पंचकूला AJL केस में पूर्व सीएम हुड्डा को राहत:₹65 करोड़ का प्लॉट ₹69 लाख में देने के आरोप से हुए मुक्त; CBI कोर्ट ने सुनाया फैसला

पंचकूला में प्रकाशन समूह एसोसिएटेड जर्नल्स लिमिटेड (AJL) को प्लॉट आवंटन मामले में पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र हुड्डा को पंचकूला में CBI की विशेष कोर्ट से बड़ी राहत मिली है। शुक्रवार को कोर्ट ने हुड्डा और AJL के चेयरमैन रहे मोतीलाल वोरा को आरोप मुक्त कर दिया। मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री रहे वोरा का 6 साल पहले निधन हो चुका है, जबकि 78 वर्षीय हुड्डा खुद कोर्ट में पेश हुए। इससे पहले CBI की स्पेशल कोर्ट द्वारा आरोप तय किए जाने के खिलाफ हुड्डा ने हाईकोर्ट में याचिका लगाई थी। जिसमें स्पेशल कोर्ट की कार्रवाई पर रोक लगाने की मांग की थी। करीब एक माह पहले जस्टिस त्रिभुवन दहिया की एकल पीठ ने सुनवाई करते हुए कहा था कि बिना पर्याप्त आधार के आपराधिक मुकदमा जारी रखना न्यायिक प्रक्रिया का दुरुपयोग है। HC ने कहा था- प्रथम दृष्टया आरोप साबित नहीं हो रहे। अब शुक्रवार को इस मामले में CBI की विशेष कोर्ट में दोबारा सुनवाई हुई। हुड्डा के वकील एसपीएस परमार ने उनका पक्ष रखा। यह मामला पंचकूला के सेक्टर-6 में करीब 3,360 वर्ग मीटर के सरकारी भूखंड आवंटित करने से संबंधित है। सीबीआई ने हुड्डा समेत एचएसवीपी के 4 वरिष्ठ अधिकारियों को आरोपी बनाया था। हुड्डा पर आरोप है कि 64.93 करोड़ रुपए का प्लॉट एजेएल को 69 लाख 39 हजार रुपए में दिया। जानिए क्या है जमीन आवंटन मामला… विजिलेंस ने हुड्डा के अलावा 4 अफसरों को आरोपी बनाया हरियाणा विजिलेंस ने पूर्व सीएम भूपेंद्र हड्डा समेत हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण (हुडा) के 4 वरिष्ठ अफसरों के खिलाफ धोखाधड़ी और भ्रष्टाचार का मामला दर्ज किया था। बाद में ईडी ने इसी एफआईआर को संज्ञान लेते हुए कार्रवाई की। इनके खिलाफ भूखंड के पुनः आवंटन में अनियमितता बरतने का आरोप है। हुड्डा उस समय मुख्यमंत्री के रूप में हुडा (हरियाणा अर्बन डवलेपमेंट अथॉरिटी) के पदेन अध्यक्ष थे। उधर, जब जमीन वापस ली गई, तब तर्क दिया गया कि उस पर निर्माण नहीं हुआ था। साल 2005 में फिर से उसी माप के साथ उसी कीमत पर (पुराने रेटों पर) आवंटित कर दी गई थी।
तीखी बहस के बाद ऋषभ पंत से दोबारा वीडियो बनवाया:LSG मालिक गोयनका अब गले लगाते दिखे; ललित मोदी ने बताया- लूजर

लखनऊ सुपर जायंट्स (LSG) के मालिक संजीव गोयनका एक बार फिर सुर्खियों में हैं। इसकी वजह इकाना स्टेडियम में दिल्ली कैपिटल्स (DC) से हार के बाद LSG के कप्तान कप्तान ऋषभ पंत से तीखी बातचीत है। इस घटना को फैंस और आलोचक गोयनका और केएल राहुल के बीच आईपीएल 2024 में हुई घटना से जोड़कर देख रहे हैं। मामले को शांत करने के लिए LSG ने सफाई में एक वीडियो X पर पोस्ट किया। जिसमें लिखा- हर चीज जो आप देखते हैं, वह सत्य नहीं होती। लेकिन वीडियो पर विवाद शुरू हो गया है। X ने LSG की पोस्ट पर कम्युनिटी नोट लगा दिया। जिसमें वीडियो को रीक्रिएट यानी दोबारा शूट किया गया बताया है। वीडियो को दृश्यम मूवी में 2 अक्टूबर की घटना से जोड़ते कम्युनिटी ने कहा, जब घटना हुई तो मैदान में भीड़ थी, लेकिन मिस्टर गोयनका ने घटना के बाद में सीन को दोबारा से शूट कराया। इसके लिए ऋषभ पंत को बुलाया गया और दृश्यम 2 अक्टूबर का सीन बनाया गया। वहीं, IPL के पूर्व कमिश्नर ललित मोदी ने LSG मालिक संजीव गोयनका को आड़े हाथों लिया है। उन्होंने कहा- वह लूजर हैं। IPL में बतौर फ्रेंचाइजी उन्हें बैन कर देना चाहिए। अब बारी-बारी से दोनों विजुअल देखिए…. अब जानिए दोनों वीडियो में क्या है? पहला वीडियो: पंत पर उंगली उठाते दिखे गोयनका 1 अप्रैल को लखनऊ में खेले गए IPL मुकाबले में लखनऊ सुपर जायंट्स (LSG) को दिल्ली कैपिटल्स (DC) ने 6 विकेट से हरा दिया। मैच खत्म होने के तुरंत बाद मैदान पर LSG के मालिक संजीव गोयनका और कप्तान ऋषभ पंत के बीच बातचीत का एक 17 सेकंड का वीडियो सामने आया, जो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गया। वीडियो में संजीव गोयनका ऋषभ पंत से उंगली उठाकर कुछ कहते नजर आए। इस दौरान उनकी पत्नी प्रीति गोयनका, LSG के हेड कोच जस्टिन लैंगर और टीम मैनेजमेंट के अन्य सदस्य भी वहां मौजूद थे। दोनों के बीच क्या बात हुई, यह स्पष्ट नहीं है। लेकिन लोगों ने