Hanta virus India| how hanta virus spreads| भारत में आ गया हंता वायरस? क्या छूने से फैलता है, गंगाराम के डॉक्टर ने बताया नोरो वायरस से कितना अलग है?

होमताजा खबरदेश भारत में आ गया हंता वायरस? क्या छूने से फैलता है, गंगाराम के डॉक्टर ने कहा? Last Updated:May 11, 2026, 13:15 IST Hanta Virus Threat to India or not: अटलांटिक में क्रूज शिप एमवी होंडियस पर हंता वायरस से 3 मौतें होने और डब्ल्यूएचओ की चेतावनी के बाद ज्यादातर लोग एक ही सवाल पूछ रहे हैं कि क्या इस वायरस का भारत में भी खतरा है? इस पर सर गंगाराम अस्पताल के डॉ. एन के गांगुली ने हंता वायरस के खतरे और बचाव के तरीकों पर विस्तार से बताया है. हंता वायरस भारत में आ चुका है या नहीं, इसे लेकर दिल्ली के सर गंगाराम अस्पताल में सीनियर डॉक्टर एन के गांगुली ने क्या है, जान लें? Hanta Virus threat to India or not: अटलांटिक महासागर में डच’एमबी हडियस’ (MV Hondius) क्रूज शिप पर फैले हंता वायरस के कहर ने पूरी दुनिया में तहलका मचा दिया है. इससे हुई 3 मौतों के बाद डब्ल्यूएचओ ने भी इसे लेकर चेतावनी जारी की थी. कोरोना से भी ज्यादा गंभीर और खतरनाक बताए जा रहे इस वायरस को लेकर सबसे बड़ा एक ही सवाल पूछा जा रहा है कि क्या हंता वायरस भारत में भी पहुंच चुका है? इस पर अब सर गंगाराम अस्पताल नई दिल्ली के सीनियर डॉक्टर एन के गांगुली ने बेहद जरूरी जानकारियां दी हैं, साथ ही हंता वायरस और नोरो वायरस में बीच अंतर के बारे में भी बताया है. डॉ. गांगुली ने कहा कि भारत में फिलहाल हंता वायरस फैलने जैसी कोई स्थिति नहीं है, इसलिए घबराने की जरूरत नहीं है. हालांकि हंता वायरस और नोरो वायरस दोनों अलग-अलग हैं. उन्होंने कहा कि नोरो वायरस मुख्य रूप से डायरिया और पेट की बीमारी करता है. हंता वायरस दो तरह की गंभीर बीमारी पैदा कर सकता है.पहला पल्मोनरी सिंड्रोम, जिसमें संक्रमण के बाद मरीज के फेफड़ों में पानी भर जाता है. और इसका दूसरा सबसे खराब असर रीनल सिंड्रोम के रूप में देखने को मिलता है जिसमें किडनी प्रभावित होती है और हाई बीपी की समस्या हो सकती है. क्या हंता वायरस नया वायरस है? डॉक्टर गांगुली कहते हैं कि हंता वायरस कोई नया वायरस नहीं है. इसका नाम कोरिया की “हंटा” नदी के नाम पर रखा गया है. सबसे पहले हंता वायरस के मामले कोरिया में सामने आए थे, बाद में यह कई देशों में फैल गया. क्या यह इंसान से इंसान में फैलता है? डॉ. गांगुली का कहना है कि हंता वायरस के अलग-अलग प्रकार होते हैं. आमतौर पर हंता वायरस इंसान से इंसान में बहुत कम फैलता है लेकिन अर्जेंटीना और चिली में मिलने वाला “एंडी स्ट्रेन” इंसान से इंसान में फैल सकता है. साल 2018 में अर्जेंटीना में हंता वायरस का ह्यूमन-टू-ह्यूमन ट्रांसमिशन देखा गया था. बचने के लिए क्या करें डॉक्टर कहते हैं कि हंता वायरस संक्रमित चूहों की लार और उनके संपर्क से फैलता है. किसी भी वायरस से बचने के लिए साफ-सफाई और हाइजीन का ध्यान रखना बेहद जरूरी है. जैसे कोरोना के समय बचाव के तरीके अपनाए गए थे, ठीक वैसे ही तरीके हंता वायरस से बचाव के लिए अपनाए जा सकते हैं, हालांकि फिलहाल भारत में इसका खतरा नहीं है. About the Author प्रिया गौतमSenior Correspondent Priya Gautam is an accomplished journalist currently working with Hindi.News18.com with over 14 years of extensive field reporting experience. Previously worked with Hindustan times group (Hindustan Hindi) and …और पढ़ें News18 न्यूजलेटर अब ईमेल पर इनसाइड स्टोरीज खबरों के पीछे की खबर अब आपके इनबॉक्स में सबमिट करें Location : Delhi,Delhi,Delhi
