Saturday, 18 Apr 2026 | 07:54 PM

Trending :

राजगढ़ में विहिप-बजरंग दल का प्रदर्शन:लव जिहाद के खिलाफ कानून की मांग; राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन सौंपा 19 साल का हुआ IPL, कोहली 19 रन बनाकर आउट:जितेश का सिंगल हैंड कैच; RCB एक वेन्यू पर 100 मैच खेलने वाली पहली टीम बार-बार कुछ मीठा खाने का मन, शरीर में इन गड़बड़ी का संकेत, सिर्फ क्रेविंग समझ न करें इग्नोर सीहोर में दो पक्षों की मारपीट, क्रॉस केस दर्ज:एक आरोपी गिरफ्तार, बाल अपचारी भी पकड़ा गया; दो आरोपी अस्पताल में भर्ती रायसेन में विहिप-बजरंग दल का प्रदर्शन, SDM को सौंपा ज्ञापन:लव जिहाद-धर्मांतरण रोकने सख्त कानून की मांग, सुरक्षा मुद्दों पर जताई चिंता तीन बार मरते-मरते बचे अक्षय कुमार:सुनाए खतरनाक स्टंट के किस्से, कहा- ‘इंटरनेशनल खिलाड़ी’ की शूटिंग के दौरान मेरा आधा शरीर कट जाता
EXCLUSIVE

भारतीय फैंस के फीफा देखने पर संकट:वर्ल्ड कप में दो महीने से भी कम समय; किसी चैनल ने नहीं लिए राइट्स

भारतीय फैंस के फीफा देखने पर संकट:वर्ल्ड कप में दो महीने से भी कम समय; किसी चैनल ने नहीं लिए राइट्स

