मारियो अमेरिका के महान रेसर, ‘औसत’ होने से नफरत थी:सर्वश्रेष्ठ खिलाड़ियों को हराने पर फोकस, संतुष्ट होने के बजाय खुद को चुनौती देते रहे

अमेरिका के महानतम रेसर्स में से एक और 86 वर्षीय मारियो एंड्रेटी फॉर्मूला-1 में ड्राइवर्स चैम्पियनशिप जीतने वाले मात्र दो अमेरिकियों में से एक हैं। इसके अलावा उन्होंने इंडियानापोलिस 500 और डायटोना 500 जैसे मोटर रेसिंग के सबसे प्रतिष्ठित खिताब भी जीते हैं। मारियो की यह कहानी हर उस इंसान के लिए एक बड़ा सबक है, जो अपने जीवन या करियर में शिखर पर पहुंचना चाहता है। मारियो अपनी सफलता का सबसे बड़ा राज अपनी सोच को मानते हैं। वे कहते हैं, ‘मुझे औसत होने से नफरत है। या यूं कहें कि मैं इसका बिल्कुल सम्मान नहीं करता, क्योंकि यह बहुत सुविधाजनक है। इसमें कोई स्ट्रेस नहीं है।’ जब उन्होंने रेसिंग के टॉप लेवल पर कदम रखा, तो उनका लक्ष्य सिर्फ हिस्सा लेना नहीं था, बल्कि उन दिग्गजों को हराना था जो उस समय शिखर पर थे। शुरुआती दिनों का एक किस्सा साझा करते हुए मारियो बताते हैं- उस दौर के महानतम रेसर्स में से एक ए.जे. फोयट थे। वे मारियो से पांच साल बड़े और एक स्थापित चैम्पियन थे। मारियो के क्रू चीफ ने उनसे कहा था कि मारियो, बस कार को सुरक्षित वापस ले आओ। फोयट को हराने के बारे में सोचना भी मत। लेकिन मारियो ने सोचा कि अगर वे उन्हें हरा ही नहीं सकते, तो वे इस रेस में कर क्या रहे हैं? मारियो ने हार नहीं मानी। उन्होंने सीधे टॉप पर पहुंचने का लक्ष्य रखा और जब उन्होंने फोयट को हराया, तो वह उनके लिए जीवन की सबसे बड़ी संतुष्टि का पल था। इंडिकार के टॉप लेवल के अपने पहले ही साल में मारियो नेशनल चैम्पियनशिप जीतने वाले सबसे कम उम्र के ड्राइवर बन गए थे। कई लोगों ने कहा कि यह महज उनकी किस्मत थी। मारियो ने इसे एक नई चुनौती के रूप में लिया। उन्होंने एक और चैम्पियनशिप जीती, फिर दो बार दूसरे स्थान पर रहे और फिर एक और खिताब जीता। मारियो कहते हैं, ‘जिस बात ने मुझे हमेशा प्रेरित किया, वह यह थी कि मैं अपनी उपलब्धियों से कभी संतुष्ट नहीं हुआ। मैं यह साबित करना चाहता था कि मेरी जीत कोई तुक्का नहीं थी। मैं हमेशा खुद को चुनौती देता रहा।’ 86 वर्ष की उम्र में भी मारियो थमे नहीं हैं। वे बेटे माइकल के साथ मिलकर फॉर्मूला-1 में एक नई अमेरिकी टीम शुरू करने की दिशा में काम कर रहे हैं। मारियो के शब्दों में, ‘आसान काम तो कोई भी कर सकता है, उसमें कोई संतुष्टि नहीं है। मुझे अब भी कुछ नया करने का इंतजार रहता है और यही बात मुझे जिंदा रखती है।’ बदलाव को अपनाया, अपनी ड्राइविंग स्टाइल तक चेंज की जब आप एक प्रतिस्पर्धी माहौल में होते हैं, तो आप एक जगह रुक नहीं सकते। साल 1977 में रेसिंग कारों के एयरोडायनामिक्स में ‘ग्राउंड इफेक्ट्स’ के रूप में एक बड़ी क्रांति आई। इसके लिए मारियो को अपना ड्राइविंग स्टाइल तक बदलना पड़ा। उन्होंने इस बदलाव का खुले दिल से स्वागत किया क्योंकि वे इसके फायदे देख पा रहे थे। मारियो कहते हैं, ‘हमारे खेल में कोई गोल्फ क्लब या बल्ला नहीं होता। हमारे पास एक रेस कार होती है जिसमें सैकड़ों पुर्जे होते हैं। सही बदलावों के साथ, आप कार को और तेज बना सकते हैं।’