पीएम मोदी की अपील के बाद ज्वेलरी शेयर 10% टूटे:एक साल सोना न खरीदने को कहा; डिमांड 10% तक घट सकती है

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के एक बयान के बाद आज 11 मई को ज्वेलरी कंपनियों के शेयर 10% तक लुढ़क गए। पीएम मोदी ने हैदराबाद में एक कार्यक्रम के दौरान नागरिकों से अपील की है कि वे एक साल तक सोना न खरीदें। इस बयान के बाद निवेशकों में घबराहट है। कल्याण ज्वेलर्स और सेन्को गोल्ड के शेयर 10-10% तक टूट गए। वहीं, देश की सबसे बड़ी ज्वेलरी कंपनी टाइटन के शेयर में 7% की गिरावट है। इसके अलावा पीएन गाडगिल 8%, थंगमयिल ज्वेलरी 6% और अन्य छोटे ज्वेलरी शेयरों में भी कमजोरी आई है। पीएम मोदी ने क्यों की ऐसी अपील? हैदराबाद में एक सार्वजनिक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए पीएम मोदी ने विदेशी मुद्रा भंडार बचाने के लिए ये अपील की है। पश्चिम एशिया में जारी तनाव और कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों ने भारतीय अर्थव्यवस्था के सामने नई चुनौतियां खड़ी कर दी हैं। उन्होंने इस कार्यक्रम में तीन सुझाव दिए… 1. एक साल तक सोना न खरीदे। 2. वर्क फ्रॉम होम कल्चर अपनाए। 3. अनावश्यक यात्राओं और अंतरराष्ट्रीय दौरों से बचे गोल्ड इम्पोर्ट ड्यूटी बढ़ा सकती है सरकार सेन्को गोल्ड के सुवंकर सेन ने CNBC से बातचीत में कहा कि प्रधानमंत्री की टिप्पणी के बाद इस बात की संभावना बढ़ गई है कि सरकार सोने पर इम्पोर्ट ड्यूटी बढ़ा सकती है। अगर ऐसा होता है, तो सोने की डिमांड में 10% से 12% तक की कमी आ सकती है। उन्होंने यह भी बताया कि ज्वेलरी एसोसिएशन के प्रतिनिधि मंगलवार को प्रधानमंत्री कार्यालय के अधिकारियों से मुलाकात करेंगे। 30 साल के निचले स्तर पर पहुंच सकता है आयात रॉयटर्स की एक रिपोर्ट के अनुसार, अप्रैल में भारत का सोना आयात पिछले तीन दशकों के सबसे निचले स्तर पर पहुंच सकता है। बैंकों पर अचानक 3% इंटीग्रेटेड GST की मांग आने के बाद उन्होंने शिपमेंट रोक दी है। भारत दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा गोल्ड कंज्यूमर है। वित्त वर्ष 2026 में भारत ने हर महीने औसतन 60 टन सोना आयात किया है। इस पर हर महीने करीब 6 बिलियन डॉलर यानी करीब 57 हजार करोड़ रुपए का खर्च आया है। नॉलेज पार्ट: इम्पोर्ट ड्यूटी: दूसरे देशों से सामान मंगाने पर सरकार जो टैक्स लगाती है, उसे इम्पोर्ट ड्यूटी कहते हैं। सोने पर यह टैक्स बढ़ने से देश में सोने की कीमतें बढ़ जाती हैं।
नेशनल टेक्नोनॉली-डे स्पेशल:AI सिर्फ चैटबॉट नहीं, खेत-स्कूल-अस्पताल तक पहुंच रहा, IIT डायरेक्टर्स और भाषिनी CEO ने बताए भारत के टेक्नोलॉजी मिशन

भारत में 11 मई को नेशनल टेक्नोलॉजी डे मनाया जा रहा है। इस मौके पर IIT खड़गपुर, IIT दिल्ली, IIT मद्रास के डायरेक्टर्स और भारत सरकार के AI-बेस्ड ट्रांसलेशन प्लेटपॉर्म, भाषिनी के CEO ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के दौर में एडवांस होती टेक्वनोलॉजी और आम लोगों तक पहुंच पर अपने आइडियाज और प्रयोगों के बारे में बताया। IIT खड़गपुर के डायरेक्टर प्रो. सुमन चक्रवर्ती ने कहा कि AI सिर्फ लैपटॉप और चैटबॉट तक सीमित नहीं रहना चाहिए। इसका इस्तेमाल खेत, क्लिनिक, फैक्ट्री और गांव तक है। IIT दिल्ली के डायरेक्टर डॉ. रंगन बनर्जी ने कहा कि उनके संस्थान के करीब 100 फैकल्टी मेंबर्स हेल्थकेयर से जुड़े AI प्रोजेक्ट्स पर काम कर रहे हैं। IIT मद्रास के डायरेक्टर प्रो. वी कामकोटी ने कहा कि देश के 30 करोड़ छात्रों को समान गुणवत्ता की शिक्षा देने में AI बड़ी भूमिका निभा सकता