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सुप्रीम कोर्ट ने कहा-उमर खालिद को बेल मिल सकती थी:दिल्ली दंगा मामले के अपने फैसले पर आपत्ति जताई, कहा- जमानत अधिकार है, जेल अपवाद

सुप्रीम कोर्ट ने कहा-उमर खालिद को बेल मिल सकती थी:दिल्ली दंगा मामले के अपने फैसले पर आपत्ति जताई, कहा- जमानत अधिकार है, जेल अपवाद

सुप्रीम कोर्ट ने दिल्ली दंगा साजिश मामले में जेएनयू के पूर्व छात्र नेता उमर खालिद को जमानत देने से इनकार करने वाले अपने पिछले फैसले पर आपत्ति जताई। कोर्ट ने सोमवार को यह बयान सैयद इफ्तिखार अंद्राबी से जुड़े नार्को-टेररिज्म मामले पर सुनवाई के दौरान दिया। कोर्ट ने माना कि किसी आरोपी को बेल देना एक नियम है, जबकि उसे जेल भेजना अपवाद होना चाहिए। जस्टिस उज्जल भुयान और जस्टिस बीवी नागरत्ना की बेंच ने केए नजीब मामले में सुप्रीम कोर्ट के फैसले का जिक्र किया। बेंच ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट ने 2021 में माना था कि मौलिक अधिकार का उल्लंघन होने पर अदालतें यूएपीए (UAPA) मामलों में जमानत दे सकती हैं। लेकिन उमर खालिद की जमानत याचिका खारिज करते समय कोर्ट ने इस फैसले पर ध्यान नहीं दिया था। कोर्ट बोला- छोटी बेंच को बड़ी बेंच के फैसले मानने पड़ेंगे सुनवाई के दौरान कोर्ट ने कहा कि जब कोई बड़ी बेंच फैसला सुना देती है, तो छोटी बेंच को उसे मानना ही पड़ेगा। आजकल ऐसा देखा जा रहा है कि छोटी बेंच सीधे-सीधे मना तो नहीं करतीं, लेकिन घुमा-फिराकर बड़े फैसले के असर को कमजोर कर देती हैं। सुप्रीम कोर्ट ने एक साल तक अपील करने पर रोक लगाई इस साल 4 जनवरी को जस्टिस अरविंद कुमार और जस्टिस एनवी अंजारिया की बेंच ने उमर खालिद और शरजील इमाम की जमानत याचिका खारिज कर दी थी। कोर्ट ने फैसले को रिव्यू करने से भी मना कर दिया था। कहा था कि दोनों आरोपी एक साल तक दिल्ली दंगे मामले में जमानत याचिका दाखिल नहीं कर सकते हैं। दरअसल, उमर खालिद, शरजील इमाम, गुलफिशा फातिमा, मीरान हैदर, शिफा उर रहमान, मोहम्मद सलीम खान और शादाब अहमद दिल्ली दंगों के आरोप में 5 साल 3 महीने से तिहाड़ में हैं। इन्होंने दिल्ली हाईकोर्ट के उस आदेश को चुनौती दी थी, जिसमें 2020 के दिल्ली दंगों से जुड़े मामले में उन्हें गैरकानूनी गतिविधि (रोकथाम) अधिनियम (UAPA) के तहत जमानत देने से इनकार किया गया था। खालिद ने अब तक 6 बार जमानत याचिकाएं लगाईं, किसी में राहत नहीं उमर जमानत के लिए निचली अदालत से सुप्रीम कोर्ट तक 6 बार याचिका लगा चुका है। दिल्ली में फरवरी, 2020 में हिंसा भड़की थी। इसमें 53 लोगों की मौत हुई थी। 250 से ज्यादा लोग घायल हुए थे। 750 से ज्यादा FIR दर्ज की गईं। ट्रायल कोर्ट हाईकोर्ट सुप्रीम कोर्ट: ——————————————- ये खबर भी पढ़ें… सुप्रीम कोर्ट बोला- दो एयरलाइन का किराया अलग-अलग क्यों:एक एयरलाइन ₹8000 चार्ज करती है, दूसरी ₹18000; सरकार से कहा- लोगों को थोड़ी राहत दें सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार को कहा कि एक ही दिन, एक ही सेक्टर में उड़ान भरने वाली एक एयरलाइन कुछ अलग हवाई किराया लेती है, जबकि दूसरी एयरलाइनल अलग किराया लेती है। इसे सही किया जाना चाहिए। केंद्र सरकार यात्रियों को राहत दे। पूरी खबर पढ़ें…

गैस और एसिडिटी होने पर गटक लेते हैं कोल्ड ड्रिंक, सावधान हो जाइए, डॉक्टर ने दी वॉर्निंग

