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आज IPL में GT-SRH का मुकाबला:अहमदाबाद के नरेंद्र मोदी स्टेडियम में मैच, 3 छक्कों से ईशान ने पूरी की थी फिफ्टी

आज IPL में GT-SRH का मुकाबला:अहमदाबाद के नरेंद्र मोदी स्टेडियम में मैच, 3 छक्कों से ईशान ने पूरी की थी फिफ्टी

आज IPL में सनराइजर्स हैदराबाद (SRH) और गुजरात टाइटंस (GT) के बीच अहमदाबाद के नरेंद्र मोदी स्टेडियम में मुकाबला शाम 7:30 बजे से खेला जाएगा। अगर आज ईशान किशन की टीम SRH मैच जीतती है, तो टीम पॉइंट्स टेबल के टॉप पर पहुंच जाएगी। हैदराबाद के लिए इस सीजन में ईशान ने 11 मैचों में 409 रन बनाए हैं। उनका स्ट्राइक रेट 186.75 टीम को तेज शुरुआत दिला रहा है। पंजाब के खिलाफ पिछले मैच में हैदराबाद के ईशान किशन ने लगातार 3 छक्के लगाकर 50 पूरी की थी। 14वें ओवर में ईशान किशन ने विजयकुमार वैशाख की बॉल पर लगातार 3 छक्के जड़े थे। ईशान ने लगातार 3 छक्कों से फिफ्टी पूरी की थी पंजाब के खिलाफ पिछले मैच के तीसरी बॉल पर ईशान ने पुल शॉट खेला और गेंद को डीप बैकवर्ड स्क्वेयर लेग के ऊपर से स्टैंड में पहुंचा दिया। वैशाख ने स्टंप्स पर धीमी शॉर्ट गेंद दी थी। चौथी बॉल पर ईशान ने एक और छक्का लगाया। ऑफ स्टंप के बाहर फुल लेंथ बॉल को किशन ने आगे बढ़कर खेला। इस बार बॉल सीधी लॉन्ग-ऑन के ऊपर से साइटस्क्रीन के पास से बाउंड्री पार चली गई। वैशाख ने 5वीं बॉल ऑफ स्टंप के बाद फुल लेंथ पर डाली। इसे किशन ने आगे बढ़कर लॉन्ग-ऑन के ऊपर से स्टैंड में पहुंचा दिया। करीब 92 मीटर के छक्के के साथ उन्होंने फिफ्टी भी पूरी कर ली। ईशान को ओवर में 2 जीवनदान, कैच ड्राप और स्टंपिंग छूटी 11वें ओवर में ईशान किशन को 2 बार जीवनदान मिले। यह ओवर युजवेंद्र चहल डाल रहे थे। चौथी बॉल पर लॉकी फर्ग्यूसन ने कैच ड्रॉप किया। ईशान ने लेंथ बॉल को स्वाइप किया। लेकिन, गेंद फर्ग्यूसन के हाथ से निकल गई। अतिरिक्त उछाल के कारण वे बॉल पकड़ नहीं सके और कैच का मौका गंवाया। चहल की आखिरी बॉल पर विकेटकीपर प्रभसिमरन सिंह ने ईशान को स्टंपिंग करने का आसान मौका गंवाया। चहल की फ्लाइटेड लेग ब्रेक पर ईशान आगे बढ़कर बड़ा शॉट खेलने गए, लेकिन गेंद को पढ़ नहीं पाए। ईशान ने बतौर कप्तान डेब्यू मैच में 80 रन बनाए थे ईशान किशन ने पैट कमिंस की जगह शुरुआती कुछ मैचों में सनराइजर्स हैदराबाद (SRH) की कप्तानी की थी। ईशान ने बतौर कप्तान डेब्यू मैच में अच्छा प्रदर्शन किया था और 80 रन बनाए थे। RCB के खिलाफ मैच में ईशान ने धमाकेदार पारी खेली और 5 चौके और 6 छक्कों की मदद से 80 रन बनाए थे। वह IPL में कप्तानी डेब्यू पर सबसे ज्यादा रन बनाने वाले संजू सैमसन और श्रेयस अय्यर जैसे प्लेयर्स की लिस्ट शामिल हो गए हैं।

विनेश फोगाट महिला कुश्ती प्रतियोगिता में आज भाग लेने पहुंचेंगी:विनेश ने परेशानियों पर कहा- कोई भी दिक्कत आए इन बेशर्मों को क्या फर्क पड़ता है

विनेश फोगाट महिला कुश्ती प्रतियोगिता में आज भाग लेने पहुंचेंगी:विनेश ने परेशानियों पर कहा- कोई भी दिक्कत आए इन बेशर्मों को क्या फर्क पड़ता है

गोंडा सीनियर नेशनल ओपन कुश्ती चैंपियनशिप में आज यानी मंगलवार विनेश पार्टिसिपेट करने पहुंचेंगी। वह सोमवार को वेरीफिकेशन कराने गोंडा आई थीं। विनेश जब भारतीय कुश्ती संघ का ट्रेनिंग सेंटर पर चार बजे पहुंची तो सेंटर बंद था। इसके बाद विनेश ने मीडियाकर्मियों के सामने ही WFI अध्यक्ष संजय सिंह को फोन किया, लेकिन फोन बिजी आ रहा था। इसपर दैनिक भास्कर रिपोर्टर ने सवाल पूछा कि क्या दिक्कत आ रही है तो विनेश ने कहा कोई भी दिक्कत आए इन बेशर्मों को क्या फर्क पड़ता है। सोमवार को ट्रेनिंग सेंटर पहुंची थी विनेश फोगाट विनेश ने कहा- गोंडा में मैं कंपटीशन खेलने आई हूं। मैंने इसके लिए 27 अप्रैल को ही रजिस्ट्रेशन कराया था। WFI के अध्यक्ष चाहते हैं कि मैं कुश्ती छोड़ दूं। हार मान लूं। मुझे दो शो-कॉज नोटिस मिले हैं। मैंने शॉर्ट में जवाब दे दिया है, लेकिन वो 14 दिन वाला जवाब तुरंत मांग रहे हैं। विनेश ने कहा- अभी हमारे पास पूरा समय है। मेरे खेलने से दो दिन पहले जानबूझकर ये नोटिस दे दिया गया। विनेश ने कहा कि मैं नोटिस का जवाब दे चुकी हूं। मंगलवार को मुझे खेलना है। प्रभु राम ने मुझे आशीर्वाद दिया है। WFI के अनुसार, विनेश फोगाट आज प्रतियोगिता में किसी भी स्थिति में शामिल नहीं हो सकती हैं। WFI ने स्पष्ट किया है कि विनेश के खेल प्रतियोगिताओं में शामिल होने पर अभी रोक लगी हुई है और उन्हें भारतीय कुश्ती संघ द्वारा नोटिस जारी की गई है। WFI अध्यक्ष ने कहा- विनेश किसी भी प्रतियोगिता में शामिल नहीं हो सकती विनेश फोगाट के आने को लेकर नंदिनी नगर स्पोर्ट्स स्टेडियम में सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं। WFI अध्यक्ष संजय सिंह ने कहा कि वह आज किसी भी प्रतियोगिता में शामिल नहीं हो सकती हैं। स्पष्ट किया कि उनके जवाब आने के बाद कमेटी आगे का फैसला लेगी। संजय सिंह ने यह भी कहा कि अगर विनेश फोगाट यहां खेल देखने के लिए आ रही हैं, तो उनका स्वागत है। वह एक पहलवान हैं और उनके आने पर कोई रोक नहीं है, लेकिन वह प्रतियोगिता में हिस्सा नहीं ले सकतीं। प्रतियोगिता के आखिरी दिन सुबह 11 बजे तक ग्रीको रोमन कुश्ती के बचे हुए फाइनल मुकाबले संपन्न किए जाएंगे। इसके तुरंत बाद महिला कुश्ती प्रतियोगिताएं शुरू होंगी, जिसमें 500 से अधिक महिला पहलवान विभिन्न भार वर्गों में हिस्सा लेंगी। 15 बिंदुओं पर नोटिस जारी कर जवाब मांगा गया पहलवान विनेश फोगाट ने इन महिला कुश्ती प्रतियोगिताओं में खेलने का दावा किया था। वह कल गोंडा आई थीं और उन्होंने मंगलवार को दोबारा प्रतियोगिता में शामिल होने की बात कही थी। हालांकि, भारतीय कुश्ती संघ ने पहले ही साफ कर दिया है कि विनेश फोगाट को जिन 15 बिंदुओं पर नोटिस जारी कर जवाब मांगा गया है, उन पर कमेटी द्वारा फैसला लिया जाएगा। संतोषजनक जवाब मिलने पर ही वह आगे की प्रतियोगिताओं में शामिल हो पाएंगी। WFI ने 9 मई (शनिवार) को विनेश फोगाट को एंटी-डोपिंग नियमों के उल्लंघन के आरोप में कारण बताओ नोटिस जारी किया था। इससे पहले, विनेश के गोंडा आने की खबर मिलते ही नंदिनी नगर स्टेडियम में सुरक्षा व्यवस्था बढ़ा दी गई। 2 सीओ, 3 एसएचओ समेत 3 थानों का फोर्स तैनात रही। सभी एंट्री गेट पर अतिरिक्त फोर्स तैनात की गई। हालांकि, गोंडा में ट्रेनिंग सेंटर बंद मिलने के बाद विनेश अयोध्या लौट गईं। गोंडा में हो रहे नेशनल टूर्नामेंट के अपडेट के लिए लाइव ब्लॉग से गुजर जाइए…

