Sunday, 04 Oct 2026 | 09:56 PM

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छतरपुर में मौसम ने तोड़ा 10 साल का रिकॉर्ड:खजुराहो में 46 डिग्री तापमान पहुंचा, कक्षा 1 से पांचवी तक के बच्चों के लिए अवकाश घोषित

छतरपुर में मौसम ने तोड़ा 10 साल का रिकॉर्ड:खजुराहो में 46 डिग्री तापमान पहुंचा, कक्षा 1 से पांचवी तक के बच्चों के लिए अवकाश घोषित

अप्रैल के अंतिम दिनों में छतरपुर जिले में तेज गर्मी का असर साफ दिखाई दे रहा है। सोमवार को खजुराहो 46 डिग्री सेल्सियस तापमान के साथ प्रदेश का सबसे गर्म शहर रहा। वहीं, इसी जिले का नौगांव 45.5 डिग्री सेल्सियस के साथ दूसरे स्थान पर रहा। खजुराहो में दर्ज यह तापमान पिछले 10 साल का रिकॉर्ड माना जा रहा है। सुबह से ही तेज धूप और गर्म हवाएं चलने लगी थीं। दोपहर तक सड़कों पर सन्नाटा छा गया। जरूरी काम के अलावा लोग घरों से बाहर निकलने से बचते रहे। लू चलने से लोगों का रोजमर्रा का जीवन प्रभावित हुआ। रात में भी गर्मी का असर दिन के साथ रात में भी गर्मी कम नहीं हुई। न्यूनतम तापमान करीब 24 डिग्री सेल्सियस रहा, जिससे लोगों को रात में भी राहत नहीं मिली। पंखे और कूलर भी गर्म हवा दे रहे थे, जिससे लोगों की नींद में परेशानी हुई। शाम करीब 6 बजे मौसम थोड़ा बदला। तेज हवाओं के साथ कुछ जगहों पर हल्की बूंदाबांदी हुई, जिससे थोड़ी देर के लिए राहत मिली। हालांकि, इससे गर्मी पूरी तरह कम नहीं हुई। बादल आने के बावजूद बारिश को लेकर स्थिति साफ नहीं है। प्रदेश के अन्य शहरों में भी तापमान 42 से 44 डिग्री के बीच रहा। भोपाल और ग्वालियर में 43.4 डिग्री, इंदौर में 42 डिग्री, उज्जैन में 42.4 डिग्री और जबलपुर में 42.7 डिग्री तापमान दर्ज किया गया। जिले में कक्षा पांच तक के स्कूलों में छुट्टी घोषित तेज गर्मी को देखते हुए प्रशासन ने कक्षा 1 से 5 तक के छात्रों के लिए स्कूलों में छुट्टी घोषित कर दी है। हालांकि, बड़ी कक्षाओं के छात्रों को लेकर अभी स्थिति स्पष्ट नहीं है। मौसम विभाग के अनुसार, आने वाले कुछ दिनों तक गर्मी से राहत मिलने की उम्मीद कम है। लोगों को सलाह दी गई है कि दोपहर में बिना जरूरत घर से बाहर न निकलें और ज्यादा से ज्यादा पानी पिएं।

बंगाल में चुनावी प्रचार थमा, बीजेपी ने किया धुआंधार प्रचार, 21 जिलों में पीएम मोदी ने जनता को साधे और गठबंधन को घेरा

बंगाल में चुनावी प्रचार थमा, बीजेपी ने किया धुआंधार प्रचार, 21 जिलों में पीएम मोदी ने जनता को साधे और गठबंधन को घेरा

