हिमाचल में युवती का गला काटकर मर्डर, आरोपी गिरफ्तार:ग्रामीणों ने लाठी-डंडों से पिटाई की, नशे में वारदात की आशंका, कॉलेज जाते वक्त हमला

हिमाचल प्रदेश के मंडी में सोमवार सुबह एक 19 वर्षीय युवती की गला और बाजू काटकर हत्या कर दी गई। घटना को अंजाम देने के बाद फरार आरोपी को पुलिस ने साढ़े तीन घंटे बाद गिरफ्तार किया। इससे पहले ग्रामीणों ने लाठी-डंडों से आरोपी की जमकर धुनाई की। पुलिस ने उसे घटनास्थल से करीब 2 किलोमीटर की दूरी पर ग्रामीणों की मदद से जंगल में पकड़ा। पुलिस ने मामला दर्ज कर आगामी कार्रवाई शुरू कर दी है। बताया जा रहा है कि आरोपी विकास पटियाल (36) नशे का आदि बताया जा रहा है। वह, सरकाघाट के गोपालपुर के पतयालग गांव का रहने वाला है। प्रारंभिक सूचना के अनुसार- आरोपी ने नशे में ही युवती का मर्डर कर डाला। अब तक की जांच में हत्या की कोई ठोस वजह सामने नहीं आई और सनक में मर्डर बताया जा रहा है। मंडी के गोपालपुर में मर्डर यह घटना मंडी जिले के सरकाघाट के गोपालपुर क्षेत्र की है। युवती सुबह के समय अपने घर से कॉलेज को निकली थी। रास्ते में विकास पटियाल ने उसकी हत्या कर दी और खुद मौके से फरार हो गया। मृतक युवती की पहचान 19 वर्षीय सिया गुलेरिया पुत्री जोगिंद्र कुमार गांव नैण सरकाघाट मंडी के तौर पर हुई है। वह बीकॉम सेकेंड ईयर की स्टूडेंट थी। घर से एक किलोमीटर दूरी पर मर्डर सिया गुलेरिया अपने घर से करीब एक किलोमीटर दूर ही पहुंची थी। इस दौरान रास्ते में सिया गुलेरिया पर आरोपी ने हमला कर दिया और किसी तेजधार हथियार से गला व बाजू काट दी। इस घटना के बाद क्षेत्र में तनावपूर्ण माहौल है। ग्रामीण आरोपी को फांसी की सजा देने की मांग कर रहे हैं। हत्या के कारणों का अभी पता नहीं चल पाया वारदात को अंजाम देने के बाद आरोपित फरार हो गया था। इसके बाद, पुलिस ने टीमें गठित की और आरोपी को सरकाघाट के जंगल में दबोचा लिया। गुस्साएं ग्रामीणों ने आरोपी को पीटने की कोशिश की। पुलिस ने मुश्किल से ग्रामीणों को समझाया और उचित कार्रवाई का भरोसा दिलाया। तब जाकर ग्रामीण शांत हुआ। पुलिस-फॉरेंसिक टीम जांच में जुटी वहीं मंडी पुलिस को सुबह करीब साढ़े नौ बजे मर्डर की सूचना मिली। इसके बाद पुलिस टीम घटनास्थल पर पहुंची और शव को कब्जे में लिया। पुलिस और फॉरेंसिक टीम मौके पर साक्ष्य जुटा रही है। इसके बाद युवती का शव पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। आरोपी गिरफ्तार: SP SP मंडी विनोद कुमार ने बताया कि आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस टीम मौके पर है और जांच में जुटी है। शव कब्जे में ले लिया गया है। उन्होंने आरोपी के खिलाफ सख्त कार्रवाई की बात कही।
ग्वालियर स्टेशन पर ट्रेन में चढ़ते वक्त गिरी महिला:RPF जवान ने बचाया, घटना का सीसीटीवी वीडियो आया सामने

ग्वालियर रेलवे स्टेशन के प्लेटफॉर्म नंबर 4 पर शनिवार देर रात जीटी एक्सप्रेस में चढ़ते समय एक महिला प्लेटफॉर्म और ट्रेन के बीच गिर गई। मौके पर तैनात RPF आरक्षक ने तत्परता दिखाते हुए उसे सुरक्षित बाहर निकाल लिया, जिससे बड़ा हादसा टल गया। घटना का सीसीटीवी वीडियो सोमवार सामने आया है। सुनीता नाम की महिला ग्वालियर से आगरा जाने के लिए जीटी एक्सप्रेस में सवार होने आई थी। ट्रेन चलने लगी तो उसने जल्दबाजी में चढ़ने का प्रयास किया, इसी दौरान उसका संतुलन बिगड़ गया। प्लेटफॉर्म और ट्रेन के बीच गिरी महिला पैर फिसलने से महिला प्लेटफॉर्म और ट्रेन के बीच गिर गई। घटना के बाद वहां मौजूद यात्रियों में अफरा-तफरी मच गई। ड्यूटी पर तैनात RPF जवान ने तुरंत कार्रवाई करते हुए महिला को खींचकर बाहर निकाला। कुछ सेकंड की देरी से बड़ा हादसा हो सकता था। रेलवे प्रशासन ने यात्रियों से चलती ट्रेन में चढ़ने-उतरने से बचने की अपील की है। घटना के बाद महिला की हालत सामान्य बताई गई है।
सूरमा लगाएं, मछली खाएं या फोन छोड़ दें? आंखों के लिए क्या है सबसे सही, दिल्ली के टॉप डॉक्टर ने दिया चौंकाने वाला जवाब

