भास्कर नॉलेज क्विज 5:करेंट अफेयर्स पर बेस्ड 10 सवालों के दीजिए जवाब, हर मंगलवार 5 विजेता जीतेंगे बम्पर इनाम

दैनिक भास्कर आपके लिए लेकर आया है ‘भास्कर नॉलेज क्विज’। नीचे दिए लिंक पर क्लिक कीजिए, क्विज खेलिए और सभी 10 प्रश्नों के सही जवाब देकर बनाइए लकी ड्रॉ में अपनी जगह। कंप्यूटराइज्ड लकी ड्रॉ के जरिए 5 विनर्स चुने जाएंगे, जिनमें से प्रत्येक को मिलेगा ₹ 2100/- मूल्य तक का इनाम। विवाद की स्थिति में दैनिक भास्कर का निर्णय अंतिम और सर्वमान्य होगा। नियम और शर्तें 1. एक मोबाइल नंबर से आप केवल एक बार भाग ले सकते हैं। 2. एंट्री भास्कर लिंक के माध्यम से ही स्वीकार की जाएगी। 3. प्रत्येक मंगलवार सुबह 6:00 से रात 10:00 बजे तक ही क्विज खेल सकते हैं। नोट : विजेताओं से दैनिक भास्कर की टीम उसी मोबाइल नंबर पर संपर्क करेगी जिससे क्विज़ में भाग लिया है। >>>अभी क्विज खेलें<<<
नेपाल बाढ़ में फंसी एक्ट्रेस मानसी भारत लौटीं:एयरपोर्ट पर बेटी को गले लगाकर भावुक हुईं; लैंडस्लाइड के बाद पैदल बॉर्डर पार किया

नेशनल अवॉर्ड विनिंग एक्ट्रेस मानसी पारेख कैलाश मानसरोवर यात्रा के दौरान नेपाल-तिब्बत सीमा पर आई भीषण बाढ़ के बीच फंसने के बाद सुरक्षित मुंबई लौट आई हैं। मुंबई एयरपोर्ट पर वे अपने पति और बेटी को गले लगाकर भावुक दिखाई दीं। तिब्बत में भूस्खलन होने के कारण उन्हें 4 घंटे तक बस में इंतजार करना पड़ा। इसके बाद वे पैदल खराब रास्ता पार कर नेपाल सीमा पहुंचीं और काठमांडू होते हुए मुंबई अपने परिवार के पास पहुंचीं। मानसी ने अपने सोशल मीडिया अकाउंट पर इस पूरे अनुभव को शेयर करते हुए जंग जीतने जैसा बताया है। पैदल पार किया लैंडस्लाइड वाला रास्ता एक्ट्रेस मानसी पारेख ने इंस्टाग्राम पर पोस्ट शेयर कर इस पूरे मामले की जानकारी दी है। भूस्खलन हकी वजह से रास्ता साफ होने तक उनकी बस 4 घंटे तक वहीं खड़ी रही। इसके बाद करीब 40 मील का सफर तय करके उनकी टीम नेपाल बॉर्डर पहुंची। वहां एक और लैंडस्लाइड की वजह से रास्ता पूरी तरह बंद था। ऐसे में बस छोड़कर पैदल ही क्षतिग्रस्त इलाके को पार करना पड़ा, ताकि दूसरी तरफ खड़ी बसों तक पहुंचा जा सके। ‘जंग जीतने जैसा था मुंबई वापस लौटना’ मानसी ने अपनी पोस्ट में लिखा कि चीन से निकलकर नेपाल सीमा तक पहुंचना किसी जंग को जीतने जैसा महसूस हो रहा था। नेपाल सीमा पार करने के बाद काठमांडू तक का 4 घंटे का बस सफर उनके जीवन का सबसे मुश्किल सफर रहा। मानसी ने लिखा कि तमाम मुश्किलों के बाद भी मुंबई वापस आना, अपने परिवार से मिलना और बेटी को गले लगाना सबसे राहत देने वाला पल था। जिस जगह हुआ था स्वागत, वह पानी में डूबी सोशल मीडिया पर 27 अगस्त को शेयर की गई एक अन्य पोस्ट में मानसी ने इस आपदा से जुड़ा एक भयानक संयोग भी बताया। उन्होंने उस जगह का वीडियो शेयर किया जहां वे आपदा आने से ठीक 5 दिन पहले रुकी थीं। मानसी के मुताबिक, 5 दिन पहले जिस जगह पर उनका स्वागत किया गया था, वह इलाका बाढ़ के पानी में पूरी तरह डूब चुका था। उन्होंने बताया कि जिस दिन वहां तबाही आई, वे अगले ही दिन फिर से उसी जगह पहुंचने वाली थीं। नेशनल अवॉर्ड विनर हैं मानसी पारेख मानसी पारेख ने अपने अभिनय करियर की शुरुआत साल 2004 में टीवी शो ‘कितनी मस्त है जिंदगी’ से की थी। इसके बाद वे ‘इंडिया कॉलिंग’, ‘गुलाल’ और ‘सुमित संभाल लेगा’ जैसे लोकप्रिय टीवी धारावाहिकों में नजर आईं। अभिनय के साथ-साथ मानसी एक प्रशिक्षित गायिका भी हैं और उन्होंने साल 2011 में जी टीवी का सिंगिंग रिएलिटी शो ‘स्टार या रॉकस्टार’ जीता था। बॉलीवुड में उन्होंने साल 2019 की फिल्म ‘उरी: द सर्जिकल स्ट्राइक’ में अहम भूमिका निभाई थी। मानसी गुजराती सिनेमा में बतौर एक्ट्रेस और प्रोड्यूसर काफी सक्रिय हैं। साल 2024 में 70वें राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कारों में उन्हें गुजराती फिल्म ‘कच्छ एक्सप्रेस’ में बेहतरीन अभिनय के लिए सर्वश्रेष्ठ अभिनेत्री (बेस्ट एक्ट्रेस) का नेशनल अवॉर्ड मिला था। नेपाल-तिब्बत सीमा पर बाढ़ से भारी तबाही नेपाल और तिब्बत के सीमावर्ती इलाकों में 26 अगस्त को अचानक आई बाढ़ और भूस्खलन ने भारी तबाही मचाई है। नेपाल के रसुवा, नुवाकोट और धादिंग जिले इस आपदा से सबसे ज्यादा प्रभावित हुए हैं। स्थानीय प्रशासन और राहत एजेंसियों की रिपोर्ट्स के मुताबिक, इस आपदा में अब तक नेपाल और तिब्बत में मिलाकर 900 से अधिक लोगों की जान जा चुकी है। वहीं अकेले नेपाल के हिस्सों से 4 हजार से ज्यादा लोग लापता बताए जा रहे हैं। बाढ़ की वजह से कई पुल, सड़कें और मकान पूरी तरह बह गए हैं।
