Friday, 02 Oct 2026 | 11:07 AM

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सलमान खान की फिल्म ‘राजा शिवाजी’ में एंट्री कन्फर्म:रितेश देशमुख ने बिग बॉस मराठी में किया खुलासा, रोल पर सस्पेंस बरकरार

सलमान खान की फिल्म ‘राजा शिवाजी’ में एंट्री कन्फर्म:रितेश देशमुख ने बिग बॉस मराठी में किया खुलासा, रोल पर सस्पेंस बरकरार

बॉलीवुड सुपरस्टार सलमान खान को लेकर एक बड़ी खबर सामने आई है, जिसने फैंस के बीच जबरदस्त एक्साइटमेंट पैदा कर दी है। अभिनेता-निर्देशक रितेश देशमुख ने अपनी अपकमिंग फिल्म ‘राजा शिवाजी’ में सलमान की एंट्री कन्फर्म कर दी है। रितेश देशमुख ने यह घोषणा हाल ही में ‘बिग बॉस मराठी सीजन 6’ के दौरान की। उन्होंने साफ कहा कि सलमान खान इस फिल्म में एक बड़ा और अहम रोल निभाने वाले हैं। इस खुलासे के बाद सोशल मीडिया पर फिल्म को लेकर चर्चा तेज हो गई है और फैंस अब सलमान के किरदार को लेकर कयास लगा रहे हैं। हालांकि, फिल्म में सलमान खान किस भूमिका में नजर आएंगे, इस पर अभी सस्पेंस बरकरार है। कुछ रिपोर्ट्स में दावा किया जा रहा है कि वह छत्रपति शिवाजी महाराज के करीबी सहयोगी जीवा महाला का किरदार निभा सकते हैं, लेकिन मेकर्स ने इस पर आधिकारिक तौर पर कुछ नहीं कहा है। ‘राजा शिवाजी’ एक भव्य ऐतिहासिक फिल्म है, जो मराठा साम्राज्य के संस्थापक छत्रपति शिवाजी महाराज के जीवन, वीरता और नेतृत्व पर आधारित है। इस फिल्म में रितेश देशमुख खुद शिवाजी महाराज की भूमिका निभा रहे हैं और इसके निर्देशन की कमान भी उन्होंने ही संभाली है। फिल्म की स्टार कास्ट भी काफी दमदार है। इसमें अभिषेक बच्चन, संजय दत्त, विद्या बालन और जेनेलिया देशमुख समेत कई बड़े नाम शामिल हैं। सलमान खान के जुड़ने से फिल्म का स्केल और भी बड़ा हो गया है, जिससे इसे पैन-इंडिया स्तर पर जबरदस्त फायदा मिलने की उम्मीद है। यह फिल्म 1 मई को सिनेमाघरों में रिलीज हो सकती है। फिलहाल, सलमान खान के रोल को लेकर बना सस्पेंस ही इस फिल्म की सबसे बड़ी चर्चा बन चुका है।

झाबुआ में NSUI ने पीएम-गृहमंत्री का पुतला जलाया:दिल्ली दूरदर्शन कार्यालय पर कार्यकर्ताओं की गिरफ्तारी के विरोध में प्रदर्शन किया

झाबुआ में NSUI ने पीएम-गृहमंत्री का पुतला जलाया:दिल्ली दूरदर्शन कार्यालय पर कार्यकर्ताओं की गिरफ्तारी के विरोध में प्रदर्शन किया

झाबुआ में NSUI ने दिल्ली में कार्यकर्ताओं की गिरफ्तारी के विरोध में सोमवार को प्रदर्शन किया। संगठन के सदस्यों ने शहीद चंद्रशेखर आजाद पीजी कॉलेज के मुख्य द्वार पर पीएम नरेंद्र मोदी और गृहमंत्री अमित शाह का पुतला जलाया। छात्र नेता दिल्ली पुलिस की कार्रवाई और दूरदर्शन के एंकर की टिप्पणी का विरोध कर रहे थे। दिल्ली पुलिस की कार्रवाई को बताया लोकतंत्र की हत्या NSUI जिलाध्यक्ष नरवेश अमलियार ने आरोप लगाया कि दिल्ली पुलिस द्वारा कार्यकर्ताओं को ढूंढ-ढूंढकर गिरफ्तार करना लोकतांत्रिक अधिकारों का हनन है। उन्होंने दूरदर्शन के एंकर अशोक श्रीवास्तव द्वारा नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के खिलाफ की गई टिप्पणी को अपमानजनक बताया। अमलियार ने कहा कि सार्वजनिक प्रसारक होने के बावजूद दूरदर्शन विशेष विचारधारा के प्रचार का माध्यम बन गया है। रिहाई न होने पर बड़े आंदोलन की चेतावनी संगठन ने स्पष्ट किया कि यदि दिल्ली में गिरफ्तार किए गए पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं को तत्काल रिहा नहीं किया गया, तो पूरे प्रदेश में उग्र आंदोलन किया जाएगा। प्रदर्शनकारियों ने मांग की है कि छात्र संगठन के लोकतांत्रिक विरोध को दबाने की कोशिश बंद की जाए। कार्यकर्ताओं ने कॉलेज परिसर के बाहर जमकर नारेबाजी कर अपना आक्रोश व्यक्त किया। बड़ी संख्या में छात्र नेता रहे मौजूद इस विरोध प्रदर्शन में एनएसयूआई नेता निलेश गणावा, जिला महामंत्री विनोद गणावा और मॉडल कॉलेज अध्यक्ष कांतिलाल भूरिया सहित दर्जनों पदाधिकारी शामिल हुए। संगठन मंत्री अनिल भाबोर और सतीश मेड़ा सहित अन्य कार्यकर्ताओं ने पुतला दहन कर दिल्ली पुलिस और केंद्र सरकार के खिलाफ प्रदर्शन में हिस्सा लिया। पुलिस ने एहतियात के तौर पर मौके पर सुरक्षा बल तैनात किया था।