गोयनका को ट्रोल करना शुरू कर दिया है। दूसरा वीडियो: पंत से गर्मजोशी में गले लगे गोयनका पहले वीडियो पर विवाद के बाद LSG ने 2 अप्रैल की शाम 7:32 बजे सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर एक वीडियो जारी किया। करीब 55 सेकंड के इस वीडियो में अलग तस्वीर देखने को मिली। वीडियो में संजीव गोयनका, उनकी पत्नी प्रीति गोयनका, जस्टिन लैंगर और टीम के अन्य सदस्य मौजूद हैं। तभी ऋषभ पंत वहां आते हैं और संजीव गोयनका उनसे गर्मजोशी से गले मिलते हैं। वह उनकी 3-4 बार पीठ थपथपाते हैं। इसके बाद ऋषभ पंत बाकी लोगों से हाथ मिलाते हैं और सभी के बीच हंसी-मजाक के साथ बातचीत होती नजर आती है। वीडियो में एक कैप्शन लिखा है- ‘जो कुछ आप देखते हैं, वह पूरी सच्चाई नहीं होता। यह मैच के बाद के असली और बिना छेड़छाड़ वाले पल हैं, जब कैमरे बंद नहीं होते।’ X के कम्युनिटी नोट का मतलब क्या है? किसी पोस्ट में गलत या अधूरी जानकारी हो तो नीचे लोग सही बात जोड़ देते हैं, उसी को ‘कम्युनिटी नोट’ कहते हैं। यह काम आम यूजर्स करते हैं, X (पूर्व में ट्वीटर) खुद नहीं लिखता। ‘दृश्यम’ में 2 अक्टूबर की कहानी क्या है? दृश्यम 31 जुलाई 2015 को रिलीज हुई क्राइम-थ्रिलर फिल्म है। इसके निर्देशक निशिकांत कामत थे। फिल्म में अजय देवगन, तब्बू और श्रिया सरन मुख्य भूमिका में हैं। फिल्म में विजय सालगांवकर (अजय देवगन) अपने परिवार को बचाने के लिए प्लान बनाता है। उसकी फैमिली से गलती से एक लड़के की मौत हो जाती है। पुलिस से बचने के लिए विजय 2 अक्टूबर की कहानी तैयार करता है। वह बताता है कि उस दिन पूरा परिवार शहर से बाहर घूमने गया था। इस कहानी को सच दिखाने के लिए वह सबूत जुटाता है। बस के टिकट संभालता है। होटल में एंट्री दर्ज करवाता है। मूवी और रेस्टोरेंट के बिल रखता है। असल में ये सब बाद में प्लान करके किया जाता है। ताकि लगे कि सब कुछ 2 अक्टूबर को ही हुआ था। यही फिल्म का सबसे बड़ा ट्विस्ट है। वह सब कुछ रीक्रीएट करता है। इसी प्लान से विजय पुलिस को गुमराह कर देता है। वह और उसका परिवार मामले से बच निकलते हैं। अब जानिए केएल राहुल- संजीव गोयनका के बीच क्या हुआ था? दरअसल, IPL-2024 में लखनऊ सुपर जायंट्स एक मैच हार गई थी। मैच खत्म होने के तुरंत बाद मैदान पर ही संजीव गोयनका और टीम के कप्तान केएल राहुल के बीच बातचीत हुई, जिसका वीडियो वायरल हो गया था। वीडियो में गोयनका काफी नाराज नजर आए, जबकि राहुल शांत दिखे। यह बातचीत सबके सामने मैदान पर हुई थी, जिससे कई पूर्व क्रिकेटरों और फैंस ने इसे गलत बताया। उनका कहना था कि इस तरह की बातें ड्रेसिंग रूम के अंदर होनी चाहिए थीं, न कि सबके सामने। सोशल मीडिया पर इसे लेकर जमकर बहस हुई थी। IPL के पूर्व कमिश्नर बोले- संजीव गोयनका लूजर इस मामले में IPL के पूर्व कमिश्नर ललित मोदी ने LSG के मालिक संजीव गोयनका को आड़े हाथों लिया है। उन्होंने कहा- वह लूजर हैं। IPL में बतौर फ्रेंचाइजी उन्हें बैन कर देना चाहिए। मोदी ने यह कॉमेंट इंग्लैंड के पूर्व टेस्ट कप्तान माइकल वान की पोस्ट को री-पोस्ट करते हुए किया। ललित मोदी ने लिखा- वह IPL टीम का मालिक बनने के लायक नहीं है। संजीव गोयनका और जानने के लिए क्या बाकी है? किसी स्पोर्ट्स टीम का मालिक होना, दुनियाभर में किसी भी मालिक के लिए सबसे बड़ी जिम्मेदारियों में से एक है। यह सिर्फ मुनाफे की बात नहीं है। यह कोई मशीन नहीं है। यह कोई इंजन नहीं है। बदकिस्मती से यह बात इस जोकर की समझ से बाहर है। महंगा पानी मिलने पर वेंडर से लड़े युवक संजीव गोयनका- ऋषभ पंत के विवाद के बीच 1 अप्रैल को इकाना स्टेडियम में हुए मैच के दौरान महंगा पानी बेचने का विवाद भी सामने आया है। X पर सामने आए वीडियो में दो लोग लड़ते हुए नजर आ रहे हैं। इस दौरान पानी के लिए बोतल बेचने की बात हो रही है। एक युवक एक वेंडर से कह रहा है कि कैसे इतना महंगा दे
मासूम शर्मा ने हनुमान जन्मोत्सव पर गाया बैन सॉन्ग ‘खटोला’:बहादुरगढ़ में सपना संग ठुमके लगाए; आर्यन मान के प्रोग्राम में कई मंत्री-विधायक आए

