Monday, 28 Sep 2026 | 03:16 AM

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कांस से आलिया भट्ट का चौथा लुक सामने आया:आइस-ब्लू गाउन में दिखा ‘सिंड्रेला’ अवतार, यूलिया वंतूर भी रेड कार्पेट पर नजर आईं

कांस से आलिया भट्ट का चौथा लुक सामने आया:आइस-ब्लू गाउन में दिखा ‘सिंड्रेला’ अवतार, यूलिया वंतूर भी रेड कार्पेट पर नजर आईं

आलिया भट्ट बुधवार शाम को कांस फिल्म फेस्टिवल में आइस ब्लू गाउन में रेड कार्पेट पर नजर आईं। फिल्म ‘ए वूमेन्स लाइफ’ (La Vie D’Une Femme) के प्रीमियर के दौरान उनका ‘सिंड्रेला’ अवतार देखने को मिला। रेड कार्पेट पर आने से कुछ घंटे पहले, आलिया ने अपनी इंस्टाग्राम स्टोरी पर लोरियल पेरिस को टैग करते हुए अपने लुक की तस्वीरें और वीडियो शेयर किए। दुनियाभर का सबसे प्रतिष्ठित फिल्म फेस्टिवल और कल्चरल इवेंट कांस 12 मई से शुरू हुआ है। फेस्टिवल 23 मई तक फ्रांस के फ्रेंच रिवेरा में जारी रहेगा। कांस से आलिया के अब तक 4 लुक सामने आ चुके हैं। देखें आलिया का चौथा लुक देखें आलिया का तीसरा लुक देखें आलिया का दूसरा लुक देखें आलिया का पहला लुक यूलिया वंतूर ने कांस रेड कार्पेट पर वॉक किया एक्ट्रेस यूलिया वंतूर बुधवार को अपनी शॉर्ट फिल्म इकोज ऑफ अस को प्रमोट करने के लिए कांस के रेड कार्पेट पर वॉक किया। उन्होंने डिजाइनर तमारा राल्फ का डिजाइन किया हुआ आइस-ब्लू टरकॉइज गाउन पहना था। यूलिया ने अपने इंस्टाग्राम पर एक वीडियो रील शेयर करते हुए इस अनुभव को “मैजिक इवनिंग” बताया। इस मौके पर उनके साथ एक्टर दीपक तिजोरी और डायरेक्टर जो राजन भी मौजूद थे। फिल्म का दूसरा टीजर कांस में मार्चे डू फिल्म और बाद में फ्रेंच रिवेरा फिल्म फेस्टिवल में दिखाया जाएगा। तारा सुतारिया करेंगी कांस के रेड कार्पेट पर डेब्यू आलिया भट्ट और यूलिया वंतूर के अलावा भारत से उर्वशी रौतेला, ऐश्वर्या राय, मौनी रॉय, अदिति राव हैदरी और एहसास चन्ना कांस के रेड कार्पेट पर पहुंचेंगी। एक्ट्रेस तारा सुतारिया भी कांस रेड कार्पेट पर डेब्यू करने वाली हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अपील का दौरे पर पड़ा असर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हाल ही में जनता से कम-से-कम ट्रेवल करने और कम तेल-ईंधन इस्तेमाल करने की अपील की है। यही वजह रही कि महाराष्ट्र का सांस्कृतिक विभाग अब कांस फिल्म फेस्टिवल में हिस्सा नहीं ले रहा है। महाराष्ट्र के सांस्कृतिक कार्य मंत्री आशीष शेलार ने बताया कि पीएम मोदी की अपील के बाद विभाग का प्रतिनिधिमंडल अब कांस नहीं जाएगा। उन्होंने कहा कि विभाग में वाहनों का इस्तेमाल कम किया जाएगा और जरूरी बैठकों को वर्चुअल माध्यम से आयोजित किया जाएगा। कांस 2026 में छाएगा भारत का रीजनल सिनेमा कांस में इंडो-अमेरिकन फिल्म बॉम्बे स्टोरीज की स्क्रीनिंग भी कांस में होगी। ये फिल्म मंटो के उपन्यास पर बनी है, जो 1930 के दशक की बॉम्बे में रहने वालीं सेक्स वर्कर्स की कहानी दिखाती है। फिल्म को राहत शाह काजमी ने डायरेक्ट किया है। इस फिल्म की स्क्रीनिंग के दौरान एक्ट्रेस मौनी रॉय कांस में मौजूद रहेंगी। इसके क्लासिकल सेगमेंट में 40 साल पुरानी मलयाली फिल्म अम्मा अरियन की भी कांस में स्क्रीनिंग होगी। रीजनल सिनेमा की ये फिल्में भी कांस पहुंचीं- पंजाबी सिनेमा- पॉपुलर सिंगर और एक्टर एमी विर्क की फिल्म चारदीकला की स्क्रीनिंग कांस में होनी है। इसकी स्क्रीनिंग के लिए एमी विर्क कांस में डेब्यू करेंगे। उनके साथ को-स्टार रूपी गिल भी कांस में पहुंचेंगी। मलयाली सिनेमा- मलयाली फिल्ममेकर चिदंबरम की फिल्म बालनः द बॉय की स्क्रीनिंग कांस में होनी है। गुजराती सिनेमा- एक्ट्रेस मानसी पारेख इस साल प्रोड्यूसर पार्थिव गोहिल के साथ कांस में शामिल होने वाली हैं। गुजराती फिल्म लालोः कृष्णा सदा सहायते की भी कांस में स्क्रीनिंग होगी। मराठी सिनेमा- मराठी फिल्म इंडस्ट्री से एक्टर अशोक सराफ, निवेदिता सराफ, एक्ट्रेस प्राजक्ता माली और प्रोड्यूसर केदार जोशी कांस का हिस्सा बनेंगे। पायल कपाड़िया ज्यूरी बनीं, आशुतोष गोवारिकर ऑफिशियल डेलिगेट्स लगान बना चुके आशुतोष गोवारिकर इस साल भारत के ऑफिशियल डेलिगेट बनकर कांस का हिस्सा बने हैं। 2021 और 2024 में कांस के दो अवॉर्ड ग्रैंड प्री और गोल्डन आई अवॉर्ड जीत चुकीं पायल कपाड़िया इस साल ज्यूरी बनकर कांस में शामिल हो रही हैं। वो क्रिटिक्स वीक कैटेगरी की ज्यूरी रहेंगी। कांस की ज्यूरी बनने वाली पहली इंडियन एक्ट्रेस रहीं ऐश्वर्या राय हर साल दुनियाभर के चुनिंदा लोगों को ज्यूरी में शामिल किया जाता है। मृणाल सेन पहले भारतीय थे, जिन्हें 1982 में ज्यूरी में शामिल किया गया था। इसके अलावा ज्यूरी बनने वाली पहली भारतीय महिला डायरेक्टर मीरा नायर थीं। ऐश्वर्या राय पहली इंडियन एक्ट्रेस हैं, जिन्हें कांस में ज्यूरी बनाया गया। हालांकि अब दीपिका पादुकोण, विद्या बालन और शर्मिला टैगोर भी इस लिस्ट में शामिल हैं। सेरेमनी के आखिरी दिन मिलेगा पाम डि’ओर पाम डिओर, कांस का सबसे बड़ा और प्रतिष्ठित अवॉर्ड है। यह पुरस्कार फेस्टिवल की मुख्य प्रतियोगिता में चुनी गई सर्वश्रेष्ठ फिल्म को दिया जाता है। इसे कांस का सर्वोच्च सम्मान माना जाता है। इस साल 12-23 मई तक चलने वाले इस फेस्टिवल में 23 मई को पाम डि’ओर अवॉर्ड दिया जाएगा। कांस के इतिहास में भारत की उपलब्धियां- 80 साल पहले भारत को मिला पहला पाम डि’ओर, आज भी रिकॉर्ड कायम कांस फिल्म फेस्टिवल में जाने वाली पहली भारतीय फिल्म नीचा नगर थी। चेतन आनंद के निर्देशन में बनी ये फिल्म संयोग से कभी भारत में रिलीज ही नहीं हुई। इसका प्रसारण सिर्फ दूरदर्शन में ही किया गया था। अमीर-गरीब की जिंदगी दर्शाने वाली इस फिल्म को कांस फिल्म फेस्टिवल का सर्वश्रेष्ठ पाम डि’ओर अवॉर्ड मिला था। नीचा नगर ये अवॉर्ड जीतने वाली भारत की इकलौती फिल्म है। इसके अलावा दो बीघा जमीन (1954), बूट पॉलिश, पाथेर पांचाली, सलाम बॉम्बे, लंच बॉक्स जैसी करीब 21 फिल्मों को कांस फिल्म फेस्टिवल में अलग-अलग कैटेगरी में अवॉर्ड मिले हैं। जबकि अब तक भारत को कुल 38 नॉमिनेशन मिल चुके हैं। नॉमिनेशन हासिल करने वाली फिल्मों में राज कपूर की ब्लॉकबस्टर फिल्म आवारा भी शामिल है। जब कांस के रेड कार्पेट पर ट्रेडिशनल अवतार में पहुंचे सेलेब्स कांस रेड कार्पेट पर सेलेब्स के इन लुक्स का उड़ा मजाक एक नजर कांस के बेहतरीन इतिहास पर- हिटलर की तानाशाही के खिलाफ शुरू हुआ कांस 1938 में वेनिस फिल्म फेस्टिवल की शुरुआत की गई थी, लेकिन उस समय जर्मनी के तानाशाह एडॉल्फ हिटलर और इटली के तानाशाह मुसोलिनी अपने पसंदीदा लोगों को अवॉर्ड बांट देते थे। इनकी तानाशाही से परेशान होकर कई ज्यूरी मेंबर ने वेनिस फिल्म फेस्टिवल छोड़ दिया और एक फ्री फेस्टिवल शुरू करने का फैसला किया, जिसकी लोकेशन कांस, पेरिस तय हुई। फ्रेंच सरकार ने उसके दस्तावेजों पर साइन कर उसे ऑफिशियल कांस

