रणबीर कपूर ने अयोध्या में ₹3.31 करोड़ की जमीन खरीदी:'रामायण' में निभाएंगे भगवान राम का रोल, अमिताभ ने भी किया था निवेश

एक्टर रणबीर कपूर ने अयोध्या के रियल एस्टेट प्रोजेक्ट ‘द सरयू’ में जमीन खरीदी है। यह प्रोजेक्ट द हाउस ऑफ अभिनंदन लोढ़ा (HoABL) का प्रीमियम प्लॉटेड डेवलपमेंट प्रोजेक्ट है। न्यूज एजेंसी ANI ने अपनी रिपोर्ट में बताया कि कंपनी की आधिकारिक घोषणा के अनुसार, यह डील 3.31 करोड़ रुपए में हुई है। खरीदी गई जमीन का कुल क्षेत्रफल 2,134 वर्ग फीट है। अमिताभ बच्चन के बाद ‘द सरयू’ में निवेश करने वाले रणबीर कपूर दूसरे बड़े एक्टर बने हैं। ‘द सरयू’ 75 एकड़ में फैला प्रोजेक्ट है, जो सरयू नदी के किनारे स्थित है। इस प्रोजेक्ट में ग्रैंड क्लब हाउस, 35 से ज्यादा लाइफस्टाइल सुविधाएं और द लीला होटल्स का पांच एकड़ में बनने वाला शुद्ध शाकाहारी लग्जरी होटल शामिल है। रणबीर बोले- अयोध्या ने मुझे चुना रणबीर कपूर ने बयान में कहा कि उन्हें लगता है कि अयोध्या ने उन्हें चुना है। उन्होंने कहा कि अयोध्या भारत के इतिहास और सांस्कृतिक विरासत का अहम हिस्सा है और ‘द सरयू’ में यह जमीन उनके परिवार की विरासत का हिस्सा बनेगी। HoABL के चेयरमैन अभिनंदन लोढ़ा ने कहा कि अयोध्या सांस्कृतिक और आर्थिक पुनर्जागरण के दौर से गुजर रहा है। उन्होंने कहा कि इंफ्रास्ट्रक्चर, टूरिज्म और दुनिया भर का ध्यान खींचने की वजह से शहर में लंबे समय तक विकास की संभावना है। उन्होंने कहा कि रणबीर कपूर का इन्वेस्टमेंट दिखाता है कि खरीदार अयोध्या को न केवल इमोशनली बल्कि भविष्य के नजरिए से भी एक महत्वपूर्ण इन्वेस्टमेंट डेस्टिनेशन के रूप में देख रहे हैं। गौरतलब है कि यह इन्वेस्टमेंट ऐसे समय में सामने आया है, जब रणबीर डायरेक्टर नितेश तिवारी की फिल्म ‘रामायण’ में भगवान श्रीराम की भूमिका निभा रहे हैं। हनुमान जयंती के मौके पर फिल्म से रणबीर का भगवान राम के रूप में लुक भी सामने आया था। देखें भगवान राम के लुक की झलक- फिल्म ‘रामायण’ से जुड़ी अहम बातें-
रणबीर कपूर ने अयोध्या में ₹3.31 करोड़ की जमीन खरीदी:'रामायण' में निभाएंगे भगवान राम का रोल, अमिताभ ने भी किया था निवेश

एक्टर रणबीर कपूर ने अयोध्या के रियल एस्टेट प्रोजेक्ट ‘द सरयू’ में जमीन खरीदी है। यह प्रोजेक्ट द हाउस ऑफ अभिनंदन लोढ़ा (HoABL) का प्रीमियम प्लॉटेड डेवलपमेंट प्रोजेक्ट है। न्यूज एजेंसी ANI ने अपनी रिपोर्ट में बताया कि कंपनी की आधिकारिक घोषणा के अनुसार, यह डील 3.31 करोड़ रुपए में हुई है। खरीदी गई जमीन का कुल क्षेत्रफल 2,134 वर्ग फीट है। अमिताभ बच्चन के बाद ‘द सरयू’ में निवेश करने वाले रणबीर कपूर दूसरे बड़े एक्टर बने हैं। ‘द सरयू’ 75 एकड़ में फैला प्रोजेक्ट है, जो सरयू नदी के किनारे स्थित है। इस प्रोजेक्ट में ग्रैंड क्लब हाउस, 35 से ज्यादा लाइफस्टाइल सुविधाएं और द लीला होटल्स का पांच एकड़ में बनने वाला शुद्ध शाकाहारी लग्जरी होटल शामिल है। रणबीर बोले- अयोध्या ने मुझे चुना रणबीर ने बयान में कहा कि उन्हें लगता है कि अयोध्या ने उन्हें चुना है। उन्होंने कहा कि अयोध्या भारत के इतिहास और सांस्कृतिक विरासत का अहम हिस्सा है और ‘द सरयू’ में यह जमीन उनके परिवार की विरासत का हिस्सा बनेगी। HoABL के चेयरमैन अभिनंदन लोढ़ा ने कहा कि अयोध्या सांस्कृतिक और आर्थिक पुनर्जागरण के दौर से गुजर रहा है। उन्होंने कहा कि इंफ्रास्ट्रक्चर, टूरिज्म और दुनिया भर का ध्यान खींचने की वजह से शहर में लंबे समय तक विकास की संभावना है। उन्होंने कहा कि रणबीर कपूर का इन्वेस्टमेंट दिखाता है कि खरीदार अयोध्या को न केवल इमोशनली बल्कि भविष्य के नजरिए से भी एक महत्वपूर्ण इन्वेस्टमेंट डेस्टिनेशन के रूप में देख रहे हैं। ‘रामायण’ में भगवान राम बनेंगे रणबीर गौरतलब है कि यह इन्वेस्टमेंट ऐसे समय में सामने आया है, जब रणबीर डायरेक्टर नितेश तिवारी की फिल्म ‘रामायण’ में भगवान श्रीराम की भूमिका निभा रहे हैं। हनुमान जयंती के मौके पर फिल्म से रणबीर का भगवान राम के रूप में लुक भी सामने आया था। देखें भगवान राम के लुक की झलक- फिल्म ‘रामायण’ से जुड़ी अहम बातें-
