Monday, 28 Sep 2026 | 02:48 AM

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कांस में इग्नोर होने पर आलिया का ट्रोल को जवाब:बोलीं- दुख कैसा प्यारे,आपने तो नोटिस किया; यूजर ने लिखा था- किसी ने भाव नहीं दिया

कांस में इग्नोर होने पर आलिया का ट्रोल को जवाब:बोलीं- दुख कैसा प्यारे,आपने तो नोटिस किया; यूजर ने लिखा था- किसी ने भाव नहीं दिया

बॉलीवुड एक्ट्रेस आलिया भट्ट हाल ही में कान्स फिल्म फेस्टिवल 2026 के रेड कार्पेट पर नजर आईं। यहां उनके लुक्स की काफी चर्चा हुई, लेकिन साथ ही उन्हें सोशल मीडिया पर ट्रोलिंग का भी सामना करना पड़ा। सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल होने के बाद कुछ लोगों ने दावा किया कि इंटरनेशनल पैपराजी ने आलिया को इग्नोर किया। अब आलिया ने खुद एक ट्रोल को बहुत ही शालीनता से जवाब दिया है। बुधवार को आलिया ने इंस्टाग्राम पर एक रील शेयर की थी। इसमें वे आइवरी सिल्क साड़ी-गाउन में रॉयल लुक में नजर आ रही थीं। इस पोस्ट पर एक यूजर ने तंज कसते हुए कमेंट किया, “कितने दुख की बात है, किसी ने आपको नोटिस ही नहीं किया।” आलिया ने इस कमेंट को नजरअंदाज करने के बजाय जवाब देना बेहतर समझा। उन्होंने लिखा, “दुख कैसा प्यारे? आपने तो मुझे नोटिस किया”। आलिया के समर्थन में टीवी एक्टर अली गोनी और सिंगर राहुल वैध भी आगे आए। अली गोनी ने सोशल मीडिया पर लिखा, “यह देखकर दुख होता है कि जब कोई हमारे देश का नाम ग्लोबल लेवल पर रोशन करने के लिए इतनी मेहनत करता है, तो हमारे अपने ही लोग उसे नीचे खींचने की कोशिश करते हैं। उन्होंने आगे कहा आलिया ने वहां पहुंचकर वो मुकाम हासिल किया है जिसका सपना कई लोग देखते हैं। हमें मजाक उड़ाने के बजाय उन लोगों का साथ देना चाहिए जो विदेशों में भारत का मान बढ़ा रहे हैं।” वहीं राहुल वैध ने लिखा आलिया को किसी के अटेंशन की जरूरत नहीं है।

जस्टिस स्वर्णकांता बोलीं-मेरे और कोर्ट के खिलाफ अपमानजनक बातें कहीं:चुप नहीं रह सकती; शराब नीति घोटाला के आरोपियों पर अवमानना की कार्रवाई करूंगी

जस्टिस स्वर्णकांता बोलीं-मेरे और कोर्ट के खिलाफ अपमानजनक बातें कहीं:चुप नहीं रह सकती; शराब नीति घोटाला के आरोपियों पर अवमानना की कार्रवाई करूंगी

दिल्ली हाईकोर्ट में गुरुवार को दिल्ली शराब नीति घोटाला मामले में सीबीआई की याचिका पर सुनवाई हुई। इस दौरान जस्टिस स्वर्णकांता शर्मा ने कहा कि वह इस मामले से जुड़े आरोपियों और अन्य लोगों के खिलाफ अवमानना (कंटेम्प्ट) की कार्रवाई करेंगी। उन्होंने कहा कि इस मामले पर शाम करीब 5.30 बजे आदेश सुनाया जाएगा। सुनवाई के दौरान जस्टिस शर्मा ने कहा- मेरे और कोर्ट के खिलाफ कुछ आरोपियों और अन्य लोगों ने इंटरनेट पर अपमानजनक और मानहानिकारक पोस्ट डाली हैं। मैं इस पर चुप नहीं रह सकती। कुछ लोगों के खिलाफ अवमानना की कार्रवाई शुरू करने का फैसला किया है। जस्टिस स्वर्णकांता दिल्ली शराब नीति घोटाला मामले में सुनवाई कर रही हैं। इस मामले में ट्रायल कोर्ट से बरी होने वाले दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने जज को केस से हटाने की मांग की है। केजरीवाल का आरोप है कि जस्टिस शर्मा RSS के कार्यक्रम में 4 बार शामिल हो चुकी हैं। CBI ने ट्रायल कोर्ट के फैसले को चुनौती दी दरअसल हाईकोर्ट में सीबीआई की उस याचिका पर सुनवाई हो रही थी जिसमें ट्रायल कोर्ट के फैसले को चुनौती दी गई है। ट्रायल कोर्ट ने पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल, पूर्व डिप्टी सीएम मनीष सिसोदिया और 21 अन्य आरोपियों को शराब नीति मामले में डिस्चार्ज कर दिया था। 27 फरवरी को ट्रायल कोर्ट ने कहा था कि यह मामला न्यायिक जांच में टिक नहीं पाया और पूरी तरह कमजोर साबित हुआ। इसी आधार पर कोर्ट ने केजरीवाल, सिसोदिया समेत 21 लोगों को राहत दी थी। हाईकोर्ट में पेश नहीं हो रहे AAP नेता अरविंद केजरीवाल ने 27 अप्रैल को वीडियो जारी कर कहा था- ‘शराब नीति घोटाला मामले में मैं हाईकोर्ट में न खुद पेश होऊंगा और न ही कोई मेरी तरफ से दलीलें रखेगा। हाईकोर्ट की जस्टिस स्वर्णकांता शर्मा से न्याय मिलने की उम्मीद नहीं है। केजरीवाल ने आरोप लगाया था- सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता दोनों बच्चों को केस देते हैं। उनके बेटे को 2023 से 2025 के बीच करीब 5904 केस मिले। अगर जज के बच्चों का भविष्य सॉलिसिटर जनरल तय कर रहे हैं तो क्या जज साहिबा उनके खिलाफ फैसला सुना पाएंगी। अरविंद केजरीवाल, मनीष सिसोदिया और आम आदमी पार्टी के नेता दुर्गेश पाठक ने जस्टिस स्वर्णा शर्मा की अदालत में पेश होना बंद कर दिया है। उन्होंने न तो व्यक्तिगत रूप से और न ही वकील के जरिए अदालत में उपस्थित होने का फैसला किया।

