Friday, 25 Sep 2026 | 09:18 PM

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केतन मर्डर केस पर बोलीं कंगना रनोट:बच्चों के गलत कामों के लिए माता-पिता को दोषी ठहराना ठीक नहीं; मंगेतर सिया ने बॉयफ्रेंड के साथ की हत्या

केतन मर्डर केस पर बोलीं कंगना रनोट:बच्चों के गलत कामों के लिए माता-पिता को दोषी ठहराना ठीक नहीं; मंगेतर सिया ने बॉयफ्रेंड के साथ की हत्या

रियल एस्टेट कारोबारी केतन अग्रवाल मर्डर केस पर एक्ट्रेस और सांसद कंगना रनोट ने अपनी प्रतिक्रिया दी है। कंगना ने इंस्टाग्राम स्टोरी पर एक पोस्ट शेयर कर कहा कि बच्चों के गलत कामों के लिए उनके माता-पिता या परिवार को दोषी नहीं ठहराना चाहिए। आजकल बच्चों के संस्कार सिर्फ घर से तय नहीं होते, बल्कि सोशल मीडिया, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और उनके दोस्त उन्हें प्रभावित करते हैं। लोहागढ़ किले में हुए इस हाई-प्रोफाइल मर्डर केस में पुलिस ने केतन की मंगेतर सिया गोयल और उसके बॉयफ्रेंड को गिरफ्तार किया है। माता-पिता को जज करना ठीक नहीं कंगना रनोट ने अपने पोस्ट में लिखा कि माता-पिता को बच्चों के किए पर दोष देना सही नहीं है। आज के समय में बच्चे किसके साथ उठते-बैठते हैं और किससे प्रभावित हो रहे हैं, यह ज्यादा जरूरी है। बच्चों को कौन ‘प्रोग्राम’ कर रहा है, उसी से उनका व्यवहार बदलता है। लोग अब कई तरह की लाइफ जी रहे हैं, इसलिए किसी एक घटना के आधार पर पूरे परिवार को जज नहीं किया जाना चाहिए। कंगना से पहले खुशबू पटानी, आंचल खुराना और हिना खान जैसे सेलिब्रिटीज भी आरोपी सिया गोयल को लेकर गुस्सा जाहिर कर चुके हैं। मंगेतर ने बॉयफ्रेंड के साथ मिलकर की हत्या पुलिस जांच के मुताबिक, 26 साल के रियल एस्टेट कारोबारी केतन अग्रवाल की हत्या की साजिश उनकी मंगेतर सिया गोयल ने अपने बॉयफ्रेंड चेतन चौधरी के साथ मिलकर रची थी। केतन और सिया की सगाई इसी साल फरवरी में हुई थी और दोनों इस साल नवंबर में शादी करने वाले थे। पुलिस ने सिया और चेतन दोनों को गिरफ्तार कर लिया है और फिलहाल दोनों न्यायिक हिरासत में हैं। पहली कोशिश में झाड़ी पकड़कर बचे थे केतन पुलिस ने बताया कि आरोपियों ने केतन को मारने की पहली कोशिश 14 जून को की थी। सिया उस दिन केतन को लोहागढ़ किले पर लेकर गई थी और वहां उसे घाटी में धक्का दे दिया था। हालांकि, केतन एक झाड़ी को पकड़कर लटक गए और उनकी जान बच गई। उस समय सिया ने बात को घुमाने के लिए सांप दिखने का नाटक किया और केतन का ध्यान भटका दिया। इसके बाद वह केतन को भरोसा दिलाकर वापस घर ले आई। दूसरी बार में किले से नीचे धकेला पहली कोशिश नाकाम होने के बाद सिया ने कुछ दिनों बाद दोबारा केतन को किले पर चलने के लिए राजी किया। इस बार वहां सिया का बॉयफ्रेंड चेतन चौधरी भी पहले से मौजूद था। जब केतन वहां पहुंचे, तो सिया और चेतन ने पीछे से आकर उन्हें जोरदार धक्का दे दिया। गहरी घाटी में गिरने के कारण केतन अग्रवाल की मौके पर ही मौत हो गई। पुलिस ने मामले का खुलासा करते हुए दोनों आरोपियों को जेल भेज दिया है। तीन सुराग; सिया का झूठ, CCTV फुटेज, 2004 बार कॉल पहला सुरागः सिया के हावभाव से केतन की बहन को शक हुआ मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, 21 जून को सिया केतन के घर पहुंची। केतन की बहन ने पूछा- केतन कैसे गिरा? इस सवाल पर सिया के हावभाव अचानक बदल गए। वो ठीक से जवाब नहीं दे पा रही थी। केतन की बहन को शक हुआ और उसने पिता विशाल अग्रवाल से कहा- भाई अच्छा ट्रैकर है, उसकी मौत एक्सीडेंट नहीं हो सकती। सिया ठीक से जवाब नहीं दे रही। विशाल को भी पहले से शक था कि कुछ तो ठीक नहीं है। इसके बाद विशाल दोबारा पुणे पुलिस से मिले और सिया पर शक जताया। उन्होंने ये भी कहा कि सिया किसी लड़के से बात करती है, उसकी भी जांच की जानी चाहिए। दूसरा सुरागः किले के CCTV फुटेज में गर्मी में हुडी पहने लड़का दिखा पुलिस ने लोहगढ़ किले के सीसीटीवी फुटेज निकाले। इनमें 18 जून को एक शख्स वहां पहुंचे केतन और सिया के आसपास कई बार दिखा। गर्मी का मौसम, ऊपर से किले की चढ़ाई, उसके बावजूद किले की सीढ़ियों के फुटेज में दिखा कि वो हुडी पहने था। पुलिस के मुताबिक, लड़का अपना चेहरा छिपाने की कोशिश कर रहा था। तीसरा सुरागः सिया की एक नंबर पर 2000 से ज्यादा कॉल्स पुलिस ने सिया के कॉल-रिकॉर्ड खंगाले। इनमें एक मोबाइल नंबर पर जनवरी से केतन की हत्या वाले दिन सुबह 7 बजे तक सिया ने 2004 कॉल में करीब 338 घंटे की बातचीत की थी यानी दोनों रोज करीब 11 कॉल्स में 2 घंटे बात करते थे। ये नंबर पुणे के ही एक और व्यापारी परिवार के लड़के चेतन चौधरी का था। चेतन का घर पुणे के उसी इलाके में था, जहां सिया के पिता का ऑफिस है। मर्डर की 2 वजह; दावा- सिया शादी के लिए तैयार नहीं थी सिया शादी के लिए तैयार नहीं थी: पुलिस को शक है कि मुख्य आरोपी सिया गोयल शादी के लिए मानसिक रूप से तैयार नहीं थी और परिवार के दबाव में केतन से शादी करने जा रही थी। इसी पहलू को पुलिस हत्या की संभावित वजहों में से एक मानकर जांच कर रही है। बदनामी के कारण प्रेमी के साथ भागी नहीं: प्रेमी चेतन ने बताया कि सिया सगाई तोड़कर भागने के पक्ष में नहीं थी। उसे लगता था कि इससे उसके परिवार की बदनामी होगी। पुणे के मजिस्ट्रेट कोर्ट ने 22 जून को सिया गोयल और उसके प्रेमी चेतन चौधरी को 29 जून तक पुलिस हिरासत में भेज दिया। मर्डर से पहले सिया का मंगेतर के साथ डांस, रोमांस; 3 तस्वीरें केतन के मर्डर करने से पहले सिया ने सोशल मीडिया अकाउंट पर केतन अग्रवाल (26) के साथ कई रोमांटिक पोस्ट किए थे। कभी प्रपोजल की तस्वीरें, कभी फूल देकर प्यार जताने वाले पल, तो कभी डांस और गले मिलने के वीडियो। दोनों की नवंबर में होने वाली शादी की तैयारियां भी सोशल मीडिया पोस्ट का हिस्सा थीं। इस साल फरवरी में सगाई के बाद सिया ने इंस्टाग्राम पर एक केक की तस्वीर शेयर करते हुए लिखा था- मेरे दिल को उसका घर मिले एक महीना पूरा हुआ। 19 मई को सिया ने अपने जन्मदिन के काउंटडाउन की स्टोरी पोस्ट की, जिसमें दोनों एक रोमांटिक गाने पर डांस करते नजर आ रहे थे। एक पोस्ट में दोनों कार के अंदर बैठकर गले लगते दिखे। केतन ने अपने