त्वरित पढ़ें दिखाएँ एआई द्वारा उत्पन्न मुख्य बिंदु, न्यूज़ रूम द्वारा सत्यापित धार्मिक स्थलों पर माथा टेकने के साथ ही स्थानीय स्वाद का भी उठाव होता है। पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव: पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के लिए दूसरे चरण का मतदान सोमवार (29 अप्रैल, 2026) को होना है। प्रोविजनल के अनुसार, वोटिंग के दो दिन पहले ही राज्य में राजनीतिक समर्थकों की ओर से दिए गए वाले भाषण, मस्जिदों, रैलियों और रोड शो पर राजभाषा के लोग बोले गए थे। जहां बंगाल में भारतीय जनता पार्टी (टीएमसी) के केंद्र की ओर से मोदी, गृह मंत्री अमित शाह के साथ गठबंधन जारी है, वहीं भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) के सभी बड़े नेताओं ने पश्चिम बंगाल में धुआंधार प्रचार अभियान को अंजाम दिया है। बीजेपी ने इस चुनाव में अपनी जीत सुनिश्चित करने के लिए अपनी पूरी ताकत लगा दी है. पार्टी नेताओं की ओर से प्रचार में अलग-अलग रंग भी दिखते हैं, कभी झालमुडी का प्रचार हुआ, तो कभी नाव की यात्रा हुई. तीर्थस्थल में दर्शन के माध्यम से हिंदू धर्मग्रंथ को संदेश देने की बड़ी कोशिश की गई। ऐसे में बीजेपी की ये मेहनत और कोशिश बंगाल में कितनी सफल है, इस 4 मई, 2026 को चुनाव के सामने आने पर ही पता चलेगा। बंगाल को साधने के लिए पीएम मोदी ने 21 रैलियां और थ्री रोड शो की घोषणा की चुनाव आयोग की ओर से 15 मार्च, 2026 को राज्य में बिगुल बजा और बेंगलुरु में सामान में बदलाव किया गया। इस दौरान बंगाल की जनता के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 21 रैलियां और तीन रोड शो किए। इसके अलावा, उन्होंने हुगली नदी में नाव विहार कर दिया कि सत्य की राह अब सड़क से ही नहीं, बल्कि नदी के रास्ते की भी तलाश की जा रही है। बीजेपी को बंगाल की सत्ता में मान्यता देने की व्यवस्था के साथ केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने भी 20 मंदिरों, 11 रोड शो और बूथों की बैठकों से इंजनों को फुल स्पीड पर रखा। वहीं, बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नॉटिन नवीन ने भी बंगाल में तीन सभाएं और 12 रोड शो के जरिए मोर्चा संभाला. बीजेपी ने इस चुनाव में आस्था को भी पूरी तरह से राजनीतिक आस्था के साथ जोड़ा है. यह भी पढ़ें: ‘अब शपथ ग्रहण में आ कहा…’ बराकपुर के मुख्यमंत्री मोदी ने बोला बड़ा हुंकार, वोट से पहले कर दी बड़ी भविष्यवाणी इसके अलावा, बीजेपी की ओर से सुवेंदु अधिकारी ने 60 से अधिक सभाएं कीं, दिलीप घोष ने 35 से 40 कार्यक्रम किए और सामिक भट्टाचार्य ने 30 से अधिक सभाएं कीं। कुल समूह के लिए स्थानीय नेताओं ने राज्य में 500 से अधिक छोटे-छोटे कार्यक्रम आयोजित किए। नोएडा में वन्यजीवों के बीच आस्था का माहौल प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने थानथानिया काली बाबा, मतुआ ठाकुर बाबा, दक्षिणेश्वर काली मंदिर और बेलूर मठ में मथा टेका। वहीं, गृह मंत्री अमित शाह ने इस्कॉन टेम्पल, रामकृष्ण मिशन में दर्शन और गंगासागर में स्नान कर आध्यात्मिक संदेश भी दिया और राजनीतिक स्तर भी बढ़ाया। जबकि नवजात ने नैहाटी की बड़ी मां काली के दरबार में पूजा की और बंकिम चंद्र चट्टोपाध्याय के आवास पर श्रद्धा दी। बंगाल में भाषण से स्वाद तक रहे मोदी का अभियान बंगाल का चुनाव इस बार सिर्फ भाषणों का नहीं, स्वाद का भी हो रहा है। झाड़-फूंक में प्रधानमंत्री मोदी अचानक एक दुकान पर, झालमुडी खोखा और खुद का पैसा भी चुकाया। संदेश था राजनीति में मसाला भी जरूरी है और कभी-कभी मुरझाना भी। उन्होंने कहा कि बंगाल की झालमुड़ी का स्वाद, बंगाल की मिट्टी की तरह ही अनोखा है। मोदी के भाषणों में विकास भी था और लोकतंत्र पर तगादा तड़का भी। पश्चिम बंगाल में प्रधानमंत्री का धुआंधार प्रचार और गृह मंत्री अमित शाह की रणनीति ने विपक्ष के मन में उत्साह भर दिया। बीजेपी शीर्ष नेतृत्व के चौतरफा वार की रणनीति ने पश्चिम बंगाल चुनाव को दिलचस्प बना दिया है. ऐसे में अब 29 अप्रैल, 2026 को होने वाले दूसरे चरण का चुनाव और 4 मई को होने वाले चुनाव का इंतजार रहेगा। यह भी पढ़ें: ‘संदेश’ में नागरिकता, बंगाल चुनाव 2026 में मिठाइयों पर टीएमसी-बीजेपी के सिंबल, 142 की जंग में ‘डेमोक्रेसी का स्वाद’