महिलाओं पर आतंकी हमले से भड़कीं देवोलीना भट्टाचार्जी:नाइजीरिया में आतंकियों ने प्रेग्नेंट महिलाओं की हत्या की, एक्ट्रेस बोलीं- इन राक्षसों के लिए नरक में जगह

महिलाओं पर आतंकी हमले से भड़कीं देवोलीना भट्टाचार्जी:नाइजीरिया में आतंकियों ने प्रेग्नेंट महिलाओं की हत्या की, एक्ट्रेस बोलीं- इन राक्षसों के लिए नरक में जगह

साथ निभाना साथिया’ में गोपी बहु के नाम से फेमस देवोलीना भट्टाचार्जी ने नाइजीरिया में महिलाओं पर हुए आतंकी हमले पर अपना गुस्सा जाहिर किया है। इस घटना में आतंकियों ने प्रेग्नेंट महिलाओं और बच्चों के साथ काफी क्रूरता की, जिसे देखकर एक्ट्रेस ने इन हमलावरों को ‘राक्षस’ और ‘शैतान’ करार दिया है। देवोलीना ने कहा- नरक में मिलेगी खास जगह देवोलीना ने इस बर्बर घटना पर नाराजगी जताते हुए अपने सोशल मीडिया पोस्ट पर लिखा, ‘एकदम राक्षस और शैतान वाली प्रवृत्ति। इन राक्षसों के लिए नरक में खास जगह है, जिसे वे स्वर्ग समझते हैं।’ एक्ट्रेस उस वीडियो पर भड़क गईं जिसमें आतंकियों ने निर्दोष परिवारों और गर्भवती महिलाओं को अपना निशाना बनाया। प्रेग्नेंट महिलाओं के साथ की गई क्रूरता मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, नाइजीरिया के एक ईसाई गांव पर आतंकवादियों ने हमला कर दिया। जो परिवार वहां से भाग नहीं पाए, उन पर आतंकियों ने कुल्हाड़ियों से हमला किया। वीडियो में दावा किया गया है कि इन आतंकियों ने प्रेग्नेंट महिलाओं को पकड़ लिया और उनके पेट पर वार किए। इतना ही नहीं, उन महिलाओं को अपने अजन्मे बच्चों को आंखों के सामने मरते हुए देखने के लिए मजबूर किया गया। 11 ईसाइयों की हत्या सीबीएन (CBN) न्यूज की रिपोर्ट के अनुसार, यह हमला 8 मई की रात को हुआ था। हथियारबंद फुलानी आतंकवादियों ने इस ईसाई समुदाय पर हमला किया, जिसमें बुजुर्गों, बच्चों और गर्भवती महिलाओं सहित कम से कम 11 लोगों की हत्या कर दी गई। हमले में बंदूकों और चाकुओं का इस्तेमाल हुआ था। बंगाल चुनाव में भी रही थीं चर्चा में देवोलीना भट्टाचार्जी हाल ही में तब भी चर्चा में रही थीं, जब उन्होंने मई 2026 के पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के नतीजों पर प्रतिक्रिया दी थी। उन्होंने बीजेपी की जीत का समर्थन किया था और ममता बनर्जी को बंगाल के लिए ‘बुरा सपना’ बताया था।

महिलाओं पर आतंकी हमले से भड़कीं देवोलीना भट्टाचार्जी:नाइजीरिया में आतंकियों ने प्रेग्नेंट महिलाओं की हत्या की, एक्ट्रेस बोलीं- इन राक्षसों के लिए नरक में जगह

महिलाओं पर आतंकी हमले से भड़कीं देवोलीना भट्टाचार्जी:नाइजीरिया में आतंकियों ने प्रेग्नेंट महिलाओं की हत्या की, एक्ट्रेस बोलीं- इन राक्षसों के लिए नरक में जगह

