इश्क, इंतकाम या कुछ और? तरनतारन लॉ कॉलेज में छात्रा की हत्या के बाद आरोपी ने खुद को मारी गोली

Last Updated:February 09, 2026, 14:06 IST Tarn Taran News: पंजाब के तरनतारन जिले में लॉ कॉलेज की छात्रा की क्लासरूम के अंदर गोली मारकर हत्या कर दी गई. वारदात को अंजाम देने के बाद आरोपी युवक ने खुद को भी गोली मार ली. पुलिस ने दोनों की पहचान कर जांच शुरू कर दी है और घटना के कारणों की तलाश की जा रही है. पुलिस मामले की कई एंगल से जांच कर रही है. Punjab News: पंजाब के तरनतारन जिले से दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है. जहां पढ़ाई और भविष्य बनाने की जगह समझे जाने वाले कॉलेज कैंपस में अचानक गोलियों की आवाज गूंज उठी. क्लासरूम के भीतर हुई इस वारदात ने पूरे इलाके को सदमे में डाल दिया. लॉ कॉलेज में पढ़ने वाली छात्रा की दिनदहाड़े गोली मारकर हत्या कर दी गई. घटना इतनी अचानक और खौफनाक थी कि कॉलेज में मौजूद छात्र-छात्राएं और स्टाफ भी कुछ समझ नहीं पाए. इस वारदात ने कॉलेज सुरक्षा व्यवस्था और युवाओं के बीच बढ़ते विवादों पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं. घटना के बाद मामला और सनसनीखेज तब हो गया जब छात्रा को गोली मारने वाले युवक ने खुद को भी गोली मार ली. दो जिंदगियां कुछ ही मिनटों में खत्म हो गईं. पुलिस के मुताबिक दोनों मृतकों की पहचान कर ली गई है और मामले की जांच कई एंगल से की जा रही है. शुरुआती जानकारी के अनुसार आरोपी और छात्रा एक-दूसरे को जानते थे. हालांकि घटना के पीछे की असली वजह अभी साफ नहीं हो सकी है. पुलिस घटनास्थल से सबूत जुटाकर पूरे मामले की गहराई से जांच कर रही है. संदीप कौर की मां ने क्या कहा? मृतक छात्रा संदीप कौर की मां हरजिंदर कौर ने बताया कि उनकी बेटी सुबह ठीक तरह से तैयार होकर घर से कॉलेज गई थी और उसका किसी से कोई झगड़ा नहीं था. उन्होंने कहा कि कॉलेज की मैडम का फोन आया कि उनकी बेटी को गंभीर चोट लगी है और उन्हें तुरंत आने को कहा गया. जब वह कॉलेज पहुंचीं तो देखा कि उनकी बेटी की मौत हो चुकी थी और उसका शव पूरी तरह खून से लथपथ था. परिजनों के मुताबिक संदीप कौर के सिर में गोली मारी गई थी. उन्हें जानकारी मिली है कि तरनतारन के एक युवक ने गोली चलाई और पिस्टल भी मौके पर ही मिली. बताया गया कि छात्रा के पिता का पहले ही निधन हो चुका है और परिवार में उसकी छह बहनें और एक छोटा भाई है. तरनतारन जिले के गांव उस्मा स्थित लॉ कॉलेज में यह वारदात हुई. पुलिस के अनुसार मृत छात्रा की पहचान नौशेरा पन्नुआं की रहने वाली संदीप कौर के रूप में हुई है. वहीं आरोपी युवक की पहचान गांव मल्लियां निवासी प्रिंस राज सिंह के तौर पर की गई है. बताया जा रहा है कि आरोपी युवक कॉलेज पहुंचा और क्लासरूम के भीतर छात्रा पर गोली चला दी. गोली लगते ही छात्रा गंभीर रूप से घायल हो गई और मौके पर ही उसकी मौत हो गई. घटना को अंजाम देने के बाद आरोपी युवक ने खुद को भी गोली मार ली. गोली की आवाज सुनकर कॉलेज में अफरा-तफरी मच गई. सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और जांच शुरू की. पुलिस टीम ने घटनास्थल से हथियार और अन्य सबूत कब्जे में ले लिए हैं. फिलहाल पुलिस दोनों के बीच संबंधों और घटना के कारणों की जांच कर रही है. फोरेंसिक टीम भी मौके से जरूरी सबूत इकट्ठा कर रही है. घटना कब और कहां हुई? यह घटना पंजाब के तरनतारन जिले के गांव उस्मा स्थित लॉ कॉलेज में हुई. आरोपी युवक कॉलेज परिसर में पहुंचा और क्लासरूम के अंदर छात्रा को गोली मार दी. घटना दिन के समय हुई, जिससे कॉलेज परिसर में दहशत फैल गई. मृतकों की पहचान क्या है? पुलिस ने मृत छात्रा की पहचान संदीप कौर के रूप में की है, जो नौशेरा पन्नुआं की रहने वाली थी और लॉ कॉलेज की छात्रा थी. वहीं आरोपी युवक की पहचान प्रिंस राज सिंह के रूप में हुई है, जो गांव मल्लियां का निवासी बताया जा रहा है. पुलिस जांच में अब तक क्या सामने आया है? पुलिस मामले की कई एंगल से जांच कर रही है. शुरुआती जांच में दोनों के बीच जान-पहचान होने की बात सामने आई है. पुलिस घटनास्थल से हथियार और अन्य सबूत जुटा चुकी है. फोरेंसिक जांच भी जारी है और घटना के पीछे की वजह तलाशने की कोशिश की जा रही है. पुलिस जांच जारी, रिश्तों की पड़ताल शुरू पुलिस अधिकारियों के मुताबिक इस मामले को गंभीरता से लिया गया है. जांच में यह भी देखा जा रहा है कि आरोपी युवक कॉलेज तक कैसे पहुंचा और वारदात की योजना पहले से बनाई गई थी या नहीं. पुलिस दोनों परिवारों और कॉलेज प्रशासन से भी पूछताछ कर रही है. इलाके में सुरक्षा बढ़ा दी गई है. About the Author Sumit Kumar सुमित कुमार News18 हिंदी में सीनियर सब एडिटर के तौर पर काम कर रहे हैं. वे पिछले 3 साल से यहां सेंट्रल डेस्क टीम से जुड़े हुए हैं. उनके पास जर्नलिज्म में मास्टर डिग्री है. News18 हिंदी में काम करने से पहले, उन्ह…और पढ़ें First Published : February 09, 2026, 12:23 IST
