एक्टर राजेश शर्मा बीमार, तेलंगाना CM से जांच की मांग:एक्टर गंभीर हालत में भर्ती; वर्कर्स एसोसिएशन ने पूछा- तुरंत अस्पताल क्यों नहीं ले जाया गया

ऑल इंडियन सिने वर्कर्स एसोसिएशन (AICWA) ने प्रभास स्टारर फिल्म ‘फौजी’ के सेट पर एक्टर राजेश शर्मा के साथ हुई घटना की हाई-लेवल जांच की मांग की है। एसोसिएशन ने इस मामले में तेलंगाना के मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी से दखल देने की अपील की है ताकि सेट पर लापरवाही की जांच हो सके। दरअसल, हैदराबाद के रामोजी फिल्म सिटी में शूटिंग के दौरान अभिनेता राजेश शर्मा को एक जहरीले कीड़े ने काट लिया था, जिससे उनके पैर का इन्फेक्शन घुटने तक फैल गया और उन्हें कोलकाता के अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा। डॉक्टर के मुताबिक राजेश शर्मा अभी खतरे से बाहर नहीं हैं। सीएम रेवंत रेड्डी से दखल देने की मांग न्यूज एजेंसी IANS की रिपोर्ट के मुताबिक, ऑल इंडियन सिने वर्कर्स एसोसिएशन ने फिल्म ‘फौजी’ के सेट पर हुई इस घटना की तुरंत और पारदर्शी जांच कराने की मांग उठाई है। एसोसिएशन ने तेलंगाना के मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी को पत्र लिखकर मामले की गहराई से जांच कराने की अपील की है। एसोसिएशन का कहना है कि उन हालातों का पता लगाया जाना चाहिए जिनकी वजह से एक्टर राजेश शर्मा की तबीयत इतनी ज्यादा खराब हो गई। डॉक्टरों के मुताबिक राजेश शर्मा की हालत अभी स्थिर है, लेकिन संक्रमण काफी गंभीर बना हुआ है। हैदराबाद के अस्पताल में क्यों नहीं कराया भर्ती? एसोसिएशन ने फिल्म की प्रोडक्शन टीम की कार्यशैली पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं। उन्होंने पूछा कि जब सेट पर शूटिंग के दौरान एक्टर की हालत इतनी गंभीर हो गई थी, तो उन्हें तुरंत हैदराबाद के ही किसी बड़े अस्पताल में इलाज के लिए क्यों नहीं ले जाया गया। अधिकारियों को इस बात की जांच करनी चाहिए कि प्रोडक्शन टीम ने तय सुरक्षा, साफ-सफाई और इमरजेंसी मेडिकल नियमों का पालन किया था या नहीं। फिल्म इंडस्ट्री की यह नैतिक जिम्मेदारी है कि वह सभी कलाकारों और क्रू मेंबर्स को सुरक्षित माहौल दे। इलाज का पूरा खर्च उठाएं फिल्म के प्रोड्यूसर्स AICWA ने मांग की है कि फिल्म ‘फौजी’ के प्रोड्यूसर्स राजेश शर्मा के इलाज का पूरा खर्च उठाएं। उन्हें तब तक सबसे बेहतर मेडिकल सुविधाएं दी जाएं जब तक वे पूरी तरह से ठीक नहीं हो जाते। एसोसिएशन ने आरोप लगाया कि कई शूटिंग सेट पर साफ-सफाई और इमरजेंसी हेल्थकेयर से जुड़ी लापरवाही की बातें सामने आती रही हैं। नौकरी जाने के डर से क्रू मेंबर्स और वर्कर्स अक्सर इन मुद्दों पर खुलकर बात नहीं कर पाते हैं। अगर इस मामले में कोई लापरवाही साबित होती है, तो जिम्मेदारी तय होनी चाहिए। सेट पर पैकअप के बाद हुआ हादसा सुदीपा चटर्जी के सोशल मीडिया पोस्ट के मुताबिक यह घटना हैदराबाद के रामोजी फिल्म सिटी में हुई। राजेश शर्मा वहां प्रभास की आने वाली फिल्म की शूटिंग कर रहे थे। शूटिंग खत्म होने के बाद वे सेट के पास पेड़-पौधों वाले इलाके में लोकल टेक्नीशियन्स के साथ बातचीत कर रहे थे। इसी दौरान उन्हें पैर में किसी कीड़े या जहरीली मकड़ी ने काट लिया। उस समय मामला गंभीर नहीं लगा, इसलिए उन्होंने तुरंत कोई मेडिकल मदद नहीं ली और काम जारी रखा। फ्लाइट में अचानक बढ़ गया बुखार कीड़े के काटने के करीब छह घंटे बाद राजेश शर्मा के दाहिने पैर में तेज दर्द शुरू हो गया और उनकी तबीयत खराब होने लगी। इसके बाद भी उन्होंने कोलकाता के लिए फ्लाइट पकड़ी। सफर के दौरान उन्हें तेज बुखार आ गया और वे काफी बेचैन हो गए। कोलकाता पहुंचने पर अगले दिन उनकी हालत ज्यादा बिगड़ गई। इसके बाद परिवार ने उन्हें तुरंत ढाकुरिया के मनिपाल अस्पताल में भर्ती कराया। अस्पताल में भर्ती हुए एक दिन से ज्यादा का समय हो चुका है। पैर में छाले पड़े, फेफड़ों में क्लॉट का खतरा अस्पताल के डॉक्टर अभिजीत भट्टाचार्य ने बताया कि कीड़े का इन्फेक्शन पैर के अंगूठे से लेकर घुटने तक फैल गया है। प्रभावित हिस्से पर बड़े-बड़े छाले पड़ गए हैं। डॉक्टर के मुताबिक अभी स्थिति के बारे में साफ तौर पर कुछ भी कहना जल्दबाजी होगी। राजेश शर्मा को डॉक्टरों की कड़ी निगरानी में रखा गया है। डॉक्टरों को चिंता है कि इन्फेक्शन की वजह से ब्लड क्लॉट (खून का थक्का) बन सकता है। अगर यह क्लॉट फेफड़ों तक पहुंचता है, तो जान का खतरा हो सकता है।