केतन मर्डर केस पर बोलीं कंगना रनोट:बच्चों के गलत कामों के लिए माता-पिता को दोषी ठहराना ठीक नहीं; मंगेतर सिया ने बॉयफ्रेंड के साथ की हत्या

केतन मर्डर केस पर बोलीं कंगना रनोट:बच्चों के गलत कामों के लिए माता-पिता को दोषी ठहराना ठीक नहीं; मंगेतर सिया ने बॉयफ्रेंड के साथ की हत्या

रियल एस्टेट कारोबारी केतन अग्रवाल मर्डर केस पर एक्ट्रेस और सांसद कंगना रनोट ने अपनी प्रतिक्रिया दी है। कंगना ने इंस्टाग्राम स्टोरी पर एक पोस्ट शेयर कर कहा कि बच्चों के गलत कामों के लिए उनके माता-पिता या परिवार को दोषी नहीं ठहराना चाहिए। आजकल बच्चों के संस्कार सिर्फ घर से तय नहीं होते, बल्कि सोशल मीडिया, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और उनके दोस्त उन्हें प्रभावित करते हैं। लोहागढ़ किले में हुए इस हाई-प्रोफाइल मर्डर केस में पुलिस ने केतन की मंगेतर सिया गोयल और उसके बॉयफ्रेंड को गिरफ्तार किया है। माता-पिता को जज करना ठीक नहीं कंगना रनोट ने अपने पोस्ट में लिखा कि माता-पिता को बच्चों के किए पर दोष देना सही नहीं है। आज के समय में बच्चे किसके साथ उठते-बैठते हैं और किससे प्रभावित हो रहे हैं, यह ज्यादा जरूरी है। बच्चों को कौन ‘प्रोग्राम’ कर रहा है, उसी से उनका व्यवहार बदलता है। लोग अब कई तरह की लाइफ जी रहे हैं, इसलिए किसी एक घटना के आधार पर पूरे परिवार को जज नहीं किया जाना चाहिए। कंगना से पहले खुशबू पटानी, आंचल खुराना और हिना खान जैसे सेलिब्रिटीज भी आरोपी सिया गोयल को लेकर गुस्सा जाहिर कर चुके हैं। मंगेतर ने बॉयफ्रेंड के साथ मिलकर की हत्या पुलिस जांच के मुताबिक, 26 साल के रियल एस्टेट कारोबारी केतन अग्रवाल की हत्या की साजिश उनकी मंगेतर सिया गोयल ने अपने बॉयफ्रेंड चेतन चौधरी के साथ मिलकर रची थी। केतन और सिया की सगाई इसी साल फरवरी में हुई थी और दोनों इस साल नवंबर में शादी करने वाले थे। पुलिस ने सिया और चेतन दोनों को गिरफ्तार कर लिया है और फिलहाल दोनों न्यायिक हिरासत में हैं। पहली कोशिश में झाड़ी पकड़कर बचे थे केतन पुलिस ने बताया कि आरोपियों ने केतन को मारने की पहली कोशिश 14 जून को की थी। सिया उस दिन केतन को लोहागढ़ किले पर लेकर गई थी और वहां उसे घाटी में धक्का दे दिया था। हालांकि, केतन एक झाड़ी को पकड़कर लटक गए और उनकी जान बच गई। उस समय सिया ने बात को घुमाने के लिए सांप दिखने का नाटक किया और केतन का ध्यान भटका दिया। इसके बाद वह केतन को भरोसा दिलाकर वापस घर ले आई। दूसरी बार में किले से नीचे धकेला पहली कोशिश नाकाम होने के बाद सिया ने कुछ दिनों बाद दोबारा केतन को किले पर चलने के लिए राजी किया। इस बार वहां सिया का बॉयफ्रेंड चेतन चौधरी भी पहले से मौजूद था। जब केतन वहां पहुंचे, तो सिया और चेतन ने पीछे से आकर उन्हें जोरदार धक्का दे दिया। गहरी घाटी में गिरने के कारण केतन अग्रवाल की मौके पर ही मौत हो गई। पुलिस ने मामले का खुलासा करते हुए दोनों आरोपियों को जेल भेज दिया है। तीन सुराग; सिया का झूठ, CCTV फुटेज, 2004 बार कॉल पहला सुरागः सिया के हावभाव से केतन की बहन को शक हुआ मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, 21 जून को सिया केतन के घर पहुंची। केतन की बहन ने पूछा- केतन कैसे गिरा? इस सवाल पर सिया के हावभाव अचानक बदल गए। वो ठीक से जवाब नहीं दे पा रही थी। केतन की बहन को शक हुआ और उसने पिता विशाल अग्रवाल से कहा- भाई अच्छा ट्रैकर है, उसकी मौत एक्सीडेंट नहीं हो सकती। सिया ठीक से जवाब नहीं दे रही। विशाल को भी पहले से शक था कि कुछ तो ठीक नहीं है। इसके बाद विशाल दोबारा पुणे पुलिस से मिले और सिया पर शक जताया। उन्होंने ये भी कहा कि सिया किसी लड़के से बात करती है, उसकी भी जांच की जानी चाहिए। दूसरा सुरागः किले के CCTV फुटेज में गर्मी में हुडी पहने लड़का दिखा पुलिस ने लोहगढ़ किले के सीसीटीवी फुटेज निकाले। इनमें 18 जून को एक शख्स वहां पहुंचे केतन और सिया के आसपास कई बार दिखा। गर्मी का मौसम, ऊपर से किले की चढ़ाई, उसके बावजूद किले की सीढ़ियों के फुटेज में दिखा कि वो हुडी पहने था। पुलिस के मुताबिक, लड़का अपना चेहरा छिपाने की कोशिश कर रहा था। तीसरा सुरागः सिया की एक नंबर पर 2000 से ज्यादा कॉल्स पुलिस ने सिया के कॉल-रिकॉर्ड खंगाले। इनमें एक मोबाइल नंबर पर जनवरी से केतन की हत्या वाले दिन सुबह 7 बजे तक सिया ने 2004 कॉल में करीब 338 घंटे की बातचीत की थी यानी दोनों रोज करीब 11 कॉल्स में 2 घंटे बात करते थे। ये नंबर पुणे के ही एक और व्यापारी परिवार के लड़के चेतन चौधरी का था। चेतन का घर पुणे के उसी इलाके में था, जहां सिया के पिता का ऑफिस है। मर्डर की 2 वजह; दावा- सिया शादी के लिए तैयार नहीं थी सिया शादी के लिए तैयार नहीं थी: पुलिस को शक है कि मुख्य आरोपी सिया गोयल शादी के लिए मानसिक रूप से तैयार नहीं थी और परिवार के दबाव में केतन से शादी करने जा रही थी। इसी पहलू को पुलिस हत्या की संभावित वजहों में से एक मानकर जांच कर रही है। बदनामी के कारण प्रेमी के साथ भागी नहीं: प्रेमी चेतन ने बताया कि सिया सगाई तोड़कर भागने के पक्ष में नहीं थी। उसे लगता था कि इससे उसके परिवार की बदनामी होगी। पुणे के मजिस्ट्रेट कोर्ट ने 22 जून को सिया गोयल और उसके प्रेमी चेतन चौधरी को 29 जून तक पुलिस हिरासत में भेज दिया। मर्डर से पहले सिया का मंगेतर के साथ डांस, रोमांस; 3 तस्वीरें केतन के मर्डर करने से पहले सिया ने सोशल मीडिया अकाउंट पर केतन अग्रवाल (26) के साथ कई रोमांटिक पोस्ट किए थे। कभी प्रपोजल की तस्वीरें, कभी फूल देकर प्यार जताने वाले पल, तो कभी डांस और गले मिलने के वीडियो। दोनों की नवंबर में होने वाली शादी की तैयारियां भी सोशल मीडिया पोस्ट का हिस्सा थीं। इस साल फरवरी में सगाई के बाद सिया ने इंस्टाग्राम पर एक केक की तस्वीर शेयर करते हुए लिखा था- मेरे दिल को उसका घर मिले एक महीना पूरा हुआ। 19 मई को सिया ने अपने जन्मदिन के काउंटडाउन की स्टोरी पोस्ट की, जिसमें दोनों एक रोमांटिक गाने पर डांस करते नजर आ रहे थे। एक पोस्ट में दोनों कार के अंदर बैठकर गले लगते दिखे। केतन ने अपने