नेपाल बाढ़ में फंसी एक्ट्रेस मानसी भारत लौटीं:एयरपोर्ट पर बेटी को गले लगाकर भावुक हुईं; लैंडस्लाइड के बाद पैदल बॉर्डर पार किया

नेशनल अवॉर्ड विनिंग एक्ट्रेस मानसी पारेख कैलाश मानसरोवर यात्रा के दौरान नेपाल-तिब्बत सीमा पर आई भीषण बाढ़ के बीच फंसने के बाद सुरक्षित मुंबई लौट आई हैं। मुंबई एयरपोर्ट पर वे अपने पति और बेटी को गले लगाकर भावुक दिखाई दीं। तिब्बत में भूस्खलन होने के कारण उन्हें 4 घंटे तक बस में इंतजार करना पड़ा। इसके बाद वे पैदल खराब रास्ता पार कर नेपाल सीमा पहुंचीं और काठमांडू होते हुए मुंबई अपने परिवार के पास पहुंचीं। मानसी ने अपने सोशल मीडिया अकाउंट पर इस पूरे अनुभव को शेयर करते हुए जंग जीतने जैसा बताया है। पैदल पार किया लैंडस्लाइड वाला रास्ता एक्ट्रेस मानसी पारेख ने इंस्टाग्राम पर पोस्ट शेयर कर इस पूरे मामले की जानकारी दी है। भूस्खलन हकी वजह से रास्ता साफ होने तक उनकी बस 4 घंटे तक वहीं खड़ी रही। इसके बाद करीब 40 मील का सफर तय करके उनकी टीम नेपाल बॉर्डर पहुंची। वहां एक और लैंडस्लाइड की वजह से रास्ता पूरी तरह बंद था। ऐसे में बस छोड़कर पैदल ही क्षतिग्रस्त इलाके को पार करना पड़ा, ताकि दूसरी तरफ खड़ी बसों तक पहुंचा जा सके। ‘जंग जीतने जैसा था मुंबई वापस लौटना’ मानसी ने अपनी पोस्ट में लिखा कि चीन से निकलकर नेपाल सीमा तक पहुंचना किसी जंग को जीतने जैसा महसूस हो रहा था। नेपाल सीमा पार करने के बाद काठमांडू तक का 4 घंटे का बस सफर उनके जीवन का सबसे मुश्किल सफर रहा। मानसी ने लिखा कि तमाम मुश्किलों के बाद भी मुंबई वापस आना, अपने परिवार से मिलना और बेटी को गले लगाना सबसे राहत देने वाला पल था। जिस जगह हुआ था स्वागत, वह पानी में डूबी सोशल मीडिया पर 27 अगस्त को शेयर की गई एक अन्य पोस्ट में मानसी ने इस आपदा से जुड़ा एक भयानक संयोग भी बताया। उन्होंने उस जगह का वीडियो शेयर किया जहां वे आपदा आने से ठीक 5 दिन पहले रुकी थीं। मानसी के मुताबिक, 5 दिन पहले जिस जगह पर उनका स्वागत किया गया था, वह इलाका बाढ़ के पानी में पूरी तरह डूब चुका था। उन्होंने बताया कि जिस दिन वहां तबाही आई, वे अगले ही दिन फिर से उसी जगह पहुंचने वाली थीं। नेशनल अवॉर्ड विनर हैं मानसी पारेख मानसी पारेख ने अपने अभिनय करियर की शुरुआत साल 2004 में टीवी शो ‘कितनी मस्त है जिंदगी’ से की थी। इसके बाद वे ‘इंडिया कॉलिंग’, ‘गुलाल’ और ‘सुमित संभाल लेगा’ जैसे लोकप्रिय टीवी धारावाहिकों में नजर आईं। अभिनय के साथ-साथ मानसी एक प्रशिक्षित गायिका भी हैं और उन्होंने साल 2011 में जी टीवी का सिंगिंग रिएलिटी शो ‘स्टार या रॉकस्टार’ जीता था। बॉलीवुड में उन्होंने साल 2019 की फिल्म ‘उरी: द सर्जिकल स्ट्राइक’ में अहम भूमिका निभाई थी। मानसी गुजराती सिनेमा में बतौर एक्ट्रेस और प्रोड्यूसर काफी सक्रिय हैं। साल 2024 में 70वें राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कारों में उन्हें गुजराती फिल्म ‘कच्छ एक्सप्रेस’ में बेहतरीन अभिनय के लिए सर्वश्रेष्ठ अभिनेत्री (बेस्ट एक्ट्रेस) का नेशनल अवॉर्ड मिला था। नेपाल-तिब्बत सीमा पर बाढ़ से भारी तबाही नेपाल और तिब्बत के सीमावर्ती इलाकों में 26 अगस्त को अचानक आई बाढ़ और भूस्खलन ने भारी तबाही मचाई है। नेपाल के रसुवा, नुवाकोट और धादिंग जिले इस आपदा से सबसे ज्यादा प्रभावित हुए हैं। स्थानीय प्रशासन और राहत एजेंसियों की रिपोर्ट्स के मुताबिक, इस आपदा में अब तक नेपाल और तिब्बत में मिलाकर 900 से अधिक लोगों की जान जा चुकी है। वहीं अकेले नेपाल के हिस्सों से 4 हजार से ज्यादा लोग लापता बताए जा रहे हैं। बाढ़ की वजह से कई पुल, सड़कें और मकान पूरी तरह बह गए हैं।
कृति सेनन एड विवाद करीना कपूर का बोलने से इनकार:सवाल पर डायरेक्टर से जवाब देने को कहा; राहुल गांधी कृति को सपोर्ट कर चुके