Last Updated:April 13, 2026, 09:55 IST Eye Health Tips: दिल्ली में आंखों के मशहूर डॉ राहील चौधरी ने बताया कि 18 साल से कम उम्र में पास से फोन टीवी देखने से नंबर बढ़ सकता है. इससे आंखे नहीं खराब होती हैं. काजल से फायदा नहीं बल्कि नुकसान ही होता है. हालांकि मछली पोषक तत्वों से भरपूर होती है, लेकिन यह आंखों की बीमारी के लिए लाभदायक नहीं है. ख़बरें फटाफट दिल्ली: ईश्वर द्वारा मनुष्य को दी गई आंखें सबसे बड़ा वरदान मानी जाती हैं. वहीं, डॉक्टर भी आंखों के बारे में यह कहते हैं कि आंखें आत्मा की खिड़की होती हैं. इसलिए यह देखा गया है कि मनुष्य अपने शरीर के किसी अंग में होने वाली तकलीफ को तो झेल लेता है या फिर नजर अंदाज कर देता है, लेकिन आंखों में होने वाली किसी भी तरह की तकलीफ को ना तो मनुष्य झेल पता है और ना ही उसे नजर अंदाज कर पाता है. ऐसे में यह भी देखा गया है कि आंखों से जुड़े हुए कई मिथक भी आज भी हमारे समाज में कई सालों से चलते आ रहे हैं. इसी को लेकर लोकल 18 की टीम ने देश के इस समय के टॉप आंखों के विशेषज्ञ डॉ. राहील चौधरी से खास बातचीत की. आइये आपको बताते हैं कि उन्होंने इन मिथकों को लेकर क्या कुछ कहा. डॉ राहील ने सबसे पहले इस मिथक पर बात करते हुए लोकल 18 से बताया कि ज्यादातर लोगों को आपने यह कहते हुए सुना होगा कि पास से फोन चलाने या फिर टीवी देखने या फिर लैपटॉप या कंप्यूटर पर काम करने से आंखों पर चश्मा लग जाता है और आंखों की रोशनी पर भी उसका असर पड़ता है, लेकिन उनका कहना था कि ज्यादातर लोगों को यह पता ही नहीं है. यह किस उम्र के व्यक्ति को होता है. उन्होंने कहा कि 18 साल से कम उम्र के लोग यदि लगातार फोन या कोई भी चीज़ अपनी आंखों के बेहद करीब रख कर चलाएं तो उन्हें चश्मा लग सकता है. वहीं, 18 साल से ज्यादा उम्र के लोग यदि पास रखकर फोन या कोई भी ऐसी चीज चलाएं या देखें तो उन्हें चश्मा तो नहीं लगेगा. मगर उनकी आंखों पर अलग तरीके से असर पड़ता है. उन्हें सर दर्द होती है और आंखों पर स्ट्रेस फील होता है. इसलिए डॉ. राहील का कहना था कि सभी को यह कह देना कि आपकी आंखों पर चश्मा लग जाएगा. इतने पास से फोन या कोई भी चीज ना चलाएं या देखें तो यह कहना बिल्कुल गलत और एक मिथक है. जानें क्या सुरमा आंखों के लिए है फायदेमंद डॉ. राहील से जब लोकल 18 की टीम ने यह पूछा कि अक्सर भारतीय लोग बच्चों की आंखों में काजल लगाते हैं या फिर बड़े लोग और खासकर महिलाएं भी आंखों में काजल लगाती हैं तो क्या इससे कोई आंखों को फायदा होता है. क्योंकि इस चीज पर भी लोगों में काफी ज्यादा भ्रम है. इसे लेकर डॉ. राहील का साफ तौर पर यह कहना था कि साइंटिफिक तौर पर आंखों में काजल लगाने से किसी भी तरह का फायदा आंखों को नहीं होता है. उनका कहना था कि इसके उल्टे नुकसान हो सकते हैं. क्योंकि काजल के अंदर कुछ ऐसे पदार्थ होते हैं. जो आपकी आंखों को नुकसान पहुंचा सकते हैं और कई बार तो कई गंभीर इन्फेक्शन भी आपकी आंखों को हो नुकसान पहुंचा सकते हैं. जो कि कभी कभार दवाई से भी काबू में नहीं हो पाती है. जानें क्या मछली खाने से आंखें रहती हैं स्वस्थ डॉ. राहील से लोकल 18 की टीम ने पूछा कि क्या मछली खाने से आंखें स्वस्थ रहती हैं तो इसके ऊपर उन्होंने हंसते हुए कहा कि मछली के अंदर कई ऐसे न्यूट्रिएंट्स होते हैं. जो आपकी आंखों के स्वास्थ्य के लिए काफी फायदेमंद होते हैं, लेकिन उनका कहना था कि मिथक यहां पर आ जाती है. जब लोगों की आंखों में कोई परेशानी होती है और किसी तरह से उन्हें आंखों में दिक्कत आ रही होती है और वह तब भी लगातार मछली का सेवन करते रहते हैं और उनका यह मानना होता है की मछली खाने से यह दिक्कत ठीक हो जाएगी. डॉ. राहील का कहना था कि यहीं पर गड़बड़ है. मछली खाने से आपकी आंखों में आई हुई दिक्कत ठीक नहीं हो सकती है. आपको उसके लिए डॉक्टर के पास जाकर ही इलाज करवाना होगा. मगर सिर्फ बात इतनी है कि मछली में कुछ ऐसे न्यूट्रिएंट्स होते हैं. जो आपकी आंखों के स्वास्थ्य के लिए अच्छे होते हैं, लेकिन यदि आंखों में कोई भी परेशानी हो गई है या हो चुकी है तो वह मछली खाने से ठीक नहीं होगी. उसका इलाज ही करवाना पड़ेगा. About the Author Brijendra Pratap Singh बृजेंद्र प्रताप सिंह डिजिटल-टीवी मीडिया में (2021) लगभग 5 सालों से सक्रिय हैं. मेट्रो न्यूज 24 टीवी चैनल मुंबई, ईटीवी भारत डेस्क, दैनिक भास्कर डिजिटल डेस्क के अनुभव के साथ 14 मई 2024 से News.in में सीनियर कंटें…और पढ़ें News18 न्यूजलेटर अब ईमेल पर इनसाइड स्टोरीज खबरों के पीछे की खबर अब आपके इनबॉक्स में सबमिट करें First Published : April 13, 2026, 09:42 IST