भारतीय फुटबॉल फैंस के लिए एक बेहद चिंताजनक खबर है। फीफा वर्ल्ड कप 2026 के शुरू होने में अब दो महीने से भी कम समय बाकी है, लेकिन भारत में अभी तक किसी भी नेटवर्क ने इसके ब्रॉडकास्टिंग राइट्स नहीं खरीदे हैं। फीफा ने जापान, इंडोनेशिया, सिंगापुर और हॉन्गकॉन्ग समेत पूरे एशिया में पहले ही डील पक्की कर ली है, लेकिन भारत में फीफा को टीवी पर दिखाने के लिए कोई भी ब्रॉडकास्टर पैसे खर्च करने को तैयार नहीं है। यह स्थिति इसलिए भी असामान्य है क्योंकि भारत को फीफा द्वारा एक प्रमुख फुटबॉल बाजार माना जाता है। इस साल की शुरुआत में कोका-कोला की स्पॉन्सरशिप के तहत फीफा वर्ल्ड कप की ट्रॉफी भी भारत आई थी, जिसे लेकर फैंस में भारी उत्साह दिखा था। भारत में फीफा वर्ल्ड कप का प्रसारण हमेशा से किसी न किसी प्रमुख नेटवर्क के पास रहा है। साल 2002 में टेन स्पोर्ट्स, 2010 में ईएसपीएन-स्टार, 2014 व 2018 में सोनी पिक्चर्स नेटवर्क और 2022 में वायकॉम18 ने राइट्स खरीदे थे और स्पोर्ट्स18 व जियोसिनेमा पर टेलीकास्ट हुआ था। लेकिन 2026 के लिए स्थिति बिल्कुल उलट है। जुलाई 2025 में, फीफा ने भारतीय उपमहाद्वीप के लिए टेंडर ​जारी किए थे। इसमें 2026 और 2030 के वर्ल्ड कप के राइट्स को एक साथ बंडल किया गया था, ताकि यह डील ब्रॉडकास्टर्स को आर्थिक रूप से आकर्षक लगे। इसके अलावा 2027 महिला वर्ल्ड कप के लिए भी अलग से टेंडर निकाला गया। इसकी समय सीमा 2 सितंबर 2025 थी, जो काफी पहले ही बीत चुकी है। लेकिन राइट्स अभी भी नहीं बिके हैं। प्रसारकों की बेरुखी के 5 सबसे बड़े कारण 1. क्रिकेट जैसे हर ओवर के बाद एड का मौका फुटबॉल में नहीं मिलता भारत एक सब्सक्रिप्शन बाजार नहीं है, बल्कि यह एडवरटाइजिंग से चलता है। एक पूर्व ब्रॉडकास्टिंग सीईओ के अनुसार, क्रिकेट में हर ओवर के बाद विज्ञापन का मौका होता है, लेकिन फुटबॉल में ऐसा नहीं है। हाफ-टाइम के दौरान लोग अक्सर टीवी बंद कर देते हैं। यही वजह है कि 2018 में फुटबॉल वर्ल्ड कप का विज्ञापन प्रभाव 12.6 बिलियन डॉलर था, जिसके 2026 में 10.5 बिलियन तक घटने का अनुमान है। 2. फीफा ने कीमत घटाई, लेकिन ब्रॉडकास्टर को महंगा लग रहा सौदा स्टार इंडिया और वायकॉम18 के विलय के बाद भारतीय बाजार में प्रतिस्पर्धा कम हो गई है। रिपोर्ट के अनुसार, शुरुआत में फीफा ने 2026 और 2030 वर्ल्ड कप के संयुक्त अधिकारों की कीमत करीब 928 करोड़ रुपए रखी थी। खरीदार न मिलने पर इसे घटाकर करीब 324 करोड़ कर दिया गया। हालांकि, जियोस्टार इस पैकेज की कीमत करीब 232 करोड़ के करीब आंक रहा है। 3. भारत में फुटबॉल के लिए पैसे नहीं देते फैंस, टीवी पर दर्शक घट चुके हैं सोशल मीडिया पर फुटबॉल की चर्चा बहुत होती है, लेकिन यह व्यूअरशिप पैसे में तब्दील नहीं होती। भारतीय दर्शक फुटबॉल देखने के लिए पैसे देने से कतराते हैं। भारत ने 2018 से 2022 के बीच टीवी पर 8.7 करोड़ दर्शक खो दिए थे, क्योंकि लोग डिजिटल की तरफ मुड़ गए थे, लेकिन वहां भी विज्ञापन से होने वाली कमाई नाममात्र की है। ऐसे में प्रसारक बड़े इवेंट का रिस्क नहीं लेना चाह रहे हैं। 4. एडवरटाइजर आईपीएल तक खर्च चुके होंगे विज्ञापन का बजट डेंट्सू के पूर्व सीईओ आशीष भसीन के अनुसार, ‘भारत में खेल बाजार पर क्रिकेट का कब्जा है। फीफा वर्ल्ड कप 11 जून से है और ठीक इससे पहले 31 मई तक आईपीएल चलेगा। ऑटोमोटिव, एफएमसीजी, फिनटेक और टेलीकॉम जैसे बड़े एडवरटाइजर 74 मैचों वाले आईपीएल में अपने बजट का बड़ा हिस्सा खर्च कर चुके होंगे। ऐसे में उनके पास वर्ल्ड कप के लिए पैसा नहीं बचेगा।’ 5. शेड्यूलिंग भारत के हक में नहीं, 87% मैच रात 10 बजे के बाद होंगे इस बार वर्ल्ड कप अमेरिका, कनाडा और मैक्सिको में खेला जा रहा है। इसका मतलब है कि 104 मैचों में से 87% से ज्यादा मैच भारतीय समयानुसार रात 10 बजे के बाद प्रसारित होंगे। भारत को दिन में केवल 13 मैच देखने को मिलेंगे। इसलिए रात के मुकाबलों के लिए एडवरटाइजर पैसा लगाने को तैयार नहीं हैं। आईपीएल जैसे इवेंट्स इसलिए भी महंगे बिकते हैं क्योंकि उनका प्रसारण प्राइम टाइम में होता है। प्रसार भारती राइट्स की चर्चा कर रहा; फीफा के पास यूट्यूब पर प्रसारण करने का विकल्प भी है एक वरिष्ठ सरकारी अधिकारी ने पुष्टि की है कि राइट्स के लिए प्रसार भारती ने फीफा के साथ प्रारंभिक बातचीत की है। दूरदर्शन ने 2023 फीफा महिला वर्ल्ड कप का भी प्रसारण किया था। डीडी फ्री डिश और ‘WAVES OTT’ प्लेटफॉर्म की पहुंच के चलते यह एक बड़ा विकल्प बन सकता है। इसके अलावा, भारत के ‘स्पोर्ट्स ब्रॉडकास्टिंग सिग्नल्स एक्ट’ के तहत सेमीफाइनल और फाइनल जैसे प्रमुख मैचों को अनिवार्य रूप से दूरदर्शन के साथ साझा करना होगा। वहीं, 2026 वर्ल्ड कप के लिए यूट्यूब फीफा का पसंदीदा प्लेटफॉर्म है। भले ही टीवी पर प्रसारण न हो, लेकिन यूट्यूब पर क्रिएटर्स, क्लिप्स और कुछ चुनिंदा लाइव मैचों तक भारतीय दर्शकों की पहुंच होगी।

WhatsApp
Facebook
Twitter
LinkedIn

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

लेटेस्ट टॉप अपडेट

सच्चाई की दहाड़

ब्रेकिंग खबरें सीधे अपने ईमेल पर पाने के लिए रजिस्टर करें।

You have been successfully Subscribed! Ops! Something went wrong, please try again.

