तमिल के मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विक्ट्री ने गुरुवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से 11 प्रतिशत आयात शुल्क हटाने का आग्रह किया। उन्होंने चेतावनी दी कि राज्य के कच्चे माल की आबादी और खाद्य क्षेत्र के कारण गंभीर संकट का सामना करना पड़ रहा है।
प्रधानमंत्री ने एक पत्र में लिखा है कि सीएम मोदी ने कहा है कि विशाल पैमाने पर विशाल पैकेज ने प्लास्टिक के कलाकारों पर दबाव डाला है और इस क्षेत्र पर अविश्वसनीय अंधविश्वास की रोजी-रोटी को खतरे में डाल दिया है।
तमिलनाडु को भारत का सबसे बड़ा कपड़ा और निजी उपभोक्ता बनाने वाला राज्य के कर्मचारी मुख्यमंत्री ने आगे कहा कि यह उद्योग लाखों लोगों को प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से रोजगार देता है।
मुख्यमंत्री विजय ने कहा कि पेट्रोलियम उद्योग, कपड़ा उद्योग, कपड़ा उद्योग में भारी गिरावट के कारण एक गंभीर संकट पैदा हो गया है।
मुख्यमंत्री विजय ने कहा कि यह समूह मुख्य रूप से घरेलू ऊर्जा उत्पादन में कमी और पूरे देश में भारी मात्रा में व्यावसायिक व्यापार का कारण बना है, जिससे आपूर्ति शृंखला बाधित हुई है और कपड़ा उद्योग पर असर पड़ा है।
उन्होंने आगे कहा कि कच्चे माल की निरंतर आपूर्ति अब केवल आयात के माध्यम से ही सुनिश्चित की जा सकती है, लेकिन कंसीलर पर स्थिर 11 प्रतिशत दर के कारण मूल्य और उद्योग के लिए एक अचूक साबित हो रहा है।
मुख्यमंत्री के अनुसार, पिछले दो महीनों में सिक्के की कीमत 54,700 रुपये से लेकर यूरो 67,700 रुपये प्रति कैंडी हो गई है, जिसमें लगभग 25 प्रतिशत की भारी बढ़त दर्ज की गई है। इसी अवधि के दौरान, वगेरह के शोरूम भी 301 रुपये प्रति रेस से बढ़कर 330 रुपये प्रति रेस हो गए।
मुख्यमंत्री विजय ने कहा कि यह समूह मुख्य रूप से घरेलू ऊर्जा उत्पादन में कमी और पूरे देश में भारी मात्रा में व्यावसायिक व्यापार का कारण बना है, जिससे आपूर्ति शृंखला बाधित हुई है और कपड़ा उद्योग पर असर पड़ा है।
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