साथ निभाना साथिया’ में गोपी बहु के नाम से फेमस देवोलीना भट्टाचार्जी ने नाइजीरिया में महिलाओं पर हुए आतंकी हमले पर अपना गुस्सा जाहिर किया है। इस घटना में आतंकियों ने प्रेग्नेंट महिलाओं और बच्चों के साथ काफी क्रूरता की, जिसे देखकर एक्ट्रेस ने इन हमलावरों को ‘राक्षस’ और ‘शैतान’ करार दिया है। देवोलीना ने कहा- नरक में मिलेगी खास जगह देवोलीना ने इस बर्बर घटना पर नाराजगी जताते हुए अपने सोशल मीडिया पोस्ट पर लिखा, ‘एकदम राक्षस और शैतान वाली प्रवृत्ति। इन राक्षसों के लिए नरक में खास जगह है, जिसे वे स्वर्ग समझते हैं।’ एक्ट्रेस उस वीडियो पर भड़क गईं जिसमें आतंकियों ने निर्दोष परिवारों और गर्भवती महिलाओं को अपना निशाना बनाया। प्रेग्नेंट महिलाओं के साथ की गई क्रूरता मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, नाइजीरिया के एक ईसाई गांव पर आतंकवादियों ने हमला कर दिया। जो परिवार वहां से भाग नहीं पाए, उन पर आतंकियों ने कुल्हाड़ियों से हमला किया। वीडियो में दावा किया गया है कि इन आतंकियों ने प्रेग्नेंट महिलाओं को पकड़ लिया और उनके पेट पर वार किए। इतना ही नहीं, उन महिलाओं को अपने अजन्मे बच्चों को आंखों के सामने मरते हुए देखने के लिए मजबूर किया गया। 11 ईसाइयों की हत्या सीबीएन (CBN) न्यूज की रिपोर्ट के अनुसार, यह हमला 8 मई की रात को हुआ था। हथियारबंद फुलानी आतंकवादियों ने इस ईसाई समुदाय पर हमला किया, जिसमें बुजुर्गों, बच्चों और गर्भवती महिलाओं सहित कम से कम 11 लोगों की हत्या कर दी गई। हमले में बंदूकों और चाकुओं का इस्तेमाल हुआ था। बंगाल चुनाव में भी रही थीं चर्चा में देवोलीना भट्टाचार्जी हाल ही में तब भी चर्चा में रही थीं, जब उन्होंने मई 2026 के पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के नतीजों पर प्रतिक्रिया दी थी। उन्होंने बीजेपी की जीत का समर्थन किया था और ममता बनर्जी को बंगाल के लिए ‘बुरा सपना’ बताया था।

प्लैटिनम पर आयात शुल्क दोगुना:डीजल, हाइब्रिड कारों के दाम 18 हजार रुपए तक बढ़ सकते हैं

प्लैटिनम पर आयात शुल्क दोगुना:डीजल, हाइब्रिड कारों के दाम 18 हजार रुपए तक बढ़ सकते हैं

देश में डीजल एसयूवी और स्ट्रॉन्ग हाइब्रिड कारें खरीदना महंगा पड़ेगा। प्लैटिनम पर प्रभावी आयात शुल्क 6.4% से बढ़कर 15.4% होना इसकी वजह है। इसका असर उन गाड़ियों पर होगा, जिनमें प्रदूषण नियंत्रण के लिए कीमती मेटल इस्तेमाल होते हैं। ऑटो कंपनियां बढ़ी लागत का बोझ सीधे ग्राहकों पर डाल सकती हैं। इससे मिड-साइज डीजल एसयूवी के दाम 12 हजार और स्ट्रॉन्ग हाइब्रिड कारों की कीमतें 18 हजार तक बढ़ सकती हैं। एंट्री-लेवल पेट्रोल कारें भी 4 हजार तक महंगी हो सकती हैं। प्लैटिनम का इस्तेमाल गाड़ियों में बीएस-6 मानक पूरा करने के लिए होता है। नीति आयोग के पूर्व निदेशक रणधीर सिंह के मुताबिक, प्लैटिनम पर ड्यूटी बढ़ने से प्रदूषण नियमों के पालन की लागत बढ़ जाएगी। टाटा मोटर्स जैसी कंपनियां सबसे अधिक प्रभावित होंगी। स्कॉर्पियो-एन, थार, एक्सयूवी-700 जैसे मॉडलों पर महिंद्रा का खर्च बढ़ेगा। टोयोटा और मारुति की स्ट्रॉन्ग हाइब्रिड कारों की लागत भी बढ़ेगी। हाइब्रिड गाड़ियों में इंजन बार-बार स्टार्ट होता है। इनके फिल्टर में ज्यादा प्लैटिनम लगता है। भारी वाहनों में प्लैटिनम की खपत ज्यादा होती है इंजन में प्रदूषण रोकने के लिए प्लैटिनम का इस्तेमाल होता है। भारी वाहनों में इसकी मात्रा अधिक होने से उनकी निर्माण लागत पर सबसे ज्यादा असर पड़ेगा। वाहन की कैटेगरी – प्लैटिनम की खपत कमर्शियल वाहन – 20+ हाइब्रिड कारें – 10-15 मंझौली डीजल एसयूवी – 6-10 पेट्रोल कारें – 2-4 (आंकड़े ग्राम में) राहत – पुराने साइलेंसर से निकलेगा सस्ता प्लैटिनम साइलेंसर फिल्टर के लिए विदेशी प्लैटिनम पर 7.5% टैक्स ही लगेगा। सरकार ने अब विदेश से पुराने और खराब फिल्टर मंगाने पर टैक्स घटाकर 4.35% कर दिया है। इससे खराब साइलेंसर से प्लैटिनम निकालकर और उसे दोबारा इस्तेमाल करना सस्ता होगा। इस फैसले से देश में रिसाइकिलिंग को बढ़ावा मिलेगा। हालांकि, प्लैटिनम महंगा होने से वेंडर अब ऑटो कंपनियों से ज्यादा कीमतें वसूलेंगे। असर – ईवी में बढ़ सकती है ग्राहकों की दिलचस्पी प्लैटिनम महंगा होने से इलेक्ट्रिक कारों की डिमांड बढ़ सकती है। इनमें प्रदूषण नियंत्रण के लिए कैटालिटिक कन्वर्टर्स की जरूरत नहीं होती। कंपनियां हाइड्रोजन तकनीक पर भी फोकस बढ़ा सकती हैं। रिसर्च बढ़ने से भविष्य में ये कारें सस्ती हो सकती हैं। कंपनियां अभी ड्यूटी बढ़ने का असर आंक रही हैं।

