Sunday, 04 Oct 2026 | 09:06 AM

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आंधी से उड़ा टेंट, लोगों ने पाइप पकड़कर लटके:खिलचीपुर मेला ग्राउंड में तेज हवाओं से उड़ता रहा सामान, पेड़ों की टहनियां गिरीं

आंधी से उड़ा टेंट, लोगों ने पाइप पकड़कर लटके:खिलचीपुर मेला ग्राउंड में तेज हवाओं से उड़ता रहा सामान, पेड़ों की टहनियां गिरीं

राजगढ़ जिले में गुरुवार को मौसम ने अचानक करवट ली। दिनभर 40.5 डिग्री की झुलसाती गर्मी झेलने के बाद शाम होते-होते तेज धूलभरी आंधी और तूफान ने हालात बदल दिए। करीब 5 बजे आसमान में काले बादल छाने लगे और कुछ ही देर में तेज हवाओं का दौर शुरू हो गया। करीब 5:30 बजे के आसपास खिलचीपुर, राजगढ़, नरसिंहगढ़ और जीरापुर क्षेत्रों में तेज आंधी-तूफान के साथ धूलभरी हवाएं चलने लगीं। करीब आधे घंटे तक चली इस आंधी ने जनजीवन को प्रभावित कर दिया। सड़कों पर धूल का गुबार छा गया, पेड़ जोर-जोर से हिलते नजर आए और कई जगह उनकी डालियां टूटकर गिर गईं। मेला ग्राउंड में टेंट गिरा, लोगों ने संभाला ढांचा खिलचीपुर नगर के बड़े मेला ग्राउंड में सौंधिया समाज के सम्मेलन के लिए लगाया गया टेंट तेज हवा के कारण गिर गया। मौके पर मौजूद सम्मेलन समिति के लोग बड़े पांडाल के लोहे के पाइपों को गिरने से बचाने के लिए पकड़कर खड़े नजर आए, ताकि बाकी ढांचा सुरक्षित रह सके। वहीं नगर के बस स्टैंड के पास फूल माली समाज का सम्मेलन प्रस्तावित है। यहां आयोजन समिति ने आंधी के दौरान एहतियात बरतते हुए तंबू के अंदर लगे पार्टिशन पर्दों को खोल दिया, ताकि हवा का दबाव कम किया जा सके और टेंट को नुकसान से बचाया जा सके। पेड़ों की टहनियां गिरीं आंधी के दौरान तेज हवाओं की रफ्तार का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि सड़क किनारे पड़ी पॉलिथीन और हल्का सामान हवा में उड़ता नजर आया। कई जगह पेड़ों की डालियां टूटकर सड़कों पर गिर गईं। हालांकि, इस दौरान किसी के हताहत होने की सूचना नहीं मिली है। मौसम विभाग के अनुसार, जिले में गुरुवार को न्यूनतम तापमान 23.6 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। दिनभर की भीषण गर्मी के बाद आई इस आंधी ने लोगों को राहत तो दी, लेकिन अचानक बदले मौसम ने सतर्क रहने की जरूरत भी बता दी।

श्रीलंका विमेंस ने बांग्लादेश से टी20 सीरीज जीती:दूसरे टी-20 में 21 रन से हराया; तीन मैच की सीरीज में 2-0 से आगे

श्रीलंका विमेंस ने बांग्लादेश से टी20 सीरीज जीती:दूसरे टी-20 में 21 रन से हराया; तीन मैच की सीरीज में 2-0 से आगे