है। भाषिनी AI के CEO अमिताभ नाग ने कहा कि भारत में टेक्नोलॉजी की सबसे बड़ी चुनौती इंटरनेट नहीं, बल्कि भाषा है। चारों शख्सियत की राय सिलसिलेवार पढ़िए… AI सिर्फ लैपटॉप या चैटबॉट तक सीमित नहीं रहना चाहिए। इसका असली काम है खेत, क्लिनिक, फैक्ट्री और गांव तक पहुंचना। IIT खड़गपुर में हम इसी दिशा में काम कर रहे हैं। AI को जमीन पर उतारने का काम। हमारा प्लेटफॉर्म है AI4ICPS (टेक्नोलॉजी इनोवेशन हब)। इसका लक्ष्य है AI को सीधे रोजाना की समस्याओं से जोड़ना। हमने हेल्थकेयर के क्षेत्र में कई बड़े इनाेवेशन किए हैं और डिवाइस बनाएं हैं। AI हेल्थकेयर के क्षेत्र में बना रहे ये 4 जरूरी डिवाइस हमने खेती के लिए AI रोबोट बनाए हैं, जो खेत में जाकर खुद फसल देख सकते हैं, बीमारी पहचान सकते हैं और जरूरत के हिसाब से दवा डाल सकते हैं। हेल्थ सेक्टर में भी हमने कई लो-कॉस्ट डायग्नोस्टिक टूल्स बनाए हैं। यह एक पेपर-आधारित स्ट्रिप और मोबाइल फोन से चलने वाला सिस्टम है। मरीज की एक छोटी-सी ब्लड सैंपल ड्रॉप स्ट्रिप पर डाली जाती है, फिर मोबाइल कैमरा उसकी रीडिंग लेता है। AI उस डेटा को समझकर तुरंत बता देता है कि खून की कमी है या नहीं। इसका फायदा यह है कि लैब, मशीन या बड़े सेटअप की जरूरत नहीं पड़ती। आंगनवाड़ी, स्कूल या गांव के हेल्थ कैंप में भी जांच हो सकती है। यह एक हैंडहेल्ड डिवाइस है, जो दिखने में टॉर्च जैसा है। इसे मुंह के अंदर लाइट डालकर इस्तेमाल किया जाता है, जहां AI की मदद से शुरुआती कैंसर के संकेत पहचाने जा सकते हैं। हमारा पूरा फोकस लागत कम करने पर है। ओरल कैंसर डिवाइस की कीमत 500 डॉलर (लगभग 40 हजार रुपये) से कम होगी। इसे चलाने के लिए ज्यादा ट्रेनिंग या इंफ्रास्ट्रक्चर की जरूरत नहीं होगी। यह महिलाओं के लिए एक प्राइवेट और आसान स्क्रीनिंग टूल है, खासकर सर्वाइकल हेल्थ के लिए। यह भी स्ट्रिप और मोबाइल आधारित सिस्टम है, जिसमें महिला खुद सैंपल लेकर टेस्ट कर सकती है। सबसे बड़ा फायदा है- प्राइवेसी और सुविधा। बिना अस्पताल गए शुरुआती जांच हो जाती है, जिससे बीमारी जल्दी पकड़ में आ सकती है। यह एक छोटा डिवाइस है, जो टीबी जैसी संक्रामक बीमारियों की जांच कर सकता है। आम तौर पर ऐसे टेस्ट के लिए बड़े लैब सेटअप और समय लगता है, लेकिन यह डिवाइस कम संसाधनों में, तेजी से रिजल्ट देने के लिए डिजाइन किया गया है। इससे गांवों और मोबाइल हेल्थ कैंप में टीबी की जल्दी पहचान संभव हो जाती है। IIT खड़गपुर में खेतों के लिए ‘रोबोफॉर्म’ तैयार किया है। इसमें फसल की बीमारी पहचानने से लेकर सही मात्रा में कीटनाशक छिड़कने तक के काम ऑटोमेशन से किए जा रहे हैं। इसमें कैमरा आधारित एनालिसिस से फसल में बीमारी पहचान सकते हैं। IIT खड़गपुर ने AI-आधारित अनमेम्ड ग्राउंड व्हीकल (यूजीवी) पेश किया, जिसे उसके इनक्यूबेटेड स्टार्टअप एजफोर्स सोल्यूशंस ने विकसित किया है। इसे बिना ड्राइवर के ऑपरेट किया जा सकता है। इसकी सामान्य ऑपरेटिंग रेंज 5 किलोमीटर तक है। यह 500 किलोग्राम तक वजन ले जा सकता है। 2. प्रोफेसर वी.कामकोटी, IIT मद्रास के डायरेक्टर मैं अक्सर एक बात सोचता हूं, क्या हमारे देश के हर बच्चे तक अच्छी शिक्षा पहुंच रही है? और अगर नहीं, तो टेक्नोलॉजी इसमें क्या बदल सकती है? हमारे देश में करीब 25 करोड़ बच्चे स्कूल सिस्टम में हैं और 5 करोड़ छात्र उच्च शिक्षा में। इतने बड़े स्तर पर हर बच्चे को बराबर क्वालिटी की पढ़ाई देना आसान नहीं है। लेकिन AI इसे संभव बना सकता है। इसमें IIT मद्रास 4 बड़े मोर्चों पर भूमिका निभा रहा है- हमने हाल ही में बोधन AI शुरू किया है। इसका मकसद है कि देश के हर बच्चे को बेहतर