अनऑफिशियल टेस्ट, भारत-ए ने पहली पारी 452/6 पर डिक्लेयर की:श्रीलंका-ए के खिलाफ जुरेल-सुदर्शन के शतक, चमिका गुणशेखरा को 3 विकेट

अनऑफिशियल टेस्ट, भारत-ए ने पहली पारी 452/6 पर डिक्लेयर की:श्रीलंका-ए के खिलाफ जुरेल-सुदर्शन के शतक, चमिका गुणशेखरा को 3 विकेट

श्रीलंका-ए के खिलाफ पहले अनऑफिशियल टेस्ट में भारत-ए ने शुक्रवार को अपनी पहली पारी 6 विकेट पर 452 रन बनाकर डिक्लेयर कर दी। गॉल में खेले जा रहे मुकाबले के दूसरे दिन टी ब्रेक के बाद श्रीलंका-ए ने अपनी पहली पारी की शुरुआत कर दी। दूसरे दिन भारतीय बल्लेबाजों ने शानदार प्रदर्शन किया। कप्तान ध्रुव जुरेल ने 215 गेंदों पर नाबाद 141 रन बनाए। उनकी पारी में 13 चौके और एक छक्का शामिल रहा। वहीं, पहले दिन साई सुदर्शन ने 175 गेंदों पर 132 रन की पारी खेली, जिसमें 19 चौके लगाए। साई और आयुष ने मजबूत शुरुआत दिलाई इंडिया-ए को साई सुदर्शन और आयुष पांडे ने अच्छी शुरुआत दिलाई। दोनों ने पहले विकेट के लिए 138 गेंद में 78 रन जोड़े। इसके बाद साई ने ऋतुराज गायकवाड के साथ तीसरे विकेट के लिए 90 रन की साझेदारी की। इससे टीम का स्कोर 150 रन के पार पहुंचा। गायकवाड 22 रन बनाकर आउट हुए। सुदर्शन के आउट होने के बाद शेख रशीद ने 113 गेंदों पर 63 रन की पारी खेली और जुरेल के साथ मिलकर स्कोर 350 रन के पार पहुंचाया। लोअर ऑर्डर में हर्ष दुबे ने 51 गेंदों पर 30 रन बनाए, जबकि सारांश जैन 3 रन बनाकर नाबाद लौटे। चमिका गुणशेखरा ने 3 विकेट लिए श्रीलंका-ए की ओर से चमिका गुणशेखरा सबसे सफल गेंदबाज रहे। उन्होंने 18.4 ओवर में 84 रन देकर 3 विकेट लिए। दिलुम सुदीरा ने 37 ओवर में 143 रन देकर 2 विकेट झटके, जबकि रविंदु फर्नांडो को 1 सफलता मिली। दोनों टीमों की प्लेइंग-11 इंडिया-ए: साई सुदर्शन, आयुष पांडे, देवदत्त पडिक्कल, ऋतुराज गायकवाड़, ध्रुव जुरेल (कप्तान/विकेटकीपर), शेख रशीद, हर्ष दुबे, सारांश जैन, अंशुल कंबोज, यश ठाकुर, आकिब नबी डार। श्रीलंका-ए: पावंथा वीरसिंघे, निरोशन डिकवेला (विकेटकीपर), नुवानिदु फर्नांडो, आशेन बंडारा, सहान अराचिगे (कप्तान), रविंदु फर्नांडो, अंजलो मैथ्यूज फर्नांडो, कविंदु पथिरत्ने, दुलाज समुधिता, चमिका गुणशेखरा, दिलुम सुदीरा।

अनऑफिशियल टेस्ट, भारत-ए ने पहली पारी 452/6 पर डिक्लेयर की:श्रीलंका-ए के खिलाफ जुरेल-सुदर्शन के शतक, चमिका गुणशेखरा को 3 विकेट

अनऑफिशियल टेस्ट, भारत-ए ने पहली पारी 452/6 पर डिक्लेयर की:श्रीलंका-ए के खिलाफ जुरेल-सुदर्शन के शतक, चमिका गुणशेखरा को 3 विकेट

श्रीलंका-ए के खिलाफ पहले अनऑफिशियल टेस्ट में भारत-ए ने शुक्रवार को अपनी पहली पारी 6 विकेट पर 452 रन बनाकर डिक्लेयर कर दी। गॉल में खेले जा रहे मुकाबले के दूसरे दिन टी ब्रेक के बाद श्रीलंका-ए ने अपनी पहली पारी की शुरुआत कर दी। दूसरे दिन भारतीय बल्लेबाजों ने शानदार प्रदर्शन किया। कप्तान ध्रुव जुरेल ने 215 गेंदों पर नाबाद 141 रन बनाए। उनकी पारी में 13 चौके और एक छक्का शामिल रहा। वहीं, पहले दिन साई सुदर्शन ने 175 गेंदों पर 132 रन की पारी खेली, जिसमें 19 चौके लगाए। साई और आयुष ने मजबूत शुरुआत दिलाई इंडिया-ए को साई सुदर्शन और आयुष पांडे ने अच्छी शुरुआत दिलाई। दोनों ने पहले विकेट के लिए 138 गेंद में 78 रन जोड़े। इसके बाद साई ने ऋतुराज गायकवाड के साथ तीसरे विकेट के लिए 90 रन की साझेदारी की। इससे टीम का स्कोर 150 रन के पार पहुंचा। गायकवाड 22 रन बनाकर आउट हुए। सुदर्शन के आउट होने के बाद शेख रशीद ने 113 गेंदों पर 63 रन की पारी खेली और जुरेल के साथ मिलकर स्कोर 350 रन के पार पहुंचाया। लोअर ऑर्डर में हर्ष दुबे ने 51 गेंदों पर 30 रन बनाए, जबकि सारांश जैन 3 रन बनाकर नाबाद लौटे। चमिका गुणशेखरा ने 3 विकेट लिए श्रीलंका-ए की ओर से चमिका गुणशेखरा सबसे सफल गेंदबाज रहे। उन्होंने 18.4 ओवर में 84 रन देकर 3 विकेट लिए। दिलुम सुदीरा ने 37 ओवर में 143 रन देकर 2 विकेट झटके, जबकि रविंदु फर्नांडो को 1 सफलता मिली। दोनों टीमों की प्लेइंग-11 इंडिया-ए: साई सुदर्शन, आयुष पांडे, देवदत्त पडिक्कल, ऋतुराज गायकवाड़, ध्रुव जुरेल (कप्तान/विकेटकीपर), शेख रशीद, हर्ष दुबे, सारांश जैन, अंशुल कंबोज, यश ठाकुर, आकिब नबी डार। श्रीलंका-ए: पावंथा वीरसिंघे, निरोशन डिकवेला (विकेटकीपर), नुवानिदु फर्नांडो, आशेन बंडारा, सहान अराचिगे (कप्तान), रविंदु फर्नांडो, अंजलो मैथ्यूज फर्नांडो, कविंदु पथिरत्ने, दुलाज समुधिता, चमिका गुणशेखरा, दिलुम सुदीरा।