झज्जर में स्टेज पर परफॉर्म करते सिंगर मासूम शर्मा और सपना चौधरी। हरियाणवी सिंगर मासूम शर्मा ने बहादुरगढ़ में हनुमान जयंती पर हुए एक प्रोग्राम में मंत्री, विधायकों की प्रेजेंस में ही बैन सॉन्ग ‘खटोला’ गाया। स्टेज पर मासूम ने कलाकार सपना चौधरी के साथ ठुमके भी लगाए। . प्रोग्राम का आयोजन दिल्ली यूनिवर्सिटी स्टूडेंट यूनियन के प्रेसिडेंट आर्यन मान के परिवार ने किया था। इस प्रोग्राम से जुड़ी एक वीडियो भी सामने आई है, जिसमें मासूम शर्मा और सपना चौधरी एक साथ परफॉर्म कर रहे हैं। कार्यक्रम में केंद्रीय राज्य मंत्री कृष्ण पाल गुर्जर, अरविंद शर्मा, मनजिंद्र सिंह सिरसा, विधायक राजेंद्र जून, बीजेपी प्रदेशाध्यक्ष मोहनलाल बड़ौली और दिग्विजय चौटाला समेत कई नेता और फिल्मी हस्तियां शामिल हुईं। दरअसल, जींद के शो में हुए सरपंच विवाद के बाद मासूम शर्मा पहली बार झज्जर में किसी स्टेज शो में पहुंचे थे। सरपंच विवाद के बाद झज्जर की सरपंच एसोसिएशन ने मासूम का कड़ा विरोध किया था। देखिए, सपना चौधरी के डांस के PHOTOS… मासूम शर्मा के सॉन्ग पर डांस करतीं सपना चौधरी। सपना के डांस करने के बाद मासूम भी थिरकने लगे। इंग्लिश मीडियम डांस पर ठुमके लगाते मासूम शर्मा और सपना चौधरी। आर्यन मान के परिवार का प्रोग्राम बहादुरगढ़ के सिदीपुर गांव में गुरुवार को मान फार्म हाउस में हनुमान जयंती पर एक कार्यक्रम आयोजित हुआ। ये फार्म हाउस दिल्ली यूनिवर्सिटी के अध्यक्ष आर्यन मान के परिवार का है। आर्यन ने ही प्रोग्राम की तैयारियां की। परिवार का कहना है कि वे कई सालों से हनुमान जयंती पर कार्यक्रम का आयोजन करते हैं, जिसमें बड़ी संख्या में आसपास के गांव के लोग शामिल होते हैं। सपना के साथ इंग्लिश मीडियम सॉन्ग पर डांस कार्यक्रम में सिंगर मासूम शर्मा और सपना चौधरी की स्टेज परफॉर्मेंस रखी गई थी। सपना चौधरी ने स्टेज पर ही मासूम शर्मा के साथ डांस भी किया। मासूम ने जैसे ही इंग्लिश मीडियम सॉन्ग गाया, सपना तुरंत डांस करने लगी। सपना का डांस देखने के लिए स्टेज के पास युवाओं की भीड़ लग गई। इस दौरान मासूम ने बैन सॉन्ग खटोला भी गाया। सपना बोलीं- यहां कई शो किए मंच से ही सपना चौधरी ने कहा कि मैंने झज्जर एरिया में कई शो किए हैं। इस शो में कई ऐसे युवा हैं, जो 9-10 साल से उनके प्रोग्राम में आ रहे हैं। प्रोग्राम में युवाओं के साथ आसपास के गांव की महिलाएं भी शामिल हुईं। दिल्ली सरकार में मंत्री मनजिन्द्र सिंह सिरसा और दिग्विजय चौटाला एक-दूसरे से मिलकर मुस्कराते हुए दिखे। कई प्रोग्राम में बैन सॉन्ग गाए सिंगर मासूम शर्मा इन दिनों लगातार बैन सॉन्ग खटोला और चंबल के डाकू को प्रमोट कर रहे हैं। सिंगर पर लाइव शो और फिल्म में भी इसके मिलते-जुलते लिरिक्स व ट्यून के इस्तेमाल का आरोप लग चुका है। मासूम शर्मा सिरसा में लाइव शो के दौरान खटोला सॉन्ग गाया था, जिसके भीड़ बेकाबू होकर सिंगर से मिलने के लिए स्टेज तक जा पहुंची थी। इसके साथ ही मासूम ने हिसार, चंडीगढ़, अलीगढ़ (यूपी) में ये सॉन्ग गाया है। इसके बाद अब झज्जर में भी धार्मिक कार्यक्रम में ये बैन सॉन्ग गाया। पहले जानिए…क्या है सरपंच विवाद 18 फरवरी को जींद में मासूम शर्मा की बहन कविता और बहनोई धर्मवीर आर्य की 25वीं मैरिज एनिवर्सिरी कार्यक्रम में सिंगर और पूर्व सरपंच में विवाद हो गया था। शो के दौरान भीड़ बढ़ने पर मासूम शर्मा ने मंच से जींद के पूर्व सरपंच राजेंद्र शर्मा को नीचे उतरने के लिए कहा। सिंगर ने कहा था- मेरे प्रोग्राम में कोई सरपंच, एमएलए या मंत्री हो, मैं किसी को नहीं मानता। इसके बाद पूर्व सरपंच राजेंद्र शर्मा ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर मासूम शर्मा को पंच का चुनाव लड़ने तक की चुनौती दी थी। जींद में मासूम शर्मा ने 70 सरपंच हांडै वाली बात कही थी। (फाइल) मासूम के झज्जर आने पर क्या बोले सरपंच प्रतिनिधि.. अब विवाद जैसा कुछ नहीं झज्जर जिले के गांव सिदीपुर से सरपंच प्रतिनिधि तिलक राज ने बताया कि प्रोग्राम में भी कई सरपंच आए हुए थे। अब विवाद जैसा कुछ नहीं है। मान परिवार हर साल हनुमान जयंती ऐसा प्रोग्राम आयोजित करता है, जिसमें आसपास के लोग भी बड़ी संख्या में आते हैं। कार्यक्रम का पता नहीं चला झज्जर से सरपंच एसोसिएशन के जिला प्रधान एवं हसनपुर के सरपंच बलवान सिंह ने बताया कि मासूम शर्मा ने सरपंचों से माफी मांग ली थी, तब मामला निपट गया था। इस कार्यक्रम के बारे में उन्हें जानकारी नहीं थी। मासूम शर्मा ने दिल्ली यूनिवर्सिटी में आर्यन मान का इलेक्शन कैंपेन किया था। (फाइल फोटो) दिल्ली यूनिवर्सिटी के चुनाव में आर्यन का प्रचार किया मासूम शर्मा ने दिल्ली यूनिवर्सिटी में आर्यन मान का चुनाव प्रचार किया था। मासूम आर्यन के साथ लग्जरी