रुबीना दिलाइक ने पहले ठुकराया था ‘खतरों के खिलाड़ी 15’:परिवार से दूर नहीं जाना चाहती थीं, जानिए फिर कैसे बदला फैसला

टीवी एक्ट्रेस रुबीना दिलाइक एक बार फिर टीवी शो ‘खतरों के खिलाड़ी’ में वापसी करने जा रही हैं। रुबीना इससे पहले शो के 12वें सीजन में भाग ले चुकी हैं। अब वह एक बार फिर ‘खतरों के खिलाड़ी’ के सीजन 15 में नजर आएंगी। दैनिक भास्कर से खास बातचीत में रुबीना ने बताया कि मां बनने के बाद उनकी जिंदगी और सोच दोनों बदल चुकी हैं। बातचीत में रुबीना ने इंडस्ट्री में अपने शुरुआती संघर्ष, लोगों की जजमेंट, स्ट्रॉन्ग महिलाओं को लेकर बनी सोच और अपने डर पर भी बात की। सवाल: आप हमेशा एक स्ट्रॉन्ग, बोल्ड और टफ पर्सनैलिटी के तौर पर देखी जाती हैं। क्या इस इमेज का प्रेशर भी रहता है? जवाब: अगर मैं यह सोचने लगूं कि लोग मुझसे क्या उम्मीद कर रहे हैं, तो वह प्रेशर मेरे गेम को खराब कर सकता है। मुझे लगता है कि आपको बस अपनी जगह समझनी चाहिए और उसी सम्मान के साथ खेलना चाहिए। अगर मैं एक्सपेक्टेशन का बोझ लेकर स्टंट करूंगी, तो वह मुझे और ज्यादा परेशान करेगा। इसलिए जितना हो सके, उस प्रेशर को खुद से दूर रखना जरूरी है। सवाल: क्या कॉम्पिटिटिव होना इस शो के लिए जरूरी है? जवाब: बिल्कुल। हर इंसान के अंदर एक कॉम्पिटिटिव स्पिरिट होती है। कोई खुद से मुकाबला करता है, कोई दूसरों से। जब आप ऐसे शो में जाते हैं, तो आप अपनी बेस्ट फिजिकल और मेंटल कैपेसिटी दिखाना चाहते हैं। अगर आपके अंदर कॉम्पिटिटिवनेस नहीं है, तो शायद आप कहीं न कहीं फ्लैट पड़ जाएंगे। सवाल: कुछ लोगों का परसेप्शन है कि मां बनने के बाद महिलाएं कमजोर हो जाती हैं, आप इसे कैसे देखती हैं? जवाब: मुझे लगता है कि मदरहुड कमजोरी नहीं, बल्कि बहुत बड़ी ताकत है। लोग कहते हैं कि अब शायद आपके अंदर पहले जैसी स्टैमिना या ताकत नहीं होगी, लेकिन वही बातें मुझे खुद को साबित करने का और मोटिवेशन देती हैं। ताकत सिर्फ फिजिकल नहीं होती, मानसिक मजबूती और रेजिलिएंस भी बहुत मायने रखता है और एक मां के अंदर यह ताकत और ज्यादा बढ़ जाती है। सवाल: डर को आप कैसे देखती हैं? जवाब: डर ही तय करता है कि आप कितने मजबूत हैं। जिंदगी में हर इंसान किसी न किसी डर से लड़ रहा होता है। सवाल यह नहीं है कि डर है या नहीं, सवाल यह है कि आप डर को खुद पर हावी होने देते हैं या खुद उस डर पर जीत हासिल करते हैं। सवाल: इंडस्ट्री में शुरुआती दौर में सबसे बड़ा डर क्या था? जवाब: मैं गांव और बहुत कंजर्वेटिव माहौल से आती हूं। उस समय इस इंडस्ट्री को बहुत अच्छी नजर से नहीं देखा जाता था। जब मैं पहली बार मुंबई आई, तो मेरे अंदर बहुत डर था। पढ़ाई, करियर, नए शहर में खुद को स्थापित करना… हर चीज डराती थी, लेकिन शायद हर डर को पार करने की कोशिश ने मुझे मजबूत बनाया। सवाल: पहली बार ‘खतरों के खिलाड़ी’ करने के दौरान आपका सबसे बड़ा डर क्या था? जवाब: जब आप जिंदगी में पहली बार 80 फीट ऊंचाई से कूदते हैं या समुद्र में स्टंट करते हैं, तब समझ आता है कि डर क्या होता है। पानी तो पानी ही होता है, चाहे गिलास में हो या समुद्र में, लेकिन उसकी विशालता आपका डर तय करती है। उस पूरे सीजन में मैं लगातार अपने डर से जूझ रही थी। सवाल: क्या इस बार का अनुभव पहले से अलग होगा? जवाब: बिल्कुल। मां बनने के बाद बहुत कुछ बदल गया है। पिछले चार सालों में मैंने खुद को उस तरह से टेस्ट नहीं किया है। इसलिए मुझे खुद नहीं पता कि इस बार मैं अपने डर को उसी तरह फेस कर पाऊंगी या नहीं। लेकिन यह जर्नी मेरे लिए बहुत अलग होने वाली है। सवाल: स्ट्रॉन्ग और ओपिनियन रखने वाली महिलाओं को अक्सर जज किया जाता है। क्या आपने भी यह महसूस किया है? जवाब: हां, लेकिन यह मेरी जिंदगी जीने का तरीका है। अगर मैं खुद को सिर्फ लोगों को खुश करने के लिए बदल दूं, तो फिर मैं अपनी असली जिंदगी नहीं जी रही हूं। भगवान ने हर इंसान को अलग बनाया है। अगर मैं अपनी यूनिकनेस छोड़कर लोगों की उम्मीदों में फिट होने लगूं, तो मैं ऑथेंटिक नहीं रहूंगी। हां, ऐसा करने से कई लोग आपसे नाराज भी होते हैं, लेकिन इसका मतलब यह नहीं कि आप खुद को बदल दें। सवाल: जब आपको दोबारा ‘खतरों के खिलाड़ी’ का ऑफर मिला, तब आपका पहला रिएक्शन क्या था? जवाब: मैंने शुरुआत में मना कर दिया था, क्योंकि यह बहुत लंबा इंटरनेशनल शेड्यूल है और अब मेरी बेटियां हैं। उन्हें छोड़कर इतनी दूर जाना आसान नहीं था। लगभग तीन महीने तक मैं यही सोचती रही कि करूं या नहीं, लेकिन फिर अभिनव ने कहा कि ‘रुबीना, यह मौका दोबारा नहीं मिलेगा। हम सब संभाल लेंगे।’ तब मुझे लगा कि मेरे पास बहुत मजबूत सपोर्ट सिस्टम है और मैं यह कर सकती हूं। सवाल: अब जीत और हार को किस नजरिए से देखती हैं? जवाब: अब मेरे लिए जीत-हार का मतलब बदल चुका है। अब मैं यह सोचती हूं कि हमारी चॉइसेस हमारी बेटियों को क्या सिखाएंगी। हम उनके पहले टीचर हैं। इसलिए हम उन्हें यह नहीं सिखाना चाहते कि सिर्फ जीतना जरूरी है। हम उन्हें यह सिखाना चाहते हैं कि कोशिश करना और हिम्मत दिखाना ज्यादा जरूरी है। सवाल: इस बार के कंटेस्टेंट्स को लेकर क्या सोचती हैं? जवाब: हर कोई अपने साथ एक अलग एनर्जी लेकर आया है। अविका गोर बहुत स्ट्रॉन्ग हैं। जैस्मिन भसीन के साथ मैंने बिग बॉस में काफी वक्त बिताया है और वह बहुत अच्छी इंसान हैं। करण वाही और ऋत्विक धनजानी यह शो तीसरी बार कर रहे हैं, इसलिए उनके पास अलग अनुभव है। वहीं रुहानिका धवन और शगुन शर्मा जैसे यंग कंटेस्टेंट्स का नजरिया अलग होगा। मुझे लोगों को ऑब्जर्व करना और उनकी बॉडी लैंग्वेज समझना बहुत पसंद है। इसलिए यह सफर मेरे लिए काफी दिलचस्प रहेगा।