दक्षिण अफ्रीका के पूर्व राष्ट्रपति ने हरिद्वार में की पूजा:सिद्धपीठ से नवंबर में होने वाले चुनाव में जीत की कामना की, पहली बार आए उत्तराखंड

दक्षिण अफ्रीका के पूर्व राष्ट्रपति ने हरिद्वार में की पूजा:सिद्धपीठ से नवंबर में होने वाले चुनाव में जीत की कामना की, पहली बार आए उत्तराखंड

दक्षिण अफ्रीका के पूर्व राष्ट्रपति जैकब जूमा भारत दौरे पर हरिद्वार पहुंचे। उन्होंने सिद्धपीठ दक्षिण काली मंदिर में मां भगवती के दर्शन कर विशेष पूजा-अर्चना की और आगामी चुनावों में सफलता की कामना की। मंदिर प्रशासन ने उनका पारंपरिक स्वागत किया। इस दौरान उन्होंने महामंडलेश्वर से मुलाकात कर आशीर्वाद भी लिया। इस दौरान जूमा ने कहा कि हरिद्वार का आध्यात्मिक वातावरण उन्हें बेहद पसंद आया। उन्होंने बताया कि वह पहले भी कई बार भारत आ चुके हैं, लेकिन हरिद्वार पहली बार आए हैं। उन्होंने भारतीय संस्कृति और आध्यात्मिक परंपराओं की सराहना की। महामंडलेश्वर कैलाशानंद गिरी ने बताया कि दक्षिण अफ्रीका में नवंबर में स्थानीय निकाय चुनाव और 2029 में राष्ट्रपति चुनाव होने हैं। जूमा ने संकल्प लिया कि यदि वह दोबारा राष्ट्रपति बने तो सबसे पहले हरिद्वार आकर मां दक्षिण काली के दर्शन करेंगे। इस दौरान भारत-दक्षिण अफ्रीका के सांस्कृतिक और आध्यात्मिक संबंधों पर भी चर्चा हुई। तस्वीरें देखिए- सिलसिलेवार ढंग से पढ़िए पूरी खबर… 1. हरिद्वार के सिद्धपीठ में जैकब जूमा ने की पूजा- दक्षिण अफ्रीका के पूर्व राष्ट्रपति जैकब जूमा इन दिनों भारत के आध्यात्मिक दौरे पर हैं। उन्होंने उत्तराखंड के हरिद्वार पहुंचकर प्रसिद्ध सिद्धपीठ दक्षिण काली मंदिर में मां भगवती की विशेष पूजा-अर्चना की। जूमा ने बताया कि वे पहले भी कई बार भारत (2008, 2010, 2015, 2016) आ चुके हैं, लेकिन धर्मनगरी हरिद्वार का यह उनका पहला दौरा है। मंदिर के महामंडलेश्वर ने फूलों की भव्य माला पहनाकर उनका स्वागत किया। जूमा दक्षिण अफ्रीका के एक प्रमुख विपक्षी दल के अध्यक्ष हैं। वहां इसी साल 4 नवंबर को स्थानीय निकाय चुनाव हैं और 2029 में राष्ट्रपति चुनाव होने हैं। जूमा ने संकल्प लिया है कि यदि वे दोबारा राष्ट्रपति बनते हैं, तो सबसे पहले फिर से हरिद्वार आकर मां काली की पूजा करेंगे। इस यात्रा के दौरान जूमा के साथ दक्षिण अफ्रीका के राजनयिक, उत्तर प्रदेश सरकार के कैबिनेट मंत्री वाईपी सिंह और उनके बेहद करीबी मित्र व विवादित कारोबारी अजय कुमार गुप्ता भी मौजूद रहे। 2. सहारनपुर की राशन दुकान से दक्षिण अफ्रीका के ‘किंगमेकर’ बने गुप्ता ब्रदर्स- जैकब जूमा की किस्मत को बदलने और फिर डुबाने के पीछे उत्तर प्रदेश के सहारनपुर के गुप्ता बंधुओं (अजय, अतुल और राजेश गुप्ता) का हाथ रहा है। गुप्ता बंधुओं के पिता शिवकुमार गुप्ता सहारनपुर के रायवाला बाजार में राशन और मसालों की दुकान चलाते थे। 1985 में पढ़ाई के बाद मंझले भाई अतुल गुप्ता दक्षिण अफ्रीका चले गए, जहां उन्हें रंगभेद के बाद व्यापार की बड़ी संभावनाएं दिखीं। बाद में उन्होंने अपने भाइयों अजय और राजेश को भी बुला लिया। 1993 में उन्होंने सहारा कंप्यूटर्स की शुरुआत की। मेहनत के दम पर यह देश की नंबर वन कंपनी बनी। इसके बाद उन्होंने कोल-गोल्ड माइनिंग, अखबार (न्यूज एज) और कई न्यूज चैनलों पर कब्जा कर अरबों का साम्राज्य खड़ा कर लिया। 3. संकट के समय जैकब जूमा की मदद और गुप्ता राज की शुरुआत- 2000 के आसपास गुप्ता ब्रदर्स और तत्कालीन उपराष्ट्रपति जैकब जूमा के बीच दोस्ती हुई। इसके बाद जूमा पर भ्रष्टाचार और गंभीर आरोप लगे, जिसके बाद उन्हें पद से हटा दिया गया और 15 साल की सजा सुनाई गई। इस बुरे वक्त में गुप्ता बंधुओं ने जैकब जूमा की 5 पत्नियों और 23 बच्चों की आर्थिक मदद की, बच्चों को नौकरियां दीं और जुमा को राष्ट्रपति बनाने के लिए पानी की तरह पैसा बहाया। 2009 में जैकब ज़ूमा दक्षिण अफ्रीका के राष्ट्रपति बन गए। इसके बाद देश में गुप्ता बंधुओं का परोक्ष राज शुरू हो गया। सरकारी ठेके केवल गुप्ता ब्रदर्स को मिलते, बड़े पदों पर नियुक्तियां वे तय करते और यहां तक कि सेना के एयरपोर्ट पर अपने निजी विमान उतारते थे। 4. तीन भाइयों के चक्कर में गई राष्ट्रपति की कुर्सी और फिर जेल- 2016 में तत्कालीन उप वित्त मंत्री ने आरोप लगाया कि गुप्ता भाइयों ने उन्हें वित्त मंत्री बनाने का सौदा किया था। इसके बाद देश में भारी बवाल मच गया। इस बेतहाशा राजनीतिक दखल और अरबों के घोटाले के आरोप के चलते दक्षिण अफ्रीका में बेहद लोकप्रिय रहे जैकब ज़ूमा को अपनी राष्ट्रपति की कुर्सी गंवानी पड़ी और उन्हें 15 महीने की जेल काटनी पड़ी। जुमा के हटते ही गुप्ता ब्रदर्स पर शिकंजा कसा। 2018 में छापेमारी के बाद तीनों भाई कानूनी कार्रवाई से बचने के लिए दुबई (UAE) भाग गए। हालांकि, प्रत्यर्पण संधि होने के बाद हाल ही में दो भाइयों को यूएई में गिरफ्तार कर लिया गया है, जिन्हें वापस दक्षिण अफ्रीका लाने की तैयारी है। राष्ट्रपति पद गंवाने और जेल जाने के बाद, अब जैकब ज़ूमा एक बार फिर अपनी राजनीतिक जमीन तलाश रहे हैं। अभी वे अपने पुराने साथी अजय गुप्ता को साथ लेकर हरिद्वार में मां भगवती की शरण में पहुंचे हैं। ——————————————— ये खबर भी पढ़ें… देहरादून बॉर्डर पांवटा साहिब पर डटे 200 निहंग:SSP को दिया दो दिन का अल्टीमेटम; बोले- साथियों को छोड़ो वरना कूच करेंगे देहरादून कूच करने वाले निहंगों में से कुछ लोग अब भी पांवटा साहिब में डटे हुए हैं। मामले में हरिद्वार के एसएसपी नवनीत सिंह भुल्लर ने पांवटा साहिब पहुंचकर निहंग जत्थेदारों से बातचीत की। उन्होंने उनकी मांगों और उत्तराखंड कूच को लेकर विस्तार से चर्चा की। (पढ़ें पूरी खबर)