Fake IPS Officer Digital Arrest: delhi police crime branch | whatsapp video call | woman of 40 lakh arrested | व्हाट्सएप वीडियो कॉल पर रोजाना हाजिरी, फर्जी IPS ने महिला से ऐसे हड़प लिए 40 लाख रुपये, अब हुआ गिरफ्तार

होमताजा खबरDelhi व्हाट्सएप वीडियो कॉल पर रोजाना हाजिरी, फर्जी IPS ने महिला से हड़प लिए 40 लाख Last Updated:February 09, 2026, 13:54 IST Fake IPS Officer Digital Arrest: दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच ने डिजिटल अरेस्ट स्कैम के एक बड़े गिरोह का भंडाफोड़ किया है. आरोपियों ने एक महिला को फर्जी IPS बनकर 3 महीने तक कैद में रखा और उसके जीवन भर की जमा पूंजी 40 लाख रुपये ठग लिए. लेकिन मामला जब दिल्ली पुलिस के पास पहुंचा तो तहकीकात में आरोपियों के बैंक खातों का संबंध 100 करोड़ रुपये की धोखाधड़ी और 190 साइबर शिकायतों से पाया गया है. जानें कैसे दिल्ली पुलिस ने 100 करोड़ कमाने वाले इस गिरोह का भंडाफोड़ किया है. नई दिल्ली. देश में डिजिटल अरेस्ट की एक से बढ़कर एक घटनाएं सामने आ रही हैं. डिजिटल इंडिया के इस दौर में साइबर ठग अब आपके बैंक खाते के साथ-साथ अब आपके दिमाग पर भी कब्जा कर रहे हैं. दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच की साइबर सेल (Cyber Cell) ने एक ऐसे ही रूह कंपा देने वाले स्कैम का पर्दाफाश किया है, जिसकी कहानी सुनकर हिल जाएंगे आप. दिल्ली पुलिस ने दो आरोपियों अनीश और मनी सिंह को गिरफ्तार किया है. लेकिन दोनों ने किस तरह घर में रह रही एक अकेली महिला को जाल में फंसाया और कैसे उससे 40 लाख रुपये तीन महीने में उड़ा लिए इसकी कहानी जानकर हैरान हो जाएंगे. दिल्ली की एक हाउसवाइफ को 15 अक्टूबर 2025 को एक कॉल आई. फोन करने वाले ने खुद को आईपीएस राघव मित्तल साइबर सेल, मुंबई बताया. उसने महिला पर आरोप लगाया कि उसके आधार कार्ड का इस्तेमाल आपराधिक गतिविधियों में हुआ है. उस फर्जी आईपीएस ने महिला को इतना डरा दिया गया कि वह 12 दिसंबर 2025 तक यानी करीब 3 महीने तक अपने ही घर में डिजिटल कैद में रही. उसे आदेश दिया गया था कि वह किसी से बात न करे, वर्ना उसके इंजीनियर बेटे और पति को जेल भेज दिया जाएगा. ठग उसे रोजाना व्हाट्सएप वीडियो कॉल पर हाजिरी देने और यह सुनिश्चित करने के लिए मजबूर करते थे कि वह चुप है. महिला से तीन महीने में 40 लाख उड़ाए डर के इस माहौल में महिला ने अपनी पूरी जिंदगी की कमाई 40 लाख रुपये ठगों के बताए खातों में ट्रांसफर कर दिए. ठगों ने उसे यह तक विश्वास दिला दिया था कि उसके घर के बाहर पुलिस तैनात है और जरा सी गलती उसे तबाह कर देगी. हर पेमेंट के बाद उसे चैट और कॉल लॉग डिलीट करने का आदेश दिया जाता था ताकि कोई सबूत न बचे. 4 लेयर के फंड फ्लो ने खोला 100 करोड़ का राज जब इस घटना में महिला के 40 लाख लूट गए तो पति और बेटा को इसकी जानकारी दी. पति और बेटे को समझ में आ गया कि उनके साथ साइबर फ्रॉड हो गया है. महिला ने दिल्ली पुलिस में शिकायत दर्ज कराई और पूरी कहानी बताई. दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच की साइबर सेल ने इंस्पेक्टर संदीप सिंह और तकनीकी विशेषज्ञ हेड कांस्टेबल अक्षय कुमार की टीम ने इस जटिल मामले की कमान संभाली. महिला द्वारा डिलीट किए गए डेटा के बावजूद, टीम ने तकनीकी विश्लेषण के जरिए एक बैंक खाते का पता लगाया जो M/s Vrindakart Skyline Shoppers Private Limited के नाम पर था. इस गिरोह के खातों का विश्लेषण करने पर पता चला कि देशभर में इनके खिलाफ 190 साइबर शिकायतें दर्ज हैं और करीब 100 करोड़ रुपये का फ्रॉड इन खातों के जरिए किया गया है. आरोपी अनीश और मनी सिंह ‘वृंदाकार्ट’ जैसी शेल कंपनियां बनाकर पैसा रूट करते थे. ये दोनों आरोपी पहले भी फरीदाबाद पुलिस द्वारा इसी तरह के मामले में पकड़े जा चुके थे. एसीपी अनिल शर्मा की देखरेख में इंस्पेक्टर विनय कुमार, एसआई राकेश मलिक और अन्य जवानों की टीम ने दिल्ली के पश्चिम विहार इलाके में छापेमारी कर इन ठगों को दबोचा. इनके पास से फर्जी सिम कार्ड और जाली दस्तावेज बरामद हुए हैं. About the Author रविशंकर सिंहचीफ रिपोर्टर भारतीय विद्या भवन से पत्रकारिता की पढ़ाई करने वाले रविशंकर सिंह सहारा समय न्यूज चैनल, तहलका, पी-7 और लाइव इंडिया न्यूज चैनल के अलावा फर्स्टपोस्ट हिंदी डिजिटल साइट में भी काम कर चुके हैं. राजनीतिक खबरों के अलावा…और पढ़ें Location : New Delhi,New Delhi,Delhi First Published : February 09, 2026, 13:54 IST
हनीमून मर्डर 2.0 ; गला घोंटा, बेरहमी से पीटा; पत्नी ने प्रेमी संग मिलकर पति को उतार मौत के घाट

Sri Ganganagar Honeymoon Murder : श्रीगंगानगर के गांव 1KLM की सुनसान सड़क पर मिले आशीष की मौत ने इलाके को हिला दिया. शुरुआत में मामला सड़क हादसे का लगा, लेकिन पुलिस जांच में यह एक साजिशन हत्या निकली. महज तीन महीने पहले ब्याही पत्नी अंजलि ने अपने प्रेमी संजय और दो साथियों के साथ मिलकर आशीष की हत्या करवाई. टहलने के बहाने सुनसान जगह ले जाकर लाठी-डंडों से पीटा गया और गला घोंट दिया गया. लूट का नाटक रचा गया, लेकिन पुलिस की सख्ती में सच्चाई सामने आ गई. चारों आरोपी गिरफ्तार हैं.
