किया। उन्होंने कहा कि आज मेरा मोटिवेशन मेरा भाई था। उसने हाल ही में अपनी बहन को खो दिया है। परिवार के लिए बहुत मुश्किल वक्त था। वो आज पहली बार स्टेडियम में मुझे खेलते देखने आया था। मैं बस उनके लिए मैच खत्म करना चाहता था। मुझे खुशी है कि वह इस पारी को देखने के लिए यहां थे और मैं यह मैच खत्म कर पाया। ईशान ने लगातार 3 छक्कों से फिफ्टी पूरी की थी पंजाब के खिलाफ मैच में ईशान किशन ने लगातार तीन छक्के लगाकर फिफ्टी पूरी की थी। पंजाब के खिलाफ मैच के तीसरी बॉल पर ईशान ने सफल करके पुल शॉट खेला और गेंद को डीप बैकवर्ड स्क्वेयर लेग के ऊपर से स्टैंड में पहुंचा दिया। वैशाख ने स्टंप्स पर धीमी शॉर्ट गेंद थी, जिसे किशन ने आसानी से पढ़ लिया। चौथी बॉल पर ईशान ने एक और छक्का लगाया। ऑफ स्टंप के बाहर फुल लेंथ बॉल को किशन ने आगे बढ़कर खेला। इस बार बॉल सीधी लॉन्ग-ऑन के ऊपर से साइटस्क्रीन के पास से बाउंड्री पार चली गई। वैशाख ने 5वीं बॉल ऑफ स्टंप के बाद फुल लेंथ पर डाली। इसे किशन ने आगे बढ़कर लॉन्ग-ऑन के ऊपर से स्टैंड में पहुंचा दिया। करीब 92 मीटर के छक्के के साथ उन्होंने फिफ्टी भी पूरी कर ली। ईशान को ओवर में 2 जीवनदान, कैच ड्राप और स्टंपिंग छूटी 11वें ओवर में ईशान किशन को 2 बार जीवनदान मिले। यह ओवर युजवेंद्र चहल डाल रहे थे। चौथी बॉल पर लॉकी फर्ग्यूसन ने कैच ड्रॉप किया। ईशान ने लेंथ बॉल को स्वाइप किया। लेकिन, गेंद फर्ग्यूसन के हाथ से निकल गई। अतिरिक्त उछाल के कारण वे बॉल पकड़ नहीं सके और कैच का मौका गंवाया। चहल की आखिरी बॉल पर विकेटकीपर प्रभसिमरन सिंह ने ईशान को स्टंपिंग करने का आसान मौका गंवाया। चहल की फ्लाइटेड लेग ब्रेक पर ईशान आगे बढ़कर बड़ा शॉट खेलने गए, लेकिन गेंद को पढ़ नहीं पाए। ईशान ने बतौर कप्तान डेब्यू मैच में 80 रन बनाए थे ईशान किशन ने पैट कमिंस की जगह शुरुआती कुछ मैचों में सनराइजर्स हैदराबाद (SRH) की कप्तानी की थी। ईशान ने बतौर कप्तान डेब्यू मैच में अच्छा प्रदर्शन किया था और 80 रन बनाए थे। RCB के खिलाफ मैच में ईशान ने धमाकेदार पारी खेली और 5 चौके और 6 छक्कों की मदद से 80 रन बनाए थे। वह IPL में कप्तानी डेब्यू पर सबसे ज्यादा रन बनाने वाले संजू सैमसन और श्रेयस अय्यर जैसे प्लेयर्स की लिस्ट शामिल हो गए हैं।