पढ़ाई मिल सके। इसके तहत हर छात्र को एक AI साथी मिलेगा, जो पढ़ते समय उसके सवालों का जवाब देगा, जहां समझ नहीं आएगा वहां समझाएगा और उसकी कमजोरी पहचानकर उसी हिसाब से पढ़ने में मदद करेगा। हमने 10 लाख शिक्षकों को AI ट्रेनिंग देने की योजना शुरू की है, ताकि वे टेक्नोलॉजी का सही इस्तेमाल कर सकें। इससे टीचर्स बेहतर लेसन प्लान बना पाएंगे, कॉपियां जल्दी और सटीक जांच सकेंगे और हर बच्चे की प्रगति को डेटा के जरिए समझ पाएंगे। हम लंबे समय से शक्ति माइक्रोप्रोसेसर प्रोग्राम पर काम कर रहे हैं, जिसका मकसद है भारत का अपना प्रोसेसर बनाना। आज भारत डिजाइन के मामले में बहुत मजबूत है। IIT मद्रास और दूसरे संस्थान हर साल सैकड़ों चिप डिजाइन तैयार कर रहे हैं। अब अगला कदम है देश में ही चिप बनाना। गुजरात में 28 नैनोमीटर टेक्नोलॉजी वाला प्लांट बन रहा है। इसके शुरू होने के बाद अगले 1–2 साल में भारत अपनी करीब 90% जरूरतें खुद पूरी कर सकता है। IIT मद्रास फोटोनिक्स और डिस्प्ले टेक्नोलॉजी पर भी काम कर रहा है, जो आने वाले समय में हमारे रोजमर्रा के गैजेट्स को बदल सकती है। फोटोनिक्स का मतलब है कि डेटा को रोशनी के जरिए तेजी से ट्रांसफर करना। इससे इंटरनेट स्पीड बढ़ेगी और नेटवर्क ज्यादा एफिशिएंट होगा। वहीं एमोलेड डिस्प्ले टेक्नोलॉजी मोबाइल स्क्रीन को बेहतर बनाती है… कम बैटरी में ज्यादा ब्राइट और क्लियर डिस्प्ले। 3. डॉ. रंगन बनर्जी, IIT दिल्ली के डायरेक्टर हम चाहते हैं कि जो सुविधा आज बड़े अस्पतालों और विशेषज्ञ डॉक्टरों तक सीमित है, वह गांव के प्राइमरी हेल्थ
ऑल इंडिया रोलर स्केटिंग चैंपियनशिप में स्केटर्स ने दिखाई रफ्तार:बालिका वर्ग में आर्ना पांडेय ने जीते 4 गोल्ड; क्रिप्टो स्केट्स वर्ल्ड ओवरऑल चैंपियन

खेलो स्पोर्ट्स फाउंडेशन के तत्वावधान में डीपीएस दौलतपुर में आयोजित दो दिवसीय ‘ऑल इंडिया रोलर स्केटिंग चैंपियनशिप का समापन हो गया। 9 और 10 मई को आयोजित इस राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिता में देशभर से आए करीब 250 स्केटर्स ने पहियों पर अपनी रफ्तार और संतुलन का बेहतरीन उदाहरण पेश किया। प्रतियोगिता में अपने शानदार खेल और सबसे ज्यादा मेडल जीतने के दम पर ‘क्रिप्टो स्केट्स वर्ल्ड’ ने ओवरऑल चैंपियनशिप की ट्रॉफी पर कब्जा जमाया। बालिकाओं का दिखा दबदबा, आर्ना ने जीते सबसे ज्यादा गोल्ड इस चैंपियनशिप में बालिका वर्ग के खिलाड़ियों ने पदकों की झड़ी लगा दी। आर्ना पांडेय ने सबसे उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हुए अकेले 4 स्वर्ण पदक अपने नाम किए। इसके अलावा भाग्यश्री, आराध्या कुणियाल, गौरी शर्मा, एकिशा बुटोला, मान्या नेगी, स्टैनजिन डोलकर और मैत्री नेगी ने भी 2-2 स्वर्ण पदक जीतकर अपना दबदबा कायम रखा। बालक वर्ग में अभिजीत और सात्विक चमके बालक वर्ग के मुकाबलों में भी कड़ी टक्कर देखने को मिली। अभिजीत शर्मा और सात्विक अग्रवाल ने शानदार संतुलन दिखाते हुए 2-2 स्वर्ण पदक झटके। वहीं, आदित्य चावला, सिद्धांत गैरोला, आशुतोष पांडेय, अभयराज सिंह, विराज सिंह परमार और शारविल प्रताप चौहान ने भी 1-1 स्वर्ण पदक जीतकर अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाया। बालक वर्ग के मेडल विनर अभिजीत शर्मा, सात्विक अग्रवाल, आदित्य चावला, सिद्धांत गैरोला, आशुतोष पांडेय, अभयराज सिंह, विराज सिंह परमार स्वर्ण पदक विजेता बने। अगस्त्य गहलावत, पार्थ सिंह बोहरा, वत्सल चौहान, इक्षित भारती, शिवाय सिंह, इवान भारती, पवार सत्यम, समर्थ शर्मा और सुवीर गुलाटी ने रजत व कांस्य पदक जीता। बालिका वर्ग की मेडल विनर आर्ना पांडेय, भाग्यश्री, आराध्या कुणियाल, गौरी शर्मा, एकिशा बुटोला, मान्या नेगी, स्टैनजिन डोलकर, मैत्री नेगी, अंशिका गौर, प्रिशा नेगी, शारविल प्रताप चौहान ने स्वर्ण पदक पर कब्जा जमाया। वार्तिका कुणियाल, परिनिका रावत, पाविका शर्मा, मीनल अरोरा, वंशिका सेमवाल, सुशीला खुराना, मान्या शर्मा, आध्या अग्रवाल, श्रव्या भारती, समाया भंडारी, यशस्वी भंडारी, अन्वी गर्ग, रेबेका नेगी, नविका गोयल और श्रेष्ठा ज्याचंद्रा ने रजत व कांस्य पदक जीते।
