Monday, 28 Sep 2026 | 01:01 PM

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चुनाव से पहले गोआ सरकार का बड़ा दांव, 82 लाख वर्ग मीटर का नो डाटा जोन घोषित, पर्यावरण पर नजर कदम

चुनाव से पहले गोआ सरकार का बड़ा दांव, 82 लाख वर्ग मीटर का नो डाटा जोन घोषित, पर्यावरण पर नजर कदम

अगले साल होने वाले विधानसभा चुनाव से पहले गोवा सरकार ने पर्यावरण संरक्षण को लेकर बड़ा फैसला लिया है. राज्य सरकार ने 82 लाख वर्ग मीटर से अधिक क्षेत्र को ‘नो डिजायड जोन’ घोषित किया है। इस कदम को एक तरफ पर्यावरण संरक्षण की कोशिश माना जा रहा है, तो दूसरी ओर इसे चुनाव से पहले सरकार की राजनीतिक और दूसरी रणनीति के रूप में भी देखा जा रहा है। सरकार ने पहाड़ी ढलानों, बागवानों के बागानों, धान के साक्षियों और व्यापारियों के रूप में सेंधमारी को संरक्षण समूह में शामिल करने का निर्णय लिया है। टाउन एंड कंस्ट्रक्शन कम्पनियों (टीसीपी) बोर्ड द्वारा माजॉर्डा, गोंसुआ, मस्टरम और मंड्रेम के प्रस्तावों के तहत क्षेत्र में मजबूत नियंत्रण पर जोर दिया जाएगा। अधिकारियों के मुताबिक, तेजी से बढ़ती रियल एस्टेट और पर्यटन दबाव के कारण इन इलाकों की प्राकृतिक संरचना प्रभावित हो रही थी। यह भी पढ़ें: टीवीके प्रमुख विजय ने पेश किया सरकार बनाने का दावा, ‘थलापति’ के पास 121 सौदे का समर्थन सरकारी दस्तावेज़ क्या कहते हैं? सरकारी आँकड़ों के अनुसार, सत्यारी तालुका के मध्यवर्ती क्षेत्र में लगभग 65.31 लाख वर्गमीटर भूमि और पेरनेम के मंड्रेम क्षेत्र में लगभग 6.44 लाख वर्गमीटर क्षेत्र की सुरक्षा सीमा शामिल है। इसके अलावा मांडवी और जुआरी नदी के किनारे करीब 6.72 करोड़ वर्गमीटर क्षेत्र को आकर्षक क्षेत्र घोषित करने की प्रक्रिया भी शुरू हो गई है। यह भी पढ़ें धोनी बने सबसे बड़े टैक्सपेयर, आईपीएल के बाहर भी ‘कैप्टन कूल’ का जलवा, बड़े-बड़े दिग्गज पीछे छूटे विश्वजीत राणे ने कहा कि सरकार का उद्देश्य नदी तटीकरण तंत्र, हरित क्षेत्र और कृषि भूमि बचाना है। उन्होंने संकेत दिया कि आने वाले समय में धान के साकेत और तालाबों को भी बड़े पैमाने पर घोषित किया जा सकता है। हालाँकि नामांकन और कुछ रियल एस्टेट ग्रुप जजमेंट इस को लेकर सवाल भी उठा रहे हैं। उनका कहना है कि चुनाव से पहले सरकार पर्यावरण संरक्षण के जरिये राजनीतिक संदेश देने की कोशिश कर रही है। वहीं पर्यावरणविद इसे गांव के प्राकृतिक संतुलन को बनाए रखने की दिशा में अहम कदम उठा रहे हैं। (टैग्सटूट्रांसलेट)गोवा(टी)चुनाव(टी)भूमि(टी)विश्वजीत राणे(टी)गोवा कोई विकास क्षेत्र नहीं(टी)गोवा एनडीजेड समाचार(टी)गोवा पर्यावरण संरक्षण(टी)गोवा 2027 चुनाव(टी)विश्वजीत राणे का बयान(टी)गोवा पहाड़ी निर्माण प्रतिबंध(टी)गोवा धान के खेतों की सुरक्षा(टी)मंडोवी नदी पर्यावरण संवेदनशील क्षेत्र(टी)ज़ुआरी नदी संरक्षण(टी)गोवा रियल एस्टेट प्रतिबंध(टी)गोवा पर्यावरण नीति(टी)गोवा टीसीपी बोर्ड निर्णय(टी)गोवा ग्रीन जोन समाचार(टी)गोवा भूमि संरक्षण(टी)गोवा राजनीतिक समाचार हिंदी(टी)गोवा(टी)चुनाव(टी)जमीन(टी)विश्वजीत राणे(टी)गोवा नोआडियन जोन(टी)गोवा एनडीजेड समाचार(टी)गोवा पर्यावरण संरक्षण(टी)गोवा 2027 चुनाव(टी)विश्वजीत राणे का(टी)गोवा पर्वत निर्माण पर प्रतिबंध(टी)गोवा धान के सरकारी संरक्षण(टी)मांड नदी इको-सेंस नॉटिकल जोन(टी)जुआरी नदी संरक्षण(टी)गोवा रियल एस्टेट प्रतिबंध(टी)गोवा पर्यावरण नीति(टी)गोवा टीसीपी बोर्ड का फैसला(टी)गोवा ग्रीन जोन समाचार(टी)गोवा भूमि संरक्षण(टी)गोवा राजनीतिक समाचार हिंदी

लौकी सलाद रेसिपी: गर्मी में पेट को ठंडा रखने के लिए लौकी का सलाद, जानें घर पर बनाने की आसान रेसिपी