धीरेन्द्र शास्त्री के बयान पर दमोदर यादव भड़के:आजाद समाज पार्टी के नेता बोले- माफी न मांगने पर प्रदेशभर में करेंगे विरोध प्रदर्शन

धीरेन्द्र शास्त्री के बयान पर दमोदर यादव भड़के:आजाद समाज पार्टी के नेता बोले- माफी न मांगने पर प्रदेशभर में करेंगे विरोध प्रदर्शन

आजाद समाज पार्टी (कांशीराम) के राष्ट्रीय कोर कमेटी सदस्य दामोदर यादव मंडल बैतूल पहुंचे। बालाघाट दौरे से लौटते समय मीडिया से बातचीत में उन्होंने धार्मिक मंचों से दिए जा रहे बयानों पर सवाल उठाए। दामोदर यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश बाबा साहब डॉ. भीमराव आंबेडकर की जन्मभूमि है, इसलिए इसे संविधान की धरती के रूप में पहचाना जाना चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ लोग प्रदेश को आडंबर और पाखंड का केंद्र बनाने का प्रयास कर रहे हैं। इसके विरोध में उनकी पार्टी ने प्रदेशव्यापी जागृति अभियान शुरू किया है। चार बच्चों वाले बयान पर दिया जवाब दमोदर ने धीरेन्द्र शास्त्री के हालिया बयान पर भी निशाना साधा। यादव ने कहा कि जिस मंच से ‘चार बच्चे पैदा करने’ की बात की जा रही है, उसी विचारधारा से जुड़े लोग अविवाहित रहने की सलाह देते हैं। उन्होंने जोर दिया कि समाज को जिम्मेदारी भरा संदेश देना चाहिए और देशहित से जुड़ी बातें करनी चाहिए, जैसे युवाओं को सेना में शामिल होने के लिए प्रेरित करना। दामोदर यादव ने छत्रपति महाराज को लेकर दिए गए कथित बयान पर भी कड़ी आपत्ति व्यक्त की। उन्होंने चेतावनी दी कि जब तक सार्वजनिक रूप से माफी नहीं मांगी जाती, तब तक पूरे प्रदेश में विरोध प्रदर्शन किया जाएगा। यादव ने कहा कि यदि जल्द माफी नहीं दी गई तो उनकी पार्टी उग्र आंदोलन करेगी। यादव ने यह आरोप भी लगाया कि कुछ साधु-संत एक विशेष राजनीतिक दल के एजेंट के रूप में काम कर रहे हैं। उनके अनुसार, धर्म के नाम पर लोगों को गुमराह किया जा रहा है। उन्होंने ऐसे लोगों के खिलाफ अभियान चलाने की बात कही। राजनीतिक संदर्भ में, दामोदर यादव ने भाजपा पर भी निशाना साधा। उन्होंने कहा कि चुनाव के समय शिक्षा और स्वास्थ्य जैसे मुद्दों पर बात की गई थी, लेकिन अब धार्मिक मुद्दों को आगे बढ़ाकर मूल समस्याओं से ध्यान भटकाया जा रहा है। यादव ने आरोप लगाया कि धर्म के नाम पर ‘दुकानें’ चलाई जा रही हैं, जिन्हें बंद कराने के लिए आंदोलन किया जाएगा।

शादी में शामिल होने गए युवक का शव मिला:धार के राजगढ़ में पेड़ से लटका मिला, पुलिस ने जताई आत्महत्या की आशंका

शादी में शामिल होने गए युवक का शव मिला:धार के राजगढ़ में पेड़ से लटका मिला, पुलिस ने जताई आत्महत्या की आशंका