श्रीलंका महिला टीम ने सिलहट में खेले गए दूसरे टी20 मुकाबले में बांग्लादेश को 21 रन से हराकर 2-0 से अजेय बढ़त बना ली। टॉस हारकर पहले बल्लेबाजी करने उतरी श्रीलंका ने 20 ओवर में 4 विकेट खोकर 154 रन बनाए, जवाब में बांग्लादेश निर्धारित ओवर में 5 विकेट पर रन ही बना सकी। हर्षिता समराविक्रमा ने 29 गेंद पर 49 रन बनाए श्रीलंका की शुरुआत खराब रही। टीम ने 22 रन पर ही हसीनी परेरा का विकेट गंवा दिया। वह 11 गेंद पर 9 रन बनाकर आउट हुई। दूसरे विकेट के लिए कप्तान चमारी अटापट्टू और इमेशा दुलानी के बीच 44 रन की साझेदारी हुई। इमेशा ने 25 गेंद पर 27 रन, जबकि अटापट्टू ने 37 गेंद पर 42 रन बनाए। श्रीलंका ने आखिरी 4 ओवर में 60 रन बनाए। इस दौरान हर्षिता समराविक्रमा ने 29 गेंदों पर 49 रन की पारी खेली। उन्होंने 4 चौके और 2 छक्के लगाए। नीलाक्षिका सिल्वा ने नाबाद 22 रन बनाए। बांग्लादेश की ओर से फारिहा, सुल्ताना, नाहिदा और रितु ने 1-1 विकेट लिए। श्रीलंकाई स्पिनर्स के सामने बांग्लादेश ने घुटने टेके बांग्लादेश के लिए दिलारा अख्तर और जुएरिया फर्दोस की ओपनिंग जोड़ी ने 46 रन जोड़े। पावरप्ले के बाद श्रीलंका के स्पिनर्स ने रन गति को धीमा रखा। 7 से 14 ओवर तक बांग्लादेश सिर्फ 39 रन ही जोड़ सकी और 4 विकेट गवां दिए। इसके बाद जरुरी रन रेट बढ़ता ही गया और बांग्लादेश मैच हार गई। शर्मीन अख्तर ने 47 गेंद पर नाबाद 44 रन की धीमी पारी खेली और बांग्लादेश की टॉप स्कोरर रही। श्रीलंकाई स्पिनर कविशा दिल्हारी ने 4 ओवर में 15 रन देकर 2 विकेट लिए। उन्हें प्लेयर ऑफ द मैच चुना गया। स्पिनर्स के 12 ओवर में सिर्फ 50 रन ही बने। पहले मैच में श्रीलंका ने 25 रन से जीत दर्ज की थी। 2 मई को सीरीज का तीसरा और आखिरी मैच खेला जाएगा। स्पोर्ट्स यह खबर भी पढ़ें… रियान पराग पर मैच फीस का 25% जुर्माना लगा:ड्रेसिंग रूम में ई-सिगरेट पीते दिखे थे, एक डिमेरिट पॉइंट भी मिला पंजाब किंग्स के खिलाफ मैच के दौरान राजस्थान रॉयल्स के कप्तान रियान पराग को IPL के कोड ऑफ कंडक्ट के उल्लंघन का दोषी पाया गया है। मैच रेफरी ने उन पर कड़ा एक्शन लेते हुए जुर्माना और पेनल्टी पॉइंट लगाया है। पूरी खबर पढ़ें…

श्रीलंका विमेंस ने बांग्लादेश से टी20 सीरीज जीती:दूसरे टी-20 में 21 रन से हराया; तीन मैच की सीरीज में 2-0 से आगे

श्रीलंका विमेंस ने बांग्लादेश से टी20 सीरीज जीती:दूसरे टी-20 में 21 रन से हराया; तीन मैच की सीरीज में 2-0 से आगे

श्रीलंका महिला टीम ने सिलहट में खेले गए दूसरे टी20 मुकाबले में बांग्लादेश को 21 रन से हराकर 2-0 से अजेय बढ़त बना ली। टॉस हारकर पहले बल्लेबाजी करने उतरी श्रीलंका ने 20 ओवर में 4 विकेट खोकर 154 रन बनाए, जवाब में बांग्लादेश निर्धारित ओवर में 5 विकेट पर रन ही बना सकी। हर्षिता समराविक्रमा ने 29 गेंद पर 49 रन बनाए श्रीलंका की शुरुआत खराब रही। टीम ने 22 रन पर ही हसीनी परेरा का विकेट गंवा दिया। वह 11 गेंद पर 9 रन बनाकर आउट हुई। दूसरे विकेट के लिए कप्तान चमारी अटापट्टू और इमेशा दुलानी के बीच 44 रन की साझेदारी हुई। इमेशा ने 25 गेंद पर 27 रन, जबकि अटापट्टू ने 37 गेंद पर 42 रन बनाए। श्रीलंका ने आखिरी 4 ओवर में 60 रन बनाए। इस दौरान हर्षिता समराविक्रमा ने 29 गेंदों पर 49 रन की पारी खेली। उन्होंने 4 चौके और 2 छक्के लगाए। नीलाक्षिका सिल्वा ने नाबाद 22 रन बनाए। बांग्लादेश की ओर से फारिहा, सुल्ताना, नाहिदा और रितु ने 1-1 विकेट लिए। श्रीलंकाई स्पिनर्स के सामने बांग्लादेश ने घुटने टेके बांग्लादेश के लिए दिलारा अख्तर और जुएरिया फर्दोस की ओपनिंग जोड़ी ने 46 रन जोड़े। पावरप्ले के बाद श्रीलंका के स्पिनर्स ने रन गति को धीमा रखा। 7 से 14 ओवर तक बांग्लादेश सिर्फ 39 रन ही जोड़ सकी और 4 विकेट गवां दिए। इसके बाद जरुरी रन रेट बढ़ता ही गया और बांग्लादेश मैच हार गई। शर्मीन अख्तर ने 47 गेंद पर नाबाद 44 रन की धीमी पारी खेली और बांग्लादेश की टॉप स्कोरर रही। श्रीलंकाई स्पिनर कविशा दिल्हारी ने 4 ओवर में 15 रन देकर 2 विकेट लिए। उन्हें प्लेयर ऑफ द मैच चुना गया। स्पिनर्स के 12 ओवर में सिर्फ 50 रन ही बने। पहले मैच में श्रीलंका ने 25 रन से जीत दर्ज की थी। 2 मई को सीरीज का तीसरा और आखिरी मैच खेला जाएगा। स्पोर्ट्स यह खबर भी पढ़ें… रियान पराग पर मैच फीस का 25% जुर्माना लगा:ड्रेसिंग रूम में ई-सिगरेट पीते दिखे थे, एक डिमेरिट पॉइंट भी मिला पंजाब किंग्स के खिलाफ मैच के दौरान राजस्थान रॉयल्स के कप्तान रियान पराग को IPL के कोड ऑफ कंडक्ट के उल्लंघन का दोषी पाया गया है। मैच रेफरी ने उन पर कड़ा एक्शन लेते हुए जुर्माना और पेनल्टी पॉइंट लगाया है। पूरी खबर पढ़ें…