चांदी आज ₹1,214 बढ़कर ₹2.51 लाख पर पहुंची:सोना ₹347 बढ़कर ₹1.52 लाख का 10 ग्राम हुआ, इस साल ₹19 हजार हो चुका

सोने-चांदी की कीमतों में आज यानी 20 अप्रैल को बढ़त है। इंडिया बुलियन एंड ज्वेलर्स एसोसिएशन (IBJA) के मुताबिक, 10 ग्राम 24 कैरेट सोना 347 रुपए बढ़कर 1.52 लाख रुपए पहुंच गया है। वहीं, एक किलो चांदी 1,214 रुपए बढ़कर 2.51 लाख रुपए पर पहुंच गई है। सोना इस साल 19 हजार और चांदी 21 हजार महंगी इस साल सोने-चांदी की कीमत में लगातार उतार-चढ़ाव देखने को मिल रहा है। सोना 2026 में अब तक 19 हजार रुपए और चांदी 21 हजार रुपए महंगी हुई है। 31 दिसंबर 2025 को 10g सोना 1.33 लाख रुपए पर था, जो अब 1.52 लाख रुपए पर पहुंच गया है। वहीं, चांदी 2.30 लाख रुपए किलो थी, जो अब 2.51 लाख रुपए पर पहुंच गई है। इस दौरान 29 जनवरी को सोने ने 1.76 लाख रुपए और चांदी ने 3.86 लाख रुपए का ऑलटाइम हाई भी बनाया था। ज्वेलर्स से सोना खरीदते समय इन 2 बातों का रखें ध्यान 1. सर्टिफाइड गोल्ड ही खरीदें: हमेशा ब्यूरो ऑफ इंडियन स्टैंडर्ड (BIS) का हॉलमार्क लगा हुआ सर्टिफाइड गोल्ड ही खरीदें। ये नंबर अल्फान्यूमेरिक यानी कुछ इस तरह से हो सकता है- AZ4524। हॉलमार्किंग से पता चलता है कि सोना कितने कैरेट का है। 2. कीमत क्रॉस चेक करें: सोने का सही वजन और खरीदने के दिन उसकी कीमत कई सोर्सेज (जैसे इंडिया बुलियन एंड ज्वेलर्स एसोसिएशन की वेबसाइट) से क्रॉस चेक करें। सोने का भाव 24 कैरेट, 22 कैरेट और 18 कैरेट के हिसाब से अलग-अलग होता है। असली चांदी की पहचान करने के 4 तरीके
सीधी के वार्ड 19 में गंदगी फैलाने पर होगी FIR:नालियों में कचरा फेंकने पर लगेगा जुर्माना; पार्षद पूनम सोनी ने चलाया विशेष अभियान

सीधी शहर के वार्ड क्रमांक 19 में सोमवार को स्वच्छता व्यवस्था दुरुस्त करने के लिए विशेष अभियान चलाया गया। वार्ड पार्षद और भाजपा महिला मोर्चा जिलाध्यक्ष पूनम सोनी ने वार्ड का भ्रमण कर सफाई का जायजा लिया। इस दौरान उन्होंने नागरिकों को कड़ी चेतावनी दी कि घर या दुकान के सामने गंदगी मिलने पर अब सीधे जुर्माना वसूला जाएगा और एफआईआर भी दर्ज कराई जाएगी। नालियों में कचरा फेंकने से बढ़ रही बीमारियां निरीक्षण के दौरान पार्षद ने पाया कि कई रहवासी और दुकानदार सब्जियों के अवशेष, पॉलिथीन और अन्य कचरा सीधे नालियों में फेंक रहे हैं। इससे नालियां जाम हो रही हैं और गंदगी के कारण मच्छर व बीमारियां पनप रही हैं। इस दौरान पार्षद ने कहा कि शहर को स्वच्छ रखना केवल नगर पालिका की ही