Wednesday, 27 May 2026 | 06:43 PM

Trending :

EXCLUSIVE

SC ने कहा- ऑनलाइन गेमिंग कंपनियों पर 28% GST सही:राज्यों को मनी गेम्स पर बैन लगाने का हक मिला, गेमिंग कंपनियों की याचिकाएं खारिज

SC ने कहा- ऑनलाइन गेमिंग कंपनियों पर 28% GST सही:राज्यों को मनी गेम्स पर बैन लगाने का हक मिला, गेमिंग कंपनियों की याचिकाएं खारिज

सुप्रीम कोर्ट ने ऑनलाइन गेमिंग कंपनियों को जारी किए गए गुड्स एंड सर्विसेज टैक्स (GST) के कारण बताओ (शो-कॉज) नोटिसों को पूरी तरह से वैध ठहराया है। कोर्ट ने कहा कि गेमिंग प्लेटफॉर्म पर जमा की जाने वाली कुल राशि (फुल वैल्यू ऑफ डिपॉजिट) पर 28% टैक्स वसूलना संवैधानिक रूप से सही है। देश की सबसे बड़ी अदालत ने डेल्टा कॉर्प और अन्य गेमिंग कंपनियों की उन याचिकाओं को खारिज कर दिया, जिनमें पिछली तारीख से (रिट्रोस्पेक्टिव) 28% GST लगाने के फैसले को चुनौती दी गई थी। कोर्ट ने साफ किया कि ऑनलाइन गेमिंग से जुड़ी एक्टिविटीज GST एक्ट के तहत एक्शन एबल क्लेम्स के दायरे में आती हैं, इसलिए इन पर टैक्स वसूलना बिल्कुल सही है। राज्यों को मनी गेम्स पर बैन लगाने का हक मिला सुप्रीम कोर्ट ने अपने फैसले में यह भी स्पष्ट किया कि राज्य सरकारों को ऑनलाइन मनी गेम्स पर प्रतिबंध लगाने का पूरा अधिकार है। भले ही उन खेलों में स्किल की जरूरत क्यों न होती हो, राज्य सरकारें उन्हें पूरी तरह बैन या रेगुलेट कर सकती हैं। इसके साथ ही कोर्ट ने तमिलनाडु और कर्नाटक सरकार की अपीलों को स्वीकार कर लिया है। सुप्रीम कोर्ट ने मद्रास हाई कोर्ट और कर्नाटक हाई कोर्ट के उन पुराने फैसलों को रद्द कर दिया है, जिन्होंने ऑनलाइन गेमिंग पर दांव लगाने (स्टेक्स) को बैन या रेगुलेट करने वाले राज्य के कानूनों को असंवैधानिक बताकर खारिज कर दिया था। कोर्ट ने कर्नाटक हाई कोर्ट द्वारा गेमिंग कंपनियों को दी गई अंतरिम राहत को भी पूरी तरह से हटा दिया है। कंपनियां टैक्स नोटिस पर दे सकती हैं जवाब सुप्रीम कोर्ट ने अब GST अथॉरिटीज को निर्देश दिया है कि वे कानून के मुताबिक इन कारण बताओ नोटिसों पर आगे की प्रोसेसिंग शुरू करें। हालांकि, इसके साथ ही कोर्ट ने यह भी कहा है कि प्रभावित ऑनलाइन गेमिंग कंपनियां GST अथॉरिटीज द्वारा जारी किए गए इन शो-कॉज नोटिसों पर अपना जवाब दाखिल करने के लिए पूरी तरह से स्वतंत्र हैं। 2.5 लाख करोड़ के टैक्स नोटिस पर था विवाद सुप्रीम कोर्ट ने पिछले साल अगस्त 2025 में रियल-मनी गेमिंग (RMG) प्लेटफॉर्म्स के खिलाफ जारी किए गए करीब 2.5 लाख करोड़ रुपए के रिट्रोस्पेक्टिव टैक्स नोटिस मामले में अपना फैसला सुरक्षित रख लिया था। इस पूरे विवाद की मुख्य वजह टैक्स कैलकुलेशन के तरीके को लेकर अलग-अलग व्याख्या होना था। फुल डिपॉजिट बनाम ग्रॉस गेमिंग रेवेन्यू का गणित टैक्स विभाग की मांग थी कि कंपनियों को यूजर्स द्वारा प्लेटफॉर्म पर जमा की जाने वाली पूरी रकम (फुल फेस वैल्यू ऑफ डिपॉजिट) पर 28% की दर से टैक्स चुकाना होगा। दूसरी तरफ, गेमिंग कंपनियों का तर्क था कि उन्हें केवल टूर्नामेंट होस्ट करने के बदले ली जाने वाली कमीशन राशि पर ही टैक्स देना चाहिए, जिसे ग्रॉस गेमिंग रेवेन्यू (GGR) कहा जाता है। कंपनियों के मुताबिक, यह कमीशन कुल जमा राशि का केवल 5% से 15% ही होता है। कंपनियों के बंद होने और नौकरियों पर संकट गेमिंग कंपनियों ने कोर्ट के सामने यह दलील भी दी थी कि टैक्स विभाग द्वारा मांगी गई GST की कुल रकम इन कंपनियों की कुल कमाई से भी कई गुना ज्यादा है। अगर यह टैक्स वसूला गया, तो कंपनियों को आखिरकार अपना पूरा कामकाज बंद करना पड़ेगा। नया ऑनलाइन गेमिंग कानून और संकट अगस्त 2025 में जब सुप्रीम कोर्ट ने अपना फैसला सुरक्षित रखा था, उसके करीब दो हफ्ते बाद ही भारत सरकार ने एक नया ऑनलाइन गेमिंग कानून बनाया था, जिसे ‘प्रमोशन एंड रेगुलेशन ऑफ ऑनलाइन गेमिंग एक्ट’ (PROGA) नाम दिया गया। यह कानून उन सभी ऑनलाइन मनी गेम्स को प्रतिबंधित करता है जहां कोई यूजर प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से इस उम्मीद के साथ पैसे जमा करता है कि उसे उस डिपॉजिट पर जीत की रकम (विनिंग्स) मिलेगी। 3.5 बिलियन डॉलर की इंडस्ट्री को नुकसान इस नए कानून के लागू होने से देश की करीब 3.5 बिलियन डॉलर की रियल-मनी गेमिंग इंडस्ट्री अचानक संकट में आ गई। कमाई पूरी तरह रुक जाने के कारण कंपनियों को भारी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ा और उन्होंने बड़े पैमाने पर खर्चों में कटौती शुरू कर दी। इस वजह से गेमिंग कंपनियों को 3,000 से अधिक कर्मचारियों को नौकरी से निकालना पड़ा। गेमिंग इंडस्ट्री से जुड़े ये नए नियम आधिकारिक तौर पर 1 मई 2026 से प्रभावी हो चुके हैं। क्या होता है रिट्रोस्पेक्टिव टैक्स और एक्शनएबल क्लेम? ये खबर भी पढ़ें… हुंडई की कारें ₹12,800 तक महंगी होंगी: नई कीमतें 1 जून 2026 से लागू की जाएंगी, कंपनी ने इनपुट कॉस्ट बढ़ने के चलते फैसला किया हुंडई मोटर इंडिया की कारें 1 जून 2026 से महंगी होने जा रही हैं। कंपनी ने अपनी कारों की कीमतों में 12,800 रुपए तक की बढ़ोतरी करने का फैसला किया है। नई कीमतें अलग-अलग मॉडल और वेरिएंट के आधार पर तय की जाएंगी। पूरी खबर पढ़ें…