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Last Updated:May 18, 2026, 12:57 IST Cold Drinks for Acidity Relief: कई लोग गैस और एसिडिटी होने पर तुरंत कोल्ड ड्रिंक पी लेते हैं. उन्हें लगता है इससे गैस और एसिडिटी से छुटकारा मिल जाएगा, लेकिन यह सिर्फ गलतफहमी है. हेल्थ एक्सपर्ट्स का कहना है कि यह आदत समस्या को कम करने के बजाय बढ़ा भी सकती है. सही खानपान से गैस-एसिडिटी की समस्या को नेचुरली कम किया जा सकता है. कोल्ड ड्रिंक पीने से गैस और एसिडिटी की समस्या खत्म नहीं होती है. Does Soda Help With Gas Problems: खाना खाने के बाद कई लोगों को गैस बनने लगती है और एसिडिटी की समस्या हो जाती है. गर्मी के मौसम में पेट की परेशानियां ज्यादा होती हैं. कई लोग गैस और एसिडिटी होने पर कोल्ड ड्रिंक पी लेते हैं. अक्सर यह माना जाता है कि कोल्ड ड्रिंक पीने से डकार आती है और पेट की गैस निकल जाती है. कोल्ड ड्रिंक की तुलना एसिडिटी से रिलीफ देने वाली कई चीजों से भी की जाती है. अब सवाल है कि क्या वाकई कोल्ड ड्रिंक गैस और एसिडिटी से राहत दिलाने में कारगर होती है? एक्सपर्ट से इसका जवाब जानने की कोशिश करते हैं. दिल्ली के सर गंगाराम हॉस्पिटल के इंस्टीट्यूट ऑफ लिवर गैस्ट्रोएंटरोलॉजी एंड पैंक्रियाटिको बिलियरी साइंसेज के चेयरमैन डॉ. अनिल अरोड़ा ने News18 को बताया कोल्ड ड्रिंक में कार्बन डाइऑक्साइड गैस होती है, जिसकी वजह से इसे पीने पर डकार आती है. कई लोगों को डकार आने के बाद पेट हल्का महसूस होता है, जिससे उन्हें लगता है कि गैस खत्म हो गई है. हालांकि यह राहत कुछ देर की होती है और असल समस्या पर इसका कोई खास असर नहीं पड़ता है. कोल्ड ड्रिंक गैस और एसिडिटी को ठीक नहीं करती, बल्कि कई मामलों में समस्या बढ़ा सकती है. कोल्ड ड्रिंक में मौजूद कार्बोनेशन, ज्यादा चीनी और एसिडिक तत्व पेट में एसिड की मात्रा बढ़ा सकते हैं. इससे एसिडिटी, पेट में जलन और ब्लोटिंग बढ़ सकती है. एक्सपर्ट ने बताया कि कोल्ड ड्रिंक में फॉस्फोरिक एसिड और कार्बोनिक एसिड जैसे तत्व मौजूद होते हैं. ये पेट की अंदरूनी परत को प्रभावित कर सकते हैं और एसिड रिफ्लक्स की समस्या बढ़ा सकते हैं. खासकर खाली पेट या बहुत ज्यादा मात्रा में कोल्ड ड्रिंक पीना नुकसानदायक हो सकता है. इसके अलावा कोल्ड ड्रिंक कुछ लोगों में पाचन प्रक्रिया भी प्रभावित कर सकती है. कार्बोनेटेड ड्रिंक्स में गैस होने के कारण कुछ समय के लिए डकार जरूर आ सकती है, लेकिन इससे पेट में और ज्यादा गैस बनने की संभावना भी रहती है. यही वजह है कि कई लोगों को कोल्ड ड्रिंक पीने के बाद पेट फूलना या भारीपन महसूस होता है. डॉक्टर के मुताबिक गैस और एसिडिटी से बचने के लिए खानपान और लाइफस्टाइल पर ध्यान देना ज्यादा जरूरी है. ज्यादा तला-भुना और मसालेदार खाना कम खाएं, खाना धीरे-धीरे और अच्छी तरह चबाकर खाएं, पर्याप्त पानी पिएं, खाने के तुरंत बाद लेटने से बचें, छाछ, सौंफ, अदरक और जीरा जैसे घरेलू उपाय अपनाएं और ज्यादा चाय, कॉफी, कोल्ड ड्रिंक से दूरी बनाएं. जिन लोगों को पहले से एसिड रिफ्लक्स, गैस्ट्राइटिस, अल्सर या पाचन संबंधी समस्या है, उन्हें कोल्ड ड्रिंक अवॉइड करनी चाहिए. बार-बार एसिडिटी होने पर डॉक्टर से सलाह लेना जरूरी है. डॉक्टर की मानें तो गैस और एसिडिटी का ट्रीटमेंट उसके कारण और गंभीरता पर निर्भर करता है. सामान्य मामलों में डॉक्टर खानपान और लाइफस्टाइल में बदलाव की सलाह देते हैं. कुछ मरीजों को एंटासिड और गैस कम करने वाली दवाएं दी जा सकती हैं. अगर समस्या बार-बार हो रही हो, पेट में तेज दर्द, उल्टी, वजन कम होना या निगलने में परेशानी जैसे लक्षण दिखाई दें, तो डॉक्टर एंडोस्कोपी या अन्य जांच कराने की सलाह दे सकते हैं, ताकि अल्सर, GERD या किसी दूसरी पाचन संबंधी बीमारी का पता लगाया जा सके. सटीक कारण जानने के बाद उसकी प्रॉपर ट्रीटमेंट किया जाता है. सेहत, रिलेशनशिप, लाइफ या धर्म-ज्योतिष से जुड़ी है कोई निजी उलझन तो हमें करें WhatsApp, आपका नाम गोपनीय रखकर देंगे जानकारी. About the Author अमित उपाध्याय अमित उपाध्याय News18 हिंदी की लाइफस्टाइल टीम के अनुभवी पत्रकार हैं, जिनके पास प्रिंट और डिजिटल मीडिया में 9 वर्षों से अधिक का अनुभव है। वे हेल्थ, वेलनेस और लाइफस्टाइल से जुड़ी रिसर्च-बेस्ड और डॉक्टर्स के इंटरव्…और पढ़ें News18 न्यूजलेटर अब ईमेल पर इनसाइड स्‍टोर‍ीज खबरों के पीछे की खबर अब आपके इनबॉक्‍स में सबमिट करें

चरवाहे ने देख लिया था इजराइल का सीक्रेट सैन्य ठिकाना:हेलिकॉप्टर से पीछा कर मारा, तब खुला इराक में इजराइली कैंप का राज

चरवाहे ने देख लिया था इजराइल का सीक्रेट सैन्य ठिकाना:हेलिकॉप्टर से पीछा कर मारा, तब खुला इराक में इजराइली कैंप का राज

