पैरों में जाल की तरह दिख रही नसें, जानें क्या है वैरिकाज वेन्स? घर पर इलाज का तरीका

Last Updated:May 17, 2026, 21:50 IST Varicose Veins Ke Liye Upay: वैरिकोज वेन्स बहुत ही कॉमन लक्षणों के साथ शुरू होता है. लेकिन यदि समय पर इसके लिए उपाय नहीं किए गए तो गंभीर समस्या में बदल सकता है. यहां आप वैरिकोज वेन्स की बीमारी और इसके घरेलू उपायों के बारे में जान सकते हैं. ख़बरें फटाफट वैरिकोज वेन्स पैरों में नजर आने वाली एक मेडिकल कंडीशन है, जो कई बार गंभीर समस्या भी बन जाती है. इसमें पैरों की नसें फूलकर उभरने लगती हैं और दिखाई देने लगती हैं. बहुत से लोग इसे सामान्य थकान या बढ़ती उम्र का असर समझकर नजरअंदाज कर देते हैं, लेकिन असल में यह नसों में खून के सही तरीके से न बह पाने की वजह से होता है. इस स्थिति में पैरों में दर्द, जलन, भारीपन और सूजन जैसी परेशानी महसूस हो सकती है. आयुर्वेद के अनुसार यह समस्या शरीर में वात दोष के बढ़ने और ब्लड सर्कुलेशन कमजोर होने से जुड़ी होती है. वहीं मेडिकल साइंस कहता है कि नसों के अंदर मौजूद छोटे वाल्व कमजोर हो जाते हैं, जिससे खून नीचे की ओर इकट्ठा होने लगता है और नसें फूल जाती हैं. समय के साथ यह समस्या और बढ़ सकती है, इसलिए शुरुआती स्टेज में ध्यान देना जरूरी होता है. वैरिकोज वेन्स के घरेलू उपायकंप्रेशन स्टॉकिंग्स का उपयोग काफी फायदेमंद माना जाता है. ये विशेष प्रकार की जुराबें पैरों पर हल्का दबाव बनाती हैं, जिससे खून का प्रवाह सही दिशा में बना रहता है और सूजन व दर्द कम होने लगता है. पैरों को समय-समय पर ऊपर उठाकर रखना भी बहुत उपयोगी उपाय है. जब आप आराम करते हैं, तो पैरों के नीचे तकिया रखकर उन्हें ऊपर रखने से नसों पर दबाव कम होता है और खून का संचार बेहतर होता है. इससे पैरों को आराम मिलता है. खानपान का सही ध्यान रखना भी बहुत जरूरी है. हल्का और पौष्टिक भोजन लेना चाहिए जिसमें हरी सब्जियां, ताजे फल, दालें और फाइबर से भरपूर आहार शामिल हो. विटामिन सी और पोटेशियम युक्त भोजन सूजन कम करने में मदद करता है. दिनभर पर्याप्त मात्रा में पानी पीना भी शरीर के लिए फायदेमंद होता है. रोजाना हल्की एक्सरसाइज या टहलना भी इस समस्या में राहत दे सकता है. पैरों की हल्की स्ट्रेचिंग और नियमित चलने से मांसपेशियां एक्टिव रहती हैं, जिससे रक्त का बहाव बेहतर होता है और नसों पर दबाव कम पड़ता है. अगर समस्या ज्यादा बढ़ जाए या दर्द लगातार बना रहे, तो डॉक्टर से सलाह लेना जरूरी होता है. सेहत, रिलेशनशिप, लाइफ या धर्म-ज्योतिष से जुड़ी है कोई निजी उलझन तो हमें करें WhatsApp, आपका नाम गोपनीय रखकर देंगे जानकारी. About the Author शारदा सिंहSenior Sub Editor शारदा सिंह मध्यप्रदेश की रहने वाली हैं. उन्होंने माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय, भोपाल से पत्रकारिता के क्षेत्र में अपना सफर शुरू किया. उनके पास डिजिटल मीडिया और लाइफस्टाइल पत्रक…और पढ़ें News18 न्यूजलेटर अब ईमेल पर इनसाइड स्टोरीज खबरों के पीछे की खबर अब आपके इनबॉक्स में सबमिट करें Location : New Delhi,Delhi Disclaimer: इस खबर में दी गई दवा/औषधि और स्वास्थ्य से जुड़ी सलाह, एक्सपर्ट्स से की गई बातचीत के आधार पर है. यह सामान्य जानकारी है, व्यक्तिगत सलाह नहीं. इसलिए डॉक्टर्स से परामर्श के बाद ही कोई चीज उपयोग करें. Local-18 किसी भी उपयोग से होने वाले नुकसान के लिए जिम्मेदार नहीं होगा.