नहीं, बल्कि हर नागरिक की जिम्मेदारी है। सफाईकर्मियों की शिकायत पर एक्शन सफाईकर्मी राम भजन ने बताया कि सुबह-शाम नियमित सफाई के बावजूद लोग कुछ ही घंटों में दोबारा कचरा फैला देते हैं। हाल ही में कचरा जमा होने से शहर के 6 वार्डों की नालियां पूरी तरह जाम हो गई थीं, जिसे साफ करने के लिए नगर पालिका को विशेष रेस्क्यू अभियान चलाना पड़ा था। इसी के मद्देनजर अब वार्ड में सख्ती बरती जा रही है। स्वच्छता वाहन के साथ वार्ड में चलाया सफाई अभियान अभियान के तहत पार्षद पूनम सोनी ने स्वच्छता वाहन और सफाईकर्मियों की टीम को साथ लेकर पूरे वार्ड में सघन सफाई करवाई। उन्होंने लोगों से कचरा केवल डस्टबिन या स्वच्छता वाहन में ही डालने की अपील की। पार्षद पूनम सोनी ने कहा- बार-बार चेतावनी के बाद भी लापरवाही करने वालों पर कानूनी कार्रवाई करने में संकोच नहीं किया जाएगा।
मणिपुर में प्रदर्शनकारियों-सुरक्षा बलों में झड़प, आंसू गैस छोड़ी:मशाल रैली रोकने पर टकराव हुआ; सगोलबंद हिंसा में 21 गिरफ्तार

मणिपुर में शटडाउन के बीच रविवार रात कई इलाकों में प्रदर्शन हुए। इंफाल ईस्ट के कोईरेंगेई, इंफाल वेस्ट के उरिपोक और कक्चिंग जिले में मशाल रैलियां निकाली गईं। कक्चिंग में प्रदर्शनकारियों और सुरक्षा बलों के बीच झड़प हुई। भीड़ को हटाने के लिए सुरक्षा बलों ने आंसू गैस, स्मोक बम और स्टन ग्रेनेड का इस्तेमाल किया। प्रदर्शनकारियों ने पथराव किया। झड़प में कई लोग घायल हुए, जिन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया है। दरअसल, 6 अप्रैल को ट्रोंग्लाओबी आवांग लेइकाई एक घर पर बम धमाके में दो बच्चों की मौत हुई थी। इन्हीं के न्याय के लिए प्रदर्शन हो रहे है। हालात को काबू में करने के लिए रैपिड एक्शन फोर्स (RAF) तैनात की गई। प्रदर्शन और झड़प की 5 तस्वीरें… पुलिस बोली- रैलियों की आड़ में हमले इंफाल वेस्ट के एसपी शिवकांत सिंह ने कहा कि हाल के प्रदर्शनों में कुछ असामाजिक तत्व रैलियों का फायदा उठाकर सुरक्षाबलों पर हमला कर रहे हैं। उन्होंने बताया कि हमलों में लोहे के प्रोजेक्टाइल, गुलेल, पत्थर और पेट्रोल बम का इस्तेमाल किया गया। कई लोग नशे की हालत में भी पाए गए। ऐसे लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। सगोलबंद हिंसा में 21 गिरफ्तार पुलिस ने 18 अप्रैल को पातसोई से सगोलबंद के बीच इम्फाल-जिरीबाम रोड पर निकाली गई मशाल रैली के दौरान हुई हिंसा के मामले में 21 लोगों को गिरफ्तार किया है। रैली के दौरान भीड़ ने पथराव, पेट्रोल बम और गुलेल का इस्तेमाल किया, जिससे कई सुरक्षाकर्मी घायल हुए। सीआरपीएफ की 232वीं बटालियन के तीन जवान गंभीर रूप से घायल हुए, जबकि सरकारी वाहनों को भी नुकसान पहुंचाया गया। गिरफ्तार किए गए लोगों में सगोलबंद, तेरा, उरिपोक, ब्रह्मापुर, लांगथाबल, नगामापाल, नाओरेमथोंग और थांगमेइबंद समेत इंफाल के कई इलाकों के निवासी शामिल हैं। 