तस्वीर का विवरण

आपने लोकी की सब्जी तो सुनी होगी लेकिन लोकी की सब्जी के बारे में क्या सुना है। जी हाँ, समर में कुछ प्रभाव और कलाकृतियाँ खाना चाहते हैं तो घर में लोकी केक को आसानी से बनाया जा सकता है। रेसिपी काफी आसान है। छवि: फ्रीपिक लोकी की सामग्री- कद्दू की हुई लौकी, 1/2 कप दही, 1 छोटा छोटा कटा खेड़ा, प्याज, टमाटर, हरी मिर्च, नींबू, जीरा, नमक, राई, काला नमक और अनार के दाने। छवि: फ्रीपिक लोकी व्यंजन बनाना काफी आसान है। सबसे पहले कद्दू की हुई लौकी को पंखुड़ियां लें। फिर पानी लेबलर लौकी को थोड़ी देर के लिए ठंडा होने के रख दीजिये. छवि: एआई इसमें हरी मिर्च, टमाटर और नींबू का रस शामिल है। फिर ऊपर से जीरा, नमक और राई का तड़का बूथ। अब असोसिएशन से पहले कीश को छोटी सजा लें। इसमें अनार के दाने और हरी धनिया की सजावट कर लें। छवि: फ्रीपिक लोकी का कीज़ लो-कैलरी की वजह से ये वेट लॉस के लिए महान पद पर आसीन है। ये अजीब और पानी से भरपूर होती है। ये शरीर में पानी की कमी नहीं होने देता और पाचन तंत्र को भी मापता है। छवि: एआई चौथी लोकी की तासीर वांछनीय है, तो इससे पेट की जलन और एसिडिटी को शांत करने में मदद मिलती है। ऊपर से मौजूद विटामिन सी और बी कॉम्प्लेक्स स्किन में चमक दिखाई देती है और बालों को जगह मिलती है। छवि: फ्रीपिक

केरल में अब तक मुख्यमंत्री पर क्यों नहीं हुआ फैसला? जीत के बाद वहां कांग्रेस की किच-किच क्या है

केरल में अब तक मुख्यमंत्री पर क्यों नहीं हुआ फैसला? जीत के बाद वहां कांग्रेस की किच-किच क्या है

केरल चुनाव 2026: देश के कई राज्यों में इंटेल के बाद सरकार गठन की प्रक्रिया तेजी से हो रही है, लेकिन हर राज्य में तस्वीरें अलग-अलग नजर आ रही हैं। पश्चिम बंगाल में भारतीय जनता पार्टी पहली बार सरकार बनाने जा रही है और शुभेंदु अधिकारी शनिवार सुबह 11 बजे मुख्यमंत्री पद की शपथ लेंगे। वहीं तमिलनाडु में विजय (विजय थलापति) की अवाज वाली तमिलगा वेत्री कशगम (टीवीके) ने राज्यपाल से तीन बार मुलाकात कर सरकार बनाने का दावा पेश किया है और वे भी शनिवार को शपथ ले रहे हैं। असम में हिमंत बिस्वा सरमा की शपथ ग्रहण 12 मई को प्रस्तावित है, जहां भाजपा गठबंधन को स्पष्ट बहुमत मिला है। क्या है केरल की किच-किच हालांकि केरल में ये तस्वीर सबसे ज्यादा विवादित है. भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस ने चुनाव जीत लिया है, लेकिन मुख्यमंत्री के नाम पर अभी तक सहमति नहीं बन पाई है। इस मुद्दे पर पार्टी अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे के साथ बैठक करने वाले हैं, जिसमें राहुल गांधी के भी शामिल होने की संभावना है. गुट के मुताबिक, ज्यादातर विधायक के वी वेणुगोपाल के पक्ष में हैं, जबकि कांग्रेस के सहयोगी यूनाइटेड डेमोक्रेटिक फ्रंट में मुस्लिम लीग वी डी शेरीशन को मुख्यमंत्री बनाना चाहते हैं। जहां कुछ राज्यों में सरकार गठन लगभग तय हो चुका है, वहीं केरल और तमिल जैसे राज्यों में राजनीतिक समीकरण अभी भी नजर आ रहे हैं। क्लेश क्यों गहरा जा रहा है? केरल में मुख्यमंत्री पद को लेकर कांग्रेस के अंदरूनी मोर्चे पर फ्रैंक सामने आ रही है। उडुमा सीट से डेमोक्रेटिक पार्टी के नेता नीलकांतन ने शुक्रवार को आरोप लगाया कि तिरुवनंतपुरम में हुई पार्टी के नेता दल (सीएलपी) की बैठक में मुख्यमंत्री पद के लिए अपनी पसंद का नाम दर्ज नहीं किया गया। उन्होंने इस संबंध में अखिल भारतीय कांग्रेस समिति के पर्यवेक्षकों मुकुल वासनिक और अजय माकन को ईमेल के माध्यम से भी याचिका दायर की है। यह विवाद उस समय तब सामने आया जब एक रिपोर्ट में एक तस्वीर सामने आई, जिसमें सी समीक्षा बैठक के बाद पर्यवेक्षक वासनिक के हाथ की एक सूची सामने आई। बताया गया कि इस सूची में सूची के नाम और मुख्यमंत्री पद के लिए उनकी पसंद दर्ज की गई थी। कई उदाहरण जैसे संदीप वारियर, सजीव जोसेफ, टी. ओ. मोहनन, सनी जोसेफ, उषा विजयन और टी। उन्होंने अपनी पसंद के अनुसार ‘केसी’ लिखा था, जिसके सी वेणुगोपाल के समर्थन के रूप में देखा जा रहा है। वहीं आई. सी. बालकृष्णन के नाम के सामने “केसी+आरसी” लिखा था, जिसमें राकेश चेन्निथला के समर्थन से लड़के को देखा गया था। हालाँकि, नीलकांतन का कहना है कि उन्होंने अपनी पसंद स्पष्ट रूप से बताई थी, लेकिन सूची में उनके नाम के सामने कोई प्रमुखता नहीं दी गई है, जो सवाल पूछता है। इस बीच, मुख्यमंत्री पद की दौड़ में वी.डी.श्रीशन, के.सी. वेणुगोपाल और रमेश चेन्निथला प्रमुख उम्मीदवार माने जा रहे हैं। अंतिम निर्णय पार्टी नेतृत्व ही चाहता है, क्योंकि विधायक दल ने पहले ही प्रस्ताव कर मल्लिकार्जुन खड़गे को मुख्यमंत्री पद का अधिकार दे दिया है। केरल में कांग्रेस की जीत के बावजूद मुख्यमंत्री के चेहरे को लेकर असमंजस और बढ़त अभी भी जारी है। ये भी पढ़ें: टीवीके प्रमुख विजय ने पेश किया सरकार बनाने का दावा, ‘थलापति’ के पास 121 के दावे का समर्थन (टैग्सटूट्रांसलेट)कांग्रेस आंतरिक संघर्ष(टी)केरल विधानसभा चुनाव(टी)मुख्यमंत्री चयन(टी)केसी वेणुगोपाल(टी)वीडी सतीसन(टी)रमेश चेन्निथला(टी)यूडीएफ की जीत(टी)राजनीतिक तनाव केरल(टी)कांग्रेस नेतृत्व विवाद(टी)केरल की राजनीति