गाड़ियों में बैठे नजर आए थे। हालांकि मासूम के कैंपेन कराने को लेकर NSUI ने इसका विरोध किया था। जिसके बाद मासूम ने कहा था- आर्यन को वह बचपन से ही जानते हैं, उनके घर जैसे रिश्ते हैं। ————— ये खबरें भी पढ़ें…. दिल्ली यूनिवर्सिटी चुनाव में मासूम शर्मा के प्रचार पर विवाद: NSUI ने खर्च पर सवाल उठाए; सिंगर बोले-एक रुपए नहीं लिए, रिश्तेदार थे इसलिए आए दिल्ली यूनिवर्सिटी छात्र संघ (डूसू) चुनाव में हरियाणवी सिंगर मासूम शर्मा के प्रचार करने पर विवाद हो गया है। कांग्रेस की छात्र इकाई एनएसयूआई ने इसका विरोध किया। एनएसयूआई के पूर्व अध्यक्ष रौनक खत्री ने सोशल मीडिया पर लाइव आकर एबीवीपी पर आरोप लगाया कि मासूम शर्मा के जरिए चुनाव को प्रभावित करने की कोशिश हो रही है। (पूरी खबर पढ़ें) ———— मासूम शर्मा की नई फिल्म कन्ट्रोवर्सी में घिरी: दावा- बैन सॉन्ग ‘खटोला’ जैसे लिरिक्स-ट्यून इस्तेमाल किए, टीजर में पिस्टल थामे नजर आए सिंगर हरियाणवी सिंगर मासूम शर्मा फिर एक नई कन्ट्रोवर्सी में घिर गए हैं। दावा किया जा रहा है कि उनकी रिलीज को तैयार फिल्म ‘लाइसेंस’ में उनका बैन सॉन्ग खटोला फिल्माया गया है। फिल्म के टीजर में भी ‘खटोला’ से मिलते- जुलते लिरिक्स और ट्यून हैं। (पूरी खबर पढ़ें)
‘जब केजरीवाल गिरफ्तार हुए तो लंदन गए’: प्रमुख कार्यक्रमों से राघव चड्ढा की अनुपस्थिति ने दरार की अटकलों को हवा दी | राजनीति समाचार

आखरी अपडेट:03 अप्रैल, 2026, 12:55 IST कभी दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल के भरोसेमंद सहयोगी और आम आदमी पार्टी (आप) में प्रमुख व्यक्ति रहे राघव चड्ढा को राज्यसभा में उपनेता के पद से हटा दिया गया। आम आदमी पार्टी सांसद राघव चड्ढा (छवि क्रेडिट: पीटीआई) कभी दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल के भरोसेमंद सहयोगी और आम आदमी पार्टी (आप) में एक प्रमुख व्यक्ति रहे राघव चड्ढा को राज्यसभा में उपनेता के पद से हटा दिया गया। हाल ही में सार्वजनिक कार्यक्रमों से उनकी अनुपस्थिति और प्रमुख मुद्दों पर चुप्पी ने पार्टी में उनकी भूमिका के बारे में अटकलों को हवा दी। गुरुवार को, आम आदमी पार्टी (आप) ने राज्यसभा सचिवालय को सूचित किया कि अशोक कुमार मित्तल उच्च सदन में उसके नए उपनेता होंगे, जो चड्ढा की जगह लेंगे। 2022 से सांसद चड्ढा ने सदन में सक्रिय रूप से सार्वजनिक मुद्दों को उठाया। हाल ही में, उन्होंने एक प्रमुख सामाजिक मुद्दा उठाया, जिसमें मांग की गई कि भारत में पितृत्व अवकाश को कानूनी अधिकार बनाया जाए। उन्होंने संसद में मासिक धर्म स्वच्छता का मुद्दा भी उठाया था और इस बात पर जोर दिया था कि यह स्वास्थ्य, शिक्षा और समानता का मामला है। यह भी पढ़ें: ‘आप पीएम मोदी से डरे हुए हैं’: आप ने राघव चड्ढा के पदावनति के बाद उन पर हमला बोला दरार के उभरते संकेत संसद में प्रमुख सार्वजनिक मुद्दों को उठाने के चड्ढा के प्रयास के बावजूद, वह आम आदमी पार्टी (आप) से जुड़े कई कार्यक्रमों में दरकिनार किये गये। संभावित दरार के पहले संकेत मार्च 2024 में सामने आए, जब आप सुप्रीमो अरविंद केजरीवाल को उत्पाद शुल्क नीति मामले में गिरफ्तार किया गया। कथित तौर पर चिकित्सीय कारणों से राघव चड्ढा उस समय अनुपस्थित थे। हाल ही में केजरीवाल, मनीष सिसौदिया और अन्य को एक्साइज पॉलिसी मामले में बरी किए जाने के बाद भी उन्होंने कोई टिप्पणी नहीं की थी. पंजाब कांग्रेस अध्यक्ष अमरिन्दर सिंह राजा वारिंग ने चड्ढा पर हमला बोलते हुए घोषणा की, ”वह पार्टी से अलग हैं।” टीओआई ने वारिंग के हवाले से कहा, “अब यह स्पष्ट है कि राघव चड्ढा आम आदमी पार्टी से अलग हैं। लोगों को इसका एहसास बहुत पहले ही हो गया था, जब केजरीवाल की गिरफ्तारी के दौरान वह लंदन गए थे। अब लोगों की धारणा यह है कि चड्ढा पार्टी छोड़ देंगे या उन्हें पार्टी से निकाल दिया जाएगा और कहीं और शामिल हो जाएंगे।” पहले प्रकाशित: 03 अप्रैल, 2026, 12:38 IST समाचार राजनीति ‘जब केजरीवाल गिरफ्तार हुए तो लंदन गए’: प्रमुख कार्यक्रमों से राघव चड्ढा की अनुपस्थिति ने दरार की अटकलों को हवा दी अस्वीकरण: टिप्पणियाँ उपयोगकर्ताओं के विचार दर्शाती हैं, News18 के नहीं। कृपया चर्चाएँ सम्मानजनक और रचनात्मक रखें। अपमानजनक, मानहानिकारक, या अवैध टिप्पणियाँ हटा दी जाएंगी। News18 अपने विवेक से किसी भी टिप्पणी को अक्षम कर सकता है. पोस्ट करके, आप हमारी उपयोग की शर्तों और गोपनीयता नीति से सहमत होते हैं। और पढ़ें (टैग्सटूट्रांसलेट)राघव चड्ढा आप से बाहर निकलना(टी)राघव चड्ढा राज्यसभा(टी)आप की आंतरिक दरार(टी)अरविंद केजरीवाल सहयोगी(टी)अशोक कुमार मित्तल उपनेता(टी)आम आदमी पार्टी की राजनीति(टी)पितृत्व अवकाश भारत(टी)मासिक धर्म स्वच्छता संसद