WhatsApp
Facebook
Twitter
LinkedIn

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

लेटेस्ट टॉप अपडेट

सच्चाई की दहाड़

ब्रेकिंग खबरें सीधे अपने ईमेल पर पाने के लिए रजिस्टर करें।

You have been successfully Subscribed! Ops! Something went wrong, please try again.

ग्लोबल करेंसी अपडेट

Provided by IFC Markets
White House Shooting | Trump Safe, VIPs Evacuated, Attacker Neutralized

April 26, 2026/
6:49 am

वाशिंगटन2 मिनट पहले कॉपी लिंक व्हाइट हाउस कॉरेस्पोंडेंट्स डिनर के दौरान फायरिंग की घटना सामने आई, जिसके बाद अमेरिकी राष्ट्रपति...

मंदसौर में कल 5 घंटे बिजली कटौती:भागवत नगर, महादेव विहार समेत कई कॉलोनियों में सप्लाई प्रभावित होगी

April 7, 2026/
10:33 pm

मंदसौर शहर के विभिन्न क्षेत्रों में कल (बुधवार) विद्युत आपूर्ति बाधित रहेगी। सहायक यंत्री के अनुसार, 11 केवी विद्युत लाइनों...

World News Updates; Trump Pakistan China

March 13, 2026/
10:01 am

5 मिनट पहले कॉपी लिंक फाइल फुटेज पाकिस्तान और अफगानिस्तान के बीच तनाव फिर बढ़ता नजर आ रहा है। अफगान...

MP MLA Hemant Katare Resigns as Deputy Opposition Leader

February 20, 2026/
5:59 pm

कांग्रेस विधायक हेमंत कटारे की आज ही मैरिज एनिवर्सरी है। फिलहाल, उनका मोबाइल स्विच ऑफ आ रहा है। भिंड जिले...