हरिद्वार में सायना नेहवाल ने की गंगा आरती; VIDEO:6 दिनों से उत्तराखंड घूम रहीं, मसूरी में नदी किनारे परिवार के साथ ब्रेकफास्ट

ओलिंपिक मेडलिस्ट और इंटरनेशनल बैडमिंटन खिलाड़ी सायना नेहवाल इन दिनों परिवार के साथ उत्तराखंड घूमने आई हैं। सायना देर शाम हरिद्वार में गंगा आरती में परिवार के 6 सदस्यों के साथ शामिल हुईं। इस दौरान उनके पिता डॉ. हरवीर सिंह नेहवाल और बहन अबू चंद्रांशु नेहवाल भी साथ दिखे। हरिद्वार पहुंचने के बाद सायना नेहवाल सबसे पहले नील पर्वत स्थित प्रसिद्ध सिद्धपीठ चण्डी देवी मंदिर पहुंचीं। यहां उन्होंने रोपवे के जरिए मंदिर पहुंचकर विधिवत पूजा-अर्चना की और मां चंडी देवी का आशीर्वाद लिया। इसकी खबर फैलते ही मंदिर परिसर में प्रशंसकों की भीड़ लग गई। सायना रविवार को मसूरी घूमने आईं थीं और वो नदी किनारे परिवार के साथ ब्रेकफास्ट करती दिखी। इसके बाद वे मंगलवार को अपने परिवार के साथ टिहरी की प्रसिद्ध सिद्धपीठ मां सुरकंडा देवी मंदिर के दर्शन करने पहुंचीं। सायना की PHOTOS… रोपवे के जरिए मंदिर पहुंचीं सायना गुरुवार को हरिद्वार पहुंची। सायना नेहवाल ने सबसे पहले नील पर्वत स्थित प्रसिद्ध सिद्धपीठ चंडी देवी मंदिर के दर्शन किए। उन्होंने परिवार के साथ रोपवे के जरिए मंदिर पहुंचकर मां चंडी देवी की विधिवत पूजा-अर्चना की। मंदिर के मुख्य पुजारी भवानी नंदन गिरी ने सायना और उनके परिवार को पूजा संपन्न कराई। उन्होंने सायना की खेल जगत की उपलब्धियों की सराहना करते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य और उत्तम स्वास्थ्य की कामना की। चंडी देवी मंदिर में दर्शन के बाद शाम के समय सायना नेहवाल अचानक हरकी पौड़ी पहुंचीं, जहां उन्होंने विश्व प्रसिद्ध गंगा आरती में भाग लिया। गंगा तट पर पहुंचते ही वहां मौजूद श्रद्धालुओं में उत्साह का माहौल बन गया। इस दौरान श्री गंगा सभा के महामंत्री तन्मय वशिष्ठ समेत कई तीर्थ पुरोहितों ने उनका स्वागत किया। उन्हें मां गंगा की चुनरी और गंगाजली भेंट कर सम्मानित किया गया। तन्मय वशिष्ठ ने सायना नेहवाल को गंगा आरती की परंपरा, हरकी पैड़ी की पौराणिक मान्यता और मां गंगा की महिमा के बारे में विस्तार से जानकारी दी। तन्मय वशिष्ठ ने बताया कि सायना नेहवाल का हरकी पैड़ी पहुंचना पूरी तरह अचानक था। उनके साथ उनके पिता और परिवार के अन्य सदस्य भी मौजूद थे। उन्होंने पूरी श्रद्धा और आत्मीयता के साथ गंगा आरती में सहभागिता की और कुछ समय हरकी पैड़ी पर बिताने के बाद परिवार सहित हरिद्वार से रवाना हो गईं। देश की पहली महिला बैडमिंटन ओलिंपिक पदक विजेता हैं सायना सायना नेहवाल भारतीय बैडमिंटन इतिहास की सबसे सफल खिलाड़ियों में शामिल हैं। वह देश की पहली महिला बैडमिंटन खिलाड़ी हैं जिन्होंने ओलिंपिक में पदक जीतकर भारत का गौरव बढ़ाया। खेल जगत में उनके योगदान के लिए उन्हें अर्जुन पुरस्कार, राजीव गांधी खेल रत्न और पद्म भूषण जैसे प्रतिष्ठित सम्मानों से सम्मानित किया जा चुका है। उन्होंने अपना आखिरी कंपीटिटर मैच जून 2023 में सिंगापुर ओपन के दौरान खेला था।
न्यूबॉर्न और छोटे बच्चों के लिए एसी का कितना तापमान सही? चाइल्ड स्पेशलिस्ट ने बताया सेफ एसी यूज का तरीका