जालंधर की युवती की ओमान में संदिग्ध मौत:मां ने एजेंट पर शारीरिक शोषण-उत्पीड़न का लगाया आरोप; आरोपी दफ्तर बंद कर फरार

जालंधर की युवती की ओमान में संदिग्ध मौत:मां ने एजेंट पर शारीरिक शोषण-उत्पीड़न का लगाया आरोप; आरोपी दफ्तर बंद कर फरार

जालंधर के आबादपुरा की रहने वाली एक मां ने अपनी बेटी अंकिता की ओमान में हुई संदिग्ध मौत के लिए एक ट्रैवल एजेंट पर गंभीर आरोप लगाए हैं। मां का दावा है कि एजेंट ने उसे धोखे से विदेश भेजा, जहां उसका शारीरिक शोषण और मानसिक उत्पीड़न किया गया। 24 अप्रैल को अंकिता की मौत की खबर मिलने के बाद आरोपी एजेंट दफ्तर बंद कर फरार है। पीड़ित परिवार ने पुलिस कमिश्नर से न्याय की गुहार लगाते हुए आरोपी की गिरफ्तारी और बेटी के शव को वापस लाने की मांग की है। सुनहरे भविष्य का झांसा देकर बुना मौत का जाल आबादपुरा की निवासी मोनिका ने अपनी बेटी अंकिता के बेहतर भविष्य के लिए एक विज्ञापन देखकर एजेंट जसकरण सिंह से संपर्क किया था। अंबिका टावर स्थित ‘जे.आर. एंटरप्राइजेज’ के मालिक जसकरण ने भरोसा दिलाया था कि अंकिता को ओमान में घरेलू काम के लिए 30,000 रुपये प्रति माह वेतन मिलेगा। इस झांसे में आकर परिवार ने 71,000 रुपये और पासपोर्ट सौंप दिए, जिसके बाद 2 अक्टूबर 2025 को अंकिता को दिल्ली से ओमान भेज दिया गया। फोन पर रो-रोकर सुनाती थी प्रताड़ना ओमान पहुंचने के कुछ समय बाद ही अंकिता के साथ दुर्व्यवहार शुरू हो गया। वह 22 अप्रैल तक अपनी मां के संपर्क में रही। फोन पर वह अकसर रोते हुए बताती थी कि वहां उसका शारीरिक शोषण किया जा रहा है और उसे बुरी तरह पीटा जाता है। मां ने जब एजेंट जसकरण से अपनी बेटी को वापस बुलाने की गुहार लगाई, तो वह हर बार झूठे दिलासे देकर उन्हें टालता रहा। 24 अप्रैल को आई मौत की खबर अंकिता का संपर्क 22 अप्रैल के बाद अचानक टूट गया। इसके बाद ओमान में काम करने वाली एक अन्य महिला ने फोन कर परिवार को झकझोर देने वाली खबर दी। उसने बताया कि 24 अप्रैल 2026 को अंकिता की मौत हो गई है। उस महिला ने भी पुष्टि की कि अंकिता को भारी शारीरिक प्रताड़ना का सामना करना पड़ा था। जैसे ही अंकिता की मौत की खबर फैली, आरोपी एजेंट जसकरण अपना दफ्तर बंद कर फरार हो गया। पुलिस प्रशासन से न्याय की मांग बेटी को खो चुकी लाचार मां ने अब पुलिस कमिश्नर के पास इंसाफ की अपील की है। उन्होंने मांग की है कि एजेंट को विदेश भागने से पहले गिरफ्तार किया जाए और अंकिता के शव को भारत लाने की व्यवस्था की जाए। पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच तेज कर दी है। यह घटना एक बार फिर उन फर्जी एजेंटों के काले सच को उजागर करती है जो मासूमों को सुनहरे सपनों के नाम पर मौत के कुएं में धकेल देते हैं।

पन्ना में अंधे हत्याकांड का खुलासा:दोस्त ने ही की की चाकू मारकर हत्या, पैसों को लेकर था विवाद

