Monday, 28 Sep 2026 | 04:07 PM

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किडनी डिटॉक्स के नाम पर कहीं आप ‘काला जहर’ तो नहीं पी रहे? FSSAI की रेड में हुआ खौफनाक खुलासा

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वडोदरा (गुजरात): क्या आप भी अपनी सेहत को सुधारने के लिए साधारण पानी छोड़कर ‘अल्कलाइन वॉटर’ (Alkaline Water) पी रहे हैं? अगर हां तो यह खबर आपके होश उड़ा सकती है. जिस पानी को आप अपनी किडनी और शरीर की गंदगी साफ करने के लिए हज़ारों रुपये खर्च कर मंगवा रहे हैं, वह असल में आपको बीमार कर सकता है. भारतीय खाद्य सुरक्षा और मानक प्राधिकरण (FSSAI) के पश्चिमी क्षेत्रीय कार्यालय ने गुजरात के वडोदरा में एक बड़ी कार्रवाई करते हुए लाखों रुपये का अल्कलाइन वॉटर जब्त किया है, जो मानकों पर पूरी तरह फेल पाया गया. यह पूरी कार्रवाई एक जागरूक उपभोक्ता की शिकायत के बाद शुरू हुई. शिकायत मिलने पर FSSAI की टीम ने वडोदरा जिले के सावली स्थित एक मैन्युफैक्चरिंग यूनिट पर अचानक छापा मारा. जब अधिकारियों ने वहां रखे स्टॉक का निरीक्षण किया, तो जो नजारा दिखा वह हैरान करने वाला था. बोतलों के अंदर काले रंग के संदिग्ध कण दिखाई दे रहे थे और पानी का रंग सामान्य नहीं था. क्या थी खामियां? अधिकारियों ने मौके से लगभग 31.61 लाख रुपये की कीमत का तैयार माल जब्त कर लिया. जांच के दौरान सुरक्षा मानकों की धज्जियां उड़ती मिलीं: गायब जानकारी: बोतलों के सामने वाले हिस्से पर उत्पाद का नाम तक नहीं लिखा था. संदिग्ध कण: पानी के अंदर तलछट (Sediment) और काले रंग के कण तैरते पाए गए. भ्रामक लेबलिंग: पैकिंग पर दी गई जानकारी अधूरी थी और आपस में मेल नहीं खा रही थी. इसमें इस्तेमाल की गई सामग्री (Ingredients) का भी कोई स्पष्ट उल्लेख नहीं था. पानी में मिला ‘फुल्विक एसिड’ का खेल जब जब्त किए गए पानी के सैंपल की लैब जांच कराई गई, तो उसमें ‘फुल्विक एसिड’ (Fulvic Acid) नाम का पदार्थ पाया गया. FSSAI के कड़े नियमों के अनुसार, पीने के पानी में इस पदार्थ को मिलाने की अनुमति बिल्कुल नहीं है. अधिकारियों ने बताया कि पानी को अल्कलाइन दिखाने या उसमें मिनरल्स का दावा करने के लिए बाहर से काले रंग के मिनरल मिलाए गए थे, जिससे यह खतरनाक एसिड पैदा हुआ. किडनी डिटॉक्स के नाम पर खतरा? बाजार में इन दिनों अल्कलाइन वॉटर को ‘मैजिक वॉटर’ की तरह बेचा जा रहा है, दावा किया जाता है कि यह किडनी की कार्यक्षमता बढ़ाता है और शरीर को डिटॉक्स करता है. लेकिन बिना लैब टेस्टिंग और लाइसेंस के बिक रहे ये उत्पाद आपकी किडनी को फायदा पहुँचाने के बजाय उसे नुकसान पहुँचा सकते हैं. FSSAI ने साफ कर दिया है कि लोगों की सेहत के साथ खिलवाड़ करने वाली किसी भी कंपनी को बख्शा नहीं जाएगा. नियम तोड़ने वालों पर न केवल भारी जुर्माना लगाया जाएगा, बल्कि उनके लाइसेंस भी रद्द किए जा सकते हैं. जांच के दौरान अल्कलाइन वॉटर की बोतलों में क्या संदिग्ध चीजें पाई गईं? बोतलों में काले रंग के कण, बॉटम और पानी का असामान्य रंग पाया गया. साथ ही पैकिंग पर उत्पाद का नाम और सामग्री की जानकारी भी गायब थी. लैब टेस्ट में पानी में कौन सा हानिकारक पदार्थ मिला है? लैब जांच में पानी में फुल्विक एसिड पाया गया है, जिसे FSSAI के नियमों के तहत पीने के पानी में मिलाने की अनुमति नहीं है. इस रेड के दौरान कुल कितने रुपये का माल जब्त किया गया? अधिकारियों ने करीब 31.61 लाख रुपये की कीमत का अल्कलाइन वॉटर स्टॉक जब्त किया है. अल्कलाइन वॉटर के नाम पर कंपनियां क्या दावा करती हैं? कंपनियां अक्सर इसे किडनी डिटॉक्स, बेहतर हाइड्रेशन और शरीर की शुद्धि के लिए फायदेमंद बताकर महंगे दामों पर बेचती हैं.