आज की सरकारी नौकरी:झारखंड में 611 भर्ती का नोटिफिकेशन जारी; UPPSC ने 182 पदों पर निकाली भर्ती, कोल इंडिया में 276 ओपनिंग्स

आज की सरकारी नौकरी:झारखंड में 611 भर्ती का नोटिफिकेशन जारी; UPPSC ने 182 पदों पर निकाली भर्ती, कोल इंडिया में 276 ओपनिंग्स

आज की सरकारी नौकरी में जानकारी झारखंड में 611 पदों पर भर्ती का नोटिफिकेशन जारी होने की, UPPSC ने 182 पदों पर निकाली भर्ती की। साथ में कोल इंडिया लिमिटेड में मैनेजमेंट ट्रेनी के 276 ओपनिंग्स की। इन जॉब्स के बारे में पूरी जानकारी के साथ आवेदन की प्रक्रिया यहां देखिए… 1. झारखंड में 611 भर्ती का नोटिफिकेशन जारी, 1 जून से शुरू आवेदन झारखंड कर्मचारी चयन आयोग ने 611 पदों पर भर्ती के लिए नोटिफिकेशन जारी किया है। उम्मीदवार ऑफिशियल वेबसाइट jssc.jharkhand.gov.in पर जाकर आवेदन कर सकेंगे। फॉर्म में करेक्शन 5 जुलाई से 10 जुलाई 2026 तक होंगे। फीस 3 जुलाई तक जमा की जा सकेगी। वैकेंसी डिटेल्स : एजुकेशनल क्वालिफिकेशन : एज लिमिट : सिलेक्शन प्रोसेस : सैलरी : फीस : एग्जाम पैटर्न : प्रीलिम्स एग्जाम : मेन्स एग्जाम पैटर्न : ऑफिशियल नोटिफिकेशन लिंक ऑनलाइन आवेदन लिंक 2. UPPSC ने 182 पदों पर निकाली भर्ती, सैलरी डेढ़ लाख से ज्यादा उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग ने असिस्टेंट प्रॉसिक्यूशन ऑफिसर (APO) 2025 की मेंस परीक्षा के लिए ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया शुरू कर दी है। प्रीलिम्स एग्जाम में सफल उम्मीदवार ऑफिशियल वेबसाइट uppsc.up.nic.in पर जाकर ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। प्रीलिम्स एग्जाम के बेसिस पर 2,856 उम्मीदवारों को मेन्स एग्जाम के लिए शॉर्टलिस्ट किया गया है। एजुकेशनल क्वालिफिकेशन : प्रीलिम्स एग्जाम क्लियर करने वाले 2,856 उम्मीदवार इस एग्जाम के लिए एलिजिबल होंगे। एज लिमिट : फीस : सिलेक्शन प्रोसेस : सैलरी : मेन्स एग्जाम पैटर्न : ऐसे करें आवेदन : ऑफिशियल वेबसाइट लिंक ऑफिशियल नोटिफिकेशन लिंक 2. कोल इंडिया लिमिटेड में 276 भर्ती, सैलरी 1 लाख 80 हजार तक कोल इंडिया लिमिटेड में 276 पदों पर भर्ती निकली है। इस भर्ती के लिए फीस जमा करने की आखिरी तारीख भी 7 जून तय की गई है। उम्मीदवार ऑफिशियल वेबसाइट coalindia.in पर जाकर अप्लाई कर सकते हैं। कैटेगरी वाइस पदों की संख्या : एजुकेशनल क्वालिफिकेशन : एज लिमिट : फीस : सिलेक्शन प्रोसेस : सैलरी : 60,000 – 1,80,000 रुपए प्रतिमाह जरूरी डॉक्यूमेंट्स : ऐसे करें आवेदन ऑफिशियल नोटिफिकेशन लिंक ऑनलाइन आवेदन लिंक 4. UPSSSC ने ASO, ARO पदों पर निकाली भर्ती, लास्ट डेट 11 मई उत्तर प्रदेश अधीनस्थ सेवा चयन आयोग ( UPSSSC ) ने सहायक सांख्यिकी अधिकारी (ASO) और सहायक अनुसंधान अधिकारी (ARO) के पदों पर भर्ती निकाली है। इस भर्ती के लिए आवेदन की आखिरी तारीख 11 मई तय की गई है। उम्मीदवार वेबसाइट upsssc.gov.in पर जाकर आवेदन कर सकते हैं। फीस जमा करने की आखिरी तारीख 11 मई तय की गई है। फॉर्म में करेक्शन की आखिरी तारीख 28 मई है। एजुकेशनल क्वालिफिकेशन : एज लिमिट : फीस : सभी उम्मीदवारों के लिए : 25 रुपए सिलेक्शन प्रोसेस : PET 2025 के अंकों के आधार पर शॉर्टलिस्टिंग सैलरी: 35400 – 1,12,400 रुपए प्रतिमाह एग्जाम पैटर्न : सिलेबस : ऐसे करें आवेदन : ऑफिशियल वेबसाइट लिंक ऑफिशियल नोटिफिकेशन लिंक सरकारी नौकरी की ये खबरें भी पढ़ें MPESB में हॉस्पिटल असिस्टेंट की 1200 भर्ती, भावनगर म्युनिसिपल कॉर्पोरेशन में 120 वैकेंसी, ISRO में निकलीं 15 ओपनिंग्स आज की सरकारी नौकरी में जानकारी MPESB में 1200 पदों पर भर्ती की, भावनगर म्युनिसिपल कॉर्पोरेशन में 120 वैकेंसी की। साथ ही ISRO में 15 ओपनिंग्स की। पूरी खबर यहां पढ़ें