गलती से भी न खाएं ये मछली, शरीर में जाते बन जाएगी जहर, पेट दर्द, उल्टी, दस्त से होंगे परेशान, किडनी लिवर हो सकते हैं खराब!

गलती से भी न खाएं ये मछली, शरीर में जाते बन जाएगी जहर, पेट दर्द, उल्टी, दस्त से होंगे परेशान, किडनी लिवर हो सकते हैं खराब!

Last Updated:May 12, 2026, 08:00 IST What is Dried fish and its side effects: मछली खाने के शौकीनों की कोई कमी नहीं है. जो लोग मछली खाना पसंद करते हैं, वे सप्ताह में दो बार जरूर इसे खाते होंगे. कई तरह की मछलियां मिलती हैं और सभी का स्वाद अलग होता है. प्रोटीन और ओमेगा-3 फैटी एसिड से भरपूर मछली सेहत के लिए बेहद हेल्दी होती है. आमतौर पर लोग फ्राई फिश, ग्रेवी वाली मछली, मछली का भरता, यहां तक कि मछली का अचार भी खाते हैं. लेकिन क्या आप ड्राई फिश (Dried fish) भी खाना पसंद करते हैं या कभी खाएं हैं, तो खास सावधानी बरतें, क्योंकि कुछ लोगों को सूखी मछली खाकर भारी नुकसान हो सकता है. जानिए क्या है सूखी मछली, इसके फायदे-नुकसान, बनाने का तरीका, खाते समय किन बातों का रखें ध्यान… मछली की कई वेरायटी होती है. कई तरह से इसे पकाया जाता है. अलग-अलग राज्यों में मछली को बेचने का भी तरीका डिफरेंट होता है. साउथ इंडिया की बात करें तो यहां मछली को सुखा कर भी बेचा जाता है. जिन लोगों को इस तरह की मछली खाने से कोई नुकसान नहीं होता, वे इसे चाव से खाते हैं, लेकिन जिन्हें पहले से ही एलर्जी, किडनी, हाई ब्लड प्रेशर आदि की समस्या हो, उन्हें इसे खाने से परहेज करना चाहिए. ड्राई फिश में बहुत अधिक नमक लगाकर इसे सुखाया जाता है और फिर बेचा जाता है. इसे तैयार करने की प्रक्रिया नॉर्मल मछली बेचने से अलग है. क्या होती है सूखी मछली- सूखी मछली (Dried Fish) तैयार करने के लिए मछलियों पर ढेर सारा नमक लगाया जाता है. फिर इसे धूप में सुखाकर या मशीन से डिहाइड्रेट करके लंबे समय तक सुरक्षित रखा जाता है. भारत के कई तटीय इलाकों जैसे केरला, गोवा, असाम, पश्चिम बंगाल में इसे चाव से लोग खाते हैं. सूखी मछली को बंगाली में शुटकी, असाम में नगन कहते हैं. वहीं, दक्षिण भारत में अलग-अलग स्थानीय नामों से इसे जाना जाता है. ताज़ी मछली को साफ करके इस पर नमक लगाते हैं. धूप और हवा में सुखाते हैं. जब ये सूख जाती है तो इसमें मौजूद नमी कम होती है और बैक्टीरिया बनने की वृद्धि भी धीमी हो जाती है. इस तरह से ये मछली लंबे समय तक खराब नहीं होती है. सूखी मछली खाने के नुकसान- चूंकि, मछलियों पर नमक लगाकर सुखाया जाता है, जिससे सोडियम की मात्रा काफी बढ़ जाती है. इससे हाई ब्लड प्रेशर, वॉटर रिटेंशन, किडनी पर प्रेशर बनना, बैक्टीरिया और फफूंदी का रिस्क बढ़ सकता है. यदि सूखी मछली को सही तरीके से स्टोर ना किया जाए तो इसमें फंगस, कीड़े, बैक्टीरिया लग सकते हैं. इसे खा लेने पर शरीर में टॉक्सिन बढ़ सकता है. पाचन खराब हो सकता है. पेट दर्द, उल्टी, डायरिया, लिवर, किडनी की समस्या हो सकती है. कुछ लोगों में एसिडिटी, अपच, फूड पॉइजनिंग, एलर्जी का कारण बन सकती है ड्राई फिश. कुछ जगहों पर इसमें केमिकल जैसे फॉर्मेलिन या कीटनाशक की मिलावट की जाती है, ताकि ये जल्दी खराब न हो. ये सेहत को भारी नुकसान पहुंचा सकते हैं. Add News18 as Preferred Source on Google ब्लड प्रेशर यूके और डब्ल्यूएचओ के अनुसार, सूखी मछली में नमक की अधिक मात्रा होने से हाई ब्लड प्रेशर की समस्या शुरू हो सकती है. ऐसे में जिन लोगों का ब्लड प्रेशर हाई रहता है, वे इसके सेवन से बचें. साथ ही किडनी प्रॉब्लम भी हो सकता है. कुछ जगहों पर मछली में रंग भी मिलाए जाते हैं. सुखाने के लिए हानिकारक रसायनों का उपयोग किया जाता है, जिससे जी मिचलाना,पेट दर्द काफी तेज उठ सकता है. हिस्टामाइन विषाक्तता क्या है- कई तरह की सूखी मछलियों में हिस्टामाइन विषाक्तता हो सकती है, जिसे Scombroid poisoning भी कहा जाता है. ऐसा तब होता है, जब मछली पकड़ने के बाद इसे सही टेम्परेचर में स्टोर करके न रखा जाए. मिनेसोटा स्वास्थ्य विभाग (विकिपीडिया) के अनुसार, समुद्री मछलियां जैसे टूना, मैकेरल, सार्डिन में हिस्टिडीन नामक अमीनो एसिड ज्यादा होता है. खराब स्टोरेज में बैक्टीरिया इसे हिस्टामाइन में बदल देते हैं. ऐसी मछली खाने से पेट दर्द, स्किन पर रेडनेस, डायरिया, त्वचा में खुजली, सिरदर्द, हार्ट बीट तेज होना, सांस लेने में परेशानी होना, मुंह में जलन आदि हो सकता है. उन लोगों को ये समस्याएं अधिक हो सकती हैं, जो समुद्री मछली नहीं खाते हैं. अक्सर ऐसा टॉक्सिन की वजह से होता है. किन लोगों को सूखी मछली नहीं खानी चाहिए- हाई ब्लड प्रेशर, किडनी पेशेंट, हिस्टामाइन संवेदनशील लोग, जिन्हें माइग्रेन, स्किन रैशेज, एलर्जी होती है, अस्थमा के मरीज, प्रेग्नेंट महिलाएं, बच्चे और बुजुर्ग इसे बिल्कुल न खाएं वरना फूड पॉइजनिंग का जोखिम गंभीर हो सकता है. सुरक्षित तरीके से सूखी मछली कैसे खाएं- सही तरीके से तैयार और स्टोर की गई सूखी मछली सामान्यतः सुरक्षित होती है. हमेशा अच्छी क्वालिटी वाली, सही तरीके से स्टोर की गई सूखी मछली ही खरीदें. तेज सही हुई दुर्गंध आए तो बिल्कुल ना खरीदें. इसे पकाने से पहले अच्छी तरह से धोएं. पानी में डालकर थोड़ी देर के लिए छोड़ दें ताकि एक्स्ट्रा नमक निकल जाए. अच्छी तरह से पकाकर खाएं. नमी रहित बंद डिब्बे में रखें. आप इसे गर्म पानी में भी 20 मिनट के लिए डालकर छोड़ सकते हैं. इससे नमक और गंदगी निकल जाएगी. जिन लोगों को सी फूड से एलर्जी है, वे बिल्कुल न खाएं. सूखी मछली खाने के फायदे- मछली में प्रोटीन प्रचुर मात्रा में होती है. जब इसमें पानी की मात्रा कम हो जाती है तो प्रोटीन की मात्रा और अधिक बढ़ जाती है. प्रोटीन मसल्स और शरीर की मरम्मत में मदद करता है. मछली में ओमेगा-3 फैटी एसिड होने के कारण हार्ट, ब्रेन को हेल्दी रखने के साथ ही इंफ्लेमेशन को कम करने में मदद कर सकता है. ड्राई फिश में कैल्शियम,फॉस्फोरस, आयरन भी होते हैं, जो हड्डियों को मजबूती देते हैं, शरीर में आयरन, खून की कमी नहीं होने देते. न्यूज़18 को गूगल पर अपने पसंदीदा समाचार स्रोत के रूप में जोड़ने के लिए यहां क्लिक करें।