ग्लोबल करेंसी अपडेट

Provided by IFC Markets
दमोह में किसान को लगा करंट, मौत:खेत में काम करने के दौरान हादसा; पुलिस बोली-मामले की कर रहे जांच

April 9, 2026/
12:01 pm

दमोह के बटियागढ़ थाना क्षेत्र के आलमपुर गांव में खेत में काम करते समय एक किसान को करंट लग गया।...

रतलाम में कांग्रेस का प्रदर्शन आज:कल होना है नगर निगम का सम्मेलन; टैक्स बढ़ोतरी समेत कई प्रस्तावों के पारित होने का विरोध

April 6, 2026/
8:25 am

रतलाम में 7 अप्रैल को निगम का साधारण सम्मेलन होने वाला है। सम्मेलन में टैक्स बढ़ौतरी और कई प्रस्तावों के...

arw img

March 22, 2026/
8:13 pm

X डॉक्टर सिर्फ बात करेंगे, पर्चा लिखेगा AI! हेल्थकेयर सेक्टर में मचेगा तहलका   Ashwin AI App: भारत के हेल्थकेयर...

  सौंफ जल के फायदे

March 28, 2026/
11:18 pm

सौंफ पानी के फायदे | छवि: फ्रीपिक सौंफ जल के फायदे: रसोई में सौंफ का इस्तेमाल सौंफ से माउथ फ्रेशनर...

जॉब - शिक्षा

राजनीति

भारतीय फैंस के फीफा देखने पर संकट:वर्ल्ड कप में दो महीने से भी कम समय; किसी चैनल ने नहीं लिए राइट्स

भारतीय फैंस के फीफा देखने पर संकट:वर्ल्ड कप में दो महीने से भी कम समय; किसी चैनल ने नहीं लिए राइट्स

