Sunday, 04 Oct 2026 | 09:08 PM

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कोहली IPL में 9 हजार रन बनाने वाले पहले बैटर:दिल्ली ने लोएस्ट पावरप्ले स्कोर बनाया; बेंगलुरु ने 81 बॉल रहते मैच जीता; मोमेंट्स-रिकॉर्डस

कोहली IPL में 9 हजार रन बनाने वाले पहले बैटर:दिल्ली ने लोएस्ट पावरप्ले स्कोर बनाया; बेंगलुरु ने 81 बॉल रहते मैच जीता; मोमेंट्स-रिकॉर्डस

रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु ने IPL 2026 के 39वें मैच में दिल्ली कैपिटल्स को 9 विकेट से हरा दिया। सोमवार को अरुण जेटली स्टेडियम में खेले गए इस मुकाबले में दिल्ली की बल्लेबाजी फ्लॉप रही। टीम ने पावरप्ले का सबसे कम स्कोर बनाया। दिल्ली की पारी 75 रन पर ढेर हो गई। जवाब ने बेंगलुरु ने 81 गेंद रहते टारगेट हासिल कर लिया। 23 रन बनाकर नाबाद रहने वाले विराट कोहली IPL इतिहास में 9 हजार रन पूरे करने वाले पहले बल्लेबाज बन गए। पढ़िए बेंगलुरु-दिल्ली मैच के टॉप रिकॉर्ड्स… 1. 6 ओवर में सिर्फ 13 रन बना सकी दिल्ली दिल्ली ने पावरप्ले में 6 विकेट खोकर मात्र 13 रन बनाए। यह IPL इतिहास में पावरप्ले का सबसे कम स्कोर है। दूसरे नंबर पर राजस्थान रॉयल्स हैं, जिसने 2009 में RCB के खिलाफ 2 विकेट खोकर 14 रन बनाए थे। 2. दिल्ली ने सिर्फ 7 रन पर 5 विकेट गंवा दिए इस मैच में दिल्ली ने सिर्फ 7 रन बनाने में 5 विकेट गंवा दिए थे। इसके बावजूद यह IPL में सबसे कम रन में 5 विकेट गंवाने का रिकॉर्ड नहीं है। कोच्चि टस्तकर्स केरल की टीम 2011 में डेक्कन चार्जर्स के खिलाफ सिर्फ 6 रन पर 5 विकेट गंवा बैठी थी। अब कोच्चि टस्कर्स और डेक्कन चार्जर्स दोनों टीमों लीग से बाहर हो चुकी हैं। 3. भुवनेश्वर ने 29वीं बार पहले ओवर में विकेट लिया भुवनेश्वर कुमार ने DC के खिलाफ पहले ओवर में ही डेब्यूटेंट साहिल पारख को क्लीन बोल्ड कर दिया। ये 29वीं बार है, जब उन्होंने IPL में पहले ओवर में ही विकेट लिया हो। वे इस मामले में दूसरे नंबर पर हैं। टॉप पर ट्रेट बोल्ट हैं, जिन्होंने 32 बार यह कारनामा किया है। 4. भुवनेश्वर ने IPL 2023 के बाद पावरप्ले में सबसे ज्यादा विकेट लिए दिल्ली के खिलाफ भुवनेश्वर ने पावरप्ले में 3 विकेट लिए। उन्होंने IPL 2023 के बाद पावरप्ले में अब तक 32 विकेट लिए हैं। वे इस मामले में ट्रेट बोल्ट के साथ नंबर एक पर हैं। बोल्ट ने भी 32 विकेट लिए हैं। मोहम्मद सिराज और मोहम्मद शमी ने पावरप्ले में 28-28 विकेट लिए हैं। 5. भुवनेश्वर ने IPL में 25 बार 3+ विकेट लिए भुवनेश्वर ने दिल्ली के खिलाफ 3 ओवर में 5 रन देकर 3 विकेट लिए। IPL में उन्होंने 20वीं बार 3 या उससे ज्यादा विकेट लिए। इस लिस्ट में जसप्रीत बुमराह नंबर एक पर हैं, जिन्होंने 25 बार यह स्पेल डाला है। लसिथ मलिंगा ने 19 बार 3+ विकेट लिए हैं और तीसरे नंबर पर हैं। 6. दिल्ली तीसरी बार IPL में 75 या इससे कम रन पर ऑलआउट दिल्ली कैपिटल्स 16.3 ओवर में 75 रन पर ऑलआउट हो गई। यह IPL में तीसरी बार है, जब दिल्ली की टीम 75 या उससे कम स्कोर पर ऑलआउट हुई। RCB इस मामले में नंबर-1 पर हैं, जो 4 बार 75 या इससे नीचे ऑल आउट हुई है। 