तमिलनाडु गतिरोध: विजय के बहुमत से दूर रहने पर, पिछली त्रिशंकु विधानसभाओं पर एक नजर | भारत समाचार

CBSE 12th results 2026 soon on results.cbse.nic.in, DigiLocker. (File/Representative Image)

आखरी अपडेट:07 मई, 2026, 17:14 IST विजय तमिलनाडु में दूसरे दिन भी बहुमत हासिल करने में विफल रहे, राज्यपाल राजेंद्र अर्लेकर ने सरकार बनाने का निमंत्रण वापस ले लिया, राज्य में राजनीतिक संकट बरकरार है। विजय तमिलनाडु में दूसरे दिन भी बहुमत हासिल करने में विफल रहे, राज्यपाल राजेंद्र अर्लेकर ने सरकार बनाने का निमंत्रण वापस ले लिया, राज्य में राजनीतिक संकट बरकरार है। तमिलनाडु में राजनीतिक अनिश्चितता जारी है क्योंकि अभिनेता से नेता बने विजय लगातार दूसरे दिन सरकार बनाने का दावा पेश करने में विफल रहे। विजय ने राज्यपाल राजेंद्र अर्लेकर से मुलाकात की और 112 विधायकों का समर्थन पत्र सौंपा – उनकी पार्टी के 107 और कांग्रेस के पांच। हालाँकि, राज्यपाल ने उन्हें विधानसभा में बहुमत का आंकड़ा 118 हासिल करने के बाद ही लौटने की सलाह दी। अनुवर्ती बैठक के बावजूद, विजय आवश्यक संख्या से कम रहे, जिससे राजनीतिक गतिरोध लंबा हो गया। संविधान क्या कहता है संविधान के अनुच्छेद 164(1) के तहत राज्यपाल को मुख्यमंत्री नियुक्त करने का अधिकार है। त्रिशंकु विधानसभा में, राज्यपाल सरकार बनाने के लिए किसी नेता को आमंत्रित करने में विवेक का प्रयोग कर सकते हैं – अक्सर एकल सबसे बड़ी पार्टी या गठबंधन जो बहुमत का समर्थन प्रदर्शित कर सकता है। भारत ने ऐसी कई स्थितियाँ देखी हैं जहाँ अल्पमत सरकारों को कार्यभार संभालने के लिए आमंत्रित किया गया था। महाराष्ट्र 2019 भाजपा-शिवसेना गठबंधन टूटने के बाद, राज्यपाल भगत सिंह कोश्यारी ने सुबह-सुबह एक आश्चर्यजनक समारोह में देवेंद्र फड़णवीस को मुख्यमंत्री और अजीत पवार को उपमुख्यमंत्री पद की शपथ दिलाई। सरकार गिरने से पहले सिर्फ 80 घंटे तक चली, जिससे महा विकास अघाड़ी गठबंधन का रास्ता साफ हो गया। कर्नाटक 2018 त्रिशंकु जनादेश में भाजपा सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी लेकिन बहुमत से दूर रह गई। राज्यपाल वजुभाई वाला ने बीएस येदियुरप्पा को सरकार बनाने के लिए आमंत्रित किया. हालाँकि, येदियुरप्पा ने संख्या बल हासिल करने में विफल रहने के बाद शक्ति परीक्षण से कुछ दिन पहले ही इस्तीफा दे दिया। गोवा 2017 कांग्रेस के सबसे बड़ी पार्टी के रूप में उभरने के बावजूद, राज्यपाल मृदुला सिन्हा ने भाजपा के मनोहर पर्रिकर को आमंत्रित किया, जिन्होंने तुरंत चुनाव बाद गठबंधन बनाया और सदन में बहुमत साबित किया। मणिपुर 2017 एक अन्य त्रिशंकु विधानसभा में, भाजपा ने दूसरे स्थान पर रहने के बावजूद गठबंधन बनाया। राज्यपाल नजमा हेपतुल्ला ने एन. बीरेन सिंह को सरकार बनाने के लिए आमंत्रित किया, जिसने अपना कार्यकाल पूरा किया। दिल्ली 2013 किसी भी पार्टी को स्पष्ट बहुमत नहीं मिलने के बाद बीजेपी ने सरकार बनाने से इनकार कर दिया. अरविंद केजरीवाल के नेतृत्व में आम आदमी पार्टी ने कांग्रेस के बाहरी समर्थन से अल्पमत सरकार बनाई। जन लोकपाल विधेयक पर गतिरोध के बाद केजरीवाल के इस्तीफा देने से पहले सरकार सिर्फ 49 दिनों तक चली थी। तमिलनाडु के लिए आगे क्या? चूंकि विजय अभी भी बहुमत के आंकड़े से पीछे हैं, ऐसे में राज्यपाल का अगला कदम महत्वपूर्ण होगा। विकल्पों में अल्पमत सरकार का प्रयास करने के लिए सबसे बड़ी पार्टी को आमंत्रित करना, गठबंधन के लिए अधिक समय देना या वैकल्पिक गठन की खोज करना शामिल है। फिलहाल, तमिलनाडु राजनीतिक उलझन में है क्योंकि पर्दे के पीछे बातचीत जारी है। चुनी हुई कहानियाँ, आपके इनबॉक्स में हमारी सर्वोत्तम पत्रकारिता वाला एक न्यूज़लेटर जमा करना न्यूज़ इंडिया तमिलनाडु गतिरोध: विजय के बहुमत से दूर रहने पर पिछली त्रिशंकु विधानसभाओं पर एक नजर अस्वीकरण: टिप्पणियाँ उपयोगकर्ताओं के विचार दर्शाती हैं, News18 के नहीं। कृपया चर्चाएँ सम्मानजनक और रचनात्मक रखें। अपमानजनक, मानहानिकारक, या अवैध टिप्पणियाँ हटा दी जाएंगी। News18 अपने विवेक से किसी भी टिप्पणी को अक्षम कर सकता है. पोस्ट करके, आप हमारी उपयोग की शर्तों और गोपनीयता नीति से सहमत होते हैं। और पढ़ें (टैग्सटूट्रांसलेट)तमिलनाडु राजनीतिक संकट(टी)विजय सरकार का गठन(टी)तमिलनाडु त्रिशंकु विधानसभा(टी)राज्यपाल विवेक भारत(टी)अल्पसंख्यक सरकार उदाहरण(टी)अनुच्छेद 164 संविधान(टी)गठबंधन की राजनीति भारत(टी)फ्लोर टेस्ट बहुमत