धार के राजगढ़ थाना क्षेत्र के ग्राम धुलेट में सोमवार को एक युवक का शव इमली के पेड़ से लटका मिलने से इलाके में सनसनी फैल गई। ग्रामीणों ने खेत की ओर जाते समय शव देखा, जिसके बाद बड़ी संख्या में लोग मौके पर एकत्र हो गए। शव दिखाई देने के बाद ग्रामीणों ने तुरंत राजगढ़ पुलिस को सूचना दी। सूचना मिलते ही बड़ी संख्या में ग्रामीण मौके पर पहुंच गए और क्षेत्र में हड़कंप मच गया। पुलिस टीम मौके पर पहुंची और घटनास्थल का मुआयना किया। शव को पेड़ से नीचे उतरवाकर पंचनामा कार्रवाई की गई और पोस्टमार्टम के लिए अस्पताल भेजा गया। 26 वर्षीय धीरज के रूप में हुई पहचान मृतक की पहचान 26 वर्षीय धीरज पिता गणपत, निवासी धुलेट के रूप में हुई है। मृतक की शादी दो साल पहले हुई थी और उसकी एक छोटी बच्ची भी है। घटना के बाद परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। परिजनों के अनुसार, धीरज रविवार को इंडोरामा में एक बारात में शामिल होने गया था। वह रात करीब 8 बजे घर लौटा और फिर दुकान जाने की बात कहकर निकला। रात 10 बजे वापस आने के बाद वह फिर घर से बाहर गया और लौटकर नहीं आया। पुलिस के अनुसार प्रारंभिक जांच में मामला आत्महत्या का प्रतीत हो रहा है। हालांकि, वास्तविक कारण पोस्टमार्टम रिपोर्ट और विस्तृत जांच के बाद स्पष्ट होगा। पुलिस मामले की जांच में जुटी है।

ग्वालियर निगम में नारी शक्ति वंदन पर हंगामा:भाजपा ने काले कपड़े पहने, कांग्रेस ने बैठक का बहिष्कार किया

ग्वालियर निगम में नारी शक्ति वंदन पर हंगामा:भाजपा ने काले कपड़े पहने, कांग्रेस ने बैठक का बहिष्कार किया

सोमवार को ग्वालियर नगर निगम की परिषद में ‘नारी शक्ति वंदन अधिनियम’ को लेकर सियासी हंगामा देखने को मिला। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के पार्षदों ने काले कपड़े पहनकर विरोध प्रदर्शन किया, जबकि महापौर डॉ. शोभा सिंह सिकरवार सहित कांग्रेस के सभी पार्षदों ने बैठक का बहिष्कार कर दिया। सदन में विरोध का अनोखा दृश्य दिखा। भाजपा की महिला पार्षद ने सभापति की कुर्सी पर बैठकर बैठक का संचालन किया। अन्य भाजपा पार्षद भी काले कपड़ों में मौजूद थे। यह विरोध प्रदर्शन नगरीय प्रशासन मंत्री कैलाश विजयवर्गीय के एक पत्र के बाद हुआ। भाजपा पार्षदों ने ‘नारी शक्ति वंदन अधिनियम’ से संबंधित घटनाक्रम को लेकर निंदा प्रस्ताव पेश किया था। इसी प्रस्ताव के समर्थन में भाजपा ने यह विरोध जताया। पुरुष पार्षद काली टी-शर्ट और काली पट्टी बांधकर आए, जबकि महिला पार्षदों ने काली साड़ियां पहनीं। उनका कहना था कि यह मुद्दा महिलाओं के सम्मान और अस्मिता से जुड़ा है। इस पूरे घटनाक्रम का दूसरा महत्वपूर्ण पहलू कांग्रेस का बहिष्कार रहा। महापौर डॉ. शोभा सिंह सिकरवार की कुर्सी खाली थी और कांग्रेस का कोई भी पार्षद बैठक में उपस्थित नहीं हुआ। कांग्रेस ने इस विशेष बैठक का पूरी तरह बहिष्कार कर भाजपा के प्रस्ताव का विरोध किया। पिछली बैठक में महापौर और कांग्रेस पार्षदों ने भारी हंगामा किया था। ऐसे में, जब भाजपा इस मुद्दे पर चर्चा करना चाहती थी, तब कांग्रेस की अनुपस्थिति को एक सियासी रणनीति का हिस्सा माना जा रहा है। ग्वालियर नगर निगम में हुए इस घटनाक्रम ने शहर की राजनीति में नई बहस छेड़ दी है। भाजपा इस मुद्दे को महिला सम्मान से जोड़कर देख रही है, जबकि कांग्रेस का बहिष्कार दोनों पक्षों के बीच बढ़ती राजनीतिक दूरी को दर्शाता है। आशंका है कि आने वाले दिनों में यह टकराव और बढ़ सकता है, जिससे नगर निगम की कार्यप्रणाली भी प्रभावित हो सकती है।