धुरंधर के बाद ल्यारी पर आई एक और फिल्म:पाकिस्तानी फिल्म मेरा ल्यारी के फैसलाबाद में सिर्फ 22 टिकट बिके, कई शो कैंसिल

धुरंधर के बाद ल्यारी पर आई एक और फिल्म:पाकिस्तानी फिल्म मेरा ल्यारी के फैसलाबाद में सिर्फ 22 टिकट बिके, कई शो कैंसिल

पाकिस्तानी फिल्म मेरा ल्यारी 8 मई को सिनेमाघरों में रिलीज हुई। यह फिल्म पाकिस्तान के ल्यारी इलाके पर आधारित थी। गौरतलब है कि ल्यारी का जिक्र भारतीय फिल्म धुरंधर में भी हुआ है, जो सुपरहिट साबित हुई थी। हालांकि, मेरा ल्यारी को बॉक्स ऑफिस पर कमजोर रिस्पॉन्स मिला। फेसबुक पेज ऑल पाकिस्तान शोबिज स्टार्स ने दावा किया कि पाकिस्तान की फिल्म मेरा ल्यारी को खराब शुरुआत के बाद फैसलाबाद के ताज महल सिनेमा से हटा दिया गया है। फिल्म पहले दिन सिर्फ 22 टिकट ही बेच पाई। कम दर्शक आने की वजह से अगले शो भी रद्द कर दिए गए। बता दें कि यह फिल्म धुरंधर और दूसरी फिल्मों को जवाब देने के लिए बनाई गई। फिल्म को कराची के ल्यारी इलाके की कहानी के तौर पर प्रमोट किया गया था। जहां फिल्मों में अक्सर इस इलाके को अपराध और गैंग हिंसा से जोड़कर दिखाया जाता है, वहीं मेरा ल्यारी में समुदाय, खेल और युवाओं की जिंदगी पर फोकस किया गया। महिला फुटबॉल पर आधारित है फिल्म की कहानी यह फिल्म महिला फुटबॉल पर आधारित है। अबू अलीहा के डायरेक्शन में बनी इस फिल्म में आयशा उमर, दनानीर मोबीन, सामिया मुमताज और ट्रिनेट लुकास हैं। फिल्म की कहानी महिला फुटबॉल, कम्युनिटी की एकता और ल्यारी में युवा खिलाड़ियों के सामने आने वाली चुनौतियों पर केंद्रित है। मेकर्स ने फिल्म के जरिए इलाके की एक अच्छी इमेज दिखाने की कोशिश की है। डायरेक्टर अबू अलीहा ने पहले कहा था कि फिल्म की 80 प्रतिशत कास्ट लोकल है, जिसमें फुटबॉल टीमों के सदस्य भी शामिल हैं। फिल्म को सिंध के सूचना मंत्री शरजील इनाम मेमन का भी सपोर्ट मिला।

धुरंधर के बाद ल्यारी पर आई एक और फिल्म:पाकिस्तानी फिल्म मेरा ल्यारी के फैसलाबाद में सिर्फ 22 टिकट बिके, कई शो कैंसिल

धुरंधर के बाद ल्यारी पर आई एक और फिल्म:पाकिस्तानी फिल्म मेरा ल्यारी के फैसलाबाद में सिर्फ 22 टिकट बिके, कई शो कैंसिल

पाकिस्तानी फिल्म मेरा ल्यारी 8 मई को सिनेमाघरों में रिलीज हुई। यह फिल्म पाकिस्तान के ल्यारी इलाके पर आधारित थी। गौरतलब है कि ल्यारी का जिक्र भारतीय फिल्म धुरंधर में भी हुआ है, जो सुपरहिट साबित हुई थी। हालांकि, मेरा ल्यारी को बॉक्स ऑफिस पर कमजोर रिस्पॉन्स मिला। फेसबुक पेज ऑल पाकिस्तान शोबिज स्टार्स ने दावा किया कि पाकिस्तान की फिल्म मेरा ल्यारी को खराब शुरुआत के बाद फैसलाबाद के ताज महल सिनेमा से हटा दिया गया है। फिल्म पहले दिन सिर्फ 22 टिकट ही बेच पाई। कम दर्शक आने की वजह से अगले शो भी रद्द कर दिए गए। बता दें कि यह फिल्म धुरंधर और दूसरी फिल्मों को जवाब देने के लिए बनाई गई। फिल्म को कराची के ल्यारी इलाके की कहानी के तौर पर प्रमोट किया गया था। जहां फिल्मों में अक्सर इस इलाके को अपराध और गैंग हिंसा से जोड़कर दिखाया जाता है, वहीं मेरा ल्यारी में समुदाय, खेल और युवाओं की जिंदगी पर फोकस किया गया। महिला फुटबॉल पर आधारित है फिल्म की कहानी यह फिल्म महिला फुटबॉल पर आधारित है। अबू अलीहा के डायरेक्शन में बनी इस फिल्म में आयशा उमर, दनानीर मोबीन, सामिया मुमताज और ट्रिनेट लुकास हैं। फिल्म की कहानी महिला फुटबॉल, कम्युनिटी की एकता और ल्यारी में युवा खिलाड़ियों के सामने आने वाली चुनौतियों पर केंद्रित है। मेकर्स ने फिल्म के जरिए इलाके की एक अच्छी इमेज दिखाने की कोशिश की है। डायरेक्टर अबू अलीहा ने पहले कहा था कि फिल्म की 80 प्रतिशत कास्ट लोकल है, जिसमें फुटबॉल टीमों के सदस्य भी शामिल हैं। फिल्म को सिंध के सूचना मंत्री शरजील इनाम मेमन का भी सपोर्ट मिला।

