नई दिल्ली. राजधानी दिल्ली के शाहदरा जिले से इंसानियत और पुलिसिया मुस्तैदी की एक ऐसी कहानी सामने आई है, जिसने खाकी के प्रति जनता के भरोसे को और मजबूत किया है. यह कहानी एक छात्रा की मेहनत, उसके आंसुओं और दिल्ली पुलिस के उस वादे की है, जिसे पुलिस ने दो दिन की मोहलत में पूरा कर दिखाया. एक छात्रा के साथ ऐसी घटना घटी, जिसने दिल्ली पुलिस के अधिकारी को दिल पसीज गया. घटना है तो बहुत छोटी, लेकिन इतनी मार्मिक है, जिसको सुनकर आपका भी दिल पसीज जाएगा.
31 जनवरी 2026 की शाम एक छात्रा रोती-बिलखती हुई जी.टी.बी. एन्क्लेव थाने पहुंची. उसके आंसू थमने का नाम नहीं ले रहे थे. उसने पुलिस को बताया कि उसने अपनी पॉकेट मनी से पाई-पाई जोड़कर एक मोबाइल फोन खरीदा था, जिसे दो मोटर साइकिल सवार लड़कों ने उससे छीन लिया. छात्रा का रो-रोकर बुरा हाल था, वह बार-बार कह रही थी कि वह अब दूसरा फोन नहीं खरीद पाएगी और उसकी परीक्षाओं पर भी इसका असर पड़ेगा.
छात्रा के साथ क्या हुआ था?
छात्रा की हालत देख पुलिस टीम भावुक हो गई. जीटीबी एन्क्लेव पुलिस स्टेशन की टीम ने छात्रा को दिलासा दिया और एक बड़ा वादा किया. पुलिस ने बोला- बेटी, तुम शांति से अपनी परीक्षा की तैयारी करो, तुम्हारा छीना हुआ फोन दो दिन के भीतर वापस मिल जाएगा
शुरू हुआ दिल्ली पुलिस का एक्शन
शाहदरा जिले के डीसीपी प्रशांत गौतम के निर्देश पर एक क्रैक टीम बनाई गई. इस टीम में हेड कांस्टेबल मनीष, मनोज, सचिन और कांस्टेबल अभिषेक शामिल थे. टीम ने घटनास्थल और आसपास के इलाकों के दर्जनों सीसीटीवी कैमरों की जांच की. फुटेज में दो संदिग्ध युवक हीरो स्प्लेंडर मोटरसाइकिल पर झपटमारी कर भागते हुए नजर आए. पुलिस ने भागने के रास्ते पर लगे कैमरों का पीछा किया, जिससे आरोपियों के ठिकाने का अंदाजा लगा.
48 घंटे में ही पूरा हुआ ऑपरेशन
3 फरवरी 2026 को, जब क्रैक टीम गश्त पर थी, तभी एक मुखबिर से गुप्त सूचना मिली कि वारदात में शामिल संदिग्ध युवक फिर से किसी वारदात को अंजाम देने के इरादे से इलाके में घूम रहा है. पुलिस ने तुरंत घेराबंदी की और दोनों आरोपियों को दबोच लिया. पूछताछ में उन्होंने छात्रा से मोबाइल छीनने की बात कबूल कर ली. पकड़े गए दोनों आरोपी कोई नौसिखिए नहीं, बल्कि पुराने अपराधी हैं. मानसरोवर पार्क का रहने वाला राहुल पहले भी 8 आपराधिक मामलों में शामिल रह चुका है. 36 साल का राजेश कुमार सैनी मॉडर्न शाहदरा का रहने वाला 4 वारदातों में शामिल रहा है.
दिल्ली पुलिस ने अपना वादा निभाया और 48 घंटे के भीतर आरोपी को पकड़कर मोबाइल बरामद कर लिया. अब छात्रा अपनी परीक्षाएं बिना किसी तनाव के दे सकेगी. डीसीपी प्रशांत गौतम ने टीम की सराहना करते हुए कहा कि पुलिस का काम केवल अपराधी को पकड़ना ही नहीं, बल्कि पीड़ित को न्याय दिलाना और समाज में सुरक्षा की भावना पैदा करना भी है.














