अभिनेत्री निकिता दत्ता ने किए महाकाल दर्शन:उज्जैन में नंदी के कान में कही मनोकामना; बोलीं- यहां जो मिलता है, वह कहीं और नहीं

अभिनेत्री निकिता दत्ता ने किए महाकाल दर्शन:उज्जैन में नंदी के कान में कही मनोकामना; बोलीं- यहां जो मिलता है, वह कहीं और नहीं

अभिनेत्री निकिता दत्ता ने उज्जैन स्थित महाकालेश्वर ज्योतिर्लिंग मंदिर में दर्शन किए। उन्होंने विधि-विधान से पूजा-अर्चना की और नंदी महाराज के कान में अपनी मनोकामना व्यक्त की। महाकाल के दरबार में निकिता दत्ता भक्ति में लीन नजर आईं। उनके माथे पर त्रिपुंड के साथ ‘महाकाल’ लिखा हुआ था, जो उनकी गहरी आस्था को दर्शाता है। उन्होंने हाथ में कलावा भी बंधवाया और पंडितों द्वारा मंत्रोच्चार के साथ पूजा संपन्न करवाई। अभिनेत्री सादगी भरे अंदाज में सलवार-सूट पहनकर मंदिर पहुंची थीं। उज्जैन का यह पहला दौरा दर्शन के बाद मीडिया से बातचीत में निकिता दत्ता ने बताया कि यह उनका उज्जैन का पहला दौरा था। उन्होंने कहा कि महाकाल के दरबार में आकर उन्हें गहरी शांति और सकारात्मक ऊर्जा का अनुभव हुआ। उनके अनुसार- ‘यहां आकर जो महसूस होता है, वह कहीं और नहीं मिलता।’ अभिनेत्री ने आगे कहा कि उन्हें बहुत अच्छे से दर्शन हुए और महाकाल के साथ समय बिताने का अवसर मिला। उन्होंने खुशी व्यक्त करते हुए उम्मीद जताई कि वह जल्द ही दोबारा उज्जैन आएंगी और उनकी मांगी हुई मनोकामना जल्द पूरी होगी। मंदिर की स्वच्छता व्यवस्था से हुईं प्रभावित निकिता दत्ता ने मंदिर की स्वच्छता की भी सराहना की। उन्होंने कहा कि आमतौर पर लोग सोचते हैं कि मंदिर साफ नहीं होते, लेकिन यहां आकर उन्होंने बेहद स्वच्छ और व्यवस्थित व्यवस्था देखी, जिससे वह काफी प्रभावित हुईं। निकिता दत्ता ने अपने करियर की शुरुआत मॉडलिंग से की थी और वह फेमिना मिस इंडिया 2012 की फाइनलिस्ट रह चुकी हैं। उन्होंने फिल्म ‘लेकर हम दीवाना दिल’ से बॉलीवुड में कदम रखा। इसके बाद उन्होंने टीवी धारावाहिक ‘ड्रीम गर्ल’, ‘एक दूजे के वास्ते’ और ‘हासिल’ से पहचान बनाई। फिल्म ‘कबीर सिंह’ में उनकी भूमिका को भी दर्शकों ने सराहा था।

प्रियंक कानूनगो बोले-वेटिंग टिकट रिफंड में कटौती रेलवे नहीं करता:NHRC सदस्य ने कहा- यह पैसे इंटरनेट सर्विस प्रोवाइडर को मिलते हैं

प्रियंक कानूनगो बोले-वेटिंग टिकट रिफंड में कटौती रेलवे नहीं करता:NHRC सदस्य ने कहा- यह पैसे इंटरनेट सर्विस प्रोवाइडर को मिलते हैं