तारीख- 3 मार्च जगह- अल-नुखैब कस्बा, पश्चिमी इराक 29 साल का चरवाहा अवाद अल-शम्मारी अपनी पिकअप गाड़ी लेकर जरूरी सामान लेने निकला था। सऊदी अरब और जॉर्डन की सीमाओं के पास बसे इस रेगिस्तानी इलाके में गाड़ियों का गुजरना आम बात थी। कुछ घंटों बाद वही गाड़ी आग की लपटों में घिरी और गोलियों से छलनी हालत में वापस दिखाई दी। लोगों ने बताया कि एक हेलिकॉप्टर ट्रक का पीछा कर रहा था और लगातार उस पर गोलियां चला रहा था, जब तक कि ट्रक रेत में रुक नहीं गया। परिजनों का कहना है कि अवाद गलती से इजराइल के एक सीक्रेट सैन्य ठिकाने तक पहुंच गया था। वहां उसे एक अस्थायी हवाई पट्टी के आसपास सैनिक, हेलिकॉप्टर और तंबू दिखाई दिए। उसने तुरंत इराकी सेना के रिजनल कमांड को फोन कर इसकी सूचना दी। परिवार का मानना है कि इसी वजह से उसकी हत्या कर दी गई। इजराइली सेना ने इन आरोपों पर कोई टिप्पणी नहीं की है। रिपोर्ट में शामिल गवाहों और अधिकारियों ने सुरक्षा कारणों से नाम छिपाने की शर्त पर न्यूयॉर्क टाइम्स से बात की है। ईराक में इजराइल के 2 सीक्रेट सैन्य ठिकाने इजराइल पिछले एक साल से ज्यादा समय तक इराक के पश्चिमी रेगिस्तान में दो सीक्रेट मिलिट्री बेस चला रहा था। क्षेत्रीय और इराकी अधिकारियों के अनुसार इजराइल उस जगह का इस्तेमाल ईरान के खिलाफ सैन्य अभियान में सहायता के लिए कर रहा था। इनमें से एक वही अड्डा था जिसे अवाद ने देख लिया था। इससे पहले वॉल स्ट्रीट जर्नल ने भी इराक में एक इजराइली ठिकाने की खबर दी थी, लेकिन इराकी अधिकारियों ने न्यूयॉर्क टाइम्स को बताया कि दूसरा सीक्रेट ठिकाना भी मौजूद था। अधिकारियों ने कहा कि यह ठिकाना अमेरिका-इजराइल और ईरान के बीच जून 2025 में हुई 12 दिन की लड़ाई से पहले ही बनाया जा चुका था। एक क्षेत्रीय अधिकारी के मुताबिक इजराइल ने 2024 के आखिर में ही ऐसे सीक्रेट ठिकानों की तैयारी शुरू कर दी थी ताकि भविष्य के युद्धों में उनका इस्तेमाल किया जा सके। अमेरिका को थी इजराइली सीक्रेट ठिकाने की जानकारी कम से कम एक सीक्रेट अड्डे की जानकारी अमेरिका को जून 2025 या उससे पहले से थी। इससे माना जा रहा है कि अमेरिका ने इराक से यह बात छिपाई कि उसकी जमीन पर एक दुश्मन देश की सेना काम कर रही थी। इराकी सांसद वाद अल-कदू ने कहा कि इजराइल का इराक की जमीन पर सीक्रेट ठिकाने बनाना देश की संप्रभुता और इराकी लोगों के सम्मान का खुला उल्लंघन है। क्षेत्रीय अधिकारियों के मुताबिक इजराइल को भरोसा था कि वह इराक में सीक्रेट ठिकाना चला सकता है, क्योंकि वहां अमेरिका की मजबूत सैन्य मौजूदगी है। अधिकारियों ने कहा कि 2025 की लड़ाई और मौजूदा तनाव के दौरान अमेरिका ने इराक से अपने रडार बंद करवाए थे, ताकि अमेरिकी विमानों की जानकारी बाहर न जाए। इसकी वजह से इराक अपने इलाके में संदिग्ध गतिविधियों का पता लगाने के लिए काफी हद तक अमेरिका पर निर्भर हो गया। इस खुलासे ने इराक के लिए असहज सवाल खड़े कर दिए हैं। पहला ये कि क्या इराकी सुरक्षा बलों को विदेशी सैन्य मौजूदगी की जानकारी नहीं थी? या फिर उन्हें पता था लेकिन उन्होंने नजरअंदाज किया? दोनों ही हालात से पता चलता है कि इराक अभी भी अपनी जमीन पर पूरी तरह नियंत्रण नहीं रख पा रहा है। इराकी सेना के कमांडर बोले- मुझे पहले से शक था इराकी सेना के यूफ्रेट्स यूनिट के कमांडर मेजर जनरल अली अल-हमदानी ने कहा कि सेना को एक महीने पहले से रेगिस्तान में इजराइली मौजूदगी का शक था। वहां रहने वाले बेदुइन समुदाय के लोग कई हफ्तों से सेना को बता रहे थे कि रेगिस्तान में संदिग्ध गतिविधियां दिखाई दे रही हैं। लोगों ने हेलिकॉप्टरों की आवाजाही, सैनिकों की मौजूदगी और रेगिस्तान में बने अस्थायी ढांचे देखे थे। अली अल-हमदानी ने कहा कि सेना को शक था कि वहां इजराइली बल मौजूद हो सकते हैं, लेकिन सेना ने सीधे वहां जाने की बजाय दूर से निगरानी करना चुना। उन्होंने बताया कि इराकी सेना ने अमेरिकी अधिकारियों से भी जानकारी मांगी थी, लेकिन उन्हें कोई जवाब नहीं मिला। इसके कुछ समय बाद जब चरवाहे अवाद ने खुद फोन कर बताया कि उसने एक हवाई पट्टी के आसपास सैनिक, हेलिकॉप्टर और तंबू देखे हैं, तब मामला और गंभीर हो गया। लेकिन कुछ ही समय बाद उसका संपर्क टूट गया। सेना जांच के लिए पहुंची, इजराइल ने हमला कर भगाया अवाद के परिवार ने दो दिन तक उसकी तलाश की। बाद में उन्हें उन बेदुइन लोगों के बारे में पता चला जिन्होंने उसकी हत्या देखी थी। अवाद के चचेरे भाई आमिर अल-शम्मारी ने कहा कि लोगों ने उन्हें बताया कि रेगिस्तान में अवाद जैसी एक जली हुई पिकअप गाड़ी पड़ी है, लेकिन डर के कारण कोई वहां जाने की हिम्मत नहीं कर रहा था। जब परिवार वहां पहुंचा तो उन्हें जली हुई गाड़ी और अवाद का शव मिला। परिवार ने उसकी खून से लथपथ तस्वीरें साझा कीं। उसका सिर और उंगलियां बुरी तरह जली हुई थीं। परिवार ने उसी जगह गाड़ी के पास एक साधारण कब्र बनाकर उसे दफना दिया। अली अल-हमदानी के मुताबिक अवाद की सूचना के अगले दिन इराकी सेना ने इलाके में जांच के लिए टुकड़ी भेजी। लेकिन जैसे ही सैनिक उस इलाके के करीब पहुंचे, उन पर हमला हो गया। एक सैनिक मारा गया, दो घायल हुए और सेना की गाड़ियों पर बमबारी की गई। इसके बाद सैनिकों को पीछे हटना पड़ा। सीनियर अधिकारियों ने जांच को धीमा करने की कोशिश की बगदाद में सीनियर अफसर समझ नहीं पा रहे थे कि हमला किसने किया। कुछ बड़े सैन्य अधिकारियों ने घटना को कम महत्व देकर जांच को धीमा कर दिया। उन्होंने सार्वजनिक रूप से इराकी सेना ने सिर्फ इतना कहा कि ‘विदेशी फोर्स’ ने हमला किया और UNSC में शिकायत दर्ज कराई गई है। हालांकि अंदरूनी स्तर पर इराकी आर्मी चीफ जनरल अब्दुल-अमीर यारल्लाह ने अमेरिकी सेना से संपर्क किया। मेजर जनरल हमदानी और दो सीनियर अधिकारियों के मुताबिक अमेरिकी पक्ष ने कहा कि हमला अमेरिका ने नहीं किया। इसके बाद इराकी अधिकारियों को समझ आया कि यह इजराइल था। अली अल-हमदानी ने न्यूयॉर्क टाइम्स