विजय को कमल हासन और प्रकाश राज ने बधाई दी:एक्ट्रेस त्रिशा शपथ ग्रहण में शामिल हुईं, थलापति की मां और बहन से गले मिलीं

अभिनेता से नेता बने थलापति विजय ने रविवार को तमिलनाडु के 9वें मुख्यमंत्री पद की शपथ ली। चेन्नई के जवाहरलाल नेहरू स्टेडियम में आयोजित समारोह में राहुल गांधी और तृषा समेत कई हस्तियां मौजूद रहीं। विजय के सीएम की शपथ लेने के बाद साउथ सुपरस्टार कमल हासन और एक्टर प्रकाश राज ने उन्हें बधाई दी। कमल हासन ने कहा, ‘तमिलगा वेत्री कड़गम के अध्यक्ष और तमिलनाडु के माननीय मुख्यमंत्री मेरे भाई थिरु विजय को शुभकामनाएं। उम्मीद है कि उनके नेतृत्व में तमिलनाडु नई ऊंचाइयों तक पहुंचेगा। मैं उन्हें दिल से बधाई देता हूं।’ वहीं प्रकाश राज ने ट्वीट कर लिखा, ‘मुख्यमंत्री विजय को बहुत-बहुत बधाई। नई जिम्मेदारी के लिए शुभकामनाएं। उम्मीद है कि आपके नेतृत्व में राज्य और तरक्की करेगा।’ तृषा ने विजय की मां से मुलाकात की शपथ ग्रहण समारोह में एक्ट्रेस तृषा कृष्णन भी पहुंचीं। उन्होंने विजय के परिवार से मुलाकात की और उनकी मां से गले मिलती नजर आईं। विजय ने सुबह 10.15 बजे तमिल में शपथ ली तमिलगा वेत्री कड़गम (TVK) चीफ और एक्टर से नेता बने सी जोसेफ विजय तमिलनाडु के नए मुख्यमंत्री बन गए हैं। उन्होंने रविवार सुबह 10.15 बजे तमिल में शपथ ली। इस दौरान राहुल गांधी भी मौजूद रहे। थलापित विजय शपथ लेते समय निर्धारित लाइनों के अलावा और बातें बोलने लगे। इस पर राज्यपाल अर्लेकर ने उन्हें टोक दिया और कहा कि वही पढ़ें जो लिखकर दिया है। CM विजय के साथ 9 और मंत्रियों ने भी शपथ ली। इनमें एन आनंद, आधव अर्जुन, डॉ. केजी अरुणराज, केए सेंगोट्टैयन, पी वेंकटरमणन, आर निर्मलकुमार, राजमोहन, डॉ. टीके प्रभु, सेल्वी एस कीर्तना शामिल है। ये सभी विजय की पार्टी TVK के विधायक हैं। सहयोगी दलों के किसी विधायक को मंत्रिमंडल में शामिल नहीं किया गया है। 3 तस्वीरों में देखिए पूरा घटनाक्रम… विजय ने शपथ के दौरान कहा… मैं सी. जोसेफ विजय भारत की संविधान के प्रति सच्ची आस्था और निष्ठा रखूंगा। तमिलनाडु के मुख्यमंत्री के रूप में भारत की एकता, अखंडता को बनाए रखूंगा और अपने विवेक के अनुसार कर्तव्यों और कानून का पालन करूंगा। किसी से डरूंगा नहीं और ना ही एकतरफा आदेश मानूंगा। मैं न्याय करूंगा, सभी लोगों के साथ न्याय करूंगा। शपथ के दौरान CM विजय की 4 तस्वीरें… शनिवार को चौथी बार राज्यपाल से मिले थे विजय इससे पहले शनिवार को विजय ने राज्यपाल अर्लेकर को TVK, कांग्रेस, CPI, CPM, VCK और IUML के विधायकों के समर्थन पत्र सौंपे। इसके बाद राज्यपाल ने उन्हें सरकार बनाने का न्योता दिया। विजय की दो साल पुरानी पार्टी TVK ने अपने पहले ही विधानसभा चुनाव में 234 में 108 सीटें जीतीं। तमिलनाडु में 1967 के बाद पहली बार गैर-द्रविड़ दल (DMK या AIADMK) का मुख्यमंत्री बना है।
एक्टर विजय की शपथ में माता-पिता हाथ जोड़े रहे:पहली बार किसी नेता ने पैंट, शर्ट, सूट में शपथ ली, राहुल के साथ सेल्फी ली; 6 मोमेंट्स

तमिलगा वेत्री कड़गम (TVK) चीफ और एक्टर से नेता बने सी जोसेफ विजय रविवार को तमिलनाडु के नए मुख्यमंत्री बन गए हैं। शपथ के दौरान कुछ मोमेंट्स ऐसे भी रहे जो चर्चा में हैं। शपथ पत्र ना पढ़कर स्पीच देने लगे, जैसे ही बोला- ‘मैं जोसेफ विजय…..’ समर्थक 3 मिनट तक तालियां बजाते रहे। माता-पिता हाथ जोड़े दिखे। इस बीच गवर्नर ने टोक दिया। तमिलनाडु में शपथ के टॉप 5 मोमेंट्स… 1. सफेद शर्ट, ब्लैक पेंट और सूट में शपथ ली विजय ने शपथ ग्रहण समारोह के लिए ट्रेडिशनल धोती और शर्ट (वेष्टी)की बजाय फॉर्मल लुक को चुना। इससे पहले नेता पारंपरिक तमिल पहनावा को ही चुनते थे। एमजी रामचंद्रन हमेशा अपनी प्रसिद्ध टोपी, चश्मे और सफेद वेष्टी-शर्ट में शपथ लेते थे। एम करुणानिधि भी अपनी पीली शॉल और सफेद पारंपरिक पहनावे के लिए जाने जाते थे। उनका ये मॉडर्न लुक तमिलनाडु के युवाओं के साथ जुड़ने और बदलाव के लिए उनकी कोशिश का हिस्सा हो सकता है। 2. शपथ लेने के दौरान विजय को गवर्नर ने टोका एक्टर विजय ने तमिल भाषा में शपथ ली। विजय शपथ पत्र की जगह निर्धारित लाइनों के अलावा और बातें बोलने लगे। इस पर राज्यपाल राजेंद्र विश्वनाथ अर्लेकर ने उन्हें टोक दिया। कहा कि वही पढ़ें जो लिखकर दिया है। इसके बाद इन्होंने लिखित शपथ पत्र को पढ़ा। गवर्नर ने उन्होंने शपथ के पहले और शपथ के बाद भी समझाया। 3. शपथ के दौरान विजय की माता-पिता हाथ जोड़े रहे विजय जब शपथ ले रहे थे तब उनके माता-पिता भावुक हो गए। दोनों हाथ जोड़कर उन्हें सुनते दिखे। पिता एसए चंद्रशेखर प्रसिद्ध तमिल फिल्म निर्देशक और निर्माता हैं। उनकी माता का नाम शोभा चंद्रशेखर है, जो एक जानी-मानी पार्श्व गायिका और लेखिका हैं। 