एक्टर राजेश शर्मा बीमार, तेलंगाना CM से जांच की मांग:एक्टर गंभीर हालत में भर्ती; वर्कर्स एसोसिएशन ने पूछा- तुरंत अस्पताल क्यों नहीं ले जाया गया

ऑल इंडियन सिने वर्कर्स एसोसिएशन (AICWA) ने प्रभास स्टारर फिल्म ‘फौजी’ के सेट पर एक्टर राजेश शर्मा के साथ हुई घटना की हाई-लेवल जांच की मांग की है। एसोसिएशन ने इस मामले में तेलंगाना के मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी से दखल देने की अपील की है ताकि सेट पर लापरवाही की जांच हो सके। दरअसल, हैदराबाद के रामोजी फिल्म सिटी में शूटिंग के दौरान अभिनेता राजेश शर्मा को एक जहरीले कीड़े ने काट लिया था, जिससे उनके पैर का इन्फेक्शन घुटने तक फैल गया और उन्हें कोलकाता के अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा। डॉक्टर के मुताबिक राजेश शर्मा अभी खतरे से बाहर नहीं हैं। सीएम रेवंत रेड्डी से दखल देने की मांग न्यूज एजेंसी IANS की रिपोर्ट के मुताबिक, ऑल इंडियन सिने वर्कर्स एसोसिएशन ने फिल्म ‘फौजी’ के सेट पर हुई इस घटना की तुरंत और पारदर्शी जांच कराने की मांग उठाई है। एसोसिएशन ने तेलंगाना के मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी को पत्र लिखकर मामले की गहराई से जांच कराने की अपील की है। एसोसिएशन का कहना है कि उन हालातों का पता लगाया जाना चाहिए जिनकी वजह से एक्टर राजेश शर्मा की तबीयत इतनी ज्यादा खराब हो गई। डॉक्टरों के मुताबिक राजेश शर्मा की हालत अभी स्थिर है, लेकिन संक्रमण काफी गंभीर बना हुआ है। हैदराबाद के अस्पताल में क्यों नहीं कराया भर्ती? एसोसिएशन ने फिल्म की प्रोडक्शन टीम की कार्यशैली पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं। उन्होंने पूछा कि जब सेट पर शूटिंग के दौरान एक्टर की हालत इतनी गंभीर हो गई थी, तो उन्हें तुरंत हैदराबाद के ही किसी बड़े अस्पताल में इलाज के लिए क्यों नहीं ले जाया गया। अधिकारियों को इस बात की जांच करनी चाहिए कि प्रोडक्शन टीम ने तय सुरक्षा, साफ-सफाई और इमरजेंसी मेडिकल नियमों का पालन किया था या नहीं। फिल्म इंडस्ट्री की यह नैतिक जिम्मेदारी है कि वह सभी कलाकारों और क्रू मेंबर्स को सुरक्षित माहौल दे। इलाज का पूरा खर्च उठाएं फिल्म के प्रोड्यूसर्स AICWA ने मांग की है कि फिल्म ‘फौजी’ के प्रोड्यूसर्स राजेश शर्मा के इलाज का पूरा खर्च उठाएं। उन्हें तब तक सबसे बेहतर मेडिकल सुविधाएं दी जाएं जब तक वे पूरी तरह से ठीक नहीं हो जाते। एसोसिएशन ने आरोप लगाया कि कई शूटिंग सेट पर साफ-सफाई और इमरजेंसी हेल्थकेयर से जुड़ी लापरवाही की बातें सामने आती रही हैं। नौकरी जाने के डर से क्रू मेंबर्स और वर्कर्स अक्सर इन मुद्दों पर खुलकर बात नहीं कर पाते हैं। अगर इस मामले में कोई लापरवाही साबित होती है, तो जिम्मेदारी तय होनी चाहिए। सेट पर पैकअप के बाद हुआ हादसा सुदीपा चटर्जी के सोशल मीडिया पोस्ट के मुताबिक यह घटना हैदराबाद के रामोजी फिल्म सिटी में हुई। राजेश शर्मा वहां प्रभास की आने वाली फिल्म की शूटिंग कर रहे थे। शूटिंग खत्म होने के बाद वे सेट के पास पेड़-पौधों वाले इलाके में लोकल टेक्नीशियन्स के साथ बातचीत कर रहे थे। इसी दौरान उन्हें पैर में किसी कीड़े या जहरीली मकड़ी ने काट लिया। उस समय मामला गंभीर नहीं लगा, इसलिए उन्होंने तुरंत कोई मेडिकल मदद नहीं ली और काम जारी रखा। फ्लाइट में अचानक बढ़ गया बुखार कीड़े के काटने के करीब छह घंटे बाद राजेश शर्मा के दाहिने पैर में तेज दर्द शुरू हो गया और उनकी तबीयत खराब