Friday, 09 Oct 2026 | 05:37 PM

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अब हाईकोर्ट में आमने-सामने होंगे राहुल गांधी और कार्तिकेय:भोपाल MP-MLA कोर्ट के समन को राहुल ने दी चुनौती, अगले हफ्ते सुनवाई

अब हाईकोर्ट में आमने-सामने होंगे राहुल गांधी और कार्तिकेय:भोपाल MP-MLA कोर्ट के समन को राहुल ने दी चुनौती, अगले हफ्ते सुनवाई

मध्य प्रदेश हाई कोर्ट में जल्द ही कांग्रेस के दिग्गज नेता राहुल गांधी और शिवराज परिवार आमने-सामने होंगे। मामला मानहानि केस से जुड़ा है। इसे लेकर राहुल गांधी ने एमपी एमएलए कोर्ट के समन को हाई कोर्ट में चुनौती दी है। जस्टिस प्रमोद कुमार अग्रवाल की बेंच एक सप्ताह बाद इस मामले में सुनवाई करेगी। साल 2018 में राहुल गांधी कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष थे। उस समय झाबुआ में हुई एक चुनावी सभा हुई। इसमें राहुल ने भाषण देते हुए पनामा पेपर लीक का जिक्र किया। शिवराज सिंह चौहान और उनके बेटे कार्तिकेय सिंह चौहान का नाम लिया। राहुल गांधी ने तुलना करते हुए कहा था कि पाकिस्तान में नवाज शरीफ पर कार्रवाई हुई, लेकिन मध्य प्रदेश में ऐसा नहीं हुआ। कार्तिकेय सिंह चौहान ने राहुल गांधी के इस बयान को अपनी छवि खराब करने वाला बताते हुए भोपाल के एमपी एमएलए कोर्ट में मानहानि का केस दर्ज कराया। भोपाल एमपी एमएलए कोर्ट की विशेष मजिस्ट्रेट ने राहुल गांधी के खिलाफ समन जारी किया और इसी को रद्द करने के लिए राहुल गांधी ने हाई कोर्ट का रुख किया। अदालत ने प्रारंभिक सुनवाई के बाद इस मामले को एक सप्ताह के लिए स्थगित कर दिया है। राहुल गांधी वर्सेस शिवराज सिंह चौहान के परिवार का यह केस सिर्फ कोर्ट तक नहीं, बल्कि राजनीतिक गलियारों में भी गहरा असर करेगा। एक तरफ जहां कांग्रेस के शीर्ष नेता राहुल गांधी हैं तो वहीं दूसरी और भाजपा के पूर्व मुख्यमंत्री और कद्दावर नेता शिवराज सिंह चौहान का परिवार। ऐसे में हो सकता है कि आने वाले समय में यह मुद्दा राजनीतिक बहस का केंद्र बन जाए। बहरहाल, अब सब की नजरें हाईकोर्ट की सुनवाई पर टिकी हैं कि कोर्ट इस मामले में क्या निर्णय देता है।

सिंगर हनी सिंह के पुणे शो से पहले विवाद:जिला चाइल्ड प्रोटेक्शन अफसर ने भेजा नोटिस, चंडीगढ़ के प्रोफेसर की शिकायत पर एक्शन

सिंगर हनी सिंह के पुणे शो से पहले विवाद:जिला चाइल्ड प्रोटेक्शन अफसर ने भेजा नोटिस, चंडीगढ़ के प्रोफेसर की शिकायत पर एक्शन

बॉलीवुड सिंगर व रैपर यो यो हनी सिंह के महाराष्ट्र के पुणे कंसर्ट को लेकर बड़ा विवाद खड़ा हो गया है। महाराष्ट्र के जिला चाइल्ड प्रोटेक्शन अफसर ने पुणे के पुलिस कमिश्नर को पत्र लिखकर अनुरोध किया है कि हनी सिंह को कुछ विवादास्पद गाने न गाने दिए जाएं, क्योंकि इनमें शराब, ड्रग्स और गन कल्चर की महिमा बताई जाती है, जो बच्चों पर बुरा असर डाल सकती है। पत्र में उन्होंने उनके सात गानों का जिक्र किया है। इन गानों में वन बॉटल डाउन, चार बोतल वोडका, मनाली ट्रांस, दिस पार्टी गेटिंग हॉट, मक्खना, गोलियां और मिलियनेयर शामिल हैं। इस संबंधी शिकायत चंडीगढ़ के प्रोफेसर पंडित पंडितराव धरेनवर ने की थी। प्रोफेसर ने भेजी थी यह शिकायत हनी सिंह का शो 4 अप्रैल 2026 को महालक्ष्मी लॉन्स, पुणे में होने वाला है। हालांकि पता चला है कि मुंबई में 4 को खराब मौसम के चलते अब 18 अप्रैल को कर दिया गया है। यह शो उनके My Story टूर के तहत हो रहा था। इसको लेकर चाइल्ड प्रोटेक्शन अफसर को लिखे पत्र में प्रोफेसर ने कहा था कि इन गानों में शराब, नशीले पदार्थों और बंदूक संस्कृति को ग्लोरिफाई किया जाता है। अश्लील भाषा के प्रयोग पर रोक लगाने की मांग साथ ही स्टेज पर अश्लील भाषा (vulgar language) के इस्तेमाल पर भी रोक लगाने की मांग की गई है। उन्होंने यह भी जिक्र किया कि 18 साल से कम उम्र के बच्चे भी प्रवेश कर सकते हैं। ऐसे में बच्चों पर बुरा असर पड़ सकता है। पत्र में पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट के 2019 के एक फैसले का हवाला भी दिया गया है, जिसमें बच्चों पर गलत असर डालने वाले कंटेंट को लेकर चिंता जताई गई थी। उन्होंने हनी सिंह पर हाल ही में मुंबई के शो में अश्लील भाषा इस्तेमाल करने का भी आरोप लगाया है। पहले हो चुकी है एफआईआर इससे पहले हनी सिंह का 28 मार्च को एमएमआरडीए ग्राउंड्स, बांद्रा में सफलतापूर्वक संपन्न हुआ। इस शो में हनी सिंह ने अपने गाने ‘मिलियनेयर’ (Millionaire) पर परफॉर्म करते हुए एक भव्य रोल्स-रॉयस कार में स्टेज पर एंट्री की। हालांकि इस दौरान वह ड्रिंक करते दिखे थे। इससे पहले शो के आयोजकों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है। उन पर आरोप है कि उन्होंने मुंबई एयरपोर्ट के पास संवेदनशील क्षेत्र में अनुमति के बिना लेजर लाइट्स का उपयोग किया, जिससे विमानों की सुरक्षा को खतरा हो सकता था।