7. कोहली के 9 हजार रन पूरे विराट कोहली 9 हजार रन पूरे करने वाले पहले IPL बैटर बने। उनके नाम 9012 रन हो गए हैं। दूसरे स्थान पर रोहित शर्मा हैं, जिनके नाम 7183 रन हैं। 8. बेंगलुरु ने 81 बॉल रहते मैच जीता बेंगलुरु ने दिल्ली के खिलाफ 76 रन का लक्ष्य 81 गेंद बाकी रहते हासिल कर लिया। यह IPL में गेंद बाकी रहने के हिसाब से दूसरा सबसे बड़ा रनचेज रहा। इस लिस्ट में पहले स्थान पर मुंबई इंडियंस है, जिसने 87 गेंद रहते चेज किया था, जबकि बेंगलुरु दूसरे स्थान पर है। 9. कोहली के दिल्ली के खिलाफ 1172 रन विराट कोहली ने दिल्ली के खिलाफ अपने रन 1172 तक पहुंचा दिए। हालांकि इस लिस्ट में पहला स्थान भी उनके ही नाम है, जहां उन्होंने चेन्नई सुपर किंग्स के खिलाफ 1174 रन बनाए हैं, जबकि दिल्ली के खिलाफ उनका यह रिकॉर्ड दूसरा सबसे ज्यादा है। 10. बेंगलुरु ने दिल्ली को 21वीं बार हराया बेंगलुरु ने दिल्ली को 21वीं बार हरा दिया। एक टीम के खिलाफ सबसे ज्यादा जीत का रिकॉर्ड मुंबई इंडियंस के नाम हैं, जिसने कोलकाता के खिलाफ 25 जीत दर्ज की हैं, जबकि 21 जीत के साथ कई टीमें दूसरे स्थान पर हैं। यहां से टॉप-6 मोमेंट्स… 1. साहिल परख डेब्यू मैच में शून्य पर आउट साहिल परख का डेब्यू मैच किसी बुरे सपने की तरह रहा। पारी के पहले ओवर में ही भुवनेश्वर कुमार ने उन्हें शून्य पर क्लीन बोल्ड कर दिया। ओवर की दूसरी गेंद भुवनेश्वर ने सटीक इनस्विंग यॉर्कर डाली, जिसे पारिख बिल्कुल समझ नहीं पाए और गेंद विकेटों में समा गई। 2. दो बार ओवर में 2 विकेट गिरे दिल्ली की पारी के दौरान ऐसा दो बार हुआ, जब एक ही ओवर में दो विकेट गिर गए। हेजलवुड ने दूसरे ओवर में पहली दो गेंद पर 2 विकेट लिए। पहली गेंद हेजलवुड ने शॉर्ट डाली, जिसे राहुल पुल करने गए। गेंद बल्ले का एज लेकर ऊपर खड़ी हो गई और विकेटकीपर जितेश शर्मा ने आसान कैच पकड़ा। अगली गेंद पर ही समीर रिजवी शून्य पर कट बिहाइंड हो गए। तीसरे ओवर में भुवनेश्वर ने भी ट्रिस्टन स्टब्स और अक्षर पटेल को पवेलियन भेजा। 3. धूलभरी आंधी से खेल रुका पहली पारी में 10वें ओवर की शुरुआत से पहले कुछ देर तक खेल रुका रहा। दिल्ली में खेले गए मुकाबले में अचानक धूल भरी आंधी से खेल रुक गया। खिलाड़ी धूल से बचने के लिए पीछे मुड़कर खड़े हो गए। कुछ देर बाद धूल कम हुई, तब जाकर फिर खेल शुरु हुआ। 4. रसिख सलाम का अनोखा सेलिब्रेशन डेविड मिलर को आउट करने के बाद RCB के गेंदबाज रसिख सलाम ने अनोखे अंदाज में जश्न मनाया। 9वें ओवर की आखिरी गेंद पर रसिख ने शॉर्ट पिच गेंद डाली। मिलर ने पुल शॉट खेलने की कोशिश की, लेकिन गेंद उनके बैट के टो-एंड से लगकर हवा में चली गई और विकेटकीपर जितेश शर्मा ने आसानी से कैच पकड़ लिया। इसके बाद रसिख ने दोनों कानों को बंद कर साइलेंस लुक दिया। 5. बेथेल का 104 मीटर लंबा छक्का तीसरे ओवर में जैकब बेथेल ने काइल जेमिसन की गेंद पर लंबा छक्का जड़ा। ओवर की दूसरी गेंद जेमिसन ने शॉर्ट ऑफ लेंथ गेंद डाली, जिसपर बेथेल ने जोरदार पुल शॉट खेला।

ओडिशा में बहन का कंकाल लेकर बैंक पहुंचा शख्स:कंधे पर लेकर 3km पैदल चला; बैंक कर्मचारियों ने कहा था- जिसका खाता उसे लेकर आओ

