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धुरंधर 2 ने 25 दिनों में कमाए ₹1712 करोड़:विदेशों में ₹415 करोड़ बटोरे; पुष्पा 2 का वर्ल्डवाइड रिकॉर्ड तोड़ने से ₹30 करोड़ दूर

धुरंधर 2 ने 25 दिनों में कमाए ₹1712 करोड़:विदेशों में ₹415 करोड़ बटोरे; पुष्पा 2 का वर्ल्डवाइड रिकॉर्ड तोड़ने से ₹30 करोड़ दूर

रणवीर सिंह स्टारर फिल्म ‘धुरंधर द रिवेंज’ सिनेमाघरों में शानदार प्रदर्शन कर रही है। फिल्म को रिलीज हुए 26 दिन हो गए हैं और चौथे हफ्ते के बाद भी इसकी कमाई में मजबूती बनी हुई है। सैक्निल्क के मुताबिक, फिल्म अब अल्लू अर्जुन की ‘पुष्पा 2: द रूल’ के वर्ल्डवाइड कलेक्शन के रिकॉर्ड को तोड़ने के बेहद करीब पहुंच गई है। 25वें दिन तक धुरंधर 2 का वर्ल्डवाइड ग्रॉस कलेक्शन 1,712.98 करोड़ रुपए हो गया है। पुष्पा 2 का लाइफटाइम वर्ल्डवाइड कलेक्शन 1,742.10 करोड़ रुपए है। फिल्म को यह रिकॉर्ड तोड़ने के लिए अब 30 करोड़ रुपए से भी कम की जरूरत है। भारत में कमाई में अब भी 150 करोड़ पीछे टिकटों की बिक्री के मामले में ‘धुरंधर 2’ फिलहाल ‘पुष्पा 2’ से पीछे चल रही है। बुकमायशो के डेटा के मुताबिक, धुरंधर 2 के अब तक 1.71 करोड़ टिकट बिके हैं। वहीं पुष्पा 2 के 1.92 करोड़ टिकट बिके थे। भारत में कमाई की बात करें तो पुष्पा 2 ने 1,234.10 करोड़ रुपए का नेट कलेक्शन किया था। धुरंधर 2 अब तक 1,083.67 करोड़ रुपए ही कमा पाई है। यानी घरेलू बाजार में फिल्म अभी 150.43 करोड़ रुपए पीछे है। हिंदी बेल्ट में दबदबा, साउथ में सुस्त धुरंधर 2 की सबसे ज्यादा कमाई हिंदी बेल्ट से हो रही है। फिल्म के कुल कलेक्शन का 94% हिस्सा यानी 1,017.79 करोड़ रुपए सिर्फ हिंदी मार्केट से आया है। तुलना करें तो पुष्पा 2 को साउथ के साथ-साथ हिंदी बेल्ट (812.14 करोड़) से भी भारी सपोर्ट मिला था। हालांकि, धुरंधर 2 को तेलुगु मार्केट से सिर्फ 41.85 करोड़ रुपए ही मिले हैं। यही कारण है कि फिल्म इंडिया नेट कलेक्शन में पुष्पा 2 से पीछे है। विदेशों में धुरंधर की जबरदस्त कमाई धुरंधर 2 के वर्ल्डवाइड रिकॉर्ड के करीब पहुंचने की सबसे बड़ी वजह इसका ओवरसीज कलेक्शन है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में इस फिल्म ने पुष्पा 2 को काफी पीछे छोड़ दिया है। धुरंधर 2 ने विदेशों में 415.50 करोड़ रुपए बटोरे हैं, जबकि पुष्पा 2 का विदेशी कलेक्शन 259.50 करोड़ रुपए था। विदेशों से हुई 156 करोड़ की ज्यादा कमाई ने भारत में हुए कलेक्शन के अंतर को कम कर दिया है।

माएं-बुआएं सही या गलत…. पीरियड्स में खट्टा खाना सच में नुकसान करता है? डॉक्टर ने बताया पूरा सच