CM विजय ने स्टाफ की टेबल उठाने में की मदद:शपथ ग्रहण समारोह में मंच पर बगल में खड़े राहुल गांधी भी हैरान हुए

तमिलनाडु के नए मुख्यमंत्री बने अभिनेता-राजनेता विजय ने रविवार को चेन्नई में हुए शपथ ग्रहण समारोह के बाद स्टेज पर रखी टेबल हटाने में स्टाफ की मदद की। कार्यक्रम में मौजूद कांग्रेस नेता राहुल गांधी भी यह देखकर हैरान हो गए। विजय के इस व्यवहार का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। दरअसल, शपथ ग्रहण समारोह के बाद राज्यपाल और अन्य नेताओं के साथ ग्रुप फोटो की तैयारी चल रही थी। इसी दौरान मंच पर रखी टेबल हटाई जा रही थी। स्टाफ और वर्कर्स टेबल उठाने लगे तो विजय भी आगे आए और उन्होंने खुद टेबल उठाने में मदद की। सोशल मीडिया पर कई यूजर्स ने विजय के इस जेस्चर की तारीफ की। चेन्नई में शपथ ग्रहण समारोह हुआ थलापति विजय ने रविवार को तमिलनाडु के 9वें मुख्यमंत्री पद की शपथ ली। चेन्नई के जवाहरलाल नेहरू स्टेडियम में आयोजित समारोह में राहुल गांधी और तृषा समेत कई हस्तियां मौजूद रहीं। विजय के सीएम की शपथ लेने के बाद एक्टर कमल हासन और प्रकाश राज ने उन्हें बधाई दी। कमल हासन ने कहा, ‘तमिलगा वेत्री कड़गम के अध्यक्ष और तमिलनाडु के माननीय मुख्यमंत्री मेरे भाई थिरु विजय को शुभकामनाएं। उम्मीद है कि उनके नेतृत्व में तमिलनाडु नई ऊंचाइयों तक पहुंचेगा। मैं उन्हें दिल से बधाई देता हूं।’ वहीं प्रकाश राज ने ट्वीट कर लिखा, ‘मुख्यमंत्री विजय को बहुत-बहुत बधाई। नई जिम्मेदारी के लिए शुभकामनाएं। उम्मीद है कि आपके नेतृत्व में राज्य और तरक्की करेगा।’ आर माधवन ने भी दी बधाई एक्टर आर माधवन ने भी विजय को बधाई दी। माधवन ने इंस्टाग्राम अकाउंट पर विजय की एक फोटो शेयर की और साथ ही लिखा, ‘भगवान आपका भला करे और मुझे आप पर बहुत गर्व है।’ फोटो में लिखा था, मेरे प्यारे भाई, आपको बहुत-बहुत शुभकामनाएं। मुख्यमंत्री के तौर पर आपका कार्यकाल हमारे राज्य के लिए सबसे फायदेमंद और असरदार हो। भगवान आपको वह सारी ताकत दे जिसकी आपको वह सब अच्छा करने के लिए जरूरत है जो आपको करना है। आप पर बहुत गर्व है भाई। तृषा ने विजय की मां से मुलाकात की शपथ ग्रहण समारोह में एक्ट्रेस तृषा कृष्णन भी पहुंचीं। उन्होंने विजय के परिवार से मुलाकात की और उनकी मां से गले मिलती नजर आईं।
CM विजय ने स्टाफ की टेबल उठाने में की मदद:शपथ ग्रहण समारोह में मंच पर बगल में खड़े राहुल गांधी भी हैरान हुए

तमिलनाडु के नए मुख्यमंत्री बने अभिनेता-राजनेता विजय ने रविवार को चेन्नई में हुए शपथ ग्रहण समारोह के बाद स्टेज पर रखी टेबल हटाने में स्टाफ की मदद की। कार्यक्रम में मौजूद कांग्रेस नेता राहुल गांधी भी यह देखकर हैरान हो गए। विजय के इस व्यवहार का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। दरअसल, शपथ ग्रहण समारोह के बाद राज्यपाल और अन्य नेताओं के साथ ग्रुप फोटो की तैयारी चल रही थी। इसी दौरान मंच पर रखी टेबल हटाई जा रही थी। स्टाफ और वर्कर्स टेबल उठाने लगे तो विजय भी आगे आए और उन्होंने खुद टेबल उठाने में मदद की। सोशल मीडिया पर कई यूजर्स ने विजय के इस जेस्चर की तारीफ की। चेन्नई