भारतीय फुटबॉल फैंस के लिए एक बेहद चिंताजनक खबर है। फीफा वर्ल्ड कप 2026 के शुरू होने में अब दो महीने से भी कम समय बाकी है, लेकिन भारत में अभी तक किसी भी नेटवर्क ने इसके ब्रॉडकास्टिंग राइट्स नहीं खरीदे हैं। फीफा ने जापान, इंडोनेशिया, सिंगापुर और हॉन्गकॉन्ग समेत पूरे एशिया में पहले ही डील पक्की कर ली है, लेकिन भारत में फीफा को टीवी पर दिखाने के लिए कोई भी ब्रॉडकास्टर पैसे खर्च करने को तैयार नहीं है। यह स्थिति इसलिए भी असामान्य है क्योंकि भारत को फीफा द्वारा एक प्रमुख फुटबॉल बाजार माना जाता है। इस साल की शुरुआत में कोका-कोला की स्पॉन्सरशिप के तहत फीफा वर्ल्ड कप की ट्रॉफी भी भारत आई थी, जिसे लेकर फैंस में भारी उत्साह दिखा था। भारत में फीफा वर्ल्ड कप का प्रसारण हमेशा से किसी न किसी प्रमुख नेटवर्क के पास रहा है। साल 2002 में टेन स्पोर्ट्स, 2010 में ईएसपीएन-स्टार, 2014 व 2018 में सोनी पिक्चर्स नेटवर्क और 2022 में वायकॉम18 ने राइट्स खरीदे थे और स्पोर्ट्स18 व जियोसिनेमा पर टेलीकास्ट हुआ था। लेकिन 2026 के लिए स्थिति बिल्कुल उलट है। जुलाई 2025 में, फीफा ने भारतीय उपमहाद्वीप के लिए टेंडर ​जारी किए थे। इसमें 2026 और 2030 के वर्ल्ड कप के राइट्स को एक साथ बंडल किया गया था, ताकि यह डील ब्रॉडकास्टर्स को आर्थिक रूप से आकर्षक लगे। इसके अलावा 2027 महिला वर्ल्ड कप के लिए भी अलग से टेंडर निकाला गया। इसकी समय सीमा 2 सितंबर 2025 थी, जो काफी पहले ही बीत चुकी है। लेकिन राइट्स अभी भी नहीं बिके हैं। प्रसारकों की बेरुखी के 5 सबसे बड़े कारण 1. क्रिकेट जैसे हर ओवर के बाद एड का मौका फुटबॉल में नहीं मिलता भारत एक सब्सक्रिप्शन बाजार नहीं है, बल्कि यह एडवरटाइजिंग से चलता है। एक पूर्व ब्रॉडकास्टिंग सीईओ के अनुसार, क्रिकेट में हर ओवर के बाद विज्ञापन का मौका होता है, लेकिन फुटबॉल में ऐसा नहीं है। हाफ-टाइम के दौरान लोग अक्सर टीवी बंद कर देते हैं। यही वजह है कि 2018 में फुटबॉल वर्ल्ड कप का विज्ञापन प्रभाव 12.6 बिलियन डॉलर था, जिसके 2026 में 10.5 बिलियन तक घटने का अनुमान है। 2. फीफा ने कीमत घटाई, लेकिन ब्रॉडकास्टर को महंगा लग रहा सौदा स्टार इंडिया और वायकॉम18 के विलय के बाद भारतीय बाजार में प्रतिस्पर्धा कम हो गई है। रिपोर्ट के अनुसार, शुरुआत में फीफा ने 2026 और 2030 वर्ल्ड कप के संयुक्त अधिकारों की कीमत करीब 928 करोड़ रुपए रखी थी। खरीदार न मिलने पर इसे घटाकर करीब 324 करोड़ कर दिया गया। हालांकि, जियोस्टार इस पैकेज की कीमत करीब 232 करोड़ के करीब आंक रहा है। 3. भारत में फुटबॉल के लिए पैसे नहीं देते फैंस, टीवी पर दर्शक घट चुके हैं सोशल मीडिया पर फुटबॉल की चर्चा बहुत होती है, लेकिन यह व्यूअरशिप पैसे में तब्दील नहीं होती। भारतीय दर्शक फुटबॉल देखने के लिए पैसे देने से कतराते हैं। भारत ने 2018 से 2022 के बीच टीवी पर 8.7 करोड़ दर्शक खो दिए थे, क्योंकि लोग डिजिटल की तरफ मुड़ गए थे, लेकिन वहां भी विज्ञापन से होने वाली कमाई नाममात्र की है। ऐसे में प्रसारक बड़े इवेंट का रिस्क नहीं लेना चाह रहे हैं। 4. एडवरटाइजर आईपीएल तक खर्च चुके होंगे विज्ञापन का बजट डेंट्सू के पूर्व सीईओ आशीष भसीन के अनुसार, ‘भारत में खेल बाजार पर क्रिकेट का कब्जा है। फीफा वर्ल्ड कप 11 जून से है और ठीक इससे पहले 31 मई तक आईपीएल चलेगा। ऑटोमोटिव, एफएमसीजी, फिनटेक और टेलीकॉम जैसे बड़े एडवरटाइजर 74 मैचों वाले आईपीएल में अपने बजट का बड़ा हिस्सा खर्च कर चुके होंगे। ऐसे में उनके पास वर्ल्ड कप के लिए पैसा नहीं बचेगा।’ 5. शेड्यूलिंग भारत के हक में नहीं, 87% मैच रात 10 बजे के बाद होंगे इस बार वर्ल्ड कप अमेरिका, कनाडा और मैक्सिको में खेला जा रहा है। इसका मतलब है कि 104 मैचों में से 87% से ज्यादा मैच भारतीय समयानुसार रात 10 बजे के बाद प्रसारित होंगे। भारत को दिन में केवल 13 मैच देखने को मिलेंगे। इसलिए रात के मुकाबलों के लिए एडवरटाइजर पैसा लगाने को तैयार नहीं हैं। आईपीएल जैसे इवेंट्स इसलिए भी महंगे बिकते हैं क्योंकि उनका प्रसारण प्राइम टाइम में होता है। प्रसार भारती राइट्स की चर्चा कर रहा; फीफा के पास यूट्यूब पर प्रसारण करने का विकल्प भी है एक वरिष्ठ सरकारी अधिकारी ने पुष्टि की है कि राइट्स के लिए प्रसार भारती ने फीफा के साथ प्रारंभिक बातचीत की है। दूरदर्शन ने 2023 फीफा महिला वर्ल्ड कप का भी प्रसारण किया था। डीडी फ्री डिश और ‘WAVES OTT’ प्लेटफॉर्म की पहुंच के चलते यह एक बड़ा विकल्प बन सकता है। इसके अलावा, भारत के ‘स्पोर्ट्स ब्रॉडकास्टिंग सिग्नल्स एक्ट’ के तहत सेमीफाइनल और फाइनल जैसे प्रमुख मैचों को अनिवार्य रूप से दूरदर्शन के साथ साझा करना होगा। वहीं, 2026 वर्ल्ड कप के लिए यूट्यूब फीफा का पसंदीदा प्लेटफॉर्म है। भले ही टीवी पर प्रसारण न हो, लेकिन यूट्यूब पर क्रिएटर्स, क्लिप्स और कुछ चुनिंदा लाइव मैचों तक भारतीय दर्शकों की पहुंच होगी।

WhatsApp
Facebook
Twitter
LinkedIn

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

हेल्थ & फिटनेस

विज्ञापन

राजनीति

लेटेस्ट टॉप अपडेट

ग्लोबल करेंसी अपडेट

Provided by IFC Markets

Live Cricket

सच्चाई की दहाड़

ब्रेकिंग खबरें सीधे अपने ईमेल पर पाने के लिए रजिस्टर करें।

You have been successfully Subscribed! Ops! Something went wrong, please try again.