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वेजिटेबल उपमा रेसिपी: फिट पर स्वाद से नहीं होता कॉम्प्रोमाइज? अनलॉस्ट सुपरमार्केट वाला उपमा, कम कैलोरी में भरेगा पेट

तस्वीर का विवरण

सामग्री: 1 कप सूजी, 1 छोटा चम्मच, 1 गाजर, 1/2 कप कप मटर, 1 काली मिर्च, 2 हरी मिर्च, 1 छोटा चम्मच राई, 7-8 करी पत्ते, 2 बड़े मसाले का तेल, 2 से 3 पानी, स्वाद नमक, थोड़ा हरा धनियां, 1/2 नींबू का रस छवि: फ्रीपिक बनाने की आसान विधि: सबसे पहले एक पैन में सूजी को अंधेरा होने तक सूखा भुन लें। जब सूजी से अच्छी क्वालिटी आने लगे, तो इसे एक प्लेट में निकाल लें। अब वही पैन में तेल या घी गर्म करें। छवि: फ्रीपिक इसमें राई और चटकने दें। फिर कारी पत्ता, हरी मिर्च और पेंसिल पेंटिंग भून लें। इसके बाद गाजर, मटर और नमक का टुकड़ा 2 से 3 मिनट तक टूट गया। अब इसमें पानी और नमक और मसाले शामिल हैं। छवि: एआई जब पानी भरने लगे, तब धीरे-धीरे-धीरे-धीरे भुनी हुई सूजी डालें और लगातार चाटते रहें ताकि घुटठियां न बनें। माप पर 3 से 4 मिनट तक का समय। अंतिम रूप से नींबू का रस और हरा धनियां स्टैक अच्छी तरह से मिक्स करें। छवि: फ्रीपिक आपका गरमा-गरम वेजिटेबल उपमा तैयार है। वेजिटेबल उपमा में सूजी के साथ कई तरह के पादप तत्व पाए जाते हैं, जिससे शरीर को विटामिन और आवश्यक पोषक तत्व मिलते हैं। छवि: फ्रीपिक यह कम तेल में बन जाता है, इसलिए वजन नियंत्रित करना भी लोगों के लिए अच्छा माना जाता है। छवि: फ्रीपिक उपमा में भुनी हुई मूँगफली दाल ले सकते हैं। प्रभाव कॅटपन पसंद हो तो थोड़ा सा न्यूनतम वाक्य। इसमें टमाटर तो टमाटर भी मिला सकते हैं। बच्चों के लिए छोटी बटरी का स्वाद और बढ़ना बढ़ता है। छवि: फ्रीपिक अगर आप रोज एक नाश्ता जैसा कि जरूरी बोर हो चुके हैं, तो इस रेफ्रिजरेटर और टेस्टी वेजिटेबल उपमा को जरूर ट्राई करें। यह जल्दी बनता है और पूरे परिवार को पसंद भी आता है। छवि: फ्रीपिक (टैग्सटूट्रांसलेट)वेजिटेबल उपमा रेसिपी(टी)वेजिटेबल उपमा रेसिपी(टी)उपमा रेसिपी(टी)उपमा कैसे बनाएं(टी)नमकीन उपमा(टी)उपमा कैसे बनाएं

रेवंत रेड्डी ने कांग्रेस पर टिप्पणी को लेकर पीएम मोदी पर पलटवार किया, बीजेपी को ‘ब्रिटिश जनता पार्टी’ बताया | राजनीति समाचार

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आखरी अपडेट:11 मई, 2026, 22:34 IST पश्चिम एशिया में तनातनी के बीच तेलंगाना के सीएम रेवंत रेड्डी ने भी सर्वदलीय बैठक की मांग की. तेलंगाना के मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी (पीटीआई/फ़ाइल) तेलंगाना के मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और भाजपा पर तीखा हमला बोला और केंद्र में सत्तारूढ़ पार्टी पर विभाजनकारी राजनीति करने और संवैधानिक संस्थानों का दुरुपयोग करने का आरोप लगाया। पत्रकारों से बात करते हुए मुख्यमंत्री ने पीएम मोदी की कांग्रेस को “मुस्लिम लीग माओवादी कांग्रेस” बताने वाली टिप्पणी पर कड़ी आपत्ति जताई। भाजपा को “ब्रिटिश जनता पार्टी” कहते हुए रेवंत रेड्डी ने आरोप लगाया कि भगवा पार्टी समाज को “बांटने” और समुदायों के बीच “डर” पैदा करने का प्रयास कर रही है। सीएम रेड्डी ने कहा, “हम पीएम मोदी द्वारा दिए गए बयान की कड़ी निंदा करते हैं। मुस्लिम और माओवादी भी इस देश का हिस्सा हैं। एक प्रधानमंत्री के लिए इस तरह से बोलना दुर्भाग्यपूर्ण है। वे (बीजेपी) उन्हें खत्म करना चाहते हैं, लेकिन हमारा तरीका उन्हें मुख्यधारा के समाज में वापस लाना है। तेलंगाना में देश के किसी भी अन्य राज्य की तुलना में अधिक माओवादी आत्मसमर्पण हुए हैं।” तेलंगाना के मुख्यमंत्री ने कहा कि उनकी सरकार केवल बल पर केंद्रित दृष्टिकोण अपनाने के बजाय माओवादियों को मुख्यधारा में वापस लाने में विश्वास करती है। सीएम रेड्डी ने पीएम मोदी द्वारा घोषित प्रतिबंधों पर प्रतिक्रिया दी पश्चिम एशिया संकट और पीएम मोदी के आत्मनिर्भरता के प्रयास के बीच, सीएम रेवंत रेड्डी ने कहा कि “पीएम मोदी लोगों पर प्रतिबंध लगा रहे हैं, ऐसे सुझाव देना विदेश नीति की पूरी विफलता के अलावा कुछ नहीं है। उन्हें सर्वदलीय बैठक बुलानी चाहिए और सभी से सुझाव लेने चाहिए। भारत ने भारत-पाकिस्तान युद्ध सहित कई युद्ध देखे हैं, लेकिन देश को कभी भी ऐसे प्रतिबंधों का सामना नहीं करना पड़ा।” उन्होंने आगे तर्क दिया कि संघर्षों में सीधे तौर पर शामिल कई देश स्थिति को अलग-अलग तरीके से संभाल रहे थे। रेवंत रेड्डी ने आरोप लगाया, “अमेरिका और संकट का सामना कर रहे अन्य देश सीधे तौर पर युद्ध में शामिल हैं, लेकिन भारत सीधे तौर पर इस युद्ध में शामिल नहीं है। पीएम मोदी को कार्रवाई करनी चाहिए, लेकिन वह कुछ नहीं कर रहे हैं। वे केवल किसी को संकट में डालना जानते हैं।” चुनी हुई कहानियाँ, आपके इनबॉक्स में हमारी सर्वोत्तम पत्रकारिता वाला एक न्यूज़लेटर जमा करना समाचार राजनीति रेवंत रेड्डी ने कांग्रेस पर टिप्पणी को लेकर पीएम मोदी पर पलटवार किया, बीजेपी को ‘ब्रिटिश जनता पार्टी’ कहा अस्वीकरण: टिप्पणियाँ उपयोगकर्ताओं के विचार दर्शाती हैं, News18 के नहीं। कृपया चर्चाएँ सम्मानजनक और रचनात्मक रखें। अपमानजनक, मानहानिकारक, या अवैध टिप्पणियाँ हटा दी जाएंगी। News18 अपने विवेक से किसी भी टिप्पणी को अक्षम कर सकता है. पोस्ट करके, आप हमारी उपयोग की शर्तों और गोपनीयता नीति से सहमत होते हैं। और पढ़ें (टैग्सटूट्रांसलेट)रेवंत रेड्डी की पीएम मोदी की आलोचना(टी)तेलंगाना के मुख्यमंत्री(टी)नरेंद्र मोदी पर हमला(टी)भाजपा विभाजनकारी राजनीति(टी)मुस्लिम लीग माओवादी कांग्रेस(टी)ब्रिटिश जनता पार्टी की टिप्पणी(टी)संस्थाओं का दुरुपयोग भारत(टी)पश्चिम एशिया संकट भारत

