टाटा मोटर्स की 10लाखवीं गाड़ी को सीएम ने दिखाई झंडी:उसी ई-बस में बैठे, लखनऊ में 5 साल में 20 लाख गाड़ियां बनेंगी

लखनऊ के चिनहट स्थित देवा रोड पर टाटा मोटर्स प्लांट में 10 लाखवीं गाड़ी (ई-बस) का बुधवार को फ्लैग ऑफ हुआ। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने हरी झंडी दिखाई। उसे सवार होकर उसकी खासियत जानी। परिवहन मंत्री दयाशंकर सिंह और औद्योगिक विकास मंत्री नंद गोपाल नंदी के साथ प्लांट का विजिट किया। टाटा मोटर्स के CEO और MD गिरीश वाघ ने कहा- आज हम सब यहां पर 10 लाखवें वाहन के विटनेस बने हैं। यहां पर कॉमर्शियल व्हीकल का उत्पादन करते हैं। सप्लायर, पार्टनर और कम्युनिटी का इको सिस्टम है। हम अगले 5 साल में 20 लाख व्हीकल बनाएंगे। समारोह में टाटा संस के चेयरमैन एन चंद्रशेखरन भी मौजूद हैं। 10 लाखवीं गाड़ी एक जीरो-एमिशन इलेक्ट्रिक बस है, जो राज्य और कंपनी की ग्रीन मोबिलिटी के प्रति प्रतिबद्धता को दर्शाता है। यह उपलब्धि उत्तर प्रदेश की नेट-जीरो 2070 की परिकल्पना और कंपनी के 2045 के लक्ष्य के अनुरूप है। यह प्रदेश की स्वच्छ ऊर्जा और सतत विकास के प्रति प्रतिबद्धता को दर्शाता है। सरकार का लक्ष्य उत्तर प्रदेश को एक ट्रिलियन डॉलर अर्थव्यवस्था बनाने का है, जिसमें औद्योगिक निवेश, इंफ्रास्ट्रक्चर और रोजगार सृजन अहम भूमिका निभा रहे हैं। ऐसे में यह उपलब्धि प्रदेश के औद्योगिक आत्मविश्वास को और मजबूत करेगी। निवेशकों के लिए सकारात्मक संदेश देगी। करीब तीन दशकों से अधिक समय से संचालित यह प्लांट प्रदेश में औद्योगिक विकास, रोजगार सृजन और कौशल विकास का महत्वपूर्ण केंद्र रहा है। 1992 में स्थापित लखनऊ प्लांट आज प्रदेश में 8 हजार से अधिक लोगों को रोजगार उपलब्ध कराता है। कौशल विकास के लिए ‘कौशल्या’, ‘लक्ष्य’ और ‘सक्षम’ जैसे प्रशिक्षण कार्यक्रम भी संचालित करता है। साथ ही, यह 100% नवीकरणीय ऊर्जा से संचालित और जल-सकारात्मक सुविधा के रूप में पर्यावरण संरक्षण का भी उदाहरण प्रस्तुत करता है। देखिए 5तस्वीरें… पल-पल के अपडेट के लिए लाइव ब्लॉग से गुजर जाइए…
चाय के साथ बिस्किट खाने से कौन-कौन सी बीमारियां हो सकती हैं? ऐसे लोग भूलकर भी न करें सेवन

Last Updated:April 15, 2026, 10:25 IST Tea and Biscuits Combo: अधिकतर लोग चाय के साथ बिस्किट खाना पसंद करते हैं. यह कॉम्बिनेशन बच्चों से लेकर बुजुर्गों तक सभी को खूब भाता है. हेल्थ एक्सपर्ट्स की मानें तो चाय-बिस्किट खाने की आदत सेहत के लिए नुकसानदायक हो सकती है. इसमें मौजूद मैदा, चीनी और ट्रांस फैट वजन बढ़ाने, ब्लड शुगर बढ़ाने और दिल की बीमारियों का खतरा बढ़ा सकते हैं. चाय-बिस्किट का कॉम्बिनेशन सेहत के लिए नुकसानदायक हो सकता है. Tea-Biscuit Side Effects: चाय-बिस्किट का कॉम्बिनेशन भारत में सबसे ज्यादा पसंद किया जाता है. अधिकतर लोग चाय पीते वक्त बिस्किट खाना पसंद करते हैं. बच्चे भी चाय में बिस्किट डुबोकर बड़े चाव से खाते हैं. सुबह की शुरुआत हो या शाम की चाय, यह कॉम्बिनेशन लगभग हर घर में देखने को मिलता है. क्या आपने कभी सोचा है कि रोज चाय के साथ बिस्किट खाना आपकी सेहत पर क्या असर डाल सकता है? हेल्थ एक्सपर्ट्स के अनुसार यह आदत सेहत से जुड़ी कई समस्याओं को जन्म दे सकती है. यह कॉम्बिनेशन सेहत के लिहाज से अच्छा नहीं माना जाता है. लोगों को इस कॉम्बो से बचने की जरूरत है. नोएडा के डाइट मंत्रा क्लीनिक की फाउंडर और डाइटिशियन कामिनी सिन्हा ने News18 को बताया रोज चाय-बिस्किट खाना सेहत के लिए नुकसानदायक हो सकता है. अधिकांश बिस्किट मैदा, चीनी और ट्रांस फैट से बने होते हैं. इनमें कैलोरी बहुत ज्यादा होती है. जब आप दिन में कई बार चाय के साथ बिस्किट खाते हैं, तो शरीर में अतिरिक्त कैलोरी जमा होने लगती है, जिससे मोटापा बढ़ सकता है. बिस्किट में फाइबर की कमी होती है, जिससे पेट जल्दी नहीं भरता और बार-बार खाने की इच्छा होती है. चाय में भी चीनी और कैफीन की मात्रा होती है, जिसकी वजह से ज्यादा सेवन करना नुकसानदायक