7 माह बाद दहेज-मौत केस में वकील पति गिरफ्तार:ट्रेन से गिरने की कहानी पर संदेह हुआ था; शिवपुरी में ससुर-सास भी गिरफ्तार

दहेज प्रताड़ना और संदिग्ध परिस्थितियों में हुई शिवानी की मौत के मामले में शिवपुरी पुलिस ने आज (शनिवार) कार्रवाई की। करीब 7 महीने बाद वकील पति समेत तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। यह मामला 30 सितंबर 2025 को दर्ज किया गया था। उरई (जालौन) निवासी सुधीर कुमार शर्मा ने अपनी बेटी की मौत को लेकर ससुराल पक्ष पर गंभीर आरोप लगाए थे। फरियादी के अनुसार, शिवानी की शादी इंदौर के गोविंद कॉलोनी निवासी विकास शर्मा से हुई थी, जो पेशे से वकील हैं। शादी में सामर्थ्य अनुसार दहेज देने के बावजूद ससुरालजन संतुष्ट नहीं थे। आरोप है कि पति विकास शर्मा, ससुर कृष्णकांत शर्मा, सास अर्चना शर्मा और दादी शांति शर्मा द्वारा शिवानी को लगातार मानसिक व शारीरिक प्रताड़ना दी जा रही थी। ट्रेन से गिरने से मौत बताई थी घटना के दिन विकास शर्मा ने फोन कर बताया था कि शिवानी को उल्टियां हो रही थीं और वह ट्रेन से गिर गई, जिससे उसकी मौत हो गई। परिजनों ने इस घटना को संदिग्ध मानते हुए दहेज प्रताड़ना का आरोप लगाते हुए शिकायत दर्ज कराई थी। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू की थी। वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देशन में कोतवाली टीआई रोहित दुबे की टीम ने इंदौर पहुंचकर शनिवार को आरोपी वकील पति विकास शर्मा, ससुर कृष्णकांत शर्मा और सास अर्चना शर्मा को गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तार किए गए आरोपियों को शिवपुरी कोर्ट में पेश किया गया।
19 साल का हुआ IPL, कोहली 19 रन बनाकर आउट:जितेश का सिंगल हैंड कैच; RCB एक वेन्यू पर 100 मैच खेलने वाली पहली टीम

IPL के 19 साल पूरे हो गए हैं। 18 अप्रैल 2008 को कोलकाता और बेंगलुरु के बीच एम चिन्नास्वामी स्टेडियम में पहला मैच खेला गया था। इसी मैदान पर RCB और DC के बीच शनिवार का पहला मैच खेला गया, जिसे दिल्ली ने 6 विकेट से जीत लिया। इस मुकाबले में दो संयोग देखने को मिले। पहला- विराट कोहली 19 रन पर ही आउट हुए। दूसरा- RCB ने चिन्नास्वामी में 100वां मैच खेला। वह एक वेन्यू पर 100 मैच खेलने वाली इस लीग के इतिहास की पहली टीम बन गई। बेंगलुरु-दिल्ली मैच के टॉप मोमेंट्स 1. 19 साल का हुआ IPL, चिन्नास्वामी में ही पहला मैच हुआ था इंडियन प्रीमियर लीग के 19 साल पूरे हो गए हैं। आज के दिन 18 अप्रैल 2008 को कोलकाता और बेंगलुरु के बीच एम चिन्नास्वामी स्टेडियम में पहला मैच खेला गया था। इसी मैदान पर बेंगलुरु ने 100 मैच भी पूरे कर लिए। टीम एक वेन्यू पर 100 मैच खेलने वाली IPL इतिहास की पहली टीम भी बन गई। 2. ग्रीन जर्सी के साथ उतरी बेंगलुरु की टीम इस मैच में बेंगलुरु की टीम ग्रीन जर्सी के साथ खेलने उतरी। मैच से पहले होम टीम बेंगलुरु के कप्तान रजत पाटीदार ने दिल्ली के कप्तान अक्षर पटेल को पौधा दिया। RCB हर सीजन में हरियाली को बढ़ावा देने के लिए एक मैच में ग्रीन जर्सी पहनकर उतरती है। 3. सॉल्ट ने कुलदीप की बॉल पर छक्का मारकर फिफ्टी पूरी की बेंगलुरु की पारी के 9वें ओवर में फिल सॉल्ट ने कुलदीप यादव की बॉल पर छक्का मारकर हाफ सेंचुरी पूरी की। उन्होंने वाइड लॉन्ग ऑफ के ऊपर से छक्का मारा। सॉल्ट ने 30 बॉल पर फिफ्टी बनाई। 4. फ्री-हिट पर कैच हुए जितेश शर्मा, एक रन मिला 15वें ओवर में मुकेश कुमार ने जितेश शर्मा को विकेटकीपर केएल राहुल के हाथों कैच कराया। मुकेश की शॉर्ट लेंथ बॉल जितेश के बल्ले का ऊपरी किनारा लेकर विकेटकीपर के ऊपर खड़ी हो गई, जिसे केएल राहुल ने आसानी से केच किया। लेकिन विकेट नहीं मिला। दरअसल, जितेश शर्मा फ्री-हिट पर कैच हुए थे, क्योंकि मुकेश ने नो बॉल डाली थी। यहां जितेश शर्मा 3 रन पर खेल रहे थे। 