ध्रुव राठी बोले- मोदी जहां भी जाएं, उन्हें शर्मिंदा करें:भड़कीं एक्ट्रेस गुल पनाग; बोलीं- विदेशी धरती पर प्रधानमंत्री पद का मजाक उड़ाना गलत

बॉलीवुड एक्ट्रेस गुल पनाग ने सोशल मीडिया पर यूट्यूबर ध्रुव राठी के एक पोस्ट की आलोचना की है। ध्रुव राठी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को लेकर एक पोस्ट लिखा था, जिसमें उन्होंने पीएम को विदेशी धरती पर शर्मिंदा करने की बात कही थी। इस पर जवाब देते हुए गुल पनाग ने कहा कि सरकार से असहमत होना और विरोध करना लोकतंत्र का हिस्सा है, लेकिन विदेश में देश के प्रधानमंत्री और उनके पद का मजाक बनाना ठीक नहीं है। एक्ट्रेस के मुताबिक, ऐसा करने से देश की संस्थाएं और खुद भारतीय कमजोर होते हैं। ध्रुव राठी ने लिखा- मोदी को शर्मिंदा करें यूट्यूबर ध्रुव राठी ने 19 मई को एक्स (पहले ट्विटर) पर एक पोस्ट शेयर किया था। इसमें उन्होंने लिखा था कि मोदी जहां भी जाएं, उन्हें हर जगह शर्मिंदा किया जाना चाहिए। प्रधानमंत्री बनने के बाद पिछले 12 साल में उन्होंने एक भी प्रेस कॉन्फ्रेंस नहीं की है। ध्रुव राठी ने आगे लिखा कि वे दूसरे देशों के विदेशी पत्रकारों से भी कहेंगे कि वे पीएम मोदी से जहां भी मिलें, उनसे सवाल जरूर पूछें। उन्हें लोगों के सामने जवाब देने के लिए मजबूर करें। ध्रुव राठी के इस पोस्ट के बाद सोशल मीडिया पर बहस शुरू हो गई थी। पत्रकार के वीडियो के बाद शुरू हुआ विवाद यह पूरा विवाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नॉर्वे दौरे के बाद शुरू हुआ। ओस्लो में नॉर्वे की पत्रकार हेले लेंग ने प्रधानमंत्री से भारत में मानवाधिकारों और लोकतंत्र को लेकर सवाल पूछने की कोशिश की थी। इस दौरान पीएम मोदी बिना जवाब दिए आगे बढ़ गए थे। इस घटना का वीडियो सामने आने के बाद सोशल मीडिया दो हिस्सों में बंट गया था, जिसके बाद ध्रुव राठी ने पत्रकार के समर्थन में यह पोस्ट लिखा था। विरोध करना अलग, लेकिन यह तरीका सही नहीं ध्रुव राठी के इस पोस्ट को री-पोस्ट करते हुए गुल पनाग ने लिखा कि आप किसी प्रधानमंत्री को नापसंद कर सकते हैं, सरकार से असहमत हो सकते हैं, डिबेट कर सकते हैं और अलग तरह से वोट कर सकते हैं। यही लोकतंत्र है। लेकिन भारत के प्रधानमंत्री के ऑफिस और विदेश में वे जिसे रिप्रेजेंट करते हैं, उसका विदेशी धरती पर मजाक बनाना सही नहीं है। यह विरोध का सही तरीका नहीं है, बल्कि इससे हमारा ही नुकसान होता है। राजनीति में भी सक्रिय रह चुकी हैं एक्ट्रेस गुल पनाग एक्टिंग के साथ-साथ राजनीति और सामाजिक कार्यों से भी जुड़ी रही हैं। साल 2014 के आम चुनाव में उन्होंने चंडीगढ़ लोकसभा सीट से आम आदमी पार्टी (AAP) के टिकट पर चुनाव लड़ा था, जहां वे तीसरे स्थान पर रही थीं। बाद में उन्होंने खुद को राजनीतिक गतिविधियों से अलग कर लिया और जून 2021 में आम आदमी पार्टी से इस्तीफा दे दिया। वे एक एनजीओ भी चलाती हैं जो शिक्षा और लैंगिक समानता के लिए काम करता है।
रुड़की की सोनिया ने सीनियर नेशनल एथलेटिक्स में जीता सिल्वर:रांची के ट्रैक पर 10 हजार मीटर दौड़ीं; पहले ही दिन हासिल किया पदक