5 दिनों तक शटडाउन मेइरा पाइबी संगठन ने हमले के आरोपियों की 25 अप्रैल तक गिरफ्तारी की मांग की है। घाटी के जिलों में पहले से ही 5 दिन का टोटल शटडाउन जारी है। वहीं, नागा बहुल इलाकों में अलग से 3 दिन का बंद बुलाया गया है। बाजार बंद होने से सामान्य जनजीवन प्रभावित हुआ है। अब समझें 6-7 अप्रैल को क्या हुआ… बम हमले में 2 बच्चों की मौत, फिर प्रदर्शनकारियों का CRPF कैंप पर हमला 6 अप्रैल को मणिपुर के बिष्णुपुर जिले में मोइरांग ट्रोंगलाओबी इलाके में देर रात उग्रवादियों ने एक घर में बम फेंक दिया था। इसमें 5 साल के एक लड़के और छह महीने की बच्ची की मौत हो गई। पुलिस ऑफिसर ने बताया कि जब घर में बम फटा, तब बच्चे अपनी मां के साथ बेडरूम में सो रहे थे। इसके बाद भीड़ ने घटनास्थल से 100 मीटर दूर CRPF कैंप पर भी हमला कर दिया। जवाबी फायरिंग में 2 की मौत हो गई, पांच घायल हो गए। मणिपुर सरकार ने मौजूदा कानून-व्यवस्था की स्थिति को देखते हुए, इंफाल वेस्ट, इंफाल ईस्ट, थौबल, काकचिंग और बिष्णुपुर जिलों में इंटरनेट और मोबाइल डेटा सर्विस को 3 दिनों के लिए बंद कर दिया था। ————- ये खबर भी पढ़ें… मणिपुर हिंसा-घायल मां से 3 दिन बच्चों की मौत छिपाई:अस्पताल में अखबार से सच पता चला; बम हमले में 2 बच्चों की मौत हुई थी मणिपुर के बिष्णुपुर जिले के मोइरांग ट्रोंगलाओबी में 6 अप्रैल की आधी रात एक घर पर बम से हमला हुआ। इसमें 5 साल के बेटे और 6 महीने की बच्ची की मौत हो गई, जबकि उनकी मां बिनाता ओइनाम गंभीर रूप से घायल हो गईं। पूरी खबर पढ़ें…
अवैध रेत उत्खनन पर कार्रवाई, पनडुब्बी मशीन जलाकर नष्ट:शिवपुरी के नरवर में शिकायतों के बाद पहुंची थी टीम

शिवपुरी में अवैध रेत उत्खनन के खिलाफ प्रशासन ने सख्त कार्रवाई की है। कलेक्टर अर्पित वर्मा के निर्देश पर एसडीएम अनुराग निंगवाल के नेतृत्व में राजस्व और प्रशासनिक टीम ने नरवर तहसील के ग्राम अंदौरा में छापा मारा। इस दौरान अवैध उत्खनन में लगी एक पनडुब्बी मशीन को मौके पर ही जलाकर नष्ट कर दिया गया। ग्राम अंदौरा के नदी क्षेत्र में लंबे समय से अवैध रेत उत्खनन की शिकायतें प्राप्त हो रही थीं। इन्हीं शिकायतों के आधार पर रविवार शाम एसडीएम अनुराग निंगवाल और तहसीलदार ललित शर्मा अपनी टीम के साथ मौके पर पहुंचे। कार्रवाई के दौरान पनडुब्बी मशीन के माध्यम से अवैध उत्खनन किया जा रहा था, जिसे तुरंत जब्त कर नष्ट कर दिया गया। प्रशासनिक अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि क्षेत्र में किसी भी प्रकार का अवैध खनन बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। इसमें संलिप्त पाए जाने वाले व्यक्तियों के खिलाफ कड़ी वैधानिक कार्रवाई की जाएगी। इस कार्रवाई के बाद अवैध उत्खनन गतिविधियों में शामिल लोगों में हड़कंप मच गया है। उल्लेखनीय है कि इससे पहले करैरा तहसील के थनरा चौकी क्षेत्र में भी अवैध रेत परिवहन करते एक ट्रैक्टर को जब्त कर पुलिस को सौंपा गया था। प्रशासन की लगातार सख्ती से अवैध खनन माफियाओं पर शिकंजा कसता नजर आ रहा है।