दिल्ली पुलिस ने 48 घंटे में छात्रा का मोबाइल बरामद किया: weeping girl arrived police station case solved by delhi police in 48 hours shahdara district gtb enclave

नई दिल्ली. राजधानी दिल्ली के शाहदरा जिले से इंसानियत और पुलिसिया मुस्तैदी की एक ऐसी कहानी सामने आई है, जिसने खाकी के प्रति जनता के भरोसे को और मजबूत किया है. यह कहानी एक छात्रा की मेहनत, उसके आंसुओं और दिल्ली पुलिस के उस वादे की है, जिसे पुलिस ने दो दिन की मोहलत में पूरा कर दिखाया. एक छात्रा के साथ ऐसी घटना घटी, जिसने दिल्ली पुलिस के अधिकारी को दिल पसीज गया. घटना है तो बहुत छोटी, लेकिन इतनी मार्मिक है, जिसको सुनकर आपका भी दिल पसीज जाएगा. 31 जनवरी 2026 की शाम एक छात्रा रोती-बिलखती हुई जी.टी.बी. एन्क्लेव थाने पहुंची. उसके आंसू थमने का नाम नहीं ले रहे थे. उसने पुलिस को बताया कि उसने अपनी पॉकेट मनी से पाई-पाई जोड़कर एक मोबाइल फोन खरीदा था, जिसे दो मोटर साइकिल सवार लड़कों ने उससे छीन लिया. छात्रा का रो-रोकर बुरा हाल था, वह बार-बार कह रही थी कि वह अब दूसरा फोन नहीं खरीद पाएगी और उसकी परीक्षाओं पर भी इसका असर पड़ेगा. छात्रा के साथ क्या हुआ था? छात्रा की हालत देख पुलिस टीम भावुक हो गई. जीटीबी एन्क्लेव पुलिस स्टेशन की टीम ने छात्रा को दिलासा दिया और एक बड़ा वादा किया. पुलिस ने बोला- बेटी, तुम शांति से अपनी परीक्षा की तैयारी करो, तुम्हारा छीना हुआ फोन दो दिन के भीतर वापस मिल जाएगा शुरू हुआ दिल्ली पुलिस का एक्शन शाहदरा जिले के डीसीपी प्रशांत गौतम के निर्देश पर एक क्रैक टीम बनाई गई. इस टीम में हेड कांस्टेबल मनीष, मनोज, सचिन और कांस्टेबल अभिषेक शामिल थे. टीम ने घटनास्थल और आसपास के इलाकों के दर्जनों सीसीटीवी कैमरों की जांच की. फुटेज में दो संदिग्ध युवक हीरो स्प्लेंडर मोटरसाइकिल पर झपटमारी कर भागते हुए नजर आए. पुलिस ने भागने के रास्ते पर लगे कैमरों का पीछा किया, जिससे आरोपियों के ठिकाने का अंदाजा लगा. 48 घंटे में ही पूरा हुआ ऑपरेशन 3 फरवरी 2026 को, जब क्रैक टीम गश्त पर थी, तभी एक मुखबिर से गुप्त सूचना मिली कि वारदात में शामिल संदिग्ध युवक फिर से किसी वारदात को अंजाम देने के इरादे से इलाके में घूम रहा है. पुलिस ने तुरंत घेराबंदी की और दोनों आरोपियों को दबोच लिया. पूछताछ में उन्होंने छात्रा से मोबाइल छीनने की बात कबूल कर ली. पकड़े गए दोनों आरोपी कोई नौसिखिए नहीं, बल्कि पुराने अपराधी हैं. मानसरोवर पार्क का रहने वाला राहुल पहले भी 8 आपराधिक मामलों में शामिल रह चुका है. 36 साल का राजेश कुमार सैनी मॉडर्न शाहदरा का रहने वाला 4 वारदातों में शामिल रहा है. दिल्ली पुलिस ने अपना वादा निभाया और 48 घंटे के भीतर आरोपी को पकड़कर मोबाइल बरामद कर लिया. अब छात्रा अपनी परीक्षाएं बिना किसी तनाव के दे सकेगी. डीसीपी प्रशांत गौतम ने टीम की सराहना करते हुए कहा कि पुलिस का काम केवल अपराधी को पकड़ना ही नहीं, बल्कि पीड़ित को न्याय दिलाना और समाज में सुरक्षा की भावना पैदा करना भी है.