झारखंड की राजधानी रांची के बिरसा मुंडा स्टेडियम में शुक्रवार से शुरू हुई 29वीं नेशनल सीनियर एथलेटिक्स फेडरेशन चैंपियनशिप में उत्तराखंड की बेटी ने पहले ही दिन पदक हासिल कर लिया। रुड़की के एक छोटे से गांव की रहने वाली एथलीट कुमारी सोनिया ने महिला वर्ग की 10,000 मीटर रेस में सिल्वर मेडल जीतकर राज्य को गौरवान्वित किया। सोनिया ने यह रेस 36 मिनट 16.22 सेकंड में पूरी की। वह स्पोर्ट्स कॉलेज में उत्तराखंड के वरिष्ठ कोच लोकेश कुमार से प्रशिक्षण ले रही हैं। सोनिया की इस सफलता के पीछे उनके संघर्षों की एक लंबी कहानी है। यह वही सोनिया हैं, जिन्होंने संसाधनों की भारी कमी के बावजूद कभी हालातों के आगे घुटने नहीं टेके। फटे जूतों से रांची के पोडियम तक का सफर सोनिया की असली पहचान 2025 में हुए राष्ट्रीय खेलों के दौरान बनी थी, जब उन्होंने 10,000 मीटर की दौड़ में ही ब्रॉन्ज मेडल जीता था। उस जीत की सबसे बड़ी बात यह थी कि सोनिया के पास दौड़ने के लिए सही स्पाइक्स तक नहीं थे। वह फटे जूतों में ट्रैक पर उतरी थीं। इसके बाद उन्होंने जापान के फुकुओका में हुई 18वीं एशियन क्रॉस कंट्री चैंपियनशिप में भी ब्रॉन्ज मेडल जीतकर देश का नाम रोशन किया था। महंगे सप्लीमेंट्स तो दूर, वह ऑनलाइन मिलने वाले सस्ते मल्टी-विटामिन के सहारे ही अपनी तैयारी कर रही थीं। स्नेह राणा ने बढ़ा था हौसला, दिए थे नए स्पाइक्स हाल ही में जब सोनिया के संघर्ष की यह कहानी भारतीय महिला क्रिकेट टीम की स्टार ऑलराउंडर स्नेह राणा तक पहुंची थी, तो उन्होंने देहरादून स्थित अपने स्पोर्ट्स स्ट्राइव टर्फ पर सोनिया को बुलाया था। फटे जूतों में दौड़ने वाली सोनिया को जब स्नेह राणा ने प्रोफेशनल स्पोर्ट्स शूज और बेहतर न्यूट्रिशन सपोर्ट सौंपा, तो वह भावुक हो गई थीं। नए स्पाइक्स और स्नेह राणा से मिले उसी नए आत्मविश्वास को लेकर सोनिया रांची के ट्रैक पर उतरीं और सिल्वर मेडल अपने नाम कर लिया। पिता करते हैं मजदूरी, बहनों ने निभाया मां का फर्ज सोनिया का पूरा बचपन आर्थिक तंगी में बीता। परिवार में चार बहनें और एक भाई हैं। पिता मजदूरी करके घर चलाते हैं और मां का निधन हो चुका है। सोनिया बताती हैं कि कई बार ऐसा वक्त आया जब तंगी के कारण ट्रेनिंग छोड़ने का मन हुआ, लेकिन उनकी बहनों ने उन्हें कभी टूटने नहीं दिया। बहनों ने ही मां की कमी पूरी की और हर मुश्किल में साथ खड़ी रहीं। गांव के तानों को बनाया अपनी ताकत सोनिया के सफर में सिर्फ गरीबी ही नहीं, बल्कि सामाजिक दबाव भी बड़ी चुनौती रहा। गांव के लोग अक्सर ताने मारते थे और परिवार से कहते थे कि लड़की को वापस बुला लो। लेकिन, सोनिया ने इन बातों को अपने ऊपर हावी नहीं होने दिया। उन्होंने लोगों को जवाब देने के बजाय अपनी मेहनत से खुद को साबित करने का रास्ता चुना और आज रांची में जीता गया यह सिल्वर मेडल उन सभी तानों का जवाब है।
पेट्रोल-डीजल पर VAT घटा सकते हैं राज्य:तेलंगाना में सबसे ज्यादा लगता है टैक्स, ₹10 तक एक्साइज ड्यूटी घटा चुका केंद्र