ट्रोलिंग पर आलिया के सपोर्ट में आईं मां सोनी राजदान:कहा- सोशल मीडिया पर ढेर सारी नफरत; कांस में आलिया को इग्नोर किए जाने का दावा

कांस फिल्म फेस्टिवल 2026 के रेड कार्पेट से एक्ट्रेस आलिया भट्ट का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद उनकी ट्रोलिंग शुरू हो गई थी। इस ट्रोलिंग पर अब आलिया की मां और एक्ट्रेस सोनी राजदान का रिएक्शन सामने आया है। दरअसल, राइटर शुनाली खुल्लर श्रॉफ ने इंस्टाग्राम पर एक डिटेल पोस्ट शेयर कर आलिया का सपोर्ट किया था। शुनाली ने ट्रोल करने वालों को करारा जवाब दिया है। इसी पोस्ट पर कमेंट करते हुए सोनी राजदान ने भी अपनी प्रतिक्रिया दी है। शुनाली ने अपनी पोस्ट में लिखा कि लोग एक सफल महिला को नीचे गिरते हुए देखना पसंद करते हैं। कान्स रेड कार्पेट पर आलिया के इग्नोर होने का दावा सोशल मीडिया पर वायरल क्लिप में दिखाया गया कि आलिया भट्ट जब रेड कार्पेट पर पोज दे रही थीं, तब फोटोग्राफर्स का ध्यान कहीं और था। इस पर इंटरनेट यूजर्स ने दावा करना शुरू कर दिया कि वेस्टर्न मीडिया ने आलिया को इग्नोर किया। शुनाली खुल्लर श्रॉफ ने इस पर कहा कि कांस का रेड कार्पेट हमेशा अफरातफरी से भरा होता है। फोटोग्राफर्स चिल्लाते हैं, अलग-अलग एंगल बदलते हैं और बड़े स्टार्स के आने पर कैमरे घुमाते हैं। एक अकेले कैमरा एंगल को देखकर पूरे देश ने इसे नेशनल ह्यूमिलिएशन (राष्ट्रीय अपमान) मान लिया, जो कि पूरी तरह गलत है। बाद में सोनी राजदान ने भी कमेंट सेक्शन में जवाब देते हुए लिखा “सोशल मीडिया पर बहुत सी चीजें हैं- प्यार, जानकारी, मनोरंजन और… ढेर सारी नफरत। लेकिन इन सबसे बढ़कर, यह हमारे समाज का असली चेहरा दिखाता है। इस पर समाज के नजरिए से एक बहुत ही दिलचस्प बहस छिड़ सकती है, जिस पर आने वाले कई सालों तक चर्चा और स्टडी की जा सकती है।” सफल महिलाओं को निशाना बनाने की मानसिकता शुनाली ने अपनी पोस्ट में आगे लिखा कि लोग इस वीडियो को सिर्फ देख नहीं रहे हैं, बल्कि इसका मजा ले रहे हैं। हमारे समाज में वेस्टर्न वैलिडेशन (पश्चिमी देशों से तारीफ) पाने की एक अजीब होड़ है। इसके साथ ही लोग अपने ही देश के स्टार्स को नीचे गिराने का मौका ढूंढते हैं। आलिया भट्ट पहले से ही भारत की सबसे बड़ी स्टार्स में से एक हैं। वह नेशनल अवार्ड विनर और ग्लोबल एंबेसडर हैं। लोग अक्सर सफल महिलाओं को नीचा दिखाने के लिए ऐसी मनगढ़ंत कहानियां बना लेते हैं। आलिया ने भी ट्रोल को दिया था जवाब इससे पहले आलिया ने भी अपनी इंस्टाग्राम पोस्ट पर एक ट्रोल को जवाब दिया था। एक यूजर ने आलिया की आइवरी साड़ी वाली फोटो पर कमेंट किया था- “कितने दुख की बात है, वहां किसी ने आपको नोटिस ही नहीं किया।” इस पर आलिया ने शांति और शालीनता से जवाब दिया, “दुख कैसा प्यार? आपने तो मुझे नोटिस किया “। लगातार दूसरी बार कांस पहुंचीं आलिया आलिया भट्ट ने इस साल लगातार दूसरी बार कांस फिल्म फेस्टिवल के रेड कार्पेट पर अपनी मौजूदगी दर्ज कराई। उन्होंने 2025 में यहां अपना डेब्यू किया था। इस साल आलिया ने भारत पैवेलियन के लिए आइवरी सिल्क साड़ी-गाउन और फिल्म स्क्रीनिंग के लिए सिंड्रेला स्टाइल का ब्लू गाउन चुना था।
अब जिंदगीभर नहीं झेलना पड़ेगा घुटनों का दर्द, वैज्ञानिकों ने खोजा ट्रीटमेंट, आर्थराइटिस पर लगेगी लगाम !

Last Updated:May 17, 2026, 18:25 IST New Treatment for Osteoarthritis: कोरिया के वैज्ञानिकों ने ऑस्टियोआर्थराइटिस के मरीजों के लिए एक चमत्कारी इलाज ढूंढ निकाला है. उन्होंने एक ऐसे प्रोटीन की खोज की है, जो सिर्फ घुटनों का दर्द कम नहीं करता है, बल्कि आर्थराइटिस की बीमारी को भी रोक सकता है. इस ट्रीटमेंट को बनने में अभी लंबा वक्त लग सकता है, लेकिन यह खोज लाखों मरीजों के लिए भविष्य में राहत की बड़ी उम्मीद बन सकती है. वैज्ञानिकों ने एक ऐसा प्रोटीन खोजा है, जो ऑस्टोआर्थराइटिस की बीमारी को रोक सकता है. New Study on Osteoarthritis Treatment: एक उम्र के बाद अधिकतर लोगों को घुटनों में दर्द की समस्या होने लगती है. अक्सर इसे बुढ़ापे का संकेत माना जाता है, लेकिन कुछ लोग इस परेशानी से जवानी में ही जूझने लगते हैं. घुटनों के दर्द की सबसे बड़ी वजह ऑस्टियोआर्थराइटिस नामक बीमारी होती है. इस बीमारी की वजह से धीरे-धीरे घुटनों का कार्टिलेज घिसने लगता है. यह कार्टिलेज हड्डियों के बीच एक कुशन की तरह काम करता