Sunday, 04 Oct 2026 | 02:43 PM

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राघव चड्ढा पर नवजोत कौर का दावा:प्रियंका चोपड़ा ने राघव को BJP जॉइन कराई; सीनियर लीडर्स से की थी सिफारिश

राघव चड्ढा पर नवजोत कौर का दावा:प्रियंका चोपड़ा ने राघव को BJP जॉइन कराई; सीनियर लीडर्स से की थी सिफारिश

पंजाब की पूर्व विधायक नवजोत कौर सिद्धू ने आम आदमी पार्टी (AAP) के सांसद राघव चड्ढा को लेकर कहा कि प्रियंका चोपड़ा ने बीजेपी के सीनियर लीडर्स से राघव चड्ढा का बचाव करने की गुजारिश की थी। एक पॉडकास्ट इंटरव्यू में उन्होंने कहा कि इसी सिफारिश के बाद राघव चड्ढा की भाजपा में एंट्री की जमीन तैयार हुई और उन्हें केंद्रीय एजेंसियों की जांच से बचाया गया। राघव चड्ढा ने 24 अप्रैल को आम आदमी पार्टी छोड़कर बीजेपी जॉइन कर थी। परिणीति की मदद के लिए प्रियंका का दखल इंटरव्यू में नवजोत कौर ने बताया कि जब राघव चड्ढा और आम आदमी पार्टी के बीच संबंध बिगड़ने लगे, तब परिणीति चोपड़ा ने अपनी बहन प्रियंका चोपड़ा से मदद मांगी थी। परिणीति को डर था कि राघव को पार्टी से निकाला जा सकता है और उन्हें ED/CBI की जांच का सामना करना पड़ेगा। इसके बाद प्रियंका ने अपने प्रभाव का इस्तेमाल किया और कथित तौर पर भाजपा के सीनियर नेताओं से बात कर राघव के लिए सुरक्षा घेरा तैयार किया। ED-CBI की जांच से बचने का आरोप नवजोत कौर सिद्धू ने दावा किया कि इसी ‘पॉलिटिकल सेटिंग’ की वजह से अरविंद केजरीवाल ने राघव चड्ढा की आलोचना करना बंद कर दिया। उन्होंने कहा कि राघव को पहले ही एहसास हो गया था कि पार्टी उन्हें बाहर का रास्ता दिखा देगी, इसलिए प्रियंका ने पारिवारिक सपोर्ट देते हुए उनकी मदद की। सिद्धू के मुताबिक, राघव चड्ढा को एजेंसियों की कार्रवाई से बचाने में प्रियंका चोपड़ा का बड़ा हाथ है। ‘मलाई खाई और अब बोल रहे’ पॉडकास्ट के दौरान नवजोत कौर काफी आक्रामक नजर आईं। उन्होंने राघव चड्ढा की टाइमिंग पर सवाल उठाते हुए कहा कि उन्हें दो साल पहले ही बोलना चाहिए था। सिद्धू ने तंज कसते हुए कहा, “इन्होंने पहले सत्ता की मलाई खाई और अब बोल रहे हैं।” उन्होंने राघव की चुप्पी और भाजपा के साथ उनके कथित गुप्त समझौतों को लेकर कई सवाल उठाए और इसे एक बड़ा सियासी खेल बताया।

पन्ना में युवक संदिग्ध परिस्थितियों में मिला शव:पिता ने चार लोगों पर चाकू गोदकर हत्या का आरोप लगाया

पन्ना में युवक संदिग्ध परिस्थितियों में मिला शव:पिता ने चार लोगों पर चाकू गोदकर हत्या का आरोप लगाया

अमानगंज थाना क्षेत्र के ग्राम बम्होरी में 30 वर्षीय युवक अनिल दहायत का शव ककरन तलैया के पास संदिग्ध अवस्था में मिला। बुधवार, 29 अप्रैल को मिले इस शव पर धारदार हथियार से वार के निशान पाए गए हैं। मृतक अनिल दहायत मजदूरी कर अपने परिवार का भरण-पोषण करता था। उसके निधन से उसकी दो बेटियों के सिर से पिता का साया उठ गया है। मृतक के पिता बैजू दहायत ने गांव के चार व्यक्तियों पर अनिल की हत्या का आरोप लगाया है। उन्होंने बताया कि अनिल मंगलवार शाम करीब 5 बजे घर से निकला था और वापस नहीं लौटा। बुधवार सुबह गांव वालों ने उन्हें तलैया के पास शव मिलने की सूचना दी। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है और आरोपियों की तलाश जारी है। हत्या के वास्तविक कारणों का खुलासा जांच पूरी होने के बाद ही होगा। एसडीओपी राजीव सिंह भदौरिया ने बताया कि अमानगंज थाना क्षेत्र के बम्होरी गांव में अनिल दहायत नामक युवक की हत्या का मामला सामने आया है। उसका शव गांव के बाहर तालाब के पास संदिग्ध परिस्थितियों में मिला। एसडीओपी के अनुसार, युवक के शरीर पर धारदार हथियारों के कई निशान हैं। प्रारंभिक जांच में यह भी सामने आया है कि मृतक नशे का आदी था और घटना के समय उसके साथ किसी अन्य व्यक्ति के होने के सबूत मिले हैं। पुलिस ने अज्ञात आरोपियों के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज कर शव का पोस्टमार्टम कराया है और गहन जांच जारी है। उन्होंने जल्द ही मामले का खुलासा करने का आश्वासन दिया।

saanp| saanp dasne ke lakshan| snake bite symptoms| सांप ने डसा है ये कैसे पता चलेगा, कोबरा, करैत, वाइपर के जहर के लक्षण क्या होते हैं? ऐसे पहचानें