माना जाता है. सेहत, रिलेशनशिप, लाइफ या धर्म-ज्योतिष से जुड़ी है कोई निजी उलझन तो हमें करें WhatsApp, आपका नाम गोपनीय रखकर देंगे जानकारी. डाइटिशियन ने बताया कि मीठे बिस्किट और चाय में डाली गई चीनी मिलकर शरीर में ग्लूकोज लेवल को तेजी से बढ़ाती है. इससे समय के साथ इंसुलिन रेजिस्टेंस और टाइप 2 डायबिटीज का खतरा बढ़ सकता है. जो लोग पहले से डायबिटिक या प्रीडायबिटिक हैं, उनके लिए यह आदत खतरनाक हो सकती है. बिस्किट में मौजूद ट्रांस फैट और रिफाइंड ऑयल खून में बैड कोलेस्ट्रॉल बढ़ाते हैं, जिससे दिल की बीमारियों का खतरा बढ़ सकता है. लंबे समय तक इसका सेवन करने से हार्ट डिजीज का खतरा बढ़ सकता है. अगर आपको पहले से हाई कोलेस्ट्रॉल या हार्ट डिजीज है, तब आप इस कॉम्बिनेशन को पूरी तरह अवॉइड करें. एक्सपर्ट के मुताबिक चाय-बिस्किट का ज्यादा सेवन करने से पाचन से जुड़ी समस्याएं भी हो सकती हैं. मैदा से बने बिस्किट पेट में भारीपन, गैस और कब्ज जैसी दिक्कतें पैदा कर सकते हैं. अगर आप बार-बार चाय और बिस्किट का सेवन करते हैं, तो यह आपके डाइजेस्टिव सिस्टम को धीरे-धीरे कमजोर कर सकता है. इसके अलावा ज्यादा चीनी और प्रोसेस्ड फूड का सेवन त्वचा और दांतों पर भी असर डालता है. इससे दांतों में सड़न, कैविटी और स्किन प्रॉब्लम्स जैसे पिंपल्स हो सकते हैं. कुल मिलाकर चाय के साथ बिस्किट खाना कभी-कभार ठीक है, लेकिन इसे रोजाना और ज्यादा मात्रा में खाना नुकसानदायक हो सकता है. About the Author अमित उपाध्याय अमित उपाध्याय News18 Hindi की लाइफस्टाइल टीम के अनुभवी पत्रकार हैं, जिनके पास प्रिंट और डिजिटल मीडिया में 9 वर्षों से अधिक का अनुभव है। वे हेल्थ, वेलनेस और लाइफस्टाइल से जुड़ी रिसर्च-बेस्ड और डॉक्टर्स के इंटरव्…और पढ़ें News18 न्यूजलेटर अब ईमेल पर इनसाइड स्टोरीज खबरों के पीछे की खबर अब आपके इनबॉक्स में सबमिट करें First Published : April 15, 2026, 10:25 IST
एक्टर ने जबरदस्ती एक्ट्रेस को बीफ खिलाने की कोशिश की:भड़के फैंस, सफाई में मुस्लिम एक्टर शियास ने एक्ट्रेस की बीफ सर्व करते वीडियो जारी की

मलयाली एक्टर और मॉडल शियास करीम पर जबरदस्ती एक्ट्रेस को बीफ खिलाने के आरोप लगे हैं। इस घटना का एक वीडियो भी तेजी से वायरल हो रहा है, जिसके बाद उनकी जमकर आलोचना भी की जा रही है। एक्टर शियास करीम का एक वीडियो सामने आया है, जिसमें वो और एक्ट्रेस अनुमोल अनुकुट्टी, एक पार्टी में बुफे से खाना लेते नजर आ रहे हैं। एक्ट्रेस अनुमोल आगे चलती हुईं खाना निकाल रही हैं, तभी उनके पीछे खड़े एक्टर शियास उनसे बार-बार पूछते हैं- बीफ खाएगी। एक्ट्रेस ने साफ इनकार किया, तो एक्टर ने उनका मजाक भी बनाया। मना करने के बावजूद शियाज जबरदस्ती बार-बार पूछते हैं। इस पर एक्ट्रेस उन्हें नजरअंदाज करते हुए आगे निकल गईं। बता दें कि सामने आए वीडियो में एक्ट्रेस बीफ खाती नजर नहीं आई हैं और न ही शियास ने उनकी प्लेट में सर्व किया है। हालांकि इसके बावजूद एक्टर की सोशल मीडिया पर जमकर आलोचना हो रही है। कुछ लोगों का कहना है कि मुस्लिम शियास को वैसे ही पोर्क खाने के लिए मजबूर करना चाहिए, जैसे वो अनुमोल को बीफ खाने के लिए कर रहे हैं। एक्टर के सपोर्ट में उतरे कई यूजर्स वीडियो सामने आने के बाद जहां कई लोग शियाज के लिए भद्दी भाषा का इस्तेमाल कर रहे हैं, वहीं कुछ सोशल मीडिया यूजर्स ऐसे भी हैं, जो ये दावा कर रहे हैं कि एक्ट्रेस अनुमोली बीफ खाती हैं। अनुमोल की कई तस्वीरें भी वायरल की जा रही हैं, जिनमें वो खुद अपने हाथों से बीफ सर्व करती दिखी हैं। कुछ यूजर्स का ये भी कहना है कि केरल में बीफ खाना आम है और वहां 80-90 प्रतिशत हिंदू भी बीफ खाते हैं, ऐसे में मामले को गलत रूप देना बिल्कुल गलत है। विवाद बढ़ने पर एक्टर ने दी सफाई आलोचना होने और विवाद बढ़ने के बाद एक्टर शियाज करीम ने सफाई देते हुए ऑफिशियल इंस्टाग्राम से एक वीडियो पोस्ट की है, जिसमें वो साफ कह रहे हैं कि एक्ट्रेस अनुमोल बीफ खाती हैं, इसलिए उन्हें ऑफर किया गया था। शियाज ने इंस्टाग्राम पर एक स्टोरी भी पोस्ट की है, जिसमें अनुमोली खुद बीफ खाती और सर्व करती नजर आई हैं। इसके अलावा भी उन्होंने बीफ की कई डिशेज के वीडियो पोस्ट किए हैं। बता दें कि शियास को बिग बॉस मलयाली सीजन 1 से पहचान मिली थी। इससे पहले भी वो विवादों में रह चुके हैं। 2024 में उनकी जिम ट्रेनर ने उन पर शादी का झासा देकर रेप करने के आरोप लगाए थे। वहीं एक्ट्रेस अनुमाल अनुकट्टी ने बिग बॉस मलयाली सीजन 7 जीता है।