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Last Updated:April 13, 2026, 15:00 IST Diet During Periods: पीरियड्स हर महिला के लिए अलग-अलग अनुभव लेकर आते हैं. किसी के लिए यह केवल सामान्य थकान होती है, तो किसी के लिए पेट में असहनीय मरोड़ यानी क्रैम्प्स (Cramps), कमर दर्द और मूड स्विंग्स (Mood Swings) जैसी बड़ी परेशानी. अक्सर इन दिनों सिर्फ मीठा या जंक फूड खाने का मन करता है. अक्सर महिलाएं पूछती हैं कि पीरियड्स में क्या खाना चाहिए ताकि दर्द कम हो और शरीर में कमजोरी न आए. पीरियड्स को लेकर हमारे यहां अब भी कई तरह की मान्यताएं प्रचलित हैं. खासकर खान-पान को लेकर अक्सर माएं-बुआएं सलाह देती हैं कि इन दिनों खट्टा या ठंडा नहीं खाना चाहिए. कई लड़कियां बिना किसी ठोस कारण को जाने अपनी पसंदीदा चीजें छोड़ देती हैं. असल में क्या पीरियड्स में खट्टा खाने से कोई नुकसान होता है या ये सिर्फ सुनी-सुनाई बातें हैं? सही जानकारी ज्यादा जरूरी है, वरना लोग बेवजह परेशान रहते हैं. आइए डॉक्टर से जानते हैं पूरी सच्चाई. लोकल18 को सर्वोदय अस्पताल फरीदाबाद की गाइनॉकॉलोजिस्ट डॉ. रैना चावला ने बताया कि पीरियड्स एक प्राकृतिक प्रक्रिया है, जो हर महिला के जीवन का हिस्सा होती है और आमतौर पर 12 से 50 साल की उम्र तक रहती है. इसके बावजूद समाज में इसे लेकर कई गलतफहमियां फैली हुई हैं. खासकर खट्टा या ठंडा खाने से जुड़ी बातें इनका कोई वैज्ञानिक आधार नहीं है. न इससे पीरियड्स का फ्लो बदलता है और न ही दर्द पर कोई असर पड़ता है. यानी ये सिर्फ एक बाद झूठ हैं, जिन पर ध्यान देने की जरूरत नहीं है. Add News18 as Preferred Source on Google डॉ. रैना बताती हैं कि पीरियड्स के दौरान सबसे जरूरी है पोषक और संतुलित आहार लेना. इस समय शरीर में खून की कमी होना आम बात है, खासकर जब ब्लीडिंग ज्यादा हो रही हो. ऐसे में आयरन और प्रोटीन से भरपूर चीजें खाना फायदेमंद होता है, जैसे पालक, मेथी, गुड़, चना, दाल, सेब और केला। ये शरीर को जरूरी ताकत देते हैं. साथ ही, पानी और जूस का भरपूर सेवन करना चाहिए, ताकि शरीर डिहाइड्रेट न हो. वह आगे बताती हैं कि इन दिनों कमजोरी और दर्द लगभग हर लड़की और महिला को होता है. दर्द कम करने में काजू, बादाम, पिस्ता जैसे ड्राई फ्रूट्स, जिनमें मैग्नीशियम होता है, मददगार हो सकते हैं. हालांकि ऐसा कोई एक फूड नहीं है, जिससे दर्द पूरी तरह खत्म हो जाए, लेकिन सही खान-पान से काफी फर्क पड़ता है. जिन महिलाओं को ज्यादा दर्द या ब्लीडिंग होती है, उन्हें अपनी डाइट पर खास ध्यान देना चाहिए. वह बताती हैं कि पीरियड्स के दौरान बहुत ज्यादा तला-भुना, मसालेदार और बाहर का खाना कम ही खाना चाहिए. इस समय घर का हल्का-फुल्का और हेल्दी भोजन सबसे बेहतर होता है. साथ ही, थोड़ा-बहुत योग या हल्की एक्सरसाइज भी फायदेमंद रहती है. शरीर थोड़ा एक्टिव रहता है तो आराम भी मिलता है. असल में पीरियड्स के दौरान खट्टा खाने से कुछ भी नुकसान नहीं होता. बस सही जानकारी रखें और अपनी डाइट व व्यवहार को संतुलित रखें, यही सबसे बेहतर है. यानी पीरियड्स में खट्टा खाया जा सकता है, इसमें कोई दिक्कत नहीं है.  First Published : April 13, 2026, 15:00 IST

शाजापुर में महिला ने कार में की तोड़फोड़:राधे-राधे चौराहे पर देर रात की घटना, CCTV फुटेज में दिखी वारदात

शाजापुर में महिला ने कार में की तोड़फोड़:राधे-राधे चौराहे पर देर रात की घटना, CCTV फुटेज में दिखी वारदात