इंदौर में शादी का झांसा देकर युवती से दुष्कर्म:उज्जैन और खाटू श्याम ले जाकर होटल में किया शोषण; आरोपी पर केस दर्ज

इंदौर में शादी का झांसा देकर युवती से दुष्कर्म:उज्जैन और खाटू श्याम ले जाकर होटल में किया शोषण; आरोपी पर केस दर्ज

इंदौर के आजाद नगर थाना क्षेत्र की 19 वर्षीय युवती की शिकायत पर पुलिस ने रविवार को एक युवक के खिलाफ दुष्कर्म का मामला दर्ज किया है। युवती ने आरोप लगाया है कि आरोपी ने दोस्ती कर शादी का झांसा दिया और करीब तीन महीने तक उसका शारीरिक शोषण करता रहा। इस दौरान वह उसे उज्जैन और खाटू श्याम जी मंदिर भी लेकर गया, जहां होटल में उसके साथ दुष्कर्म किया। आजाद नगर पुलिस के अनुसार पीड़िता की शिकायत पर बाला प्रसाद पुत्र कैलाश प्रसाद निवासी इंदिरा एकता नगर मूसाखेड़ी के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है। आरोपी मूल रूप से गुना का रहने वाला है और इंदौर में युवती के घर के पास किराए से रहता था, जिससे दोनों के बीच पहचान हुई। पहचान हुई तो दोनों ने मोबाइल नंबर ले लिए युवती ने बताया कि कुछ समय पहले दोनों के बीच बातचीत शुरू हुई और उन्होंने एक-दूसरे के मोबाइल नंबर ले लिए। 12 जनवरी की अलसुबह आरोपी ने उसे कॉल कर घर मिलने पहुंचा, जहां उसने शादी का वादा कर उसके साथ संबंध बनाए। इसके बाद भी वह लगातार शादी का आश्वासन देता रहा, लेकिन बात टालता रहा। आरोप है कि 15 मार्च को आरोपी ने फिर युवती को कॉल कर सुबह घर के बाहर बुलाया और अपने साथ उज्जैन ले गया। वहां दर्शन कराने के बाद होटल में उसके साथ दुष्कर्म किया। इसके बाद वह उसे खाटू श्याम लेकर गया, वहां भी होटल में उसके साथ दुष्कर्म किया गया। परिजनों से शादी की बात कहकर छोड़ गया 17 मार्च को आरोपी युवती को इंदौर के भंवरकुआ क्षेत्र में छोड़कर यह कहकर चला गया कि वह गुना जाकर परिवार से शादी की बात करेगा और वापस आएगा। इसके बाद उसने अपना मोबाइल बंद कर लिया और संपर्क खत्म कर दिया। घटना से आहत पीड़िता ने अपने परिजनों को पूरी जानकारी दी। इसके बाद रविवार को पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। दूसरी शादी की, बेटी होने पर पत्नी को किया प्रताड़ित हीरानगर थाना क्षेत्र में एक महिला ने अपने पति के खिलाफ रविवार को दहेज प्रताड़ना, मारपीट और धोखाधड़ी का मामला दर्ज कराया है। पुलिस के अनुसार 24 वर्षीय प्राची जाधव निवासी ग्राम छापरा तहसील सनावद ने बताया कि वह अभी मेघदूत नगर इंदौर में रह रही है। उनकी शादी अखिलेश जाधव से हुई थी। प्राची ने शिकायत में बताया कि शादी के 3-4 महीने बाद रिश्तेदारों से उन्हें पता चला कि अखिलेश पहले से ही शादीशुदा है। जब उन्होंने इस बारे में पति से सवाल किया तो वह विवाद करने लगा। पीड़िता के अनुसार लॉकडाउन में शादी होने के कारण मायके पक्ष से दहेज नहीं दिया गया था। इसी बात को लेकर पति अखिलेश शराब पीकर अक्सर मारपीट करता था। पीड़िता के पिता ने एक्टिवा गाड़ी दिलवाई, लेकिन उसने उसे भी बेच दिया। प्राची ने बताया कि 19 जुलाई 2022 को उसने एक बेटी को जन्म दिया। इसके बाद से पति और अधिक नाराज रहने लगा और उसे बेटी होने के ताने देता था। आरोपी का कहना था कि उसे बेटा चाहिए था। परेशान होकर उसने मामले में पुलिस को शिकायत की है।