5. कैच लेने के प्रयास में चोटिल हुए मुकेश, चेहरे पर चोट लगी 18वें ओवर में एक कैच लेने के प्रयास में मुकेश कुमार के चेहरे पर चोट लगी। दूसरी बॉल पर शॉर्ट थर्ड मैन पर खड़े मुकेश कुमार ने जितेश के शॉर्ट को पकड़ने के लिए डाइव लगाई। वे गेंद को जज नहीं कर पाए और कैच ड्रॉप हुआ। इसी डाइव के दौरान उनके चेहरे पर चोट लगी। उन्हें इलाज के लिए मैदान से बाहर जाना पड़ा। 6. जितेश शर्मा ने एक हाथ से कैच पकड़ा दिल्ली की पारी के तीसरे ओवर में बेंगलुरु के विकेटकीपर जितेश शर्मा ने एक हाथ से कैच पकड़ा। भुवनेश्वर कुमार की गुड लेंथ से बाहर जाती बॉल समीर रिजवी के बल्ले का बाहरी किनारा लेकर फर्स्ट स्लिप की ओर जा रही थी। जितेश ने अपने दाईं ओवर ड्राइव लगाई और एक हाथ से कैच किया। समीर रिजवी 3 गेंदों में 2 रन बनाकर आउट हुए। 7. कोहली ने पकड़ा केएल राहुल का कैच 11वें ओवर की पहली बॉल पर विराट कोहली ने केएल राहुल का डाइविंग कैच पकड़ा। राहुल 103 किमी/घंटा की फ्लैट और फुल गेंद को आगे बढ़कर एक्स्ट्रा कवर के ऊपर से खेलने गए, लेकिन गेंद बल्ले के निचले हिस्से से लगकर हवा में चली गई। विराट कोहली ने लॉन्ग-ऑफ से बाईं ओर भागते हुए बेहतरीन कैच लपक लिया। यहां कोहली का सेलिब्रेशन देखने लायाक था। स्टैंड्स में मौजूद कोहली की पत्नी अनुष्का शर्मा भी खुशी से झूम उठीं। 8. अक्षर पटेल क्रैम्प के कारण रिटायर्ड हर्ट 16वें ओवर में दिल्ली के कप्तान अक्षर पटेल एक बार फिर क्रैम्प से परेशान दिखे। इस कारण खेल कुछ देर के लिए रोकना पड़ा। अंपायरों ने फिजियो से बात की और आखिरकार अक्षर मैदान से बाहर चले गए। उनकी जगह डेविड मिलर मैदान पर आए। 9. मिलर ने चौका मारकर जिताया दिल्ली को आखिरी 3 बॉल पर 13 रनों की जरूरत थी। ऐसे में डेविड मिलर ने रोमारियो शेफर्ड की आखिरी तीन बॉल पर लगातार दो छक्के और एक चौका मारकर जिताया। मिलर 10 बॉल पर 22 रन बनाकर नाबाद लौटे। —————————————————- बेंगलुरु-दिल्ली मैच की यह खबर भी पढ़िए… DC ने RCB को 6 विकेट से हराया; आखिरी ओवर में 15 रन बने दिल्ली कैपिटल्स ने IPL के रोमांचक मैच में रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु को 6 विकेट से हरा दिया। टीम ने आखिरी ओवर में 15 रन बनाए। टीम ने 19.5 ओवर में 4 विकेट खोकर टारगेट हासिल कर लिया। ट्रिस्टन स्टब्स ने नाबाद 60 रन बनाए। केएल राहुल ने 57 रन का योगदान दिया। RCB ने 20 ओवर में 175 रन बनाए थे। पढ़ें पूरी खबर
‘ओछी राजनीति कर नामांकन ने पास नहीं होने दिया बिल’, पीएम मोदी का नाम लेकर आईं महिला नॉच, कांग्रेस पर बरसे तंज

महिला मॉडल बिल नामांकन की वजह से सेक्स में नहीं मिला हो। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार (18 अप्रैल) को कांग्रेस पर विस्तार से चर्चा की। उन्होंने तमिल में एक रैली में दावा करते हुए कहा कि कांग्रेस, शिक्षकों और उनके साथियों ने इसे ओछी राजनीति का शिकार बनाया। अहम बात यह भी है कि पीएम मोदी शनिवार रात 8.30 बजे देश के नाम जपने वाले हैं। प्रधानमंत्री मोदी ने एक रैली में दावा करते हुए कहा, ‘आज जेलों के बीच मैं अपनी पीड़ा और अपना आक्रोश व्यक्त करना चाहता हूं। 2023 में हमने नारी शक्ति वंदन अधिनियम पारित किया और इस महीने की 16 तारीख को हम संसद में महिलाओं के लिए नवीन लागू करने के लिए महत्वपूर्ण लेकर आये। मैंने सभी आवेदकों से इसका समर्थन करने की मांग की। लेकिन डीएमके, कांग्रेस और उनके साथियों ने इसे नापसंद किया और ओछी राजनीति का शिकार बनाया। अगर ये बिल पास हो जाए तो तमिलनाडु की बहुत सारी महिलाएं नौकर और नाबालिग बन जाती हैं। लेकिन डीएमके ऐसा नहीं होना चाहती.’ DMK काले कारनामे छिपने वाले नहीं -पीएम मोदी पीएम मोदी ने कहा, ‘डीएमके के काम अब बहुत अच्छे से एक्सपोज हो गए हैं. जनता डीएमके के काले कारनामे महान से जान पहचान है। ‘बूच फैलने से डीएमके के काले कारनामे छिपने वाले नहीं हैं।’ प्रधानमंत्री ने कहा, ‘तमिलनाडु के लोग एक स्पष्ट संदेश देना चाहते हैं कि ‘एनडीए इन, डीएमके आउट…’ उन्होंने कहा, ‘तमिलनाडु में महिलाएं सेफ नहीं हैं। लेकिन अब डीएमके की इस महिला-विरोधी मानसिकता का जवाब निश्चित रूप से दिया जाएगा। डीएमके की संसद में भी महिलाओं के साथ खड़ा होना नहीं था, लेकिन अब उनकी महिला-विरोधी सोच को चुनौती दी जाएगी।’ मासूम में गिरी महिला नायाब बिल बता दें कि अप्रैल में किन्हीं तीन राज्यों में महिला नंगा बिल शुक्रवार (17) को वोटिंग हुई थी, लेकिन सरकार ने इसके लिए दो-तिहाई बहुमत नहीं चुना। इसी वजह से बिल अलोकेशन में गिर गया। इसके बाद प्रमुख महिला कलाकारों ने विपक्ष के खिलाफ जोरदार प्रदर्शन किया। यह भी पढ़ें: राहुल गांधी के खिलाफ नहीं होगी FIR, हाईकोर्ट ने देशभक्ति मामले में रोक लगा दी (टैग्सटूट्रांसलेट)ब्रेकिंग न्यूज(टी)एबीपी न्यूज(टी)पीएम मोदी(टी)महिलाएं
रायसेन में विहिप-बजरंग दल का प्रदर्शन, SDM को सौंपा ज्ञापन:लव जिहाद-धर्मांतरण रोकने सख्त कानून की मांग, सुरक्षा मुद्दों पर जताई चिंता

विश्व हिन्दू परिषद बजरंग दल के कार्यकर्ताओं ने शनिवार शाम 5 बजे रायसेन में एसडीएम कार्यालय पहुंचकर एसडीएम मनीष शर्मा को ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में देश में बढ़ती विभिन्न सामाजिक और सुरक्षा संबंधी गतिविधियों को लेकर चिंता जताई गई और प्रशासन से कठोर कार्रवाई की मांग की गई। कार्यकर्ताओं ने ज्ञापन के माध्यम से बताया कि देश में सामाजिक सौहार्द को प्रभावित करने वाली घटनाएं सामने आ रही हैं, जिन पर नियंत्रण के लिए सख्त कदम उठाना आवश्यक है। ज्ञापन में अवैध कब्जों, महिलाओं के शोषण और जनजातीय क्षेत्रों में सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने जैसे मुद्दों को प्रमुखता से उठाया गया। बजरंग दल के पदाधिकारियों ने मांग की कि लव जिहाद और जबरन धर्मांतरण जैसी घटनाओं को रोकने के लिए सख्त केंद्रीय कानून बनाया जाए। इसके साथ ही, जनजातीय और संवेदनशील क्षेत्रों में विशेष सुरक्षा व्यवस्था लागू करने की भी मांग की गई। ज्ञापन सौंपते समय संगठन के जिला अध्यक्ष नरेश वाल्यान, जिला मंत्री बद्री पारासर सहित अन्य कार्यकर्ता मौजूद रहे। कार्यकर्ताओं ने प्रशासन से इन मुद्दों पर जल्द प्रभावी कार्रवाई करने का आग्रह किया, ताकि क्षेत्र में शांति और कानून व्यवस्था बनी रहे।
टीकमगढ़ में महिलाओं ने साफा बांधकर निकाली बाइक रैली:कल परशुराम जन्मोत्सव पर होगाअभिषेक-पूजन, शाम को निकलेगी शोभायात्रा

टीकमगढ़ में भगवान परशुराम जन्म महोत्सव को लेकर तैयारियां जोर-शोर से चल रही हैं। इसी क्रम में शनिवार शाम ब्राह्मण समाज द्वारा बाइक रैली निकाली गई। रैली की खास बात यह रही कि इसमें बड़ी संख्या में महिलाओं ने सिर पर साफा बांधकर बाइक चलाई और उत्साह के साथ भागीदारी की। नजरबाग मंदिर से शुरू होकर शहर में किया भ्रमण बाइक रैली की शुरुआत नजरबाग मंदिर से हुई। इसके बाद रैली शहर के प्रमुख बाजारों से होती हुई गांधी चौराहे पहुंची, जहां भगवान परशुराम की महाआरती की गई। पूरे रास्ते श्रद्धालुओं में उत्साह का माहौल देखने को मिला। ब्राह्मण महिला संगठन की अध्यक्ष नीतू द्विवेदी ने बताया कि 19 अप्रैल को भगवान परशुराम जन्म महोत्सव के तहत कई कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। सुबह 5 बजे महेंद्र सागर तालाब स्थित प्रतिमा स्थल पर अभिषेक और पूजन किया जाएगा। साथ ही अग्निहोत्र यज्ञ भी आयोजित होगा। सुबह से शाम तक रहेंगे धार्मिक आयोजन सुबह 5 बजे से 9 बजे तक प्रतिमा स्थल पर विभिन्न धार्मिक अनुष्ठान किए जाएंगे। इसके बाद शाम 5 बजे प्राचीन नजरबाग मंदिर से भव्य शोभायात्रा निकाली जाएगी। आयोजन समिति के सदस्य एडवोकेट सौरभ शर्मा के अनुसार, शोभायात्रा नजरबाग मंदिर से शुरू होकर सिंधी धर्मशाला, लोकमान्य चौराहा, नजाई बाजार, कटरा बाजार, पुराना पोस्ट ऑफिस और तालदरवाजा होते हुए महेंद्र सागर तालाब पहुंचेगी। यहां प्रतिमा की महाआरती के बाद भंडारे का आयोजन किया जाएगा।
तमिलनाडु परिसीमन पर बहस विस्फोटक हो गई: राहुल गांधी, निर्मला सीतारमण और ईपीएस व्यापार आरोप | राजनीति समाचार

आखरी अपडेट:18 अप्रैल, 2026, 18:10 IST जहां कांग्रेस और द्रमुक संविधान (131वां संशोधन) विधेयक के गिरने का जश्न मना रहे हैं, वहीं भाजपा और अन्नाद्रमुक छूटे हुए ऐतिहासिक मील के पत्थर और आसन्न चुनावी अप्रासंगिकता की तस्वीर पेश कर रहे हैं। केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण और लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी। फ़ाइल छवि/एक्स संविधान (131वां संशोधन) विधेयक के पतन के बाद राजनीतिक नतीजों ने इंडिया ब्लॉक और एनडीए के बीच एक भयंकर बयानबाजी युद्ध को जन्म दिया है, विशेष रूप से तमिलनाडु के मतदाताओं को लक्षित करते हुए। लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने सोशल मीडिया पर बिल की हार को संघवाद और क्षेत्रीय पहचान की जीत बताया। उन्होंने तर्क दिया कि प्रस्तावित परिसीमन अभ्यास दक्षिणी और पूर्वोत्तर राज्यों के संसदीय प्रतिनिधित्व को कम करने के लिए भाजपा द्वारा एक सोचा-समझा प्रयास था। महिला आरक्षण कोटा को नए सीट-बंटवारे के नक्शे से जोड़कर, गांधी ने दावा किया कि सरकार “भारत के विचार पर हमला” कर रही है, यह कहते हुए कि इंडिया ब्लॉक के हस्तक्षेप ने तमिलनाडु को उसके सफल जनसंख्या नियंत्रण उपायों के लिए दंडित होने से बचाया। इस आख्यान को केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण और अन्नाद्रमुक महासचिव एडप्पादी के पलानीस्वामी (ईपीएस) के तीखे जवाबी हमले का सामना करना पड़ा। सीतारमण ने द्रमुक के नेतृत्व वाले गुट पर “अंध घृणा” और “अदूरदर्शिता” का आरोप लगाया, यह सुझाव देते हुए कि मुख्यमंत्री एमके स्टालिन ने तमिलनाडु की महिलाओं से प्रतिनिधित्व के ऐतिहासिक अवसर को प्रभावी ढंग से छीन लिया है। उन्होंने विपक्ष के रुख को एक महिला विरोधी पैंतरेबाज़ी के रूप में पेश किया, जिसने दक्षिण के लिए “जीत-जीत” प्रस्ताव के संबंध में प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी के व्यक्तिगत आश्वासनों को नजरअंदाज कर दिया। सीतारमण के अनुसार, तत्काल राजनीतिक रुख के बदले सुधार में शामिल होने से इनकार करने से राज्य की दीर्घकालिक संभावनाओं को नुकसान पहुंचा है। सीतारमण ने एआईएडीएमके के एडप्पादी करुप्पा पलानीस्वामी (ईपीएस) की एक सोशल मीडिया पोस्ट साझा की, जिन्होंने आने वाले वर्षों में तमिलनाडु के लिए संभावित गणितीय नुकसान को उजागर करके आलोचना को गहरा कर दिया। उन्होंने बताया कि हालांकि 2011 की जनगणना-आधारित परिसीमन से राज्य को नौ एमपी सीटें गंवानी पड़ सकती हैं, लेकिन बिल की हार के कारण हुई देरी का मतलब है कि अब यह अभ्यास संभवतः 2026 की जनगणना पर आधारित होगा, जिसके परिणामस्वरूप संभावित रूप से राज्य के प्रभाव में और भी भारी कमी आएगी। ईपीएस ने एमके स्टालिन को भारतीय गुट के भीतर एक “कठपुतली” करार