एक्टर ने जबरदस्ती एक्ट्रेस को बीफ खिलाने की कोशिश की:भड़के फैंस, सफाई में मुस्लिम एक्टर शियास ने एक्ट्रेस की बीफ सर्व करते वीडियो जारी की

मलयाली एक्टर और मॉडल शियास करीम पर जबरदस्ती एक्ट्रेस को बीफ खिलाने के आरोप लगे हैं। इस घटना का एक वीडियो भी तेजी से वायरल हो रहा है, जिसके बाद उनकी जमकर आलोचना भी की जा रही है। एक्टर शियास करीम का एक वीडियो सामने आया है, जिसमें वो और एक्ट्रेस अनुमोल अनुकुट्टी, एक पार्टी में बुफे से खाना लेते नजर आ रहे हैं। एक्ट्रेस अनुमोल आगे चलती हुईं खाना निकाल रही हैं, तभी उनके पीछे खड़े एक्टर शियास उनसे बार-बार पूछते हैं- बीफ खाएगी। एक्ट्रेस ने साफ इनकार किया, तो एक्टर ने उनका मजाक भी बनाया। मना करने के बावजूद शियाज जबरदस्ती बार-बार पूछते हैं। इस पर एक्ट्रेस उन्हें नजरअंदाज करते हुए आगे निकल गईं। बता दें कि सामने आए वीडियो में एक्ट्रेस बीफ खाती नजर नहीं आई हैं और न ही शियास ने उनकी प्लेट में सर्व किया है। हालांकि इसके बावजूद एक्टर की सोशल मीडिया पर जमकर आलोचना हो रही है। कुछ लोगों का कहना है कि मुस्लिम शियास को वैसे ही पोर्क खाने के लिए मजबूर करना चाहिए, जैसे वो अनुमोल को बीफ खाने के लिए कर रहे हैं। एक्टर के सपोर्ट में उतरे कई यूजर्स वीडियो सामने आने के बाद जहां कई लोग शियाज के लिए भद्दी भाषा का इस्तेमाल कर रहे हैं, वहीं कुछ सोशल मीडिया यूजर्स ऐसे भी हैं, जो ये दावा कर रहे हैं कि एक्ट्रेस अनुमोली बीफ खाती हैं। अनुमोल की कई तस्वीरें भी वायरल की जा रही हैं, जिनमें वो खुद अपने हाथों से बीफ सर्व करती दिखी हैं। कुछ यूजर्स का ये भी कहना है कि केरल में बीफ खाना आम है और वहां 80-90 प्रतिशत हिंदू भी बीफ खाते हैं, ऐसे में मामले को गलत रूप देना बिल्कुल गलत है। विवाद बढ़ने पर एक्टर ने दी सफाई आलोचना होने और विवाद बढ़ने के बाद एक्टर शियाज करीम ने सफाई देते हुए ऑफिशियल इंस्टाग्राम से एक वीडियो पोस्ट की है, जिसमें वो साफ कह रहे हैं कि एक्ट्रेस अनुमोल बीफ खाती हैं, इसलिए उन्हें ऑफर किया गया था। शियाज ने इंस्टाग्राम पर एक स्टोरी भी पोस्ट की है, जिसमें अनुमोली खुद बीफ खाती और सर्व करती नजर आई हैं। इसके अलावा भी उन्होंने बीफ की कई डिशेज के वीडियो पोस्ट किए हैं। बता दें कि शियास को बिग बॉस मलयाली सीजन 1 से पहचान मिली थी। इससे पहले भी वो विवादों में रह चुके हैं। 2024 में उनकी जिम ट्रेनर ने उन पर शादी का झासा देकर रेप करने के आरोप लगाए थे। वहीं एक्ट्रेस अनुमाल अनुकट्टी ने बिग बॉस मलयाली सीजन 7 जीता है।
जिम में ऐसे कपड़े पहनकर बिल्कुल न जाएं ! बिगड़ जाएगा हार्मोनल बैलेंस, एक्सपर्ट बोले- अधिकतर लोग कर रहे गलती

Last Updated:April 15, 2026, 09:15 IST Gym Clothing Affect Your Health: जिम में पहनने के लिए बनाए जाने वाले स्पोर्ट्स वियर आपकी सेहत के लिए नुकसानदेह साबित हो सकते हैं. इन कपड़ों को बनाने में कई केमिकल्स मिलाए जाते हैं, ताकि ये पसीना सोख सकें और बदबू न आए. मगर ये केमिकल्स शरीर के संपर्क में आने से एंडोक्राइन सिस्टम को प्रभावित कर सकते हैं. इससे कई हार्मोनल दिक्कतें पैदा हो सकती हैं. अमेरिकी राज्य टेक्सास में इन स्पोर्ट्स वियर में पाए जाने वाले केमिकल्स की जांच की जा रही है. स्पोर्ट्स वियर कपड़ों में एंडोक्राइन सिस्टम को प्रभावित करने वाले केमिकल्स हो सकते हैं. How Your Workout Clothes Harm You: आजकल जिम जाने का ट्रेंड बढ़ गया है और अधिकतर लोग फिट रहना पसंद कर रहे हैं. जिम में जाकर