ओडिशा में बहन का कंकाल लेकर बैंक पहुंचा शख्स:कंधे पर लेकर 3km पैदल चला; बैंक कर्मचारियों ने कहा था- जिसका खाता उसे लेकर आओ

ओडिशा के क्योंझर में सोमवार को हैरान करने वाला मामला सामने आया। आदिवासी शख्स जीतू मुंडा अपनी मरी हुई बहन का कंकाल लेकर बैंक पहुंच गया। कंकाल देख बैंक में अफरा-तफरी मच गई। दरअसल, जीतू अपनी बहन कलारा मुंडा के खाते से 20 हजार रुपए निकालना चाहता था, इसके लिए वह कई बार बैंक भी गया। लेकिन कर्मचारियों ने खाता धारक को लाने को कहा। जीतू बैंक में पहले ही कलारा की मौत की जानकारी दे चुका था। फिर भी उसे कोई मदद नहीं मिली, इससे परेशान होकर उसने कब्र से कंकाल निकालकर बैंक में पेश किया। बहन का कंकाल कंधे पर लेकर जीतू करीब 3 किमी पैदल चला। फिर मल्लिपसी में बने ओडिशा ग्रामीण बैंक ब्रांच के बरामदे में कंकाल को रख दिया। इसे देख वहां मौजूद लोग हैरान रह गए। पुलिस के अनुसार, जीतू अनपढ़ है और कानूनी प्रक्रिया से अनजान था। प्रशासन ने उसे नियम समझाए और जल्द पैसे दिलाने का भरोसा दिया। इसके बाद शव को दोबारा कब्रिस्तान में दफना दिया गया। बैंक के बरामदे में रखे कंकाल की तस्वीर… कंकाल देखकर बैंक कर्मचारियों ने पुलिस बुलाई पटना पुलिस के अनुसार, जीतू पढ़ा-लिखा नहीं है। आदिवासी जनजाति का है और कानूनी प्रक्रिया से पूरी तरह अनजान है। स्टेशन के प्रभारी निरीक्षक (आईआईसी) किरण प्रसाद साहू ने कहा, “जीतू को नहीं पता कि कानूनी वारिस या नॉमिनी क्या होता है। बैंक अधिकारी भी उसे मृतक के खाते से पैसे निकालने की प्रक्रिया नहीं समझा पाए। पुलिस ने जीतू मुंडा को आश्वासन दिया कि वे उसकी मृत बहन के बैंक खाते से पैसे निकलवाने में मदद करेंगे। बाद में, पुलिस की मौजूदगी में शव को दोबारा कब्रिस्तान में दफना दिया गया। आखिर क्यों चाहिए थे जीतू को बहन के खाते में जमा रुपए डियानाली गांव का रहने वाला जीतू मुंडा जिस महिला का कंकाल लेकर बैंक पहुंचा, वह उसकी बड़ी बहन कालरा मुंडा थी। कालरा की मौत 26 जनवरी 2026 को हो गई थी। कालरा मुंडा के बैंक खाते में नॉमिनेट पति और बेटे की भी मौत हो चुकी है। इसलिए, उनके नाम पर जमा पैसे का जीतू मुंडा ही एकमात्र दावेदार है। आर्थिक रूप से कमजोर होने के कारण उनके लिए यह राशि बेहद अहम थी और जीवनयापन का सहारा मानी जा रही थी।

ओडिशा में बहन का कंकाल लेकर बैंक पहुंचा शख्स:कंधे पर लेकर 3km पैदल चला; बैंक कर्मचारियों ने कहा था- जिसका खाता उसे लेकर आओ

ओडिशा में बहन का कंकाल लेकर बैंक पहुंचा शख्स:कंधे पर लेकर 3km पैदल चला; बैंक कर्मचारियों ने कहा था- जिसका खाता उसे लेकर आओ