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Last Updated:April 29, 2026, 15:06 IST Cobra-krait-viper snake bite symptoms: कई बार सांप काट लेता है लेक‍िन पीड़ि‍त को पता नहीं चलता क‍ि जहरीले सांप ने काटा है, क‍िसी अन्‍य कीड़े ने काटा है या गैर-जहरीले सांप ने काटा है. ऐसे में सांप के काटने के बाद शरीर में द‍िखाई देने वाले लक्षण बहुत महत्‍वपूर्ण होते हैं, ताक‍ि यह पता चल सके क‍ि कोबरा, करैत या अन्‍य क‍िस सांप ने डसा है. आइए जानते हैं यहां सांप के काटने पर शरीर द‍िखने वाले अलग-अलग लक्षणों के बारे में.. सांप के काटने की घटना इतनी जल्दी में होती है कि कई बार पीड़ित को पता ही नहीं चल पाता है कि उसे सांप ने काटा है. हालांकि अगर जहरीले सांप ने काटा है तो कुछ ही मिनटों के बाद उसका असर दिखाई देने लगता है और उसके लक्षण दिखाई देने लगते हैं. आज हम आपको बताते हैं कि जहरीले सांप कोबरा, करैत, वाइपर आदि के काटने पर कौन से लक्षण दिखाई देते हैं और कैसे पहचानें… सांप के काटने पर सबसे पहले घाव को ध्यान से देखें. जहरीले सांप के काटने में अक्सर दो गहरे फंग मार्क्स (दांत के निशान) दिखते हैं. जबकि गैर-जहरीले सांप के काटने में छोटे-छोटे कई दांतों के निशान U आकार में होते हैं. लिहाजा दो गहरे गोल बिंदी जैसे निशानों पर गौर करें. साथ ही अगर घाव में तेज दर्द, सूजन या खून निकल रहा है तो समझ लें कि जहरीले सांप ने काटा है. जहरीले और गैर-जहरीले सांप को काटने के बाद दिखाई देने वाले लक्षणों से पहचाना जा सकता है. गैर-जहरीले सर्प के काटने में हल्का दर्द और बहुत कम सूजन होती है और मरीज को कोई खास फर्क नहीं पड़ता जबकि जहरीले सांप के काटने में उस विशेष जगह या पूरे शरीर पर गंभीर लक्षण जल्दी दिखने लगते हैं. Add News18 as Preferred Source on Google कोबरा सांप का काटना न्यूरोटॉक्सिक होता है. इसकी वजह से कुछ ही देर में काटने की जगह पर तेज दर्द, सूजन और फफोले (blisters) बन सकते हैं. कुछ घंटों में मकी रीज आंखों की पलकें झुकने लगती हैं. दोहरी दृष्टि हो जाती है और एक के दो लोग दिखाई देते हैं. बोलने में दिक्कत शुरू हो जाती है. सांस लेने में तकलीफ बढ़ने पर सांस की मांसपेशियां प्रभावित होती हैं. वहीं अगर करैत (Common Krait) सांप काटता है तो अक्सर बिना दर्द और सूजन के होता है. इस सांप के काटने पर निशान भी हल्का होता है या कई बार दिखाई नहीं देता, लेकिन यह भी जहरीला सांप है. अक्सर इसके रात में सोते समय काटने की संभावना ज्यादा होती है. इसके काटने के 6 से 24 घंटे बाद नींद जैसी सुस्ती आती है, पलकें झुकने लगती हैं, मुंह से लार टपकती है और शरीर में कमजोरी आती है. वाइपर (Russell’s Viper या Saw-scaled Viper) का काटना मुख्य रूप से वैस्कुलोटॉक्सिक या हीमोटॉक्सिक होता है. ये सांप जहां काटता है वहां पर तेज दर्द, सूजन, खून बहना और नीले निशान (ecchymosis) बनते जाते हैं. शरीर से खून निकलना, अगर जहर शरीर में पहुंच रहा है तो मसूड़ों से खून आने लगता है. इसका जहर सबसे खराब होता है और जानलेवा होता है. इसके काटने के 20 मिनट तक ब्लड क्लॉटिंग टेस्ट फेल होना आम लक्षण हैं. वाइपर के काटने में सूजन बहुत तेजी से बढ़ती है और घाव में ब्लिस्टरिंग या टिश्यू की मृत्यु (necrosis) हो सकती है. इस सांप के काटने के बाद कुछ मामलों में किडनी फेलियर और शॉक भी आ सकता है. करैत और कोबरा की तरह इसमें नींद या पलक झुकने जैसे न्यूरोलॉजिकल लक्षण कम होते हैं, लेकिन खून संबंधी समस्या ज्यादा और गंभीर होती है. सभी जहरीले सांपों के काटने में सामान्य लक्षणों में पलकें झुकना (ptosis), बोलने-निगलने में दिक्कत, सांस फूलना और शरीर की कमजोरी शामिल हैं लेकिन वाइपर में सूजन और खून बहना प्रमुख है, जबकि कोबरा-करैत में न्यूरोपैरालिसिस (लकवा) ज्यादा दिखता है. आमतौर पर जहरीले सांपों के काटने के बाद 30 मिनट से 6 घंटे में लक्षण शुरू हो सकते हैं. First Published : April 29, 2026, 15:06 IST