असम के मुख्यमंत्री शपथ समारोह की मुख्य विशेषताएं: हिमंत बिस्वा सरमा ने दूसरी बार ली असम के मुख्यमंत्री की शपथ, 4 विधायक भी बने मंत्री

असम के मुख्यमंत्री शपथ समारोह की मुख्य विशेषताएं: हिमंत बिस्वा सरमा ने दूसरी बार ली असम के मुख्यमंत्री की शपथ, 4 विधायक भी बने मंत्री

असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने असम के सीएम पद की शपथ ली है। उनके शपथ ग्रहण में मोदी, अमित शाह समेत कई बड़े नेता मौजूद रहे. इस शपथ ग्रहण समारोह में प्रधानमंत्री के आगमन से पहले कहा गया था कि प्रधानमंत्री आज रात 11 बजे शपथ लेंगे। हिमंता बिस्वा सरमा ने कहा कि इस भव्य समारोह में पूरे असम से हमारे बूथ अध्यक्ष से लेकर पार्टी के सभी कार्यकर्ता समारोह में शामिल होंगे। उन्होंने कहा कि शपथ ग्रहण के बाद पहली बार संसदीय दल की बैठक होगी। हमारा मेनिफेस्टो जनता के सामने है। मेनिफेस्टो को लागू करना ही हमारा होगा. शपथ ग्रहण समारोह में महिलाओं के समर्थकों को लेकर उन्होंने कहा कि समारोह में तो महिलाएं मधु ही हैं, मां, बहनों के घर से भी हमें आशीर्वाद दो। असम में नई सरकार के गठन को लेकर रविवार को तस्वीर साफ हुई। रविवार को असम के मुख्यमंत्री कार्यालय ने एक्स पोस्ट में लिखा था कि भारत के संविधान के अनुच्छेद 164 (1) के तहत राज्यपाल ने डॉ. हिमंता बिस्वा सरमा को असम का मुख्यमंत्री नियुक्त किया गया है। शपथ ग्रहण समारोह 12 मई को सुबह 11:40 बजे खानापारा, त्रिपुरा में आयोजित होने वाला है। इससे पहले, भाजपा विधायक दल और प्रमुख विधायक दल की बैठक में हिमंता बिस्वा सरमा को नेता चुना गया था। नई सरकार के गठन की प्रक्रिया पूरी करने के लिए भाजपा ने केंद्रीय नेतृत्व की ओर से खास जिम्मेदारी सौंपी थी। पार्टी ने सेंट्रल कैबिनेट मंत्री निरंजन मिर्जा को पर्यवेक्षक बनाया था, जबकि हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर सिंह सोनी को सह-पर्यवेक्षक नियुक्त किया गया था। दोनों नेताओं ने असम में विधायक दल की बैठक और सरकार गठन की प्रक्रिया में अहम भूमिका निभाई।

आयुष्मान बोले- रिश्ते भरोसे से चलते हैं:मुदस्सर ने कहा- शक का इलाज लुकमान हकीम के पास भी नहीं था, यही फिल्म की कहानी है

आयुष्मान बोले- रिश्ते भरोसे से चलते हैं:मुदस्सर ने कहा- शक का इलाज लुकमान हकीम के पास भी नहीं था, यही फिल्म की कहानी है