पेट रहेगा साफ, त्वचा करेगी ग्लो… गर्मी में रोज खाएं ये फल, डॉक्टर ने बताए चौंकाने वाले लाभ

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Last Updated:May 18, 2026, 12:36 IST गर्मी का मौसम आते ही शरीर को ठंडा और हाइड्रेट रखना सबसे जरूरी हो जाता है. ऐसे में खरबूजा एक ऐसा फल है, जो न सिर्फ शरीर को ठंडक देता है बल्कि पाचन, त्वचा, दिल और आंखों की सेहत के लिए भी बेहद फायदेमंद माना जाता है. डॉक्टरों के मुताबिक इसमें मौजूद पानी, फाइबर और विटामिन शरीर को दिनभर ऊर्जा देने में मदद करते हैं. गर्मी के मौसम में शरीर को ठंडक और दिनभर तरोताजा रखने के लिए खरबूजा खाना बेहद फायदेमंद माना जाता है. खासतौर पर सुबह के समय इसका सेवन शरीर को हाइड्रेट रखने में मदद करता है. वहीं अगर आप इसे दोपहर में खाते हैं, तो यह शरीर को ज्यादा ऊर्जा देने का काम करता है और तेज गर्मी से राहत दिलाने में भी मददगार साबित होता है. गांवों में पुराने समय से ही खेतों में काम करने वाले लोग खरबूजा खाते रहे हैं. माना जाता है कि यह शरीर में पानी की कमी नहीं होने देता और लंबे समय तक ठंडक बनाए रखता है. गर्म हवाओं और तेज धूप के बीच खरबूजा शरीर को तरोताजा रखने वाला प्राकृतिक फल माना जाता है. मेडिकल कॉलेज सुल्तानपुर में कार्यरत आयुर्वेद चिकित्सक डॉ. संतोष कुमार श्रीवास्तव ने लोकल 18 से बातचीत में बताया कि खरबूजा एक प्राकृतिक फल है, जो गर्मी के मौसम में शरीर को ठंडक पहुंचाने का काम करता है. तेज धूप और ज्यादा पसीना निकलने की वजह से इस मौसम में शरीर में जल्दी थकावट महसूस होने लगती है और लू लगने का खतरा भी बढ़ जाता है. ऐसे में खरबूजा शरीर को हाइड्रेट रखने और गर्मी से राहत दिलाने के लिए एक बेहतर उपाय माना जाता है. डॉ. संतोष कुमार श्रीवास्तव आगे बताते हैं कि खरबूजा पाचन के लिए भी बेहद लाभकारी माना जाता है, क्योंकि इसमें पर्याप्त मात्रा में फाइबर पाया जाता है. फाइबर पेट को साफ रखने और पाचन क्रिया को बेहतर बनाए रखने में मदद करता है. गर्मियों में लोग अक्सर भारी और तला-भुना भोजन खा लेते हैं, जिससे कब्ज और गैस जैसी समस्याएं होने लगती हैं. ऐसे समय में खरबूजा पेट को हल्का और ठंडा बनाए रखने में मदद करता है, जिससे शरीर को आराम महसूस होता है. Add News18 as Preferred Source on Google खरबूजा खाने से भोजन जल्दी पचने में मदद मिलती है और पेट में होने वाली जलन भी कम होती है. अगर इसे सुबह खाली पेट सीमित मात्रा में खाया जाए, तो पेट साफ रहता है और पाचन तंत्र बेहतर तरीके से काम करता है. हालांकि, खरबूजा खाने के तुरंत बाद पानी पीने से बचना चाहिए. ऐसा करने से पेट खराब हो सकता है और लूज मोशन जैसी समस्या भी हो सकती है. इसलिए इसे खाने के कुछ समय बाद ही पानी पीना बेहतर माना जाता है. आज के समय में बढ़ता वजन लोगों के लिए बड़ी समस्या बन चुका है. ऐसे में खरबूजा उन लोगों के लिए बेहतर विकल्प माना जाता है, जो वजन कम करना चाहते हैं. इसमें कैलोरी की मात्रा कम होती है, जिससे यह वजन घटाने में मददगार साबित होता है. गर्मियों में भारी स्नैक्स खाने की बजाय खरबूजा खाने से शरीर को जरूरी पोषण मिलता है और अतिरिक्त चर्बी बढ़ने का खतरा भी कम रहता है. सुबह नाश्ते में या फिर शाम को हल्की भूख लगने पर खरबूजा खाना फायदेमंद माना जाता है. इसमें मौजूद फाइबर लंबे समय तक पेट भरा रखने में मदद करता है और भूख को कंट्रोल करता है. खरबूजा केवल शरीर को ठंडक पहुंचाने का काम ही नहीं करता, बल्कि त्वचा के लिए भी बेहद फायदेमंद माना जाता है. इसमें विटामिन-ए और विटामिन-सी भरपूर मात्रा में पाए जाते हैं, जो त्वचा को स्वस्थ, मुलायम और चमकदार बनाए रखने में मदद करते हैं. गर्मियों में तेज धूप और गर्म हवाओं के कारण त्वचा अक्सर रूखी और बेजान हो जाती है. ऐसे में नियमित रूप से खरबूजा खाने से शरीर में पानी की कमी नहीं होती और त्वचा में नमी बनी रहती है, जिससे चेहरा ताजा और ग्लोइंग नजर आता है. खरबूजा एक ऐसा फल है, जो दिल और आंखों की सेहत के लिए भी बेहद लाभकारी माना जाता है. इसमें पोटैशियम पाया जाता है, जो ब्लड प्रेशर को नियंत्रित रखने में मदद करता है और हृदय को स्वस्थ बनाए रखने में सहायक होता है. इसके साथ ही खरबूजे में मौजूद विटामिन-ए आंखों की रोशनी के लिए जरूरी माना जाता है. गर्मियों में शरीर जल्दी थक जाता है और कमजोरी महसूस होने लगती है, लेकिन खरबूजा शरीर को ऊर्जा देने और ताजगी बनाए रखने में मदद करता है. गर्मी के मौसम में शरीर से लगातार पसीना निकलता रहता है, जिससे डिहाइड्रेशन की समस्या होने लगती है. खरबूजा लगभग 90 प्रतिशत पानी से भरपूर होता है, इसलिए यह शरीर में पानी की मात्रा बनाए रखने में मदद करता है. जो लोग दिनभर बाहर काम करते हैं, उनके लिए यह फल बेहद फायदेमंद माना जाता है. खरबूजा खाने से शरीर में ताजगी बनी रहती है और बार-बार प्यास भी नहीं लगती. यही वजह है कि डॉक्टर गर्मियों में पानी से भरपूर फलों का सेवन करने की सलाह देते हैं. खरबूजा खाने का सबसे अच्छा तरीका यह माना जाता है कि इसे ताजा काटकर तुरंत खाया जाए, ताकि इसके सभी पोषक तत्व शरीर को पूरी तरह मिल सकें. न्यूज़18 को गूगल पर अपने पसंदीदा समाचार स्रोत के रूप में जोड़ने के लिए यहां क्लिक करें।