तरबूज खाने के टिप्स: तरबूज खाने का समय भूलकर भी न करें ये 5 गलतियां, स्वास्थ्य से धो बैठेंगे हाथ; तीस वर्ष बीमार

तरबूज़ खाने के टिप्स

29 अप्रैल 2026 को 14:50 IST पर अद्यतन किया गया तरबूज खाने के टिप्स: गर्मियों के मौसम में बाजार में तरबूज़ की भरमार लग जाती है और लोग इसे बड़े चाव से खाते हैं। यह शरीर को ठंडक देने के साथ-साथ डायहाइड्रेशन से राहत दिलाने में मदद करता है और इसमें प्रचुर मात्रा में पानी, विटामिन और आवश्यक पोषक तत्व मिलते हैं। लेकिन क्या आप जानते हैं कि इसे गलत तरीके से खाने से आपकी सेहत को भी नुकसान हो सकता है। आइए जानते हैं कि तरबूज़ खरीदने के समय किन बातों का ध्यान रखना ज़रूरी है। अनुसरण करना : तरबूज को दूध के साथ नहीं खाना चाहिए। इसमें पानी की मात्रा अधिक होती है, जबकि दूध की मात्रा भारी होती है। भोजन के साथ पाचन तंत्र पर असर पड़ता है और गैस, पेट दर्द या उल्टी की समस्या हो सकती है। छवि: फ्रीपिक दही तरबूज के साथ खाना ठीक नहीं होता है। दोनों को खाने से पेट में भारीपन, अपच और ठंडा-गर्म का असर हो सकता है। विशेष रूप से जिन लोगों का पाचन ख़राब होता है, उन्हें यह संयोजन बिल्कुल नहीं लेना चाहिए। छवि: फ्रीपिक समोसा, पकौड़े या पराठे जैसे तली-भुनी नीबू के साथ तरबूज खाना भी नुकसानदायक हो सकता है। तली-भुनी की चीजें धीरे-धीरे पचती हैं, जबकि तरबूज जल्दी पचती हैं। इसके कारण पेट में गड़बड़ी और गैस की समस्या हो सकती है। छवि: फ्रीपिक तरबूज़ ठंडक देने वाला फल है। इसे कोल्ड ड्रिंक, कोल्ड ड्रिंक या आइस्ड ड्रिंक के साथ लेने से शरीर पर अधिक ठंडा प्रभाव पड़ सकता है। इससे गला खराब, ठंड लगना और पेट में दर्द जैसी समस्याएं हो सकती हैं। छवि: फ्रीपिक तरबूज़ को सेंट्रा, मुसब्बर, अनानास या नींबू जैसे आर्चुअल फलों के सेवन से बचना चाहिए। इसके संयोजन से पाचन संबंधी समस्याएं पैदा हो सकती हैं और पेट में जलन, गैस या अपच की समस्या हो सकती है। छवि: फ्रीपिक द्वारा प्रकाशित : कीर्ति सोनी प्रकाशित 29 अप्रैल 2026 14:50 IST पर (टैग्सटूट्रांसलेट)तरबूज खाने के टिप्स(टी)गर्मी के फल स्वास्थ्य(टी)तरबूज आहार की गलतियाँ(टी)तरबूज के साथ न खाने वाले खाद्य पदार्थ(टी)गर्मियों में स्वस्थ भोजन(टी)पाचन संबंधी टिप्स(टी)से बचने के लिए फलों का संयोजन(टी)तरबूज के लाभ और दुष्प्रभाव

ईरान को परमाणु अप्रसार संधि का उपाध्यक्ष बनाने पर विवाद:अमेरिकी अधिकारी बोले- यह संगठन का अपमान, ईरान बोला- अमेरिका हमें न सिखाए

ईरान को परमाणु अप्रसार संधि का उपाध्यक्ष बनाने पर विवाद:अमेरिकी अधिकारी बोले- यह संगठन का अपमान, ईरान बोला- अमेरिका हमें न सिखाए