Guava Health Benefits: पेड़ पर उगने वाला यह देसी फल प्रोटीन-विटामिन से भरपूर, फल-पत्ती दोनों में छिपे हैं गुण

Guava Health Benefits: पेड़ पर उगने वाला यह देसी फल प्रोटीन-विटामिन से भरपूर, फल-पत्ती दोनों में छिपे हैं गुण

Last Updated:May 11, 2026, 21:27 IST Guava Health Benefits: अमरूद का पौधा प्रकृति का अनमोल उपहार माना जाता है. इसके फल के साथ-साथ इसकी पत्तियां भी लोगों के लिए काफी उपयोगी मानी जाती हैं. अमरूद में कई पोषक तत्व पाए जाते हैं, जो शरीर को स्वस्थ रखने में मदद करते हैं. यही वजह है कि गांवों में आज भी लोग इसे सिर्फ एक फल नहीं, बल्कि प्राकृतिक औषधि के रूप में भी देखते हैं. आइए अमरूद के प्राकृतिक गुणों के बारे में जानते हैं. अमरूद का पौधा सिर्फ स्वादिष्ट फल देने वाला पेड़ ही नहीं है, बल्कि इसे एक प्राकृतिक औषधि भी माना जाता है. गांवों से लेकर शहरों तक अमरूद का उपयोग लोग बड़े शौक से करते हैं. आयुर्वेद में भी अमरूद के फल, पत्तियां और छाल को कई घरेलू उपचारों में उपयोगी बताया गया है. यही कारण है कि आज भी लोग अमरूद को सेहत के लिए बेहद फायदेमंद मानते हैं. अमरूद में विटामिन सी, फाइबर, आयरन, कैल्शियम और कई जरूरी पोषक तत्व पाए जाते हैं. इसके फल के साथ-साथ इसकी पत्तियां भी कई प्रकार से उपयोग में लाई जाती हैं. खास बात यह है कि अमरूद आसानी से मिलने वाला फल है और इसकी देखभाल भी ज्यादा कठिन नहीं होती. अमरूद को मधुमेह यानी डायबिटीज के मरीजों के लिए लाभकारी फल माना जाता है. इसमें प्राकृतिक शुगर पाई जाती है और फाइबर भी भरपूर मात्रा में होता है, जो शरीर के लिए फायदेमंद माना जाता है. कई लोग डायबिटीज में अमरूद का सेवन बिना छिलके के करते हैं. माना जाता है कि यह पेट को लंबे समय तक भरा हुआ महसूस कराने में मदद करता है. अमरूद में विटामिन और पोषक तत्व भी पाए जाते हैं, जो शरीर को ऊर्जा देने में सहायक होते हैं. हालांकि हर व्यक्ति की सेहत अलग होती है, इसलिए किसी भी बीमारी में डॉक्टर या विशेषज्ञ की सलाह लेकर ही इसका सेवन करना चाहिए. सही मात्रा में अमरूद खाना स्वास्थ्य के लिए फायदेमंद माना जाता है. लोकल 18 से बातचीत के दौरान वैद्य जमुना प्रसाद यादव बताते हैं कि अमरूद शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने में काफी सहायक माना जाता है. इसमें भरपूर मात्रा में विटामिन-सी पाया जाता है, जो शरीर को अंदर से मजबूत बनाने में मदद करता है. बदलते मौसम में होने वाली सर्दी, जुकाम और हल्के संक्रमण से बचाव के लिए भी अमरूद का सेवन लाभकारी माना जाता है. नियमित रूप से अमरूद खाने से शरीर को जरूरी पोषक तत्व मिलते हैं, जिससे ऊर्जा बनी रहती है और कमजोरी कम महसूस होती है. अमरूद में मौजूद एंटीऑक्सीडेंट शरीर को स्वस्थ रखने में मदद करते हैं. यही कारण है कि कई लोग इसे अपनी दैनिक खानपान में शामिल करते हैं. इसके अलावा अमरूद पेट के लिए भी अच्छा माना जाता है और पाचन तंत्र को बेहतर रखने में मदद कर सकता है. हालांकि किसी भी बीमारी में इसका उपयोग डॉक्टर या विशेषज्ञ की सलाह से ही करना चाहिए. Add News18 as Preferred Source on Google अमरूद सिर्फ स्वाद और सेहत के लिए ही नहीं, बल्कि दांत और मसूड़ों के लिए भी फायदेमंद माना जाता है. इसकी कोमल पत्तियां गांवों में आज भी घरेलू उपाय के रूप में इस्तेमाल की जाती हैं. कई लोग सुबह अमरूद की पत्तियों को चबाते हैं. माना जाता है कि इससे मुंह की बदबू कम करने में मदद मिलती है और दांत साफ बने रहते हैं. इसके अलावा अमरूद की पत्तियां मसूड़ों को मजबूत बनाने में भी सहायक मानी जाती हैं. आयुर्वेद में भी इसे लाभकारी बताया गया है. हालांकि किसी भी घरेलू उपाय को अपनाने से पहले विशेषज्ञ की सलाह लेना जरूरी होता है. नियमित रूप से साफ-सफाई और सही खानपान के साथ अमरूद का उपयोग दांतों और मसूड़ों की देखभाल में मददगार साबित हो सकता है. आज के समय में बढ़ता वजन और मोटापा बड़ी समस्या बन गया है. ऐसे में अमरूद को वजन नियंत्रित करने के लिए अच्छा फल माना जाता है. इसमें कैलोरी कम होती है, जबकि फाइबर भरपूर मात्रा में पाया जाता है. यही वजह है कि अमरूद खाने के बाद पेट लंबे समय तक भरा हुआ महसूस होता है और बार-बार भूख नहीं लगती है. जो लोग वजन कम करना चाहते हैं, वे अपनी डाइट में अमरूद शामिल कर सकते हैं. यह शरीर को जरूरी पोषण भी देता है और ज्यादा खाने की आदत को कम करने में मदद करता है. स्वास्थ्य विशेषज्ञ भी संतुलित मात्रा में अमरूद खाने की सलाह देते हैं. अमरूद पेट और पाचन तंत्र के लिए बेहद फायदेमंद फल माना जाता है. इसमें भरपूर मात्रा में फाइबर पाया जाता है, जो पेट को साफ रखने में मदद करता है. जिन लोगों को कब्ज की समस्या रहती है, उनके लिए पका अमरूद काफी लाभकारी माना जाता है. विशेषज्ञों के अनुसार, सुबह खाली पेट अमरूद खाने से पाचन शक्ति बेहतर होती है और पेट हल्का महसूस होता है. अमरूद सिर्फ फल ही नहीं, इसकी पत्तियां भी औषधीय गुणों से भरपूर मानी जाती है. गांवों में आज भी लोग पेट दर्द, गैस और अपच जैसी समस्याओं में अमरूद की पत्तियों का काढ़ा इस्तेमाल करते हैं. नियमित रूप से अमरूद का सेवन करने से पेट स्वस्थ रहता है और शरीर को जरूरी पोषक तत्व भी मिलते हैं. जमुना प्रसाद यादव बताते हैं कि अमरूद स्वास्थ्य के साथ-साथ त्वचा के लिए भी काफी फायदेमंद माना जाता है. इसमें पाए जाने वाले विटामिन और एंटीऑक्सीडेंट त्वचा को स्वस्थ और चमकदार बनाए रखने में मदद करते हैं. कई लोग अमरूद की पत्तियों को पीसकर चेहरे पर लगाते हैं, जिससे त्वचा साफ और ताजगी भरी महसूस होती है. हालांकि किसी भी घरेलू नुस्खे को अपनाने से पहले विशेषज्ञ की सलाह लेना जरूरी होता है. सही तरीके से इस्तेमाल करने पर अमरूद त्वचा की देखभाल में मददगार साबित हो सकता है. अमरूद को हृदय स्वास्थ्य के लिए भी फायदेमंद फल माना जाता है. इसमें कई जरूरी पोषक तत्व पाए जाते हैं, जो शरीर में कोलेस्ट्रॉल को संतुलित रखने में मदद कर सकते हैं. इसके अलावा यह रक्तचाप यानी ब्लड प्रेशर को नियंत्रित रखने में भी सहायक माना जाता है. विशेषज्ञों के अनुसार नियमित मात्रा में अमरूद खाने से हृदय को स्वस्थ रखने में

भरवा बैंगन रेसिपी: घर पर ऐसे पके ढाबे स्टाइल भरवा बैंगन, शेफ भी हो जाएंगे फेल; विधि नोट करें