केंद्र सरकार राज्यों के साथ मिलकर पेट्रोल-डीजल सस्ता करने की तैयारी कर रही है। केंद्र सरकार जल्द ही राज्यों से पेट्रोल और डीजल पर वैल्यू एडेड टैक्स (VAT) कम करने की अपील कर सकती है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, भाजपा शासित 22 राज्यों में वैट में कटौती की पूरी संभावना है। डीजल की कीमतों को नियंत्रित करना प्राथमिकता है, क्योंकि इसका सीधा असर परिवहन, खेती और उद्योग जगत पर पड़ता है। अमेरिका-इजराइल और ईरान के बीच फिर से तनाव बढ़ने के कारण कच्चे तेल की बढ़ रही हैं। शुक्रवार को ब्रेंट क्रूड करीब 1.9% बढ़कर $104.52 प्रति बैरल पर पहुंच गया है। ऐसे में बढ़ती महंगाई से लोगों को राहत देने के लिए केंद्र सरकार ने पिछले महीने ही पेट्रोल-डीजल पर एक्साइज ड्यूटी घटाई थी। हालांकि, इसके बाद पेट्रोल-डीजल की कीमत में 3.90 रुपए की बढ़ोतरी की गई थी। सचिवों के समूह ने की ईरान युद्ध के असर पर चर्चा ईरान युद्ध के चलते कच्चे तेल की सप्लाई और कीमतों पर पड़ने वाले असर को लेकर हाल ही में सचिवों के एक अधिकार प्राप्त ग्रुप की बैठक हुई। इस बैठक में चर्चा की गई कि महंगे कच्चे तेल के बोझ को कम करने के लिए वैट में कटौती जरूरी है। केंद्र सरकार ने पिछले महीने ही डीजल पर एक्साइज ड्यूटी ₹10 प्रति लीटर घटाकर शून्य कर दी थी, जबकि पेट्रोल पर ₹3 की कटौती की गई थी। अब केंद्र चाहता है कि राज्य भी अपनी ओर से टैक्स कम करें। डीजल पर फोकस, क्योंकि इसका सीधा असर महंगाई पर अधिकारियों के मुताबिक, भाजपा शासित राज्य सबसे पहले डीजल पर टैक्स कम करने पर विचार कर सकते हैं। भारत में हर साल करीब 9.47 करोड़ टन डीजल की खपत होती है, जो किसी भी अन्य पेट्रोलियम प्रोडक्ट्स से कहीं ज्यादा है। पेट्रोल का इस्तेमाल ज्यादातर निजी वाहनों के लिए होता है, लेकिन डीजल का इस्तेमाल ट्रांसपोर्ट, खेती और इंडस्ट्री में होता है। अगर डीजल सस्ता होता है तो माल ढुलाई सस्ती होगी, जिससे रोजमर्रा की चीजों के दाम गिरेंगे। अप्रैल में थोक महंगाई दर 42 महीने के उच्च स्तर 8.3% पर पहुंच गई थी। 2022 का फॉर्मूला फिर दोहराने की तैयारी अगर भाजपा शासित राज्य वैट कम करते हैं, तो यह साल 2022 की स्थिति जैसा होगा। उस समय रूस-यूक्रेन युद्ध के कारण कच्चे तेल के दाम रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गए थे। तब भी केंद्र ने एक्साइज ड्यूटी घटाई थी और राज्यों से वैट कम करने को कहा था। वर्तमान में भाजपा और उसके सहयोगी दल देश के 22 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में सत्ता में हैं। भारत में अलग-अलग राज्यों में वैट की दरें 1 से 27% तक लगता हैं। इसमें कटौती होने से तेल की कीमतों में बड़ा अंतर आ सकता है। एक्सपर्ट बोले- जनता के जीवन स्तर को बचाना जरूरी प्रधानमंत्री की आर्थिक सलाहकार परिषद के सदस्य और भाजपा नेता गौरव वल्लभ ने कहा, “ईरान युद्ध शुरू होने के बाद से कच्चे तेल की कीमतें 50% से ज्यादा बढ़ी हैं, लेकिन भारत में पेट्रोल-डीजल के दाम सिर्फ 4% के करीब बढ़े हैं। केंद्र ₹10 की एक्साइज ड्यूटी घटा चुका है, अब राज्यों की बारी है। हमें साथ मिलकर यह सुनिश्चित करना होगा कि आम नागरिक के जीवन स्तर पर कोई बुरा असर न पड़े। राज्यों को अपने खजाने पर ज्यादा असर डाले बिना यह कदम उठाना चाहिए।” राज्यों की कमाई और तेल कंपनियों का घाटा विपक्ष का पलटवार: ‘कीमतें बढ़ाने की जमीन तैयार हो रही’ दूसरी ओर, कांग्रेस प्रवक्ता रंजीत रंजन ने सरकार पर निशाना साधा है। उन्होंने कहा कि राज्यों से वैट घटाने के लिए कहना इस बात का संकेत है कि सरकार पेट्रोल-डीजल की कीमतों में एक और बड़ी बढ़ोतरी की जमीन तैयार कर रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि जब अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चा तेल सस्ता था, तब केंद्र ने एक्साइज ड्यूटी बढ़ाकर अपना खजाना भरा और जनता को लाभ नहीं दिया।