राजीव चौक मेट्रो स्टेशन से चंद सेकंड में उड़ गया लैपटॉप, फोन कॉल पर लगा था शख्स, चोरों ने लगा दिया चूना – dmrc action delhi police arrest laptop theft rajiv chowk metro station gate 5 security check cctv footage

नई दिल्ली. अगर आप दिल्ली मेट्रो में सफर कर रहे हैं और वो भी राजीव चौक मेट्रो स्टेशन पर तो जरा होशियार हो जाएं. दिल्ली पुलिस ने एक ऐसे चोर को गिरफ्तार किया है, जो आपके आंखों के सामने से आपका सामान गायब कर देता था. दिल्ली का सबसे व्यस्त और दिल कहा जाने वाला राजीव चौक मेट्रो स्टेशन अपनी भीड़भाड़ के लिए जाना जाता है. लेकिन इसी भीड़ का फायदा उठाकर अपराधी मासूम यात्रियों को अपना निशाना बना रहे हैं. यहां पर एक ऐसी वारदात सामने आई है जहां एक यात्री की महज चंद सेकंड की फोन कॉल की व्यस्तता ने उसका कीमती लैपटॉप चोरी करवा दिया. हालांकि, दिल्ली पुलिस की मेट्रो यूनिट ने अपनी तकनीकी कुशलता और सीसीटीवी की मदद से आरोपी को धर दबोचा है. यह मामला 30 जनवरी 2026 का है. पीड़ित यात्री राजीव चौक मेट्रो स्टेशन के गेट नंबर 5 और 6 के पास बने सिक्योरिटी चेक पॉइंट पर पहुंचा. सुरक्षा नियमों के मुताबिक, उसने अपना लैपटॉप बैग एक्स-बीआईएस (X-BIS) मशीन पर स्कैनिंग के लिए रखा. इसी दौरान पीड़ित के मोबाइल पर एक फोन कॉल आ गई. वह फोन पर बात करने में इतना मशगूल हो गया कि उसने मशीन की दूसरी तरफ से अपना बैग उठाना याद नहीं रहा. इसी चंद सेकंड की लापरवाही का फायदा पास खड़े एक शातिर चोर ने उठा लिया. चोर ने बड़ी सफाई से मशीन से बैग उठाया और चंपत हो गया. बैग में एक महंगा एचपी (HP) लैपटॉप और उसका चार्जर मौजूद था. पुलिस की जांच और सीसीटीवी का सुराग जब यात्री को अपनी भूल का अहसास हुआ, तब तक बैग गायब हो चुका था. मामले की शिकायत तुरंत राजीव चौक मेट्रो थाना पुलिस को दी गई. 1 फरवरी 2026 को पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता की धारा 303(2) के तहत ई-एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू की. दिल्ली पुलिस के मेट्रो डीसीपी कुशल पाल सिंह के निर्देश पर एक विशेष टीम का गठन किया गया. जांच टीम ने सबसे पहले घटना स्थल के सीसीटीवी कैमरों को खंगालना शुरू किया. फुटेज की बारीकी से जांच करने पर एक संदिग्ध युवक बैग उठाते हुए साफ नजर आया. हालांकि, आरोपी ने अपनी पहचान छिपाने के लिए चेहरे पर मास्क लगा रखा था. पुलिस ने हार नहीं मानी और आरोपी के आने-जाने के रास्तों का तकनीकी विश्लेषण किया. विश्लेषण से एक चौंकाने वाला पैटर्न सामने आया. आरोपी अक्सर सुबह 8:30 से 9:30 बजे के बीच राजीव चौक मेट्रो स्टेशन से बाहर निकलता था. जाल बिछाकर ऐसे हुई गिरफ्तारी पुलिस टीम ने आरोपी को पकड़ने के लिए 3 फरवरी की सुबह ट्रैप लगाया. सादे कपड़ों में तैनात पुलिसकर्मी राजीव चौक के एएफसी गेट्स और निकास द्वारों पर तैनात हो गए. सुबह करीब 9:30 बजे, पुलिस की नजर एक युवक पर पड़ी जो पीठ पर एक बैग लटकाए बाहर निकलने की कोशिश कर रहा था. उसकी कद-काठी सीसीटीवी में दिखे संदिग्ध से हूबहू मिल रही थी. पुलिस ने उसे तुरंत हिरासत में लिया. जब उसके बैग की तलाशी ली गई, तो उसमें से वही चोरी किया गया एचपी लैपटॉप और चार्जर बरामद हुआ. आरोपी का प्रोफाइल और कबूलनामा पकड़े गए आरोपी की पहचान 29 वर्षीय सुमित कुमार के रूप में हुई है, जो दिल्ली के गोकुलपुरी इलाके का रहने वाला है. पूछताछ के दौरान सुमित ने अपना जुर्म कबूल कर लिया. उसने बताया कि वह मेट्रो स्टेशनों पर ऐसे यात्रियों की तलाश में रहता था जो सुरक्षा जांच के दौरान फोन या अन्य कामों में व्यस्त हो जाते थे. पुलिस अब यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि क्या सुमित ने पहले भी ऐसी वारदातों को अंजाम दिया है. आरोपी को पटियाला हाउस कोर्ट में पेश किया गया, जहाँ से उसे 14 दिनों की न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है. मेट्रो यात्रियों के लिए पुलिस की चेतावनी इस घटना के बाद दिल्ली पुलिस ने मेट्रो यात्रियों के लिए एक विशेष गाइडलाइन जारी की है: स्कैनिंग के समय ध्यान रखें: जब भी आप अपना बैग एक्स-रे मशीन पर रखें, तो उसे दूसरी तरफ से निकलने तक अपनी नजरों से ओझल न होने दें. फोन का इस्तेमाल कम करें: सुरक्षा जांच और भीड़भाड़ वाले इलाकों में फोन पर बात करने से बचें, क्योंकि यह अपराधियों को मौका देता है. मास्क के पीछे छिपे चेहरे: कोरोना के बाद अब अपराधी मास्क का इस्तेमाल अपनी पहचान छिपाने के लिए कर रहे हैं, इसलिए अपने आसपास के संदिग्धों पर नजर रखें. तुरंत रिपोर्ट करें: किसी भी सामान के गायब होने पर तुरंत नजदीकी मेट्रो स्टेशन के कंट्रोल रूम या पुलिस डेस्क को सूचित करें. राजीव चौक मेट्रो स्टेशन की यह घटना हमें याद दिलाती है कि सावधानी हटी, तो दुर्घटना घटी. दिल्ली पुलिस की इस त्वरित कार्रवाई ने न केवल एक चोरी का मामला सुलझाया है, बल्कि अन्य अपराधियों को भी सख्त संदेश दिया है.