अधिकारी ने हनी सिंह के गानों पर चिंता जताई:पुलिस कमिश्नर को लिखा पत्र, गानों से शराब और गन कल्चर को बढ़ावा देने का आरोप लगाया

अधिकारी ने हनी सिंह के गानों पर चिंता जताई:पुलिस कमिश्नर को लिखा पत्र, गानों से शराब और गन कल्चर को बढ़ावा देने का आरोप लगाया

सिंगर हनी सिंह के महाराष्ट्र के पुणे में होने वाले कॉन्सर्ट को लेकर विवाद खड़ा हो गया है। पुणे जिला बाल संरक्षण अधिकारी मंगेश जाधव ने शहर के पुलिस कमिश्नर अमितेश कुमार को पत्र लिखकर हनी सिंह के गानों पर चिंता जताई और आरोप लगाया कि उनके गानों में शराब, ड्रग्स और गन कल्चर को बढ़ावा दिया जाता है। PTI की रिपोर्ट के मुताबिक, जाधव ने पुलिस डिपार्टमेंट से हनी सिंह के प्रोग्राम का कंटेंट सामाजिक रूप से जिम्मेदार और बच्चों की सुरक्षा के नियमों के हिसाब से बनाने को कहा है। यह पत्र गुरुवार को चंडीगढ़ के डॉ. पंडितराव धरेनवर की महाराष्ट्र महिला एवं बाल विकास विभाग में की गई शिकायत के बाद लिखा गया। पत्र में कहा गया है कि हनी के गाने, जैसे वन बॉटल डाउन, चार बॉटल वोडका, मनाली ट्रांस, दिस पार्टी गेटिंग हॉट, मखना, गोलियां और मिलियनेयर में आपत्तिजनक कंटेंट है। इसमें उनके लाइव कॉन्सर्ट में 18 साल से कम उम्र के बच्चों की मौजूदगी को लेकर भी चिंता जताई गई। मुंबई शो का भी पत्र में जिक्र किया जाधव ने 28 मार्च को मुंबई में हुए एक शो का भी जिक्र किया, जहां स्टेज पर कथित तौर पर अभद्र भाषा का इस्तेमाल किया गया था। यह शो हनी सिंह के माई स्टोरी टूर का हिस्सा था, जिसमें मिलियनेयर, देसी कलाकार, माफिया मुंडीर और डोप शॉप जैसे गाने परफॉर्म किए गए थे। पत्र में पुलिस कमिश्नर से प्रोग्राम के कंटेंट को कानून और बाल संरक्षण मानकों के अनुरूप बनाए रखने के लिए आवश्यक कदम उठाने को कहा गया है। पुणे में हनी सिंह का शो टला, खराब मौसम वजह वहीं, पुणे में हनी सिंह का होने वाला लाइव शो स्थगित कर दिया गया है। यह शो पहले 4 अप्रैल को होना था, लेकिन खराब मौसम के चलते इसे टाल दिया गया। बारिश और गरज के साथ बौछारों की संभावना को देखते हुए यह फैसला लिया गया। अब यह शो 18 अप्रैल 2026 को आयोजित किया जाएगा। साथ ही, पहले से खरीदे गए टिकट नई तारीख के लिए मान्य रहेंगे।

अधिकारी ने हनी सिंह के गानों पर चिंता जताई:पुलिस कमिश्नर को लिखा पत्र, गानों से शराब और गन कल्चर को बढ़ावा देने का आरोप लगाया

अधिकारी ने हनी सिंह के गानों पर चिंता जताई:पुलिस कमिश्नर को लिखा पत्र, गानों से शराब और गन कल्चर को बढ़ावा देने का आरोप लगाया