घंटों बैठकर करते हैं लैपटॉप पर काम, तो पड़ सकता है रीढ़ की हड्डी के लिए भारी..यहां जानिए डॉक्टर की सलाह

Last Updated:May 22, 2026, 12:22 IST आज की भागदौड़ भरी जिंदगी में लंबे समय तक बैठकर काम करना लोगों की रीढ़ की हड्डी पर बुरा असर डाल रहा है. फरीदाबाद के स्पाइन विशेषज्ञ डॉक्टर आशीष तोमर के अनुसार गलत पोश्चर, लगातार स्क्रीन देखने और व्यायाम की कमी से गर्दन और कमर दर्द की समस्या तेजी से बढ़ रही है. नियमित वॉक, योग और सही तरीके से बैठना स्पाइन हेल्थ के लिए बेहद जरूरी है. फरीदाबाद: आज की भागदौड़ भरी जिंदगी में घंटों एक ही जगह बैठकर काम करना लोगों की मजबूरी बन गया है. दफ्तर हो या घर लगातार मोबाइल और लैपटॉप पर काम करने की आदत अब आम हो चुकी है. लेकिन इसका सबसे ज्यादा असर हमारी रीढ़ की हड्डी पर पड़ रहा है. शुरुआत में लोग गर्दन, पीठ या कमर में हल्का दर्द समझकर इसे नजरअंदाज कर देते हैं लेकिन धीरे-धीरे यही परेशानी बड़ी बीमारी का रूप ले सकती है. लंबे वक्त तक बैठकर काम करने से नुकसान Local18 से बातचीत में डॉक्टर आशीष तोमर फरीदाबाद के सर्वोदय अस्पताल में ऑर्थोपेडिक्स और मिनिमली इनवेसिव स्पाइन सर्जरी विभाग के निदेशक बताते हैं कि लंबे समय तक बैठे रहने से शरीर की बैक मसल्स कमजोर होने लगती हैं. हमारी मांसपेशियों का काम रीढ़ की हड्डी को सही स्थिति में बनाए रखना होता है लेकिन जब व्यक्ति लगातार बैठा रहता है तो ये मांसपेशियां धीरे-धीरे कमजोर पड़ जाती हैं. क्या है काम करने का सही तरीका डॉक्टर आशीष तोमर बताते हैं बैठने के तरीके का भी सीधा असर कमर पर पड़ता है. अगर कोई व्यक्ति सीधे बैठता है तो कमर पर दबाव कम बनता है, लेकिन झुककर बैठने से रीढ़ की हड्डी पर ज्यादा दबाव पड़ता है. यही वजह है कि आगे चलकर डिस्क खिसकने जैसी समस्याएं भी हो सकती हैं. कुर्सी पर सीधा बैठने से कमर पर लगभग डेढ़ गुना कम दबाव पड़ता है. गर्दन और कमर दर्द आज के समय में बहुत आम समस्या बन चुकी है. लगातार स्क्रीन देखने और गर्दन झुकाकर लैपटॉप पर काम करने से गर्दन पर काफी दबाव बढ़ जाता है. यही कारण है कि लोगों में गर्दन दर्द, अकड़न और पीठ दर्द तेजी से बढ़ रहा है. रोज थोड़ा बहुत व्यायाम करना बेहद जरूरी डॉक्टर आशीष बताते हैं शरीर को मजबूत रखने के लिए रोज थोड़ा बहुत व्यायाम करना बेहद जरूरी है. रीढ़ की हड्डी को स्वस्थ रखने के लिए डॉक्टर आशीष तोमर बताते हैं मैं लोगो को रोजमर्रा की कुछ अच्छी आदतें अपनाने की सलाह देता हूं.शरीर की कोर मसल्स और पीठ की मांसपेशियां सबसे ज्यादा जरूरी होती हैं. इन्हें मजबूत रखने के लिए भुजंग आसन जैसे योग करने चाहिए. इसके अलावा नियमित रूप से टहलना और लंबे समय तक लगातार न बैठना भी जरूरी है. अगर कोई व्यक्ति आधे घंटे या एक घंटे से ज्यादा समय तक बैठा है तो उसे बीच-बीच में उठकर थोड़ा चलना चाहिए. नजरअंदाज नहीं करना चाहिए शरीर के संकेत डॉक्टर आशीष तोमर बताते हैं कुछ संकेत ऐसे होते हैं जिन्हें बिल्कुल नजरअंदाज नहीं करना चाहिए. जैसे गर्दन का दर्द हाथों तक जाने लगे…हाथों में सुन्नपन महसूस हो, कमजोरी आए, रात में दर्द के कारण नींद न आए