सावधान! घर बैठे कमाई का लालच पड़ सकता है भारी, 12वीं पास साइबर ठग ने इस शख्स से झटके में कूट लिए 17 लाख रुपये | delhi police cyber crime arrest pathan uzef khalil khan maharashtra jalna work from home fraud case

नई दिल्ली. डिजिटल इंडिया के इस दौर में जहां इंटरनेट ने हमारे जीवन को सुगम बनाया है, वहीं साइबर अपराधियों ने इसे ठगी का नया हथियार बना लिया है. दिल्ली पुलिस की नॉर्थ-वेस्ट जिला साइबर सेल ने एक ऐसे ही अंतरराष्ट्रीय स्तर के साइबर सिंडिकेट का भंडाफोड़ किया है, जो वर्क फ्रॉम होम यानी घर बैठे काम के नाम पर मासूम लोगों की मेहनत की कमाई डकार रहा था. इस मामले में पुलिस ने महाराष्ट्र के जालना जिले से 25 वर्षीय एक युवक को गिरफ्तार किया है, जो इस पूरे खेल का मुख्य किरदार था. इस सनसनीखेज मामले की शुरुआत नए साल के पहले ही दिन यानी 1 जनवरी 2026 को हुई, जब दिल्ली के त्रिनगर के केशव पुरम निवासी राहुल सैनी ने पुलिस में एक शिकायत दर्ज कराई. राहुल ने बताया कि उसे घर बैठे ऑनलाइन टास्क पूरा करने के बदले मोटी कमाई का झांसा दिया गया था. शुरुआत में उसे कुछ छोटे-मोटे टास्क दिए गए और बदले में पैसे भी मिले, जिससे उसका भरोसा जीत लिया गया. लेकिन जैसे ही उसने बड़े निवेश वाले टास्क शुरू किए, साइबर ठगों ने उसे अपने जाल में फंसा लिया. राहुल से अलग-अलग बहानों और टैक्स के नाम पर कुल 17,16,777 रुपये ठग लिए गए. जब राहुल को अहसास हुआ कि उसके साथ धोखा हुआ है, तब तक काफी देर हो चुकी थी. दिल्ली पुलिस का ऑपरेशन मामले की गंभीरता को देखते हुए उत्तर-पश्चिमी जिला पुलिस ने एक विशेष टीम का गठन किया. इस टीम का नेतृत्व इंस्पेक्टर दिनेश दहिया कर रहे थे, जिसमें एसआई आरएन अशांग, हेड कांस्टेबल अमित, सोहन और संदीप शामिल थे. पुलिस ने सबसे पहले उन बैंक खातों की पड़ताल शुरू की जिनमें राहुल ने पैसे ट्रांसफर किए थे. जांच के दौरान एक चौंकाने वाला मनी ट्रेल सामने आया. ठगी की गई रकम को कई म्यूल अकाउंट्स में घुमाया गया था ताकि पुलिस को भ्रमित किया जा सके. तकनीकी विश्लेषण और डिजिटल फुटप्रिंट्स के आधार पर पुलिस को पता चला कि इस गिरोह का एक मुख्य सदस्य महाराष्ट्र के जालना में बैठकर अपनी गतिविधियों को अंजाम दे रहा है. पुलिस टीम ने तुरंत महाराष्ट्र का रुख किया और जालना में डेरा डाल दिया. कड़ी मेहनत और तकनीकी निगरानी के बाद आरोपी पठान उजेफ खलील खान को उसके ठिकाने से दबोच लिया गया. कौन है पठान उजेफ और क्या था उसका काम? 25 वर्षीय पठान उजेफ खलील खान केवल 12वीं पास है और पेशे से एक निजी होटल में शेफ का काम करता था. पूछताछ में उसने खुलासा किया कि वह अपनी विलासितापूर्ण जीवनशैली और माता-पिता की खराब आर्थिक स्थिति के कारण इस अपराध की दुनिया में शामिल हुआ. पुलिस के अनुसार, उजेफ इस गिरोह का वह ‘वर्टिकल’ था जो ठगी के पैसे को लिक्विडेट (नकद में बदलना) करता था. गिरोह के अन्य सदस्य जब शिकार को फंसा लेते थे तो पैसे उजेफ द्वारा प्रबंधित खातों में आते थे. उजेफ इन पैसों को ‘सेल्फ चेक’ के जरिए बैंक से निकालता था और फिर अपना कमीशन काटकर मुख्य सरगनाओं तक पहुंचा देता था. गिरफ्तारी से बचने के लिए वह लगातार अपने मोबाइल नंबर और ठिकाने बदलता रहता था. पुलिस ने उसके पास से अपराध में इस्तेमाल किया गया मोबाइल फोन भी बरामद किया है. कैसे काम करता है वर्क फ्रॉम होम स्कैम? यह स्कैम आमतौर पर टेलीग्राम या व्हाट्सएप मैसेज से शुरू होता है. ठग खुद को किसी बड़ी ई-कॉमर्स कंपनी या मार्केटिंग फर्म का प्रतिनिधि बताते हैं. लुभावना ऑफर: आपको यूट्यूब वीडियो लाइक करने या होटल रिव्यू देने जैसे आसान काम दिए जाते हैं. भरोसा जीतना: पहले दो-तीन टास्क के लिए आपको 200-500 रुपये का भुगतान किया जाता है. बड़ा निवेश: इसके बाद आपको ‘वीआईपी टास्क’ के लिए पैसे जमा करने को कहा जाता है, जहाँ से ठगी का असली खेल शुरू होता है. पैसे की लेयरिंग: ठगी गई रकम को एक खाते से दूसरे खाते में भेजा जाता है ताकि पुलिस मुख्य अपराधी तक न पहुँच सके. दिल्ली पुलिस के एडिशनल कमिश्नर नॉर्थ-वेस्ट जिला भीष्म सिंह ने कहा है कि किसी भी अज्ञात नंबर से आए ‘वर्क फ्रॉम होम’ के ऑफर्स पर भरोसा न करें. यदि कोई भी व्यक्ति या संस्था काम देने से पहले आपसे पैसे की मांग करती है, तो वह निश्चित रूप से एक फ्रॉड है. पुलिस अब उजेफ से पूछताछ कर रही है ताकि इस गिरोह के अन्य सदस्यों और उनके अंतरराष्ट्रीय संपर्कों का पता लगाया जा सके. उजेफ को ट्रांजिट रिमांड पर दिल्ली लाया गया है और पुलिस को उम्मीद है कि उससे पूछताछ के बाद कई और बड़े खुलासे होंगे.