110 करोड़ की एडवेंचर थ्रिलर फिल्म 'नागबंधम- द सीक्रेट ट्रेजर':अभिषेक ने बताया- फिल्म में सिर्फ खजाने की खोज नहीं, मंदिरों-रहस्यों से भरी दुनिया भी दिखेगी

110 करोड़ की एडवेंचर थ्रिलर फिल्म 'नागबंधम- द सीक्रेट ट्रेजर':अभिषेक ने बताया- फिल्म में सिर्फ खजाने की खोज नहीं, मंदिरों-रहस्यों से भरी दुनिया भी दिखेगी

फिल्म ‘नागबंधम द सीक्रेट ट्रेजर’ अपने माइथो कंटेंट को लेकर चर्चा में हैं। इसमें भगवान शिव को खास तरीके से प्रेजेंट किया गया है। यह 3 जुलाई को रिलीज होगी। निर्देशक अभिषेक नामा ने मेकिंग से जुड़ी रोचक बातें शेयर कीं… अभिषेक बताते हैं…‘नागबंधम द सीक्रेट ट्रेजर’ एक भव्य एडवेंचर थ्रिलर फिल्म है, जो सदियों से छिपे एक रहस्य के इर्द-गिर्द घूमती है। फिल्म में एक ऐसी जर्नी दिखाई गई है, जिसमें पौराणिक कथाएं, पवित्र मंदिर, भूले-बिसरे योद्धा, ब्रह्मकमल और एक खजाना शामिल है, जो मानवता की किस्मत बदल सकता है। यह फिल्म 5 भाषाओं तमिल, तेलुगु, कन्नड़, मलयालम और हिंदी में बनी है।’ अभिषेक ने बताया, ‘फिल्म की शूटिंग कई जगहों पर की गई, जिनमें हैदराबाद, विशेष रूप से तैयार किए गए स्टूडियो सेट, जंगल, पानी वाले लोकेशन और बड़े आउटडोर क्षेत्र शामिल हैं, जिन्हें कहानी की जरूरत के हिसाब से अलग-अलग दुनिया और समय को दर्शाने के लिए तैयार किया गया। सभी शेड्यूल, एक्शन सीक्वेंस, गानों और अन्य कामों को मिलाकर इस फिल्म को पूरा करने में एक साल से अधिक का समय लगा।’ देश के प्राचीन इतिहास और रहस्यमयी खजानों के प्रति रुचि से आया आइडिया अभिषेक साझा करते हैं…‘नागबंधम का मूल आइडिया भारत के प्राचीन इतिहास और रहस्यमयी खजानों के प्रति मेरी गहरी रुचि से आया। कई वर्षों तक मैंने पवित्र मंदिरों, नाग परंपराओं, खो चुकी सभ्यताओं से जुड़ी कहानियों पर रिसर्च की। कई एडवेंचर से भरी कहानियों ने प्रेरित किया।’ हर किरदार के व्यक्तित्व के हिसाब से एक्टर्स को फिल्म में चुना गया है अभिषेक कहते हैं…‘फिल्म के हर किरदार के लिए एक खास व्यक्तित्व और स्क्रीन प्रेजेंस की जरूरत थी। विराट कर्ण को इसलिए चुना गया, क्योंकि उनके भीतर मुख्य किरदार की जर्नी को दिखाने की क्षमता थी। महेश मांजरेकर और मुरली शर्मा जैसे अनुभवी कलाकारों ने फिल्म को गहराई और विश्वसनीयता दी। वहीं नाभा नटेश और दक्षा नागरकर अपने किरदारों में मजबूती और आकर्षण लाईं। जब ये कलाकार जुड़े तो हमें लगा कि ‘नागबंधम’ की दुनिया के लिए हमें बिल्कुल सही टीम मिल गई है। विराट कर्ण उन पहले कलाकारों में शामिल थे, जो इस प्रोजेक्ट से जुड़े, क्योंकि पूरी कहानी उनके किरदार के इर्द-गिर्द घूमती है। ’ करीब 110 करोड़ रुपए है लागत अभिषेक कहते हैं…‘नागबंधम’ का उद्देश्य सिर्फ मनोरंजन नहीं है। हर सेट, कॉस्ट्यूम, हथियार और फ्रेम को भारतीय संस्कृति के प्रति सम्मान और जुनून के साथ तैयार किया गया है। सिर्फ ट्रेजर हंट नहीं, देश की संस्कृति से लोगों को परिचय भी कराना है। इसका बजट करीब 110 करोड़ रुपए है।’ शूटिंग लोकेशन – हैदराबाद में विशेष रूप से तैयार किए गए स्टूडियो अभिषेक के मुताबिक, ‘फिल्म की शूटिंग कई जगहों पर की गई, जिनमें हैदराबाद, विशेष रूप से तैयार किए गए स्टूडियो सेट, जंगल, पानी वाले लोकेशन और बड़े आउटडोर क्षेत्र शामिल हैं, जिन्हें कहानी की जरूरत के हिसाब से अलग-अलग दुनिया और समय को दर्शाने के लिए तैयार किया गया। सभी शेड्यूल, एक्शन सीक्वेंस, गानों और अन्य कामों को मिलाकर इस फिल्म को पूरा करने में एक साल से अधिक का समय लगा।’ 10 बड़े सेट में तैयार हुई फिल्म की दुनिया ‘नागबंधम’ के लिए करीब 10 बड़े सेट तैयार किए गए। ‘फिल्म के हर हथियार और कॉस्ट्यूम को अलग तरीके से डिजाइन किया गया है। एक्शन और क्लोजअप सीन्स के लिए हथियारों के अलग-अलग संस्करण तैयार किए गए। फिल्म के इमोशन को शिद्दत से दिखाएंगे 5 भव्य गाने अभिषेक ने बताया ‘फिल्म का हर गीत इसकी कहानी को आगे बढ़ाने के साथ इससे जुड़ी अलग-अलग भावनाओं को भी दिखाता है। – एक भव्य भक्ति गीत, जो दिव्य ऊर्जा और आध्यात्मिकता का उत्सव पर है। – दूसरा रोमांटिक गीत है, जो मुख्य किरदारों के इमोशल रिश्ते को दिखाता है। – तीसरा इमोशनल गीत है, जिसमें दर्द, त्याग और आंतरिक संघर्ष नजर आएगा। – चौथा सनातन धर्म और नागा साधुओं की दुनिया से प्रेरित गीत है। – पांचवें गाने में पारिवारिक उत्सव है, जिसमें खुशी, अपनापन और परंपरा दिखेगी।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने धर्मेंद्र प्रधान को किया बर्थडे विश:भड़कीं कुनिका सदानंद, कहा- ये शर्मनाक नहीं लगता, एक ही दिल है, कितनी बार तोड़ोगे