पंजाब न्यूज़: पंजाब बीजेपी ने EC से की ईवीएम की जगह मतपत्रों से वोटिंग वोटिंग के फैसले को वापस लेने की मांग, AAP पर लगाया ये आरोप

पंजाब न्यूज़: पंजाब बीजेपी ने EC से की ईवीएम की जगह मतपत्रों से वोटिंग वोटिंग के फैसले को वापस लेने की मांग, AAP पर लगाया ये आरोप

पंजाब भाजपा के एक सहयोगी ने रविवार को राज्य के कमिश्नर से मुलाकात कर आगामी स्थानीय बैसाखी में मोके की जगह मतपत्रों से मतदान के फैसले को वापस लेने की मांग की। इस दिग्गज का नेतृत्व पंजाब बीजेपी के अध्यक्ष सुनील जाखड़ ने किया, जिसमें प्रदेश कार्यकारी अध्यक्ष अश्विनी शर्मा, वरिष्ठ नेता विजय सांपला, सोम प्रकाश, मनोरंजन कालिया, अविनाश राय खन्ना, राकेश रैस्टोरैंट और रिवंती जोशी शामिल थे. अंधविश्वास से बातचीत के दौरान जाखड़ ने आरोप लगाया कि आम आदमी पार्टी (आप) सरकार ने राज्य इलेक्ट्रोलेक्टर कमिश्नर के साथ मिलकर नागालैंड के स्थानीय निकाय चुनाव में मतपत्रों से वोटिंग के नियमों को लागू करने की योजना बनाई है। उन्होंने आरोप लगाया कि शॉपिंग दल ने राज पंचायत गोदामों में भी इसी तरह से इस्तेमाल किया था। जाखड़ ने कहा कि स्थानीय निकाय चुनाव के लिए सामान्य रूप से डेमोक्रेट से चुनाव का फैसला लिया जा रहा है, लेकिन रिपब्लिकन की घोषणा के बाद राज्य निर्वाचन आयोग ने कथित तौर पर सरकार के निर्देश पर अचानक रातोरात मतपत्रों से चुनाव का फैसला ले लिया। उन्होंने दावा किया कि चुनाव से पहले सभी राजनीतिक विचारधाराओं की बैठक में हमेशा से परंपरा कायम रही है, लेकिन इस बार ऐसा नहीं हुआ। उन्होंने कहा कि हाल ही में स्थानीय निकाय मंत्री ने भी कहा था कि मतदान की समीक्षा की जाएगी, लेकिन “अपनी हार को भांपते” लेकिन आप सरकार ने निर्णय बदल दिया, ताकि क्षेत्रीय स्तर पर लोकतंत्र को मजबूत बनाने के लिए चुनाव “लूटे” जा सके। पंजाब में आठ नगर निगमों सहित 105 नगर निगमों के लिए वोटिंग 26 मई को होगी, जबकि मातृ 29 मई को की जाएगी।