होने लगी। इसके बाद भी उन्होंने कोलकाता के लिए फ्लाइट पकड़ी। सफर के दौरान उन्हें तेज बुखार आ गया और वे काफी बेचैन हो गए। कोलकाता पहुंचने पर अगले दिन उनकी हालत ज्यादा बिगड़ गई। इसके बाद परिवार ने उन्हें तुरंत ढाकुरिया के मनिपाल अस्पताल में भर्ती कराया। अस्पताल में भर्ती हुए एक दिन से ज्यादा का समय हो चुका है। पैर में छाले पड़े, फेफड़ों में क्लॉट का खतरा अस्पताल के डॉक्टर अभिजीत भट्टाचार्य ने बताया कि कीड़े का इन्फेक्शन पैर के अंगूठे से लेकर घुटने तक फैल गया है। प्रभावित हिस्से पर बड़े-बड़े छाले पड़ गए हैं। डॉक्टर के मुताबिक अभी स्थिति के बारे में साफ तौर पर कुछ भी कहना जल्दबाजी होगी। राजेश शर्मा को डॉक्टरों की कड़ी निगरानी में रखा गया है। डॉक्टरों को चिंता है कि इन्फेक्शन की वजह से ब्लड क्लॉट (खून का थक्का) बन सकता है। अगर यह क्लॉट फेफड़ों तक पहुंचता है, तो जान का खतरा हो सकता है।
जाह्नवी कपूर की मेहंदी में दिखा बॉयफ्रेंड का नाम:निकनेम 'शिखु' ने खींचा ध्यान, अंशुला के वेडिंग रिसेप्शन में ढोल भी बजाया

अंशुला कपूर के वेडिंग रिसेप्शन में जाह्नवी कपूर अपने लुक के साथ-साथ मेहंदी को लेकर भी चर्चा में रहीं। उन्होंने डिजाइनर मनीष मल्होत्रा की सिल्क साड़ी को स्ट्रैपलेस ब्लाउज के साथ पहना था। उनका यह लुक सोशल मीडिया पर काफी पसंद किया गया। जाह्नवी ने इंस्टाग्राम पर रिसेप्शन की कई तस्वीरें शेयर कीं। इन तस्वीरों में उनकी मेहंदी पर ‘शिखु’ नाम लिखा नजर आया। ‘शिखु’ उनके बॉयफ्रेंड शिखर पहाड़िया का निकनेम है। यह नाम मेहंदी के डिजाइन में बारीकी से लिखा गया था। वहीं, अंशुला कपूर के वेडिंग रिसेप्शन में जाह्नवी कपूर का एक वीडियो भी सामने आया, जिसमें उन्होंने ढोल बजाया। हाल ही में नाइटसूट की तस्वीर वायरल हुई बता दें कि 2024 में फिल्म ‘मैदान’ की स्क्रीनिंग के दौरान वह ‘शिखु’ नाम का नेकलेस पहनकर पहुंची थीं। गौरतलब है कि हाल ही में सोशल मीडिया पर जाह्नवी की एक तस्वीर सामने आई थी, जिसमें वे एक अनोखा नाइटसूट पहने नजर आ रही हैं। इस नाइटसूट पर शिखर पहाड़िया के नाम का एक मैसेज भी लिखा था। इस फोटो में जाह्नवी ने पिंक कलर का नाइटसूट और ग्रे जैकेट पहना हुआ था। उनके नाइटसूट पर अंग्रेजी में लिखा है, ‘इफ लॉस्ट, प्लीज रिटर्न टू शिखर पहाड़िया’ यानी ‘अगर गुम हो जाऊं, तो कृपया शिखर पहाड़िया के पास लौटा दें।’ पहले भी दे चुकी हैं रिश्ते के हिंट इससे पहले भी वे शिखर के नाम कि टी-शर्ट पहने नजर आ चुकी हैं। वहीं एक बार वे एक इवेंट में वे गले में ‘शिखर’ के नाम का नेकलेस पहने नजर आई थीं। परिवार के करीबी हैं शिखर पहाड़िया शिखर को अक्सर कपूर परिवार के निजी कार्यक्रमों और छुट्टियों में देखा जाता है। वे न केवल जाह्नवी के साथ वेकेशन पर जाते हैं, बल्कि अक्सर मंदिरों के दर्शन के लिए भी परिवार के साथ नजर आते हैं। जाह्नवी ने भी अप्रैल 2024 में ‘कॉफी विद करण’ के एक एपिसोड में इशारों में बताया थी कि वह किसी के साथ रिलेशनशिप में हैं। जाह्नवी कपूर और शिखर पहाड़िया बचपन से एक-दूसरे को जानते हैं। दोनों के रिश्ते की खबरें 2016 में सामने आई थीं। 2018 में दोनों के अलग होने की चर्चा भी हुई, लेकिन 2023 से उन्हें कई मौकों पर साथ देखा गया। दोनों अनंत अंबानी के शादी समारोह, पार्टियों, वेकेशन और तिरुपति मंदिर में भी साथ नजर आए हैं। कौन हैं शिखर पहाड़िया? शिखर पहाड़िया महाराष्ट्र के पूर्व मुख्यमंत्री सुशील कुमार शिंदे के नाती हैं। वह स्मृति शिंदे और संजय पहाड़िया के बेटे हैं। शिखर एक एंटरप्रेन्योर और इन्वेस्टर हैं और मुंबई के हाई-प्रोफाइल सर्कल में एक्टिव हैं।
जाह्नवी कपूर की मेहंदी में दिखा बॉयफ्रेंड का नाम:निकनेम 'शिखु' ने खींचा ध्यान, अंशुला के वेडिंग रिसेप्शन में ढोल भी बजाया