में शपथ ग्रहण समारोह हुआ थलापति विजय ने रविवार को तमिलनाडु के 9वें मुख्यमंत्री पद की शपथ ली। चेन्नई के जवाहरलाल नेहरू स्टेडियम में आयोजित समारोह में राहुल गांधी और तृषा समेत कई हस्तियां मौजूद रहीं। विजय के सीएम की शपथ लेने के बाद एक्टर कमल हासन और प्रकाश राज ने उन्हें बधाई दी। कमल हासन ने कहा, ‘तमिलगा वेत्री कड़गम के अध्यक्ष और तमिलनाडु के माननीय मुख्यमंत्री मेरे भाई थिरु विजय को शुभकामनाएं। उम्मीद है कि उनके नेतृत्व में तमिलनाडु नई ऊंचाइयों तक पहुंचेगा। मैं उन्हें दिल से बधाई देता हूं।’ वहीं प्रकाश राज ने ट्वीट कर लिखा, ‘मुख्यमंत्री विजय को बहुत-बहुत बधाई। नई जिम्मेदारी के लिए शुभकामनाएं। उम्मीद है कि आपके नेतृत्व में राज्य और तरक्की करेगा।’ आर माधवन ने भी दी बधाई एक्टर आर माधवन ने भी विजय को बधाई दी। माधवन ने इंस्टाग्राम अकाउंट पर विजय की एक फोटो शेयर की और साथ ही लिखा, ‘भगवान आपका भला करे और मुझे आप पर बहुत गर्व है।’ फोटो में लिखा था, मेरे प्यारे भाई, आपको बहुत-बहुत शुभकामनाएं। मुख्यमंत्री के तौर पर आपका कार्यकाल हमारे राज्य के लिए सबसे फायदेमंद और असरदार हो। भगवान आपको वह सारी ताकत दे जिसकी आपको वह सब अच्छा करने के लिए जरूरत है जो आपको करना है। आप पर बहुत गर्व है भाई। तृषा ने विजय की मां से मुलाकात की शपथ ग्रहण समारोह में एक्ट्रेस तृषा कृष्णन भी पहुंचीं। उन्होंने विजय के परिवार से मुलाकात की और उनकी मां से गले मिलती नजर आईं।
सलमान ने मदर्स डे पर शेयर कीं पुरानी तस्वीरें:दोनों माओं के साथ नजर आए, यूलिया ने भी खान फैमिली संग तस्वीरें पोस्ट कीं

मदर्स डे के मौके पर सलमान खान ने अपनी दोनों माओं सलमा खान और हेलेन (सलीम खान की दूसरी पत्नी) के साथ थ्रोबैक तस्वीरें शेयर कीं। वहीं, सलमान की ‘रुमर्ड गर्लफ्रेंड’ यूलिया ने भी सलमा खान, सलीम खान और हेलेन के साथ तस्वीरें पोस्ट कर इमोशनल मैसेज लिखा। सलमान खान ने इंस्टाग्राम पर तीन पुरानी तस्वीरें शेयर कीं। इनमें एक ब्लैक एंड व्हाइट फोटो में वह बचपन में मां सलमा खान की गोद में नजर आए। दूसरी तस्वीर में सलमान मां सलमा के सिर पर प्यार से हाथ रखते नजर आए। तीसरी तस्वीर में सलमान गुलाबी और सफेद चेकर्ड शर्ट में दिखाई दिए, जिसमें सलमा खान और हेलेन दोनों नजर आईं। पोस्ट शेयर करते हुए सलमान ने कैप्शन में लिखा, ‘हैप्पी मदर्स डे।’ वहीं, यूलिया ने भी मदर्स डे पर अपनी फैमिली और सलमान की फैमिली के साथ तस्वीरें शेयर कीं। उन्होंने सलमा खान, सलीम खान और हेलेन के साथ फैमिली मोमेंट्स पोस्ट करते हुए लिखा, ‘हैप्पी मदर्स डे! मैं खुद को बहुत खुशकिस्मत और आभारी मानती हूं कि मुझे इनका प्यार मिला। हर परिस्थिति में इनका गर्मजोशी भरा, प्यार और सुरक्षा से भरा हाथ हमेशा मेरे साथ रहा। आई लव यू। उन सभी शानदार महिलाओं को भी मदर्स डे की शुभकामनाएं, जिन्होंने मेरी जिंदगी में मां की तरह साथ दिया। हैप्पी मदर्स डे टू यू, वुमन!’ सलमान खान ने नई फिल्म की शूटिंग शुरू की वर्कफ्रंट की बात करें तो सलमान खान ने एक्ट्रेस नयनतारा के साथ अपकमिंग फिल्म की शूटिंग शुरू कर दी है, जिसका अस्थायी नाम SVC63 है। वहीं, उनकी दूसरी अपकमिंग फिल्म ‘मातृभूमि’ की रिलीज का भी फैंस इंतजार कर रहे हैं, जिसका पहले नाम ‘बैटल ऑफ गलवान’ था। हालांकि, फिल्म की नई रिलीज डेट का ऐलान अभी नहीं किया गया है। इसके अलावा, वैरायटी इंडिया की रिपोर्ट के मुताबिक सलमान डायरेक्टर जोड़ी राज निदिमोरू और कृष्णा डी.के. के साथ एक सुपरहीरो एक्शन फिल्म में भी काम कर सकते हैं। ऐसी भी चर्चा है कि इस प्रोजेक्ट के लिए उन्हें एक बार फिर करीना कपूर खान के साथ जोड़ा जा सकता है।