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सामग्री: 8-10 छोटे बैंगन, 2 बड़े मोयन तिल, 1 बड़ा मोयन तिल, 1 बड़ा मोयन धनिया पाउडर, 1 छोटा मोयन सौंफ, 1 छोटा मोयन जीरा, 1/2 छोटा मोयन हल्दी छवि: फ्रीपिक 1 छोटा चम्मच लाल मिर्च पाउडर, 1 छोटा चम्मच अमचूर पाउडर, 2 बड़ा चम्मच अमचूर पाउडर, 2 बड़ा चम्मच अमचूर तेल, थोड़ा सा हरा धनिया छवि: फ्रीपिक ऐसे तैयार करें मसाला: सबसे पहले एक पैन में मूंगफली, तिल, जीरा और सौंफ़ को प्रभाव भून लें। जब इंसेंटिव आने लगे तो गैस बंद कर दे। अब उदाहरण के तौर पर ठंडा करके मसाला दरदारा पीस लें। छवि: सोशल मीडिया इसके बाद इसमें धनिया पाउडर, हल्दी, लाल मिर्च, अमचूर और नमक मसाला तैयार कर लें। यही मसाला भरवां बैंगन का असली स्वाद है। छवि: फ्रीपिक अब छोटे बैंगन को ढोकर बीच में चीरा आउटफिट में रखा गया है, लेकिन ध्यान दें कि बैंगन बिल्कुल तरह के कटे नहीं हैं। बैंगन के अंदर अच्छी तरह से तैयार करने में मदद करें। छवि: फ्रीपिक भरवाँ बैंगन बनाने की विधि: एक पेस्ट्री में तेल गर्म करें। अब निश्चित रूप से बैंगन में धीरे-धीरे-धीरे-धीरे स्थान। गैस की आधारभूत संरचना और मसाले को ढालना। छवि: एआई हर 2-3 मिनट में बैंगन को पलटते रहना चाहिए ताकि वे चारों तरफ से अच्छे से पक जाएं। करीब 15-20 मिनट में बैंगन नॅमर हो जाएंगे और पूरे किचन में मसाले के टुकड़े। छवि: एआई अगर आपको ग्रेवी वाली सब्जी पसंद है तो इसमें थोड़ा सा टमाटर-प्याज का मसाला भी डाल सकते हैं. कच्चे तेल से इसे बनाने का स्वाद और ढेबा स्टाइल भी लगता है। ऊपर से हरा धनिया मॉड्यूल हॉटागर्म सर्व करें। छवि: सोशल मीडिया ढेबा स्टाइल्स भरवां बैंगन का स्पेशल स्वाद हर किसी को पसंद आता है। इसे आप रोटी, पराठा या बाजरे की रोटी के साथ भी खा सकते हैं. घर के लोग एक बार खाएंगे तो बार-बार बनाने की फरमाइश करेंगे। छवि: फ्रीपिक

‘तृणमूल पूरी तरह से नष्ट’: बंगाल चुनाव में हार के बाद टीएमसी नेताओं ने I-PAC पर की फायरिंग | भारत समाचार

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आखरी अपडेट:11 मई, 2026, 19:58 IST निलंबित टीएमसी नेता रिजु दत्ता ने भी I-PAC पर पार्टी को प्रभावी ढंग से चलाने और आंतरिक निर्णयों को प्रभावित करने का आरोप लगाया। वरिष्ठ टीएमसी सांसद कल्याण बनर्जी ने आरोप लगाया कि I-PAC ने पार्टी की आंतरिक संरचना और चुनावी संभावनाओं को नुकसान पहुंचाया है। (फाइल फोटो) 2026 के पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनावों में भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) के हाथों करारी हार का सामना करने के बाद, तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) के भीतर आंतरिक दोष तेजी से फोकस में आ गए हैं, नेताओं का एक वर्ग पार्टी के खराब प्रदर्शन के लिए खुलेआम राजनीतिक परामर्श फर्म I-PAC को दोषी ठहरा रहा है। वरिष्ठ टीएमसी सांसद कल्याण बनर्जी ने संगठन पर तीखा हमला बोलते हुए आरोप लगाया कि I-PAC ने पार्टी की आंतरिक संरचना और चुनावी संभावनाओं को नुकसान पहुंचाया है। बनर्जी ने कोलकाता स्थित एक समाचार आउटलेट से कहा, “आई-पीएसी ने तृणमूल कांग्रेस संगठन को पूरी तरह से नष्ट कर दिया है। उन्होंने संभावित उम्मीदवारों के बीच झगड़े भड़काए। उन्होंने हर विधानसभा क्षेत्र में कई लोगों से कहा कि आपकी प्रतिक्रिया सबसे अच्छी है, आपको ही टिकट मिलेगा। जिन लोगों को टिकट नहीं मिला, उन्होंने गुस्से में आकर भाजपा की मदद की।” उन्होंने कंसल्टेंसी फर्म पर अत्यधिक