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किडनी डिटॉक्स के नाम पर कहीं आप ‘काला जहर’ तो नहीं पी रहे? FSSAI की रेड में हुआ खौफनाक खुलासा

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वडोदरा (गुजरात): क्या आप भी अपनी सेहत को सुधारने के लिए साधारण पानी छोड़कर ‘अल्कलाइन वॉटर’ (Alkaline Water) पी रहे हैं? अगर हां तो यह खबर आपके होश उड़ा सकती है. जिस पानी को आप अपनी किडनी और शरीर की गंदगी साफ करने के लिए हज़ारों रुपये खर्च कर मंगवा रहे हैं, वह असल में आपको बीमार कर सकता है. भारतीय खाद्य सुरक्षा और मानक प्राधिकरण (FSSAI) के पश्चिमी क्षेत्रीय कार्यालय ने गुजरात के वडोदरा में एक बड़ी कार्रवाई करते हुए लाखों रुपये का अल्कलाइन वॉटर जब्त किया है, जो मानकों पर पूरी तरह फेल पाया गया.

यह पूरी कार्रवाई एक जागरूक उपभोक्ता की शिकायत के बाद शुरू हुई. शिकायत मिलने पर FSSAI की टीम ने वडोदरा जिले के सावली स्थित एक मैन्युफैक्चरिंग यूनिट पर अचानक छापा मारा. जब अधिकारियों ने वहां रखे स्टॉक का निरीक्षण किया, तो जो नजारा दिखा वह हैरान करने वाला था. बोतलों के अंदर काले रंग के संदिग्ध कण दिखाई दे रहे थे और पानी का रंग सामान्य नहीं था.

क्या थी खामियां?

अधिकारियों ने मौके से लगभग 31.61 लाख रुपये की कीमत का तैयार माल जब्त कर लिया. जांच के दौरान सुरक्षा मानकों की धज्जियां उड़ती मिलीं:

  • गायब जानकारी: बोतलों के सामने वाले हिस्से पर उत्पाद का नाम तक नहीं लिखा था.
  • संदिग्ध कण: पानी के अंदर तलछट (Sediment) और काले रंग के कण तैरते पाए गए.
  • भ्रामक लेबलिंग: पैकिंग पर दी गई जानकारी अधूरी थी और आपस में मेल नहीं खा रही थी. इसमें इस्तेमाल की गई सामग्री (Ingredients) का भी कोई स्पष्ट उल्लेख नहीं था.

पानी में मिला ‘फुल्विक एसिड’ का खेल

जब जब्त किए गए पानी के सैंपल की लैब जांच कराई गई, तो उसमें ‘फुल्विक एसिड’ (Fulvic Acid) नाम का पदार्थ पाया गया. FSSAI के कड़े नियमों के अनुसार, पीने के पानी में इस पदार्थ को मिलाने की अनुमति बिल्कुल नहीं है. अधिकारियों ने बताया कि पानी को अल्कलाइन दिखाने या उसमें मिनरल्स का दावा करने के लिए बाहर से काले रंग के मिनरल मिलाए गए थे, जिससे यह खतरनाक एसिड पैदा हुआ.

किडनी डिटॉक्स के नाम पर खतरा?

बाजार में इन दिनों अल्कलाइन वॉटर को ‘मैजिक वॉटर’ की तरह बेचा जा रहा है, दावा किया जाता है कि यह किडनी की कार्यक्षमता बढ़ाता है और शरीर को डिटॉक्स करता है. लेकिन बिना लैब टेस्टिंग और लाइसेंस के बिक रहे ये उत्पाद आपकी किडनी को फायदा पहुँचाने के बजाय उसे नुकसान पहुँचा सकते हैं.

FSSAI ने साफ कर दिया है कि लोगों की सेहत के साथ खिलवाड़ करने वाली किसी भी कंपनी को बख्शा नहीं जाएगा. नियम तोड़ने वालों पर न केवल भारी जुर्माना लगाया जाएगा, बल्कि उनके लाइसेंस भी रद्द किए जा सकते हैं.

जांच के दौरान अल्कलाइन वॉटर की बोतलों में क्या संदिग्ध चीजें पाई गईं?

बोतलों में काले रंग के कण, बॉटम और पानी का असामान्य रंग पाया गया. साथ ही पैकिंग पर उत्पाद का नाम और सामग्री की जानकारी भी गायब थी.

लैब टेस्ट में पानी में कौन सा हानिकारक पदार्थ मिला है?

लैब जांच में पानी में फुल्विक एसिड पाया गया है, जिसे FSSAI के नियमों के तहत पीने के पानी में मिलाने की अनुमति नहीं है.

इस रेड के दौरान कुल कितने रुपये का माल जब्त किया गया?

अधिकारियों ने करीब 31.61 लाख रुपये की कीमत का अल्कलाइन वॉटर स्टॉक जब्त किया है.

अल्कलाइन वॉटर के नाम पर कंपनियां क्या दावा करती हैं?