ईरान बोला- अब पीछे हटने की कोई गुंजाइश नहीं:हमारी सेना पूरी तरह तैयार, अमेरिका को हमारी ताकत का सही अंदाजा नहीं

ईरान बोला- अब पीछे हटने की कोई गुंजाइश नहीं:हमारी सेना पूरी तरह तैयार, अमेरिका को हमारी ताकत का सही अंदाजा नहीं

ईरानी सेना के प्रवक्ता ब्रिगेडियर जनरल मोहम्मद अकरमी निया ने बुधवार को कहा है कि अमेरिका और इजराइल के साथ जंग के बाद अब पीछे हटने की कोई गुंजाइश नहीं है। उन्होंने कहा कि ईरान की सेना और सुरक्षा बल पूरी तरह तैयार हैं, क्योंकि अमेरिका के साथ युद्धविराम काफी कमजोर है। अकरमी निया ने बताया कि होर्मुज के पश्चिमी हिस्से पर इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) की नेवी का कंट्रोल है, जबकि पूर्वी हिस्से की जिम्मेदारी ईरान की रेगुलर नौसेना संभाल रही है। उन्होंने दावा किया कि ईरानी सेना ने दुश्मन को उसके किसी भी मकसद में सफल नहीं होने दिया। युद्ध के दौरान मिडिल ईस्ट में अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर मौजूद कई इक्विपमेंट तबाह कर दिए गए। अकरमी निया ने ईरान की सैन्य ताकत की तारीफ करते हुए कहा कि दुश्मन (अमेरिका-इजराइल) ने ईरान की क्षमताओं का सही अंदाजा नहीं लगाया था। ईरान जंग से जुड़े अपडेट्स के लिए नीचे ब्लॉग से गुजर जाइए…

बेंगलुरु पॉइंट्स टेबल में नंबर-1 पर पहुंचा:कोलकाता की प्लेऑफ राह मुश्किल हुई, पंजाब के लिए आज जीत जरूरी; IPL में प्लेऑफ का गणित

बेंगलुरु पॉइंट्स टेबल में नंबर-1 पर पहुंचा:कोलकाता की प्लेऑफ राह मुश्किल हुई, पंजाब के लिए आज जीत जरूरी; IPL में प्लेऑफ का गणित

IPL 2026 के लीग स्टेज में अब 13 मैच बाकी हैं। मुंबई इंडियंस और लखनऊ सुपर जायंट्स प्लेऑफ से बाहर हो चुकी हैं, जबकि बाकी 8 टीमें टॉप-4 की रेस में बनी हुई हैं। कोलकाता को हराकर बेंगलुरु पॉइंट्स टेबल के टॉप पर पहुंच गई हैं। गुजरात और बेंगलुरु दोनों के 16-16 पॉइंट्स हैं, लेकिन बेहतर रनरेट की वजह से बेंगलुरु पहले स्थान पर है। बुधवार की हार के बाद कोलकाता की राह मुश्किल हो गई है। टीम को अब बचे सभी मैच जीतने होंगे। पॉइंट्स टेबल की मौजूदा सिचुएशन… बेंगलुरु-गुजरात का प्लेऑफ लगभग पक्का बेंगलुरु और गुजरात को प्लेऑफ पक्का करने के लिए बचे 2 में से एक मैच जीतना होगा। दोनों टीमों के 16-16 पॉइंट्स हैं। बेंगलुरु का नेट रनरेट (+1.053) लीग में सबसे बेहतर है। बेंगलुरु का मुकाबला पंजाब और हैदराबाद से है, जबकि गुजरात को कोलकाता और चेन्नई से खेलना है। कोलकाता 8वें पायदान पर कोलकाता नाइट राइडर्स की स्थिति कठिन हो गई है। टीम को 4 मैच बाद हार मिली। टीम के 11 मैचों में 9 पॉइंट्स हैं और 3 मैच बाकी हैं। कोलकाता को प्लेऑफ की उम्मीद बनाए रखने के लिए सभी मुकाबले जीतने होंगे। टीम का अगला मैच गुजरात, मुंबई और दिल्ली से है। पंजाब को मुंबई को हराना ही होगा पंजाब किंग्स लगातार 4 मैच हारकर चौथे स्थान पर खिसक गई है। टीम के 13 पॉइंट्स हैं और हर मैच अहम हो गया है। पंजाब का मुकाबला आज मुंबई से होगा, जहां उसे जीत चाहिए। इसके बाद टीम बेंगलुरु और लखनऊ से खेलेगी। अगर टीम 2 मैच जीतती है तो प्लेऑफ में पहुंचना पक्का हो जाएगा। हैदराबाद के 2 मैच बाकी सनराइजर्स हैदराबाद के 14 पॉइंट्स हैं। गुजरात ने पिछले मैच में टीम को 82 रन से हराकर मुश्किल में डाल दिया। उसका नेट रनरेट +0.331 है। हैदराबाद को प्लेऑफ में पहुंचने के लिए अब चेन्नई और बेंगलुरु को हराना होगा। चेन्नई पांचवें स्थान पर कायम चेन्नई सुपर किंग्स ने खराब शुरुआत के बाद वापसी की है। टीम लगातार 3 मैच जीत चुकी है और 12 पॉइंट्स के साथ पांचवें स्थान पर है। CSK को प्लेऑफ में पहुंचने के लिए तीनों मैच जीतने होंगे। उसके मुकाबले लखनऊ, हैदराबाद और गुजरात से हैं। राजस्थान भी रेस में, दिल्ली की उम्मीदें कमजोर राजस्थान रॉयल्स 12 पॉइंट्स के साथ रेस में बनी हुई है, लेकिन टीम ने पिछले 7 में से 5 मैच गंवाए हैं। राजस्थान को दिल्ली, लखनऊ और मुंबई से खेलना है। वहीं दिल्ली कैपिटल्स की उम्मीदें कमजोर हैं। टीम के 12 मैचों में 10 पॉइंट्स हैं और नेट रनरेट (-0.993) सबसे खराब है। दिल्ली को अपने दोनों मैच बड़े अंतर से जीतने होंगे। साथ ही दूसरी टीमों के नतीजों पर भी निर्भर रहना पड़ेगा। टूर्नामेंट के टॉप प्लेयर्स… कोहली ऑरेंज कैप की रेस में तीसरे नंबर पर पहुंचे विराट कोहली IPL 2026 में ऑरेंज कैप की रेस में तीसरे स्थान पर पहुंच गए हैं। कोलकाता के खिलाफ शतक लगाने के बाद उनके 12 मैचों में 484 रन हो गए। सनराइजर्स हैदराबाद के हेनरिक क्लासन 508 रन के साथ पहले स्थान पर बने हुए हैं, जबकि गुजरात टाइटंस के साई सुदर्शन 501 रन के साथ दूसरे नंबर पर हैं। भुवनेश्वर 22 विकेट के साथ पर्पल कैप होल्डर बेंगलुरु के तेज गेंदबाज भुवनेश्वर कुमार IPL 2026 में सबसे ज्यादा विकेट लेने वाले गेंदबाज बने हुए हैं। उनके 12 मैचों में 22 विकेट हो गए। गुजरात के कगिसो रबाडा 21 विकेट के साथ दूसरे स्थान पर पहुंच गए हैं। चेन्नई के अंशुल कम्बोज 19 विकेट के साथ तीसरे नंबर पर हैं।