बंगाल चुनाव 2026: किस विधानसभा चुनाव के लिए वाम-कांग्रेस में होगा गठबंधन? सीपीआई (एम) ने किया खुलासा

पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026: सर को लेकर पश्चिम बंगाल की राजनीति में हलचल है। वोट-मुखी पश्चिम बंगाल में हर दिन राजनीतिक पारा चढ़ रहा है। इसके साथ ही राजनीतिक सूत्रों पर भी चर्चा शुरू हो गई है. इस 2026 के विधानसभा चुनाव में वाम-कांग्रेस के बीच सीट समझौते को लेकर विभिन्न हलकों में चर्चा शुरू हो गई है. इस संबंध में अब एबीपी आनंद के सामने सीपीआईएम के राज्य सचिव मोहम्मद अरायल ने अपनी स्थिति स्पष्ट की है. आपसे पूछा गया, ”चुनाव तो लगभग आ गया है। आप भी निश्चित रूप से अपनी रणनीति बना रहे हैं। 2021 में आप कांग्रेस के साथ गए थे। इस बार कांग्रेस के साथ आपका रुख क्या है?” चर्चा फाइनल स्टेज में- मोहम्मद महासभा उत्तर में मोहम्मद राय ने कहा, ‘हम पिछली पूजा के बाद से ही वाम मोर्चे के जो सहयोगी हैं, उनके साथ हम चर्चा कर रहे हैं। चार साथ की चर्चा हो रही है। उन्होंने आगे कहा, ”मेरे पास सी-सटीक लिबरेशन से बात है। वे इस बात से सहमत हैं कि वामपंथ में नहीं रहेंगे. वाम मोर्चे के सहयोगी के रूप में हमारा समर्थन करेंगे, हम बीजेपी-तृणमूल को हराने के लिए लड़ेंगे। सीट को लेकर जिस दिन बैठेंगे उस दिन फाइनल हो जाएगा। आईएसएसएफ भी साथ आने के लिए सहमत- मोहम्मद आध्याल ईसाई कहते हैं, “वामपंथियों के बाहर जो हैं, उनसे हमारी आईएसएफ के साथ बात हुई है। वे भी सैद्धांतिक रूप से सहमत हैं कि वामपंथियों के साथ ही लड़ेंगे। उन्हें यह भी कहा जाता है कि और कौन आएगा यह कोई शर्त नहीं रखेगा। वामपंथियों के सहयोगियों को जैसे कहा गया है कि वे भी वामपंथियों के साथ ही लड़ेंगे।” उन्होंने आगे कहा, ”कांग्रेस की ओर से पार्टी की ओर से कुछ सिद्धांतों को प्रदर्शित किया गया है। अगर सहमति हो सके तो कुछ पार्टीवाद। इसलिए बार-बार कहा जा रहा है कि पहले राजनीतिक रूप से रुख साफ करना होगा। वामपंथ के साथ सहमति बनाने के लिए पहले राजनीति को स्पष्ट करना होता है। वह राजनीति में बीजेपी-तृणमूल विरोधी होगी। सांप्रदायिकता-साम्राज्यवाद विरोधी और गठबंधन करने वाले लोगों के पक्ष में होंगे।” ईसाई ने कहा, ”वैश्विक कैथोलिकों के सामने सिर नहीं झुकाया जाता है, उन कांग्रेस कैथोलिकों का हम सम्मान करते हैं।” बहुत लालची-प्रलोभन-मारपीट-लाठी-जेल-जुर्माना, सी.पी.आई.एम. की तरह है। वे क्लासिक में नहीं गए, उस सम्मान को खत्म करना होगा। “वैश्विक नेतृत्व के साथ अगर कांग्रेस का व्यावसायिक या वाणिज्यिक या राजनीतिक संबंध है, तो उसके लिए ये को-लेटरल डेमेज क्यों होंगे?” (टैग्सटूट्रांसलेट)एबीपी आनंद एक्सक्लूसिव(टी)सीपीएम(टी)वाम-कांग्रेस गठबंधन(टी)मोहम्मद सलीम(टी)पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026(टी)बीजेपी(टी)सीपीआई एम(टी)कांग्रेस(टी)टीएमसी(टी)पश्चिम बंगाल समाचार(टी)पश्चिम बंगाल समाचार(टी)एली(टी)डब्ल्यूबी चुनाव 2026(टी)पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव(टी)पश्चिम बंगाल चुनाव 2026(टी)एबीपी आनंदा एक्सक्लूसिव(टी)सी पीएम(टी)लेफ्ट-कांग्रेस गठबंधन(टी)मोहम्मद दरगाह(टी)पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026(टी)बीजेपी(टी)सी गठबंधन पार्टी(टी)कांग्रेस(टी)टीएमसी(टी)पश्चिम बंगाल समाचार
हिंदू धर्म में चोटी का कितना महत्व:शास्त्रों में गाय के खुर के बराबर रखने की परंपरा; चाणक्य ने ली थी शपथ

हिंदू धर्म में चोटी (शिखा) का बहुत महत्व है। चोटी का धार्मिक, सांस्कृतिक और वैज्ञानिक, तीनों महत्व माने गए हैं। यह सिर्फ बालों की एक शैली नहीं, बल्कि पहचान, परंपरा और आध्यात्मिकता से जुड़ी होती है। सनातन धर्म में लोग शिखा क्यों रखते हैं? इसका धार्मिक महत्व क्या है? क्या इसके पीछे कोई वैज्ञानिक कारण भी है? चोटी से जुड़ी सबसे रोचक कहानी क्या है? इस पर जानकार क्या कहते हैं? सारे सवालों के जवाब भास्कर एक्सप्लेनर में सवाल: सिर पर चोटी क्यों रखते हैं? जवाब: लखनऊ विश्वविद्यालय के संस्कृत विभाग के एसोसिएट प्रोफेसर डॉ. अशोक कुमार शतपथी के अनुसार, सनातन धर्म में कई लोग सिर पर चोटी रखते हैं। इसे शिखा कहा जाता है। चोटी सिर के जिस हिस्से पर रखी जाती है, उसे सहस्रार चक्र माना जाता है। मान्यता है, इसी जगह के पास आत्मा का संबंध होता है। चोटी रखने से यह हिस्सा सक्रिय रहता है। लोग मानते हैं कि चोटी रखने से ध्यान लगाने में मदद मिलती है। इंसान बुद्धि, मन और शरीर पर बेहतर नियंत्रण रख पाता है। इसी वजह से सनातन धर्म में चोटी रखने की परंपरा चली आ रही है। चाणक्य की शिखा प्रतिज्ञा सवाल: क्या है चोटी रखने का महत्व? जवाब: हिंदू धर्म में व्यक्ति के जन्म से लेकर मरण तक 16 प्रकार के संस्कार बताए गए हैं। इनका अपना-अपना महत्व है। इन्हीं में से एक है मुंडन संस्कार। बच्चे के पहले, तीसरे या पांचवें साल में मुंडन किया जाता है। इस संस्कार के दौरान बच्चे के थोड़े से बाल छोड़ दिए जाते हैं। सिर