‘टीवीके को सरकार के लिए न बुलाया जाए, नामांकन का अपमान’, डीएमके-एमएनएम और वीसीके की जीत पर राज्यपाल की शर्त

'टीवीके को सरकार के लिए न बुलाया जाए, नामांकन का अपमान', डीएमके-एमएनएम और वीसीके की जीत पर राज्यपाल की शर्त

त्वरित पढ़ें दिखाएँ एआई द्वारा उत्पन्न मुख्य बिंदु, न्यूज़ रूम द्वारा सत्यापित गवर्नर के नियम स्कूलके पर, एमएनएम ने गेमप्ले की कड़ी देखी। तमिलनाडु विधानसभा चुनाव के नतीजे सामने आने के बाद भी राज्य में अब तक नई सरकार के गठन को लेकर घमाघामी बनी हुई है। राज्यपाल आर. वी. अर्लेकर की तरफ से थलापति विजय की पार्टी तमिलगा वेत्री कजगम (टीवीके) को 108 पर जीत हासिल करने के बावजूद सरकार गठन करने की अनुमति न देने से इनकार कर दिया गया है। इस बीच तमिल की पूर्व सुपरमार्केट पार्टी के शिक्षकों में कमल हासन की एमएनएम, वीसीके और सी वीके जैसी कंपनी ने एकजुट होकर विक्ट्री और टीवीके का समर्थन किया है। तमिल के राजनीतिक वृत्तचित्र ने गवर्नर की ओर से विजय प्राप्त करने के लिए सरकार बनाने के लिए आमंत्रण जारी किया और उस पर प्रतिबंध का आरोप लगाया है। त्रिपुरा, विधानसभा चुनाव में विजय की तमिलगा वेत्री कजगम (टीवीके) 108 पर जीत हासिल कर राज्य की सबसे बड़ी पार्टी उभरी। हालाँकि, तमिल विधानसभा में बहुमत का पात्र 118 का है। ऐसे में विजय के पास सरकार बनाने के लिए आवश्यक 118 में से 10 पद कम हैं, लेकिन कांग्रेस पार्टी के समर्थन के बाद अब टीवी के पास कुल 113 सदस्य हैं, हालांकि अभी भी बहुमत से 5 पद कम हैं। जिसके बाद तमिलनाडु के गवर्नर विश्वनाथन अर्लेकर ने सबसे पहले बहुमत को स्पष्ट करने के लिए विजय प्राप्त की। विजय के समर्थकों ने क्या कहा? राज्यपाल आर. वी. अर्लेकर ने गुरुवार (7 मई, 2026) को टीवी के विजय प्रमुखों से मुलाकात के दौरान कहा कि वे सरकार पहले अपना बहुमत साबित करें। जबकि विजय और उनके अन्य समर्थकों का कहना है कि संविधान के अनुसार उन्हें (राज्यपाल को) पहले मुख्यमंत्री पद की शपथ दिलाई जानी चाहिए और बाद में विधानसभा में फ्लोर टेस्ट बनाया जाना चाहिए। वहीं, एमएनएम प्रमुख और अभिनेता कमल हासन ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा कि विजय को सरकार बनाने के लिए नहीं बुलाया जाएगा, जनता का उत्साह बढ़ेगा। उन्होंने कहा, ‘तमिलनाडु के लोगों का सम्मान किया जाना चाहिए।’ टीवीके की सबसे बड़ी पार्टी उभरकर सामने आई है। ऐसे में विजय को आमंत्रित करना लोकतंत्र को नष्ट करने जैसा होगा।’ वे शिक्षक के नेता एमके स्टालिन की भी डॉक्टर की, अर्थशास्त्री में बैठने की बात कही। यह भी पढ़ें: ‘विजय तभी ले जाएगी शपथ जब…’, तमिल के गवर्नर ने टीवीके प्रमुख के सामने रखी ये शर्त वीसीके और सी बिजनेस ने भी दिया समर्थन वीसीके प्रमुख थोलोलमवलवन ने कहा कि गवर्नर की यह मांग पूरी तरह से अस्वीकृत है। उनकी तरफ से विधानसभा में विजय प्राप्त करने के लिए बहुमत साबित करने का मौका मिलना चाहिए, न कि पहले से नंबर साबित करने की शर्त रखना चाहिए। जबकि सी.ई.वी. के.टी.एम. सचिव एम. वीरपांडियन ने यह भी कहा कि चूंकि किसी भी दल को स्पष्ट बहुमत नहीं मिला है और टीवीके सबसे बड़ी पार्टी है, इसलिए संवैधानिक परंपरा के विजय को सबसे पहले सरकार बनाने का अवसर मिलना चाहिए। राज्यपाल की विचारधारा पर शिक्षकों ने क्या कहा? शिक्षक नेता ए. सरवनन ने कहा कि जब कोई प्री-पोल गठबंधन बहुमत में नहीं होता है, तब सबसे बड़ी पार्टी को सरकार बनाने का पहला मौका मिलना चाहिए। उन्होंने कहा कि अभी तक किसी भी दल ने सरकार बनाने का दावा पेश नहीं किया है, जबकि टीवीके ने 113 दावे का समर्थन पत्र राज्यपाल को सौंपा है। बीजेपी ने मामले पर क्या दी प्रतिक्रिया? वहीं दूसरी ओर भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) के नेता नारायणन आश्रम ने कहा कि टीवीके के पास बहुमत है. यदि विजय बहुमत सिद्ध कर देते हैं, तो राज्यपाल उसे स्वीकार कर लेंगे। जो संवैधानिक के अनुसार होगा, वही किया जाएगा। यह भी पढ़ें: ‘राज्यपाल बीजेपी के एजेंट, विजय को बुलाओ’, तमिलनाडु में गवर्नर ने टीवीके प्रमुख को लौटाया तो भड़के कपिल सिब्बल