First Aid For A Snakebite: सांप के काटने पर जहर को शरीर में फैलने से रोकने का उपाय

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Last Updated:May 08, 2026, 18:02 IST First Aid For A Snakebite: इसमें कोई दोराय नहीं कि सांप काटने से मौत हो सकती है. लेकिन यदि वक्त रहते सही उपाय कर लिए जाए तो व्यक्ति के बचने की संभावना काफी ज्यादा होती है. ऐसे में सांप के काटने पर तुरंत क्या करना चाहिए यहां आप इस लेख में जान सकते हैं. ख़बरें फटाफट First Aid For A Snakebite: भारत में लगभग सांप की 500 प्रजातियां हैं, जिसमें से जहरीले सांपों की संख्या सिर्फ 5-7 है. ऐसे में यदि आपको सांप काटता भी है, तो इसकी संभावना बहुत कम होती है कि वो जहरीला हो. हालांकि किसी भी सांप के काटने को नजरअंदाज नहीं करना चाहिए. लेकिन सीधे ये मान लेना कि अब मौत पक्की है, ये गलत है. आपको जानकर हैरानी होगी कि सांप के काटने से मौत जहर के फैलने से कम बल्कि इसके लिए किए गए घरेलू उपायों और डर से ज्यादा होते हैं. ऐसे में ये सवाल उठता है कि आखिर सांप काटने पर सबसे पहले व्यक्ति को क्या करना चाहिए? डॉक्टरों के अनुसार, सर्पदंश एक गंभीर मेडिकल इमरजेंसी है. ऐसे समय में घबराने या गलत घरेलू इलाज करने से मरीज की हालत और खराब हो सकती है. जबकि सही जानकारी और तुरंत इलाज से मरीज की जान बचाई जा सकती है.लेकिन अक्सर बरसात के मौसम में गांव या जंगलों में लकड़ी लाने या ट्रेकिंग के लिए गए लोग सांप के निशाने पर होते हैं, जिनके लिए तुरंत अस्पताल पहुंचना मुमिकन नहीं होता है. ऐसे में मेडिकल हेल्प मिलने तक क्या कर सकते हैं, चलिए यहां जानते हैं. जहर को फैलने से रोकने का सही तरीका – यदि आपको या आपके आसपास के किसी व्यक्ति को सांप काटता है, तो सबसे सबसे पहले घाव को साफ पानी से धोना चाहिए. – मरीज के शरीर से अंगूठी, कड़ा, जूते या तंग कपड़े हो तो तुरंत हटा दें, क्योंकि सूजन बढ़ सकती है. इसके साथ ही मरीज को शांत रखें और उसे ज्यादा चलने-फिरने न दें. इससे जहर तेजी से फैल सकता है. – मरीज को सीधा लेटा कर जिस जगह पर सांप ने काटा है उससे दो इंच ऊपर और दो इंच नीचे तक एक लकड़ी या कड़क चीज का बेस लगाकर कपड़े से टाइट बांध दें. इसे तुरंत करना जरूरी है.देरी होने पर इसका कोई फायदा नहीं होता है. इससे जहर एक ही जगह पर जमा रहता है. – अब यदि आपके पास इंजेक्शन वाली सीरिंज है तो इसके नुकीली सुई वाले हिस्से को काटकर अलग करें, और सीरिंज पंप को सांप के दांत के निशान पर रखकर इसके ऊपरी हिस्से को अपनी ओर खींचे, यदि खून हल्का काला नजर आने लगे तो इसका मतलब है कि जहर निकल रहा है. बारी-बारी से दोनों निशान पर इस प्रक्रिया को दोहराएं. ध्यान रखें ये मेडिकल हेल्प का विकल्प नहीं, इसलिए डॉक्टर से चेकअप जरूरी है. क्या न करेंसांप काटने पर घाव पर चीरा बिल्कुल न लगाएं और न ही जहर चूसने की कोशिश करें. घाव पर बहुत कसकर पट्टी बांधना भी नुकसानदायक हो सकता है. झाड़-फूंक, देसी इलाज या घरेलू नुस्खों में समय बर्बाद करना खतरनाक साबित हो सकता है. सांप के काटने का इलाजसांप के जहर के प्रभाव को खत्म करने के लिए डॉक्टर एंटी-वेनम इंजेक्शन देते हैं. इसके अलावा सांप के आधार पर जरूरी इलाज दिया जाता है. यदि सांप ज्यादा जहरीला हो तो मरीज को वेंटिलेशन पर रखने की भी जरूरत पड़ सकती है. इसलिए घरेलू उपचार या छोटे क्लिनिक पर निर्भर रहने के बजाय सही मेडिकल सुविधा लेना ज्यादा सुरक्षित होता है. About the Author शारदा सिंहSenior Sub Editor शारदा सिंह मध्यप्रदेश की रहने वाली हैं. उन्होंने माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय, भोपाल से पत्रकारिता के क्षेत्र में अपना सफर शुरू किया. उनके पास डिजिटल मीडिया और लाइफस्टाइल पत्रक…और पढ़ें News18 न्यूजलेटर अब ईमेल पर इनसाइड स्‍टोर‍ीज खबरों के पीछे की खबर अब आपके इनबॉक्‍स में सबमिट करें Location : New Delhi,Delhi Disclaimer: इस खबर में दी गई दवा/औषधि और स्वास्थ्य से जुड़ी सलाह, एक्सपर्ट्स से की गई बातचीत के आधार पर है. यह सामान्य जानकारी है, व्यक्तिगत सलाह नहीं. इसलिए डॉक्टर्स से परामर्श के बाद ही कोई चीज उपयोग करें. Local-18 किसी भी उपयोग से होने वाले नुकसान के लिए जिम्मेदार नहीं होगा.