कंपनियां अक्सर इसे किडनी डिटॉक्स, बेहतर हाइड्रेशन और शरीर की शुद्धि के लिए फायदेमंद बताकर महंगे दामों पर बेचती हैं.

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वडोदरा (गुजरात): क्या आप भी अपनी सेहत को सुधारने के लिए साधारण पानी छोड़कर ‘अल्कलाइन वॉटर’ (Alkaline Water) पी रहे हैं? अगर हां तो यह खबर आपके होश उड़ा सकती है. जिस पानी को आप अपनी किडनी और शरीर की गंदगी साफ करने के लिए हज़ारों रुपये खर्च कर मंगवा रहे हैं, वह असल में आपको बीमार कर सकता है. भारतीय खाद्य सुरक्षा और मानक प्राधिकरण (FSSAI) के पश्चिमी क्षेत्रीय कार्यालय ने गुजरात के वडोदरा में एक बड़ी कार्रवाई करते हुए लाखों रुपये का अल्कलाइन वॉटर जब्त किया है, जो मानकों पर पूरी तरह फेल पाया गया.

यह पूरी कार्रवाई एक जागरूक उपभोक्ता की शिकायत के बाद शुरू हुई. शिकायत मिलने पर FSSAI की टीम ने वडोदरा जिले के सावली स्थित एक मैन्युफैक्चरिंग यूनिट पर अचानक छापा मारा. जब अधिकारियों ने वहां रखे स्टॉक का निरीक्षण किया, तो जो नजारा दिखा वह हैरान करने वाला था. बोतलों के अंदर काले रंग के संदिग्ध कण दिखाई दे रहे थे और पानी का रंग सामान्य नहीं था.

क्या थी खामियां?

अधिकारियों ने मौके से लगभग 31.61 लाख रुपये की कीमत का तैयार माल जब्त कर लिया. जांच के दौरान सुरक्षा मानकों की धज्जियां उड़ती मिलीं:

  • गायब जानकारी: बोतलों के सामने वाले हिस्से पर उत्पाद का नाम तक नहीं लिखा था.
  • संदिग्ध कण: पानी के अंदर तलछट (Sediment) और काले रंग के कण तैरते पाए गए.
  • भ्रामक लेबलिंग: पैकिंग पर दी गई जानकारी अधूरी थी और आपस में मेल नहीं खा रही थी. इसमें इस्तेमाल की गई सामग्री (Ingredients) का भी कोई स्पष्ट उल्लेख नहीं था.

पानी में मिला ‘फुल्विक एसिड’ का खेल

जब जब्त किए गए पानी के सैंपल की लैब जांच कराई गई, तो उसमें ‘फुल्विक एसिड’ (Fulvic Acid) नाम का पदार्थ पाया गया. FSSAI के कड़े नियमों के अनुसार, पीने के पानी में इस पदार्थ को मिलाने की अनुमति बिल्कुल नहीं है. अधिकारियों ने बताया कि पानी को अल्कलाइन दिखाने या उसमें मिनरल्स का दावा करने के लिए बाहर से काले रंग के मिनरल मिलाए गए थे, जिससे यह खतरनाक एसिड पैदा हुआ.

किडनी डिटॉक्स के नाम पर खतरा?

बाजार में इन दिनों अल्कलाइन वॉटर को ‘मैजिक वॉटर’ की तरह बेचा जा रहा है, दावा किया जाता है कि यह किडनी की कार्यक्षमता बढ़ाता है और शरीर को डिटॉक्स करता है. लेकिन बिना लैब टेस्टिंग और लाइसेंस के बिक रहे ये उत्पाद आपकी किडनी को फायदा पहुँचाने के बजाय उसे नुकसान पहुँचा सकते हैं.

FSSAI ने साफ कर दिया है कि लोगों की सेहत के साथ खिलवाड़ करने वाली किसी भी कंपनी को बख्शा नहीं जाएगा. नियम तोड़ने वालों पर न केवल भारी जुर्माना लगाया जाएगा, बल्कि उनके लाइसेंस भी रद्द किए जा सकते हैं.

जांच के दौरान अल्कलाइन वॉटर की बोतलों में क्या संदिग्ध चीजें पाई गईं?

बोतलों में काले रंग के कण, बॉटम और पानी का असामान्य रंग पाया गया. साथ ही पैकिंग पर उत्पाद का नाम और सामग्री की जानकारी भी गायब थी.

लैब टेस्ट में पानी में कौन सा हानिकारक पदार्थ मिला है?

लैब जांच में पानी में फुल्विक एसिड पाया गया है, जिसे FSSAI के नियमों के तहत पीने के पानी में मिलाने की अनुमति नहीं है.

इस रेड के दौरान कुल कितने रुपये का माल जब्त किया गया?

अधिकारियों ने करीब 31.61 लाख रुपये की कीमत का अल्कलाइन वॉटर स्टॉक जब्त किया है.

अल्कलाइन वॉटर के नाम पर कंपनियां क्या दावा करती हैं?

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