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने धर्मेंद्र प्रधान को किया बर्थडे विश:भड़कीं कुनिका सदानंद, कहा- ये शर्मनाक नहीं लगता, एक ही दिल है, कितनी बार तोड़ोगे

NEET पेपर लीक के बाद से विवादों में घिरे हुए धर्मेंद्र प्रधान को जन्मदिन की बधाई देने पर एक्ट्रेस कुनिका सदानंद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर भड़क गई हैं। उन्होंने इसे शर्मनाक बताते हुए कई सवाल खड़े किए हैं और सख्त शब्दों में इसकी आलोचना की है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार सुबह कैबिनेट मिनिस्टर धर्मेंद्र प्रधान को जन्मदिन की बधाई देते हुए लिखा, केंद्रीय मंत्री धर्मेंद्र प्रधान जी को जन्मदिन की शुभकामनाएं। वे राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP) को लागू करने के लिए सराहनीय प्रयास कर रहे हैं। इस नीति का उद्देश्य भारत को ज्ञान, शिक्षा और नवाचार का वैश्विक केंद्र बनाना है। मैं उनके लंबे और स्वस्थ जीवन की कामना करता हूं। नरेंद्र मोदी की पोस्ट सामने आने के बाद कुनिका सदानंद ने भड़कते हुए लिखा है, “क्या किसी और को भी यह बेहद शर्मनाक नहीं लगता? जिस देश में लगभग 1 करोड़ छात्रों के साथ अन्याय हुआ हो, वहां के प्रधानमंत्री शिक्षा व्यवस्था की बदइंतजामी पर एक ट्वीट तक नहीं करते। जब युवा सड़कों पर प्रदर्शन कर रहे हैं और कुछ छात्रों ने अपनी जान तक गंवा दी है, तब भी वे इस मुद्दे पर कुछ नहीं कहते। लेकिन उनके पास अपने कैबिनेट मंत्री को जन्मदिन की शुभकामनाएं देने का समय है। वही मंत्री, जिन्हें देश की बिगड़ती शिक्षा व्यवस्था के लिए जवाबदेह ठहराया जाना चाहिए। मोदी जी, एक ही दिल है, आखिर कितनी बार तोड़ेंगे?” धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग जारी NEET पेपर लीक होने के बाद से ही देश भर में शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के खिलाफ प्रदर्शन जारी है। कांग्रेस के अलावा कॉकरोच जनता पार्टी भी लगातार देश भर के कई शहरों में प्रदर्शन कर उनके इस्तीफे की मांग कर रही है। देखिए धर्मेंद्र प्रधान के खिलाफ चल रहे प्रदर्शन की चुनिंदा तस्वीरें- कुनिका सदानंद के बारे में-

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने धर्मेंद्र प्रधान को किया बर्थडे विश:भड़कीं कुनिका सदानंद, कहा- ये शर्मनाक नहीं लगता, एक ही दिल है, कितनी बार तोड़ोगे

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने धर्मेंद्र प्रधान को किया बर्थडे विश:भड़कीं कुनिका सदानंद, कहा- ये शर्मनाक नहीं लगता, एक ही दिल है, कितनी बार तोड़ोगे

NEET पेपर लीक के बाद से विवादों में घिरे हुए धर्मेंद्र प्रधान को जन्मदिन की बधाई देने पर एक्ट्रेस कुनिका सदानंद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर भड़क गई हैं। उन्होंने इसे शर्मनाक बताते हुए कई सवाल खड़े किए हैं और सख्त शब्दों में इसकी आलोचना की है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार सुबह कैबिनेट मिनिस्टर धर्मेंद्र प्रधान को जन्मदिन की बधाई देते हुए लिखा, केंद्रीय मंत्री धर्मेंद्र प्रधान जी को जन्मदिन की शुभकामनाएं। वे राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP) को लागू करने के लिए सराहनीय प्रयास कर रहे हैं। इस नीति का उद्देश्य भारत को ज्ञान, शिक्षा और नवाचार का वैश्विक केंद्र बनाना है। मैं उनके लंबे और स्वस्थ जीवन की कामना करता हूं। नरेंद्र मोदी की पोस्ट सामने आने के बाद कुनिका सदानंद ने भड़कते हुए लिखा है, “क्या किसी और को भी यह बेहद शर्मनाक नहीं लगता? जिस देश में लगभग 1 करोड़ छात्रों के साथ अन्याय हुआ हो, वहां के प्रधानमंत्री शिक्षा व्यवस्था की बदइंतजामी पर एक ट्वीट तक नहीं करते। जब युवा सड़कों पर प्रदर्शन कर रहे हैं और कुछ छात्रों ने अपनी जान तक गंवा दी है, तब भी वे इस मुद्दे पर कुछ नहीं कहते। लेकिन उनके पास अपने कैबिनेट मंत्री को जन्मदिन की शुभकामनाएं देने का समय है। वही मंत्री, जिन्हें देश की बिगड़ती शिक्षा व्यवस्था के लिए जवाबदेह ठहराया जाना चाहिए। मोदी जी, एक ही दिल है, आखिर कितनी बार तोड़ेंगे?” धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग जारी NEET पेपर लीक होने के बाद से ही देश भर में शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के खिलाफ प्रदर्शन जारी है। कांग्रेस के अलावा कॉकरोच जनता पार्टी भी लगातार देश भर के कई शहरों में प्रदर्शन कर उनके इस्तीफे की मांग कर रही है। देखिए धर्मेंद्र प्रधान के खिलाफ चल रहे प्रदर्शन की चुनिंदा तस्वीरें- कुनिका सदानंद के बारे में-

इंपैक्ट फीचर:एलपीयू ने 2.5 करोड़ रुपए के प्लेसमेंट, उद्योग आधारित डिग्री और वैश्विक तकनीकी अनुभव के साथ इंजीनियरिंग शिक्षा को दी नई दिशा

इंपैक्ट फीचर:एलपीयू ने 2.5 करोड़ रुपए के प्लेसमेंट, उद्योग आधारित डिग्री और वैश्विक तकनीकी अनुभव के साथ इंजीनियरिंग शिक्षा को दी नई दिशा