केरल के नए मुख्यमंत्री के रूप में वीडी सतीसन: कैसे कांग्रेस कैडर नेतृत्व पर हावी रहा | भारत समाचार

Iran's Supreme Leader Mojtaba Khamenei and US President Donald Trump. (File)

आखरी अपडेट:14 मई, 2026, 13:23 IST पार्टी सूत्रों के मुताबिक, केसी वेणुगोपाल को शीर्ष पद की दौड़ में सबसे आगे माना जा रहा था. वीडी सतीसन ने केरल के नए मुख्यमंत्री की घोषणा की केरल के मुख्यमंत्री पद की दौड़: केरल विधानसभा चुनाव में कांग्रेस के नेतृत्व वाले यूनाइटेड डेमोक्रेटिक फ्रंट (यूडीएफ) को भारी जीत हासिल होने के दस दिन बाद, गुरुवार को सबसे पुरानी पार्टी ने सस्पेंस खत्म कर दिया और वरिष्ठ नेता वीडी सतीसन को केरल के अगले मुख्यमंत्री के रूप में नामित किया। केरल की एआईसीसी प्रभारी दीपा दासमुंशी और राज्य के लिए पार्टी के केंद्रीय पर्यवेक्षकों अजय माकन और मुकुल वासनिक ने एक संवाददाता सम्मेलन में इस फैसले की घोषणा की। सतीसन ने दो अन्य दावेदारों, एआईसीसी महासचिव (संगठन) केसी वेणुगोपाल और पूर्व विपक्षी नेता रमेश चेन्निथला को पछाड़कर शीर्ष पद की दौड़ जीती। और पढ़ें: केसी वेणुगोपाल केरल के सीएम पद की दौड़ में सबसे आगे थे: 48 घंटों में क्या बदल गया? वेणुगोपाल विधायकों और आलाकमान की लोकप्रिय पसंद होने के बावजूद, पार्टी के फैसले में कैडर प्रबल रहे क्योंकि आलाकमान को यह मानने के लिए मजबूर होना पड़ा कि सतीसन की जमीनी स्तर की मांग को नजरअंदाज करने से राज्य में पार्टी के भविष्य को नुकसान होगा। पार्टी सूत्रों के मुताबिक वेणुगोपाल को शीर्ष पद की दौड़ में सबसे आगे माना जा रहा था. हालाँकि, केरल कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं द्वारा इस सप्ताह नई दिल्ली में राहुल गांधी के साथ चर्चा के बाद स्थिति बदल गई। सूत्रों ने कहा कि वरिष्ठ नेताओं ने राहुल गांधी को बताया कि जनता की राय और कांग्रेस गठबंधन सहयोगी दोनों सतीसन को अगला मुख्यमंत्री बनाने के पक्ष में हैं। उन्होंने यह भी सुझाव दिया कि पार्टी को ऐसे नेता का चयन करने से बचना चाहिए जो विधायक नहीं है, क्योंकि इससे उपचुनाव हो सकते हैं। पहले, सीएनएन-न्यूज18 ने बताया था कि पिछले हफ्ते तिरुवनंतपुरम में पर्यवेक्षकों अजय माकन और मुकुल वासनिक के साथ बैठक के दौरान 63 नवनिर्वाचित कांग्रेस विधायकों में से 43 ने मुख्यमंत्री पद के लिए वेणुगोपाल का समर्थन किया था। वेणुगोपाल ने इनमें से कई निर्वाचित विधायकों के लिए टिकट हासिल करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी, और कहा जाता है कि कई लोग व्यक्तिगत रूप से उनके प्रति आभारी महसूस करते थे। लेकिन सतीसन यूडीएफ के विजयी अभियान का चेहरा थे, उन्होंने असामान्य एकजुटता के साथ “टीम यूडीएफ” की कप्तानी की और जब गठबंधन खुद अनिश्चित लग रहा था तो अक्सर स्पष्टता पेश करते थे। और पढ़ें: वीडी सतीसन की कुल संपत्ति क्या है? केरल के नए मुख्यमंत्री के पास 6 करोड़ रुपये से अधिक की संपत्ति है 2021 से विपक्ष के नेता के रूप में, सतीसन ने लगातार विधानसभा के अंदर और बाहर पिनाराई विजयन सरकार पर कांग्रेस के हमले का नेतृत्व किया। यूडीएफ की 2021 की हार के बाद सतीसन ने सफलतापूर्वक कांग्रेस को एक आक्रामक विपक्षी ताकत के रूप में स्थापित किया। विरोध प्रदर्शनों, विधानसभा हस्तक्षेपों और मुद्दा-आधारित अभियानों के दौरान उनकी दृश्यता ने 2026 के चुनाव से पहले पार्टी के जमीनी स्तर के कार्यकर्ताओं को एकजुट करने में मदद की। हालाँकि, यूडीएफ में कांग्रेस की प्रमुख सहयोगी इंडियन यूनियन मुस्लिम लीग, जिसके 22 विधायक हैं, को भी सतीसन का समर्थन करने के लिए कहा गया था। आईयूएमएल नेताओं ने कथित तौर पर कांग्रेस पर्यवेक्षकों से कहा कि मौजूदा विधायक को मुख्यमंत्री के रूप में चुनने से अनावश्यक उपचुनावों से बचने में मदद मिलेगी। कांग्रेस के नेतृत्व वाले यूडीएफ ने 140 विधानसभा सीटों में से 102 सीटों पर कब्जा कर लिया, जिससे एक दशक के बाद ऐतिहासिक वापसी हुई और वाम लोकतांत्रिक मोर्चा सिर्फ 35 सीटों पर सिमट गया। चुनी हुई कहानियाँ, आपके इनबॉक्स में हमारी सर्वोत्तम पत्रकारिता वाला एक न्यूज़लेटर जमा करना न्यूज़ इंडिया केरल के नए मुख्यमंत्री के रूप में वीडी सतीसन: कैसे कांग्रेस कैडर नेतृत्व पर हावी रहा अस्वीकरण: टिप्पणियाँ उपयोगकर्ताओं के विचार दर्शाती हैं, News18 के नहीं। कृपया चर्चाएँ सम्मानजनक और रचनात्मक रखें। अपमानजनक, मानहानिकारक, या अवैध टिप्पणियाँ हटा दी जाएंगी। News18 अपने विवेक से किसी भी टिप्पणी को अक्षम कर सकता है. पोस्ट करके, आप हमारी उपयोग की शर्तों और गोपनीयता नीति से सहमत होते हैं। और पढ़ें (टैग्सटूट्रांसलेट)केरल सीएम रेस(टी)वीडी सतीसन केरल(टी)केरल के मुख्यमंत्री(टी)कांग्रेस यूडीएफ की जीत(टी)केरल विधानसभा चुनाव(टी)केसी वेणुगोपाल(टी)रमेश चेन्निथला(टी)इंडियन यूनियन मुस्लिम लीग