फरीदकोट के युवक की कनाडा में मौत:हार्टअटैक आया, 3 साल पहले स्पाउस वीजा पर विदेश गया, ब्रैम्पटन शहर में करता था काम

फरीदकोट के युवक की कनाडा में मौत:हार्टअटैक आया, 3 साल पहले स्पाउस वीजा पर विदेश गया, ब्रैम्पटन शहर में करता था काम

फरीदकोट के गांव किला नौ निवासी 28 वर्षीय युवक की कनाडा में दिल का दौरा पड़ने से अचानक मौत होने का मामला सामने आया है। मृतक युवक राजविंदर सिंह उर्फ राजू के करीब तीन साल पहले स्पाउस वीजा पर अपनी पत्नी के पास कनाडा गया था। जानकारी के अनुसार, राजविंदर सिंह कनाडा के ब्रैम्पटन शहर में रहकर काम करता था। बताया जा रहा है कि वीरवार रात अचानक उसकी तबीयत बिगड़ गई, जिसके बाद उसे तुरंत अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। प्रारंभिक जानकारी के मुताबिक मौत का कारण हार्ट अटैक बताया जा रहा है। युवक की अचानक मौत की खबर मिलते ही परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा, जबकि गांव किला नौ में भी शोक की लहर फैल गई। परिवार से अफसोस जताने पहुंचे पूर्व विधायक ढिल्लों इस दुख की घड़ी में कांग्रेस नेता व पूर्व विधायक कुशलदीप सिंह किक्की ढिल्लों भी परिवार के साथ अफसोस जताने उनके घर पहुंचे। उन्होंने मृतक की पार्थिव देह को भारत लाने के लिए हरसंभव सहायता का भरोसा दिया है। परिवार की जिम्मेवारियां निभाने गया था विदेश मृतक के पिता शमशेर सिंह और चाचा अमरजीत सिंह ने बताया कि राजविंदर सिंह मिलनसार और हंसमुख स्वभाव का था। वह घर की आर्थिक जिम्मेदारियों को निभाने के लिए विदेश गया था और वहां मेहनत कर अपना काम भी अच्छी तरह स्थापित कर चुका था। वह हमेशा दूसरों की मदद के लिए तैयार रहता था। फिलहाल परिवार द्वारा मृतक की पार्थिव देह को पंजाब लाने के लिए सरकारी और सामाजिक संस्थाओं से संपर्क किया जा रहा है।

रायपुर की पिच पर बेंगलुरु को मिल सकता है फायदा:उमेश यादव ने कहा- गेंदबाजी में संघर्ष कर रही मुंबई,10 मई को होगा मुकाबला

रायपुर की पिच पर बेंगलुरु को मिल सकता है फायदा:उमेश यादव ने कहा- गेंदबाजी में संघर्ष कर रही मुंबई,10 मई को होगा मुकाबला

रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु (RCB) और मुंबई इंडियंस (MI) के बीच रिवेंज वीक में 10 मई को रायपुर में हाई-वोल्टेज मुकाबला खेला जाएगा। इस मैच में बेंगलुरु का पलड़ा भारी नजर आ रहा है क्योंकि उनकी टीम का संतुलन और गेंदबाजी मुंबई की तुलना में काफी बेहतर हो रही है। नई पिच और बड़े मैदान से गेंदबाजों को मिलेगी मदद जियोहॉटस्टार के चैंपियंस वाली कमेंट्री शो के एक्सपर्ट उमेश यादव ने कहा, रायपुर में लंबे समय के बाद कोई बड़ा मैच होने जा रहा है। ऐसे में मैदान की विकेट बिल्कुल ताजा होगी और बाउंड्री भी काफी बड़ी है। जानकारों का मानना है कि इस नई परिस्थितियों में गेंदबाजों को काफी मदद मिल सकती है। चूंकि इस सीजन में दोनों टीमें यहां अपना पहला मैच खेलेंगी, इसलिए यह मैदान दोनों के लिए ही नया अनुभव होगा। बेंगलुरु को मिलेगा दूसरे होम ग्राउंड से फायदा रायपुर का शहीद वीर नारायण सिंह स्टेडियम इस सीजन बेंगलुरु का दूसरा होम ग्राउंड है। उमेश यादव ने कहा, टीम वहां थोड़ा पहले पहुंचकर प्रैक्टिस भी कर सकती है। वर्तमान फॉर्म को देखें तो बेंगलुरु की बल्लेबाजी और गेंदबाजी दोनों में सुधार हुआ है, जिससे वे विपक्षी टीम पर हावी होने की स्थिति में नजर आ रहे हैं। मुंबई के लिए संतुलन बिठाना बड़ी चुनौती उमेश ने कहा, मुंबई इंडियंस की टीम इस सीजन में अपने सही बैलेंस की तलाश में संघर्ष कर रही है। टीम के साथ सबसे बड़ी समस्या यह है कि जब उनके बल्लेबाज रन बना रहे होते हैं, तब गेंदबाजी साथ नहीं दे पाती। मुंबई की गेंदबाजी में गहराई की कमी साफ नजर आ रही है और टीम एक अच्छे स्पिनर की तलाश में है जो अब तक पूरी नहीं हो पाई है। तेज गेंदबाजी और बुमराह की फॉर्म पर सवाल मुंबई के पेस अटैक में लगातार बदलाव हो रहे हैं। टीम के टॉप गेंदबाज अक्सर बेंच पर बैठे नजर आते हैं और उन्हें सभी मैचों में मौका नहीं मिल रहा है। टीम के सबसे बड़े हथियार जसप्रीत बुमराह का प्रदर्शन भी इस सीजन में वैसा नहीं रहा है जैसा मुंबई उनसे उम्मीद करती है। परफॉर्मेंस में निरंतरता न होना मुंबई के लिए चिंता का विषय बना हुआ है। बेंगलुरु के पास जीत का बेहतर मौका उन्होंने आगे कहा, बेंगलुरु को मैच से पहले एक लंबा ब्रेक भी मिला है, जिससे खिलाड़ियों को तरोताजा होने का मौका मिला है। उनके पास संतुलित बॉलिंग और फॉर्म में लौट रहे बल्लेबाज हैं। मुंबई को टूर्नामेंट में बने रहने के लिए जीत की जरूरत है, लेकिन रायपुर की परिस्थितियों में फिलहाल बेंगलुरु का पलड़ा ज्यादा भारी दिखाई दे रहा है। चैंपियंस वाली कमेंट्री में सुने अनसुने किस्से चैंपियंस वाली कमेंट्री CTV पर हिंदी में उपलब्ध एक खास डिजिटल फीड है, जिसमें TATA IPL के पूर्व चैंपियन खिलाड़ी लाइव मैच के दौरान खिलाड़ियों की सोच और मैदान से जुड़े अनसुने किस्से साझा करते हैं।