वर्कआउट करना सेहत के लिए फायदेमंद माना जाता है. कई लोग जिम के लिए स्पोर्ट्स वियर खरीदते हैं और वर्कआउट के दौरान इन कपड़ों से पर्सनैलिटी में चार चांद लग जाते हैं. जिम में खास कपड़े पहनना लोगों को अच्छा लगता है, क्योंकि इन कपड़ों में पसीना जल्दी सूख जाता है और बदबू नहीं आती है. हालांकि अमेरिकी राज्य टेक्सास में इस तरह के कपड़ों की जांच शुरू हो गई है, क्योंकि हेल्थ एक्सपर्ट्स का मानना है इन कपड़ों में कई केमिकल्स मिलाए जाते हैं, जो शरीर का हार्मोनल बैलेंस बिगाड़ सकते हैं. भारत में भी इस तरह के कपड़ों का ट्रेंड बढ़ गया है, जो चिंताजनक है. इन कपड़ों में ऐसे केमिकल्स पाए जाने की आशंका जताई गई है, जो शरीर के एंडोक्राइन सिस्टम को प्रभावित कर सकते हैं. ज्यादातर एक्टिववियर प्लास्टिक-बेस्ड पॉलिमर जैसे- पॉलिएस्टर और नायलॉन से बने होते हैं. इन कपड़ों को स्ट्रेचेबल, पसीना सोखने वाला और दुर्गंध-रोधी बनाने के लिए खास केमिकल्स मिलाए जाते हैं. यही केमिकल्स शरीर के संपर्क में आने पर स्किन और हार्मोन सिस्टम पर बुरा असर डाल सकते हैं. भारत में जिम में सिंथेटिक और टाइट कपड़े पहनने का चलन तेजी से बढ़ा है, लेकिन इन कपड़ों में इस्तेमाल होने वाले केमिकल्स की जांच और रेगुलेशन अभी भी सीमित है. सेहत, रिलेशनशिप, लाइफ या धर्म-ज्योतिष से जुड़ी है कोई निजी उलझन तो हमें करें WhatsApp, आपका नाम गोपनीय रखकर देंगे जानकारी. दिल्ली के RML हॉस्पिटल के स्किन स्पेशलिस्ट डॉ. कबीर सरदाना ने TOI को बताया कि भारत की गर्म और आर्द्र जलवायु में ऐसे कपड़े पहनने से फंगल इन्फेक्शन, स्किन इरिटेशन और रैशेज का खतरा बढ़ जाता है. खासकर शरीर के जिन हिस्सों में पसीना ज्यादा आता है, वहां ये समस्याएं ज्यादा हो सकती हैं. जांघों और कूल्हों के आसपास समस्या गंभीर हो सकती है. इन कपड़ों में इस्तेमाल होने वाले कुछ केमिकल्स जैसे PFAS और फ्थेलेट्स को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर हार्मोनल गड़बड़ी से जोड़ा गया है. ये केमिकल्स कपड़ों को पानी और दाग से बचाने के लिए इस्तेमाल किए जाते हैं, लेकिन लंबे समय तक इनके संपर्क में रहने से स्वास्थ्य पर असर पड़ सकता है. भारत में बिकने वाले कई ब्रांड्स इन्हीं तकनीकों का उपयोग करते हैं. इसका मतलब यह नहीं है कि जिम में पहनकर जाने वाले सभी कपड़े खतरनाक हैं, लेकिन जागरूक रहना जरूरी है. एक्सपर्ट्स सलाह देते हैं कि लोगों को जिम में कॉटन या नैचुरल फैब्रिक वाले कपड़े पहनकर जाने चाहिए. वर्कआउट के दौरान बहुत टाइट कपड़े पहनने से बचें और वर्कआउट के बाद तुरंत कपड़े बदल लें. अगर त्वचा पर किसी तरह की जलन या खुजली महसूस हो, तो डॉक्टर से सलाह लेना जरूरी है. अमेरिका में शुरू हुई यह जांच अब भारत के लिए भी एक चेतावनी बन गई है. यह केवल फैशन या आराम का मुद्दा नहीं, बल्कि स्वास्थ्य से जुड़ा मामला है. ऐसे में इसे लेकर लापरवाही नहीं करनी चाहिए. About the Author अमित उपाध्याय अमित उपाध्याय News18 Hindi की लाइफस्टाइल टीम के अनुभवी पत्रकार हैं, जिनके पास प्रिंट और डिजिटल मीडिया में 9 वर्षों से अधिक का अनुभव है। वे हेल्थ, वेलनेस और लाइफस्टाइल से जुड़ी रिसर्च-बेस्ड और डॉक्टर्स के इंटरव्…और पढ़ें News18 न्यूजलेटर अब ईमेल पर इनसाइड स्टोरीज खबरों के पीछे की खबर अब आपके इनबॉक्स में सबमिट करें First Published : April 15, 2026, 09:15 IST
नो कुक ब्रेकफास्ट: अंतिम होने पर भी नहीं रहेगी दोस्ती की फिक्र, इन 5 झटपट डिशेज से दिन की शानदार शुरुआत

15 अप्रैल 2026 को 09:04 IST पर अपडेट किया गया नो कुक ब्रेकफास्ट: अगर आपको भी गैस के खत्म होने का डर सता रहा है, तो कारण से भोजन के बारे में विस्तार से बताया जा रहा है। तो प्रशिक्षण लेने की कोई आवश्यकता नहीं है, क्योंकि 5 ऐसे झटपट व्यंजन हैं जिन्हें केवल 10 मिनट के अंदर तैयार किया जा सकता है।
नीतीश ने पुराने नेताओं को बिहार के डिप्टी सीएम का पद सौंपा: बिजेंद्र यादव और विजय चौधरी कौन हैं? | भारत समाचार