पन्ना में अंधे हत्याकांड का खुलासा:दोस्त ने ही की की चाकू मारकर हत्या, पैसों को लेकर था विवाद

पन्ना पुलिस ने ग्राम बम्हौरी में हुए एक हत्याकांड का खुलासा कर दिया है। पुलिस ने पुराने पैसों के लेनदेन के विवाद में अपने दोस्त अनिल दहायत की चाकू मारकर हत्या करने वाले आरोपी आलोक सिंह राजपूत को गिरफ्तार किया है। यह घटना 28 अप्रैल की शाम को सामने आई थी, जब ग्राम बम्हौरी के पास ‘भटवा की तलैया’ में अनिल दहायत का खून से लथपथ शव मिला था। मृतक के पिता बैजू दहायत की शिकायत पर अमानगंज थाने में अज्ञात व्यक्ति के खिलाफ हत्या का मामला (धारा 103(1) BNS) दर्ज किया गया था। थाना प्रभारी अमानगंज रवि सिंह जादौन के नेतृत्व में पुलिस टीम ने 30 अप्रैल को जांच शुरू की। जांच के दौरान गांव के ही आलोक सिंह राजपूत पर संदेह गहराया। मुखबिर से मिली सूचना के आधार पर पुलिस को पता चला कि आलोक सिंह, जो पैर से लंगड़ाकर चलता है, घायल अवस्था में कुदरा मोड़ के पास भागने की फिराक में था। पुलिस ने घेराबंदी कर उसे हिरासत में ले लिया। पूछताछ में आरोपी आलोक सिंह राजपूत ने बताया कि मृतक अनिल दहायत के साथ उसका पैसों को लेकर पुराना विवाद चल रहा था। 28 अप्रैल की शाम इसी बात पर दोनों के बीच कहासुनी हुई, जिसके बाद आलोक ने एक घरेलू चाकू से अनिल पर कई वार किए। इन वारों से अनिल की मौके पर ही मौत हो गई। पुलिस ने आरोपी की निशानदेही पर हत्या में प्रयुक्त चाकू झरकुआ मोड़ पुलिया के पास से बरामद कर लिया है। इस अज्ञात कत्ल का पर्दाफाश करने में थाना प्रभारी रवि सिंह जादौन, सउनि राघवेन्द्र प्रधान, प्र.आर. शिवम शर्मा, गणेश सिंह, देवनारायण शुक्ला, आरक्षक तुलसी, मेहरवान सिंह, विश्वास शुक्ला, अखिलेश पाल और मुनेन्द्र सिंह का विशेष योगदान रहा।

पत्नी ने पति संग रहने से किया इनकार:हाईकोर्ट में अवैध बंधक आरोप खारिज, प्रेमी संग रहने पर बनी सहमति, पिता के पास रहेगा बेटा

पत्नी ने पति संग रहने से किया इनकार:हाईकोर्ट में अवैध बंधक आरोप खारिज, प्रेमी संग रहने पर बनी सहमति, पिता के पास रहेगा बेटा

ग्वालियर हाईकोर्ट में एक वैवाहिक विवाद से जुड़ा मामला सुनवाई के दौरान ही अप्रत्याशित मोड़ लेता नजर आया। पत्नी को अवैध रूप से बंधक बनाए जाने के गंभीर आरोपों के बीच जब महिला को कोर्ट में पेश किया गया तो पूरे मामले की दिशा ही बदल गई। दरअसल, पति लाखन कडेरे ने याचिका दायर कर आरोप लगाया था कि उसकी पत्नी को प्रतिवादी पक्ष द्वारा जबरन अपने पास रखा गया है और उसे उससे मिलने नहीं दिया जा रहा। इस पर कोर्ट ने मामले को गंभीरता से लेते हुए महिला को पेश करने के निर्देश दिए थे। निर्देश के पालन में जब महिला को कोर्ट में प्रस्तुत किया गया और न्यायालय ने उसकी स्वतंत्र इच्छा जाननी चाही, तो महिला ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि वह किसी भी प्रकार के दबाव में नहीं है। उसने बताया कि वह अपनी मर्जी से राकेश नामक व्यक्ति के साथ रह रही है और पति के साथ वापस नहीं जाना चाहती। अवैध बंधक बनाए जाने का आरोप कमजोर पड़ा महिला के इस बयान के बाद ‘अवैध बंधक’ बनाए जाने का आरोप स्वतः ही कमजोर पड़ गया और याचिका का मूल आधार खत्म हो गया। इसके बाद कोर्ट में ही दोनों पक्षों के बीच बातचीत शुरू हुई, जिसमें आपसी सहमति से विवाद को समाप्त करने का रास्ता निकाला गया। समझौते के तहत पति लाखन कडेरे ने पत्नी को तलाक देने पर सहमति जताई। हालांकि, उसने स्थायी गुजारा भत्ता (एलिमनी) न देने की शर्त रखी, जिसे महिला ने स्वीकार कर लिया। इसके साथ ही, दोनों के चार वर्षीय बेटे की कस्टडी पिता के पास रखने पर भी सहमति बनी। इस निर्णय पर महिला के पिता ने भी अपनी मंजूरी दे दी। हाईकोर्ट ने कहा- सुनवाई का औचित्य नहीं दोनों पक्षों के बीच सभी मुद्दों पर सहमति बनने के बाद हाईकोर्ट ने कहा कि अब याचिका पर आगे सुनवाई का कोई औचित्य नहीं रह जाता। कोर्ट ने मामले को निष्फल मानते हुए निपटा दिया। इस मामले ने एक बार फिर यह स्पष्ट किया है कि वैवाहिक विवादों में अदालत का प्रमुख उद्देश्य पक्षकारों की स्वतंत्र इच्छा और सहमति को महत्व देना होता है। साथ ही, यह भी दर्शाता है कि कई बार अदालत की प्रक्रिया के दौरान ही ऐसे मामलों का समाधान आपसी समझ और सहमति से निकल सकता है।