शाजापुर के ज्योतिनगर स्थित राधे-राधे चौराहे पर रविवार-सोमवार की रात एक महिला ने खड़ी कार में तोड़फोड़ की। इस घटना का सीसीटीवी फुटेज सामने आया है, जिसमें महिला पत्थर से कार के शीशे तोड़ती दिख रही है। यह घटना रात करीब 1:57 बजे हुई। फुटेज के अनुसार, महिला ने पहले कार के सामने वाले हिस्से को नुकसान पहुंचाने की कोशिश की। सफल न होने पर उसने साइड के शीशे को तोड़ने का प्रयास किया। इसके बाद, महिला ने कार के पिछले शीशे पर पत्थर मारकर उसे क्षतिग्रस्त कर दिया। बाइक चालक से हुआ था विवाद कार मालिक नीरज कुमार मालवीय, निवासी ज्योति नगर, ने लालघाटी थाने में शिकायत दर्ज कराई है। उन्होंने बताया कि 12 अप्रैल की रात वे शादी से लौटकर कार पार्क कर रहे थे, तभी एक नशे में धुत व्यक्ति ने उनकी कार को नुकसान पहुंचाया और गाली-गलौज की। नीरज कुमार के अनुसार, उसी व्यक्ति की पत्नी ने रात में आकर उनकी कार में तोड़फोड़ की। पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है और सीसीटीवी फुटेज के आधार पर आरोपियों की पहचान कर जांच कर रही है।

सप्लायर को पकड़ने पुलिस ने ऑर्डर करवाया गांजा:देवास से लेकर इंदौर पहुंचा तो धर दबोचा, 5 किलो गांजा किया जब्त; कार्रवाई जारी

सप्लायर को पकड़ने पुलिस ने ऑर्डर करवाया गांजा:देवास से लेकर इंदौर पहुंचा तो धर दबोचा, 5 किलो गांजा किया जब्त; कार्रवाई जारी

पुलिस ने गांजे की सप्लाई करने वाले को पकड़ने के लिए 5 किलो गांजे का ऑर्डर दिया। सप्लायर पुलिस के जाल में फंस गया। उसके पास से 1 लाख रुपए कीमत का 5 किलो 82 ग्राम गांजा जब्त किया गया है। अब पुलिस उससे पूछताछ कर और भी जानकारी निकाल रही है। दरअसल, तेजाजी नगर पुलिस ने पिछले दिनों चिलम पीने वाले एक युवक को पकड़ा था। उस पर मामला दर्ज कर उसे गिरफ्तार किया गया और उससे पूछताछ की गई। पूछताछ में पता चला कि उदयनगर, देवास से यह माल आता है और इंदौर में अलग-अलग जगह सप्लाई होता है। इसके बाद टीम ने सप्लाई करने वाले को पकड़ने का प्लान बनाया। पुलिस ने ऑर्डर करवाया 5 किलो गांजा तेजाजी नगर टीआई देवेंद्र मरकाम ने बताया कि जिस चिलम पीने वाले युवक को पुलिस ने पकड़ा था, उसी के जरिए टीम ने सप्लाई करने वाले का नंबर निकलवाया और युवक से ही 5 किलो गांजे का ऑर्डर दिलवाया, जिसके बाद समय और जगह तय की गई। बाइक से लोकेशन पर पहुंचा, पुलिस ने घेराबंदी कर पकड़ लिया टीआई देवेंद्र ने बताया कि जगह और समय तय होने के बाद पुलिस ने इलाके में घेराबंदी कर दी। युवक बाइक पर 5 किलो 82 ग्राम गांजा लेकर पहुंच गया, जिसके बाद पुलिस ने उसे धर दबोचा। पकड़े गए आरोपी का नाम कालू (30) पिता सुरेश बघेल, निवासी ग्राम धाराजी, तहसील उदयगढ़, जिला देवास है। उसके खिलाफ मामला दर्ज कर पुलिस रिमांड लिया जा रहा है, ताकि उससे और भी जानकारी निकाली जा सके। साथ ही यह भी पता किया जा सके कि वह किन-किन लोगों को सप्लाई करता है।

200 मीटर रेस में बोल्ट से भी तेज निकले गाउट:ऑस्ट्रेलिया के 18 वर्षीय गाउट ने रेस 19.67 सेकंड में पूरी कर बोल्ट का इस उम्र का रिकॉर्ड तोड़ा

200 मीटर रेस में बोल्ट से भी तेज निकले गाउट:ऑस्ट्रेलिया के 18 वर्षीय गाउट ने रेस 19.67 सेकंड में पूरी कर बोल्ट का इस उम्र का रिकॉर्ड तोड़ा