global First heart surgery in RML: न दिल अपनी जगह था न लिवर, RML के डॉक्टरों ने सिर्फ चीरा लगाकर कर दी हार्ट की सर्जरी

Global First Heart Surgery in RML: आमतौर पर मानव शरीर में दिल इंसान के सीने के बीच में थोड़ा बायीं ओर होता है, जबकि लिवर पेट के ऊपर दायीं ओर होता है. वहीं तिल्ली यानि स्पिलीन पेट के ऊपरी लेफ्ट साइड में पसलियों में होती है, लेकिन दिल्ली के डॉ. राम मनोहर लोहिया अस्पताल में 31 साल की एक ऐसी महिला मरीज पहुंची, जिसके शरीर के सभी अंग एकदम उल्टे थे. दिल उसके राइट साइड में था तो लिवर बायीं ओर.इसके साथ ही महिला जन्मजात दिल की बीमारी से भी ग्रस्त थी. हालांकि मरीज का अस्पताल में न केवल सफल ऑपरेशन किया गया बल्कि अस्पताल का दावा है कि इतनी जटिल सर्जरी दुनिया में पहली बार हुई है. आरएमएल अस्पताल में इलाज के लिए आई मरीज रामबाई को साइटस इन्वर्सस नाम की दुर्लभ बीमारी थी, जिसमें शरीर के सभी अंग उल्टे (शीशे की तरह) होते हैं.जन्म से दिल की बीमारी यानि कंजेनिटल हार्ट डिजीज से जूझ रही महिला के शरीर में पार्शियल एट्रियोवेंट्रिकुलर कैनल डिफेक्ट के साथ ही साइटस इन्वर्सस टोटालिस और ड्रेक्स्ट्रोकार्डिया भी था, जिसमें दिल बायीं की जगह दायीं ओर होता है. . दिल दाईं तरफ था . लिवर बाईं तरफ . तिल्ली दाईं तरफ . पेट भी दाईं तरफ इस क्रिटिकल कंडीशन वाली मरीज की आरएमएल के सीटीवीएस सर्जरी विभाग के डायरेक्टर और एचओडी डॉ. नरेंद्र झाझरिया और उनकी टीम ने न केवल सर्जरी की, बल्कि परंपरागत तरीके के बजाया दिल का ऑपरेशन एक बहुत छोटे कॉस्मेटिक चीरे से किया. जिसे लेकर अस्पताल के डायरेक्टर डॉक्टर अशोक कुमार ने बताया कि यह दुनिया में पहली बार हुआ है. इस बारे में डॉक्टर झाझरिया ने बताया, ‘ऐसी सर्जरी में सीने की हड्डी काटनी पड़ती है लेकिन आरएमएल में महिला की हार्ट सर्जरी बाएं ब्रेस्ट के नीचे सिर्फ 4 सेमी का छोटा चीरा लगाकर की गई. इसके साथ ही हार्ट-लंग मशीन (Cardiopulmonary bypass) को शरीर की बाहरी नसों से जोड़ा गया. वहीं हार्ट की परेशानी को ठीक करने के लिए दिल के ऊपर की झिल्ली (pericardium) से एक पैच लेकर लगाया गया. इस दौरानबहुत सावधानी से टांके लगाए गए ताकि दिल के वाल्व और नसों को नुकसान न हो.’ चूंकि महिला को जन्मजात बीमारी थी और दिल के वाल्व के बहुत पास थी. इसके साथ ही शरीर के सभी अंग उल्टे होने के कारण ऑपरेशन करने में भी कई चुनौतियां थीं. मरीज को हार्ट-लंग मशीन पर भी रखना पड़ा. साथ ही हार्ट वाली जगह पर सिर्फ 4 सेमी के छोटे चीरे से ऑपरेशन करना बहुत हाई लेवल की सर्जरी स्किल मांगता है, हालांकि डॉ. जसविंदर कौर कोहली एंड टीम (हेड,कार्डियक एनेस्थीसिया) और मरीज के ब्लड सर्कुलेशन (परफ्यूजन) को सीनियर परफ्यूजनिस्ट जगदीश चंद्र और उनकी टीम की प्रिसाइज एप्रोच और सहयोग से सब ऑपरेशन सफल हो गया. उनहोंने बताया कि आरएमएल में कार्डियक सर्जरी विभाग में ऐसे कठिन ऑपरेशन करने के लिए पूरी सुविधाएं और विशेषज्ञ टीम मौजूद है.यह ऑपरेशन 30 मार्च को किया गया था और 3 दिन में मरीज की हालत एकदम ठीक हो गई है. महिला के हार्ट की ईकोकार्डियोग्राफी करने पर सभी चीजें ठीक पाई गई हैं ऐसे में अब उसे छुट्टी दी जा सकती है. क्या होती है साइटस इन्वर्सस बीमारी?साइटस इन्वसर्स बहुत ही दुर्लभ बीमारी है, और इसके साथ दिल की समस्या होना और भी ज्यादा दुर्लभ है. इस बीमारी में सर्जरी कैसे होती है?आमतौर पर ऐसे ऑपरेशन में छाती की हड्डी काटनी पड़ती है, लेकिन इस केस में बिना हड्डी काटे, छोटे चीरे से ऑपरेशन किया गया. इसलिए यह दुनिया में पहली बार (Global First) हुआ है. क्या यह ऐसा पहला ऑपरेशन था?हां यह पहली सर्जरी थी और 30 मार्च 2026 को की गई. इसे आयुष्मान भारत (PMJAY) के तहत कवर किया गया है. क्या यहां हार्ट ट्रांसप्लांट की सुविधा भी है?ABVIMS का कार्डियक सर्जरी विभाग पहले भी अगस्त 2022 में केंद्र सरकार के अस्पताल में पहला हार्ट ट्रांसप्लांट कर चुका है. यहां नवजात बच्चों, बच्चों और बड़ों सभी के दिल की बीमारियों का इलाज करने की सुविधा है.