आज IPL में ईशान किशन-वैभव सूर्यवंशी रहेंगे आमने-सामने:SRH-RR के बीच मुकाबला, वैभव के पास ऑरेंज कैप, ईशान की टीम ने जीता सिर्फ एक मैच

IPL में आज बिहार के ईशान किशन और वैभव सूर्यवंशी आमने-सामने होंगे। आज सनराइजर्स हैदराबाद (SRH) और राजस्थान रॉयल्स (RR) के बीच मैच खेला जाएगा। हैदराबाद के राजीव गांधी इंटरनेशनल स्टेडियम में शाम 7:30 बजे से मैच शुरू होगा। हैदराबाद और राजस्थान के बीच इस सीजन यह पहला मुकाबला है। वैभव सूर्यवंशी ने 4 मैचों में 200 रन बनाए वैभव सूर्यवंशी ने शानदार प्रदर्शन करते हुए अब तक के 4 मैचों में 200 रन बनाए हैं। उन्होंने 2 अर्धशतक लगाए और उनका स्ट्राइक रेट 266.66 का रहा है। इसी के साथ टूर्नामेंट में सबसे ज्यादा रन बनाने वाले बल्लेबाज के रूप में ऑरेंज कैप पर भी कब्जा कर लिया है। वहीं, सीजन के पहले मैच के बाद ईशान किशन कुछ खास परफॉर्म नहीं कर पाए हैं। 15 गेंदों में अर्धशतक पूरी की, कोहली ने दिया ऑटोग्राफ RCB के खिलाफ मैच में वैभव ने महज 15 गेंदों में अर्धशतक पूरा किया और सिक्स लगाकर अपनी फिफ्टी पूरी की। उन्होंने 26 गेंद में 78 रन बनाए थे, जिसमें 8 चौके और 7 छक्के शामिल थे। उन्होंने भुवनेश्ववर कुमार की बॉल पर दो चौके लगाए हैं। वैभव ने जोश हेजलवुड के बाॅल पर चौके की हैट्रिक लगाई और उसके बाद छक्का जड़ा था। वैभव सूर्यवंशी को विराट कोहली ने कैच आउट किया था। हालांकि, मैच के बाद कोहली ने वैभव को ऑटोग्राफ दिया। उन्होंने राजस्थान रॉयल्स की कैप पर ऑटोग्राफ देते हुए लिखा, डियर वैभव, वेल डन। बुमराह की पहली गेंद पर छक्का जड़ा था इससे पहले MI के खिलाफ मैच में वैभव ने दुनिया के शीर्ष गेंदबाज़ों में शुमार जसप्रीत बुमराह की पहली गेंद पर छक्का जड़ा था। उन्होंने बुमराह के ओवर में 2 सिक्स लगाए थे। पहली ही गेंद पर उन्होंने लॉन्ग-ऑन के ऊपर से शानदार सिक्स लगाया था। इसके बाद शॉर्ट गेंद पर पुल शॉट खेलते हुए डीप स्क्वेयर लेग के पार सिक्स लगाया। इसके अलावा उन्होंने शार्दुल ठाकुर और ट्रेंट बोल्ट के पहले बॉल पर भी छक्का मारा था। वैभव सूर्यवंशी ने 14 बॉल पर 39 रन बनाए थे। वैभव की पारी में 5 छक्के और 1 चौके शामिल हैं। वैभव ने सिक्स लगाकर फिफ्टी पूरी की थी उन्होंने CSK के खिलाफ मात्र 15 गेंदों में 50 रन ठोक दिए थे। चेन्नई के खिलाफ मैच खेलने आए वैभव का पहली ही गेंद पर कैच छूट गया था। वैभव सूर्यवंशी अपनी पहली बॉल पर बड़ा शॉट खेलने गए, लेकिन गेंद हवा में खड़ी हो गई थी। कार्तिक शर्मा गेंद के नीचे आए, लेकिन कैच नहीं पकड़ सके। अगली गेंद पर सूर्यवंशी ने छक्का भी लगा दिया था। वैभव ने पावरप्ले के आखिरी ओवर में छक्का लगाकर अपनी फिफ्टी पूरी की। उन्होंने 17 गेंदों पर 52 रन बनाए, जिसमें 4 चौके और 5 छक्के शामिल थे। यह राजस्थान के लिए वैभव की दूसरी सबसे तेज फिफ्टी है। टॉप पर यशस्वी जायसवाल हैं, जिन्होंने 2023 में कोलकाता के खिलाफ सिर्फ 13 गेंदों में अर्धशतक लगाया था। पहली गेंद पर चौका लगाकर खाता खोला था गुजरात टाइटंस के खिलाफ मैच में वो 18 गेंद पर 31 रन ही बना सके। GT के खिलाफ वैभव ने अपनी पहली गेंद पर चौका लगाकर खाता खोला था। वहीं, सिराज के चौथे गेंद पर भी वैभव ने चौका जड़ा, पहले ओवर में 2 चौके जड़े। जोस बटलर से वैभव सूर्यवंशी का कैच छूट गया था। उनके हाथ से छूटी कैच चौके के लिए निकल गई। इस जीवनदान का वैभव ने पूरा फायदा उठाया और अगली ही गेंद पर पॉइंट की दिशा में