रेलवे यात्रा से जुड़े मानवाधिकार, सुविधाओं और शिकायतों को लेकर सोमवार को आयोजित जागरूकता संवाद में राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (NHRC) के सदस्य प्रियंक कानूनगो ने लोगों से सीधे संवाद किया। इस दौरान उन्होंने रेलवे में मानवाधिकार से जुड़े मुद्दों पर चर्चा की और उपस्थित लोगों के सवालों के जवाब भी दिए। साथ ही रेलवे व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए सुझाव और शिकायतें भी आमंत्रित कीं। टिकट कन्फर्म न होने पर कटने वाला पैसा रेलवे को नहीं जाता टिकट कन्फर्म न होने पर रिफंड में होने वाली कटौती को लेकर उठे सवाल पर कानूनगो ने स्पष्ट किया कि यह राशि रेलवे के खाते में नहीं जाती। उन्होंने कहा कि ऑनलाइन टिकट बुकिंग की सुविधा देने वाले इंटरनेट सर्विस प्रोवाइडर यह शुल्क लेते हैं। जो लोग यह सुविधा उपलब्ध करा रहे हैं, वे भी गरीब हैं और उन्हें भी इसके लिए कुछ पैसा मिलना चाहिए। महिलाओं के लिए कोच में सैनिटरी पैड की व्यवस्था पर चर्चा संवाद में महिलाओं के लिए रेलवे कोच में सैनिटरी पैड उपलब्ध कराने का सुझाव भी सामने आया। इस पर कानूनगो ने कहा कि प्रयास किया जा रहा है कि सभी प्लेटफॉर्म पर मेडिकल शॉप में सैनिटरी पैड उपलब्ध हों। साथ ही, रेलवे के प्रत्येक कोच में वेंडिंग मशीन लगाने पर भी विचार किया जा रहा है, ताकि आपात स्थिति में महिलाओं को परेशानी न हो। RAC टिकट के किराए की वापसी पर भी होगा विचार RAC टिकट पर यात्रा करने वाले यात्रियों को किराया वापस मिलने के मुद्दे पर भी चर्चा हुई। इस पर उन्होंने कहा कि मानवाधिकार आयोग इस विषय पर विचार करेगा और नीति में आवश्यक बदलाव के लिए प्रयास किए जाएंगे। रेलवे में चोरी: शिकायत के बिना कार्रवाई संभव नहीं रेलवे में लगातार हो रही चोरी की घटनाओं को लेकर भी सवाल उठे। इस पर कानूनगो ने कहा कि जब तक आयोग के पास लिखित शिकायत नहीं आती, तब तक कार्रवाई संभव नहीं है। उन्होंने कहा मानवाधिकार आयोग के पास कोई ‘अलादीन का चिराग’ नहीं है कि बिना सूचना के हर घटना का पता चल सके।” पैंट्री में ‘चॉइस फूड’ की सुविधा जरूरी उन्होंने कहा कि रेलवे की पैंट्री व्यवस्था में सुधार हुआ है, लेकिन अभी और सुधार की जरूरत है। यात्रियों को उनकी पसंद के अनुसार भोजन मिलना चाहिए और किसी पर भी भोजन थोपना नहीं चाहिए। नागरिकों को भी निभानी होगी जिम्मेदारी कानूनगो ने कहा कि लेडीज टॉयलेट, स्वच्छता और हाइजीन की कमी मानवाधिकार का उल्लंघन है। हालांकि उन्होंने यह भी कहा कि कई बार रेलवे के चादर चोरी होने जैसी घटनाएं नागरिक कर्तव्यों की अनदेखी को दर्शाती हैं। इसलिए नागरिकों को अपने अधिकारों के साथ-साथ कर्तव्यों का भी पालन करना चाहिए। यात्रियों ने उठाए कई मुद्दे कानूनगो ने स्टेशनों पर कूली की समस्या और रेलवे के ट्रेन लेट होने की सूचना न देने को भी मानवाधिकार का हनन बताया। संवाद के दौरान लोगों ने जनरल कोच में गद्देदार सीट न होने, रेलवे पास न बनने जैसी समस्याएं उठाईं। कानूनगो ने सभी से लिखित शिकायत ईमेल के माध्यम से भेजने को कहा और अपना ईमेल आईडी साझा किया। यह कार्यक्रम उपयोगकर्ता सलाहकार समिति, पश्चिम मध्य रेलवे मंडल के सदस्य कमलेश सेन ने आयोजित किया था।

पीएम एक्सीलेंस कॉलेज में बस शुल्क को लेकर विवाद:जबरन वसूली के विरोध में एनएसयूआई ने खोला मोर्चा, कहा-10 दिन में समाधान करें

पीएम एक्सीलेंस कॉलेज में बस शुल्क को लेकर विवाद:जबरन वसूली के विरोध में एनएसयूआई ने खोला मोर्चा, कहा-10 दिन में समाधान करें

