कुछ समय पहले ही अरशद वारसी ने फिल्म कल्कि 2898AD की आलोचना करते हुए कहा था कि फिल्म में प्रभास जोकर की तरह लग रहे थे। इस बयान पर उनकी जमकर आलोचना हुई और फिल्म के डायरेक्टर नाग अश्विन और एक्टर सुधीर बाबू ने उनके बयान की निंदा की। अब अरशद ने इस विवाद पर चुप्पी तोड़ी है और कहा कि वो सिर्फ उनके साथ मजाक करते हैं, जिन्हें वो जानते हैं। प्रभास पर दिए बयान पर अरशद वारसी ने न्यूज 18 को दिए इंटरव्यू में कहा है, ‘मैं सिर्फ अपने दोस्तों के साथ ही मजाक करता हूं। सच कहूं तो मैं किसी और के साथ मजाक नहीं करता। अगर मुझे कोई मजाक करना होता है, तो मैं सिर्फ उन्हीं लोगों के साथ करता हूं जिन्हें मैं अच्छी तरह जानता हूं और जो मेरे दोस्त हैं।’ आगे एक्टर ने कहा, ‘मुझे पता होता है कि उनके सामने क्या कहना है और कितनी हद तक कहना है। लेकिन अगर मैं किसी को नहीं जानता, तो उसके सामने कुछ भी नहीं कहता, क्योंकि मुझे उसके बारे में कोई जानकारी नहीं होती। बात बस इतनी-सी है।’ बातचीत में अरशद ने कहा है कि आज कल सोशल मीडिया पर हर बात को लेकर इतनी ज्यादा जांच-पड़ताल होती है कि लोगों को मजाक को मजाक की तरह लेना सीखना चाहिए। उन्होंने कहा, “हम सभी को थोड़ा हल्के-फुल्के अंदाज में जीना चाहिए।” अरशद का मानना है कि असल जिंदगी के अलावा फिल्मों में दिखाए जाने वाले मजाक को भी लोगों को मजाक की तरह ही लेना चाहिए। उन्होंने फिल्म मुन्नाभाई एमबीबीएस के उस डायलॉग का उदाहरण दिया, जिसमें उन्होंने एक चीनी टूरिस्ट को हक्का नूडल्स कहा था। अरशद ने कहा, ‘उसमें कुछ भी आपत्तिजनक नहीं है। आज लोग उसका ज्यादा विश्लेषण कर सकते हैं, लेकिन वह गलत नहीं है। जैसे हम किसी लड़के को मजाक में ‘बाल की दुकान’ कह देते हैं, उसमें भी कुछ आपत्तिजनक नहीं होता।’ हालांकि, अरशद यह भी कहते हैं कि वह ‘सेल्फ सेंसरशिप’ यानी खुद पर संयम रखने में भरोसा करते हैं। उन्होंने कहा, “हर किसी को इसका पालन करना चाहिए। मैं व्यक्तिगत तौर पर पाकिस्तानी ह्यूमर का बड़ा प्रशंसक नहीं हूं, क्योंकि वह अक्सर दूसरे लोगों को नीचा दिखाने वाला होता है। उसमें लोगों का मजाक उड़ाना और नाम रखकर चिढ़ाना ज्यादा होता है। कई लोगों को वह पसंद आता है, लेकिन मुझे नहीं। इसी तरह मुझे डबल मीनिंग या सेक्सुअल कॉमेडी भी पसंद नहीं है। यह मेरी निजी पसंद है। लोगों की अपनी-अपनी पसंद हो सकती है, लेकिन मैं अपने लिए इसी तरह की सेल्फ सेंसरशिप अपनाता हूं।” क्या था अरशद का पुराना बयान और क्यों हुआ विवाद समदीश भाटिया के पॉडकास्ट में अरशद वारसी से पूछा था कि उनकी देखी हुई आखिरी बुरी फिल्म कौन सी थी। इस पर उन्होंने कल्कि का नाम लेकर कहा था, ‘मैंने ‘कल्कि’ देखी तो मुझे अच्छी नहीं लगी। मुझे बहुत तकलीफ होती है पर अमित जी, वो आदमी समझ में ही नहीं आता यार। कसम से अगर उनके जितनी पावर मिल जाए ताे लाइफ बन जाए। वो कमाल हैं, अविश्वसनीय हैं। प्रभास को देखकर मैं वास्तव में दुखी हुआ। वो क्यों थे उस फिल्म में, माफी चाहूंगा पर वो एक जोकर की तरह लग रहे थे। मैं ‘मैड मैक्स’ (हॉलीवुड फिल्म) देखना चाहता हूं। मैं वहां मेल गिब्सन (हॉलीवुड एक्टर) को देखना चाहता हूं। तुमने उसको क्या बना दिया यार। क्यों करते हो ऐसा.. मुझे नहीं समझ में आता।’ अरशद वारसी के बयान पर भड़के डायरेक्टर नाग अश्विन अरशद का बयान सामने आने के बाद कल्कि डायरेक्टर नाग अश्विन ने सोशल मीडिया पर निंदा कर लिखा, “आइए पीछे न जाएं। अब नॉर्थ वर्सेस साउथ या बॉलीवुड वर्सेस टॉलीवुड जैसी बहसें बंद होनी चाहिए। हमें बड़ी तस्वीर पर ध्यान देना चाहिए, एकजुट भारतीय फिल्म इंडस्ट्री। अरशद साहब को अपने शब्दों का चुनाव थोड़ा बेहतर करना चाहिए था, लेकिन कोई बात नहीं। मैं उनके बच्चों के लिए ‘बुज्जी’ के खिलौने भेज रहा हूं। और मैं इतनी मेहनत करूंगा कि जब ‘कल्कि 2’ (K2) रिलीज हो, तो पहले दिन का पहला शो देखने के बाद वही ट्वीट करें कि प्रभास अब तक के सबसे बेहतरीन कलाकार हैं। वहीं साउथ एक्टर सुधीर बाबू ने भड़ककर लिखा, “रचनात्मक आलोचना करना ठीक है, लेकिन किसी के बारे में अपमानजनक बातें करना कभी सही नहीं होता। मुझे अरशद वारसी से ऐसी गैर-पेशेवर टिप्पणी की उम्मीद नहीं थी। प्रभास का कद इतना बड़ा है कि छोटे सोच वाले लोगों की टिप्पणियों से उस पर कोई फर्क नहीं पड़ता।”

















