सोना आज ₹382 बढ़कर ₹1.61 लाख पर पहुंचा:इस साल ₹28 हजार महंगा हो चुका, चांदी आज ₹370 सस्ती हुई

सोना आज ₹382 बढ़कर ₹1.61 लाख पर पहुंचा:इस साल ₹28 हजार महंगा हो चुका, चांदी आज ₹370 सस्ती हुई

सोना के दाम में आज यानी 14 मई का बढ़त है। 10 ग्राम 24 कैरेट सोने का दाम 382 रुपए बढ़कर 1.61 लाख रुपए पर पहुंच गया है। वहीं 1 किलो चांदी का भाव आज 370 रुपए गिरकर 2.87 लाख रुपए पर आ गया है। सोना इस साल 28 हजार और चांदी 57 हजार महंगी इस साल सोने-चांदी की कीमत में लगातार उतार-चढ़ाव देखने को मिल रहा है। सोना 2026 में अब तक 28 रुपए और चांदी 57 हजार रुपए महंगी हुई है। 31 दिसंबर 2025 को 10g सोना 1.33 लाख रुपए पर था, जो अब 1.61 लाख रुपए पर पहुंच गया है। वहीं, चांदी 2.30 लाख रुपए किलो थी, जो अब 2.81 लाख रुपए पर पहुंच गई है। इस दौरान 29 जनवरी को सोने ने 1.76 लाख रुपए और चांदी ने 3.86 लाख रुपए का ऑलटाइम हाई भी बनाया था। सरकार ने सोने-चांदी पर इंपोर्ट ड्यूटी 6% से बढ़ाकर 15% की केंद्र सरकार ने सोना और चांदी के आयात पर लगने वाली ड्यूटी 6% से बढ़ाकर 15% कर दी है। सरकार ने सोने पर 10% बेसिक कस्टम ड्यूटी और 5% एग्रीकल्चर इंफ्रास्ट्रक्चर एंड डेवलपमेंट सेस (AIDC) लगाया है। पीएम ने दो बार कहा- एक साल तक सोना न खरीदें पीएम मोदी लगातार दो दिन (10 और 11 मई को) देशवासियों से 1 साल तक सोना न खरीदने की अपील कर चुके हैं। पीएम ने कहा था कि एक समय था, जब संकट आने पर देशहित में लोग सोना दान दे देते थे। आज दान की जरूरत नहीं है, लेकिन देशहित में हमें यह तय करना होगा कि सालभर तक घर में कोई कार्यक्रम हो, हम सोने के गहने नहीं खरीदेंगे। विदेशी मुद्रा बचाने के लिए हमारी देशभक्ति हमें चुनौती दे रही है और हमें यह स्वीकार करके विदेशी मुद्रा बचानी होगी। ज्वेलर्स से सोना खरीदते समय इन 2 बातों का रखें ध्यान 1. सर्टिफाइड गोल्ड ही खरीदें: हमेशा ब्यूरो ऑफ इंडियन स्टैंडर्ड (BIS) का हॉलमार्क लगा हुआ सर्टिफाइड गोल्ड ही खरीदें। ये नंबर अल्फान्यूमेरिक यानी कुछ इस तरह से हो सकता है- AZ4524। हॉलमार्किंग से पता चलता है कि सोना कितने कैरेट का है। 2. कीमत क्रॉस चेक करें: सोने का सही वजन और खरीदने के दिन उसकी कीमत कई सोर्सेज (जैसे इंडिया बुलियन एंड ज्वेलर्स एसोसिएशन की वेबसाइट) से क्रॉस चेक करें। सोने का भाव 24 कैरेट, 22 कैरेट और 18 कैरेट के हिसाब से अलग-अलग होता है।