छक्का लगाकर टीम की फिफ्टी पूरी कर दी। वैभव ने 18 गेंद पर 31 रन बनाए। सनराइजर्स हैदराबाद (SRH) की कप्तानी कर रहे हैं ईशान ईशान किशन सनराइजर्स हैदराबाद (SRH) की कप्तानी कर रहे हैं। अब तक उनकी टीम ने सिर्फ एक मैच ही जीता है। पंजाब किंग्स (PBKS) के खिलाफ पिछले मैच में ईशान 14वें ओवर की आखिरी बॉल पर 27 रन बनाकर आउट हुए थे। मार्को यानसन ने डीप मिडविकेट पर एक हाथ से ईशान का कैच पकड़ा था। अर्शदीप की बॉल पर वह आउट होकर वापस पवेलियन गए। इस दौरान उन्होंने 3 चौका और 1 छक्का मारा था। ईशान ने बतौर कप्तान डेब्यू मैच में 80 रन बनाए थे ईशान ने बतौर कप्तान डेब्यू मैच में अच्छा प्रदर्शन किया था और 80 रन बनाए थे। हालांकि, KKR के खिलाफ उनका बल्ला नहीं चल पाया था। वह 14 रन बनाकर आउट हो गए थे। मगर 8वें ओवर में लगातार 3 चौके जड़े थे और टीम ने जीत हासिल की। दूसरी ओर ईशान LSG के खिलाफ सिर्फ 1 रन बनाकर आउट हो गए थे। RCB के खिलाफ मैच में ईशान ने धमाकेदार पारी खेली और 5 चौके और 6 छक्कों की मदद से 80 रन बनाए थे। वह IPL में कप्तानी डेब्यू पर सबसे ज्यादा रन बनाने वाले संजू सैमसन और श्रेयस अय्यर जैसे प्लेयर्स की लिस्ट शामिल हो गए हैं।
गर्मी में ज्यादा अंडे खाएंगे तो क्या होगा? बॉडी बनाने के चक्कर में कभी न करें यह गलती, पड़ जाएंगे लेने के देने

Last Updated:April 13, 2026, 09:05 IST Are Eggs Safe in Summer: कई लोग बॉडी बनाने के लिए गर्मी में भी जमकर अंडे खाते हैं, लेकिन ऐसा नहीं करना चाहिए. हेल्थ एक्सपर्ट का कहना है कि गर्मियों में अंडे खाना सुरक्षित है, लेकिन लिमिट में सेवन करना चाहिए. ज्यादा अंडे खाने से शरीर में गर्मी बढ़ सकती है और पाचन संबंधी समस्याएं हो सकती हैं. किसी भी चीज का अत्यधिक सेवन नुकसानदायक होता है. गर्मी में ज्यादा अंडे खाने से पेट की समस्याएं हो सकती हैं. Should You Avoid Eggs in Summer: गर्मी के मौसम में खानपान को लेकर सावधानी बरतनी चाहिए, क्योंकि इस दौरान जरा सी लापरवाही से तबीयत बिगड़ सकती है. हेल्थ एक्सपर्ट्स मानते हैं कि गर्मियों में उन चीजों का सेवन करना चाहिए, जिनसे शरीर को ठंडक मिले और डिहाइड्रेशन से बचाव हो. गर्मी में गर्म तासीर वाले फूड्स का सेवन कम से कम करना चाहिए. अंडा का तासीर गर्म होती है और इस वजह से गर्मी में इसका सेवन कम मात्रा में ही करना चाहिए. हालांकि कई लोग जिम जाते हैं और बॉडी बनाने के गर्मियों में भी जमकर अंडे खाते हैं. अब सवाल है कि अगर गर्मियों में अंडे का ज्यादा सेवन किया जाए, तो क्या होगा? नोएडा के डाइट मंत्रा क्लीनिक की डाइटिशियन कामिनी सिन्हा ने News18 को बताया कि अंडा प्रोटीन, विटामिन B12, विटामिन D, आयरन और हेल्दी फैट्स का अच्छा सोर्स होता है. यह शरीर को एनर्जी देता है और मसल्स को मजबूत बनाने में मदद करता है. हालांकि अंडा गर्म होता है और गर्मियों में इसका सेवन कम मात्रा में करने की सलाह दी जाती है. एक स्वस्थ व्यक्ति गर्मी के मौसम में रोज 1 या 2 अंडे खा सकता है. अगर आप बहुत ज्यादा मात्रा में इसका सेवन करेंगे, तो इसके नुकसान हो सकते हैं. सेहत, रिलेशनशिप, लाइफ या धर्म-ज्योतिष से जुड़ी है कोई निजी उलझन तो हमें करें WhatsApp, आपका नाम गोपनीय रखकर देंगे जानकारी. डाइटिशियन ने बताया कि गर्मियों में ज्यादा अंडे खाने से शरीर का तापमान बढ़ सकता है. इससे कुछ लोगों को ज्यादा पसीना, शरीर में गर्मी या बेचैनी महसूस हो सकती है. खासकर जिन लोगों को पहले से ही एसिडिटी या हीट से जुड़ी समस्याएं होती हैं, उन्हें ज्यादा अंडे खाने से परेशानी बढ़ सकती है. इसके अलावा पाचन संबंधी दिक्कतें भी हो सकती हैं. कुछ लोगों को गैस, पेट फूलना या अपच की समस्या होने लगती है. गर्मियों में पाचन तंत्र पहले से थोड़ा संवेदनशील होता है, इसलिए भारी या ज्यादा प्रोटीन वाला खाना शरीर पर अतिरिक्त दबाव डाल सकता है. ऐसे में लोगों को पेट की समस्या हो सकती है. एक्सपर्ट की मानें तो गर्मियों में अंडे खाने का तरीका भी महत्वपूर्ण होता है. उबले हुए