शराब नीति केस में केजरीवाल की याचिका पर आज फैसला:जज बदलने की मांग; पिछली सुनवाई में कहा था- जज के परिवार का केंद्र से जुड़ाव

शराब नीति केस में केजरीवाल की याचिका पर आज फैसला:जज बदलने की मांग; पिछली सुनवाई में कहा था- जज के परिवार का केंद्र से जुड़ाव

दिल्ली हाईकोर्ट की जस्टिस स्वर्ण कांता शर्मा आज शाम 4:30 बजे शराब नीति मामले में पूर्व CM अरविंद केजरीवाल समेत 23 अन्य आरोपियों की रीक्यूजल याचिका पर फैसला सुनाएंगी। केजरीवाल और अन्य आरोपियों ने याचिका में जज से खुद को मामले से अलग करने की मांग की है। इससे पहले फैसला सुनाने का समय 2:30 बजे तय था। हालांकि, इसे दो घंटे बढ़ाया गया है। सुनवाई के दौरान केजरीवाल वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए पेश हुए। उन्होंने कहा कि उनकी ‘रिजॉइंडर’ (जवाबी दलील) को रिकॉर्ड में नहीं लिया गया है, जो न्याय का उल्लंघन है। इस पर कोर्ट ने कहा कि कानून में लिखित दलीलों पर ‘रिजॉइंडर’ का कोई प्रावधान नहीं है, लेकिन निष्पक्षता बनाए रखने के लिए इसे लिखित सबमिशन के तौर पर स्वीकार किया गया। वहीं, CBI की ओर से पेश सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने इसका विरोध करते हुए कहा कि आदेश सुरक्षित होने के बाद नई दलील स्वीकार नहीं की जानी चाहिए। केजरीवाल और अन्य ने जज पर पक्षपात और हितों के टकराव के आरोप लगाकर उनसे खुद को मामले से अलग करने (रीक्यूज) की मांग की है। 15 अप्रैल को पिछली सुनवाई में केजरीवाल ने दावा किया था कि जज का परिवार केंद्र सरकार से जुड़ा हुआ है।

शराब नीति केस में केजरीवाल की याचिका पर आज फैसला:जज बदलने की मांग; पिछली सुनवाई में कहा था- जज के परिवार का केंद्र से जुड़ाव

शराब नीति केस में केजरीवाल की याचिका पर आज फैसला:जज बदलने की मांग; पिछली सुनवाई में कहा था- जज के परिवार का केंद्र से जुड़ाव