निर्भरता के लिए साथी पार्टी नेता अभिषेक बनर्जी की भी आलोचना की। उनके अनुसार, इस तरह की निर्भरता “पार्टी के भीतर स्वीकार नहीं की गई” और इससे आंतरिक असंतोष पैदा हुआ। आलोचना को बढ़ाते हुए, निलंबित टीएमसी नेता रिजु दत्ता ने भी I-PAC पर पार्टी को प्रभावी ढंग से चलाने और आंतरिक निर्णयों को प्रभावित करने का आरोप लगाया। उन्होंने आरोप लगाया कि कंपनी ने “सदस्यों को धमकाया” और पार्टी के साथ उसके जुड़ाव से वित्तीय लाभ उठाया, जबकि टीएमसी सुप्रीमो ममता बनर्जी और अभिषेक बनर्जी से उन्होंने “तोड़फोड़” की जिम्मेदारी लेने का आह्वान किया। #घड़ी | कोलकाता, पश्चिम बंगाल: निलंबित टीएमसी नेता रिजु दत्ता का कहना है, “…दीदी (ममता बनर्जी) और अभिषेक बनर्जी को इसकी जिम्मेदारी लेनी चाहिए कि कैसे एक बाहरी संगठन (आई-पीएसी) पूरी पार्टी पर कब्जा करने में कामयाब रहा… जब टीएमसी नेताओं के घरों पर ईडी की छापेमारी हुई, तो दीदी… pic.twitter.com/FeHjEP1bwc– एएनआई (@ANI) 11 मई 2026 उन्होंने कहा, ”दीदी (ममता बनर्जी) और अभिषेक बनर्जी को इसकी जिम्मेदारी लेनी चाहिए कि कैसे एक बाहरी संगठन (आई-पीएसी) पूरी पार्टी पर कब्जा करने में कामयाब रहा,” उन्होंने दावा किया कि संगठन ने पार्टी ढांचे पर ”कब्जा” कर लिया है। राजगंज के पूर्व विधायक खगेश्वर रॉय और अलीपुरद्वार के पूर्व विधायक सौरव चक्रवर्ती सहित अन्य नेताओं ने भी इसी तरह की चिंताएं जताई हैं, जिसमें उम्मीदवारों के चयन में I-PAC द्वारा हस्तक्षेप करने और जमीनी स्तर की संगठनात्मक ताकत को कमजोर करने का आरोप लगाया गया है। यह विवाद टीएमसी के लिए एक महत्वपूर्ण चुनावी झटके की पृष्ठभूमि में आया है। 294 सदस्यीय विधानसभा में बीजेपी ने 207 सीटें जीतकर प्रचंड जीत हासिल की, जबकि टीएमसी 80 सीटों पर सिमट गई। I-PAC के साथ टीएमसी का जुड़ाव 2021 के विधानसभा चुनावों से पहले शुरू हुआ, जब फर्म ने अभियान रणनीति में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई, जिससे पार्टी को एक मजबूत जनादेश हासिल करने में मदद मिली। इसने 2024 के लोकसभा चुनावों में पार्टी के प्रदर्शन में भी योगदान दिया। हालाँकि, हालिया हार के बाद इसकी भूमिका तेजी से जांच के दायरे में आ गई है। I-PAC, एक राजनीतिक परामर्शदाता कंपनी है जो पूरे भारत में हाई-प्रोफ़ाइल चुनाव अभियानों के प्रबंधन के लिए जानी जाती है, जिसने वर्षों से कई प्रमुख राजनीतिक दलों के साथ काम किया है। इसके संस्थापकों में से एक, चुनाव रणनीतिकार से नेता बने प्रशांत किशोर, भाजपा और कांग्रेस सहित कई अभियानों से जुड़े रहे हैं। हालाँकि, उन्होंने 2021 के पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के बाद औपचारिक रूप से संगठन से बाहर निकल गए, और अपनी राजनीतिक यात्रा पर ध्यान केंद्रित करने के लिए राजनीतिक परामर्श से दूर हो गए। (एजेंसियों से इनपुट के साथ) चुनी हुई कहानियाँ, आपके इनबॉक्स में हमारी सर्वोत्तम पत्रकारिता वाला एक न्यूज़लेटर जमा करना जगह : पश्चिम बंगाल, भारत, भारत न्यूज़ इंडिया ‘तृणमूल पूरी तरह नष्ट हो गई’: बंगाल चुनाव में हार के बाद टीएमसी नेताओं ने आई-पीएसी पर हमला बोला अस्वीकरण: टिप्पणियाँ उपयोगकर्ताओं के विचार दर्शाती हैं, News18 के नहीं। कृपया चर्चाएँ सम्मानजनक और रचनात्मक रखें। अपमानजनक, मानहानिकारक, या अवैध टिप्पणियाँ हटा दी जाएंगी। News18 अपने विवेक से किसी भी टिप्पणी को अक्षम कर सकता है. पोस्ट करके, आप हमारी उपयोग की शर्तों और गोपनीयता नीति से सहमत होते हैं। और पढ़ें