रविवार देर रात लालगांव रोड पर भीषण सड़क हादसा:बाइक सवार की मौके पर मौत, महिला गंभीर घायल

रीवा जिले के बैकुंठपुर थाना क्षेत्र में रविवार देर रात एक दर्दनाक सड़क हादसा सामने आया। लालगांव रोड स्थित ग्राम सौर के पास एक बाइक और पिकअप वाहन की जोरदार टक्कर हो गई, जिसमें बाइक सवार एक व्यक्ति की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि उसके साथ बैठी महिला गंभीर रूप से घायल हो गई। ग्रामीणों के अनुसार, बाइक सवार व्यक्ति एक महिला को लेकर बैकुंठपुर से लालगांव की ओर जा रहा था। इसी दौरान सौर गांव के पास सामने से आ रहे पिकअप वाहन से उसकी सीधी भिड़ंत हो गई। टक्कर इतनी भीषण थी कि बाइक सवार ने घटनास्थल पर ही दम तोड़ दिया। हादसे में घायल महिला को स्थानीय लोगों की मदद से तत्काल अस्पताल भेजा गया, जहां उसकी हालत गंभीर बनी हुई है। फिलहाल मृतक और घायल महिला की पहचान नहीं हो पाई है। घटना की सूचना मिलते ही बैकुंठपुर थाना पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पंचनामा कार्रवाई शुरू कर दी है। साथ ही दुर्घटना के कारणों की जांच की जा रही है। पुलिस पिकअप वाहन और उसके चालक की तलाश में जुटी हुई है। हादसे के बाद क्षेत्र में शोक का माहौल है, वहीं स्थानीय लोग सड़क सुरक्षा को लेकर चिंता जता रहे हैं।
ग्वालियर में पारा 42.4 डिग्री पर पहुंचा:सीजन का सबसे गर्म दिन, रातें भी हो रही गर्म; जनजीवन प्रभावित

ग्वालियर में इस बार गर्मी ने समय से पहले ही अपने तीखे तेवर दिखाने शुरू कर दिए हैं। रविवार को शहर का अधिकतम तापमान 42.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो इस सीजन का अब तक का सबसे अधिक है। तेज धूप और गर्म हवाओं के चलते जनजीवन प्रभावित रहा, वहीं रविवार की रात भी गर्म रही और न्यूनतम तापमान 23 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। रविवार को सुबह 11 बजे से शाम 6 बजे तक करीब आठ घंटे तक तापमान 39 डिग्री सेल्सियस से ऊपर बना रहा। भीषण गर्मी के कारण दोपहर के समय सड़कों पर सन्नाटा पसरा रहा, बाजारों और सार्वजनिक स्थानों पर लोगों की आवाजाही भी कम देखने को मिली। लोग गर्मी से बचने के लिए छांव और ठंडी जगहों का सहारा लेते नजर आए। पश्चिमी विक्षोभ से हल्की राहत के आसार मौसम विभाग के अनुसार राजस्थान की ओर से आ रही गर्म हवाओं के कारण तापमान में लगातार बढ़ोतरी हो रही है। फिलहाल बारिश की कोई संभावना नहीं है, जिससे आने वाले दिनों में गर्मी और तेज होने की आशंका जताई जा रही है। हालांकि, पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव से हल्की राहत मिल सकती है, लेकिन इसका असर सीमित रहने की संभावना है। पिछले दिनों के तापमान पर नजर डालें तो बढ़ोतरी का सिलसिला लगातार जारी है। 