दिल्ली हाईकोर्ट की जस्टिस स्वर्ण कांता शर्मा आज शाम 5:30 बजे शराब नीति मामले में पूर्व CM अरविंद केजरीवाल समेत 23 अन्य आरोपियों की रीक्यूजल याचिका पर फैसला सुनाएंगी। फैसला सुनाने का समय दो बार बढ़ाया गया है। पहले दोपहर 2:30 बजे समय तय था। इसके बाद 4:30 बजे और फिर शाम 5:30 बजे का समय तय हुआ है। केजरीवाल और अन्य आरोपियों ने जज पर पक्षपात और हितों के टकराव के आरोप लगाकर उनसे खुद को मामले से अलग करने की मांग की है। फैसले से पहले सुनवाई के दौरान केजरीवाल वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए पेश हुए। केजरीवाल ने कहा कि उनकी ‘रिजॉइंडर’ (जवाबी दलील) को रिकॉर्ड में नहीं लिया गया है, जो न्याय का उल्लंघन है। इस पर कोर्ट ने कहा कि कानून में लिखित दलीलों पर ‘रिजॉइंडर’ का कोई प्रावधान नहीं है, लेकिन निष्पक्षता बनाए रखने के लिए इसे लिखित सबमिशन के तौर पर स्वीकार किया गया। वहीं, CBI की ओर से पेश सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने इसका विरोध करते हुए कहा कि आदेश सुरक्षित होने के बाद नई दलील स्वीकार नहीं की जानी चाहिए। केजरीवाल बोले- जज के बच्चे SG मेहता के साथ काम करते हैं केजरीवाल ने 15 अप्रैल को कोर्ट में एक हलफनामा दायर किया था। इसमें केजरीवाल ने दावा किया था कि जज का परिवार केंद्र सरकार से जुड़ा हुआ है। हलफनामे के अनुसार, जस्टिस कांता के दोनों बच्चे सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता के साथ काम करते हैं। मेहता उनके बच्चों को केस सौंपते हैं। इससे पहले 13 अप्रैल को सुनवाई के दौरान केजरीवाल ने कहा था कि जस्टिस शर्मा राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ से जुड़े अखिल भारतीय अधिवक्ता परिषद के कार्यक्रम में 4 बार शामिल हो चुकी हैं। ऐसे में उन्हें केस से हटाया जाए। केजरीवाल ने कहा- 9 मार्च को दिल्ली हाईकोर्ट ने ट्रायल कोर्ट के आदेश को पहली नजर में गलत बता दिया। ट्रायल कोर्ट ने पूरे दिन सुनवाई कर फैसला दिया था, लेकिन हाईकोर्ट ने 5 मिनट की सुनवाई में उसे गलत बता दिया। तब मुझे लगा कि मामला पक्षपात की तरफ जा रहा है। मैंने चीफ जस्टिस को पत्र लिखा, लेकिन वह खारिज हो गया। इसके बाद मैंने यह आवेदन दिया। जज को हटाने की अर्जी क्यों, 5 पॉइंट्स में समझिए ट्रायल कोर्ट ने 27 फरवरी को आबकारी नीति मामले में केजरीवाल और 22 अन्य आरोपियों को बरी कर दिया था। इस आदेश को CBI ने चुनौती दी, जिसकी सुनवाई वर्तमान में जस्टिस शर्मा कर रही हैं। 9 मार्च को जस्टिस शर्मा ने नोटिस जारी किया और उस आदेश के उस हिस्से पर रोक लगा दी, जिसमें जांच अधिकारी के खिलाफ विभागीय कार्रवाई की बात कही गई थी। उन्होंने प्रारंभिक तौर पर यह भी कहा कि ट्रायल कोर्ट की कुछ टिप्पणियां गलत थीं और ट्रायल कोर्ट को PMLA (मनी लॉन्ड्रिंग) की कार्यवाही स्थगित करने का निर्देश दिया। इसके बाद केजरीवाल, मनीष सिसोदिया, दुर्गेश पाठक, विजय नायर समेत अन्य आरोपियों ने जस्टिस शर्मा को हटाने की अर्जी दाखिल की। जस्टिस कांता ने पूर्व AAP विधायक की याचिका से खुद को अलग किया केजरीवाल की याचिका पर फैसले से पहले जस्टिस स्वर्ण कांता ने पूर्व AAP विधायक नरेश बाल्यान की जमानत याचिका की सुनवाई से खुद को अलग कर लिया है। जस्टिस ने मामले से खुद को अलग करते समय कोई कारण नहीं बताया। यह मामला MCOCA से जुड़ा है। नरेश बाल्यान ने इस केस में जमानत के लिए हाईकोर्ट का रुख किया था। कानूनी प्रक्रिया के तहत, जब कोई जज किसी मामले की सुनवाई से खुद को अलग करता है, तो केस को दूसरी बेंच को ट्रांसफर कर दिया जाता है, जो आगे सुनवाई करती है। 27 फरवरी: ट्रायल कोर्ट ने केजरीवाल को बरी किया था ट्रायल कोर्ट ने 27 फरवरी को इस मामले में केजरीवाल सहित सभी 23 आरोपियों को राहत दी थी। ट्रायल कोर्ट ने इस मामले में CBI की जांच की कड़ी आलोचना भी की थी। ट्रायल कोर्ट के आदेश के खिलाफ CBI की याचिका पर जस्टिस स्वर्ण कांता शर्मा ने सुनवाई की थी। उन्होंने 9 मार्च को कहा था प्राइमा फेसी (पहली नजर में) ट्रायल कोर्ट की टिप्पणियां गलत लगती हैं और उन पर विचार जरूरी है। साथ ही, जस्टिस शर्मा की कोर्ट ने ट्रायल कोर्ट की ओर से CBI के जांच अधिकारी के खिलाफ विभागीय कार्रवाई शुरू करने की सिफारिश पर भी रोक लगा दी थी। केजरीवाल 156 दिन, सिसोदिया 530 दिन तक जेल में रहे दिल्ली सरकार ने 2021 में राजस्व बढ़ाने और शराब व्यापार में सुधार के लिए आबकारी नीति बनाई थी, जिसे बाद में अनियमितताओं के आरोप लगने के बाद वापस ले लिया गया। इसके बाद उपराज्यपाल विनय सक्सेना ने CBI जांच के आदेश दिए थे। CBI और प्रवर्तन निदेशालय (ED) का आरोप है कि इस नीति के जरिए निजी कंपनियों को लाभ पहुंचाया गया और इसमें भ्रष्टाचार हुआ। इस मामले में केजरीवाल को 2024 लोकसभा चुनाव के दौरान गिरफ्तार कर हिरासत में भेजा गया था। उन्हें 156 दिन की हिरासत के बाद सुप्रीम कोर्ट से जमानत मिली। वहीं सिसोदिया इस मामले में 530 दिन तक जेल में रहे। ———————————— ये खबर भी पढ़ें… दिल्ली शराब नीति केस-हाइकोर्ट का सभी 23 आरोपियों को नोटिस:CBI अफसर के खिलाफ की गई टिप्पणियों पर रोक, मनी लॉन्ड्रिंग केस में सुनवाई नहीं करने का आदेश दिल्ली हाईकोर्ट ने 9 मार्च को दिल्ली शराब नीति केस में पूर्व CM अरविंद केजरीवाल, पूर्व डिप्टी CM मनीष सिसोदिया समेत 23 आरोपियों को नोटिस जारी कर जवाब मांगा था। हाईकोर्ट ने ट्रायल कोर्ट की CBI अधिकारियों के खिलाफ की गई टिप्पणियों पर रोक लगा दी थी। पूरी खबर पढ़ें…