अंडे या हल्के मसालों में बने अंडे ज्यादा बेहतर होते हैं. ज्यादा तेल, मसाले और तली-भुनी एग डिशेज से बचना चाहिए, क्योंकि ये शरीर में गर्मी और बढ़ा सकते हैं. अंडे के साथ पर्याप्त पानी पीना और ठंडक देने वाले फूड्स जैसे दही, सलाद और फल खाना फायदेमंद होता है. संतुलित मात्रा में अंडे खाने से शरीर को जरूरी पोषण मिलता है, जबकि ज्यादा सेवन करने से गर्मी और पाचन से जुड़ी समस्याएं हो सकती हैं. अगर आपको पहले से कोई स्वास्थ्य समस्या है, तो अंडा खाने से पहले डॉक्टर या डाइटिशियन की सलाह जरूर लें. About the Author अमित उपाध्याय अमित उपाध्याय News18 Hindi की लाइफस्टाइल टीम के अनुभवी पत्रकार हैं, जिनके पास प्रिंट और डिजिटल मीडिया में 9 वर्षों से अधिक का अनुभव है। वे हेल्थ, वेलनेस और लाइफस्टाइल से जुड़ी रिसर्च-बेस्ड और डॉक्टर्स के इंटरव्…और पढ़ें News18 न्यूजलेटर अब ईमेल पर इनसाइड स्टोरीज खबरों के पीछे की खबर अब आपके इनबॉक्स में सबमिट करें First Published : April 13, 2026, 09:05 IST
हिमाचल में किसान ने 500 लीटर दूध बहाया:2 दिन से नहीं खरीद रहा मिल्कफेड; 50 हजार का नुकसान, बोला- कर्ज नहीं चुका पाऊंगा

हिमाचल प्रदेश के मंडी जिले के एक पशुपालक ने करीब 500 लीटर दूध सरकारी उपक्रम मिल्कफेड के चक्कर प्लांट के बाहर बहा दिया। बल्ह क्षेत्र के किसान रवि सैनी का आरोप है कि दो दिन से मिल्कफेड द्वारा दूध नहीं लिया जा रहा है। इससे उसे 50 हजार रुपए का नुकसान हुआ है। मजबूरी में उसने दूध सड़कों पर बहाया है। रवि सैनी ने इस पूरी घटना का वीडियो बनाकर खुद सोशल मीडिया पर साझा किया, जो अब तेजी से वायरल हो रहा है और लोगों के बीच चर्चा का विषय बना हुआ है। यह वीडियो सीएम सुखविंदर सिंह सुक्खू के ग्रामीण अर्थव्यवस्था की मजबूती और किसानों की आर्थिकी में सुधार करने के दावों की पोल खोल रहा है। रोजाना लगभग 500 लीटर दूध की होती है आपूर्ति वीडियो में रवि सैनी बता रहे हैं कि वह रोजाना लगभग 500 लीटर दूध की आपूर्ति करता है और उसकी आजीविका पूरी तरह इसी पर निर्भर है। दो दिनों से दूध की खरीद न होने से न केवल उसे आर्थिक झटका लगा है, बल्कि उसकी रोजमर्रा की व्यवस्था भी प्रभावित हुई है। डेयरी फार्मिंग को ले रखा एक करोड़ का लोन: रवि रवि सैनी ने बताया- 4 साल से डेयरी फार्मिंग कर रहे हैं और उनके पास 30 गाय हैं। उन्होंने एक करोड़ का कर्ज लेकर स्वरोजगार शुरू किया है और हर माह लाखों रुपए बैंक में किस्त के रूप में जमा करने पड़ते हैं। अगर इसी तरह मनमाने कट लगते रहे तो बैंक का कर्ज तक नहीं चुका पाऊंगा। मिल्कफेड के माध्यम से दूध खरीदती है सरकार बता दें कि, हिमाचल सरकारी उपक्रम मिल्कफेड के माध्यम से किसानों से दूध की खरीद करती है। गाय का दूध 51 रुपए और भैंस का 61 रुपए प्रति लीटर के हिसाब से खरीदा जा रहा है। इस बार के बजट में 10 रुपए प्रति लीटर बढ़ोतरी की घोषणा सीएम सुक्खू ने इस बार के बजट में गाय व भैंस के दूध में 10-10 रुपए बढ़ोतरी की घोषणा कर रखी है। लिहाजा किसान ने सीएम की हालिया घोषणा पर भी सवाल उठाए। किसान का कहना है कि यदि प्लांट स्तर पर ही दूध की खरीद नहीं हो रही है, तो बढ़े हुए दाम का लाभ किसानों तक कैसे पहुंचेगा। प्लांट प्रभारी ने किसान पर ठीकरा फोड़ा जब इस बारे में चक्कर मिल्कफेड प्लांट प्रभारी विश्वकांत शर्मा से बात की गई तो उन्होंने बताया कि इस प्लांट की क्षमता 1 लाख लीटर की ही है। इससे अधिक दूध को प्लांट में स्टोर करके नहीं रखा जा सकता है। इस स्थिति को देखते हुए पशुपालकों से एरिया वाइज दूध लिया जा रहा है। एक सप्ताह पहले पशुपालकों के साथ हुई थी बैठक इस बारे में पशुपालकों को कुछ दिन पूर्व दिशा-निर्देश भी दिए गए थे। संबंधित पशुपालक की इस हरकत की निंदा करते हुए उन्होंने इसकी शिकायत पुलिस में भी कराने की बात कही है। उन्होंने कहा कि कुछ लोग लोगों को भड़का रहे हैं। जब एक सप्ताह पहले सभी पशुपालकों के साथ बैठक भी हुई थी, उसमें सभी को बता दिया गया था। किसान के दूध बहाने की PHOTOS..