जैकलीन फर्नांडिस के सरकारी गवाह बनने पर ED की आपत्ति:एजेंसी बोली- एक्ट्रेस पीड़ित नहीं, सुकेश के जुर्म पता होने के बाद भी लिए करोड़ों के गिफ्ट

जैकलीन फर्नांडिस के सरकारी गवाह बनने पर ED की आपत्ति:एजेंसी बोली- एक्ट्रेस पीड़ित नहीं, सुकेश के जुर्म पता होने के बाद भी लिए करोड़ों के गिफ्ट

200 करोड़ रुपए के मनी लॉन्ड्रिंग मामले में एक्ट्रेस जैकलीन फर्नांडिस की मुश्किलें बढ़ती जा रही हैं। सोमवार को प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने दिल्ली की एक अदालत में जैकलीन की उस याचिका का विरोध किया, जिसमें उन्होंने ‘सरकारी गवाह’ बनने की मांग की थी। ईडी ने कोर्ट में साफ कहा कि जैकलीन को सुकेश चंद्रशेखर के आपराधिक बैकग्राउंड की पूरी जानकारी थी, इसके बावजूद वे उसके साथ लगातार संपर्क में रहीं और अपराध की कमाई से करोड़ों के गिफ्ट्स लेती रहीं। सुकेश के साथ लगातार संपर्क में थीं जैकलीन स्पेशल जज प्रशांत शर्मा के सामने दाखिल अपने जवाब में ईडी ने कहा कि जैकलीन कोई ऐसी मासूम पीड़िता नहीं हैं जिन्हें सुकेश के बारे में कुछ पता न हो। एजेंसी के मुताबिक, एक्ट्रेस सुकेश चंद्रशेखर के आपराधिक रिकॉर्ड को जानने के बाद भी उसके साथ रेगुलर और सस्टेंड कॉन्टैक्ट में थीं। सुकेश ने अपराध के जरिए कमाए गए पैसों से जैकलीन और उनके परिवार के लिए महंगे गिफ्ट्स, लग्जरी सामान और सुविधाओं का इंतजाम किया था। ईडी ने जोर देकर कहा कि जैकलीन का सुकेश के साथ जुड़ाव पूरी तरह सोच-समझकर लिया गया फैसला था। जांच में सहयोग न करने का आरोप एजेंसी ने जैकलीन के व्यवहार पर भी सवाल उठाए हैं। ईडी ने कोर्ट को बताया कि एक्ट्रेस ने जांच के दौरान बिल्कुल भी सहयोग नहीं किया और उनके बयान भ्रामक रहे। रिपोर्ट के मुताबिक, अगस्त 2021 से जून 2022 के बीच दर्ज किए गए जैकलीन के बयानों में कई विरोधाभास थे। ईडी ने आरोप लगाया कि एक्ट्रेस ने अपनी स्क्रिप्ट राइटर अद्वैता काला को किए गए कैश ट्रांजेक्शन, विदेश में रहने वाले भाई-बहनों को भेजे गए फंड और बहरीन में माता-पिता के लिए खरीदी गई कारों जैसी अहम जानकारियां एजेंसी से छिपाईं। ‘खुद को पीड़ित बताना सजा से बचने का पैंतरा’ ईडी ने स्पष्ट किया कि जैकलीन का खुद को ‘विक्टिम’ बताना केवल कानून से बचने का एक तरीका है। एजेंसी ने कहा, जैकलीन इस मनी लॉन्ड्रिंग प्रक्रिया में एक सक्रिय भागीदार थीं और उन्होंने अपराध की कमाई का जमकर आनंद लिया है। उन्हें सरकारी गवाह बनाना न्याय के साथ धोखा होगा और इससे अपराध की गंभीरता कम हो जाएगी। ईडी ने इस अर्जी को कानून की प्रक्रिया का दुरुपयोग बताया है। अब मामले की सुनवाई 12 मई को होगी। 200 करोड़ की मनी लॉन्ड्रिंग से जुड़ा मामला बता दें कि यह पूरा मामला ठग सुकेश चंद्रशेखर से जुड़ा है, जिसने रैनबैक्सी के पूर्व प्रमोटरों शिविंदर सिंह और मलविंदर सिंह की पत्नियों से 200 करोड़ रुपए ठगे थे। जैकलीन को इस मामले में सप्लीमेंट्री चार्जशीट में आरोपी बनाया गया था। इससे पहले दिल्ली हाई कोर्ट और सुप्रीम कोर्ट ने भी उनके खिलाफ मामले को रद्द करने की याचिका खारिज कर दी थी।