बेंगलुरु पॉइंट्स टेबल में नंबर-1 पर पहुंचा:कोलकाता की प्लेऑफ राह मुश्किल हुई, पंजाब के लिए आज जीत जरूरी; IPL में प्लेऑफ का गणित

बेंगलुरु पॉइंट्स टेबल में नंबर-1 पर पहुंचा:कोलकाता की प्लेऑफ राह मुश्किल हुई, पंजाब के लिए आज जीत जरूरी; IPL में प्लेऑफ का गणित

IPL 2026 के लीग स्टेज में अब 13 मैच बाकी हैं। मुंबई इंडियंस और लखनऊ सुपर जायंट्स प्लेऑफ से बाहर हो चुकी हैं, जबकि बाकी 8 टीमें टॉप-4 की रेस में बनी हुई हैं। कोलकाता को हराकर बेंगलुरु पॉइंट्स टेबल के टॉप पर पहुंच गई हैं। गुजरात और बेंगलुरु दोनों के 16-16 पॉइंट्स हैं, लेकिन बेहतर रनरेट की वजह से बेंगलुरु पहले स्थान पर है। बुधवार की हार के बाद कोलकाता की राह मुश्किल हो गई है। टीम को अब बचे सभी मैच जीतने होंगे। पॉइंट्स टेबल की मौजूदा सिचुएशन… बेंगलुरु-गुजरात का प्लेऑफ लगभग पक्का बेंगलुरु और गुजरात को प्लेऑफ पक्का करने के लिए बचे 2 में से एक मैच जीतना होगा। दोनों टीमों के 16-16 पॉइंट्स हैं। बेंगलुरु का नेट रनरेट (+1.053) लीग में सबसे बेहतर है। बेंगलुरु का मुकाबला पंजाब और हैदराबाद से है, जबकि गुजरात को कोलकाता और चेन्नई से खेलना है। कोलकाता 8वें पायदान पर कोलकाता नाइट राइडर्स की स्थिति कठिन हो गई है। टीम को 4 मैच बाद हार मिली। टीम के 11 मैचों में 9 पॉइंट्स हैं और 3 मैच बाकी हैं। कोलकाता को प्लेऑफ की उम्मीद बनाए रखने के लिए सभी मुकाबले जीतने होंगे। टीम का अगला मैच गुजरात, मुंबई और दिल्ली से है। पंजाब को मुंबई को हराना ही होगा पंजाब किंग्स लगातार 4 मैच हारकर चौथे स्थान पर खिसक गई है। टीम के 13 पॉइंट्स हैं और हर मैच अहम हो गया है। पंजाब का मुकाबला आज मुंबई से होगा, जहां उसे जीत चाहिए। इसके बाद टीम बेंगलुरु और लखनऊ से खेलेगी। अगर टीम 2 मैच जीतती है तो प्लेऑफ में पहुंचना पक्का हो जाएगा। हैदराबाद के 2 मैच बाकी सनराइजर्स हैदराबाद के 14 पॉइंट्स हैं। गुजरात ने पिछले मैच में टीम को 82 रन से हराकर मुश्किल में डाल दिया। उसका नेट रनरेट +0.331 है। हैदराबाद को प्लेऑफ में पहुंचने के लिए अब चेन्नई और बेंगलुरु को हराना होगा। चेन्नई पांचवें स्थान पर कायम चेन्नई सुपर किंग्स ने खराब शुरुआत के बाद वापसी की है। टीम लगातार 3 मैच जीत चुकी है और 12 पॉइंट्स के साथ पांचवें स्थान पर है। CSK को प्लेऑफ में पहुंचने के लिए तीनों मैच जीतने होंगे। उसके मुकाबले लखनऊ, हैदराबाद और गुजरात से हैं। राजस्थान भी रेस में, दिल्ली की उम्मीदें कमजोर राजस्थान रॉयल्स 12 पॉइंट्स के साथ रेस में बनी हुई है, लेकिन टीम ने पिछले 7 में से 5 मैच गंवाए हैं। राजस्थान को दिल्ली, लखनऊ और मुंबई से खेलना है। वहीं दिल्ली कैपिटल्स की उम्मीदें कमजोर हैं। टीम के 12 मैचों में 10 पॉइंट्स हैं और नेट रनरेट (-0.993) सबसे खराब है। दिल्ली को अपने दोनों मैच बड़े अंतर से जीतने होंगे। साथ ही दूसरी टीमों के नतीजों पर भी निर्भर रहना पड़ेगा। टूर्नामेंट के टॉप प्लेयर्स… कोहली ऑरेंज कैप की रेस में तीसरे नंबर पर पहुंचे विराट कोहली IPL 2026 में ऑरेंज कैप की रेस में तीसरे स्थान पर पहुंच गए हैं। कोलकाता के खिलाफ शतक लगाने के बाद उनके 12 मैचों में 484 रन हो गए। सनराइजर्स हैदराबाद के हेनरिक क्लासन 508 रन के साथ पहले स्थान पर बने हुए हैं, जबकि गुजरात टाइटंस के साई सुदर्शन 501 रन के साथ दूसरे नंबर पर हैं। भुवनेश्वर 22 विकेट के साथ पर्पल कैप होल्डर बेंगलुरु के तेज गेंदबाज भुवनेश्वर कुमार IPL 2026 में सबसे ज्यादा विकेट लेने वाले गेंदबाज बने हुए हैं। उनके 12 मैचों में 22 विकेट हो गए। गुजरात के कगिसो रबाडा 21 विकेट के साथ दूसरे स्थान पर पहुंच गए हैं। चेन्नई के अंशुल कम्बोज 19 विकेट के साथ तीसरे नंबर पर हैं।