भैंसों को छुड़ाने एमपी पुलिस ने राजस्थान तक किया पीछा:60 भैंस चुराकर चंबल नदी पार की, बीहड़ में घिरे तो छोड़कर भागे

भैंसों को छुड़ाने एमपी पुलिस ने राजस्थान तक किया पीछा:60 भैंस चुराकर चंबल नदी पार की, बीहड़ में घिरे तो छोड़कर भागे

मुरैना में चंबल किनारे बसे गांव नगर का पुरा में चोर 60 भैंस चोरी कर ले गए। बुधवार रात चोर चार चरवाहों की भैंसों को लेकर चम्बल नदी पार कर राजस्थान के धौलपुर इलाके में घुस गए। भैंस चोरी की सूचना जब सिविल लाइन पुलिस को लगी तो तीन थानों की पुलिस ने चम्बल के जंगल में सर्चिंग शुरू की और जा पहुंचे राजस्थान सीमा में चारों तरफ से पुलिस से घिरता देख चोर भैंसों को चंबल के बीहड़ में छोड़ भाग गए। पुलिस अब भैंसों को मुरैना वापस ला रही है। फरियादी भी पुलिस टीम के साथ है उसने अपनी भैंसों की पहचान कर ली है। तीन थानों की पुलिस ने किया पीछा सिविल लाइन थाना क्षेत्र के नगर का पुरा गांव में बुधवार रात करीब 1 बजे अज्ञात चोरों के द्वारा चार किसानों की 60 भैंसों को चोरी कर चंबल नदी पार डांग बसई और नगर गांव के बीहड़ों के रास्ते जा पहुंचे। भैंस चोरी की सूचना पर एसपी समीर सौरभ के निर्देश पर तीन थाने सिविल लाइन,देवगढ़,सराय छोला की पुलिस टीआई उदयभान यादव के नेतृत्व में पुलिस टीम चंबल के बीहड़ में सर्चिंग करती हुई भैंसों की तलाश में जुट गई। 18 घंटे की मेहनत और जंगल में सर्चिंग के बाद पुलिस चंबल नदी पार कर राजस्थान के डांग बसई और नगर गांव के बीहड़ से लावारिस खड़ी भैंसों को बरामद कर लाई। इनकी थी भैंसे पहाड़गढ़ क्षेत्र में पानी और चारे की कमी के कारण चार किसान अपनी भैंसों को लेकर सिविल लाइन क्षेत्र के नगर का पुरा गांव में अपने रिश्तेदार के यहां आ गए। यह सभी दूध बेचकर अपने परिवार का पालन-पोषण करते हैं। इनमें सिरमोद गुर्जर, सरनाम गुर्जर और जंडेल गुर्जर (सभी पिता नारायण गुर्जर) तथा ओतारी गुर्जर (पिता विशाल गुर्जर) शामिल हैं। सभी किसान गुर्जा ठाठीपुर, विकासखंड पहाड़गढ़ के निवासी हैं। बीहड़ में लावारिस खड़ी मिली भैंसें सिविल लाइन थान प्रभारी के अनुसार चोरी की सूचना पर एसपी महोदय के द्वारा दिये निर्देश पर पुलिस टीम के साथ रात से ही सर्चिंग बीहड़ में की गई। भैंसों के पैरों के निशान के साथ आगे बड़े और चम्बल नदी के उस पार राजस्थान के डांग बसई गांव और नगर गांव के बीच बीहड़ में भैंसे लावारिस खड़ी थी। फरियादी साथ में थे उन्होंने अपनी भैंसों को पहचान लिया तो सभी को वापस मुरैना लाया जा रहा है। संभवतः पुलिस दबाव के चलते बदमाश भाग गए। उनकी तलाश भी की जाएगी।

नो शुगर ड्रिंक में जब नहीं होती चीनी तो मीठा करने के लिए क्या डाला जाता है? क्या यह फायदेमंद!