ओडिशा के क्योंझर में सोमवार को हैरान करने वाला मामला सामने आया। आदिवासी शख्स जीतू मुंडा अपनी मरी हुई बहन का कंकाल लेकर बैंक पहुंच गया। कंकाल देख बैंक में अफरा-तफरी मच गई। दरअसल, जीतू अपनी बहन कलारा मुंडा के खाते से 20 हजार रुपए निकालना चाहता था, इसके लिए वह कई बार बैंक भी गया। लेकिन कर्मचारियों ने खाता धारक को लाने को कहा। जीतू बैंक में पहले ही कलारा की मौत की जानकारी दे चुका था। फिर भी उसे कोई मदद नहीं मिली, इससे परेशान होकर उसने कब्र से कंकाल निकालकर बैंक में पेश किया। बहन का कंकाल कंधे पर लेकर जीतू करीब 3 किमी पैदल चला। फिर मल्लिपसी में बने ओडिशा ग्रामीण बैंक ब्रांच के बरामदे में कंकाल को रख दिया। इसे देख वहां मौजूद लोग हैरान रह गए। पुलिस के अनुसार, जीतू अनपढ़ है और कानूनी प्रक्रिया से अनजान था। प्रशासन ने उसे नियम समझाए और जल्द पैसे दिलाने का भरोसा दिया। इसके बाद शव को दोबारा कब्रिस्तान में दफना दिया गया। बैंक के बरामदे में रखे कंकाल की तस्वीर… कंकाल देखकर बैंक कर्मचारियों ने पुलिस बुलाई पटना पुलिस के अनुसार, जीतू पढ़ा-लिखा नहीं है। आदिवासी जनजाति का है और कानूनी प्रक्रिया से पूरी तरह अनजान है। स्टेशन के प्रभारी निरीक्षक (आईआईसी) किरण प्रसाद साहू ने कहा, “जीतू को नहीं पता कि कानूनी वारिस या नॉमिनी क्या होता है। बैंक अधिकारी भी उसे मृतक के खाते से पैसे निकालने की प्रक्रिया नहीं समझा पाए। पुलिस ने जीतू मुंडा को आश्वासन दिया कि वे उसकी मृत बहन के बैंक खाते से पैसे निकलवाने में मदद करेंगे। बाद में, पुलिस की मौजूदगी में शव को दोबारा कब्रिस्तान में दफना दिया गया। आखिर क्यों चाहिए थे जीतू को बहन के खाते में जमा रुपए डियानाली गांव का रहने वाला जीतू मुंडा जिस महिला का कंकाल लेकर बैंक पहुंचा, वह उसकी बड़ी बहन कालरा मुंडा थी। कालरा की मौत 26 जनवरी 2026 को हो गई थी। कालरा मुंडा के बैंक खाते में नॉमिनेट पति और बेटे की भी मौत हो चुकी है। इसलिए, उनके नाम पर जमा पैसे का जीतू मुंडा ही एकमात्र दावेदार है। आर्थिक रूप से कमजोर होने के कारण उनके लिए यह राशि बेहद अहम थी और जीवनयापन का सहारा मानी जा रही थी।

एमपी में 1 मई से यूजी-पीजी एडमिशन शुरू:दो महीने चलेगी काउंसलिंग, उच्च शिक्षा विभाग ने जारी किया पूरा शेड्यूल

एमपी में 1 मई से यूजी-पीजी एडमिशन शुरू:दो महीने चलेगी काउंसलिंग, उच्च शिक्षा विभाग ने जारी किया पूरा शेड्यूल

मध्य प्रदेश के सरकारी और निजी कॉलेजों में स्नातक (यूजी) और स्नातकोत्तर (पीजी) पाठ्यक्रमों में प्रवेश के लिए उच्च शिक्षा विभाग ने काउंसलिंग का विस्तृत शेड्यूल जारी कर दिया है। यूजी कोर्स के लिए 1 मई से और पीजी कोर्स के लिए 2 मई से ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन शुरू होगा, जो 30 जून तक चलेगा। पूरी प्रक्रिया ऑनलाइन मोड में होगी, जिसमें रजिस्ट्रेशन के साथ दस्तावेज सत्यापन अनिवार्य रहेगा। इस बार विभाग ने दो मुख्य काउंसलिंग राउंड के साथ कॉलेज लेवल काउंसलिंग (CLC) का एक अतिरिक्त राउंड भी जोड़ा है, ताकि खाली सीटों को भरने में आसानी हो सके। ऑनलाइन प्रक्रिया से होगा पूरा एडमिशन उच्च शिक्षा विभाग द्वारा जारी शेड्यूल के अनुसार इस साल पूरी प्रवेश प्रक्रिया ऑनलाइन माध्यम से ही पूरी की जाएगी। छात्रों को निर्धारित तिथियों के भीतर रजिस्ट्रेशन करना होगा और अपने दस्तावेजों का सत्यापन भी कराना होगा। बिना सत्यापन के छात्रों की काउंसलिंग प्रक्रिया अधूरी मानी जाएगी और वे सीट आवंटन से वंचित रह सकते हैं। चॉइस फिलिंग से तय होगा कॉलेज एडमिशन प्रक्रिया के दौरान छात्रों को अपनी पसंद के कॉलेज और कोर्स का चयन करना होगा। इसी चॉइस फिलिंग के आधार पर मेरिट सूची तैयार की जाएगी और सीटों का आवंटन किया जाएगा। सीट मिलने के बाद छात्रों को तय समय सीमा में फीस जमा करनी होगी, अन्यथा उनकी सीट स्वतः निरस्त हो जाएगी और वह अगली सूची में अन्य छात्रों को आवंटित कर दी जाएगी। दो मुख्य राउंड के साथ CLC का नया मौका इस बार प्रवेश प्रक्रिया में दो मुख्य काउंसलिंग राउंड के अलावा कॉलेज लेवल काउंसलिंग (CLC) का एक अतिरिक्त राउंड भी रखा है। यह राउंड उन सीटों को भरने के लिए होगा, जो मुख्य काउंसलिंग के बाद खाली रह जाती हैं। इससे अधिक से अधिक छात्रों को प्रवेश का अवसर मिल सकेगा और कॉलेजों में सीटें खाली नहीं रहेंगी। नए कोर्स ITEP से मिलेगा शिक्षक बनने का मौका इस वर्ष एनसीटीई के अंतर्गत बीएड, बीपीएड और एमपीएड कोर्स के साथ एक नया चार वर्षीय कोर्स आईटीईपी (ITEP) भी शुरू किया है। इस कोर्स की खास बात यह है कि इसे 12वीं के बाद सीधे किया जा सकता है। इसे शिक्षक बनने की इच्छा रखने वाले छात्रों के लिए बेहतर विकल्प माना जा रहा है, क्योंकि इसमें शुरुआती स्तर से ही प्रशिक्षण दिया जाएगा। यूजी प्रवेश का पहला चरण (महत्वपूर्ण तिथियां) एनसीटीई कोर्स का शेड्यूल दो माह तक चलेगी काउंसलिंग करीब दो महीने तक चलने वाली इस काउंसलिंग प्रक्रिया के जरिए प्रदेश के लाखों छात्रों को उच्च शिक्षा में प्रवेश का अवसर मिलेगा। विभाग ने छात्रों से अपील की है कि वे तय समय सीमा के भीतर सभी प्रक्रियाएं पूरी करें, ताकि उन्हें एडमिशन में किसी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े।