PM से जुड़े फर्जी वीडियो को रीट्वीट करना पड़ा भारी:राइटर मधु किश्वर और सिद्दीकी की अग्रिम जमानत याचिका खारिज, चंडीगढ़ कोर्ट ने जताई नाराजगी

देश के प्रधानमंत्री से जुड़े कथित फर्जी और भ्रामक वीडियो को इंटरनेट मीडिया पर शेयर करने के मामले में फेमस राइटर मधु किश्वर को चंडीगढ़ पुलिस इन्वेस्टिगेशन ज्वाइन करने के लिए दूसरा नोटिस भेज चुकी है, लेकिन वह अब तक पेश नहीं हुई हैं। वहीं, मधु किश्वर पुलिस के सामने पेश होने के बजाय चंडीगढ़ कोर्ट पहुंच गईं। मधु किश्वर ने कोर्ट में अग्रिम जमानत याचिका दायर की थी, जिस पर सुनवाई के बाद अदालत ने उनकी याचिका खारिज कर दी। इसी मामले में हैदराबाद निवासी 44 वर्षीय हसन मोहिउद्दीन सिद्दीकी को गिरफ्तार किया गया है। आरोपी इस समय जेल में बंद है और उसकी जमानत अर्जी भी अदालत ने खारिज कर दी है। मामले के अनुसार, हसन सिद्दीकी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर वायरल वीडियो को री-ट्वीट किया था। पुलिस का कहना है कि इस पोस्ट के जरिए भ्रामक वीडियो को और फैलाया गया। बताया जा रहा है कि आरोपी पहले फूड डिलीवरी का काम करता था और पिछले कुछ समय से पैनक्रियास संबंधी बीमारी से जूझ रहा था। इसी दौरान चंडीगढ़ पुलिस की टीम तेलंगाना पहुंची और उसे गिरफ्तार कर लिया। कोर्ट ने जमानत देने से किया इनकार हाल ही में चंडीगढ़ के एडवोकेट अभय जोशी और तुनीष नागर ने जिला अदालत में उसकी जमानत याचिका दायर की थी। बचाव पक्ष ने अदालत में दलील दी कि आरोपी ने वीडियो न तो बनाया और न ही उसमें कोई छेड़छाड़ की। उसने केवल यह पूछते हुए पोस्ट साझा की थी कि वीडियो असली है या नहीं। हालांकि एडिशनल चीफ ज्यूडिशियल मजिस्ट्रेट सोनाली सिंह ने ये दलीलें स्वीकार नहीं कीं और जमानत अर्जी खारिज कर दी। अदालत ने अपने आदेश में कहा कि प्रथम दृष्टया मामले में बीएनएस और आईटी एक्ट की धाराएं लागू होती हैं। कोर्ट ने कहा कि संवैधानिक पद पर बैठे व्यक्ति के खिलाफ मानहानिकारक शब्दों का इस्तेमाल किया गया और पोस्ट को इंटरनेट मीडिया पर सनसनीखेज बनाने की कोशिश की गई। अदालत ने कहा कि बोलने की आजादी का मतलब यह नहीं है कि कोई भी व्यक्ति बिना जिम्मेदारी के कुछ भी पोस्ट या टिप्पणी कर दे। कोर्ट में याचिका दायर कर FIR की कॉपी मांगी मधु किश्वर ने कोर्ट में याचिका दायर कर कहा कि उन्हें उनके खिलाफ दर्ज एफआईआर की कॉपी नहीं दी गई। उन्होंने अदालत से मांग की कि पुलिस को एफआईआर की कॉपी देने के निर्देश दिए जाएं। इस पर कोर्ट ने चंडीगढ़ पुलिस से जवाब मांगा है। वहीं, मिसलीडिंग वीडियो मामले में एफआईआर में दिखाई दे रहे दंपति ने इन्वेस्टिगेशन ज्वाइन कर ली है। पूर्व पार्षद की शिकायत पर दर्ज हुआ केस मामले की शुरुआत 19 अप्रैल को हुई थी, जब पूर्व भाजपा पार्षद और एडवोकेट सतिंदर सिंह ने चंडीगढ़ पुलिस को शिकायत दी थी। शिकायत में आरोप लगाया गया था कि कई इंटरनेट मीडिया यूजर्स प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से जुड़ा आपत्तिजनक वीडियो भ्रामक कैप्शन के साथ वायरल कर रहे हैं। शिकायत में मधु किश्वर, हसन सिद्दीकी, मिर्जा बेग, सोनू सिंह, हसीबुर रहमान और साबिर अहमद समेत 6 सोशल मीडिया हैंडल्स के नाम शामिल किए गए थे। शिकायतकर्ता के अनुसार, मूल वीडियो पहले अमेरिका में रहने वाले एक इंटरनेट मीडिया इन्फ्लूएंसर ने अपलोड किया था, जिसे बाद में प्रधानमंत्री मोदी से जोड़कर वायरल किया गया। इस मामले में सेक्टर-26 थाना पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता और आईटी एक्ट की विभिन्न धाराओं के तहत एफआईआर दर्ज की थी।