Last Updated:May 15, 2026, 09:11 IST Is AC Safe For Newborns: न्यूबॉर्न बेबीज और छोटे बच्चों के माता-पिता अक्सर इस सवाल पर कंफ्यूज रहते हैं कि बच्चों को एसी कमरे में रखें या नहीं. अगर हां तो टेम्पेरचर कितना रखें और किन बातों का ध्यान रखें. इन्हीं सवालों के जवाब दिए डॉ. तरुण ने और बताया कि कितना तापमान बच्चे के लिए सही है. ख़बरें फटाफट दिल्ली: इन दिनों तेजी से गर्मी का असर पूरे देश में बढ़ रहा है और खासकर उत्तर भारत में जिस तरह से मौसम लगातार करवट बदल रहा है, उससे आए दिन बारिश भी हो रही है. वहीं दिन के समय तापमान काफी ज्यादा बढ़ने से लू भी चल रही है और गर्मी भी पड़ रही है. इसी के चलते लोग इस गर्म मौसम के कारण बीमार भी हो रहे हैं. वहीं ऐसे में लोग अपने छोटे बच्चों के लिए भी काफी चिंतित दिख रहे हैं. छोटे बच्चों को लेकर कंफ्यूजनआमतौर पर लोगों का यह मानना है कि जो छोटे बच्चे अभी कुछ महीने या कुछ साल के हैं, उन्हें गर्मी से बचाने के लिए अगर एसी की ठंडी हवा में रखा जाए, तो वे बीमार पड़ सकते हैं. ऐसे में जब हमने दिल्ली-एनसीआर के चाइल्ड स्पेशलिस्ट डॉ. तरुण सिंह से पूछा कि इस वक्त बच्चों को गर्मी से बचाने के लिए एसी में रखना सही है या नहीं और किस तरह से एसी का इस्तेमाल किया जा सकता है, तो आइए जानते हैं उन्होंने क्या कहा. इतना रखें एसी का तापमान, अगर कमरे में है छोटा बच्चाडॉ. तरुण ने सबसे पहले बताया कि अगर आप बच्चे को गर्मी से बचाने के लिए एसी वाले कमरे में रखते हैं, तो उससे बच्चे को कोई नुकसान नहीं पहुंचता है. लेकिन कुछ बातों का ध्यान रखना बेहद जरूरी है. उनका कहना था कि अगर आप बहुत कम तापमान पर एसी चलाते हैं, तो कमरे में काफी सूखापन हो जाता है. ऐसे में छोटे बच्चे को ड्राइनेस की समस्या हो सकती है. इसकी वजह से उसकी नाक और गला सूख सकता है. कभी-कभी बच्चों को इसी ड्राइनेस के कारण नाक से खून भी आ सकता है. इसकी और भी वजहें हैं पर सूखापन भी एक कारण है. इसलिए अगर आप बच्चों को एसी वाले कमरे में रख रहे हैं, तो कमरे का तापमान 24 से 26 डिग्री के बीच रखना चाहिए. जरूरत पड़ने पर ही तापमान इससे कम करें. कोशिश करें कि कमरे का तापमान प्लीजेंट हो बस, ठंडा रखने या चिल्ड रखने की जरूरत नहीं है. इन चीजों से पता चल सकता है कि एसी से बच्चे को हो रही है परेशानीडॉ. तरुण ने बताया कि अगर एसी की वजह से बच्चे को परेशानी हो रही है, तो इसके कुछ संकेत साफ दिखने लगते हैं. अगर बच्चा बार-बार अपनी नाक खुजला रहा है, तो यह नाक में ड्राइनेस का संकेत हो सकता है. वहीं अगर बच्चे के सोते समय गले से आवाज आने लगे, तो यह गला सूखने का संकेत हो सकता है. उन्होंने यह भी बताया कि अगर एसी की सफाई समय-समय पर नहीं कराई जाए, तो उसमें बैक्टीरिया और धूल जमा हो सकती है, जिससे बच्चों को एलर्जी की समस्या हो सकती है. इसलिए एसी की नियमित सफाई भी जरूरी है. About the Author Raina Shukla बुंदेलखंड यूनिवर्सिटी से मास कम्यूनिकेशन एंड जर्नलिज़्म में मास्टर्स, गोल्ड मेडलिस्ट. पत्रकारिता का सफर दैनिक जागरण से शुरू हुआ, फिर प्रभात खबर और ABP न्यूज़ से होते हुए News18 Hindi तक पहुंचा. करियर और देश की …और पढ़ें News18 न्यूजलेटर अब ईमेल पर इनसाइड स्टोरीज खबरों के पीछे की खबर अब आपके इनबॉक्स में सबमिट करें
Skin Care Tips: तेज धूप में कहीं झुलस न जाए त्वचा, इन देसी नुस्खों को आजमाएं, साफ होगी टैनिंग चेहरे पर आएगा निखार

Last Updated:May 15, 2026, 08:25 IST Skin Care Tips: मई महीने में और भी ज्यादा प्रचंड होने वाली है. ऐसे में जब धूप स्किन पर डायरेक्ट लगे तो बेहद नुकसानदायक साबित हो सकती है. तेज धूप में दिन भर घूमने से स्किन टैन हो जाती है. आप हानिकारक अल्ट्रावायलेट किरणों से स्किन को सुरक्षित रखने के लिए इन बातों को जरूर फॉलो करें. (रिपोर्ट: शिवांक द्विवेदी/सतना) गर्मियों की तेज धूप, बढ़ता तापमान और उमस भरा मौसम त्वचा के लिए बड़ी चुनौती बन जाता है. इस मौसम में लापरवाही आपकी स्किन को डैमेज कर सकती है, जिससे टैनिंग, सनबर्न और मुहांसों जैसी समस्याएं तेजी से बढ़ने लगती हैं लेकिन अगर सही समय पर सही देखभाल की जाए, तो यही मौसम आपकी त्वचा को नैचुरल ग्लो भी दे सकता है. लोकल 18 से बातचीत में सतना के विशेषज्ञों ने बताया कि कुछ आसान आदतें अपनाकर आप अपनी त्वचा को हेल्दी, फ्रेश और चमकदार बनाए रख सकते हैं. कामदगिरि आयुर्वेद क्लिनिक के डॉ सूरज कुशवाहा ने बताया कि गर्मियों में सबसे जरूरी है त्वचा को सूरज की हानिकारक