अंशुला कपूर के वेडिंग रिसेप्शन में जाह्नवी कपूर अपने लुक के साथ-साथ मेहंदी को लेकर भी चर्चा में रहीं। उन्होंने डिजाइनर मनीष मल्होत्रा की सिल्क साड़ी को स्ट्रैपलेस ब्लाउज के साथ पहना था। उनका यह लुक सोशल मीडिया पर काफी पसंद किया गया। जाह्नवी ने इंस्टाग्राम पर रिसेप्शन की कई तस्वीरें शेयर कीं। इन तस्वीरों में उनकी मेहंदी पर ‘शिखु’ नाम लिखा नजर आया। ‘शिखु’ उनके बॉयफ्रेंड शिखर पहाड़िया का निकनेम है। यह नाम मेहंदी के डिजाइन में बारीकी से लिखा गया था। वहीं, अंशुला कपूर के वेडिंग रिसेप्शन में जाह्नवी कपूर का एक वीडियो भी सामने आया, जिसमें उन्होंने ढोल बजाया। हाल ही में नाइटसूट की तस्वीर वायरल हुई बता दें कि 2024 में फिल्म ‘मैदान’ की स्क्रीनिंग के दौरान वह ‘शिखु’ नाम का नेकलेस पहनकर पहुंची थीं। गौरतलब है कि हाल ही में सोशल मीडिया पर जाह्नवी की एक तस्वीर सामने आई थी, जिसमें वे एक अनोखा नाइटसूट पहने नजर आ रही हैं। इस नाइटसूट पर शिखर पहाड़िया के नाम का एक मैसेज भी लिखा था। इस फोटो में जाह्नवी ने पिंक कलर का नाइटसूट और ग्रे जैकेट पहना हुआ था। उनके नाइटसूट पर अंग्रेजी में लिखा है, ‘इफ लॉस्ट, प्लीज रिटर्न टू शिखर पहाड़िया’ यानी ‘अगर गुम हो जाऊं, तो कृपया शिखर पहाड़िया के पास लौटा दें।’ पहले भी दे चुकी हैं रिश्ते के हिंट इससे पहले भी वे शिखर के नाम कि टी-शर्ट पहने नजर आ चुकी हैं। वहीं एक बार वे एक इवेंट में वे गले में ‘शिखर’ के नाम का नेकलेस पहने नजर आई थीं। परिवार के करीबी हैं शिखर पहाड़िया शिखर को अक्सर कपूर परिवार के निजी कार्यक्रमों और छुट्टियों में देखा जाता है। वे न केवल जाह्नवी के साथ वेकेशन पर जाते हैं, बल्कि अक्सर मंदिरों के दर्शन के लिए भी परिवार के साथ नजर आते हैं। जाह्नवी ने भी अप्रैल 2024 में ‘कॉफी विद करण’ के एक एपिसोड में इशारों में बताया थी कि वह किसी के साथ रिलेशनशिप में हैं। जाह्नवी कपूर और शिखर पहाड़िया बचपन से एक-दूसरे को जानते हैं। दोनों के रिश्ते की खबरें 2016 में सामने आई थीं। 2018 में दोनों के अलग होने की चर्चा भी हुई, लेकिन 2023 से उन्हें कई मौकों पर साथ देखा गया। दोनों अनंत अंबानी के शादी समारोह, पार्टियों, वेकेशन और तिरुपति मंदिर में भी साथ नजर आए हैं। कौन हैं शिखर पहाड़िया? शिखर पहाड़िया महाराष्ट्र के पूर्व मुख्यमंत्री सुशील कुमार शिंदे के नाती हैं। वह स्मृति शिंदे और संजय पहाड़िया के बेटे हैं। शिखर एक एंटरप्रेन्योर और इन्वेस्टर हैं और मुंबई के हाई-प्रोफाइल सर्कल में एक्टिव हैं।
अमेरिका में भारतीय इंजीनियर ने पत्नी की हत्या की:गर्लफ्रेंड को शव की फोटो भी भेजी, 9 महीने बाद गिरफ्तार

अमेरिका में भारतीय सॉफ्टवेयर इंजीनियर ने अपनी पत्नी की गला घोंटकर हत्या कर दी। इसके बाद उसने पत्नी के शव की तस्वीर भारत में रहने वाली अपनी गर्लफ्रेंड को भी भेजी। करीब 9 महीने की जांच के बाद पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। आरोपी की पहचान 30 साल के अविनाश नार्ने के रूप में हुई है। उसकी शादी 5 जून 2025 को राजिता सब्बिनेनी से हुई थी। पुलिस के मुताबिक, अविनाश का भारत में रहने वाली एक महिला से कई साल से प्रेम संबंध था। वह महिला उसकी शादी में भी शामिल हुई थी। शादी के बाद भी दोनों लगातार संपर्क में रहे। हत्या कर के पुलिस को फोन किया पुलिस के मुताबिक, 27 अक्टूबर 2025 को अविनाश ने राजिता की गला घोंटकर हत्या कर दी। इसके बाद उसने पुलिस को फोन कर कहा कि उसकी पत्नी बाथरूम में बंद है और दरवाजा नहीं खोल रही। पुलिस ने दरवाजा तोड़ा तो राजिता का शव अंदर मिला। अविनाश ने पूछताछ में दावा किया कि वह करीब 40 मिनट के लिए घर से बाहर गया था। लौटने पर पत्नी बाथरूम में बंद मिली। हालांकि, जांच में पता चला कि उसके बाहर रहने के दौरान फ्लैट में कोई दूसरा व्यक्ति नहीं आया था। जांच में सामने आया कि हत्या वाले दिन अविनाश ने अपनी गर्लफ्रेंड से कम से कम चार बार बात की थी। इसी दौरान उसने पत्नी के शव की तस्वीर भी उसे भेजी। पुलिस को राजिता के कई मैसेज भी मिले। इनमें उसने पति के बनाए ड्रिंक का स्वाद कई बार कड़वा बताया था। मौत वाले दिन उसने मैसेज किया था कि स्मूदी का स्वाद दवा और कफ सिरप जैसा लग रहा है। अगले दिन किंग काउंटी मेडिकल एग्जामिनर की रिपोर्ट में राजिता की मौत का कारण गला घोंटना बताया गया। इसके बाद पुलिस ने हत्या की जांच तेज की। पुलिस ने 5 जुलाई 2026 को अविनाश के खिलाफ फर्स्ट डिग्री मर्डर का मामला दर्ज किया। वह फिलहाल 50 लाख डॉलर (5 मिलियन डॉलर) की जमानत पर जेल में है। दोषी साबित होने पर उसे उम्रकैद की सजा हो सकती है।