एक्ट्रेस कृति सेनन के रक्षाबंधन एडवर्टाइजमेंट में कपड़ों को लेकर शुरू हुए विवाद पर अब करीना कपूर खान ने प्रतिक्रिया देने से इनकार कर दिया। फिल्म दायरा के ट्रेलर लॉंच इवेंट में जब मीडिया ने करीना से इस विवाद और एक्ट्रेसेस की सोशल मीडिया ट्रोलिंग पर सवाल पूछा, तो उन्होंने इस सवाल पर चुप्पी साधे रखी। करीना ने इस सवाल का जवाब पास में बैठीं डायरेक्टर मेघना गुलजार से देने को कहा। सवाल सुनते ही डायरेक्टर की तरफ किया इशारा इवेंट में रिपोर्टर ने करीना कपूर से पूछा कि सोशल मीडिया पर एक्ट्रेसेस के कपड़ों और उनके रिप्रेजेंटेशन को लेकर काफी ट्रोलिंग होती है, ऐसे में एक एक्ट्रेस होने के नाते उनकी क्या सीमाएं होनी चाहिए। सवाल पूरा सुनते ही करीना ने खुद बोलने के बजाय माइक डायरेक्टर मेघना गुलजार की तरफ बढ़ा दिया। करीना के इशारा करने के बाद डायरेक्टर मेघना गुलजार ने सवाल का जवाब दिया। मेघना ने कहा, “फिल्मों या स्क्रीन पर किसी महिला या पुरुष कलाकार का लुक और कपड़े उनके किरदार पर निर्भर करते हैं। यह डायरेक्टर की सोच के हिसाब से तय होता है।” मेघना ने आगे कहा कि इस तरह के मामलों में सिर्फ किसी एक एक्टर से सवाल पूछना या उसे कटघरे में खड़ा करना सही नहीं है। जानिए क्या है पूरा विवाद- कृति सेनन ने एड में रिवीलिंग कपड़े पहने- यह पूरा विवाद जीवा (GIVA) ज्वेलरी ब्रांड के 36 सेकंड के रक्षाबंधन एडवर्टाइजमेंट से शुरू हुआ था। रक्षाबंधन से जुड़े इस एड में कृति ने ऑफ व्हाइट ब्रालेट स्टाइल ब्लाउज, केप और ड्रेप्ड स्कर्ट पहना था। सोशल मीडिया यूजर्स के एक वर्ग ने इस लुक की आलोचना की। उनका कहना था कि परिवार और परंपरा से जुड़े त्योहार के लिए यह आधुनिक स्टाइल सही नहीं है। कंगना ने कृति के लुक की निंदा की- सोशल मीडिया ट्रोलिंग के बीच कंगना रनोट ने सोशल मीडिया पर बिना कृति का नाम लिए लिखा, “महिला होने के लिए यह शानदार समय है। हमारी अलमारियां कई तरह के कपडों से भरी हैं और आज की महिला ग्लोबल महिला है। कॉकटेल ड्रेस से लेकर लहंगा चोली तक, जींस से लेकर साडी तक, बिकिनी से लेकर सलवार-कमीज तक, आज हमारे पास पहनने के इतने विकल्प हैं। फिर आप अपने भाई को बिकिनी या अंडरगारमेंट्स में राखी क्यों बांधेंगी? आपके पास स्टाइलिंग के इतने विकल्प कहां हैं? हा हा, यह विज्ञापन जानबूझकर अजीब बनाया गया लगता है।” कृति सेनन ने कंगना को जवाब दिया- कंगना की टिप्पणी के बाद आलोचना के बीच कृति ने आधिकारिक बयान जारी किया। उन्होंने कहा, “त्योहारों का मतलब आपके पहने हुए कपडों में नहीं, बल्कि परंपराओं के लिए आपके मन में मौजूद भावनाओं और उनके अर्थ में होता है। “रक्षाबंधन सुरक्षा के रिश्ते का त्योहार है। मेरी बहन और मैं एक-दूसरे को राखी बांधते हैं। हम जानते हैं कि हम भी एक भाई जितना ही एक-दूसरे की रक्षा कर सकते हैं। हम महिलाओं को यह बताना कब बंद करेंगे कि उन्हें क्या पहनना चाहिए? एथनिक फैशन समय के साथ बदला है, लेकिन आज भी किसी महिला की संस्कृति के प्रति इज्जत सिर्फ उसके कपडों से मापी जाती है। संस्कृति और परंपराएं उसके दिल में होती हैं, उसकी नेकलाइन में नहीं।” राहुल गांधी ने किया कृति का बचाव- विवाद पर राहुल गांधी ने कृति की पोस्ट री-शेयर कर लिखा कि कोई महिला क्या पहनती है, क्या करती है और कहां जाती है, यह उसकी अपनी पसंद है। महिलाओं के कपड़ों और जीवनशैली की ऑनलाइन पुलिसिंग यानी पहरेदारी नहीं करनी चाहिए। राहुल ने अपने पोस्ट में ‘स्मैश द पेट्रियार्की’ हैशटैग का इस्तेमाल किया था। विवाद के बाद ब्रांड ने हटाया एडवर्टाइजमेंट- सोशल मीडिया पर कपड़ों और पेट डॉग को राखी बांधने को लेकर विवाद बढ़ता देख ब्रांड ने आधिकारिक बयान जारी कर माफी मांगी और इस एडवर्टाइजमेंट को अपने सभी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स से हटा लिया है।
निक्की तंबोली और अरबाज पटेल का क्या ब्रेकअप हो गया:इंस्टाग्राम पर एक-दूसरे को अनफॉलो किया, धोखे और टूटे वादों वाले पोस्ट शेयर किए

एक्ट्रेस निक्की तंबोली और अरबाज पटेल दोनों ने इंस्टाग्राम पर एक-दूसरे को अनफॉलो कर दिया है, जिसके बाद उनके अलग होने की चर्चा शुरू हो गई है। हालांकि, निक्की और अरबाज ने अभी तक अपने ब्रेकअप की पुष्टि नहीं की है। इस बीच दोनों ने सोशल मीडिया पर धोखे और टूटे वादों से जुड़े पोस्ट भी शेयर किए हैं। अरबाज ने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट शेयर की। जिसमें उन्होंने लिखा, “अपने पार्टनर को धोखा देना, फिर घर आकर उसकी आंखों में देखकर कहना कि मैं तुमसे प्यार करता हूं, बेइज्जती का बिल्कुल अलग स्तर है। मैंने जो कहा, वही कहा।” अरबाज ने पोस्ट में किसी का नाम नहीं लिया था। हालांकि, सोशल मीडिया यूजर्स ने कयास लगाए कि उनका इशारा निक्की की ओर था। वहीं, इसके पहले निक्की ने एक नोट शेयर किया था। जिसमें उन्होंने लिखा, “वह सच्चाई, जिसके बारे में लोग नहीं कहते। अफेयर्स इसलिए नहीं होते कि कोई नया इंसान बहुत ज्यादा आकर्षक है। वे इसलिए होते हैं, क्योंकि कोई पुराना इंसान अपने वादों का सम्मान