लवली प्रोफेशनल यूनिवर्सिटी (एलपीयू) भविष्य केंद्रित शैक्षणिक व्यवस्था, उद्योग आधारित बी.टेक पाठ्यक्रमों, वैश्विक शैक्षणिक साझेदारियों, अंतरराष्ट्रीय तकनीकी अनुभव और उत्कृष्ट प्लेसमेंट उपलब्धियों के माध्यम से भारत के प्रमुख इंजीनियरिंग संस्थानों में अपनी मजबूत पहचान लगातार स्थापित कर रही है। विश्वविद्यालय ने हाल ही में 2.5 करोड़ रुपए प्रतिवर्ष का अंतरराष्ट्रीय प्लेसमेंट पैकेज दर्ज किया, जो किसी भारतीय विश्वविद्यालय के छात्र द्वारा प्राप्त सबसे बड़े पैकेजों में से एक है। यह उपलब्धि एलपीयू से निकलने वाले उद्योग के लिए तैयार इंजीनियरिंग विद्यार्थियों की वैश्विक मांग को दर्शाती है। प्लेसमेंट और करियर के मौके यहां देखें यह उपलब्धि ऐसे प्लेसमेंट सत्र के दौरान सामने आई, जिसमें 2,225 से अधिक भर्तीकर्ता कंपनियों ने भाग लिया और विभिन्न क्षेत्रों में 6,000 से अधिक नौकरी प्रस्ताव दिए गए। अमेज़न, माइक्रोसॉफ्ट, गूगल, सर्विसनाउ, इंटेल, आईबीएम, सिस्को, एसएपी लैब्स, पालो ऑल्टो नेटवर्क्स और ऑटोडेस्क जैसी वैश्विक तकनीकी कंपनियों ने विश्वविद्यालय से भर्ती की। कंप्यूटर साइंस, रोबोटिक्स, इलेक्ट्रॉनिक्स, मैकेनिकल इंजीनियरिंग, एयरोस्पेस तथा अन्य इंजीनियरिंग क्षेत्रों में विद्यार्थियों को व्यापक अवसर प्राप्त हुए। एलपीयू की उद्योग से जुड़ी इंजीनियरिंग शिक्षा पद्धति एलपीयू के इंजीनियरिंग स्नातक कृत्रिम बुद्धिमत्ता, क्लाउड कंप्यूटिंग, साइबर सुरक्षा, रोबोटिक्स, सेमीकंडक्टर डिजाइन और डाटा इंजीनियरिंग जैसे तेजी से विकसित हो रहे क्षेत्रों में लगातार अवसर हासिल कर रहे हैं। इन सफलताओं के पीछे एलपीयू की उद्योग से जुड़ी इंजीनियरिंग शिक्षा पद्धति एक प्रमुख कारण है। विश्वविद्यालय 50 से अधिक विशेषीकृत पाठ्यक्रम प्रदान करता है, जिन्हें गूगल क्लाउड, आईबीएम, इंटेल, कॉम्पटिया, जेबिया, क्वांटिफाई, पेटीएम और गीक्सफॉरगीक्स जैसी वैश्विक कंपनियों के सहयोग से तैयार किया गया है। इन पाठ्यक्रमों में कक्षा शिक्षण के साथ उद्योग प्रमाणपत्र, लाइव परियोजनाएं, विशेषज्ञ मार्गदर्शन और कंपनी आधारित तकनीकी प्रशिक्षण शामिल है, जिससे विद्यार्थी शैक्षणिक ज्ञान के साथ व्यावहारिक पेशेवर कौशल भी प्राप्त करते हैं। ग्लोबल टेक इमर्शन कार्यक्रम अपनी वैश्विक इंजीनियरिंग दृष्टि को आगे बढ़ाते हुए एलपीयू ने बी.टेक कंप्यूटर साइंस इंजीनियरिंग, कृत्रिम बुद्धिमत्ता और सिस्टम डिजाइन के अंतर्गत “ग्लोबल टेक इमर्शन” कार्यक्रम शुरू किया है। इस कार्यक्रम के माध्यम से विद्यार्थियों को बेंगलुरु, हैदराबाद, पुणे, दिल्ली-एनसीआर और दुबई जैसे प्रमुख तकनीकी केंद्रों का अनुभव प्राप्त होता है, जहां वे स्टार्टअप संस्थापकों, मुख्य तकनीकी अधिकारियों और तकनीकी विशेषज्ञों के साथ संवाद करते हैं तथा कृत्रिम बुद्धिमत्ता, क्लाउड आर्किटेक्चर, साइबर सुरक्षा और सिस्टम डिजाइन से जुड़े वास्तविक परियोजनाओं पर कार्य करते हैं। इसके साथ ही एलपीयू के 80 से अधिक देशों में स्थित 500 से अधिक साझेदार विश्वविद्यालय विद्यार्थियों को अमेरिका, कनाडा, ऑस्ट्रेलिया, यूरोप और अन्य देशों में अंतरराष्ट्रीय ट्रांसफर, सेमेस्टर एक्सचेंज और संयुक्त शोध के अवसर प्रदान करते हैं। 2025 में भारत के शीर्ष 50 संस्थानों में शामिल लवली प्रोफेशनल यूनिवर्सिटी को NAAC द्वारा A++ मान्यता प्राप्त है तथा एनआईआरएफ 2025 में इसे भारत के शीर्ष 50 संस्थानों और इंजीनियरिंग श्रेणी में शीर्ष 48 संस्थानों में स्थान दिया गया है। विश्वविद्यालय को टाइम्स हायर एजुकेशन विश्व विश्वविद्यालय रैंकिंग 2026 में भी वैश्विक स्तर पर प्रमुख संस्थानों में शामिल किया गया है। एलपीयू लगातार शोध, नवाचार, वैश्विक सहयोग और उद्योग आधारित शिक्षा के क्षेत्र में अपनी उपस्थिति मजबूत कर रहा है। अर्न योर फी बैक पहल विद्यार्थी केंद्रित दृष्टिकोण को और मजबूत करते हुए एलपीयू की “अर्न योर फी बैक” पहल योग्य विद्यार्थियों को सफल प्लेसमेंट के माध्यम से अपनी शैक्षणिक फीस वापस प्राप्त करने का अवसर देती है। यह पहल विश्वविद्यालय की करियर केंद्रित शिक्षा और निवेश पर बेहतर प्रतिफल देने की सोच को मजबूत करती है। एलपीयू की “अर्न योर फी बैक” अवधारणा शिक्षा को वास्तविक जीवन के परिणामों से जोड़ते हुए सीखने की प्रक्रिया को नया स्वरूप देती है। “एडू रिवोल्यूशन” के अंतर्गत विद्यार्थी लाइव परियोजनाओं, हैकाथॉन और उद्योग से जुड़े आय उत्पन्न करने वाले कार्यों में पाठ्यक्रम के हिस्से के रूप में भाग लेते हैं। इससे विद्यार्थियों के व्यावहारिक कौशल मजबूत होते हैं और उन्हें अपनी डिग्री पूरी होने से पहले ही शिक्षा पर होने वाले खर्च की भरपाई करने के पर्याप्त अवसर प्राप्त होते हैं। वीडियो में देखें कैसे पढ़ाई के साथ हो रही है कमाई 2026 के लिए प्रवेश अब खुले हैं। सीमित सीटें और नज़दीक आती अंतिम तिथियों को देखते हुए, यह सही समय है कि आप भारत के सबसे गतिशील और परिणाम-आधारित शिक्षा इकोसिस्टम में अपनी जगह सुरक्षित करें। परीक्षा और प्रवेश प्रक्रिया के बारे में अधिक जानकारी के लिए, इच्छुक छात्र यहां विजिट कर सकते हैं

इंपैक्ट फीचर:एलपीयू ने 2.5 करोड़ रुपए के प्लेसमेंट, उद्योग आधारित डिग्री और वैश्विक तकनीकी अनुभव के साथ इंजीनियरिंग शिक्षा को दी नई दिशा

इंपैक्ट फीचर:एलपीयू ने 2.5 करोड़ रुपए के प्लेसमेंट, उद्योग आधारित डिग्री और वैश्विक तकनीकी अनुभव के साथ इंजीनियरिंग शिक्षा को दी नई दिशा