एथलेटिक्स की दुनिया में रविवार को एक ऐसा चमत्कार हुआ, जिसने भविष्य की सुनहरी झलक पेश कर दी। सिडनी ओलिंपिक पार्क एथलेटिक सेंटर में 18 वर्षीय स्प्रिंट सनसनी गाउट गाउट ने 200 मीटर के फाइनल में 19.67 सेकंड का अविश्वसनीय समय निकालकर इतिहास रच दिया। यह समय न केवल महान उसैन बोल्ट के रिकॉर्ड से तेज है, बल्कि इसने ऑस्ट्रेलियाई एथलेटिक्स के एक नए युग का सूत्रपात भी कर दिया है। खेल इतिहास में तुलनाएं अक्सर की जाती हैं, लेकिन गाउट ने आंकड़ों से अपनी श्रेष्ठता साबित की। साल 2004 में उसैन बोल्ट ने 18 साल की उम्र में 19.93 सेकंड का समय निकाला था। ऑस्ट्रेलियन एथलेटिक्स चैम्पियनशिप में गाउट ने उनसे कहीं आगे निकलते हुए 19.67 सेकंड में फिनिश लाइन पार की और गोल्ड मेडल जीता। यह इस साल दुनिया का सबसे तेज समय है। गाउट के लिए यह जीत एक भावनात्मक पल भी थी। पिछले साल उन्होंने 19.84 सेकंड का समय निकाला था, लेकिन वह ‘अवैध टेलविंड’ के कारण आधिकारिक नहीं हो सका था। इस बार 1.7 मीटर प्रति सेकंड की वैध हवा की गति के साथ उन्होंने रफ्तार पर मुहर लगा दी। रेस की शुरुआत सामान्य थी। उम्मीद थी कि गाउट जल्द ही बढ़त बना लेंगे, लेकिन एडन मर्फी ने गाउट को कदम-कदम पर कड़ी टक्कर दी। मर्फी की इस चुनौती ने गाउट के भीतर के ‘एथलेटिक दानव’ को जगा दिया। अंतिम मीटरों में गाउट ने अपनी सिग्नेचर टॉप-स्पीड पकड़ी और जब स्कोरबोर्ड पर समय चमका, तो पूरा स्टेडियम स्तब्ध रह गया। इस प्रदर्शन में एडन मर्फी की भूमिका को भुलाया नहीं जा सकता। मर्फी ने 19.88 सेकंड का समय निकाला और दूसरे स्थान पर रहे। यह पहली बार है, जब एक ही रेस में दो ऑस्ट्रेलियाई धावकों ने 20 सेकंड से कम में रेस पूरी की है। मर्फी ने पीटर नॉर्मन के 1968 के उस रिकॉर्ड को तोड़ने की दिशा में बड़ी उपलब्धि हासिल की, जो दशकों से अभेद्य लग रहा था। उन्होंने गाउट को उनके सर्वश्रेष्ठ स्वरूप तक धकेलने में अहम भूमिका निभाई। गाउट जिस ट्रैक पर दौड़े, वह सिडनी 2000 ओलिंपिक का वार्म-अप ट्रैक था। जब वे पोडियम पर खड़े थे, तो ऐसा लग रहा था जैसे उन्होंने पुरानी पीढ़ी से मशाल थाम ली। विशेषज्ञों का मानना है कि गाउट अब लॉस एं​जिलिस 2028 ओलिंपिक के मेडल के लिए भी प्रबल दावेदार बन चुके हैं। गाउट गाउट ने साबित कर दिया है कि वे केवल भविष्य का नाम नहीं हैं, बल्कि वे ‘आज’ के महानायक हैं। सिडनी का यह रविवार ऑस्ट्रेलियाई खेल इतिहास में हमेशा के लिए दर्ज हो गया है। गाउट के इस प्रदर्शन को इन फैक्टर्स से समझें – 19.67 सेकंड का यह समय पेरिस ओलिंपिक में नोआह लाइल्स को पछाड़कर ब्रॉन्ज मेडल दिला देता। – सिडनी 2000 ओलिंपिक में यह प्रदर्शन गोल्ड मेडल जीतने के लिए पर्याप्त होता। – यह किसी भी अंडर-20 एथलीट द्वारा इतिहास में दौड़ा गया सबसे तेज समय है।