करना बंद कर देता है।” बिग बॉस मराठी 5 में शुरू हुई थी नजदीकी निक्की और अरबाज की बॉन्डिंग ने पहली बार बिग बॉस मराठी 5 के दौरान लोगों का ध्यान खींचा था। शो में दोनों का रिश्ता चर्चा का एक प्रमुख विषय बना रहा। रियलिटी शो से बाहर आने के बाद भी दोनों ने अपना रिश्ता जारी रखा। बाद में दोनों ने ‘द 50’ में साथ हिस्सा लिया। इस शो के दौरान भी दोनों का रिश्ता मजबूत नजर आया। एक मौके पर अरबाज ने घुटने के बल बैठकर निक्की को प्रपोज किया था। उन्होंने निक्की को अपना “खूबसूरत पार्टनर” बताया था। अरबाज ने कहा था कि इस शो ने उन्हें यादगार सफर के साथ एक खूबसूरत जोड़ी भी दी। निक्की ने अरबाज का प्रपोजल स्वीकार किया और उन्हें गले लगाया। उस समय उन्होंने अपने परिवार की सोच के बारे में भी बात की थी। निक्की ने बताया था कि उनके पिता दोनों अलग धर्मों के रिश्ते के पक्ष में नहीं थे। फराह खान के व्लॉग में पहली मुलाकात का जिक्र फराह खान के व्लॉग में पहले नजर आने के दौरान निक्की ने अरबाज से अपनी पहली मुलाकात के बारे में बात की थी। उन्होंने कहा था कि अरबाज को स्टेज पर देखने के बाद उन्हें तुरंत जुड़ाव महसूस हुआ था। वहीं, अरबाज ने याद किया था कि निक्की ने खुले तौर पर कहा था कि वह उनके हैं। वर्कफ्रंट की बात करें तो निक्की को आखिरी बार ‘बैटलग्राउंड सीजन 2’ में मेंटर के तौर पर देखा गया था।
‘सबकी मजबूरियां होती होंगी’:सलमान खान के ‘सोनम, इट्स डन ब्रो’ कमेंट पर सोनम वांगचुक ने रिएक्शन दिया

सोनम वांगचुक ने सलमान खान के ‘सोनम, इट्स डन ब्रो’ कमेंट पर प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि सलमान की अपनी मजबूरियां रही होंगी और वे इस बारे में कुछ नहीं कहना चाहते। सोनम वांगचुक ने यह बात प्रखर गुप्ता से बातचीत में कही। सलमान ने पहले छात्रों के प्रदर्शन का समर्थन किया था 22 जुलाई को सोनम वांगचुक अपनी भूख हड़ताल के आखिरी दौर में थे। इसी दौरान सलमान खान ने सोशल मीडिया पर एक छात्र के रूप में अपनी पुरानी तस्वीर शेयर की और छात्रों के प्रदर्शन का समर्थन किया। हालांकि, 24 घंटे के अंदर सलमान ने एक और पोस्ट कर वांगचुक से तुरंत भूख हड़ताल खत्म करने की अपील की। उन्होंने लिखा, “सोनम, इट्स डन, ब्रो।” सलमान की पोस्ट पर प्रतिक्रिया देते हुए वांगचुक ने कहा, “सबकी मजबूरियां होती होंगी। मैं इस बारे में बात नहीं करना चाहता।” उन्होंने आगे कहा, “आपको हर दिशा में देखना होता है। उन्होंने कुछ कहा, यही बात सम्मान के लायक है। उनकी मजबूरियों पर मैं कुछ नहीं कह सकता।” सलमान ने छात्रों के प्रदर्शन का समर्थन किया था 22 जुलाई को सलमान खान ने छात्रों के प्रदर्शन का समर्थन किया था। उन्होंने X पर लिखा था, “यह इतना शांतिपूर्ण आंदोलन था, इसलिए दुख होता है कि इसे हिंसक रूप लेना पड़ा। जिन छात्रों और उनके परिवारों को चोट लगी, उनके लिए मुझे बहुत दुख है। पेपर लीक बहुत गंभीर मुद्दा है। यह देखकर खुशी हुई कि हमारे देश के बच्चे बेहतर शिक्षा व्यवस्था के लिए एकजुट हुए और उनके माता-पिता ने उनका साथ दिया।” सलमान ने आगे लिखा, “मैं उनके रुख की सराहना करता हूं। उन्होंने पढ़ाई के लिए समर्पण, ईमानदारी और मेहनत करने की इच्छा दिखाई है, ताकि वे अपना भविष्य और एक बेहतर, शिक्षित भारत बना सकें। यह आंदोलन और प्रदर्शन सही तरीके से किया गया है और छात्रों ने इसे शांतिपूर्ण रखा। यह पीढ़ी भारत को गर्व महसूस कराएगी। यह मामला छात्रों और शिक्षा व्यवस्था के बीच है। इसे राजनीतिक रूप से अपने कब्जे में नहीं लिया जाना चाहिए। इसका श्रेय केवल देश के छात्रों को मिलना चाहिए।” उन्होंने यह भी लिखा था, “मुझे यकीन है कि सरकार भी उन्हें पूरा समर्थन देगी और शिक्षा व्यवस्था को मजबूत बनाएगी। यह सभी के लिए फायदे की स्थिति होगी। सकारात्मक निर्णय की उम्मीद और प्रार्थना है। उन सभी को भगवान आशीर्वाद दे, जो शिक्षित होना चाहते हैं।” एक्टर ने कहा, “शिक्षा अगला ट्रेंड और फैशन होना चाहिए। हर साल इसे और ट्रेंडी और फैशनेबल बनना चाहिए, ताकि विदेशों से लोग भारत में पढ़ने आएं और भारत शिक्षा का केंद्र बन जाए।” एक दिन बाद सलमान ने प्रदर्शन खत्म करने को कहा छात्र प्रदर्शन का समर्थन करने के एक दिन बाद सलमान ने प्रदर्शनकारियों से आंदोलन खत्म करने की अपील की। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पेपर लीक के जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई करेंगे। सलमान ने X पर लिखा था, “छात्र शिक्षा और सुरक्षा, दोनों मामलों में सबसे ऊपर हैं। इसलिए उन्हें अपने माता-पिता को परेशान करने की जरूरत नहीं है। माननीय प्रधानमंत्री ने ट्वीट किया है और मुझे यकीन है कि वे पेपर लीक के जिम्मेदार सभी लोगों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करेंगे।” उन्होंने छात्रों से कहा था, “इसलिए छात्रों, कृपया अपने माता-पिता और घर वापस चले जाएं।” सलमान ने सोनम वांगचुक से भी भूख हड़ताल खत्म करने की अपील की। उन्होंने लिखा था, “सोनम, इट्स डन, ब्रो। इसे आगे मत बढ़ाओ। अगर किसी और दिन जरूरत पड़ी, तो उसके लिए यह भावना बचाकर रखो, हालांकि मुझे इसकी संभावना नहीं लगती। कुछ खा लो। अगर तुम चाहो तो मैं घर से तुम्हारे लिए खाना भेज दूंगा।” ‘सोनम, इट्स डन ब्रो’ पर बने मीम सलमान की यह पोस्ट सामने आते ही “सोनम, इट्स डन ब्रो” लाइन वायरल हो गई। लोगों ने इस पर कई मीम बनाए। कुछ मीम टी-शर्ट पर भी छापे गए।
‘सबकी मजबूरियां होती होंगी’:सलमान खान के ‘सोनम, इट्स डन ब्रो’ कमेंट पर सोनम वांगचुक ने रिएक्शन दिया

सोनम वांगचुक ने सलमान खान के ‘सोनम, इट्स डन ब्रो’ कमेंट पर प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि सलमान की अपनी मजबूरियां रही होंगी और वे इस बारे में कुछ नहीं कहना चाहते। सोनम वांगचुक ने यह बात प्रखर गुप्ता से बातचीत में कही। सलमान ने पहले छात्रों के प्रदर्शन का समर्थन किया था 22 जुलाई को सोनम वांगचुक अपनी भूख हड़ताल के आखिरी दौर में थे। इसी दौरान सलमान खान ने सोशल मीडिया पर एक छात्र के रूप में अपनी पुरानी तस्वीर शेयर की और छात्रों के प्रदर्शन का समर्थन किया। हालांकि, 24 घंटे के अंदर सलमान ने एक और पोस्ट कर वांगचुक से तुरंत भूख हड़ताल खत्म करने की अपील की। उन्होंने लिखा, “सोनम, इट्स डन, ब्रो।” सलमान की पोस्ट पर प्रतिक्रिया देते हुए वांगचुक ने कहा, “सबकी मजबूरियां होती होंगी। मैं इस बारे में बात नहीं करना चाहता।” उन्होंने आगे कहा, “आपको हर दिशा में देखना होता है। उन्होंने कुछ कहा, यही बात सम्मान के लायक है। उनकी मजबूरियों पर मैं कुछ नहीं कह सकता।” सलमान ने छात्रों के प्रदर्शन का समर्थन किया था 22 जुलाई को सलमान खान ने छात्रों के प्रदर्शन का समर्थन किया था। उन्होंने X पर लिखा था, “यह इतना शांतिपूर्ण आंदोलन था, इसलिए दुख होता है कि इसे हिंसक रूप लेना पड़ा। जिन छात्रों और उनके परिवारों को चोट लगी, उनके लिए मुझे बहुत दुख है। पेपर लीक बहुत गंभीर मुद्दा है। यह देखकर खुशी हुई कि हमारे देश के बच्चे बेहतर शिक्षा व्यवस्था के लिए एकजुट हुए और उनके माता-पिता ने उनका साथ दिया।” सलमान ने आगे लिखा, “मैं उनके रुख की सराहना करता हूं। उन्होंने पढ़ाई के लिए समर्पण, ईमानदारी और मेहनत करने की इच्छा दिखाई है, ताकि वे अपना भविष्य और एक बेहतर, शिक्षित भारत बना सकें। यह आंदोलन और प्रदर्शन सही तरीके से किया गया है और छात्रों ने इसे शांतिपूर्ण रखा। यह पीढ़ी भारत को गर्व महसूस कराएगी। यह मामला छात्रों और शिक्षा व्यवस्था के बीच है। इसे राजनीतिक रूप से अपने कब्जे में नहीं लिया जाना चाहिए। इसका श्रेय केवल देश के छात्रों को मिलना चाहिए।” उन्होंने यह भी लिखा था, “मुझे यकीन है कि सरकार भी उन्हें पूरा समर्थन देगी और शिक्षा व्यवस्था को मजबूत बनाएगी। यह सभी के लिए फायदे की स्थिति होगी। सकारात्मक निर्णय की उम्मीद और प्रार्थना है। उन सभी को भगवान आशीर्वाद दे, जो शिक्षित होना चाहते हैं।” एक्टर ने कहा, “शिक्षा अगला ट्रेंड और फैशन होना चाहिए। हर साल इसे और ट्रेंडी और फैशनेबल बनना चाहिए, ताकि विदेशों से लोग भारत में पढ़ने आएं और भारत शिक्षा का केंद्र बन जाए।” एक दिन बाद सलमान ने प्रदर्शन खत्म करने को कहा छात्र प्रदर्शन का समर्थन करने के एक दिन बाद सलमान ने प्रदर्शनकारियों से आंदोलन खत्म करने की अपील की। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पेपर लीक के जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई करेंगे। सलमान ने X पर लिखा था, “छात्र शिक्षा और सुरक्षा, दोनों मामलों में सबसे ऊपर हैं। इसलिए उन्हें अपने माता-पिता को परेशान करने की जरूरत नहीं है। माननीय प्रधानमंत्री ने ट्वीट किया है और मुझे यकीन है कि वे पेपर लीक के जिम्मेदार सभी लोगों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करेंगे।” उन्होंने छात्रों से कहा था, “इसलिए छात्रों, कृपया अपने माता-पिता और घर वापस चले जाएं।” सलमान ने सोनम वांगचुक से भी भूख हड़ताल खत्म करने की अपील की। उन्होंने लिखा था, “सोनम, इट्स डन, ब्रो। इसे आगे मत बढ़ाओ। अगर किसी और दिन जरूरत पड़ी, तो उसके लिए यह भावना बचाकर रखो, हालांकि मुझे इसकी संभावना नहीं लगती। कुछ खा लो। अगर तुम चाहो तो मैं घर से तुम्हारे लिए खाना भेज दूंगा।” ‘सोनम, इट्स डन ब्रो’ पर बने मीम सलमान की यह पोस्ट सामने आते ही “सोनम, इट्स डन ब्रो” लाइन वायरल हो गई। लोगों ने इस पर कई मीम बनाए। कुछ मीम टी-शर्ट पर भी छापे गए।