भरवा शिमला मिर्च रेसिपी: घर पर ठेठ होटल स्टाइल गैलरी भरवाँ शिमला मिर्च, बनाना भी है आसान; शेफ भी कीटेंगे रेसिपी

तस्वीर का विवरण

भरवाँ काली मिर्च बनाने की सामग्री: 4 बड़ी मीठी मिर्च, 3 छोटे टमाटर, 1 तरबूज़ कटे टमाटर, 2 हरी मिर्च, 1 छोटा गाजर-लहसुन पेस्ट, 1/2 छोटा टमाटर हल्दी, 1/2 छोटा टमाटर छवि: फ्रीपिक 1 छोटा चम्मच लाल मिर्च पाउडर, 1 छोटा चम्मच धनिया पाउडर, 1/2 छोटा चम्मच लाल मिर्च पाउडर, 1/2 छोटा चम्मच लाल मिर्च पाउडर, 1/2 छोटा चम्मच लाल मिर्च पाउडर, 2 बड़ा चम्मच लाल मिर्च पाउडर, 2 बड़ा चम्मच लाल मिर्च पाउडर, 2 बड़ा चम्मच हरा धनिया पाउडर छवि: फ्रीपिक सबसे पहले काली मिर्च को अच्छे से धो लें। अब ऊपर का भाग दृश्य उसके अंदर के बीज रहित। ध्यान रखें कि काली मिर्च नहीं। इसके बाद एक बाउल में आलू मैश कर लें। छवि: फ्रीपिक अब इसमें प्याज, टमाटर, हरी मिर्च और सभी मठवासी अच्छी तरह से मिला लें। यही स्वादिष्ट स्टफिंग तैयार होगी। छवि: फ्रीपिक बनाने की विधि: एक-एक करके पूरी जानकारी, मिर्च में तैयार मसाला भर दें। अब गैस पर पकाए गए बर्तन और तेल को गर्म करें। तेल गर्म होने के बाद सारी भरी हुई मीठी मिर्च को धीरे-धीरे-धीरे-धीरे सुखाते रहें। छवि: एआई आस्थगित अनैच्छिक परोक्षांश। बीच-बीच में पलटते रहें ताकि हर तरफ से काली मिर्च अच्छी तरह पक जाए। करीब 15 से 20 मिनट में सबसे बढ़िया काली मिर्च और स्वाद सुनहरी होगी। छवि: एआई ऊपर से हरा धनिया और गरमा-गरम सर्व करें। अगर आप यात्रा करते हैं तो स्टफिंग में पनीर भी मिला सकते हैं। छोटी सौरी कस मेथी से होटल जैसा स्वाद आता है। छवि: एआई इसे टेवे पर अनौपचारिक रूप से पकाने से स्वाद और भी बढ़ जाता है। वहीं एक्जीक्यूटिव आलू की स्टफिंग का स्वाद कई गुणा बढ़ा हुआ है। छवि: फ्रीपिक भरवाँ मिर्च स्वाद के साथ-साथ भी होता है। काली मिर्च में विटामिन-सी और गाजर की प्रचुर मात्रा पाई जाती है, जिसे शरीर के लिए हानिकारक माना जाता है। छवि: एआई अगर आप भी कुछ नया और टेस्टी खाना चाहते हैं तो इस आसान रेसिपी को जरूर आजमाएं। छवि: फ्रीपिक

दूध के बढ़ते दाम से हैं परेशान, मिल्क की कमी ये 5 चीजें कर सकती हैं पूरी, कीमत भी ज्यादा नहीं !