उज्जैन में दंपती ने किया वर्षीतप, दावा- स्वास्थ्य में सुधार:एक साल के तप से वजन घटा, बीपी और कोलेस्ट्रॉल भी कंट्रोल हुआ

उज्जैन में दंपती ने किया वर्षीतप, दावा- स्वास्थ्य में सुधार:एक साल के तप से वजन घटा, बीपी और कोलेस्ट्रॉल भी कंट्रोल हुआ

उज्जैन के अलखधाम नगर के रहने वाले शैलेन्द्र तल्लेरा और उनकी पत्नी प्रमिला तल्लेरा ने जैन धर्म के वर्षीतप को एक साल तक पूरा किया। इस तप के दौरान दोनों के स्वास्थ्य में सुधार सामने आया है, जिसमें ब्लड प्रेशर, वजन और कोलेस्ट्रॉल नियंत्रित होने की बात कही गई है। बीपी की दवा बंद, वजन 22 किलो कम शैलेन्द्र तल्लेरा के अनुसार, तप शुरू होने से पहले उनका ब्लड प्रेशर करीब 190 रहता था और रोज दवा लेनी पड़ती थी। वर्षीतप के बाद बीपी 140-150 के बीच बना हुआ है और दवा की जरूरत नहीं रही। एक साल में उनका वजन 95 किलो से घटकर 73 किलो हो गया। तप के दौरान एसिडिटी की समस्या खत्म हो गई। साथ ही कोलेस्ट्रॉल स्तर भी सामान्य रहने लगा है। 13 महीने तक चला कठोर उपवास क्रम दंपती ने 12 अप्रैल 2025 से वर्षीतप शुरू किया। इस तप में 36 घंटे में केवल दो बार भोजन और उसके बाद तीन दिन तक उपवास करना होता है। यह क्रम करीब 13 महीने यानी लगभग 400 दिन तक चलता है। सूर्य उदय के बाद ही सीमित भोजन तप के दौरान भोजन केवल सूर्य उदय के बाद और सूर्यास्त से पहले दो बार ही लिया जाता है। बाकी समय केवल पानी पर रहना होता है। 20 अप्रैल को पालीताना में होगा समापन वर्षीतप का समापन 20 अप्रैल को पालीताना में पारणा के साथ किया जाएगा। जैन धर्म में वर्षीतप को कठोर तप माना जाता है। इसमें एक दिन उपवास और अगले दिन सीमित आहार का क्रम चलता है। पूरे तप में करीब 200 उपवास शामिल होते हैं।

जब कोई 14 साल में प्रेग्नेंट हो जाए तो शरीर में क्या-क्या आफत आती है? डॉक्टर ने बताई ऐसी बात दंग रह जाएंगे आप