यूक्रेन: घरों के बीच छिपे हथियार डिपो पर रूसी हमला:गोला-बारूद, बारूदी सुरंगें और ड्रोन फटे, 37 की मौत, 130 घरों को नुकसान

रूस ने यूक्रेन की राजधानी कीव के पास शनिवार को एक हथियार डिपो पर ड्रोन हमला किया। हमले के बाद डिपो में रखे गोले, बारूदी सुरंगें और ड्रोन फटने लगे। धमाकों से आसपास के घरों और दूसरी इमारतों को भारी नुकसान पहुंचा। BBC की रिपोर्ट के मुताबिक, इस घटना में कम से कम 37 लोगों की मौत हुई है, जबकि 130 घरों को नुकसान पहुंचा है। शुक्रवार देर रात हुए इस हमले के बाद शनिवार को भी घटनास्थल पर राहत और बचाव का काम जारी रहा। धमाकों में 42 लोग घायल हुए हैं, जिनमें चार बच्चे भी शामिल हैं। यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमिर जेलेंस्की ने कहा कि हथियारों का यह भंडार रिहायशी इलाके के इतने करीब नहीं होना चाहिए था। हादसे से जुड़ी फोटोज कीव के पास मिला गांव में था हथियार डिपो रूस के रक्षा मंत्रालय ने कहा कि उसकी सेना ने कीव के पश्चिम में स्थित मिला गांव में एक हथियार डिपो को निशाना बनाया था। रूस के मुताबिक, यहां FP-1 और FP-2 लंबी दूरी तक उड़ान भरने वाले ड्रोन के पुर्जे और उन्हें लॉन्च करने वाले बूस्टर रखे गए थे। धमाकों से गांव के करीब 130 घर तबाह हो गए। 45 साल के स्थानीय निवासी ल्यूबोव पावलेंको का घर हथियार डिपो से करीब 200 मीटर दूर है। उन्होंने अपने घर का नुकसान दिखाते हुए बताया कि पूरी बाहरी दीवारों पर दरारें पड़ गई हैं और खिड़कियों के आसपास भी दरारें हैं। जेलेंस्की बोले- हथियार डिपो यहां नहीं होना चाहिए था जेलेंस्की ने मिला गांव में हथियार रखने के फैसले को गलत बताया। उन्होंने कहा कि लोगों के घरों के इतने करीब विस्फोटक सामग्री नहीं रखी जानी चाहिए थी। उन्होंने कहा कि जांच शुरू कर दी गई है। हम पता कर रहे हैं कि रिहायशी इमारतों के पास हथियार और विस्फोटक रखने की अनुमति देना कानूनी था या नहीं। जांच में उन अधिकारियों की भूमिका भी देखी जाएगी, जिन्होंने हथियारों की तैनाती और रख-रखाव से जुड़े फैसले लिए थे। PM बोले- 5 साल बाद भी वही गलतियां दोहराई जा रही पिछले महीने जुलाई में विश्नेवे में भी एक ऐसी घटना हुई थी। उस धमाके में नौ लोगों की मौत हुई थी और दर्जनों लोग घायल हुए थे। इस घटना में 280 से ज्यादा घरों को नुकसान पहुंचा था। उस घटना की जांच में सामने आया था कि एक सरकारी कंपनी ने रिहायशी इमारतों के पास विस्फोटक सामग्री रखने से जुड़े नियमों का पालन नहीं किया था। यूक्रेन के प्रधानमंत्री सेरही कोरेत्स्की ने कहा कि विश्नेवे की घटना से मिली सीख पर अमल नहीं किया गया। उन्होंने कहा कि जंग के 5 साल हो जाने के बाद भी वही गलतियां बार-बार दोहराना आपराधिक लापरवाही है। उन्होंने कहा कि इसके लिए जिम्मेदार हर व्यक्ति को, बिना किसी अपवाद के, कड़ी सजा मिलनी चाहिए, ताकि ऐसी घटनाएं दोबारा न हों। यूक्रेन के पास पैट्रियट इंटरसेप्टर मिसाइलों की कमी रूस पिछले कई दिनों से कीव और आसपास के इलाकों पर लगातार ड्रोन हमले कर रहा है। इसके चलते कीव में एयर रेड सायरन लगातार बज रहे हैं और यूक्रेनी सेना पर एयर डिफेंस का दबाव बढ़ गया है। कई रूसी ड्रोन जेट इंजन से चलते हैं और करीब 400 मील प्रति घंटे यानी 640 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से उड़ सकते हैं। यूक्रेन के पास पैट्रियट इंटरसेप्टर मिसाइलों की भी भारी कमी है। ये बैलिस्टिक मिसाइलों को रोकने में सक्षम उसकी प्रमुख एयर डिफेंस सिस्टम में शामिल हैं। यूक्रेन में यह आशंका भी है कि लगातार ड्रोन हमलों का मकसद उसकी एयर डिफेंस यूनिट्स को कमजोर करना हो सकता है, ताकि रूस आगे बड़ा बैलिस्टिक मिसाइल हमला कर सके। रूस-यूक्रेन में बढ़े हवाई हमले रूस और यूक्रेन दोनों ने पिछले कुछ महीनों में एक-दूसरे के खिलाफ हवाई हमले तेज किए हैं। यूक्रेन अब रूस के आर्थिक ठिकानों को भी निशाना बना रहा है। यूक्रेन पिछले कई हफ्तों से रूस की बड़ी ऑनलाइन रिटेल कंपनी वाइल्डबेरीज से जुड़े ठिकानों पर हमले कर रहा है। यूक्रेन का दावा है कि कंपनी सेना को सामान और उसके कुछ हिस्से उपलब्ध कराती है, जबकि रूस इससे इनकार करता है। रूस में स्थानीय अधिकारियों के मुताबिक, पिछले 24 घंटों में बेलगोरोद और रोस्तोव क्षेत्रों में यूक्रेनी हमलों में दो लोगों की मौत और 25 लोग घायल हुए। वहीं, रूस के कब्जे वाले यूक्रेनी क्षेत्र जापोरिज्जिया के मॉस्को नियुक्त गवर्नर के मुताबिक, एक शॉपिंग सेंटर पर यूक्रेनी हमले में चार लोग घायल हुए।