है, लेकिन इसके खराब होने पर घुटनों, कूल्हों और हाथों में दर्द, जकड़न और चलने-फिरने में परेशानी होने लगती है. इस बीमारी का अभी तक कोई सटीक इलाज नहीं है, लेकिन डॉक्टर दर्द कम करने की दवाएं देते हैं, ताकि मरीजों को राहत मिल सके. कोरिया के वैज्ञानिकों ने ऑस्टियोआर्थराइटिस को लेकर एक अनोखी खोज की है. अगर सब कुछ सही रहा, तो अगले कुछ सालों में आर्थराइटिस को रोकने वाली दवा बन सकती है. यह दवा घुटनों के दर्द से राहत दिलाएगी और इस बीमारी पर भी लगाम लगा देगी. Scitech Daily की रिपोर्ट के मुताबिक दक्षिण कोरिया के वैज्ञानिकों ने एक महत्वपूर्ण प्रोटीन SHP (NR0B2) की पहचान की है, जो कार्टिलेज को टूटने से बचाने में मदद करता है. यह प्रोटीन शरीर में प्राकृतिक सुरक्षा कवच की तरह काम करता है और जोड़ों की डैमेज को धीमा कर सकता है. रिसर्च में पाया गया कि जैसे-जैसे ऑस्टियोआर्थराइटिस बढ़ता है, शरीर में SHP प्रोटीन का स्तर कम होने लगता है. यह प्रोटीन उन एंजाइम्स को कंट्रोल करता है, जो कार्टिलेज को नष्ट करते हैं, जैसे MMP-3 और MMP-13. जब SHP की मात्रा पर्याप्त होती है, तो ये एंजाइम कम सक्रिय रहते हैं और जोड़ों को नुकसान कम होता है. यह रिसर्च प्रतिष्ठित जर्नल नेचर कम्युनिकेशंस में प्रकाशित हुई है और अब दुनिया भर में चर्चाओं का विषय है. चूहों पर मिले शानदार रिजल्ट वैज्ञानिकों ने इस प्रोटीन का परीक्षण चूहों पर किया. जिन चूहों में SHP प्रोटीन नहीं था, उनमें जोड़ों का नुकसान तेजी से हुआ और दर्द भी ज्यादा देखा गया. वहीं, जिनमें SHP प्रोटीन को दोबारा सक्रिय किया गया, उनमें कार्टिलेज का नुकसान कम हुआ और चलने-फिरने की क्षमता में सुधार देखा गया. इससे यह संकेत मिला कि यह प्रोटीन बीमारी की गति को धीमा कर सकता है. शोधकर्ताओं ने एक एक्सपेरिमेंट में SHP प्रोटीन का जीन सीधे जोड़ों में इंजेक्ट किया. इस प्रक्रिया के बाद लंबे समय तक असर देखने को मिला. एक ही उपचार के बाद कार्टिलेज को नुकसान कम हुआ और दर्द में भी राहत मिली. यह संकेत देता है कि भविष्य में यह तकनीक ऑस्टियोआर्थराइटिस के इलाज में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है. कब तक बन पाएगी यह दवा? वैज्ञानिकों का कहना है कि यह खोज अभी शुरुआती चरण में है और मनुष्यों पर ज्यादा रिसर्च की जरूरत है. अगर आगे के क्लीनिकल ट्रायल सफल होते हैं, तो यह प्रोटीन आधारित थेरेपी ऑस्टियोआर्थराइटिस को रोकने या उसकी प्रगति को धीमा करने में बड़ी सफलता साबित हो सकती है. SHP प्रोटीन की खोज ऑस्टियोआर्थराइटिस के इलाज में एक नई उम्मीद लेकर आई है. अब तक जहां इलाज केवल दर्द कम करने पर केंद्रित था, वहीं यह शोध बीमारी की जड़ पर काम करने की संभावना दिखाता है. हालांकि इसे वास्तविक इलाज बनने में अभी समय लग सकता है, लेकिन यह खोज लाखों मरीजों के लिए भविष्य में राहत की बड़ी उम्मीद बन सकती है. सेहत, रिलेशनशिप, लाइफ या धर्म-ज्योतिष से जुड़ी है कोई निजी उलझन तो हमें करें WhatsApp, आपका नाम गोपनीय रखकर देंगे जानकारी. About the Author अमित उपाध्याय अमित उपाध्याय News18 हिंदी की लाइफस्टाइल टीम के अनुभवी पत्रकार हैं, जिनके पास प्रिंट और डिजिटल मीडिया में 9 वर्षों से अधिक का अनुभव है। वे हेल्थ, वेलनेस और लाइफस्टाइल से जुड़ी रिसर्च-बेस्ड और डॉक्टर्स के इंटरव्…और पढ़ें News18 न्यूजलेटर अब ईमेल पर इनसाइड स्टोरीज खबरों के पीछे की खबर अब आपके इनबॉक्स में सबमिट करें
यूक्रेन का रूस पर 1000 ड्रोन से हमला:सेमीकंडक्टर प्लांट, ऑयल रिफाइनरी को निशाना बनाया; 1 भारतीय समेत 4 की मौत

यूक्रेन ने शनिवार रात को रूस के कई इलाकों पर 1000 से ज्यादा ड्रोन से हमला किया। रिपोर्ट्स के मुताबिक इसमें कम से कम 4 लोगों की मौत हो गई है। इसमें 1 भारतीय मजदूर भी शामिल है। रूस में भारतीय दूतावास ने इसकी जानकारी दी। दूतावास के मुताबिक कुछ लोग घायल भी हैं। अधिकारियों ने हमले की जगह का दौरा किया और अस्पताल में भर्ती घायलों से मुलाकात भी की। अभी तक मारे गए और घायल लोगों की पहचान सार्वजनिक नहीं की गई है। कीव इंडिपेंडेंस की रिपोर्ट के मुताबिक यूक्रेन ने मॉस्को इलाके में सैन्य और ईंधन से जुड़े अहम ठिकानों को निशाना बनाया। इनमें एंगस्ट्रेम प्लांट शामिल है, जो रूस की सेना के लिए सेमीकंडक्टर बनाता है। इसके अलावा मॉस्को ऑयल रिफाइनरी, सोलनेचनोगोर्स्क और वोलोडार्स्कोये