रायपुर की पिच पर बेंगलुरु को मिल सकता है फायदा:उमेश यादव ने कहा- गेंदबाजी में संघर्ष कर रही मुंबई,10 मई को होगा मुकाबला

रायपुर की पिच पर बेंगलुरु को मिल सकता है फायदा:उमेश यादव ने कहा- गेंदबाजी में संघर्ष कर रही मुंबई,10 मई को होगा मुकाबला

रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु (RCB) और मुंबई इंडियंस (MI) के बीच रिवेंज वीक में 10 मई को रायपुर में हाई-वोल्टेज मुकाबला खेला जाएगा। इस मैच में बेंगलुरु का पलड़ा भारी नजर आ रहा है क्योंकि उनकी टीम का संतुलन और गेंदबाजी मुंबई की तुलना में काफी बेहतर हो रही है। नई पिच और बड़े मैदान से गेंदबाजों को मिलेगी मदद जियोहॉटस्टार के चैंपियंस वाली कमेंट्री शो के एक्सपर्ट उमेश यादव ने कहा, रायपुर में लंबे समय के बाद कोई बड़ा मैच होने जा रहा है। ऐसे में मैदान की विकेट बिल्कुल ताजा होगी और बाउंड्री भी काफी बड़ी है। जानकारों का मानना है कि इस नई परिस्थितियों में गेंदबाजों को काफी मदद मिल सकती है। चूंकि इस सीजन में दोनों टीमें यहां अपना पहला मैच खेलेंगी, इसलिए यह मैदान दोनों के लिए ही नया अनुभव होगा। बेंगलुरु को मिलेगा दूसरे होम ग्राउंड से फायदा रायपुर का शहीद वीर नारायण सिंह स्टेडियम इस सीजन बेंगलुरु का दूसरा होम ग्राउंड है। उमेश यादव ने कहा, टीम वहां थोड़ा पहले पहुंचकर प्रैक्टिस भी कर सकती है। वर्तमान फॉर्म को देखें तो बेंगलुरु की बल्लेबाजी और गेंदबाजी दोनों में सुधार हुआ है, जिससे वे विपक्षी टीम पर हावी होने की स्थिति में नजर आ रहे हैं। मुंबई के लिए संतुलन बिठाना बड़ी चुनौती उमेश ने कहा, मुंबई इंडियंस की टीम इस सीजन में अपने सही बैलेंस की तलाश में संघर्ष कर रही है। टीम के साथ सबसे बड़ी समस्या यह है कि जब उनके बल्लेबाज रन बना रहे होते हैं, तब गेंदबाजी साथ नहीं दे पाती। मुंबई की गेंदबाजी में गहराई की कमी साफ नजर आ रही है और टीम एक अच्छे स्पिनर की तलाश में है जो अब तक पूरी नहीं हो पाई है। तेज गेंदबाजी और बुमराह की फॉर्म पर सवाल मुंबई के पेस अटैक में लगातार बदलाव हो रहे हैं। टीम के टॉप गेंदबाज अक्सर बेंच पर बैठे नजर आते हैं और उन्हें सभी मैचों में मौका नहीं मिल रहा है। टीम के सबसे बड़े हथियार जसप्रीत बुमराह का प्रदर्शन भी इस सीजन में वैसा नहीं रहा है जैसा मुंबई उनसे उम्मीद करती है। परफॉर्मेंस में निरंतरता न होना मुंबई के लिए चिंता का विषय बना हुआ है। बेंगलुरु के पास जीत का बेहतर मौका उन्होंने आगे कहा, बेंगलुरु को मैच से पहले एक लंबा ब्रेक भी मिला है, जिससे खिलाड़ियों को तरोताजा होने का मौका मिला है। उनके पास संतुलित बॉलिंग और फॉर्म में लौट रहे बल्लेबाज हैं। मुंबई को टूर्नामेंट में बने रहने के लिए जीत की जरूरत है, लेकिन रायपुर की परिस्थितियों में फिलहाल बेंगलुरु का पलड़ा ज्यादा भारी दिखाई दे रहा है। चैंपियंस वाली कमेंट्री में सुने अनसुने किस्से चैंपियंस वाली कमेंट्री CTV पर हिंदी में उपलब्ध एक खास डिजिटल फीड है, जिसमें TATA IPL के पूर्व चैंपियन खिलाड़ी लाइव मैच के दौरान खिलाड़ियों की सोच और मैदान से जुड़े अनसुने किस्से साझा करते हैं।