अमेरिका ने ईरान पर फिर एयरस्ट्राइक की:बुशहर-चाबहार समेत कई शहर निशाने पर; ट्रम्प बोले- हर हमले का 20 गुना ताकत से जवाब देंगे

अमेरिका ने बुधवार देर रात ईरान पर फिर एयरस्ट्राइक की। हमलों में बुशहर, चाबहार, बंदर अब्बास, सीरिक और कोनारक समेत कई शहरों में सैन्य और रणनीतिक ठिकानों को निशाना बनाया गया। अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) ने कहा कि कार्रवाई का मकसद होर्मुज में ईरान की क्षमता को कमजोर करना है। हमलों के बाद राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने ईरान को कड़ी चेतावनी देते हुए कहा, “वे हर बार हम पर हमला करेंगे तो हम 20 गुना जवाब देंगे।” ट्रम्प ने दावा किया कि ईरान समझौता चाहता है, लेकिन उसे इस बात पर भरोसा नहीं कि तेहरान समझौते का पालन करेगा। पिछले 24 घंटे के 5 बड़े अपडेट्स मिडिल ईस्ट के हालात से जुड़े अपडेट्स के लिए नीचे ब्लॉग से गुजर जाइए…
माइक्रोसॉफ्ट ने सॉफ्टवेयर बेचने दुनिया को स्क्रीन से चिपकाया:सीईओ श्रीनिवास का दावा – ‘बिल गेट्स ने दुनिया को 9-5 की जॉब में फंसाया

क्या आप भी सुबह 9 से शाम 5 बजे तक कंप्यूटर के सामने बैठकर डेस्क जॉब करते हैं? अगर हां, तो परप्लेक्सिटी एआई के सीईओ अरविंद श्रीनिवास का दावा आपको चौंका सकता है। श्रीनिवास का कहना है कि यह 9 से 5 की डेस्क जॉब इंसानी काम का कोई स्वाभाविक विकास नहीं है, बल्कि माइक्रोसॉफ्ट के को-फाउंडर बिल गेट्स द्वारा तैयार की गई एक बेहद सफल बिजनेस स्ट्रैटजी थी। हाल ही में मशहूर पॉडकास्ट ‘द जो रोगन एक्सपीरियंस’ में बातचीत के दौरान श्रीनिवास ने यह दावा किया। उन्होंने कहा कि माइक्रोसॉफ्ट ने अपने सॉफ्टवेयर बेचने के लिए जानबूझकर ‘आधुनिक ऑफिस वर्कर’ का कॉन्सेप्ट तैयार किया था। श्रीनिवास ने कहा, ‘माइक्रोसॉफ्ट ने ऑफिस वर्कर की इस पूरी अवधारणा को सिर्फ इसलिए खड़ा किया क्योंकि वे अपना ऑफिस सॉफ्टवेयर बेचना चाहते थे। बिल गेट्स का मिशन ही यही था कि हर डेस्क पर एक पीसी (कंप्यूटर) हो और लोग उससे चिपके रहें।’ उन्होंने आगे बताया कि दिनभर डेस्क पर बैठकर स्क्रीन को घूरते रहने वाले इस वर्क कल्चर को सुनियोजित तरीके से नीचे से ऊपर तक तैयार किया गया था। सीईओ श्रीनिवास का यह दावा सुनकर पॉडकास्ट के होस्ट जो रोगन भी हैरान रह गए। रोगन ने इस पर टिप्पणी करते हुए कहा, ‘वाह! इस तरह की लाइफस्टाइल बहुत ही हालिया चीज है जिसे हम सबने अब सामान्य मान लिया है। माइक्रोसॉफ्ट ने इस मामले में सटीक निशाना लगाया।’ परप्लेक्सिटी प्रमुख श्रीनिवास ने समझाया कि इस रणनीति के तहत कॉरपोरेट जगत में आने से पहले ही पीढ़ियों को माइक्रोसॉफ्ट के उत्पादों का आदी बनाया गया। उन्होंने कहा, ‘यही वजह है कि हम सभी को बचपन से माइक्रोसॉफ्ट वर्ड और एक्सेल का इस्तेमाल करना सिखाया गया। एक बार जब आप यह सीख गए, तो आप किसी ऐसी कंपनी में काम करने के लिए तैयार हो गए जिसके डेस्क पर पीसी हो और जो माइक्रोसॉफ्ट को सॉफ्टवेयर इस्तेमाल करने के पैसे दे रही हो।’ स्कूलों और शुरुआती कॉरपोरेट कल्चर में वर्ड और एक्सेल को अनिवार्य बनाकर माइक्रोसॉफ्ट ने मुनाफे का एक कभी न खत्म होने वाला चक्र तैयार कर लिया। गेट्स का मकसद जॉब्स की तरह कंप्यूटिंग को सुंदर बनाना नहीं था – सीईओ अरविंद श्रीनिवास ने बिल गेट्स के आक्रामक कॉरपोरेट विजन की तुलना एपल के को-फाउंडर स्टीव जॉब्स से की। उन्होंने कहा कि जहां स्टीव जॉब्स का ध्यान सुंदर, आकर्षक और आसान मशीनें बनाने पर था, वहीं माइक्रोसॉफ्ट का लक्ष्य केवल मुनाफा कमाना था। श्रीनिवास ने कहा, ‘जैसा स्टीव जॉब्स सोचते थे। उन्हें सिर्फ कंप्यूटर और सॉफ्टवेयर बेचने की परवाह थी, क्योंकि ज्यादा सॉफ्टवेयर बेचने से ही आप अमीर बनते हैं।’
