केरल चुनाव 2026: देश के कई राज्यों में इंटेल के बाद सरकार गठन की प्रक्रिया तेजी से हो रही है, लेकिन हर राज्य में तस्वीरें अलग-अलग नजर आ रही हैं। पश्चिम बंगाल में भारतीय जनता पार्टी पहली बार सरकार बनाने जा रही है और शुभेंदु अधिकारी शनिवार सुबह 11 बजे मुख्यमंत्री पद की शपथ लेंगे।
वहीं तमिलनाडु में विजय (विजय थलापति) की अवाज वाली तमिलगा वेत्री कशगम (टीवीके) ने राज्यपाल से तीन बार मुलाकात कर सरकार बनाने का दावा पेश किया है और वे भी शनिवार को शपथ ले रहे हैं। असम में हिमंत बिस्वा सरमा की शपथ ग्रहण 12 मई को प्रस्तावित है, जहां भाजपा गठबंधन को स्पष्ट बहुमत मिला है।
क्या है केरल की किच-किच
हालांकि केरल में ये तस्वीर सबसे ज्यादा विवादित है. भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस ने चुनाव जीत लिया है, लेकिन मुख्यमंत्री के नाम पर अभी तक सहमति नहीं बन पाई है। इस मुद्दे पर पार्टी अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे के साथ बैठक करने वाले हैं, जिसमें राहुल गांधी के भी शामिल होने की संभावना है.
गुट के मुताबिक, ज्यादातर विधायक के वी वेणुगोपाल के पक्ष में हैं, जबकि कांग्रेस के सहयोगी यूनाइटेड डेमोक्रेटिक फ्रंट में मुस्लिम लीग वी डी शेरीशन को मुख्यमंत्री बनाना चाहते हैं। जहां कुछ राज्यों में सरकार गठन लगभग तय हो चुका है, वहीं केरल और तमिल जैसे राज्यों में राजनीतिक समीकरण अभी भी नजर आ रहे हैं।
क्लेश क्यों गहरा जा रहा है?
केरल में मुख्यमंत्री पद को लेकर कांग्रेस के अंदरूनी मोर्चे पर फ्रैंक सामने आ रही है। उडुमा सीट से डेमोक्रेटिक पार्टी के नेता नीलकांतन ने शुक्रवार को आरोप लगाया कि तिरुवनंतपुरम में हुई पार्टी के नेता दल (सीएलपी) की बैठक में मुख्यमंत्री पद के लिए अपनी पसंद का नाम दर्ज नहीं किया गया। उन्होंने इस संबंध में अखिल भारतीय कांग्रेस समिति के पर्यवेक्षकों मुकुल वासनिक और अजय माकन को ईमेल के माध्यम से भी याचिका दायर की है।
यह विवाद उस समय तब सामने आया जब एक रिपोर्ट में एक तस्वीर सामने आई, जिसमें सी समीक्षा बैठक के बाद पर्यवेक्षक वासनिक के हाथ की एक सूची सामने आई। बताया गया कि इस सूची में सूची के नाम और मुख्यमंत्री पद के लिए उनकी पसंद दर्ज की गई थी। कई उदाहरण जैसे संदीप वारियर, सजीव जोसेफ, टी. ओ. मोहनन, सनी जोसेफ, उषा विजयन और टी। उन्होंने अपनी पसंद के अनुसार ‘केसी’ लिखा था, जिसके सी वेणुगोपाल के समर्थन के रूप में देखा जा रहा है।
वहीं आई. सी. बालकृष्णन के नाम के सामने “केसी+आरसी” लिखा था, जिसमें राकेश चेन्निथला के समर्थन से लड़के को देखा गया था। हालाँकि, नीलकांतन का कहना है कि उन्होंने अपनी पसंद स्पष्ट रूप से बताई थी, लेकिन सूची में उनके नाम के सामने कोई प्रमुखता नहीं दी गई है, जो सवाल पूछता है।
इस बीच, मुख्यमंत्री पद की दौड़ में वी.डी.श्रीशन, के.सी. वेणुगोपाल और रमेश चेन्निथला प्रमुख उम्मीदवार माने जा रहे हैं। अंतिम निर्णय पार्टी नेतृत्व ही चाहता है, क्योंकि विधायक दल ने पहले ही प्रस्ताव कर मल्लिकार्जुन खड़गे को मुख्यमंत्री पद का अधिकार दे दिया है। केरल में कांग्रेस की जीत के बावजूद मुख्यमंत्री के चेहरे को लेकर असमंजस और बढ़त अभी भी जारी है।
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