नोरा फतेही ने अश्लील गाने पर माफी मांगी:महिला आयोग से बोलीं- अब ऐसे आइटम सॉन्ग नहीं करूंगी; अश्लीलता फैलाने का इरादा नहीं था

नोरा फतेही ने अश्लील गाने पर माफी मांगी:महिला आयोग से बोलीं- अब ऐसे आइटम सॉन्ग नहीं करूंगी; अश्लीलता फैलाने का इरादा नहीं था

फिल्म ‘KD द डेविल’ के गाने ‘सरके चुनर’ में अश्लीलता फैलाने के मामले में गुरुवार को बॉलीवुड एक्ट्रेस नोरा फतेही राष्ट्रीय महिला आयोग (NCW) के सामने पेश हुईं। नोरा ने आयोग को लिखित माफीनामा सौंपा और स्पष्ट किया कि उनका इरादा किसी की भावनाओं को ठेस पहुंचाने का नहीं था। नोरा ने महिला आयोग से कहा की आगे से वे ऐसे आइटम सॉन्ग्स नहीं करेंगी जिससे महिलाओं के सम्मान को ठेस पहुंचे या समाज में महिलाओं के प्रति गलत संदेश जाए। इसी के साथ नोरा ने अनाथ बच्चियों के की शिक्षा का खर्च उठाने की जिम्मेदारी भी ली है। ‘मुझे हिंदी वर्जन की जानकारी नहीं थी’ दिल्ली में महिला आयोग की चेयरपर्सन विजया रहाटकर के सामने पेश होने के बाद नोरा ने मीडिया से बात की। उन्होंने कहा, “मैंने लिखित में माफी मांग ली है। एक कलाकार के तौर पर मैं अपनी जिम्मेदारी समझती हूं। मेरा इरादा किसी को आहत करने का नहीं था, लेकिन यह एक ऐसी स्थिति थी जिसमें मुझे डाल दिया गया था।” इससे पहले नोरा ने दावा किया था कि उन्होंने केवल कन्नड़ वर्जन के लिए शूटिंग की थी और उनकी सहमति के बिना इसे हिंदी में डब किया गया। अनाथ लड़कियों की पढ़ाई का उठाएंगी खर्च माफी मांगने के साथ ही नोरा ने घोषणा की कि वह अनाथ लड़कियों की शिक्षा को स्पॉन्सर करेंगी। नोरा ने कहा, “समाज को वापस लौटाना बहुत जरूरी है। इसलिए मैंने तय किया है कि मैं कुछ अनाथ बच्चियों की पढ़ाई का खर्च उठाऊंगी।” संजय दत्त भी मांग चुके हैं माफी बता दें कि पिछले महीने इसी गाने को लेकर अभिनेता संजय दत्त भी NCW के सामने पेश हुए थे। उन्होंने भी लिखित माफीनामा देते हुए खेद जताया था। सुधारात्मक कदम के रूप में संजय दत्त ने 50 आदिवासी बच्चियों की शिक्षा का खर्च उठाने का वादा किया था। आयोग ने गाने में इस्तेमाल किए गए शब्दों और महिलाओं के चित्रण पर कड़ा ऐतराज जताया था। क्या है ‘सरके चुनर’ विवाद? यह विवाद 15 मार्च को फिल्म के हिंदी वर्जन गाना रिलीज होने के बाद शुरू हुआ था। गाने के बोल को लेकर सोशल मीडिया पर काफी गुस्सा देखा गया। लोगों ने इसे महिलाओं का अपमान और बेहद अश्लील बताया। विवाद बढ़ता देख मेकर्स ने यूट्यूब से गाना हटा लिया था। इस गाने की आलोचना रवि किशन, कंगना रनौत और सिंगर अरमान मलिक जैसे कई सेलेब्स ने भी की थी। पिछले महीने महिला आयोग ने मीडिया रिपोर्ट्स के आधार पर इस गाने पर स्वतः संज्ञान लिया था। आयोग का कहना था कि गाने के बोल और कोरियोग्राफी पहली नजर में यौन संकेत देने वाले और आपत्तिजनक हैं।

नोरा फतेही ने अश्लील गाने पर माफी मांगी:महिला आयोग से बोलीं- अब ऐसे आइटम सॉन्ग नहीं करूंगी; अश्लीलता फैलाने का इरादा नहीं था

नोरा फतेही ने अश्लील गाने पर माफी मांगी:महिला आयोग से बोलीं- अब ऐसे आइटम सॉन्ग नहीं करूंगी; अश्लीलता फैलाने का इरादा नहीं था

