Tuesday, 22 Sep 2026 | 05:37 AM

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आसिम रियाज बोले- मैंने किसी का धर्म नहीं बदलवाया:हिमांशी खुराना के आरोपों पर तोड़ी चुप्पी; बोले- वे पब्लिसिटी के लिए धर्म का इस्तेमाल कर रहीं

आसिम रियाज बोले- मैंने किसी का धर्म नहीं बदलवाया:हिमांशी खुराना के आरोपों पर तोड़ी चुप्पी; बोले- वे पब्लिसिटी के लिए धर्म का इस्तेमाल कर रहीं

‘बिग बॉस 13’ के रनर-अप आसिम रियाज ने अपनी एक्स-गर्लफ्रेंड हिमांशी खुराना के धर्म परिवर्तन वाले दावों पर सफाई दी है। सोशल मीडिया पर एक पोस्ट शेयर कर आसिम ने इन आरोपों को पूरी तरह गलत बताया है। हाल ही में हिमांशी ने एक पॉडकास्ट में दावा किया था कि आसिम ने उन पर अपना धर्म बदलने का दबाव बनाया था। इस पर आसिम ने कहा कि उन्होंने कभी किसी से धर्म बदलने के लिए नहीं कहा और उनके खिलाफ नफरत फैलाने के लिए इस संवेदनशील मुद्दे का इस्तेमाल किया जा रहा है। इंस्टाग्राम पोस्ट पर आसिम ने दी सफाई आसिम रियाज ने रविवार को अपने इंस्टाग्राम अकाउंट पर एक लंबा नोट शेयर किया। हालांकि पोस्ट में उन्होंने हिमांशी का नाम सीधे तौर पर नहीं लिखा, लेकिन साफ किया कि निजी मुद्दों को पब्लिक में लाकर विवाद बनाया जा रहा है। आसिम ने लिखा, “मैंने कभी किसी को अपना धर्म बदलने के लिए नहीं कहा। एक बार भी नहीं। बल्कि मैंने ही तुम्हें फिटनेस की तरफ पुश किया था। मुझसे मिलने से पहले सब जानते हैं कि तुम कैसी दिखती थीं।” ‘पब्लिसिटी के लिए धर्म को हथियार न बनाएं’ आसिम ने आगे लिखा कि धर्म एक बेहद संवेदनशील मुद्दा है और इसे हथियार की तरह इस्तेमाल नहीं करना चाहिए। उन्होंने हिमांशी पर निशाना साधते हुए कहा कि लोगों के मन में मेरे लिए नफरत पैदा करने के लिए इतने पर्सनल मैटर को उछालना बचकाना है। इससे पता चलता है कि अटेंशन पाने के लिए कोई किस हद तक गिर सकता है। हिमांशी ने कहा था- इस्लाम कबूल करने वाली थी इससे पहले पारस छाबड़ा के पॉडकास्ट में हिमांशी ने दावा किया कि एक समय वह आसिम के दबाव में इस्लाम कबूल करने के बेहद करीब पहुंच गई थीं। उन्होंने बताया कि रिश्ते के दौरान उनके पूजा-पाठ और धार्मिक मान्यताओं को लेकर आपत्ति जताई जाती थी। हिमांशी के मुताबिक, मानसिक दबाव इतना बढ़ गया था कि एक रात उन्हें लगा कि उनकी जिंदगी का शायद आखिरी दिन है। उन्होंने धर्म बदलने से पहले चार धाम यात्रा करने की इच्छा भी जताई थी। बिग बॉस 13 में शुरू हुई थी दोनों की स्टोरी हिमांशी खुराना और आसिम रियाज की मुलाकात ‘बिग बॉस 13’ के दौरान हुई थी। शो में दोनों की नजदीकियां लगातार चर्चा में रहीं और कुछ समय बाद दोनों ने अपने रिश्ते को आगे बढ़ाया। शो से बाहर आने के बाद भी दोनों लंबे समय तक रिलेशनशिप में रहे। फैंस ने इस जोड़ी को ‘आसिमांशी’ नाम दिया था। हालांकि, बाद में दोनों का रिश्ता टूट गया। दिसंबर 2023 में ब्रेकअप की घोषणा करते हुए दोनों ने अलग-अलग धर्म और धार्मिक मान्यताओं को भी वजह बताया था। उस समय हिमांशी ने सोशल मीडिया पर आसिम के साथ हुई निजी चैट के स्क्रीनशॉट भी शेयर किए थे, जिनमें धर्म को लेकर बातचीत का जिक्र था। हिमांशी ने बताया- एक समय धर्म बदलने को तैयार थी अब पारस छाबड़ा के पॉडकास्ट में हिमांशी ने रिश्ते के दौरान आए मुश्किल दौर का जिक्र किया। उन्होंने दावा किया कि उस समय उनके पार्टनर की तरफ से उनके पूजा-पाठ को लेकर आपत्ति जताई जाती थी। हिमांशी के मुताबिक, उनसे कहा गया था कि पूजा-पाठ अब नहीं चलेगा। उन्होंने दावा किया कि सामने वाले परिवार और उनकी धार्मिक सोच का दबाव भी उन पर बनाया जा रहा था। धीरे-धीरे यह दबाव इतना बढ़ गया कि वह इस्लाम कबूल करने के बेहद करीब पहुंच गई थीं। ‘मुझे लगा, शायद उनसे दोबारा नहीं मिल पाऊंगी’ हिमांशी ने बातचीत के दौरान उस रात का भी जिक्र किया, जिसे उन्होंने अपनी जिंदगी का बेहद मुश्किल दौर बताया। उनके अनुसार, वह प्यार में इतनी आगे बढ़ चुकी थीं कि धर्म बदलने के फैसले के लिए भी तैयार हो गई थीं। उन्होंने बताया कि धर्म बदलने से पहले वह चार धाम की यात्रा करना चाहती थीं। उन्हें ऐसा लग रहा था कि धर्म बदलने के बाद शायद वह अपने पुराने धार्मिक विश्वासों और उनसे जुड़े लोगों से दोबारा नहीं मिल पाएंगी। इसी वजह से वह चार धाम यात्रा को आखिरी बार करने की इच्छा रखती थीं। 2023 में भी धर्म को लेकर सामने आई थी बात हिमांशी और आसिम के ब्रेकअप के समय भी धर्म का मुद्दा सामने आया था। हिमांशी ने उस वक्त सोशल मीडिया पर दोनों के बीच हुई बातचीत के स्क्रीनशॉट शेयर किए थे। रिपोर्ट्स के मुताबिक, चैट में आसिम ने रिश्ते के खत्म होने की वजह अलग-अलग धर्म और धार्मिक मान्यताओं को बताया था। हिमांशी ने यह भी कहा था कि उन्होंने पोस्ट में धर्म वाली बात लिखी थी, लेकिन बाद में उसे हटा दिया क्योंकि उन्हें लगा कि इससे आसिम को निशाना बनाया जा सकता है। हिमांशी बोलीं- किसी पर धर्म बदलने का दबाव सही नहीं अब अपने हालिया बयान में हिमांशी ने कहा कि किसी भी रिश्ते में धर्म बदलने के लिए दबाव बनाना सही नहीं है। उनके मुताबिक, हर व्यक्ति को अपनी धार्मिक पहचान और मान्यताओं के साथ जीने की आजादी होनी चाहिए। उन्होंने यह भी बताया कि उस दौर में वह भावनात्मक रूप से काफी दबाव में थीं और बाद में उन्हें महसूस हुआ कि धर्म बदलने का फैसला सही नहीं होगा। हिमांशी और आसिम ने 2023 में अपने रिश्ते के खत्म होने की जानकारी सार्वजनिक की थी। हालांकि, अब हिमांशी के नए दावों के बाद दोनों के पुराने रिश्ते और उसके टूटने की वजह एक बार फिर चर्चा में आ गई है। सोशल मीडिया पर भी उनके बयान को लेकर प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं। वहीं, उपलब्ध ताजा रिपोर्ट में आसिम रियाज की ओर से इन नए आरोपों पर कोई प्रतिक्रिया दर्ज नहीं है।