फिल्म ‘पति पत्नी और वो 2’ को लेकर आयुष्मान खुराना और डायरेक्टर मुदस्सर अजीज ने दैनिक भास्कर से बातचीत की। दोनों ने शादीशुदा रिश्तों में भरोसे, शक, रेड फ्लैग-ग्रीन फ्लैग और आज के रिलेशनशिप्स की उलझनों पर अपनी राय रखी। आयुष्मान ने निजी जिंदगी के अनुभव साझा किए, वहीं मुदस्सर ने फैमिली एंटरटेनर फिल्मों के प्रति अपने आकर्षण पर बात की। पढ़िए बातचीत के खास अंश… सवाल: ‘पति पत्नी और वो 2’ की कहानी इस बार कितनी अलग है? जवाब/ आयुष्मान खुराना: यह कोई भारी-भरकम सोशल मैसेज वाली फिल्म नहीं है। कहानी कन्फ्यूजन और गलतफहमियों के इर्द-गिर्द घूमती है। मेरा किरदार प्रजापति पांडे सीधा इंसान है, लेकिन कुछ परिस्थितियों में पत्नी को उस पर शक होने लगता है। वहीं से फिल्म में मजेदार ट्विस्ट शुरू होते हैं। सवाल: रिश्तों और भरोसे को लेकर फिल्म क्या कहना चाहती है? जवाब/ मुदस्सर अजीज: मैंने बचपन से घर में एक बात सुनी है कि शक का इलाज लुकमान हकीम के पास भी नहीं था। कई बार जो दिखता है, जरूरी नहीं वही सच हो। रिश्तों में भरोसा सबसे अहम चीज है और यही फिल्म की मूल भावना है। सवाल: अगर रिश्ते में गलतफहमी या शक आ जाए तो क्या करना चाहिए? जवाब/ आयुष्मान खुराना: सबसे जरूरी है यह समझना कि दोनों लोग एक-दूसरे के खिलाफ नहीं, बल्कि एक ही टीम में हैं। अगर दोनों रिश्ते को संभालना चाहें तो हर परेशानी का हल निकल सकता है। लेकिन ईगो बीच में आ जाए तो मुश्किलें बढ़ने लगती हैं। सवाल: शादी और रिश्तों पर फिल्में बनाने में आपकी खास दिलचस्पी क्यों रहती है? जवाब/ मुदस्सर अजीज: वैवाहिक जीवन अपने आप में दिलचस्प होता है। दो अलग सोच वाले लोग साथ जिंदगी बिताने की कोशिश करते हैं, इसलिए छोटी-छोटी नोकझोंक स्वाभाविक है। वहीं से कहानियां और कॉमेडी निकलती हैं। सवाल: क्या कॉलेज के दिनों में कभी लव ट्रायंगल जैसी स्थिति का सामना किया? जवाब/ आयुष्मान खुराना: नहीं, मेरे साथ ऐसा कुछ खास नहीं हुआ। मैं ऑल बॉयज स्कूल और कॉलेज में पढ़ा हूं। बाद में मास कम्युनिकेशन में लड़कियां ज्यादा थीं और वहीं मेरी पत्नी से मुलाकात हुई। सवाल: रेड फ्लैग और ग्रीन फ्लैग जैसी बातें कब समझ में आने लगीं? जवाब/ आयुष्मान खुराना: हर इंसान समय के साथ सीखता है। शुरुआत में लोग खुद पर ज्यादा फोकस करते हैं और रिश्तों को पूरी तरह नहीं समझ पाते। अनुभव के साथ इंसान मैच्योर होता जाता है। कोई भी शुरू से परफेक्ट नहीं होता। सवाल: किसी को-स्टार में सबसे बड़ा ग्रीन फ्लैग क्या मानते हैं? जवाब/ आयुष्मान खुराना: मेरे लिए टैलेंट से ज्यादा इंसानियत मायने रखती है। कोई कितना भी अच्छा कलाकार हो, अगर उसका व्यवहार अच्छा नहीं है तो बात अधूरी लगती है। सवाल: क्या डायरेक्टर के तौर पर एक्टर्स में कोई रेड फ्लैग नजर आता है? जवाब/ मुदस्सर अजीज: मैं रेड फ्लैग ढूंढने में विश्वास नहीं करता। मेरा काम कलाकार की कमियां निकालना नहीं, बल्कि उसका सबसे अच्छा रूप स्क्रीन पर लाना है। सवाल: फिल्म में वामिका गब्बी, सारा अली खान और रकुल प्रीत सिंह जैसी तीन अभिनेत्रियों के साथ काम करने का अनुभव कैसा रहा? जवाब/ मुदस्सर अजीज: बहुत आसान और मजेदार रहा। सभी कलाकार प्रोफेशनल थे। सेट पर माहौल पॉजिटिव रहा और सबके बीच अच्छी दोस्ती बन गई। सवाल: रिश्तों में सबसे बड़ा बहाना कौन-सा लगता है- “मैं रास्ते में हूं” या “वो सिर्फ दोस्त हैं”? जवाब/ आयुष्मान खुराना: दोनों बातें सच भी हो सकती हैं और झूठ भी। मेरे मामले में “मैं रास्ते में हूं” ज्यादा इस्तेमाल होता है, क्योंकि शूटिंग के चलते अक्सर लेट हो जाता हूं। सवाल: पार्टनर की कौन-सी आदत सबसे ज्यादा परेशान करती है? जवाब/ आयुष्मान खुराना: जब सामने वाला पूछे कि “क्या सोच रहे हो?” और सच में दिमाग खाली हो। मुझे लगता है ज्यादातर लड़के इस स्थिति से गुजरते हैं। सवाल: रिश्ते को संभालने और बिगाड़ने वाली सबसे अहम चीज क्या है? जवाब/ आयुष्मान खुराना: स्पेस देना जरूरी है। इंसान को उसकी आजादी मिलनी चाहिए, लेकिन जरूरत से ज्यादा दूरी रिश्ते में गैप ला सकती है। बैलेंस जरूरी है। सवाल: अगर इंडस्ट्री में किसी से रिलेशनशिप सलाह लेनी हो तो किससे लेंगे? जवाब/ आयुष्मान खुराना: हर रिश्ता अलग होता है, इसलिए कोई एक फॉर्मूला सब पर लागू नहीं हो सकता। दोस्त सलाह दे सकते हैं, लेकिन रिश्ते की असली समस्याएं कपल्स को खुद सुलझानी पड़ती हैं। सवाल: खुद को शांत रखने के लिए क्या करते हैं? जवाब/ आयुष्मान खुराना: म्यूजिक मुझे सबसे ज्यादा रिलैक्स करता है। नए गाने और कलाकारों को सुनना पसंद है। इसके अलावा कविताएं पढ़ना अच्छा लगता है। सवाल: मुदस्सर जी आप तनाव कैसे कम करते हैं? जवाब/ मुदस्सर अजीज: मैं लिखता हूं। जरूरी नहीं कि हर चीज लोगों तक पहुंचे, लेकिन अपने विचार कागज पर उतारने से सुकून मिलता है। सवाल: एक्शन फिल्मों के बीच फैमिली कॉमेडी की कितनी अहमियत है? जवाब/ आयुष्मान खुराना: अच्छी कॉमेडी और अच्छी लव स्टोरी कभी पुरानी नहीं पड़ती। जब पूरा परिवार साथ बैठकर हंसता है, वही सिनेमा का सबसे खूबसूरत एहसास होता है। सवाल: इस तरह की फैमिली एंटरटेनर फिल्मों की प्रेरणा कहां से मिली? जवाब/ मुदस्सर अजीज: मैं बचपन से ‘अंगूर’, ‘चुपके-चुपके’, ‘आंखें’, ‘वेलकम’ और ‘नो एंट्री’ जैसी फिल्में देखता आया हूं। ये ऐसी फिल्में हैं जिन्हें लोग बार-बार देखकर भी एन्जॉय करते हैं। उसी तरह का मनोरंजन ‘पति पत्नी और वो 2’ में देने की कोशिश की है।

'नौकरी छोड़ी तो घरवाले बोले- सब सड़क पर आ जाएंगे':कॉमेडियन हर्ष गुजराल ने बताया क्या था जिंदगी का सबसे बड़ा डर

'नौकरी छोड़ी तो घरवाले बोले- सब सड़क पर आ जाएंगे':कॉमेडियन हर्ष गुजराल ने बताया क्या था जिंदगी का सबसे बड़ा डर