किरणों से बचाना. वहीं शरीर को हाइड्रेट रखना भी बेहद अहम है, इसलिए भरपूर पानी पीना और रसदार फलों का सेवन करना चाहिए. धूप में निकलते समय चेहरे को कपड़े या स्कार्फ से ढकना स्किन प्रोटेक्शन के लिए बेहद कारगर उपाय है. Add News18 as Preferred Source on Google आयुर्वेद में गर्मियों के मौसम में पित्त दोष बढ़ जाता है, जो त्वचा संबंधी समस्याओं की मुख्य वजह बनता है. ज्यादा धूप में रहना, मसालेदार भोजन और कम पानी पीना इस समस्या को और बढ़ा सकता है. इससे बचने के लिए लोगों को छांव में रहना, हल्के और सूती कपड़े पहनना और ठंडी तासीर वाले खाद्य पदार्थों का सेवन करना चाहिए. गर्मियों में पसीने की ग्रंथियां बंद होने से घमौरियां हो जाती हैं, जिसमें लाल दाने, खुजली और जलन की समस्या होती है. इससे राहत पाने के लिए मुल्तानी मिट्टी और गुलाब जल का लेप बेहद फायदेमंद है. इसके अलावा बर्फ को कपड़े में लपेटकर प्रभावित जगह पर लगाने से ठंडक मिलती है. वहीं नीम की पत्तियों को उबालकर उस पानी से नहाना या पेस्ट बनाकर लगाना भी एंटीबैक्टीरियल असर देता है. गर्मियों में पसीने की ग्रंथियां बंद होने से घमौरियां हो जाती हैं, जिसमें लाल दाने, खुजली और जलन की समस्या होती है. इससे राहत पाने के लिए मुल्तानी मिट्टी और गुलाब जल का लेप बेहद फायदेमंद है. इसके अलावा बर्फ को कपड़े में लपेटकर प्रभावित जगह पर लगाने से ठंडक मिलती है. वहीं नीम की पत्तियों को उबालकर उस पानी से नहाना या पेस्ट बनाकर लगाना भी एंटीबैक्टीरियल असर देता है. तेज धूप में ज्यादा देर रहने से त्वचा झुलस जाती है और काली पड़ने लगती है, जिसे सनबर्न और टैनिंग कहा जाता है. इससे बचने के लिए ताजा एलोवेरा जेल त्वचा पर लगाने से जलन और लालिमा कम होती है. इसके अलावा दही और बेसन का पेस्ट टैनिंग हटाने में असरदार माना जाता है. वहीं खीरे का रस त्वचा को ठंडक और हाइड्रेशन देता है, जिससे स्किन फ्रेश बनी रहती है. न्यूज़18 को गूगल पर अपने पसंदीदा समाचार स्रोत के रूप में जोड़ने के लिए यहां क्लिक करें।
बार-बार पेट दर्द को गैस समझकर न करें नजरअंदाज, हो सकती है गंभीर बीमारी.. यहां जानिए सही इलाज

आज के समय में पेट दर्द और गैस की समस्या लगभग हर घर में आम हो चुकी है. लोग अक्सर पेट दर्द को केवल गैस की समस्या समझकर नजर अंदाज कर देते हैं, लेकिन डॉक्टर का कहना है कि हर पेट दर्द गैस की वजह से नहीं होता. बदलती जीवनशैली, बाहर का खाना, ज्यादा तेल-मसाले का सेवन और खराब खानपान की आदतें पेट संबंधी बीमारियों को तेजी से बढ़ा रही हैं. गर्मियों के मौसम में यह समस्या और ज्यादा बढ़ जाती है. तेजी से बदल रही खानपान की आदतें इसी विषय पर डॉक्टर रिद्धि पांडे ने LOCAL 18 से बातचीत में बताया कि आजकल हर 5 में से 1 व्यक्ति पेट दर्द की समस्या से परेशान है. उन्होंने कहा कि पेट दर्द के पीछे कई कारण हो सकते हैं और इसे सामान्य गैस समझकर अनदेखा करना कई बार गंभीर बीमारी को जन्म दे सकता है. उन्होंने बताया कि लोगों की खानपान की आदतें तेजी से बदल रही हैं. बाहर का तला-भुना खाना, ज्यादा मसालेदार भोजन और अनियमित दिनचर्या पेट की बीमारियों को बढ़ा रही है. अंदर ही अंदर बढ़ती रहती है बीमारी डॉक्टर रिद्धि पांडे ने बताया कि कई बार लोगों की आंतों में संक्रमण या अन्य गंभीर समस्याएं हो जाती हैं, लेकिन वे इसे सामान्य गैस या हल्के पेट दर्द की तरह लेकर दवाइयों से दबा देते हैं. इससे बीमारी अंदर ही अंदर बढ़ती रहती है. उन्होंने एक मरीज का उदाहरण देते हुए बताया कि उनके पास गोवा से एक बच्चा इलाज के लिए आया था. बच्चे को लगातार पेट दर्द और बुखार की शिकायत थी. परिवार वाले लंबे समय से केवल बुखार का इलाज करवा रहे थे. जब डॉक्टर ने अल्ट्रासाउंड करवाया, तो पता चला कि बच्चे की आंतों में गंभीर संक्रमण था. सही इलाज शुरू होने के बाद केवल 2 दिनों में बच्चा पूरी तरह स्वस्थ हो गया. पहले से संकेत देता है कई बार शरीर डॉक्टर ने कहा कि