4. शपथ पहली बार स्टेडियम में, समर्थक ताली बजाते रहे तमिलनाडु में आमतौर पर शपथ खुले मैदान में होती है। पहली बार ऐसा हुआ कि किसी सरकार ने शपथ ग्रहण के लिए स्टेडियम को चुना। एक्टर विजय जैसे शपथ पत्र के पहले शब्द, ‘मैं सी जोसेफ विजय ….’ बोला स्टेडियम तालियों से गूंज गया। उन्हें कुछ सेकेंड रुकना पड़ा और फिर शपथ पूरी की। 5. राहुल इकलौते बड़े नेता जो शपथ में पहुंचे रहे,सेल्फी ली शपथ ग्रहण समारोह में राहुल गांधी इकलौते बड़े नेता थे, जो मंच पर मौजूद रहे। विजय ने राहुल के साथ सेल्फी भी ली। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, विजय 2009 में कांग्रेस ज्वाइन करना चाहते थे। वह विधायक का चुनाव लड़ना चाहते थे। इसके लिए वे दिल्ली मिलने पहुंचे थे, तब राहुल कांग्रेस में महासचिव थे। उस वक्त राहुल ने उन्हें सुझाव दिया था कि वे पहले यूथ कांग्रेस का चुनाव लड़कर खुद को साबित करें। विजय चेन्नई लौट आए और अपनी पार्टी बना ली। इसलिए उनका कांग्रेस से जुड़ाव रहा है। 6. सीएम बनते ही विजय ने 3 ऑर्डर दिए पहला ऑर्डर 200 यूनिट बिजली फ्री CM जोसेफ विजय ने शपथ के एक घंटे में 3 बड़े ऑर्डर जारी किए। उन्होंने घरेलू उपभोक्ताओं के लिए 200 यूनिट फ्री बिजली देने वाली फाइल पर हस्ताक्षर किए। इसके बाद महिलाओं की सुरक्षा के लिए एक विशेष बल बनाने वाली फाइल साइन की।
विजय ने तमिलनाडु के मुख्यमंत्री के रूप में पहले आदेश पर हस्ताक्षर किए। यह क्या है? | भारत समाचार

आखरी अपडेट:10 मई, 2026, 11:36 IST विजय ने नशीली दवाओं के खतरे से निपटने के लिए एक टास्क फोर्स और महिला सुरक्षा के लिए एक समर्पित बल स्थापित करने के आदेश पर भी हस्ताक्षर किए। चेन्नई स्टेडियम में विजय तमिलनाडु के मुख्यमंत्री के रूप में शपथ लेने के तुरंत बाद, थलपति विजय ने 200 मुफ्त यूनिट बिजली प्रदान करने के अपने पहले आदेश पर हस्ताक्षर किए। उन्होंने नशीली दवाओं के खतरे से निपटने के लिए एक टास्क फोर्स और महिला सुरक्षा के लिए एक समर्पित बल स्थापित करने के आदेश पर भी हस्ताक्षर किए। शपथ ग्रहण समारोह पूरा होने के बाद तमिलनाडु के राज्यपाल राजेंद्र विश्वनाथ अर्लेकर के चेन्नई के जवाहरलाल नेहरू स्टेडियम से निकलने के बाद विजय ने यह घोषणा की। अपने भाषण में उन्होंने कहा, “मैं इस राज्य की हर महिला को आश्वस्त करता हूं कि उनकी सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता होगी और महिलाओं को निशाना बनाने वाले अपराधों के खिलाफ तत्काल कार्रवाई की जाएगी। नशीली दवाओं से प्रभावित लोगों को नहीं छोड़ा जाएगा। हम उन्हें बचाने और पुनर्वास करने और एक स्वस्थ समाज बनाने के लिए काम करेंगे।” विजय ने इस बात पर प्रकाश डाला कि तमिलनाडु लगभग 10 लाख करोड़ रुपये के कर्ज का सामना कर रहा है और कहा कि उनकी सरकार पारदर्शी सरकार के लिए एक श्वेत पत्र जारी करेगी, जिसमें जनता को तमिलनाडु की वर्तमान स्थिति के बारे में बताया जाएगा। उन्होंने कहा, “प्रशासन में प्रवेश करने के बाद ही कोई हमारे सामने मौजूद स्थिति और चुनौतियों को सही मायने में समझ सकता है। लेकिन मैं ईमानदारी और दृढ़ संकल्प के साथ तमिलनाडु को आगे ले जाना चाहता हूं।” मुख्यमंत्री ने लोगों से उनकी सरकार का समर्थन करने का आह्वान किया। “मुझे नहीं पता कि इस भावनात्मक क्षण में कैसे शुरुआत करूं या क्या कहूं। मैं किसी राजकुमार के परिवार से नहीं आया हूं। मैं आपके परिवार के सदस्य की तरह, आपके भाई की तरह आपके बीच से आया हूं। आपने मुझे प्यार से गले लगाया और मुझे सिनेमा में एक बड़ी जगह दी… मैंने जो भी दर्द और बाधा का सामना किया, आपने उसे अपना दर्द और बाधा महसूस की और इस पूरी यात्रा में मेरे साथ खड़े रहे। मैं भगवान का दूत नहीं हूं। मैं सिर्फ एक सामान्य इंसान हूं। लेकिन जब लोग मेरे साथ खड़े होते हैं, तो मेरा मानना है कि हम कुछ भी हासिल कर सकते हैं और हर चुनौती का सामना कर सकते हैं। एक साथ, जो कुछ भी आता है।” चुनी हुई कहानियाँ, आपके इनबॉक्स में हमारी सर्वोत्तम पत्रकारिता वाला एक न्यूज़लेटर जमा करना न्यूज़ इंडिया विजय ने तमिलनाडु के मुख्यमंत्री के रूप में पहले आदेश पर हस्ताक्षर किए। यह क्या है? अस्वीकरण: टिप्पणियाँ उपयोगकर्ताओं के विचार दर्शाती हैं, News18 के नहीं। कृपया चर्चाएँ सम्मानजनक और रचनात्मक रखें। अपमानजनक, मानहानिकारक, या अवैध टिप्पणियाँ हटा दी जाएंगी। News18 अपने विवेक से किसी भी टिप्पणी को अक्षम कर सकता है. पोस्ट करके, आप हमारी उपयोग की शर्तों और गोपनीयता नीति से सहमत होते हैं। और पढ़ें (टैग्सटूट्रांसलेट)थलपति विजय मुख्यमंत्री(टी)तमिलनाडु राजनीति(टी)मुफ्त बिजली योजना(टी)200 मुफ्त यूनिट(टी)तमिलनाडु मुख्यमंत्री(टी)महिला सुरक्षा बल(टी)नशा-विरोधी कार्य बल(टी)कल्याण योजनाएं तमिलनाडु
इन 8 मछलियों को खाना है बेहद फायदेमंद, प्रोटीन से होती हैं भरपूर, ये 6 फिश गलती से भी डाइट में न करें शामिल