स्टैंड-अप कॉमेडियन हर्ष गुजराल जल्द टीवी शो ‘खतरों के खिलाड़ी 15’ में नजर आएंगे। दैनिक भास्कर से खास बातचीत में हर्ष ने बताया कि असली डर उन्हें ऊंचाई या पानी से नहीं, बल्कि नौकरी छोड़कर फुल-टाइम कॉमेडी में आने से लगा था। उन्होंने कहा कि एक मिडिल क्लास लड़के के लिए पैशन फॉलो करना आसान नहीं होता। सवाल: ‘खतरों के खिलाड़ी’ को लेकर कितना एक्साइटमेंट है? जवाब: एक्साइटमेंट तो बहुत है, लेकिन अभी हमें खुद नहीं पता कि वहां किस तरह के खतरे आने वाले हैं। पानी, आग और हाइट वाले स्टंट तो होंगे ही, लेकिन इस बार थीम ही ‘डर का नया दौर’ है। इसका मतलब है कि कुछ नया जरूर होने वाला है। अब उन नए खतरों से कैसे निपटना है, यह तो वहां जाकर ही पता चलेगा। सवाल: रुबीना दिलाइक जैसी स्ट्रॉन्ग पर्सनैलिटी वाले कंटेस्टेंट्स के बीच खुद को कैसे संभालेंगे? जवाब: ऐसे कंटेस्टेंट्स, जब कुछ बोल रहे हों, तो साइड से निकल जाओ (हंसते हुए)। स्कूल में जब टीचर हमें डांटती थीं, तो हम सुनते रहते थे। मुझे लगता है कि उनका भी अपना सेंस ऑफ ह्यूमर है। सोचने का अपना तरीका है। उनका नेचर ऐसा ही है। हम ऐसे ही हंसते-हंसते शो में जाएंगे और खुशी-खुशी सब निकाल लेंगे, तो मुझे लगता है मजा आने वाला है। सवाल: असल जिंदगी में आपका सबसे बड़ा डर क्या था? जवाब: सच बताऊं तो मुझे सबसे ज्यादा डर करियर को लेकर लगा था। जब 2018 के आसपास मैंने नौकरी छोड़कर फुल-टाइम कॉमेडी शुरू की, तब बहुत डर था। एक मिडिल क्लास लड़के के लिए पैशन फॉलो करना आसान नहीं होता। हर सुबह उठकर यही लगता था कि ‘भाई, सब ठीक चल रहा है ना?’ घर वाले भी कहते थे कि नौकरी चली जाएगी, सैलरी नहीं आएगी, कॉमेडी में कुछ नहीं होगा, सब सड़क पर आ जाएंगे, ये हो जाएगा, वो हो जाएगा, लेकिन जब से मैं फेमस हुआ हूं, कोई सड़क पर निकला नहीं है (हंसते हुए)। सवाल: परिवार का क्या रिएक्शन था जब उन्हें पता चला कि आप ‘खतरों के खिलाड़ी’ करने जा रहे हैं? जवाब: मां ने मेरा हाथ पकड़कर कहा, रहने दो। मैंने कहा, क्यों रहने दूं? देखते हैं वहां क्या होता है। जब मैं अपने शो के लिए जाता हूं, तो मेरी मां कहती हैं, टाइम पर आ जाना। इसमें मम्मी कह रही हैं, बेटा आ जाना (हंसते हुए)। मां पहले से ‘खतरों के खिलाड़ी’ देखती रही हैं। इसलिए उन्हें पता है कि कौन सा स्टंट कितना खतरनाक होता है। कहां पानी है, कहां आग है और क्या-क्या हो सकता है। सवाल: क्या कॉमेडी ने आपको मेंटली स्ट्रॉन्ग बनाया है? जवाब: बिल्कुल। कॉमेडी ने हमें बहुत स्ट्रॉन्ग बनाया है। मेंटली भी और फिजिकली भी। आखिर में जिंदगी भी एक तरह का स्टंट ही है। अगर आप मेंटली स्ट्रॉन्ग हैं, तो मुश्किल चीजें भी आसान लगने लगती हैं। सवाल: शो को लेकर आपकी कॉमेडी फ्रेटरनिटी का क्या रिएक्शन था? जवाब: मेरी फ्रेटरनिटी में सिर्फ अनुभव सिंह बस्सी ही मुझसे बात करते हैं। बाकी सबको अच्छा भी नहीं लग रहा होगा (हंसते हुए)। बस्सी भाई ने पूछा था कि ‘कर पाएगा?’ मैंने कहा- ‘हां भाई, कर लेंगे।’ उसी के कहने पर मैंने थोड़ी ज्यादा बॉडी भी बनाई है।

क्या बिहार में तेजस्वी की छाया से बाहर निकलेगी कांग्रेस:तमिलनाडु में राहुल ने DMK को छोड़ा, प्रशांत किशोर के साथ जाने की कितनी संभावना

क्या बिहार में तेजस्वी की छाया से बाहर निकलेगी कांग्रेस:तमिलनाडु में राहुल ने DMK को छोड़ा, प्रशांत किशोर के साथ जाने की कितनी संभावना

तमिलनाडु में राहुल गांधी के DMK का साथ छोड़कर फिल्मी सितारे विजय से गठजोड़ करने की घटना ने बिहार के राजनीतिक गलियारों में नई बहस छेड़ दी है। RJD-कांग्रेस के गठबंधन को लेकर कई तरह की चर्चाएं हैं। इस बीच 8 मई को तेजस्वी यादव ने साफ शब्दों में कहा- भाजपा को क्षेत्रीय दल ही टक्कर दे सकते हैं। अब सवाल है- क्या कांग्रेस तमिलनाडु वाला साहस बिहार में भी दिखाएगी। थालापति विजय के फ्रेंड प्रशांत किशोर से हाथ तो नहीं मिला लेगी। अगर ऐसा होता है तो 2029 से पहले बिहार की राजनीति का पूरा समीकरण बदल सकता है। इन्हीं सवालों का जवाब आज के एक्सप्लेनर बूझे की नाहीं में…। सवाल-1ः तमिलनाडु में राहुल गांधी ने विजय के साथ गठबंधन कर क्या मैसेज दिया? जवाबः 4 मई को आए तमिलनाडु विधानसभा चुनाव के रिजल्ट के बाद कांग्रेस ने दशकों पुराने साथी DMK (द्रविड़ मुनेत्र कड़गम) का साथ छोड़ दिया। राहुल गांधी ने अपने पांचों विधायकों का समर्थन अभिनेता से नेता बने थालापति विजय को दे दिया। राहुल गांधी का DMK जैसे पुराने और भरोसेमंद सहयोगी को छोड़ना एक बड़ा बदलाव माना जा रहा है। TVK (तमिलगा वेट्टी कड़गम) के साथ जाने का राहुल गांधी का यह फैसला बता रहा है कि वह अब घिसे-पीटे नारों और मॉडल के आधार पर चल रही पार्टियों से अलग नए और बढ़ते हुए राजनीतिक चेहरों के साथ कदमताल करना चाहते हैं। राहुल गांधी शायद अब क्षेत्रीय क्षत्रपों के दबाव से मुक्त होकर नई, युवा और भविष्य की राजनीति की ओर देख रहे हैं। सवाल-2ः राहुल के इस फैसले का बिहार में क्या असर पड़ेगा? जवाबः बिहार में कांग्रेस और RJD (लालू-तेजस्वी) का रिश्ता बहुत पुराना है, लेकिन तमिलनाडु के फैसले का गहरा असर इस गठबंधन पर पड़ सकता है। बिहार कांग्रेस के नेता अलग होने का सुझाव दे चुके हैं सवाल-3ः कांग्रेस तेजस्वी का साथ क्यों छोड़ सकती है? जवाबः तेजस्वी का साथ छोड़ने के 3 बड़े कारण हैं… 1. सामाजिक न्याय का पुराना मॉडल फेल तेजस्वी यादव बीते 4-5 सालों में लगातार तमिलनाडु के सामाजिक न्याय के मॉडल को अपनाने की बातें करते रहे हैं। जातीय गणना से लेकर रिजर्वेशन का दायरा बढ़ाने की जमकर वकालत करते रहे हैं। अगस्त 2022 से जनवरी 2024 तक तेजस्वी यादव जब नीतीश सरकार में आए तो बिहार में जातीय गणना भी हुई। रिजर्वेशन का दायरा भी बढ़ा, हालांकि सुप्रीम कोर्ट ने रद्द कर दिया। इतने प्रयास के बावजूद 2025 विधानसभा चुनाव में महागठबंधन 35 सीटों पर सिमट गया। वहीं, तेजस्वी यादव जिस तमिलनाडु मॉडल को बिहार में लागू करने की बातें करते हैं, वह मॉडल उसी राज्य में फेल हो गया। साथी स्टालिन की पार्टी DMK सत्ता से बाहर हो गई। एक्टर विजय ने स्टालिन से अलग सामाजिक न्याय का नया मॉडल पेश किया, जिसे लोगों ने स्वीकार किया है। तमिलनाडु: क्यों फेल हुआ ‘सामाजिक न्याय’ का पुराना मॉडल? 2. नहीं बढ़ रहा कांग्रेस का वोट बैंक 3. भ्रष्टाचार और जंगलराज का नैरेटिव सवाल-4: क्या 2029 से पहले कांग्रेस प्रशांत किशोर के साथ जाएगी? जवाबः हां, संभावना मजबूत है। कांग्रेस बिहार में अपनी ताकत बढ़ाना चाहती है और RJD की छाया से दूर जाना चाहती है। विधानसभा चुनाव में करारी हार के बाद दिसंबर 2025 में प्रशांत किशोर की कांग्रेस नेता प्रियंका गांधी से दो घंटे तक मुलाकात हुई थी। मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, प्रशांत किशोर की प्रियंका गांधी से बिहार और देश में विपक्ष की राजनीति पर बातें हुईं थी। मुद्दों पर भी बातें हुईं थी। कांग्रेस जानती है कि प्रशांत किशोर रणनीतिकार हैं, जो कांग्रेस को नई ऊर्जा दे सकते हैं। चुनाव में कांग्रेस को लेकर सॉफ्ट थे प्रशांत किशोर प्रशांत किशोर के साथ आने की संभावना क्यों मजबूत है सवाल-5: बिहार में सत्ता चाहिए तो तेजस्वी को क्या करना होगा? जवाबः तेजस्वी यादव अभी भी बिहार के सबसे मजबूत विपक्षी चेहरा हैं। 2025 के विधानसभा चुनाव में RJD को सबसे ज्यादा वोट शेयर (करीब 23%) मिला, लेकिन सीटें सिर्फ 25 आईं। अगर उन्हें 2030 या उससे पहले सत्ता चाहिए तो पुरानी रणनीति से बाहर निकलना पड़ेगा। उनको 3 काम करने होंगे… 1. MY इक्वेशन से आगे निकलकर ब्रॉड कोएलिशन बनाना 2. जंगलराज के नैरेटिव को विकास की पॉलिटिक्स से खत्म करना होगा 3. मजबूत संगठन करना होगा