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Last Updated:May 13, 2026, 20:26 IST Healthy Alternatives to Milk: दूध की बढ़ती कीमतों के बीच दही, चना, सोया, मूंगफली, तिल और रागी जैसी चीजें शरीर को जरूरी पोषण देने में मदद कर सकती हैं. एक्सपर्ट्स के अनुसार संतुलित आहार अपनाकर कम बजट में भी कैल्शियम और प्रोटीन की जरूरत काफी हद तक पूरी की जा सकती है. दूध की जगह आप हरी सब्जियां और चना खा सकते हैं. Best Milk Substitutes for Health: दूध को पुराने समय से कैल्शियम, प्रोटीन और कई जरूरी पोषक तत्वों का अच्छा सोर्स माना जाता है. पहले के जमाने में अधिकतर लोग गाय-भैंस रखते हैं और दूध की किल्लत नहीं होती थी. आजकल शहरों में दूध सिर्फ पैकेट्स में मिलता है. बुधवार को मदर डेयरी और अमूल ने दूध की कीमतों में 2 रुपये की बढ़ोतरी का ऐलान किया है. पिछले कुछ समय में दूध की बढ़ती कीमतों ने कई परिवारों का बजट प्रभावित किया है. ऐसे में लोग ऐसे विकल्प तलाश रहे हैं, जो सस्ते भी हों और शरीर को जरूरी पोषण भी दे सकें. हेल्थ एक्सपर्ट्स के अनुसार सेहत के लिए दूध जरूरी होता है, लेकिन कुछ अन्य चीजें भी कैल्शियम और प्रोटीन की जरूरत पूरी करने में मदद कर सकती हैं. दूध की कमी ये चीजें कर सकती हैं पूरी दही : दही को दूध का सबसे आसान और किफायती विकल्प माना जाता है. इसमें कैल्शियम, प्रोटीन और प्रोबायोटिक्स पाए जाते हैं, जो पाचन के लिए भी फायदेमंद माने जाते हैं. कई बार दही की कीमत दूध के मुकाबले कम पड़ सकती है और इसे रोजाना खाने में आसानी से शामिल किया जा सकता है. सोया और चना : हेल्थ एक्सपर्ट्स के अनुसार सोया उत्पाद और चना प्रोटीन के अच्छे स्रोत माने जाते हैं. सोया चंक्स, भुना चना या अंकुरित चना शरीर को जरूरी पोषण देने में मदद कर सकते हैं. खासकर शाकाहारी लोगों के लिए ये अच्छे विकल्प माने जाते हैं. मूंगफली : मूंगफली को गरीबों का बादाम भी कहा जाता है. इसमें प्रोटीन और हेल्दी फैट्स पाए जाते हैं. कम कीमत में मिलने वाली मूंगफली स्नैक के तौर पर या चटनी और सलाद में इस्तेमाल की जा सकती है. यह शरीर को ऊर्जा देने में भी मदद कर सकती है. तिल और रागी : कैल्शियम की बात करें तो तिल और रागी को भी काफी फायदेमंद माना जाता है. हेल्थ एक्सपर्ट्स बताते हैं कि रागी में अच्छी मात्रा में कैल्शियम पाया जाता है और इसे रोटी, दलिया या ड्रिंक के रूप में लिया जा सकता है. वहीं तिल को लड्डू, चटनी या सलाद में शामिल किया जा सकता है. हरी पत्तेदार सब्जियां : पालक, मेथी और सरसों जैसी हरी सब्जियों में भी कई जरूरी मिनरल्स पाए जाते हैं. हालांकि इनमें दूध जितना कैल्शियम नहीं होता, लेकिन संतुलित डाइट में इन्हें शामिल करना शरीर के लिए फायदेमंद माना जाता है. अगर कोई व्यक्ति दूध कम पी रहा है, तो उसे अपनी डाइट में अलग-अलग पोषक तत्वों वाले खाद्य पदार्थ शामिल करने चाहिए. सेहत, रिलेशनशिप, लाइफ या धर्म-ज्योतिष से जुड़ी है कोई निजी उलझन तो हमें करें WhatsApp, आपका नाम गोपनीय रखकर देंगे जानकारी. About the Author अमित उपाध्याय अमित उपाध्याय News18 हिंदी की लाइफस्टाइल टीम के अनुभवी पत्रकार हैं, जिनके पास प्रिंट और डिजिटल मीडिया में 9 वर्षों से अधिक का अनुभव है। वे हेल्थ, वेलनेस और लाइफस्टाइल से जुड़ी रिसर्च-बेस्ड और डॉक्टर्स के इंटरव्…और पढ़ें News18 न्यूजलेटर अब ईमेल पर इनसाइड स्‍टोर‍ीज खबरों के पीछे की खबर अब आपके इनबॉक्‍स में सबमिट करें

कटहल आम का मिक्स अचार रेसिपी: गरमा गरम किचन में देखने पर क्या आता है आलस? घर में कटहल-आम का मिक्स अचार, सब्जी खाना जायेंगे भूल

तस्वीर का विवरण

सामग्री: 250 कच्ची ग्राम कटहल, 2 बड़ी काली मिर्च, 1 बड़ा काली मिर्च पाउडर, 1 छोटी काली मिर्च पाउडर, 2 बड़ी काली मिर्च पाउडर, 1 बड़ी काली मिर्च पाउडर, 1 छोटी चम्मच मेथी दाना, 1 छोटी काली मिर्च कलौंजी छवि: फ्रीपिक 1 छोटा चम्मच तेल, आधा छोटा चम्मच तेल, 1 कप छोटा चम्मच तेल। बता दें कि यह अचार लंबे समय तक खराब नहीं होता और दाल-चावल, पराठे या साधारण रोटी के साथ भी खाने का मजा डबल कर देता है। छवि: फ्रीपिक अचार बनाने की आसान विधि: सबसे पहले कटहल को छोटी-छोटी कसरत में काट लें। अब कच्चे आम को भी ढोकर छोटे टुकड़ों में काट लें। ध्यान रखें कि दोनों में पानी बिल्कुल न रहे, बाकी अचार जल्दी खराब हो सकते हैं। छवि: एआई अब कटहल में एक बड़ा पोज़िशन और आम मिलाप। नमक और हल्दी करीब 2 से 3 घंटे के लिए रखें। इससे कटहल लिटिल नर हो जाएगा और आम का पानी भी निकल जाएगा। छवि: फ्रीपिक इसके बाद एक पैन में सौंफ, मेथी, राई और को एक पैन सा भून लें। ठंडा होने पर उदाहरण दारारा पीस लें। अब कटहल और आम में लाल मिर्च, भुने हुए टुकड़े और हिंग मॉड्यूल अच्छी तरह से मिक्स करें। छवि: एआई ऊपर से जैतून का तेल गर्म करके ठंडा करें और अचार में मिलायें। अब इस आचार्य को साफ और आकर्षक कांच के जार में भर दें। 3 से 4 दिन तक धूप। बीच-बीच में मछली से शौकीन रहना। छवि: एआई कुछ ही दिनों में स्वादिष्ट कटहल-आम का मिक्स अचार तैयार हो जाएगा। अचार में बिल्कुल भी पानी नहीं डालना चाहिए। हमेशा मछली और सासा का उपयोग करें। छवि: एआई सरसों का तेल अच्छी तरह गर्म करके ठंडा करने के बाद ही डालें। धूप से अचार का स्वाद और भी बढ़ जाता है। छवि: फ्रीपिक कटहल-आम का यह मिक्स अचार इतना टेस्टी लगता है कि लोग बार-बार मांगकर खाएंगे। अगर गर्म में रोज-रोज सब्जी बनाने का मन नहीं है, तो यह अचार आपकी थाली का स्वाद आसानी से बढ़ा सकता है. छवि: एआई