15 अप्रैल को अधिकतम तापमान 40.2 डिग्री, 16 अप्रैल को 40.5 डिग्री, 17 अप्रैल को 41.9 डिग्री, 18 अप्रैल को 42.1 डिग्री और 19 अप्रैल को 42.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। यह आंकड़े साफ संकेत देते हैं कि गर्मी लगातार अपने चरम की ओर बढ़ रही है। स्वास्थ्य विभाग ने एडवाइजरी जारी की इधर, बढ़ती गर्मी को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग ने भी एडवाइजरी जारी की है। बच्चों, बुजुर्गों और बीमार व्यक्तियों को दोपहर के समय घर से बाहर न निकलने की सलाह दी गई है। डॉक्टरों ने लू से बचाव के लिए पर्याप्त पानी पीने, हल्के और ढीले कपड़े पहनने तथा धूप में निकलते समय सिर ढकने की सलाह दी है।
लेडीज संगीत पर डांस करने पर भाभी की हत्या:रोहतक में पड़ोसियों के घर देखकर भड़का जेठ, दरात से मुंह, छाती और हाथ काटे

रोहतक में जेठ ने दरात से काटकर अपनी भाभी की हत्या कर दी। महिला पड़ोसियों के यहां लेडीज संगीत पर गई थी। वहां उसे डांस करता देख जेठ भड़क गया। जैसे ही महिला घर आई तो उसने दरात से उस पर हमला किया। उसने मुंह, छाती, हाथ समेत शरीर के कई हिस्सों पर वार किए। हमला करने के बाद जेठ फरार हो गया। सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची। इसके बाद शव कब्जे में लेकर पोस्टमॉर्टम के लिए भिजवाया गया। महिला के मायके वालों की तरफ से पुलिस के खिलाफ शिकायत दी गई है। अब सिलसिलेवार जानिए पूरा मामला… पड़ोसियों के घर लेडीज संगीत पर गई रोहतक के रिठाल गांव निवासी सुखबीर फोगाट के पड़ोसियों के यहां शादी है। रविवार रात को उनके लेडीज संगीत था। सुखबीर की पत्नी प्रवेश (39) उनके बुलावे पर वहां गई थी। उसने वहां अन्य महिलाओं के साथ डांस भी किया। घर आते ही जेठी ने दरात से हमला किया परिवार के मुताबिक, जैसे ही प्रवेश वहां डांस करने के बाद लौटी तो घर पर जेठ जसबीर फोगाट ने उससे डांस करने पर झगड़ा करना शुरू कर दिया। तभी जसबीर घर में रखी दरात उठाकर लाया और अपनी भाभी पर हमला कर दिया। उसने मुंह, पेट और हाथ पर वार किए और फरार हो गया। बच्चे सो रहे थे, पति PGI में था उस समय प्रवेश के तीनों बच्चे घर में सो रहे थे। जबकि उसका पति सुखबीर अपनी मां को इलाज के लिए रोहतक PGI लेकर गया हुआ था। प्रवेश को खून से लथपथ छोड़कर जसबीर फरार हो गया। सुखबीर जब घर आया तो प्रवेश खून से लथपथ हालत में मिली। प्रवेश को PGI लेकर जाया गया, वहां इलाज के दौरान उसने दम तोड़ दिया। पुलिस मामले में कर रही जांच सदर थाना पुलिस ने बताया कि उन्हें एक महिला की हत्या होने की सूचना मिली है। इसके बाद वह मौके पर पहुंचे और शव को कब्जे में लेकर जांच शुरू कर दी। पुलिस मामले में मृतका के परिजनों की शिकायत पर आरोपी की तलाश कर रही है। जल्द आरोपी को गिरफ्तार कर लिया जाएगा।