फिल्म ‘KD द डेविल’ के गाने ‘सरके चुनर’ में अश्लीलता फैलाने के मामले में गुरुवार को बॉलीवुड एक्ट्रेस नोरा फतेही राष्ट्रीय महिला आयोग (NCW) के सामने पेश हुईं। नोरा ने आयोग को लिखित माफीनामा सौंपा और स्पष्ट किया कि उनका इरादा किसी की भावनाओं को ठेस पहुंचाने का नहीं था। नोरा ने महिला आयोग से कहा की आगे से वे ऐसे आइटम सॉन्ग्स नहीं करेंगी जिससे महिलाओं के सम्मान को ठेस पहुंचे या समाज में महिलाओं के प्रति गलत संदेश जाए। इसी के साथ नोरा ने अनाथ बच्चियों के की शिक्षा का खर्च उठाने की जिम्मेदारी भी ली है। ‘मुझे हिंदी वर्जन की जानकारी नहीं थी’ दिल्ली में महिला आयोग की चेयरपर्सन विजया रहाटकर के सामने पेश होने के बाद नोरा ने मीडिया से बात की। उन्होंने कहा, “मैंने लिखित में माफी मांग ली है। एक कलाकार के तौर पर मैं अपनी जिम्मेदारी समझती हूं। मेरा इरादा किसी को आहत करने का नहीं था, लेकिन यह एक ऐसी स्थिति थी जिसमें मुझे डाल दिया गया था।” इससे पहले नोरा ने दावा किया था कि उन्होंने केवल कन्नड़ वर्जन के लिए शूटिंग की थी और उनकी सहमति के बिना इसे हिंदी में डब किया गया। अनाथ लड़कियों की पढ़ाई का उठाएंगी खर्च माफी मांगने के साथ ही नोरा ने घोषणा की कि वह अनाथ लड़कियों की शिक्षा को स्पॉन्सर करेंगी। नोरा ने कहा, “समाज को वापस लौटाना बहुत जरूरी है। इसलिए मैंने तय किया है कि मैं कुछ अनाथ बच्चियों की पढ़ाई का खर्च उठाऊंगी।” संजय दत्त भी मांग चुके हैं माफी बता दें कि पिछले महीने इसी गाने को लेकर अभिनेता संजय दत्त भी NCW के सामने पेश हुए थे। उन्होंने भी लिखित माफीनामा देते हुए खेद जताया था। सुधारात्मक कदम के रूप में संजय दत्त ने 50 आदिवासी बच्चियों की शिक्षा का खर्च उठाने का वादा किया था। आयोग ने गाने में इस्तेमाल किए गए शब्दों और महिलाओं के चित्रण पर कड़ा ऐतराज जताया था। क्या है ‘सरके चुनर’ विवाद? यह विवाद 15 मार्च को फिल्म के हिंदी वर्जन गाना रिलीज होने के बाद शुरू हुआ था। गाने के बोल को लेकर सोशल मीडिया पर काफी गुस्सा देखा गया। लोगों ने इसे महिलाओं का अपमान और बेहद अश्लील बताया। विवाद बढ़ता देख मेकर्स ने यूट्यूब से गाना हटा लिया था। इस गाने की आलोचना रवि किशन, कंगना रनौत और सिंगर अरमान मलिक जैसे कई सेलेब्स ने भी की थी। पिछले महीने महिला आयोग ने मीडिया रिपोर्ट्स के आधार पर इस गाने पर स्वतः संज्ञान लिया था। आयोग का कहना था कि गाने के बोल और कोरियोग्राफी पहली नजर में यौन संकेत देने वाले और आपत्तिजनक हैं।

शुगरफ्री ड्राई फ्रूट आइसक्रीम रेसिपी: बिना चीनी के घर पर ग्लूकोज़ फ्री आटा आइसक्रीम, चखते ही नाश्ता! बनाना भी है आसान

तस्वीर का विवरण

सामग्री: 2 कप फुल क्रीम दूध, 1 कप ताजा क्रीम, 8-10 बादाम, 8-10 काजू, 6-7 पिस्ता, 4-5 मूंगफली, 8-10 खजूर, 1 छोटा चम्मच इलायची पाउडर, 1 छोटा चम्मच केसर के टुकड़े, 1 छोटा चम्मच वेनिला एसेंस छवि: फ्रीपिक बनाने की आसान विधि: सबसे पहले बादाम, काजू, पिस्ता और चॉकलेट को इकोनॉमी काट लें। खजूर को थोड़ी देर गुनगुने दूध में मांगे ताकि वह नर हो जाए। छवि: फ्रीपिक बड़े हुए खजूर को प्लास्टर में प्लास्टर करके तैयार कर लें। येही पेस्टल में कारीगर का काम। एक पैन में दूध के ढांचे पर मध्यम आँचल। छवि: फ्रीपिक जब दूध लिटिल नवजात लागे, टैब में खजूर का होने वाला पेस्ट और अच्छी तरह से शामिल होता है। मिक्सचर को पूरी तरह से ठंडा किया जा रहा है। इसके बाद इसे एयरटाइट में 7-8 घंटे के लिए रेफ्रिजरेटर में रख दें। छवि: एआई जब जमेगी तो इसे बाहर और ऊपर से सीधे डॉक्युमेंट्स डॉक्युमेंट्री सर्व करें। आप चीनी जगह पर इसका इस्तेमाल भी कर सकते हैं। छवि: एआई लो फ़िट दूध और क्रीम का उपयोग करके इसे और चित्र बनाया जा सकता है। बच्चों के लिए इसमें थोड़ा सा चॉकलेट पाउडर भी मिला सकते हैं। छवि: फ्रीपिक यह शुगर फ्री कोचिंग कोचिंग स्वाद और स्वास्थ्य मित्रता का बेहतरीन संयोजन है। इसमें मौजूद डॉक्युमेंट्स बॉडी को स्ट्रैटेजी फ़ुट, प्रोटीन और एनर्जी देते हैं। छवि: फ्रीपिक साथ ही, खजूर के टुकड़े का टुकड़ा इसे पिरामिड डेजर्ट बनाता है। अगर आप भी यह हीट कुछ स्केल और टेस्टी रॉकेट बनाना चाहते हैं, तो घर पर यह आसान शुगर फ्री डॉक्टरी सुपरमार्केट जरूर खरीदें। छवि: फ्रीपिक (टैग्सटूट्रांसलेट)घर पर आइसक्रीम कैसे बनाएं(टी)ड्राई फ्रूट आइसक्रीम(टी)शुगर फ्री आइसक्रीम रेसिपी(टी)ड्राई फ्रूट आइसक्रीम रेसिपी(टी)ग्रीष्मकालीन रेसिपी(टी)कूलिंग रेसिपी(टी)ड्राई डॉलाइक आइसक्रीम