महवश ने चहल संग रिश्ते की अफवाहों पर तोड़ी चुप्पी:कहा- युजवेंद्र को एक अच्छे दोस्त की जरूरत थी, मैं दोस्ती अच्छे से निभाती हूं

महवश ने चहल संग रिश्ते की अफवाहों पर तोड़ी चुप्पी:कहा- युजवेंद्र को एक अच्छे दोस्त की जरूरत थी, मैं दोस्ती अच्छे से निभाती हूं

एक्ट्रेस और कंटेंट क्रिएटर आरजे महवश ने क्रिकेटर युजवेंद्र चहल के साथ अपने रिश्ते को लेकर चल रही अफवाहों पर रिएक्शन दिया। महवश ने कहा कि उनके और चहल के बीच सिर्फ दोस्ती थी। हाल ही में दोनों ने इंस्टाग्राम पर एक-दूसरे को अनफॉलो किया था, जिसके बाद चर्चाएं तेज हो गईं। इस पर महवश ने पिंकविला को दिए इंटरव्यू में कहा, ‘लोगों का यह है ना कि चीजों को बहुत बड़ा बना देते हैं। इतनी कोई बड़ी बात नहीं होती, जब आप खुद उस चीज से गुजर रहे होते हो। दोस्तों में बहस हो गई, अनफॉलो हो गया और बात खत्म। इसमें इतनी बड़ी बात है ही नहीं।’ उन्होंने कहा, ‘जिन दोस्तों के साथ आपने छोटी-छोटी बातों पर हंसते हुए वक्त बिताया हो, उनके लिए दिल में बैर नहीं रखना चाहिए। मैं हमेशा उन्हें ऑल द बेस्ट विश करूंगी और मेरी शुभकामनाएं हमेशा उनके साथ रहेंगी।’ महवश बोलीं- मैं दोस्ती बहुत अच्छे से निभाती हूं जब उनसे पूछा गया कि क्या उनकी और चहल की दोस्ती से बढ़कर भी कुछ था, तो उन्होंने साफ इनकार कर दिया। महवश ने कहा, ‘नहीं, ऐसा कुछ नहीं था। मैं दोस्ती बहुत अच्छे से निभाती हूं। उस समय उन्हें एक अच्छे दोस्त की बहुत जरूरत थी।’ महवश ने चहल के मेंटल स्ट्रगल का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा, ‘जैसा कि उन्होंने अपने पॉडकास्ट में बताया था कि उनके मन में सुसाइडल थॉट्स आ रहे थे। उस समय हम सब कोशिश कर रहे थे कि किसी तरह उनका IPL सीजन अच्छे से निकल जाए। हम सबने मिलकर उनका जितना साथ दे सकते थे, दिया।’ उन्होंने यह भी कहा, ‘मेरे लिए बस इतना था कि अपने दोस्त के साथ खड़े रहना है। हम ऐसे वक्त में उनके साथ थे।’ महवश ने यह भी साफ किया कि अगर आगे उनकी और चहल की मुलाकात होगी, तो सब पहले जैसा ही रहेगा। उन्होंने कहा, ‘हम वैसे ही मिलेंगे जैसे हमेशा मिलते थे। जिन दोस्तों के साथ आपने चाय पर बातें की हों और हर तरह के मजाक किए हों, उनसे दिल में क्या ही रखोगे।’ चहल ने रिश्ते की अफवाहों को पहले ही नकारा महवश से पहले चहल रिलेशनशिप की अफवाहों को खारिज कर चुके हैं। राज शमानी के पॉडकास्ट में उन्होंने कहा था कि उनके और महवश के बीच सिर्फ दोस्ती है। उन्होंने यह भी बताया था कि इन अफवाहों की वजह से महवश को ट्रोलिंग का सामना करना पड़ा, जिसे लेकर उन्हें काफी बुरा लगा। महवश ने अपने पहले प्यार का जिक्र किया हाल ही में दैनिक भास्कर के साथ बातचीत में महवश ने कहा कि जो पहला प्यार होता है, वो हमेशा आपको याद रहता है। वो एक इंटेंसिटी थी कि जब मैं अपनी स्कूटी लेके उसकी कोचिंग के बाहर जाकर खड़े हुआ करती थी कि वह बस निकलेगा तो बस देख लूंगी। उन्होंने आगे कहा था कि सर्दियों में वह सुबह जल्दी उठ जाती थीं, क्योंकि उस लड़के की स्कूल बस उनके घर के सामने से गुजरती थी। वह सुबह 6 बजे अपने स्कूल जाने से पहले बाहर खड़ी होकर बस का इंतजार करती थीं, सिर्फ एक बार उसे देखने के लिए। बातचीत के दौरान महवश ने एक और मजेदार किस्सा भी शेयर किया। उन्होंने बताया कि एक दूसरा लड़का बाइक लेकर उनके घर के आसपास चक्कर लगाया करता था। जब उनके भाई को इस बारे में पता चला, तो वह उस लड़के को घर ले आए। उसके बाद उस लड़के से एक लेटर लिखवाया गया, जिसमें उसने वादा किया कि वह दोबारा उस घर या मोहल्ले के आसपास नहीं आएगा। बाद में उस लेटर पर लड़के और उसके माता-पिता के भी साइन करवाए गए।