या गर्दन दबाने पर ज्यादा दर्द हो तो तुरंत विशेषज्ञ को दिखाना चाहिए. इसी तरह कमर दर्द अगर पैरों तक पहुंचने लगे तो यह भी गंभीर संकेत हो सकता है. About the Author Vivek Kumar विवेक कुमार एक सीनियर जर्नलिस्ट हैं, जिन्हें मीडिया में 10 साल का अनुभव है. वर्तमान में न्यूज 18 हिंदी के साथ जुड़े हैं और हरियाणा, उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड की लोकल खबरों पर नजर रहती है. इसके अलावा इन्हें देश-…और पढ़ें News18 न्यूजलेटर अब ईमेल पर इनसाइड स्टोरीज खबरों के पीछे की खबर अब आपके इनबॉक्स में सबमिट करें Location : Faridabad,Faridabad,Haryana
स्मिता पाटिल और राज बब्बर के रिश्ते पर बोले आर्य:कहा- किसे अच्छा लगेगा उसके पापा का अफेयर हो; सौतेले भाई प्रतीक बब्बर से जारी अनबन

राज बब्बर के बेटे आर्य बब्बर ने हाल ही में पिता और स्मिता पाटिल के अफेयर पर बात की है। उनका कहना है कि दोनों के अफेयर से उन्हें काफी दिक्कत हुई थी। वहीं आर्य बब्बर का ये भी कहना है कि वो स्मिता पाटिल को स्मिता मां कहते हैं, लेकिन प्रतीक बब्बर अपने पिता को ही पिता नहीं मानते। उन्होंने ये भी कहा कि उनके और प्रतीक के बीच सुलह नहीं हो सकती। राज बब्बर ने नादिरा जहीर से शादी की थी, जिससे उन्हें दो बच्चे आर्य बब्बर और जूही हुए। आर्य महज 3 साल के थे, जब राज बब्बर ने स्मिता पाटिल से शादी कर पहली पत्नी और बच्चों को छोड़ दिया। हालांकि 3 साल में जब स्मिता ने बेटे प्रतीक को जन्म दिया, तो डिलीवरी कॉम्प्लिकेशन से उनका निधन हो गया। इसके बाद राज बब्बर, पहली पत्नी के साथ रहने लगे। इन सभी चीजों से पारिवारिक रिश्तों में तनाव रहा। हाल ही में प्रतीक बब्बर ने शादी में पिता को नहीं बुलाया और फिर अपने नाम से पिता का सरनेम हटाकर मां स्मिता का नाम जोड़ लिया। तब भी ये रिश्ते विवादों में रहे। अब हाल ही में विक्की ललवानी को दिए इंटरव्यू में आर्य बब्बर ने स्मिता-राज के रिश्ते पर कहा, मैं आज 44 साल का हूं, ये तब हुआ जब मैं 4-5 साल का था। मेरे पिता ने जिंदगी में बहुत कुछ किया उसके बाद। लेकिन सबसे जरूरी चीज जो हम सबकी रह गई है वो ये कि हमारे पापा का एक अफेयर हुआ था। एक रिश्ते को उन्होंने इज्जत दी, साथ दिया था। वो हम सबकी जिंदगी का इशू बन गया। जो शायद नहीं होना चाहिए, क्योंकि हम सब आगे बढ़ गए हैं। आगे जब पूछा गया कि क्या इससे पिता से रिश्ते बिगड़ गए, तो आर्य कहते हैं, किस बच्चे को अच्छा लगेगा कि उसके पापा का बाहर अफेयर हो। अगर आपको पता चलता कि आपके पापा का अफेयर है, आपको अच्छा लगता। हर कोई मूव ऑन कर गया। पापा ने मूव ऑन कर लिया, उनका दूसरा अफेयर भी हो गया। आर्य ने बातचीत में ये भी बताया कि स्मिता पाटिल के लिए राज बब्बर ने घर खरीदा था और वो परिवार को छोड़कर उनके साथ जाकर रहने लगे थे। उस घर में फिलहाल प्रतीक बब्बर अपनी पत्नी के साथ रहते हैं। आगे आर्य ने कहा, मैं स्मिता मां को प्यार और इज्जत देता हूं, क्योंकि उन्हें वो प्यार और इज्जत मेरे पिता ने दी। हमारी मां ने हमें समझाया है कि चाहे कुछ भी हो, प्रतीक के साथ हमारा स्वाभाव गलत नहीं होना चाहिए। हमारी मां ने हमें सिखाया, पिता ने नहीं। यही वजह है कि हम उसके साथ अच्छे से रहते हैं। जब मैंने देखा कि प्रतीक मेरी मां को मां कह रहा है, तो मैं भी स्मिता को स्मिता मां कहने लगा। आखिर में आर्य ने कहा, जिस स्मिता मां के लिए पापा ने हमें छोड़ा, आज उन्हीं का बच्चा पापा को पापा नहीं मान रहा है। उन्होंने ये भी साफ किया कि अब उनके प्रतीक से रिश्ते कभी सुधर नहीं सकेंगे।