कांस से आलिया भट्ट का चौथा लुक सामने आया:आइस-ब्लू गाउन में दिखा ‘सिंड्रेला’ अवतार, यूलिया वंतूर भी रेड कार्पेट पर नजर आईं

कांस से आलिया भट्ट का चौथा लुक सामने आया:आइस-ब्लू गाउन में दिखा ‘सिंड्रेला’ अवतार, यूलिया वंतूर भी रेड कार्पेट पर नजर आईं

आलिया भट्ट बुधवार शाम को कांस फिल्म फेस्टिवल में आइस ब्लू गाउन में रेड कार्पेट पर नजर आईं। फिल्म ‘ए वूमेन्स लाइफ’ (La Vie D’Une Femme) के प्रीमियर के दौरान उनका “सिंड्रेला” अवतार देखने को मिला। रेड कार्पेट पर आने से कुछ घंटे पहले, आलिया ने अपनी इंस्टाग्राम स्टोरी पर लॉरियल पेरिस को टैग करते हुए लिखा, “लगभग टाइम हो गया”। वीडियो में, उन्होंने पर्दे हटाकर अपने गाउन की एक झलक दिखाई। दुनियाभर का सबसे प्रतिष्ठित फिल्म फेस्टिवल और कल्चरल इवेंट कांस 12 मई से शुरू हो चुका है। फेस्टिवल 23 मई तक फ्रांस के फ्रेंच रिवेरा में जारी रहेगा। लोरियल पेरिस की तरफ से कांस पहुंचीं आलिया भट्ट के अब तक 4 लुक सामने आ चुके हैं। देखें आलिया का चौथा लुक देखें आलिया का तीसरा लुक देखें आलिया का दूसरा लुक देखें आलिया का पहला लुक एक्ट्रेस यूलिया वंतूर बुधवार को अपनी शॉर्ट फिल्म इकोज ऑफ अस को प्रमोट करने के लिए कांस के रेड कार्पेट पर वॉक किया। उन्होंने डिजाइनर तमारा राल्फ का डिजाइन किया हुआ आइस-ब्लू टरकॉइज गाउन पहना था। रेड कार्पेट पर उन्होंने फोटोग्राफर्स के लिए पोज दिए, फैंस को फ्लाइंग किस भेजी और हाथों से हार्ट जेस्चर भी बनाया। यूलिया ने अपने इंस्टाग्राम पर एक वीडियो रील शेयर करते हुए इस अनुभव को “मैजिक इवनिंग” बताया। इस मौके पर उनके साथ एक्टर दीपक तिजोरी और डायरेक्टर जो राजन भी मौजूद थे। फिल्म का दूसरा टीजर कांस में मार्चे डू फिल्म और बाद में फ्रेंच रिवेरा फिल्म फेस्टिवल में दिखाया जाएगा। आलिया भट्ट और यूलिया वंतूर के अलावा भारत से उर्वशी रौतेला, ऐश्वर्या राय, मौनी रॉय, अदिति राव हैदरी और एहसास चन्ना कांस के रेड कार्पेट में पहुंचेंगी। एक्ट्रेस तारा सुतारिया भी कांस रेड कार्पेट पर डेब्यू करने वाली हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अपील का दौरे पर पड़ा असर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हाल ही में जनता से कम-से-कम ट्रेवल करने और कम तेल-ईंधन इस्तेमाल करने की अपील की है। यही वजह रही कि महाराष्ट्र का सांस्कृतिक विभाग अब कांस फिल्म फेस्टिवल में हिस्सा नहीं ले रहा है। महाराष्ट्र के सांस्कृतिक कार्य मंत्री आशीष शेलार ने बताया कि पीएम मोदी की अपील के बाद विभाग का प्रतिनिधिमंडल अब कांस नहीं जाएगा। उन्होंने कहा कि विभाग में वाहनों का इस्तेमाल कम किया जाएगा और जरूरी बैठकों को वर्चुअल माध्यम से आयोजित किया जाएगा। कांस 2026 में छाएगा भारत का रीजनल सिनेमा कांस में इंडो-अमेरिकन फिल्म बॉम्बे स्टोरीज की स्क्रीनिंग भी कांस में होगी। ये फिल्म मंटों के उपन्यास पर बनी है, जो 1930 के दशक की बॉम्बे में रहनेवालीं सेक्स वर्कर्स की कहानी दिखाती है। फिल्म को राहत शाह काजमी ने डायरेक्ट किया है। इस फिल्म की स्क्रीनिंग के दौरान एक्ट्रेस मौनी रॉय कांस में मौजूद रहेंगी। इसके क्लासिकल सेगमेंट में 40 साल पुरानी मलयाली फिल्म अम्मा अरियन की भी कांस में स्क्रीनिंग होगी। रीजनल सिनेमा की ये फिल्में भी कांस पहुंचीं- पंजाबी सिनेमा- पॉपुलर सिंगर और एक्टर एमी विर्क की फिल्म चारदीकला की