ईरान और अमेरिका के बीच परमाणु कार्यक्रम को लेकर युद्ध जैसी स्थिति बनी हुई है। इसी बीच एक दिलचस्प खबर सामने आई है। ईरान को परमाणु अप्रसार संधि (NPT) का उपाध्यक्ष चुना गया है। यह फैसला न्यूयॉर्क में संयुक्त राष्ट्र में चल रहे NPT के 11वें रिव्यू कॉन्फ्रेंस में लिया गया। यह कॉन्फ्रेंस 5 साल में एक बार होती है। सम्मेलन के अध्यक्ष और वियतनाम के राजदूत दो हुंग वियेत ने बताया कि ईरान का नाम ‘गुटनिरपेक्ष देशों के ग्रुप’ की तरफ से आया था। इस ग्रुप में भारत समेत 100 से भी ज्यादा देश हैं। अमेरिका के एक अधिकारी क्रिस्टोफर येओ ने इसे NPT के लिए अपमान बताया। उनका कहना है कि ईरान लंबे समय से परमाणु हथियार बनाने की कोशिश कर रहा है। ऐसे में उसे इस संगठन का अहम पद देना सही नहीं है। वही ईरान ने इन आरोपों को खारिज कर दिया। ईरान ने कहा कि अमेरिका, जो खुद परमाणु हथियार इस्तेमाल कर चुका है और लगातार अपने हथियार बढ़ा रहा है, उसे दूसरों को सीख देने का हक नहीं है। NPT कैसे काम करता है परमाणु अप्रसार संधि 1970 में लागू हुई थी। यह दुनिया में परमाणु हथियारों को फैलने से रोकने की सबसे अहम व्यवस्था मानी जाती है। इस संधि का एक सीधा सौदा है, जिन देशों के पास परमाणु हथियार नहीं हैं, वे इन्हें नहीं बनाएंगे और जिनके पास हैं, वे धीरे-धीरे उन्हें खत्म करेंगे। इसके बदले सभी देशों को शांतिपूर्ण परमाणु तकनीक इस्तेमाल करने का अधिकार मिलता है। यह संधि 1968 में शुरू हुई और 1970 से लागू हुई। आज संयुक्त राष्ट्र के 195 में से 191 देश इस संधि का हिस्सा हैं। भारत, पाकिस्तान, इजराइल और दक्षिण सूडान इसमें शामिल नहीं हैं। 5 देशों को आधिकारिक परमाणु ताकत माना गया है। अमेरिका, रूस, चीन, ब्रिटेन और फ्रांस। बाकी सभी देशों को परमाणु हथियार बनाने की अनुमति नहीं है। यह संधि तीन चीजों पर टिकी है- 1. परमाणु हथियार न फैलें 2. हथियार कम किए जाएं 3. शांतिपूर्ण उपयोग हो इन सब चीजों की निगरानी परमाणु ऊर्जा निगरानी संगठन (IAEA) करता है। NPT का दूसरा मकसद नाकाम हो रहा समस्या यह है कि संधि का शांतिपूर्ण उपयोग वाला हिस्सा तो ठीक चल रहा है लेकिन हथियार कम करने वाला हिस्सा लगभग फेल माना जा रहा है। विशेषज्ञों के मुताबिक बड़े देश अपने परमाणु हथियार घटाने के बजाय उन्हें और आधुनिक बना रहे हैं, खासकर चीन। साथ ही, कुछ का कहना है कि नियम सभी देशों पर बराबर लागू नहीं होते, जिससे छोटे देशों में नाराजगी बढ़ रही है। वहीं चार देश (भारत, पाकिस्तान, इजराइल और दक्षिण सूडान) शुरू से ही इस संधि का हिस्सा नहीं बने। उत्तर कोरिया पहले इसमें शामिल था, लेकिन 2003 में बाहर निकल गया और बाद में परमाणु परीक्षण भी किए। अब सबसे बड़ा सवाल यह है कि इजराइल NPT में नहीं है, फिर भी उसके पास परमाणु हथियार हैं और वह एक ऐसे देश (ईरान) पर हमला कर रहा है जो NPT का मेंबर है। भारत और पाकिस्तान ने 1998 में परमाणु परीक्षण किया था। इजराइल के पास भी परमाणु हथियार माने जाते हैं, लेकिन वह खुलकर स्वीकार नहीं करता और NPT में भी शामिल नहीं है। ईरान NPT का शुरुआती मेंबर, अब परमाणु हथियार बनाने के आरोप ईरान ने 1968 में ही इस संधि पर हस्ताक्षर कर दिए थे, लेकिन 1979 की इस्लामी क्रांति के बाद उसका परमाणु कार्यक्रम विवादों में आ गया। हालांकि ईरान अभी भी NPT का हिस्सा है, लेकिन उस पर लगातार आरोप लगते रहे हैं कि वह इसके नियमों की भावना का उल्लंघन कर रहा है। ईरान ने यूरेनियम को 60% तक समृद्ध किया है, जबकि सामान्य ऊर्जा के लिए 3 से 5% ही काफी होता है। ईरान हमेशा यह कहता रहा है कि वह परमाणु हथियार नहीं बना रहा, लेकिन पहले की रिपोर्ट्स में अमेरिकी खुफिया एजेंसियों ने संकेत दिए थे कि 2003 तक उसने हथियार कार्यक्रम पर काम किया था। इसी वजह से अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने ईरान के खिलाफ सख्त रुख अपनाया और हालात युद्ध तक पहुंच गए।

लापता डीजे संचालक का कुंए में मिला शव:4 दिन से था गायब, बच्चियों ने देखा था शव; सोने की बात कहकर निकला था

लापता डीजे संचालक का कुंए में मिला शव:4 दिन से था गायब, बच्चियों ने देखा था शव; सोने की बात कहकर निकला था