आसिम रियाज बोले- मैंने किसी का धर्म नहीं बदलवाया:हिमांशी खुराना के आरोपों पर तोड़ी चुप्पी; बोले- वे पब्लिसिटी के लिए धर्म का इस्तेमाल कर रहीं

आसिम रियाज बोले- मैंने किसी का धर्म नहीं बदलवाया:हिमांशी खुराना के आरोपों पर तोड़ी चुप्पी; बोले- वे पब्लिसिटी के लिए धर्म का इस्तेमाल कर रहीं

‘बिग बॉस 13’ के रनर-अप आसिम रियाज ने अपनी एक्स-गर्लफ्रेंड हिमांशी खुराना के धर्म परिवर्तन वाले दावों पर सफाई दी है। सोशल मीडिया पर एक पोस्ट शेयर कर आसिम ने इन आरोपों को पूरी तरह गलत बताया है। हाल ही में हिमांशी ने एक पॉडकास्ट में दावा किया था कि आसिम ने उन पर अपना धर्म बदलने का दबाव बनाया था। इस पर आसिम ने कहा कि उन्होंने कभी किसी से धर्म बदलने के लिए नहीं कहा और उनके खिलाफ नफरत फैलाने के लिए इस संवेदनशील मुद्दे का इस्तेमाल किया जा रहा है। इंस्टाग्राम पोस्ट पर आसिम ने दी सफाई आसिम रियाज ने रविवार को अपने इंस्टाग्राम अकाउंट पर एक लंबा नोट शेयर किया। हालांकि पोस्ट में उन्होंने हिमांशी का नाम सीधे तौर पर नहीं लिखा, लेकिन साफ किया कि निजी मुद्दों को पब्लिक में लाकर विवाद बनाया जा रहा है। आसिम ने लिखा, “मैंने कभी किसी को अपना धर्म बदलने के लिए नहीं कहा। एक बार भी नहीं। बल्कि मैंने ही तुम्हें फिटनेस की तरफ पुश किया था। मुझसे मिलने से पहले सब जानते हैं कि तुम कैसी दिखती थीं।” ‘पब्लिसिटी के लिए धर्म को हथियार न बनाएं’ आसिम ने आगे लिखा कि धर्म एक बेहद संवेदनशील मुद्दा है और इसे हथियार की तरह इस्तेमाल नहीं करना चाहिए। उन्होंने हिमांशी पर निशाना साधते हुए कहा कि लोगों के मन में मेरे लिए नफरत पैदा करने के लिए इतने पर्सनल मैटर को उछालना बचकाना है। इससे पता चलता है कि अटेंशन पाने के लिए कोई किस हद तक गिर सकता है। हिमांशी ने कहा था- इस्लाम कबूल करने वाली थी इससे पहले पारस छाबड़ा के पॉडकास्ट में हिमांशी ने दावा किया कि एक समय वह आसिम के दबाव में इस्लाम कबूल करने के बेहद करीब पहुंच गई थीं। उन्होंने बताया कि रिश्ते के दौरान उनके पूजा-पाठ और धार्मिक मान्यताओं को लेकर आपत्ति जताई जाती थी। हिमांशी के मुताबिक, मानसिक दबाव इतना बढ़ गया था कि एक रात उन्हें लगा कि उनकी जिंदगी का शायद आखिरी दिन है। उन्होंने धर्म बदलने से पहले चार धाम यात्रा करने की इच्छा भी जताई थी। बिग बॉस 13 में शुरू हुई थी दोनों की स्टोरी हिमांशी खुराना और आसिम रियाज की मुलाकात ‘बिग बॉस 13’ के दौरान हुई थी। शो में दोनों की नजदीकियां लगातार चर्चा में रहीं और कुछ समय बाद दोनों ने अपने रिश्ते को आगे बढ़ाया। शो से बाहर आने के बाद भी दोनों लंबे समय तक रिलेशनशिप में रहे। फैंस ने इस जोड़ी को ‘आसिमांशी’ नाम दिया था। हालांकि, बाद में दोनों का रिश्ता टूट गया। दिसंबर 2023 में ब्रेकअप की घोषणा करते हुए दोनों ने अलग-अलग धर्म और धार्मिक मान्यताओं को भी वजह बताया था। उस समय हिमांशी ने सोशल मीडिया पर आसिम के साथ हुई निजी चैट के स्क्रीनशॉट भी शेयर किए थे, जिनमें धर्म को लेकर बातचीत का जिक्र था। हिमांशी ने बताया- एक समय धर्म बदलने को तैयार थी अब पारस छाबड़ा के पॉडकास्ट में हिमांशी ने रिश्ते के दौरान आए मुश्किल दौर का जिक्र किया। उन्होंने दावा किया कि उस समय उनके पार्टनर की तरफ से उनके पूजा-पाठ को लेकर आपत्ति जताई जाती थी। हिमांशी के मुताबिक, उनसे कहा गया था कि पूजा-पाठ अब नहीं चलेगा। उन्होंने दावा किया कि सामने वाले परिवार और उनकी धार्मिक सोच का दबाव भी उन पर बनाया जा रहा था। धीरे-धीरे यह दबाव इतना बढ़ गया कि वह इस्लाम कबूल करने के बेहद करीब पहुंच गई थीं। ‘मुझे लगा, शायद उनसे दोबारा नहीं मिल पाऊंगी’ हिमांशी ने बातचीत के दौरान उस रात का भी जिक्र किया, जिसे उन्होंने अपनी जिंदगी का बेहद मुश्किल दौर बताया। उनके अनुसार, वह प्यार में इतनी आगे बढ़ चुकी थीं कि धर्म बदलने के फैसले के लिए भी तैयार हो गई थीं। उन्होंने बताया कि धर्म बदलने से पहले वह चार धाम की यात्रा करना चाहती थीं। उन्हें ऐसा लग रहा था कि धर्म बदलने के बाद शायद वह अपने पुराने धार्मिक विश्वासों और उनसे जुड़े लोगों से दोबारा नहीं मिल पाएंगी। इसी वजह से वह चार धाम यात्रा को आखिरी बार करने की इच्छा रखती थीं। 2023 में भी धर्म को लेकर सामने आई थी बात हिमांशी और आसिम के ब्रेकअप के समय भी धर्म का मुद्दा सामने आया था। हिमांशी ने उस वक्त सोशल मीडिया पर दोनों के बीच हुई बातचीत के स्क्रीनशॉट शेयर किए थे। रिपोर्ट्स के मुताबिक, चैट में आसिम ने रिश्ते के खत्म होने की वजह अलग-अलग धर्म और धार्मिक मान्यताओं को बताया था। हिमांशी ने यह भी कहा था कि उन्होंने पोस्ट में धर्म वाली बात लिखी थी, लेकिन बाद में उसे हटा दिया क्योंकि उन्हें लगा कि इससे आसिम को निशाना बनाया जा सकता है। हिमांशी बोलीं- किसी पर धर्म बदलने का दबाव सही नहीं अब अपने हालिया बयान में हिमांशी ने कहा कि किसी भी रिश्ते में धर्म बदलने के लिए दबाव बनाना सही नहीं है। उनके मुताबिक, हर व्यक्ति को अपनी धार्मिक पहचान और मान्यताओं के साथ जीने की आजादी होनी चाहिए। उन्होंने यह भी बताया कि उस दौर में वह भावनात्मक रूप से काफी दबाव में थीं और बाद में उन्हें महसूस हुआ कि धर्म बदलने का फैसला सही नहीं होगा। हिमांशी और आसिम ने 2023 में अपने रिश्ते के खत्म होने की जानकारी सार्वजनिक की थी। हालांकि, अब हिमांशी के नए दावों के बाद दोनों के पुराने रिश्ते और उसके टूटने की वजह एक बार फिर चर्चा में आ गई है। सोशल मीडिया पर भी उनके बयान को लेकर प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं। वहीं, उपलब्ध ताजा रिपोर्ट में आसिम रियाज की ओर से इन नए आरोपों पर कोई प्रतिक्रिया दर्ज नहीं है।

केरल की केजिया लीज मेजो बनीं मिस यूनिवर्स इंडिया:इंटरनेशनल लेवल पर भारत का प्रतिनिधित्व करेंगी, सुष्मिता सेन और उर्वशी रौतेला बनी जज

केरल की केजिया लीज मेजो बनीं मिस यूनिवर्स इंडिया:इंटरनेशनल लेवल पर भारत का प्रतिनिधित्व करेंगी, सुष्मिता सेन और उर्वशी रौतेला बनी जज