बड़ी म्यूजिक कंपनियां क्षेत्रीय गानों पर दांव लगा रहीं:5,900 करोड़ का हुआ घरेलू म्यूजिक बाजार, स्ट्रीमिंग की घटती कमाई से बदली रणनीति

बड़ी म्यूजिक कंपनियां क्षेत्रीय गानों पर दांव लगा रहीं:5,900 करोड़ का हुआ घरेलू म्यूजिक बाजार, स्ट्रीमिंग की घटती कमाई से बदली रणनीति

म्यूजिक इंडस्ट्री में अब बड़े बदलाव देखने को मिल रहे हैं, जिसका सीधा फायदा क्षेत्रीय कलाकारों और संगीत प्रेमियों को होगा। टाइम्स म्यूजिक, वार्नर म्यूजिक और सारेगामा जैसी बड़ी कंपनियां अब स्थानीय गानों के कैटलॉग खरीदने पर भारी निवेश कर रही हैं। दरअसल, हिंदी फिल्म म्यूजिक की बढ़ती लागत और स्ट्रीमिंग से घटती कमाई ने कंपनियों को छोटे लेकिन मजबूत क्षेत्रीय बाजारों की ओर मोड़ा है। इस कन्सॉलिडेशनं से क्षेत्रीय संगीत कंपनियों की पहुंच ग्लोबल प्लेटफॉर्म और बेहतर तकनीक तक होगी। इससे न केवल गानों की क्वालिटी सुधरेगी, बल्कि डिजिटल वितरण प्रणाली भी पारदर्शी बनेगी। फिक्की-ईवाई की रिपोर्ट के मुताबिक, साल 2025 में भारतीय म्यूजिक सेगमेंट का रेवेन्यू 10% बढ़कर 5,900 करोड़ रुपए तक पहुंच गया है। अब म्यूजिक कंपनियां नए कंटेंट पर पैसा लगाने के बजाय स्थापित क्षेत्रीय कैटलॉग के जरिए अपना रिस्क कम कर रही हैं। बड़ी कंपनियों के आने से क्षेत्रीय स्तर पर रॉयल्टी और अधिकारों का प्रबंधन काफी सरल और व्यवस्थित हो जाएगा। अब तक जिन गानों का सही डिजिटल हिसाब नहीं मिल पाता था, वे भी मुख्यधारा की स्ट्रीमिंग का हिस्सा बनेंगे। इससे छोटे और मध्यम स्तर के म्यूजिक लेबल्स को वैश्विक बुनियादी ढांचे और पूंजी तक पहुंच मिलेगी। साझा मार्केटिंग और डेटा-संचालित रणनीतियों से गानों को सही दर्शकों तक पहुंचाना आसान होगा। म्यूजिक लेबल वर्तमान समय में अपनी कमाई के पुराने तरीकों को बदलने के लिए मजबूर हैं। पिछले एक साल में ऑडियो स्ट्रीमिंग प्लेटफॉर्म ने प्रति स्ट्रीम भुगतान की दरों को करीब आधा कर दिया है। इसकी मुख्य वजह यूट्यूब पर दर्शकों का रुझान संगीत से हटकर स्टैंड-अप कॉमेडी और पॉडकास्ट की ओर बढ़ना है। इसके बावजूद फिल्म निर्माता अपने म्यूजिक राइट्स महंगे बेच रहे हैं, जिससे कंपनियों के लिए रिकवरी करना चुनौतीपूर्ण हो गया है। साल 2025 का ट्रेंड बताता है कि कंपनियां अब केवल गानों के ट्रांजेक्शन के बजाय आईपी (बौद्धिक संपदा) पर नियंत्रण चाहती हैं। वे ऐसे निवेश पर ध्यान दे रही हैं जहां कंटेंट का फ्लो तय हो और वैश्विक स्तर पर कमाई की जा सके। छोटी लेकिन प्रासंगिक क्षेत्रीय कंपनियों का अधिग्रहण जोखिम कम करने का सबसे बेहतर तरीका बन गया है। इससे क्षेत्रीय संगीत की दुनिया में प्रोफेशनल वर्क कल्चर का विस्तार होगा। अगले 3 साल में 50% बढ़ेगी क्षेत्रीय गानों की पहुंच, कलाकारों की मांग बढ़ेगी बड़े कंपनियों के उतरने से कलाकारों के भुगतान में अस्थायी रूप से उछाल आ सकता है। अगले दो-तीन वर्षों में क्षेत्रीय भाषाओं के गानों की पहुंच 50% तक बढ़ने की उम्मीद है। जब ग्लोबल मंच पर भोजपुरी, पंजाबी या मराठी गाने बजेंगे, तो इससे न केवल सांस्कृतिक पहचान मजबूत होगी, बल्कि जमीनी स्तर पर छिपे हुए हुनर को भी अपनी पहचान बनाने के लिए बड़े शहरों का मोहताज नहीं होना पड़ेगा।