अनूपपुर जिले के करनपठार थाना क्षेत्र के पडरीखार गांव में मंगलवार को एक कुएं में मिले शव की पहचान हो गई है। यह शव पडरीखार निवासी हेमंत कुमार सिंह (19) का है, जो 25 अप्रैल से लापता था। पुलिस ने शव का पंचनामा और पोस्टमार्टम कराने के बाद परिजनों को सौंप दिया है। युवक के बड़े भाई लवकेश सिंह ने बताया कि हेमंत 25 अप्रैल को एक शादी समारोह में डीजे बजाने गया था। रात में वह सड़क किनारे बने अपने दूसरे घर में सोने की बात कहकर समारोह से निकला था। इसके बाद 26 अप्रैल की सुबह से वह दिखाई नहीं दिया। बच्चियों ने कुंए में देखा शव शुरुआत में परिजनों ने सोचा कि हेमंत डीजे के काम के सिलसिले में आसपास के गांव गया होगा। हालांकि, 28 अप्रैल को जिस घर में युवक ने डीजे बजाया था, उसी घर की कुछ किशोरियां सड़क से 100 मीटर दूर स्थित कुएं पर नहाने गईं। वहीं उन्होंने युवक का शव कुएं में देखा। थाना प्रभारी वीरेंद्र कुमार बड़करे ने बताया कि शव काफी सूज गया था, जिस कारण शरीर पर चोट के कोई निशान नहीं दिख रहे थे। परिजनों ने युवक के किसी से विवाद होने की जानकारी से अनभिज्ञता जताई है। पुलिस फिलहाल मौत के कारणों की जांच कर रही है। शव को कुएं से बाहर निकाला स्थानीय ग्रामीण बहादुर सिंह ने मंगलवार शाम 6:30 बजे करनपठार थाना पुलिस को कुएं में शव दिखने की सूचना दी थी। सूचना मिलने के बाद पुलिस रात 10 बजे गांव पहुंची और शव को कुएं से बाहर निकालकर बेनीबारी स्वास्थ्य केंद्र ले गई थी। ये खबर भी पढ़े… कुएं में मिला शख्स का शव:बच्चियों ने देखा, पुलिस ने रात में बाहर निकाला; पहचान नहीं हो पाई अनूपपुर जिले के करनपठार थाना क्षेत्र के पडरीखार गांव में मंगलवार दोपहर एक शख्स की लाश कुएं में मिली। गांव के बहादुर सिंह ने इसकी सूचना पुलिस को दी। थाना प्रभारी ने बताया कि गांव में एक शादी का कार्यक्रम था। दोपहर करीब 2-3 बजे कुछ लड़कियां नहाने के लिए गांव के सरकारी कुएं पर गई थीं। पढ़े पूरी खबर…

‘यह यूपी को गाली देने वाले लोगों के साथ खड़ा है’: पीएम मोदी ने कहा कि एसपी कभी भी ‘वंशवाद, जाति’ की राजनीति से ऊपर नहीं उठ सकती | भारत समाचार

Bangladesh vs New Zealand Live Score: Follow latest updates from Chattogram. (AP Photo)

आखरी अपडेट:29 अप्रैल, 2026, 13:41 IST पीएम मोदी ने कहा कि भारत उसी गति से विकास के पथ पर आगे बढ़ रहा है. पीएम मोदी ने कहा कि उत्तर प्रदेश 1 ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था बनने की ओर आगे बढ़ रहा है. (फोटो: यूट्यूब/नरेंद्रमोदी) प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बुधवार को महिला आरक्षण विधेयक के खिलाफ वोट करने के लिए समाजवादी पार्टी (सपा) और कांग्रेस को ”महिला विरोधी” बताया। गंगा एक्सप्रेसवे का उद्घाटन करने के बाद हरदोई में एक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए, प्रधान मंत्री ने कहा कि सपा कभी भी “परिवारवाद” (वंशवाद) और “जातिवाद” (जातिवादी) राजनीति से ऊपर नहीं उठ सकती है। उन्होंने कहा, “सपा आपका वोट लेकर संसद में आती है, लेकिन संसद में यूपी के लोगों को गाली देने वालों के साथ खड़ी होती है। ये लोग हमेशा विकास विरोधी राजनीति में लगे रहेंगे। यूपी को समाजवादी पार्टी और उसके सहयोगियों से सावधान रहना चाहिए।” पीएम मोदी ने कहा कि उत्तर प्रदेश 1 ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था बनने की ओर आगे बढ़ रहा है. उन्होंने कहा, “मुझे बताइए, क्या पिछली सरकार ने हरदोई और उन्नाव जैसे जिलों में औद्योगिक गलियारा बनाने की कल्पना भी की थी? क्या किसी ने कल्पना की थी कि कोई एक्सप्रेसवे हमारे हरदोई से होकर गुजरेगा? यह काम केवल भाजपा सरकार में ही संभव है। पहले उत्तर प्रदेश को पिछड़ा और बीमारू राज्य कहा जाता था। आज उत्तर प्रदेश 1 ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था बनने के लिए आगे बढ़ रहा है। यह एक बड़ा लक्ष्य है, लेकिन इसके पीछे की तैयारी भी उतनी ही बड़ी है।” प्रधानमंत्री ने कहा कि जहां पूरी दुनिया युद्ध, अशांति और अस्थिरता में फंसी है, वहीं भारत उसी गति से विकास के पथ पर आगे बढ़ रहा है। उन्होंने कहा, “भारत के दुश्मनों को यह पसंद नहीं आ रहा है। अंदर बैठे कुछ लोग सत्ता की भूख में भारत की छवि खराब करने की कोशिश में लगे हुए हैं। फिर भी, हम न केवल सुरक्षित हैं, बल्कि विकास में नए मील के पत्थर भी स्थापित कर रहे हैं। हम आत्मनिर्भर भारत के अभियान को आगे बढ़ा रहे हैं। हम सबसे आधुनिक बुनियादी ढांचे का निर्माण कर रहे हैं। गंगा एक्सप्रेसवे इस दिशा में एक बड़ा कदम है।” चुनी हुई कहानियाँ, आपके इनबॉक्स में हमारी सर्वोत्तम पत्रकारिता वाला एक न्यूज़लेटर जमा करना जगह : हरदोई, भारत, भारत पहले प्रकाशित: 29 अप्रैल, 2026, 13:41 IST न्यूज़ इंडिया ‘यह उन लोगों के साथ खड़ा है जो यूपी को गाली देते हैं’: पीएम मोदी ने कहा कि एसपी कभी भी ‘वंशवाद, जाति’ की राजनीति से ऊपर नहीं उठ सकती अस्वीकरण: टिप्पणियाँ उपयोगकर्ताओं के विचार दर्शाती हैं, News18 के नहीं। कृपया चर्चाएँ सम्मानजनक और रचनात्मक रखें। अपमानजनक, मानहानिकारक, या अवैध टिप्पणियाँ हटा दी जाएंगी। News18 अपने विवेक से किसी भी टिप्पणी को अक्षम कर सकता है. पोस्ट करके, आप हमारी उपयोग की शर्तों और गोपनीयता नीति से सहमत होते हैं। और पढ़ें (टैग्सटूट्रांसलेट)नरेंद्र मोदी हरदोई भाषण(टी)महिला आरक्षण बिल(टी)समाजवादी पार्टी की आलोचना(टी)कांग्रेस की महिला विरोधी टिप्पणी(टी)गंगा एक्सप्रेसवे का उद्घाटन(टी)उत्तर प्रदेश 1 ट्रिलियन अर्थव्यवस्था(टी)बीजेपी विकास एजेंडा(टी)आत्मनिर्भर भारत अभियान