महवश ने चहल संग रिश्ते की अफवाहों पर तोड़ी चुप्पी:कहा- युजवेंद्र को एक अच्छे दोस्त की जरूरत थी, मैं दोस्ती अच्छे से निभाती हूं

महवश ने चहल संग रिश्ते की अफवाहों पर तोड़ी चुप्पी:कहा- युजवेंद्र को एक अच्छे दोस्त की जरूरत थी, मैं दोस्ती अच्छे से निभाती हूं

एक्ट्रेस और कंटेंट क्रिएटर आरजे महवश ने क्रिकेटर युजवेंद्र चहल के साथ अपने रिश्ते को लेकर चल रही अफवाहों पर रिएक्शन दिया। महवश ने कहा कि उनके और चहल के बीच सिर्फ दोस्ती थी। हाल ही में दोनों ने इंस्टाग्राम पर एक-दूसरे को अनफॉलो किया था, जिसके बाद चर्चाएं तेज हो गईं। इस पर महवश ने पिंकविला को दिए इंटरव्यू में कहा, ‘लोगों का यह है ना कि चीजों को बहुत बड़ा बना देते हैं। इतनी कोई बड़ी बात नहीं होती, जब आप खुद उस चीज से गुजर रहे होते हो। दोस्तों में बहस हो गई, अनफॉलो हो गया और बात खत्म। इसमें इतनी बड़ी बात है ही नहीं।’ उन्होंने कहा, ‘जिन दोस्तों के साथ आपने छोटी-छोटी बातों पर हंसते हुए वक्त बिताया हो, उनके लिए दिल में बैर नहीं रखना चाहिए। मैं हमेशा उन्हें ऑल द बेस्ट विश करूंगी और मेरी शुभकामनाएं हमेशा उनके साथ रहेंगी।’ महवश बोलीं- मैं दोस्ती बहुत अच्छे से निभाती हूं जब उनसे पूछा गया कि क्या उनकी और चहल की दोस्ती से बढ़कर भी कुछ था, तो उन्होंने साफ इनकार कर दिया। महवश ने कहा, ‘नहीं, ऐसा कुछ नहीं था। मैं दोस्ती बहुत अच्छे से निभाती हूं। उस समय उन्हें एक अच्छे दोस्त की बहुत जरूरत थी।’ महवश ने चहल के मेंटल स्ट्रगल का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा, ‘जैसा कि उन्होंने अपने पॉडकास्ट में बताया था कि उनके मन में सुसाइडल थॉट्स आ रहे थे। उस समय हम सब कोशिश कर रहे थे कि किसी तरह उनका IPL सीजन अच्छे से निकल जाए। हम सबने मिलकर उनका जितना साथ दे सकते थे, दिया।’ उन्होंने यह भी कहा, ‘मेरे लिए बस इतना था कि अपने दोस्त के साथ खड़े रहना है। हम ऐसे वक्त में उनके साथ थे।’ महवश ने यह भी साफ किया कि अगर आगे उनकी और चहल की मुलाकात होगी, तो सब पहले जैसा ही रहेगा। उन्होंने कहा, ‘हम वैसे ही मिलेंगे जैसे हमेशा मिलते थे। जिन दोस्तों के साथ आपने चाय पर बातें की हों और हर तरह के मजाक किए हों, उनसे दिल में क्या ही रखोगे।’ चहल ने रिश्ते की अफवाहों को पहले ही नकारा महवश से पहले चहल रिलेशनशिप की अफवाहों को खारिज कर चुके हैं। राज शमानी के पॉडकास्ट में उन्होंने कहा था कि उनके और महवश के बीच सिर्फ दोस्ती है। उन्होंने यह भी बताया था कि इन अफवाहों की वजह से महवश को ट्रोलिंग का सामना करना पड़ा, जिसे लेकर उन्हें काफी बुरा लगा। महवश ने अपने पहले प्यार का जिक्र किया हाल ही में दैनिक भास्कर के साथ बातचीत में महवश ने कहा कि जो पहला प्यार होता है, वो हमेशा आपको याद रहता है। वो एक इंटेंसिटी थी कि जब मैं अपनी स्कूटी लेके उसकी कोचिंग के बाहर जाकर खड़े हुआ करती थी कि वह बस निकलेगा तो बस देख लूंगी। उन्होंने आगे कहा था कि सर्दियों में वह सुबह जल्दी उठ जाती थीं, क्योंकि उस लड़के की स्कूल बस उनके घर के सामने से गुजरती थी। वह सुबह 6 बजे अपने स्कूल जाने से पहले बाहर खड़ी होकर बस का इंतजार करती थीं, सिर्फ एक बार उसे देखने के लिए। बातचीत के दौरान महवश ने एक और मजेदार किस्सा भी शेयर किया। उन्होंने बताया कि एक दूसरा लड़का बाइक लेकर उनके घर के आसपास चक्कर लगाया करता था। जब उनके भाई को इस बारे में पता चला, तो वह उस लड़के को घर ले आए। उसके बाद उस लड़के से एक लेटर लिखवाया गया, जिसमें उसने वादा किया कि वह दोबारा उस घर या मोहल्ले के आसपास नहीं आएगा। बाद में उस लेटर पर लड़के और उसके माता-पिता के भी साइन करवाए गए।

शादी में दूल्हे ने दाढ़ी रखी तो ढाई लाख जुर्माना:गुर्जर महापंचायत में फैसला; बाल विवाह-मृत्युभोज पर भी रोक; कार्यक्रमों में नशा नहीं परोसा जाएगा

शादी में दूल्हे ने दाढ़ी रखी तो ढाई लाख जुर्माना:गुर्जर महापंचायत में फैसला; बाल विवाह-मृत्युभोज पर भी रोक; कार्यक्रमों में नशा नहीं परोसा जाएगा

राजस्थान के 5 जिलों के गुर्जर समाज ने सामाजिक कुरीतियों और फिजूलखर्ची के खिलाफ ऐतिहासिक और कड़ा फैसला लिया है। अब समाज के किसी भी सामाजिक समारोह में डोडा, अफीम या शराब जैसी नशे की चीजों की मनुहार (परोसना) पूरी तरह प्रतिबंधित रहेगी। यदि किसी आयोजन में ऐसा किया गया, तो समाज के लोग वहां भोजन नहीं करेंगे और कार्यक्रम छोड़कर चले जाएंगे। नियम तोड़ने वाले की सूचना तुरंत पुलिस को दी जाएगी और उस पर 2.51 लाख रुपए का जुर्माना लगाया जाएगा। तय किया गया कि शादी में दूल्हा क्लीन शेव रहेगा। किसी भी कीमत पर शेव (दाढ़ी) में कोई शादी नहीं कर सकेगा। इस तरह के कई अन्य क्रांतिकारी निर्णय लिए गए हैं। 16 मई को पाली जिले के चंडावल के पास स्थित देवडूंगरी भगवान देवनारायण मंदिर परिसर में महापंचायत हुई थी। यह महापंचायत भगवान देवनारायण मंदिर ट्रस्ट देवडूंगरी और 11 हथाई गुर्जर समाज मारवाड़ की ओर से बुलाई गई थी। इस दौरान समाजहित में तमाम बिंदुओं पर चर्चा हुई और कठोर फैसले लिए गए। देवडूंगरी को गुर्जर समाज में ‘गुर्जर हाईकोर्ट’के नाम से भी जाना जाता है। इन 5 जिलों में 16 मई से लागू हुए नए सामाजिक नियम महापंचायत में मुख्य रूप से 5 जिलों के समाजबंधु शामिल हुए थे। इन जिलों में ये नियम तत्काल प्रभाव से लागू कर दिए गए हैं। महापंचायत में समाज का आह्वान… कुरीतियों का पैसा बच्चों की पढ़ाई और गरीबों की शादी में लगाएं मृत्युभोज जैसी प्रथाओं को बंद करना अब बेहद जरूरी हो गया है। इसमें फिजूल खर्च होने वाले दो लाख रुपए को यदि किसी गरीब के बेटे-बेटी के विवाह या किसी जरूरतमंद और प्रतिभावान बच्चे की उच्च शिक्षा में लगाया जाए, तो इससे समाज का भला होगा और समाज आगे बढ़ेगा। फिजूलखर्ची रोकना और शिक्षा को बढ़ावा देना भगवान देवनारायण मंदिर ट्रस्ट देवडूंगरी और 11 हथाई गुर्जर समाज मारवाड़ के उपाध्यक्ष नारायण फौजी कहते हैं- समाज में लगातार बढ़ रही फिजूलखर्ची को रोकने, सामाजिक कुरीतियों से समाजबंधुओं को मुक्त कराने और बालक-बालिकाओं को उच्च शिक्षा के लिए प्रेरित करने के उद्देश्य से ये कठोर निर्णय लिए गए हैं। समाज के साथ-साथ हर परिवार की प्रगति हो, इसी सोच के साथ यह प्रस्ताव पारित हुआ है। इस महापंचायत के दौरान अध्यक्ष राजूराम मिणदार सहित बड़ी संख्या में समाजबंधु, विभिन्न क्षेत्रों के पंच-पटेल और कार्यकारिणी सदस्य उपस्थित रहे, जिन्होंने हाथ उठाकर इस फैसले का समर्थन किया।

धोनी IPL के बीच NSG हब पहुंचे, सबमशीन गन चलाई:पिस्टल से निशाना भी लगाया, कमांडोज से पूछा- फिट लग रहा हूं न

धोनी IPL के बीच NSG हब पहुंचे, सबमशीन गन चलाई:पिस्टल से निशाना भी लगाया, कमांडोज से पूछा- फिट लग रहा हूं न

पूर्व भारतीय कप्तान महेंद्र सिंह धोनी IPL के बीच रविवार को चेन्नई में नेशनल सिक्योरिटी गार्ड्स (NSG) के रीजनल हब पहुंचे। यहां उन्होंने सबमशीन गन चलाई। साथ ही पिस्टल से निशाना लगाते नजर आए। 44 साल के धोनी ने यहां कमांडोज और उनके परिवारों के साथ समय बिताया। उनके साथ खाना खाया। उन्होंने अपनी फिटनेस पर कमांडोज से पूछा- ‘फिट लग रहा हूं न।’ इस पर जवान सहमति देते हुए कहा- ‘पिछली बार जब आए थे तब इससे भी फिट थे।’ तब धोनी ने कहा- ‘जैसे-जैसे टाइम बढ़ता मेहनत ज्यादा करना पड़ता है।’ वे 2023 में NSG कैंप में शामिल हो चुके हैं। धोनी चेन्नई सुपर किंग्स का हिस्सा हैं। हालांकि, वे काफ स्ट्रेन (पिंडली की चोट) के कारण इस सीजन में अब तक एक भी मैच नहीं खेल पाए हैं। आज चेन्नई सीजन में अपना आखिरी लीग मैच खेलने जा रही है। इसमें धोनी के खेलने की संभावना है। फोटो देखिए… टेरिटोरियल आर्मी में लेफ्टिनेंट कर्नल हैं धोनी एमएस धोनी टेरिटोरियल आर्मी में लेफ्टिनेंट कर्नल हैं। वे पैराशूट रेजीमेंट की 106 पैरा टेरिटोरियल आर्मी बटालियन का हिस्सा हैं। उन्होंने कश्मीर में भारतीय सेना के साथ दो हफ्ते की ट्रेनिंग भी की। बाद में उनका बूट पॉलिश करते हुए फोटो भी सामने आया था। धोनी और सैन्य बलों का पुराना नाता क्या हैदराबाद के खिलाफ खेलेंगे धोनी? चेन्नई को आज सनराइजर्स हैदराबाद के साथ चेपॉक स्टेडियम में खेलना है। उम्मीद लगाई जा रही है कि धोनी इसमें खेल सकते हैं। हालांकि अभी तक धोनी और चेन्नई के मैनेजमेंट की तरफ से इस तरह के कोई संकेत नहीं आए हैं। फ्रेंचाइजी की ओर से कहा गया था कि वे फिर से चोटिल हो गए और इसकी वजह से खेलने में देरी हो रही है। ———————————————

बार्सिलोना ने ला लीगा में सभी घरेलू मैच जीते:38 मैचों के सीजन में सभी 19 होम मुकाबले जीतने वाली पहली टीम बनी

बार्सिलोना ने ला लीगा में सभी घरेलू मैच जीते:38 मैचों के सीजन में सभी 19 होम मुकाबले जीतने वाली पहली टीम बनी