विंदू दारा सिंह ने 'रामायण' के मेकर्स को दी सलाह:कहा- कहानी में ज्यादा बदलाव किया गया, तो लोग फिल्म को स्वीकार नहीं करेंगे

रणबीर कपूर की फिल्म ‘रामायण’ को लेकर एक्टर विंदू दारा सिंह ने प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा कि फिल्म के विजुअल्स शानदार हैं, लेकिन अगर कहानी में ज्यादा बदलाव हुआ तो दर्शक इसे स्वीकार नहीं करेंगे। गौरतलब है कि विंदू के पिता रामानंद सागर की रामायण में हनुमान का रोल निभाना था। डीएनए से बातचीत में फिल्म रामायण को लेकर विंदू ने कहा कि यह बहुत शानदार दिख रही है, बहुत खूबसूरत है, लेकिन एक सख्त नियम है। जो रामायण रामानंद सागर जी ने बनाई है, वह हम सबके दिल और दिमाग में पूरी तरह बसी हुई है। वह रामायण ऐतिहासिक है, नंबर वन है। अगर यह फिल्म उसके लेवल से मेल खा गई, तो यह सुपरहिट होगी। यह एक रिकॉर्ड तोड़ हिट साबित होगी। विंदू ने यह भी कहा कहा, “अगर कहानी में ज्यादा बदलाव किया गया, जैसे इसमें वो खतरनाक (असुर) से दिख रहे हैं, तो अगर ज्यादा ऊपर-नीचे किया, तो लोग इसे स्वीकार नहीं करेंगे।” उन्होंने विजुअल्स की तारीफ करते हुए कहा कि नमित मल्होत्रा विजुअल्स को बेहतर तरीके से पेश करना जानते हैं और स्पेशल इफेक्ट्स जबरदस्त होंगे, लेकिन अगर उन्होंने सागर साहब की रामायण को फॉलो नहीं किया है, तो यह उनके लिए एक बड़ी समस्या खड़ी कर देगा। विंदू ने रणबीर कपूर की तारीफ करते हुए कहा कि वह राम के रूप में अच्छे लग रहे हैं। उन्होंने यह भी कहा कि लोगों के लिए अरुण गोविल की इमेज अब भी राम के रूप में जुड़ी हुई है, जबकि उनके पिता दारा सिंह हनुमान के रूप में याद किए जाते हैं। उन्होंने कहा कि अब नए कलाकार वही किरदार निभा रहे हैं और अरुण गोविल इस फिल्म में दशरथ की भूमिका में सही हैं। विंदू ने उम्मीद जताई कि अगर अभिनय और प्रस्तुति सही रही तो फिल्म सक्सेस हो सकती है। आदिपुरुष से बेहतर बताई नई रामायण विंदू दारा सिंह ने कहा कि अब तक जो देखा गया है, उसके आधार पर यह फिल्म आदिपुरुष से बेहतर लग रही है। उन्होंने कहा कि पहले की रामायण और महाभारत सीरियल ने एक मानक तय किया है, जिससे तुलना होना स्वाभाविक है।
विंदू दारा सिंह ने 'रामायण' के मेकर्स को दी सलाह:कहा- कहानी में ज्यादा बदलाव किया गया, तो लोग फिल्म को स्वीकार नहीं करेंगे

रणबीर कपूर की फिल्म ‘रामायण’ को लेकर एक्टर विंदू दारा सिंह ने प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा कि फिल्म के विजुअल्स शानदार हैं, लेकिन अगर कहानी में ज्यादा बदलाव हुआ तो दर्शक इसे स्वीकार नहीं करेंगे। गौरतलब है कि रामानंद सागर के सीरियल ‘रामायण’ (1987) में विंदू के पिता दारा सिंह ने हनुमान का रोल निभाया था। डीएनए से बातचीत में फिल्म रामायण को लेकर विंदू ने कहा कि यह बहुत शानदार दिख रही है, बहुत खूबसूरत है, लेकिन एक सख्त नियम है। जो रामायण रामानंद सागर जी ने बनाई है, वह हम सबके दिल और दिमाग में पूरी तरह बसी हुई है। वह रामायण ऐतिहासिक है, नंबर वन है। अगर यह फिल्म उसके लेवल से मेल खा गई, तो यह सुपरहिट होगी। यह एक रिकॉर्ड तोड़ हिट साबित होगी। विंदू ने यह भी कहा कहा कि अगर कहानी में ज्यादा बदलाव किया गया, जैसे इसमें वो खतरनाक (असुर) से दिख रहे हैं, तो अगर ज्यादा ऊपर-नीचे किया, तो लोग इसे स्वीकार नहीं करेंगे। विंदू ने फिल्म के विजुअल्स की तारीफ करते हुए कहा कि नमित मल्होत्रा विजुअल्स को बेहतर तरीके से पेश करना जानते हैं और स्पेशल इफेक्ट्स जबरदस्त होंगे, लेकिन अगर उन्होंने सागर साहब की रामायण को फॉलो नहीं किया है, तो यह उनके लिए एक बड़ी समस्या खड़ी कर देगा। विंदू ने रणबीर की तारीफ की विंदू ने रणबीर कपूर की तारीफ करते हुए कहा कि वह राम के रूप में अच्छे लग रहे हैं। उन्होंने यह भी कहा कि लोगों के लिए अरुण गोविल की इमेज अब भी राम के रूप में जुड़ी हुई है, जबकि उनके पिता दारा सिंह हनुमान के रूप में याद किए जाते हैं। उन्होंने कहा कि अब नए कलाकार वही किरदार निभा रहे हैं और अरुण गोविल इस फिल्म में दशरथ की भूमिका में सही हैं। विंदू ने उम्मीद जताई कि अगर अभिनय और प्रस्तुति सही रही तो फिल्म सक्सेस हो सकती है। आदिपुरुष से बेहतर बताई नई रामायण विंदू दारा सिंह ने कहा कि अब तक जो देखा गया है, उसके आधार पर यह फिल्म आदिपुरुष से बेहतर लग रही है। उन्होंने कहा कि पहले की रामायण और महाभारत सीरियल ने एक मानक तय किया है, जिससे तुलना होना स्वाभाविक है।
‘आप पीएम मोदी से डरे हुए हैं’: आप ने राघव चड्ढा के पदावनति के बाद उन पर हमला बोला | भारत समाचार