मिस यूनिवर्स इंडिया 2026 का ताज केरल की केजिया लिज मेजो ने जीता है। उन्होंने अपनी खूबसूरती और इंटेलीजेंस से हर किसी को इंप्रेस कर खिताब अपने नाम किया। केजिया लिज मेजो अब इंटरनेशनल लेवल पर भारत का प्रतिनिधित्व करेंगी। जयपुर में रविवार देर रात ‘मिस यूनिवर्स इंडिया 2026’ फिनाले का आयोजन किया गया।इसमें देशभर से 52 फाइनलिस्ट ने अपने टैलेंट, खूबसूरती और आत्मविश्वास का प्रदर्शन किया। इस प्रतियोगिता में तमिलनाडु की वैष्णवी गणेश पहली रनर-अप रहीं, जबकि जबकि गुजरात की अनुश्री सातवलेकर दूसरी रनर-अप (तीसरे नंबर पर) बनीं. मिस यूनिवर्स इंडिया 2026 खिताब जीतने के बाद अब केजिया लिज मेजो दुनिया की सबसे बड़े ब्यूटी कॉन्टेस्ट 75वीं मिस यूनिवर्स प्रतियोगिता में भारत का प्रतिनिधित्व करेंगी। इस साल के अंत में प्यूर्टो रिको में होने वाली 75वीं मिस यूनिवर्स प्रतियोगिता में दुनिया के विभिन्न देशों की ब्यूटी क्वीन हिस्सा लेंगी। जीत के बाद क्या बोलीं केजिया लिज मेजो केजिया लीज मेजो ने कहा कि यह खिताब मेरे लिए केवल एक उपलब्धि नहीं, बल्कि एक बड़ी जिम्मेदारी है। भारत का प्रतिनिधित्व अंतरराष्ट्रीय मंच पर करना मेरे लिए गर्व और सम्मान की बात है। मैं इस अवसर के माध्यम से भारत की विविधता, संस्कृति, प्रतिभा और नई पीढ़ी की शक्ति को दुनिया के सामने प्रस्तुत करूंगी। मिस यूनिवर्स इंडिया के जज ये रहे इस कार्यक्रम में बॉलीवुड एक्ट्रेस और पूर्व मिस यूनिवर्स सुष्मिता सेन, दो बार मिस यूनिवर्स इंडिया रह चुकीं उर्वशी रौतेला और पूर्व मिस यूनिवर्स की फर्स्ट रनर-अप सेलिना जेटली, मिस यूनिवर्स इंडिया 2024 रिया सिंघा, फिल्म प्रोड्यूसर एवं पर्यावरणविद् प्रज्ञा कपूर और मिस यूनिवर्स इंडिया के मालिक निखिल आनंद सहित फैशन और मनोरंजन जगत से जुड़े कई चेहरे मौजूद रहे, इन्होंने इस पेजेंट को जज भी किया। इनके अलावा, मिस यूनिवर्स इंडिया 2024 (रिया सिंघा) और 2025 (मणिका विश्वकर्मा) भी इस खास मौके पर मौजूद रहीं। सुष्मिता सेन- मुझे अंग्रेजी नहीं आती थी सुष्मिता सेन ने मॉडल्स से कहा कि जब मैं मिस यूनिवर्स के लिए फाइट कर रही थी, तब मुझे अंग्रेजी ज्यादा आती नहीं थी। एसेंस का भी मतबल पता नहीं था। ऐसे में यह जर्नी आसान नहीं रही। उस वक्त जो मैंने उत्तर दिया था, वह मैं आज भी नहीं दे पाती। हम एक ही मां के बच्चे हैं और यह मातृभूमि हमारी मां है। पूरे देशभर से यहां टैलेंट मौजूद है, हम कही न कहीं कुछ हिस्सों में अलग होंगे, लेकिन हम फिर भी इस देश की वजह से एक है। यह कार्यक्रम जयपुर के जी स्टूडियो में आयोजित हुआ। ‘सुष्मिता मेरी पहली गुरु हैं’ उर्वशी ने कहा कि सुष्मिता सेन मेरी पहली गुरु हैं। उन्होंने ही मुझे मिस यूनिवर्स इंडिया का ताज पहनाया था। उनके इस बयान के दौरान पुराने दिनों की यादें भी ताजा हो गईं। एक ही मंच पर गुरु और शिष्य की मौजूदगी ने कार्यक्रम को भावुक बना दिया। उर्वशी ने कहा कि आज वह उस लड़की का इंतजार कर रही हैं, जो इस साल अंतरराष्ट्रीय मंच पर भारत का प्रतिनिधित्व करेगी। उनके मुताबिक, मिस यूनिवर्स का मंच सिर्फ खूबसूरती का मंच नहीं है, बल्कि यह आत्मविश्वास, व्यक्तित्व, बुद्धिमत्ता और अपनी पहचान को दुनिया के सामने रखने का अवसर भी देता है। सेलिना जेटली ने दी फाइनलिस्ट को खास सलाह कार्यक्रम में एक्ट्रेस सेलिना जेटली भी जज के रूप में मौजूद रहीं। उन्होंने जयपुर से अपने पुराने जुड़ाव को याद करते हुए कहा कि वह करीब 25 साल बाद जयपुर लौटी हैं। उन्होंने कहा कि इतने लंबे समय बाद शहर में लौटने के बावजूद उन्हें ऐसा लगा जैसे उनका कोई अधूरा सफर पूरा हो गया हो। इवेंट की फोटोज देखिए…

जापान में 5.9 तीव्रता का भूकंप, 37 लोग घायल:ट्रेन सेवाओं पर असर; सुनामी का खतरा नहीं

जापान में 5.9 तीव्रता का भूकंप, 37 लोग घायल:ट्रेन सेवाओं पर असर; सुनामी का खतरा नहीं

जापान में रविवार को 5.9 तीव्रता का भूकंप आया। इससे पूर्वी जापान और टोक्यो इलाके में कम से कम 37 लोग घायल हुए, जिनमें ज्यादातर को हल्की चोटें आईं। जापान मौसम विज्ञान एजेंसी के मुताबिक, भूकंप की शुरुआती तीव्रता 5.9 थी। इसका केंद्र दक्षिणी इबाराकी प्रांत में जमीन से 70 किलोमीटर नीचे था। अमेरिकी भूगर्भीय सर्वेक्षण ने इसकी तीव्रता 5.8 दर्ज की। भूकंप के कारण टोक्यो और नारिता एयरपोर्ट जाने वाली एक्सप्रेस ट्रेनों में देरी हुई।सुनामी का कोई खतरा नहीं बताया गया। खबर लगातार अपडेट हो रही है…

पाकिस्तान में 12-12 घंटे बिजली कटौती:लोग सड़कों पर उतरे, रास्ता रोका; लगातार कटौती से पानी सप्लाई ठप

पाकिस्तान में 12-12 घंटे बिजली कटौती:लोग सड़कों पर उतरे, रास्ता रोका; लगातार कटौती से पानी सप्लाई ठप

पाकिस्तान में कराची के कई इलाकों में लंबे समय से हो रही बिजली कटौती के खिलाफ लोग सड़कों पर उतर आए। प्रदर्शनकारियों ने बड़े रास्ते रोके और बिजली सप्लाई बहाल करने की मांग को लेकर टायर जलाए। प्रदर्शन पाकिस्तान की कराची के पाक कॉलोनी, लियाकताबाद, गरीबाबाद, निश्तर रोड, भीमपुरा और रैंचोर लाइन में हुए। इससे शहर के कई प्रमुख हिस्सों में ट्रैफिक पर असर पड़ा। लियाकताबाद में प्रदर्शनकारियों ने बड़े चौराहे और रास्ते रोक दिए। स्थानीय न्यूज आउटलेट डॉन के मुताबिक, निश्तर रोड पर बिजली कटौती को लेकर कारोबारियों और के-इलेक्ट्रिक (केई) कर्मचारियों के बीच विवाद बढ़ गया, जिसके बाद टायर जलाए गए। खबर लगातार अपडेट हो रही है…