पालक की पूरी रेसिपी: सिर्फ 5 मिनट में हलवाई जैसी खस्ता पालक पूरी, एक खास ट्रिक से फूलेगी पूरी जैसी, आसान विधि

पालक की पूरी रेसिपी

13 मई 2026 को 19:03 IST पर अपडेट किया गया पलक की पूरी रेसिपी: अगर आप भी अपने नामांकन में कुछ नया और अलग करना चाहते हैं, तो पालक पूरी तरह से सर्वश्रेष्ठ पद पर आसीन हो सकता है। यह सिर्फ सेहत के लिए ही नहीं बल्कि घर में बच्चों से लेकर बड़े सबको बहुत पसंद करना है। ये पू डांस चाय के साथ बहुत खूबसूरत लगती हैं। पालक, अदरक और हरी मिर्च के पत्तेपन के साथ यह रेसिपी झटपट तैयार हो जाती है। आइए, इसकी क्विक रेसिपी आपको बताएंगे। अनुसरण करना : सबसे पहले 250 ग्राम धुले हुए पालक को 2-3 मिनट ब्लांच कर लें। ठंडा होने पर अदरक और हरी मिर्च के साथ मिक्सचर पेस्ट बनाएं। छवि: फ्रीपिक एक पोर में 2 कप आटे का आटा गूंथने के लिए लें। इसमें पालक का पेस्ट, जीरा, अजमायन, नमक और 2 मसाले के तेल का मोयन डाला गया। छवि: फ्रीपिक सभी अनीचों को अच्छे से पुराने कड़वे- कड़वे गूंथे आटे लें. चाहिए हो तो ही पानी थोड़ा-थोड़ा करके 15 मिनट के लिए छोड़ दें। छवि: फ्रीपिक एसोसिएट्स के छोटे लो डिस्प्ले और उन पर डिस्प्ले ऑयल प्लग गोल आकार की पुरियां बेलना कर देना शुरू कर देते हैं। छवि: फ्रीपिक गर्म तेल में पूरियों को नापसंद किया गया। कलछी से प्रकाश दबाते हुए दोनों तरफ से सुन्दर और फूलने तक तल लें। छवि: फ्रीपिक इन कुरकुरी पूरियों को आलू की सब्जी या रायते के साथ बनाएं। अधिक मात्रा में कुरकुरेपन के लिए आटे में आधी सूजी भी मिला सकते हैं। छवि: फ्रीपिक द्वारा प्रकाशित: कीर्ति सोनी प्रकाशित 13 मई 2026 19:03 IST पर (टैग्सटूट्रांसलेट)पालक पूरी(टी)पालक पूरी रेसिपी(टी)झटपट नाश्ता(टी)स्वस्थ हिंदी रेसिपी(टी)क्रिस्पी पुरी टिप्स(टी)भारतीय स्नैक्स(टी)पालक की पूरी कैसे बनाएं

'बच्चे के डायपर से ज्यादा पेपर लीक हो जाता है':NEET पेपर लीक पर बोले खान सर, सोशल मीडिया पर फनी मीम्‍स की बाढ़

'बच्चे के डायपर से ज्यादा पेपर लीक हो जाता है':NEET पेपर लीक पर बोले खान सर, सोशल मीडिया पर फनी मीम्‍स की बाढ़