दिया और द्रमुक पर महिला सशक्तीकरण की भावना को मारने का आरोप लगाया, जिसका समर्थन 1998 में दिवंगत जे जयललिता ने किया था। उन्होंने सवाल किया कि राज्य सरकार वास्तव में किस बात का जश्न मना रही है, विधायी गतिरोध को एक “महान अन्याय” के रूप में परिभाषित किया गया है, जो एक अस्थायी प्रतीकात्मक जीत के लिए भविष्य के राजनीतिक लाभ का व्यापार करता है। जबकि कांग्रेस और द्रमुक मौजूदा सीट अनुपात के संरक्षण को “भारत की एकता और विविधता” की जीत के रूप में मनाते हैं, भाजपा और अन्नाद्रमुक छूटे हुए ऐतिहासिक मील के पत्थर और आसन्न चुनावी अप्रासंगिकता की तस्वीर पेश कर रहे हैं। यह हाई-ऑक्टेन एक्सचेंज तमिलनाडु में एक गहरे ध्रुवीकृत अभियान के लिए मंच तैयार करता है, जहां 2029 के आम चुनाव संभवतः इस बात पर लड़े जाएंगे कि क्या 131वें संशोधन की हार राज्य के अधिकारों के लिए एक ढाल थी या लैंगिक न्याय और क्षेत्रीय विकास के लिए खुद को दिया गया घाव था। चुनी हुई कहानियाँ, आपके इनबॉक्स में हमारी सर्वोत्तम पत्रकारिता वाला एक न्यूज़लेटर जमा करना पहले प्रकाशित: 18 अप्रैल, 2026, 18:10 IST समाचार राजनीति तमिलनाडु परिसीमन पर बहस विस्फोटक हो गई: राहुल गांधी, निर्मला सीतारमण और ईपीएस व्यापार आरोप अस्वीकरण: टिप्पणियाँ उपयोगकर्ताओं के विचार दर्शाती हैं, News18 के नहीं। कृपया चर्चाएँ सम्मानजनक और रचनात्मक रखें। अपमानजनक, मानहानिकारक, या अवैध टिप्पणियाँ हटा दी जाएंगी। News18 अपने विवेक से किसी भी टिप्पणी को अक्षम कर सकता है. पोस्ट करके, आप हमारी उपयोग की शर्तों और गोपनीयता नीति से सहमत होते हैं। और पढ़ें (टैग्सटूट्रांसलेट)महिला आरक्षण(टी)संसद(टी)नारी शक्ति(टी)लोकसभा(टी)परिसीमन(टी)राहुल गांधी(टी)निर्मला सीतारमण(टी)डीएमके(टी)एआईएडीएमके(टी)बीजेपी(टी)कांग्रेस
भारतीय फैंस के फीफा देखने पर संकट:वर्ल्ड कप में दो महीने से भी कम समय; किसी चैनल ने नहीं लिए राइट्स

भारतीय फुटबॉल फैंस के लिए एक बेहद चिंताजनक खबर है। फीफा वर्ल्ड कप 2026 के शुरू होने में अब दो महीने से भी कम समय बाकी है, लेकिन भारत में अभी तक किसी भी नेटवर्क ने इसके ब्रॉडकास्टिंग राइट्स नहीं खरीदे हैं। फीफा ने जापान, इंडोनेशिया, सिंगापुर और हॉन्गकॉन्ग समेत पूरे एशिया में पहले ही डील पक्की कर ली है, लेकिन भारत में फीफा को टीवी पर दिखाने के लिए कोई भी ब्रॉडकास्टर पैसे खर्च करने को तैयार नहीं है। यह स्थिति इसलिए भी असामान्य है क्योंकि भारत को फीफा द्वारा एक प्रमुख फुटबॉल बाजार माना जाता है। इस साल की शुरुआत में कोका-कोला की स्पॉन्सरशिप के तहत फीफा वर्ल्ड कप की ट्रॉफी भी भारत आई थी, जिसे लेकर फैंस में भारी उत्साह दिखा था। भारत में फीफा वर्ल्ड कप का प्रसारण हमेशा से किसी न किसी प्रमुख नेटवर्क के पास रहा है। साल 2002 में टेन स्पोर्ट्स, 2010 में ईएसपीएन-स्टार, 2014 व 2018 में सोनी पिक्चर्स नेटवर्क और 2022 में वायकॉम18 ने राइट्स खरीदे थे और स्पोर्ट्स18 व जियोसिनेमा पर टेलीकास्ट हुआ था। लेकिन 2026 के लिए स्थिति बिल्कुल उलट है। जुलाई 2025 में, फीफा ने भारतीय उपमहाद्वीप के लिए टेंडर जारी किए थे। इसमें 2026 और 2030 के वर्ल्ड कप के राइट्स को एक साथ बंडल किया गया था, ताकि यह डील ब्रॉडकास्टर्स को आर्थिक रूप से आकर्षक लगे। इसके अलावा 2027 महिला वर्ल्ड कप के लिए भी अलग से टेंडर निकाला गया। इसकी समय सीमा 2 सितंबर 2025 थी, जो काफी पहले ही बीत चुकी है। लेकिन राइट्स अभी भी नहीं बिके हैं। प्रसारकों की बेरुखी के 5 सबसे बड़े कारण 1. क्रिकेट जैसे हर ओवर के बाद एड का मौका फुटबॉल में नहीं मिलता भारत एक सब्सक्रिप्शन बाजार नहीं है, बल्कि यह एडवरटाइजिंग से चलता है। एक पूर्व ब्रॉडकास्टिंग सीईओ के अनुसार, क्रिकेट में हर ओवर के बाद विज्ञापन का मौका होता है, लेकिन फुटबॉल में ऐसा नहीं है। हाफ-टाइम के दौरान लोग अक्सर टीवी बंद कर देते हैं। यही वजह है कि 2018 में फुटबॉल वर्ल्ड कप का विज्ञापन प्रभाव 12.6 बिलियन डॉलर था, जिसके 2026 में 10.5 बिलियन तक घटने का अनुमान है। 