आखरी अपडेट:15 अप्रैल, 2026, 08:55 IST जेडीयू ने बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के डिप्टी के रूप में काम करने के लिए परिचित, अनुभवी हाथों, बिजेंद्र प्रसाद यादव और विजय कुमार चौधरी की ओर रुख किया है। बिजेंद्र प्रसाद यादव (बाएं) और विजय कुमार चौधरी (दाएं) बिहार के डिप्टी सीएम होंगे। (छवि: पीटीआई) वर्षों तक नीतीश कुमार के सत्ता में रहने के बाद बिहार एक बड़े परिवर्तन के लिए तैयार है। जैसे ही नीतीश कुमार राज्यसभा में जाने के लिए मुख्यमंत्री पद से हटते हैं, एक लंबे और निर्णायक प्रशासनिक कार्यकाल पर पर्दा डालते हैं, वरिष्ठ भाजपा नेता सम्राट चौधरी उनसे बिहार का शासन संभालने के लिए तैयार हैं। चौधरी आज नए मुख्यमंत्री के रूप में शपथ लेंगे, जो न केवल सत्ता परिवर्तन का प्रतीक है, बल्कि एक ऐसा क्षण है जो बिहार में एनडीए के भीतर समीकरणों को फिर से व्यवस्थित कर सकता है। यह फेरबदल जद (यू) के भीतर एक शांत लेकिन प्रभावशाली निर्णय के साथ आया है। पीढ़ीगत बदलाव की अटकलों के बीच, नीतीश कुमार के बेटे निशांत कुमार ने उपमुख्यमंत्री पद को अस्वीकार करते हुए औपचारिक राजनीति से दूर रहने का फैसला किया है। इसके बजाय, पार्टी परिचित, अनुभवी हाथों, बिजेंद्र प्रसाद यादव और विजय कुमार चौधरी की ओर मुड़ गई है, ऐसे नेता जो भले ही सुर्खियों में न हों, लेकिन लंबे समय से इस बात में केंद्रीय रहे हैं कि सरकार वास्तव में कैसे काम करती है। बिहार के सीएम और डिप्टी सीएम के शपथ ग्रहण समारोह के लाइव अपडेट यहां देखें। कौन हैं बिजेंद्र प्रसाद यादव? 10 अक्टूबर 1946 को जन्मे बिजेंद्र प्रसाद यादव की राजनीतिक यात्रा निरंतरता पर आधारित रही है। 1990 से सुपौल का प्रतिनिधित्व करते हुए, वह नौ बार बिहार विधानसभा के लिए चुने गए हैं, जो न केवल चुनावी ताकत का संकेत है, बल्कि बदलते राजनीतिक माहौल में अपने निर्वाचन क्षेत्र से निरंतर विश्वास का भी संकेत है। जो बात यादव को अलग करती है वह है उनकी कार्यशैली। वह ऐसे नेता नहीं हैं जो रैलियों या मीडिया उपस्थिति पर पलते हैं। इसके बजाय, उनका प्रभाव शांत स्थानों, विभाग की बैठकों, नीति समीक्षाओं और शासन के रोजमर्रा के कामकाज में महसूस किया जाता है। इन वर्षों में, उन्होंने ऊर्जा, वित्त, वाणिज्यिक कर और योजना एवं विकास जैसे विभागों को संभाला है, ऐसे विभाग जिनमें धैर्य और राज्य की मशीनरी कैसे काम करती है इसकी गहरी समझ की आवश्यकता होती है। जिन लोगों ने बिहार के शासन को देखा है, वे अक्सर उनका वर्णन ऐसे व्यक्ति के रूप में करते हैं जिस पर नीतीश कुमार बिना सोचे-समझे भरोसा कर सकते हैं। चाहे वह बिजली आपूर्ति में सुधार करना हो या वित्तीय योजना का प्रबंधन करना हो, यादव जमीन पर नीति क्रियान्वित करने वाली कोर टीम का हिस्सा रहे हैं। 79 साल की उम्र में, उप मुख्यमंत्री के रूप में उनकी पदोन्नति राजनीतिक प्रकाशिकी के बारे में कम है और यह सुनिश्चित करने के बारे में अधिक है कि परिवर्तन के समय के दौरान अनुभव प्रणाली को मजबूत बनाए रखना जारी रखता है। कौन हैं विजय कुमार चौधरी? 8 जनवरी, 1957 को जन्मे विजय कुमार चौधरी नेतृत्व मिश्रण में एक अलग, लेकिन पूरक आयाम लाते हैं। यदि यादव प्रशासक हैं, तो चौधरी को अक्सर वार्ताकार के रूप में देखा जाता है, वह व्यक्ति जो राजनीति जटिल होने पर भी बातचीत जारी रख सकता है। 1980 के दशक की शुरुआत से सार्वजनिक जीवन में सक्रिय और वर्तमान में समस्तीपुर में सरायरंजन का प्रतिनिधित्व करने वाले चौधरी ने पिछले कुछ वर्षों में लगातार अपनी प्रतिष्ठा बनाई है। उनके करियर का सबसे निर्णायक अध्याय 2015 और 2020 के बीच आया, जब उन्होंने बिहार विधान सभा के अध्यक्ष के रूप में कार्य किया। उस भूमिका में, उन्हें तटस्थता बनाए रखते हुए राजनीतिक रूप से व्यस्त सदन में व्यवस्था सुनिश्चित करते हुए, रस्सी पर चलने की अक्सर आवश्यकता होती थी। इसके अलावा, उनका अनुभव वित्त, शिक्षा, संसदीय कार्य और जल संसाधन जैसे प्रमुख मंत्रालयों तक फैला हुआ है। लेकिन