सीधी में विद्युत पोल में आग, ग्रामीणों ने बुझाई:फायर ब्रिगेड देर से पहुंची, गुलाब टावर के पास बड़ा हादसा टला

सीधी शहर के गुलाब टावर के पास रविवार देर रात करीब 12 बजे एक विद्युत पोल में भीषण आग लग गई। आग इतनी विकराल थी कि आसपास के घरों और दुकानों के लिए बड़ा खतरा पैदा हो गया। हालांकि, फायर ब्रिगेड के देर से पहुंचने के कारण स्थानीय ग्रामीणों और युवाओं ने मोर्चा संभाला और अपनी सूझबूझ से आग पर काबू पाकर एक बड़ा हादसा टाल दिया। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, आग इतनी तेजी से फैली कि कुछ ही मिनटों में पोल की तारें और पूरा पोल जलकर खाक हो गया। पास में स्थित तीन मंजिला गुलाब टावर, जिसमें कपड़ों का बड़ा स्टॉक रखा था, भी आग की चपेट में आने के कगार पर था। यदि समय रहते आग पर नियंत्रण नहीं पाया जाता तो लाखों का नुकसान हो सकता था। घटना की सूचना तत्काल फायर ब्रिगेड और नगर पालिका प्रशासन को दी गई थी, लेकिन काफी देर तक कोई भी टीम मौके पर नहीं पहुंची। इसके बाद स्थानीय ग्रामीणों और युवाओं ने खुद मोर्चा संभाला। बिना किसी सुरक्षा उपकरण के, एक युवक ने सीढ़ी के सहारे पोल के पास पहुंचकर अपनी जान जोखिम में डालते हुए आग बुझाने का प्रयास किया। युवक की बहादुरी और ग्रामीणों के सहयोग से आखिरकार आग पर काबू पा लिया गया। इस त्वरित कार्रवाई से एक बड़ा हादसा टल गया और गुलाब टावर सहित आसपास की संपत्ति को सुरक्षित बचा लिया गया। इस मामले पर नगर पालिका की प्रभारी सीएमओ प्रिया पाठक ने प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि उन्हें घटना की कोई जानकारी नहीं मिली थी, संभवतः सूचना किसी अन्य अधिकारी तक पहुंची होगी। उन्होंने पूरे मामले की जांच कराने का आश्वासन दिया है। वहीं, स्थानीय निवासी रामभद्र सिंह ने प्रशासनिक लापरवाही पर गहरी नाराजगी व्यक्त की। उन्होंने कहा कि शहर में ऐसी घटनाएं अक्सर होती हैं, लेकिन बिजली विभाग, नगर पालिका और फायर ब्रिगेड की टीमें समय पर नहीं पहुंचतीं। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि यही स्थिति बनी रही, तो भविष्य में कोई बड़ा हादसा हो सकता है।
क्या गन्ने का जूस बन सकता है पीलिया की वजह? सड़क किनारे पीने वालों को डॉक्टर ने दी यह सलाह

Last Updated:April 13, 2026, 08:13 IST Sugarcane Juice Health Risks: कई लोग मानते हैं कि गन्ने का जूस पीने से पीलिया हो सकता है, लेकिन डॉक्टर्स की मानें तो यह सच नहीं है. गन्ने के जूस में ऐसा कुछ नहीं होता, जो पीलिया की वजह बने. अगर गन्ने का जूस साफ-सफाई से न बना हो, तो इससे हेपेटाइटिस A और हेपेटाइटिस E जैसे वायरस का खतरा बढ़ता है. साफ-सफाई के साथ यह जूस फायदेमंद होता है. गन्ने का जूस साफ-सफाई से बनाया जाए, तो यह बेहद फायदेमंद होता है. Ganne Ke Juice Ke Fayde: गर्मी के मौसम में गन्ने का जूस खूब पसंद किया जाता है. हर उम्र के लोग गन्ने का जूस पीकर तरोताजा महसूस करते हैं. गर्मी आते ही अधिकतर जगहों पर सड़क किनारे गन्ने का जूस बिकने लगता है. तमाम लोग गर्मी से राहत पाने के लिए सड़क किनारे इस जूस का आनंद लेना पसंद करते हैं. यह जूस शरीर को तुरंत एनर्जी देता है और डिहाइड्रेशन से बचाने में मदद करता है. हालांकि कई लोग गन्ने का जूस अवॉइड करते हैं, क्योंकि वे मानते हैं कि इस जूस को पीने से पीलिया की बीमारी हो सकती है. डॉक्टर से जानते हैं इस दावे में कितनी सच्चाई है. नई दिल्ली के सर गंगाराम हॉस्पिटल के गैस्ट्रो एंड लिवर डिपार्टमेंट के चेयरमैन डॉ. अनिल अरोड़ा ने News18 को बताया कि सबसे पहले यह समझना जरूरी है कि पीलिया खुद में कोई बीमारी नहीं, बल्कि एक लक्षण है, जो तब दिखाई देता है जब शरीर में बिलीरुबिन का स्तर बढ़ जाता है. इसका मुख्य कारण लिवर से जुड़ी समस्याएं होती हैं. हेपेटाइटिस A, हेपेटाइटिस B, हेपेटाइटिस E, लिवर इंफेक्शन या पित्त नलिका में रुकावट के कारण पीलिया के लक्षण नजर आते हैं. आसान भाषा में समझें, तो पीलिया सीधे तौर पर किसी चीज को खाने-पीने से नहीं होता, बल्कि लिवर इंफेक्शन या लिवर की खराबी के कारण होता है. सेहत, रिलेशनशिप, लाइफ या