सुवेंदु PA हत्याकांड- बिहार से पकड़ाए 2 लड़कों की कहानी:₹2000 लेकर मुंबई के लिए निकला विक्की, पिता बोले- पुलिस ने मुझे 30 घंटे बंधक रखा

सुवेंदु PA हत्याकांड- बिहार से पकड़ाए 2 लड़कों की कहानी:₹2000 लेकर मुंबई के लिए निकला विक्की, पिता बोले- पुलिस ने मुझे 30 घंटे बंधक रखा

‘मेरा लड़का नाबालिग है। घर का सारा काम करता था। उसपर कोई केस नहीं है। पता कर लीजिए। उसे दोस्त ने मोबाइल से बात कर फंसा दिया। मेरे बेटे को छोड़ दिया जाए।’ नीलम देवी रोते-रोते बड़ी मुश्किल से इतना कह पाती हैं। आंखों से लगातार आंसू बह रहे हैं, पोंछते हुए कहती हैं, ‘वह मुंबई में काम करता था। बीमार पड़ा तो मैंने उसे घर बुला लिया था। मेरे पति को मीडिया से पता चला कि उसे पुलिस उठाकर ले गई है।’ नीलम देवी विक्की मौर्य की मां हैं। विक्की पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी के पर्सनल असिस्टेंट चंद्रनाथ रथ की हत्या के मामले में गिरफ्तार किए गए तीन आरोपियों में से एक है। दरअसल, बंगाल STF ने बक्सर से दो युवकों को गिरफ्तार किया है, जबकि एक आरोपी को अयोध्या से पकड़ा गया है। सोमवार को पुलिस ने तीनों आरोपियों को नॉर्थ 24 परगना के बारासात कोर्ट में पेश किया। अदालत ने उन्हें 13 दिन की पुलिस रिमांड पर भेज दिया। चंद्रनाथ हत्याकांड में गिरफ्तार विक्की मौर्य और मयंक मिश्रा कौन हैं? क्या करते हैं? परिवार के लोगों का क्या कहना है? इन सवालों के जवाब जानने के लिए दैनिक भास्कर की टीम दोनों के घर पहुंची। पढ़िए पूरी रिपोर्ट। 2 हजार रुपए लेकर बेटा मुंबई कमाने गया था विक्की मौर्य और मयंक मिश्रा दोस्त हैं। दोनों के घर बक्सर स्टेशन से ठीक पीछे पीसी कॉलेज और उसके आसपास हैं। भास्कर रिपोर्टर सबसे पहले विक्की मौर्य के घर पहुंचे। विक्की के पिता गौतम दवा की दुकान चलाते हैं। हमने उनसे विक्की की गिरफ्तारी को लेकर बात की। उनसे पूछा आपको कैसे पता चला कि आपके बेटे को बंगाल पुलिस ने गिरफ्तार किया है। इसपर गौतम ने कहा, ‘मेरा बेटा घर से 2000 रुपए लेकर निकला था। कहा था कि मुंबई कमाने जा रहा हूं। वहां पहुंचकर जिस कंपनी में काम करूंगा, उसकी लोकेशन भेज दूंगा। वह अपने दोस्त के साथ गया था। मीडिया से पता चला कि उसे पुलिस ने गिरफ्तार किया है।’ आपको पुलिस ने हिरासत में रखा, क्या पूछा? इस सवाल पर गौतम ने कहा, ‘DSP साहब आए थे। मुझे और मेरे मेंटली डिस्टर्ब बेटे को साथ ले गए। कहा था कि एक घंटा के लिए चलिए। हम दोनों को 30 घंटे बैठाए रखा। बस एक ही सवाल की विक्की कहां है? पुलिस ने हमारे सभी मोबाइल फोन ने जब्त कर लिए थे।’ ‘मैंने पुलिस से कहा कि कैसे बताऊं कि विक्की कहां है। मोबाइल फोन तो आपके पास है। फोन दीजिएगा तभी न कॉल कर पूछ सकता हूं।’ मेरा बेटा 7 मई को घर से निकला था गौतम ने कहा, ‘मुझे नहीं पता कि बंगाल के सीएम के पीए की हत्या कब हुई। मुझे तो मीडिया से पता चला कि मेरे बेटे को इस मामले में पकड़ा गया है। मेरा बेटा 6 मई को घर पर था। 7 मई की दोपहर मुंबई जाने की बात कहकर निकला था।’ हिरासत के दौरान क्या पुलिस ने मारपीट की? इस सवाल के जवाब में गौतम ने कहा, ‘नहीं, पुलिस ने मारपीट नहीं की। पुलिस पर कोई आरोप नहीं है। डॉक्टर की पर्ची दिखाने पर भी बेटे को दवाई नहीं खाने दी गई। अगर उसकी दिमागी हालत और खराब हो जाएगी तो कौन जवाब देगा?’ उन्होंने कहा, ‘आज तीन दिन हो गए। मेरे घर के सभी मोबाइल फोन पुलिस के पास हैं। मैं EMI नहीं भर पा रहा हूं। पैसे का नुकसान हो रहा है। मीडिया से मयंक की गिरफ्तारी का पता चला विक्की मौर्या के माता-पिता से बात करने के बाद हम मयंक मिश्रा के घर पहुंचे। दोनों के घरों के बीच की दूरी करीब 100 मीटर है। घर पर हमें मयंक के दादा राज दयाल मिश्रा मिले। उन्होंने बताया कि मेरा बेटा जितेंद्र मिश्रा अपने परिवार के साथ रांची में रहता है। वहीं पर ठेकेदारी का काम करता है। मयंक यहां आता था? इस सवाल पर राज दयाल ने कहा, ‘मयंक बक्सर बहुत कम आता था। 10 दिन पहले यहां आया था, फिर चला गया। दो दिन पहले पुलिस हमारे यहां छापेमारी करने आई थी। घर में छानबीन कर चली गई थी। आज मीडिया के माध्यम से पता चला कि बंगाल की किसी घटना में उसे गिरफ्तार किया गया है। हमलोगों को पता है कि मयंक रांची में कंप्यूटर सीखकर कुछ काम करता है।’ पश्चिम बंगाल से बिहार कैसे पहुंची बंगाल STF पश्चिम बंगाल के सीएम सुवेंदु के पीए चंद्रनाथ हत्या करने के बाद शूटर दूसरे कार से भागे थे। वहां से जब सिल्वर कार से हावड़ा के बाली टोल प्लाजा के पास पहुंचे तो शूटरों ने टॉल टैक्स का भुगतान UPI से किया था। बंगाल पुलिस शूटरों के तलाश में जुटी थी। टॉल प्लाजा में UPI से पेमेंट करने पर संदिग्ध का मोबाइल नंबर मिला। उसके बाद जांच बढ़ी तब पता चला कि इसमें बक्सर और यूपी के शूटर भी थे। फिर बंगाल पुलिस ने बिहार पुलिस और यूपी पुलिस को सूचना दी। बंगाल STF की टीम ने रविवार रात बक्सर के तीन थाना क्षेत्रों में छापेमारी की। इस दौरान मयंक मिश्रा और विक्की मौर्य गिरफ्तार कर पश्चिम बंगाल ले गई। 6 मई को हुई सुवेंद्र अधिकारी के PA की हत्या बंगाल चुनाव नतीजों के दो दिन बाद, 6 मई को नॉर्थ 24 परगना के मध्यमग्राम में 42 साल के चंद्रनाथ की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। हमलावर ने उनकी कार रोककर कई राउंड फायरिंग की, जिसमें उन्हें सीने और पेट में तीन गोलियां लगीं। इसमें उनके ड्राइवर भी घायल हो गए थे। हालांकि, जांच में अब तक यह साफ नहीं हो सका है कि चंद्रनाथ की हत्या राजनीति से प्रेरित थी या फिर कोई और वजह थी। हत्या में 8 लोगों के शामिल होने का शक जांच एजेंसियों का मानना है कि हत्या की साजिश और वारदात में कम से कम 8 लोग शामिल थे। जांच में यह भी सामने आया है कि हमले में इस्तेमाल की गई बाइक और कार पर फर्जी नंबर प्लेट लगी थी। इससे जांच एजेंसियों को शक है कि इस पूरी साजिश में एक संगठित अंतरराज्यीय आपराधिक गिरोह शामिल है। बिहार के कुछ कुख्यात गिरोहों से भी संपर्क की संभावना की जांच की जा रही है।