उनके द्वारा संभाले गए पदों से अधिक, यह उनका दृष्टिकोण है जो सबसे अलग, नपा-तुला, सुलभ और शायद ही कभी टकराव वाला होता है। जेडी (यू) और एनडीए के भीतर, उन्हें अक्सर ऐसे व्यक्ति के रूप में देखा जाता है जो खुद पर ध्यान आकर्षित किए बिना, चुपचाप आम सहमति बना सकता है। अब 60 के दशक के अंत में, चौधरी की उपमुख्यमंत्री के रूप में नियुक्ति उस स्थिर, संतुलित उपस्थिति की आवश्यकता का संकेत देती है, खासकर ऐसी सरकार में जहां समीकरण विकसित हो रहे हैं। सम्राट चौधरी के मुख्यमंत्री के रूप में कदम रखने के साथ, जद (यू) ने अपने दो सबसे अनुभवी नेताओं को उनके साथ रखकर यह सुनिश्चित किया है कि प्रशासनिक कोर बरकरार रहे। एक नौ बार का विधायक है जो नौकरशाही को अंदर से समझता है। दूसरा एक अनुभवी राजनीतिक हाथ है जो जानता है कि विधानसभा और गठबंधन दोनों को कैसे ट्रैक पर रखा जाए। चुनी हुई कहानियाँ, आपके इनबॉक्स में हमारी सर्वोत्तम पत्रकारिता वाला एक न्यूज़लेटर जमा करना पहले प्रकाशित: 15 अप्रैल, 2026, 08:55 IST न्यूज़ इंडिया नीतीश ने पुराने नेताओं को बिहार के डिप्टी सीएम का पद सौंपा: बिजेंद्र यादव और विजय चौधरी कौन हैं? अस्वीकरण: टिप्पणियाँ उपयोगकर्ताओं के विचार दर्शाती हैं, News18 के नहीं। कृपया चर्चाएँ सम्मानजनक और रचनात्मक रखें। अपमानजनक, मानहानिकारक, या अवैध टिप्पणियाँ हटा दी जाएंगी। News18 अपने विवेक से किसी भी टिप्पणी को अक्षम कर सकता है. पोस्ट करके, आप हमारी उपयोग की शर्तों और गोपनीयता नीति से सहमत होते हैं। और पढ़ें (टैग्सटूट्रांसलेट)बिहार के नए मुख्यमंत्री(टी)सम्राट चौधरी बिहार(टी)नीतीश कुमार का इस्तीफा(टी)बिहार राजनीतिक परिवर्तन(टी)जेडी(यू) नेतृत्व परिवर्तन(टी)बिजेंद्र प्रसाद यादव प्रोफाइल(टी)विजय कुमार चौधरी डिप्टी सीएम(टी)बिहार एनडीए सरकार
आईपीएल 2026: ‘मैं हर तरह से टीम के लिए…’, आरसीबी के प्रवक्ता रसिख सलाम ने दिया ये बयान

रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु (आरसीबी) के युवा तेज गेंदबाज रसिख सलाम दार टीम की जीत में योगदान काफी खुश हैं। रसिख का कहना है कि वह आगे भी इसी तरह का प्रदर्शन करना चाहते हैं। रविवार को एम. चिन्नास्वामी क्रिकेट स्टेडियम में आरसीबी की प्लेंट नेशनल सुपर जायंट्स (एलएसजी) के साथ आपका स्वागत है। मुंबई इंडियंस ने आखिरी बार कोलकाता में खेले गए मैच में रसिक सलाम का शानदार प्रदर्शन किया। उन्होंने हाई स्कोरिंग में 2.5 ओवर के स्पेल में बेहतरीन गेंदबाजी करते हुए सिर्फ 23 रन देकर नॉमिनेट धीर का विकेट अपने नाम किया था। आरसीबी ने मुंबई इंडियंस के खिलाफ 18 विकेट से जीत दर्ज की थी और इस बार टीम प्वाइंट टेबल पर 6 प्वाइंट के साथ तीसरे नंबर पर पहुंची है। एलएसजी के खिलाफ जीत वाले चर्च से पहले प्रेस कॉन्फ्रेंस में बात करते हुए रासिख ने कहा, “मुंबई के भारतीयों ने हमारे लिए महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी और एक टीम के तौर पर हम काफी आश्वस्त महसूस कर रहे हैं। हमारी भूमिकाएं और हमें क्या करना है, इस बारे में हमारे विचार बिल्कुल स्पष्ट हैं, और हम रविवार को अपने घर के मैदान पर बहुत विरोध करते हैं।” आईपीएल में लंबे समय बाद वापसी करने के बारे में रसिक ने कहा, “मैं काफी समय बाद आईपीएल का कोई मैच नहीं खेल रहा था, लेकिन मेरी तैयारी का तरीका बताया जा रहा है। पिछले एक साल में हमने जो कड़ी मेहनत की है, वह सभी मैच की अलग-अलग जगह के लिए खुद को तैयार करने के बारे में था और पिछले मैच में मैंने अपनी तय की गई मंजूरी को मैदान पर अपना ही पूरा ध्यान केंद्रित किया था।” रसिख एक अनुभवी खिलाड़ी का हिस्सा हैं, जिसमें बायवर कुमार, जोश हेजलवुड और क्रुणाल ऑर्केस्ट्रा जैसे दिग्गज खिलाड़ी शामिल हैं। टीम में अपनी भूमिका और हेजलवुड के बारे में बात करते हुए उन्होंने कहा, “मैं हमेशा टीम की मदद करना चाहता हूं। हेजलवुड एक बहुत बड़े दिग्गज खिलाड़ी हैं और टीम का एक अहम हिस्सा हैं। मैं जहां भी हो, टीम के लिए अपना योगदान