NTA ने 3 मई को हए NEET UG 2026 का एग्जाम को रद्द कर दिया। NTA के महानिदेशक अभिषेक सिंह के मुताबिक, 7-10 दिन में रि-एग्जाम के लिए शेड्यूल जारी किया जाएगा। किसी भी कैंडिडेट को इसके लिए वापस से रजिस्टर या एग्जाम फीस नहीं देना होगा। दोबारा से सभी के लिए एडमिट कार्ड जारी होंगा। कैंडिडेट्स को पिछले सेंटर ही एलॉट होंगे। NTA के इस फैसले पर कई टीचर्स और पॉलिटिशियंस के रिएक्‍शंस सामने आए हैं। खान सर बोले- NTA मतलब ‘नेवर ट्रस्टेबल एजेंसी’ मशहूर एजुकेटर और यूट्यूबर खान सर ने कहा, ‘2024 में भी ऐसी घटना हुई, CBI जांच हुआ पर कोई नतीजा नहीं निकला। उनका मनोबल बढ़ गया और ये फिर हुआ। सबसे हास्यास्पद है कि पेपर लीक की जानकारी खुद बच्चों ने सरकार को दी, जबकि सरकारी एजेंसियों को पहले पता चलना चाहिए था।’ उन्होंने कहा, ‘समझ नहीं आता NTA को ये जिम्मेदारी पेपर कराने की दी गई है या पेपर लीक कराने के लिए। NTA का नाम होना चाहिए ‘नेवर ट्रस्टेबल एजेंसी’।’ ‘CBI इज लाइक अ नोकिया मोबाइल’ खान सर ने आगे कहा कि अगर CBI को जांच की जिम्मेदारी दी है, तो बच्चों का MBBS कंप्लीट होने तक इनकी जांच ही चलती रहेगी। CBI इज लाइक अ नोकिया मोबाइल। 1946 में अंग्रेजों ने मुद्दों को दबाने के लिए CBI बनाया था। सरकार भी वही कर रही। प्रधानमंत्री और सुप्रीम कोर्ट को भी इसमें इन्वॉल्व होना चाहिए और गुनाहगारों को कड़ी से कड़ी सजा दिलानी चाहिए। इससे राष्ट्रीय छवि खराब होती है। बच्चों का मनोबल भी टूटता है। NTA वाले करोड़पति हैं, लेकिन बच्चे कर्ज लेकर एग्जाम देने पहुंचते हैं। ऐसे में फीस नहीं लेंगे कह देना आसान है। अलख पांडे बोले- ‘कोचिंग वाला शामिल हो तो फांसी पर चढ़ाएं’ NEET 2026 के कैंसिलेशन पर एजुकेटर और ‘फिजिक्स वाला’ के को-फाउंडर अलख पांडे बोले, ‘इससे अच्छा तो स्कूल का एग्जाम होता है। मैंने नहीं सुना स्कूल का कोई एग्जाम इतनी आसानी से लीक होते।’ ‘एग्जाम से 2-3 दिन पहले NTA ने स्टेटमेंट जारी कर कहा था कि ये कोई स्कूल का एग्जाम नहीं है। ये नेशनल लेवल का एग्जाम है। आप चैन से सो जाओ। हम इसे संभाल लेंगे। फूल-प्रूफ सिस्टम है।’ ‘ऐसा बार-बार होने से बच्चों का पूरे सिस्टम से भरोसा उठता है। अगर पहले से पेपर लीक का अंदेशा हो गया था तो पेपर क्यों नहीं बदला गया?’ ‘ढीले कपड़े पहनो, पजामा पहनो, जूता-घड़ी नहीं पहनो। जैकेट नहीं पहनो, जेब नहीं होनी चाहिए, प्लास्टिक की बोतल होनी चाहिए। सारी चेकिंग, सारी पोलिसिंग बच्चों पर कर रहे थे, और इनके सिस्टम के अंदर बैठकर जो पेपर लीक कर रहा था, वो इनको पता नहीं चल रहा था।’ ‘ये नेशनल लेवल पर बहुत बड़ा लीक है और इसमें सिस्टम के लोग इसमें शामिल हैं। जिन अमीरों ने पेपर खरीदा, उन अमीरों को सजा मिले। ये कौन अमीर लोग थे जो अपने बच्चों के लिए पेपर खरीदकर लाए थे, गरीब बच्चों के साथ अन्याय कर रहे थे। कोई कोचिंग वाला शामिल है तो उसे फांसी पर चढ़ाएं।’ सचिन पायलट बोले- ‘जांच के नाम पर मामले को टालना चाहते हैं’ कांग्रेस लीडर और राजस्थान के फॉर्मर डिप्टी सीएम सचिन पायलट ने कहा, ‘केंद्र सरकार ने CBI के नाम पर एक बार फिर खुद को बचाने की कोशिश की है। जांच के नाम पर मामले को टालना चाहते हैं। दो साल पहले भी जांच बिठाई थी, उसकी रिपोर्ट कहां है? किसको सजा हुई? जांच के नाम पर पल्ला झाड़ दें, ये नाकाफी है।’ उन्होंने कहा कि लगभग 9-10 दिन बाद परीक्षा को रद्द किया। सोशल मीडिया पर पूरा खुलासा होने के बाद मजबूरन सरकार को परीक्षा को रद्द करना पड़ा है। उन्होंने सवाल किया, ‘कब तक जांच बिठाकर बात को दरी के नीचे डालते रहेंगे?’ ‘CBI को जांच सौंपी है। CBI को फुरसत कहां है? CBI को तो विपक्षी नेताओं की जांच करना है, उनके यहां छापे डालने हैं, उनका मुंह बंद करना है।’ सचिन पायलट ने आरोप लगाया कि शिक्षा विभाग ने इसको अपने हाल पर छोड़ रखा है वरना इतने व्यापक स्तर पर पेपर लीक नहीं हो सकता। उन्होंने आगे कहा, ‘NTA बनाई गई थी ताकि पेपर लीक को बंद कर सकें। एक एयर टाइट मेकेनिज्म हो ताकि व्यवस्था को नियंत्रित कर सकें। अब वो एजेंसी कोलैप्स कर गई है, इसके लिए जिम्मेदार कौन है?’ इसमें एक ज्युडिशियल प्रोब हो जो सरकार के दायरे के बाहर हो। साथ ही टाइम बाउंड हो। राहुल गांधी बोले- ‘पीएम का अमृतकाल, देश के लिए विषकाल बना’ कांग्रेस लीडर राहुल गांधी ने कहा कि प्रधानमंत्री का तथाकथित अमृतकाल, देश के लिए विषकाल बन गया है। उन्होंने आरोप लगाया कि हर बार पेपर माफिया बच निकलते हैं और ईमानदार छात्रों को इसकी सजा भुगतनी पड़ती है। उन्होंने कहा, ‘अब लाखों छात्र फिर से वही मानसिक तनाव, आर्थिक बोझ और अनिश्चितता झेलेंगे। अगर अपनी तकदीर मेहनत से नहीं, पैसे और पहुंच से तय होगी, तो फिर शिक्षा का मतलब क्या रह जाएगा?’ ‘जेन-Z , ऐसे ही चलेगा या कुछ करना है?’- केजरीवाल AAP के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने कहा, ‘2017, 2021, 2024 में पेपर लीक हुए थे। उस समय CBI को जांच सौंप दी गई। क्या CBI ने कुछ किया? इस बार भी CBI को जांच सौंपी गई है। क्या CBI कुछ करेगी?’ उन्होंने कहा, ‘2024 में तो हद हो गई। पेपर लीक के मास्टरमाइंड को गिरफ्तार किया। 90 दिन के अंदर चार्जशीट फाइल होनी थी, पर नहीं किया। तथाकथित मास्टरमाइंड को बेल मिल गई।’ आगे बताया, ‘आपको लगता है CBI ने इतनी इनएफिशिएंट है? तो CBI इनएफिशिएंट नहीं है, उसमें बहुत अच्छे लोग हैं। CBI उन्हीं लोगों को रिपोर्ट करती है जो पेपर लीक करवा रहे हैं। CBI इसमें किसी को सजा दिलवा ही नहीं सकती।’ देश के जेन-Z से पूछना है, ऐसे ही चलेगा या कुछ करना है? अगर नेपाल-बांग्लादेश का जेन-Z सड़कों पर उतरकर अपने देश की सरकारों को बदल सकता है, तो हमारे देश का जेन-Z, पेपर लीक करने वालों को जेल नहीं भेज सकता? भेज सकता है। मुझे अपने देश के जेन-Z पर पूरा भरोसा है। ये देश आपका है। इस देश के नेताओं को इस देश में कोई इंट्रस्ट नहीं है। नेताओं के बच्चे