‘दिमागी नक्सल’ पर BJP की मीम वॉर:मुन्ना भैया, रॉकी भाई से लेकर KGF तक के सीन इस्तेमाल, सोशल मीडिया पर विरोध

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के स्वतंत्रता दिवस भाषण में इस्तेमाल ‘दिमागी नक्सल’ शब्द को बीजेपी ने सोशल मीडिया कैंपेन का हिस्सा बना दिया है। पार्टी की अलग-अलग राज्य इकाइयां फिल्मों और वेब सीरीज के चर्चित सीन से ‘दिमागी नक्सल’ पर मीम बना रही हैं। इनमें मिर्जापुर के मुन्ना भैया और कलीन भैया से लेकर KGF और सिंघम के सीन शामिल हैं। हालांकि, कैंपेन का सोशल मीडिया पर विरोध भी हो रहा है। बीजेपी की सोशल मीडिया टीम ने शुरू की मीम वॉर 26 अगस्त को बीजेपी छत्तीसगढ़ ने ‘अवेंजर्स असेंबल’ पोस्ट कर दूसरे राज्यों की पार्टी इकाइयों को भी अभियान से जुड़ने का संदेश दिया था। इसके बाद बीजेपी के कई राज्य स्तरीय सोशल मीडिया अकाउंट्स ने एक के बाद एक मीम पोस्ट किए। इन पोस्ट में फिल्मों और वेब सीरीज के लोकप्रिय किरदारों और सीन को राजनीतिक संदेश से जोड़ा गया। BJP इन मीम्स के जरिए युवाओं, खासकर Gen Z तक अपनी बात पहुंचाने की कोशिश कर रही है। मुन्ना भैया के सीन से लेकर ‘सिंघम’ तक सबसे ज्यादा चर्चा मिर्जापुर के मुन्ना भैया वाले मीम की हुई। इसमें मुन्ना भैया एक छात्र को थप्पड़ मारते नजर आते हैं और बीजेपी ने छात्र को ‘दिमागी नक्सल’ के तौर पर दिखाया। बीजेपी छत्तीसगढ़ ने संदेश दिया कि ‘दिमागी नक्सल’ बनने के बजाय देश की प्रगति में योगदान देना चाहिए। इसके बाद बीजेपी ने सिंघम के एक सीन का इस्तेमाल किया। इसमें अभिनेता अजय देवगन के किरदार को एक गुंडे की पिटाई करते दिखाया गया और इसे ‘छत्तीसगढ़ स्टाइल’ में दिमागी नक्सल के इलाज से जोड़ा गया। दिल्ली बीजेपी ने मिर्जापुर के कलीन भैया वाले सीन से कैंपेन को आगे बढ़ाया। वहीं, गोवा BJP ने तारक मेहता का उल्टा चश्मा के एक सीन को राजनीतिक मीम में बदल दिया। KGF के मीम पर सबसे ज्यादा विवाद बीजेपी कर्नाटक के शेयर किए KGF के एक सीन पर सोशल मीडिया पर सबसे ज्यादा सवाल उठे। इसमें रॉकी और उसके साथी पहाड़ी से विरोधियों पर गोलियां चलाते नजर आते हैं। बीजेपी ने इस सीन को एडिट कर अलग-अलग राज्य इकाइयों को हमलावरों और ‘दिमागी नक्सल’ को उनके विरोधियों के तौर पर पेश किया। पोस्ट में लिखा गया कि ‘दिमागी नक्सल’ के खिलाफ पूरी ताकत से अभियान जारी रहेगा। इस पोस्ट के बाद कई सोशल मीडिया यूजर्स ने बीजेपी पर हिंसक राजनीतिक भाषा को बढ़ावा देने का आरोप लगाया। कुछ लोगों ने सवाल उठाया कि Gen Z या युवाओं को ‘दिमागी नक्सल’ कहा जा रहा है तो फिल्मों के हिंसक सीन के जरिए जवाब देना क्या सही है। विपक्ष और सोशल मीडिया यूजर्स ने भी उठाए सवाल कैंपेन को लेकर विपक्ष और कई सोशल मीडिया यूजर्स ने बीजेपी की आलोचना की। एक यूजर ने कहा कि लोकतंत्र में विचारों का जवाब विचारों से दिया जाना चाहिए, गोलियों या हिंसा के संकेतों से नहीं। पूर्व बीजेपी विधायक विक्रम सिंह की बेटी यशस्विनी राजे सिंह ने भी अभियान पर सवाल उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि बीजेपी ने देश में हिंसक राजनीतिक बयानबाजी को सामान्य बनाने में भूमिका निभाई है। हर राज्य इकाई दूसरी की पोस्ट को आगे बढ़ा रही पिछले कुछ दिनों में बीजेपी के सोशल मीडिया कैंपेन में एक पैटर्न देखने को मिला है। एक राज्य इकाई ‘दिमागी नक्सल’ पर मीम पोस्ट करती है, दूसरी उसी पोस्ट पर प्रतिक्रिया देती है और तीसरी नया मीम जोड़ देती है। BJP IT सेल से जुड़े एक सदस्य के मुताबिक, इसका मकसद अलग-अलग राज्यों के सोशल मीडिया नेटवर्क को एक साथ सक्रिय करना है। इससे एक राज्य की पोस्ट दूसरे राज्यों के यूजर्स तक भी पहुंच सकती है और पार्टी का राजनीतिक नैरेटिव ज्यादा लोगों तक ले जाया जा सकता है। Instagram पर भी अभियान बढ़ाने की तैयारी BJP का यह कैंपेन X तक सीमित नहीं रहने वाला है। रिपोर्ट के मुताबिक, पार्टी की सोशल मीडिया टीम का अगला फोकस Instagram है, जहां Gen Z की बड़ी मौजूदगी है। पार्टी की रणनीति लोकप्रिय फिल्मों और पॉप कल्चर के वायरल सीन को राजनीतिक संदेश से जोड़कर ज्यादा युवाओं तक पहुंच बनाने की है। बीजेपी के एक नेता ने इस अभियान को अभी सिर्फ ‘ट्रेलर’ बताया है।