Fish benefits and side effects: मछली का सेवन करना शरीर के लिए बेहद फायदेमंद होता है. कई तरह की मछलियां होती हैं, जिनकी शारीरिक बनावट, फायदे, स्वाद सभी थोड़े-बहुत एक-दूसरे से अलग होते हैं. प्रोटीन से भरपूर मछली में ओमेगा-3 फैटी एसिड, विटामिन डी, बी12, आयोडीन, सेलेनियम, फॉस्फोरस, पोटैशियम आदि होते हैं, जो दिल, दिमाग, आंखों, मसल्स, स्किन, बाल आदि को कई तरह लाभ पहुंचाते हैं. हालांकि, कुछ लोगों को सीफूड खाने से एलर्जी भी हो जाती है. ऐसे में मछली का सेवन भी ध्यान से करना चाहिए. कुछ मछलियां हेल्दी होती हैं, तो कुछ के सेवन से नुकसान भी होता है. ऐसे में ये जानना जरूरी है कि आपकी सेहत के लिए कौन सी मछली अच्छी है और कौन सी हानिकारक. कौन सी मछली खानी चाहिए, कौन सी नहीं?जो लोग नॉनवेज खाना पसंद करते हैं, वे मछली भी सप्ताह में एक-दो बार जरूर खाते होंगे. प्रोटीन से भरपूर मछली मसल्स को हेल्दी बनाता है. एक्सपर्ट्स भी डाइट में मछली को शामिल करने की सलाह देते हैं. वेबएमडी में छपी एक खबर के अनुसार, सभी मछलियां एक जैसी नहीं होती हैं, इसलिए ये जानना बेहद जरूरी है कि आप जो मछली खाते हैं, उससे आपको लाभ हो रहा है या नुकसान. ओमेगा-3 फैटी एसिड से भरपूर मछली खाएंआमतौर पर उन मछलियों का सेवन करना अधिक लाभदायक है, जिनमें ओमेगा-3 फैटी एसिड अधिक मात्रा में हो. वसायुक्त, ऑयली फिश में मौजूद ओमेगा3 फैटी एसिड हार्ट को कई तरह से लाभ पहुंचाते हैं. यदि आप सप्ताह में सिर्फ 2 बार सीफूड का सेवन करते हैं, तो इससे हार्ट डिजीज होने का जोखिम लगभग 36 प्रतिशत तक कम हो सकता है. ओमेगा-3 अल्जाइमर, स्ट्रोक जैसे रोगों से भी बचाता है. इसके लिए आप निम्न मछलियों का सेवन कर सकते हैं- सैमनहिलसाएंकोवीज़सार्डिनट्राउट सेहत, रिलेशनशिप, लाइफ या धर्म-ज्योतिष से जुड़ी है कोई निजी उलझन तो हमें करें WhatsApp, आपका नाम गोपनीय रखकर देंगे जानकारी. कम फैट वाली बेस्ट मछलीलो फैट वाले सी फूड में फैट से भरपूर सी फूड की तुलना में कम कैलोरी मौजूद होती है और प्रोटीन हाई होता है. इसमें कॉड, तिलापिया, फ्लॉन्डर, सोल जैसी लो फैट मछलियों में लो कैलोरी होती है. आप अपनी डाइट में सी फूड शामिल करना चाहते हैं तो तिलापिया और कॉड फिश शामिल कर सकते हैं. झींगा मछली बेस्ट ऑप्शनकाफी लोगों को झींगा (shrimp) खाना पसंद होता है, लेकिन कुछ लोग इससे परहेज करते हैं. संभवत: इसकी बनावट की वजह से. झींगा और प्रॉन्स सी फूड में एक बेस्ट विकल्प हो सकते हैं. इनमें पारा और कैलोरी काफी कम होती है. प्रोटीन से भरपूर होती हैं. हालांकि, इनमें अन्य मछलियों की तुलना में कोलेस्ट्रॉल लेवल अधिक होता है. साथ ही ओमेगा-3 फैटी एसिड की मात्रा भी काफी कम होती है. पारा से भरपूर मछलियों का सेवन है खतरनाकजिन मछलियों में पारा (Mercury) का लेवल हाई होता है, उनका सेवन बिल्कुल नहीं करना चाहिए, क्योंकि ये सेहत के लिए हानिकारक साबित हो सकते हैं. ये वयस्कों में मस्तिष्क और तंत्रिक तंत्र को नुकसान पहुंचा सकती है. छोटे बच्चों को भी पारा काफी नुकसान पहुंचा सकती है. कौन सी मछलियों में हाई पारा की मात्रा होती है- स्वोर्डफ़िशमार्लिनशार्कटाइलफ़िश किंग मैकेरल नुकसानदायकवैसे तो मैकेरल में ओमेगा-3 काफी होता है और इसे डाइट में शामिल किया जा सकता है, लेकिन किंग मैकेरल के सेवन से बचना चाहिए क्योंकि इनमें पारे की मात्रा काफी अधिक होती है. खासकर, प्रेग्नेंट महिलाएं, ब्रेस्टफीड कराने वाली मांएं, छोटे बच्चों को ये बिल्कुल खाने के लिए नहीं देना चाहिए. फिश ऑरेंज रफि (Orange Roughy) बेहद हानिकारकऑरेंज रफि को स्लाइमहेड भी कहते हैं. इस मछली की खास बात ये है कि ये 150 साल तक भी जीवित रह सकती है. हालांकि, इसमें पारा काफी अधिक होता है, ऐसे में इस तरह की मछली के सेवन से परहेज ही करना बेहतर है. टूना की विभिन्न किस्मों में भी हो सकता है पारामैकेरल की ही तरह टून की अलग-अलग किस्मों में भी पारे का लेवल अलग-अलग मात्रा में हो सकता है. जैसे ब्लूफिन और बिगआई टूना के सेवन से बचना ही बेहतर है. प्रोटीन से भरपूर लाइट टून का सेवन करना एक बेहतर विकल्प हो सकता है.
प्रीति जिंटा ने गोल्डन टेंपल में टेका माथा:लंगर हॉल में सेवा निभाई, कहा-वाहेगुरु जी का आया बुलावा; किंग्स पंजाब की जीत की अरदास

बॉलीवुड अभिनेत्री प्रीति जिंटा शनिवार रात को अमृतसर स्थित गोल्डन टेंपल में माथा टेकने पहुंचीं। इस दौरान उन्होंने गुरु घर में नतमस्तक होकर सरबत के भले की अरदास की और वाहेगुरु जी का आशीर्वाद लिया। प्रीति जिंटा के दर्शन के लिए श्रद्धालुओं में काफी उत्साह देखने को मिला। कई लोगों ने उनके साथ तस्वीरें भी खिंचवाईं। गुरुद्वारा साहिब में माथा टेकने के बाद प्रीति जिंटा ने लंगर हॉल में सेवा भी निभाई। उन्होंने संगतों को लंगर वितरित किया और सेवा भावना के साथ गुरु घर के प्रति अपनी श्रद्धा प्रकट की। मीडिया से बातचीत करते हुए प्रीति जिंटा ने कहा, वाहेगुरु जी का बुलावा आया था, इसलिए हम यहां आए हैं। उन्होंने बताया कि 11 तारीख को उनकी क्रिकेट टीम का महत्वपूर्ण मुकाबला है और वह टीम की जीत के लिए अरदास करने पहुंची हैं। उन्होंने विश्वास जताया कि वाहेगुरु जी की कृपा से उनकी टीम शानदार प्रदर्शन करेगी और सभी मैच जीतने का प्रयास करेगी। इस दौरान उन्होंने श्रेयस अय्यर का जिक्र करते हुए कहा कि पंजाब के लोग उन्हें प्यार से “सरपंच” बुलाते हैं, जो टीम के लिए गर्व की बात है। प्रीति जिंटा ने पंजाब के युवाओं और क्रिकेट प्रेमियों का धन्यवाद करते हुए कहा कि टीम को लोगों से भरपूर प्यार और समर्थन मिल रहा है। उन्होंने कहा कि यही प्यार खिलाड़ियों का मनोबल बढ़ाता है और टीम की सबसे बड़ी ताकत है। फिल्मी करियर की शुरुआत प्रीति की पहली रिलीज हुई फिल्म