स्क्रीनिंग कांस में होनी है। इसकी स्क्रीनिंग के लिए एमी विर्क कांस में डेब्यू करेंगे। उनके साथ को-स्टार रूपी गिल भी कांस में पहुंचेंगी। मलयाली सिनेमा- मलयाली फिल्ममेकर चिदंबरम की फिल्म बालनः द बॉय की स्क्रीनिंग कांस में होनी है। गुजराती सिनेमा- एक्ट्रेस मानसी पारेख इस साल प्रोड्यूसर पार्थिव गोहिल के साथ कांस में शामिल होने वाली हैं। गुजराती फिल्म लालोः कृष्णा सदा सहायते की भी कांस में स्क्रीनिंग होगी। मराठी सिनेमा- मराठी फिल्म इंडस्ट्री से एक्टर अशोक सराफ, निवेदिता सरफा, एक्ट्रेस प्राजक्ता माली और प्रोड्यूसर केदार जोशी कांस का हिस्सा बनेंगे। पायल कपाड़िया ज्यूरी बनीं, आशुतोष गोवारिकर ऑफिशियल डेलिगेट्स लगान बना चुके आशुतोष गोवारिकल इस साल भारत के ऑफिशियल डेलिगेट बनकर कांस का हिस्सा बनेंगे। 2021 और 2024 में कांस के दो अवॉर्ड ग्रैंड प्री और गोल्डन आई अवॉर्ड जीत चुकीं पायल कपाड़िया इस साल ज्यूरी बनकर कांस में शामिल हो रही हैं। वो क्रिटिक्स वीक कैटेगरी की ज्यूरी रहेंगी। कांस की ज्यूरी बनने वाली पहली इंडियन एक्ट्रेस रहीं ऐश्वर्या राय हर साल दुनियाभर के चुनिंदा लोगों को ज्यूरी में शामिल किया जाता है। मृणाल सेन पहले भारतीय थे, जिन्हें 1982 में ज्यूरी में शामिल किया गया था। इसके अलावा ज्यूरी बनने वाली पहली भारतीय महिला डायरेक्टर मीरा नायर थीं। ऐश्वर्या राय पहली इंडियन एक्ट्रेस हैं, जिन्हें कांस में ज्यूरी बनाया गया। हालांकि अब दीपिका पादुकोण, विद्या बालन और शर्मिला टैगोर भी इस लिस्ट में शामिल हैं। सेरेमनी के आखिरी दिन मिलेगा पाम डि’ओर पाम डिओर, कांस का सबसे बड़ा और प्रतिष्ठित अवॉर्ड है। यह पुरस्कार फेस्टिवल की मुख्य प्रतियोगिता में चुनी गई सर्वश्रेष्ठ फिल्म को दिया जाता है। इसे कांस का सर्वोच्च सम्मान माना जाता है। इस साल 12-23 मई तक चलने वाले इस फेस्टिवल में 23 मई को पाम डि’ओर अवॉर्ड दिया जाएगा। कांस के इतिहास में भारत की उपलब्धियां- 80 साल पहले भारत को मिला पहला पाम डि’ओर, आज भी रिकॉर्ड कायम कांस फिल्म फेस्टिवल में जाने वाली पहली भारतीय फिल्म नीचा नगर थी। चेतन आनंद के निर्देशन में बनी ये फिल्म संयोग से कभी भारत में रिलीज ही नहीं हुई। इसका प्रसारण सिर्फ दूरदर्शन में ही किया गया था। अमीर-गरीब की जिंदगी दर्शाने वाली इस फिल्म को कांस फिल्म फेस्टिवल का सर्वश्रेष्ठ पाम डि’ओर अवॉर्ड मिला था। नीचा नगर ये अवॉर्ड जीतने वाली भारत की इकलौती फिल्म है। इसके अलावा दो बीघा जमीन (1954), बूट पॉलिश, पाथेर पांचाली, सलाम बॉम्बे, लंच बॉक्स जैसी करीब 21 फिल्मों को कांस फिल्म फेस्टिवल में अलग-अलग कैटेगरी में अवॉर्ड मिले हैं। जबकि अब तक भारत को कुल 38 नॉमिनेशन मिल चुके हैं। नॉमिनेशन हासिल करने वाली फिल्मों में राज कपूर की ब्लॉकबस्टर फिल्म आवारा भी शामिल है। जब कांस के रेड कार्पेट पर ट्रेडिशनल अवतार में पहुंचे सेलेब्स कांस रेड कार्पेट पर सेलेब्स के इन लुक्स का उड़ा मजाक एक नजर कांस के बेहतरीन इतिहास पर- हिटलर की तानाशाही के खिलाफ शुरू हुआ कांस 1938 में वेनिस फिल्म फेस्टिवल की शुरुआत की गई थी, लेकिन उस समय जर्मनी के तानाशाह एडॉल्फ हिटलर और इटली के तानाशाह मुसोलिनी अपने पसंदीदा लोगों को अवॉर्ड बांट देते थे। इनकी तानाशाही से परेशान होकर कई ज्यूरी मेंबर ने वेनिस फिल्म फेस्टिवल छोड़ दिया और एक फ्री फेस्टिवल शुरू करने का फैसला किया, जिसकी