ईंधन स्टेशन को भी निशाना बनाया गया। यूक्रेन ने क्रीमिया पर भी हमला किया यूक्रेन ने दावा किया कि कब्जे वाले क्रीमिया में भी हमला किया गया। वहां बेलबेक एयरफील्ड पर एयर डिफेंस सिस्टम, एस-400 रडार सिस्टम का हैंगर, ड्रोन कंट्रोल सिस्टम, डेटा ट्रांसमिशन सेंटर और एयर ट्रैफिक कंट्रोल टावर को निशाना बनाया गया। रूसी अधिकारियों के मुताबिक, यह हमला हाल के महीनों में मॉस्को पर हुए सबसे बड़े यूक्रेनी ड्रोन हमलों में से एक था। रातभर राजधानी और आसपास के इलाकों में एयर रेड सायरन बजते रहे, कई धमाके सुनाई दिए और अलग-अलग जगहों पर मलबा गिरा। रूस ने 24 घंटे में 1000 से ज्यादा ड्रोन गिराए रूस के रक्षा मंत्रालय ने दावा किया कि उसने 24 घंटे में 1054 यूक्रेनी ड्रोन, 8 गाइडेड बम और 2 मिसाइलों को मार गिराया। मंत्रालय ने यह भी कहा कि उसने फ्लेमिंगो क्रूज मिसाइल और नेपच्यून-एमडी मिसाइल को भी रोका, हालांकि यूक्रेन ने इन मिसाइलों के इस्तेमाल पर कुछ नहीं कहा है। सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो में आसमान में चमक और कई जगह आग लगने के विजुअल हैं। खिमकी, क्लिन, जेलेनोग्राद और मॉस्को के कई हिस्सों में धमाकों की खबरें आईं। शेरमेत्येवो एयरपोर्ट के आसपास भी हलचल देखी गई। मॉस्को के मेयर सर्गेई सोब्यानिन ने बताया कि कपोतन्या इलाके में स्थित ऑयल रिफाइनरी के पास 12 लोग घायल हुए, जिनमें ज्यादातर निर्माण मजदूर थे। इस हमले का असर मॉस्को के एयरपोर्ट्स पर भी पड़ा। शेरमेत्येवो एयरपोर्ट पर करीब 200 फ्लाइट्स लेट या रद्द हो गईं, जबकि व्नुकोवो एयरपोर्ट पर करीब 100 फ्लाइट्स प्रभावित हुईं।
तिलक वर्मा और श्रीलीला के अफेयर की खबरें अफवाह:दावा- दोनों कभी एक-दूसरे से मिले तक नहीं; सोशल मीडिया पर चल रही अफवाहें

साउथ फिल्म एक्ट्रेस श्रीलीला और भारतीय क्रिकेटर तिलक वर्मा के बीच किसी तरह का रिलेशनशिप नहीं है। इंडिया टुडे की रिपोर्ट के मुताबिक मामले से जुड़े एक सूत्र ने इस बात की पुष्टि की है। दरअसल पिछले की दिनों से सोशल मीडिया पर दोनों के रिलेशन की चर्चा की जा रही थी। सूत्र ने इन दावों को पूरी तरह से गलत और बिना किसी आधार का बताया है। सोर्स के मुताबिक, श्रीलीला और तिलक वर्मा कभी एक-दूसरे से मिले भी नहीं है और न ही दोनों के बीच कभी कोई बात हुई है। सोशल मीडिया पर दोनों को लेकर फैलाई जा रही बातें पूरी तरह से अफवाह है। सोशल मीडिया पर ऐसे शुरू हुई थी चर्चा इंटरनेट पर पिछले कुछ समय से दोनों के रिलेशनशिप को लेकर कई तरह की बातें की जा रही थी। फैन पेज और इंस्टा अकाउंट्स ने अलग-अलग इवेंट्स की तस्वीरों को मिलाकर यह अनुमान लगाना शुरू कर दिया था। कुछ अनवेरिफाइड रिपोर्ट्स में कहा गया कि दोनों एक ही समय के आसपास अलग-अलग जगहों पर नजर आए थे। इसमें मंदिर के दर्शन और स्पोर्ट्स मैच शामिल थे। इन बातों का कोई पुख्ता सबूत नहीं था, फिर भी इसे दोनों के अफेयर से जोड़कर देखा जाने लगा। सोर्स बोले- अफवाहों में कोई सच्चाई नहीं मामले से जुडे एक करीबी सोर्स ने इस पूरे विवाद पर खुलकर बात की है। सोर्स ने कहा कि तिलक वर्मा और श्रीलीला को लेकर जो भी बातें कही जा रही है, वे पूरी तरह से आधारहीन और झूठी है। दोनों कभी एक-दूसरे से आमने-सामने नहीं मिले है। सोर्स ने यह भी साफ किया कि लोगों को बिना किसी फैक्ट या सच्चाई के ऐसी मनगढंत बातें सोशल मीडिया पर शेयर नहीं करना चाहिए। नेशनल अवार्ड फिल्म में काम कर चुकी है श्रीलीला एक्ट्रेस श्रीलीला साउथ सिनेमा का एक बड़ा नाम है। उन्होंने अपने एक्टिंग करियर की शुरुआत बेहद कम उम्र में की थी। फिल्म ‘भगवंत केसरी’ से उन्हें इंडस्ट्री में पहचान मिली। इस फिल्म को 71वें नेशनल फिल्म अवार्ड्स में बेस्ट तेलुगु फीचर फिल्म का अवार्ड भी मिला है। श्रीलीला को आखिरी बार फिल्म ‘उस्ताद भगत सिंह’ में देखा गया था। आने वाले समय में वह धनुष की फिल्म ‘धनुष 55’ में नजर आने वाली है। इसके अलावा वह बॉलीवुड के कुछ बडे प्रोजेक्ट्स पर भी काम कर रही है।
तिलक वर्मा और श्रीलीला के अफेयर की खबरें अफवाह:दावा- दोनों कभी एक-दूसरे से मिले तक नहीं; सोशल मीडिया पर चल रही अफवाहें