मणिरत्नम की फिल्म दिल से थी। इसमें उनका रोल भले ही छोटा था, लेकिन उनकी शानदार एक्टिंग ने उन्हें पहचान दिलाई। जब प्रीति फिल्म दिल से कर रही थीं, तो कई लोगों ने उन्हें डरा दिया कि फिल्म में मनीषा कोइराला उनके रोल को दबा देंगी। प्रीति थोड़ा घबराई हुई थीं, लेकिन सेट पर मनीषा के साथ काम करके उन्हें बहुत कुछ सीखने को मिला। प्रीति ने कहा था कि इस अनुभव की वजह से आज जब भी कोई नई लड़की उनके साथ काम करती है, तो वो खासतौर पर कोशिश करती हैं कि उसके साथ अच्छे से पेश आएं। लीड रोल के तौर पर वह फिल्म सोल्जर में नजर आई थीं। सरोज खान की डांट के बाद रो पड़ी थीं प्रीति जिंटा ने सिमी गरेवाल के शो में बताया था कि जब वह फिल्म क्या कहना की शूटिंग कर रही थीं, तब एक गाने के सीन में वह ठीक से लिपसिंक नहीं कर पा रही थीं। इस बात पर मशहूर कोरियोग्राफर सरोज खान काफी नाराज हो गई थीं। प्रीति के अनुसार, उसी दिन उन्हें पहली बार असली पैशन का एहसास हुआ। उन्होंने कहा, “मुझे लगता है मेरा असली जुनून तब शुरू हुआ, जब सेट पर मुझ पर चिल्लाया गया था। मुझे आज भी याद है, मेरी पहली फिल्म क्या कहना के दौरान सरोज जी ने कहा था, ‘कहां से ले आए हो इस लड़की को? इसे यह नहीं पता कि डांस कैसे करना है?’ प्रीति ने आगे बताया था कि सरोज खान ने गुस्से में यह भी कहा था कि उन्हें लिपसिंक तक नहीं आती और सवाल उठाया कि वह आखिर यहां कर क्या रही हैं। उस पल को याद करते हुए प्रीति ने कहा था, “उस वक्त मैं खुद को बहुत मूर्ख महसूस कर रही थी और रो भी पड़ी थी।” हालांकि उसी डांट ने उन्हें खुद को बदलने की प्रेरणा दी। प्रीति ने बताया था कि उन्हें तभी समझ आ गया था कि अगर उन्हें फिल्मों में टिकना है, तो आधे मन से नहीं बल्कि पूरी मेहनत और लगन के साथ काम करना होगा। कई हिट फिल्मों में काम किया 2003 से 2006 का दौर प्रीति जिंटा के करियर का सबसे बेस्ट टाइम रहा है। कोई मिल गया, कल हो ना हो, वीर जारा, सलाम नमस्ते और कभी अलविदा ना कहना जैसी फिल्मों ने उन्हें सुपरस्टार की कैटेगरी में ला खड़ा किया। प्रीति जिंटा ने अंडरवर्ल्ड डॉन के खिलाफ गवाही दी थी प्रीति जिंटा सिर्फ अपनी फिल्मों के लिए ही नहीं, बल्कि अपने साहस के लिए भी जानी जाती हैं। साल 2003 में अंडरवर्ल्ड के खिलाफ अदालत में गवाही देना उनके जीवन का सबसे साहसी फैसला माना जाता है। यह मामला फिल्म चोरी चोरी चुपके चुपके के फाइनेंसर भारत शाह से जुड़ा था, जिन पर मुंबई अंडरवर्ल्ड डॉन छोटा शकील से संबंध रखने का आरोप लगा था। इस मामले में भारत शाह को गिरफ्तार किया गया था। इसी दौरान प्रीति को 50 लाख रुपए की रंगदारी की धमकी मिली। इस केस में कई बड़े फिल्मी सितारों को गवाह बनाया गया था, जिनमें सलमान खान और शाहरुख खान भी शामिल थे, लेकिन बाद में सभी अपने बयानों से मुकर गए, लेकिन प्रीति ने अदालत में अपने बयान से पीछे हटने से इनकार कर दिया। वह इकलौती गवाह थीं, जिन्होंने अपने पहले दिए गए बयान को कोर्ट में दोहराया और प्रॉसिक्यूटर का साथ दिया। कोर्ट में गवाही देने के बाद प्रीति को दो महीने तक विटनेस प्रोटेक्शन में रखा गया और वह पब्लिक लाइफ से दूर रहीं। उनके इस कदम की देशभर में सराहना हुई। इसी बहादुरी के लिए उन्हें रेड एंड व्हाइट ब्रेवरी अवॉर्ड्स में माइंड ऑफ स्टील अवॉर्ड से सम्मानित किया गया। 2016 में जीन गुडइनफ से शादी की प्रीति जिंटा की पर्सनल लाइफ की बात करें तो उन्होंने 2016 में अमेरिकी बिजनेसमैन जीन गुडइनफ से शादी की और अब वे लॉस एंजिलिस में रहती हैं। 2021 में सरोगेसी के जरिए वे जुड़वां बच्चों की मां बनीं। प्रीति एक्टिंग के अलावा स्पोर्ट्स की फील्ड में भी एक्टिव हैं। वह आईपीएल टीम पंजाब किंग्स की को ओनर हैं। 600 करोड़ की संपत्ति का ऑफर ठुकराया दिग्गज फिल्म निर्माता कमाल अमरोही के बेटे शानदार अमरोही ने साल 2011 में घोषणा की थी कि वे अपनी 600 करोड़ रुपए की संपत्ति प्रीति जिंटा के नाम कर देंगे। वे प्रीति को अपनी बेटी समान मानते थे क्योंकि उन्होंने एक पारिवारिक विवाद के दौरान शानदार का काफी सपोर्ट किया था। हालांकि प्रीति ने इस प्रस्ताव को यह कहते हुए ठुकरा दिया कि उन्हें किसी और की संपत्ति की जरूरत नहीं है और न ही उनका इसमें कोई स्वार्थ है। उन्होंने साफ किया कि वे केवल एक मित्र और मददगार के नाते उनके साथ थीं।
'पति पत्नी और वो 2' स्टार्स ने दिए रिलेशनशिप टिप्स:सारा बोलीं- परफेक्ट पति पर होगा शक, वामिका-रकुल ने बताए रिश्तों के असली ग्रीन फ्लैग