स्मिता पाटिल और राज बब्बर के रिश्ते पर बोले आर्य:कहा- किसे अच्छा लगेगा उसके पापा का अफेयर हो; सौतेले भाई प्रतीक बब्बर से जारी अनबन

राज बब्बर के बेटे आर्य बब्बर ने हाल ही में पिता और स्मिता पाटिल के अफेयर पर बात की है। उनका कहना है कि दोनों के अफेयर से उन्हें काफी दिक्कत हुई थी। वहीं आर्य बब्बर का ये भी कहना है कि वो स्मिता पाटिल को स्मिता मां कहते हैं, लेकिन प्रतीक बब्बर अपने पिता को ही पिता नहीं मानते। उन्होंने ये भी कहा कि उनके और प्रतीक के बीच सुलह नहीं हो सकती। राज बब्बर ने नादिरा जहीर से शादी की थी, जिससे उन्हें दो बच्चे आर्य बब्बर और जूही हुए। आर्य महज 3 साल के थे, जब राज बब्बर ने स्मिता पाटिल से शादी कर पहली पत्नी और बच्चों को छोड़ दिया। हालांकि 3 साल में जब स्मिता ने बेटे प्रतीक को जन्म दिया, तो डिलीवरी कॉम्प्लिकेशन से उनका निधन हो गया। इसके बाद राज बब्बर, पहली पत्नी के साथ रहने लगे। इन सभी चीजों से पारिवारिक रिश्तों में तनाव रहा। हाल ही में प्रतीक बब्बर ने शादी में पिता को नहीं बुलाया और फिर अपने नाम से पिता का सरनेम हटाकर मां स्मिता का नाम जोड़ लिया। तब भी ये रिश्ते विवादों में रहे। अब हाल ही में विक्की ललवानी को दिए इंटरव्यू में आर्य बब्बर ने स्मिता-राज के रिश्ते पर कहा, मैं आज 44 साल का हूं, ये तब हुआ जब मैं 4-5 साल का था। मेरे पिता ने जिंदगी में बहुत कुछ किया उसके बाद। लेकिन सबसे जरूरी चीज जो हम सबकी रह गई है वो ये कि हमारे पापा का एक अफेयर हुआ था। एक रिश्ते को उन्होंने इज्जत दी, साथ दिया था। वो हम सबकी जिंदगी का इशू बन गया। जो शायद नहीं होना चाहिए, क्योंकि हम सब आगे बढ़ गए हैं। आगे जब पूछा गया कि क्या इससे पिता से रिश्ते बिगड़ गए, तो आर्य कहते हैं, किस बच्चे को अच्छा लगेगा कि उसके पापा का बाहर अफेयर हो। अगर आपको पता चलता कि आपके पापा का अफेयर है, आपको अच्छा लगता। हर कोई मूव ऑन कर गया। पापा ने मूव ऑन कर लिया, उनका दूसरा अफेयर भी हो गया। आर्य ने बातचीत में ये भी बताया कि स्मिता पाटिल के लिए राज बब्बर ने घर खरीदा था और वो परिवार को छोड़कर उनके साथ जाकर रहने लगे थे। उस घर में फिलहाल प्रतीक बब्बर अपनी पत्नी के साथ रहते हैं। आगे आर्य ने कहा, मैं स्मिता मां को प्यार और इज्जत देता हूं, क्योंकि उन्हें वो प्यार और इज्जत मेरे पिता ने दी। हमारी मां ने हमें समझाया है कि चाहे कुछ भी हो, प्रतीक के साथ हमारा स्वाभाव गलत नहीं होना चाहिए। हमारी मां ने हमें सिखाया, पिता ने नहीं। यही वजह है कि हम उसके साथ अच्छे से रहते हैं। जब मैंने देखा कि प्रतीक मेरी मां को मां कह रहा है, तो मैं भी स्मिता को स्मिता मां कहने लगा। आखिर में आर्य ने कहा, जिस स्मिता मां के लिए पापा ने हमें छोड़ा, आज उन्हीं का बच्चा पापा को पापा नहीं मान रहा है। उन्होंने ये भी साफ किया कि अब उनके प्रतीक से रिश्ते कभी सुधर नहीं सकेंगे।
पुनः आरंभ की खाली 24 नामांकन पर चुनाव की तारीखों का ऐलान, जानें कब होगी वोटिंग