‘दिमागी नक्सल’ पर BJP की मीम वॉर:मुन्ना भैया, रॉकी भाई से लेकर KGF तक के सीन इस्तेमाल, सोशल मीडिया पर विरोध

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के स्वतंत्रता दिवस भाषण में इस्तेमाल ‘दिमागी नक्सल’ शब्द को बीजेपी ने सोशल मीडिया कैंपेन का हिस्सा बना दिया है। पार्टी की अलग-अलग राज्य इकाइयां फिल्मों और वेब सीरीज के चर्चित सीन से ‘दिमागी नक्सल’ पर मीम बना रही हैं। इनमें मिर्जापुर के मुन्ना भैया और कलीन भैया से लेकर KGF और सिंघम के सीन शामिल हैं। हालांकि, कैंपेन का सोशल मीडिया पर विरोध भी हो रहा है। बीजेपी की सोशल मीडिया टीम ने शुरू की मीम वॉर 26 अगस्त को बीजेपी छत्तीसगढ़ ने ‘अवेंजर्स असेंबल’ पोस्ट कर दूसरे राज्यों की पार्टी इकाइयों को भी अभियान से जुड़ने का संदेश दिया था। इसके बाद बीजेपी के कई राज्य स्तरीय सोशल मीडिया अकाउंट्स ने एक के बाद एक मीम पोस्ट किए। इन पोस्ट में फिल्मों और वेब सीरीज के लोकप्रिय किरदारों और सीन को राजनीतिक संदेश से जोड़ा गया। BJP इन मीम्स के जरिए युवाओं, खासकर Gen Z तक अपनी बात पहुंचाने की कोशिश कर रही है। मुन्ना भैया के सीन से लेकर ‘सिंघम’ तक सबसे ज्यादा चर्चा मिर्जापुर के मुन्ना भैया वाले मीम की हुई। इसमें मुन्ना भैया एक छात्र को थप्पड़ मारते नजर आते हैं और बीजेपी ने छात्र को ‘दिमागी नक्सल’ के तौर पर दिखाया। बीजेपी छत्तीसगढ़ ने संदेश दिया कि ‘दिमागी नक्सल’ बनने के बजाय देश की प्रगति में योगदान देना चाहिए। इसके बाद बीजेपी ने सिंघम के एक सीन का इस्तेमाल किया। इसमें अभिनेता अजय देवगन के किरदार को एक गुंडे की पिटाई करते दिखाया गया और इसे ‘छत्तीसगढ़ स्टाइल’ में दिमागी नक्सल के इलाज से जोड़ा गया। दिल्ली बीजेपी ने मिर्जापुर के कलीन भैया वाले सीन से कैंपेन को आगे बढ़ाया। वहीं, गोवा BJP ने तारक मेहता का उल्टा चश्मा के एक सीन को राजनीतिक मीम में बदल दिया। KGF के मीम पर सबसे ज्यादा विवाद बीजेपी कर्नाटक के शेयर किए KGF के एक सीन पर सोशल मीडिया पर सबसे ज्यादा सवाल उठे। इसमें रॉकी और उसके साथी पहाड़ी से विरोधियों पर गोलियां चलाते नजर आते हैं। बीजेपी ने इस सीन को एडिट कर अलग-अलग राज्य इकाइयों को हमलावरों और ‘दिमागी नक्सल’ को उनके विरोधियों के तौर पर पेश किया। पोस्ट में लिखा गया कि ‘दिमागी नक्सल’ के खिलाफ पूरी ताकत से अभियान जारी रहेगा। इस पोस्ट के बाद कई सोशल मीडिया यूजर्स ने बीजेपी पर हिंसक राजनीतिक भाषा को बढ़ावा देने का आरोप लगाया। कुछ लोगों ने सवाल उठाया कि Gen Z या युवाओं को ‘दिमागी नक्सल’ कहा जा रहा है तो फिल्मों के हिंसक सीन के जरिए जवाब देना क्या सही है। विपक्ष और सोशल मीडिया यूजर्स ने भी उठाए सवाल कैंपेन को लेकर विपक्ष और कई सोशल मीडिया यूजर्स ने बीजेपी की आलोचना की। एक यूजर ने कहा कि लोकतंत्र में विचारों का जवाब विचारों से दिया जाना चाहिए, गोलियों या हिंसा के संकेतों से नहीं। पूर्व बीजेपी विधायक विक्रम सिंह की बेटी यशस्विनी राजे सिंह ने भी अभियान पर सवाल उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि बीजेपी ने देश में हिंसक राजनीतिक बयानबाजी को सामान्य बनाने में भूमिका निभाई है। हर राज्य इकाई दूसरी की पोस्ट को आगे बढ़ा रही पिछले कुछ दिनों में बीजेपी के सोशल मीडिया कैंपेन में एक पैटर्न देखने को मिला है। एक राज्य इकाई ‘दिमागी नक्सल’ पर मीम पोस्ट करती है, दूसरी उसी पोस्ट पर प्रतिक्रिया देती है और तीसरी नया मीम जोड़ देती है। BJP IT सेल से जुड़े एक सदस्य के मुताबिक, इसका मकसद अलग-अलग राज्यों के सोशल मीडिया नेटवर्क को एक साथ सक्रिय करना है। इससे एक राज्य की पोस्ट दूसरे राज्यों के यूजर्स तक भी पहुंच सकती है और पार्टी का राजनीतिक नैरेटिव ज्यादा लोगों तक ले जाया जा सकता है। Instagram पर भी अभियान बढ़ाने की तैयारी BJP का यह कैंपेन X तक सीमित नहीं रहने वाला है। रिपोर्ट के मुताबिक, पार्टी की सोशल मीडिया टीम का अगला फोकस Instagram है, जहां Gen Z की बड़ी मौजूदगी है। पार्टी की रणनीति लोकप्रिय फिल्मों और पॉप कल्चर के वायरल सीन को राजनीतिक संदेश से जोड़कर ज्यादा युवाओं तक पहुंच बनाने की है। बीजेपी के एक नेता ने इस अभियान को अभी सिर्फ ‘ट्रेलर’ बताया है।