साउथ फिल्म एक्ट्रेस श्रीलीला और भारतीय क्रिकेटर तिलक वर्मा के बीच किसी तरह का रिलेशनशिप नहीं है। इंडिया टुडे की रिपोर्ट के मुताबिक मामले से जुड़े एक सूत्र ने इस बात की पुष्टि की है। दरअसल पिछले की दिनों से सोशल मीडिया पर दोनों के रिलेशन की चर्चा की जा रही थी। सूत्र ने इन दावों को पूरी तरह से गलत और बिना किसी आधार का बताया है। सोर्स के मुताबिक, श्रीलीला और तिलक वर्मा कभी एक-दूसरे से मिले भी नहीं है और न ही दोनों के बीच कभी कोई बात हुई है। सोशल मीडिया पर दोनों को लेकर फैलाई जा रही बातें पूरी तरह से अफवाह है। सोशल मीडिया पर ऐसे शुरू हुई थी चर्चा इंटरनेट पर पिछले कुछ समय से दोनों के रिलेशनशिप को लेकर कई तरह की बातें की जा रही थी। फैन पेज और इंस्टा अकाउंट्स ने अलग-अलग इवेंट्स की तस्वीरों को मिलाकर यह अनुमान लगाना शुरू कर दिया था। कुछ अनवेरिफाइड रिपोर्ट्स में कहा गया कि दोनों एक ही समय के आसपास अलग-अलग जगहों पर नजर आए थे। इसमें मंदिर के दर्शन और स्पोर्ट्स मैच शामिल थे। इन बातों का कोई पुख्ता सबूत नहीं था, फिर भी इसे दोनों के अफेयर से जोड़कर देखा जाने लगा। सोर्स बोले- अफवाहों में कोई सच्चाई नहीं मामले से जुडे एक करीबी सोर्स ने इस पूरे विवाद पर खुलकर बात की है। सोर्स ने कहा कि तिलक वर्मा और श्रीलीला को लेकर जो भी बातें कही जा रही है, वे पूरी तरह से आधारहीन और झूठी है। दोनों कभी एक-दूसरे से आमने-सामने नहीं मिले है। सोर्स ने यह भी साफ किया कि लोगों को बिना किसी फैक्ट या सच्चाई के ऐसी मनगढंत बातें सोशल मीडिया पर शेयर नहीं करना चाहिए। नेशनल अवार्ड फिल्म में काम कर चुकी है श्रीलीला एक्ट्रेस श्रीलीला साउथ सिनेमा का एक बड़ा नाम है। उन्होंने अपने एक्टिंग करियर की शुरुआत बेहद कम उम्र में की थी। फिल्म ‘भगवंत केसरी’ से उन्हें इंडस्ट्री में पहचान मिली। इस फिल्म को 71वें नेशनल फिल्म अवार्ड्स में बेस्ट तेलुगु फीचर फिल्म का अवार्ड भी मिला है। श्रीलीला को आखिरी बार फिल्म ‘उस्ताद भगत सिंह’ में देखा गया था। आने वाले समय में वह धनुष की फिल्म ‘धनुष 55’ में नजर आने वाली है। इसके अलावा वह बॉलीवुड के कुछ बडे प्रोजेक्ट्स पर भी काम कर रही है।
NEET पेपर लीक पर BJP बोली- राहुल भ्रम फैला रहे:कांग्रेस 22 लाख छात्रों के भविष्य पर राजनीति कर रही, हमने तुरंत कार्रवाई की

BJP के राष्ट्रीय मीडिया सह-प्रमुख एवं राष्ट्रीय प्रवक्ता डॉ संजय मयूख ने NEET पेपर लीक मामले पर कांग्रेस नेता राहुल गांधी द्वारा दिए गए बयान को अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण, संवेदनहीन और राजनीतिक रूप से प्रेरित बताते हुए कड़ी आपत्ति जताई है। डॉ. मयूख ने कहा कि राहुल गांधी आखिर कब तक सिर्फ खोखले आरोपों और भ्रम फैलाने की राजनीति करते रहेंगे? यह समय देश के लाखों मेधावी छात्रों की पीड़ा को समझने और उनके भविष्य को लेकर संवेदनशील होने का है, न कि इस दुखद परिस्थिति पर अपनी राजनीतिक रोटियां सेंकने का। डॉ. मयूख ने कहा कि केंद्र सरकार ने इस पूरे मामले में अपनी जवाबदेही निभाते हुए तुरंत CBI जांच, प्रभावित छात्रों के लिए री-एग्जाम और पूरी प्रक्रिया में पारदर्शिता सुनिश्चित करने जैसे कई निर्णायक कदम उठाए हैं। ऐसे समय में विपक्ष से एक जिम्मेदार भूमिका की उम्मीद थी। उन्होंने आगे कहा, ”अगर सरकार री-NEET और CBI जांच का फैसला नहीं लेती, तो यही लोग सरकार पर निष्क्रियता का आरोप लगाते। अब जब सरकार ने त्वरित, ईमानदार और सख्त निर्णय लिए हैं, तो राहुल गांधी की राजनीति का आधार ही कमजोर पड़ गया है।” भाजपा के राष्ट्रीय मीडिया सह-प्रमुख ने कांग्रेस को आईना दिखाते हुए कहा कि दूसरों पर उंगली उठाने से पहले राहुल गांधी को अपने और अपनी पार्टी के कार्यकाल के दौरान हुए अनगिनत पेपर लीक और परीक्षा घोटालों पर देश को जवाब देना चाहिए। कांग्रेस का इतिहास युवाओं के भविष्य से खिलवाड़ करने का रहा है जैसे यूपीए शासनकाल में हुए AIPMT पेपर लीक, SSC घोटाले, CBSE पेपर लीक। डॉ. मयूख ने साफ किया कि पीएम मोदी के नेतृत्व में सरकार का संदेश बिल्कुल स्पष्ट है- छात्रों के भविष्य के साथ कोई समझौता नहीं होगा। पेपर लीक माफियाओं पर “जीरो टॉलरेंस” नीति के तहत देशव्यापी कार्रवाई की जा रही है, जो इस बात का प्रमाण है कि सरकार इस मामले को दबा नहीं रही, बल्कि जड़ से खत्म कर रही है। कथित मास्टरमाइंड पीवी कुलकर्णी को गिरफ्तार किया जा चुका है। इसमें संलिप्त बायोलॉजी लेक्चरर मनीषा मंधारे को सलाखों के पीछे भेजा गया है। जयपुर, गुरुग्राम, नासिक सहित देश के कई स्थानों से जुड़े ऑपरेटिव्स और संदिग्धों को गिरफ्तार किया गया है। उन्होंने जोर देकर कहा, “यह लीपापोती नहीं है। यह चुप्पी नहीं है। यह धरातल पर दिखती हुई सख्त कार्रवाई है। राष्ट्रीय मीडिया सह-प्रमुख ने कहा कि इस संवेदनशील समय में देश के छात्रों और युवाओं को किसी राजनीतिक एजेंडे या भटकाव की नहीं, बल्कि सहयोग, संवेदनशीलता, विश्वास और समर्थन की सबसे अधिक आवश्यकता है। मोदी सरकार देश के हर एक ईमानदार और परिश्रमी छात्र के साथ चट्टान की तरह मजबूती से खड़ी है। सरकार की यह लड़ाई देश के युवाओं के हक के लिए है, और किसी भी पेपर लीक माफिया या राजनीतिक अवसरवादी को बख्शा नहीं जाएगा।