पुणे जिला बाल संरक्षण अधिकारी मंगेश जाधव ने शहर के पुलिस कमिश्नर अमितेश कुमार को पत्र लिखकर सिंगर हनी सिंह के गानों पर चिंता जताई और आरोप लगाया कि उनके गानों में शराब, ड्रग्स और गन कल्चर को बढ़ावा दिया जाता है। PTI की रिपोर्ट के मुताबिक, जाधव ने पुलिस डिपार्टमेंट से हनी सिंह के प्रोग्राम का कंटेंट सामाजिक रूप से जिम्मेदार और बच्चों की सुरक्षा के नियमों के हिसाब से बनाने को कहा है। यह पत्र गुरुवार को चंडीगढ़ के डॉ. पंडितराव धरेनवर की महाराष्ट्र महिला एवं बाल विकास विभाग में की गई शिकायत के बाद लिखा गया। पत्र में कहा गया है कि हनी के गाने, जैसे वन बॉटल डाउन, चार बॉटल वोडका, मनाली ट्रांस, दिस पार्टी गेटिंग हॉट, मखना, गोलियां और मिलियनेयर में आपत्तिजनक कंटेंट है। इसमें उनके लाइव कॉन्सर्ट में 18 साल से कम उम्र के बच्चों की मौजूदगी को लेकर भी चिंता जताई गई। मुंबई शो का भी पत्र में जिक्र किया जाधव ने 28 मार्च को मुंबई में हुए एक शो का भी जिक्र किया, जहां स्टेज पर कथित तौर पर अभद्र भाषा का इस्तेमाल किया गया था। यह शो हनी सिंह के माई स्टोरी टूर का हिस्सा था, जिसमें मिलियनेयर, देसी कलाकार, माफिया मुंडीर और डोप शॉप जैसे गाने परफॉर्म किए गए थे। पत्र में पुलिस कमिश्नर से प्रोग्राम के कंटेंट को कानून और बाल संरक्षण मानकों के अनुरूप बनाए रखने के लिए आवश्यक कदम उठाने को कहा गया है। गाना वॉल्यूम 1 हटाने के आदेश जारी वहीं, दिल्ली हाईकोर्ट ने गुरुवार को सिंगर हनी सिंह और बादशाह के खिलाफ सख्त रुख अपनाया। कोर्ट ने करीब दो दशक पुराने विवादित गाने वॉल्यूम 1 को इंटरनेट के सभी प्लेटफॉर्म से तुरंत हटाने के आदेश दिए हैं। बता दें कि इस गाने को हनी सिंह और बादशाह द्वारा गाया गया बताया जाता है। हालांकि, दोनों कलाकारों ने समय-समय पर इसे गाने से इनकार भी किया है। कोर्ट ने कहा कि गाने का टाइटल और बोल इतने आपत्तिजनक हैं कि उन्हें आधिकारिक आदेश में लिखना भी संभव नहीं है। अदालत ने निर्देश दिया कि गूगल, यूट्यूब और स्पॉटिफाई जैसे सभी म्यूजिक और वीडियो शेयरिंग प्लेटफॉर्म से इस गाने के ओरिजिनल वर्जन, रीमिक्स और यूआरएल को तुरंत ब्लॉक किया जाए। कोर्ट ने कहा- ‘अंतरात्मा को झकझोर दिया’ जस्टिस कौरव ने अपने चैंबर में गाने को सुनने और उसके बोल पढ़ने के बाद तल्ख टिप्पणी की। उन्होंने कहा, यह उन चुनिंदा मामलों में से एक है जिसने कोर्ट की अंतरात्मा को अंदर तक हिला दिया है। यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि गाने के बोल महिलाओं का अपमान करते हैं और उन्हें मजाक का पात्र बनाते हैं। इसमें कोई भी कलात्मक या सामाजिक मूल्य नहीं है। कोर्ट ने साफ किया कि कलात्मक अभिव्यक्ति की आड़ में ऐसी अश्लीलता बर्दाश्त नहीं की जाएगी। हिंदू शक्ति दल ने दायर की थी याचिका यह कार्रवाई हिंदू शक्ति दल की याचिका पर हुई है। याचिका में दलील दी गई थी कि यह गाना डिजिटल प्लेटफॉर्म पर आसानी से उपलब्ध है और युवाओं पर गलत असर डाल रहा है। याचिकाकर्ता ने कोर्ट को बताया कि हाल ही में एक कॉन्सर्ट के दौरान हनी सिंह ने इस गाने की कुछ लाइनें गाई थीं, जिससे साबित होता है कि यह गाना उन्हीं का है। इसके बाद कोर्ट ने केंद्र सरकार को भी विवादित लिंक ब्लॉक करने के निर्देश दिए हैं। ऐसे कंटेंट को पैसे कमाने की इजाजत नहीं कोर्ट ने कहा कि सार्वजनिक प्लेटफॉर्म पर ऐसी सामग्री फैलाना, जो नाबालिगों के लिए भी उपलब्ध है, समाज के लिए ठीक नहीं है। जस्टिस कौरव ने कहा, समाज में शालीनता के मानकों की अनदेखी की जा रही है। कानून से चलने वाला कोई भी सभ्य समाज ऐसे कंटेंट को पैसे कमाने का जरिया बनने की इजाजत नहीं दे सकता। इस मामले की अगली सुनवाई अब 7 मई को तय की गई है।

‘चुप हूं, पराजित नहीं’: राघव चड्ढा ने AAP पर उठाए सवाल, पूछा ‘क्या मैंने कुछ गलत किया है?’ | राजनीति समाचार

Smoke and debris flies around at the site of an Israeli strike that targeted a building adjacent to the highway that leads to Beirut's international airport.