2. फीफा ने कीमत घटाई, लेकिन ब्रॉडकास्टर को महंगा लग रहा सौदा स्टार इंडिया और वायकॉम18 के विलय के बाद भारतीय बाजार में प्रतिस्पर्धा कम हो गई है। रिपोर्ट के अनुसार, शुरुआत में फीफा ने 2026 और 2030 वर्ल्ड कप के संयुक्त अधिकारों की कीमत करीब 928 करोड़ रुपए रखी थी। खरीदार न मिलने पर इसे घटाकर करीब 324 करोड़ कर दिया गया। हालांकि, जियोस्टार इस पैकेज की कीमत करीब 232 करोड़ के करीब आंक रहा है। 3. भारत में फुटबॉल के लिए पैसे नहीं देते फैंस, टीवी पर दर्शक घट चुके हैं सोशल मीडिया पर फुटबॉल की चर्चा बहुत होती है, लेकिन यह व्यूअरशिप पैसे में तब्दील नहीं होती। भारतीय दर्शक फुटबॉल देखने के लिए पैसे देने से कतराते हैं। भारत ने 2018 से 2022 के बीच टीवी पर 8.7 करोड़ दर्शक खो दिए थे, क्योंकि लोग डिजिटल की तरफ मुड़ गए थे, लेकिन वहां भी विज्ञापन से होने वाली कमाई नाममात्र की है। ऐसे में प्रसारक बड़े इवेंट का रिस्क नहीं लेना चाह रहे हैं। 4. एडवरटाइजर आईपीएल तक खर्च चुके होंगे विज्ञापन का बजट डेंट्सू के पूर्व सीईओ आशीष भसीन के अनुसार, ‘भारत में खेल बाजार पर क्रिकेट का कब्जा है। फीफा वर्ल्ड कप 11 जून से है और ठीक इससे पहले 31 मई तक आईपीएल चलेगा। ऑटोमोटिव, एफएमसीजी, फिनटेक और टेलीकॉम जैसे बड़े एडवरटाइजर 74 मैचों वाले आईपीएल में अपने बजट का बड़ा हिस्सा खर्च कर चुके होंगे। ऐसे में उनके पास वर्ल्ड कप के लिए पैसा नहीं बचेगा।’ 5. शेड्यूलिंग भारत के हक में नहीं, 87% मैच रात 10 बजे के बाद होंगे इस बार वर्ल्ड कप अमेरिका, कनाडा और मैक्सिको में खेला जा रहा है। इसका मतलब है कि 104 मैचों में से 87% से ज्यादा मैच भारतीय समयानुसार रात 10 बजे के बाद प्रसारित होंगे। भारत को दिन में केवल 13 मैच देखने को मिलेंगे। इसलिए रात के मुकाबलों के लिए एडवरटाइजर पैसा लगाने को तैयार नहीं हैं। आईपीएल जैसे इवेंट्स इसलिए भी महंगे बिकते हैं क्योंकि उनका प्रसारण प्राइम टाइम में होता है। प्रसार भारती राइट्स की चर्चा कर रहा; फीफा के पास यूट्यूब पर प्रसारण करने का विकल्प भी है एक वरिष्ठ सरकारी अधिकारी ने पुष्टि की है कि राइट्स के लिए प्रसार भारती ने फीफा के साथ प्रारंभिक बातचीत की है। दूरदर्शन ने 2023 फीफा महिला वर्ल्ड कप का भी प्रसारण किया था। डीडी फ्री डिश और ‘WAVES OTT’ प्लेटफॉर्म की पहुंच के चलते यह एक बड़ा विकल्प बन सकता है। इसके अलावा, भारत के ‘स्पोर्ट्स ब्रॉडकास्टिंग सिग्नल्स एक्ट’ के तहत सेमीफाइनल और फाइनल जैसे प्रमुख मैचों को अनिवार्य रूप से दूरदर्शन के साथ साझा करना होगा। वहीं, 2026 वर्ल्ड कप के लिए यूट्यूब फीफा का पसंदीदा प्लेटफॉर्म है। भले ही टीवी पर प्रसारण न हो, लेकिन यूट्यूब पर क्रिएटर्स, क्लिप्स और कुछ चुनिंदा लाइव मैचों तक भारतीय दर्शकों की पहुंच होगी।
HDFC बैंक का मुनाफा 9% बढ़कर ₹19,221 करोड़ हुआ:मार्च तिमाही में रेवेन्यू भी 5% बढ़ा; बैंक हर शेयर पर ₹13 का डिविडेंड देगा