कई बार शरीर हमें पहले से संकेत देता है, लेकिन लोग उसे समझ नहीं पाते. अगर किसी व्यक्ति को हर दो-तीन दिन में पेट दर्द हो रहा हो, हल्का बुखार बना रहता हो, भूख कम लग रही हो या कमजोरी महसूस हो रही हो, तो तुरंत जांच करवानी चाहिए. समय रहते अल्ट्रासाउंड या अन्य जरूरी जांच कराने से बीमारी की सही वजह पता चल सकती है. इन चीजों का सेवन करना बेहद जरूरी उन्होंने बताया कि पेट की समस्याओं का सीधा संबंध हमारी आंतों और पाचन तंत्र से होता है. खराब भोजन, गंदे हाथों से खाना खाना, बाहर का अस्वच्छ भोजन और दूषित तेल-मसालों का सेवन पेट की बीमारियों को बढ़ाता है. इसलिए साफ-सफाई और सही खानपान बेहद जरूरी है. डॉक्टर ने लोगों को सलाह दी कि जितना हो सके बाहर का खाना खाने से बचें. घर पर भी कम तेल और कम मसाले वाला भोजन करें. गर्मियों में शरीर को ठंडा रखने वाली चीजों का सेवन करना बेहद फायदेमंद होता है. उन्होंने कहा कि छाछ, दही और नींबू पानी पेट के लिए काफी लाभकारी हैं. ये न केवल शरीर को ठंडक देते हैं, बल्कि पाचन तंत्र को भी मजबूत बनाते हैं. गैस की समस्या में भी मिलती है राहत उन्होंने कहा कि गर्मियों में बच्चों और बड़ों दोनों को नियमित रूप से छाछ और दही का सेवन करना चाहिए. इससे शरीर में पानी की कमी नहीं होती और डिहाइड्रेशन से भी बचाव होता है. साथ ही पेट दर्द और गैस की समस्या में भी राहत मिलती है. डॉक्टर ने यह भी बताया कि शादी-ब्याह और गर्मियों के आयोजनों में लोग ज्यादा बाहर का खाना खाते हैं, जिससे गैस और पेट दर्द की शिकायत बढ़ जाती है. शरीर को स्वस्थ रखने में करते हैं मदद ऐसे समय में हल्का भोजन करना और ज्यादा पानी पीना जरूरी है. नींबू पानी, छाछ और ठंडी तासीर वाले खाद्य पदार्थ शरीर को स्वस्थ रखने में मदद करते हैं. उन्होंने कहा कि पेट दर्द को कभी भी हल्के में नहीं लेना चाहिए. अगर समस्या लगातार बनी रहे, तो डॉक्टर से सलाह लेना जरूरी है. सही समय पर जांच और संतुलित खानपान से पेट संबंधी कई गंभीर बीमारियों से बचा जा सकता है.
तमिलनाडु के सीएम आवास ही विजय ने लिखी पीएम मोदी की चिट्ठी, जानिए क्या है हटाने की अपील

तमिल के मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विक्ट्री ने गुरुवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से 11 प्रतिशत आयात शुल्क हटाने का आग्रह किया। उन्होंने चेतावनी दी कि राज्य के कच्चे माल की आबादी और खाद्य क्षेत्र के कारण गंभीर संकट का सामना करना पड़ रहा है। प्रधानमंत्री ने एक पत्र में लिखा है कि सीएम मोदी ने कहा है कि विशाल पैमाने पर विशाल पैकेज ने प्लास्टिक के कलाकारों पर दबाव डाला है और इस क्षेत्र पर अविश्वसनीय अंधविश्वास की रोजी-रोटी को खतरे में डाल दिया है। तमिलनाडु को भारत का सबसे बड़ा कपड़ा और निजी उपभोक्ता बनाने वाला राज्य के कर्मचारी मुख्यमंत्री ने आगे कहा कि यह उद्योग लाखों लोगों को प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से रोजगार देता है। मुख्यमंत्री विजय ने कहा कि पेट्रोलियम उद्योग, कपड़ा उद्योग, कपड़ा उद्योग में भारी गिरावट के कारण एक गंभीर संकट पैदा हो गया है। मुख्यमंत्री विजय ने कहा कि यह समूह मुख्य रूप से घरेलू ऊर्जा उत्पादन में कमी और पूरे देश में भारी मात्रा में व्यावसायिक व्यापार का कारण बना है, जिससे आपूर्ति शृंखला बाधित हुई है और कपड़ा उद्योग पर असर पड़ा है। उन्होंने आगे कहा कि कच्चे माल की निरंतर आपूर्ति अब केवल आयात के माध्यम से ही सुनिश्चित की जा सकती है, लेकिन कंसीलर पर स्थिर 11 प्रतिशत दर के कारण मूल्य और उद्योग के लिए एक अचूक साबित हो रहा है। मुख्यमंत्री के अनुसार, पिछले दो महीनों में सिक्के की कीमत 54,700 रुपये से लेकर यूरो 67,700 रुपये प्रति कैंडी हो गई है, जिसमें लगभग 25 प्रतिशत की भारी बढ़त दर्ज की गई है। इसी अवधि के दौरान, वगेरह के शोरूम भी 301 रुपये प्रति रेस से बढ़कर 330 रुपये प्रति रेस हो गए। मुख्यमंत्री विजय ने कहा कि यह समूह मुख्य रूप से घरेलू ऊर्जा उत्पादन में कमी और पूरे देश में भारी मात्रा में व्यावसायिक व्यापार का कारण बना है, जिससे आपूर्ति शृंखला बाधित हुई है और कपड़ा उद्योग पर असर पड़ा है। (टैग्सटूट्रांसलेट)पीएम मोदी(टी)तमिलनाडु(टी)थलपति विजय(टी)तमिलनाडु(टी)थलपति विजय(टी) पीएम मोदी