चुनाव आयोग ने जून-जुलाई में 24 सीटों के लिए खाली होने की घोषणा कर दी है। इसके अलावा महाराष्ट्र और तमिलनाडु में भी राज्य के दो रेज़्यूमे की तारीख का खुलासा किया गया है। 10 राज्यों में सागर के 24 सदस्यों का कार्यकाल जून-जुलाई में समाप्त होने वाला है। इन सभी 24 नामांकनों के लिए आयोग ने चुनाव की तारीखें घोषित की हैं। कब होगा यूक्रेन की रिक्त पद पर चुनाव? 10 राज्यों में चुनाव के लिए राज्यसभा की शुरूआत होगी, जहां स्थायी सदस्यों का कार्यकाल 21 जून से 19 जुलाई के बीच अलग-अलग तारीखों पर समाप्त हो रहा है। चुनाव आयोग के अनुसार, 18 जून को द्विवार्षिक चुनावों के लिए मतदान होगा और उसी दिन नतीजे घोषित किये जायेंगे। चुनाव आयोग 1 जून की अधिसूचना जारी करेगा। 8 जून को नामांकन नामांकन की अंतिम तिथि जारी की गई है। किस प्रकार का आवेदन पर होगा चुनाव? आंध्र प्रदेश, गुजरात और कर्नाटक की चार-चार सीटें, मध्य प्रदेश और राजस्थान की तीन-तीन सीटें, झारखंड की दो सीटें और बौद्ध मठ, मेघालय, आंध्र प्रदेश और मिजोरम की एक-एक सीट पर होगी। नामांकन नामांकन की अंतिम तिथि आठ जून है. राजस्थान राज्यसभा चुनाव 2026: राजस्थान की तीन सीटों पर होगा मुकाबला! हो गई तारीखों का एलान” href=’https://www.abplive.com/states/rajस्थान/rajasthan-rajya-sabha-election-2027-contest-between-bjp-and-congress-for- three-rajya-sabha-seats-election-date-3133628″ target=”_self”>राजस्थान राज्यसभा चुनाव 2026: राजस्थान की तीन सीटों पर होगा मुकाबला! हो गई तारीखों का एलान दो चौथाई पर संकलन EC ने राज्य सभा के दो जिलों की भी घोषणा की है. दोनों क्रांतिकारी नेताओं के पद छोड़ने के बाद खाली हो गए हैं। महाराष्ट्र में सुनेत्रा की रिहाई के बाद सागर की एक सीट पर अंतिम विदाई हुई। उनका पद 4 जुलाई 2028 तक था, लेकिन राष्ट्रपति बनने के बाद उन्हें 6 मई को पद से हटा दिया गया था। वहीं, एआईएडीएमके नेता सीवी शनामुगम ने 7 मई को तमिलनाडु विधानसभा चुनाव में मैलाम क्षेत्र से विधायक बनने के बाद संघ से इस्तीफा दे दिया। उनका यह सन्देश 29 जून 2028 को समाप्त हो गया था। आयोग की योजना के अनुसार, 18 जून को वोट होंगे और उसी दिन नतीजे घोषित किये जायेंगे। आयोग ने निर्देश दिया है कि स्वतंत्र और सिविल चुनाव के लिए पर्यवेक्षकों की नियुक्ति करें, चुनाव प्रक्रिया की निगरानी के लिए आवश्यक शर्तें रखें। झारखंड राज्यसभा चुनाव 2026: झारखंड में राज्यसभा चुनाव की तारीखों का ऐलान, एक सीट 2025 से ही है खाली” href=’https://www.abplive.com/states/jharखण्ड/झारखंड-rajya-sabha-elections-2026-election-dates-announced-for-the-two-rajya-sabha-seats-3133632′ target=”_self”>झारखंड राज्यसभा चुनाव 2026: झारखंड में राज्यसभा चुनाव की तारीखों का ऐलान, एक सीट 2025 से ही है खाली (टैग्सटूट्रांसलेट)ब्रेकिंग न्यूज(टी)एबीपी न्यूज(टी)राज्यसभा(टी)राज्यसभा चुनाव(टी)राज्यसभा चुनाव 2026(टी)राज्यसभा चुनाव 2026 समाचार(टी)राज्यसभा चुनाव 2026 वोटिंग(टी)राज्यसभा चुनाव 2026 अपडेट(टी)राज्यसभा(टी)राज्यसभा चुनाव(टी)राज्यसभा चुनाव 2026(टी)राज्यसभा चुनाव 2026 समाचार(टी)राज्यसभा चुनाव 2026 वोट(टी)राज्यसभा चुनाव 2026 अपडेट
BSF ने बॉर्डर पर 2 पाकिस्तानी नागरिक पकड़े:गाड़ी लेकर भारत में घुसने की कोशिश करते दबोचा; सुरक्षा एजेंसियां पूछताछ में जुटी