ड्रिप लाइन से दूल्हा-दुल्हन पर बरसी पानी की फुहारें:अक्षय तृतीया पर सामूहिक विवाह सम्मेलन में 32 जोड़ों ने लिए सात फेरे

ड्रिप लाइन से दूल्हा-दुल्हन पर बरसी पानी की फुहारें:अक्षय तृतीया पर सामूहिक विवाह सम्मेलन में 32 जोड़ों ने लिए सात फेरे

देवास में अक्षय तृतीया के अवसर पर शहर के कई स्थानों पर सामूहिक विवाह सम्मेलनों का आयोजन किया गया। इन आयोजनों में कुल 32 जोड़ों ने विवाह किया। भीषण गर्मी से राहत के लिए विशेष इंतजाम किए गए, जिनमें ड्रिप लाइन से पानी की फुहारें बरसाना और कूलर लगाना शामिल था। यादव गवली समाज का सामूहिक विवाह सम्मेलन केपी कॉलेज में संपन्न हुआ। इसमें 16 जोड़ों का विवाह कराया गया, जिनमें देवास सहित अन्य जिलों से आए दूल्हा-दुल्हन शामिल थे। सोमवार सुबह इन जोड़ों की बनौली (बारात) निकाली गई। इस दौरान दूल्हा घोड़ी पर सवार था, जबकि दुल्हन कार में बैठकर आई। गर्मी से राहत के लिए पानी की फुहार इसी तरह, श्री गुजराती रामी माली समाज द्वारा भी सामूहिक विवाह सम्मेलन का आयोजन किया गया। इस सम्मेलन में भी 16 जोड़ों का विवाह संपन्न हुआ। यहां दूल्हा-दुल्हन और उनके परिवारों के लिए गर्मी से बचाव के खास इंतजाम किए गए थे। आयोजकों ने 15 से अधिक कूलर लगाए थे। इसके अतिरिक्त, गर्मी से राहत देने के लिए ड्रिप लाइन की व्यवस्था की गई थी, जिससे दूल्हा-दुल्हन पर लगातार पानी की फुहारें बरसती रहीं। देखें तस्वीरें

फर्जी फाइल बनाने का दबाव, क्लर्क का सुसाइड:दतिया नपा CMO सहित 3 पर पत्नी ने FIR दर्ज कराई; मौत से पहले वीडियो बनाया था

फर्जी फाइल बनाने का दबाव, क्लर्क का सुसाइड:दतिया नपा CMO सहित 3 पर पत्नी ने FIR दर्ज कराई; मौत से पहले वीडियो बनाया था