आखरी अपडेट:03 अप्रैल, 2026, 10:38 IST चड्ढा ने आम आदमी को दिए अपने संदेश में कहा कि जब भी उन्हें संसद में बोलने का मौका मिला, उन्होंने इस अवसर का उपयोग आम लोगों के मुद्दों को उठाने के लिए किया। आम आदमी पार्टी सांसद राघव चड्ढा आम आदमी पार्टी (आप) द्वारा सांसद राघव चड्ढा को राज्यसभा में पार्टी के उपनेता के पद से हटाने के कुछ ही घंटों बाद, आप नेता ने कड़े शब्दों में प्रतिक्रिया देते हुए सोशल मीडिया पर अपना एक वीडियो साझा किया और कहा कि उन्हें “चुप कर देना चाहिए, लेकिन हराया नहीं जाना चाहिए”। चड्ढा ने आम आदमी को दिए अपने संदेश में कहा कि जब भी उन्हें संसद में बोलने का मौका मिला, उन्होंने इस अवसर का उपयोग आम लोगों के मुद्दों को उठाने के लिए किया। हालांकि, उन्होंने तुरंत आप पर निशाना साधा और पार्टी से सवाल किया कि क्या लोगों की आवाज उठाना अपराध है। “जब भी मुझे संसद में बोलने का मौका मिला, मैंने सार्वजनिक मुद्दे उठाए। जिन विषयों को उठाने की हिम्मत कोई नहीं करता, लेकिन क्या सार्वजनिक मुद्दे उठाना अपराध है? क्या मैंने कोई अपराध किया है? क्या मैंने कोई गलती की है? क्या मैंने कुछ गलत किया है?” चड्ढा ने एक्स पर पोस्ट किए गए एक वीडियो संदेश में पूछा। उन्होंने कहा, “मैं यह सवाल इसलिए पूछ रहा हूं क्योंकि AAP ने सचिवालय से राघव चड्ढा को संसद में बोलने से रोकने के लिए कहा था।” खामोश हूं, हारा नहीं’आम आदमी’ को मेरा संदेश- खामोश हो गया हूं, हारा नहीं हूं ‘मैं आदमी हूं’ को मेरा मैसेज pic.twitter.com/poUwxsu0S3 – राघव चड्ढा (@raghav_chadha) 3 अप्रैल 2026 चड्ढा का संदेश गुरुवार को नाटकीय घटनाक्रम के बाद आया, जब अरविंद केजरीवाल के नेतृत्व वाली आम आदमी पार्टी ने उन्हें राज्यसभा में उपनेता के पद से हटा दिया और सचिवालय से उन्हें फ्लोर टाइम की अनुमति न देने का अनुरोध किया। विशेष रूप से, AAP ने गुरुवार को राज्यसभा सचिवालय को पत्र लिखकर चड्ढा को हटाने की मांग की और उच्च सदन में पार्टी के उपनेता के रूप में उनके स्थान पर पंजाब के सांसद अशोक मित्तल का नाम प्रस्तावित किया। राघव चड्ढा देश के सबसे युवा सांसदों में से हैं और एक समय उन्हें केजरीवाल का करीबी विश्वासपात्र माना जाता था। उन्होंने पार्टी मामलों में, विशेषकर पंजाब में और दिल्ली में आप के कार्यकाल के दौरान महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी। चुनी हुई कहानियाँ, आपके इनबॉक्स में हमारी सर्वोत्तम पत्रकारिता वाला एक न्यूज़लेटर जमा करना पहले प्रकाशित: 03 अप्रैल, 2026, 10:06 IST समाचार राजनीति ‘चुप हूं, पराजित नहीं’: राघव चड्ढा ने AAP पर उठाए सवाल, पूछा ‘क्या मैंने कुछ गलत किया है?’ अस्वीकरण: टिप्पणियाँ उपयोगकर्ताओं के विचार दर्शाती हैं, News18 के नहीं। कृपया चर्चाएँ सम्मानजनक और रचनात्मक रखें। अपमानजनक, मानहानिकारक, या अवैध टिप्पणियाँ हटा दी जाएंगी। News18 अपने विवेक से किसी भी टिप्पणी को अक्षम कर सकता है. पोस्ट करके, आप हमारी उपयोग की शर्तों और गोपनीयता नीति से सहमत होते हैं। और पढ़ें

चेक बाउंस केस में सुनवाई के दौरान भावुक हुए राजपाल:बोले- पांच बार और जेल भेज दो, कोर्ट ने अतिरिक्त समय देने से मना किया

चेक बाउंस केस में सुनवाई के दौरान भावुक हुए राजपाल:बोले- पांच बार और जेल भेज दो, कोर्ट ने अतिरिक्त समय देने से मना किया

दिल्ली हाईकोर्ट ने गुरुवार को एक्टर राजपाल यादव को चेक बाउंस मामले में बकाया रकम चुकाने के लिए अतिरिक्त समय देने से इनकार कर दिया। सुनवाई के दौरान वीडियो कॉन्फ्रेंस से पेश हुए राजपाल भावुक हो गए। बार एंड बेंच की रिपोर्ट के अनुसार, कोर्ट ने 6 करोड़ रुपए चुकाने के लिए 30 दिन का समय देने की मांग ठुकराते हुए कहा, “नहीं मतलब नहीं। फैसला सुरक्षित रखा जा रहा है और समय नहीं मिलेगा।” सुनवाई के दौरान कोर्ट ने कहा कि यदि पेमेंट करने की इच्छा है तो देरी क्यों हो रही है। कोर्ट ने कहा, “आप कह रहे हैं कि आप पेमेंट करना चाहते हैं, लेकिन आपके वकील कह रहे हैं कि जेल जा चुके हैं, इसलिए पेमेंट नहीं करेंगे। अगर आप पेमेंट करना चाहते हैं, तो फिर मामले की सुनवाई क्यों हो रही है। पेमेंट कर दीजिए।” शिकायतकर्ता पक्ष बोला- 7.75 करोड़ अभी भी बाकी मामले में सुनवाई के दौरान शिकायतकर्ता पक्ष ने कोर्ट में कहा कि सजा पूरी करने से वित्तीय देनदारी खत्म नहीं होती। वकील अवनीत सिंह सिक्का ने दलील दी कि राजपाल यादव 10 करोड़ रुपए का पेमेंट नहीं करने की बात स्वीकार कर चुके हैं। उन्होंने बताया कि पेमेंट न होने के बाद ही कार्यवाही शुरू की गई। कुल 7.75 करोड़ रुपए अभी भी बकाया हैं, जबकि ट्रायल कोर्ट से पहले करीब 2 करोड़ रुपए जमा किए गए थे। सुनवाई के दौरान अदालत ने वन-टाइम सेटलमेंट की संभावना भी तलाशी। कोर्ट ने संकेत दिया कि यदि कम समय में 6 करोड़ रुपए दिए जाएं तो विवाद सुलझ सकता है, जिस पर शिकायतकर्ता भी सहमत दिखा। राजपाल यादव ने कहा, “उन्होंने मुझसे 17 करोड़ रुपए ले लिए हैं। मेरे पांच फ्लैट बेचने पड़े हैं। मैं फिर से कोर्ट जाने के लिए तैयार हूं। मैं भावुक नहीं हूं, मुझे पांच बार और जेल भेज दो।” हालांकि, जब उन्होंने रकम जुटाने के लिए 30 दिन का समय मांगा तो अदालत ने इनकार कर दिया। समझौता नहीं होने पर हाईकोर्ट ने मामले में अपना फैसला सुरक्षित रख लिया। क्या है पूरा मामला साल 2010 में राजपाल यादव ने फिल्म अता पता लापता बनाने के लिए प्राइवेट कंपनी मुरली प्रोजेक्ट्स प्राइवेट लिमिटेड से 5 करोड़ रुपए का कर्ज लिया था। यह फिल्म फ्लॉप रही और राजपाल यादव को आर्थिक तंगी का सामना करना पड़ा। राजपाल यादव समय रहते कर्ज की रकम नहीं लौटा सके। लोन लेते समय राजपाल यादव ने जो चेक कंपनी को दिए थे, वे बाउंस हो गए, जिसके बाद एक्टर के खिलाफ शिकायत दर्ज करवाई गई। दोनों पार्टियों के बीच समझौते के बावजूद पूरी पेमेंट नहीं हुई और समय के साथ ब्याज जुड़ता गया, जिससे कुल कर्ज काफी बढ़ गया। साल 2018 में दिल्ली की कड़कड़डूमा कोर्ट ने राजपाल यादव को दोषी ठहराया और उन्हें छह महीने की जेल की सजा सुनाई। इसके बाद उन्होंने हाईकोर्ट में अपील की, जहां उन्हें कई बार राहत मिली, क्योंकि उन्होंने भुगतान और समझौते का भरोसा दिया था। हालांकि, फरवरी 2026 की शुरुआत में दिल्ली हाईकोर्ट ने एक्टर को पूर्व में दी गई रियायतों और समय सीमा को बढ़ाने से इनकार कर दिया था। कोर्ट ने उन्हें 4 फरवरी तक सरेंडर करने का आदेश दिया था, जिसके बाद उन्होंने 5 फरवरी को शाम लगभग 4 बजे आत्मसमर्पण किया। इसके बाद वह लगभग 12 दिन जेल में रहने के बाद 1.5 करोड़ रुपए जमा करने की शर्त पर अंतरिम जमानत पर 16 फरवरी को बाहर आए थे।