विजय के नेतृत्व वाली टीवीके सरकार के विधायक ने रचा इतिहास, बने पहले विधायक…

29 वर्षीय एस कीर्तना, शिवकाशी में सात दशकों के पुरुष वर्चस्व को तोड़कर निर्वाचन क्षेत्र की पहली महिला विधायक बनीं – और अब विजय की टीवीके सरकार में मंत्री हैं।
न पानी दें, न कपड़ों में लपेटें…तपती गर्मी में न्यूबॉर्न बेबी का ऐसे रखें ध्यान, ब्रेस्ट फीडिंग सबसे जरूरी

पलामू. पलामू जिले में गर्मी हर साल लोगों की परेशानी बढ़ा देती है. राज्य के सबसे गर्म जिलों में शामिल पलामू में तापमान ज्यादा रहता है. ऐसे मौसम में सबसे ज्यादा खतरा नवजात शिशुओं को होता है, क्योंकि उनका शरीर तेजी से बढ़ते तापमान को नहीं झेल पाता. डॉक्टरों का कहना है कि गर्मी के दिनों में नवजात की देखभाल में जरा सी लापरवाही भी गंभीर समस्या पैदा कर सकती है. इसलिए कुछ जरूरी बातों का ध्यान रखना बेहद आवश्यक है. कपड़ों की लेयरिंग न करेंशिशु रोग विशेषज्ञ डॉ. स्वीकृति ने लोकल18 को बताया कि पलामू में गर्मी के दौरान अक्सर ऐसे मामले आते हैं, जिनमें नवजात को तेज बुखार हो जाता है. ऐसे में नवजात शिशु को हमेशा आरामदायक कमरे के तापमान में रखना चाहिए. अक्सर लोग गर्मी में भी बच्चों को कंबल में लपेट देते हैं या कई लेयर वाले कपड़े पहना देते हैं, लेकिन ऐसा करना नुकसानदायक हो सकता है. गर्मी में बच्चों को केवल हल्के और मुलायम कॉटन के कपड़े पहनाने चाहिए. कोशिश करें कि बच्चे का शरीर ढका रहे, लेकिन कपड़े ज्यादा भारी न हों. जिस कमरे में बच्चा हो, वहां पंखा, कूलर या अच्छी हवा की व्यवस्था होनी चाहिए. उन्होंने कहा कि कई बार गर्मी में भी नवजात शिशुओं का शरीर अचानक ठंडा पड़ने लगता है. ऐसे में समय-समय पर बच्चे के पैर और हाथ चेक करते रहना चाहिए. पैर गर्म या सामान्य और हल्के गुलाबी यानी पिंक दिखने चाहिए. अगर शरीर ज्यादा ठंडा या सुस्त लगे, तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए. पैर के तलवे सफेद नहीं दिखने चाहिए. हर दो घंटे पर कराएं ब्रेस्ट फीडिंगनवजात के लिए मां का दूध सबसे ज्यादा जरूरी और फायदेमंद माना जाता है. आजकल कई माताएं जन्म के तुरंत बाद बच्चों को डिब्बे वाला दूध देने लगती हैं, लेकिन डॉक्टर इसके खिलाफ हैं. मां का पहला दूध बच्चे की रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाता है और उसे कई तरह के संक्रमण से बचाता है. शुरुआती छह महीने तक बच्चे को केवल मां का दूध ही देना चाहिए. गर्मी के मौसम में हर दो घंटे पर ब्रेस्ट फीडिंग कराने से बच्चे के शरीर में पानी और पोषण दोनों की कमी नहीं होती. इसके बाद फीडिंग ऑन डिमांड होनी चाहिए. कई बार महिलाओं को खासकर गांव की महिलाओं को लगता है कि गर्मी बहुत है तो बच्चे को पानी देना चाहिए लेकिन इसकी जरूरत नहीं होती. मां का दूध, पानी, पोषण, सब पहुंचाता है. कितनी भी गर्मी हो बच्चे को 6 महीने तक केवल मां का दूध ही देना चाहिए. 6 महीने बाद दें लिक्विड डाइटउन्होंने बताया कि टॉप फीडिंग यानी बाहर का दूध देने से बच्चों में इन्फेक्शन, पेट की समस्या और बुखार जैसी शिकायतें बढ़ सकती हैं. वहीं, छह महीने के बाद धीरे-धीरे लिक्विड और हल्का घरेलू आहार शुरू किया जा सकता है. वहीं बड़े बच्चों को पर्याप्त पानी, दही, छाछ और लिक्विड बेस्ड खाना देना चाहिए. ज्यादा मसालेदार, ऑयली और बाहर का खाना देने से बचना चाहिए. उन्होंने कहा कि गर्मी के दिनों में बच्चों को हाइड्रेट रखना सबसे जरूरी है. पलामू में हर साल हीट स्ट्रोक और तेज बुखार से पीड़ित बच्चों के मामले सामने आते हैं. ऐसे में सावधानी और सही देखभाल ही नवजात और थोड़े बड़े बच्चों को सुरक्षित रख सकती है.