देश के सबसे बड़े प्राइवेट बैंक HDFC बैंक ने वित्त वर्ष 2025-26 की चौथी तिमाही (Q4) के नतीजे जारी कर दिए हैं। 31 मार्च 2026 को खत्म हुई इस तिमाही में बैंक का स्टैंडअलोन नेट प्रॉफिट 9% बढ़कर 19,221 करोड़ रुपए रहा। पिछले वित्त वर्ष की इसी तिमाही में यह 17,616 करोड़ रुपए था। बैंक ने वित्त वर्ष 2026 के लिए 13 रुपए प्रति शेयर के फाइनल डिविडेंड का ऐलान किया है। इसके भुगतान के लिए रिकॉर्ड डेट 19 जून 2026 तय की गई है। इससे पहले बैंक अगस्त 2025 में 2.5 रुपए प्रति शेयर का स्पेशल अंतरिम डिविडेंड भी दे चुका है। इस तरह निवेशकों को पूरे साल में कुल 15.5 रुपए का डिविडेंड मिलेगा। HDFC बैंक के रेवेन्यू में 5% की बढ़त HDFC बैंक का कुल नेट रेवेन्यू सालाना आधार पर 5% बढ़कर 46,280 करोड़ रुपए हो गया है। पिछले साल मार्च तिमाही में यह 44,090 करोड़ रुपए था। बैंक की मुख्य आय यानी नेट इंटरेस्ट इनकम (NII) भी 3.2% बढ़कर 33,080 करोड़ रुपए रही। बैंक का नेट इंटरेस्ट मार्जिन (NIM) कुल एसेट्स पर 3.38% दर्ज किया गया। एसेट क्वालिटी में सुधार, NPA घटा चौथी तिमाही में बैंक की एसेट क्वालिटी बेहतर हुई है। बैंक का ग्रॉस नॉन-परफॉर्मिंग एसेट्स (NPA) घटकर 1.24% से 1.15% पर आ गया है। वहीं नेट NPA मार्च 2026 तक 0.38% रहा। बैंक ने इस तिमाही के लिए प्रोविजंस और कंटिंजेंसी के तौर पर 2,610 करोड़ रुपए अलग रखे हैं। बैंक का टोटल क्रेडिट कॉस्ट रेश्यो 0.35% रहा। डिपॉजिट्स में 12.8% की शानदार ग्रोथ बैंक के औसत डिपॉजिट्स में अच्छी बढ़त देखी गई है। मार्च 2026 तिमाही में औसत डिपॉजिट्स 28.5 लाख करोड़ रुपए रहे, जो पिछले साल की तुलना में 12.8% ज्यादा हैं। इसी तरह बैंक के औसत CASA (करेंट अकाउंट और सेविंग्स अकाउंट) डिपॉजिट्स भी 10.8% की ग्रोथ के साथ 9.18 लाख करोड़ रुपए पर पहुंच गए हैं। पूंजी की स्थिति मजबूत, CAR 19.7% पर बैंक का कैपिटल एडिक्वेसी रेश्यो (CAR) 19.7% रहा, जो नियामक जरूरत 11.9% से काफी ज्यादा है। यह बैंक की मजबूत वित्तीय स्थिति को दर्शाता है। बैंक का टीयर-1 CAR 17.7% और कॉमन इक्विटी टीयर-1 कैपिटल रेश्यो 17.3% दर्ज किया गया है। 9,689 ब्रांच तक पहुंचा बैंक का नेटवर्क क्या होता है नेट इंटरेस्ट मार्जिन और CASA? NIM: यह बैंक की कमाई का अहम पैमाना है। बैंक जिस दर पर कर्ज देता है और जिस दर पर जमाकर्ताओं को ब्याज देता है, उसके अंतर को नेट इंटरेस्ट मार्जिन कहते हैं। CASA: इसका मतलब है ‘करेंट अकाउंट और सेविंग्स अकाउंट’। इसमें जमा पैसा बैंक के लिए सस्ता फंड होता है क्योंकि इस पर उसे कम ब्याज देना पड़ता है। जिस बैंक का CASA रेश्यो ज्यादा होता है, उसका मुनाफा बढ़ने की संभावना ज्यादा रहती है। नॉन परफॉर्मिंग एसेट या NPA क्या है? जब कोई व्यक्ति या संस्था किसी बैंक से लोन लेकर उसे वापस नहीं करती, तो उसे बैड लोन या नॉन परफॉर्मिंग एसेट या NPA कहा जाता है। यानी इन लोन्स की रिकवरी की उम्मीद काफी कम होती है। नतीजतन बैंकों का पैसा डूब जाता है और बैंक घाटे में चला जाता है। भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) के नियमों के मुताबिक, अगर किसी बैंक लोन की किस्त 90 दिनों तक यानी तीन महीने तक नहीं चुकाई जाती है, तो उस लोन को NPA घोषित कर दिया जाता है। अन्य वित्तीय संस्थाओं के मामले में यह सीमा 120 दिन की होती है। बुक को क्लियर करने के लिए बैंकों को ऐसा करना होता है। ये खबर भी पढ़ें… केंद्र सरकार ने महंगाई भत्ता 2% बढ़ाकर 60% किया: 50 लाख केंद्रीय कर्मचारियों और 69 लाख पेंशनर्स को फायदा होगा सरकार ने केंद्रीय कर्मचारियों के महंगाई भत्ते (DA) और महंगाई राहत (DR) में 2% की बढ़ोतरी को मंजूरी दे दी है। सरकार ने DA-DR 58% से बढ़कर 60% किया है। यह बढ़ोतरी 1 जनवरी 2026 से लागू होगी। इस फैसले से सरकार का सालाना 6,791 करोड़ रुपए का खर्च बढ़ेगा। इससे पहले अक्टूबर में महंगाई भत्ते को 55% से बढ़ाकर 58% किया गया था। पिछला रिविजन 1 जुलाई 2025 से प्रभावी माना गया था, जिसका भुगतान एरियर के साथ किया गया था। पूरी खबर पढ़ें…