पूरे भारत में कितने एम्स हैं? दिल्ली के अलावा कहां-कहां करा सकते हैं हाई क्वालिटी वाला इलाज

Last Updated:April 20, 2026, 09:26 IST Best AIIMS Hospitals in India: एम्स दिल्ली को दुनिया के सबसे बेहतरीन अस्पतालों में गिना जाता है. यहां बेस्ट ट्रीटमेंट किया जाता है और इलाज में बेहद कम पैसे खर्च होते हैं. हालांकि भारत में सिर्फ एक ही एम्स नहीं है, बल्कि 20 एम्स बनाए जा चुके हैं. इन सभी एम्स में मरीजों का बेहद सस्ते में अच्छा इलाज किया जा रहा है. अगर आप दिल्ली एम्स नहीं जा पा रहे हैं, तो अपने नजदीकी एम्स जाकर बेहतरीन ट्रीटमेंट करवा सकते हैं. देश में इस वक्त 5 एम्स अंडर कंस्ट्र्क्शन हैं. भारत में कुल 25 एम्स हैं, जिनमें से 20 अस्पताल पूरी तरह फंक्शनल हैं. List of AIIMS Hospitals in India: जब भी बेहतरीन इलाज की बात होती है, तब अधिकतर लोगों की जुबां पर दिल्ली एम्स का नाम आता है. देश के कोने-कोने से लाखों लोग हर साल एम्स दिल्ली में अपना इलाज कराने आते हैं. दिल्ली एम्स देश ही नहीं, बल्कि दुनिया के सबसे बेहतरीन अस्पतालों में शुमार है. यहां बेहद सस्ते में हाई क्वालिटी ट्रीटमेंट किया जाता है. साल 1956 में बेहतर और सस्ती स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने के लिए अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (AIIMS) की स्थापना की गई थी. धीरे-धीरे देश में नए एम्स बनते गए और आज देशभर में 20 एम्स बन चुके हैं और यहां लाखों मरीज अपना इलाज करवा रहे हैं. अब लोगों को अपने ही राज्य या नजदीकी क्षेत्र में हाई क्वालिटी इलाज मिलना संभव हो गया है. दिल्ली एम्स सबसे पुराना और बेस्ट एम्स दिल्ली सबसे पुराना और बेस्ट हॉस्पिटल है. यह देश ही नहीं, बल्कि दुनिया के बेहतरीन सरकारी अस्पतालों में गिना जाता है. यहां सुपर स्पेशलिटी ट्रीटमेंट, एडवांस रिसर्च और अनुभवी डॉक्टरों की टीम मौजूद है. दिल्ली के अलावा देश के कई हिस्सों में स्थापित AIIMS भी अब हाई क्वालिटी इलाज के लिए जाने जाते हैं. सेंट्रल इंडिया में एम्स भोपाल (मध्य प्रदेश), एम्स रायपुर (छत्तीसगढ़) और एम्स नागपुर (महाराष्ट्र) जैसे संस्थान बेहतरीन स्वास्थ्य सुविधाएं प्रदान कर रहे हैं. ये अस्पताल कार्डियोलॉजी, न्यूरोलॉजी और ट्रॉमा केयर जैसी आधुनिक सुविधाएं दे रहे हैं. अगर आप दिल्ली नहीं आ सकते हैं, तो यहां जा सकते हैं. सेहत, रिलेशनशिप, लाइफ या धर्म-ज्योतिष से जुड़ी है कोई निजी उलझन तो हमें करें WhatsApp, आपका नाम गोपनीय रखकर देंगे जानकारी. पूर्वी भारत में एम्स भुवनेश्वर (ओडिशा), एम्स पटना (बिहार) और एम्स कल्याणी (पश्चिम बंगाल) लाखों लोगों को हाई क्वालिटी ट्रीटमेंट दे रहे हैं. इन अस्पतालों में विशेषज्ञ डॉक्टरों के साथ-साथ आधुनिक उपकरणों की सुविधा भी उपलब्ध है, जिससे गंभीर बीमारियों