IPL में आज CSK vs LSG:चेन्नई ने पिछले तीनों मैच जीते; हेड टु हेड में दोनों टीमें बराबरी पर

IPL 2026 का 59वां मैच चेन्नई सुपर किंग्स (CSK) और लखनऊ सुपर जायंट्स (LSG) के बीच खेला जाएगा। मुकाबला लखनऊ के अटल बिहारी वाजपेयी इकाना स्टेडियम में शाम 7.30 बजे खेला जाएगा। प्ले-ऑफ की रेस में बने रहने के लिए चेन्नई के लिए यह मुकाबला काफी अहम है। टीम पिछले तीनों मैच जीतकर पॉइंट्स टेबल में पांचवें स्थान पर है। ऋषभ पंत की कप्तानी वाली लखनऊ टीम टूर्नामेंट से बाहर हो चुकी है। दोनों टीमें 8वीं बार आमने-सामने होंगी दोनों टीमों के बीच अब तक 7 मैच खेले गए हैं। LSG और CSK ने 3-3 मैच जीते हैं, जबकि एक मुकाबला बेनतीजा रहा। पिछले सीजन दोनों के बीच एक मैच हुआ था, जिसे CSK ने जीता। इस सीजन दोनों टीमें दूसरी बार आमने-सामने होंगी। चेपॉक में खेला गया पिछला मैच भी CSK ने जीता था। पंत की फॉर्म चिंता का कारण लखनऊ के लिए यह सीजन निराशाजनक रहा है। टीम पॉइंट्स टेबल में 10वें स्थान पर है। कप्तान ऋषभ पंत खराब फॉर्म से जूझ रहे हैं, जिसका असर टीम के प्रदर्शन पर पड़ा है। निकोलस पूरन, जोश इंग्लिस और मिचेल मार्श जैसे खिलाड़ी अकेले दम पर मैच पलट सकते हैं। घरेलू मैदान का फायदा लखनऊ को मिल सकता है। मिचेल मार्श टीम के टॉप रन स्कोरर हैं। उन्होंने 11 मैचों में 377 रन बनाए हैं। गेंदबाजी यूनिट भी रनों पर अंकुश लगाने और लक्ष्य बचाने में नाकाम रही है। पहले लेग में लखनऊ 203 रन का स्कोर भी डिफेंड नहीं कर पाई थी। प्रिंस यादव टीम के टॉप विकेट टेकर हैं। उन्होंने 11 मैचों में 8.17 की इकोनॉमी से 16 विकेट लिए हैं। चेन्नई के ऑलराउंडर जेमी ओवरटन IPL से बाहर मैच से पहले चेन्नई को बड़ा झटका लगा है। ऑलराउंडर जेमी ओवरटन जांघ की चोट के कारण टूर्नामेंट के बाकी मैचों से बाहर हो गए हैं। वे इलाज के लिए इंग्लैंड लौट गए हैं। ओवरटन ने इस सीजन 10 मैचों में 14 विकेट लिए थे। उनकी गैरमौजूदगी में गेंदबाजी की जिम्मेदारी मुकेश चौधरी, अंशुल कंबोज और नूर अहमद पर होगी। कंबोज 11 मैचों में 19 विकेट लेकर टीम के टॉप विकेटटेकर हैं। उर्विल और सैमसन के कंधों पर बल्लेबाजी का भार चेन्नई की बल्लेबाजी इस सीजन में उतार-चढ़ाव भरी रही है, लेकिन ऋतुराज गायकवाड, संजू सैमसन और उर्विल पटेल ने टीम को संभाला है। उर्विल की आक्रामक बल्लेबाजी ने पावरप्ले में टीम को तेज शुरुआत दिलाई है। मिडिल ओवर्स में शिवम दुबे, कार्तिक शर्मा और डेवाल्ड ब्रेविस से बड़े स्कोर की उम्मीद होगी। इकाना की पिच बल्लेबाजों के लिए मददगार मानी जा रही है। संजू सैमसन टीम के टॉप रन स्कोरर हैं। उन्होंने 11 मैचों में 169.29 की स्ट्राइक रेट से 430 रन बनाए हैं। इकाना में अब तक 27 मैच खेले गए लखनऊ के इकाना स्टेडियम की पिच पर स्पिनर्स को मदद मिलने की उम्मीद है। यहां पिछले मैच में सुपर ओवर देखने को मिला था। यहां अब तक कुल 27 IPL मैच खेले गए। 11 मैच में पहले बैटिंग और 14 में चेज करने वाली टीमों को जीत मिली। यहां IPL का सबसे बड़ा स्कोर कोलकाता नाइट राइडर्स (KKR) के नाम है, जिन्होंने 2024 में लखनऊ के खिलाफ 235/6 रन बनाए थे। सबसे छोटा स्कोर लखनऊ सुपर जायंट्स (LSG) के नाम दर्ज है, जब वे 2023 में रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु (RCB) के खिलाफ महज 108 रन पर सिमट गए थे। मौसम साफ रहेगा आज लखनऊ में होने वाले मैच के दौरान मौसम पूरी तरह साफ रहेगा। बारिश की कोई संभावना नहीं है। मैच के समय तापमान 26 डिग्री से 30 डिग्री के बीच रहने की उम्मीद है, और आसमान साफ रहेगा। दोनों टीमों की पॉसिबल प्लेइंग-11 चेन्नई सुपर किंग्स: ऋतुराज गायकवाड (कप्तान), संजू सैमसन (विकेटकीपर), उर्विल पटेल, कार्तिक शर्मा, डेवाल्ड ब्रेविस, शिवम दुबे, अकील हुसैन, नूर अहमद, अंशुल कंबोज, मुकेश चौधरी, सरफराज खान। लखनऊ सुपर जाइंट्स: मिचेल मार्श, जोस इंग्लिस, निकोलस पूरन, ऋषभ पंत (कप्तान और विकेटकीपर), ऐडन मार्करम, अक्षत रघुवंशी, हिम्मत सिंह, शहबाज अहमद, मोहम्मद शमी, प्रिंस यादव और दिग्वेश राठी।