जीजा ने साले को 24 बार मारे चाकू, VIDEO:बहन को परेशान करते थे, समझाने आया था; जीजा के भाई और पिता ने भी किया हमला

जीजा ने साले को 24 बार मारे चाकू, VIDEO:बहन को परेशान करते थे, समझाने आया था; जीजा के भाई और पिता ने भी किया हमला

ग्वालियर में एक साले को उसके ही जीजा ने चाकू से 24 वार किए हैं। घटना का एक VIDEO भी सामने आया है जिसमें जीजा सब्जी काटने वाला चाकू मारता हुआ दिख रहा है। चाकू पेट, गर्दन, पीठ व सीने पर लगा है। हमले में बहनोई, उसका भाई व पिता भी शामिल हैं। गंभीर हालत में घायल युवक को हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया है। घटना दो दिन पहले की है, लेकिन पुलिस ने हमलावरों को सोमवार को गिरफ्तार किया है। घटना का एक वीडियो भी सोमवार को सामने आया है, जिसमें साले पर उसका जीजा चाकू मारता नजर आ रहा है। आखिर में वह उसे सड़क पर पड़ा छोड़कर बाइक लेकर भाग जाता है। घटना मेहरा कॉलोनी थाटीपुर की है। पुलिस ने जीजा-उसके भाई को गिरफ्तार कर लिया है। देखिए युवक पर हमले की तस्वीरें… ऐसे समझिए पूरा मामला मुरैना निवासी देवेन्द्र रजक की बहन की शादी 4 साल पहले ग्वालियर के थाटीपुर मेहरा कॉलोनी में रहने वाले कृष्णा रजक के साथ हुई थी। शादी के बाद से ही देवेन्द्र की बहन को उसका पति कृष्णा, देवर सोनू व ससुर रामअवतार परेशान करते थे। 25 अप्रैल को मुरैना से देवेन्द्र बहन की ससुराल बातचीत करने पहुंचा था, लेकिन उसके आते ही उसके बहनोई कृष्णा ने अभद्रता कर दी और पत्नी को भेजने से मना कर दिया। जिस पर वहां मुंहवाद शुरू हो गया। चाकू से ताबड़तोड़ किए वार देवेन्द्र ने गाली गलौज की तो उसका बहनोई कृष्णा, उसका भाई सोनू व पिता रामअवतार नाराज हो गए। सबसे पहले बहनोई अंदर गया और सब्जी काटने वाला चाकू उठा लाया। इसके बाद वह देवेन्द्र पर टूट पड़ा। घायल पड़ा छोड़कर भाग गए साले पर चाकू से ताबड़तोड़ हमला करने के बाद जीजा कृष्णा रजक बाइक उठाकर भाग गया। उसका भाई सोनू व पिता वहां कुछ देर खड़े रहे, लेकिन उसके बाद वह भी वहां से भाग गए। कुछ स्थानीय लोगों की मदद से बहन ने घायल भाई को अस्पताल पहुंचाया है, जहां उसकी हालत गंभीर है। सीएसपी मुरार अतुल सोनी ने बताया कि युवक का गला रेत कर हत्या का प्रयास करने वाले उसके बहनोई कृष्णा और देवर सोनू को पकड़ लिया है। ससुर अभी फरार है। उसकी तलाश में पुलिस लगी हुई है और जल्द ही उसे पकड़ लिया जाएगा।