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Last Updated:April 30, 2026, 18:16 IST नो शुगर ड्रिंक्स में चीनी की जगह अलग-अलग तरह के स्वीटनर, प्राकृतिक मिठास देने वाले तत्व या फ्लेवर टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल किया जाता है. ये सामान्य चीनी का विकल्प हो सकते हैं, लेकिन इन्हें भी समझदारी से लेना चाहिए. सबसे अच्छा विकल्प हमेशा सादा पानी, नारियल पानी या घर के हेल्दी ड्रिंक्स ही माने जाते हैं. आर्टिफिशियल स्वीटनर सेहत के लिए फायदेमंद या नुकसानदायक. आजकल बाजार में नो शुगर, जीरो शुगर और शुगर फ्री ड्रिंक्स तेजी से लोकप्रिय हो रही हैं. कई लोग वजन कम करने, डायबिटीज कंट्रोल करने या कम कैलोरी लेने के लिए इन्हें चुनते हैं. लेकिन जब बोतल पर साफ लिखा होता है कि इसमें चीनी नहीं है, तब सबसे बड़ा सवाल यही उठता है कि फिर इसका स्वाद मीठा कैसे होता है? आखिर बिना चीनी के कोई ड्रिंक मीठी कैसे लग सकती है. इसका जवाब स्वाद बढ़ाने वाले खास तत्वों में छिपा होता है, जिन्हें कम मात्रा में मिलाकर मीठापन दिया जाता है. असल में इन ड्रिंक्स में साधारण चीनी की जगह ऐसे पदार्थ डाले जाते हैं, जो जीभ के स्वाद रिसेप्टर्स को मीठा महसूस कराते हैं. यानी शरीर को मीठा स्वाद मिलता है, लेकिन उसमें सामान्य चीनी जैसी कैलोरी या ब्लड शुगर बढ़ाने वाला असर कम या बिल्कुल नहीं होता. यही वजह है कि ये ड्रिंक्स उन लोगों के बीच लोकप्रिय हैं जो मीठा स्वाद चाहते हैं, लेकिन चीनी से बचना चाहते हैं. आर्टिफिशियल स्वीटनर क्या होते हैंकई नो शुगर ड्रिंक्स में आर्टिफिशियल स्वीटनर देने वाले तत्व मिलाए जाते हैं. इनमें एस्पार्टेम, सुक्रालोज और एसेसल्फेम पोटैशियम जैसे नाम शामिल हैं. ये सामान्य चीनी से कई गुना ज्यादा मीठे होते हैं, इसलिए बहुत कम मात्रा में ही इस्तेमाल किए जाते हैं. थोड़ी सी मात्रा में भी ये ड्रिंक को मीठा स्वाद दे देते हैं. इसी वजह से कैलोरी भी काफी कम रहती है. नेचुरल विकल्प भी होते हैंकुछ कंपनियां प्राकृतिक स्रोतों से मिलने वाली मिठास का इस्तेमाल करती हैं. जैसे स्टीविया और मोंक फ्रूट एक्सट्रैक्ट. स्टीविया एक पौधे की पत्तियों से मिलता है और यह बिना चीनी के मीठा स्वाद देता है. इसी तरह मोंक फ्रूट भी प्राकृतिक विकल्प माना जाता है. ये दोनों आमतौर पर उन लोगों को पसंद आते हैं जो आर्टिफिशियल चीजों से बचना चाहते हैं. शुगर अल्कोहल क्या हैकई जीरो शुगर या लो कार्ब ड्रिंक्स और प्रोडक्ट्स में एरिथ्रिटॉल, जाइलिटॉल जैसे तत्व मिलाए जाते हैं. इन्हें शुगर अल्कोहल कहा जाता है. ये स्वाद में मीठे होते हैं, लेकिन सामान्य चीनी की तुलना में कम कैलोरी देते हैं. हालांकि कुछ लोगों को ज्यादा मात्रा में लेने पर पेट फूलना या गैस जैसी परेशानी हो सकती है. बिना मीठा डाले भी मीठा स्वाद कैसे बढ़ता हैकुछ ड्रिंक्स में फ्लेवर एन्हांसर, एसिड्स और खुशबू वाले तत्व भी डाले जाते हैं. ये दिमाग को मीठा स्वाद ज्यादा महसूस कराने में मदद करते हैं. यानी कभी-कभी वास्तविक मिठास कम होने पर भी स्वाद मीठा लग सकता है. यह स्वाद विज्ञान का हिस्सा है. क्या ये फायदेमंद हैंअगर कोई व्यक्ति बहुत ज्यादा चीनी वाले ड्रिंक्स पीता है और उसकी जगह सीमित मात्रा में नो शुगर ड्रिंक चुनता है, तो यह बेहतर विकल्प हो सकता है. इससे कैलोरी कम हो सकती है और शुगर इनटेक भी घट सकता है. खासकर वजन कंट्रोल या डायबिटीज मैनेजमेंट में कुछ लोगों को फायदा मिल सकता है. नो शुगर का मतलब यह नहीं कि आप इसे जितना चाहें उतना पी सकते हैं. ज्यादा मात्रा में लेने से मीठे स्वाद की आदत बनी रह सकती है. कुछ लोगों को कुछ स्वीटनर सूट नहीं करते. इसलिए लेबल पढ़ना जरूरी है और सीमित मात्रा में सेवन करना बेहतर है. About the Author Vividha SinghSub Editor विविधा सिंह इस समय News18 हिंदी के डिजिटल मीडिया में सब एडिटर के तौर पर काम कर रही हैं. वह लाइफस्टाइल बीट में हेल्थ, फूड, ट्रैवल, फैशन और टिप्स एंड ट्रिक्स जैसी स्टोरीज कवर करती हैं. कंटेंट लिखने और उसे आसान व …और पढ़ें News18 न्यूजलेटर अब ईमेल पर इनसाइड स्‍टोर‍ीज खबरों के पीछे की खबर अब आपके इनबॉक्‍स में सबमिट करें Location : Delhi,Delhi,Delhi First Published : April 30, 2026, 18:16 IST