जरूरत की खबर- सनबर्न से बढ़ता स्किन कैंसर का रिस्क:स्किन रखें हेल्दी, ये 7 संकेत इग्नोर न करें, सनबर्न से बचाव के 10 टिप्स

जरूरत की खबर- सनबर्न से बढ़ता स्किन कैंसर का रिस्क:स्किन रखें हेल्दी, ये 7 संकेत इग्नोर न करें, सनबर्न से बचाव के 10 टिप्स

गर्मियों की चिलचिलाती धूप शरीर के साथ स्किन को भी नुकसान पहुंचाती है। इससे स्किन में जलन, रेडनेस या चुभन जैसा एहसास हो सकता है। ये सनबर्न के लक्षण हो सकते हैं। अक्सर लोग इसे नजरअंदाज कर देते हैं, जबकि असल में सूरज की UV (अल्ट्रावायलेट) किरणें स्किन की ऊपरी लेयर को नुकसान पहुंचाती हैं। लंबे समय तक इसके एक्सपोजर से झुर्रियां, पिग्मेंटेशन और यहां तक कि स्किन कैंसर का खतरा भी हो सकता है। वर्ल्ड हेल्थ ऑर्गनाइजेशन (WHO) के मुताबिक, ज्यादा यूवी एक्सपोजर स्किन को गंभीर नुकसान पहुंचा सकता है। खासकर अगर कोई बिना किसी प्रोटेक्शन के धूप में लंबे समय तक बना रहे। इसलिए आज ‘जरूरत की खबर’ में हम सनबर्न के बारे में बात करेंगे। साथ ही जानेंगे कि- एक्सपर्ट: डॉ. निपुण जैन, सीनियर कंसल्टेंट, डर्मेटोलॉजी, श्री बालाजी एक्शन मेडिकल इंस्टीट्यूट, दिल्ली सवाल- सनबर्न क्या है और ये कैसे होता है? जवाब- ज्यादा देर धूप में रहने से स्किन में जलन और रेडनेस हो तो इसे सनबर्न कहते हैं। इसे पॉइंटर्स से समझिए- सवाल- कितनी देर धूप में रहने से सनबर्न हो सकता है? जवाब- यह धूप की तीव्रता, समय और स्किन टाइप पर निर्भर करता है। पॉइंटर्स से समझिए- सवाल- क्या सनबर्न सिर्फ गर्मियों में होता है? जवाब- नहीं, ऐसा नहीं है। जब भी स्किन ज्यादा समय तक सूर्य की अल्ट्रावायलेट किरणों के संपर्क में रहती है, तब सनबर्न हो सकता है। सवाल- अगर बादल हैं और धूप नहीं निकली है, तो भी सनबर्न हो सकता है? जवाब- हां, बादल UV किरणों को पूरी तरह नहीं रोक पाते। बादल होने पर भी लगभग 70-80% UV किरणें स्किन तक पहुंच सकती हैं और नुकसान पहुंचा सकती हैं। सवाल- सनबर्न और टैनिंग में क्या फर्क है? जवाब- दोनों ही UV किरणों के असर से होता है, लेकिन दोनों में फर्क होता है। पॉइंटर्स से समझिए- सवाल- सनबर्न स्किन को कैसे डैमेज करता है? जवाब- सनबर्न तब होता है, जब सूरज की तेज UV किरणें स्किन की ऊपरी लेयर की सेल्स को नुकसान पहुंचाती हैं। पॉइंटर्स से समझिए- सवाल- सनबर्न के शुरुआती संकेत क्या हैं? जवाब- सनबर्न होने पर स्किन में जलन महसूस होती है। लक्षण इस बात पर निर्भर करते हैं कि सनबर्न कितना गंभीर है। सनबर्न में आमतौर पर कुछ लक्षण दिखाए देते हैं जैसे- सवाल- सनबर्न होने के कितने समय बाद स्किन में रेडनेस आना और दर्द होना शुरू होता है? जवाब- आमतौर पर धूप में ज्यादा समय बिताने के 2-6 घंटे के अंदर स्किन में लालिमा और जलन महसूस होने लगती है। 12–24 घंटे के भीतर इसके लक्षण ज्यादा स्पष्ट हो सकते हैं। सवाल- क्या सनबर्न के कारण बुखार, सिरदर्द या मतली भी हो सकती है? जवाब- हां, अगर सनबर्न ज्यादा गंभीर हो तो यह सिर्फ स्किन तक सीमित नहीं रहता। शरीर में सूजन की प्रतिक्रिया बढ़ने पर बुखार, सिरदर्द, थकान और मतली (जी मिचलाना) जैसे लक्षण भी दिख सकते हैं। सवाल- सनबर्न होने पर कब डर्मेटोलॉजिस्ट को दिखाना जरूरी है? जवाब- सनबर्न के कुछ लक्षण गंभीर हो सकते हैं। पॉइंटर्स से समझिए कि कब डर्मेटोलॉजिस्ट को दिखाना जरूरी है। सवाल- सनबर्न कितने दिनों में ठीक होता है? जवाब- हल्का सनबर्न आमतौर पर 3-5 दिनों में ठीक हो जाता है। अगर सनबर्न गंभीर हो तो ठीक होने में 7-10 दिन तक लग सकते हैं। सवाल- क्या सनबर्न होने पर स्किन कैंसर का रिस्क बढ़ता है? जवाब- हां, UV किरणें त्वचा की सेल्स के DNA को नुकसान पहुंचाती हैं। लंबे समय तक या बार-बार ऐसा होने पर स्किन कैंसर का जोखिम बढ़ सकता है। सवाल- किन लोगों को स्किन कैंसर का रिस्क ज्यादा है? जवाब- किसी को भी स्किन कैंसर हो सकता है। लेकिन कुछ कंडीशन में जोखिम बढ़ जाता है। ग्राफिक से समझिए- सवाल- धूप में कितना समय बिताना सेफ है? जवाब- सुबह की हल्की धूप में 15-30 मिनट तक रहना आमतौर पर सेफ माना जाता है। सवाल- सनबर्न होने पर तुरंत राहत के लिए क्या करना चाहिए? जवाब- पॉइंटर्स से समझिए- सवाल- क्या सनबर्न में कुछ घरेलू उपाय कर सकते हैं? क्या एलोवेरा जेल लगाना फायदेमंद होता है? जवाब- हल्के सनबर्न में कुछ घरेलू उपाय राहत दे सकते हैं। इनमें एलोवेरा जेल सबसे फायदेमंद माना जाता है। एलोवेरा को ‘बर्न प्लांट’ भी कहा जाता है। यह स्किन की जलन, सूजन और लालिमा कम करने में मदद करता है। स्किन को ठंडक देता है और उसकी हीलिंग प्रक्रिया को तेज करता है। सवाल- क्या सनबर्न होने पर दही या बेसन जैसे घरेलू नुस्खे सेफ और कारगर हैं? जवाब- सनबर्न में ठंडा दही लगाने से कुछ हद तक राहत मिल सकती है। दही की ठंडक, उसमें मौजूद फैट और लैक्टिक एसिड स्किन में नमी बनाए रखने और हीलिंग में मदद कर सकते हैं। हालांकि, बेसन का इस्तेमाल सावधानी से करना चाहिए। बेसन आमतौर पर टैन हटाने के लिए इस्तेमाल किया जाता है। लेकिन सनबर्न वाली सेंसेटिव और डैमेज स्किन पर यह जलन बढ़ा सकता है। सवाल- सनबर्न से बचाव के लिए क्या करना चाहिए? जवाब- तेज धूप स्किन को कुछ ही मिनटों में नुकसान पहुंचा सकती है। इसलिए बाहर निकलने से पहले तैयारी करना जरूरी है, जिससे सनबर्न न हो। ग्राफिक में सनबर्न सेफ्टी टिप्स देखिए- सवाल- क्या सनस्क्रीन सनबर्न के रिस्क को कम कर सकती है? जवाब- हां, सनस्क्रीन सनबर्न के खतरे को काफी हद तक कम कर सकती है। यह स्किन को UVA और UVB किरणों से बचाने में मदद करती है। UVB किरणें सनबर्न की मुख्य वजह होती है। ब्रॉड-स्पेक्ट्रम सनस्क्रीन इन हानिकारक किरणों को ब्लॉक या अवशोषित करके स्किन को नुकसान से बचाती है। हालांकि, सिर्फ सनस्क्रीन लगाना ही पर्याप्त नहीं है। इसे सही मात्रा में लगाना, हर 2–3 घंटे में दोबारा लगाना और तेज धूप के समय अतिरिक्त सावधानी बरतना भी जरूरी है। सवाल- स्किन कैंसर के रिस्क को कम करने के लिए कैसी लाइफस्टाइल होनी चाहिए? जवाब- स्किन कैंसर का जोखिम सिर्फ धूप से नहीं, बल्कि हमारी रोजमर्रा की आदतों से भी जुड़ा होता है। सन सेफ्टी, संतुलित खानपान और हेल्दी लाइफस्टाइल अपनाकर इस खतरे को काफी हद तक कम किया जा सकता है। ग्राफिक में आसान टिप्स समझिए- अक्सर लोग सनबर्न को सिर्फ एक अस्थायी स्किन प्रॉब्लम समझकर नजरअंदाज कर देते हैं, जबकि यह लंबे समय में स्किन