मध्यप्रदेश में भी लागू होगा समान नागरिक संहिता कानून:सरकार ने बनाई हाईपावर कमेटी, 60 दिन में सौंपेगी रिपोर्ट

मध्यप्रदेश में भी लागू होगा समान नागरिक संहिता कानून:सरकार ने बनाई हाईपावर कमेटी, 60 दिन में सौंपेगी रिपोर्ट

उत्तराखंड और गुजरात की राह पर चलते हुए अब मध्य प्रदेश सरकार ने भी प्रदेश में समान नागरिक संहिता (UCC) लागू करने की दिशा में कदम बढ़ा दिए हैं। राज्य के विधि एवं विधायी कार्य विभाग ने सोमवार को इसके लिए एक उच्च स्तरीय विशेषज्ञ समिति के गठन का आदेश जारी कर दिया है। यह कमेटी प्रदेश में विवाह, तलाक, गोद लेने और विरासत जैसे निजी कानूनों का अध्ययन कर एक समान कानूनी ढांचा तैयार करने का ब्लूप्रिंट तैयार करेगी। सुप्रीम कोर्ट की रिटायर्ड जज को बनाया अध्यक्ष सरकार की ओर से जारी आदेश के मुताबिक, सुप्रीम कोर्ट की सेवानिवृत्त न्यायाधीश रंजना प्रसाद देसाई को इस कमेटी का अध्यक्ष बनाया गया है। जस्टिस रंजना देसाई ने ही उत्तराखंड में यूसीसी का ड्राफ्ट तैयार करने वाली समिति का नेतृत्व किया था। कमेटी को अपनी विस्तृत रिपोर्ट और ड्राफ्ट बिल तैयार करने के लिए 60 दिन का समय दिया गया है। समाज के विभिन्न वर्गों से लेगी सुझाव यह समिति प्रदेश के सामाजिक, सांस्कृतिक और आर्थिक ताने-बाने को ध्यान में रखते हुए एक संतुलित ड्राफ्ट तैयार करेगी। इसमें आम जनता, धार्मिक संगठनों और विशेषज्ञों से भी सुझाव और आपत्तियां ली जाएंगी। कमेटी के एजेंडे में विशेष रूप से महिलाओं और बच्चों के अधिकारों का संरक्षण, समानता और ‘लिव-इन’ संबंधों के रजिस्ट्रेशन जैसे संवेदनशील मुद्दे भी शामिल किए गए हैं। ये होंगे कमेटी के सदस्य: क्यों पड़ी कमेटी बनाने की जरूरत? सरकार के मुताबिक, वर्तमान में विवाह, उत्तराधिकार और भरण-पोषण जैसे मामलों में अलग-अलग व्यक्तिगत और पारिवारिक कानून प्रभावी हैं। इन नियमों में एकरूपता न होने से कई बार विसंगतियां पैदा होती हैं। शासन का मानना है कि आधुनिक दौर में एक ऐसे संतुलित और व्यावहारिक कानूनी ढांचे की जरूरत है, जो सभी नागरिकों के लिए समान हो। इससे न केवल न्याय की प्रक्रिया सरल होगी, बल्कि कानूनी स्पष्टता भी बढ़ेगी। कमेटी के पास 3 बड़े ‘टास्क’ यह हाईपावर कमेटी केवल कागजी कार्रवाई तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि इसे तीन मुख्य काम सौंपे गए हैं। ‘ लिव-इन’ रिलेशनशिप और बच्चों के हक पर खास फोकस आदेश में स्पष्ट किया गया है कि प्रस्तावित कानून में ‘लिव-इन’ संबंधों के नियमन और उनके रजिस्ट्रेशन पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। इससे पैदा होने वाले अधिकारों और दायित्वों को लेकर समिति ठोस सुझाव देगी। इसके अलावा, समिति का मुख्य उद्देश्य महिलाओं और बच्चों के अधिकारों को सुरक्षित करना है। समिति इस बात का भी ख्याल रखेगी कि प्रस्तावित विधेयक का क्रियान्वयन (Implementation) सरल हो और भविष्य में कोई कानूनी जटिलता पैदा न हो।

आलमपुर थाना प्रभारी रवि उपाध्याय को दी विदाई:बोले- आलमपुर जैसी शांत जगह पर लोगों ने बहुत प्यार और अपनापन दिया

आलमपुर थाना प्रभारी रवि उपाध्याय को दी विदाई:बोले- आलमपुर जैसी शांत जगह पर लोगों ने बहुत प्यार और अपनापन दिया