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Last Updated:April 13, 2026, 12:39 IST Teenage Pregnancy Risks: डॉक्टर के मुताबिक 14 साल की उम्र में प्रेग्नेंसी बेहद खतरनाक होती है, क्योंकि इस उम्र में शरीर पूरी तरह विकसित नहीं होता. इससे मां और बच्चे दोनों की जान के लिए खतरा हो सकता है. किशोरी की मेंटल हेल्थ के लिए भी प्रेग्नेंसी घातक साबित हो सकती है. इससे डिलीवरी में खतरनाक कॉम्प्लिकेशंस पैदा हो सकती हैं. डॉक्टर सोनाली गुप्ता के अनुसार 14 साल की उम्र में प्रेग्नेंसी जानलेवा भी हो सकती है. Early Pregnancy Dangers: उत्तराखंड के मुनस्यारी में एक लड़की का महज 13 साल की उम्र में बाल विवाह कर दिया गया. शादी के बाद किशोरी 14 साल की उम्र में प्रेग्नेंट हो गई और जब डिलीवरी के लिए उसे अस्पताल ले जाया गया, तब पूरे मामले का खुलासा हुआ. अस्पताल प्रशासन से पुलिस को सूचना दी और आगे की कानूनी कार्रवाई की गई. डॉक्टर्स की मानें तो 14 साल की उम्र में प्रेग्नेंसी लड़की और उसके गर्भ में पल रहे बच्चे दोनों के लिए जानलेवा हो सकती है. इससे कई गंभीर कॉम्प्लिकेशंस पैदा हो सकती हैं और सही ट्रीटमेंट न मिलने पर जान जा सकती है. प्रेग्नेंसी के लिए 20 से 30 साल की उम्र सबसे अच्छी मानी जाती है. ग्रेटर नोएडा के ब्लिस आईवीएफ एंड गायनी केयर सेंटर की सीनियर गायनेकोलॉजिस्ट डॉ. सोनाली गुप्ता ने News18 को बताया कि इतनी कम उम्र में प्रेग्नेंसी शारीरिक, मानसिक और भावनात्मक रूप से भी बेहद जोखिम भरी होती है. किशोरावस्था में शरीर पूरी तरह विकसित नहीं होता है, जिससे मां और बच्चे दोनों की जान को खतरा हो सकता है. 14 साल की उम्र में शरीर पूरी तरह परिपक्व नहीं होता है और खासकर गर्भाशय और पेल्विक एरिया की ग्रोथ अधूरी रहती है. ऐसे में प्रेग्नेंसी के दौरान कॉम्प्लिकेशंस पैदा हो सकती हैं. इससे समय से पहले डिलीवरी, कम वजन का बच्चा, और डिलीवरी के दौरान ज्यादा ब्लीडिंग जैसे खतरे होते हैं. कई मामलों में ऑपरेशन की जरूरत भी पड़ सकती है, जो इतनी कम उम्र में बेहद रिस्की होता है. सेहत, रिलेशनशिप, लाइफ या धर्म-ज्योतिष से जुड़ी है कोई निजी उलझन तो हमें करें WhatsApp, आपका नाम गोपनीय रखकर देंगे जानकारी. डॉक्टर ने बताया कि इतनी कम उम्र में प्रेग्नेंसी का सबसे बड़ा खतरा मां की सेहत पर पड़ता है. किशोरियों में एनीमिया यानी खून की कमी कॉमन है और प्रेग्नेंसी के दौरान यह समस्या और बढ़ जाती है. इससे शरीर कमजोर हो जाता है और डिलीवरी के समय जान का खतरा भी बढ़ सकता है. इसके अलावा हाई ब्लड प्रेशर, प्रेग्नेंसी से जुड़ी डायबिटीज और इंफेक्शन का खतरा भी अधिक रहता है. सिर्फ शारीरिक ही नहीं, मानसिक स्वास्थ्य पर भी इसका गहरा असर पड़ता है. इतनी कम उम्र में प्रेग्नेंसी एक बड़ा मानसिक दबाव बन जाती है. इससे डर, तनाव, डिप्रेशन और अकेलेपन की भावना पैदा हो सकती है. इससे उसका भविष्य और सामाजिक जीवन बुरी तरह प्रभावित होता है. एक्सपर्ट के मुताबिक कम उम्र में गर्भावस्था का असर बच्चे पर भी पड़ता है. ऐसे मामलों में जन्म लेने वाले बच्चों का वजन कम होता है और उनमें विकास से जुड़ी समस्याएं होने का खतरा ज्यादा रहता है. इसके अलावा नवजात शिशु की मृत्यु दर भी ज्यादा हो सकती है. इसलिए यह सिर्फ मां ही नहीं, बल्कि बच्चे के लिए भी खतरनाक स्थिति होती है. ऐसी घटनाओं से बचने के लिए समाज में जागरुकता बढ़ाने की जरूरत है. प्रेग्नेंसी के लिए आमतौर पर 20 से 30 साल की उम्र सबसे ज्यादा सुरक्षित मानी जाती है. हालांकि तकनीक की मदद से 35-40 की उम्र तक महिलाएं मां बन सकती हैं. About the Author अमित उपाध्याय अमित उपाध्याय News18 Hindi की लाइफस्टाइल टीम के अनुभवी पत्रकार हैं, जिनके पास प्रिंट और डिजिटल मीडिया में 9 वर्षों से अधिक का अनुभव है। वे हेल्थ, वेलनेस और लाइफस्टाइल से जुड़ी रिसर्च-बेस्ड और डॉक्टर्स के इंटरव्…और पढ़ें News18 न्यूजलेटर अब ईमेल पर इनसाइड स्‍टोर‍ीज खबरों के पीछे की खबर अब आपके इनबॉक्‍स में सबमिट करें First Published : April 13, 2026, 12:39 IST

गुजरात में ट्रक ने श्रद्धालुओं को कुचला, 7 की मौत:राजकोट से सभी लोग पैदल बहुचराजी माता मंदिर जा रहे थे, 4 घायलों की हालत भी गंभीर

गुजरात में ट्रक ने श्रद्धालुओं को कुचला, 7 की मौत:राजकोट से सभी लोग पैदल बहुचराजी माता मंदिर जा रहे थे, 4 घायलों की हालत भी गंभीर