पर शिखा रखने का संस्कार यज्ञोपवीत या उपनयन संस्कार में भी किया जाता है। हिंदू मान्यताओं के अनुसार, पूजा, कर्मकांड और यज्ञ कराने के लिए चोटी रखना जरूरी है। प्रयागराज के महाराज हरिचैतन्य ब्रह्मचारी बताते हैं- जहां शिखा रखी जाती है, उसे परंपरा में ब्रह्मांड से जुड़ा प्रतीकात्मक स्थान माना जाता है। मान्यता है कि शिखा, नाभि और हृदय का आपसी संबंध होता है। इसलिए शिखा को महत्वपूर्ण माना गया है। कई धार्मिक क्रियाओं में स्मरण या संकल्प करते समय सबसे पहले शिखा को हाथ लगाकर प्रणाम किया जाता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, हर हिंदू को शिखा रखना चाहिए। जबकि वैदिक ब्राह्मणों के लिए इसे विशेष रूप से आवश्यक माना जाता है। वहीं, विरक्त ब्राह्मण (जो संसारिक जीवन से अलग होकर संन्यास मार्ग अपनाते हैं) कई बार चोटी नहीं रखते। सवाल: सनातन धर्म में चोटी रखने की परंपरा कब से चली आ रही? जवाब: बीएचयू के एस्ट्रोलॉजर प्रो. विनय पांडे बताते हैं- सनातन धर्म में चोटी/शिखा रखने की परंपरा हजारों साल पुरानी मानी जाती है। इतिहासकारों और धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, यह परंपरा वैदिक काल से चली आ रही है। उस समय गुरुकुल शिक्षा, यज्ञ और उपनयन संस्कार का खास महत्व था। उस दौर में चोटी रखना संस्कार, अनुशासन और धार्मिक पहचान का प्रतीक माना जाता था। आज भी कई लोग इसे अपनी आस्था और परंपरा से जोड़कर अपनाते हैं। सवाल: चोटी रखना धर्म का नियम है या सिर्फ परंपरा? जवाब: सनातन धर्म में चोटी रखना धर्म का सख्त नियम नहीं है। इसे एक प्राचीन वैदिक परंपरा और संस्कार माना जाता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, उपनयन संस्कार के बाद शिखा रखने की परंपरा रही है। खासकर पूजा-पाठ, यज्ञ और वैदिक कर्म करने वालों में। सवाल: शिखा कितनी बड़ी होनी चाहिए? जवाब: विनय पांडे बताते हैं- धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, सहस्रार चक्र का आकार गाय के खुर (पैर का सबसे निचला, कठोर, नाखून जैसा हिस्सा) जैसा माना गया है। इसी वजह से कई लोग चोटी भी गाय के खुर के बराबर रखते हैं। वहीं, ज्योतिष शास्त्र में कहा जाता है कि अगर किसी की कुंडली में राहु का बुरा असर चल रहा हो, तो सिर पर चोटी रखना लाभकारी माना जाता है। इससे राहु की दशा में राहत मिलती है और अच्छे परिणाम आने लगते हैं। सवाल: चोटी रखने का वैज्ञानिक कारण क्या है? जवाब: लखनऊ विश्वविद्यालय के संस्कृत विभाग के एसोसिएट प्रोफेसर डॉ. अशोक कुमार शतपथी बताते हैं- चोटी रखने के पीछे वैज्ञानिक कारण भी है। जिस स्थान पर चोटी रखी जाती है, वह मस्तिष्क का केंद्र होता है। इसी स्थान से शरीर के अंग, बुद्धि और मन नियंत्रित होते हैं। चोटी रखने से सहस्त्रार चक्र जागृत रहता है। इससे बुद्धि, मन और शरीर पर नियंत्रण रखने में सहायता मिलती है। हमारे शरीर में उपस्थित 7 चक्र जाग्रत होते है। इससे हमारे शरीर में संतुलन बना रहता है। जहां चोटी रखने की जगह होती है, वहां सुषुम्ना नाड़ी होती है, जो शरीर को सकारात्मक ऊर्जा प्रदान करती है। पूरे शरीर का विकास सुषुम्ना नाड़ी से संबंधित माना जाता है। सवाल: चोटी रखने के क्या नियम है? जवाब: डॉ. अशोक कुमार शतपथी के अनुसार, चोटी रखने के भी नियम होते हैं। चोटी रखते समय सिर से सारे बाल काट देना चाहिए। केवल सिर के बीचोंबीच ही चोटी रखनी चाहिए। धार्मिक शास्त्रों में चोटी का आकार गाय के खुर के समान बताया गया है। साथ में दान धर्म, पूजा, भोजन करते समय चोटी को गांठ बांधकर रखनी चाहिए। इसके अलावा नित्य क्रिया करते समय चोटी को बंधन मुक्त रखना चाहिए। ————————— ये खबर भी पढ़ें… अविमुक्तेश्वरानंद को चेतावनी- माघ मेले से बैन कर देंगे, योगी बोले- कई कालनेमि सनातन को कमजोर करने की साजिश रच रहे प्रयागराज में अविमुक्तेश्वरानंद और माघ मेला प्रशासन के बीच टकराव बढ़ता जा रहा है। 48 घंटे के अंदर प्रशासन ने अविमुक्तेश्वरानंद को दूसरा नोटिस भेजा है। इसमें मौनी अमावस्या के दिन बैरियर तोड़ने और जबरन भीड़ में बग्घी घुसाने को लेकर सवाल किए हैं। पूछा है कि क्यों न आपको हमेशा के लिए माघ मेले से बैन कर दिया जाए? अगर 24 घंटे के भीतर संतोषजनक जवाब नहीं मिला, तो संस्था को दी गई जमीन और सुविधाएं वापस ले लेंगे। पढ़िए पूरी खबर…
कौन होगा सीएम फेस? बीजेपी ने बताया नाम, विधानसभा चुनाव से पहले इस राज्य में खोला गया पेज

केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल ने घोषणा की कि अन्नाद्रमुक के नेता के. पलानीस्वामी (ईपीएस) आगामी तमिलनाडु विधानसभा चुनाव में (एनडीए) के मुख्यमंत्री पद के दावेदार होंगे। इस घोषणा के साथ ही राज्य में पहलवानी और तेज होने के संकेत मिल गए हैं. उसने साफ कर दिया है कि वह टीचर्स सरकार को चुनौती देने के लिए पूरी तरह से तैयार है। प्रतिभा को जीत का विश्वासचेन्नई में पुतिन के नेतृत्व में पीयूष गोयल ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार और तमिलनाडु में पलानीस्वामी के नेतृत्व में राज्य में सरकार बनेगी। उन्होंने शिक्षकों पर सरकार पर आरोप लगाया कि वह लोगों की उम्मीदों पर खरा नहीं उतरे और जनता अब एक मजबूत विकल्प चाहती है।नेतृत्व को लेकर साफ संदेशपलानीस्वामी को मुख्यमंत्री पद का चेहरा घोषित कर चुनाव से पहले नेतृत्व को लेकर कोई भ्रम नहीं रहा। गोयल ने कहा कि अगर सत्ता में है तो राज्य को स्थिर और विकास आधारित सरकार मिलेगी।शिक्षकों की सरकार पर हमलाकिशोरवय, किसानों और महिलाओं पर काम न करने का आरोप उन्होंने कहा कि स्थिर नैतिक सरकारी सिद्धांत और निरपेक्ष हो गए हैं और अब शासन करने का अधिकार खो दिया गया है।उदयनाइजी मॉडल पर बयानविकासोय ने स्टालिन को पाठ्यपुस्तक से हटाने की मांग की। उन्होंने सनातन धर्म को लेकर दिए गए कथन का ज़िक्र करते हुए कहा कि ऐसे कथन किसी भी संवैधानिक पद पर बैठे व्यक्ति को स्वीकार नहीं करते।विवरण का विस्तारइस समय रेलवे में अपनी ताकत बढ़ रही है। टीवी टीवी डायनाकरन का एएमएमके और अन्य के साथ गठबंधन मजबूत हुआ है। यह सब प्रधानमंत्री मोदी की मदुरै रैली से कुछ दिन पहले हुआ है। नेताओं की बैठकें और एकजुटताप्रधानमंत्री के दौरे से पहले चेन्नई में दिग्गज नेताओं की बैठक हुई। इस बैठक में पलानी स्वामी के घर पर हुई बैठक में बीजेपी विधायक वनथी श्रीन भी शामिल हुए. इससे साफ हुआ कि पलानीस्वामी गठबंधन में अहम भूमिका निभा रहे हैं।मदुरै रैली पर नजरवनथी श्रीनिवासन ने कहा कि पलानीस्वामी महारानी के मुख्यमंत्री पद के उम्मीदवार हैं और पीयूष गोयल अनुरोध कर रहे हैं। उन्होंने दावा किया कि प्रधानमंत्री मोदी की मदुरै रैली में तमिलनाडु चुनाव में बड़ा बदलाव आएगा। विश्लेषण तैयारी तेजनेतृत्व तय हो रहा है और नई विचारधारा के खिलाफ एकजुट होने के बाद आशिक ने शिक्षकों के के अपनी विचारधारा की तैयारी तेज कर दी है। आने वाले दिनों में राज्य की राजनीति और ज्यादा गर्मी होने की उम्मीद है। (टैग्सटूट्रांसलेट)ब्रेकिंग न्यूज(टी)विधानसभा चुनाव(टी)बीजेपी(टी)तमिलनाडु(टी)एनडीए(टी)सीएम फेस(टी)बीजेपी(टी)एनडीए(टी)तमिलनाडु(टी)विधानसभा चुनाव(टी) पीएम मोदी(टी)पीयूष गोयल
बीएमसी मेयर पद के लिए दिखेंगे नए राजनीतिक समीकरण? डिप्टी सीएम एकनाथ शिंदे ने अपना रुख साफ कर दिया

महाराष्ट्र के डिप्टी सीएम एकनाथ शिंदे ने बृहन्मुंबई महानगरपालिका (बीएमसी) चुनाव के आगामी नतीजों के बाद नए राजनीतिक समीकरण की खबरों को खारिज कर दिया है। उन्होंने सोमवार (19 जनवरी) को कहा कि मुंबई में महायुति के महामहिम होंगे। शिंदे ने मीडिया को बताया कि जिन नगर में सेनापति और भाजपा ने मिलकर सामूहिक चुनाव लड़ा था, उनमें महायुति गठबंधन के महायुति को महामहिम नियुक्त किया जाएगा। फोटोग्राफर ने अफवाहों को खारिज करते हुए कहा कि नामांकन के खिलाफ नहीं होगा। शिंदे का यह बयान बीएमसी में बीजेपी-शिवसेना गठबंधन द्वारा बहुमत हासिल करने के बाद, बीजेपी के 29 समर्थकों को मुंबई के एक होटल में स्थानांतरित करने के लिए लेकर जारी बहस के बीच आया है। चुनाव परिणाम पिछले सप्ताह शुक्रवार को घोषित किये गये थे. ऐसी तस्वीरें बिकती जा रही हैं कि बीएमसी मेयर के पद से कम से कम एक साल पहले शिंदे की जयंती पक्की होनी चाहिए, क्योंकि यह पार्टी के संस्थापक विचारधारा वाले बाल ठाकरे की पैदाइश सदी साल की है। होटल में रहने वालों को क्या बोले शिंदे? शिंदे ने मीडिया से बातचीत में कहा, ”शिवसेना और बीजेपी ने बीएमसी चुनाव गठबंधन के तहत लड़ाई की थी, इसलिए महायुति के उम्मीदवार प्रमुख उम्मीदवार थे।” ठाणे, कल्याण-डोंबिवली, उल्हासनगर और अन्य नगर छापों में भी यही निर्णय लिया गया, जहां गठबंधन ने संयुक्त रूप से चुनाव लड़ा था। बीएमसी में बहुमत में बीजेपी-शिवसेना का मिलन यह कदम बीएमसी इलेक्शन डिफॉल्ट्स की घोषणा के बाद उठाया गया, जिसमें 65वीं वर्षगांठ पार्टी के नेतृत्व वाली पार्टी के रूप में सबसे बड़ी पार्टी के रूप में उभरी। बीजेपी ने 89 पर जीत हासिल की और उसकी सहयोगी पार्टी ने 29 गोलपोस्ट महायुति को 227 पर बढ़त हासिल की, बीएमसी ने मामूली बढ़त हासिल की। ‘नये राजनीतिक बिंदु बनने की खबरों में सच्चाई नहीं’ डिप्टी सीएम ने कहा, ”मुंबईवासियों ने बीजेपी-बीजेपी गठबंधन के विश्वास को वोट दिया है और उस विश्वास का सम्मान किया है.” यह भी कहा गया कि बीएमसी या महाराष्ट्र के अन्य नगर निगम में नए राजनीतिक समीकरण बनने की खबरों में कोई सच्चाई नहीं है, और जहां भी गठबंधन के तहत सामूहिक चुनाव लड़ा गया है, वहां महायुति का पद महायुति को ही मिलेगा। (टैग्सटूट्रांसलेट) एकनाथ शिंदे(टी)शिवसेना(टी)बीएमसी(टी)बीजेपी(टी)उद्धव ठाकरे(टी)बीएमसी चुनाव परिणाम 2026(टी)बीएमसी मेयर(टी)महाराष्ट्र समाचार(टी)देवेंद्र फड़नवीस(टी)मुंबई बीएमसी चुनाव परिणाम 2026(टी)महाराष्ट्र समाचार(टी)महाराष्ट्र राजनीति(टी)शिवसेना यूबीटी(टी)एकनाथ शिंदे(टी)शिवसेना(टी)उद्धव ठाकरे(टी)बीजेपी(टी)महाराष्ट्र न्यूज(टी)शिवसेना यूबीटी(टी)बीएमसी चुनाव 2026(टी)बीएमसी मेयर