फिल्म ‘पति पत्नी और वो 2’ में आयुष्मान खुराना एक ऐसे पति प्रजापति पांडे के किरदार में नजर आएंगे, जिसे बेहद समझदार, भरोसेमंद और परिवार को महत्व देने वाला दिखाया गया है। फिल्म के इसी रिश्तों वाले पहलू पर दैनिक भास्कर से खास बातचीत में वामिका गब्बी, सारा अली खान और रकुल प्रीत सिंह ने खुलकर अपनी राय रखी। बातचीत के दौरान तीनों एक्ट्रेसेस ने लॉयल पार्टनर, रिश्तों में भरोसा, रेड फ्लैग-ग्रीन फ्लैग, रिलेशनशिप सलाह और अपनी निजी सोच से जुड़े कई दिलचस्प जवाब दिए। साथ ही उन्होंने बताया कि तनावभरी जिंदगी में खुद को शांत कैसे रखती हैं और क्यों फैमिली एंटरटेनर फिल्में हमेशा लोगों के दिल के करीब रहती हैं। सवाल: अगर असल जिंदगी में आपको प्रजापति पांडे जैसा भरोसेमंद पति मिले तो आपका रिएक्शन क्या होगा? जवाब/ वामिका गब्बी: ये तो बहुत पर्सनल बात होगी, इसलिए ज्यादा नहीं बताऊंगी। लेकिन अगर कोई इंसान सच में इतना सच्चा और भरोसेमंद हो, तो उसके साथ जिंदगी आराम से बिताई जा सकती है। सवाल: सारा, अगर आपको ऐसा परफेक्ट लाइफ पार्टनर मिले तो सबसे पहले क्या सोचेंगी? जवाब/ सारा अली खान: फिल्म में प्रजापति पांडे को बहुत ईमानदार और अच्छा इंसान दिखाया गया है। अगर असल जिंदगी में ऐसा कोई मिला, तो शायद मैं पहले यही सोचूंगी कि इतना परफेक्ट इंसान सच में हो सकता है या नहीं। सवाल: क्या आज के समय में भी पूरी तरह लॉयल लोग मिलते हैं? जवाब/ रकुल प्रीत सिंह: बिल्कुल मिलते हैं। कई बार ऐसा तब होता है जब आप किसी को ढूंढना छोड़ देते हैं। फिर अचानक कोई ऐसा इंसान मिल जाता है जिसके साथ सबकुछ नैचुरली जुड़ने लगता है। सवाल: रिश्तों में शक या गलतफहमी को कैसे खत्म किया जा सकता है? जवाब/ वामिका गब्बी: मेरे हिसाब से खुलकर बातचीत करना सबसे जरूरी है। अगर किसी बात को लेकर मन में परेशानी है, तो सामने वाले से ईमानदारी से बात करनी चाहिए। सवाल: आपके हिसाब से रिश्ते में सबसे बड़ा रेड फ्लैग और ग्रीन फ्लैग क्या होता है? जवाब/ वामिका गब्बी: जो इंसान जानवरों या किसी भी जीवित चीज के प्रति संवेदनशील नहीं है, वो मेरे लिए रेड फ्लैग है। वहीं जो प्यार और सम्मान देना जानता हो, वो ग्रीन फ्लैग है। सवाल: सारा, आपके लिए रिश्ते में सबसे जरूरी चीज क्या है? जवाब/ सारा अली खान: मेरे लिए झूठ बोलना सबसे बड़ा रेड फ्लैग है। वहीं ऐसा इंसान जो आपको खुश रख सके और हंसा सके, वो सबसे बड़ा ग्रीन फ्लैग है। सवाल: रकुल, एक अच्छे पार्टनर में कौन-सी क्वालिटी सबसे खास लगती है? जवाब/ रकुल प्रीत सिंह: जो इंसान आपकी सफलता से खुश हो और हर कदम पर आपका सपोर्ट सिस्टम बने, वही सबसे अच्छा पार्टनर होता है। सवाल: क्या रिलेशनशिप में दूसरों की सलाह जरूरी होती है? जवाब/ रकुल प्रीत सिंह: मुझे लगता है कि रिश्तों को सबसे बेहतर वही दो लोग समझते हैं जो उसमें होते हैं। इसलिए ज्यादा सलाह लेना हमेशा काम नहीं आता। सवाल: इंडस्ट्री में किस स्टार का सेंस ऑफ ह्यूमर सबसे ज्यादा पसंद है? जवाब/ रकुल प्रीत सिंह: सारा अली खान। वो हर माहौल को मजेदार बना देती है। सवाल: मीम्स और सोशल मीडिया ट्रोलिंग को सबसे अच्छे तरीके से कौन संभालता है? जवाब/ वामिका गब्बी: मुझे लगता है अक्षय कुमार। उनकी कॉमिक टाइमिंग इतनी शानदार है कि लोग उनके मीम्स भी खूब एंजॉय करते हैं। सवाल: खुद को मानसिक रूप से शांत रखने के लिए क्या करती हैं? जवाब/ वामिका गब्बी: मैं जिंदगी को बहुत अनिश्चित मानती हूं। जब ये सोचते हैं कि जिंदगी कभी भी बदल सकती है, तब छोटी-छोटी परेशानियां उतनी बड़ी नहीं लगतीं। सवाल: सारा, आपको सुकून कहां मिलता है? जवाब/ सारा अली खान: मुझे पहाड़ों में जाना बहुत पसंद है। वहां जाकर मैं खुद को ज्यादा शांत और फ्रेश महसूस करती हूं। सवाल: रकुल, आपका स्ट्रेस हैंडल करने का तरीका क्या है? जवाब/ रकुल प्रीत सिंह: मैं कोशिश करती हूं कि किसी भी परिस्थिति को खुद पर इतना हावी ना होने दूं कि वो मेरी शांति छीन ले। सवाल: क्या अब भी ट्रैवल आपके लिए एस्केप जैसा है? जवाब/ सारा अली खान: पहले शायद था, लेकिन अब मैं सीख रही हूं कि जहां हूं वहीं खुश और शांत कैसे रहा जाए। सवाल: आज के दौर में फैमिली एंटरटेनर फिल्मों की कितनी जरूरत है? जवाब/ सारा अली खान: ऐसी फिल्में लोगों को हंसने और परिवार के साथ अच्छा वक्त बिताने का मौका देती हैं। यही उनकी सबसे बड़ी खूबी है। सवाल: इस फिल्म की सबसे खास बात आपको क्या लगती है? जवाब/ वामिका गब्बी: यह ऐसी फिल्म है जिसे पूरा परिवार बिना झिझक साथ बैठकर देख सकता है। हर उम्र के लोग इसे एंजॉय करेंगे। सवाल: दर्शकों को यह फिल्म क्यों देखनी चाहिए? जवाब/ रकुल प्रीत सिंह: आजकल जिंदगी में तनाव बहुत है। ऐसे में अगर कोई फिल्म आपको कुछ देर हंसने और हल्का महसूस कराने में मदद करे, तो उसे जरूर देखना चाहिए।
'पति पत्नी और वो 2' स्टार्स ने दिए रिलेशनशिप टिप्स:सारा बोलीं- परफेक्ट पति पर होगा शक, वामिका-रकुल ने बताए रिश्तों के असली ग्रीन फ्लैग

फिल्म ‘पति पत्नी और वो 2’ में आयुष्मान खुराना एक ऐसे पति प्रजापति पांडे के किरदार में नजर आएंगे, जिसे बेहद समझदार, भरोसेमंद और परिवार को महत्व देने वाला दिखाया गया है। फिल्म के इसी रिश्तों वाले पहलू पर दैनिक भास्कर से खास बातचीत में वामिका गब्बी, सारा अली खान और रकुल प्रीत सिंह ने खुलकर अपनी राय रखी। बातचीत के दौरान तीनों एक्ट्रेसेस ने लॉयल पार्टनर, रिश्तों में भरोसा, रेड फ्लैग-ग्रीन फ्लैग, रिलेशनशिप सलाह और अपनी निजी सोच से जुड़े कई दिलचस्प जवाब दिए। साथ ही उन्होंने बताया कि तनावभरी जिंदगी में खुद को शांत कैसे रखती हैं और क्यों फैमिली एंटरटेनर फिल्में हमेशा लोगों के दिल के करीब रहती हैं। सवाल: अगर असल जिंदगी में आपको प्रजापति पांडे जैसा भरोसेमंद पति मिले तो आपका रिएक्शन क्या होगा? जवाब/ वामिका गब्बी: ये तो बहुत पर्सनल बात होगी, इसलिए ज्यादा नहीं बताऊंगी। लेकिन अगर कोई इंसान सच में इतना सच्चा और भरोसेमंद हो, तो उसके साथ जिंदगी आराम से बिताई जा सकती है। सवाल: सारा, अगर आपको ऐसा परफेक्ट लाइफ पार्टनर मिले तो सबसे पहले क्या सोचेंगी? जवाब/ सारा अली खान: फिल्म में प्रजापति पांडे को बहुत ईमानदार और अच्छा इंसान दिखाया गया है। अगर असल जिंदगी में ऐसा कोई मिला, तो शायद मैं पहले यही सोचूंगी कि इतना परफेक्ट इंसान सच में हो सकता है या नहीं। सवाल: क्या आज के समय में भी पूरी तरह लॉयल लोग मिलते हैं? जवाब/ रकुल प्रीत सिंह: बिल्कुल मिलते हैं। कई बार ऐसा तब होता है जब आप किसी को ढूंढना छोड़ देते हैं। फिर अचानक कोई ऐसा इंसान मिल जाता है जिसके साथ सबकुछ नैचुरली जुड़ने लगता है। सवाल: रिश्तों में शक या गलतफहमी को कैसे खत्म किया जा सकता है? जवाब/ वामिका गब्बी: मेरे हिसाब से खुलकर बातचीत करना सबसे जरूरी है। अगर किसी बात को लेकर मन में परेशानी है, तो सामने वाले से ईमानदारी से बात करनी चाहिए। सवाल: आपके हिसाब से रिश्ते में सबसे बड़ा रेड फ्लैग और ग्रीन फ्लैग क्या होता है? जवाब/ वामिका गब्बी: जो इंसान जानवरों या किसी भी जीवित चीज के प्रति संवेदनशील नहीं है, वो मेरे लिए रेड फ्लैग है। वहीं जो प्यार और सम्मान देना जानता हो, वो ग्रीन फ्लैग है। सवाल: सारा, आपके लिए रिश्ते में सबसे जरूरी चीज क्या है? जवाब/ सारा अली खान: मेरे लिए झूठ बोलना सबसे बड़ा रेड फ्लैग है। वहीं ऐसा इंसान जो आपको खुश रख सके और हंसा सके, वो सबसे बड़ा ग्रीन फ्लैग है। सवाल: रकुल, एक अच्छे पार्टनर में कौन-सी क्वालिटी सबसे खास लगती है? जवाब/ रकुल प्रीत सिंह: जो इंसान आपकी सफलता से खुश हो और हर कदम पर आपका सपोर्ट सिस्टम बने, वही सबसे अच्छा पार्टनर होता है। सवाल: क्या रिलेशनशिप में दूसरों की सलाह जरूरी होती है? जवाब/ रकुल प्रीत सिंह: मुझे लगता है कि रिश्तों को सबसे बेहतर वही दो लोग समझते हैं जो उसमें होते हैं। इसलिए ज्यादा सलाह लेना हमेशा काम नहीं आता। सवाल: इंडस्ट्री में किस स्टार का सेंस ऑफ ह्यूमर सबसे ज्यादा पसंद है? जवाब/ रकुल प्रीत सिंह: सारा अली खान। वो हर माहौल को मजेदार बना देती है। सवाल: मीम्स और सोशल मीडिया ट्रोलिंग को सबसे अच्छे तरीके से कौन संभालता है? जवाब/ वामिका गब्बी: मुझे लगता है अक्षय कुमार। उनकी कॉमिक टाइमिंग इतनी शानदार है कि लोग उनके मीम्स भी खूब एंजॉय करते हैं। सवाल: खुद को मानसिक रूप से शांत रखने के लिए क्या करती हैं? जवाब/ वामिका गब्बी: मैं जिंदगी को बहुत अनिश्चित मानती हूं। जब ये सोचते हैं कि जिंदगी कभी भी बदल सकती है, तब छोटी-छोटी परेशानियां उतनी बड़ी नहीं लगतीं। सवाल: सारा, आपको सुकून कहां मिलता है? जवाब/ सारा अली खान: मुझे पहाड़ों में जाना बहुत पसंद है। वहां जाकर मैं खुद को ज्यादा शांत और फ्रेश महसूस करती हूं। सवाल: रकुल, आपका स्ट्रेस हैंडल करने का तरीका क्या है? जवाब/ रकुल प्रीत सिंह: मैं कोशिश करती हूं कि किसी भी परिस्थिति को खुद पर इतना हावी ना होने दूं कि वो मेरी शांति छीन ले। सवाल: क्या अब भी ट्रैवल आपके लिए एस्केप जैसा है? जवाब/ सारा अली खान: पहले शायद था, लेकिन अब मैं सीख रही हूं कि जहां हूं वहीं खुश और शांत कैसे रहा जाए। सवाल: आज के दौर में फैमिली एंटरटेनर फिल्मों की कितनी जरूरत है? जवाब/ सारा अली खान: ऐसी फिल्में लोगों को हंसने और परिवार के साथ अच्छा वक्त बिताने का मौका देती हैं। यही उनकी सबसे बड़ी खूबी है। सवाल: इस फिल्म की सबसे खास बात आपको क्या लगती है? जवाब/ वामिका गब्बी: यह ऐसी फिल्म है जिसे पूरा परिवार बिना झिझक साथ बैठकर देख सकता है। हर उम्र के लोग इसे एंजॉय करेंगे। सवाल: दर्शकों को यह फिल्म क्यों देखनी चाहिए? जवाब/ रकुल प्रीत सिंह: आजकल जिंदगी में तनाव बहुत है। ऐसे में अगर कोई फिल्म आपको कुछ देर हंसने और हल्का महसूस कराने में मदद करे, तो उसे जरूर देखना चाहिए।
अनिश्चितता से सीएम-इन-वेटिंग तक: विजय ने 92 घंटों में 120 विधायकों को कैसे सुरक्षित किया | भारत समाचार

आखरी अपडेट:10 मई, 2026, 06:00 IST सफलता तब मिली जब विदुथलाई चिरुथिगल काची (वीसीके) और इंडियन यूनियन मुस्लिम लीग (आईयूएमएल) ने तमिलागा वेट्री कज़गम (टीवीके) को समर्थन दिया। टीवीके प्रमुख विजय ने लोकभवन में राज्यपाल आरवी आर्लेकर से मुलाकात की “चौथी बार का आकर्षणटीवीके प्रमुख विजय के लिए अब तमिलनाडु में सरकार बनाने का रास्ता साफ हो गया है क्योंकि वह आज 10 मई को मुख्यमंत्री पद की शपथ लेने वाले हैं। विजय ने तमिलनाडु में सरकार बनाने का दावा पेश करने के लिए शनिवार शाम चेन्नई के लोक भवन में अपने गठबंधन सहयोगियों के साथ राज्यपाल से मुलाकात की। सफलता तब मिली जब विदुथलाई चिरुथिगल काची (वीसीके) और इंडियन यूनियन मुस्लिम लीग (आईयूएमएल) ने तमिलागा वेट्री कज़गम (टीवीके) को समर्थन दिया, जिससे कुल सीटों की संख्या 120 तक पहुंच गई। अभिनेता से नेता बने विजय के नेतृत्व वाली टीवीके ने 234 सदस्यीय विधानसभा में 108 सीटें जीतकर तमिलनाडु में इतिहास रचा। हालाँकि, यह बहुमत के निशान से पीछे रह गया, जो कि 118 है, जिससे सहयोगियों की तलाश शुरू हो गई। वीसीके चीफ थोल। तिरुमावलवन ने कहा कि उनकी पार्टी ने तमिलनाडु में राष्ट्रपति शासन को रोकने के लिए टीवीके को समर्थन दिया है। उन्होंने कहा, “हम सरकार बनाने और राष्ट्रपति शासन को रोकने के लिए टीवीके का समर्थन कर रहे हैं। तमिलनाडु में राजनीतिक संकट राष्ट्रपति शासन