रीवा में पीएम एक्सीलेंस (मॉडल साइंस कॉलेज) में छात्रों से जबरन बस शुल्क वसूली के विरोध में एनएसयूआई ने मोर्चा खोल दिया है। जिलाध्यक्ष पंकज उपाध्याय के नेतृत्व में प्रतिनिधिमंडल ने उपमुख्यमंत्री राजेन्द्र शुक्ला से मुलाकात कर ज्ञापन सौंपा और जल्द समाधान की मांग की। एनएसयूआई जिलाध्यक्ष पंकज उपाध्याय ने कहा कि कॉलेज में बसों की संख्या और उनकी क्षमता सीमित है, साथ ही बसों का संचालन केवल दो राउंड में प्रस्तावित है। ऐसे में सभी छात्रों पर अनिवार्य बस शुल्क थोपना पूरी तरह अनुचित है। उन्होंने स्पष्ट कहा कि जो छात्र बस सेवा का उपयोग नहीं करते, उनसे भी शुल्क वसूला जाना गलत है और इसे किसी भी स्थिति में स्वीकार नहीं किया जाएगा। गरीब और मध्यमवर्गीय छात्रों पर बढ़ रहा बोझ एनएसयूआई ने कहा कि एक समान शुल्क लागू करने से गरीब और मध्यमवर्गीय छात्रों पर अनावश्यक आर्थिक दबाव पड़ रहा है, जो न्यायसंगत नहीं है। संगठन ने मांग की है कि बस शुल्क केवल उन्हीं छात्रों से लिया जाए, जो वास्तव में इस सुविधा का लाभ उठा रहे हैं। एनएसयूआई ने चेतावनी दी है कि यदि 10 दिनों के भीतर समस्या का समाधान नहीं हुआ, तो सैकड़ों छात्र उग्र आंदोलन करेंगे, जिसकी जिम्मेदारी शासन-प्रशासन की होगी।

संजय दत्त ने अश्लील गाने पर माफी मांगी:महिला आयोग से बोले- लिरिक्स का पता नहीं था; 50 आदिवासी बच्चों की पढ़ाई का खर्च उठाएंगे

संजय दत्त ने अश्लील गाने पर माफी मांगी:महिला आयोग से बोले- लिरिक्स का पता नहीं था; 50 आदिवासी बच्चों की पढ़ाई का खर्च उठाएंगे

कन्नड़ फिल्म के गाने ‘सरके चुनर तेरी सरके’ में अश्लीलता को लेकर संजय दत्त ने माफी मांगी है। 27 अप्रैल को एक्टर राष्ट्रीय महिला आयोग (NCW) के सामने पेश हुए। संजय ने गाने के बोल और प्रेजेंटेशन के लिए बिना शर्त माफी मांगी। दरअसल आयोग ने गाने में अश्लीलता और महिलाओं के प्रति आपत्तिजनक कंटेंट को लेकर नोरा फतेही और संजय दत्त समेत फिल्म की टीम को समन भेजा था। लिरिक्स की जानकारी नहीं थी: संजय दत्त सोमवार दोपहर संजय दत्त अपने वकील के साथ दिल्ली स्थित महिला आयोग के ऑफिस पहुंचे। पेशी के बाद उनके वकील ने बताया, “संजय दत्त महिलाओं और महिला आयोग का बहुत सम्मान करते हैं। उन्होंने आयोग को बताया कि जब यह गाना रिकॉर्ड हुआ था, तब वह किसी और भाषा में था, इसलिए उन्हें इसके हिंदी लिरिक्स की गहराई का पता नहीं था। इसके बावजूद उन्होंने अपनी ओर से माफी मांगी है।” 50 बच्चों की शिक्षा का लिया जिम्मा संजय दत्त ने न केवल माफी मांगी, बल्कि स्वेच्छा से सामाजिक कदम उठाने का भी प्रस्ताव रखा। एक्टर ने घोषणा की है कि वे आदिवासी समुदाय के 50 बच्चों की शिक्षा का पूरा खर्च उठाएंगे। उनके वकील ने स्पष्ट किया कि संजय दत्त ने यह फैसला समाज के प्रति अपनी जिम्मेदारी समझते हुए लिया है। आयोग ने एक्टर के इस कदम को रिकॉर्ड पर लिया है। NCW ने लिया था स्वतः संज्ञान पिछले महीने महिला आयोग ने मीडिया रिपोर्ट्स के आधार पर इस गाने पर स्वतः संज्ञान लिया था। आयोग का कहना था कि गाने के बोल और कोरियोग्राफी पहली नजर में यौन संकेत देने वाले और आपत्तिजनक हैं। आयोग ने इसे भारतीय न्याय संहिता (BNS), आईटी एक्ट और पोक्सो एक्ट के प्रावधानों का उल्लंघन माना था। विवाद बढ़ने के बाद यूट्यूब से इस गाने के लिरिकल वीडियो को हटा दिया गया है। क्या है पूरा मामला? विवाद फिल्म ‘केडी: द डेविल’ के गाने ‘सरके चुनर तेरी सरके’ से शुरू हुआ, जिसमें नोरा फतेही और संजय दत्त हैं। गाने की शुरुआती लाइनों में ‘डबल मीनिंग’ शब्दों का इस्तेमाल किया गया था। हालांकि बाद में गाने में यह दिखाया गया कि वे शब्द शराब की बोतल के लिए थे, लेकिन तब तक इसका कड़ा विरोध शुरू हो गया। नोरा फतेही ने भी सोशल मीडिया पर पोस्ट लिखकर साफ किया था कि वे ऐसे कंटेंट का समर्थन नहीं करती हैं।