दूसरा टेस्ट- पाकिस्तान ने लंच तक 4 विकेट गंवाए:बाबर-सलमान क्रीज पर; तस्कीन ने ओपनर्स को पवेलियन भेजा

पाकिस्तान के बांग्लादेश दौरे का दूसरा टेस्ट सिलहट इंटरनेशनल क्रिकेट स्टेडियम में खेला जा रहा है। रविवार को मैच के दूसरे दिन पाकिस्तान ने लंच तक 96 रन पर 4 विकेट गंवा दिए। बाबर आजम और सलमान आगा क्रीज पर हैं। दिन की शुरुआत में बांग्लादेश के तेज गेंदबाज तस्कीन अहमद ने ओपनर अब्दुल्लाह फजल को 9 और अजान ओवैस को 13 रन पर आउट किया। मेजबान बांग्लादेश मैच पर नियंत्रण बनाए हुए है। पाकिस्तान अभी भी बांग्लादेश की पहली पारी के 278 रन से 182 रन पीछे है। मेजबान टीम पहली पारी में 278 रन पर ऑलआउट हुई थी। पहला टेस्ट हारने के बाद पाकिस्तान के लिए सीरीज बराबर करने के लिहाज से यह मुकाबला अहम है। तस्कीन अहमद ने आते ही झटके दो विकेट पाकिस्तान ने 21/0 के स्कोर से खेल शुरू किया। लेकिन बांग्लादेश के तेज गेंदबाज तस्कीन अहमद (2-30) ने पहले दो ओवरों में ही दोनों ओपनर्स को पवेलियन भेजकर पाकिस्तान को संकट में डाल दिया। पहले टेस्ट में 2 अर्धशतक लगाने वाले अब्दुल्ला फजल 9 रन बनाकर विकेटकीपर लिटन दास को कैच दे बैठे। वहीं, ढाका टेस्ट के शतकवीर अजान ओवैस को तस्कीन ने स्विंग गेंद पर शॉर्ट-लेग में मोमिनुल हक के हाथों कैच कराया। मेहदी हसन ने तोड़ी साझेदारी शुरुआती झटकों के बाद कप्तान शान मसूद और बाबर आजम ने पारी संभालने की कोशिश की। दोनों के बीच 38 रन की साझेदारी हुई, लेकिन ऑफ स्पिनर मेहदी हसन (2-14) ने यह जोड़ी तोड़ दी। शान मसूद (21 रन) मेहदी की शॉर्ट गेंद पर शॉर्ट कवर में कैच आउट हुए। इसके बाद मेहदी ने सऊद शकील (8 रन) को भी आउट कर पाकिस्तान की मुश्किलें बढ़ा दीं। बाबर आजम पर टिकीं उम्मीदें बाएं घुटने की चोट के कारण पहला टेस्ट नहीं खेल सके बाबर आजम एक छोर पर टिके हुए हैं। लंच तक बाबर 37 रन बनाकर नाबाद हैं, जबकि आगा सलमान 6 रन पर खेल रहे हैं। पाकिस्तान को मैच में बनाए रखने की जिम्मेदारी अब इस जोड़ी पर है। ————————————————— सिलहट टेस्ट से जुड़ी यह खबर भी पढ़िए… हसन अली के सिर में चोट, स्ट्रेचर पर बाहर गए; ठीक होने पर दोबारा गेंदबाजी की पाकिस्तान के तेज गेंदबाज हसन अली को बांग्लादेश के खिलाफ आज से शुरू हुए दूसरे टेस्ट के दौरान सिर पर चोट गई। इसके बाद उन्हें स्ट्रेचर से मैदान से बाहर ले जाना पड़ा। हालांकि, पाकिस्तान टीम के लिए राहत की बात यह रही कि वे कुछ समय बाद ही मैदान पर लौट आए और दोबारा गेंदबाजी शुरू कर दी। पढ़ें पूरी खबर
ईरान के बाद क्यूबा पर अमेरिकी हमले का खतरा बढ़ा:सरकार ने लोगों से जंग के लिए तैयार रहने को कहा, गुरिल्ला लड़ाई सिखा रहे

अमेरिकी खुफिया एजेंसी CIA के प्रमुख जॉन रैटक्लिफ की हवाना यात्रा के बाद क्यूबा में अमेरिकी हमले की आशंका बढ़ गई है। क्यूबा सरकार ने संभावित सैन्य टकराव को देखते हुए युद्ध जैसी तैयारियां तेज कर दी हैं। देशभर में लोगों को गुरिल्ला युद्ध की ट्रेनिंग दी जा रही है और आपात स्थिति के लिए तैयार रहने को कहा गया है। CNN की रिपोर्ट के मुताबिक, हवाना में कई सरकारी इमारतों को संभावित अमेरिकी हमले की स्थिति में तैयारी के निर्देश दिए गए हैं। क्यूबा लंबे समय से अमेरिकी तेल नाकेबंदी और आर्थिक दबाव का सामना कर रहा है। हालात ऐसे हैं कि कई इलाकों में बिजली कटौती, ईंधन संकट और जरूरी सामानों की कमी बनी हुई है। लोगों को गुरिल्ला युद्ध सिखाया जा रहा क्यूबा के सरकारी मीडिया में आम नागरिकों को सैन्य प्रशिक्षण लेते हुए दिखाया गया है। रिपोर्ट्स के अनुसार, लोगों को पूर्व राष्ट्रपति फिदेल कास्त्रो की ‘पूरी आबादी की लड़ाई’ की रणनीति के तहत गुरिल्ला युद्ध सिखाया जा रहा है। कुछ वीडियो में सैनिक पुराने सोवियत हथियारों के