पंजाब भाजपा के 2 ऑफिसों पर हमला, VIDEO:लाठी-डंडे लेकर घुसे लोग, तोड़फोड़ की, पथराव किया; दीवारों-पोस्टरों पर इंक फेंकी

पंजाब भाजपा के 2 ऑफिसों पर हमला, VIDEO:लाठी-डंडे लेकर घुसे लोग, तोड़फोड़ की, पथराव किया; दीवारों-पोस्टरों पर इंक फेंकी

पंजाब में सोमवार को भाजपा के दो ऑफिसों में हंगामा और तोड़फोड़ हुई। मोहाली के जीरकपुर में 5 नकाबपोश युवक भाजपा ऑफिस में घुस गए और दीवारों व पोस्टरों पर इंक फेंककर हंगामा किया। आरोप है कि युवकों ने भाजपा नेता गुरदर्शन सैनी की तस्वीर पर भी इंक फेंकी। घटना के दौरान ऑफिस में अफरा-तफरी मच गई और आरोपी कुछ देर बाद मौके से फरार हो गए। वहीं, तरनतारन में भी भाजपा ऑफिस पर हमला हुआ। 15 से 20 लोग अचानक ऑफिस में लाठी-डंडे लेकर दाखिल हुए और तोड़फोड़ की। कुर्सियां और अन्य सामान को नुकसान पहुंचाया व नारेबाजी भी की। इस दौरान कुछ पत्थर फेंकते दिखे। घटना के बाद इलाके में तनाव का माहौल बन गया। यहां भाजपा जिला प्रधान हरजीत सिंह संधू ने बताया कि वह किसी प्रदर्शन में शामिल होने जा रहे थे, तभी 15 से 20 लोग ऑफिस में घुस आए। उन्होंने कहा कि हमलावर लगातार नारेबाजी कर माहौल खराब करने की कोशिश कर रहे थे। तरनतारन भाजपा ऑफिस पर हमले की 3 PHOTOS.. तरनतारन भाजपा ऑफिस पर हमला, 1 युवक पकड़ा तरनतारन में भाजपा के ऑफिस पर हमला हुआ। सोमवार दोपहर के वक्त करीब 15 से 20 लोग अचानक ऑफिस में घुस आए और जमकर हंगामा किया। हमलावरों ने कार्यालय में तोड़फोड़ की और नारेबाजी करने लगे। भाजपा नेताओं के अनुसार हमलावरों ने पंजाब एकता जिंदाबाद और भाजपा मुर्दाबाद के पोस्टर भी फेंके। घटना के दौरान भाजपा नेताओं और कार्यकर्ताओं ने एक हमलावर को पकड़ लिया। लेकिन उसके अन्य साथी उसे छुड़ाकर वहां से ले जाने में सफल रहे। इसके बाद सभी हमलावर मौके से फरार हो गए। घटना की जानकारी मिलते ही थाना सिटी पुलिस मौके पर पहुंची और हालात का जायजा लिया। तरनतारन के SSP सुरेंद्र लांबा ने कहा कि मामले में सभी पहलुओं की जांच की जा रही है। जल्द आरोपियों की पहचान कर कार्रवाई की जाएगी। पुलिस आसपास के लोगों से भी पूछताछ कर रही है, ताकि घटना से जुड़े सभी तथ्यों को सामने लाया जा सके। जीरकपुर भाजपा कार्यालय पर हमले की 3 PHOTOS… जीरकपुर भाजपा ऑफिस पर हमला, दीवारों पर इंक फेंकी जीरकपुर में नकाबपोश युवक अचानक भाजपा दफ्तर में दाखिल हुए और अंदर दीवारों पर इंक फेंकना शुरू कर दिया। युवकों ने भाजपा के वरिष्ठ नेता गुरदर्शन सैनी की फोटो पर भी इंक फेंकी। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, आरोपी कुछ मिनट तक कार्यालय में हंगामा करते रहे और बाद में मौके से फरार हो गए। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और जांच शुरू कर दी। पुलिस ने आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज कब्जे में ले ली है, जिसमें पांच नकाबपोश युवक कार्यालय की ओर आते और जाते दिखाई दे रहे हैं। भाजपा नेताओं ने इस घटना की कड़ी निंदा करते हुए कहा कि पंजाब में कानून व्यवस्था पूरी तरह चरमरा चुकी है। उन्होंने आरोप लगाया कि राजनीतिक विरोधियों को डराने का प्रयास किया जा रहा है और रोजाना गुंडागर्दी की घटनाएं सामने आ रही हैं, जिससे आम लोगों में भी भय का माहौल बन रहा है।

31 सीटों पर जीत का अंतर SIR–वोट कटौती से कम:बंगाल हार पर TMC का दावा; सुप्रीम कोर्ट बोला- नई याचिकाएं दाखिल करें

31 सीटों पर जीत का अंतर SIR–वोट कटौती से कम:बंगाल हार पर TMC का दावा; सुप्रीम कोर्ट बोला- नई याचिकाएं दाखिल करें

सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि पश्चिम बंगाल की पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी और अन्य नेता बंगाल में हुए स्पेशल इंटेंसिव रिविजन के खिलाफ नई याचिका दाखिल कर सकते हैं। दावा है कि बंगाल चुनाव में कई सीटों पर जीत का अंतर, वोटर लिस्ट से हटाए गए वोटों से कम था। सोमवार को TMC सांसद और वकील कल्याण बनर्जी ने जस्टिस सूर्यकांत और जस्टिस जॉयमल्या बागची की बेंच से कहा कि राज्य की 31 विधानसभा सीटों पर जीत का अंतर, SIR के दौरान हटाए गए वोटों से कम था। इससे पहले TMC ने कहा था कि एक मामले में उनके क्लाइंट की हार 862 वोटों से हुई, जबकि उस सीट पर 5000 से ज्यादा वोटर नाम लिस्ट से हटाए गए थे। TMC और भाजपा के बीच कुल वोटों का अंतर करीब 32 लाख था और वोट डिलीशन के खिलाफ 35 अपीलें अभी भी पेंडिंग हैं। वहीं, चुनाव आयोग ने इन दलीलों का विरोध करते हुए कहा कि ऐसे मामलों में सही उपाय चुनाव याचिका दाखिल करना है। आयोग का कहना है कि SIR और उससे जुड़े विवादों में इसी प्रक्रिया के तहत जवाबदेही तय की जा सकती है। अपीलों को निपटाने में 4 साल लगेंगे सीनियर एडवोकेट मेनका गुरुस्वामी ने कोर्ट को बताया कि मौजूदा रफ्तार से अपीलीय ट्रिब्यूनल्स को इन अपीलों को निपटाने में करीब 4 साल लग सकते हैं। हाल में हुए पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में भाजपा ने 294 में से 207 सीटें जीतीं हैं, जबकि TMC को 80 सीटें मिली हैं। इन चुनावों में राज्य में 90% से ज्यादा वोटिंग दर्ज की गई। भाजपा को कुल 2 करोड़ 92 लाख 24 हजार 804 वोट मिले हैं। तृणमूल कांग्रेस को 2 करोड़ 60 लाख 13 हजार 377 वोट मिले हैं। BJP को TMC से 32 लाख 11 हजार 427 ज्यादा वोट मिले हैं। यानी 293 सीटों के हिसाब से भाजपा को हर सीट पर औसत 10,960 वोट ज्यादा मिले। राज्य में स्पेशल इंटेंसिव रिविजन (SIR) से कुल 91 लाख वोट कटे। यानी हर सीट पर औसतन 30 हजार वोटरों के नाम काटे गए। कुल 293 सीटों में से 176 पर जीत का अंतर 30 हजार से कम और 117 सीटों पर 30 हजार से अधिक रहा। भाजपा ने 128 सीटें 30 हजार से कम मार्जिन पर जीतीं SC ने कहा था- वोटों की संख्या जीत के अंतर से कम पर दखल नहीं देंगे SIR को लेकर ममता सरकार की याचिका पर हाल में सुप्रीम कोर्ट ने कहा था कि अगर हटाए गए वोटों की संख्या जीत के अंतर से कम है, तो कोर्ट दखल नहीं देगा। क्योंकि उन वोटों के होने या न होने से रिजल्ट पर असर नहीं पड़ता।’ कोर्ट ने कहा कि दखल तब देंगे जब यह दिखाया जा सके कि हटाए गए वोट इतने अधिक थे कि वे जीत-हार के अंतर को बदल सकते थे। इस उदाहरण से आसानी से समझिए… मान लीजिए विजेता को 1 लाख वोट मिले और निकटतम प्रतिद्वंद्वी को 95 हजार वोट तो मार्जिन हुआ 5 हजार वोट। अगर हटाए गए वोट 5 हजार से कम हैं तो असर नहीं। लेकिन ज्यादा हैं तो नतीजों पर असर संभव। भाजपा का वोट शेयर 7.50% बढ़ा, TMC का इतना ही घटा देश की 78% आबादी और 72% भूभाग पर अब भाजपा+ का राज गंगासागर से कन्याकुमारी तक पांच राज्यों के चुनावी नतीजों ने भाजपा विरोधी राजनीति के बड़े ‘पॉवर सेंटर्स’ को बड़ा झटका दिया है। ममता बनर्जी और एमके स्टालिन भाजपा को चुनौती देने वाले प्रमुख चेहरे थे। बंगाल (42) और तमिलनाडु (39) लोकसभा की 81 सीटें तय करते हैं। इनके ढहने से इंडिया गठबंधन पिछड़ गया। केरल में कांग्रेस की जीत उसे राहत देती है, लेकिन यह बढ़त विपक्ष में नई खींचतान शुरू करेगी। अब विपक्ष की लड़ाई सत्ता की नहीं, प्रासंगिकता बचाने की हो गई है। …………………… पश्चिम बंगाल चुनाव से जुड़ी ये खबरें भी पढ़ें… ममता बोलीं- मैं आजाद पंछी, शेर की तरह लड़ूंगी: इस्तीफा नहीं दूंगी, हम जनादेश से नहीं, साजिश से हारे; कोलकाता में BJP कार्यकर्ता की हत्या पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने मंगलवार को कोलकाता में प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान कहा- मैं CM पद से इस्तीफा नहीं दूंगी। हम जनादेश से नहीं, साजिश से हारे हैं। इसलिए इस्तीफा देने राजभवन नहीं जाऊंगी।ममता ने आगे कहा- चुनाव आयोग असली विलेन है। उसने भाजपा के साथ मिलकर 100 सीटें लूटीं। अब मेरे पास कोई कुर्सी नहीं है, मैं आजाद पंछी हूं। कहीं से भी चुनाव लड़ सकती हूं, सड़कों पर रहूंगी। पूरी खबर पढ़ें…

टीएमसी का कहना है कि बंगाल एसआईआर ने 31 सीटों पर बीजेपी की जीत के अंतर से ज्यादा वोट डिलीट कर दिए; सुप्रीम कोर्ट ने नई याचिका मांगी | भारत समाचार