पाकिस्तान में 12-12 घंटे बिजली कटौती:लोग सड़कों पर उतरे, रास्ता जाम किया; लगातार कटौती से पानी सप्लाई ठप

पाकिस्तान में 12-12 घंटे बिजली कटौती:लोग सड़कों पर उतरे, रास्ता जाम किया; लगातार कटौती से पानी सप्लाई ठप

पाकिस्तान के कराची में लंबे समय से जारी बिजली कटौती के खिलाफ शनिवार को कई इलाकों में लोगों ने प्रदर्शन किया। लोगों ने कई घंटे तक सड़कें जाम रखीं बिजली तुरंत बहाल करने की मांग की। इससे शहर के कई हिस्सों में ट्रैफिक पूरी तरह ठप हो गया और हजारों लोग जाम में फंस गए। डॉन के मुताबिक, लोगों ने बताया कि उन्हें रोज 12 घंटे या उससे ज्यादा बिजली कटौती का सामना करना पड़ रहा है। उनका कहना है कि कई बार कटौती की जानकारी भी पहले नहीं दी जाती। बिजली नहीं होने पर पानी के पंपिंग स्टेशन बंद रहते हैं। इससे पानी की सप्लाई भी रुक रही है और लोगों का गुस्सा बढ़ रहा है। कराची में व्यापारी भी प्रदर्शन में उतरे कराची के निश्तर रोड पर बिजली लंबे समय तक बंद रहने को लेकर व्यापारियों और के-इलेक्ट्रिक (KE) के कर्मचारियों के बीच विवाद भी हुआ। इसके बाद प्रदर्शन तेज हो गया और कई जगह टायर जलाए गए। भिमपुरा और रैंचोर लाइन में दुकानदार भी प्रदर्शन में शामिल हुए। उनका कहना था कि बिजली की अनियमित सप्लाई से कारोबार को काफी नुकसान हो रहा है। सड़कें बंद होने से साउथ जिले और आसपास के इलाकों में भी ट्रैफिक जाम फैल गया। गुलशन-ए-इकबाल की एक महिला ने बताया कि उनकी मां को बुखार था और सदर में डॉक्टर से अपॉइंटमेंट था। वे मां को जांच के लिए क्लिनिक ले जा रहे थे, लेकिन उनकी एंबुलेंस सिविक सेंटर के पास करीब 2 घंटे तक जाम में फंसी रही। गरीबाबाद के रहने वाले इमरान ने कहा कि वे समय पर बिजली का बिल भरते हैं, फिर भी 12 घंटे तक बिजली कटती है। उन्होंने कहा, “आज तो हम घर तक नहीं पहुंच पाए। जुलूस और इन प्रदर्शनों की वजह से पूरा शहर जाम है।” खबर लगातार अपडेट हो रही है…

कंगना रनोट के बयान पर भड़के रामदेव:बोले- ओछे लोगों पर टिप्पणी नहीं; एक्ट्रेस ने कहा था- मेरी जवानी के बारे में सपने मत देखो

कंगना रनोट के बयान पर भड़के रामदेव:बोले- ओछे लोगों पर टिप्पणी नहीं; एक्ट्रेस ने कहा था- मेरी जवानी के बारे में सपने मत देखो