साथ अभ्यास करते दिखाई दिए। एक वीडियो में एंटी-एयरक्राफ्ट गन को बैलों से खींचते हुए भी दिखाया गया। सैन्य इतिहासकार हाल क्लेपाक ने CNN से कहा कि आधुनिक हथियारों की कमी के बावजूद क्यूबा की सेना अमेरिकी हमले का लंबा प्रतिरोध कर सकती है। उनके मुताबिक, प्राकृतिक आपदाओं के दौरान भी क्यूबा ने बड़े स्तर पर लोगों को संगठित करने की क्षमता दिखाई है। इसी हफ्ते क्यूबा पहुंचे थे अमेरिकी खुफिया चीफ अमेरिकी खुफिया एजेंसी CIA के प्रमुख जॉन रैटक्लिफ इस हफ्ते क्यूबा की राजधानी हवाना पहुंचे। रिपोर्ट के मुताबिक वे ‘यूनाइटेड स्टेट्स ऑफ अमेरिका’ लिखे हुए विमान से पहुंचे थे, जिसने लोगों का ध्यान खींचा। कई क्यूबाई लोगों ने इसे बड़ा राजनीतिक संकेत माना। क्यूबा सरकार लंबे समय से CIA को दुश्मन मानती रही है। 1960 के दशक में फिदेल कास्त्रो की हत्या के लिए CIA ने विस्फोटक सिगार और जहरीले स्कूबा सूट जैसी योजनाएं बनाई थीं। क्यूबा में CIA की गतिविधियों से जुड़े संग्रहालय भी मौजूद हैं। क्यूबा मामलों के विशेषज्ञ पीटर कॉर्नब्लुह ने CNN से कहा कि यह इतिहास की बड़ी विडंबना है। उनके मुताबिक, रैटक्लिफ क्यूबा को ऐसा प्रस्ताव देने पहुंचे थे, जिसे ठुकराना मुश्किल हो। उन्होंने इसे दबाव वाली कूटनीति बताया। अमेरिका ने क्यूबा को होने वाली तेल सप्लाई रोकी जनवरी से ही अमेरिका ने वेनेजुएला से क्यूबा को हो रही तेल सप्लाई को लगभग रोक दिया है। दूसरे देशों को भी चेतावनी दी जा रही है कि वे क्यूबा को तेल न दें। हाल ही में अमेरिकी कोस्ट गार्ड ने कोलंबिया से क्यूबा जा रहे एक तेल टैंकर को भी रोक लिया। इसका असर क्यूबा में साफ दिख रहा है। 9 जनवरी के बाद से वहां कोई बड़ी तेल सप्लाई नहीं पहुंची है। वहां हालात तेजी से खराब हो रहे हैं। क्यूबा के ब्लैक मार्केट में पेट्रोल करीब 35 डॉलर प्रति गैलन तक पहुंच गया है रोजाना बिजली कट रही है। अस्पतालों में सर्जरी टल रही हैं। दवाइयों की कमी हो रही है और खाने की समस्या बढ़ रही है। इन हालात में क्यूबा की सरकार पर दबाव बढ़ गया है। क्यूबा में निवेश का मौका बनाना चाहते हैं ट्रम्प ट्रम्प क्यूबा को सिर्फ राजनीतिक नहीं, बल्कि कारोबारी नजरिए से भी देख रहे हैं। वह पहले से ही इस द्वीप में निवेश की संभावना देखते रहे हैं। 1998 में उनकी कंपनी ने चुपचाप क्यूबा का दौरा कराया था। 2011-12 में भी उनके संगठन के लोग वहां गोल्फ कोर्स बनाने की संभावनाएं देख चुके हैं। 2016 के चुनाव प्रचार के दौरान भी ट्रम्प ने कहा था कि क्यूबा निवेश के लिए अच्छा मौका हो सकता है। अब उन्होंने फिर कहा, “वे हमसे बात कर रहे हैं। यह एक असफल देश है। उनके पास न पैसा है, न तेल, कुछ भी नहीं है।” इसके साथ ही उन्होंने क्यूबा की जमीन और मौसम की तारीफ भी की और इसे एक सुंदर द्वीप बताया। लेकिन उनके बयान से यह भी दिखा कि उन्हें भौगोलिक जानकारी पूरी नहीं है। उन्होंने कहा कि क्यूबा तूफानों (हरिकेन) के क्षेत्र में नहीं आता, जबकि हकीकत में क्यूबा अक्सर हरिकेन से प्रभावित होता है। अंत में ट्रम्प ने ऐसे संकेत दिए जैसे क्यूबा पहले से ही अमेरिका की संपत्ति हो। उन्होंने कहा, “उन्हें हर हफ्ते तूफान के लिए हमसे पैसे नहीं मांगने पड़ेंगे।” आजाद होने के बाद क्यूबा को कंट्रोल करता था अमेरिका 1898 में स्पेन-अमेरिका युद्ध के बाद क्यूबा स्पेन से आजाद हुआ, लेकिन असली कंट्रोल अमेरिका के हाथ में चला गया। अमेरिका ने क्यूबा की राजनीति, सेना और अर्थव्यवस्था पर बड़ा असर रखा। वहां की जमीन, चीनी उद्योग और कारोबार में अमेरिकी कंपनियों का दबदबा था। साल 1959 में क्रांतिकारी फिदेल कास्त्रो ने अपने गोरिल्ला सैनिकों के साथ मिलकर तानाशाह बतिस्ता को सत्ता से बेदखल कर दिया। बतिस्ता एक तानाशाह था। उसके खिलाफ लड़ाई के दौरान अमेरिका ने ही फिदेल कास्त्रो का समर्थन किया था। अमेरिकी अखबारों में कास्त्रो के इंटरव्यू छपते थे। सत्ता हासिल करने के बाद कास्त्रो ने बड़े बदलाव किए। उन्होंने देश में कम्युनिस्ट नीति अपनाई। अमेरिकी कंपनियों की संपत्ति जब्त कर ली और जमीन और उद्योग को सरकार के नियंत्रण में लिया। US ने प्रतिबंध लगाया तो सोवियत संघ का करीबी बना क्यूबा अमेरिका ने जवाब में क्यूबा पर आर्थिक प्रतिबंध लगा दिए। व्यापार बंद कर दिया और तेल और जरूरी सामान की सप्लाई रोक दी। इससे क्यूबा की इकोनॉमी खराब होने लगी। इसके बाद क्यूबा ने