गुजरात के सुरेंद्रनगर में सोमवार सुबह लखतर-विरामगाम नेशनल हाईवे पर एक ट्रक ने पैदल चल रहे श्रद्धालुओं को कुचल दिया। हादसे में 7 लोगों की मौत हो गई, जबकि चार घायल हो गए। घायलों को सुरेंद्रनगर के अलग-अलग हॉस्पिटल में एडमिट करवाया गया है। घायलों की हालत भी गंभीर बनी हुई है। राजकोट से बहुचराजी माता मंदिर जा रहे थे लखतर पुलिस इंस्पेक्टर योगेश पटेल ने बताया कि घटना लखतर-विरामगाम हाईवे पर रात करीब रात करीब 1:30 बजे हुई। तीर्थयात्रियों का एक ग्रुप पैदल राजकोट से बहुचराजी माता मंदिर जा रहा था। तभी पीछे से आ रहे एक ट्रक ने सभी को कुचल दिया। हादसे में छह तीर्थयात्रियों और सड़क किनारे खड़े एक डंपर के ड्राइवर की मौत हो गई। मृतकों में 5 पुरुष और 2 महिलाएं शामिल हैं। फरार ट्रक ड्राइवर गिरफ्तार हादसे के बाद ट्रक चालक मौके से फरार हो गया था, जिसे गिरफ्तार कर लिया गया है। एक श्रद्धालु ने बताया- राजकोट के दत्ता गांव से ठाकर के दर्शन करने के बाद हम लोग राजबाई मानी का झंडा फहराने के लिए विरामगाम जा रहे थे। सभी लोग सड़क किनारे चल रहे थे। तभी लखतर-विरामगाम हाईवे पर फुल स्पीड में आ रहे एक ट्रक ने पीछे श्रद्धालुओं को कुचल दिया। हादसे की 5 तस्वीरें… हादसे से जुड़ी ये खबर भी पढ़ें… वृंदावन हादसा-नाव पर ढोलक बजा रहे युवक की लाश मिली:युवती का शव भी उतराकर बाहर आया; अब तक 15 की मौत, एक लापता मथुरा के वृंदावन में नाव हादसे के बाद सोमवार को चौथे दिन भी सर्च ऑपरेशन चल रहा है। सुबह 8 बजे यमुना नदी में 2 लाशें मिलीं। हादसे वाली जगह से 12 किलोमीटर दूर बंगाली घाट से एक महिला और देवरा बाबा आश्रम के पास से एक युवक की लाश बरामद हुई। पूरी खबर पढ़ें…

गुजरात में ट्रक ने श्रद्धालुओं को कुचला, 7 की मौत:राजकोट से सभी लोग पैदल बहुचराजी माता मंदिर जा रहे थे, 4 घायलों की हालत भी गंभीर

गुजरात में ट्रक ने श्रद्धालुओं को कुचला, 7 की मौत:राजकोट से सभी लोग पैदल बहुचराजी माता मंदिर जा रहे थे, 4 घायलों की हालत भी गंभीर

गुजरात के सुरेंद्रनगर में सोमवार सुबह लखतर-विरामगाम नेशनल हाईवे पर एक ट्रक ने पैदल चल रहे श्रद्धालुओं को कुचल दिया। हादसे में 7 लोगों की मौत हो गई, जबकि चार घायल हो गए। घायलों को सुरेंद्रनगर के अलग-अलग हॉस्पिटल में एडमिट करवाया गया है। घायलों की हालत भी गंभीर बनी हुई है। राजकोट से बहुचराजी माता मंदिर जा रहे थे लखतर पुलिस इंस्पेक्टर योगेश पटेल ने बताया कि घटना लखतर-विरामगाम हाईवे पर रात करीब रात करीब 1:30 बजे हुई। तीर्थयात्रियों का एक ग्रुप पैदल राजकोट से बहुचराजी माता मंदिर जा रहा था। तभी पीछे से आ रहे एक ट्रक ने सभी को कुचल दिया। हादसे में छह तीर्थयात्रियों और सड़क किनारे खड़े एक डंपर के ड्राइवर की मौत हो गई। मृतकों में 5 पुरुष और 2 महिलाएं शामिल हैं। फरार ट्रक ड्राइवर गिरफ्तार हादसे के बाद ट्रक चालक मौके से फरार हो गया था, जिसे गिरफ्तार कर लिया गया है। एक श्रद्धालु ने बताया- राजकोट के दत्ता गांव से ठाकर के दर्शन करने के बाद हम लोग राजबाई मानी का झंडा फहराने के लिए विरामगाम जा रहे थे। सभी लोग सड़क किनारे चल रहे थे। तभी लखतर-विरामगाम हाईवे पर फुल स्पीड में आ रहे एक ट्रक ने पीछे श्रद्धालुओं को कुचल दिया। हादसे की 5 तस्वीरें… हादसे से जुड़ी ये खबर भी पढ़ें… वृंदावन हादसा-नाव पर ढोलक बजा रहे युवक की लाश मिली:युवती का शव भी उतराकर बाहर आया; अब तक 15 की मौत, एक लापता मथुरा के वृंदावन में नाव हादसे के बाद सोमवार को चौथे दिन भी सर्च ऑपरेशन चल रहा है। सुबह 8 बजे यमुना नदी में 2 लाशें मिलीं। हादसे वाली जगह से 12 किलोमीटर दूर बंगाली घाट से एक महिला और देवरा बाबा आश्रम के पास से एक युवक की लाश बरामद हुई। पूरी खबर पढ़ें…