लवली प्रोफेशनल यूनिवर्सिटी (एलपीयू) भविष्य केंद्रित शैक्षणिक व्यवस्था, उद्योग आधारित बी.टेक पाठ्यक्रमों, वैश्विक शैक्षणिक साझेदारियों, अंतरराष्ट्रीय तकनीकी अनुभव और उत्कृष्ट प्लेसमेंट उपलब्धियों के माध्यम से भारत के प्रमुख इंजीनियरिंग संस्थानों में अपनी मजबूत पहचान लगातार स्थापित कर रही है। विश्वविद्यालय ने हाल ही में 2.5 करोड़ रुपए प्रतिवर्ष का अंतरराष्ट्रीय प्लेसमेंट पैकेज दर्ज किया, जो किसी भारतीय विश्वविद्यालय के छात्र द्वारा प्राप्त सबसे बड़े पैकेजों में से एक है। यह उपलब्धि एलपीयू से निकलने वाले उद्योग के लिए तैयार इंजीनियरिंग विद्यार्थियों की वैश्विक मांग को दर्शाती है। प्लेसमेंट और करियर के मौके यहां देखें यह उपलब्धि ऐसे प्लेसमेंट सत्र के दौरान सामने आई, जिसमें 2,225 से अधिक भर्तीकर्ता कंपनियों ने भाग लिया और विभिन्न क्षेत्रों में 6,000 से अधिक नौकरी प्रस्ताव दिए गए। अमेज़न, माइक्रोसॉफ्ट, गूगल, सर्विसनाउ, इंटेल, आईबीएम, सिस्को, एसएपी लैब्स, पालो ऑल्टो नेटवर्क्स और ऑटोडेस्क जैसी वैश्विक तकनीकी कंपनियों ने विश्वविद्यालय से भर्ती की। कंप्यूटर साइंस, रोबोटिक्स, इलेक्ट्रॉनिक्स, मैकेनिकल इंजीनियरिंग, एयरोस्पेस तथा अन्य इंजीनियरिंग क्षेत्रों में विद्यार्थियों को व्यापक अवसर प्राप्त हुए। एलपीयू की उद्योग से जुड़ी इंजीनियरिंग शिक्षा पद्धति एलपीयू के इंजीनियरिंग स्नातक कृत्रिम बुद्धिमत्ता, क्लाउड कंप्यूटिंग, साइबर सुरक्षा, रोबोटिक्स, सेमीकंडक्टर डिजाइन और डाटा इंजीनियरिंग जैसे तेजी से विकसित हो रहे क्षेत्रों में लगातार अवसर हासिल कर रहे हैं। इन सफलताओं के पीछे एलपीयू की उद्योग से जुड़ी इंजीनियरिंग शिक्षा पद्धति एक प्रमुख कारण है। विश्वविद्यालय 50 से अधिक विशेषीकृत पाठ्यक्रम प्रदान करता है, जिन्हें गूगल क्लाउड, आईबीएम, इंटेल, कॉम्पटिया, जेबिया, क्वांटिफाई, पेटीएम और गीक्सफॉरगीक्स जैसी वैश्विक कंपनियों के सहयोग से तैयार किया गया है। इन पाठ्यक्रमों में कक्षा शिक्षण के साथ उद्योग प्रमाणपत्र, लाइव परियोजनाएं, विशेषज्ञ मार्गदर्शन और कंपनी आधारित तकनीकी प्रशिक्षण शामिल है, जिससे विद्यार्थी शैक्षणिक ज्ञान के साथ व्यावहारिक पेशेवर कौशल भी प्राप्त करते हैं। ग्लोबल टेक इमर्शन कार्यक्रम अपनी वैश्विक इंजीनियरिंग दृष्टि को आगे बढ़ाते हुए एलपीयू ने बी.टेक कंप्यूटर साइंस इंजीनियरिंग, कृत्रिम बुद्धिमत्ता और सिस्टम डिजाइन के अंतर्गत “ग्लोबल टेक इमर्शन” कार्यक्रम शुरू किया है। इस कार्यक्रम के माध्यम से विद्यार्थियों को बेंगलुरु, हैदराबाद, पुणे, दिल्ली-एनसीआर और दुबई जैसे प्रमुख तकनीकी केंद्रों का अनुभव प्राप्त होता है, जहां वे स्टार्टअप संस्थापकों, मुख्य तकनीकी अधिकारियों और तकनीकी विशेषज्ञों के साथ संवाद करते हैं तथा कृत्रिम बुद्धिमत्ता, क्लाउड आर्किटेक्चर, साइबर सुरक्षा और सिस्टम डिजाइन से जुड़े वास्तविक परियोजनाओं पर कार्य करते हैं। इसके साथ ही एलपीयू के 80 से अधिक देशों में स्थित 500 से अधिक साझेदार विश्वविद्यालय विद्यार्थियों को अमेरिका, कनाडा, ऑस्ट्रेलिया, यूरोप और अन्य देशों में अंतरराष्ट्रीय ट्रांसफर, सेमेस्टर एक्सचेंज और संयुक्त शोध के अवसर प्रदान करते हैं। 2025 में भारत के शीर्ष 50 संस्थानों में शामिल लवली प्रोफेशनल यूनिवर्सिटी को NAAC द्वारा A++ मान्यता प्राप्त है तथा एनआईआरएफ 2025 में इसे भारत के शीर्ष 50 संस्थानों और इंजीनियरिंग श्रेणी में शीर्ष 48 संस्थानों में स्थान दिया गया है। विश्वविद्यालय को टाइम्स हायर एजुकेशन विश्व विश्वविद्यालय रैंकिंग 2026 में भी वैश्विक स्तर पर प्रमुख संस्थानों में शामिल किया गया है। एलपीयू लगातार शोध, नवाचार, वैश्विक सहयोग और उद्योग आधारित शिक्षा के क्षेत्र में अपनी उपस्थिति मजबूत कर रहा है। अर्न योर फी बैक पहल विद्यार्थी केंद्रित दृष्टिकोण को और मजबूत करते हुए एलपीयू की “अर्न योर फी बैक” पहल योग्य विद्यार्थियों को सफल प्लेसमेंट के माध्यम से अपनी शैक्षणिक फीस वापस प्राप्त करने का अवसर देती है। यह पहल विश्वविद्यालय की करियर केंद्रित शिक्षा और निवेश पर बेहतर प्रतिफल देने की सोच को मजबूत करती है। एलपीयू की “अर्न योर फी बैक” अवधारणा शिक्षा को वास्तविक जीवन के परिणामों से जोड़ते हुए सीखने की प्रक्रिया को नया स्वरूप देती है। “एडू रिवोल्यूशन” के अंतर्गत विद्यार्थी लाइव परियोजनाओं, हैकाथॉन और उद्योग से जुड़े आय उत्पन्न करने वाले कार्यों में पाठ्यक्रम के हिस्से के रूप में भाग लेते हैं। इससे विद्यार्थियों के व्यावहारिक कौशल मजबूत होते हैं और उन्हें अपनी डिग्री पूरी होने से पहले ही शिक्षा पर होने वाले खर्च की भरपाई करने के पर्याप्त अवसर प्राप्त होते हैं। वीडियो में देखें कैसे पढ़ाई के साथ हो रही है कमाई 2026 के लिए प्रवेश अब खुले हैं। सीमित सीटें और नज़दीक आती अंतिम तिथियों को देखते हुए, यह सही समय है कि आप भारत के सबसे गतिशील और परिणाम-आधारित शिक्षा इकोसिस्टम में अपनी जगह सुरक्षित करें। परीक्षा और प्रवेश प्रक्रिया के बारे में अधिक जानकारी के लिए, इच्छुक छात्र यहां विजिट कर सकते हैं