PM मोदी ने किया शाहरुख की फिल्म का जिक्र:'कुछ कुछ होता है' से समझाए भारत-इंडोनेशिया के रिश्ते; करण जौहर ने जताई खुशी

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अपने तीन देशों के दौरे के पहले पड़ाव पर इंडोनेशिया पहुंचे हैं। जकार्ता में भारतीय समुदाय को संबोधित करते हुए पीएम मोदी ने भारत और इंडोनेशिया के संबंधों को समझाने के लिए बॉलीवुड फिल्म ‘कुछ कुछ होता है’ के नाम का इस्तेमाल किया। उन्होंने कहा कि जब दोनों देश साथ चलते हैं, तो ‘कुछ कुछ’ नहीं बल्कि ‘बहुत कुछ’ होता है। पीएम के इस बयान पर फिल्म के डायरेक्टर करण जौहर ने सोशल मीडिया पर खुशी जताई है और इसे अपने लिए सम्मान की बात कहा है। फिल्म के नाम से समझाया दोनों देशों का रिश्ता जकार्ता में भारतीय प्रवासियों को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भारत और इंडोनेशिया के सांस्कृतिक जुड़ाव पर बात की। उन्होंने कहा कि इंडोनेशिया में भारत का गाना ‘कुछ कुछ होता है’ बहुत लोकप्रिय है। इसी का उदाहरण देते हुए पीएम मोदी ने कहा कि जब भारत और इंडोनेशिया साथ मिलकर चलते हैं, तो ‘कुछ कुछ’ से भी आगे बढ़कर ‘बहुत कुछ’ होता है। पीएम मोदी के इस बयान के बाद वहां मौजूद लोगों ने तालियां बजाकर उनका स्वागत किया। करण जौहर बोले- मेरे लिए सम्मान की बात पीएम मोदी के इस भाषण का वीडियो सोशल मीडिया पर आने के बाद फिल्म के डायरेक्टर करण जौहर ने इस पर अपनी प्रतिक्रिया दी। करण जौहर ने अपने इंस्टाग्राम अकाउंट पर इस भाषण की क्लिप शेयर की। उन्होंने लिखा कि हमारे सम्मानित प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को जकार्ता में ‘कुछ कुछ होता है’ के बारे में बात करते देखकर वे बहुत खुश और सम्मानित महसूस कर रहे हैं। करण ने आगे लिखा कि प्यार एक ऐसी भाषा है जो सभी सीमाओं से परे है। इस गाने को हमेशा जिंदा रखने के लिए उन्होंने प्रधानमंत्री का आभार जताया। ‘कुछ कुछ होता है’ से करण ने किया था डेब्यू जिस फिल्म का जिक्र प्रधानमंत्री ने अपने भाषण में किया, वह करण जौहर के करियर की बेहद खास फिल्म है। साल 1998 में आई ‘कुछ कुछ होता है’ से करण जौहर ने बतौर निर्देशक बॉलीवुड में अपना डेब्यू किया था। इस फिल्म में शाह रुख खान, काजोल और रानी मुखर्जी मुख्य भूमिकाओं में थे, जबकि सलमान खान ने फिल्म में कैमियो रोल किया था। यह फिल्म और इसके गाने भारत के साथ-साथ कई एशियाई देशों में आज भी पसंद किए जाते हैं। इंडोनेशिया के राष्ट्रपति प्रबोवो सुबियांतो ने किया स्वागत प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सोमवार, 6 जुलाई 2026 को इंडोनेशिया पहुंचे थे। जकार्ता पहुंचने पर इंडोनेशिया के राष्ट्रपति प्रबोवो सुबियांतो ने उनका स्वागत किया। हवाई अड्डे पर पीएम मोदी का भव्य स्वागत किया गया, जिसके बाद वे अपने तय कार्यक्रमों में शामिल हुए। इस यात्रा के दौरान भारत और इंडोनेशिया के बीच कई द्विपक्षीय मुद्दों पर चर्चा हुई है और दोनों देशों के रिश्तों को मजबूत करने पर जोर दिया गया है। तीन देशों के दौरे पर हैं प्रधानमंत्री मोदी प्रधानमंत्री मोदी का यह दौरा तीन देशों की यात्रा का पहला हिस्सा है। इंडोनेशिया के बाद वे ऑस्ट्रेलिया के मेलबर्न शहर जाएंगे। इसके बाद उनके दौरे का आखिरी पड़ाव न्यूजीलैंड होगा। इस तीन देशों के दौरे का मुख्य उद्देश्य इन्डो-पैसिफिक क्षेत्र के प्रमुख सहयोगी देशों के साथ भारत के संबंधों को मजबूत करना है। इस यात्रा के दौरान व्यापार, डिफेंस, टेक्नोलॉजी, इन्वेस्टमेंट और क्रिटिकल मिनरल्स जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने पर चर्चा की जा रही है।
PM मोदी ने किया शाहरुख की फिल्म का जिक्र:'कुछ कुछ होता है' से समझाए भारत-इंडोनेशिया के रिश्ते; करण जौहर ने जताई खुशी