आपका पैसा- होम लोन और होम लोन इंश्योरेंस में फर्क:क्या इंश्योरेंस लेना जरूरी है, फाइनेंशियल एक्सपर्ट से जानें इसके फायदे और नुकसान

April 25, 2026/
4:30 am

हर किसी का सपना होता है कि उसका अपना एक सुंदर घर हो। कई लोग इस सपने को पूरा करने...

Ajinkya Rahane. (AP Photo)

April 14, 2026/
10:21 pm

आखरी अपडेट:14 अप्रैल, 2026, 22:21 IST कुल सीटों में वृद्धि करके, सरकार का इरादा वर्तमान में पुरुषों के पास मौजूद...

गर्मियों के लिए घर पर पुदीना तड़का छाछ रेसिपी, पुदीना मसाला छाछ कूलिंग ड्रिंक

May 27, 2026/
4:27 pm

27 मई 2026 को 16:27 IST पर अद्यतन किया गया पुदीना मसाला तड़का छाछ रेसिपी: गर्मी के मौसम में शरीर...

केजरीवाल बोले- मोदी बतौर पीएम 2026 पूरा नहीं कर पाएंगे:मोदी और शाह का साम्राज्य खत्म होने वाला है, पॉपुलैरिटी पाताललोक में पहुंची

March 24, 2026/
2:44 am

दिल्ली के पूर्व सीएम और AAP के प्रमुख अरविंद केजरीवाल ने सोमवार को कहा कि नरेंद्र मोदी प्रधानमंत्री के तौर...

जॉब - शिक्षा

राजनीति

SC ने कहा- ऑनलाइन गेमिंग कंपनियों पर 28% GST सही:राज्यों को मनी गेम्स पर बैन लगाने का हक मिला, गेमिंग कंपनियों की याचिकाएं खारिज

SC ने कहा- ऑनलाइन गेमिंग कंपनियों पर 28% GST सही:राज्यों को मनी गेम्स पर बैन लगाने का हक मिला, गेमिंग कंपनियों की याचिकाएं खारिज