संजय कपूर की ₹30,000 करोड़ की संपत्ति बेचने पर रोक:करिश्मा कपूर के बच्चों का वसीयत में जालसाजी का आरोप; दिल्ली HC ने संपत्ति को फ्रीज किया

संजय कपूर की ₹30,000 करोड़ की संपत्ति बेचने पर रोक:करिश्मा कपूर के बच्चों का वसीयत में जालसाजी का आरोप; दिल्ली HC ने संपत्ति को फ्रीज किया

दिल्ली हाई कोर्ट ने एक्ट्रेस करिश्मा कपूर के पूर्व पति और दिवंगत इंडस्ट्रियलिस्ट संजय कपूर की करीब 30 हजार करोड़ रुपए की संपत्ति बेचने पर रोक लगा दी है। कोर्ट ने संजय की संपत्तियों को सुरक्षित रखने का आदेश देते हुए उनकी तीसरी पत्नी, प्रिया सचदेवा कपूर को इन्हें बेचने रोका है। यह आदेश बॉलीवुड एक्ट्रेस करिश्मा कपूर के बच्चों, कियान और समायरा की याचिका पर दिया गया है। बच्चों ने लगाया वसीयत में जालसाजी का आरोप करिश्मा कपूर के बच्चों कियान और समायरा ने कोर्ट में दावा किया है कि प्रिया सचदेवा ने उनके पिता की एक फर्जी वसीयत तैयार की है। बच्चों का आरोप है कि प्रिया ने कोर्ट में संपत्तियों की जो लिस्ट पेश की है, वह अधूरी है। उनके मुताबिक, इस लिस्ट में संजय की कई महंगी रोलेक्स घड़ियां, पोलो खेलने वाले कीमती घोड़े और करोड़ों की पेंटिंग्स का जिक्र नहीं किया गया है। बच्चों का कहना है कि संजय कपूर की कई अचल संपत्तियां भी इस सूची से बाहर रखी गई हैं। कोर्ट ने बैंक खातों पर भी लगाई रोक सुनवाई के दौरान दिल्ली हाई कोर्ट ने कहा कि संजय कपूर की संपत्ति को सुरक्षित रखा जाना जरूरी है ताकि उसे नष्ट न किया जा सके। कोर्ट ने प्रिया सचदेवा को किसी भी संपत्ति को बेचने से रोक दिया है और संजय के बैंक खातों के संचालन पर भी फिलहाल पाबंदी लगा दी है। कोर्ट ने कड़ी टिप्पणी करते हुए कहा कि अब यह साबित करने की जिम्मेदारी प्रिया की है कि वसीयत असली है। अगर अभी कार्रवाई नहीं की गई और बाद में वसीयत फर्जी निकली, तो यह बच्चों के साथ बड़ा अन्याय होगा। पूरे कपूर परिवार में चल रही है कानूनी जंग यह विवाद केवल बच्चों और प्रिया सचदेवा तक सीमित नहीं है। संजय कपूर की मां रानी कपूर और उनकी बहन मंदिरा कपूर के साथ भी प्रिया का विवाद चल रहा है। पिछले साल नवंबर में सुनवाई के दौरान बच्चों के पक्ष को लेकर तीखी बयानबाजी भी हुई थी, जिसमें उन्हें “अमीर ओलिवर ट्विस्ट” तक कह दिया गया था। कोर्ट ने साफ किया है कि फिलहाल संपत्तियों को सुरक्षित रखना प्राथमिकता है। लंदन में पोलो खेलते समय हुई थी मौत यह पूरा विवाद 2025 जून में संजय कपूर की मौत के बाद और गहरा गया। 53 साल के संजय कपूर की इंग्लैंड में एक पोलो मैच के दौरान कार्डियक अरेस्ट से मौत हो गई थी। रानी कपूर का कहना है कि बेटे की मौत के बाद उनकी तीसरी पत्नी प्रिया कपूर ने पूरी ग्रुप कंपनियों पर नियंत्रण कर लिया और उन्हें संपत्ति में कोई हिस्सा नहीं दिया। रानी कपूर अब अपनी संपत्ति और घर को सुरक्षित करने के लिए कानूनी सुरक्षा मांग रही हैं।