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अपने तीन देशों के दौरे के पहले पड़ाव पर इंडोनेशिया पहुंचे हैं। जकार्ता में भारतीय समुदाय को संबोधित करते हुए पीएम मोदी ने भारत और इंडोनेशिया के संबंधों को समझाने के लिए बॉलीवुड फिल्म ‘कुछ कुछ होता है’ के नाम का इस्तेमाल किया। उन्होंने कहा कि जब दोनों देश साथ चलते हैं, तो ‘कुछ कुछ’ नहीं बल्कि ‘बहुत कुछ’ होता है। पीएम के इस बयान पर फिल्म के डायरेक्टर करण जौहर ने सोशल मीडिया पर खुशी जताई है और इसे अपने लिए सम्मान की बात कहा है। फिल्म के नाम से समझाया दोनों देशों का रिश्ता जकार्ता में भारतीय प्रवासियों को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भारत और इंडोनेशिया के सांस्कृतिक जुड़ाव पर बात की। उन्होंने कहा कि इंडोनेशिया में भारत का गाना ‘कुछ कुछ होता है’ बहुत लोकप्रिय है। इसी का उदाहरण देते हुए पीएम मोदी ने कहा कि जब भारत और इंडोनेशिया साथ मिलकर चलते हैं, तो ‘कुछ कुछ’ से भी आगे बढ़कर ‘बहुत कुछ’ होता है। पीएम मोदी के इस बयान के बाद वहां मौजूद लोगों ने तालियां बजाकर उनका स्वागत किया। करण जौहर बोले- मेरे लिए सम्मान की बात पीएम मोदी के इस भाषण का वीडियो सोशल मीडिया पर आने के बाद फिल्म के डायरेक्टर करण जौहर ने इस पर अपनी प्रतिक्रिया दी। करण जौहर ने अपने इंस्टाग्राम अकाउंट पर इस भाषण की क्लिप शेयर की। उन्होंने लिखा कि हमारे सम्मानित प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को जकार्ता में ‘कुछ कुछ होता है’ के बारे में बात करते देखकर वे बहुत खुश और सम्मानित महसूस कर रहे हैं। करण ने आगे लिखा कि प्यार एक ऐसी भाषा है जो सभी सीमाओं से परे है। इस गाने को हमेशा जिंदा रखने के लिए उन्होंने प्रधानमंत्री का आभार जताया। ‘कुछ कुछ होता है’ से करण ने किया था डेब्यू जिस फिल्म का जिक्र प्रधानमंत्री ने अपने भाषण में किया, वह करण जौहर के करियर की बेहद खास फिल्म है। साल 1998 में आई ‘कुछ कुछ होता है’ से करण जौहर ने बतौर निर्देशक बॉलीवुड में अपना डेब्यू किया था। इस फिल्म में शाह रुख खान, काजोल और रानी मुखर्जी मुख्य भूमिकाओं में थे, जबकि सलमान खान ने फिल्म में कैमियो रोल किया था। यह फिल्म और इसके गाने भारत के साथ-साथ कई एशियाई देशों में आज भी पसंद किए जाते हैं। इंडोनेशिया के राष्ट्रपति प्रबोवो सुबियांतो ने किया स्वागत प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सोमवार, 6 जुलाई 2026 को इंडोनेशिया पहुंचे थे। जकार्ता पहुंचने पर इंडोनेशिया के राष्ट्रपति प्रबोवो सुबियांतो ने उनका स्वागत किया। हवाई अड्डे पर पीएम मोदी का भव्य स्वागत किया गया, जिसके बाद वे अपने तय कार्यक्रमों में शामिल हुए। इस यात्रा के दौरान भारत और इंडोनेशिया के बीच कई द्विपक्षीय मुद्दों पर चर्चा हुई है और दोनों देशों के रिश्तों को मजबूत करने पर जोर दिया गया है। तीन देशों के दौरे पर हैं प्रधानमंत्री मोदी प्रधानमंत्री मोदी का यह दौरा तीन देशों की यात्रा का पहला हिस्सा है। इंडोनेशिया के बाद वे ऑस्ट्रेलिया के मेलबर्न शहर जाएंगे। इसके बाद उनके दौरे का आखिरी पड़ाव न्यूजीलैंड होगा। इस तीन देशों के दौरे का मुख्य उद्देश्य इन्डो-पैसिफिक क्षेत्र के प्रमुख सहयोगी देशों के साथ भारत के संबंधों को मजबूत करना है। इस यात्रा के दौरान व्यापार, डिफेंस, टेक्नोलॉजी, इन्वेस्टमेंट और क्रिटिकल मिनरल्स जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने पर चर्चा की जा रही है।
प्रभास को जोकर कहने पर फंसे थे अरशद वारसी:सफाई में कहा- सिर्फ दोस्तों से मजाक करता हूं, पता है हद क्या है, सेलेब्स ने की थी निंदा