आलमपुर थाना प्रभारी रवि उपाध्याय का सोमवार शाम को विदाई समारोह आयोजित किया गया। 16 महीने तक आलमपुर में सेवाएं देने के बाद अब उनका तबादला दबोह कर दिया गया है। उनकी जगह अब एसआई सोहनीश सिंह तोमर आलमपुर थाने की जिम्मेदारी संभालेंगे। विदाई के मौके पर भावुक होते हुए रवि उपाध्याय ने कहा कि आलमपुर एक धार्मिक और शांत नगरी है, जहां के लोगों से उन्हें बहुत प्यार और अपनापन मिला। उन्होंने यहां बिताए समय को अपने करियर के सबसे बेहतरीन दौर में से एक बताया। सक्रिय मुखबिर तंत्र की तारीफ समारोह में एएसआई ओंकार सिंह तोमर ने रवि उपाध्याय के काम करने के तरीके की सराहना की। उन्होंने खास तौर पर उपाध्याय के मजबूत मुखबिर तंत्र का जिक्र किया, जिसकी वजह से क्षेत्र में कानून व्यवस्था बनाए रखने में मदद मिली। उन्होंने कहा कि तबादला नौकरी का एक हिस्सा है और उन्होंने रवि उपाध्याय को नई पारी के लिए शुभकामनाएं दीं। सहकर्मियों ने दी भावभीनी विदाई थाने के स्टाफ और क्षेत्र के लोगों ने रवि उपाध्याय को शॉल, श्रीफल और स्मृति चिन्ह भेंट कर सम्मानित किया। इस विदाई कार्यक्रम में असवार थाना प्रभारी सुरेश मिश्रा, सीएमओ अतुल रावत, बैंक मैनेजर विशाल शाक्य और स्वास्थ्य विभाग, बिजली विभाग के अधिकारियों सहित बड़ी संख्या में पुलिस स्टाफ और स्थानीय लोग मौजूद रहे।

उज्जैन पुलिस ने 25 मिनट में लापता बच्ची ढूंढी:अवैध हथियार जब्त, जिला बदर आरोपी भी गिरफ्तार

उज्जैन पुलिस ने 25 मिनट में लापता बच्ची ढूंढी:अवैध हथियार जब्त, जिला बदर आरोपी भी गिरफ्तार

उज्जैन पुलिस ने एक ही दिन में तीन बड़ी कार्रवाइयों को अंजाम देकर अपनी तत्परता का परिचय दिया। पुलिस ने फ्रीगंज से लापता हुई तीन साल की बच्ची को महज 25 मिनट में ढूंढ निकाला। इसके अतिरिक्त, तीन थाना क्षेत्रों से चार आरोपियों को अवैध चाकुओं के साथ गिरफ्तार किया गया और एक जिला बदर आरोपी को भी पकड़ा है। उज्जैन में कानून व्यवस्था बनाए रखने और आमजन की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए पुलिस सक्रिय है। सोमवार को सामने आईं इन तीन अलग-अलग घटनाओं में पुलिस की त्वरित और सटीक कार्रवाई स्पष्ट रूप से दिखाई दी। बाजार में लापता हो गई बच्ची पहली घटना फ्रीगंज बाजार से संबंधित है। देवासी नगरी निवासी वीरेंद्र सेन अपनी पत्नी के साथ खरीदारी कर रहे थे, तभी उनकी तीन वर्षीय बेटी अचानक लापता हो गई। परिजनों ने तत्काल पुलिस को सूचना दी। सूचना मिलते ही पुलिस टीम मौके पर पहुंची और सीसीटीवी फुटेज खंगालने के साथ-साथ लोगों से पूछताछ कर तलाशी अभियान चलाया। महज 25 मिनट के भीतर बच्ची को वी-मार्ट शोरूम के पास सुरक्षित ढूंढ लिया गया और उसके परिजनों को सौंप दिया गया। धारदार चाकुओं के साथ आरोपी गिरफ्तार दूसरी कार्रवाई अवैध हथियारों के खिलाफ की गई। उज्जैन पुलिस ने चिमनगंज मंडी, माधवनगर और नीलगंगा थाना क्षेत्रों में अलग-अलग स्थानों से चार आरोपियों को धारदार चाकुओं के साथ गिरफ्तार किया। सभी आरोपियों के खिलाफ आर्म्स एक्ट की धारा 25 के तहत मामला दर्ज किया गया है। जानकारी के अनुसार, इनमें से एक आरोपी पर पहले से कई आपराधिक मामले दर्ज हैं। तीसरी बड़ी कार्रवाई नीलगंगा थाना क्षेत्र में हुई, जहां पुलिस ने घेराबंदी कर जिला बदर आरोपी मयूर उर्फ मयूरेष व्यास को गिरफ्तार किया। आरोपी जिला दंडाधिकारी के आदेश का उल्लंघन करते हुए क्षेत्र में घूम रहा था। पूछताछ में उसके पास कोई वैध अनुमति नहीं पाई गई, जिसके बाद उसके खिलाफ मध्यप्रदेश राज्य सुरक्षा अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया गया।