कनाडा में कैनेबिस प्रोडक्ट्स सहित 5 पंजाबी गिरफ्तार:पुलिस ने कार्गो गिरोह का किया भंडाफोड़; लाखों डॉलर का शिपमेंट बरामद

कनाडा में कैनेबिस प्रोडक्ट्स सहित 5 पंजाबी गिरफ्तार:पुलिस ने कार्गो गिरोह का किया भंडाफोड़; लाखों डॉलर का शिपमेंट बरामद

कनाडा के ओंटारियो प्रांत में पुलिस ने एक बड़े अंतरराष्ट्रीय कार्गो चोरी गिरोह का पर्दाफाश करते हुए 5 पंजाबी युवकों को गिरफ्तार किया है। पील रीजनल पुलिस की ऑटो कार्गो थेफ्ट यूनिट (ACTU) ने इन आरोपियों के पास से लगभग $2 मिलियन (भारतीय मुद्रा में करीब 16.5 करोड़ रुपये) मूल्य के चोरी किए गए कैनेबिस (गांजा) उत्पाद बरामद किए हैं। यह गिरफ्तारी मिसिसॉगा और ब्रैम्पटन के आस-पास के इलाकों में की गई है। चोरी के ट्रेलर की जांच से खुला राज यह पूरा मामला 15 अप्रैल, 2026 को शुरू हुआ, जब पुलिस की स्पेशल यूनिट मिसिसॉगा में मैकलॉघलिन रोड और हाईवे 401 के पास गश्त और जांच कर रही थी। जांच के दौरान अधिकारियों की नजर एक संदिग्ध ट्रेलर पर पड़ी। रिकॉर्ड की जांच करने पर पता चला कि यह वही ट्रेलर था, जिसके चोरी होने की रिपोर्ट कुछ समय पहले नियाग्रा क्षेत्र से दर्ज कराई गई थी। पुलिस ने तुरंत कार्रवाई करते हुए इस ट्रेलर को अपने कब्जे में ले लिया। लाखों डॉलर का शिपमेंट बरामद जब पुलिस ने बरामद ट्रेलर की तलाशी ली, तो उसमें भारी मात्रा में कैनेबिस प्रोडक्ट्स का स्टॉक मिला। जानकारी के अनुसार, यह शिपमेंट कानूनी तौर पर कई लाइसेंस प्राप्त डिस्पेंसरी (दुकानों) तक पहुँचाया जाना था, लेकिन रास्ते में ही इसे ट्रक समेत गायब कर दिया गया था। बरामद माल की अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमत $2 मिलियन से अधिक आंकी गई है। पुलिस अधिकारियों के अनुसार, इस गिरोह ने बड़ी चालाकी से पूरे शिपमेंट को ठिकाने लगाने की योजना बनाई थी। गिरफ्तार किए गए आरोपियों की पहचान जांचकर्ताओं ने चोरी के इस माल और ट्रेलर से जुड़े कड़ियों को जोड़ते हुए पांच लोगों की पहचान की और उन्हें हिरासत में लिया। गिरफ्तार किए गए सभी आरोपी भारतीय मूल के पंजाबी युवक हैं। इनके नाम मनवीर सिंह (21),सरबजीत सिंह (32 वर्ष),दिलखब सिंह (21),करण कुमार (25),जसकेवन मल्ही (23) के रुप में हुई है। ये आरोपी ब्रैम्पटन में रहते थे। पुलिस की आगे की कार्रवाई पुलिस अब इस बात की जांच कर रही है कि क्या इन युवकों का संबंध किसी बड़े अंतरराष्ट्रीय कार्गो थेफ्ट सिंडिकेट से है। इन सभी पर चोरी का माल रखने और तस्करी की साजिश रचने सहित कई गंभीर धाराओं के तहत मामले दर्ज किए गए हैं। कनाडा में हाल के वर्षों में कार्गो चोरी की घटनाओं में काफी इजाफा हुआ है। पील रीजनल पुलिस ने स्थानीय व्यवसायों को सचेत रहने की सलाह दी है और कहा है कि इस तरह के अपराधों के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाई जाएगी। आरोपियों को जल्द ही अदालत में पेश किया जाएगा।