दतिया नगर पालिका के स्थापना लिपिक दिलीप सिंह की आत्महत्या के मामले में सोमवार को बड़ा खुलासा हुआ है। मृतक की पत्नी ने झांसी के प्रेमनगर थाने में दतिया नगर पालिका के तत्कालीन सीएमओ (CMO) नागेंद्र सिंह गुर्जर सहित 3 लोगों पर फर्जी फाइल बनाने का दबाव डालने, प्रताड़ित करने और आत्महत्या के लिए उकसाने की शिकायत दर्ज कराई है। पत्नी का आरोप है कि फर्जीवाड़े से मना करने पर उन्हें प्रताड़ित कर कचरा गाड़ियों की गणना में लगा दिया गया था। वर्तमान में पत्नी की शिकायत और मृतक के एक सुसाइड वीडियो के आधार पर झांसी पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। 2011 की नियुक्ति को 2006 दिखाने का था दबाव, 50 हजार का ऑफर नराईपुरा नैनागढ़ निवासी माधुरी सिंह ने अपनी शिकायत में बताया कि उनके पति दिलीप सिंह दतिया नगर पालिका में स्थापना लिपिक के पद पर पदस्थ थे। आरोप है कि तत्कालीन सीएमओ नागेंद्र सिंह गुर्जर, कर्मचारी राजेश दुबे और धर्मेंद्र शर्मा उन पर वर्ष 2011 की एक नियुक्ति फाइल को वर्ष 2006 दिखाने के लिए फर्जी दस्तावेज तैयार करने का दबाव बना रहे थे। इसके एवज में दिलीप सिंह को 50 हजार रुपए देने की बात भी कही गई थी, लेकिन उन्होंने इस फर्जीवाड़े से साफ मना कर दिया था। इनकार करने पर दीं गालियां, हटाकर कचरा गाड़ियों की गिनती में लगाया पत्नी माधुरी के मुताबिक, फर्जी फाइल बनाने से मना करने पर आरोपियों ने दिलीप सिंह के साथ गाली-गलौज और मारपीट की तथा उन्हें अपमानित किया। इसके बाद 17 फरवरी 2026 को एक आदेश जारी कर दिलीप सिंह को स्थापना शाखा से हटा दिया गया और कचरा गाड़ियों की गणना के काम में लगा दिया गया। इस बदलाव और लगातार मिल रही प्रताड़ना से वे बेहद आहत थे और तनाव में रहने लगे थे। इसी मानसिक दबाव के चलते 22 फरवरी 2026 को उन्होंने आत्महत्या कर ली थी। सुसाइड से पहले वीडियो में बताया था जिम्मेदार, परिवार ने की सख्त कार्रवाई की मांग शिकायत में यह भी बताया गया है कि आत्महत्या करने से पहले दिलीप सिंह ने अपना एक वीडियो भी रिकॉर्ड किया था। इस वीडियो में उन्होंने तत्कालीन सीएमओ और दोनों कर्मचारियों को अपनी मौत के लिए जिम्मेदार ठहराया है। मृतक अपने पीछे पत्नी, एक बेटा और एक बेटी छोड़ गए हैं। परिवार ने दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है, जिस पर झांसी पुलिस ने संज्ञान लेते हुए अपनी जांच शुरू कर दी है।

पारा 41.2 डिग्री सेल्सियस पार, गर्मी का प्रकोप बढ़ा:कलेक्टर ने स्कूलों का समय बदला, परीक्षाएं यथावत रहेंगी

पारा 41.2 डिग्री सेल्सियस पार, गर्मी का प्रकोप बढ़ा:कलेक्टर ने स्कूलों का समय बदला, परीक्षाएं यथावत रहेंगी

जिले में गर्मी का प्रकोप बढ़ गया है। रविवार को अधिकतम तापमान 41.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो इस सीजन में पहली बार 40 डिग्री के पार पहुंचा है। भीषण गर्मी के कारण लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। बढ़ते तापमान के कारण हीट-वेव से प्रभावित मरीजों की संख्या में वृद्धि हुई है, हालांकि सामान्य उपचार के बाद वे ठीक हो रहे हैं। बाजार में शीतल पेय पदार्थों और रसीले फलों की मांग बढ़ गई है। चिकित्सकों ने लोगों को गर्मी से बचाव के उपाय अपनाने की सलाह दी है। 19 अप्रैल को अधिकतम तापमान 41.2 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 20.6 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। सुबह से ही तेज धूप महसूस की जा रही है, जबकि रात में तापमान में गिरावट से कुछ राहत मिल रही है। मौसम विभाग ने आगामी दिनों में लू चलने का पूर्वानुमान जारी किया है। भीषण गर्मी और लू के बढ़ते प्रकोप को देखते हुए कलेक्टर नेहा मीना ने स्कूली बच्चों को राहत देने के लिए स्कूलों के समय में बदलाव किया है। यह आदेश नर्सरी (प्ले ग्रुप) से कक्षा 12 तक के सभी शासकीय, अशासकीय, नवोदय विद्यालय, सीबीएसई, आईसीएसई और अन्य बोर्ड से संबंधित संस्थाओं पर लागू होगा। नए आदेश के अनुसार, स्कूलों का संचालन सुबह 8 बजे से दोपहर 1 बजे तक किया जाएगा। हालांकि, परीक्षाओं का संचालन निर्धारित समय सारणी के अनुसार ही होगा। इस वर्ष अप्रैल में मई-जून जैसी गर्मी महसूस की जा रही है। पिछले कुछ दिनों का तापमान इस प्रकार रहा है: 15 अप्रैल: अधिकतम 39.6°C, न्यूनतम 20.6°C 16 अप्रैल: अधिकतम 40.4°C, न्यूनतम 20.6°C 17 अप्रैल: अधिकतम 40.4°C, न्यूनतम 20.6°C 18 अप्रैल: अधिकतम 40.0°C, न्यूनतम 20.4°C 19 अप्रैल: अधिकतम 41.2°C, न्यूनतम 20.6°C