सरकार गठन पर सस्पेंस जारी, टीवीके प्रमुख विजय तीसरी बार राज्यपाल से मिलेंगे | भारत समाचार

Hantavirus Outbreak 2026 LIVE: According to reports, the first known death was a 70-year-old Dutch passenger who died on board on April 11. (File Photo)

आखरी अपडेट:08 मई, 2026, 16:00 IST राज्यपाल आरवी आर्लेकर के आग्रह के कारण विजय अब तक सरकार नहीं बना पाए हैं कि टीवीके विधानसभा में बहुमत साबित करे। तमिलनाडु के राज्यपाल राजेंद्र अर्लेकर के साथ तमिलागा वेट्री कज़गम (टीवीके) प्रमुख विजय। (पीटीआई) तमिलनाडु सरकार का गठन: तमिलनाडु में सरकार गठन पर सस्पेंस जारी रहने के बीच तमिलागा वेट्री कड़गम (टीवीके) प्रमुख विजय के शुक्रवार को तीसरी बार राज्यपाल राजेंद्र विश्वनाथ आर्लेकर से मिलने की उम्मीद है। तमिलनाडु की राजनीति में एक अभूतपूर्व क्षण में, टीवीके हाल के विधानसभा चुनावों में 108 सीटें जीतकर सबसे बड़ी पार्टी बन गई, जिसने राज्य में लंबे समय से सत्ता पर काबिज डीएमके और एआईएडीएमके दोनों को पछाड़ दिया। हालाँकि, कांग्रेस द्वारा पाँच विधायकों का समर्थन देने के लिए DMK के साथ दशकों पुराना गठबंधन तोड़ने के बाद भी, विजय की पार्टी अभी भी बहुमत की संख्या 118 से पीछे है। विधानसभा में बहुमत समर्थन स्थापित करने में पार्टी की विफलता का हवाला देते हुए अर्लेकर द्वारा दो बार सरकार बनाने के विजय के अनुरोध को अस्वीकार करने के बाद टीवीके की सरकार बनाने की कोशिशों में अप्रत्याशित बाधा आ गई है। जवाब में, टीवीके ने तर्क दिया कि ऐसे कई उदाहरण हैं जहां उस समय स्पष्ट बहुमत न होने के बावजूद सबसे बड़ी पार्टी को सरकार बनाने के लिए आमंत्रित किया गया था। यहां लाइव अपडेट्स का पालन करें हाल ही में तमिलनाडु चुनाव में जीती गई दो सीटों में से एक को खाली करने के बाद, विजय को विधानसभा में बहुमत साबित करने के लिए 117 सदस्यों के समर्थन की आवश्यकता है। संभावना है कि वह राज्यपाल को अपनी पार्टी का बहुमत साबित करने के लिए 118 सदस्यों की सूची उपलब्ध कराएंगे। सीपीआई (एम), सीपीआई को समर्थन मिलने की संभावना इस बीच, सूत्रों ने बताया कि तमिलनाडु में सरकार गठन को लेकर चल रही अनिश्चितता के बीच सीपीआई (एम) और सीपीआई विजय के नेतृत्व वाली टीवीके को समर्थन दे सकती हैं। सीएनएन-न्यूज18 शुक्रवार को. पार्टी समर्थन के लिए एएमएमके सहित अन्य छोटे दलों से भी संपर्क कर रही है। टीवीके के प्रभावशाली प्रदर्शन ने उन अफवाहों को हवा दे दी है कि तमिलनाडु में पहली बार अकल्पनीय हो सकता है, द्रविड़ प्रतिद्वंद्वियों द्रमुक और अन्नाद्रमुक के बीच उसे सत्ता में आने से रोकने के लिए गठबंधन। अन्नाद्रमुक ने संकेत दिया कि अगर राज्यपाल फिर से टीवीके को सरकार बनाने की अनुमति नहीं देते हैं तो निर्णय लिया जाएगा। जवाब में, टीवीके ने चेतावनी दी कि अगर डीएमके और एआईएडीएमके ने गठबंधन सरकार बनाई तो उसके सभी 107 विधायक इस्तीफा दे देंगे। हालाँकि, यह असाधारण खतरा कानूनी चुनौतियों से भरा है, और यह स्पष्ट नहीं है कि सरकार तुरंत गिर जाएगी या नहीं। और पढ़ें: टीवीके ने चेतावनी दी है कि अगर तमिलनाडु में डीएमके-एआईएडीएमके सरकार बनी तो 107 विधायक इस्तीफा दे देंगे: अगर वे ऐसा करते हैं तो क्या होगा? इस बीच, तमिलनाडु भाजपा ने कहा कि वह तमिलनाडु में नई सरकार बनाने के किसी भी प्रयास से खुद को जोड़ना नहीं चाहती है और इस कवायद में किसी भी प्रत्यक्ष भूमिका से इनकार किया है। एक बयान में कहा गया, “इसके अलावा, हम जनता को सूचित करना चाहते हैं कि हम सरकार बनाने के प्रयासों में शामिल किसी भी पार्टी के समर्थन में मतदान नहीं करेंगे।” विधानसभा चुनाव में त्रिशंकु जनादेश आया, जिसमें टीवीके ने 234 सदस्यीय सदन में 107 सीटें जीतीं। डीएमके को 59, एआईएडीएमके को 47, पीएमके को 4, आईयूएमएल को 2, सीपीआई को 2 और सीपीआई (एम) को 2 सीटें मिलीं, जबकि बीजेपी, डीएमडीके और एएमएमके ने एक-एक सीट जीती। चुनी हुई कहानियाँ, आपके इनबॉक्स में हमारी सर्वोत्तम पत्रकारिता वाला एक न्यूज़लेटर जमा करना न्यूज़ इंडिया सरकार गठन पर सस्पेंस बरकरार, टीवीके प्रमुख विजय तीसरी बार राज्यपाल से मिलेंगे अस्वीकरण: टिप्पणियाँ उपयोगकर्ताओं के विचार दर्शाती हैं, News18 के नहीं। कृपया चर्चाएँ सम्मानजनक और रचनात्मक रखें। अपमानजनक, मानहानिकारक, या अवैध टिप्पणियाँ हटा दी जाएंगी। News18 अपने विवेक से किसी भी टिप्पणी को अक्षम कर सकता है. पोस्ट करके, आप हमारी उपयोग की शर्तों और गोपनीयता नीति से सहमत होते हैं। और पढ़ें (टैग्सटूट्रांसलेट)तमिलनाडु सरकार गठन लाइव अपडेट(टी)तमिलनाडु सीएम गठन 2026(टी)तमिलनाडु नए मुख्यमंत्री(टी)तमिलनाडु सरकार गठन समाचार(टी)तमिलनाडु चुनाव परिणाम 2026(टी)तमिलनाडु सीएम शपथ समारोह(टी)तमिलनाडु राजनीतिक समाचार लाइव(टी)तमिलनाडु सरकार अपडेट(टी)विजय टीवीके सरकार गठन