IPL में आज CSK vs LSG:चेन्नई ने पिछले तीनों मैच जीते; हेड टु हेड में दोनों टीमें बराबरी पर

IPL 2026 का 59वां मैच चेन्नई सुपर किंग्स (CSK) और लखनऊ सुपर जायंट्स (LSG) के बीच खेला जाएगा। मुकाबला लखनऊ के अटल बिहारी वाजपेयी इकाना स्टेडियम में शाम 7.30 बजे खेला जाएगा। प्ले-ऑफ की रेस में बने रहने के लिए चेन्नई के लिए यह मुकाबला काफी अहम है। टीम पिछले तीनों मैच जीतकर पॉइंट्स टेबल में पांचवें स्थान पर है। ऋषभ पंत की कप्तानी वाली लखनऊ टीम टूर्नामेंट से बाहर हो चुकी है। दोनों टीमें 8वीं बार आमने-सामने होंगी दोनों टीमों के बीच अब तक 7 मैच खेले गए हैं। LSG और CSK ने 3-3 मैच जीते हैं, जबकि एक मुकाबला बेनतीजा रहा। पिछले सीजन दोनों के बीच एक मैच हुआ था, जिसे CSK ने जीता। इस सीजन दोनों टीमें दूसरी बार आमने-सामने होंगी। चेपॉक में खेला गया पिछला मैच भी CSK ने जीता था। पंत की फॉर्म चिंता का कारण लखनऊ के लिए यह सीजन निराशाजनक रहा है। टीम पॉइंट्स टेबल में 10वें स्थान पर है। कप्तान ऋषभ पंत खराब फॉर्म से जूझ रहे हैं, जिसका असर टीम के प्रदर्शन पर पड़ा है। निकोलस पूरन, जोश इंग्लिस और मिचेल मार्श जैसे खिलाड़ी अकेले दम पर मैच पलट सकते हैं। घरेलू मैदान का फायदा लखनऊ को मिल सकता है। मिचेल मार्श टीम के टॉप रन स्कोरर हैं। उन्होंने 11 मैचों में 377 रन बनाए हैं। गेंदबाजी यूनिट भी रनों पर अंकुश लगाने और लक्ष्य बचाने में नाकाम रही है। पहले लेग में लखनऊ 203 रन का स्कोर भी डिफेंड नहीं कर पाई थी। प्रिंस यादव टीम के टॉप विकेट टेकर हैं। उन्होंने 11 मैचों में 8.17 की इकोनॉमी से 16 विकेट लिए हैं। चेन्नई के ऑलराउंडर जेमी ओवरटन IPL से बाहर मैच से पहले चेन्नई को बड़ा झटका लगा है। ऑलराउंडर जेमी ओवरटन जांघ की चोट के कारण टूर्नामेंट के बाकी मैचों से बाहर हो गए हैं। वे इलाज के लिए इंग्लैंड लौट गए हैं। ओवरटन ने इस सीजन 10 मैचों में 14 विकेट लिए थे। उनकी गैरमौजूदगी में गेंदबाजी की जिम्मेदारी मुकेश चौधरी, अंशुल कंबोज और नूर अहमद पर होगी। कंबोज 11 मैचों में 19 विकेट लेकर टीम के टॉप विकेटटेकर हैं। उर्विल और सैमसन के कंधों पर बल्लेबाजी का भार चेन्नई की बल्लेबाजी इस सीजन में उतार-चढ़ाव भरी रही है, लेकिन ऋतुराज गायकवाड, संजू सैमसन और उर्विल पटेल ने टीम को संभाला है। उर्विल की आक्रामक बल्लेबाजी ने पावरप्ले में टीम को तेज शुरुआत दिलाई है। मिडिल ओवर्स में शिवम दुबे, कार्तिक शर्मा और डेवाल्ड ब्रेविस से बड़े स्कोर की उम्मीद होगी। इकाना की पिच बल्लेबाजों के लिए मददगार मानी जा रही है। संजू सैमसन टीम के टॉप रन स्कोरर हैं। उन्होंने 11 मैचों में 169.29 की स्ट्राइक रेट से 430 रन बनाए हैं। इकाना में अब तक 27 मैच खेले गए लखनऊ के इकाना स्टेडियम की पिच पर स्पिनर्स को मदद मिलने की उम्मीद है। यहां पिछले मैच में सुपर ओवर देखने को मिला था। यहां अब तक कुल 27 IPL मैच खेले गए। 11 मैच में पहले बैटिंग और 14 में चेज करने वाली टीमों को जीत मिली। यहां IPL का सबसे बड़ा स्कोर कोलकाता नाइट राइडर्स (KKR) के नाम है, जिन्होंने 2024 में लखनऊ के खिलाफ 235/6 रन बनाए थे। सबसे छोटा स्कोर लखनऊ सुपर जायंट्स (LSG) के नाम दर्ज है, जब वे 2023 में रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु (RCB) के खिलाफ महज 108 रन पर सिमट गए थे। मौसम साफ रहेगा आज लखनऊ में होने वाले मैच के दौरान मौसम पूरी तरह साफ रहेगा। बारिश की कोई संभावना नहीं है। मैच के समय तापमान 26 डिग्री से 30 डिग्री के बीच रहने की उम्मीद है, और आसमान साफ रहेगा। दोनों टीमों की पॉसिबल प्लेइंग-11 चेन्नई सुपर किंग्स: ऋतुराज गायकवाड (कप्तान), संजू सैमसन (विकेटकीपर), उर्विल पटेल, कार्तिक शर्मा, डेवाल्ड ब्रेविस, शिवम दुबे, अकील हुसैन, नूर अहमद, अंशुल कंबोज, मुकेश चौधरी, सरफराज खान। लखनऊ सुपर जाइंट्स: मिचेल मार्श, जोस इंग्लिस, निकोलस पूरन, ऋषभ पंत (कप्तान और विकेटकीपर), ऐडन मार्करम, अक्षत रघुवंशी, हिम्मत सिंह, शहबाज अहमद, मोहम्मद शमी, प्रिंस यादव और दिग्वेश राठी।