चेक बाउंस केस में सुनवाई के दौरान भावुक हुए राजपाल:बोले- पांच बार और जेल भेज दो, कोर्ट ने अतिरिक्त समय देने से मना किया

चेक बाउंस केस में सुनवाई के दौरान भावुक हुए राजपाल:बोले- पांच बार और जेल भेज दो, कोर्ट ने अतिरिक्त समय देने से मना किया

दिल्ली हाईकोर्ट ने गुरुवार को एक्टर राजपाल यादव को चेक बाउंस मामले में बकाया रकम चुकाने के लिए अतिरिक्त समय देने से इनकार कर दिया। सुनवाई के दौरान वीडियो कॉन्फ्रेंस से पेश हुए राजपाल भावुक हो गए। बार एंड बेंच की रिपोर्ट के अनुसार, कोर्ट ने 6 करोड़ रुपए चुकाने के लिए 30 दिन का समय देने की मांग ठुकराते हुए कहा, “नहीं मतलब नहीं। फैसला सुरक्षित रखा जा रहा है और समय नहीं मिलेगा।” सुनवाई के दौरान कोर्ट ने कहा कि यदि पेमेंट करने की इच्छा है तो देरी क्यों हो रही है। कोर्ट ने कहा, “आप कह रहे हैं कि आप पेमेंट करना चाहते हैं, लेकिन आपके वकील कह रहे हैं कि जेल जा चुके हैं, इसलिए पेमेंट नहीं करेंगे। अगर आप पेमेंट करना चाहते हैं, तो फिर मामले की सुनवाई क्यों हो रही है। पेमेंट कर दीजिए।” शिकायतकर्ता पक्ष बोला- 7.75 करोड़ अभी भी बाकी मामले में सुनवाई के दौरान शिकायतकर्ता पक्ष ने कोर्ट में कहा कि सजा पूरी करने से वित्तीय देनदारी खत्म नहीं होती। वकील अवनीत सिंह सिक्का ने दलील दी कि राजपाल यादव 10 करोड़ रुपए का पेमेंट नहीं करने की बात स्वीकार कर चुके हैं। उन्होंने बताया कि पेमेंट न होने के बाद ही कार्यवाही शुरू की गई। कुल 7.75 करोड़ रुपए अभी भी बकाया हैं, जबकि ट्रायल कोर्ट से पहले करीब 2 करोड़ रुपए जमा किए गए थे। सुनवाई के दौरान अदालत ने वन-टाइम सेटलमेंट की संभावना भी तलाशी। कोर्ट ने संकेत दिया कि यदि कम समय में 6 करोड़ रुपए दिए जाएं तो विवाद सुलझ सकता है, जिस पर शिकायतकर्ता भी सहमत दिखा। राजपाल यादव ने कहा, “उन्होंने मुझसे 17 करोड़ रुपए ले लिए हैं। मेरे पांच फ्लैट बेचने पड़े हैं। मैं फिर से कोर्ट जाने के लिए तैयार हूं। मैं भावुक नहीं हूं, मुझे पांच बार और जेल भेज दो।” हालांकि, जब उन्होंने रकम जुटाने के लिए 30 दिन का समय मांगा तो अदालत ने इनकार कर दिया। समझौता नहीं होने पर हाईकोर्ट ने मामले में अपना फैसला सुरक्षित रख लिया। क्या है पूरा मामला साल 2010 में राजपाल यादव ने फिल्म अता पता लापता बनाने के लिए प्राइवेट कंपनी मुरली प्रोजेक्ट्स प्राइवेट लिमिटेड से 5 करोड़ रुपए का कर्ज लिया था। यह फिल्म फ्लॉप रही और राजपाल यादव को आर्थिक तंगी का सामना करना पड़ा। राजपाल यादव समय रहते कर्ज की रकम नहीं लौटा सके। लोन लेते समय राजपाल यादव ने जो चेक कंपनी को दिए थे, वे बाउंस हो गए, जिसके बाद एक्टर के खिलाफ शिकायत दर्ज करवाई गई। दोनों पार्टियों के बीच समझौते के बावजूद पूरी पेमेंट नहीं हुई और समय के साथ ब्याज जुड़ता गया, जिससे कुल कर्ज काफी बढ़ गया। साल 2018 में दिल्ली की कड़कड़डूमा कोर्ट ने राजपाल यादव को दोषी ठहराया और उन्हें छह महीने की जेल की सजा सुनाई। इसके बाद उन्होंने हाईकोर्ट में अपील की, जहां उन्हें कई बार राहत मिली, क्योंकि उन्होंने भुगतान और समझौते का भरोसा दिया था। हालांकि, फरवरी 2026 की शुरुआत में दिल्ली हाईकोर्ट ने एक्टर को पूर्व में दी गई रियायतों और समय सीमा को बढ़ाने से इनकार कर दिया था। कोर्ट ने उन्हें 4 फरवरी तक सरेंडर करने का आदेश दिया था, जिसके बाद उन्होंने 5 फरवरी को शाम लगभग 4 बजे आत्मसमर्पण किया। इसके बाद वह लगभग 12 दिन जेल में रहने के बाद 1.5 करोड़ रुपए जमा करने की शर्त पर अंतरिम जमानत पर 16 फरवरी को बाहर आए थे।