हरदा में अमृत भारत एक्सप्रेस 15 मिनट देरी से पहुंची:बनारस-पुणे यात्रा हुई आसान; केंद्रीय राज्यमंत्री उइके ने दिखाई हरी झंडी

हरदा में अमृत भारत एक्सप्रेस 15 मिनट देरी से पहुंची:बनारस-पुणे यात्रा हुई आसान; केंद्रीय राज्यमंत्री उइके ने दिखाई हरी झंडी

हरदा रेलवे स्टेशन के प्लेटफॉर्म नंबर 3 पर अमृत भारत एक्सप्रेस पहुंची। पहले दिन यह ट्रेन 15 मिनट की देरी से आई। बुधवार को केंद्रीय जनजातीय कार्य राज्यमंत्री दुर्गादास उइके सहित अन्य जनप्रतिनिधियों और रेलवे अधिकारियों ने ट्रेन का स्वागत किया और इसे हरी झंडी दिखाकर आगे के सफर के लिए रवाना किया। 110 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चलने वाली यह ट्रेन उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश और महाराष्ट्र को जोड़ेगी। इससे मध्यम और सामान्य वर्ग के यात्रियों को आवागमन में विशेष सुविधा मिलेगी। मध्यम और सामान्य वर्ग को होगा सबसे बड़ा लाभ केंद्रीय जनजातीय कार्य राज्यमंत्री डी.डी. उइके ने कहा, “बनारस-हड़पपुर-बनारस अमृत भारत एक्सप्रेस के शुरू होने से हरदा और आसपास के क्षेत्र को व्यापार, पर्यटन और यात्री सुविधा में बढ़ावा मिलेगा। यह ट्रेन आधुनिक रेल सुविधाओं से सुसज्जित है। इसका सबसे बड़ा लाभ मध्यम एवं सामान्य वर्ग के यात्रियों को होगा। इस ट्रेन के प्रारंभ होने से क्षेत्रवासियों की लंबे समय से चली आ रही मांग पूरी हुई है।” अतिथियों ने रेल चालक दल का शॉल, श्रीफल और पुष्पहार से स्वागत किया तथा यात्रियों को शुभकामनाएं दीं। इस दौरान विधायक डॉ. आर.के. दोगने, पूर्व मंत्री कमल पटेल, भाजपा जिलाध्यक्ष राजेशसिंह वर्मा और नगर पालिका अध्यक्ष भारती कमेडिया मौजूद रहे। बिना मांगे मिली सौगात, 20 स्टेशनों पर होगा स्टॉपेज विधायक डॉ. आर.के. दोगने ने कहा, “इस ट्रेन से जिले के यात्रियों को पुणे से बनारस के बीच आवागमन की सुविधा मिलेगी। जिले के नागरिकों को इस ट्रेन की सुविधा मिलने पर शुभकामनाएं।” उल्लेखनीय है कि हरदा स्टेशन पर लंबे समय से कर्नाटक और सचखंड जैसी ट्रेनों के स्टॉपेज की मांग की जा रही थी, लेकिन अमृत भारत एक्सप्रेस की सौगात बिना मांगे ही मिल गई। यह ट्रेन बनारस से हडपसर (पुणे) के बीच 20 रेलवे स्टेशनों पर रुकेगी। इनमें बनारस, ज्ञानपुर रोड, प्रयागराज, फतेहपुर, गोविंदपुरी, ओराई, झांसी, बीना, रानी कमलापति, नर्मदापुरम, इटारसी, हरदा, खंडवा, भुसावल, जलगांव, मनमाड़, कोपरगांव, अहिल्याबाई नगर, डाउंड कोर्ड लाइन और हडपसर रेलवे स्टेशन शामिल हैं। 22 कोच की ट्रेन में प्रत्येक सीट पर चार्जिंग व स्नैक टेबल अपर मंडल रेल प्रबंधक अविराम खरे ने बताया, “110 किलोमीटर प्रति घंटे की स्पीड तक चलने वाली यह अमृत भारत एक्सप्रेस अत्याधुनिक सुविधाओं से सुसज्जित है। इस ट्रेन में प्रत्येक सीट पर मोबाइल चार्जिंग एवं स्नैक टेबल की सुविधा रहेगी। ट्रेन की सीटों को आरामदायक बनाया गया है।” इस ट्रेन में शयनयान (स्लीपर) श्रेणी के 8, सामान्य द्वितीय श्रेणी के 11, एसएलआरडी के 2 और 1 पैंट्री कार सहित कुल 22 कोच लगाए गए हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गत दिवस बनारस में इस ट्रेन का शुभारंभ किया था। स्कूली बच्चों ने दी प्रस्तुतियां, विजेता हुए पुरस्कृत अमृत भारत एक्सप्रेस के संचालन से यात्रियों को बेहतर गति और आधुनिक सुविधाएं मिलेंगी। स्वागत कार्यक्रम के अवसर पर स्कूली विद्यार्थियों द्वारा सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किए गए और एक प्रदर्शनी भी आयोजित की गई। इस मौके पर विभिन्न प्रतियोगिताओं के विजेता छात्र-छात्राओं को पुरस्कृत किया गया। कार्यक्रम में सीनियर डीसीएम (वरिष्ठ मण्डल वाणिज्य प्रबन्धक) श्याम सिंह बरेडिया, कलेक्टर सिद्धार्थ जैन, पुलिस अधीक्षक शशांक सहित रेलवे के अन्य अधिकारी और जनप्रतिनिधि उपस्थित रहे। देखिए तस्वीरें…

कंक्रीट मिक्सर ट्रक की चपेट में आया मजदूर, मौत:ग्वालियर में हाइवे पर मां-बेटे समेत छह पर चढ़ा ट्रक, मां की गोद में बेटे ने तोड़ा दम

कंक्रीट मिक्सर ट्रक की चपेट में आया मजदूर, मौत:ग्वालियर में हाइवे पर मां-बेटे समेत छह पर चढ़ा ट्रक, मां की गोद में बेटे ने तोड़ा दम

ग्वालियर में मंगलवार शाम हाईवे पर दर्दनाक हादसा हो गया, जहां एक कंक्रीट मिक्सर ट्रक की चपेट में आकर 25 वर्षीय मजदूर की मौत हो गई। हादसे में मृतक की मां समेत 7-8 मजदूर घायल हुए हैं। गंभीर रूप से घायल युवक ने अस्पताल ले जाते समय अपनी मां की गोद में दम तोड़ दिया। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू की। पुलिस के अनुसार मृतक की पहचान बिंदपुरा निवाड़ी निवासी मोहन केवट के रूप में हुई है। घटना गणेशपुरा (थाना बिजौली) के पास की है, जहां पीडब्ल्यूडी का सड़क निर्माण के दौरान सर्विस रोड और डिवाइडर बनाने का काम चल रहा है, जिसमें मोहन अपनी मां और अन्य मजदूरों के साथ काम कर रहा था। चालक ने अचानक ट्रक रिवर्स कर दिया बताया जा रहा है कि इसी दौरान कंक्रीट मिक्सर ट्रक के चालक ने अचानक वाहन को बैक कर दिया, जिससे मोहन और उसकी मां सहित आधा दर्जन मजदूर उसकी चपेट में आ गए। मोहन ट्रक के पहिए के नीचे आकर बुरी तरह कुचल गया। साथी मजदूरों ने सभी घायलों को तुरंत अस्पताल पहुंचाया, लेकिन मोहन ने रास्ते में ही दम तोड़ दिया। किराए पर लाए थे कंक्रीट मिक्सर ट्रक निर्माण कार्य करवा रहे कॉन्ट्रेक्टर दीपक शर्मा के मुताबिक ट्रक शिवम गुप्ता का था, जिसे किराए पर लाया गया था। प्रारंभिक जांच में चालक की लापरवाही से हादसा होना सामने आया है। पुलिस ने आरोपी ट्रक चालक के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। गर्भवती है पत्नी, बच्चे की खबर से मोहन खुश था हादसे के बाद मृतक के परिवार पर संकट गहरा गया है। मोहन अपनी पत्नी, बच्चे और माता-पिता के साथ मजदूरी करने आया था। उसकी पत्नी गर्भवती है और सातवां महीना चल रहा है। परिजनों के अनुसार आने वाले बच्चे को लेकर मोहन काफी खुश था और कई सपने देख रहा था, लेकिन हादसे ने सब कुछ छीन लिया। आर्थिक सहायता नहीं मिली फिलहाल परिवार को किसी तरह की आर्थिक सहायता नहीं मिली है और केवल आश्वासन ही दिए जा रहे हैं। पुलिस का कहना है एसडीओपी बेहट मनीष यादव ने बताया कि ट्रक की चपेट में आने से एक मजदूर की मौत हुई है, जबकि कई अन्य घायल हैं। मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