सुप्रीम कोर्ट ने ऑनलाइन गेमिंग कंपनियों को जारी किए गए गुड्स एंड सर्विसेज टैक्स (GST) के कारण बताओ (शो-कॉज) नोटिसों को पूरी तरह से वैध ठहराया है। कोर्ट ने कहा कि गेमिंग प्लेटफॉर्म पर जमा की जाने वाली कुल राशि (फुल वैल्यू ऑफ डिपॉजिट) पर 28% टैक्स वसूलना संवैधानिक रूप से सही है। देश की सबसे बड़ी अदालत ने डेल्टा कॉर्प और अन्य गेमिंग कंपनियों की उन याचिकाओं को खारिज कर दिया, जिनमें पिछली तारीख से (रिट्रोस्पेक्टिव) 28% GST लगाने के फैसले को चुनौती दी गई थी। कोर्ट ने साफ किया कि ऑनलाइन गेमिंग से जुड़ी एक्टिविटीज GST एक्ट के तहत एक्शन एबल क्लेम्स के दायरे में आती हैं, इसलिए इन पर टैक्स वसूलना बिल्कुल सही है। राज्यों को मनी गेम्स पर बैन लगाने का हक मिला सुप्रीम कोर्ट ने अपने फैसले में यह भी स्पष्ट किया कि राज्य सरकारों को ऑनलाइन मनी गेम्स पर प्रतिबंध लगाने का पूरा अधिकार है। भले ही उन खेलों में स्किल की जरूरत क्यों न होती हो, राज्य सरकारें उन्हें पूरी तरह बैन या रेगुलेट कर सकती हैं। इसके साथ ही कोर्ट ने तमिलनाडु और कर्नाटक सरकार की अपीलों को स्वीकार कर लिया है। सुप्रीम कोर्ट ने मद्रास हाई कोर्ट और कर्नाटक हाई कोर्ट के उन पुराने फैसलों को रद्द कर दिया है, जिन्होंने ऑनलाइन गेमिंग पर दांव लगाने (स्टेक्स) को बैन या रेगुलेट करने वाले राज्य के कानूनों को असंवैधानिक बताकर खारिज कर दिया था। कोर्ट ने कर्नाटक हाई कोर्ट द्वारा गेमिंग कंपनियों को दी गई अंतरिम राहत को भी पूरी तरह से हटा दिया है। कंपनियां टैक्स नोटिस पर दे सकती हैं जवाब सुप्रीम कोर्ट ने अब GST अथॉरिटीज को निर्देश दिया है कि वे कानून के मुताबिक इन कारण बताओ नोटिसों पर आगे की प्रोसेसिंग शुरू करें। हालांकि, इसके साथ ही कोर्ट ने यह भी कहा है कि प्रभावित ऑनलाइन गेमिंग कंपनियां GST अथॉरिटीज द्वारा जारी किए गए इन शो-कॉज नोटिसों पर अपना जवाब दाखिल करने के लिए पूरी तरह से स्वतंत्र हैं। 2.5 लाख करोड़ के टैक्स नोटिस पर था विवाद सुप्रीम कोर्ट ने पिछले साल अगस्त 2025 में रियल-मनी गेमिंग (RMG) प्लेटफॉर्म्स के खिलाफ जारी किए गए करीब 2.5 लाख करोड़ रुपए के रिट्रोस्पेक्टिव टैक्स नोटिस मामले में अपना फैसला सुरक्षित रख लिया था। इस पूरे विवाद की मुख्य वजह टैक्स कैलकुलेशन के तरीके को लेकर अलग-अलग व्याख्या होना था। फुल डिपॉजिट बनाम ग्रॉस गेमिंग रेवेन्यू का गणित टैक्स विभाग की मांग थी कि कंपनियों को यूजर्स द्वारा प्लेटफॉर्म पर जमा की जाने वाली पूरी रकम (फुल फेस वैल्यू ऑफ डिपॉजिट) पर 28% की दर से टैक्स चुकाना होगा। दूसरी तरफ, गेमिंग कंपनियों का तर्क था कि उन्हें केवल टूर्नामेंट होस्ट करने के बदले ली जाने वाली कमीशन राशि पर ही टैक्स देना चाहिए, जिसे ग्रॉस गेमिंग रेवेन्यू (GGR) कहा जाता है। कंपनियों के मुताबिक, यह कमीशन कुल जमा राशि का केवल 5% से 15% ही होता है। कंपनियों के बंद होने और नौकरियों पर संकट गेमिंग कंपनियों ने कोर्ट के सामने यह दलील भी दी थी कि टैक्स विभाग द्वारा मांगी गई GST की कुल रकम इन कंपनियों की कुल कमाई से भी कई गुना ज्यादा है। अगर यह टैक्स वसूला गया, तो कंपनियों को आखिरकार अपना पूरा कामकाज बंद करना पड़ेगा। नया ऑनलाइन गेमिंग कानून और संकट अगस्त 2025 में जब सुप्रीम कोर्ट ने अपना फैसला सुरक्षित रखा था, उसके करीब दो हफ्ते बाद ही भारत सरकार ने एक नया ऑनलाइन गेमिंग कानून बनाया था, जिसे ‘प्रमोशन एंड रेगुलेशन ऑफ ऑनलाइन गेमिंग एक्ट’ (PROGA) नाम दिया गया। यह कानून उन सभी ऑनलाइन मनी गेम्स को प्रतिबंधित करता है जहां कोई यूजर प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से इस उम्मीद के साथ पैसे जमा करता है कि उसे उस डिपॉजिट पर जीत की रकम (विनिंग्स) मिलेगी। 3.5 बिलियन डॉलर की इंडस्ट्री को नुकसान इस नए कानून के लागू होने से देश की करीब 3.5 बिलियन डॉलर की रियल-मनी गेमिंग इंडस्ट्री अचानक संकट में आ गई। कमाई पूरी तरह रुक जाने के कारण कंपनियों को भारी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ा और उन्होंने बड़े पैमाने पर खर्चों में कटौती शुरू कर दी। इस वजह से गेमिंग कंपनियों को 3,000 से अधिक कर्मचारियों को नौकरी से निकालना पड़ा। गेमिंग इंडस्ट्री से जुड़े ये नए नियम आधिकारिक तौर पर 1 मई 2026 से प्रभावी हो चुके हैं। क्या होता है रिट्रोस्पेक्टिव टैक्स और एक्शनएबल क्लेम? ये खबर भी पढ़ें… हुंडई की कारें ₹12,800 तक महंगी होंगी: नई कीमतें 1 जून 2026 से लागू की जाएंगी, कंपनी ने इनपुट कॉस्ट बढ़ने के चलते फैसला किया हुंडई मोटर इंडिया की कारें 1 जून 2026 से महंगी होने जा रही हैं। कंपनी ने अपनी कारों की कीमतों में 12,800 रुपए तक की बढ़ोतरी करने का फैसला किया है। नई कीमतें अलग-अलग मॉडल और वेरिएंट के आधार पर तय की जाएंगी। पूरी खबर पढ़ें…

WhatsApp
Facebook
Twitter
LinkedIn

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

हेल्थ & फिटनेस

विज्ञापन

राजनीति

लेटेस्ट टॉप अपडेट

ग्लोबल करेंसी अपडेट

Provided by IFC Markets

Live Cricket

सच्चाई की दहाड़

ब्रेकिंग खबरें सीधे अपने ईमेल पर पाने के लिए रजिस्टर करें।

You have been successfully Subscribed! Ops! Something went wrong, please try again.