हिमाचल प्रदेश से बीजेपी सांसद और एक्ट्रेस कंगना रनोट के ‘जेनरेशन गटर’ वाले बयान पर शुरू हुआ विवाद अब फिर चर्चा में है। योग गुरु बाबा रामदेव की टिप्पणी के बाद कंगना ने पलटवार करते हुए कहा था, “बाबा जी, मेरी जवानी या बेडरूम के बारे में डे-ड्रीम मत कीजिए।” अब कंगना के इस पलटवार पर रामदेव ने जवाब दिया है। रविवार को हरिद्वार में रामदेव ने कहा कि वह इस विवाद को बढ़ावा नहीं देना चाहते। उन्होंने कहा, “स्वामी रामदेव क्या है, ये देश जानता है। रामदेव का योगदान क्या है, ये भी देश जानता है। इसलिए मैं ओछे लोगों के बारे में टिप्पणी नहीं करना चाहता।” दरअसल, रामदेव ने कंगना के ‘जेनरेशन गटर’ वाले बयान पर कहा था कि जेन-Z को गटर-पटर कहना बिगड़े हुए दिमाग की निशानी है। उन्होंने कंगना की योग्यता, बचपन, जवानी और पुराने कारनामों को लेकर भी टिप्पणी की थी। इसके बाद कंगना ने इंस्टाग्राम स्टोरी के जरिए रामदेव पर पलटवार किया था। अब समझिए आखिर ये पूरा विवाद शुरू कहां से हुआ.. दरअसल, हाल ही में कंगना ने एक इंस्टाग्राम स्टोरी में लिखा था, “सबसे ज्यादा चौंकाने वाली बात युवा हिंदू महिलाओं का व्यवहार है। वे स्वतंत्र और करियर बनाने वाली महिलाओं की जिंदगी की नकल करना चाहती हैं, लेकिन उस आजादी को कमाना नहीं चाहतीं। जो महिलाएं वास्तव में स्वतंत्र होती हैं, वे विद्रोही फैसले लेती हैं, बेबाक राय रखती हैं, परंपराओं से हटकर करियर चुनती हैं और अपने हर फैसले की जिम्मेदारी भी खुद उठाती हैं, क्योंकि वे अपने दम पर जीवन जीती हैं। वे यह सब अपने माता-पिता या परिवार की कीमत पर नहीं करतीं। यह तथाकथित पश्चिमी सोच वाली भारतीय महिलाओं की नई पीढ़ी है, जिन्हें मैं ‘जनरेशन गटर’ कहती हूं।” Gen-Z पर दिए बयान पर भड़के रामदेव कंगना के इस पोस्ट के बाद ही बाबा रामदेव की इस पूरे विवाद में एंट्री हुई। दरअसल एक हिंदी न्यूज चैनल के साथ बातचीत में बाबा रामदेव ने जेन Z को लेकर कंगना की टिप्पणी पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा था, “उनका क्वालिफिकेशन क्या है? उनका बचपन कैसा रहा है? उनकी जवानी कैसी रही है? उनके पहले के कारनामे कैसे रहे हैं? मैं ऐसे लोगों के बारे में बात नहीं करना चाहता। ऐसे किसी भी देश के जवान को, जेन Z को गटर-पटर बोलना, ये बिगड़े हुए दिमाग की निशानी है। गलत बात है। इसके ऊपर जो है, उनके पार्टी के लोगों को संज्ञान लेना चाहिए।” जब सवाल पूछा गया था कि वो आपके योग की प्रशंसक रही हैं तो बाबा रामदेव ने कहा कि “मेरी प्रशंसा करें, योग की प्रशंसा करें तो मैं उनके गुनाहों पर यहां लीपापोती कर दूं?” बाबा रामदेव ने यह भी कहा था कि युवा की कोई जाति नहीं है। युवा में सब हैं। उसमें ब्राह्मणों के भी बालक हैं, क्षत्रियों के भी, वैश्यों के भी, दलित के भी, आदिवासी-वनवासी के, SC-ST के, सबके बालक हैं। आज युवा अपने आप में एक बहुत बड़ी ताकत है, उसको कोई नकार नहीं सकता। बाबा के पलटवार के बाद चुन नहीं बैठी कंगना बाबा रामदेव कंगना को बिगड़े दिमाग की निशानी कहा तो कंगना भड़क गईं फिर उन्होंने इंस्टाग्राम स्टोरी के जरिए बाबा रामदेव पर पलटवार करते हुए लिखा, “बाबा जी, मेरी जवानी या बेडरूम के बारे में डे-ड्रीम मत कीजिए। कोई सिर्फ अफवाहों और गॉसिप के आधार पर ही ऐसा सोच सकता है। कम से कम मुझे कभी सुप्रीम कोर्ट से झूठे या फर्जी मेडिकल दावों को लेकर फटकार नहीं लगी। इसलिए मुझे चरित्र का पाठ मत पढ़ाइए। आपका चरित्र जैसा भी है, मेरा उससे कहीं बेहतर है। यहां कोई फ्रॉड नहीं मिला है।” अब रामदेव ने कंगना के इसी बयान का जवाब देते हुए कहा है कि देश जनता है कि रामदेव बाबा का देश के लिए क्या योगदान रहा। ——————- ये खबर भी पढ़ें… ब्रिटेन-अमेरिका से आगे पतंजलि का हर्बल आर्ट म्यूजियम:65 हजार वनस्पति कलाकृतियां संरक्षित, 300 साल तक सुरक्षित रखने का दावा पतंजलि अनुसंधान फाउंडेशन में तैयार हुआ हर्बल आर्ट म्यूजियम भारत की आयुर्वेदिक और वनस्पति विरासत को दुनिया के सामने नई पहचान दे रहा है। यहां 65 हजार से ज्यादा वनस्पति कलाकृतियां एक ही छत के नीचे संरक्षित हैं। (पढ़ें पूरी खबर)