बंगाल में रात 11 बजे तक धुआंधार वोट, इस जिले ने तोड़े सारे रिकॉर्ड, ममता बनर्जी की भवानीपुर सीट पर क्या हाल?

बंगाल में रात 11 बजे तक धुआंधार वोट, इस जिले ने तोड़े सारे रिकॉर्ड, ममता बनर्जी की भवानीपुर सीट पर क्या हाल?

पश्चिम बंगाल के आठ मोटरसाइकिलों की 142 रन की वोटिंग जारी है। बंगाल के दूसरे चरण में रात 11 बजे तक बंपर वोटिंग हुई है। चुनाव आयोग की वेबसाइट के मुताबिक, सिर्फ चार घंटे में 39.97 प्रतिशत मतदान हुआ है। वहीं सबसे अधिक पूर्व बर्धमान जिले में हुई है। यहां 11 बजे से 44.50 बजे तक लोगों ने अपने मैट का इस्तेमाल किया। अगर बात करें ममता बनर्जी की भवानीपुर सीट पर तो यहां 37.27 प्रतिशत ही वोटिंग हुई है, जोकी की रेटिंग वोट से कम है। किस जिले में कितनी वोटिंग? हुगली- 43.12%हार्स- 39.45%कोलकाता उत्तर- 38.39%कोलकाता दक्षिण- 36.78%नादिया- 40.34%उत्तर 24 परगना- 38.43%पूर्वी बर्धमान- 44.50%दक्षिण 24 परगना- 37.92% ये भी पढ़ें- बंगाल की जिस सीट से ममता बनर्जी के खिलाफ विधानसभा चुनाव, वहां रुके घंटों में हुआ खेल, जानिए कितने पड़े वोट 9 बजे तक कितनी हुई थी भगत? बंगाल की इन रिसेप्शन पर रात 9 बजे से 18.39 बजे तक फ़ीट वोटिंग हुई थी। जिसमें सबसे ज्यादा पूर्व बर्धमान में 20.86 फीसदी मतदान हुआ था. वहीं सबसे कम वोटिंग कोलकाता साउथ में 16.81 फीसदी रही। ममता बनर्जी की भवानीपुर सीट कोलकाता दक्षिण जिले में ही स्थित है। यहां से उद्योगपति शुभेंदु अधिकारी हैं। शुभेंदु वही नेता हैं, 2021 के चुनाव में बीजेपी में शामिल होने के बाद ममता बनर्जी को नंदीग्राम सीट से चुनाव में हार मिली थी। अब वो नंदीग्राम और भवानीपुर दोनों ही क्लास से ताल ठोक रहे हैं। ममता बनर्जी ने केंद्र पर लगाया आरोप ममता बनर्जी ने आरोप लगाया है कि बाहर आये पुलिस पर्यवेक्षक बीजेपी के साथ काम कर रहे हैं. उन्होंने कहा कि हमारे सभी पोस्ट हटाए गए हैं। क्या चुनाव इसी तरह होते हैं? वोट वोट डालेंगे, पुलिस या सुरक्षा बल नहीं। कुछ नए लोगों को हाल ही में लाया गया है और वो साइंटिस्ट बना रहे हैं। वह उद्वेलित रह रहे हैं. ये भी पढ़ें- बंगाल की वोटिंग के बीच डेरेक ओ’ब्रायन ने मोदी को दी चुनौती, बोले- ‘आपमें दम है तो…’ शुभेंदु अधिकारी ने लगाया आरोप शुभेंदु अधिकारी ने कहा कि फाल्टा में बीजेपी चुनाव के लिए एक मतदान केंद्र का प्रस्ताव रखा गया था। उन्होंने कहा, ‘हम भी पोजिशन पर नजर रख रहे हैं और जिसे जरूरत होगी वह करेंगे।’ चुनाव आयोग ने भी एक आईएसओ रिपोर्ट ली है. अगर ऐसा ही कुछ हो रहा है तो जो जरूरी होगा वह किया जाएगा।’ उन्होंने कहा कि भूपेंद्र यादव जी ने मुझे सुबह 9 बजे फोन किया था. मैंने उन्हें साज-सामान से सुसज्जित किया। अभी कुछ मिनट पहले ही गृह मंत्री, मेरे नेता अमित शाह जी ने मुझे फोन किया। मैंने उन्हें फाल्टा घटना के बारे में बताया। यह अकल्पनीय रणनीति है. हम कार्रवाई कर रहे हैं. अभी तक कुछ नहीं हुआ. 35 प्रतिशत मतदान हो चुका है, अभी बहुत कुछ देखना बाकी है।