सूदखोरी से परेशान युवक ने खाया जहर:5 हजार का कर्ज 1 लाख पहुंचा, परिजन ने झोलाछाप डॉक्टर पर लगाया आरोप

सूदखोरी से परेशान युवक ने खाया जहर:5 हजार का कर्ज 1 लाख पहुंचा, परिजन ने झोलाछाप डॉक्टर पर लगाया आरोप

पन्ना जिले के अमानगंज में सूदखोरी से परेशान होकर एक 30 वर्षीय युवक ने जहरीला पदार्थ खा लिया। इलाज के लिए सतना ले जाते समय उसकी मौत हो गई। मृतक की पहचान मझगवां शेख निवासी कल्याण सिंह राजपूत के रूप में हुई है। परिजनों ने एक झोला छाप डॉक्टर पर सूदखोरी और मानसिक प्रताड़ना का आरोप लगाया है। मृतक के पिता पहलवान सिंह ने बताया कि कल्याण सिंह ने कुछ समय पहले अमानगंज निवासी झोलाछाप डॉक्टर राघव ताम्रकार से 5 हजार रुपए उधार लिए थे। आरोप है कि राघव ने ब्याज पर ब्याज लगाकर इस राशि को 1 लाख रुपए में बदल दिया था। मानसिक दवाब में था पहलवान सिंह के अनुसार, पिछले कुछ दिनों से राघव ताम्रकार लगातार कल्याण सिंह पर पैसे चुकाने का दबाव बना रहा था और उसे मानसिक रूप से प्रताड़ित कर रहा था। इसी प्रताड़ना से तंग आकर कल्याण सिंह ने यह कदम उठाया। यह घटना 12 अप्रैल 2026 की शाम करीब 5 बजे की है। कल्याण सिंह अमानगंज बाईपास पहुंचा, जहां उसने जहरीले पदार्थ का सेवन कर लिया। जहर खाने के बाद उसने अपने परिजनों को फोन पर इसकी जानकारी दी। सतना ले जाते समय हुई मौत सूचना मिलते ही उसका बड़ा भाई मौके पर पहुंचा, जहां कल्याण सिंह गंभीर हालत में मिला। परिजन उसे तत्काल अमानगंज स्वास्थ्य केंद्र ले गए। प्राथमिक उपचार के बाद उसकी गंभीर हालत को देखते हुए उसे पन्ना जिला अस्पताल रेफर किया गया। पन्ना में भी स्थिति में सुधार न होने पर डॉक्टरों ने उसे सतना ले जाने की सलाह दी। हालांकि, सतना ले जाते समय रास्ते में ही कल्याण सिंह की मौत हो गई। कल्याण सिंह की मौत के बाद परिवार में शोक का माहौल है। उसके परिवार में एक 9 वर्षीय बच्चा भी है। सूदखोर पर कार्रवाई की मांग मृतक के परिवार और स्थानीय ग्रामीणों ने पुलिस प्रशासन से मांग की है कि आरोपी सूदखोर के खिलाफ कड़ी से कड़ी कार्रवाई की जाए, ताकि किसी और का परिवार इस तरह तबाह न हो। फिलहाल पुलिस ने आज सोमवार 13 अप्रैल सुबह शव का पंचनामा कार्यवाही उपरांत शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है।