तापसी पन्नू के बयान पर कंगना रनोट भड़कीं:बोलीं- B-ग्रेड फिल्म के लिए 'सस्ती कॉपी' ने सारी हदें पार कर दीं

तापसी पन्नू के बयान पर कंगना रनोट भड़कीं:बोलीं- B-ग्रेड फिल्म के लिए 'सस्ती कॉपी' ने सारी हदें पार कर दीं

तापसी पन्नू के कंगना रनोट से मतभेदों पर दिए बयान के बाद कंगना ने इंस्टाग्राम स्टोरी पर प्रतिक्रिया दी। तापसी ने कहा था कि वह विवाद से पहले या बाद में कभी कंगना से नहीं मिलीं। जिसके बाद कंगना ने तापसी पर अपनी परवरिश और माता-पिता का मजाक उड़ाने का आरोप लगाते हुए उन्हें सस्ती कॉपी कहा। दरअसल, हाल ही में इंडिया टुडे से बातचीत में तापसी से पूछा गया कि क्या उन्होंने और कंगना ने अपने मतभेद सुलझा लिए हैं। तापसी ने कहा कि वह कंगना से कभी नहीं मिलीं और कथित विवाद शुरू होने से पहले भी उनकी मुलाकात नहीं हुई थी। तापसी ने आगे कहा कि मेरी उनके बारे में राय मेरी परवरिश, मेरे बात करने के तरीके और चीजों को देखने के नजरिए को दिखाती है। वह अपने नजरिए पर कायम हैं। तापसी के इस बयान के सामने आने के बाद कंगना ने शनिवार शाम बिना नाम लिए एक पोस्ट शेयर की। उन्होंने लिखा, “एक सस्ती कॉपी अपनी आने वाली B-ग्रेड फिल्म को लेकर भी हमेशा की तरह मीडिया में सिर्फ हेडलाइन बनाने की कोशिश कर रही है, लेकिन आज उन्होंने सारी हदें पार कर दीं। उन्होंने मेरी परवरिश और मेरे माता-पिता का बेहद बेशर्मी से मजाक उड़ाया।” एक्ट्रेस ने आगे लिखा, “मुझे लगता है कि सभी माता-पिता अपने बच्चों के लिए अपना सर्वश्रेष्ठ करते हैं। मैं कभी किसी बहस में माता-पिता को नहीं लाती, लेकिन आज मैं उनके माता-पिता से भी पूछना चाहती हूं कि वे मेरे माता-पिता की तरह कोई ओरिजिनल इंसान क्यों नहीं पैदा कर सके? इतनी सस्ती कॉपी क्यों? आपकी कोशिशों के लिए मुझे अफसोस है।” कंगना ने कहा- वो प्रतिष्ठित परिवार से आती हैं इसके बाद कंगना ने तापसी की टिप्पणी वाली एक खबर शेयर की और कहा कि कई लोग उनकी परवरिश और माता-पिता पर सवाल उठाते हैं। कंगना ने बताया कि उनका परिवार एक प्रतिष्ठित राजपूत जमींदार परिवार से आता है और उनके माता-पिता पढ़े-लिखे हैं। कंगना ने कहा कि यह उनकी निजी पसंद थी कि वह अपने करियर की शुरुआत बिल्कुल शुरुआत से करें। इसके लिए उनके माता-पिता पर सवाल क्यों उठाए जाते हैं? कंगना ने ये पोस्ट शनिवार शाम अपने आधिकारिक इंस्टाग्राम अकाउंट पर शेयर की थीं। हालांकि, रविवार सुबह तक उन्होंने दोनों स्टोरी डिलीट कर दी थीं। तापसी-कंगना का विवाद कई साल पुराना है गौरतलब है कि अभिनेत्री तापसी पन्नू और कंगना रनोट के बीच विवाद काफी पुराना है। विवाद की शुरुआत 2018-19 के आसपास हुई। तापसी ने एक इंटरव्यू में कहा था कि कंगना को अपनी बात कहने के लिए फिल्टर की जरूरत है। इसके बाद 2019 में तापसी ने कंगना की फिल्म ‘जजमेंटल है क्या’ के ट्रेलर की तारीफ की, लेकिन कंगना का नाम नहीं लिया। इस पर कंगना की बहन रंगोली चंदेल ने तापसी को ‘सस्ती कॉपी’ कह दिया था। इसके बाद 2020 में सुशांत सिंह राजपूत के निधन के बाद बॉलीवुड में नेपोटिज्म को लेकर बहस तेज हुई। इसी दौरान कंगना ने तापसी और स्वरा भास्कर को ‘बी-ग्रेड एक्ट्रेस’ कहा था। कंगना ने कहा था कि दोनों आउटसाइडर होने के बावजूद नेपोटिज्म का समर्थन करती हैं। तापसी ने इस पर कहा था कि आउटसाइडर्स को आपस में नहीं लड़ना चाहिए।