फ्लाइट में ई-सिगरेट पीते दिखे युजवेंद्र चहल:वीडियो सोशल मीडिया में पोस्ट हुआ, रियान पराग पर जुर्माना लगा था

फ्लाइट में ई-सिगरेट पीते दिखे युजवेंद्र चहल:वीडियो सोशल मीडिया में पोस्ट हुआ, रियान पराग पर जुर्माना लगा था

पंजाब किंग्स के लेग स्पिनर युजवेंद्र चहल फ्लाइट में ई-सिगरेट पीते दिखे हैं। इस पर विवाद हो गया है। दरअसल, पंजाब किंग्स ने टीम के सफर का वीडियो पोस्ट किया। इसमें युजवेंद्र चहल ई-सिगरेट पीते दिख रहे हैं। विवाद होने के बाद पंजाब ने यह वीडियो डिलीट कर दिया है। चहल से पहले 28 अप्रैल को न्यू चंडीगढ़ के मुल्लांपुर स्टेडियम में राजस्थान रॉयल्स के कप्तान रियान पराग भी ड्रेसिंग रूम में वेप का इस्तेमाल करते पाए गए थे। इसके बाद BCCI ने उन पर मैच फीस का 25% जुर्माना लगाया गया था। पूरा वीडियो देखिए… फ्लाइट सुरक्षा और कड़े नियमों का उल्लंघन फ्लाइट में धूम्रपान या ई-सिगरेट का उपयोग करना सख्त वर्जित है। विमान के संवेदनशील वातावरण में ऐसी लापरवाही आग लगने का कारण बन सकती है, जिससे सैकड़ों यात्रियों की जान खतरे में पड़ सकती है। उन्हें ‘नो फ्लाई लिस्ट’ में डालने या कानूनी कार्रवाई का सामना भी करना पड़ सकता है। भारत में 2019 से ई-सिगरेट पूरी तरह बैन है भारत सरकार ने ‘ई-सिगरेट निषेध अधिनियम (PECA) 2019’ के तहत वेप्स और ई-सिगरेट के उत्पादन, बिक्री, आयात और विज्ञापन पर प्रतिबंध लगाया है। उल्लंघन पर जुर्माने और जेल की सजा का प्रावधान है। ऐसे में एलीट एथलीट का सार्वजनिक मंच पर इसका इस्तेमाल कानून और खेल की मर्यादा का उल्लंघन माना गया। ———————————————————— IPL से जुड़ी यह खबर देखिए IPL- ईशान ने लगातार 3 छक्कों से फिफ्टी पूरी की; यानसन ने 4 ओवर में 61 दिए सनराइजर्स हैदराबाद ने IPL में बुधवार को पंजाब को 33 रन से हराया। हैदराबाद ने 20 ओवर में 3 विकेट पर 235 रन बनाए। जवाब में पंजाब की टीम 7 विकेट पर 202 रन ही बना सकी। पढ़ें पूरी खबर

फ्लाइट में ई-सिगरेट पीते दिखे युजवेंद्र चहल:वीडियो सामने आया, रियान पराग पर जुर्माना लगा था

फ्लाइट में ई-सिगरेट पीते दिखे युजवेंद्र चहल:वीडियो सोशल मीडिया में पोस्ट हुआ, रियान पराग पर जुर्माना लगा था