IPL में आज गुजरात Vs हैदराबाद:सीजन में पहली बार सामना होगा; टाइटंस ने सनराइजर्स को 5 बार हराया

IPL में आज गुजरात Vs हैदराबाद:सीजन में पहली बार सामना होगा; टाइटंस ने सनराइजर्स को 5 बार हराया

IPL 2026 का 56वां मैच सनराइजर्स हैदराबाद (SRH) और गुजरात टाइटंस (GT) के बीच खेला जाएगा। अहमदाबाद के नरेंद्र मोदी स्टेडियम में मुकाबला शाम 7 बजे से होगा। दोनों टीमों के 11-11 मैच में 14-14 पॉइंट्स हैं। हैदराबाद बेहतर नेट रनरेट की वजह से दूसरे और गुजरात तीसरे पायदान पर हैं। आज का मैच जीतने वाली टीम पॉइंट्स टेबल के टॉप पर पहुंच जाएगी। दोनों टीमें 7वीं बार आमने-सामने होंगी दोनों टीमों के बीच अब तक 6 मैच खेले गए हैं। गुजरात ने 5 और हैदराबाद ने 1 मैच जीता है। पिछले सीजन दोनों मुकाबले गुजरात ने जीते थे। इस सीजन दोनों टीमें पहली बार आमने-सामने होंगी। गिल और सुदर्शन की जोड़ी गुजरात की सबसे बड़ी ताकत शुभमन गिल की कप्तानी वाली गुजरात टाइटंस ने धीमी शुरुआत के बाद शानदार लय हासिल की है। राजस्थान रॉयल्स के खिलाफ 77 रन की जीत से टीम का मनोबल बढ़ा है। बल्लेबाजी में गिल और साई सुदर्शन टीम की सबसे बड़ी ताकत हैं। जोस बटलर और वॉशिंगटन सुंदर मिडिल ऑर्डर को मजबूती देते हैं। हालांकि, ऊपरी क्रम के फेल होने पर दबाव फिनिशर्स पर आ जाता है। गिल टीम के टॉप रन स्कोरर हैं। उन्होंने 10 मैचों में 462 रन बनाए हैं। उनका स्ट्राइक रेट 160.41 रहा है। गुजरात की गेंदबाजी में मोहम्मद सिराज और कगिसो रबाडा की रफ्तार के साथ राशिद खान की फिरकी बीच के ओवरों में मैच पलट सकती है। रबाडा 11 मैचों में 18 विकेट ले चुके हैं। SRH ने 8 बार पार किया 200 का आंकड़ा हैदराबाद ने इस सीजन 8 बार 200 रन का आंकड़ा पार किया है, जिसमें मुंबई के खिलाफ 249 रन का स्कोर शामिल है। IPL के टॉप-10 बल्लेबाजों में हैदराबाद के तीन खिलाड़ी शामिल हैं। क्लासन 11 मैचों में 494 रन के साथ पहले, अभिषेक शर्मा दूसरे और ईशान किशन आठवें नंबर पर हैं। कमिंस की वापसी बदला हैदराबाद की बॉलिंग मजबूत SRH की गेंदबाजी की कमान पैट कमिंस के हाथों में है। चोट के कारण शुरुआती मैचों से बाहर रहने के बाद उनकी वापसी से टीम में नई ऊर्जा आई है। उनके आने से बॉलिंग अटैक ज्यादा आक्रामक और सटीक नजर आ रहा है। श्रीलंका के युवा तेज गेंदबाज ईशान मलिंगा इस सीजन की नई खोज साबित हुए हैं। वे 16 विकेट के साथ टॉप-5 विकेट लेने वालों में शामिल हैं और टीम के टॉप विकेट टेकर भी हैं। अहमदाबाद की पिच बैटर्स को मदद करेगी नरेंद्र मोदी स्टेडियम की पिच बल्लेबाजों के अनुकूल मानी जाती है। नई गेंद से तेज गेंदबाजों को भी मदद मिलती है। यहां लक्ष्य चेज करना आसान रहता है, इसलिए टॉस जीतने वाली टीम पहले गेंदबाजी चुन सकती है। यहां IPL के 50 मैच खेले गए हैं। इनमें 24 बार पहले बल्लेबाजी और 25 बार चेज करने वाली टीम जीती है। एक मैच टाई रहा है। वेदर रिपोर्ट अहमदाबाद में मौसम गर्म रहेगा। मैच में तापमान करीब 33°C रहेगा। बारिश की संभावना नहीं है। हवा में करीब 61% नमी रहने की संभावना है, जिसके कारण दूसरी पारी में ओस अहम भूमिका निभा सकती है। दोनों टीमों की प्लेइंग-12 गुजरात टाइटंस: शुभमन गिल (कप्तान), साई सुदर्शन, जोस बटलर (विकेटकीपर), वॉशिंगटन सुंदर, निशांत सिंधु, जेसन होल्डर, राशिद खान, अरशद खान, कगिसो रबाडा, मोहम्मद सिराज, मानव सुथर और राहुल तेवतिया। सनराइजर्स हैदराबाद: ट्रेविस हेड, अभिषेक शर्मा, ईशान किशन (विकेटकीपर), हेनरिक क्लासन, सलील अरोड़ा, आर स्मरण, नीतीश रेड्डी, पैट कमिंस (कप्तान), शिवांग कुमार, साकिब हुसैन, ईशान मलिंगा और हर्ष दुबे।