पाकिस्तान ने पत्रकार को आतंकी सूची में डाला:PoK प्रदर्शन कवर करने वाले दानिश इरशाद पर बिना मुकदमे कार्रवाई, बैंक-यात्रा पर रोक

पाकिस्तान ने पत्रकार को आतंकी सूची में डाला:PoK प्रदर्शन कवर करने वाले दानिश इरशाद पर बिना मुकदमे कार्रवाई, बैंक-यात्रा पर रोक

पाकिस्तान ने PoK में चल रहे विरोध प्रदर्शनों की रिपोर्टिंग करने वाले पत्रकार और शोधकर्ता डेनिश इरशाद का नाम आतंकवाद से जुड़ी निगरानी सूची यानी फोर्थ शेड्यूल में डाल दिया है। खास बात यह है कि उनके खिलाफ किसी खास आतंकवादी गतिविधि का आरोप या अदालत का कोई फैसला सामने नहीं आया है। इरशाद पिछले करीब 10 साल से पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर यानी PoK और गिलगित-बाल्टिस्तान की राजनीति और वहां के हालात पर रिपोर्टिंग कर रहे हैं। हाल के महीनों में उन्होंने PoK में हुए प्रदर्शनों, सुरक्षा बलों की कार्रवाई और प्रभावित परिवारों की स्थिति को प्रमुखता से कवर किया था। अब उनका नाम उस सूची में डाला गया है, जिसमें सरकार उन लोगों को रखती है, जिन्हें वह आतंकवाद या प्रतिबंधित संगठनों से जुड़ा मानती है। इस कार्रवाई के बाद सबसे बड़ा सवाल यही है कि आखिर डेनिश इरशाद ने ऐसा क्या किया, जिसके आधार पर उन्हें फोर्थ शेड्यूल में डाला गया? उपलब्ध आदेश में इसका कोई स्पष्ट जवाब नहीं मिलता। डेनिश इरशाद कौन हैं? डेनिश इरशाद रावलपिंडी में रहने वाले पत्रकार और शोधकर्ता हैं। उन्होंने 2015 में इस्लामाबाद से पत्रकारिता शुरू की थी। इसके बाद से वे लगातार PoK और गिलगित-बाल्टिस्तान की राजनीति, इतिहास और वहां के सामाजिक-राजनीतिक हालात पर काम कर रहे हैं। वे लाहौर स्थित नियो न्यूज के साथ काम करते हैं और जम्मू से प्रकाशित कश्मीर टाइम्स में कॉलम भी लिखते हैं। वे 1947 के बाद जम्मू-कश्मीर के इतिहास पर एक किताब भी लिख चुके हैं। बीबीसी उर्दू के पत्रकार रोहान अहमद ने उन्हें पेशेवर पत्रकार और शोधकर्ता बताया है। उनके मुताबिक, इरशाद उन लोगों की आवाज सामने लाने की कोशिश करते रहे हैं, जिन्हें अपनी बात रखने के लिए मदद की जरूरत होती है। इरशाद ने ऐसा क्या किया? पाकिस्तान के जिस आदेश के आधार पर डेनिश इरशाद का नाम फोर्थ शेड्यूल में डाला गया है, उसमें उनके खिलाफ कोई खास आरोप नहीं बताया गया है। यह भी स्पष्ट नहीं किया गया है कि उन्होंने ऐसा कौन सा काम किया, जिसे आतंकवाद से जोड़कर देखा गया। कश्मीर टाइम्स के मुताबिक, इरशाद का नाम PoK के 24 लोगों की सूची में 12वें नंबर पर है। आदेश में जम्मू-कश्मीर ज्वाइंट अवामी एक्शन कमेटी यानी जेके-जेएएसी से जुड़े कार्यकर्ताओं का भी जिक्र है। पाकिस्तान सरकार ने जेएएसी को जून में प्रतिबंधित कर दिया था। हाल के महीनों में इरशाद ने PoK में चल रहे विरोध प्रदर्शनों की लगातार रिपोर्टिंग की। उन्होंने प्रदर्शनकारियों की मांगों और वहां की स्थिति को कवर करने के साथ उन परिवारों से भी बातचीत की, जिनके बच्चों के पाकिस्तान की सुरक्षा बलों की कार्रवाई में मारे जाने का आरोप है। यानी उनकी रिपोर्टिंग में आंदोलनकारियों और प्रभावित परिवारों का पक्ष भी सामने आया। हालांकि, सरकार के आदेश में यह नहीं बताया गया कि उनकी ऐसी कौन सी रिपोर्टिंग या गतिविधि फोर्थ शेड्यूल में नाम डालने का आधार बनी। इरशाद के मुताबिक, उन्हें न तो किसी मामले में अदालत में पेश किया गया और न ही किसी अपराध में दोषी ठहराया गया। उन्हें सरकार की तरफ से सीधे यह जानकारी भी नहीं दी गई कि उनका नाम सूची में क्यों डाला गया। उन्हें 18 अगस्त को सोशल मीडिया के जरिए इस कार्रवाई का पता चला। इसके बाद उन्होंने PoK के गृह विभाग के एक सूत्र से इसकी पुष्टि की। फोर्थ शेड्यूल क्या है? पाकिस्तान में फोर्थ शेड्यूल आतंकवाद से जुड़ी निगरानी सूची