धुरंधर को प्रोपेगेंडा बताने वाले पर भड़कीं कांग्रेस प्रवक्ता:यूजर से शमा मोहम्मद बोलीं- फिल्म में मुसलमानों को गलत नहीं दिखाया; पाकिस्तान की नागरिकता ले सकते हो

धुरंधर को प्रोपेगेंडा बताने वाले पर भड़कीं कांग्रेस प्रवक्ता:यूजर से शमा मोहम्मद बोलीं- फिल्म में मुसलमानों को गलत नहीं दिखाया; पाकिस्तान की नागरिकता ले सकते हो

कांग्रेस पार्टी की राष्ट्रीय प्रवक्ता शमा मोहम्मद ने सोशल मीडिया पर फिल्म धुरंधर की तारीफ करते हुए एक पोस्ट की। साथ ही एक यूजर को जवाब देते हुए कहा कि फिल्म में मुसलमानों को नहीं, बल्कि पाकिस्तानियों को नेगेटिव तरीके से दिखाया गया है। दरअसल, शमा मोहम्मद ने ऑफिशियल X अकाउंट पर लिखा कि उन्होंने हाल ही में फिल्म धुरंधर देखी और उन्हें इसका डायरेक्शन, स्क्रिप्ट और एक्टिंग काफी पसंद आई। उन्होंने एक्टर रणवीर सिंह की एक्टिंग की तारीफ की और डायरेक्टर आदित्य धर की सराहना करते हुए कहा कि फिल्म में पुराने हिंदी गानों को सीन्स से जोड़ने का तरीका शानदार था। यूजर ने फिल्म को बताया प्रोपेगेंडा मूवी शमा की पोस्ट पर कमेंट करते हुए एक यूजर ने कहा, “तुम यह कैसे पोस्ट कर सकती हो? इस प्रोपेगेंडा फिल्म में मुसलमानों को गलत तरीके से दिखाया गया है। तुम्हें शर्म आनी चाहिए।” इस पर शमा मोहम्मद ने जवाब देते हुए कहा, “इस फिल्म में मुसलमानों को गलत नहीं दिखाया गया, बल्कि पाकिस्तानियों को गलत दिखाया गया है। दोनों को एक जैसा बताना गलत है। तुम्हारे जैसे लोग भारत में मुसलमानों की इमेज खराब करते हैं। अगर तुम्हें भारत से इतनी दिक्कत है, तो तुम पाकिस्तान की नागरिकता ले सकते हो।” धुरंधर ने 1,307 करोड़ रुपए कमाए थे धुरंधर 5 दिसंबर 2025 को ग्लोबली रिलीज हुई थी। फिल्म में रणवीर सिंह के साथ संजय दत्त, अक्षय खन्ना, आर माधवन, अर्जुन रामपाल और सारा अर्जुन नजर आए थे। फिल्म आदित्य धर ने डायरेक्ट की थी। सैकनिल्क के अनुसार, धुरंधर ने भारत और अंतरराष्ट्रीय बॉक्स ऑफिस पर शानदार प्रदर्शन किया और दुनियाभर में करीब 1,307 करोड़ रुपए कमाए। भारत में फिल्म का ग्रॉस कलेक्शन 1,005.85 करोड़ रुपए रहा, जबकि नेट कलेक्शन लगभग 840 करोड़ रुपए हुआ। विदेशी बाजारों में भी फिल्म को जबरदस्त रिस्पॉन्स मिला। ओवरसीज में इसने करीब 299.5 करोड़ रुपए कमाए। अमेरिका और कनाडा में 193.06 करोड़ रुपए से ज्यादा की कमाई कर बाहुबली 2 का रिकॉर्ड भी तोड़ा। दूसरा पार्ट 19 मार्च को रिलीज हुआ था धुरंधर का दूसरा पार्ट ग्लोबली 19 मार्च 2026 को सिनेमाघरों में रिलीज हुआ था। फिल्म की अब तक की कुल दुनिया भर में कमाई 1,792 करोड़ रुपए हो चुकी है। भारत में फिल्म का कुल नेट कलेक्शन 1,141 करोड़ रुपए और कुल ग्रॉस कलेक्शन 1,365 करोड़ रुपए तक हो गया है। फिल्म ने अंतरराष्ट्रीय बाजारों से अब तक 426 करोड़ रुपए की कमाई की है।