कार में बैठकर लगा रहे थे IPL मैच पर सट्टा:मॉल के पास से पुलिस ने पकड़ा, 10 लाख नगद 5 मोबाइल फोन सहित दो गिरफ्तार

विजय नगर पुलिस ने मॉल के पास कार में बैठकर IPL मैच पर सट्टा लगाने वाले दो लोगों को गिरफ्तार किया है। उनके पास से 10 लाख रुपए नगद, 5 मोबाइल और एक कार जब्त की है। पुलिस दोनों से पूछताछ कर रही है। साथ ही मोबाइल के इनके नेटवर्क का पता लगा रही है। शनिवार को पुलिस ने मामले का खुलासा किया। एसीपी पराग सैनी ने बताया कि शुक्रवार को पुलिस को जानकारी मिली थी कि ऑर्बिट मॉल के पास के एक कार में दो लोग बैठे और अवैध गतिविधि संचालित कर रहे है। पुलिस को जैसी ही इनकी जानकारी मिली, पुलिस तुरंत मौके पर पहुंची और दोनों को रंगे हाथ धरदबोचा। मोबाइल चेक किया तो पता चला सट्टा लगा रहे उन्होंने बताया कि जब दोनों के मोबाइल फोन चेक किए गए तो पता चला कि दोनों IPL के मैच में क्रिकेट के सट्टे के दांव लगा रहे थे, इस पर तत्काल उनको मौके से गिरफ्तार किया गया। उनके पास से 10 लाख रुपए नगद, 5 मोबाइल फोन और कार को जब्त किया गया है। पकड़ाए आरोपी आकाश बिंदल निवासी और प्रियांश जैन निवासी नीमच है। दोनों से पूछताछ कर जानकारी निकाली जा रही है। मोबाइल से निकाल रहे जानकारी इधर, बताया जा रहा है कि पुलिस जब्त मोबाइल से इनके नेटवर्क के बारे में जानकारी निकाल रही है। ये बात भी सामने आ रही है कि ये कार में घूमकर सट्टा लगाने के काम कर रहे थे, इस बारे में पुलिस जानकारी निकाल रही है। वहीं जो दस लाख रुपए इनके पास से बरामद किए है, उसकी भी जानकारी जुटा रही है।
बिना दूल्हे शादी जैसी रस्में, न्यूयॉर्क- लंदन तक नया ट्रेंड:अविवाहित महिलाएं अब बर्थडे पर दुल्हन जैसा जोड़ा पहन कर जश्न मना रहीं

आमतौर पर किसी महिला के जीवन में ‘सफेद गाउन’ या ‘शादी का जोड़ा’ पहनने का मौका विवाह बंधन के मौके पर ही आता है। लेकिन आधुनिक महिलाएं इस पारंपरिक सोच को चुनौती दे रही हैं। अमेरिका से लेकर ब्रिटेन तक में अविवाहित महिलाओं के ‘वेडिंग-स्टाइल बर्थडे’ मनाने का चलन तेजी से बढ़ रहा है। इसमें सिंगल महिलाएं अपने 40वें जन्मदिन को भव्य शादी समारोह की तरह मना रही हैं। इसमें पार्टनर की कोई भूमिका नहीं होती। यह जश्न किसी दूसरे के प्रति समर्पण के बजाय ‘आत्म-प्रेम’ और अपनी कामयाबी का उत्सव है। ब्रिटनी की अनोखी कहानी न्यूयॉर्क की कंटेंट क्रिएटर ब्रिटनी एलन ने हाल ही में इंग्लैंड के एक आलीशान महल ‘हिनविक हाउस’ में 40वां जन्मदिन मनाया। ब्रिटनी ने शादी का सफेद गाउन पहना और पैचेलबेल के संगीत ‘कैनन इन डी’ के बीच सीढ़ियों से नीचे उतरीं- बिल्कुल एक दुल्हन की तरह। उनके 35 करीबी दोस्त और परिवार के लोग इस ‘वेडिंग-बर्थडे’ के गवाह बने। ब्रिटनी कहती हैं, ‘मैंने महसूस किया कि स्पीच और स्लाइड शो जैसे पल सिर्फ शादियों के लिए क्यों होने चाहिए? मैंने उन सभी चीजों को किया, जिनका हमेशा इंतजार किया था।’ सशक्तिकरण का अहसास सिर्फ ब्रिटनी ही नहीं, एडवरटाइजिंग सेक्टर में काम करने वाली सारा जैकसन ने भी मैक्सिको सिटी में अपना ‘डेस्टिनेशन बर्थडे’ मनाया। सारा के मुताबिक, यह अहसास बिल्कुल शादी जैसा ही था। महिलाएं खास दिन के लिए 40 लाख रु. खर्च कर रहीं विशेषज्ञों का कहना है कि शादियां अब ज्यादा उम्र के बाद हो रही हैं, ऐसे में महिलाएं अपनी उपलब्धियों को मनाने के लिए किसी हमसफर के मिलने तक रुकना नहीं चाहतीं। साथ ही महिलाएं अब आत्मनिर्भर हैं। वे अपने खास दिन पर 10 लाख से 40 लाख रु. तक खर्च कर रही हैं। इवेंट प्लानर सारा एडेयर के मुताबिक, ‘दो सालों में ‘वेडिंग-स्टाइल’ जन्मदिन के लिए आने वाली पूछताछ दोगुनी हो गई है।’