फ्लाइट में 60% सीटें मुफ्त देने के फैसले पर रोक:सरकार ने 15 दिन में फैसला बदला, कई एयरलाइंस ने आपत्ति जताई थी

फ्लाइट में 60% सीटें मुफ्त देने के फैसले पर रोक:सरकार ने 15 दिन में फैसला बदला, कई एयरलाइंस ने आपत्ति जताई थी

केंद्र सरकार ने एयरलाइंस को फ्लाइट में 60% सीटें बिना अतिरिक्त शुल्क के चुनने देने वाले निर्देश को अस्थायी रूप से रोक दिया है। न्यूज एजेंसी PTI ने सूत्रों के हवाले से बताया कि यह नियम 20 अप्रैल से लागू होना था, लेकिन अब इसे अगले आदेश तक स्थगित कर दिया गया है। नागरिक उड्डयन मंत्रालय ने 15 दिन पहले 18 मार्च को कहा था कि डीजीसीए को निर्देश दिए गए हैं कि किसी भी फ्लाइट में सीट चयन के लिए न्यूनतम 60% सीटें बिना चार्ज उपलब्ध कराई जाएं। इसका उद्देश्य यात्रियों को सीट चुनने में समान अवसर देना बताया गया था। मंत्रालय के अनुसार, इस मुद्दे की समीक्षा के दौरान फेडरेशन ऑफ इंडियन एयरलाइंस की ओर से आपत्तियां भेजी गईं। इनमें ऑपरेशनल असर, किराए पर प्रभाव और मौजूदा डिरेगुलेटेड टैरिफ व्यवस्था से तालमेल जैसे मुद्दे उठाए गए। मंत्रालय ने कहा कि व्यापक जांच पूरी होने तक 60% सीटें मुफ्त देने का प्रावधान लागू नहीं किया जाएगा। मौजूदा नियम 20% सीटों पर ही लागू होता है मौजूदा नियमों में पैसेंजर्स के लिए 20% सीटें ही बिना एक्स्ट्रा चार्ज दिए बुक की जा सकती हैं, जबकि बाकी सीटों के लिए भुगतान करना पड़ता है। रिपोर्ट्स के मुताबिक अभी एयरलाइंस पंसद की सीटें चुनने पर 500 से 3000 रुपए तक एक्स्ट्रा चार्ज करती हैं। ‘प्रेफर्ड सीट’ के नाम पर एक्स्ट्रा चार्ज नहीं ले सकेंगी एयरलाइंस अक्सर देखा जाता है कि टिकट बुकिंग के बाद जब यात्री वेब चेक-इन करते हैं, तो उन्हें फ्री सीट के नाम पर केवल 20% ऑप्शन ही मिलते हैं। बाकी सीटों के लिए कंपनियां ‘प्रेफर्ड सीट’ के नाम पर भारी वसूली करती हैं। DGCA के 15 दिन पुराने आदेश में कहा था कि हर फ्लाइट में 60% सीटें ऐसी होनी चाहिए, जिन्हें यात्री बिना किसी एक्स्ट्रा चार्ज के चुन सकें। हालांकि अभी यह लागू नहीं होगा। केंद्रीय मंत्री बोले- भारत दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा घरेलू एविएशन मार्केट सिविल एविएशन मंत्री राम मोहन नायडू ने कहा कि भारत दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा घरेलू एविएशन मार्केट बन गया है। भारतीय एयरपोर्ट अब हर दिन 5 लाख से ज्यादा यात्रियों को संभाल रहे हैं। उड़ान योजना से भारत में हवाई यात्रा अब सिर्फ अमीर लोगों का अधिकार न रहकर, सभी के लिए सुलभ बन गई है। देश में हवाई यात्रा को और भी आसान बनाने के लिए लगातार कोशिशें जारी हैं, जैसे उड़ान यात्री कैफे, जहां किफायती खाना मिलता है, फ्लाईब्रेरी में किताबें मुफ्त पढ़ने मिलती हैं और टर्मिनल पर फ्री वाई-फाई। —————- ये खबर भी पढ़ें… एयर टिकट बुकिंग 48 घंटे में कैंसिल की तो फुल-रिफंड: फ्लाइट से 7 दिन पहले बुकिंग जरूरी, DGCA के नए नियम; जानें बदलाव नागरिक उड्डयन महानिदेशालय (DGCA) ने गुरुवार को हवाई यात्रा के टिकट रिफंड और कैंसिल करने से जुड़े नियमों में बदलाव किया है। नए नियमों के मुताबिक, अब टिकट बुक करने के 48 घंटे के भीतर कैंसिल या बदलाव करने पर एक्स्ट्रा चार्ज नहीं लगेगा, यानी टिकट का पूरा अमाउंट रिफंड किया जाएगा। यह फैसला यात्रियों की बढ़ती शिकायतों और हाल ही में इंडिगो की उड़ानों में हुई दिक्कतों के बाद लिया गया है। पूरी खबर पढ़ें…

फ्लाइट में 60% सीटें मुफ्त देने के फैसले पर रोक:सरकार ने 15 दिन में फैसला बदला, कई एयरलाइंस ने आपत्ति जताई थी

फ्लाइट में 60% सीटें मुफ्त देने के फैसले पर रोक:सरकार ने 15 दिन में फैसला बदला, कई एयरलाइंस ने आपत्ति जताई थी