सोवियत संघ (रूस) की तरफ रुख कर लिया। इस वजह से अमेरिका और क्यूबा के संबंध और खराब होते चले गए। इन दोनों के संबंध इतने खराब थे कि 55 साल तक कोई अमेरिकी राष्ट्रपति क्यूबा गया ही नहीं। ये सिलसिला 2015 में तब खत्म हुआ जब अमेरिकी राष्ट्रपति के रूप में बराक ओबामा क्यूबा गए, लेकिन तब तक फिदेल की जगह क्यूबा में उनके भाई राउल सत्ता संभाल चुके थे। अमेरिका ने कास्त्रो को मारने की 600 बार कोशिश की थी फिदेल कास्त्रो को अमेरिका अपने सबसे बड़े दुश्मनों में से एक मानता था। कई रिपोर्ट्स के मुताबिक अमेरिका ने फिदेल कास्त्रो को मारने के लिए 60 साल में 600 से ज्यादा बार असफल कोशिश की।
चंडीगढ़ में किन्नरों ने युवती को पीटा,VIDEO:क्लब के बाहर रोड पर गिरा जमकर लात-घूंसे मारे; भीड़ जमा थी लेकिन किसी ने नहीं बचाया

चंडीगढ़ में क्लब के बाहर किन्नरों ने एक युवती की जमकर पिटाई कर दी। इसका VIDEO सामने आया है। इसमें किन्नर एक युवती को घसीटते हैं और फिर नीचे गिराकर मारपीट करते हुए नजर आते हैं। वह युवती को जमकर लात-घूंसे मार रहे हैं। इस दौरान वहां कुछ युवक भी खड़े हैं लेकिन किन्नरों की वजह से कोई बीच-बचाव नहीं करता। हालांकि इस वीडियो को इंस्टाग्राम पर झूठे दावे के साथ शेयर किया गया है। जिसमें कहा गया कि चंडीगढ़ के सेक्टर 26 के मशहूर क्लब के बाहर शराब के नशे में धुत लड़कियों के बीच फाइट हो रही है। दैनिक भास्कर की टीम सच्चाई जानने सेक्टर 26 पहुंची तो पता चला कि यह लड़ाई किन्नरों ने की थी। यह वीडियो 2 दिन पुराना है। मौके से यह पता चला कि जिस लड़की के साथ मारपीट की गई, वह नशे में थी। उसने किन्नरों पर कोई आपत्तिजनक टिप्पणी कर दी थी, जिस वजह से उन्होंने युवती पर हमला कर दिया। पुलिस का कहना है कि वीडियो की जांच की जा रही है। किन्नरों की युवती से मारपीट के PHOTOS.. जानिए, 32 सेकेंड के वीडियो में क्या दिख रहा वीडियो में दिख रहा है कि 5-6 किन्नर एक युवती से झगड़ रहे हैं। इस दौरान एक युवक उन्हें छुड़ाने की कोशिश करता है लेकिन किन्नरों को देख वह पीछे हट जाता है। इसके बाद किन्नर युवती को नीचे गिरा देते हैं। फिर एक किन्नर गाड़ी का सहारा लेकर लड़की को नीचे गिरा लातें मारने लगती है। इस दौरान वह गालियां भी निकालती हुई सुनाई देती हैं। एक लड़की चिल्लाते हुए कहती है कि छोड़ दे लेकिन मारपीट पर उतारू किन्नर किसी की बात नहीं सुनते। जहां पर झगड़ा हो रहा है, नीचे पानी भी जमा है लेकिन किन्रर और युवती झगड़ते हुए उसी में गिरती-उठती रहती हैं। शॉर्ट ड्रेस पहनी एक किन्नर ज्यादा ही एग्रेसिव नजर आती है और वह लगातार मारपीट करती रहती है। इसके कुछ देर बाद माहौल शांत होता है तो एक लड़का किन्नर को पकड़ने की कोशिश करता है तो वह उस पर भड़कते हुए धक्कामुक्की करते नजर आती है। इसके बाद वह चिल्लाते हुए वहां से जाने लगती है। जहां लड़कियों की लड़ाई हुई, भास्कर उस जगह पर पहुंचा लड़कियों की लड़ाई को लेकर चंडीगढ़ पुलिस ने कहा कि ये उनकी लोकेशन का नहीं लग रहा। हालांकि दैनिक भास्कर सेक्टर 26 में उस जगह पहुंचा, जहां पर झगड़ा हुआ था। वहां पर क्लब भी मिला और वह जनरेटर भी, जो लड़कियों की लड़ाई के दौरान दिख रहा है। इसके अलावा झगड़ा करते हुए लड़कियां जिस पानी में गिरीं थी, वह भी उसी तरह वहां भरा मिला। आसपास के लोगों ने बताया कि यह मामला शुक्रवार रात का है। लड़कियों की फाइट रात 2 बजे हुई थी। यह भी पता चला कि पहले लड़कियों की लड़ाई क्लब के भीतर हुई थी। जिसके बाद वह झगड़ा करते हुए बाहर आ गईं। इस दौरान वहां एक कर्मचारी का बनाया वीडियो भी सामने आया है। जानिए, इनके बीच झगड़ा क्यों हुआ दैनिक भास्कर को मौके पर जाकर पता चला कि देयोरा क्लब के अंदर एक युवती का किसी दूसरी युवती से झगड़ा हुआ था। इस दौरान क्लब में मौजूद बाउंसर ने उसे तुरंत क्लब से बाहर निकाल दिया। इसके बाद युवती बाहर आ गई और बगल में ही स्थित सांते क्लब के बाहर आई। वहां क्लब से 3 ट्रांसजेंडर यानी किन्नर निकल रहीं थी। उन्हें देखकर युवती ने अपशब्द कह दिए। जिस पर तीनों किन्नर भड़क गए और उन्होंने युवती की पिटाई कर दी। पुलिस बोली- जांच कर रहे इस बारे में चंडीगढ़ पुलिस थाना सेक्टर 26 के SHO राम रतन ने कहा कि इस तरह का वीडियो उनकी जानकारी में आया है। इस मामले की जांच कर रहे हैं कि ये झगड़ा कहां हुआ, जिसके बाद उचित कार्रवाई की जाएगी।