जीरन पुलिस ने 2.61 क्विंटल डोडाचूरा पकड़ा:नाकाबंदी तोड़कर भागी स्कार्पियो से मिला, तस्कर मौके से भागा

जीरन पुलिस ने 2.61 क्विंटल डोडाचूरा पकड़ा:नाकाबंदी तोड़कर भागी स्कार्पियो से मिला, तस्कर मौके से भागा

जीरन पुलिस ने एक स्कॉर्पियो से करीब 2 क्विंटल 61 किलो अवैध डोडाचूरा पकड़ा है। जब्त किए गए माल की कीमत करीब 9.60 लाख रुपए आंकी गई है। सोमवार को जीरन थाना प्रभारी उमेश यादव के नेतृत्व में पुलिस टीम घसुडी-चीताखेड़ा रोड पर चेकिंग कर रही थी। इसी दौरान एक काले रंग की स्कॉर्पियो को रुकने का इशारा किया गया, लेकिन चालक ने गाड़ी रोकने के बजाय रफ्तार बढ़ा दी और नाकाबंदी तोड़कर भाग निकला। अंधेरे का फायदा उठाकर तस्कार फरार पुलिस ने तुरंत स्कॉर्पियो का पीछा किया। कुछ दूर जाने पर हरनावदा पुलिया के पास तस्कर अपनी गाड़ी छोड़कर अंधेरे का फायदा उठाते हुए खेतों की तरफ भाग गया। जब पुलिस ने लावारिस खड़ी गाड़ी की तलाशी ली, तो उसमें भारी मात्रा में डोडाचूरा भरा मिला। गाड़ी मालिक की तलाश जारी पुलिस ने चालक के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट के तहत केस दर्ज कर लिया है। अब पुलिस गाड़ी के नंबर के आधार पर उसके मालिक का पता लगा रही है, ताकि तस्करी के इस गिरोह का पर्दाफाश किया जा सके।

बैग से ट्रेन में 40 लाख के जेवर चोरी:उज्जैन से राजगढ़ आ रही थी महिला, चोरों ने बच्चों से जानकारी निकाली

बैग से ट्रेन में 40 लाख के जेवर चोरी:उज्जैन से राजगढ़ आ रही थी महिला, चोरों ने बच्चों से जानकारी निकाली

राजगढ़ में बीना-नागदा ट्रेन में एक बड़ी चोरी की वारदात सामने आई है। उज्जैन से राजगढ़ शादी में आ रही एक महिला के बैग से लगभग 40 लाख रुपये के सोने-चांदी के जेवर चोरी हो गए। यह घटना रविवार दोपहर मक्सी-शाजापुर के बीच हुई। उज्जैन के सूरज नगर निवासी आशा सुरतानिया अपनी बहन और बच्चों के साथ राजगढ़ में एक शादी समारोह में शामिल होने जा रही थीं। उन्होंने शादी में पहनने के लिए अपने जेवर कपड़ों के बीच एक बैग में रखे थे। बच्चों से शादी में जाने की जानकारी ली फिर गहने चुराए बताया गया है कि मक्सी-शाजापुर के बीच दो युवक ट्रेन में सवार हुए और बच्चों के पास बैठ गए। उन्होंने बातचीत के दौरान बच्चों से जानकारी हासिल कर ली कि वे राजगढ़ शादी में जा रहे हैं। इसी आधार पर बदमाशों ने बैग में जेवर होने का अनुमान लगाया। महिला ने अपना बैग ट्रेन की ऊपरी रैक में रखा था। चोरों ने बड़ी चालाकी से बैग को काटकर उसमें से जेवर निकाल लिए। चोरी इतनी सफाई से की गई कि महिला को अगले दिन तक इसका पता नहीं चला। यह जेवर हुए चोरी चोरी हुए जेवरों में रानी हार, गले के दो अन्य हार, लगभग 100 ग्राम की चूड़ियां, दो चेन, कान के टॉप्स, पेंडल सेट, चांदी के दो करदौने और दो जोड़ी पायल शामिल थे। कुल मिलाकर लगभग 250 ग्राम सोना और 500 ग्राम चांदी के जेवर चोरी हुए, जिनकी वर्तमान बाजार कीमत करीब 40 लाख रुपये आंकी गई है। शादी समारोह में पहुंचने के बाद महिला व्यस्त हो गईं और बैग को एक तरफ रख दिया। अगले दिन जब उन्होंने कपड़े निकालने के लिए बैग खोला, तो उसमें से ज्वैलरी गायब मिली। इस मामले की शिकायत ब्यावरा जीआरपी और सिटी थाने में दर्ज कराई गई है। पुलिस ने जांच शुरू कर दी है और ट्रेन में सक्रिय चोर गिरोह की तलाश कर रही है।