अमृतसर में भारत-पाकिस्तान बॉर्डर पर सीमा सुरक्षा बल (BSF) जवानों ने अवैध तरीके से भारत में दाखिल हुए 2 पाकिस्तानी नागरिकों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों से एक गाड़ी भी बरामद की गई है। इस संबंध में सुरक्षा एजेंसियां दोनों से पूछताछ कर रही हैं। जानकारी के अनुसार दोनों व्यक्ति पाकिस्तान के कसूर इलाके में दुकानों पर अलग-अलग सामान सप्लाई करने का काम करते थे। इसी दौरान वे अपनी निजी गाड़ी में सीमा पार करते हुए भारतीय क्षेत्र में पहुंच गए, जहां बीएसएफ जवानों ने उन्हें तुरंत हिरासत में ले लिया। दोनों लाहौर के रहने वाले गिरफ्तार नागरिकों की पहचान मोहम्मद सलीम पुत्र नजीर अहमद (60), निवासी नास्टर कॉलोनी, फिरोजपुर रोड, लाहौर और अमीर नवाज पुत्र मोहम्मद नवाज (40 ), निवासी जसहीन टाउन, गज्जी रोड लाहौर के रूप में हुई है। हर एंगल से जांच कर रही बीएसएफ BSF अधिकारियों ने जीरो लाइन पर पाकिस्तानी रेंजर्स को भी इस संबंध में जानकारी दे दी है। फिलहाल दोनों आरोपियों से अमृतसर सेक्टर में BSF अधिकारी बारीकी से पूछताछ कर रहे हैं। अधिकारी यह भी जांच रहे है कि कहीं यह गलती से तो भारत में दाखिल नहीं हुए।
सेंसेक्स 300 अंक चढ़कर 75,500 पर कारोबार कर रहा:निफ्टी भी 90 अंक ऊपर 23,750 पर आया; बैंक और रियल्टी शेयरों में सबसे ज्यादा खरीदारी

आज यानी शुक्रवार, 22 मई को सेंसेक्स 300 अंक (0.42%) की तेजी के साथ 75,500 पर कारोबार कर रहा है। निफ्टी में भी 90 अंकों (0.39%) की तेजी है, ये 23,750 पर पहुंच गया है। आज के कारोबार में बैंक और रियल्टी शेयरों में खरीदारी है। एशियाई बाजारों में तेजी के साथ कोरोबार कल अमेरिकी बाजारों में भी तेजी रही विदेशी निवेशकों ने कल 1891 करोड़ के शेयर बेचे कल सेंसेक्स 135 अंक गिरकर बंद हुआ था
वर्ल्ड अपडेट्स:सेंट्रल अमेरिकी देश होंडुरास में गोलीबारी, 16 की मौत; बंदूकधारियों ने मजदूरों और पुलिसकर्मियों पर बरसाईं गोलियां

सेंट्रल अमेरिकी देश होंडुरास में गुरुवार को दो अलग-अलग हमलों में कम से कम 16 लोगों की मौत हो गई। पुलिस के मुताबिक, हमलों में 10 मजदूर और 6 पुलिसकर्मी मारे गए। पहला हमला उत्तरी होंडुरास के ट्रूजिलो नगर में एक प्लांटेशन पर हुआ। नेशनल पुलिस के प्रवक्ता एडगार्डो बाराहोना के मुताबिक, बंदूकधारियों ने वहां काम कर रहे मजदूरों पर अंधाधुंध फायरिंग की, जिसमें कम से कम 10 लोगों की मौत हो गई। उन्होंने कहा कि मृतकों की सही संख्या अब भी स्पष्ट नहीं है, क्योंकि कुछ परिजन शव अपने साथ ले गए। रिपोर्ट के मुताबिक, यह इलाका लंबे समय से जमीन और खेती को लेकर संघर्ष का केंद्र रहा है। दूसरा हमला ग्वाटेमाला सीमा के पास कॉर्टेस विभाग के ओमोआ नगर में हुआ। यहां हमलावरों ने पुलिस टीम पर गोलीबारी की, जिसमें 6 पुलिसकर्मी मारे गए। मृतकों में एक वरिष्ठ अधिकारी भी शामिल है। पुलिस के मुताबिक, ये अधिकारी गैंग विरोधी अभियान में तैनात थे और राजधानी टेगुसिगाल्पा से ओमोआ जा रहे थे। होंडुरास के सुरक्षा मंत्रालय ने कहा है कि दोनों हमलों की जांच के लिए फोरेंसिक विशेषज्ञों और अभियोजकों की टीमें बनाई जाएंगी। साथ ही प्रभावित इलाकों में पुलिस और सेना की अतिरिक्त तैनाती की जाएगी।