स्पैनिश चैंपियन बार्सिलोना ला लीगा में अपने सभी होम मैच जीतने वाली 11वीं टीम बनी है। 38 मैचों वाले सीजन में ऐसा करने वाली वह पहली टीम है। इससे पहले 1985-86 में रियल मैड्रिड ने अपने सभी 17 होम मैच जीते थे। वहीं, बार्सिलोना ने 1959-60 सीजन में अपने 15 होम मैच जीते थे। बार्सिलोना ने रियल बेटिस को 3-1 से हराया। ला लीगा इतिहास में इससे पहले कोई भी टीम 38 मैचों के फॉर्मेट में अपने सभी होम मैच नहीं जीत सकी थी। मैनेजर हंसी फ्लिक की टीम बार्सिलोना पिछले रविवार को रियल मैड्रिड को हराकर चैंपियन बनी थी। रियल बेटिस के खिलाफ राफिन्या ने दो गोल किए, जबकि तीसरा गोल जोआओ कान्सेलो ने किया। राफिन्या के दो गोल और कान्सेलो की स्ट्राइक से मिली जीत मैच के 28वें मिनट में राफिन्या ने फ्री-किक से गोल कर बार्सिलोना को 1-0 की बढ़त दिलाई। फिर 62वें मिनट में हेक्टर बेलरिन की खराब पास का फायदा उठाकर उन्होंने दूसरा गोल किया। इसके बाद गावी के फाउल पर रियल बेटिस को पेनल्टी मिली, जिसे इस्को ने गोल में बदला। हालांकि, मैच के आखिर में जोआओ कान्सेलो ने 20 गज दूर से शानदार शॉट लगाकर बार्सिलोना की 3-1 से जीत पक्की कर दी। 3 अलग-अलग स्टेडियम में खेलकर भी अजेय रही टीम बार्सिलोना के लिए यह रिकॉर्ड इसलिए भी खास है क्योंकि टीम ने पूरे सीजन एक ही मैदान पर मैच नहीं खेले। कैंप नोउ में रेनोवेशन के कारण टीम ने एस्टाडी जोहान क्रूफ, बार्सिलोना ओलंपिक स्टेडियम और नए कैंप नोउ में अपने घरेलू मैच खेले और हर जगह जीत दर्ज की। इस सीजन में बार्सिलोना को घर पर सिर्फ दो हार मिलीं और दोनों चैंपियंस लीग में आईं। अक्टूबर में PSG और अप्रैल में एटलेटिको मैड्रिड ने उन्हें हराया था। लेवांडोव्स्की की विदाई: 191 मैचों में 119 गोल मैच के आखिरी पलों में रॉबर्ट लेवांडोव्स्की को सब्स्टीट्यूट किए जाने पर दर्शकों ने खड़े होकर उन्हें विदाई दी। 37 साल के लेवांडोव्स्की इस समर में कॉन्ट्रैक्ट खत्म होने के बाद क्लब छोड़ देंगे। 2022 में बार्सिलोना से जुड़ने के बाद उन्होंने 191 मैचों में 119 गोल किए हैं। बार्सिलोना अब अपने खिताबी सीजन का आखिरी मैच अगले शनिवार को वालेंसिया के मैदान पर खेलेगी।

बार्सिलोना ने ला लीगा में सभी घरेलू मैच जीते:38 मैचों के सीजन में सभी 19 होम मुकाबले जीतने वाली पहली टीम बनी

बार्सिलोना ने ला लीगा में सभी घरेलू मैच जीते:38 मैचों के सीजन में सभी 19 होम मुकाबले जीतने वाली पहली टीम बनी

स्पैनिश चैंपियन बार्सिलोना ला लीगा में अपने सभी होम मैच जीतने वाली 11वीं टीम बनी है। 38 मैचों वाले सीजन में ऐसा करने वाली वह पहली टीम है। इससे पहले 1985-86 में रियल मैड्रिड ने अपने सभी 17 होम मैच जीते थे। वहीं, बार्सिलोना ने 1959-60 सीजन में अपने 15 होम मैच जीते थे। बार्सिलोना ने रियल बेटिस को 3-1 से हराया। ला लीगा इतिहास में इससे पहले कोई भी टीम 38 मैचों के फॉर्मेट में अपने सभी होम मैच नहीं जीत सकी थी। मैनेजर हंसी फ्लिक की टीम बार्सिलोना पिछले रविवार को रियल मैड्रिड को हराकर चैंपियन बनी थी। रियल बेटिस के खिलाफ राफिन्या ने दो गोल किए, जबकि तीसरा गोल जोआओ कान्सेलो ने किया। राफिन्या के दो गोल और कान्सेलो की स्ट्राइक से मिली जीत मैच के 28वें मिनट में राफिन्या ने फ्री-किक से गोल कर बार्सिलोना को 1-0 की बढ़त दिलाई। फिर 62वें मिनट में हेक्टर बेलरिन की खराब पास का फायदा उठाकर उन्होंने दूसरा गोल किया। इसके बाद गावी के फाउल पर रियल बेटिस को पेनल्टी मिली, जिसे इस्को ने गोल में बदला। हालांकि, मैच के आखिर में जोआओ कान्सेलो ने 20 गज दूर से शानदार शॉट लगाकर बार्सिलोना की 3-1 से जीत पक्की कर दी। 3 अलग-अलग स्टेडियम में खेलकर भी अजेय रही टीम बार्सिलोना के लिए यह रिकॉर्ड इसलिए भी खास है क्योंकि टीम ने पूरे सीजन एक ही मैदान पर मैच नहीं खेले। कैंप नोउ में रेनोवेशन के कारण टीम ने एस्टाडी जोहान क्रूफ, बार्सिलोना ओलंपिक स्टेडियम और नए कैंप नोउ में अपने घरेलू मैच खेले और हर जगह जीत दर्ज की। इस सीजन में बार्सिलोना को घर पर सिर्फ दो हार मिलीं और दोनों चैंपियंस लीग में आईं। अक्टूबर में PSG और अप्रैल में एटलेटिको मैड्रिड ने उन्हें हराया था। लेवांडोव्स्की की विदाई: 191 मैचों में 119 गोल मैच के आखिरी पलों में रॉबर्ट लेवांडोव्स्की को सब्स्टीट्यूट किए जाने पर दर्शकों ने खड़े होकर उन्हें विदाई दी। 37 साल के लेवांडोव्स्की इस समर में कॉन्ट्रैक्ट खत्म होने के बाद क्लब छोड़ देंगे। 2022 में बार्सिलोना से जुड़ने के बाद उन्होंने 191 मैचों में 119 गोल किए हैं। बार्सिलोना अब अपने खिताबी सीजन का आखिरी मैच अगले शनिवार को वालेंसिया के मैदान पर खेलेगी।