देने की पूरी कोशिश करता हूं।” रॉयल चैलेंजर्स बैंगलोर के खिलाफ इस समय अंक तालिका में तीसरे स्थान पर है और एलएसजी की जीत दर्ज करके टीम तालिका में पहले स्थान पर पहुंच के इरादे से मैदान पर प्रवेश करेगी। वहीं, एलएसजी दो जीत और दो हार के साथ प्वाइंट टेबल में तीर्थ स्थान पर है। नेशनल सुपर जायंट्स का मुकाबला आरसीबी से पलड़ा पर भारी पड़ रहा है। दोनों टीमों के बीच कुल 6 कलेक्ट खेले गए। आरसीबी ने 4 खिताब जीते हैं, जबकि एलएसजी ने 2 मुकाबलों में जीत हासिल की है। पिछले सीजन आईपीएल 2025 में दोनों टीमों ने जीत के बीच जोरदार मुकाबले में आरसीबी ने बेहतरीन प्रदर्शन करते हुए 6 विकेट से एंट्री की थी। यह भी पढ़ें- क्या हैं विराट कोहली? नए वीडियो में शामिल हैं आरसीबी की खासियतें, जानिए पूरा मामला (टैग्सटूट्रांसलेट)रासिख सलाम दार(टी)आईपीएल 2026(टी)आईपीएल 2026(टी)रासिख सलाम दार
एक बार स्ट्रेच मार्क्स बन जाएं, तो क्या उन्हें हमेशा के लिए हटाया जा सकता है? डॉक्टर ने बताया सच

Last Updated:April 15, 2026, 08:16 IST Stretch Marks Removal: हमारी स्किन पर खिंचाव के कारण धारियां बन जाती हैं, जिन्हें स्ट्रेच मार्क्स कहा जाता है. प्रेग्नेंसी के दौरान महिलाओं के पेट पर स्ट्रेच मार्क्स बन जाते हैं. कानपुर के डर्मेटोलॉजिस्ट डॉक्टर युगल राजपूत के अनुसार स्ट्रेस मार्क्स को पूरी तरह हटाना बेहद मुश्किल है. कुछ क्रीम्स से इन्हें हल्का किया जा सकता है. लेजर थेरेपी और अन्य मेडिकल ट्रीटमेंट से इनका लुक बेहतर हो सकता है. लोगों को इन्हें पूरी तरह हटाने का दावा करने वाले प्रोडक्ट्स पर भरोसा नहीं करना चाहिए. डॉक्टर के अनुसार स्ट्रेच मार्क्स को पूरी तरह नहीं हटाया जा सकता है. Truth About Stretch Marks: अधिकतर लोगों के शरीर पर स्ट्रेच मार्क्स देखने को मिलते हैं. जब किसी व्यक्ति की स्किन में खिंचाव होता है, तब अक्सर स्ट्रेच मार्क्स बन जाते हैं. महिलाएं जब प्रेग्नेंट होती हैं, तब उनके पेट के आसपास काफी स्ट्रेच मार्क्स आ जाते हैं. स्ट्रेच मार्क्स को हटाना काफी मुश्किल होता है, लेकिन कई प्रोडक्ट इसे पूरी तरह हटाने का दावा करते हैं. ऐसे में लोग कई महंगे प्रोडक्ट्स यूज करते रहते हैं, लेकिन नतीजा कुछ नहीं निकलता है. अब सवाल है कि क्या वाकई स्ट्रेच मार्क्स को हमेशा के लिए हटाया जा सकता है? इस बारे में स्किन स्पेशलिस्ट से हकीकत जान लेते हैं. यूपी के कानपुर के जीएसवीएम मेडिकल कॉलेज में डर्मेटोलॉजिस्ट डॉ. युगल राजपूत ने News18 को बताया कि स्ट्रेस मार्क्स अक्सर वजन बढ़ने-घटने, प्रेग्नेंसी या तेजी से शरीर के आकार में बदलाव के कारण बनते हैं. ये आमतौर पर पेट, जांघों, कंधों और बाजुओं पर नजर आते हैं. स्ट्रेच मार्क्स तब बनते हैं, जब त्वचा की अंदरूनी परत डर्मिस तेजी से खिंचती है और वहां मौजूद कोलेजन और इलास्टिन फाइबर टूटने लगते हैं. शुरुआत में ये लाल या बैंगनी रंग के होते हैं, लेकिन समय के साथ हल्के रंग के हो जाते हैं. स्ट्रेच मार्क्स एक बार बन जाएं, तो इन्हें पूरी तरह खत्म करना मुश्किल होता है. सेहत, रिलेशनशिप, लाइफ या धर्म-ज्योतिष से जुड़ी है कोई निजी उलझन तो हमें करें WhatsApp, आपका नाम गोपनीय रखकर देंगे जानकारी. डॉक्टर युगल ने बताया कि कुछ क्रीम्स और लोशन स्ट्रेच मार्क्स को हल्का जरूर कर सकते हैं. लंबे समय तक इन प्रोडक्ट्स का इस्तेमाल करने से अच्छा रिजल्ट मिल सकता है. इसके अलावा लेजर थेरेपी, माइक्रोनीडलिंग और केमिकल पील्स से इनके लुक में काफी हद तक सुधार किया जा सकता है. ये ट्रीटमेंट त्वचा में नए कोलेजन के निर्माण को बढ़ाते हैं, जिससे स्ट्रेच मार्क्स कम दिखाई देने लगते हैं. हालांकि ये ट्रीटमेंट व्यक्ति की स्किन, उम्र और स्ट्रेच मार्क्स की कंडीशन के अनुसार सजेस्ट किए जाते हैं. ये ट्रीटमेंट महंगे भी हो सकते हैं और कई सिटिंग्स की जरूरत पड़ती है. एक्सपर्ट के मुताबिक सभी लोगों को यह समझने की जरूरत है कि स्ट्रेच मार्क्स कोई बीमारी नहीं हैं, बल्कि शरीर में होने वाले