धर्म-ज्योतिष से जुड़ी है कोई निजी उलझन तो हमें करें WhatsApp, आपका नाम गोपनीय रखकर देंगे जानकारी. गन्ने का जूस और पीलिया का कनेक्शन डॉक्टर ने बताया कि अगर गन्ने का जूस साफ-सफाई से तैयार किया गया हो, तो यह पूरी तरह सुरक्षित और फायदेमंद होता है. इसमें नेचुरल शुगर, मिनरल्स और एंटीऑक्सीडेंट्स होते हैं, जो शरीर को एनर्जी देने के साथ लिवर के लिए भी फायदेमंद माने जाते हैं. हालांकि समस्या तब होती है, जब जूस बनाने में साफ-सफाई का ध्यान रखा जाए. सड़क किनारे खुले में रखा गन्ना, गंदे पानी की बर्फ, गंदा गिलास और मक्खियों से जूस में कई वायरस और बैक्टीरिया आ सकते हैं. हेपेटाइटिस A और हेपेटाइटिस E जैसे वायरस दूषित पानी और खाने के जरिए फैलते हैं, जो पीलिया का कारण बन सकते हैं. ऐसे में लोग गन्ने के जूस को दोष देते हैं, जबकि असली वजह उसकी खराब हाइजीन होती है. सावधानी के साथ पिएं गन्ने का जूस एक्सपर्ट के मुताबिक गन्ने का जूस अगर सावधानी के साथ पिएंगे, तो इससे आपको नुकसान नहीं होगा. परेशानियों से बचने के लिए आप हमेशा ताजा और साफ जगह से ही जूस पिएं. यह सुनिश्चित करें कि बर्फ साफ हो और गिलास ठीक से धोया गया हो. अगर संभव हो तो घर पर या भरोसेमंद दुकानों से ही जूस लेना बेहतर है. कमजोर इम्यूनिटी वाले लोगों को बाहर का जूस पीने से बचना चाहिए. गन्ने का जूस खुद पीलिया का कारण नहीं बनता, लेकिन गंदगी और संक्रमण इसकी वजह जरूर बन सकते हैं. इसलिए जरूरी है कि आप जूस की गुणवत्ता और साफ-सफाई पर ध्यान दें. सही तरीके से तैयार किया गया गन्ने का जूस न केवल सुरक्षित है, बल्कि शरीर के लिए फायदेमंद भी हो सकता है. About the Author अमित उपाध्याय अमित उपाध्याय News18 Hindi की लाइफस्टाइल टीम के अनुभवी पत्रकार हैं, जिनके पास प्रिंट और डिजिटल मीडिया में 9 वर्षों से अधिक का अनुभव है। वे हेल्थ, वेलनेस और लाइफस्टाइल से जुड़ी रिसर्च-बेस्ड और डॉक्टर्स के इंटरव्…और पढ़ें News18 न्यूजलेटर अब ईमेल पर इनसाइड स्टोरीज खबरों के पीछे की खबर अब आपके इनबॉक्स में सबमिट करें First Published : April 13, 2026, 08:13 IST
नशे में धुत चालक ने बाइक को मारी टक्कर:सतना में भागते हुए नाली में जा फंसी कार; लोगों ने पकड़कर पुलिस को सौंपा

सतना जिले के कोलगवां थाना क्षेत्र अंतर्गत राजीव नगर नईबस्ती में रविवार देर रात नशे में धुत एक तेज रफ्तार कार चालक ने बाइक सवार को टक्कर मार दी और भागने के प्रयास में नियंत्रण खोकर वाहन को नाली में घुसा दिया। हादसे में कुछ लोगों को हल्की चोटें आई हैं। वर्तमान में स्थानीय लोगों की सूचना पर पहुंची पुलिस ने आरोपी चालक को हिरासत में ले लिया है और कार (CG 10 BS 5776) जब्त कर आगे की कानूनी कार्रवाई कर रही है। राहगीरों को टक्कर मारने की कोशिश, बाल-बाल बचे लोग प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, कार (क्रमांक CG 10 BS 5776) का चालक नशे की हालत में वाहन चला रहा था। उसने पहले एक बाइक सवार को टक्कर मारी और वहां से भागने का प्रयास किया। इस दौरान उसने कई राहगीरों को भी टक्कर मारने की कोशिश की। इसी भागदौड़ में चालक ने वाहन से नियंत्रण खो दिया, जिससे कार सड़क किनारे बनी नाली में जा घुसी। गनीमत रही कि इस घटना में कोई बड़ा हादसा नहीं हुआ। हालांकि, कुछ लोगों को हल्की चोटें आई हैं और कई राहगीर बाल-बाल बच गए। लोगों ने पकड़कर पुलिस को दी सूचना, वाहन जब्त घटना के बाद स्थानीय लोगों ने मौके पर ही नशे में धुत चालक को पकड़ लिया और पुलिस को सूचना दी। सूचना मिलने पर पुलिस तुरंत मौके पर पहुंची और स्थिति को नियंत्रण में लिया। लोगों ने आरोप लगाया है कि चालक पूरी तरह नशे में था और उसकी लापरवाही से कई लोगों की जान खतरे में पड़ गई थी। पुलिस मामले की जांच कर रही है और चालक के खिलाफ आवश्यक वैधानिक कार्रवाई की जा रही है।
विधानसभा चुनाव 2026 लाइव: बंगाल में ममता की यूपी में वापसी तय, इस नेता ने कर दी बड़ी भविष्यवाणी