का इलाज संभव हो पाता है. उत्तर भारत की बात करें, तो यहां एम्स ऋषिकेश (उत्तराखंड), एम्स गोरखपुर (उत्तर प्रदेश), एम्स जोधपुर (राजस्थान), एम्स बठिंडा (पंजाब) और एम्स रायबरेली (उत्तर प्रदेश) जैसे संस्थान मरीजों को बेहतरीन स्वास्थ्य सेवाएं दे रहे हैं. खासकर ग्रामीण और दूरदराज के इलाकों के लोगों के लिए ये अस्पताल वरदान साबित हो रहे हैं. दक्षिण और पश्चिम भारत में भी AIIMS का विस्तार हुआ है. एम्स मंगलागिरी (आंध्र प्रदेश), एम्स बिबीनगर (तेलंगाना) और एम्स राजकोट (गुजरात) जैसे संस्थान इस दिशा में अहम भूमिका निभा रहे हैं. वहीं एम्स बिलासपुर (हिमाचल प्रदेश) और एम्स विजयपुर (जम्मू-कश्मीर) भी मरीजों के इलाज में अग्रणी बन रहे हैं. पूर्वोत्तर और अन्य क्षेत्रों में एम्स गुवाहाटी (असम) और एम्स देवघर (झारखंड) जैसे संस्थान स्वास्थ्य सेवाओं की पहुंच को और बढ़ा रहे हैं. इसके अलावा एम्स मदुरै (तमिलनाडु) भी ऑपरेशनल है और यहां मरीजों का बेहतरीन इलाज किया जा रहा है. इन 5 एम्स का चल रहा निर्माण कार्य देश में लगातार नए एम्स बनाने का काम चल रहा है. इस वक्त बिहार के दरभंगा, हरियाणा के रेवाड़ी, जम्मू-कश्मीर के अवंतीपोरा, हरियाणा के मनेठी और मणिपुर में एम्स अंडर कंस्ट्रक्शन हैं. इन 5 एम्स का निर्माण कार्य पूरा होने के बाद भारत में कुल 25 एम्स बन जाएंगे, जिससे लोगों को उनके ही राज्य में बेहतरीन इलाज की सुविधाएं मिल सकेंगी. इस वक्त अधिकतर लोग दिल्ली एम्स में इलाज कराने के लिए भागते हैं, लेकिन जब सभी एम्स ऑपरेशनल हो जाएंगे, तब लोगों को नजदीक में ही सभी बीमारियों का सस्ता और अच्छा इलाज मिलने लगेगा. About the Author अमित उपाध्याय अमित उपाध्याय News18 Hindi की लाइफस्टाइल टीम के अनुभवी पत्रकार हैं, जिनके पास प्रिंट और डिजिटल मीडिया में 9 वर्षों से अधिक का अनुभव है। वे हेल्थ, वेलनेस और लाइफस्टाइल से जुड़ी रिसर्च-बेस्ड और डॉक्टर्स के इंटरव्…और पढ़ें News18 न्यूजलेटर अब ईमेल पर इनसाइड स्टोरीज खबरों के पीछे की खबर अब आपके इनबॉक्स में सबमिट करें First Published : April 20, 2026, 09:26 IST
सेंसेक्स 100 अंक गिरकर 78,400 पर कारोबार कर रहा:निफ्टी में 50 अंक की गिरावट, बैंकिंग और IT शेयर्स में बिकवाली

शेयर बाजार में आज यानी सोमवार, 20 अप्रैल को गिरावट है। सेंसेक्स करीब 100 अंक की गिरावट के साथ 78,400 पर कारोबार कर रहा है। निफ्टी में भी करीब 50 अंक की गिरावट है, ये 24,300 के स्तर पर आ गया है। आज बैंकिंग और IT शेयर्स में ज्यादा बिकवाली है। एशियाई बाजारों में तेजी अमेरिकी बाजार 17 अप्रैल को चढ़कर बंद हुए शुक्रवार को बाजार में रही थी तेजी इससे पहले शुक्रवार यानी 17 अप्रैल को सेंसेक्स 505 अंक (0.65%) की तेजी के साथ 78,494 पर बंद हुआ था। निफ्टी में भी 157 अंकों (0.65%) की तेजी रही थी, ये 24,354 पर बंद हुआ था।