लागू करने का कारण नहीं बनना चाहिए।” सीएनएन-न्यूज18 सूचना दी. उन्होंने कहा, “दीर्घकालिक दृष्टिकोण को ध्यान में रखते हुए, टीवीके को बिना शर्त समर्थन देने का फैसला किया गया।” जादुई संख्या वीसीके और आईयूएमएल के समर्थन से, कुल सीटों की संख्या अब 120 हो गई है, जो बहुमत के 118 के आंकड़े से अधिक है। आंकड़ों पर एक नजर- टीवीके: 107 कांग्रेस: 5 सीपीआई: 2 सीपीआई (एम): 2 वीसीके: 2 आईयूएमएल: 2 कांग्रेस ने टीवीके को इस शर्त पर समर्थन दिया था कि किसी भी “सांप्रदायिक ताकतों” को गठबंधन से बाहर रखा जाएगा। नाटक का खुलासा कैसे हुआ 120 विधायकों के समर्थन के साथ टीवीके प्रमुख विजय ने राज्यपाल आरवी आर्लेकर से मुलाकात की और एक बार फिर राज्य में सरकार बनाने का दावा पेश किया. इस बार उन्होंने विजय को हरी झंडी दे दी, जिससे कई दिनों के गतिरोध के बाद राज्य में सरकार बनाने का रास्ता साफ हो गया। इससे पहले दिन में, लोक भवन की ओर जा रहा उनका काफिला बीच रास्ते से लौट आया क्योंकि कई रिपोर्टों से पता चला कि राज्यपाल ने टीवीके प्रमुख को मिलने का समय देने से इनकार कर दिया था। एक सीपीआई (एम) नेता ने बताया सीएनएन-न्यूज18 राज्यपाल ने पूर्व व्यस्तताओं का हवाला दिया था और विजय को नियुक्ति देने से इनकार कर दिया था। शुक्रवार शाम को, टीवीके प्रमुख विजय ने राज्यपाल अर्लेकर से तीसरी बार मुलाकात की और घोषणा की कि उनके पास 118 विधायकों का समर्थन है, जो बहुमत के लिए आवश्यक संख्या है। हालांकि, राज्यपाल कार्यालय के सूत्रों ने कहा कि विजय को अभी तक मुख्यमंत्री पद की शपथ लेने के लिए आमंत्रित नहीं किया गया है क्योंकि उन्होंने 118 विधायकों का समर्थन साबित नहीं किया है. टीवीके प्रमुख ने तमिलनाडु में सरकार बनाने का दावा पेश करने के लिए दो दिनों में दो बार – बुधवार और गुरुवार – राज्यपाल से मुलाकात की, लेकिन अर्लेकर ने उनसे कहा, “118 विधायकों के साथ वापस आएं”। तमिलनाडु विधानसभा चुनाव 2026 में टीवीके ने 108 सीटें जीतीं। डीएमके को 59, एआईएडीएमके को 47, पीएमके को 4, आईयूएमएल को 2, सीपीआई को 2 और सीपीआई (एम) को 2 सीटें मिलीं, जबकि बीजेपी, डीएमडीके और एएमएमके ने एक-एक सीट जीती। चुनी हुई कहानियाँ, आपके इनबॉक्स में हमारी सर्वोत्तम पत्रकारिता वाला एक न्यूज़लेटर जमा करना न्यूज़ इंडिया अनिश्चितता से सीएम-इन-वेटिंग तक: कैसे विजय ने 92 घंटों में 120 विधायकों को सुरक्षित कर लिया अस्वीकरण: टिप्पणियाँ उपयोगकर्ताओं के विचार दर्शाती हैं, News18 के नहीं। कृपया चर्चाएँ सम्मानजनक और रचनात्मक रखें। अपमानजनक, मानहानिकारक, या अवैध टिप्पणियाँ हटा दी जाएंगी। News18 अपने विवेक से किसी भी टिप्पणी को अक्षम कर सकता है. पोस्ट करके, आप हमारी उपयोग की शर्तों और गोपनीयता नीति से सहमत होते हैं। और पढ़ें
IPL- लखनऊ प्लेऑफ की रेस से बाहर:चेन्नई ने 5 विकेट से हराया; उर्विल पटेल ने 13 बॉल पर फिफ्टी लगाई; ओवर्टन को 3 विकेट

लखनऊ सुपर जायंट्स IPL में प्लेऑफ की रेस से बाहर हो गई है। उसे चेन्नई सुपर किंग्स ने रविवार के पहले मैच में 5 विकेट से हराया। इस हार के बाद ऋषभ पंत की टीम बचे हुए मैच जीतकर भी 12 अंक तक ही पहुंच सकती है, जो प्लेऑफ के लिए काफी नहीं है। चेपॉक स्टेडियम में चेन्नई के कप्तान ऋतुराज गायकवाड ने टॉस जीतकर गेंदबाजी चुनी। लखनऊ ने 20 ओवर में 8 विकेट पर 203 रन बनाए। चेन्नई ने 204 रन का टारगेट 19.2 ओवर में 5 विकेट पर चेज कर लिया। आखिरी ओवर में शिवम दुबे ने ऐडन मार्करम की बॉल पर लगातार दो छक्के मारकर टीम को जीत दिला दी। मैच का स्कोरबोर्ड उर्विल ने सबसे तेज फिफ्टी के रिकॉर्ड की बराबरी की उर्विल पटेल ने 33 बॉल पर 65 रन की अर्धशतकीय पारी खेली। उन्होंने 13 बॉल पर फिफ्टी लगाई। उर्विल ने IPL में सबसे तेज फिफ्टी लगाने के रिकॉर्ड की बराबरी की। राजस्थान के यशस्वी जायसवाल 2023 में 13 बॉल पर फिफ्टी लगा चुके हैं। उर्विल पटेल के अलावा, कप्तान ऋतुराज गायकवाड ने 42, संजू सैमसन ने 28 और कार्तिक त्यागी ने 20 रन का योगदान दिया। लखनऊ के दिग्वेश राठी और शहबाज अहमद को 2-2 विकेट मिले। एक विकेट आवेश खान के खाते में आया। ग्राफिक में उर्विल की पारी देखिए… लखनऊ से इंग्लिस ने अर्धशतक लगाया जोश इंग्लिस ने 85 रन की अर्धशतकीय पारी खेली। उन्होंने 33 गेंद की पारी में 10 चौके और 6 छक्के लगाए। आखिरी में शहबाज अहमद ने नाबाद 43 रन बनाए। ओवर्टन प्लेयर ऑफ द मैच चेन्नई के जैमी ओवर्टन प्लेयर ऑफ द मैच चुने गए। उन्होंने 36 रन देकर 3 विकेट झटके। अंशुल कम्बोज को 2 विकेट मिले। एक विकेट नूर अहमद को मिला। दोनों टीमों की प्लेइंग चेन्नई सुपर किंग्स: ऋतुराज गायकवाड (कप्तान), संजू सैमसन (विकेटकीपर), उर्विल पटेल, कार्तिक शर्मा, डेवाल्ड ब्रेविस, शिवम दुबे, जैमी ओवर्टन, अकील हुसैन, नूर अहमद, अंशुल कंबोज और मुकेश चौधरी। इम्पैक्ट ऑप्शंस: गुरजपनीत सिंह, प्रशांत वीर, मैथ्यू शॉर्ट, सरफराज खान और आकाश मधवाल। लखनऊ सुपर जाइंट्स: मिचेल मार्श, जोस इंग्लिस, निकोलस पूरन, ऋषभ पंत (कप्तान और विकेटकीपर), ऐडन मार्करम, अक्षत रघुवंशी, हिम्मत सिंह, शहबाज अहमद, मोहम्मद शमी, प्रिंस यादव और दिग्वेश राठी। इम्पैक्ट ऑप्शंस: मुकुल चौधरी, आवेश खान, अब्दुल समद, एम सिद्धार्थ और मयंक यादव।