आखरी अपडेट:03 अप्रैल, 2026, 12:02 IST आप प्रवक्ता अनुराग ढांढा ने राघव चड्ढा पर निशाना साधते हुए उन पर भारत में वास्तविक मुद्दों पर बोलने से झिझकने और पीएम मोदी से डरने का आरोप लगाया। आप सांसद राघव चड्ढा. (छवि: पीटीआई/फ़ाइल फोटो) आम आदमी पार्टी (AAP) के आधिकारिक प्रवक्ता अनुराग ढांढा ने निशाना साधा राघव चड्ढा उन पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से डरने और देश के वास्तविक मुद्दों पर बोलने से झिझकने का आरोप लगाते हुए उन्हें राज्यसभा में पार्टी के उपनेता पद से हटा दिया गया था। राघव चड्ढा को राज्यसभा में आप के उपनेता के रूप में अशोक मित्तल द्वारा प्रतिस्थापित किया गया था, और पार्टी ने कथित तौर पर सचिवालय से आग्रह किया है कि चड्ढा को संसद में बोलने के लिए समय आवंटित न किया जाए, जिससे बाहर निकलने की अफवाहों को बल मिला है। “हम केजरीवाल के सिपाही हैं। निडरता हमारी पहली पहचान है। अगर कोई मोदी से डरता है, तो क्या वे देश के लिए लड़ेंगे?” ढांडा ने एक्स पर लिखा। उन्होंने संसद में पितृत्व अवकाश और हवाई अड्डों पर भोजन की लागत कम करने जैसे जनहित के मुद्दों को संसद में उठाने के लिए चड्ढा पर भी कटाक्ष किया। “संसद में, पार्टी को बोलने के लिए बस थोड़ा सा समय मिलता है – ऐसे में, हम या तो देश को बचाने के लिए संघर्ष कर सकते हैं या हवाई अड्डे की कैंटीन में समोसे को सस्ता करने के लिए दबाव डाल सकते हैं। गुजरात में, हमारे सैकड़ों कार्यकर्ताओं को भाजपा की पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है – क्या माननीय सांसद ने सदन में कुछ कहा?” उन्होंने जोड़ा. हम आश्चर्यकर्म के सिपाही हैं। निडरता सबसे पहले पहचानती है हमारी। कोई मोदी से डर जाएगा तो किस देश के लिए लड़ेगा? संसद में थोड़ा सा समय मिलता है बोलने का पार्टी को, इसमें शामिल या तो देश में असफ़लता का संघर्ष कर सकते हैं या एयरपोर्ट में समोसे कैंटीन में शामिल हो सकते हैं। गुजरात में हमारे संकडो… -अनुराग ढांडा (@anuragdhanda) 3 अप्रैल 2026 “पश्चिम बंगाल में, वोट देने का अधिकार छीना जा रहा है। जब सीईसी के खिलाफ एक प्रस्ताव सदन में आया, तो उन्होंने (चड्ढा) इस पर हस्ताक्षर करने से इनकार कर दिया। जब पार्टी सदन से बाहर चली गई, तो वे मोदी जी के लिए उपस्थिति दर्ज कराने के लिए रुके रहे।” ढांडा ने आगे कहा, “पिछले कुछ सालों से आप डरे हुए हैं, राघव जी। आप पीएम मोदी के खिलाफ बोलने से झिझकते हैं। आप देश के वास्तविक मुद्दों पर बोलने से झिझकते हैं।” इस बीच, आप के वरिष्ठ नेता सौरभ भारद्वाज ने चड्ढा के लिए ”जो डर गया सो मर गया” का इस्तेमाल करते हुए कहा कि जब विपक्षी नेता सरकार के ”तानाशाही” रवैये के खिलाफ विरोध कर रहे थे, चड्ढा संसद में महत्वहीन मामले उठा रहे थे। उन्होंने कहा, “पिछले कुछ सालों से आपने संसद में कोई ऐसा मुद्दा नहीं उठाया है जो पीएम मोदी या बीजेपी पर सवाल उठाता हो। डर की यह राजनीति कैसे चल सकती है? हमें पंजाब के मुद्दे उठाने हैं, जहां से आप आते हैं, लेकिन आपने इस बारे में बात नहीं की। सीएम रहते हुए सरकार ने अरविंद केजरीवाल को झूठे मामले में गिरफ्तार किया था, लेकिन आप देश में नहीं थे।” ये टिप्पणियां तब आईं जब चड्ढा ने अपनी पदावनति पर कड़े शब्दों में प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि उन्हें “खामोश किया गया है, लेकिन हराया नहीं गया है”। उन्होंने तुरंत आप पर निशाना साधा और पार्टी से सवाल किया कि क्या लोगों की आवाज उठाना अपराध है. और पढ़ें: ‘चुप हूं, हारा नहीं’: राघव चड्ढा ने AAP पर उठाए सवाल, पूछा ‘क्या मैंने कुछ गलत किया है?’ चड्ढा ने एक्स पर पोस्ट किए गए एक वीडियो संदेश में पूछा, “जिन विषयों को कोई उठाने की हिम्मत नहीं करता, लेकिन क्या सार्वजनिक मुद्दों को उठाना अपराध है? क्या मैंने अपराध किया है? क्या मैंने गलती की है? क्या मैंने कुछ गलत किया है? मैं यह सवाल इसलिए पूछ रहा हूं क्योंकि AAP ने सचिवालय को राघव चड्ढा को संसद में बोलने से रोकने के लिए कहा था।” राघव चड्ढा देश के सबसे युवा सांसदों में से हैं और एक समय उन्हें केजरीवाल का करीबी विश्वासपात्र माना जाता था। उन्होंने पार्टी मामलों में, विशेषकर पंजाब में और दिल्ली में आप के कार्यकाल के दौरान महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी। पहले प्रकाशित: 03 अप्रैल, 2026, 11:32 IST न्यूज़ इंडिया ‘आप पीएम मोदी से डरे हुए हैं’: आप ने राघव चड्ढा के पदावनति के बाद उन पर हमला बोला अस्वीकरण: टिप्पणियाँ उपयोगकर्ताओं के विचार दर्शाती हैं, News18 के नहीं। कृपया चर्चाएँ सम्मानजनक और रचनात्मक रखें। अपमानजनक, मानहानिकारक, या अवैध टिप्पणियाँ हटा दी जाएंगी। News18 अपने विवेक से किसी भी टिप्पणी को अक्षम कर सकता है. पोस्ट करके, आप हमारी उपयोग की शर्तों और गोपनीयता नीति से सहमत होते हैं। और पढ़ें (टैग्सटूट्रांसलेट)राघव चड्ढा आप विवाद(टी)आम आदमी पार्टी(टी)अनुराग ढांढा बयान(टी)राघव चड्ढा को हटाना(टी)आप उपनेता राज्यसभा(टी)अशोक मित्तल की नियुक्ति(टी)नरेंद्र मोदी की आलोचना(टी)आप की आंतरिक दरार