कुछ समय पहले ही अरशद वारसी ने फिल्म कल्कि 2898AD की आलोचना करते हुए कहा था कि फिल्म में प्रभास जोकर की तरह लग रहे थे। इस बयान पर उनकी जमकर आलोचना हुई और फिल्म के डायरेक्टर नाग अश्विन और एक्टर सुधीर बाबू ने उनके बयान की निंदा की। अब अरशद ने इस विवाद पर चुप्पी तोड़ी है और कहा कि वो सिर्फ उनके साथ मजाक करते हैं, जिन्हें वो जानते हैं। प्रभास पर दिए बयान पर अरशद वारसी ने न्यूज 18 को दिए इंटरव्यू में कहा है, ‘मैं सिर्फ अपने दोस्तों के साथ ही मजाक करता हूं। सच कहूं तो मैं किसी और के साथ मजाक नहीं करता। अगर मुझे कोई मजाक करना होता है, तो मैं सिर्फ उन्हीं लोगों के साथ करता हूं जिन्हें मैं अच्छी तरह जानता हूं और जो मेरे दोस्त हैं।’ आगे एक्टर ने कहा, ‘मुझे पता होता है कि उनके सामने क्या कहना है और कितनी हद तक कहना है। लेकिन अगर मैं किसी को नहीं जानता, तो उसके सामने कुछ भी नहीं कहता, क्योंकि मुझे उसके बारे में कोई जानकारी नहीं होती। बात बस इतनी-सी है।’ बातचीत में अरशद ने कहा है कि आज कल सोशल मीडिया पर हर बात को लेकर इतनी ज्यादा जांच-पड़ताल होती है कि लोगों को मजाक को मजाक की तरह लेना सीखना चाहिए। उन्होंने कहा, “हम सभी को थोड़ा हल्के-फुल्के अंदाज में जीना चाहिए।” अरशद का मानना है कि असल जिंदगी के अलावा फिल्मों में दिखाए जाने वाले मजाक को भी लोगों को मजाक की तरह ही लेना चाहिए। उन्होंने फिल्म मुन्नाभाई एमबीबीएस के उस डायलॉग का उदाहरण दिया, जिसमें उन्होंने एक चीनी टूरिस्ट को हक्का नूडल्स कहा था। अरशद ने कहा, ‘उसमें कुछ भी आपत्तिजनक नहीं है। आज लोग उसका ज्यादा विश्लेषण कर सकते हैं, लेकिन वह गलत नहीं है। जैसे हम किसी लड़के को मजाक में ‘बाल की दुकान’ कह देते हैं, उसमें भी कुछ आपत्तिजनक नहीं होता।’ हालांकि, अरशद यह भी कहते हैं कि वह ‘सेल्फ सेंसरशिप’ यानी खुद पर संयम रखने में भरोसा करते हैं। उन्होंने कहा, “हर किसी को इसका पालन करना चाहिए। मैं व्यक्तिगत तौर पर पाकिस्तानी ह्यूमर का बड़ा प्रशंसक नहीं हूं, क्योंकि वह अक्सर दूसरे लोगों को नीचा दिखाने वाला होता है। उसमें लोगों का मजाक उड़ाना और नाम रखकर चिढ़ाना ज्यादा होता है। कई लोगों को वह पसंद आता है, लेकिन मुझे नहीं। इसी तरह मुझे डबल मीनिंग या सेक्सुअल कॉमेडी भी पसंद नहीं है। यह मेरी निजी पसंद है। लोगों की अपनी-अपनी पसंद हो सकती है, लेकिन मैं अपने लिए इसी तरह की सेल्फ सेंसरशिप अपनाता हूं।” क्या था अरशद का पुराना बयान और क्यों हुआ विवाद समदीश भाटिया के पॉडकास्ट में अरशद वारसी से पूछा था कि उनकी देखी हुई आखिरी बुरी फिल्म कौन सी थी। इस पर उन्होंने कल्कि का नाम लेकर कहा था, ‘मैंने ‘कल्कि’ देखी तो मुझे अच्छी नहीं लगी। मुझे बहुत तकलीफ होती है पर अमित जी, वो आदमी समझ में ही नहीं आता यार। कसम से अगर उनके जितनी पावर मिल जाए ताे लाइफ बन जाए। वो कमाल हैं, अविश्वसनीय हैं। प्रभास को देखकर मैं वास्तव में दुखी हुआ। वो क्यों थे उस फिल्म में, माफी चाहूंगा पर वो एक जोकर की तरह लग रहे थे। मैं ‘मैड मैक्स’ (हॉलीवुड फिल्म) देखना चाहता हूं। मैं वहां मेल गिब्सन (हॉलीवुड एक्टर) को देखना चाहता हूं। तुमने उसको क्या बना दिया यार। क्यों करते हो ऐसा.. मुझे नहीं समझ में आता।’ अरशद वारसी के बयान पर भड़के डायरेक्टर नाग अश्विन अरशद का बयान सामने आने के बाद कल्कि डायरेक्टर नाग अश्विन ने सोशल मीडिया पर निंदा कर लिखा, “आइए पीछे न जाएं। अब नॉर्थ वर्सेस साउथ या बॉलीवुड वर्सेस टॉलीवुड जैसी बहसें बंद होनी चाहिए। हमें बड़ी तस्वीर पर ध्यान देना चाहिए, एकजुट भारतीय फिल्म इंडस्ट्री। अरशद साहब को अपने शब्दों का चुनाव थोड़ा बेहतर करना चाहिए था, लेकिन कोई बात नहीं। मैं उनके बच्चों के लिए ‘बुज्जी’ के खिलौने भेज रहा हूं। और मैं इतनी मेहनत करूंगा कि जब ‘कल्कि 2’ (K2) रिलीज हो, तो पहले दिन का पहला शो देखने के बाद वही ट्वीट करें कि प्रभास अब तक के सबसे बेहतरीन कलाकार हैं। वहीं साउथ एक्टर सुधीर बाबू ने भड़ककर लिखा, “रचनात्मक आलोचना करना ठीक है, लेकिन किसी के बारे में अपमानजनक बातें करना कभी सही नहीं होता। मुझे अरशद वारसी से ऐसी गैर-पेशेवर टिप्पणी की उम्मीद नहीं थी। प्रभास का कद इतना बड़ा है कि छोटे सोच वाले लोगों की टिप्पणियों से उस पर कोई फर्क नहीं पड़ता।”