केंद्र सरकार ने एयरलाइंस को फ्लाइट में 60% सीटें बिना अतिरिक्त शुल्क के चुनने देने वाले निर्देश को अस्थायी रूप से रोक दिया है। न्यूज एजेंसी PTI ने सूत्रों के हवाले से बताया कि यह नियम 20 अप्रैल से लागू होना था, लेकिन अब इसे अगले आदेश तक स्थगित कर दिया गया है। नागरिक उड्डयन मंत्रालय ने 15 दिन पहले 18 मार्च को कहा था कि डीजीसीए को निर्देश दिए गए हैं कि किसी भी फ्लाइट में सीट चयन के लिए न्यूनतम 60% सीटें बिना चार्ज उपलब्ध कराई जाएं। इसका उद्देश्य यात्रियों को सीट चुनने में समान अवसर देना बताया गया था। मंत्रालय के अनुसार, इस मुद्दे की समीक्षा के दौरान फेडरेशन ऑफ इंडियन एयरलाइंस की ओर से आपत्तियां भेजी गईं। इनमें ऑपरेशनल असर, किराए पर प्रभाव और मौजूदा डिरेगुलेटेड टैरिफ व्यवस्था से तालमेल जैसे मुद्दे उठाए गए। मंत्रालय ने कहा कि व्यापक जांच पूरी होने तक 60% सीटें मुफ्त देने का प्रावधान लागू नहीं किया जाएगा। मौजूदा नियम 20% सीटों पर ही लागू होता है मौजूदा नियमों में पैसेंजर्स के लिए 20% सीटें ही बिना एक्स्ट्रा चार्ज दिए बुक की जा सकती हैं, जबकि बाकी सीटों के लिए भुगतान करना पड़ता है। रिपोर्ट्स के मुताबिक अभी एयरलाइंस पंसद की सीटें चुनने पर 500 से 3000 रुपए तक एक्स्ट्रा चार्ज करती हैं। ‘प्रेफर्ड सीट’ के नाम पर एक्स्ट्रा चार्ज नहीं ले सकेंगी एयरलाइंस अक्सर देखा जाता है कि टिकट बुकिंग के बाद जब यात्री वेब चेक-इन करते हैं, तो उन्हें फ्री सीट के नाम पर केवल 20% ऑप्शन ही मिलते हैं। बाकी सीटों के लिए कंपनियां ‘प्रेफर्ड सीट’ के नाम पर भारी वसूली करती हैं। DGCA के 15 दिन पुराने आदेश में कहा था कि हर फ्लाइट में 60% सीटें ऐसी होनी चाहिए, जिन्हें यात्री बिना किसी एक्स्ट्रा चार्ज के चुन सकें। हालांकि अभी यह लागू नहीं होगा। केंद्रीय मंत्री बोले- भारत दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा घरेलू एविएशन मार्केट सिविल एविएशन मंत्री राम मोहन नायडू ने कहा कि भारत दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा घरेलू एविएशन मार्केट बन गया है। भारतीय एयरपोर्ट अब हर दिन 5 लाख से ज्यादा यात्रियों को संभाल रहे हैं। उड़ान योजना से भारत में हवाई यात्रा अब सिर्फ अमीर लोगों का अधिकार न रहकर, सभी के लिए सुलभ बन गई है। देश में हवाई यात्रा को और भी आसान बनाने के लिए लगातार कोशिशें जारी हैं, जैसे उड़ान यात्री कैफे, जहां किफायती खाना मिलता है, फ्लाईब्रेरी में किताबें मुफ्त पढ़ने मिलती हैं और टर्मिनल पर फ्री वाई-फाई। —————- ये खबर भी पढ़ें… एयर टिकट बुकिंग 48 घंटे में कैंसिल की तो फुल-रिफंड: फ्लाइट से 7 दिन पहले बुकिंग जरूरी, DGCA के नए नियम; जानें बदलाव नागरिक उड्डयन महानिदेशालय (DGCA) ने गुरुवार को हवाई यात्रा के टिकट रिफंड और कैंसिल करने से जुड़े नियमों में बदलाव किया है। नए नियमों के मुताबिक, अब टिकट बुक करने के 48 घंटे के भीतर कैंसिल या बदलाव करने पर एक्स्ट्रा चार्ज नहीं लगेगा, यानी टिकट का पूरा अमाउंट रिफंड किया जाएगा। यह फैसला यात्रियों की बढ़ती शिकायतों और हाल ही में इंडिगो की उड़ानों में हुई दिक्कतों के बाद लिया गया है। पूरी खबर पढ़ें…

उत्तराखंड की बेटी ने जापान में जीता ब्रॉन्ज मेडल:फटे जूतों की कहानी सुन क्रिकेटर स्नेह राणा ने दिए नए स्पाइक्स, बोलीं- हमेशा साथ निभाऊंगी

उत्तराखंड की बेटी ने जापान में जीता ब्रॉन्ज मेडल:फटे जूतों की कहानी सुन क्रिकेटर स्नेह राणा ने दिए नए स्पाइक्स, बोलीं- हमेशा साथ निभाऊंगी