एमपी-छत्तीसगढ़ सीमा पर बना तिपान पुल जर्जर:44 साल पुराने पुल पर भारी वाहनों का दबाव, सरिए बाहर आए; मरम्मत का इंतजार

एमपी-छत्तीसगढ़ सीमा पर बना तिपान पुल जर्जर:44 साल पुराने पुल पर भारी वाहनों का दबाव, सरिए बाहर आए; मरम्मत का इंतजार

अनूपपुर जिले की सीमा पर स्थित ग्राम पंचायत वेंकटनगर में तिपान नदी पर बना पुल अपनी मियाद पूरी कर चुका है। मध्यप्रदेश और छत्तीसगढ़ को जोड़ने वाला यह पुल वर्तमान में बेहद जर्जर स्थिति में है। अनूपपुर-बिलासपुर मुख्य मार्ग पर स्थित होने के कारण इस पर लाखों भारी वाहनों का दबाव है, जिससे किसी भी समय बड़ी दुर्घटना की आशंका बनी हुई है। दो राज्यों की ‘आर्थिक जीवनरेखा’ खतरे में यह मार्ग केवल सामान्य आवागमन के लिए ही नहीं, बल्कि कोयला खदानों और जैतहरी स्थित मोजरबेयर पावर प्लांट के लिए भी अत्यंत महत्वपूर्ण है। बिलासपुर और भिलाई से आने वाला लौह अयस्क और कोयला इसी पुल के माध्यम से मध्यप्रदेश और कटनी की ओर पहुंचता है। भारी मालवाहक वाहनों के निरंतर आवागमन ने 1980 में बने इस पुल की कमर तोड़ दी है। पुल की सतह से दिखने लगे लोहे के सरिए पुल की ऊपरी सतह पूरी तरह उखड़ चुकी है और कंक्रीट के बीच से लोहे के सरिए बाहर निकल आए हैं। रेलिंग और साइड वॉल कई जगह से टूट चुकी है। स्थानीय निवासियों का आरोप है कि लोक निर्माण विभाग हर बार केवल हल्का पेंचवर्क कर औपचारिकता पूरी कर देता है, जो भारी वाहनों के दबाव में कुछ ही दिनों में उखड़ जाता है। 1982 में हुआ उद्घाटन, अब मरम्मत का इंतजार इस पुल की आधारशिला 1980 में तत्कालीन मुख्यमंत्री अर्जुन सिंह ने रखी थी और 1982 में इसका लोकार्पण हुआ था। चार दशकों से अधिक समय बीत जाने के बाद भी इसका ठोस जीर्णोद्धार नहीं किया गया है। स्थानीय नागरिकों का कहना है कि यह मार्ग बिलासपुर-कटनी जैसे महत्वपूर्ण व्यापारिक कॉरिडोर का हिस्सा है, फिर भी प्रशासन इसकी अनदेखी कर रहा है। अधिकारी बोले- जल्द शुरू होगा काम मामले की गंभीरता को देखते हुए पीडब्ल्यूडी कार्यपालन यंत्री पी.के. लोरिया ने बताया कि सेतु निगम को मौके पर पुल और सड़क की स्थिति का जायजा लेने के निर्देश दिए गए हैं। उन्होंने आश्वासन दिया है कि एक-दो दिनों के भीतर मरम्मत का कार्य शुरू कर दिया जाएगा। हालांकि, स्थानीय लोग अब केवल अस्थायी मरम्मत के बजाय नए मजबूत पुल के निर्माण की मांग कर रहे हैं ताकि भविष्य में कोई बड़ी जनहानि न हो।

बेड पर कमजोर? ये देसी दवाई बढ़ाएगी स्टैमिना और स्पर्म काउंट, जानिए फायदे और इस्तेमाल का तरीका