असम, केरल और पुडुचेरी में वोटिंग के बाद अब सभी को 23 और 29 अप्रैल को पश्चिम बंगाल में होने वाली वोटिंग का इंतजार है। पश्चिम बंगाल में इस वक्त डेमी की सरकार है तो कहीं ना कहीं बीजेपी की सरकार है। इस बार भी मुख्य बात: राज्य में प्रतिस्पर्धा मित्रता पार्टी के बीच है। हालांकि कांग्रेस और वामदल भी अपनी खोई हुई जमीन तलाश रहे हैं। अब देखिए कि चार मई को जब नतीजे आएंगे तो क्या ममता बनर्जी की सरकार की वापसी होगी, क्या भाजपा पश्चिम बंगाल में सरकार बनाएगी। हालाँकि अभी मतदान से पहले जंज़ी जंग जारी है। ममता बनर्जी बंगाल के लिए खतरा- राधा मोहन दास अग्रवाल भाजपा के संयुक्त राज्य अमेरिका के सदस्य राधा मोहन दास अग्रवाल ने रविवार को जिलों में भाजपा की वापसी का दावा किया। उन्होंने कहा, “तीन राज्यों में चुनाव हो चुके हैं और अभी दो साल बाकी हैं। जिन तीन राज्यों में चुनाव जारी हैं, वहां की जनता ने बीजेपी के समरूपता के सिद्धांत का समर्थन किया है। असम और पुदुचेरी दोनों जगहों पर बीजेपी की सरकार बन रही है। जनता ने बीजेपी के साथ मिलकर अलग होने का फैसला किया है। यह बीजेपी के लिए बेहद उत्साहजनक परिणाम है।” राधा मोहन दास अग्रवाल ने कहा, “डॉ. भीमराव कॉम को खत्म करने की पहली कोशिश कांग्रेस पार्टी ने ही की थी। जब देश में पहला चुनाव हुआ था, तब सेंट्रल बॉम्बे सीट से चुनाव लड़ रहे डॉक्टर कॉम ने कांग्रेस के लिए करीब 77,000 फर्जी वोट डलवाए थे। राहुल गांधी को अब डॉ. राहुल गांधी के नाम पर राजनीति करने का कोई अधिकार नहीं है।” उन्होंने कहा, “राहुल गांधी भी कहते हैं, उन्हें आदरभाव देना चाहिए। आज लोग उनकी बातों पर विश्वास नहीं करते, न भरोसा करते हैं और न ही उन्हें वोट देते हैं। उनकी बातों का अब कोई असर नहीं हो रहा है।” पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी पर बहुमत का दावा करते हुए न्यूनतम राधा मोहन दास अग्रवाल ने कहा, “ममता बनर्जी बंगाल के लोगों की गरिमा और प्रतिष्ठा को खतरे में डाल रही हैं। आज बंगाल के लगभग 70 प्रतिशत लोग डर के साए में जी रहे हैं। वे समाजवादी कांग्रेस की गुंडागर्दी के साए में सांस ले रहे हैं।” उन्होंने बताया, “हाल ही में एक वीडियो वायरल हुआ था जिसमें 81 साल की एक बुजुर्ग महिला प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की रैली में फूल दोस्त दिख रही थीं। इसके बाद यहां के उद्योगपति ने अपनी दुकान में लूटा, सामान लूटा और कहा कि जब से वह बीजेपी की रैली में फूल फेंकती हैं, इसलिए अब उनकी दुकान में कोई जगह नहीं है।” पश्चिम बंगाल में बीजेपी की सरकार नहीं बनेगी: हुसैन दलवाई पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव को लेकर मोदी की सिलीगुड़ी में हुई चुनावी सभा के बाद बीजेपी ने दावा किया कि 4 मई को बंगाल में सरकार बनाई जा रही है. बीजेपी के दावे पर कांग्रेस नेता हुसैन दलवई ने तंजानिया कासा और कहा कि बीजेपी भले ही बहुत कोशिश कर ले, लेकिन बंगाल में बीजेपी की सरकार नहीं बनेगी. मुंबई में कांग्रेस नेताओं ने आईएएनएस से बातचीत करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी कांग्रेस पर आरोप लगा रहे हैं, लेकिन इससे बंगाल की जनता प्रभावित नहीं हो रही है। आरोप पूरी तरह गलत है. उन्होंने कहा कि चुनाव के वक्त बीजेपी कुछ भी आरोप लगाती रहती है. बंगाल में भाजपा को अपनी सरकार लानी है। एस मजबूत के माध्यम से लोगों से वोट देने का अधिकार छीना गया। चुनाव आयोग अपने संस्थापक पर काम करता है, लेकिन फिर भी बंगाल में भाजपा की सरकार नहीं बनेगी। तमिलनाडु चुनाव प्रचार के दौरान असंबद्धता के संस्थापक रामदास, अस्पताल में भर्ती तमिलनाडु विधानसभा चुनाव से पहले लीपली मक्कल प्लास्टिक (पीएमके) में चल रहे बेहतर विवाद के बीच पार्टी के संस्थापक एस. रामदास रविवार को सेलम जिले में एक रैली के दौरान अचानक गिर गए, जिसके बाद उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया। इस घटना से गोलीबारी और पार्टी की विचारधारा में चिंता फैल गई। इस समय नेतृत्व को लेकर साक्षात् पर प्रबलता दिखाई दे रही है। पार्टी संस्थापक एस. रामदास और उनके बेटे व पार्टी के अध्यक्ष अंबुमणि रामदास अलग-अलग तरीके से काम कर रहे हैं और दोनों ही अपनी पार्टी पर अपनी नियंत्रण रेखा की कोशिश कर रहे हैं।