प्राकृतिक बदलाव का हिस्सा हैं. इसलिए इन्हें लेकर ज्यादा चिंता करने की जरूरत नहीं है. अगर आप इन्हें कम करना चाहते हैं, तो शुरुआत से ही त्वचा को मॉइश्चराइज रखें, अच्छी डाइट लें और वजन को अचानक बढ़ने या घटने से बचाएं. सभी लोगों को सोशल मीडिया पर बड़े-बड़े दावों के साथ बेचे जा रहे प्रोडक्ट्स से बचना चाहिए और इस बारे में डॉक्टर की सलाह लेनी चाहिए. About the Author अमित उपाध्याय अमित उपाध्याय News18 Hindi की लाइफस्टाइल टीम के अनुभवी पत्रकार हैं, जिनके पास प्रिंट और डिजिटल मीडिया में 9 वर्षों से अधिक का अनुभव है। वे हेल्थ, वेलनेस और लाइफस्टाइल से जुड़ी रिसर्च-बेस्ड और डॉक्टर्स के इंटरव्…और पढ़ें News18 न्यूजलेटर अब ईमेल पर इनसाइड स्टोरीज खबरों के पीछे की खबर अब आपके इनबॉक्स में सबमिट करें First Published : April 15, 2026, 08:16 IST
डायबिटीज से छुटकारा पाने का ये है देसी जुगाड़! वैज्ञानिकों ने खोज निकाला चमत्कारिक औषधि, सिर्फ रात में फुलाकर सुबह पीना है पानी

Last Updated:April 15, 2026, 07:56 IST Paneer Doda Diabetes Benefits: रांची के बिरसा एग्रीकल्चर यूनिवर्सिटी के वैज्ञानिकों ने पनीर डोटा पर रिसर्च किया है. जहां इसमें पाया गया कि इसका पानी पीने से टाइप टू डायबिटीज और सूजन में राहत मिल सकती है. आइये जानते हैं इसके लाभ के बारे में. ख़बरें फटाफट रांची: झारखंड की राजधानी रांची के बिरसा एग्रीकल्चर यूनिवर्सिटी के कृषि वैज्ञानिक खासतौर पर पनीर डोटा पर रिसर्च कर रहे हैं. रिसर्च में उन्होंने पाया की खासतौर पर इसको रात में फुला कर इसका पानी पीने से टाइप टू डायबिटीज में काफी राहत मिलती है. इसमें इंसुलिन की मात्रा कम होती है. इस वजह से इससे शरीर में सूजन से और थकान से काफी राहत मिलती है. आइये जानते हैं इसके बारे में. फॉरेस्ट डिपार्टमेंट के कृषि वैज्ञानिक प्रशांत ने बताया कि यह शरीर के पेनक्रियाज के सेल को प्राकृतिक रूप से रिपेयर करता है. क्योंकि पेनक्रियाज से ही इंसुलिन जो है. वह बैलेंस होता है. ऐसे में खासतौर पर पेनक्रियाज में अगर कोई समस्या आती है तो इंसुलिन की मात्रा ऊपर नीचे होने लगती है. ये खासतौर पर पेनक्रियाज के हेल्थ के लिए काफी बेस्ट माना जाता है. इस तरीके से करना है सेवन उन्होंने बताया कि पनीर डोटा आपको रांची के जंगलों में तो खूब मिलता है. साथ ही आपको यहां के बाजार में भी मिल जाएगा, लेकिन अभी तक शुगर के मरीज इसका उतना सेवन उनता नहीं करते हैं. क्योंकि इसके बारे में इतना पता नहीं है. लोगों को ऐसे आपको एक मुट्ठी पर ही डोडा को लेना है. यह बिल्कुल चने की तरह होता है और रात भर पानी में फुला लेना है. उन्होंने बताया कि सुबह में आप देखेंगे कि इसका जो पानी है. वह पूरी तरह ब्राउन हो गया है. आपको पनीर डोटा को नहीं खाना है. बल्कि, उसका पानी जो है. उसको पी लेना है. इसमें आपके शरीर में जो इन्फ्लेशन होता है. उसको ठीक करता है. इसमें एंटी इन्फ्लेमेटरी गुण है और ये सिर्फ पेनक्रियाज को ही नहीं बल्कि आपके चेहरे के स्किन को भी रिपेयर करता है. बुझे चेहरे में भी आ जाएगी चमक वह आगे बताते हैं कि ऐसे में डायबिटीज की वजह से चेहरा अगर एकदम बुझा हुआ है तो भी यह काफी फायदेमंद है. कई बार डायबिटीज की वजह से चेहरे में थोड़ा कालापन आ जाता है या स्किन ढीला हो जाता है. ऐसे में जब आपका पैंक्रियाज का सेल सही होगा, तब आप देखेंगे आपके चेहरे पर भी ग्लो आना शुरू हो जाएगा. उन्होंने कहा कि शुगर के मरीज इसका सेवन कर सकते हैं. About the Author Brijendra Pratap Singh बृजेंद्र प्रताप सिंह डिजिटल-टीवी मीडिया में (2021) लगभग 5 सालों से सक्रिय हैं. मेट्रो न्यूज 24 टीवी चैनल मुंबई, ईटीवी भारत डेस्क, दैनिक भास्कर डिजिटल डेस्क के अनुभव के साथ 14 मई 2024 से News.in में सीनियर कंटें…और पढ़ें News18 न्यूजलेटर अब ईमेल पर इनसाइड स्टोरीज खबरों के पीछे की खबर अब आपके इनबॉक्स में सबमिट करें Location : Ranchi,Jharkhand First Published : April 15, 2026, 07:56 IST