रुड़की के एक छोटे से गांव की रहने वाली एथलीट सोनिया ने जापान के फुकुओका में हुई 18वीं एशियन क्रॉस कंट्री चैंपियनशिप में ब्रॉन्ज मेडल जीतकर देश का नाम रोशन किया है। बेहद साधारण परिवार से आने वाली सोनिया का यह सफर संघर्षों से भरा रहा, जहां संसाधनों की कमी हर कदम पर चुनौती बनकर सामने आई। बीते दिन इस संघर्ष और उपलब्धि की कहानी जब भारतीय महिला क्रिकेट टीम की स्टार ऑलराउंडर स्नेह राणा तक पहुंची, तो उन्होंने सोनिया को देहरादून स्थित अपने स्पोर्ट्स स्ट्राइव टर्फ पर बुलाया। यहां उन्होंने सोनिया को प्रोफेशनल स्पोर्ट्स शूज और बेहतर न्यूट्रिशन सपोर्ट देकर न सिर्फ मदद की, बल्कि ताउम्र साथ निभाने का भरोसा भी दिया। सोनिया के लिए यह पल भावुक कर देने वाला था। फटे जूतों में दौड़कर मेडल जीतने वाली यह एथलीट जब नए स्पाइक्स हाथ में लिए खड़ी थी, तो उसकी आंखों में सिर्फ आंसू ही नहीं, बल्कि आगे बढ़ने का नया आत्मविश्वास भी साफ दिखाई दे रहा था। टर्फ पर मिला साथ, भावुक हो गई सोनिया देहरादून के सिनोला स्थित टर्फ पर जब सोनिया पहुंचीं, तो उन्हें शायद अंदाजा भी नहीं था कि उनके लिए क्या इंतजार कर रहा है। स्नेह राणा ने उन्हें गले लगाया, हालचाल पूछा और फिर उन्हें प्रोफेशनल स्पोर्ट्स शूज और न्यूट्रिशन सपोर्ट सौंपा। यह वही चीजें थीं, जिनकी कमी सोनिया को सालों से महसूस होती रही थी। जैसे ही उन्होंने नए जूते हाथ में लिए, उनकी आंखें भर आईं। बातचीत के दौरान वह खुद को संभाल नहीं पाईं। परिवार की हालत कमजोर, बहनों ने निभाया मां का रोल सोनिया का संघर्ष सिर्फ मैदान तक सीमित नहीं था। उनका पूरा बचपन आर्थिक तंगी में बीता। परिवार में चार बहनें और एक भाई हैं। पिता मजदूरी करके घर चलाते हैं और मां का निधन हो चुका है। ऐसे हालात में खेल को करियर बनाना आसान नहीं था। सोनिया बताती हैं कि कई बार ऐसा वक्त आया जब ट्रेनिंग छोड़ने का मन हुआ, लेकिन उनकी बहनों ने उन्हें कभी टूटने नहीं दिया। उन्होंने मां की कमी पूरी की, हिम्मत दी और हर मुश्किल में साथ खड़ी रहीं। यही वजह रही कि सोनिया ने हालातों के आगे घुटने नहीं टेके और अपने सपनों को जिंदा रखा। गांव के ताने, लेकिन इरादे रहे मजबूत सोनिया के सफर में सिर्फ आर्थिक परेशानियां ही नहीं, बल्कि सामाजिक दबाव भी बड़ी चुनौती रहा। गांव के लोग अक्सर ताने मारते थे और परिवार से कहते थे कि लड़की को वापस बुला लो। लेकिन सोनिया ने इन बातों को कभी अपने ऊपर हावी नहीं होने दिया। वह कहती हैं कि उन्होंने हमेशा खुद को अंदर से मजबूत रखा और लोगों को जवाब देने के बजाय अपनी मेहनत से साबित करने का रास्ता चुना।। फटे जूतों में जीता नेशनल मेडल सोनिया की असली पहचान 2025 में हुए राष्ट्रीय खेल 2025 के दौरान बनी। 10,000 मीटर की दौड़ में उन्होंने ब्रॉन्ज मेडल जीता, लेकिन इस जीत की सबसे बड़ी बात यह थी कि उनके पास दौड़ने के लिए सही स्पाइक्स तक नहीं थे। वह फटे जूतों में ट्रैक पर उतरीं और 35 मिनट 45.19 सेकंड का समय निकालकर पदक अपने नाम किया। यह सिर्फ एक जीत नहीं थी, बल्कि उनके संघर्ष और जज्बे की सबसे बड़ी मिसाल थी। इसी दौरान उन्होंने बताया था कि एक एथलीट के लिए सही डाइट लेना कितना मुश्किल होता है। महंगे सप्लीमेंट्स तो दूर, वह सस्ते मल्टी-विटामिन के सहारे ही अपनी तैयारी कर रही थीं। न्यूट्रिशन की कमी, लेकिन हिम्मत नहीं टूटी सोनिया ने कभी भी प्रोफेशनल लेवल का न्यूट्रिशन नहीं लिया। वह बताती हैं कि उन्होंने आज तक कोई महंगा सप्लीमेंट नहीं खरीदा। ऑनलाइन सस्ते मल्टी-विटामिन खरीदकर ही उन्होंने अपनी ट्रेनिंग जारी रखी। कई बार शरीर साथ नहीं देता था, लेकिन उन्होंने हार नहीं मानी। अब स्नेह राणा के सपोर्ट के बाद उन्हें उम्मीद है कि वह अपनी ट्रेनिंग को और बेहतर बना पाएंगी और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर और अच्छे प्रदर्शन कर सकेंगी। स्नेह राणा बोलीं- मैं भी इसी रास्ते से आई हूं स्नेह राणा ने सोनिया से मुलाकात के दौरान अपने संघर्ष भी साझा किए। उन्होंने बताया कि वह भी एक छोटे गांव से आई हैं, जहां महिला क्रिकेट को लेकर जागरूकता नहीं थी। लोगों के ताने, संसाधनों की कमी और सामाजिक सोच- इन सभी का सामना उन्होंने भी किया है। उन्होंने कहा कि जब लोग कहते थे कि तुम यह नहीं कर सकती, तो वह और ज्यादा जिद्दी हो जाती थीं। यही जिद उन्हें यहां तक लेकर आई। अब एशियन गेम्स पर नजर जापान में ब्रॉन्ज जीतने के बाद सोनिया का आत्मविश्वास काफी बढ़ गया है। अब उनका अगला लक्ष्य एशियन गेम्स के लिए क्वालीफाई करना है। स्नेह राणा के सपोर्ट से उन्हें नई ऊर्जा मिली है। बेहतर जूते, सही न्यूट्रिशन और मानसिक सहयोग- ये तीनों चीजें अब उनके पास हैं, जो किसी भी एथलीट के लिए बेहद जरूरी होती हैं। सोनिया की कहानी आज उन हजारों लड़कियों के लिए प्रेरणा है, जो संसाधनों की कमी के कारण अपने सपनों को अधूरा छोड़ देती हैं।