Venugopal has emerged as a key contender in the race for Kerala CM

आखरी अपडेट:11 मई, 2026, 16:23 IST टीएमसी नेता और वकील कल्याण बनर्जी ने कहा कि 31 निर्वाचन क्षेत्रों में एसआईआर विलोपन भाजपा की जीत के अंतर से अधिक था। पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी. (पीटीआई) ममता बनर्जी की तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) ने पश्चिम बंगाल चुनाव परिणामों को लेकर सोमवार को सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया, जिसमें दावा किया गया कि विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के परिणामस्वरूप मतदाता विलोपन ने कुछ निर्वाचन क्षेत्रों में परिणामों को प्रभावित किया। भाजपा ने पश्चिम बंगाल में ऐतिहासिक जनादेश हासिल किया, 207 सीटों पर जीत हासिल की और टीएमसी के 15 साल के शासनकाल को समाप्त कर दिया, जो 80 सीटों पर सिमट गई थी। टीएमसी ने बड़े पैमाने पर चुनावी कदाचार और बीजेपी के पक्ष में वोटों से छेड़छाड़ का आरोप लगाया है. भारत के मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत और न्यायमूर्ति जॉयमाल्या बागची की पीठ के समक्ष सुनवाई के दौरान, टीएमसी नेता और वकील कल्याण बनर्जी ने प्रस्तुत किया कि 31 निर्वाचन क्षेत्रों में एसआईआर विलोपन भाजपा की जीत के अंतर से अधिक था। उन्होंने कहा, कई मामलों में, विलोपन और मार्जिन लगभग समान थे। कल्याण बनर्जी ने कहा कि एक निर्वाचन क्षेत्र में एक उम्मीदवार 862 वोटों से हार गया, जहां 5,432 से अधिक व्यक्तियों को निर्णय के लिए नामावली से हटा दिया गया था। अनुसरण करने के लिए और भी बहुत कुछ… चुनी हुई कहानियाँ, आपके इनबॉक्स में हमारी सर्वोत्तम पत्रकारिता वाला एक न्यूज़लेटर जमा करना न्यूज़ इंडिया टीएमसी का कहना है कि बंगाल एसआईआर ने 31 सीटों पर बीजेपी की जीत के अंतर से ज्यादा वोट डिलीट कर दिए; SC ने नई याचिका मांगी अस्वीकरण: टिप्पणियाँ उपयोगकर्ताओं के विचार दर्शाती हैं, News18 के नहीं। कृपया चर्चाएँ सम्मानजनक और रचनात्मक रखें। अपमानजनक, मानहानिकारक, या अवैध टिप्पणियाँ हटा दी जाएंगी। News18 अपने विवेक से किसी भी टिप्पणी को अक्षम कर सकता है. पोस्ट करके, आप हमारी उपयोग की शर्तों और गोपनीयता नीति से सहमत होते हैं। और पढ़ें (टैग्सटूट्रांसलेट)पश्चिम बंगाल चुनाव परिणाम(टी)ममता बनर्जी(टी)तृणमूल कांग्रेस(टी)टीएमसी सुप्रीम कोर्ट की याचिका(टी)भाजपा ऐतिहासिक जनादेश(टी)मतदाता विलोपन एसआईआर(टी)चुनावी कदाचार के आरोप(टी)भाजपा जीत का अंतर

गर्मियों के लिए सत्तू की छाछ रेसिपी: घर पर बनाएं सत्तू की छाछ, गर्मी में चाहिए सत्तू की छाछ; स्वाद ऐसा की सब पूछेंगे रेसिपी

तस्वीर का विवरण

सामग्री: 4 बड़े चम्मच सत्तू, 2 चम्मच हरा धनिया, 1 हरी मिर्च पाउडर, थोड़ा सा जीरा पाउडर, स्वाद में काला नमक, थोड़ा सा साधारण नमक, थोड़ा सा साधारण नमक, थोड़ा सा हरा धनिया, कुछ पुदीने की मिठाई छवि: फ्रीपिक बनाने की विधि: सबसे पहले एक बड़ा पोछे में सत्तू डाला। अब इसमें शामिल हैं छोटा-थोड़ा करके छाछ रेवेरे और अच्छे से शौकीन बने रहें ताकि छोटे-मोटे न बनें। छवि: फ्रीपिक इसके बाद इसमें प्याज, हरी मिर्च, अन्य जीरा, काला और साधारण नमक शामिल हैं। अब ऊपर से हरा धनियां और पुदीने की पत्तियां। छवि: एआई साड़ी को अच्छी तरह से लाइक करें। अगर आपको ज्यादा ठंडा पसंद है तो इसमें कुछ बर्फ के टुकड़े भी डाल सकते हैं. अब आपकी मंहगी-ठंडी और स्वादिष्ट सत्तू की छाछ तैयार है। छवि: एआई सत्तू शरीर को ठंडक की सलाह में मदद करता है। इसके अलावा, भोजन की खपत और पाचन क्षमता बेहतर होती है। गर्मी में लू और डिहाइड्रेशन से बचने के लिए यह ड्रिंक काफी खतरनाक साबित होती है। छवि: फ्रीपिक पर्यटक तो इसमें थोड़ा नींबू रस भी मिला सकते हैं। पुदीना से स्वाद और ताजगी दोनों बढ़ते हैं। अगर बच्चे बना रहे हैं तो हरी मिर्च न डालें। छवि: फ्रीपिक गर्मी के दिनों में जब भी कुछ ठंडा और कॉकटेल पीने का मन करे, तब सत्तू की छाछ जरूर बनाएं। इसका देसी स्वाद हर किसी को पसंद आएगा। छवि: एआई अस्वीकरण: इस लेख में बताए गए तरीके, तरीके और दावे अलग-अलग विद्वानों पर आधारित हैं। रिपब्लिक भारत लेख में दी गई जानकारी के सही होने का दावा नहीं किया गया है। किसी भी उपचार और सुझाव को पहले डॉक्टर या डॉक्टर की सलाह से अवश्य लें।