साइलेंट साइलर ने बढ़ाया है कोलेस्ट्रॉल, इन नुस्खे को पहचानें और आज ही जांच करवाएं

उच्च कोलेस्ट्रॉल लक्षण: आज की भागदौड़ भरी जिंदगी में, विशेष खान-पान और शारीरिक अभ्यास में कमी ने हमें कई शर्तों के मुहाने पर खड़ा कर दिया है। इनमें से सबसे खतरनाक है ‘बढ़ा हुआ हॉस्टल’। इसे अक्सर ‘साइलेंट किलर’ कहा जाता है क्योंकि यह शरीर के अंदर प्रवेश करता है और तब तक कोई गंभीर संकेत नहीं देता है जब तक कि स्थिति नियंत्रण से बाहर न हो जाए। आइए विस्तार से जानें। रेलवे क्या है और यह खतरनाक क्यों है? हमारे रक्त में पाया जाने वाला एक माँ पदार्थ है, जो कोशिका झिल्ली का निर्माण और हार्मोन के उत्पादन के लिए आवश्यक है। लेकिन जब खून में ‘एलडीएल’ (एलडीएल) यानी खराब कणों की मात्रा बढ़ती है, तो यह धमनियों की दीवारों पर जमने लगता है। इससे धमनियाँ संकरी हो जाती हैं और रक्त का प्रवाह बाधित हो जाता है, जिससे हार्ट अटैक और स्ट्रोक का खतरा कई गुना बढ़ जाता है। इन 5 प्रोमोशनल को भूलकर भी न करें अगर बिना किसी भारी काम के भी आपको छाती में दबाव या जकड़न महसूस होती है, तो यह धमनियों में ब्लॉकेज का संकेत हो सकता है।सीढ़ियां चढ़ते समय या थोड़ा सा उड़ना पर ही अगर आपकी सांस फूलने लगती है, तो इसका मतलब है कि दिल को रक्त पंप करने में अधिक मेहनत लग रही है।जब तक रक्त का संचार ठीक से नहीं होता है, तब तक हाथ-पैरों में झनझनाहट या बार-बार सुन्न होने की समस्या होती है।बिना किसी विशेष कारण के कमजोरी महसूस होना और सामान्य तापमान में भी अधिक मात्रा में आहार लेना उच्च कोलेस्ट्रॉल के लक्षण हो सकते हैं।आंखों के पास पीली चकत्ते: चिकित्सा विज्ञान में इसे ‘जेनथिलज्मा’ कहा जाता है। आँखों के नयन या पलकों पर पीले पीले रंग के दाने का जमा होना सीधे तौर पर बहे हुए ओलेआ की ओर इशारा करता है। कॉलेस्ट्रोल के इस प्रकार नियंत्रित करें रि कच्चा तेल, डालाडा और बाहर के स्वाद-भुने खाने से दूर रहें। ओट्स, हरी सामग्री, दालें और ओमेगा-3 शाकाहारी एसिड से भरपूर मेवे को अपने समावेश में शामिल करें।दिन में कम से कम 30 मिनट की तेज सैर या योग आपके ‘गुड चॉकलेट’ को बढ़ाने में मदद करता है।मोटापा ऑलमोस्ट का सबसे बड़ा दोस्त है। अपने बॉडी मास के टुकड़ों को रखने की कोशिश करें।30 साल की उम्र में हर 6 महीने या एक साल में ‘लिपिड प्रोफाइल टेस्ट’ जरूर करवाएं। (टैग अनुवाद करने के लिए)उच्च कोलेस्ट्रॉल(टी)उच्च कोलेस्ट्रॉल के लक्षण(टी)उच्च कोलेस्ट्रॉल के लक्षण(टी)उच्च कोलेस्ट्रॉल के लक्षण(टी)उच्च कोलेस्ट्रॉल के लक्षण(टी)उच्च कोलेस्ट्रॉल परीक्षण(टी)घर पर कोलेस्ट्रॉल की जांच कैसे करें(टी)उच्च कोलेस्ट्रॉल स्तर(टी)उच्च कोलेस्ट्रॉल स्तर के संकेत
अब हाईकोर्ट में आमने-सामने होंगे राहुल गांधी और कार्तिकेय:भोपाल MP-MLA कोर्ट के समन को राहुल ने दी चुनौती, अगले हफ्ते सुनवाई

मध्य प्रदेश हाई कोर्ट में जल्द ही कांग्रेस के दिग्गज नेता राहुल गांधी और शिवराज परिवार आमने-सामने होंगे। मामला मानहानि केस से जुड़ा है। इसे लेकर राहुल गांधी ने एमपी एमएलए कोर्ट के समन को हाई कोर्ट में चुनौती दी है। जस्टिस प्रमोद कुमार अग्रवाल की बेंच एक सप्ताह बाद इस मामले में सुनवाई करेगी। साल 2018 में राहुल गांधी कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष थे। उस समय झाबुआ में हुई एक चुनावी सभा हुई। इसमें राहुल ने भाषण देते हुए पनामा पेपर लीक का जिक्र किया। शिवराज सिंह चौहान और उनके बेटे कार्तिकेय सिंह चौहान का नाम लिया। राहुल गांधी ने तुलना करते हुए कहा था कि पाकिस्तान में नवाज शरीफ पर कार्रवाई हुई, लेकिन मध्य प्रदेश में ऐसा नहीं हुआ। कार्तिकेय सिंह चौहान ने राहुल गांधी के इस बयान को अपनी छवि खराब करने वाला बताते हुए भोपाल के एमपी एमएलए कोर्ट में मानहानि का केस दर्ज कराया। भोपाल एमपी एमएलए कोर्ट की विशेष मजिस्ट्रेट ने राहुल गांधी के खिलाफ समन जारी किया और इसी को रद्द करने के लिए राहुल गांधी ने हाई कोर्ट का रुख किया। अदालत ने प्रारंभिक सुनवाई के बाद इस मामले को एक सप्ताह के लिए स्थगित कर दिया है। राहुल गांधी वर्सेस शिवराज सिंह चौहान के परिवार का यह केस सिर्फ कोर्ट तक नहीं, बल्कि राजनीतिक गलियारों में भी गहरा असर करेगा। एक तरफ जहां कांग्रेस के शीर्ष नेता राहुल गांधी हैं तो वहीं दूसरी और भाजपा के पूर्व मुख्यमंत्री और कद्दावर नेता शिवराज सिंह चौहान का परिवार। ऐसे में हो सकता है कि आने वाले समय में यह मुद्दा राजनीतिक बहस का केंद्र बन जाए। बहरहाल, अब सब की नजरें हाईकोर्ट की सुनवाई पर टिकी हैं कि कोर्ट इस मामले में क्या निर्णय देता है।