पंजाब किंग्स के अनुभवी लेग स्पिनर युजवेंद्र चहल एक नए विवाद में घिर गए हैं। सोशल मीडिया पर वायरल एक वीडियो में दावा किया जा रहा है कि हैदराबाद की यात्रा के दौरान वे फ्लाइट के अंदर ई-सिगरेट (वेप) का इस्तेमाल कर रहे थे। वीडियो में चहल को इसे छिपाने की कोशिश करते देखा गया है। हालांकि, इस वीडियो की प्रामाणिकता की अभी तक आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। कुछ रिपोर्ट्स में लिखा गया है कि पंजाब किंग्स ने टीम के सफर का वीडियो पोस्ट किया। सोशल मीडिया में वायरल होने के बाद पंजाब ने यह वीडियो डिलीट कर दिया है। IPL के मौजूदा सीजन में यह ई-सिगरेट से जुड़ा दूसरा विवाद है। चहल से पहले 28 अप्रैल को राजस्थान रॉयल्स के कप्तान रियान पराग पंजाब के खिलाफ मैच के दौरान मुल्लांपुर स्टेडियम के ड्रेसिंग रूम में वेपिंग करते पाए गए थे। पूरा वीडियो देखिए… BCCI ने रियान पराग पर 25% जुर्माना लगाया था ड्रेसिंग रूप में ई-सिगरेट पीने का वीडियो सामने आने के बाद BCCI ने रियान पराग पर मैच फीस का 25% का जुर्माना लगाया गया था। उन्हें IPL के कोड ऑफ कंडक्ट के उल्लंघन का दोषी पाया गया है। मैच रेफरी ने उन पर कड़ा एक्शन लेते हुए जुर्माना और पेनल्टी पॉइंट लगाया है। नो फ्लाई लिस्ट में डाल सकते हैं चहल फ्लाइट में धूम्रपान या ई-सिगरेट का उपयोग करना सख्त वर्जित है। ऐसी लापरवाही फ्लाइट में आग लगने का कारण बन सकती है, जिससे सैकड़ों यात्रियों की जान खतरे में पड़ सकती है। उन्हें ‘नो फ्लाई लिस्ट’ में डालने या कानूनी कार्रवाई का सामना भी करना पड़ सकता है। IPL से पहले कहा था- मैंने शराब छोड़ दी IPL 2026 से पहले चहल ने एक इंटरव्यू में कहा था कि उन्होंने पिछले 6 महीनों से पूरी तरह शराब छोड़ दी है ताकि वे युवाओं के लिए एक उदाहरण बन सकें और अपना 150% योगदान दे सकें। इस वीडियो के सामने आने के बाद उनके इन दावों पर सवाल उठ रहे हैं। बता दें कि इससे पहले भी चहल का कार चलाते समय सिगरेट पीने का एक वीडियो वायरल हो चुका है। भारत में 2019 से ई-सिगरेट पूरी तरह बैन है भारत सरकार ने ‘ई-सिगरेट निषेध अधिनियम (PECA) 2019’ के तहत वेप्स और ई-सिगरेट के उत्पादन, बिक्री, आयात और विज्ञापन पर प्रतिबंध लगाया है। उल्लंघन पर जुर्माने और जेल की सजा का प्रावधान है। ऐसे में एलीट एथलीट का सार्वजनिक मंच पर इसका इस्तेमाल कानून और खेल की मर्यादा का उल्लंघन माना गया। ———————————————————— IPL से जुड़ी यह खबर देखिए IPL- ईशान ने लगातार 3 छक्कों से फिफ्टी पूरी की; यानसन ने 4 ओवर में 61 दिए सनराइजर्स हैदराबाद ने IPL में बुधवार को पंजाब को 33 रन से हराया। हैदराबाद ने 20 ओवर में 3 विकेट पर 235 रन बनाए। जवाब में पंजाब की टीम 7 विकेट पर 202 रन ही बना सकी। पढ़ें पूरी खबर

फिल्म बंदर का टीजर रिलीज:रेट्रो लुक में दिखे बॉबी देओल, असल घटना पर आधारित, अनुराग कश्यप ने की डायरेक्ट; 5 जून को आएगी

फिल्म बंदर का टीजर रिलीज:रेट्रो लुक में दिखे बॉबी देओल, असल घटना पर आधारित, अनुराग कश्यप ने की डायरेक्ट; 5 जून को आएगी

बॉबी देओल की अपकमिंग फिल्म बंदर का टीजर जारी हो चुका है। 1 मिनट 29 सेकंड के टीजर में बॉबी देओल समर नाम के पहचान खो रहे एक्टर के किरदार में नजर आ रहे हैं, जिसकी जिंदगी एक केस से हमेशा के लिए बदल जाती है। कैसा है फिल्म का टीजर टीजर की शुरुआत 70 के दशक के डिस्को अवतार से रिमैजिन रेट्रो स्टाइल सॉन्ग ‘कम ऑन बेबी, दिल किसको देगी’ से होती है। इसके बाद बॉबी देओल के किरदार का परिचय होता है। बॉबी ने समर नाम के एक ऐसे एक्टर का किरदार निभाया है, जो किसी जमाने में स्टार था और अब पहचान बनाए रखने के लिए जद्दोजहद कर रहा है। बदलते दौर में अब समर शादियों में परफॉर्म करता है, जिसके बाद एक-एक कर फिल्म के दूसरें किरदारों का परिचय होता है। सबा आजाद ने फिल्म में बॉबी देओल की डेट का रोल निभाया है। सपना पब्बी उनकी एक्स के रोल में है। टीजर में ट्विस्ट तब आता है जब एक रोज अचानक समर की गिरफ्तारी होती है। टीजर में कुछ जेल सीन और कोर्ट के सीन भी शामिल किए गए हैं। फिल्म की कहानी समर के इर्द-गिर्द है, जो संगीन आरोप लगने के बाद खुद को बेगुनाह साबित करने की मशक्कत करता है। यहां से जो सामने आता है, वो उस कहानी की झलक है जो शुरुआत में दिखने वाली चीजों से कहीं ज्यादा बड़ी और उलझी हुई है। इस फिल्म को देव डी, ब्लैक फ्राइडे, अगली और गैंग्स ऑफ वासेपुर जैसी फिल्में बना चुके अनुराग कश्यप ने डायरेक्ट किया है। ये बॉबी और अनुराग की पहली फिल्म है। फिल्म में बॉबी देओल, सपना पब्बी, सबा आजाद के अलावा सान्या मल्होत्रा, राज बी शेट्टी और रिद्धी सेन जैसे एक्टर्स भी हैं। असल घटना पर आधारित है फिल्म बंदर फिल्म बंदर भारत में हुई एक असल घटना पर आधारित है। फिल्म का लेखन सुदीप शर्मा और अभिषेक बनर्जी ने मिलकर किया है, जो पाताल लोक, कोहरा और उड़ता पंजाब जैसी बेहतरीन कहानियों के पीछे की मशहूर जोड़ी है। अनुराग कश्यप के डायरेक्शन और निखिल द्विवेदी की ‘सैफरन मैजिकवर्क्स’ के प्रोडक्शन में बनी यह फिल्म जी स्टूडियोज के सपोर्ट के साथ 5 जून 2026 को दुनिया भर के सिनेमाघरों में रिलीज होगी।