है। इसमें उन लोगों को रखा जा सकता है, जिन्हें सरकार आतंकवाद या प्रतिबंधित संगठनों से जुड़ा मानती है। इस सूची में नाम आने के बाद संबंधित व्यक्ति पर कई तरह की पाबंदियां लग सकती हैं। इनमें विदेश यात्रा पर रोक, पासपोर्ट से जुड़ी पाबंदियां, बैंक खातों पर कार्रवाई, कर्ज या क्रेडिट कार्ड लेने में परेशानी और हथियार का लाइसेंस लेने पर रोक जैसी पाबंदियां शामिल हो सकती हैं। इसके अलावा सरकारी निगरानी भी बढ़ सकती है। इसलिए किसी पत्रकार का नाम इस सूची में डाला जाना सामान्य प्रशासनिक कार्रवाई नहीं मानी जाती। इससे उस व्यक्ति की आवाजाही, आर्थिक गतिविधियों और सार्वजनिक कामकाज पर गंभीर असर पड़ सकता है। PoK में क्या चल रहा है? डेनिश इरशाद के खिलाफ यह कार्रवाई ऐसे समय हुई है, जब PoK में लंबे समय से विरोध प्रदर्शन चल रहे हैं। इन प्रदर्शनों का नेतृत्व जम्मू-कश्मीर ज्वाइंट अवामी एक्शन कमेटी कर रही है। प्रदर्शनकारी राजनीतिक प्रतिनिधित्व, सब्सिडी और शासन व्यवस्था से जुड़े कई मुद्दे उठा रहे हैं। उनकी मांगों में PoK विधानसभा में पाकिस्तान में बसे कश्मीरी शरणार्थियों के लिए आरक्षित 12 सीटों को खत्म करना भी शामिल है। पाकिस्तान सरकार ने 5 जून को जेएएसी पर प्रतिबंध लगा दिया था। इसके बाद प्रदर्शनकारियों और सुरक्षा बलों के बीच टकराव बढ़ गया। इस दौरान इंटरनेट बंद करने और मीडिया पर पाबंदियां लगाने जैसी कार्रवाई भी हुई। जेएएसी का दावा है कि सुरक्षा बलों की कार्रवाई में 80 से ज्यादा नागरिक मारे गए हैं। यह आंकड़ा संगठन का दावा है। इसी दौरान डेनिश इरशाद लगातार PoK के हालात की रिपोर्टिंग कर रहे थे। उन्होंने प्रदर्शनों और सुरक्षा बलों की कार्रवाई के अलावा प्रभावित परिवारों से भी बात की। यही वजह है कि उनके खिलाफ हुई कार्रवाई को लेकर पत्रकारों और मानवाधिकार कार्यकर्ताओं के बीच सवाल उठ रहे हैं कि क्या उनकी रिपोर्टिंग और आंदोलन को कवर करने की वजह से उन्हें निशाना बनाया गया। पाकिस्तानी पत्रकारों ने क्या कहा? डेनिश इरशाद को फोर्थ शेड्यूल में डाले जाने की पाकिस्तान के कुछ पत्रकारों और कार्यकर्ताओं ने भी आलोचना की है। पाकिस्तानी पत्रकार सालेह सफीर अब्बासी ने इसे प्रेस की आजादी पर सीधा हमला बताया। उन्होंने कहा कि असहमति रखना अपराध नहीं, बल्कि एक अधिकार है। ब्रिटेन में रहने वाले पाकिस्तानी कार्यकर्ता अजहर अहमद ने भी इस कार्रवाई पर सवाल उठाए। उनका कहना है कि किसी पत्रकार के खिलाफ आतंकवाद रोधी कानून का इस्तेमाल बेहद चिंताजनक है। इससे उन पत्रकारों में डर पैदा हो सकता है, जो विरोध प्रदर्शनों, सरकारी कार्रवाई और मानवाधिकारों की स्थिति पर रिपोर्टिंग करते हैं। न्यूयॉर्क की पाकिस्तानी खोजी पत्रकार अरीबा फातिमा ने भी सवाल उठाया कि इरशाद के खिलाफ न कोई मुकदमा है और न अदालत का आदेश, फिर उन्हें आतंकवाद से जुड़ी निगरानी सूची में किस आधार पर डाला गया? सिर्फ

अमेरिका ने कनाडा पर 50% टैरिफ लगाया:तीन दिन की बातचीत के बाद समझौता नहीं हुआ

अमेरिका ने कनाडा पर 50% टैरिफ लगाया:तीन दिन की बातचीत के बाद समझौता नहीं हुआ

अमेरिका ने कनाडा से आने वाले 20 अरब डॉलर से ज्यादा के सामान पर 50 फीसदी टैरिफ लगाया है। यह कदम दोनों देशों के ट्रेड बातचीत के बाद समझौता नहीं होने के बाद उठाया गया। अमेरिका और कनाडा के अधिकारियों ने वॉशिंगटन डीसी में तीन दिन की बातचीत की थी, लेकिन व्यापार समझौता फाइनल नहीं हो सका। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प की तय समय सीमा शनिवार को खत्म हो गई है। कनाडा के प्रधानमंत्री मार्क कार्नी ने कहा कि उनका देश इन नए टैरिफ का जवाब “डॉलर फॉर डॉलर” देगा। यानी कनाडा भी अमेरिका के सामान पर उतने ही मूल्य का टैरिफ लगाएगा। खबर लगातार अपडेट हो रही है…