संजय दत्त ने अश्लील गाने पर माफी मांगी:महिला आयोग से बोले- लिरिक्स का पता नहीं था; 50 आदिवासी बच्चों की पढ़ाई का खर्च उठाएंगे

संजय दत्त ने अश्लील गाने पर माफी मांगी:महिला आयोग से बोले- लिरिक्स का पता नहीं था; 50 आदिवासी बच्चों की पढ़ाई का खर्च उठाएंगे

कन्नड़ फिल्म के गाने ‘सरके चुनर तेरी सरके’ में अश्लीलता को लेकर संजय दत्त ने माफी मांगी है। 27 अप्रैल को एक्टर राष्ट्रीय महिला आयोग (NCW) के सामने पेश हुए। संजय ने गाने के बोल और प्रेजेंटेशन के लिए बिना शर्त माफी मांगी। दरअसल आयोग ने गाने में अश्लीलता और महिलाओं के प्रति आपत्तिजनक कंटेंट को लेकर नोरा फतेही और संजय दत्त समेत फिल्म की टीम को समन भेजा था। लिरिक्स की जानकारी नहीं थी: संजय दत्त सोमवार दोपहर संजय दत्त अपने वकील के साथ दिल्ली स्थित महिला आयोग के ऑफिस पहुंचे। पेशी के बाद उनके वकील ने बताया, “संजय दत्त महिलाओं और महिला आयोग का बहुत सम्मान करते हैं। उन्होंने आयोग को बताया कि जब यह गाना रिकॉर्ड हुआ था, तब वह किसी और भाषा में था, इसलिए उन्हें इसके हिंदी लिरिक्स की गहराई का पता नहीं था। इसके बावजूद उन्होंने अपनी ओर से माफी मांगी है।” 50 बच्चों की शिक्षा का लिया जिम्मा संजय दत्त ने न केवल माफी मांगी, बल्कि स्वेच्छा से सामाजिक कदम उठाने का भी प्रस्ताव रखा। एक्टर ने घोषणा की है कि वे आदिवासी समुदाय के 50 बच्चों की शिक्षा का पूरा खर्च उठाएंगे। उनके वकील ने स्पष्ट किया कि संजय दत्त ने यह फैसला समाज के प्रति अपनी जिम्मेदारी समझते हुए लिया है। आयोग ने एक्टर के इस कदम को रिकॉर्ड पर लिया है। NCW ने लिया था स्वतः संज्ञान पिछले महीने महिला आयोग ने मीडिया रिपोर्ट्स के आधार पर इस गाने पर स्वतः संज्ञान लिया था। आयोग का कहना था कि गाने के बोल और कोरियोग्राफी पहली नजर में यौन संकेत देने वाले और आपत्तिजनक हैं। आयोग ने इसे भारतीय न्याय संहिता (BNS), आईटी एक्ट और पोक्सो एक्ट के प्रावधानों का उल्लंघन माना था। विवाद बढ़ने के बाद यूट्यूब से इस गाने के लिरिकल वीडियो को हटा दिया गया है। क्या है पूरा मामला? विवाद फिल्म ‘केडी: द डेविल’ के गाने ‘सरके चुनर तेरी सरके’ से शुरू हुआ, जिसमें नोरा फतेही और संजय दत्त हैं। गाने की शुरुआती लाइनों में ‘डबल मीनिंग’ शब्दों का इस्तेमाल किया गया था। हालांकि बाद में गाने में यह दिखाया गया कि वे शब्द शराब की बोतल के लिए थे, लेकिन तब तक इसका कड़ा विरोध शुरू हो गया। नोरा फतेही ने भी सोशल मीडिया पर पोस्ट लिखकर साफ किया था कि वे ऐसे कंटेंट का समर्थन नहीं करती हैं।