बच्चों को भी हो सकता है स्ट्रेस, आपके बच्चे में दिख रहे ये लक्षण तो न करें नजरअंदाज

आज के समय में बच्चे भी तनाव का सामना कर रहे हैं. पढ़ाई का दबाव, बढ़ती प्रतियोगिता, परिवार में झगड़े, सोशल मीडिया का असर या आसपास होने वाली नकारात्मक घटनाएं बच्चों के मानसिक स्वास्थ्य पर गहरा प्रभाव डालती हैं. कई बार बच्चे अपने तनाव को खुलकर नहीं बता पाते, इसलिए माता-पिता के लिए उनके व्यवहार में होने वाले बदलावों को समझना बहुत जरूरी हो जाता है. विशेषज्ञों के अनुसार, हर उम्र के बच्चों में तनाव के संकेत अलग-अलग दिखाई देते हैं. कुछ बच्चे चुप हो जाते हैं, जबकि कुछ गुस्सैल या डरपोक बन सकते हैं. अगर समय रहते इन संकेतों को पहचान लिया जाए, तो बच्चों की सही मदद की जा सकती है. उम्र के हिसाब से स्ट्रेस के लक्षणयूनिसेफ के मुताबिक, छोटे बच्चों में तनाव के लक्षण अलग होते हैं. 0 से 3 साल तक के बच्चे तनाव होने पर अपने माता-पिता या देखभाल करने वाले लोगों से ज्यादा चिपकने लगते हैं. कुछ बच्चे फिर से अंगूठा चूसना या बिस्तर गीला करना जैसी पुरानी आदतें अपनाने लगते हैं. इसके अलावा बार-बार रोना, चिड़चिड़ापन, डरना, ठीक से न सोना और खाने की आदतों में बदलाव भी तनाव के संकेत हो सकते हैं. 4 से 6 साल की उम्र के बच्चों में तनाव के कारण ध्यान लगाने में परेशानी हो सकती है. वे खेलना कम कर सकते हैं, ज्यादा चुप रहने लगते हैं या बहुत बेचैन दिखाई देते हैं. कुछ बच्चे बार-बार अपने माता-पिता के पास रहना चाहते हैं और अकेले रहने से डरते हैं. 7 से 12 साल के बच्चों में तनाव का असर थोड़ा अलग दिखाई देता है. इस उम्र में बच्चे अकेले रहना पसंद कर सकते हैं. उन्हें छोटी-छोटी बातों की चिंता सताने लगती है. गुस्सा बढ़ना, डर महसूस करना, पढ़ाई में ध्यान न लगना, याददाश्त कमजोर होना और सिरदर्द या पेट दर्द जैसी समस्याएं भी तनाव के कारण हो सकती हैं. 13 से 17 साल के किशोरों में तनाव ज्यादा गंभीर रूप ले सकता है. वे उदासी, शर्मिंदगी या अपराधबोध महसूस कर सकते हैं. कई बार वे परिवार से दूरी बनाने लगते हैं, बात नहीं मानते या जोखिम भरे व्यवहार करने लगते हैं. कुछ मामलों में बच्चे खुद को नुकसान पहुंचाने जैसी सोच भी रखने लगते हैं, जिसे बिल्कुल नजरअंदाज नहीं करना चाहिए. इन बातों का रखें ध्यानअगर बच्चा पूरी तरह चुप हो जाए, लोगों से दूरी बनाने लगे, लगातार कांपे, बहुत ज्यादा गुस्सा करे या खुद को और दूसरों को नुकसान पहुंचाने की कोशिश करे, तो तुरंत विशेषज्ञ की मदद लेनी चाहिए.बच्चों का तनाव कम करने के लिए माता-पिता का प्यार और साथ बहुत जरूरी होता है. बच्चे से खुलकर बात करें और उसकी भावनाओं को समझने की कोशिश करें. कई बार बच्चे अपनी बात शब्दों में नहीं कह पाते, इसलिए उन्हें ड्रॉइंग बनाने या कहानी सुनाने के लिए कह सकते हैं. इसके अलावा बच्चों को गहरी सांस लेने जैसी आसान एक्सरसाइज भी सिखाई जा सकती है. सेहत, रिलेशनशिप, लाइफ या धर्म-ज्योतिष से जुड़ी है कोई निजी उलझन तो हमें करें WhatsApp, आपका नाम गोपनीय रखकर देंगे जानकारी. Disclaimer: इस खबर में दी गई दवा/औषधि और स्वास्थ्य से जुड़ी सलाह, एक्सपर्ट्स से की गई बातचीत के आधार पर है. यह सामान्य जानकारी है, व्यक्तिगत सलाह नहीं. इसलिए डॉक्टर्स से परामर्श के बाद ही कोई चीज उपयोग करें. Local-18 किसी भी उपयोग से होने वाले नुकसान के लिए जिम्मेदार नहीं होगा.