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Last Updated:April 20, 2026, 13:01 IST एक ऐसा पौधा, जो बलिया में लगभग हर जगह देखने मिल जाता है. आयुर्वेद की दुनिया में अकरकरा बेहद उपयोगी है, जो सदियों से घरेलू इलाज का हिस्सा रहा है. यह औषधि पुरुष स्वास्थ्य, दांत दर्द और पाचन समस्याओं में बेहद प्रभावी है. यह जीभ के कई रोगों में रामबाण है. आगे जानिए… अकरकरा, जो दादी नानी के घरेलू उपचार का महत्वपूर्ण हिस्सा हुआ करता था. पहले जब जीभ में छाले या मुंह पक जाता था, तब लोग अकरकरा के फूल को मसलकर जीभ पर रखते थे. इसको आम बोलचाल में पुनपुनवा कहा जाता था. इससे लार तेजी से बनता था और कुछ ही मिनटों में जलन और दर्द कम हो जाता था. लेकिन, इसे निगलना नहीं चाहिए, बल्कि 10 मिनट बाद मुंह से बाहर निकाल दे. अकरकरा पुरुषों के यौन स्वास्थ्य के लिए भी बेहद शक्तिशाली औषधि मानी जाती है. यह टेस्टोस्टेरोन हार्मोन को संतुलित करने, स्पर्म काउंट बढ़ाने और उनकी गतिशीलता सुधारने में मदद कर सकता है. इसके अलावा, यह स्तंभन दोष जैसी समस्याओं में भी सहायक प्रदान करता है, इसी के कारण आत्मविश्वास और ऊर्जा दोनों में बढ़ोतरी हो सकती हैं. यह रामबाण औषधि नसों की कमजोरी, थकान और जोड़ों के दर्द में भी बहुत असरदार साबित होती हैं. यह शरीर में वात दोष को संतुलित कर ऊर्जा बढ़ाती है और सुस्ती को दूर करती है. इतिहासकार डॉ शिव कुमार सिंह कौशिकेय के अनुसार, बुजुर्ग तो इसे शरीर को जगाने वाली औषधि के नाम से जानते थे. Add News18 as Preferred Source on Google अकारकरा का काढ़ा सर्दी, जुकाम और गले की खराश में बेहद लाभकारी और गुणकारी माना गया है. यह गले को गर्माहट देने के साथ ही खांसी व हिचकी जैसी समस्याओं में भी राहत पहुंचाता है. ठंड के मौसम में इसका सीमित उपयोग शरीर को अंदर से मजबूती प्रदान करता है. लेकिन सावधानी बहुत जरूरी है. अकरकरा पाचन तंत्र को मजबूत करने में भी बहुत उपयोगी है. यह पाचन एंजाइमों को सक्रिय करके गैस, अपच और पेट भारी रहने की समस्या को कम करने में मदद करता है. इसके रोजाना और सही सीमित मात्रा में उपयोग करने से पेट हल्का और दुरुस्त रहता है. यह साधारण पौधा नहीं है, बल्कि गुणों का भंडार है. राजकीय आयुर्वेदिक चिकित्सालय नगर बलिया की पांच साल अनुभवी चिकित्साधिकारी डॉ. वंदना तिवारी के अनुसार, अकरकरा दांतों और मसूड़ों के लिए भी किसी वरदान से कम नहीं है. इसकी जड़ को हल्का चबाने से दांत दर्द, पायरिया, मसूड़ों की सूजन और मुंह की दुर्गंध से बहुत राहत मिलती है. यह भी सच्चाई है कि, पुराने जमाने में लोग घरेलू नुस्खे पर ज्यादा भरोसा करते थे. बेशक अकरकरा बहुत लाभकारी औषधि है, लेकिन इसकी तासीर गर्म होती है, इसलिए अधिक सेवन से उल्टी, दस्त, बेचैनी, दिल की धड़कन तेज होना जैसी समस्याएं हो सकती हैं. इसलिए इसका उपयोग हमेशा सीमित मात्रा में ही करना चाहिए. हां कभी भी इसका उपयोग बगैर चिकित्सक से परामर्श लिए न करें. क्योंकि कही परिस्थितियों में यह हानिकारक भी हो सकता हैं. साधारण तौर पर इसका सेवन चूर्ण के रूप में शहद या काढ़े के रूप में किया जा सकता हैं. इसकी मात्रा 0.5 से 1 ग्राम तक ही सुरक्षित है. गर्भवती महिलाओं और बच्चों को इसका उपयोग करने से पहले डॉक्टर से सलाह लेना बहुत ही जरूरी है. सही तरीके से इस्तेमाल किया जाए, तो यह जड़ी-बूटी सच में चमत्कारी कई रोगों से निजात दिला सकती है. First Published : April 20, 2026, 13:01 IST